• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Non Veg Story - बीवी के कारनामे

47
मैं सलवार पहने बैठी थी जिसे आज ही मेरे लिए लाया गया था मेरी नजर जमीन पर थी ,पता नही क्यो पर मैं मिश्रा जी से नजर नही मिला पा रही थी,मेरे पास एक आदमी आकर बैठा मेरे हाथो को पकड़ कर रुई से सहलाने लगा ,मुझे समझ आ गया था की वो मुझे इंजेनक्शन देने वाला था,जूही और नेहा दूसरे कमरे में थे,मैं नही चाहती थी की वो ये सब देखे,रोबर्टो आष्चर्यजनक रूप से मेरी बात मान रहा था,अब वो बिस्तर में बैठा था,वो हाल बहुत बड़ा था और चारो ओर उसके कुछ 10 लोग भी खड़े थे,शायद इन सबके सामने ही मुझे नंगा किया जाना था,लेकिन मुझे तो बस मिश्रा जी से शर्म आ रही थी,वो इंजेनक्शन मेरे अंदर गया ,ये उसका फूल डोस था,5 मिनट के अंदर ही मेरी आंखे लाल हो गई ,पूरा शरीर गर्म हो गया,लगा की मैं मतवाली हो रही हु,मेरे चहरे में एक अजीब सी मुस्कान आ गई ,कुछ तो मैं होश में थी और कुछ उस नशे के गिरफ्त में ,मैंने पहली बार अपनी आंखे उठाई सामने मिश्रा जी मुझे घूर रहे थे,जितना उन्हें चिल्लाना था वो उतना चिल्ला चुके थे,मेरे होठो में मुस्कान देख कर उनके आंखों में दहसत आ गई ,
मैं इठलाती हुई खड़ी हुई देखा रोबर्टो भी मुस्कुरा रहा है,मैं मिश्रा जी की तरफ जाने लगी ..
"मिश्रा जी ..सालो से कहना चाहती थी आपसे आज कह ही देती हु ,I LOVE YOU..."
मैं जाकर मिश्रा जी के गालो में एक किस किया,
"काजल तुम ये क्या कर रही हो,प्लीज् ...समझो बात को तुम्हे ड्रग्स दिया गया है,सम्हालो खुद को आज नही सम्हाल पाई तो इससे उबरना मुश्किल हो जाएगा तुम्हारे लिए"
मैं मिश्रा जी के आंखों में देखने लगी,उन्हें मेरी चिंता तो थी,लेकिन मेरे होठो की मुस्कान और बढ़ गई
"पहले बोलो की आप भी मुझसे प्यार करते हो "
मैं एक बच्ची की तरह उनके पास जाकर उनका गाल खिंचने लगी"
"मैं तुमसे बहुत प्यार करता हु काजल प्लीज् इसे अपने पास मत आने दो ."उनके आंखों से आंसुओ के दो बून्द गिर गए और एक पल को ही सही मेरा दिल भी उनके लिए पिघल गया लेकिन शायद रोबर्टो को ये बहुत पसंद आया ,वो मेरा हाथ खिंच कर मुझे अपने गोद में बिठा लिया.
बिस्तर और मिश्रा जी के बीच थोड़ी ही दूरी थी,
रोबर्टो ने मेरे सफेद कमीज के ऊपर से ही अपनी उंगलियों को मेरे निप्पलों पर गोल गोल घुमाया ,मुझे एक करेंट सा लगा,
"देख मिश्रा ये लड़की कैसे मेरे छूने से ही मचल रही है,इसे भी वैसे ही चोदउँगा जैसे तेरी बीवी को चोदा था,ये भी मेरी दीवानी हो जाएगी ,तू अब मान ले की तू एक नामर्द है"उसकी शैतानी हँसी पूरे कमरे में गूंज गई
"इसे भी अपने साथ इटली ले जाऊंगा और इसे अपनी रखैल बना कर रखूंगा,इसे भी अपने बच्चों की मा बनाऊंगा जैसे की तेरी बीवी को बनाया था,"
वो फिर हंसा ,मिश्रा जी के आंखों में आंसू आ गए जाने कितने दिनों का वो दर्द दबा कर बैठे थे वो एक बारी पूरे ताकत से छूटने की कोसीस किये लेकिन छूट नही पाए,वो अपनी नजर झुकाकर बैठ गए ,
"नही मिश्रा तुझे तो देखना ही होगा,"
उसने एक लड़के को बुलाया ,
"इसका सर झुकने नही देना,और ना ही आंखे बंद करने इसे देखने दो की ये जिससे भी प्यार करता है उसे मैं किसे इससे छीन लेता हु ."
मिश्रा जी की मजबूरी उनके चहरे से साफ झलक रही थी,
रोबर्टो की उंगलिया जैसे जैसे मुझे हल्के हल्के सहला रही थी मेरे तन में एक अजीब सी आग बढ़ रही थी,शरीर जलने सा लगा था,होठ सुख रहे थे,आंखे किसी अनजाने नशे में बन्द हो रही थी,कुछ भी समझने के हालात अब नही रहे थे,मैं नदी की धार में बहना चाहती थी,किसी उम्मीद के बगैर की ये धार मुझे कहा पहुचायेगी मैं रास्ते का ही पूरा मजा लेना चाहती थी,और इसलिए मैंने आंखे बंद कर ली,मैं उस अहसास में खोते चली गई,मेरे उन्नत उजोरो की चोटियों को रोबर्टो सहला रहा था,मेरे निप्पल अपने आप ही कड़े होते जा रहे थे,ऐसे तो ये अहसास मुझे पहले भी हो चुका था लेकिन इस बार बात अलग थी,मैं ड्रग्स के नशे में भी थी,और हल्की से हल्की छुवन के प्रति बेहद संवेदन शील हो गई थी,रोबर्टो भी जैसे इस बात को अच्छे से जानता था,वो कोई भी जल्दबाजी करने के मूड में नही था वो बड़े आराम से मेरे जिस्म से खेल रहा था,
उसके उंगलिया अब मेरे गले तक पहुची फिर गालो को सहलाते हुए मेरे होठो तक मेरे होठ कप रहे थे,किसी अनजाने से सुख में खोये हुए ,उसने मेरे होठो के दोनो पोरो के बीच अपनी एक उंगली घुसा दी,मैं उसे चूसने लगी मेरे आंख अब भी बंद थी,और मैं उसके गोद में अपने को समर्पित कर चुकी थी,उसके एक हाथ की हथेली ने मेरे उरोजों को पूरे ताकत से मसला ,
"आह आह मिश्रा जी "
मेरे मुह से निकली इस सिसकारी से मिश्रा जी भी चौके जरूर होंगे लेकिन रोबर्टो के होठो में एक मुस्कान सी आ गई होगी,वो जरूर मिश्रा जी को देखकर मुस्कुराया होगा,और मिश्रा जी के आंखों से कुछ बून्द टपक ही गए होंगे,
वो मेरे उरोजों को फिर से हल्के हल्के दबाने लगा ,मैं नशे में और भी मस्त होने लगी मेरे होठो से सिसकारियां रुक ही नही रही थी,की उसने अपनी उंगली मेरे होठो से निकाली और अपने होठो को मेरे होठो से मिला दिया,दोनो ही होठ मिलकर गीले हो गए थे,एक दूसरे के लार से भीग चुके थे,जब उनके जीभ की छुवन मेरे जीभ पर पड़ी तो मैंने भी अपने जीभ को उससे रगड़ दिया.....
रोबर्टो ने मुझे अपने से अलग कर बिस्तर में लिटा दिया मैं उससे अलग नही होना चाहती थी ,मैं बार बार ही उसके होठो पर अपने होठो को मिलाने की कोसीसे करने लगी ,लेकिन वो मुझे बिस्तर के बीचो बीच लिटा कर ही माना,मेरे बाल अब खुले हुई बिखरे थे,सांसो के तेज चलने से सीना ऊपर नीचे हो रहा था,मेरी टांगे बिस्तर में पसरी हुई बस किसी का रास्ता जोह रही थी,मेरे हाथ फैले हुए किसी की राह देख रहे थे,कोई आ जाए तो उसे बांहो में भर लू,रोबर्टो ने कुछ गुलाब की पंखुड़ियां मेरे गालो पर फेक दी ,उसके कोमल अहसास से मेरी आंखे आधी खुली मैंने रोबर्टो को देखा और हल्के से शर्मा के हँस पड़ी ,वो मेरे कानो के पास अपने होठो को लाया और उसने हल्के से फूक मार दी ,
"आह ह्म्म्म "मैं एक बार मचल सी गई मैंने अपना चहरा दूसरी ओर कर लिया रोबर्टो मेरे चहरे को अपनी ओर कर फिर से मेरे गालो में एक पप्पी ले ली ,
"तुम बहुत खूबसूरत हो काजल ,आज हमारी सुहागरात है,अपने पति को प्यार नही करोगी "
वो मेरे कानो में फुसफुसाया ,मैं जैसे शर्म से डूबी जा रही थी,मुझे ये क्या हो गया था,मैं शर्मा रही थी लेकिन चाहती थी की वो अपनी मनमानी करे और मुझे रौंद कर रख दे ,मुझे मसले ,मुझ पर चढ़ जाय ,
लेकिन मैंने ना में सर हिलाया,मेरे होठो पर मुस्कान थी लेकिन आंखे नशे में आधे खुले हुए थे,नशा वासना का था की ड्रग्स का पता नही लेकिन सच में बहुत मजा आ रहा था,उसकी आवाज में मुझे और भी मदहोश कर दिया था,रोबर्टो अब मेरे ऊपर चढ़ गया और
"तुम मुझे जान ही कहा करो मेरा नाम अब से मत लेना ,अपने पति का नाम नही लेते "
वो मेरे ऊपर था,और मैंने बिना कुछ कहे उसे अपने बांहो के घेरे में बांध लिया,जैसे की मैंने उसे अपनी स्वीकृति दे दी हो,
वो मेरी नजाकत भरे व्यवहार से जैसे मेरा दीवाना हुआ जा रहा था,वो मेरी ओर झपटा मेरे होठो को अपने होठो से भरकर चूसने लगा,इसबार तो उसने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी,वो जैसे उसे खा ही जाना चाहता था,मैं भी पागलो की तरह उसे चूसे जा रही थी,उसका ताना हुआ लिंग मेरे जांघो के बीच रगड़ खा रहा था और उसने एक बार जोर से उसे जानबूझ कर रगड़ा ,मेरे मुह से एक जोर की सिसकारी निकल गई
"ओओह ह ह जान.."मैंने उसे जोरो से कस लिया
वो अपने हाथो का जादू दिखाने लगा मेरे पूरे शरीर में उसके हाथ बिना किसी बाधा के घूम रहे थे,वो मेरी जांघो को सहला रहा था,और उसका था मेरी कमीज के अंदर जाने लगा ,वो मेरे नंगे पेट को सहलाने लगी ,मैंने अपनी योनि में एक जोरो को खजली का अहसास किया और मेरे कमर हवा में उचकने लगे ,जो की उसकी कमर से टकराकर फिर से बिस्तर में आ जाते उसे भी जैसे इसका अहसास हो गया था,वो मेरे कमीज को निकल कर फेक देता है,मेरी भारी चुचिया जो की मेरे ब्रा में मश्किल से कैद थे वो उसके हाथो में आकर बहुत खुस लग रहे थे,मेरी आंखे दर्द में भी मिलने वाले मजे से अपने आंसू छोड़ रही थी,उसने देर ना करते हुए मेरी सलवार को भी निकाल फेक ,और अपने को सभी कपड़ो से आजाद किया ,मेरे बचे दो कपड़ो को भी निकलने में देरी नही की ,मेरी चिकनी योनि जिससे बहुत देर से पानी बह रहा था और जो क्रीम की मालिस के कारण और भी चिकना हो गया था,वो रोबर्टो के उंगलियों का अहसास करते ही एक जोर का धार छोड़ दिया ,मैं जैसे थक कर गिरी मेरे हलक से जोर की चीख निकली .....
रोबर्टो ने बड़े प्यार से मुझे देखा और मेरे ऊपर आ कर फिर से मुझे चूमना शुरू कर दिया ,जब मैं फिर से उसके किस का रिप्लाई देने लगी तो वो अपने कड़े लिंग को मेरी योनि के ऊपर रगड़ने लगा ,मेरी योनि के दोनो पोरो के बीच जब उसके लिंग का अहसास मुझे हुआ तो मेरे पूरे सरीर में एक करेंट सा लगा ,मैंने अपने कमर को उछाला लेकिन मेरी योनि का छेद अभी इतना बड़ा नही हुआ था उसका लिंग फिसल गया ,वो जोरो से हंसा लेकिन मैं मजाक के मूड में नही थी,जैसे बहुत सी चींटियां एक साथ मेरी योनि को काट रही हो और वो खुजली बहुत ही मीठी थी ,उसे बुझाने के लिए मुझे उसे किसी चीज से उसे जोरो से रागड़ने का मन हो रहा था,रोबर्टो बिना कुछ कहे अपने लिंग को अपने हाथो से पकड़कर मेरे योनि के मुख पर लाया और धीरे धीरे उसे अंदर करने लगा,वो नेहा के दिए क्रीम का असर था या मेरे योनि से रिस रहे चिपचिपे तरल पदार्थ का लेकिन उसका सुपाड़ा आसानी से मेरे अंदर आ गया ,जैसे कोई चीज मेरे अंदर टूट गई हो ,मैं चिल्लाई ,लेकिन वो दर्द बड़ा ही मजेदार था,
"आह जान आह .."
दोनो की ही सांसे भारी थी और दोनो ही कुछ देर के लिए रुक गए थे,,,
 
48
रोबर्टो मेरे होठो को चूसता हुआ जोर से धक्का लगा देता है ,और उसका पूरा लिंग मेरे अंदर समा गया.
"ओ ओ ओ ह ओह ओह आह आह आह जाआआननन"
जैसे उसका लिंग किसी बहुत ही सकरी सी नली में धस गया हो वो थोड़ी भी हलचल नही कर पा रहा था ,रोबर्टो ने जोरो से उसे खिंचा और मैं फिर से जोरो से चीख पड़ी ,फिर उसने पूरे ताकत से उसे अंदर किया मैं फिर से चीखी ,लेकिन थोड़ी ही डरे में चीखों ने सिसकियों का स्थान ले लिया था मैं बस आह आह करने लगी थी,
मेरे अंदर जब उसका लिंग जाता तो मैं मेरे भगसिसन को रगड़ जाता और मेरे पूरे शरीर में उस अहसास से एक मजे का जन्म होता ,मैं जैसे इसे कभी भी खत्म नही करना चाहते थी ,लेकिन मैं बार बार इस सुखद अहसास से टूट जाती और मेरे योनि से एक जोरो की धार फुट पड़ती ये ना जाने कितनी बात हुआ हर बार मैं रोबर्टो के कंधे पर अपने दांतो को गड़ा देती थी,कभी वो मेरे निप्पलों को खा जाता कभी मैं अपने नाखूनों को उसके पीठ गड़ा कर उसे चिर देती कभी वो मेरे कंधों पर अपने दांतो से निशान बना देता ,वो भी पूरी ताकत लगा रहा था और मैं भी ,लेकिन दोनो ही इंसान ही थे ,उसने भी जोरो की धार मेरे योनि में छोड़ दी ,मुझे लगा जैसे किसी ने तपते तवे में पानी की एक बाल्टी उड़ेल दी हो ,मैं जोर से झटके खाकर शांत हो गई वो भी मेरे ऊपर मुर्दो सा गिर गया,मैं उनके बालो को अपने हाथो से सहलाने लगी,मुझे पहली बार ये अहसास हुआ की किसी को अपना पूरा अस्तित्व सौप देना क्या होता है,और उसका मजा क्या होता है,मुझे सचमे ऐसा लगा की जो शख्स मेरे साथ सोया है वही मेरा सबकुछ है और पूरी दुनिया जैसे कुछ पालो के लिए मेरे लिए खत्म हो गई थी,
मेरी आंखे पहली बार खुली और मिश्रा जी पर मेरी नजर पड़ी उनका कपड़ा खुला हुआ था उन्हें नंगा कर दिया गया था ,ये कब हुआ मुझे पता भी नही चला वो अब भी बंधे थे लेकिन उनका लिंग पूरी तरह से अकड़ा हुआ था,वो मुझे ऐसे देख रहे थे जैसे किसी बच्चे की टॉफी छीनकर कोई उसके ही सामने खा रहा हो ,मेरे चहरे पर मुस्कान आ गई जैसे मैं उन्हें और भी चिढ़ाना चाहती थी,रोबर्टो की वीर्य की धार मेरे योनि से बाहर बह रही थी जो मुझे बहुत सुकून दे रही थी ,मैं उसे सहलाने लगी और उसे चूमने लगी,
थोड़ी देर तक हम ऐसे ही पड़े रहे ,अब मेरा नशा खत्म हो चुका था,शायद हम नींद में चले गए थे,जब मेरी आंखे खुली तो वो मेरे ऊपर ही सोया था,मैं भी उसे उठाना नही चाहती थी, मुझे कुछ आभास हुआ ,कमरे में लोग भी बोर से खड़े थे बेचारे करते भी क्या ,ये सब देखकर भी कुछ कर नही पा रहे थे,मेरा दिमाग अचानक ही किसी घटना को परख गया था,नेहा और जूही जिस कमरे में थे मैंने वहां नजर दौड़ाई मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई ..
रोबर्टो भी उठ चुका था ,वो उठाकर बैठा,मैंने भी अपने कपड़े पहनने शुरू किये उसने मुझे मना किया लेकिन मैंने उसे कहा की अभी नही जब आप और मैं रहेंगे तो कभी कपड़े नही पहनूँगी वो ऐसे खुस हो रहा था जैसे की मैं सच में उसकी नई पत्नी हु ,उसके वीर्य के साथ ही कुछ खून के धब्बे भी बिस्तर में पड़ चुके थे,
"मजा आया की नही काजल "
"बहुत मजा आया ,ये मैंने पहले क्यो नही किया ."मैं मदहोशी में बोली
"अब तो रोज होगा फिक्र मत करो "वो भी मुस्कुराया
"एक बात बोलू "
"हा "
"आपकी मेरे जितनी एक बेटी भी है ना "
वो मुझे अजीब निगाहों से देखने लगा
"हा क्यो "
"मैं कसम खाती हु की उसे भी ऐसे ही चुड़वाऊंगी "मैं जोरो से हँसी उसके चहरे में आयी पूरी खुसी जाती रही
"मादरचोद "उसने हाथ उठाया ही था की दरवाजे के टूटने की आवाज आयी ,नेहा और जूही जिस कमरे में थे वहां से गैस के गोले फेके गए,और धुवा पूरे कमरे में फैलने गया,गालिया चलने की आवाजे आने लगी ..रोबर्टो ने मुझे देखा और वहां से भागने लगा .......

चारो तरफ अफरा तफरी मची थी और गोलियो की आवाजे आ रही थी,मैंने किसी तरह मिश्रा जी को खोला और उनके इशारे में हमे जगह दी गई लेकिन निकले किधर से ये ही समझ नही आ रहा था,अभी तक नेहा और जूही का कोई भी पता नही लग पाया था,वो एक तरफ फंस गए थे ,वही दोनो ओर से गोलियां चलने लगी,अचानक ही हमे एक हेलीकाफ्टर की आवाज सुनाई दी ,उस घने जंगल में ये हेलीकॉप्टर कहा से आया और कहा था,ऐसे मुझे कैसे पता होता,मैं तो एक रूम से बाहर नही गई थी,जब वो हमे नजर आया तब तक वो बहुत ऊपर जा चुका था,वहां खड़े पोलिस वालो ने तुरंत फोन करना शुरू कर दिया,रोबर्टो उसमें बैठा हमारे तरफ हाथ हिला रहा था,लेकिन हमारी आंखे तब चौड़ी हो गई जब जूही और नेहा भी उसके साथ थे,उनकी हालत बदहवास थी ,उसने उन्हें रस्सियों से बांध रखा था और वो हेलीकॉप्टर से बंधे झूल रहे थे,रोबर्टो के चहरे पर कमीनी मुस्कान आयी ,उसने अपने आंखों के पास दो उंगलिया करके मुझे देख लेने का इशारा किया और पहले जूही फिर नेहा की रस्सियों को कांट दिया,दोनो ही जमीन पर गीर गए,मेरे हलक से एक चीख निकली जिसने भी ये मंजर देखा वो चीख पड़ा,बचाव दस्ता जल्दी से उस ओर मुड़ा जहा उनके गिरने की आशंका थी,रोबर्टो को लोग जिन्हें उसने शायद मरने के लिए ही रखा था वो ज्यादा देर तक नही टिक पाए,जंगलो को छान मारा गया जूही एक पेट में फसी मिली लेकिन नेहा का कही पता नही चला,एक्सपर्ट्स ने हवा की दिशा और हेलीकॉप्टर की दिशा और जूही के मिलने की जगह,और जूही और नेहा को गिराने के बीच के समय के अंतर से जो डेटा निकला उससे यही पता चला की नेहा उस झरने में गिर गई होगी ,लेकिन बॉडी का कही भी पता नही चला ,नदी के साथ साथ बहुत खोज के महीनों तक चली लेकिन फिर भी कोई परिणाम नही ,वो नदी जाकर बांग्लादेश से होकर बंगाल की खड़ी में चले जाती थी,भारत के बोडर से बाहर होने के कारण खोज भी रुक गई और नेहा की फाइल सीक्रेट रूप से गायब कर दी गई , वजह साफ थी शासन की बदनामी,इस पूरे कांड को वहां के पेपरों ने बड़े बड़े शीर्षकों में छापा लेकिन मेरा और नेहा का नाम ही गायब था,मिश्रा और जूही को हीरो बना दिया गया,जूही को और प्रमोशन मिल गया,कहा गया की बड़े गैंग का पर्दाफाश,रोबर्टो का नाम फिर से गायब था,उसका जिक्र ही कही नही था,पता नही क्यो मिश्रा उसका नाम छुपा रहा था,कोई तो बड़ा कारण रहा होगा,
इधर नेहा के दुख में मैं पागलो सी हो गई थी,बड़ी मुश्किल से खुद को सम्हाल रही थी,मेरा साथ देने वाला कोई भी नही था,मिश्रा को मैं नेहा की मौत का जिम्मेदार समझने लगी थी और उससे दूरी बनाये हुए थी ,वो मेरे रूम भी आता लेकिन मैं उससे बात तक नही करती ,वो अपने कमरे में सोता ,साथ बैठकर खाना भी खाते लेकिन मुझे तो उसे देखना भी पसंद नही था,,मैं वो रूम नही छोड़ना चाहती थी,क्योकि उसमे नेहा की यादे जुड़ी हुई थी,........................
प्रजेंट में ...
मैं एक गहरी सांस लेकर उठ गई ,बिता हुआ समय तेजी से मेरे आंखों के सामने इस गुजर गया ,मेरे बाजू में विकाश जी सोए थे,मेरे पति जिन्हें मैं सबसे ज्यादा प्यार करती हु,आज ही मैं जूही से मिली ,मिश्रा ने उसे मेरी मदद के लिए यहां भेज है ,अब वो इंस्पेक्टर बन गई है,वो भी पूरे थाने की मालकिन .इतने कम सालो में उसने इतने प्रमोशन पाए,वो सच में बहुत ही बहादुर लड़की है,उसे भी सेक्स का भूत सवार रहता है और वो भी अपने पति से दिलो जान से प्यार करती है ,लेकिन मेरे और उसके स्वभाव में जमीन आसमान का अंतर है, उसके पति उसे संतुस्ट ही नही कर पाते ,लेकिन मेरे विकाश जी ..वाह ,कितना प्यार करते है वो मुझे,जब हम पहली बार मिले थे तो मुझे यकीन ही नही आया था की गांव में पला बढ़ा ये लड़का मेरे भावनाओ को समझेगा,मैंने जब उन्हें अपने वर्जिन ना होने के बारे में बताया तो वो बस हँस पड़े ,उन्होंने इसे मेरी कमी नही माना ,वो बहुत ही भोले भाले है,मैं सच में लक्की हु की मुझे इनके जैसा पति मिला,समझदार है,बेहद प्यार करने वाले है...
मुझे देखने उनसे पहले भी कई लड़के आये ,वो उनसे ज्यादा पढ़े लिखे थे,कोई बड़ी नॉकरी में था तो कोई बड़े पैसे वाला लेकिन मैं किसी को भी धोखे में नही रखना चाहती थी,लेकिन मैं जैसे ही किसी को अपने वर्जिन ना होने की बात बताती वो शादी तोड़ देता,मेरे घरवालों को भी ये समझ नही आ रहा था की आखिर ये हो क्या रहा है,मैंने अपनी बड़ी भाभी को सबकुछ बता दिया था,लेकिन इतना ही की शहर में एक बॉयफ्रेंड था,उससे ज्यादा उन्हें नही बता पाई क्या कहती की ना जाने कितनो के साथ.भाभी ने भैया के कानो में ये बात डाली की मैं बिना सच बताये शादी नही करना चाहती,मेरे भइया मुझसे बेपनाह प्यार करते है.उन्होंने भी बात को समझा,तभी कही से उन्हें विकास जी के बारे में पता चला(अब मुझे पता है की मिश्रा जी ने ये रिश्ता किसी के माध्यम से भिजवाया था)उस ड्रग्स ने और नेहा की जुदाई ने मुझे पागल बना दिया था,जब मैं अच्छी होती तो सामान्य होती लेकिन जैसे ही कोई भी दुख टेंशन मेरे दिमाग में आता मैं बेचैन हो जाती मुझे सिर्फ शराब की तलब लगती फिर सेक्स की ,अब मुझे समझ आ रहा था की नेहा की हालत आखिर कैसे रहती रही होगी,मैं पार्टीयो में जाने लगी,वहाँ मैंने कुछ बॉयफ्रेंड भी बना लिए ,मेरे लिए ये कभी मुश्किल नही था,लड़के मेरे पीछे दुम हिलाते फिरते थे लेकिन मैं अपने रेस्पेक्ट को कभी कम होने नही दिया,जिससे भी सेक्स किया उसकी गुलाम बनकर नही बल्कि उसकी मालकिन बनकर..
लेकिन मुझे विकाश जी ने गुलाम बना लिया ,पहले मुझे लगता था की मैं इनके साथ खुस नही रहूंगी,इनकी पोस्टिंग जंगल में थी,मैं हमेशा से बड़े घर में रहने वाली और इनके पास था सरकारी क्वाटर ,मैं नाजो से पाली बढ़ी थी,अपना हुक्म सबपर चलाया था,लेकिन मैं घर वालो को भी दुखी नही करना चाहती थी,मैंने इनसे शादी कर ली,पहली रात में ही मुझे पता चला की आखिर प्यार नाम की भी कोई चीज होती है,लेकिन मेरे लिए तब भी प्यार और अपने हवस में फर्क करना आसान नही था,मैं उनके साथ जितना समय बिताते गई मैं इनकी होने लगी,पहली बार लगा की अगर कोई मुझे मेरे दुखो और वासना की आग से निकाल सकते है तो ये है,इनके प्यार ने मुझे जीत लिया,मैं भी इन्हें भरपूर प्यार देना चाहती थी,लेकिन मेरी भी कुछ मजबूरियां थी,
 
49
इसी बीच इनका काम फिर से बढ़ गया,किसी प्रोजेक्ट के कारण ये बहुत बिजी हो गए थे,मैं अपने को कब तक सम्हाल पाती,और एक दिन अचानक वो हुआ जो नही होना चाहये था,प्यारे हमारे घर का नॉकर था,रातो को जब मुझे नींद नही आती और शराब की तलब लगती तो मैं छटपटा जाया करती थी,मैं बाहर हवा खाने निकल जाती ,एक रात मैं ऐसे ही बाहर निकली और प्यारे के कमरे से आ रही आवाजो ने मेरा ध्यान खिंच लिया ,वहां प्यारे के अलावा कुछ लोग और भी थे,वो हमारा ड्राइवर रघु था ,एक लड़की की भी आवाज आ रही थी,
मैं उसके कमरे की तरफ बढ़ने लगी ,
"आह नही ना ,"
मुझे पायलों और चूड़ियों की आवाज सुनाई दी ,साथ ही लड़की की सिसकारी,मैंने गौर किया ये तो रघु की बीवी रेणु थी, ये लोग यहां क्या कर रहे है,??????????
"आह मेमसाहब "प्यारे ने गरजते हुए कहा ,मैं थोड़ी डर गई,आसपास देखने लगी,कही मैं इन्हें दिख तो नही गई,लेकिन मैं कही से भी इन्हें दिख नही सकती थी वो कमरे के अंदर थे और मैं बाहर ,
"मेमसाहब को याद करके इस रांड को चोद रहा है साले"इसबार रघु था,
मैं चौक गई ,जिनसे मैं इतने अपनेपन से बात किया करती थी वो ही मेरे बारे में ऐसी बाते कर रहे है,उससे ज्यादा मैं इसलिए चौक गई क्योकि रेणु रघु की पत्नी थी और उसे उसके ही सामने प्यारे चोद रहा है...
मेरी हालत खराब हो गई थी,की आखिर मेरे घर में ये क्या हो रहा है,अगर मैं नार्मल होती तो हो सकता है मैं दरवाजा खटखटा कर अंदर चले जाती ,लेकिन मेरी गर्मी भी इससे बढ़ रही थी,और मैं अब किसी की इज्जत भी थी मैं नॉकरो के मुह नही लगना चाहती थी ,मैंने सुबह होते ही इन्हें बताने का फैसला किया ...
मैं एक झीनी सी नाइटी में थी जिसे मैंने विकाश जी को रिझाने के लीये पहना था,लेकिन काम के बोझ में उन्होंने मेरे साथ कुछ भी नही किया ,मैं भी बेशर्म बनकर उनसे कोई फरमाइस नही करना चाहती थी,वो बड़े प्यार से मुझे देखकर रह गए और किस करके ही रो गए ,मेरी तड़फने बढ़ रही थी,बहुत दिनों के बाद मैंने ऐसे गन्दे शब्द सुने थे ,जिससे मैं बहुत गर्म हो गई थी,
शादी के बाद के लिए मेरी भाभियों ने मुझे कुछ महंगे लेगिंस लेकर दिए थे,उनमे से ही एक मखमली पेंटी मैं पहने हुई थी,जो अब गिला हो गया था,मेरे हाथ भी उसके ऊपर चले गए थे,मैं अपनी पेंटी में हाथ घुसाकर अपनी जांघो के बीच के छेद को सहला रही थी,हल्के हल्के बालो वाली मेरी योनि भीगने के कारण बालो में भी कुछ बून्द पड़ चुके थे,ये शादी के बाद पहली बार था जब मैं विकास जी के अलावा किसी और से उत्तेजित हो रही थी,
उधर से आवाजे बढ़ गई
"बोल ना मादरचोद प्यारे डार्लिंग ,मैं तुम्हारी काजल हु ,और तुम्हारी रंडी हु चोदो मुझे ...बोल "
प्यारे शायद बहुत ही उत्तेजना में था वो जोरो से बोला ,रेणु के कुछ ना कहने पर वो एक झापड़ उसे लगा दिया ,
सच में मुझे उसके ऊपर बहुत ही गुस्सा आ रहा था लेकिन उसके ऐसा बोलने से मेरे अंदर कुछ हो सा गया,इसबार रेणु ने उसकी बात दुहरा दी ,
"हा मादरचोद मैं काजल हु ,तेरी मालकिन काजल ,चोद मुझे जोर से चोद "
"आह काजल,वह काजल मेरी जान ओह ओह "
प्यारे के आवाज ने मुझे और भी उत्तेजित कर दिया था,मेरी आंखे बंद हो गई,मुझे शहर के मेरे बॉयफ्रेंड की याद आ गई जो ऐसे ही मेरा नाम लेकर मुझसे सेक्स किया करते थे,मैंने दो उंगलिया अपने गीली हुई योनि के छेद में घुसा दी ,मेरे मुह से भी एक सिसकारी निकली पर वो बहुत ही धीरे थी,
मेरी आंखे बंद हुई और ..उधर से
"काजल मेरी जान ,ओह ओह "
"आह आह चोद मादरचोद अपनी काजल को "
प्यारे की आवाज में मैं खो सी गई थी ,वासना का उफान चरम में था,मैंने आंखे बंद ही किया था की मुझे एक झटका लगा,मेरे आंखों के सामने प्यारे की तस्वीर उभर कर आयी ,उसकी आवाज तो मेरे कानो में आ ही रही थी ,ऐसा लगा की वो अभी मेरे ऊपर चढ़ा मुझे धक्के मार रहा है,मैंने जोरो से अपनी आंखे खोली ...मेरी सांसे बहुत तेज थी ,
मुझे अपनी स्थिति का अहसास होते समय लगा ,लेकिन जैसे ही मुझे समझ आया की मेरे साथ ये क्या हुआ मैं भागती अपने घर में घुस गई,किचन में जाकर पानी पिया और उनके बगल में जाकर सो गई,लेकिन आंख बंद करने पर वही तस्वीर और कानो में वही आवाज....
मैंने जोरो से योनि में उंगली डालकर हिलाने लगी,तब तक की मैं झर ना गई,लेकिन फिर मुझे याद आया की मैं कौन हु ,मैं अब कोई कालेज की लड़की नही बल्कि एक पत्नी हु जिसका पति अब भी मेरे बाजू में सोया था....
उस वाकये को याद कर अभी मेरे माथे में पसीना गया यही वो रात थी जंहा से मेरे जिंदगी में आये उस मोड़ की शुरुवात थी जंहा से मैं अपने मालिक विकास जी के लिए भी बेवफा हो गई ..

मैं पुरानी बातो को सोचकर थोड़ी घबरा गई,विकाश जी अभी भी मेरे साथ सोए हुए थे,होटल के इस आलीशान कमरे में ,जिसे मेरे भैया ने किसी खास गेस्ट के लिये बनाया था और जंहा से पूरे शहर का नजारा दिखता था,ऐसे तो अभी तक कोई गेस्ट इसमें रहने नही आया लेकिन अब मैं इसका इस्तमाल किया करती थी,....
मैं उठकर कांच की दीवार के पास आ गई,हाथो में शेम्पियन का एक ग्लास था,प्यारे के बारे में सोचकर मुझे अपने पर गुस्सा आ रहा था ,मैं उस रात में डूबे शहर को देखने लगी और फिर से अपनी यादो में खो गई..
उस रात से मेरा प्यारे को देखने का नजीरिया ही बदल गया था,मैंने पहले तो रात की बात विकास जी को बतानी चाही लेकिन वो काम के कारण मेरी बात बिना सुने ही चले गए वो ऐसे भी बहुत अपसेट थे मैं उन्हें फिर से अपसेट नही करना चाहती थी,लेकिन प्यारे और मेरे बीच कुछ होने लगा,वो मेरे पास आने की कोसीसे तो हमेशा ही करता था,लेकिन अब मुझे पता चल गया था की उसके दिल में मेरे लिए क्या है,
मैं थोड़ी शरारती तो बचपन से थी,और कालेज में नेहा के साथ रहकर मैंने लड़को तो टिस करना भी सिख लिया था,इसमें मुझे और नेहा को बहुत मजा आता जब कोई लड़का हमारी जवानी को देखकर पागल हो जाता लेकिन कुछ भी नही कर पता,उनके चहरे में आये भाव से हम खिलखिलाकर हँस पड़ते,नेहा के जाने के बाद ये सब कम हो गया था,लेकिन पता नही मुझे इस बुड्ढे को जलाने की सूझी ऐसे भी मैं घर में बैठी बैठी बोर हो जाती थी ,सोचा की इससे थोड़ा टाइम पास भी हो जाएगा और इस बुढ्ढे को भी थोड़ा मजा आ जाएगा,साथ ही कही ना कही इससे मुझे भी बहुत मजा आने वाला था,अभी हाल के समय में विकास जी की बेरुखी से मैं थोड़ी बेचैन रहने लगी थी,इसी बहाने मैं भी थोड़े मजे करने की सोची ......
मुझे कभी कभी रेणु के व्यवहार पर भी शक होता,वो मुझे सेक्सुअली उकसाने की कोसीसे करती,उसे शायद लागता हो की मैं एक नई नई दुल्हन हु और मुझे कुछ भी नही पता,लेकिन उसे नही पता था की जिस खेल के बारे में वो मुझे समझना चाहती है मैं उसने एक्सपर्ट थी,मुझे ये जानना था की रेणु रघु के होते हुए भी प्यारे के साथ क्यो सेकस कर रही थी,और रघु उसका साथ क्यो दे रहा था,मैं प्यारे से अब ज्यादा हँस हँस कर बाते किया करती,मेरे आवाज में एक मदहोशी होती थी,मैं उसे इतना टिस करती की कभी कभी उसके लूस पेंट में उसका लिंग अकड़ जाता ,मैं अकेले में बहुत हस्ती और प्यारे पूरी कसर रेणु के उपर निकाला करता था,
कुछ ही दिन बीते और प्यारे और रेणु भी मुझसे खुलने लगे,रेणु ने धीरे धीरे मुझे प्यारे के बारे में सब कुछ बता दिया,उसका जोर बस इसपर था की प्यारे कितना अच्छा सेक्स करता है और कैसे उसे संतुस्ट करता है इसलिए वो ये सब कर रही है,लेकिन उसने ये नही बताया की रघु भी इस खेल में शामिल था,समझने को मैं सब समाझ रही थी की रेणु असल में प्यारे के बोलने पर ही ये सब मुझे बोल रही है ताकि मेरे अंदर प्यारे के लिए एक उत्सुकता का जन्म हो ,मैं भी भोली भाली सी उसका साथ देती और उसकी बातो को झूठे आश्चर्य से सुनती थी,वो बहुत ही खुस होते और मैं मन में मुस्कुराती ,हम दोस्तो की तरह रहने लगे थे,प्यारे मुझे छूने की हिम्मत तो नही करता लेकिन हमेशा ही मेरे साथ फ्लर्ट करने की कोसीसे करता था,मैं भी उसे मुसका कर जवाब दे देती थी,
इधर विकास जी से प्यार का परवान चढ़ता गया लेकिन साथ ही प्यारे के कारण दिन भर मैं गीली रहने लगी थी,विकास जी से रात में तो सुख मिल जाता था,पर सुबह और दोपहर पूरा समय तो प्यारे ही सामने होता था,
एक दिन मैं रात को जागी,प्यारे आज अकेले ही था,वो भी कमरे के बाहर निकाला हुआ बैठा था,
वो मुझे देखते ही खड़ा हो गया ,
"अरे काका आज नींद नही आ रही आपको "
मेरे चहरे में एक शरारती मुस्कान आ गई ,
"कुछ नही बिटिया मुझे तो अक्सर रातो में नींद नही आती ,"
वो उदास सा कहने लगा,मैं उसके पास जाकर उसके कमरे के चौखट में ही बैठ गई ,ये पहली बार था जब प्यारे मेरे इतने करीब था,मैं और विकास जी अभी अभी ही प्यार के समुंदर में डुबकी लगाए थे ,मेरे शरीर से सेक्स के बाद आने वाली एक मनमोहक खुसबू अभी भी आ रही थी,प्यारे जैसे एक गहरी सांस लिया ,उसका लिंग उसके लुंगी में तन गया,मेरी नजर जैसे ही उसपर गई मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई ,वो थोड़ा नर्वस था,
"आपकी खुसबू बड़ी ही कमाल की है बिटिया "
वो झिझकते हुए कहा और मैं शर्माने की एक्टिंग करने लगी ,
वो इससे बहुत खुस हुआ,
"मैं रातो को अपने को बड़ा अकेला पाता हु,काश मेरी बीवी अब भी जिंदा होती "
वो फिर से एक गहरी सांस लेकर कहता है,साले ने अपना गेम खेलना शुरू कर दिया,जैसे मुझे पता नही की वो कितना अकेला होता है,लेकिन मैं अनजान बनती रही ,
"अरे हम लोग तो है ना आपके साथ "मैंने बड़ी ही मासूमियत से कहा
"हा लेकिन रात को कहा "
"अरे काका रात में भी तो आपके साथ बैठी हु ,आप बोलो तो मैं विकास जी को जगा लाती हु "
मैंने अपना भोलापन कायम रखा था,वो बुरी तरह से चौका
"अरे नही नही ."थोड़ा सा रिलेक्स हुआ
"वो वो साहब को क्यो तकलीफ देती हो ,बेचारे थक जाते होंगे काम से "
"हा थक तो जाते है,ठीक है अब मैं ही आपके पास आकर आपसे बाते किया करूँगी "
प्यारे की तो जैसे बांछे खिल गई ,उसे मेरी बात से इतनी खुसी हुई की उसके गले से कोई शब्द ही नही फुट रहा था,उसे शायद लग रहा था की उसका प्लान कामियाब हो रहा है और मैं भी उसे यही यकीन दिलाना चाहती थी,
"हा बिटिया बिल्कुल बिल्कुल "
"चलिए आपको चाय पिलाती हु ,मैं कालेज के दिनों में रातो को काली चाय पिया करती थी,जब भी मुझे नींद नही आती थी,आपको भी पिलाती हु ,जब आपको नींद नही आया करे मुझे बुला लिया कीजिये ,ये मेरा नंबर है आप मेसेज कर दिया कीजिये मैं अगर जागते रहु तो आ जाऊंगी .."
शायद प्यारे को ये यकीन ही नही हो रहा था की उसके साथ सचमे ये हो रहा है,इतनी जल्दी उसे ये सब मिल जाएगा उसने नही सोचा होगा,खैर मैं उसे उसके ही रूम में चाय बनाकर पिलाने लगी,हम थोड़ी देर बाते करते जिसमे वो अक्सर अपने अकेले होने का रोना रोता और मैं उसे दिलासा दिलाती ,एक दो दिनों तक यही चलता रहा,अब प्यारे मेरे पास बैठने में झिझकता नही था ,लेकिन अब भी वो मुझसे दूर ही रहता,एक दिन हम ऐसे ही बैठे चाय पी रहे थे.और प्यारे अपने अकेले होने के बात पर रो रहा था,
"अच्छा काका एक बात बताइये ,"
"हा हा बोलो बहु "
"आप हमेशा मुझसे कहते है की आप अकेले है ,लेकिन रेणु तो मुझे कोई अलग ही कहानी सुनाती है,"
प्यारे को पता था की रेणु मुझे क्या कहानी सुनाती है,लेकिन फिर भी वो अनजान बनने लगा
"क्या,क्या कहानी सुनाती है बहुरानी "
 
50
साला ठरकी बुड्डा एक तरह तो मुझे चोदने के ख्वाब रखता है और दूसरी तरफ मुझे बड़े ही प्यार से बाहुरानी बुला रहा है,मैं उसे कुछ शब्दो में तो नही कहा,उसकी आंखे मेरी आंखों में गड़ी जा रही थी,हा प्यारे एक नॉकर था,और उसकी उम्र भी थोड़ी ज्यादा थी लेकिन था बड़ा ही सॉलिड टाइप का मर्द ,आर्मी में रहा था और कई दिनों तक खेती की थी,शाररिक परिश्रम का असर उसके व्यक्तित्व पर दिखता था वो भी कोई मिश्रा जी की उम्र का था,45-50 लगभग ,लेकिन मिश्रा जी से बहुत ही ताकतवर था,उसके मसल्स अभी भी गठीले थे,छाती के बाल पसीने से भीग कर मर्दानगी की खुसबू छोड़ते,और जैसे वो रेणु के साथ सेक्स करता था उसकी स्टेमना पर भी मुझे ताजुब्ब होता था,हा मैं उसके प्रति थोड़े आकर्षित तो महसूस करती थी ,ये गलत था,अब मैं शादी शुदा लड़की थी ,जिसका पति अभी अभी उसे निचोड़कर बिस्तर में सोया हुआ है,और मैं एक नॉकर के कमरे में उसके साथ ऐसी बाते कर रही हु,.......
हा ये गलत तो था,लेकिन बड़े पाप का मजा भी बड़ा होता है,मैं प्यारे को बस टिस करना चाहती थी ,लेकिन उसके प्रति मेरा आकर्षण मेरे योनि से बहते पानी से मुझे आभास होने लगा था,वो एक गर्म सांसे छोड़ कर वहां से जाना चाहती थी लेकिन अपने ही बात में फंस चुकी थी ,मैं अपने खयालो में ऐसे खोई थी की मुझे आभास नही हुआ की वो अभी अभी मेरे पास बैठा है,और उसने मुझसे कुछ पूछा है,मैं सही और गलत के फेरे में फसी हुई थी,
"अरे बताइये ना की रेणु ने आपसे क्या कहा "वो मेरे कंधे पर हाथ रखता है
"आप ठीक तो हो "
ये उसका ऑफिसियली मुझपर किया पहला स्पर्श था,मैं होशं में आयी,मेरी सांसे थोड़ी उखड़ रही थी,पता नही इस स्पर्श में क्या था ,या मेरे मन में एक दबी हुई कोई आकांक्षा थी जो फुट पड़ी थी,मेरी योनि ने अपने पानी का रिसाव बड़ा दिया था ,जैसे उसे आशंका हो की कोई कड़ा सा रॉड मेरे अंदर जाने वाला हो ,लेकिन ऐसा नही होने वाला था,मेरे मुह से एक आह निकलने से रह गई थी,योनि में वही खुजली होनी शुरू हो गई थी जिसकी मैं आदी हो चुकी थी,मैं वहां से निकल जाना चाहती थी ,मैं एक नॉकर के सामने बेआबरू नही होना चाहती थी,मेरे दिमाग ने मुझे रोका था,अगर मैं अभी शादी शुदा नही होती और किसी पार्टी में किसी हेंडसम लड़के के साथ होती तो मैं उसेके नीचे रात भर खुद को रगड़ाती रहती,लेकिन अब माहौल ही कुछ दूसरा था,मैं ऐसे किसी से भी अपने को मसला नही सकती थी,ये अलग बात है की मैं अभी भी चाहती थी की कोई मुझे जोरो से बिस्तर में रगड़ कर रख दे ,खुजली बढ़ने लगी थी और अब मेरे सामने योनि में उंगली डालने के सिवा कोई चारा भी नही था,मैं उठने वाली थी,लेकिन प्यारे को भी मेरे सांसो का पता चल गया ,उसे समझ आ गया था की मैं गर्म हो चुकी हु,उसने एक चांस लेने की सोची ,वो अपना हाथ मेरे पीठ से होता हुआ मेरे कंधे तक ले गया,और उस अपने हथेलियों से मसलने लगा,
"बताओ ना क्या कहा रेणु ने "
इसबार उसकी आवाज में अजीब सा हरामीपन था,जैसे वो जानता था की मैं कुछ नही कह पहुंगी लेकिन उसे याद कर गर्म हो जाऊंगी ,लेकिन मेरी खुजली और मन के उथलपुथल ने ऐसे भी मेरे दिमाग की मा बहन कर रखी थी,मैं उठी और उसके गालो में एक जोरदार थप्पड़ मारा ,मुझे अपनी ऊर्जा को बाहर निकलने का ये नया जरिया मिल गया था,गुस्सा ..
"तुम्हे शर्म नही आती एक शादी शुदा लड़की के साथ ऐसा करने से,और मुझे पूछते हो की क्या कहा उसने तुम्हे नही पता क्या की क्या कहा उसने मुझे ,मैं साफ साफ बता देती हु काका मेरे घर में ये सब नही चलेगा ,वरना मैं विकास जी को ये सब बता दूंगी और आपकी नॉकरी गई समझो ..आप अकेले है इसका मतलब नही की एक जवान शादी शुदा लड़की के साथ ...आपके बच्चों की उम्र भी उससे बड़ी है "
वो बस मुझे ऐसे देखने लगा जैसे की वो कोई ख्वाब देख रहा हो ,उसे तो समझ ही नही आ रहा था की आखिर सच क्या है,पहले वाला सीन सच था जिसमे मैं एक नाजुक सी ,शरमाई सी ,और बेकाबू होती काजल थी ,या अभी अभी वाली काजल सच है जो की उसके गालो में थप्पड़ मार कर उसे चेतावनी दे रही है,वो बस मुझे देखने लगा ,और मैं वहां से जल्दी से अपने कमरे में भागी,मैं बाथरूम में जाकर जल्दी से अपनी नाइटी को ऊपर कर अपनी पेंटी निकाल फेकी ,वो बहुत ही गीली हो चुकी थी मैं ने अपनी दो उंगलिया अपने योनि में डाली ,सच में गर्म गर्म योनि थी मेरी ,जैसे कोई भट्टी तप रही हो ,मैं उंगलियों को अंदर बाहर करने लगी ,मेरी आंखे बंद हो गई ,मैं बाथरूम के फर्श पर बैठ गई थी,टांगे फैला कर जितना उंगली अंदर जा सकता था किया,मुझे जल्दी से झडना था,शांत होना था,मेरी आंखे बंद हुई और पहली तस्वीर आई प्यारे की ,
"मेमसाहब आह "जैसे वो मुझे चोद रहा हो जोर जोर से ,मैं अपनी सांसो को सम्हालते हुए विकास जी को देखने की कोसीसे करने लगी लेकिन बार बार प्यारे विकास जी की जगह में आ जाता था,आखिर मैंने अपने को छोड़ दिया और अपने खयालो में ही प्यारे से कुतिया बने चुदने लगी,जैसे मुझे लगा की वो मेरी कमर को पकड़े हुए मुझे जोर जोर से धक्के मार रहा हो और मैं चिल्ला रही हु ,
"आह प्यारे साले कुत्ते क्या कर दिया तूने अब चोद चोद मादरचोद "
मैं ये सच में बोल रही थी ,बाथरूम के अंदर अच्छा था की विकास जी गहरी नींद में थे वरना मेरे मुह से ये सब सुनकर ना जाने उनके ऊपर क्या बीतती ,
"चोद मादरचोद चोद ."
"हा मेडम मेरी बाहुरानी तेरी चूत फडूंगा आह ."
मेरे कान अपने आप ही प्यारे की आवाज को दोहराने लगे ,
"हा मादरचोद बुड्ढे साले कुत्ते चोद चोद "मानो मैं रोने लगी मेरी उंगली बहुत ही तेज हो गई थी मैं झरने वाली थी .
"आहहहहहहहह ओ ह आआआआ ओ ह "
मैं इतने जोरो से झड़ गई,और जैसे मैं मुर्दा सी हो कर वही पड़ी रही ,कुछ देर बाद जब मुझे होश आया की मैंने क्या किया है तब मेरे होठो में बस एक मुस्कान थी ,वहां मुझे कोई भी देखने वाला नही था लेकिन मेरी आंखों में शर्म आ गई थी....

"तुम लोग समझ के क्या रखे हो मुझे मैं क्या कोई रंडी हु "
रेणु की बात से मेरा दिमाग फटा जा रहा था,ना जाने प्यारे ने उसे क्या पाठ पढ़ा के रखा था की सुबह से ही वो प्यारे के बारे में बोले जा रही थी,वो मुझे ये समझने की कोसीसे कर रही थी की प्यारे कितना अच्छा मर्द है और मैंने जो उसे थप्पड़ मारा वो गलत था,
"नही दीदी मैं ये कब बोली "
"तो और क्या बोलना चाहती है कि तेरी तरह मैं भी उसके साथ वो सब करू,तेरा पति नामर्द है तो मेरी क्या गलती है,"
मेरा दिमाग खराब होने लगा था
"अरे दीदी आप तो बुरा मान गई ,वो ...,वो मैं ...,वो मैं ये बोलना चाहती थी की वो इतना बुरा भी नही है जितना आप समझती है ,वो अच्छा इंसान है ,,वो भी अपने किये पर शर्मिंदा है लेकिन वो चाहता है की आप विकास जी से उसकी शिकायत मत करे ,वो बेचारा आखिर जाएगा कहा और वो मेरे साथ मेरी मर्जी से करता है तो ..."
मेरा गुस्सा खत्म हो चुका था मैं हल्के से मुस्कुराते हुए उसे देख रही थी,
"तो क्या "
"तो आप हमारे रिस्ते को सहमति दे दीजिये,घर के काम में कोई भी बाधा इससे नही आएगी ,मैं प्रोमिश करती हु ,लेकिन मेमसाब आप तो समझती है ना ,जब टांगो के बीच खुजली होती है तो कुछ भी नही सूझता,अगर वो बुड्डा ही उसे मिटा दे तो क्या परेशानी है,"
इसबार हम दोनो ही हँस पड़े
"ठीक है ठीक है तू अपनी खुजली मिटा लेकिन अगर विकास जी को पता चला ना तो पता नही क्या कर जाए .इसलिए सम्हाल के "
"अरे मेडम आप हो ना साहब को सम्हालने के लिए"
वो मचलती हुई बोली
"अच्छा ...खुद गलत काम करो साथ ही मुझे भी घसीटो "
"दीदी आप कितनी अच्छी हो ,सच में अगर मेरे से आपके लिए कुछ हो सके तो बताना मैं सब कुछ करूँगी आपके लिए "
 
51

मैं उसे हल्के हल्के मुस्कुराकर देखने लगी
"क्या करेगी ??/"
"प्यारे से आपके लिए बात करू "
वो जोरो से हँसने लगी
"तू फिर से शुरू हो गई ना ,मेरे पति के सामने वो क्या है .??"
"सच में दीदी ऐसे आप हो बड़ी किश्मत वाली जो ऐसे पति मिले है सच में साहब बहुत ही बढ़िया है काश मेरे पति भी ऐसे होते,मुझे इतना प्यार करते ??"
रेणु ये सच में कह रही थी या मुझे मस्का लगा रही थी ये तो नही कहा जा सकता लेकिन सच में विकास जी थे तो कमाल के जब भी प्यार करते दिलो जान लगा देते थे,इतनी खुसी तो मुझे कोई भी नही दे पाया ,अगर उनकी जगह कोई और होता तो मैं शायद कब की बहक गई होती ,आग तो मेरे अंदर भी थी वो भी बाकियों से कुछ ज्यादा ,लेकिन फिर भी मैं उनके प्यार के सहारे ही अपने को सम्हाल पाती थी ,
"तो मेडम मैं जाऊ"
"कहा ???"
"प्यारे के पास वो नाराज बैठा है आज "
मुझे हँसी आ गई .
"हा ठीक है जा मना अपने प्यारे को "
रेणु के जाने के बाद ही मैं आदत के मुताबित उसके कमरे के बाहर जाकर खड़ी हो गई,वही उसका रोल प्ले और वही मेरा मचल जाना ,पता नही क्यो लेकिन मुझे भी इसमें बहुत ही मजा आने लगा था,प्यारे कुछ कुछ फिर से सामान्य हो गया मैं भी उससे खुल के बात किया करती लेकिन कभी उसे इतना आगे बढ़ने नही देती की मेरे शरीर से खेले ,
तभी मेरी जिंदगी में एक तूफान आया .....
उस दिन विकास जी काम में गए हुए थे,मैं तैयार होकर अपने कमरे से बाहर निकली,मेरे बाल अब भी गीले थे ,मैं हमेशा ही नई दुल्हन की तरह सज कर रहती थी ,अभी शादी को भी ज्यादा वक्त नही बिता था ,मुझे घर में भी साड़ी पहनना और चूड़ियां सिंदूर लगाकर रखना अच्छा लगता,मैं श्रृंगार कर अपने कमरे से बाहर निकली ,लगा जैसे की कोई आया हुआ है ,मैं बाहर आयी तो देखकर दंग रह गई ये तो मिश्रा जी थे,ये यहां क्या कर रहे है और इन्हें मेरे घर का पता कहा से चला ,मुझे देखकर वो खड़े हो गए,प्यारे उन्हें चाय पिला रहा था,
मिश्रा जी मुझे देखते ही खड़े हो गए ,
"आप यहां ??????"
मेरी नजर प्यारे पर पड़ी वो मेरे चहरे के भावों को नापने की कोसीसे कर रहा था लेकिन मैने तुरंत खुद को सम्हाला
"अरे आप बैठिये ना बहुत दिनों बाद याद आयी आपको मेरी ,"मैं झूठी मुस्कुराहट अपने चहरे में लाते हुए कहा
"हा बस इधर से गुजर रहा था तो सोचा मिलता चलू ,विकास कहा है "
"बहुत अच्छा किया ,विकास जी तो आफिस गए हुए है ,काका आप जाइये जरूरत होगी तो आपको बुला लुंगी "मैं प्यारे की तरफ घूमी वो भी चुपचाप ही वहां से चला गया..
"क्या लेने आये है आप यहां "मैंने मिश्रा को गुस्से से देखा
"काजल तुम अब भी मुझसे नाराज हो ,मैं तुम्हे आज भी उतना ही प्यार करता हु "
"देखिए मिश्रा जी मेरा दिमाग खराब मत कीजिए ,निकल जाइये मेरे घर से मैं अपनी जिंदगी में बहुत खुस हु और आपको यहां का पता किसने दिए मेरे भइया ने ???"
मिश्रा जी ने एक गहरी सांस ली
"काजल तुम मुझसे अलग हो गई थी लेकिन मैं तुमसे कभी भी अलग नही हुआ ,विकास से तुम्हारी शादी करवाने वाला भी मैं हु और तुम्हे यंहा लाने वाला भी मैं हु ,मैं अब रिटायर हो चुका हु और यही रहता हु ,जो हुआ उसे मैं बदल तो नही सकता काजल लेकिन .तुम चाहो मुझे जो सजा दो लेकिन कम से कम मुझसे बात तो करो सालो से तुमने मुझसे बात ही नही की है "
मिश्रा जी रोने लगे थे ,उनके रोने में एक पीड़ा थी ,वो बुजुर्ग आदमी मेरे बाप की उम्र का था और मेरे सामने इस तरह रो रहा था,कभी वो मेरे लिए भगवान हुआ करता था,मैं उससे प्यार किया करती थी ,वो ही तो मेरा पहला प्यार था,जिसकी हो जाने के कभी सपने देखे थे ,जिसकी बांहो में पूरी जिंदगी गुजरना चाहती थी,आज ओ ही मेरे सामने बैठा ऐसे रो रहा था,भले ही उसने मेरे साथ कुछ भी किया हो लेकिन मेरे दिल में उसके लिए प्यार खत्म तो नही हो गया,दिल के किसी कोने में वो आज भी जिंदा था,मैं सोफे में उसके बाजू में जाकर बैठ गई,मुझे सचमे बहुत बुरा लग रहा था,उसने जो किया उसकी सजा तो मैंने उसे दे दी थी,सालो से मैंने उनसे बात भी नही किया था,अब शायद समय आ चुका था की मैं अपने जख्मो को भुला कर उनसे बात करू ,मैंने अपना हाथ उनके बालो में रखकर सहलाया ,वो मुझसे लिपट गए ...
"काजल मुझे माफ कर दो मैं सच में बड़ा ही स्वार्थी हो गया था,लेकिन ये सच है की मैंने तुमसे दिलो जान से प्यार किया है ,लेकिन मैं भी अपने फर्ज और राजनीतिक दबाव में मजबूर था,मेरे फर्ज ने मुझे बांध रखा था,मेरा कैरियर भी बड़े खतरे में था काजल ,अगर मैं रोबर्टो का नाम उछाल देता तो वंहा मार्किट में बड़ा प्रभाव पड़ता और साथ ही कई नेता जिनके शेयर रोबर्टो से जुड़े हुए कंपनी में थे उसके भाव गिर जाते,मेरे ऊपर उस समय बड़ा प्रेशर था की मै इस खेल को खत्म भी करू और रोबर्टो का नाम भी उछलने ना पाए..मेरी समझ में कुछ भी नही आया था काजल .."
वो मुझसे लिपटे हुए थी थे मैं भी उन्हें अपने से अलग नही कर रही थी ,बीती बातो को याद करके मेरे आंखों में भी आंसू आ गए थे,मेरे साथ हो हुआ वो तो हो गया लेकिन नेहा ????क्या वो वापस आ पाएगी ,मेरे दिमाग में उसकी एक तस्वीर घूम गई ,
"मैं जानता हु काजल की तुम क्या सोच रही हो ...नेहा का दुख तो मुझे भी होता है ,वही तो है जिसने हमे मिलाया था,जिसने तुम्हारे मन में मेरे लिए प्यार के बीज बोए थे ,सच मानो काजल मैं भी उसे बहुत चाहता था,उसके साथ जो भी हुआ वो मैं कभी नही भूल पाऊंगा ,"
मिश्रा जी का चहरा मेरे सीने में दबा हुआ था ,उनके आंसू मेरे अब भी बह रहे थे ,मैं अभी अभी नहा कर निकली थी ,मेरे शरीर में गीलापन अब भी था शायद वो मिश्रा जी के चहरे पर भी लग रहा होगा,उनके आंसू मेरे उजोरो के बीच से होते हुए नीचे को बह रहे थे ,इस समय हमारे मन में कोई भी वासना तो नही थी लेकिन सालो बाद हमारे शरीर एक दूजे के संपर्क में आये थे,
मेरे मन में एक रुदन गूंज गया था ,बीती बातो को मैं जितना भुलाने की कोसीसे करती वो उतना ही सर उठाकर मेरे सामने आ जाता था,मैं तो अपने दुनिया में खुस थी लेकिन ये मिश्रा जी ने आकर मुझे फिर से उसी यादो के देश में धकेल दिया था,मैं सोचती रही और मेरा सर भारी होने लगा,चिंता दुख ये ही तो मेरे दुश्मन थे ,मैं फिर से बेचैन होने लगी ,और इसका एक ही इलाज मुझे पता था वो था नशा या सेक्स लेकिन किसीसे ,मिश्रा जी से????
नही इनसे तो मैं मरकर भी सेक्स नही करना चाहती थी ,लेकिन मेरे आँसू भी अभी बंद नही हुए थे मैं फ्रस्ट्रेशन में आ गई थी मैं मिश्रा को दिखाना चाहती थी की उसके कारण मैं क्या से क्या बन गई हु ,उसने मुझसे जो चीज छीनी थी वो था मेरा इनोसेंटनेस मेरी मासूमियत ,सभी चीजे मेरे दिमाग में ही चल रही थी मेरे जिस्म में कोई भी हरकत अभी तक नही हुई थी मैं ऊपर निगाह करके देखा मुझे प्यारे दिखाई दिया वो खिड़की में खड़े होकर हमारी बात सुन रहा था, साला हरामी मेरे मन एक उसके लिए एक गाली निकली ,मैं अभी और भी गुस्से में आ गई
"ये इधर आ "
मैं जोरो से चिल्लाई ,प्यारे कांपता हुआ मेरे पास आया उसने मेरे गुस्से का नमूना तो देखा ही था ,मैं अब मिश्रा जी के सीने से निकालकर अलग हो चुकी थी ,प्यारे मेरे सामने आकर खड़ा हो गया ,
"मादरचोद क्या देख रहा था तू खिड़की से ,की मैं इससे चुदवा रही हु की नही "
गुस्से में मेरे मुह से ऐसी गालिया निकली जिसके बारे में अभी तक मिश्रा जी और प्यारे दोनो ने ही कल्पना नही की होगी ,मैं गुस्से में कांप रही थी ,सालो का गुस्सा था ,जो मैं कभी मिश्रा के ऊपर निकलना चाहती थी वो सभी जमा हो कर मेरे अवचेतन में भरा हुआ था आज मौका देखकर अचानक ही निकल रहा था मेरे स्वभाव में ये गुस्सा ही शायद उसी अवचेतन की दमित भावनाओ का नतीजा था,मेरी आंखे लाल होने लगी थी ,रोंगटे खड़े हो रहे थे,शरीर और मन दोनो में एक अनजानी सी जलन फैल रही थी ,
मेरे कदम आप ही आप प्यारे के पास चले गए और एक जोर का थप्पड़ मैंने उसके गालो में लगा दिया ,वो आंखे फाडे मुझे देखने लगा ,
"घूर क्या रहा है मादरचोद आंखे निकाल लुंगी "प्यारे जैसा ताकती मर्द भी मेरी बात से कांप गया ,मिश्रा जी भी कांप रहे थे ,एक नाजुक सी लड़की का ख़ौफ़ दो मर्दो के चहरो पर साफ झलक रहा था ,तभी रेणु की इंट्री हुई उसने भी मुझे प्यारे को मारते और गली देते सुन लिया था वो स्तब्ध सी दरवाजे में आकर ही रुक गई ,मेरे नजर उसपर पड़ी ,
"लो आ गई तेरी रांड "मैंने रेणु को देखते हुए ,रेणु वहां से उल्टे पाव भागने को हुई लेकिन मैंने फिर से चिल्लाया ,
"रुक साली आयी है तो चुद के ही जाएगी तू यहां से इधर आ "वो नजर झुकाए हुए हमारे पास आयी,वो एक सस्ती सी साड़ी में थी लेकिन गजब की सेक्सी लग रही थी ,उसके जिस्म का भराव मर्दो को हिलाने पर मजबूर कर देने वाला था ,
"अबे कुत्ते चल सुरु हो जा अपनी रांड के साथ "

52

प्यारे ने फिर से मुझे प्रश्न भरी नजरो से देखा जैसे पूछ रहा हो की क्या करना है ,दशहत उसकी आंखों में साफ झलक रही थी और अब मुझे इसमें मजा आने लगा था ,लेकिन मेरा गुस्सा अभी भी बाकी था वो गुस्सा प्यारे या रेणु के लिए नही था वो तो मिश्रा के लिए था,उसका नाम याद आते ही मैं मुड़कर उसकी ओर देखी ,वो भी घबराए हुए सोफे में बैठे थे ,अपनी भोली भाली सी काजल को ऐसी हरकत करते देखते ,उस दिन उन्होंने मेरा एक रूप देखा था जब रोबर्टो ने मेरी जवानी ली थी ,लेकिन उस दिन की बात और थी आज बात और है ,उन्हें देखते ही मेरे दिमाग में जैसे शैतान सवार हो गया ,और होठो में एक शैतानी मुस्कान आयी ,
मैं जाकर उनकी गोदी में बैठ गई ..
"मेरा सोना बाबू ,इतने दिनों से मुझसे अलग था,....अब मैं आपको वो मजा दूंगी जो आप हमेशा से चाहते थे,"मैं मिश्रा जी के गालो में उंगली घुमाई ,मेरे बदले व्यवहार से वो और भी ख़ौफ़ में आ गए ,मैं प्यारे की तरह देखने लगी ,
"तू मुझे चोदने के सपने देखता है ना ,आज तेरा वो सपना पूरा होगा ,आजा तुझे जन्नत की सैर कराती हु "
मैं उंगलियों के इशारे से प्यारे को अपने पास बुलाया ,मिश्रा के शरीर में डर की एक ठंडी दौड़ गई वही प्यारे अब भी मुझे आश्चर्य से देख रहा था ,
"मादरचोद समझ नही आता तुझे इधर आ "मैं जोरो से चिल्लाई मैं अभी भी मिश्रा जी की गोद में बैठी थी ,
"नही काजल ,तुम ये क्या कर रही हो "उनकी काँपती हुई आवाज मेरे कानो में आयी
"आपको खुस करने की कोसीस कर रही हु बाबू ."
मैं प्यार से उनसे कहा और उनके होठो में अपने होठो को घुसा दिया ,मिश्रा जी के आंखों में आंसू आ गए ये क्यो आये थे मुझे नही पता लेकिन इससे मेरे दिल को बहुत ही सुकून मिल रहा था,उनकी जीभ अब भी हरकत में नही आयी थी लेकिन मैं उनके होठो को चूसे जा रही थी ,अब प्यारे भी हमारे पास आ कर खड़ा हो गया था ,मैंने से नीचे बैठने का इशारा किया वो घुटनो के बल मेरे पैर के पास बैठ गया था ,उसका चहरा जमीन को देख रहा था,शायद वो मेरे पल पल बदलते हुए मूड से घबरा गया था ,पता नही की मैं अगले पल क्या कर जाऊ,मैं मिश्रा जी के होठो से अपने को हटाया और प्यारे के बालो को पकड़ा ,उसे अपने एड़ियों के पास ले गई ,
"चाट इसे "
मैं उसके चहरे पर अपने पैर की उंगलियों को रगड़ने लगी ,मैं रेणु को भी अपने पास बुलाया और प्यारे के लिंग की तरफ इशारा कर के कहा ,
"इसे चाटना तेरा काम है .."रेणु बेचारी मेरे बात को समझ तो नही पाई लेकिन वो भी अपने घुटनो के बल बैठ गयी प्यारे अब भी मेरे एड़ी और उंगली के पास अपना मुह टिकाए बस देख रहा था ,घबराहट में उसके दिल की धड़कने इतनी बढ़ गई थी की उसकी आवाज मुझतक पहुच रही थी ,मैंने रेणु को उसके लिंग को निकाल कर चूसने का इशारा किया वो बेचारी किसी रोबोट की तरह मेरे इशारे पर नाचने लगी थी ,वो झुककर प्यारे के लिंग को उसके पैजामे से निकलने का प्रयास कर रही थी ,मैंने प्यारे के कपड़े निकाल देने का आदेश दिया कुछ ही पल में वो मेरे सामने नंगा बैठा था ,रेणु झुककर बडी मुश्किल ने उसके मुरझाए हुए लिंग तक पहुच पा रही थी ,मैंने अपना पैर उठा लिया ताकि वो सीधा बैठ पाए और रेणु को उसके लिंग को अपने मुह में डालने में कोई परेशानी ना हो,अब प्यारे सीधा बैठा था,वो अब भी अपने घुटनो पर था और मैं
उसके मुह में अपने पैरो की उंगलियों को रगड़ने लगी ,जैसे ही प्यारे के लिंग में रेणु का नरम होठ स्पर्श हुआ ,उसके मुह से एक आह निकली और उसने मेरे उंगली को अपने होठो के अंदर ले लिया ,मिश्रा जी अब भी बुत बनकर खड़े थे,प्यारे मेरी उंगली को धीरे धीरे चूसने लगा था,और उसका लिंग भी रेणु के मुह में खड़ा होने लगा था,रेणु की लार उसे भिगो रही थी,प्यारे उत्तेजित होने लगा और उसका सर जोर जोर से मेरे उंगलियों पर चलने लगा ,मैं उसके सर को वहॉ से हटा कर अपने पैरो पर ले आयी ,वो धीरे धीरे आगे बढ़ रहा था,मेरे दोनो पैरो को चूमते हुए वो एड़ियों तक पहुचा मैंने अपनी साड़ी घुटनो तक उठा ली,इससे प्यारे का जोश और भी बढ़ गया था,मैं मिश्रा जी के ऊपर खुद को पूरी तरह से छोड़ दिया और उनके हाथ को पकड़कर अपने उरोजों में टिका दिया ,इसका कोमल अहसास शायद मिश्रा जी को पसन्द आया उनके हाथो ने भी अपना काम करना शुरू कर दिया ,मैंने अपना पल्लू नीचे गिरा दिया,अब मेरे स्तनों को मिश्रा जी साफ तौर से देख रहे थे,जिसका नतीजा उनके पेंट में मुझे अहसास होने लगा ,उनके हाथ अब भी आराम से मेरे उजोरो को सहला रहे थे,प्यारे ने मेरे एड़ी तज का सफर पूरा किया और मैंने रेणु को रुकने को कहा दोनो ने पहली बार मुझे ऊपर उठाकर देखा,मेरी नजर थोड़ी बंद हो चुकी थी ,मेरे जिस्म में आग बढ़ गई थी और मैं अब ठंडा होना चाहती थी,मेरी नजारे नशीली हो चुकी थी ,मिश्रा जी का हाथ मेरे उजोरो को अंदर से छूने को बेताब हो रहा था वो मेरे ब्लाउज के अंदर हाथ घुसने का प्रयास कर रहे थे,मैंने उनका साथ देते हुए अपने ब्लाउज़ के ऊपर के दो बटन खोल दिए और प्यारे के सर को पकड़कर अपनी साड़ी के अंदर धकेला,मैंने अपनी टांगे जरा फैला दी ताकि प्यारे आराम से अंदर जा सके वो मेरी साड़ी उठाने को हुआ मैंने उसका हाथ वही रोक दिया ,
"जितना कहा जाय उतना कर "
मैंने अपनी सांसो को काबू में करते हुए कहा ,वो अपने हाथो को तुरंत ही पीछे ले लिया ,मैंने उसके सर को अपनी साड़ी में घुसा दिया वो मेरी जांघो को चाटने लगा ,
"आह आआआआआ हहहहहहह " मेरी सांसे तो तेज हो ही चुकी थी अब आहे भी निकलने लगी थी ,मैं बार बार आहे ले रही थी ,वही मिश्रा जी को जैसे जन्नत मिल गई हो वो मेरे ब्लाउज़ के अंदर अपने हाथ ले जाकर मेरे उरोजों को मसल रहे थे मैं थोड़ा हटकर अपने हाथ पीछे कर के अपने ब्रा को भी खोल दिया लेकिन अभी मैंने ब्लाउज़ को और ना ही ब्रा को अपने शरीर से अलग किआ था,मिश्रा जी का हाथ उनके अंदर से ही मेरे नंगे स्तनों को मसलने लगा था,मेरे जोश की इंतहा हो रही थी ,प्यारे अब मेरे जांघो के बीच तक पहुच गया था,वो मेरे योनि को पेंटी के ऊपर से चाट रहा था,मैं जोरो जोरो से आहे भर रही थी ,उसके लार और मेरे कामरस से मेरी पेंटी पूरी तरह से भीग चुकी थी ,मैं अपने पैरो को फैला कर और प्यारे के सर को और भी जोरो से अपने जांघो के बीच दबाने लगी थी वो भी किसी कुत्ते के तरह इसे चाटा जा रहा था,वो अपने हाथ उठकर मेरी पेंटी को साइड करने की कोसीसे कर रहा था लेकिन मैं उसे बार बार रोक देती थी ,उसने इसके लिए अपने दांतो का प्रयोग किया ,मैंने उसे मना नही किया लेकिन वो ज्यादा सफल नही हो पाया था,वो अपने दांतो से मेरे पेंटी के एक साइड को पकड़कर उसे हटाने लगा ,अपने दांतो और नाक की मदद से वो थोड़ा कामियाब हुआ और उसने अपनी जीभ मेरी योनि में ऊपरी दीवारों में सीधे रगड़ दी ,मेरे लिए ये अंतिम क्षण था मैं जोरो से झड़ी, मैं प्यारे के सर को जोरो से दबाया,शायद वो सांस भी नही ले पा रहा था वो छटपटाया लेकिन मुझे इसकी कोई परवाह नही थी ,,...थोड़ी देर में ही मैं मर्दो जैसी मिश्रा जी की छाती में गिर गई,मिश्रा जी अब भी मेरे स्तनों को दबा रहे थे और आहे ले रहे थे ,वही प्यारे अब भी मेरे योनि का रस पी रहा था,और रेणु ये सब बस खड़े होकर देख रही थी,थोड़ी ही देर में मेरी आंखे खुली और मुझे अपने होने का अहसास हुआ,सच में मैं शांत हो गई थी ,बड़ी गहरी शांति थी ,मेरी आग शांत हो चुकी थी,मैं आंखे खोली और प्यारे का सर हटाने लगी लेकिन उसपर तो अभी पागलपन सवार था वो मेरी योनि को नही छोड़ा ,मैंने अपने को थोड़ा अरजेस्ट किया और एक जोर का लात उसकी छाती में लगाया ,मैं कराटे में चैंपियन थी और ताकत से भरपूर थी,भले ही मेरा शरीर कोमल लगे लेकिन उसमे ताकत बहुत थी और साथ ही था टेक्निक ,इससे प्यारे थोड़ा दूर जा गिरा और रोनी सी सूरत बनाकर मुझे देखने लगा ,उसे देखकर मिश्रा जी भी जल्दी से अपना हाथ निकाल कर बैठ गए,इससे मेरे चहरे पर एक मुस्कान आ गई ,मैं वहां के उठाकर अपने कमरे में आयी मेरी नजर विकास जी और और मेरे फ़ोटो पर पड़ी मेरा पूरा श्रृंगार बिखर गया था ,मैंने खुदको थोड़ा संवारा और जाकर विकास जी के फ़ोटो को किस किया,
"मुझे माफ कर देना जान लेकिन मैं खुद को अब इससे नही रोक पाऊंगी ,मैं मजबूर हु अपनी आग के हाथो,ना जाने कब ये भड़क जाय और मैं अपने जिस्म के हाथो में मजबूर हो जाऊ,लेकिन वादा है मेरा आपको प्यार करने में मैं कभी भी कमी नही करूँगी..मैंने फिर से उसे चूमा और अपने बाथरूम में चली गई,मैं जब निकली पता नही मिश्रा जी प्यारे और रेणु वंहा थे या नही मैं इतनी थक चुकी थी की मैं सीधे बिस्तर में पड़ी और मेरी नींद ही लग गई...

53

वर्तमान में
मेरे हाथो में अब भी शराब का ग्लास था,मैंने एक नजर विशाल जी पर डाली समय देखा अभी 3 बज चुके थे,
मेरी योनि से फिर से रिसाव शुरू हो चुका था,प्यारे मिश्रा और रेणु ..मैं उस कांच की दीवार को देखते हुए फिर से उन अतीत की यादो में खो गई अब एक नाम मेरे जेहन में आया रॉकी.
रॉकी से मिलने से पहले की कुछ और बातें थी जैसे अब मैं और रेणु और प्यारे खुल चुके थे,ये हमारे रोज का काम था,कभी कभी मैं रातो को प्यारे के पास जाती थी ,लेकिन मैं उससे कभी भी शारीरिक संबंध स्थापित नही किया,वो मेरी चाटने में ही खुस था,उस दिन के बाद से मिश्रा जी फिर से कभी मेरे घर नही आये,लेकिन उनका खयाल अब भी मेरे दिमाग में था,प्यारे अक्सर मेरा नाम लेकर रेणु के साथ सेक्स करता था,मैं भी वँहा मौजूद होती थी बस यही मेरे लिए मजा था(ऐसे ही एक रात की आवाज विकास ने सुनी थी ,प्यारे काजल का नाम लेकर रेणु से सेक्स कर रहा था और काजल भी अपनी आवाज से उसे और भी उत्तेजित कर रही थी लेकिन विकास को लगा की प्यारे कजल के साथ सेक्स कर रहा है ),मेरा अतीत जो भी था लेकिन अब मैं विकास जी को धोखा नही देना चाहती थी ,लेकिन मेरी जिंदगी में फिर से मोड़ उस समय आया जब मेरे जीवन में रॉकी आया ,मैं कुछ दिनों के लिए अपने मायके गयी हुई थी,मैंने भइया को बताया की मैं घर में बोर हो जाती हु ,उन्होंने कहा की तेरे ही इलाके में कुछ दूरी पर एक पुराना होटल बिक रहा है उसे देख लो ,पसंद आये तो उसमे काम करा कर उसे फिर से शुरू कर लेंगे ,मुझे आईडिया जम गया लेकिन मैं विकास जी से बात करना चाहती थी ,भइया वँहा के ही किसी बंदे को मेरे साथ काम में रखना चाहते थे ,तभी उन्हें मिश्रा जी का ध्यान आया और उन्होंने उसे रॉकी की बारे में बताया,रॉकी मेरे भैया का भी परिचित था तो भइया ने हा कह दिया,मैं मायके में थी और उसी समय ना जाने क्यो विकास जी का विहेवियर मेरे लिए बदल रहा था,मुझे कुछ समझ नही आया लेकिन वो ना मुझे काल करते ना ही मेसेज ,मैं इस बात से थोड़ी दुखी तो थी लेकिन फिर भी घर के माहौल में मेरा वो दुख भूल गया ,लेकिन एक दिन भइया को पता चला की विकास जी अपने किसी दोस्त के साथ बार में बैठे शराब पी रहे थे तो मैं चौकी क्योकि अभी तक मुझे उनके शराब पीने का पता नही था,साथ ही उन्होंने ये भी बताया की वो थोड़े चिंतित लग रहे थे ,मेरे दिमाग में पहली बात यही आयी की कही विकास जी को मेरे और प्यारे के बारे में पता तो नही चल गया है,पूरा परिवार उन्हें फोन लगा था लेकिन उन्होंने किसी का काल नही उठाया और मैं बेचैन हो गई हम रात में ही घर के लिये निकल गए,लेकिन वँहा उनका कोई भी पता नही था,जब वो आय तो उन्हें देखकर या उनके व्यवहार को देखकर ये तो नही लगा की वो मुझसे गुस्सा है ,बल्कि हमारा प्यार और भी बढ़ गया था,
दिन बीते और मैंने प्यारे से हर रिस्ते तोड़ लिया यहां तक की मैंने रेणु को भी बार बार घर आने से मना कर दिया ,प्यारे इस बात को लेकर छटपटाया लेकिन वो मेरा गुस्सा जानता था , मैं रॉकी से होटल के सिलसिले में मिली और पहली ही बार एक दूसरे को देखते हुए हम अवाक रह गए ,
रॉकी मेरे उन सब लड़को में से एक था जिसके साथ मेरे शाररिक संबंध थे,,ऐसे तो एक दूसरे को देखे और मिले काफी वक्त हो चुका था ,और हम दारू के नशे में 2-3 बार ही मिले थे लेकिन हमे एक दूसरे को पहचानने में बिल्कुल भी देर नही लगी ,लेकिन वो भी समझदार निकला उसने कोई भी एक्सप्रेसन अपने चहरे में नही लाया,यंहा तक की पुरानी बातो को वो तब भी बीच में नही लाया जब हम अकेले होते,लेकिन कब तक ,उसे देखकर मेरे अंदर भी कोई आग उठ जाती थी ,और वो भी थोड़ा नर्वस हो जाता था,लेकिन हम आगे नही बढ़ रहे थे,लेकिन धीरे धीरे रॉकी थोड़ा आगे बढ़ने की कोसीसे करने लगा ,मुझे भी ये अच्छा लगता था और मैं भी उसका साथ देने लगी थी ,उसके लिए इतना खाफी था ,आग जब लग जाती है तो कोई भी प्यार ,समाज ,धर्म की समझ दिमाग में नही आती वही मेरे साथ हो रहा था,रॉकी एक जवान और बहुत ही खूबसूरत लड़का था,गठीले बदन का मालिक ,वो मुझे बहुत आकर्षित करता था,वो मुझे जिम में एक्सरसाइज करने को इनवाइट किया ,वो मेरा पहला दिन था ,उसने मेरे लिए एक स्पोर्ट टीशर्ट खरीदा था ,साथ ही एक स्पोर्ट टाउसर ,वो इतने कसे हुए थे की मेरे एक एक अंग उससे झांकने को बेताब होते,
"ये क्या लेकर दे दिया है तुमने "
मैंने रॉकी को झूठे गुस्से से कहा
"एक बात तो सच है काजल तुम इसमें बहुत सेक्सी लग रही हो ,शरीर तो तुम्हारा पहले से ही कमाल का है बस थोड़ा और कस जाय तो मजा आ जाए ,"
"अच्छा तुम्हे क्या मजा आने वाला है इसमें "
वो मुझे ऊपर से नीचे तक ऐसी हवस भरी नजरो से देखा की मुझे भी शर्म आ गई
"क्या हम वो नही कर सकते जो कभी हमारे बीच हुआ था"
मेरी नजर उसके नजर से मिली ,वो सीरियस था,हवस की आग उसके चहरे पर साफ झलक रही थी ,वो लाल हुआ जा रहा था,मैंने अपना सर ना में हिलाया
"क्यो "
मैंने बिना कुछ बोले ही उसे अपना मंगलसूत्र दिखाया ,
"सच में काजल किसी को पता नही चलेगा "मेरी हँसी छूट गई
"अच्छा तो तुम मुझे मेरे पति से धोखा करने कह रहे हो "
मैंने मुस्कुराते हुए उससे कहा .
"नही काजल जब तक चोर पकड़ा नही जाता तब तक वो चोर नही होता,और हमारे बारे में किसी को कभी पता नही चलेगा "वो मेरे पास आने लगा लेकिन मैंने उसे रोक दिया
"मेरी आत्मा को तो ये बात पता रहेगी ना रॉकी ,उससे कैसे छुप जाएगा "
रोकी के चहरे में एक अजीब सी मुस्कान खिल गई
"तुम्हे क्या लगता है की मुझे पता नही की तुम क्या चाहती हो ,तुमने अपने नीचे शायद गौर नही किया ,तुम्हारी चुद इतनी गीली हो गई है की तुम्हारे टाउसर को भी भीगा दी रही है ,"वो तो हँसने लगा लेकिन मुझे अपने पर बहुत गुस्सा आया ,वो टाउसर था ही इतना कसा हुआ की मेरी पेंटी से पूरी तरह से चिपक गया था,मुझे तोड़ी शर्म आने लगी ,

54

"अब ये सब बात छोड़ो,और मुझे सिखाओ जो मुझे सीखने ये सब पहनाया है "मैंने उसे शरारती निगाहों से देखते हुए उससे कहा ,वो भी थोड़ा नार्मल होकर मुझे सीखने लगा ,ऐसे मैं बचपन से ही एक्सरसाइज कर रही थी ,लेकिन उससे सीखना और जानबूझ कर अनजान बनना बहुत कामुक था ,मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा था और मेरी योनि इतना पानी छोड़ रही थी की लगने लगा की काल से सेनेटरी पेड पहनकर आना पड़ेगा ...ये ख्याल आते ही मेरे होठो में मुस्कान आ जाती थी ,उसके गठीले कटाव को अपने मुलायम हाथो से सहलाना ,मुझे पूरी तरह से उत्तेजित कर देता था,जब उसके कड़े हाथ मेरे कमर या नितम्भो पर पड़ते तो मैं सिहिर उठती थी,लेकिन इस अहसास का हम दोनो ही मजा ले रहे थे ,इससे आगे की मैं नही सोच रही थी ,मुझे ये नही पता था की रॉकी क्या सोच रहा था ,लेकिन वो बस हाथो को रखता,कभी सहलाता लेकिन मसलने की कोसिस नही करता था,यही चीज मुझे और भी उत्तेजित कर देती थी ,पहला दिन खत्म होते होते मैं पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी लेकिन एक दोस्त की तरह ही हमने एक दूसरे की भावनाओ की कद्र करते हुए आगे नही गए,मुझे रॉकी की ये चीज भा गई ,मेरे दिमाग में ये बात कौध गई की अगर मुझे किसी के साथ शाररिक संबंध बनाना हो तो वो रोकी ही होगा ,लेकिन अभी नही मैं अपने ही उलझनों में पड़ी थी ,मुझे नही पता था की मैं सही कर रही हु या गलत,हा दुनिया की नजरो में ये गलत ही था लेकिन फिर भी एक जिस्म जो की आग से भर रहा है वो नियमो को नही मानता,शायद एक दिन मैं टूट ही जाने वाली थी,आखिर विकास जी का प्यार मुझे कब तक बचाता,मेरा अतीत भी मेरे पीछे थाजो बार बार मुझे हवस की आंधियो में डूबा देता था,वो ड्रग्स का नशा भी मेरे खून में मिला हुआ था जो हर बार सेक्स करने पर फिर से एक्टिव हो जाता था,मेरी योनि की खुजली को मिटाना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो रहा था और मेरे लिए एक रॉकी वो एक रास्ता था जंहा मैं बिना किसी बदनामी और किसी डर के अपने जिस्म को शांत कर सकती थी ,रॉकी था भी अट्रैक्टिव दिखने में बात करने में ,,वो एक गबरू जवान था जो मेरे जैसी औरत को शांत करने में माहिर था,मेरे लिए रॉकी एक बढ़िया साधन था लेकिन मैं इंतजार में थी ,उस बंधन के टूटने के जो शादी के बाद मैंने अपने लिए बनाय थे .....

उस रोज की बात है जब मैं अपना काम खत्म कर जिम में एक्सरसाइज करने पहुची ,रॉकी पहले से अपने वर्कआउट में बिजी था,हम अधिकतर शाम को घर जाने से पहले ही कुछ एक्सरसाइज किया करते थे ,तब जिम खाली होता था,अभी हमने अपने हेल्थ सेंटर को पूरी तरह से ओपन नही किया था ,मैं अपने ड्रेश चेंज कर रॉकी के पास पहुची वो मुझे देखकर मुस्कुराने लगा मैं भी जवाब में मुस्कुराई,मैं उसके पास आकर बैठ गई ,
"अरे थोड़ा स्ट्रेचिंग और वार्मअप कर लो फिर एक्सरसाइज शुरू करना "
"अरे यार आज मूड नही हो रहा है थोड़ा रिलेक्स करना चाहती हु "
"अगर ऐसे ही आलसी जैसे करोगी तब तो हो गया काम ,आराम के लिए 2 दिन तो होते है ना ,चलो जल्दी से स्ट्रेचिंग करो "
मैं भारी मन से मुह बनाकर खड़ी हुई असल में कंट्रक्शन का काम चल रहा था और मैं सच में थक जाती थी ,
"यार रॉकी छोड़ो ना "
"ऐसे कैसे ,अच्छा आज थोड़ा लाइट कर लेते है ,लेकिन अगर कंटिन्यू नही होगी तो फिर मसल्स जाम हो जाएंगे ,"
"तो अकेले कैसे करू थोड़ी मदद तो कर "
वो मुस्कुराता हुआ खड़ा हुआ ,उसे पता था की स्ट्रेचिंग में उस मेरे शरीर को छूने का पूरा मौका मिलता है और कभी कभी मैं बहुत ही गर्म हो जाती थी ,वो खड़ा होकर मेरे पास आया पहले कुछ स्ट्रेच मैंने खुद से किये फिर मैं लेट गई और रॉकी मेरे दाएं पैर को उठा कर मेरी छातियों से लगाने लगा ,मैं पहले भी स्ट्रेचिंग किया करती थी तो मेरे पैर उठकर मेरे सर के पीछे जमीन से भी लग जाता था जिसे हम हलासन कहते है ,वो मेरे पैरो को एड़ियों को स्ट्रेच करने लगा ,फिर उसका हाथ मेरे जांघो पर गया मेरे मुह से एक आह निकली और मैंने आंखे बंद कर ली ,रॉकी को समझ आ रहा था की मैं थोड़ी गर्म हो रही हु ,वो अपने मजबूत हाथो से मेरे जांघो को सहला रहा था और थाई के मसल्स को लूस करने कोसीसे कर रहा था लेकिन उसकी इस हरकत ने मेरे अंदर के कीड़े को जिंदा कर दिया,मै अपने शरीर को ढीला छोड़कर उसके हाथो के स्पर्श का अहसास करने लगी मेरी आंखे अब भी बंद थी ,आज मैं एक स्पर्ट हॉट पेंट पहने ही जो मेरे घुटनो से ऊपर बस मेरे कमर के हिस्से को ढक रहा था,रॉकी का हाथ मेरे नग्गे जांघो को छू रहा था,वो मेरे पैरो को हवा में उठाकर मुझेसर्वांग आसन करने की मुद्रा में ला दिया वो मेरे कूल्हों पर अपने हाथ रखकर मसलने लगा ,मैं थोड़ी देर वैसे ही रहकर हलासन की मुद्रा में चली गई ,अब मेरा पैर मेरे सर के पीछे था और मेरे कूल्हे रॉकी के कमर से टकरा रहे थे,ऐसे तो इसे करने में मुझे रॉकी की कोई मदद की जरूरत नही थी लेकिन इसका एक फायदा ये होता था की मैं गर्म हो जाती थी और मेरा आलस भाग जाता था ,थोड़ी देर में ही मेरा सांस भरने लगा और मैं सामान्य स्थिति में आ गई ,पता नही रॉकी के दिल में क्या आया वो मेरे पेट में अपना हाथ रखकर थोड़ा सा सहलाया ,मेरी टीशर्ट खिसक कर ऊपर चली गई थी जिससे मेरे पेट का स्थान साफ नंगा था,वो अपनी एक उंगली मेरे नाभि में घुसा कर हिला दिया मैं हँस पड़ी ..
"क्या कर रहे हो यार "
वो बिना कुछ कहे ही मेरे कमर के नीचे को सहारा देकर उठाने लगा,अब मैं किसी समकोण त्रिभुज की तरह हो गई थी मेरे कमर और पेट गले तक जमीन से ऊपर थे सर नीचे टिका था और पैर लंब बनाते हुए जमीन से टिके थे ,इसे योग में सेतुबंधासन या ब्रिज पोज भी कहते है,रॉकी मेरे कूल्हों को फिर से मसलता हुआ मेरे थोड़ा नीचे होकर मेरे नंगे पेट को चुम लिया ,मैं थोड़ा हँसी लेकिन हिल नही सकती थी ,मैं सामान्य होकर उसे झूठे गुस्से से देखा वो थोड़ा मुस्कुराया ,मैं मन में सोचने लगी की क्या मैं ज्यादा आगे जा रही हु ,लेकिन मुझे लगा की ये तो नार्मल है ,मैं फिर अपना मुह जमीन की ओर कर लेट गयी ,और अपने कोहनियों के सहारे थोड़ी उठी,मैं plank pose में थी ,इससे मेरे पेट और कमर के मसल्स में पूरा जोर पड़ रहा था,रॉकी मेरे पीछे आकर मुझे घूरने लगा ,मुझे पता था की वो मेरे किस अंग को देख रहा है ,मैं पास लगे दर्पण में अपने को देखी ,सचमे मेरे कूल्हे इतने भरे हुए और कसे हुए लग रहे थे की कोई भी मर्द इसे देखकर मचल जाय वो तो मेरा पुराना आशिक था,मैं फिर से अपने हाथो के सहारे अपने शरीर को उठाने लगी जबकि मेरा पैर अब भी जमीन पर था ,एक तीर के नोक की तरह मेरा शरीर उठ गया था, downword dog pose ,रॉकी मेरे पेट को पकड़कर मुझे सहारा देने के बहाने मेरे कमर से नीचे मेरी योनि के पास वाले हिस्से को छूने लगा था,मैं अपनी आंखे बंद कर कुछ देर उसी स्थिति में टिकी रही फिर से सामान्य होकर मैं भुजंगासन करने की स्थिति में आयी ,अब मेरे हाथ जमीन पर थे और पैर जमीन पर थे ,मेरा धड़ किसी धनुष की तरह उठा था,ये बाकियों से आसान था इसलिए रॉकी मेरे पीछे आकर मेरे ऊपर ही लेट गया मैं उसका भार भी उठा पा रही थी ,उसका हाथ मेरे स्तनों पर जाकर उसे मसलने लगा ,मेरा दिमाग थोड़ा खराब हुआ लेकिन इतने देर से हो रहे वॉर ने मुझे थोड़ा कमजोर भी तो कर दिया था,मैं लेटकर थोड़ा रिलेक्स करने लगी ,वो अभी भी मेरे पीछे था और मेरे ऊपर सोया था ,मैं पेट के बल सोई हुई थी ,मैंने उसका अकड़ा हुआ लिंग अपने कूल्हे पर गड़ाता हुआ पाया ,मेरे होठो से एक मुस्कान निकल गई लेकिन मैं कोई भी एक्ट नही करना चाह रही थी मैं उसका कोई भी जवाब नही दे रही थी ,उसकी हिम्मत और भी बढ़ गई और वो मेरे स्तनों को मसलने लगा ,वो अभी अभी बहुत आराम से उसे सहलाते हुए मसल रहा था,मेरे होठो पर मुस्कान और बढ़ गई और साथ ही मेरी योनि का पानी थोड़ा ज्यादा ही निकलने लगा था,वो फिर से मेरे कूल्हों पर अपने लिंग का वॉर करता है ,
"आह रॉकी "
मैं पलट कर उससे लिपट गई ,अब उसका कड़ा अकड़ा हुआ लिंग मेरी योनि के मुहाने पर रगड़ खा रहा था ,मैं बहुत ही पागल सी हो गई थी मैं उसे फिर से कस कर जकड़ लिया वो मेरे होठो पर अपनी जीभ घुसने की कोसीसे करने लगा लेकिन मैं उसके लिंग की दीवानी थी ना की उसके साथ मुझे इंटिमिसि चाहिए थी ,थोड़ी देर तक वो अपनी जीभ मेरे मुह में घुसने का प्रयत्न भी करने लगा आखिर मैंने अपना मुह खोल कर उसे उसमे जगह दे दी ,लिप किश के सबसे बढ़ी खासियत ये ही की वो जिस्म से ज्यादा भी कुछ चीजो को जोड़ देती है ,इसमें एक इमोशन का प्रवाह एक दूसरे के लिए हो जाता है ,मेरी पकड़ रॉकी पर जोरो से बढ़ने लगी थी वही रॉकी मुझे पागलो की तरह किस कर रहा था,आज से पहले भी मुझे इस तरह किस कर चुका था लेकिन आज वो पागलो जैसे किस कर रहा था,शायद मैंने उसे बहुत तड़फाय था,मेरी और उसकी सांसे भारी होने लगी थी तभी मेरे मोबाइल की घंटी बजी मैं उसे देखने के मूड में तो नही थी लेकिन ये विकास जी का काल था,मैंने उनके लिए अलग ही रिंगटोन सेट कर रखा था,मैंने रॉकी को धक्का देकर हटाया .
"अरे छोड़ो ना काल को "
"विकास जी का काल है "
"जाने दो ना तो आओ मेरे पास "
"छोड़ो मुझे "
मैं उसे हटा कर काल रिसीव कर लिया ,मेरी सांसे अभी भी बहुत तेज थी ,
"क्या कर रही हो जान कब आओगे "
"बस थोड़ी देर जान ,वो अभी एक्सरसाइज कर रही थी "
मैं उनसे बात कर रही थी की रॉकी पीछे से आकर मेरे कूल्हे पर जोर से चाटा लगा दिया ,मैं हल्के से मुस्कुराई लेकिन उसे झूठे गुस्से से नजर दिखाई .काल रखकर जैसे ही मुड़ी रॉकी ने मुझे फिर से पकड़ लिया ,
"ये साला तेरा पति पूरा फ्लो ही बिगड़ दिया "
"तमीज से बात कर मेरे पति है वो "
"लेकिन तू तो मेरी है "
 
55

मेरा दिमाग उसके लिए फिर से खराब हो गया मैंने एक जोर का धक्का देकर उसे अपने से अलग किया और गरजि
"खबरदार जो उनके बारे में ऐसा बोला तो ,मैं सिर्फ उनकी हु समझ गया ,अब चल वो बुला रहे है देर हो रही है मुझे "
वो थोड़ी देर के लिए मुझे देखता रहा ,वो जानता था की अगर मैंने ना कह दिया तो मुझे मनाना असंभव होगा ,वो अपनी गलती पर थोड़ा दुखी जरूर हुआ फिर मेरे पीछे पीछे कमरे से निकल गया .....
नोट = दोस्तो जितने भी आसन मैंने ऊपर कहानी में बताये है ,उसे आप सभी नेट से सर्च कीजिये और अपनी जीवन में स्थान दीजिये ,आप किसी भी लिंग के हो ये अपनी सेक्स लाइफ में चार चांद लगा देगा ,........

वर्तमान में ..
रॉकी के बारे में सोच सोच कर और गुजरे हुए पुराने यादो को महसूस कर मेरे अंदर की आग फिर से भड़क उठी थी मेरी योनि ने रस छोड़ना शुरू कर दिया था,मैं अपने आधे ग्लास को एक ही सिप में पूरी तरह से खाली कर उठी मेरी नजर विकास जी पर पड़ी,कितनी मासूमियत से सोए हुए थे ,मैं उनके पास जाकर उनके गालो में एक किस ले लिया ,मेरी नजर मेरे मोबाइल पर गई जो अभी अभी बीप की आवाज से मुझे सतर्क किया था,मेसेज रॉकी का ही था,
'आज सुबह की एक्सरसाइज जिम में मैं तैयार होकर आता हु '
मैंने समय देखा अभी 4 ही बजे थे लेकिन ये हमारे उठाने का समय था,अगर अभी घर में होते तो विकास जी भी उठ जाते,थे ,जब से विकास जी ने रॉकी को देखा था वो भी एक्सरसाइज,योगा और जॉगिंग में बहुत ध्यान देने लगे थे,मुझे लगता है की उन्हें रॉकी से थोड़ी जलन होती होगी ,वी आजकल अपने हेल्थ पर बहुत ही ध्यान देते है जिसका असर मुझे बिस्तर में भी देखने को मिलता है ,वो अब बिस्तर में कमाल के होते जा रहे है ,मुझसे खुसनशिब लड़की और कौन होगी जिसके पास एक बॉडीबिल्डर बॉयफ्रेंड है ,बहुत प्यार करने वाला और संतुस्ट करने वाला पति है और कुछ पुराने कुत्ते है जो की मेरे इशारों पर मेरी चाटते है ..
मेरे चहरे में फिर से एक मुस्कान आ गई ,रात को विकास जी के साथ किये प्यार के बाद मैंने एक झीनी सी नाइटी बस पहने थी अंदर कुछ और नही पहना था,मैंने अपनी योनि की दीवार पर अपनी उंगली चलाई ,सच में बहुत गीली हो गई थी ,मैं मुस्कुराते हुए अपने बाथरूम में जाने लगी तभी किसी ने कमरे में दस्तक दी ,वो बहुत ही हल्की सी दस्तक थी ,मैं नही चाहती थी की विकास जी की नींद खुल जाय मैंने तुरंत जाकर दरवाजा खोल दिया ,रॉकी खड़ा हुआ मेरे हुस्न को निहार रहा था ,उसे देखता हुआ देखकर मुझे बहुत शर्म और गर्मी एक साथ ही महसूस हुई ,मैंने आंखों से उसे इशारा किया ,की क्या देख रहा है ,वो मेरे बूब्स की तरफ उंगली दिखा दिया ,मैं उसे प्यार से एक चपत मारी ,शायद उसका हौसला उससे और भी बढ़ गया ,वो अपने हाथो को मेरे कमर में ले जाकर खिंचता है और मुझे अपने से सटा लिया ,
मैं उसे धक्के से अपने से दूर हटाई ,और ना में इशारा किया ,
"तुम चलो मैं तैयार होकर आती हु "
"तुमने तो पागल बना दिया है काजल "वो फिर से अपने हाथ बढ़ाने लगता है ,मैं बीच में ही उसका हाथ झडक देती हु ,
और आंखों में सही का गुस्सा दिखती हु ,
"बोला ना समझ नही आता "मेरे शब्द अब थोड़े कठोर थे ,
वो मायूस सा चहरा बनाये जिम के लिए निकल पड़ता है ,मैं पीछे मुड़ी विकास जी अब भी अपने सपनो में खोये हुए थे ,मैं बाथरूम में घुस गई ,तैयार होकर मैं जाने को हुई मैंने अपना फेवरेट जिम कॉस्ट्यूम पहना था,टाइट स्पोर्ट स्लेवलेस टीशर्ट और छोटा सा स्पोर्ट निकर जो मेरे घुटनो के ऊपर और कमर के कुछ ही नीचे थे ,वो बहुत ही कंफर्टेबल था,मैं फिर से विकास जी के चहरे में किस करके चली गई .....

(दोस्तो अब कहानी कभी विकास के तो कभी काजल की नजरो से चलेगी ,काजल की बची हुई पास्ट की बाते समय समय पर क्लियर होती जाएंगी )

विकास की नजरो से -------
गालो में पड़ा एक प्यार भरा किस और मोबाइल की बीप ने मेरी नींद तोड़ी ,मुझे आभास हो गया था की ये मेरे उठाने का समय है ,मैं आजकल लगभग 4 बजे ही उठ जाय करता हु ,जब पत्नी इतनी हसीन और गर्म हो तो उसे संतुस्ट करने के लिए अपने को भी फिट रखना जरूरी होता है ,मैं हल्के से आंखे खोलकर देखने लगा ,मैं नही चाहता था की काजल को मेरे जगाने का पता चले ,वो मेसेज पड़ती है और फिर अपने योनि में उंगली ले जाकर उसे सहलाती है ,मेरे दिमाग की दही हो रही थी की आखिर इस मेसेज में ऐसा क्या था ,वो बाथरूम जाने को हुई लेकिन तभी किसी ने दवाज़े पर दस्तक दी ,जैसा की मुझे पूरा यकीन था वो रॉकी ही रहा होगा,आज काजल से प्यार करने के बाद से ही पता नही उसने अपने अंतःवस्त्र पहने थे या नही ,जितना मुझे पता था वो बस अपने झीनी सी नाइटी में ही बाहर गई होगी ,मैं उठकर उसे देखने लगा ,रॉकी ही था जो उसे पकड़े हुए था लेकिन काजल ने उसे अपने से दूर हटा लिया ,मुझे पता था की मेरे होते इस रॉकी की दाल नही गलने वाली है ,काजल ने उसे गुस्से में कुछ कहा,ये मुझे उसके मायूस चहरे को देखकर ही आभास हो गया था,काजल फिर से आयी और बाथरूम में गुस गई ,मैंने जल्दी से अपना मोबाइल खोलकर उसके मेसेज देखे ,रॉकी ने वो मेसेज भेजा था और उसमे जिम आने की बात थी ,इसपर काजल ने अपने योनि में उंगली क्यो की ,मेरे दिमाग से बाहर थी ,काजल कभी मेरे समझ ने नही आयी ,मुझे बस इतना ही पता था की वो मुझसे और मैं उससे दिलो जान से मोहोब्बत करते है ...
काजल तैयार होने लगी मैं अब भी सोने की एक्टिंग कर रहा था,थोड़ी ही देर में वो अपने कपड़े पहन कर तैयार हुई और फिर से मेरे गालो में किस कर वँहा से चली गई ,मैं उसे जाते हुए देखने लगा ,उसकी निकर उसके जांघो में कसी हुई थी और उसके उठे हुए गोल गोल कूल्हे पूरी तरह से कपड़े में चिपके हुए झांक रहे थे ,मेरा लिंग तो फुंकार मारने लगा था ,दिल किया की जाकर उसे फिर से बिस्तर में पटक दु ,लेकिन मैं तो रुक गया ,अब पता नही रॉकी का क्या हाल होने वाला था ,,,,,,
मैं धीरे से उठा और फ्रेश होकर बाहर निकाला अब तो रोज ही एक्सरसाइज की आदत सी हो गई थी ,मैं जिम की तरफ जाने लगा ,बड़े कांच के सीसे लगे थे जंहा से अंदर का पूरा नजारा साफ दिख रहा था ,अंदर केवल काजल और रॉकी ही थे ,अभी रॉकी सपोर्ट कर रहा था और काजल बेच प्रेस कर रही थी ,काजल के उन्नत स्तनों को देखकर किसी का भी मन पिघल जाय पता नही बेचारा रॉकी किस तरह अपने को कंट्रोल में कर रहा था ,जब वो उठी तो उसकी नजर मुझपर गई वो हल्के से मुस्कुराई मैं अंदर गया और उससे लिपट गया ,
"बड़ी जल्दी उठ गए आप "
"रोज ही उठ जाता हु"
"मुझे लगा की आज आप देर से उठाओगे इसलिए डिस्टर्ब नही की "
"ह्म्म्म तो ये है तुम्हारा जिम ,बहुत बढ़िया है ,इसे देखकर तो कोई भी बॉडी बनाना चाहेगा "
रॉकी को लगा होगा की मैं जिम की बात कर रहा हु लेकिन मैंने ये काजल के कूल्हों को दबाकर कहा था ,वो मुझे हल्के से चपत लगा देती है और रॉकी की तरफ इशारा करती है ,
काजल की हर अदा में उमंग था ,एक नशा सा था,और इसके दीवाने बहुत थे,जिनमे सबसे बड़ा दीवाना तो मैं ही था,जो उसकी खुसी के लिए हर दुख सहने को तैयार बैठा था ,मैं बस उसे निहारता रहा और साथ ही साथ थोड़ी मोड़ी एक्सरसाइज भी कर रहा था ,लेकिन सच में काजल की अदाएं मेरे लिए भी जानलेवा थी ,मैं जोश में भरकर ज्यादा वेट भी उठा लेता था और फिर काजल मुझे देखकर हँस देती ,रॉकी मेरे मौजूदगी के कारण हर काम सम्हल कर रहा था ,वो किसी भी प्रकार का कोई भी जोखिम लेने को तैयार नही था,एक्सरसाइज के बाद रूम में जाकर मैंने अपनी सुबह से इकट्ठी की हुई पूरी भड़ास काजल के ऊपर निकाल दी ,हम दोनो फिर से अपने बिस्तर पर नंगे थे ,
"ठीक है जान अब मैं चलता हु ,"
दोनो के होठ मिले
"फिर कब मिलोगे "
"आज फिर से आ जाऊ क्या "
मैं उसके बदन को सहलाते हुए कहा
"नही रोज इतने दूर आने की जरूरत नही है "
"तो ."
"मैं आ जाऊंगी "
"अच्छा तो तुम्हे दूर नही होगा "
"आपके लिए कुछ भी "
"कुछ भी नही चाहिए "
"तो क्या चाहिए "
"तुम "
वो मेरे आंखों को देखने लगी ,हा मेरी बात 100 प्रतिशत सच थी ,
"मैं तो आपकी ही हु "
वो मेरे सीने से आकर लग गई ,ना जाने क्यो पर उसे छोड़ने का मन ही नही होता था ,
"मुझे जाना है "
"हम्म्म्म "
"क्या ह्म्म्म "
"कुछ नही बस ..."उसकी आंखों में पानी था
"क्या हुआ "
"सॉरी जान "
"क्यो "
"बस ऐसे ही "
"पागल "
मैंने फिर से अपने होठो को उसके होठो से मिला दिया ,ये सिलसिला चलता ही रहा जब तक की रॉकी ने हमे नाश्ते के लिए नही बुला लिया ,मैं नाश्ता कर अपनी मंजिल को निकल गया ,और जैसे मुझे लगा था वो भी मेरे पीछे ही निकलने वाले थे ,

56

"मलीना कहा है "
मैं डॉ के पास पहुच चुका था,मैं उसके घर में था,जंहा मलीना रुकी हुई थी ,
"वो निकल चुकी है ,अपने काम को लेकर वो बहुत वफादार है ,तुम्हारी तरह नही जिसे हर रात अपनी पत्नी की बांहो में ही चाहिए "
डॉ के तंज पर मेरी मुस्कुराहट बढ़ गई ,साला डॉ
"साले मेरी बीवी है ही इतनी खूबसूरत तो मैं क्या करू ,और तेरी क्यो जल रही है इतनी "
"भाई हमने शादी ही इसलिए नही की क्योकि हर खुसी दुख लेकर आती है ,अभी जिस खूबसूरती को लेकर तू खुश हो रहा है उसी को लेकर रोयेगा भी ,जब वो खुसबसूरती को दूसरा उपयोग करेगा "
सच में कभी कभी लगता है की इस डॉ को मार ही डालू लेकिन साला सच ही तो बोल रहा था,
"क्या करू यार मैं तो दीवाना ही उसका ,जब भी सोचता हु की वो किसी भी कारण से मुझसे अलग हो जाएगी तो कांप जाता हु "
"खैर छोड़ आज का क्या प्लान है "डॉ को जब लगा की मेरा मूड थोड़ा खराब हो रहा है उसने जल्दी से अपनी बात बदल दी
"हमारा कुछ प्लान भी था क्या "
"बनाना तो पड़ेगा ऐसे तू रोज टाइगर के ऑफिस में जाकर क्या करेगा ,बस रिहाना (टाइगर की सेकेट्ररी) को ही निहारेगा "
"है तो वो भी माल ,तू बता की क्या करना है और जूही ने रिहाना की फ़ोटो काजल को क्यो दी होगी"
"क्या पता जूही से बात तो नही हो पाई है मेरी और हो भी जाय तो उससे सब कुछ निकलवाना मुश्किल है "
"तो अब "
"चलते है टाइगर के अड्डे में देखते है तेरी बीवी के कारनामे "
मैं डॉ को झूठे गुस्से से देखा क्योकि मेरे मन में भी काजल को देखने की तीव्र इच्छा हो रही थी,
मैंने मोबाइल से अपने उसके ऑफिस के कैमरे को एक्सेस किया लेकिन काजल और रॉकी कही नही दिखे शायद वो यंहा आये ही नही थे ,
हम टाइगर के ऑफिस पहुचे ,अब गार्ड भी हमे पहचानने लगे थे इसलिए बस हमारी तलाशी लेकर ही हमे अंदर भेज देते थे,टाइगर वँहा नही था लेकिन रिहाना बैठी हुई थी ,
"हाय रिहाना कैसी हो ?"
यू तो हम कभी भी उससे डायरेक्ट बात नही करते थे लेकिन आज कर रहे थे,क्योकि टाइगर कही दिख नही रहा था ,
"आइये बैठिए "उसने बड़े प्यार से कहा
"टाइगर कहा है "
"अरे आपके पास तो कैमरे के एक्सेस है देख लीजिये "
"सभी के तो नही है ना "
वो हल्के से मुस्कुराई और और दीवार में लगे बड़े से tv स्क्रीन की तरफ उंगली की जिसमे बहुत से कैमरा के फुटेज देख रहे थे ,मैं देखकर चौक गया की टाइगर ,रॉकी और काजल के साथ बैठा हुआ था ,वो भी ऐसे जगह जहा का फुटेज मैं एक्सेस नही कर पा रहा था ,यानी ये कोई दूसरी जगह थी, लग तो बार जैसे ही था .
"ये कौन सी जगह है और टाइगर अपने टारगेट को छोड़कर यहां क्या कर रहा है "
"कुछ भी नही आपकी मालकिन पर इनका दिल आ गया है वो दोनो को फसाने के फिराक में है आपका काम भी बन जाएगा और उनलोगों भी थोड़ा मजा उठा लेंगे ,और रही टारगेट की बात तो वो हमारे निशाने पर ही है ,वो अभी गोदामो में गई है छानबीन करने ,उसे वही करने दो जिसके लिए वो आयी है "
मैं डॉ की तरफ देखा वो मुझे आंखों ही आंखों से सांत्वना देता है ,मैं बैठा हुआ उस फुटेज को देखने लगा जिसमे साफ दिख रहा था की काजल टाइगर को बहुत भाव दे रही थी और रॉकी बस बैठा हुआ दारू गटक रहा था ,काजल टाइगर से हँस हँस कर बाते किये जा रही थी ,आवाज तो आ नही रही थी लेकिन टाइगर जरूर कुछ ऐसा बोल रहा था जिससे काजल उससे इम्प्रेश हुए जा रही थी ,वो कभी कभी अपनी आंखे चौड़ी कर लेती कभी उसे झूठा गुस्सा दिखाते हुए हाथो से मारती ,वही सब नारी सुलभ काम जो एक लड़की किसी को आकर्षित करने के लिए करती है और वही जो एक लड़की किसी के आकर्षित होने पर करती है ,थोड़ी देर में ही रॉकी उठाकर वॉशरूम जाता है और टाइगर काजल से कुछ ऐसी बात बोलता है जिससे उसका चहरा थोड़ा घबरा जाता है ,वो थोड़ी अधीर हो जाती है ,तभी वो उससे कुछ कहती है और टाइगर मुस्कुराता है साथ ही वो कैमरे की तरफ देखता है जैसे की हमे ही देख रहा हो ,वो अपना मोबाइल निकाल कर किसी को काल करता है ,और काजल से थोड़ा दूर हो जाता है ,तब तक रॉकी भी आ चुका था ,ये काल रिहाना को किया गया था,
"हा ,हा आ चुके है ,जी हा ,हा देख रहे है "
वो हमारे तरफ देखकर मुस्कुराती है ,
"ओके "
वो काल रखती है इधर टाइगर भी काल रखकर उन लोगो के पास जाकर उनसे बात करने लगता है ,काजल लाल साड़ी में कमाल की लग रही थी ,
"क्या कह रहा था टाइगर "
"आप लोगो को पूछ रहा था ,और आपसे कहा है की आपकी मालकिन जल्द ही उनके साँचे में ढलने वाली है "
मेरे दिल की धड़कन बढ़ गई थी ,क्या करू समझ नही आ रहा था ,मैं अपने आप से कहने लगा तू इसका मजा लेगा मजा लेगा,लेकिन दिल की गहराइयों से इस बात को अब भी स्वीकार नही कर पा रहा था ,
तभी स्क्रीन की तरफ ध्यान गया और काजल और टाइगर उठाकर किसी दूसरे कमरे में चले गए जबकि रॉकी अब भी बैठा हुआ दारू ही पी रहा था ,साला रॉकी के ऊपर मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था ,
"क्या हुआ सर आप इतने बेचैन क्यो लग रहे है ,"
"कुछ नही ये साला टाइगर कर क्या रहा है उसे अपने काम से काम रखने बोलो "मेरा दिमाग खराब हो रहा था वही रिहाना मुस्कुराने लगी
"और उस कमरे का फुटेज कहा है "
"सर वो टाइगर सर का प्राइवेट कमरा है ,आप अधीर ना हो टाइगर सर किसी से जबरदस्ती नही करते ,जब तक उनका मन नही होगा वो कुछ भी नही करेंगे ,और ऐसे भी वो आपकी मालकिन है बीवी नही ..सही कहा ना सर "
मैं थोड़ा झेप गया ,मैं जिस तरह से व्यवहार कर रहा था ये ना तो मेरे ना ही काजल के मिशन के लिए उपयुक्त था मैं थोड़ा शांत हुआ ,
"हा लेकिन यार थोड़ी जलन तो होती है ना हम यंहा बैठे बस देख रहे है और तुम्हारा सर साला बड़े मजे कर रहा है "
रिहाना फिर से हँसी ,आप लोगो के लिए कुछ मंगावू ,
" आई थिंक विस्की की जरूरत पड़ेगी हमे "डॉ ने कहा
रिहाना मुस्कुराते हुए इंटरकॉम से विस्की का ऑर्डर दे देती है ,
लगभग 15 मिनट बीत जाता है और हमे काजल और टाइगर बाहर निकलते हुए दिखते है ,काजल के बाल बिखरे हुए वो उन्हें सम्हाल रही थी ,उसके होठो की लिपिस्टिक भी थोड़ी बिगड़ गई थी ,टाइगर के चहरे में एक विजयी मुस्कान थी और वो फिर से कैमरे में देखता है और आंख मार देता है मेरे दिल के साथ झांटे भी सुलग जाती है मैं विस्की को एक ही बार में अपने हलक के अंदर उतार लेता हु ,काजल के होठो में भी रॉकी को देखकर मुस्कान आती है ,वही रॉकी ठगा सा उसे देख रहा था,मेरे अंदर पता नही क्या बवाल मचा मैं उठ कर जाने लगता हु ,
"कहा जा रहा है ,"डॉ जानता था लेकिन फिर भी वो पूछा
"कुछ नही कुछ काम याद आ गया "
मैं निकल कर जा रहा था की रास्ते में मुझे टाइगर मिल गया
"यार तेरी माल तो जबरदस्त है ,क्या रसीले होठ है उसके मजा आ गया,कुछ दिन और फिर देखना उसकी रसीली चुद भी भर दूंगा हा हा हा "
मैं उसे बस एक बेबस सी मुस्कान देकर बाहर जाने लगा
"अरे कहा जा रहा है "
"काम है थोड़ा आता हु थोड़ी देर में "
मेरे आंखों में आंसू थे और मैं नही चाहता था की टाइगर उसे देखे मैं जल्दी से बाहर निकला और मलीना को काल लगाया ,
"मैं तो अभी गोदाम में हु क्या हुआ "
"डॉ के घर पहुच जल्दी "
मैं फोन रखकर सीधे डॉ के घर पहुच गया ,और एक विस्की की बोलत उठाकर पीने लगा ,मैंने जितना सोचा था ये उतना आसान नही था,मलीना के आते ही मैं उसपर ऐसे झपटा जैसे की कोई भूखा भेड़िया अपने शिकार पर
"क्या हुआ आपको "
वो बोल ही पाई थी लेकिन मैं उसे पास की दीवाल से सटा दिया ,वो एक काले रंग के फ्रॉक में थी ,मैं उसे पलटा और उसकी पेंटी नीचे कर अपना लिंग उसके अंदर घुसा दिया ,
"आह मार डालोगे क्या क्या हुआ है आपको "
मैंने उसकी बिल्कुल नही सुनी ,उसकी योनि अब भी सुखी थी मैं तेल की एक बोलत उठा लाया और फिर उसे लगा कर जोर जोर से धक्के मारने लगा वो बेचारी बिना कुछ कहे बस रो रही थी और बड़ी मुश्किल से अपने हाथो के सहारे दीवाल से टिकी हुई थी ,फच फच की आवाज से कमरा गूंज रहा था ,जब मलीना शांत हुई तो मेरा साथ देने लगी लेकिन वो ज्यादा देर तक नही टिक पाई ,मेरी नजरो में काजल का वो रूप और टाइगर की कही बात घूम रहे थे ,लाल साड़ी में लिपटी हुई काजल ,बिखरे हुए बाल नंगी कमर में टाइगर का मजबूत हाथ ,और होठो के लिपिस्टिक का फैला होना ,
"मादरचोद मादरचोद "
"आह क्या हुआ है जान आह ...कुछ आह..बताओ आह .'मैं उसके मुह को अपने हाथो से दबा कर बंद कर दिया और उसे धक्के लगाने लगा वो एक बार झड़ी ,और सुस्त हो गई लेकिन बड़ी मुश्किल से ही सही अपने पैरो में खड़ी थी वो पूरी तरह से झुके जा रही थी मैं उसके कमर को पकड़े हुए धक्के पर धक्के लगा रहा था आखिर में मेरा वीर्य भी निकाला मैंने अपने लिंग को उसकी योनि से निकाला ही था की पिचकारी फूटी और सीधे मलीना के बालो तक गई पहली धार मलीना के बालो में फस गई ,वही फिर छोटी छोटी धार उसके पीठ ,कूल्हों और कमर के बाकी हिस्सो को भिगो दिया ...
वो मुझसे अलग हुई मैं जमीन में ही लेट गया ,
 
57

"क्या कर दिया अब नहाना पड़ेगा ,पागल हो गए हो क्या ,क्या देख लिया आपने,"
वो थोड़ी देर खुद को ठीक कर रही थी की अचानक ही उसे कुछ ख्याल आया
"अच्छा तो जनाब ने काजल को देखा है किसी दूसरे के साथ "
मैं उसे आश्चर्य से देखने लगा जैसे की पूछ रहा हु की तुम्हे कैसे पता चला ,
"जलन होती आई या उत्तेजना आती है ,या जलन में उत्तेजना आती है ,क्या बन रहे हो आप ,खुद को आप उसे दूसरे के साथ देखना भी नही चाहते और जलते भी हो और जब जलते हो तो उत्तेजित भी हो जाते हो ,खुद को समझो और अगर सहन नही हो रहा तो यंहा से चलो नही तो काजल और आपका तो नही पता ऐसे मेरे साथ रोज करोगे तो मैं आपके लिए पागल जरूर हो जाऊंगी "
वो अदा से मुस्कुराई और अंदर चले गई मैं लेता हुआ अब भी उसकी बातो को सोच रहा था की मैं क्या हु और मुझे क्या करना चाहिए ....
काजल की निगाह से
विकास जी के जाने के बाद ही मैं तैयार हुई और रॉकी के साथ चल पड़ी,रॉकी ने जब मुझे उस साड़ी में देखा तो उसकी भी आंखे फटी की फटी रह गई थी ,वो मुझतक पहुचकर मुझे छूने की कोशिश करता है लेकिन मेरे एक ही इशारे से वो समझ गया की अभी मैं उसके लिए नही टाइगर के लिए तैयार हुई हु ,मुझे आज एक नया आशिक मिलने वाला था,पता नही उसके साथ कितना आगे जाना होगा लेकिन मुझे पता था की सफर मजेदार होने वाला था,मैंने फोटो में टाइगर को देखा था,एक ऐसा मर्द जिसके सपने कोई भी लड़की देखे ,रॉकी उसके सामने बच्चा ही था,रॉकी तो मुझे किसी सेक्स टॉय की तरह लगने लगा था,जिसे एक लड़की अपने मर्जी से ऊपयोग में लाती है ,
टाइगर वैसा नही था,मुझे पता था की वो किस टाइप का है ,उसने इतना बड़ा बिजनेस यू ही नही खड़ा किया है ,जंहा तक मुझे पता चला वो हर लड़की के पीछे लट्टू नही होता लेकिन वो मेरे पीछे जरूर पड़ेगा क्योकि मुझे पता है की मर्दो को अपने काबू में कैसे रखा जाता है,मैं उसे इतना तड़फाउंगी की या तो वो मेरे सामने भीख मांगे या तो मेरा रेप ही कर दे ,रेप करना वो शायद ही पसंद करेगा,लेकिन जैसा वो मर्द है वो झुकेगा भी नही ,इतना आसान तो नही था लेकिन इतना मुश्किल भी नही था,क्योकि है तो वो भी एक मर्द जिसे शादीशुदा लड़की पसंद आती है वो भी जब उसका पति उसके साथ हो और वो लड़की को अपने बस में कर ले ...
हम टाइगर के बार में बैठे थे ,जैसा मुझे उम्मीद थी वो आया और हमसे जान पहचान बड़ाई ,फिर धीरे से दूसरे कमरे में जाने को मना लिया ,वो कमरा भी बार की ही तरह सजा हुआ था लेकिन वँहा हमारे अलावा और कोई भी नही था,टाइगर ने वही किया जिसकी हमे उम्मीद थी और हमने भी वही किया जिसकी टाइगर को उम्मीद थी ,रॉकी ने उसे बताया की हम पति पत्नी है और टाइगर मुझे उत्तेजित करना शुरू कर दिया ,मैंने भी उसका बखूबी साथ दिया ,जब रॉकी ने टाइगर को ग्रीन सिग्नल दे दिया तो उसने मुझे अपने साथ पास के कमरे में जाने को मना लिया,रॉकी को एक cuckold हसबेंड का रोल प्ले करना था जो वो कर रहा था,लेकिन अपनी घबराहट वो बस शराब से ही पूरी करने की कोशिश कर रहा था,उसे लगता था की मैं और भी ज्यादा सेक्स चाहती हु ,उस बेचारे को क्या पता था की यहां कोई दूसरा ही खेल चल रहा है,टाइगर की नजर बार बार ऊपर की ओर होती जैसे वो किसी को देख रहा हो मुझे इतना तो समझ आ गया की हमे कोई और भी कैमरे से देख रहा था ,शायद उसकी सेकेट्री ,मुझे भी उससे मिलना था लेकिन अभी वो समय नही आया था,
"तुम वाकई में बहुत सुंदर हो ."टाइगर मेरे पास आकर मुझे पकड़ने की कोशिस करता है लेकिन मैं भाग कर उससे थोड़ी दूर चले जाती हु ,
"मेरे पति मेरा इंतजार कर रहे होंगे "
"तुम किसे बेवकूफ बना रही हो काजल ,वो तुम्हारा पति हो ही नही सकता "
मैं चौकी इसे कैसे पता चल गया
"मैं इस काम को सालो से कर रहा हु और मुझे इतना तो पता है की जब किसी के पत्नी को कोई गैर मर्द छुता है तो पति के चहरे में ऐसा एक्सप्रेशन नही आता जैसा तुम्हारे तथाकथित पति के चहरे में आया था ,उसे तो जैसे इसके पैसे मिले हो ,लगता है तुम्हे ये शौक है की कोई तुम्हारे पति के सामने ही तुम्हारी ले ले इसलिए तुम इस किराए के पति के साथ घूम रही हो "
मेरी चोरी पकड़ी गई थी मैं नही चाहती थी की टाइगर को मेरे बारे में कोई डिटेल निकालनी पड़े ,मैं हँसने लगी
"बड़ी परखी नजर है तुम्हारी ,लेकिन तुम थोड़े गलत हो ,मेरी फेंटेसी ये नही की कोई मेरी ले मेरी फेंटेसी है की मेरा किसी के साथ अफेयर हो ,खासकर तुम्हारे जैसे ताकतवर आदमी के साथ ,"
मैं टाइगर के करीब गई वो मुझे कसकर अपनी बांहो में जकड़ लिया
"आउच "
मैं उसके छाती को सहलाने लगी
"लेकिन मैं नही चाहती की कोई मुझपर टूट ही पड़े ,मैं तो प्यार करना चाहती हु और बदले में बहुत सारा प्यार देना "
"तो मेरी जान को एक बॉयफ्रेंड चाहिए जो उसके पति के सामने ही उससे छेड़खानी करे ,लेकिन मुझे माफ करो मेरे पास उतना समय नही है ,इसके लिए तुम्हे कोई और मर्द दे दूंगा "
वो मुझे छुमने की कोशिश करता है,लेकिन मैं उसे झटके से अपने से अलग करती हु और उसके गिरफ्त से बाहर हो जाती हु ,
"तुम मुझे क्या समझ कर रखे हो की मैं कोई रांड हु ,अगर तुम्हारे पास समय नही है तो मेरे पास भी तुम्हारे इस फालतू से क्लब में समय बर्बाद करने को समय नही है ,अगर तुम्हे यही करना था तो पहले ही किसी और को भेज देते ,अब तो मेरा दिल तुमपर आ गया है ,फैसला तुम्हे करना है ,वरना मेरा ये किराए का पति भी मेरे लिए काफी है "
झटके से उससे दूर होने पर मेरे साड़ी का पल्लू मेरे सीने से सरक गया ,टाइगर के पेंट में एक बड़ा सा टेंट बना और उसके लिंग ने एक झटका भी खाया जिसे देख मैं थोड़ी गर्म हो गई लेकिन यहां हार और जीत सिर्फ हमारे इमोशन पर ही ठिका था ,जो भी अपनी हवस को काबू में कर पाया वही जितने वाला था ,वही अपनी बात दूसरे से मना सकता था ,टाइगर ने मेरा आफर ठुकराकर ये जाता दिया था की वो हारने वालो में से नही है ,अब मुझे भी अपने को सम्हालना था .
मेरी बात सुनकर टाइगर थोड़ा मुस्कुराया और फिर अपना फोन निकाल कर बाथरूम के अंदर चला गया ,वहां से निकलने के बाद वो बड़ा ही खुस दिख रहा था ,उसने मुझे फिर से जकड़ लिया इसबार मेरे दोनो मेरे दोनो बड़े बड़े आम उसके सीने से रगड़ खा रहे थे और कसम से मुझे बहुत ही मजा आ रहा था,वो सचमे ताकतवर था ,उसके मजबूत बाजू मेरे बदन को हिलने भी नही दे रहे थे ,
"ठिका है मेरी जान हम अब तुम्हारे गुलाम है ,अब तो मुह मीठा करा दो "
उसके बदले तेवर ने मुझे शंका में डाल दिया था
"ऐसा क्या हो गया अभी तो इनकार कर रहे थे "
"बस कुछ हो गया ,बाद में बताऊंगा ऐसे ये तुम्हारे ही भले की बात है अब जल्दी करो "
"पहले बताओ "
"वादा रहा की तुम्हे ये बताऊंगा लेकिन अभी नही सही समय आने पर अब तो मुह मीठा करा दो मेरी रानी "
वो मेरे कूल्हों को इतने जोरो से मसाला की मैं तो पागल ही हो गई
"आह तुम ना "
मैं इतना ही बोल पाई थी की टाइगर ने मेरे होठो को अपने होठो में भर लिया और मैंने भी उसे इजाजत दे दी हम दोनो के होठ ऐसे मिले की मेरी लिपिस्टिक पूरी तरह से तबाह हो गई ,वो मेरे साड़ी के ऊपर से ही मेरे उरोजों को भी दबाने लगा था ,मैं मचल रही थी लेकिन वो रहम नही कर रहा था,मैं पूरी तरह से गर्म थी और खुदपर काबू पाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा था ,उसके हाथ मेरे नंगे कमर पर जाते ,कभी वो मेरे कूल्हों को मसलता मैं पागल हो रही थी ,मैं उसके सामने गुड़िया की तरह लग रही थी वो जैसे चाहता था मुझे मसलता जा रहा था,मेरे बाल भी बिखर गए थे और मुझे सांस लेने में तकलीफ होने लगी ,सच में ये ऐसा मर्द था जिसकी मैं दीवानी हो जाऊ,जिससे मैं लड़ने आयी थी मैं उसी की दीवानी हुई जा रही थी यही तो मजा था इस काम में ,दुश्मन से भी मजे लो और उसे भी मजे दो .
जब हमारी सांसे भरी तो हम अलग हुए लेकिन अगले ही पल टाइगर फिर से मुझपर झपटने लगा मैंने उसे जबरदस्ती अपने से हटा लिया
"क्या हुआ "वो हांफता हुआ बोला
"मेरे पति बाहर इंतजार कर रहे है "मेरे चहरे के मुस्कुराहट को देखकर और समझ कर वो हँस पड़ा
"तुम पागल ही कर दोगी ,छोड़ो उस किराए के पति को "
"नही जब तक मैं ना कहु तुम उसे कुछ नही बोलोगे और उससे वैसे ही व्यवहार करोगे जैसा की तुम मेरे पति के साथ करते ,जब खेल खेला ही है तो पूरे नियम से खेलो वरना अभी भी समय है छोड़कर भाग भी सकते हो "
मेरे चहरे के कातिल मुस्कान को देखकर वो भी मुस्कुराया
"तुम मेरे ही टक्कर की लड़की हो ,तुम्हारे साथ मजा आएगा "
वो मुझे छोड़ा और हम बाहर निकले जैसे ही हम बाहर निकले वो फिर से ऊपर देखने लगा ,उसके होठो में एक विजयी मुस्कान आ गई थी ......

58

कुछ घंटो के बाद
एक छोटा सा कमरा जिसमे मैं और जूही खड़े थे,मेरे सामने एक तस्विरर थी जिसे मैंने हाथो से पकड़ रखा था ,
"अब समय आ गया है की हम बदला ले ,बदला उन सभी जख्मो का जो हमे दिया गया ,बदला नेहा को मील हर एक दर्द का ,मेरे पति ने मुझसे कहा था की जो बीत गया उसे याद करने से कुछ नही होने वाला और जो होगा उसे सोचने से भी कुछ नही होने वाला जो है उसमें खुस रहो,लेकिन वो एक चीज कहना भूल गए की जो है उसे बदल दो तो भविष्य भी बदल जाएगा "
हम अभी मेरे पुराने कमरे में थे जहां मैंने और नेहा ने एक साथ बहुत सा समय बिताया था,ये कमरा अभी भी मिश्रा जी के नाम से है लेकिन इसकी चाबी सिर्फ मेरे पास ही थी ,ये मेरे लिए मेरी जिंदगी का बहुमूल्य हिस्सा थी,आज सालो बाद मैं यहां आयी थी ,
मैंने नेहा की तस्वीर को देखते हुए बोल गई ,मेरी आंखों में पानी था लेकिन जूही की आंखे साफ थी,वो एक पोलिश वाली थी और वो भी एक नंबर की जासूस और उसके लिए इमोशनल होना थोड़ा कठिन काम था,लेकिन उसके चहरे में भी एक दृढ़ता दिख रही थी ....

विकास के नजर से .
मलीना से अपनी हवस मिटाने के बाद मैं अपने मोबाइल से काजल की लोकेशन देखने लगा वो अपने होटल में थी लेकिन फिर से उसका लोकेशन शहर की तरह जा रहा था ,क्या वो मेरे पास जा रही थी ,मैंने उसे काल करना ही ठीक समझा
"कैसी हो जान "
"आपके बिना कैसी हो सकती हु "
उसकी आवाज में वो ठंढकता थी जो मैंने कभी महसूस नही की थी जिसे किसी ने उसके पुराने जख्मो को कुरेद दिया हो ,
"तुम्हारी तबियत तो ठीक है ना "
"बिल्कुल क्यो "
"दुखी लग रही हो "
"हम्म्म्म "
"क्या हुआ "
"कुछ नही सोच रही थी की कास मैं आपसे पहले मिली होती "
"क्या हो गया है तुम्हे जान तुम ठीक तो हो ना कहा हो तुम मैं आ रहा हु "
"नही जान मैं ठीक हु ,बस सोच रही थी की काश आपसे पहले मैं किसी के साथ सोई ना होती ,काश मैं वर्जिन होती "
मेरा दिल जोरो से धड़का ,हमारी शादी के बाद ये पहली बार था जब काजल ने मुझसे ये बात कही थी ,
"मुझे कोई फर्क नही पड़ता की तुम कैसी थी और कैसी हो ,मैं तुम्हे दिलो जान से प्यार करता था और करता रहूंगा समझी ,अब बताओ की कहा हो मैं आ रहा हु "
काजल की हल्के से मुस्काने की आवाज मेरे कानो में पड़ी
"मैं भी आपसे दिलो जान से प्यार करती हु जान और चाहे जो भी हो जाय मैं आपसे उतनी ही मोहोब्बत करूँगी .."
वो भावुक हो गई थी मैं भी भावुक हो गया था लेकिन वो अभी फिर से शहर क्यो आ रही थी
"मैं आपके पास आ रही हु "
"कोई जरूरत नही है रात बहुत हो चुकी है तुम आराम करो "
"नही जान प्लीज़ "
"मैंने कहा ना ,और मैं भी बहुत थक चुका हु ,सोने जा रहा हु और एक चीज जो बीत गया उसे याद करने से कुछ नही होने वाला और जो होगा उसे सोचने से भी कुछ नही होने वाला जो है उसमें खुस रहो ,और सच ये है की तुम हो मैं हु और हमारे बीच का प्यार है ,अब जाओ और सो जाओ अगर फिर से रोने वाली हो तो आंसू पोछ लेना क्योकि चाहे कुछ भी हो जाय मेरा प्यार तुम्हारे लिए कम नही होगा ,लव यु ."
मैंने ये बात अभी होने वाले घटनाओं को लेकर कही थी जो शायद काजल के दिल तक पहुच गई ,
"लव यू टू मेरी जान "
"गुड नाईट "
"गुड नाईट"

मैं काजल से बात करके उसके लोकेशन पर नजर दौड़ाया ये अब भी शहर की तरफ आ रहा था मैंने तुरंत डॉ से बात की उसने मुझे वैट करने की सलाह दी ,आखिर वो शहर के ही एक घर में जाकर रुकी मैंने तुरंत वो लोकेशन डॉ को दिखाया .
"ये तो काजल के पुराने रूम का लोकेशन है "
"वो वहां क्या करने गई है "
"चल पता करते है "
हम दोनो वहां पहुचे तो काजल और जूही वहां से बाहर आ रहे थे ,उसके जाने के बाद हमने डॉ की मास्टर की से वो रूम खोला ,अब भी सबकुछ जमा हुआ था की हमारी नजर एक फ़ोटो पर पड़ी जिसमे काजल और वो लड़की साथ दिखाई दे रहे थे ,
कभी मैं डॉ के चहरे को देखता तो कभी कभी वो मेरे ,हमारे मुह से एक साथ ही निकला
"रेहाना (टाइगर की सेकेट्री) काजल की सहेली ...??????"

........

विकास की नजर से ..
"ये काजल के साथ क्या कर रही है,"
मैं चौका लेकिन डॉ के पास भी इसका कोई जवाब नही था,उसने तुरंत ही कुछ काल लगाए और कुछ थोड़ी देर तक वो फोन में ही बिजी रहा
"वो काजल की सहेली थी नाम था नेहा ...अब नेहा रेहाना कैसे बनी ये तो मुझे नही पता लेकिन यार इससे हमारा प्लान खराब हो सकता है ,अगर रेहाना ,काजल से मिलती है तो वो ये जरूर बताएगी की हम दोनो उसकी जासूसी कर रहे है ,अगर काजल को ये पता चला तो पता नही वो कैसे रिएक्ट करेगी."
मैं अपना सर खुजाने लगा,और इधर उधर घूमने लगा ,
"साला क्या हो रहा है बे मेरे साथ ,साले सब तेरे ही कारण हो रहा है ये सब मजा ले मजा ले अब ले मजा ,गांड मार दी लवंडे तेरे आईडिया ने "
"तो भोसड़ी के मैंने कहा था तुझे इन चक्करों में पड़ने के लिए जब तुझे मलीना की चुद मिल गई थी तो उसे ही चोदते हुए पड़े रहता अपने केशरगड़ में यहां क्यो मराने के लिए आया है "
डॉ भी गुस्से से भर गया
"अब क्या करू बे डॉ ,,,,कुछ तो बता साला दिमाग ही झंड हो रहा है"
"कुछ भी मत कर बस इतना कर की काजल को अपना खेल खेलने दे और तू अपना खेल खेल,अब उसे तो ये पता चल ही जाएगा की तू उसे देख रहा है ,लेकिन उसे ये नही पता चलना चाहिए की ये बात तुझे पता है ,उसे तो यही लगे की तुझे ये नही पता की उसे पता है ,तुम दोनो ही एक दूसरे के जानने से अनभिज्ञ रहो और इस खेल का मजा लो ,"
"साले चूतिये फिर से शुरू हो गया तू मजा मजा बोलकर मेरी जिंदगी खराब कर देगा "
"बेटा चूतिये का ज्ञान है कभी फैल नही होगा,तू फिक्र मत कर और इससे तुझे थोड़ी आसानी भी होगी,तुझे काजल से खुद को छुपाने की जरूरत ही नही पड़ेगी वो ही तुझे अपने से छिपायेगी ...तेरी एक टेंशन भी खत्म ."
ऐसे मुझे हमेशा की तरह ही चुतिया की बाते समझ नही आ रही थी लेकिन हमेशा की ही तरह वो ही मुझे सही लग रहा था,मैंने अपना मोबाइल देखा उसमे काजल का लोकेशन एक पॉश इलाके की तरफ मूव कर रहा था ,
"अब ये कहा जा रही है ,यार उससे मिलने का बहुत मन कर रहा है काश आज उसे आने को माना नही करता "
"तु अपने इमोशन पर काबू पा और चल देखते है की ये कहा जा रही है "
हम लोकेशन का पीछा करने लगे ,वो एक बड़े से बंगले पर आकर रुकी
"मदरजात ये तो टाइगर का बंगला है , काजल यहां क्यो आयी है ,"
मैं भी थोड़ा शॉक हुआ ,तभी डॉ ने फोन कर पता किया की टाइगर अभी भी अपने पब में ही है ,
"वो रेहाना से मिलने ही यहां आयी होगी क्योकि टाइगर तो यहां नही है"
"मतलब की हमारा पर्दाफास "
"क्या पता की काजल को तेरे बारे में पहले से ही पता हो ..ये दोनो पहले भी मिल चुके हो और क्या पता की इन दोनो ने ही मिलकर ये प्लान बनाया हो "
अब मेरा दिमाग घूमने लगा ,क्या सच में ऐसा होगा की काजल को पहले से पता था की मैं उसकी जासूसी कर रहा हु और वो फिर भी ऐसे काम करती थी ,है भगवान काश ये गलत हो.
हम कुछ देर तक वँहा खड़े रहे की काजल का ही फोन आ गया वो मुझसे मिलने आने की जिद करने लगी आखिर कर मैंने उसे हा कर ही दी.
"वो आ रही है मुझसे मिलने मुझे पहले से ही पहुच कर वरुण और रेणु को समझाना पड़ेगा ठीक है डॉ मैं चलता हु ,मैं उसकी आंखों मे देखना चाहता हु की वो मुझसे कितना प्यार करती है ."
मैंने अपनी बाइक स्टार्ट की और वहां से तेजी से निकल गया .

59

काजल के नजर से
एक बंगले में जूही मुझे ले गई ,वो एक बड़ा सा बंगला था,बाहर के बोर्ड से पता लगता था की वो टाइगर का ही घर है,हम चोरों की तरह वहां पहुचे ,ये बहुत ही खतरनाक था लेकिन अब मेरे लिए इंतजार करना बहुत ही मुश्किल हो रहा था यही हाल मेरी नेहा (रेहाना ) का भी था ,बंगले के छत का दरवाजा खुला और उसे देखकर मेरी आंखे भर आयी,हम दोनो ही एक दूसरे को गले से लगा कर रोने लगे .....
"मुझे तो लगा था की अब मैं तुम्हे कभी भी नही देख पाऊंगी "
"ये भगवान का ही करिश्मा है काजल की मैं आज मैं जिंदा हु ,नदी में बहते हुए मैं बंगलादेश पहुच गई वहाँ एक मुस्लिम परिवार ने मुझे बचाया,और उन्होंने अपनी मरी हुई बेटी के नाम पर मुझे ये नाम (रेहाना ) दे दिया ,वहां से वो लोग कनाडा चले गए जंहा पर मैं टाइगर से मिली,हम दोनो के परिवार वाले बहुत ही नजदीक हो गए थे,एक एक्सीडेंट में दोनो का ही परिवार खत्म हो गया ,अब टाइगर इंडिया आना चाहता था ,उसका उद्देश्य यंहा अपना कारोबार जमाना था,मैं भी उसी लालसा में यहां चली आयी की तुम मुझे यहां मिल जाओगी लेकिन तुम मुझे कही नही मिली,अब मैं अपने इस नाम और इसी जिंदगी के साथ जी रही हु ,सोचा था की टाइगर के साथ रहते हुए कभी रोबर्टो के पास पहुच जाऊंगी ,बस इंतजार ही मेरी जिंदगी थी लेकिन वो दिन आया जब मैंने तुम्हे देखा पहली बार टाइगर के क्लब में ,मुझे तो अपनी आंखों पर भरोषा ही नही हुआ ,मुझे कितनी खुसी हुई ये तो मैं ही जानती हु लेकिन बड़ी मुश्किल से मैंने खुद को सम्हाला था,वो मेरी काजल .."
नेहा फिर से मेरे गले से लग गई हम दोनो एक दूसरे को जोरो से जकड़े हुए थे ,
"वो तो भला हो जूही का जो मुझतक पहुच गई और मुझे तुम तक पहुचा दिया ,वरना मेरे लिए इंतजार करना बहुत ही मुश्किल हो रहा था,"
"हम्म तुम दोनो तो मुझे इग्नोर ही कर रही हो "
जूही ने हँसते हुए कहा ,
और हम दोनो ने ही अपनी बांहे फैला दी..
"मुझे सब कुछ तो समझ आ गया लेकिन एक बात समझ नही आयी "
नेहा की आंखों में थोड़ी चिंता थी,
"क्या "मैंने भी उसे चिंता से देखते हुए कहा
"जानती हो तुम्हारे बारे में किसी शख्स ने टाइगर को बताया की तुम उसकी मालकिन हो ,वही एक और लड़की के बारे में उसी शख्स ने बताया की वो मिश्रा की जासूस है"
मेरा दिमाग ही फट गया मुझे समझ ही नही आ रहा था की आखिर ये कौन आ गया जो हमारे ऊपर इतना इंटरेस्ट ले रहा है ,
"कौन है वो "
"ज्यादा तो पता नही लेकिन उसने कहा की वो तुम्हारे होटल का शेयर होल्डर है,तुम्हे देखकर उसकी सांसे तेज हो जाती है और ."
"रुको रुको मेरे होटल का शेयर होल्डर ???? और वो मुझे कहा देखता है "
"क्लब के कैमरे में ,टाइगर ने उसे एक्सेस दे रखा है कुछ कैमरे का ,उसने टाइगर की बहुत मदद की है जासूस के बारे में बता कर ,वो अक्सर डॉ चुतिया के साथ ही आता है,पता नही क्यो उसे देखकर मुझे हमेशा लगता है की वो तुमसे बहुत ही ज्यादा प्यार करता है ,यहां तक टाइगर को लगने लगा है की वो तुम्हारा पति है .."
मेरी सांसे तेज हो गई विकास जी ...नही नही ये नही हो सकता वो तो ..लेकिन मुझे कौन प्यार करने वाला आ गया ,और डॉ चुतिया ??? वो तो विकास जी के ही फ्रेंड है ,
"टाइगर को क्यो लगता है की वो मेरे पति है,"
"क्योकि टाइगर जब तुमसे आज क्लब में बात कर रहा था और फिर तुम्हे रूम में ले गया तो वो शख्स वही पर था,मुझे उसका नाम तो नही मालूम लेकिन वो सब छोड़कर तुम्हे ही देखने आता है ,और टाइगर ने उसके रिएक्शन के बारे में मुझे पूछा जब तुम उसके साथ कमरे में गई थी ,उसे तो कन्फर्म लगता ही की वो तुम्हारा पति है ,और ऐसे भी हमारा क्लब cucklod फेंटेसी वालो का गढ़ है ही,कुछ महीनों पहले भी वो डॉ के साथ आया था और एक शादी शुदा कपल को सेक्स करते हुए देखा था जब उसकी बीवी हमारे वालेंटियर से सेक्स कर रही थी,मुझे पता नही की टाइगर और उसके बीच क्या है लेकिन टाइगर को लगता है की वो तुम्हारा पति है और वो cuckold है..."
मेरा माथा ही गर्म हो गया ,ये क्या हो रहा है क्या विकास जी ,नही नही ऐसा नही हो सकता ,इसी क्लब में तो डॉ के साथ शराब पी रहे थे,क्या वो उसी दिन की बात है क्या वो ये सब देखने यहां पहुचे थे ,क्या वो सबूत इकठ्ठा करके मुझे तलाक देना चाहते है? लेकिन उनकी आंखों में आज तक मुझे कोई भी गुस्सा नही दिखा वो तो मुझे दिलो जान से प्यार करते है ,क्या वो मुझे आजमा रहे है,लेकिन क्यो,अगर उन्हें पता है की मैं उनसे झूट बोल रही हु तो उन्हें तो गुस्सा आना चाहिए था,अगर उन्हें मिश्रा जी ,रॉकी ,या प्यारे के बारे में पता होता तो उन्हें गुस्सा होना था ये वो शायद मुझे डिवोर्स ही दे देते ,नही नही ये वो तो नही हो सकते ....क्या सच के वो cuckold है??????
नही ऐसा कैसे हो सकता है?है भगवान काश वो शख्स कोई दूसरा हो ,मैं विकास जी को ऐसे दलदल में फंसने कैसे दे सकती हु..
मेरा मन बहुत ही विचलित हो गया था ,मेरे आंखों में इस कदर चिंता देखकर नेहा भी विचलित हो गई .
"हे काजल क्या हुआ तुझे ,यार मैंने ये तो नही कहा की वो तुम्हारा पति ही है ,वो हो सकता है बस ,और अगर हुआ भी तो क्या फर्क पड़ेगा ,तेरे लिए तो अच्छा ही है ना ,नए नए मर्द वो भी पति के टेंशन के बिना "
मैं नेहा को आंखों में आंसू भरकर देखा ,
"तुझे पता नही की विकास जी मेरे लिए क्या है,शायद इसलिए तू ऐसा बोल रही है,मुझे डर इस बात का है की कही अगर उन्हें मेरे अतीत के बारे में पता चल गया ,और वो शख्स सचमे वो ही होंगे तो क्या वो इतने टूट गए है की उन्होंने एक नजर भी दर्द का मेरी ओर नही किया,वो सारा दर्द क्या खुद ही पी रहे है,तू नही जानती नेहा की वो मुझे कितना प्यार करते है क्या वो सब वो। मेरे प्यार के लिए सह रहे है."
मैं फुट फुट कर रो पड़ी,नेहा और जूही ने मुझे सम्हाला .
"अरे पागल ये भी तो हो सकता है की उसे ये सब देखकर मजा आता हो ,हमारे क्लब में ऐसे ही लोग तो आते है."
मेरा दिमाग मेरे आपे से बाहर था,
"अगर ऐसा है तो मैं उन्हें हर वो मजा दूंगी जो वो चाहते है,लेकिन मुझे ये पता कैसे लगेगा "
"देख पहली बात तो हमे ये ही नही पता की वो तेरे पति है भी या नही ,दूसरा अगर वो सच में तेरे पति है तो मैं तो उनके साथ ही रहती हु ,मैं उनसे बात करूँगी,उन्हें ये नही पता चलना चाहिए की तुझे उनके बारे में पता है,मैं उनसे बात करके ये सब पता करने की कोशिस करूँगी,तुम बस अपने मिशन पर ध्यान दो ,और उसे ये थोड़े ही पता है की मैं तुम्हारी सहेली हु ,
ऐसे भी हमे अपनी पर्सनल जिंदगी के अलावा भी अभी बहुत कुछ करना है,हमे इस रैकेट को बर्बाद करना है वो भी किसी की नजर में आये बिना ,और हमे उस रोबर्टो तक भी तो पहुचना है,तुम बेफिक्र रहो मैं तुम्हारे संपर्क में रहूंगी,और अगर वो तुम्हारा पति हो या कोई भी हो तो मैं उसके बारे में हर बात तुम्हे बताऊंगी ,,,"
तभी नेहा का मोबाइल बजने लगता है ...वो हमे चुप रहने का इशारा करती है ,
"टाइगर का काल है "
"ह्म्म्म अच्छा ...क्या ???...ओह ...हा हा हा ,ठीक है ठीक है तुम ही मजे करना उसके पति को दिखाकर ."
वो फोन रख देती है और हम उसे उत्सुकता से देखने लगते है .
"वो तेरा पति ही है नेहा,विकास "
मेर पैरो से जैसे जमीन ही खिसक गई ,मुझसे अब खड़ा भी नही हुआ जा रहा था मैं लड़खड़ा गई ,नेहा को मेरी स्थिति का अंदाजा हो गया था उसने मुझे सम्हाला और अपने गले से लगा लिया .
"ये कैसे हो गया नेहा ,ऐसे कैसे हो सकता है ,विकास जी मेरे बारे में ..ओह माय गॉड ...मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई मुझे उनसे मिलना पड़ेगा मैं उन्हें सब सच सच बता दूंगी "
मैं अपने से ही बोलने लगी .
"तुम पागल हो गई हो क्या ,क्या इसी दिन के लिए हमने इतना खतरा उठाया था,अपना सब कुछ दाव पर लगाया,तुम किसी से कुछ भी नही कहोगी जो हो रहा है उसे वैसे ही होने दो जैसा प्लान है ,और ये हमारे लिए और भी अच्छी बात है की टाइगर को इस बात का पता लग गया अब तो उसे तुमपर बिल्कुल भी शक नही होगा.."जूही ने मुझे डांटा
"काजल मेरी जान मेरे लिए तेरी खुसी से बढ़कर कुछ भी नही है लेकिन इतनी जल्दबाजी ठीक नही है,पहले समझ तो ले की आखिर बात है क्या वो क्यो ऐसा कर रहे है अगर वो सच में ये मजे के लिए ही कर रहे है तो तब तो तुझे उनसे कुछ भी कहने की जरूरत ही नही है ,अगर इसके पीछे कोई और भी कारण हो तो हमे सोचना पड़ेगा ."नेहा ने मुझे समझाया .
मैं अब भी चुप ही खड़ी थी ...
अब उन्हें देख रही थी .
"मुझे उनसे मिलना है ,मैं उनकी आंखों में झांककर देखना चाहती हु की क्या वो सच में मुझसे प्यार करते है ."
इस बार उन्होंने मुझे कुछ भी नही कहा मैंने तुरंत फोन निकल कर विकास जी को लगाया .
"हैल्लो "
"मैं आ रही हु "
"कहा ???पागल हो गई हो क्या ,अभी तो मैंने कहा था की मैं सोने जा रहा हु ,क्या हुआ है जान तुम्हे आज "
"अगर आप सो गए होते तो एक ही बार में फोन नही उठाते,आप भी तो मुझसे मिलने को बेचैन हो ...मैं आ रही हु,तो बस आ रही हु "
विकास जी थोड़ा हँसे
"बेचारा रॉकी तुम्हारी नॉकरी छोड़ देगा ,इतने रात को तुम फिर से उसे लेकर आओगी "
"मैं अकेले आ रही हु "
"पागल हो गई हो क्या ,तुम अकेले नही आओगी ,जल्दी आओ और रॉकी के साथ आओ लव यु जान ,आई एम वेटिंग फ़ॉर यु ."
विकास जी ने बहुत ही रोमांटिक आवाज में कहा ,मेरी तो सभी चिंताएं उस एक आवाज को सुनकर ही खत्म हो गई,लेकिन कितने पलो के लिए ,जब मुझे इसका आभास हुआ की उन्हें सब पता है तो मैं फिर से कांप गई .
"लव यु जान ,बस थोड़ी देर और ."
मैंने रॉकी को काल मिलाया और उसे जल्दी से शहर आने को कहा ,वो बेचारा कुछ समझ पता इससे पहले ही मैंने उसे डांट कर जल्दी करने को कहा .
हम वहां से निकल कर एक रेस्टारेंट में बैठ गए,जंहा मैंने रॉकी को बुलाया था,उसे यहाँ आने में कुछ 45 मिनट लगे ,लगभग इतने ही दूर का रास्ता और तय करना था ....

60

विकास की नजर से
काजल मेरे पहुचने के कुछ देर बाद ही पहुच जाती है और आते ही मुझसे लिपट गई,
पता नही काजल ने रॉकी को क्या कह रखा था की रॉकी मुझे नमस्ते कर सीधे ही वरुण के कमरे में चला गया,काजल के व्यवहार से मुझे उसके मन की दुविधा का साफ साफ अनुमान लग रहा था लेकिन मेरा मन भी कम विचलित नही था,उसकी आंखे भीगी हुई थी ,ना जाने मन की गहराइयों में वो किस सोच में डूबी हुई थी ,
"काजल मेरी जान क्या हुआ तुम्हे "
वो बस अपना सर उठाती है और एक नजर मुझे देखती है ,उसकी भीगी हुई वो आंखे ना जाने कितने सवाल एक साथ मुझसे पूछ रही थी,कुछ शिकायत थी तो बहुत सारा प्यार भी था,शायद हम दोनो ही इस दुनिया में कुछ अजीब से अजूबे थे,हमारी एक दूसरे को लेकर जो शिकायते थी हम उसे भी प्यार की चादर में ढक देते थे,हम एक दूजे की कमजोरियों को भी ताकत ही मानते,हम एक दूजे के इतने प्यार में थी की हम समाज के नियमो,और शादी की मर्यादा की भी फिक्र नही करते थे,हम दुनिया के हर बंधनो से अलग थे ,हमारा प्यार सामाजिक मर्यादा से अछूता ही था,
वो फिर से मुझसे लिपट गई ,लेकिन मैंने उसे अपने से अलग करते हुए उसके लिए पानी की बोतल लायी ,वो सोफे में बैठी थी और मैं उसके बाजू में ,मेरा और उसका दिल एक साथ ही उसी गति से धड़क रहा था,हम दोनो को ही पता था की ये यहां क्यो आयी है,वो उठी और बैडरूम की तरफ जाने लगी,मैं उसके पीछे ही आ रहा था लेकिन उसने मुझे रोक दिया.
"जब बुलाऊ तो आना"
उसके चहरे में कोई भी शरारत नही थी जैसा की जब वो ऐसा कुछ बोलती तो होता था,वो बस अंदर चले गई ,थोड़ी देर में फिर से कमरा खुला इसबार उसके बाल खुले हुए थे और कपड़ो के नाम पर उसने एक झीनी सी नाइटी डाले हुए थी जो वो अधिकतर ही पहनती थी ,उसने कोई अदा नही दिखाई वो रूखी सी थी मैं अंदर गया वो बिस्तर में लेते हुई थी मुह तकिए से लगा हुआ था,पीछे से उसके रूप को देखकर शायद मैं दीवाना ही हो जाता लेकिन आज नही मैं बस उसके बाजू में जाकर बैठा और उसके बालो को सहलाने लगा,वो थोड़ी उठकर मेरे गोद में अपना सर रख लेटी रही ,
"एक बात पुछु "
"ह्म्म्म "
"क्या हुआ है तुम्हे "
"मैं एक बात पुछु "
"बोलो "
वो थोड़ी देर तक खामोश रही जैसे की सोच रही हो की आखिर शुरुवात कैसे करू
"क्या मैं आपको पसंद हु "
मेरी हँसी ही छूट गई
"ये कैसा सवाल है मैं तुमसे प्यार करता हु मेरी जान "
"किससे मेरे जिस्म से या मुझसे "
इस बार खामोश मैं था,
"जो भी तेरा है सबसे ,तेरे जिस्म से भी तुझसे भी ,तेरे मन से भी ,तेरी बातो से भी ,तेरी अदाओं से भी ,तेरे नखरों से भी ."
"बस हो गया .."वो उठकर मेरे सीने से लग गई और मेरे सीने में एक किस किया,
"आप तो मुझसे बहुत प्यार करते हो ये मैं भी जानती हु लेकिन मेरे जिस्म को अगर कोई दूसरा छुवे तो ..."
उसके सीने मेरे सिनो से टिके हुए थे और वो जोरो से सांसे ले रही थी यही हाल मेरा भी था,दिल की धड़कन बढ़ चुकी थी ,और सांसे अनियंत्रित थी ,उसे पता था की ये क्यो हो रहा है और मुझे भी पता था की ये क्यो हो रहा है.
"मैं उसकी जान ले लूंगा"
मैंने एक स्वाभाविक सी प्रतिक्रिया दी जो शायद मेरे दिल की गहराइयों से ही निकली थी ,
वो झट से अपना सर उठाई और किसी आश्चर्य से मुझे देखने लगी,उसकी आंखे अब बड़ी बड़ी हो गई थी जैसे उसे मेरे इस जवाब की उम्मीद ही नही थी,वो मेरे होठो को अपने होठो में भरकर जोरो से चूसने लगी ,हम दोनो ही बिस्तर में गिर चुके थे ,उसकी आंखों से पानी अब भी बह रहा था लेकिन हल्के हल्के ,जब हम थोड़े अलग हुए तो वो मेरे गालो को सहलाने लगी ,
"और अगर कोई छूने से ज्यादा मेरे साथ करे तो आप क्या करोगे "उसके चहरे में एक मुस्कान आ गई ,एक अजीब सी मुस्कान जिसने मेरे दिल को चीरकर रख दिया ,
मेरी आंखों में जैसे खून उतर रहा था मैं किसी भी प्रकार के जवाब देने की स्थिति में ही नही था ,वो फिर से मेरे गालो को सहलाने लगी ,
"मैं आपको एक कहानी सुनना चाहती हु ,एक बार एक लड़की थी , जो बहुत ही साधारण सी थी,बहुत सुंदर और मासूम थी ,नेकदिल थी ,लेकिन उसपर एक भेड़िए की नजर पड़ी ,और उसने लड़की को अपने प्यार के जाल में फंसा कर उसे एक दूसरे भेड़िए को बेच दिया,दोनो में सौदा हुआ ,दोनो ही हवस से भरे हुए थे,दोनो को ही लड़कियों को नोचने में मजा आता था,लेकिन लड़की की किस्मत बहुत ही अच्छी थी ,वो ना सिर्फ उनसे बच गई बल्कि उन्हें अपनी मासूमियत और जिस्म से काबू में भी कर लिया ,इसके लिए उसे कुछ कुर्बानियां भी देनी पड़ी ,उसे अपनी मासूमियत ही दाव पर लगानी पड़ी ,वो अब मासूम नही रह गई ,लेकिन फिर भी वो प्यार कर सकती है शायद बेहद प्यार ,किसी अपने से जो उसे बहुत प्यार करता है,उसे वो अपना भी मिल गया,लेकिन अब उसे अब पता चला की जिसने उसकी जिंदगी से मासूमियत छीनी थी वो लोग अब भी आराम से जी रहे है ,लकड़ी अब उनकी जिंदगी हराम करना चाहती है ,उन्हें कुत्तों की मौत मारना चाहती है,लेकिन इसके लिए उसे अपने प्यार से भी धोखा करना पड़ा ,...."
वो चुप हो गई अब मेरे आंखों में भी पानी थे लेकिन मुझे ये समझ ही नही आ रहा था की आखिर वो ये सब मुझे क्यो बता रही है मैं संवेदनाओ में बहना नही चाहता था मैंने बहुत ही मुश्किल से खुद को नियंत्रण में रखा था,
"अगर उसके प्यार को उसके धोखे का पता चल जाएगा तो क्या उसका प्यार उससे दूर चले जाएगा "आखिर उसने वो कह दी दिया जो वो कहने आयी थी ,उसे मुझसे नाराजगी नही थी वो यही समझती थी की मैं उसकी जासूसी कर रहा हूं और शायद कुछ .
मैं बस उसे देख रहा था और वो मुझे .
"क्या सुनना चाहती हो "
"वही जो आपका दिल कहे"
"कौन है वो लड़की "
"ये एक कहानी है "
"हर कहानी हमेशा ही सच्चाई से जन्म लेती है "
वो थोड़ी देर तक चुप रही
"शायद ये भी कोई सच्चाई है ,आपने जवाब नही दिया "
"अगर लड़की का प्यार और उस लड़के का प्यार सच्चा होगा तो वो लड़का उस लड़की को समझेगा "
वो थोड़ी रिलेक्स हुई
"एक चीज और पूछनी थी "
"क्या "
"क्या कोई पति अपनी पत्नी को किसी दूसरे मर्द के साथ देखकर खुस हो सकता है "
साली कामिनी मुझे ही फंसा रही है,मुझे इसपर इतना गुस्सा कभी नही आया जितना की अभी आ रहा था,
"मुझे क्या पता ,"मैंने चिढ़ते हुए कहा
वो खिलखिलाकर हँस पड़ी मैंने उसे अजीब नजरो से देखा ,
"आप ना बहुत ही प्यारे हो मेरी जान "वो थोड़ा ऊपर सर किये मेरे होठो को अपने होठो में भर लि और इस बार वो बहुत ही जोरो से इसे चूसने लगी ...लेकिन मैं इस बार ठंडा था,
"अब आपको क्या हुआ "
"कुछ नही तुम हो मैं हु,हमारे बीच का प्यार है ,बस मेरे लिए इतना ही सही है,इससे ज्यादा ना इससे कम ."
वो मुझे बड़े ही प्यार से देख रही थी,
"कोई बीवी अपने पति को धोखा दे रही है तो उसे गलत कहने से पहले पति को ये जान लेना चाहिए की वो ऐसा क्यो कर रही हो,जरूरी नही की एक लड़की किसी और के बांहो में हो तो वो गलत ही हो,हो सकता है की जिस्म की कुछ ऐसी फरमाइस हो जिसे पति ही पूरा नही कर पा रहा है,या कोई मजबूरी हो,या बस उसका मन हो तो भी वो गलत नही है जबकि जिस्म उसका है वो किसी को भी परोसे इसमें वफ़ा और बेवफाई की बात कहा से आती है "
ये सब मैंने अनायास ही बोला लेकिन इससे काजल का मुह और मेरा दिमाग दोनो ही खुल गए,अनजाने में ही सही मुझे मेरे सभी सवालों का जवाब मिल गया था,हा जिस्म उसका है,और किस अधिकार से मैं उसके जिस्म का मालिक हु,सिर्फ क्या शादी कर लेना काफी होता है,
"लेकिन जान शादी और मर्यादा भी तो कोई चीज है"
काजल को शायद मेरी बात अटपटी लगी,
"ह्म्म्म वो तो है लेकिन ये किसने कहा की शादी से आपको दूसरे के जिंदगी का अधिकार मिल जाता है,उसके जिस्म का अधिकार मिल जाता है,जब कानून भी शादी के बाद बिना मर्जी के सेक्स को बलात्कार मानता है तो हम ये कैसे कह सकते है की शादी के बाद जिस्म पर अधिकार हो जाता है,हा शादी एक मर्यादा देती है लेकिन ये बनाया गया है हमारे सहूलियत के लिए ,तो हम इसे अपनी सहूलियत के लिए तोड़ भी तो सकते है "
मेरा चहरा थोड़ा दृढ़ हो गया वही काजल एक अजीब से नजर से मुझे देख रही थी ,
"आप को क्या हो गया है ,क्या अगर मैं अपने जिस्म को किसी दूसरे के हवाले करू तो आपको कोई भी फर्क नही पड़ेगा "
मेरी नजर उसपर पड़ी उसकी आंखों में अब एक अजीब सी तकलीफ थी ,
"पड़ेगा बहुत पड़ेगा,लेकिन ये बात जिस्म की नही इमोशन की है,तुम्हारा जिस्म किसी के साथ भी रहे लेकिन अगर तुम्हारे जस्बात मेरे लिए नही है तो शायद मैं टूट जाऊंगा .."
मेरी नजर नीची हो गई जैसे मैंने उसे अपने दिल की बात कर दी हो ,वो मेरे गालो को सहलाती है ,
"मेरे जस्बात हमेशा आपके ही लिए रहेंगे जान ,लेकिन एक लड़की अगर हवस के अंगारों में जल रही हो तो उसे क्या जस्बात की समझ होगी "
वो धीरे से बोली ,
"जस्बात जिस्म से नही दिल से निकलते है रानी ."
दोनो की ही आंखे अब नम थी दोनो ही एक दूसरे से अपना सच छुपा रहे थे जबकि दोनो ही जानते थे की हमे एक दूसरे का सच पता है ,शायद यही हमारा प्यार था.
"लेकिन जान ."
काजल कुछ बोलने को हुई लेकिन मैंने उसके होठो पर अपने उंगलिया रख दिए
"अब नही जान बस ..."मेरा दिल जोरो से धड़कने लग गया था,
"मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए ,लेकिन छीनकर नही तुम्हारे प्यार पर मेरा कोई भी काबू नही है ,लेकिन मेरे प्यार पर मेरा काबू है ,मैं तुम्हे दिलो जान से प्यार करता हु,और चाहे जो भी हो जाए करता रहूंगा,बस और कोई बात नही ,जो है जैसा है वो बस है,मुझे कुछ भी नही बदलना मुझे कुछ भी नही करना बस तुम्हे प्यार करना है और मुझे कुछ भी नही चाहिए,मुझे तुम्हे पर करने का अधिकार है ,तुम्हारा प्यार पाना मेरा अधिकार नही बस किस्मत है ...."
मैं अपने भीगे हुए नयनो से काजल को देखने लगा वो बस थोड़ी देर मुझे देखती रही और रोते हुए मुझसे लिपट गई.

61

काजल की नजरो से
विकास जी से बात करके मुझे बहुत ही शुकुन मिला पता नही क्या हो गया था मुझे जो मैं पागलो की तरह उनसे बात करने चली आयी,मुझे क्या जानना था,की विकास जी क्या कर रहे है,और मुझे पता क्या चला ???????
मुझे पता चला की वो मुझे बेइंतहा मोहोब्बत करते है ,अब वो कुछ भी कर रहे हो मुझसे उससे कोई भी परेशानी नही थी ,वो क्या है मुझे उसके बारे में नही जानना,जो मुझे जानना था वो मैं जान चुकी थी ,और मुझे क्या करना था????
मुझे वही करना था जो मुझे करना है ,मैं उनसे रात भर प्यार करके उनकी बांहो में थी ,सुबह के 4 बजे थे की मेरे फोन की घण्टी बजी,देखा मिश्रा जी का काल था,
"हैल्लो "
"अगर तुम विकास के पास हो तो उससे दूर जाकर बात करो "
मैं उठाकर कमरे से बाहर निकली
"काजल विकास अपने काम में जा ही नही रहा है पता नही वो कहा जा रहा है ,तुम होशियार रहना "
मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई
"ह्म्म्म किससे ?"
"विकास से और किससे "
मैं एक गहरी सांस लेकर छोड़ती हु
"आपको किसने बताया "
"रॉकी ने ,वो वरुण से बात कर रहा था कल रात दारू के नशे में उसने सब उगल दिया साला वरुण उसे तो मैं बाद में देखूंगा "
"रिलेक्स ..वो कहा जाएंगे जाते होंगे कही घूमने ,और रही बात विकास जी से होशियार रहने की तो मुझे उनसे कोई प्रोब्लम ना कभी थी ना अब है वो जो करते है वो उनका पर्सनल मेटर है ,और आप तो मुझे समझना छोड़ ही दीजिये मुझे जो करना है मैं वो कर लुंगी "
मिश्रा झल्ला गया
"देखो काजल तुम इस मिशन में जाना चाहती थी मैंने मना नही किया लेकिन अब तुम ऐसे बेपरवाह होकर "
"देखिए मिश्रा जी मैं अपने फैसले खुद लेती हु ,अब मैं तो कालेज की काजल नही रह गई ,तो मुझपर प्यार जताना बंद करो और अपना काम करो मेरे या मेरे पति के काम में दखलंदाजी मुझे पसंद नही ,और हा ये विकास की जासूसी करना बंद कीजिये आप"
मेरा माथा गर्म हो गया था ,मिश्रा भी कुछ नही बोल पाया और चुपचाप फोन रख दिया ,
मैंने अपना मोबाइल देखा ,और एक आह भरी जूही का मेसेज आया था,अब काम जल्दी से खत्म करने का वक़्त आ गया था....

विकास की नजर से
मेरी नींद पानी के कुछ बूंदों से खुली,जब सर उठाये देखा तो काजल का वही प्यार चहरा सामने आया जिसके आगे मुझे दुनिया का कोई भी सही गलत नही दिखता था,काजल नहाकर आ रही थी,उसके शरीर से ताजा नहाने के कारण एक प्यारी सी खुसबू मेरे नथुनों को भर रही थी,वो बड़े ही प्यार से मेरे चहरे को देखे जा रही थी मेरी भी एक मुस्कान खिली और मैंने उसे बांहो में भर लिया,उसके शरीर में भी थोड़ी नमी थी जिसका प्यारा सा अहसास मेरे जिस्म को भी हुआ,थोड़ी देर हम यू ही लेटे रहे फिर वो उठी और तैयार होने लगी मैं अब भी बिस्तर में ही था,
"तुम्हारे लिए कुछ लाया था,सोचा था की किसी खास पल में दूंगा लेकिन रहा नही जा रहा है,"
काजल मेरी ओर देखने लगी ,मैं उठा और अपने आलमारी से एक छोटा सा रिस्टवाच निकालकर उसके सामने कर दिया .
"वाओ कितना प्यारा है,ये कब ले लिए "
"जब शहर गया था ,"वो उसे अपने हाथ में थामकर देखती है और मेरे गले से लग जाती है,वो प्लेटिनम की पट्टी वाला वाच बहुत ही खूबसूरत था,वो उसे देखकर फिर से मेरे गालो में एक प्यार भरा चुम्मन ले लेती है ,
"जान मुझे छोड़ने बाहर तक नही आओगे ."काजल जाने को तैयार हो चुकी थी ,मैं उठकर उसे पीछे से पकड़ लिया ,
"नही तुम्हे जाते देखना सबसे दुखद काम है "वो मोदी और हमारे होठ मील गए ,थोड़ी देर में ही काजल वापस अपने काम में जा चुकी थी ..
मैं भी जल्दी से फ्रेश होकर बाहर आया नाश्ता कर मैंने वरुण को अपने ऑफिस चलने कहा ,ऐसे भी मेरा मन मेरे काम पर नही लग पा रहा था और इससे मुझे प्रॉब्लम हो सकती थी ,मैं फिर से कमरे में आया और एक छोटा सा माचिस की डिबिया सरीख यंत्र उठा लिया और उस यंत्र में लगे एक एक बटन को दबाया पास पड़े एक हेडपीस को अपने कानो में घुसाया जो की वायरलेस होने के कारण इतना छोटा सा था की वो बस कानो के अंदर और बाहर थोड़ी से जगह बस घेर रहा था,मैंने इयरपीस लगाया है ये भी बहुत ध्यान से देखने पर ही पता लगता मैंने उसे उस यंत्र से ब्लूटूथ के माध्यम से कनेक्ट किया था,मुझे कुछ भी सुनाई नही दिया ,बस रेडियो की आवाज ,शायद काजल अभी गाड़ी में होगी,मैंने जो रिस्टवाच काजल को दिया उसमे एक छोटा लेकिन बहुत ही प्रभावी माइक लगा हुआ था,जिसका रिसीवर वो छोटा सा यंत्र था,जिसको मैंने अपने इयरपीस से कनेक्ट कर रखा था,ये आईडिया डॉ ने मुझे दिया था लेकिन मैं इसे अभी तक टालता रहा था लेकिन अब जब मुझे पता था की काजल अपने मिशन को लेकर कितने हद तक समर्पित है और कैमरे से मुझे बस तस्वीरे दिख सकती है ,और जूही और रेहाना से हुई मुलाकात के बाद , मैंने सोचा की क्यो ना इससे ही उसके बारे में पता लगाया जाय.
मैं उसे यथावत ही लगे रहने दिया और मैं अपने काम को निकल पड़ा,वँहा मेरी मुलाकात सुरेश से हुई जो की वहां का प्रभारी था जो की मैं पहले ही बता चुका हु ,उसने मेरा बहुत साथ दिया और मेरा काम बस कुछ सिग्नेचर ही थे,वहां से निकलकर मैं फिर से अकेले शहर की ओर रुख किया...अब कुछ कुछ काजल की आवाजे आ रही थी कभी किसी और की लेकिन ऐसा कुछ अभी तक नही सुना था की कुछ गौर करू,मैं बाइक को तेजी से भागते हुए डॉ के घर पहुचा ,...
घर में दाखिल होते ही मैं चुका एक भारी शरीर का आदमी पूरे सोफे में फैला हुआ बैठा था,मुझे उसे पहचानते देर नही लगी ये तो इकबाल भाई थे,
"आप यहां "
"बस आपसे कुछ बात करनी थी "
" मुझसे बात आखिर क्या बात करनी है,"
" मैं यह जानना चाहता था कि आप की तैयारी कहां तक हुई है"
" किस बारे में "
"मुझे लगा तुम्हें पता होगा,"
" क्या"
" यही कि टाइगर नया असाइनमेंट लाने वाला है समुद्र के तट पर कल रात 12:00 बजे ड्रग्स का पूरा एक जखीरा उतरेगा"
मैं हैरान होकर उन्हें देखने लगा
" सोचा तुम्हें बता दू, शायद तुम्हारे कुछ काम आ जाए"
" लेकिन मैं इसमें क्या कर सकता हूं"
" वह तो तुम्हें सोचना है"
वह उठकर चले गए और मैं बस दिखता रह गया , आखिर मैं क्या कर सकता था,
वहां पर डॉक्टर और मलीना दोनों उपस्थित थे, उनके चेहरे में एक मुस्कुराहट थी
" तुम लोगों को क्या हुआ"
मैं आश्चर्य से बोला,
" बस देख रहे हैं कि तुम कितना सीरियस हो"
" किस चीज के लिए"
" टाइगर से लड़ने के लिए"
" मुझे कोई बदला नहीं लेना, मुझे तो बस काजल को बचाना है ,"
" आखिर हुआ क्या वो तो तुमसे मिलने आई थी ना"
" हां मिलने जो आई थी, बस यार बहुत कंफ्यूज हु, कभी-कभी समझ नहीं आता कि क्या करूं"
" क्या कर सकते हो जो चल रहा है चलने दो"
मैंने मायूस होकर डॉ को देखा वो अब भी मुझे ही देख रहा था
"अब तुम्हें क्या हुआ,"
" कुछ नहीं और तुम्हारा काम कैसा चल रहा है "
मैंने मलीना को देखते हुए कहा
" कहां फंसा दिया यार बिल्कुल फालतू है, दिन भर बस घूमते रहो"
" क्यों ना कल टाइगर के असाइनमेंट में रेट पढ़वाई जाए"
मैं चौक कर डॉक्टर को देखने लगा, देखो इससे ऐसा होगा कि टाइगर काजल से ध्यान हटा कर अपने काम पर ध्यान देगा इस काजल को मौका मिलेगा और शायद वह कुछ अच्छा कर पाए जो हम नहीं कर पा रहे, डॉक्टर की बात मेरे समझ में आ गई , मैंने तुरंत हामी भर दी, मेरे कान मे इयरपीस अभी भी लगा हुआ था, लेकिन अभी भी कोई खास बात काजल नहीं कर रही थी, आखिर वह कहां है,
 
"ओह बाला सी सुंदर जैसे किसी अजंता की कोई मूरत हो ,बहुत ही शिद्दत से तरासा है ऊपर वाले ने तुम्हे "मेरे कानो में एक जानी पहचानी सी आवाज आयी,वो टाइगर था,मैं सतर्क हो गया,मतलब था की काजल क्लब पहुच चुकी थी ,मैं जाकर सोफे में बैठ गया और अपने मोबाइल से क्लब का कैमरा देखने लगा,वो बार एरिया में ही थे टाइगर के साथ रेहाना भी थी,
"तारीफ करना तो कोई तुमसे सीखे ,ये कौन है,"
"ये रेहाना है मेरी सेकेट्री "
मैं अब तक मोबाइल खोलकर उन्हें देखने लगा था,काजल के हाथो में एक ड्रिंक था जबकि टाइगर और रेहाना अभी अभी आये हुए लग रहे थे,
"सुंदर तो ये भी कम नही इतनी हॉट सेकेट्री है और आप हमारे ऊपर डोरे डाल रहे है ,"काजल की वो कातिल सी मुस्कान से कोई भी घायल हो सकता था,
"आज तुम्हारा वो सो कॉल्ड पति नही आया "
"जब आपको पता ही लग गया की वो मेरा पति नही है तो उसको लाकर क्या करती,"
"तो तुम्हारा असली पति कंहा है "
"वो अपने काम में होंगे ,आपको उनसे क्या इंटरेस्ट है "
"अरे इन्हें तो पत्नी से ज्यादा पति पे इंटरेस्ट होता है ,"इसबार रेहाना थी
"हा अगर वो होता तो खेल का मजा दुगुना हो जाता "टाइगर एक कमीनी सी हँसी हँसता है ,
"मैं उन्हें यहां नही ला सकती मैं उनसे बहुत प्यार करती हु,"काजल ने धीरे से कहा
"यहां आने वाली सभी लडकिया अपने पति से प्यार करती है ,और वो जितना प्यार अपने पति से करती है उन्हें मजा भी उतना ही आता है"टाइगर के चहरे में फिर से कमीनी मुस्कान खिल गई थी ,
"चलो मेरे पप्राइवेट बार में चलते है "टाइगर का इशारा दोनो ही लडकिया समझ चुकी थी
"यहां भी तो अच्छा है ,यही बैठो "काजल ने उसे छेड़ते हुए कहा,
"यहां शोर शराबा बहुत है "
टाइगर ने रेहाना के कानो में कुछ कहा और वो सर हिलाकर वहां से चली गई ,इधर टाइगर और काजल भी मेरे स्क्रीन से गायब हो गए थे,यानी वो अब अपने उस प्राइवेट कमरे में थे जंहा से मैं उन्हें नही देख सकता था....
लेकिन उनकी बातो की आवाज मेरे कानो पर पड़ ही रही थी ,
"तो ..."दरवाजा बंद होने के बाद की ये दूसरी आवाज थी ,
"तो क्या "काजल की मदभरी आवाज आयी
"रुको ये क्या कर रहे हो "वो क्या कर रहे थे ये मैं सोचने की कोशिश ही कर सकता था ,
"क्यो क्या हुआ एक किस भी नही करने दोगी"
"नही ...अभी नही ,तुममें अगर हुनर है तो मुझे जीत लो फिर जो चाहोगे वो मिलेगा "
कुछ देर की खोमोशी .
"तो आपको जितने के लिए इस नाचीज को क्या करना होगा ."
"कोशिस ...मैं इतनी सस्ती हो नही हु मिस्टर टाइगर ,जो आसानी से आपके हाथ आ जाऊ "काजल के हँसने की आवाज मेरे कानो में गूंज गई ,
"आउच ,बोला ना नही ...ऊऊऊ छोड़ो .."ऐसा लगा की उसने काजल को जबरदस्ती ही जकड़ कर किस कर लिया हो .."शैतान हो तुम "
टाइगर के जोरो से हँसने की आवाज आयी
"कम से कम इतना तो मुझे मिलना ही चाहिए "
"तो इसके लिए अब तुम जबरदस्ती करोगे "
"नही मेरी जान बस कंट्रोल नही हो पाया तुम हो ही इतनी हसीन "
"अच्छा "काजल ने बड़े ही प्यार से कहा जैसे शहद चांट लिया हो ..
"अब हाथ छोड़ने का इरादा है जनाब का ,और अगर ऐसे ही अपनी ताकत की नुमाइश करोगे तो कल से मैं तुम्हारे इस क्लब में नजर ही नही आऊंगी "
"अरे ये क्या गजब कर रही हो अच्छा बाबा सॉरी "
"गुड बॉय चलो मेरे पास आओ "
"ऊऊऊ मम "ऐसा लगा की वो फिर से एक दूसरे के होठो को अपने होठो में समाय हुए है ,पुच पुच आवाज से मेरे कान भर रहे थे
"वाओ तुम मुझे पागल कर दोगी "टाइगर अपनी सांसे सम्हालते हुए बोला
"तो हो जाओ ना "काजल की आवाज मदभरी थी ,बहुत ही नशीली
"अब ऐसे मत देखो मैं सच में पागल हो जाऊंगा "
"रुको ,आज के लिए इतना ही काफी है ,"काजल की फिर से हँसने की आवाज आई
"तुम्हारे लिए एक स्पेशल इंतजाम किया है ,यहां की खासियत है "
"क्या मसाज "
काजल की तरफ से कोई जवाब नही आया
"क्या हुआ "
"आज नही "
"क्यो "
"बस ऐसे ही "
"हम्म्म्म समझ गया ,कल तुम अपने उस किराए के पति को साथ लाना ,जब वो साथ रहता है तो तुम ज्यादा गर्म होती हो ,उसे जलाने में तुम्हे मजा आता है ,है ना "
काजल की तरफ से तो कोई आवाज नही आयी ,लेकिन काजल जरूर हल्के हल्के से हँस रही होगी,उनकी बातो से मेरे सीने में भी जलन होने लगी थी ,वही मेरे लिंग में एक अकड़ भी आ गई थी ,दोनो चीजे एक साथ बड़ी ही अजीब सा शुकुन देता था पता नही ये क्या था लेकिन जो भी था ,बड़ा ही मजेदार था....थोड़ी देर में ही काजल वहां से चली गई ,आज वो रॉकी को साथ क्यो नही लायी और इतनी जल्दी ही जाना भी मुझे उसके किसी दूसरे प्लान की ओर संकेत कर रहा था ,
इधर डॉ गायब था और मलीना मुझे घूरे जा रही थी ,
"आप काजल के लिए इतने पागल हो तो चले क्यो नही गए क्लब "
"पता नही जान आज मन ही नही हुआ "मैंने उसे खीचकर अपनी गोद में बिठा लिया
"ये चुतिया कहा गया "वो जोरो से हँसने लगी ,इकबाल भाई अपनी बीवी की कोई प्रॉब्लम लेकर यहां आये थे,अब उनकी बीवी उनके साथ नही रहना चाहती ,अब चुतिया जी उसकी बीवी को मनाने गए हुए है ,साथ ही कहा की वो जूही से भी मिलेंगे ,"
मुझे आश्चर्य हुआ ,
"जूही से क्यो "
"क्या पता,और आपका ये इतना क्यो मचल रहा है ऐसा क्या सुन लिए "उसने मेरे लिंग पर हाथ फेरा
"कमरे में चलो बताता हु "उसके होठ मुस्कुरा उठे और हम दोनो उठाकर कमरे में चले गए .

"तो क्या उस गोदाम से कुछ भी नही मिला "
काजल की आवाज में एक सनसनी सी थी ,जो मेरे कानो में भी आ रही थी
"नही अभी तक तो कुछ भी नही,ड्रग्स को बोरियों में भरकर नही रखा जाता ,एक छोटे से थैले में ही करोड़ो का माल हो सकता है ,ये तो अब नेहा ही बता पाएगी की आखिर असली सामन कहा रखा गया है "
ये आवाज जूही की ही होगी
"ह्म्म्म नेहा को तो उसके रग रग का पता होना चाहिए,"
"मुझे नही लगता क्योकि टाइगर उससे उतना ही काम लेता है जितने की उसे जरूरत हो ,वो बहुत ही शातिर अपराधी है,लगता है तुम्हे ही मेहनत करनी होगी "
"लेकिन कैसे ?"
"उसके करीब जाओ और पता करो "
"वो अपने राज मुझे क्यो बताने लगा "
"उसे अभी तो यही लगता है की तुम मजे करने उसके पास आई हो और तुम्हारा पति अपने मजे के लिए ,वो तुम दोनो में ही उलझा हुआ है जिसका हमे थोड़ा फायदा तो मिल ही रहा है ,अगर तुम उसका विस्वास जीत लो तो शायद कुछ और भी हो सकता है "
"वो साला तो मुझे बॉडी मसाज देने के फिराक में है 'काजल की हँसी मेरे कानो में पड़ी
"तो ले ले तेरे पति को भी थोड़ा मजा आ जाएगा और तुझे भी "
जूही ने उसे छेड़ते हुए कहा
"अरे नही यार एक तो उनके होने के अहसास से ही मेरा दिल बैठ जाता है ,पता नही कैसे करूँगी "
"मेरी जान जब वो सब जानते हुए तुझे नही रोक रहा है तो समझ ले की वो भी इस चीज के लिए राजी है,तू तो अपने कारनामे दिखा,जगा अपने अंदर की उस काजल को जिसके अदाओं पर लोग दीवाने हो जाते थे,और अब तो तेरी कसीस और भी बढ़ गई है .."
जूही की बातो से मेरे लिंग में एक हलचल हुई ,हा काजल की कसीस पहले से कही ज्यादा बढ़ गई है ,शायद वो मेरी और रॉकी की मेहनत का ही नतीजा था..
"तो कल ले लू बॉडी मसाज "
काजल की इठलाती हुई आवाज मेरे कानो में पड़ी
"बिल्कुल "
दोनो ही सहेलियां हँस पड़ी ,

इधर मैं मलीना को दो बार रगड़ चुका था ,वो मेरे इस बर्ताव से बहुत ही खुस दिख रही थी ,आज की रात भी मैं उसके साथ ही बिताने के फिराक में था ,मगर डॉ के घर में एक भूचाल सा आ गया था ,
"मैं अब उस आदमी को एक पल भी बर्दास्त नही करूँगी "
एक कर्कश सी आवाज से मेरा माथा गर्म हो गया और मैं अपने कमरे से बाहर आकर नीचे देखने लगा वहां मेरी और डॉ मुझे दिखाई दिए ,मेरी इकबाल भाई की पत्नी थी ,
"अरे यार ठिक है उसकी कुछ बुरी आदते है लेकिन इसका मतलब ये तो नही की तुम उसे छोड़ ही दो ,आखिर समाज से लड़कर तुम दोनो ने एक दूसरे से शादी की थी "
"यही तो गलती हो गई थी डॉ अब नही अब आप सोच लो की आप मुझे अपने पास रखोगे की मैं कही और जाऊ "
डॉ बड़ा चिंतित लग रहा था लेकिन मैं तो मेरी को देखते ही रह गया,क्या कमाल का जिस्म था उसका ,वो अभी एक पटियाला सलवार सूट में थी जो उसके भरे हुए जिस्म की खूब नुमाइश कर रहा था,सनी लियोन इन पटियाला सूट ,मेरे दिमाग में एक ही बात आयी .
अचानक ही वो ऊपर देखी और मुझसे नजर मिलते ही वो थोड़ी शांत हो गई ,शायद उसने मुझे पहचान लिया था वो बड़ी ही अदा से मुस्कुराई ,
मैं और मलीना नीचे आये ,डॉ ने हमारा परिचय कराया
"तो मेरा रूम कौन सा है "वो हल्के से बोली
"ऊपर गेस्ट रूम में समान रख लो अपना "
डॉ की आवाज थकी हुई थी ,उसके ऊपर जाने के बाद मैं डॉ की तरफ बढ़ा
"क्या बताऊ यार इन मिया बीवी के झगड़े में मैं पीस जाता हु ,अब इस बाला को कैसे सम्हालूंगा "
"क्यो इससे क्या दिक्कत है तुम्हे "
"अरे यार क्या बताऊ बड़ी खरनाक चीज है ,"डॉ इतना ही बोल पाया और अपने कमरे में चला गया ,..........

मैं काजल से रात में ही बात कर पाया ,उस रिस्टवाच के कारण मुझे तो उसकी हर बातो का पता चल रहा था लेकिन उससे फोन पर बात करना अपने आप में बहुत ही शुकुन दायक था ..

मैंने एक सिगरेट जलाई और मलीना के बाजू में लेट गया ,उसने मेरे कानो में लगे हुए हेडफोन को देख लिया था,जो की मैंने अब निकाल कर रख दिया था,मलीना उसे उठाकर अपने कानो में लगा लेती है ,और अजीब सा चहरा बनाती है,
"क्या हुआ "मैंने हँसते हुए उसे कहा
"कुछ नही इसमें तो कुछ भी सुनाई नही दे रहा है "
मैं फिर से हँस पड़ा,मेरे मेरे बाजुओ में आकर मेरे छाती के बालो खेलने लगी ,
"सच में आप कितने प्यारे हो मेरे बाबू "मैं उसके सर के बालो को सहलाने लगा,
"अरे ये लड़का कौन है "मलीना चौकी मैंने तुरंत उसके कान से हेडपीस निकाल कर अपने कान में लगा लिया
उधर से
"आज तुम मुझे अपने साथ क्यो नही ले गई "
"क्यो तुम्हे वँहा कुछ काम था क्या"
"नही लेकिन ."
"बस हो गया ना ,जब तुम्हारी जरूरत होगी ले जाऊंगी अब ऐसे मुह क्यो फुला कर बैठे हो "
कजल के हँसने की आवाज मेरे कानो में गूंज गई ,लगता है की मैंने ये डिवाइस लगा कर बड़ी गलती कर दी ,मैं ना सिर्फ काजल की वो बाते सुन रहा था जो की मुझे नही सुनना चाहिए था बल्कि इससे मेरा दिल भी दुख रहा था,चलो अच्छा है इससे थोड़ी प्रेक्टिस तो हो जाएगी कल के मसाज को देखने की हिम्मत मिलेगी,
मैं थोड़ा सा झुंझलाया लेकिन फिर मैं कान गड़ा कर सुनने लगा,
"थोड़ा पास आओ ना ,वैसे भी तुम आजकल मेरे पास ही नही आती "
"अरे आउच इतनी क्या जल्दबाजी मची हुई है तुम्हे "कजल की आवाज में थोड़ी नाराजगी थी जो इतनी थोड़ी थी की उसे इग्नोर किया जा सकता था ,
"अरे रुको तो सही थोड़ा फ्रेश होने दो "
"अरे मेरी जान मैं तुम्हे फ्रेश करता हु "ऐसा लगा जैसे की रॉकी ने काजल को बिस्तर में पटक दिया हो ,बदले में काजल की जोरो की हँसी गूंज गई
"आह ओ पागल कही के ,रुको तो सही ,नही ना ,अब बस ,बोला ना "
काजल उसके बांहो में छटपटा रही थी और मेरा लिंग अपने आकर में बढ़ रहा था,वो भी छटपटा रहा था मेरी बीवी के इस तरह मजे लेने पर ...मलीना के चहरे में फिर से खुसी झूम गई उसे पता था की अब मैं उसको जोरदार रगड़ने वाला हु ,
"ओह बोली ना बस ,हटो यहां से "काजल की आवाज में जो गुस्सा था और 'धड़ाम '
मेरी हँसी छूट गई ,शायद बेचारे रॉकी को काजल ने बिस्तर से गिरा दिया होगा
"ये क्या है काजल "वो झल्लाया हुआ बोला
"अपनी औकात मत भुला करो ,और तुमने मिश्रा को रिपोर्ट किया ???समझते क्या हो तुम अपने आप को ,तुम्हारे जैसे मेरे पीछे कई है और मैं उस होटल की मालकिन हु जंहा तुम काम करते हो समझ गए .."
बेचारे रॉकी के लिए तो मुझे भी दुख होने लगा ,यही वो लड़की है जिसकी मदद करने के लिए वो इतने खतरे उठा रहा है और ये उसे उसका औकात दिखा रही थी ,
"सुनो रॉकी अरे रुको तो सही "काजल की आवाज अब थोड़ी शांत थी
"देखो मैंने जो कहा वो गुस्से में कह दिया मुझे माफ कर दो ."
काजल ने बड़े ही प्यार से कहा लगा की जैसे वो उसके गालो पर हाथ रखी हो ..
"तुम कब इतने गुस्से में हो जाती हो और कब प्यार करने लगती हो समझ ही नही आता ,और उधर मिश्रा मेरे ऊपर दबाव बनाता है,तुम दोनो के बीच मैं पीस गया हु ,मैं तुम्हे प्यार करता हु काजल इसलिए ये सब झेल रहा हु ,लेकिन अब नही मैं जा रहा हु बहुत हुआ "फिर से कुछ टकराने की आवाज आयी जैसे की दो जिस्म आपस में टकराये हो ,
"रुको मेरी जान ,इतनी सी बात पर कोई नाराज होता है भला ,देखो मैं तो तुम्हारी वही काजल हु ना ,मैं अभी इस केस के सिलसिले में बहुत परेशान चल रही हु जान ,समझा करो,जब मैं मूड में होऊंगी तो तुम्हे पता चल ही जाएगा ना ,अभी मेरा मूड अच्छा नही है ,कल की भी तो तैयारी करनी है और कल तुम मेरे साथ ही चलना ओके"काजल ने उसके गालो में या उसके होठो पर इतनी जोरो से पप्पी दी की उसकी आवाज मेरे कानो तक पहुची ,बदले में फिर से एक चुम्मन की आवाज गुंजी ये तो होठो पर ही किया गया होगा,क्योकि गु गु की आवाज मेरे कानो तक आ रही थी ,मेरी प्यारी काजल अपने लवर के होठो को ऐसे चुम रही थी जैसे की कोई गन्ना चूसता हो
"अच्छा अब तुम जाओ ,मुझे आराम करना है ,ज्यादा देर रहे तो मेरा भी मूड बन जाएगा "काजल फिर से हँसी
"तो बना लो ना "रॉकी का अंदाज थोड़ा रोमांटिक था
"बदमाश कही के ,ये सब खत्म होने दो ऐसे भी मैं कहा भागी जा रही हु "
इस बार थोड़ी शांति थी ..बस दरवाजा बंद करने की आवाज आयी
"उफ ,एक बार ये काम हो जाय तो इस साले को भी इसकी असली औकात दिखाउंगी "काजल भुंभुनायी और मैं उछल पड़ा ,ये काजल मेरे समझ से हमेशा से ही बाहर थी ,वो रॉकी का यूज़ सिर्फ काम के लिए कर रही थी ,सोचने वाली बात थी ...लेकिन इतना सब होते होते मेरा लिंग तो फिर से सो चुका था और मलीना मुझे अजीब निगाहों से देख रही थी ,वो मेरे लिंग को मेरे पैजामे के ऊपर से दबाई
"आज नही जान ,कल के लिए इसे थोड़ा रिलेक्स दो कल इसे बहुत काम करना है ."
मैं हंसा और उसे किस कर सोने को बिस्तर में पड़ गया

दिल की धड़कने तो बार में घुसने से पहले से ही बढ़ी हुई थी आज मैं अकेला था साथ डॉ नही था,मैंने बहुत ही सोचा था तक जाकर ये फैसला कर पाया की मुझे यहां आना है ,मैं जानता था की टाइगर जानता है की मैं क्यो आया हु और साथ ही काजल भी साथ ही मेरे पास मौजूद रहने वाली नेहा भी और साथ ही मैं भी ये जानता हु की सभी जानते है ,
मुझे पता था की टाइगर मुझे पूरा शो दिखाने वाला है और साथ ही काजल भी उसका पूरा सपोर्ट करेगी ,इधर नेहा मेरे पास बैठी हुई मेरे एक्सप्रेशन देखने का काम करेगी,मैं बहुत ही बेचैन था लेकिन दिल का दर्द और दिल की मिठास में फर्क कर पाने की स्थिति में नही था,मैं बहुत ही घबराया हुआ बार पहुचा पहले दो पैक लगाया,कानो ने हेडपीस लगाया और सीधे ही टाइगर के ऑफिस में पहुच गया ,वँहा पर टाइगर नही था ,स्वाभाविक है आज उसे काजल पर हाथ जो साफ करना था वो उसकी तैयारी कर रहा होगा,नेहा उर्फ रेहाना ने बड़ी ही आत्मीयता से मेरा स्वागत किया आज तक तो मैं सिर्फ डॉ का दोस्त था लेकिन आज मैं उसके लिए उसकी जान से प्यारी दोस्त का पति भी था जो की उसकी चुदाई देखने को यहां आया करता है...उसके चहरे में पहले तो व्यंग दिखा लेकिन थोड़ी ही देर में वो नार्मल हो गई ,उसने मुझे बड़ी ही प्यार से बैठाया मेरे कानो का हेडपीस उसे दिख ना पाए इसलिए मैंने उस जगह को बालो से ढंका हुआ था ,मुझे कानो में थोड़ी थोड़ी आवाजे तो सुनाई दे रही थी लेकिन ऑफिस आने के बाद वो और भी स्पष्ट हो गई थी ,बार के शोरोगुल में और अपनी उत्तेजना में उसपर धयान जाना थोड़ा कठिन था,
नेहा ने मुझे ड्रिंक ऑफर की मैंने हा कर दी ,आश्चर्य की उसने वँहा ड्रिंक पहले से लेकर रखी थी पूरा इंतजाम मेरे लिए वँहा पर किया गया था बड़े स्क्रीन में अभी काजल और रॉकी बैठे दिख रहे थे साथ ही टाइगर भी था लेकिन वो कुछ बोल नही रहा था ,
"ये लोग अभी अभी आये है ,आज इनके बॉडी मसाज का प्रोग्राम है "नेहा ने बताया
"हम्म "
मैं एक सिप लगाया नेहा भी मेरे बाजू में आकर बैठ गई
उधर से रॉकी काजल और टाइगर के बात करने की आवाज आ रही थी ,
"तो रेडी हो "
"रेडी क्या बहुत ही एक्साईटेड ,पता नही तुम लोग ऐसा क्या करते हो की यंहा का मसाज हर जगह इतना फेमस हो "
"ड्रिंक खत्म करो बताता हु "टाइगर के आदेश में काजल तुरंत ही अपना ड्रिंक खत्म कर दी ,दोनो ही वँहा से उठकर जाने लगे ,
"अरे तुम भी आओ "टाइगर ने रॉकी को कहा रॉकी भी अब उनके पीछे था
वो लोग चले गए ,नेहा ने एक रिमोट उठाया और बटन दबा दिया ,उस कमरे में अभी वो लोग पहुचे नही थे ,सफेद कलर का वो कमरा जिसमे 3 कैमरे लगे थे ,क्योकि स्क्रीन में 3 ब्लॉक खुल गए थे जिसमे अलग अलग एंगल से तस्वीरे सामने आ रही थी ,कैमरे की क्वालिटी सचमे बहुत ही अच्छी लग रही थी ,बीचो बीच एक बड़ा सा सफेद कलर का मसाज बेड था ,पास ही एक सोफा था ,इसे इसी काम के लिये डिजाइन किया गया था ..
2-3 मिनट ही बीते होंगे की कमरे का दरवाजा खुला और तीनो अंदर आये ,वो जाकर सोफे में बैठ गए ,वो बात कर ही रहे थे की एक वेट्रेस हाथ में 3 ग्लास लेकर आयी तीनो ने पहला जाम खत्म कर लिया और टाइगर में उसे और भी जाम लाने का आदेश दिया,टाइगर बाहर गया और नेहा का मोबाइल बजा
"हा सर ,ओके ओके "नेहा के चहरे में मुस्कान फैल गई
"सर आप बैठिए टाइगर सर ने मुझे एक काम सौप दिया है "
नेहा के चहरे का भाव मैं समझ चुका था टाइगर ने जरूर उससे ये कन्फर्म किया होगा की मैं वँहा आ गया हु की नही ,और साथ ही उसने मुझे अकेले छोड़ने का भी आदेश दिया होगा,मैंने हा में सर हिलाया और साथ ही एक जाम अपने लिए भी बनाई ....

जाते जाते नेहा ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और प्यार से सांत्वना देने के अंदाज में दबाया ,उसकी आंखों में मेरे लिए एक अजीब सा भाव था,वो कमरे से निकली और मैं स्क्रीन में नजर गड़ाए बैठा रहा ,उधर से कुछ खास नही हो रहा था ,थोड़ी देर के बाद वहां एक लंबा चौड़ा आदमी दाखिल हुआ ,
"तुम्हे इसके हाथ से की गई मालिश बहुत पसन्द आएगी ,"टाइगर ने एक कुटिल मुस्कान अपने चहरे में लाई ,उस व्यक्ति को देखकर काजल रॉकी के साथ साथ ही मैं भी थोड़ा झेप गया,वो 6'5" की लंबाई वाला मांस की दुकान था,शरीर के एक एक मसल्स में मौजूद एक एक कटाव साफ साफ दिख रहे थे,वो अभी आधा नंगा था ,उसके एब्स को देखकर काजल के मुह से एक आह सी निकल गई ,
"तुम्हे पसन्द आया "टाइगर ने काजल को छेड़ते हुए कहा
"ये प्रोफेशनल है इसलिए डरने की कोई भी जरूरत नही है,बाकी ये ही तुम्हे गाइड करेगा "
टाइगर आराम से सोफे में जाकर बैठ गया ,उस व्यक्ति को मैं पहचानता था ,हा याद आया वो वही था जो उस दिन उस कपल के साथ था,जिसे मैं और डॉ चुपके से देख रहे थे ,मेरी उत्तेजना चरम पर पहुच गई थी,काजल की तेज हुई सांसो की आवाज मेरे कानो तक पहुच रही थी ,उस व्यक्ति ने उसे इशारा किया की वो एक खास कपड़े को पहने और आकर उस बिस्तर में लेट जाए जो की मसाज के लिए बनाया गया है ,काजल उस कपड़े को हाथो में ले ली और उसे बाजू के कमरे का इशारा किया गया ,जब वो कमरे में पहुची तो टाइगर ने एक अपने जेब से एक छोटा सा रिमोट निकाला और दबाया ,मेरे सामने की स्क्रीन पर उस कमरे के फुटेज आने लगे जंहा काजल गई थी ,
'इसकी माँ का '
मेरे मुह से अनायास ही निकल गया ,काजल थोड़ी खबरे हुई लग रही थी ,उसने उस कपड़े को फैला कर देखा,
वो एक नाइटी की तरह का कपड़ा था,झीना सा सफेद रंग का जो नीचे से छोटा था ,शायद वो काजल के घुटनो से थोड़ा ऊपर ही आ पता,कपड़े को देख कर ही लग रहा था की वो पारदर्शी था,पूरी तरह नही लेकिन अगर कपड़ा थोड़ा भी गिला हो जाय तो काजल का अंग अंग उसमे आसानी से दिखने लगता,काजल को ना जाने क्या हुआ वो हल्के से हँसी लेकिन थोड़ी ही देर में उसकी हँसी थोड़ी चिंता में बदल गई ,उसने अपने साड़ी का पल्लू हटाया ,कमरा एक चेंजिंग रूम से थोड़ा ही बड़ा था और एक आदमकद का दर्पण उसमे लगा हुआ था,काजल ने अपने कसे हुए वक्षो को देखा स्वाभाविक था की इस कपड़े को अपने शरीर में डालने के लिया उसे अपनी ब्लाउज़ उतारनी पड़ती वो अपनी ब्लाउज़ उतारने लगी ,उसके पहाड़ो की चोटी अपनी मस्ती में खड़े हुए थे,उसकी ब्रा से बाहर निकलने को बेताब थे ,मेरे मुह से भी एक आह निकल गई,मेरी काजल ,हा ये मेरी काजल थी मेरी पत्नी ,मेरी जान से ज्यादा प्यारी काजल थी ,क्या वो एक अनजान शख्स के सामने नंगी होने जा रही थी ,ये सोच कर ही मेरे दिल में तक टिस उठी और मेरे लिंग में एक झटका ,मैंने अपने हाथो से उसे मसाला ,दिल में ग्लानि का भाव आया जो काजल के मादक जिस्म को देखते ही चला गया,दिल थोड़ा भारी हो रहा था शायद अगर कोई जोर डाले तो रो ही डालू लेकिन इस लिंग का क्या ये क्यो ऐसे झटके मार रहा था ,काजल ने अपने हुस्न को निहारा ,सच में काम की देवी थी मेरी जान .वो अपने साड़ी को झटके से निकाल दिया वो आपने पेटीकोट और ब्रा में थी ,उसका सपाट पेट और गहरी नाभि किसी को भी दीवाना बना सकता था,उठे हुए कूल्हे पेटीकोट में भी इतने आकर्षक लग रहे थे की मेरे मन का भारीपन भी जाता रहा ,मेरे होठो से सिसकी सी निकली ,लेकिन काजल का चहरा थोड़ा दुखी सा था,उसने धीरे से पेटीकोट का नाडा निकाला और पेटीकोट के गिरते ही काले रंग की पेंटी को की उसके ब्रा के ही कलर का था झांकने लगा,वो उसके चूतड़ में जोक सा चिपका हुआ था,काजल के जांघो के बीच का आकर मुझे दीवाना बना रहा था,हा इसे मैंने कई बार देखा था और ना जाने कितनी बार उसे भोगा भी था लेकिन ये मेरे जीवन का एक अलग ही अनुभव था जिसे मैं जी रहा था ,काजल ने अपने गले में हाथ डाला और मंगलसूत्र को पकड़ लिया वो उसे ध्यान से देखने लगी ,उसकी आंखे शायद गीली हो रही थी ,मैं जितना सोचता था काजल शायद उससे कही ज्यादा मुझसे प्यार करती थी ,उसके इस हरकत से मेरी उत्तेजना जाती रही ,उसे नही पता था की मैं यहां भी उसे देख रहा हु ,हा उसे ये जरूर पता होगा की मैं उसे मसाज वाले कमरे में देख रहा हु लेकिन यहां का तो मुझे ही पता नही था ,वो तो टाइगर का रहम ही था,उसने शायद सोचा होगा कि मैं इसे देखकर हुमिलेट महसूस करूँगा लेकिन ये तो मेरी काजल थी ,जो अकेले में ही अपने मंगलसूत्र को निहार रही थी,उसके मन में क्या चल रहा था ये तो मुझे नही पता लेकिन उसका चहरा थोड़ा दुखी था वो फिर हल्के से हँसी,कैमरे का एंगल ऊपर से था लेकिन शायद ये उस कांच के ऊपर ही लगा हो ,मुझे काजल का चहरा और उसके कमर तक का शरीर साफ देख रहा था लेकिन नीचे देखने में परेशानी थी,वो सर उठाकर दर्पण की ओर देखी उसने अपना बेग उठाया और मोबाइल निकाला ,और किसी को फोन लगा दिया ,मैं स्तब्ध था जब मेरे फोन की घंटी बजी ,काजल सोच क्या रही थी ,उसका चहरा मैं देख सकता था लेकिन उसे नही पता था की मैं उसे देख पा रहा हु,
मैंने फोन उठाया
"हैल्लो "
"आई लव यु जान "काजल की हल्की सी आवाज मेरे कानो में पड़ी वो अपने आंखों में आये कुछ बूंदों को अपने हाथो से साफ कर रही थी ,
"लव यु टू डार्लिंग"
"आपसे एक बात करनी थी "
"ह्म्म्म"
"अगर मुझसे कोई गलती हुई तो आप मुझे माफ कर दोगे ना "काजल की आवाज में अजीब सी बेचैनी थी ,हम उस जगह थे जंहा हम दोनो ही पता था की हम क्या कर रहे है एक दूसरे की पूरी खबर हमे थी लेकिन फिर भी काजल की इस बात ने मेरे दिल के तार ही छेड़ दिए ,भगवान का शुक्र था की टाइगर ने ये फुटेज मेरे सामने रखा था वरना मुझे यही लगता की काजल मुझे जला रही है,कमरे के अंदर वो नंगी होगी मसाज करवाने के लिए बेकरार और मुझे जलाने के लिए फोन किया है ,लेकिन मैं देख पा रहा था की ऐसा कुछ भी नही था वो खुद एक पशोपेश में थी ,...मैं थोड़ी देर तक चुप ही रहा
"बोलो ना क्या हुआ आपको "
"तुम कुछ गलत कर ही नही सकती जान "मेरी आवाज थोड़ी सर्द थी,
"ऐसा थोड़ी होता है मैं भी इंसान हु मुझसे भी तो गलती हो सकती है"
"ह्म्म्म तुम इंसान हो लेकिन तुम जो भी करो मेरे लिए वो ही सही होगा,"
"आपकी बाते मुझे डरा रही है,इतना बड़ा बोझ मुझपर मत डालो जान ,बोल दो की क्या सही है क्या गलत ,मेरी गलती पर मुझे डांट दो ,वरना मेरे लिए ये बोझ बन जाएगा ,मैं इस बात का बोझ सह नही पाऊंगी की जो मैंने किया वो आपकी नजर में कही पाप ना हो ,आप दिल से मुझसे दूर ना हो जाय "काजल सुबकने लगी थी लेकिन फिर भी वो पूरी कोशिस कर रही थी की उसकी आवाज मुझतक ना पहुचे ,मैं स्क्रीन में देख सकता था की काजल अपनी आंखों में आये पानी को बार बार पोछ रही थी ,मेरा दिल भी भर सा गया ,लेकिन मैं तो खुद ही पशोपेश में था ,मुझे भी पता था की काजल किस बारे में कह रही है वही काजल को भी पता था की मुझे पता है की वो किस बारे में कह रही है,लेकिन फिर भी हम सांकेतिक बाते ही कर रहे थे ,मर्यादा और रिस्तो की एक दीवार हमे सीधे सीधे बात करने से मना कर रही थी,
"एक गहरी सांस लो "मैंने काजल को कहा वो हल्के से हँसी
"अरे लो ना "
"हम्म "वो गहरी सांस लेती और छोड़ती है
"अब रिलेक्स हो जाओ ,मेरे लिए तुम हमेशा सही हो थी और रहोगी,बस एक चीज याद रखना जो भी करना खुल के करना ,तुम उसमे डूब जाना ना दुनिया की परवाह करना ना ही मेरी क्योकि दुनिया से हमे कोई मतलब नही है और मैं कुछ भी हो जाय तुम्हारे साथ हु "मैंने पूरे कॉन्फिडेंट के साथ कहा जिससे काजल का चहरा खिल उठा
"ऊम्म्मआआ मेरी जान थैंक्स ,"वो थोड़े जोर से बोली
"लव यु "इस बार उसकी आवाज धीरे थी ,मैं भी हंसा
"लव यु मेरी जान "
काजल ने फोन रखा मैं अब भी स्क्रीन में नजर गड़ाए थे वो फिर से दर्पण को देखते हुए जोरो से गहरी सांसे ली जैसे कोई बड़ा काम करने जा रही हो और उस कपड़े को पहन ली ,मंगलसूत्र अभी उसके दोनो वक्षो की गहराई में डूबा हुआ था ,मांग में मेरे नाम का सिंदूर था ,हाथो में कुछ सुहाग की निशानी चूड़ियां थी ,और मेरा दिया रिस्टवाच ,माथे में मीडियम साइज की लाल बिंदी थी जो की उसके गोर मुखड़े में खिलकर आ रही थी ,ये रूप था जिसे मैं हर रोज देखा करता था या यू कहे की जब जब मैंने काजल से प्यार किया वो इसी रूप में मेरे पास आती थी .लेकिन आज उसका वो रूप किसी और को दिखाने के लिए था....

काजल कमरे से बाहर आयी और थोड़ी देर में मेरे सामने की स्क्रीन बदल गई ,इस समय कमरे में नेहा भी थी ,काजल अभी बिस्तर पर लेट रही थी ,रॉकी और टाइगर उसके हुस्न को मुह फाडे हुए देख रहे थे ,वही नेहा की नजर अभी काजल को देख रही थी ,टाइगर ने अभी अभी रिमोट से मेरा विव्यु बदला था,कैमरे के तीन एंगल मेरे सामने थे ,एक से मैं काजल की पीठ और मसाज करते हुए उस व्यक्ति को देख सकता था ,ये साइड विव्यु था जिससे पूरा कमरा मुझे दिखाई दे रहा था ,दूसरा नीचे लगाया गया था जिससे मैं काजल के चहरे को आराम से देख पता अगर वो सर उठाती ,अभी उसके लेटने पर मुझे उसके बाल दिख रहे थे ,और थोड़े बाजू का चहरा लेकिन अभी उसका चहरा पूरी तरह से नीचे था ,अगर वो सर घुमाती तो मैं उसके चहरे को आराम से देख पाता,वो पेट के बल लेटे हुई थी ,तीसरा भी साइड से पूरे कमरे का विव्यु दे रहा था ,कमरा ज्यादा बड़ा नही था और कैमरे की क्वालिटी अच्छी थी जिससे मुझे आराम से सब कुछ दिख पा रहा था,उस आदमी ने काजल के चहरे को उठाकर उसकी ठोड़ी के पास कुछ छोटे गड्ढे सा रखा जिससे काजल का सर थोड़ा ऊपर हो गया,उसके चहरे को अब सभी देख सकते थे ,वो हल्के से मुस्कुराई ,उस आदमी ने उसके बालो को पीछे करते हुए उसे साइड में सरका लिया ,अब काजल का चहरा स्पष्ट था,काजल की नजर नेहा से मिली उसने आंखों ही आंखों में उससे जैसे कुछ सवाल किया ,नेहा ने हल्के से हा में सर हिलाया ,और जो कैमरा काजल के चहरे को दिखा रहा था उधर इशारा किया काजल की आंखे सीधे उस कैमरे को देखने लगी ,एक बारी तो मैं ऐसे घबराया जैसे वो मुझे ही देख रही हो ,मुझे समझ आ गया था की काजल ने नेहा से क्या पूछा था और नेहा ने उसे क्या बताया होगा,लेकिन वहां बैठे बाकी लोग इसे जान नही पाए क्योकि किसी को नही पता था की नेहा उर्फ रेहाना असल में काजल की ही सहेली है..टाइगर ने नेहा को पास बुलाया और कुछ कहा नेहा वहां से निकल गई थी,वो आदमी अपने काम में लग चुका था ,मैंने एक ड्रिंक बनाई और हल्के हल्के सिप लेने लगा..
काजल के पैरो से मालिश शुरू हुई थी ,वो उसके एड़ी को मसल रहा था,वो एक पारदर्शी तेल का इस्तमाल कर रहा था ,काजल ने एक गहरी सास भरी जैसे वो कुछ सूंघ रही हो ,शायद वो तेल की ही खुसबू होगी,मेरी बीवी पर मेरे सामने हुआ किसी गैर का वो पहला स्पर्श ,मेरे अंदर से कोई झनकार उठी वही काजल ने एक आह भरी जिसकी आवाज मेरे कानो में भी पहुची ,
काजल की बाकियों के चहरे में एक मुस्कान आ गई,ऐसे तो काजल नियत से ही बहुत गर्म थी लेकिन फिर भी ना जाने टाइगर को क्या सुझा
"बेबी एक ड्रिंक लेना चाहोगी स्पेशल तुम्हारे लिए तैयार करवाया हु,उसे पीकर जन्नत में पहुच जाओगी "टाइगर के चहरे में एक अर्थ भरी मुस्कान तैर गई ,काजल थोड़ी देर सोचती रही लेकिन उसने ना में सर हिला दिया ,
"कॉमआन यार मजा आ जाएगा तुम्हे ,वो तुम्हे और भी गर्म कर देगा "टाइगर के चहरे में शैतानी मुस्कान खिल गई ,
"मैं तो ये सोचकर ही गर्म हो रही हु की मेरा पति मुझे देख रहा ह,मुझे अब किसी भी ड्रिंक की जरूरत नही है" "उसने रॉकी के तरफ इशारा किया लेकिन मुझे लगा जैसे वो मेरे बारे में कह रही हो,मेरा दिल बैठ गया लेकिन अगले ही पल मुझे ये भी याद आया की काजल ने उसे मना क्यो किया ,वो शायद जानती थी की टाइगर उसे क्या देने जा रहा था,शायद वही ड्रग्स ड्रिंक के फार्म में,जिससे काजल अपना सुध बुध खोकर वासना की अंधेरी राहों में गुम हो जाती ,लेकिन काजल तो दूध की जली थी,वो टाइगर के प्लान को समझकर बड़ी ही खूबी से उसे चुप करा दिया था,
काजल मुस्कुराते हुए रॉकी को देख रही थी जो की अपनी आंखे बड़ी बड़ी किये उस हुस्न को देख रहा था जिसे वो भोगा करता था(मुझे तो यही लगता था),शायद उसके दिल की धड़कन भी मेरी ही तरह बड़ी हुई थी ...वही टाइगर शैतानी हँसी से मुस्कुरा रहा था उसने वहां लगे कैमरे की ओर देखा और अपनी मुस्कान और भी चौड़ी कर दी जैसे वो मुझे चिढ़ा रहा हो ,
वो आदमी अपने हाथो का जादू काजल पर चलाने लगा था,काजल की आंखे अपने ही आप बंद होने लगी थी,वो सिसकिया ले रही थी अब लड़के का हाथ उसके घुटनो तक को रगड़ रहा था,उसके मजबूत हाथो का स्पर्श काजल को पागल बना रहा था ,उसकी सांसे अनियंत्रित होने लगी थी,उसका हाथ मजबूत गोल जांघो के पास पहुचा ,काजल की मोटी जाँघे मुलायम और गद्देदार ,मैंने अपने जीवन में उसे बहुत मसला था मुझे उस व्यक्ति पर रस्क हो रहा था जो आज मेरी बीवी के जांघो में बिना किसी रोक टोक के हाथ फेर रहा था,उसके निकर से उसका मजबूत और विशालकाय काला लिंग (जो की मैं देख चुका था )तना हुआ दिखने लगा ,वो भी अब काजल के जांघो को छू रहा था,काजल को भी इसका अहसास हो रहा होगा क्योकि वो हल्के से मुस्कुराने लगी थी ,वो नाइटी को ऊपर उठा रहा था जैसे जैसे उसके हाथ ऊपर जाते वहां ढका हुआ कपड़ा ऊपर उठ जाता,
इधर मेरे लिंग का भी हाल कुछ अच्छा नही था मैं उसे बाहर निकलना चाहता था लेकिन मन में भरा हुआ वो दर्द जो मुझे ये सब देखकर हो रहा था वो मुझे इसे निकलने से मना कर रहा था ,मैं खुस की भावनाओ के द्वंद में फंसा कभी रोने तो कभी हँसने की स्तिथि में पहुच गया था,सही गलत के बीच फंसा मेरा मन एक जगह पर टिक ही नही पा रहा था,अभी अभी लड़के ने काजल के जांघो पर अपना लिंग जोर से दबाया था ,
"आह "काजल ने धीरे से कहा ,और मेरे लिंग ने फुंकार मारी,साथ में मेरी आँखों ने आंसू छोड़ दिए ,मैं एक नया पैक बना कर तुरंत ही पी गया ,काजल का कपड़ा अब उसके जांघो से पूरी तरह से ऊपर था,चूतड़ों की गोलाई और भराव अब झांकने लगे थे ,मुलायम चूतड़ पेटी में कसे हुए ,दूधिया रंग के और आपस में कसे हुए थे,उस उत्तेजक दृश्य ने रॉकी और टाइगर की हालत भी खराब कर दी थी ,वो अपने पेंट से ही लिंग को मसलने लगे थे ,टाइगर उठा और काजल के चूतड़ों से कपड़ा उठा कर उसके कमर तक ला दिया ,वो अभी पेंटी में थी लेकिन फिर भी इतनी मदमस्त रस से भरी और भारी से कसाव वाले नितम्भो को देखकर बुड्ढे का भी लिंग झटके मारने लगे,टाइगर अपने हाथो से उसे सहलाने लगा ,काजल की आंखे और भी जोरो से बंद हो गई थी ,वो हल्की हल्की सिसकिया ले रही थी जो की मेरे कानो में गूंजने लगा था,मुझसे बर्दास्त नही हुआ और मैं वँहा से उठने ही वाला था की टाइगर की आवाज मेरे कानो में पड़ी ,
"ये देख पूरी गीली हो गई है अभी से "

वो हंसा और रॉकी भी उठकर उसके पास आकर देखने लगा ,मैं फिर से वही जम गया,काजल की योनि रस से भीग चुकी थी जिसका सबूत उसकी पेंटी से झांकता हुआ वो गीलापन था जो की उसके योनि के रिसाव के कारण बना था,टाइगर अपनी उंगलिया उसके योनि के पास ले जाता और एक उंगली उसके योनि के फांको के बीच चला देता है ,
"आह नही "काजल धीरे से और लंबी सांसे ले कर बोलती है वो अपना चहरा पीछे करके झूठे गुस्से और हल्की मुस्कुराहट से टाइगर को देखती है ,रॉकी भी काजल को छूने वाला होता है लेकिन टाइगर उसे मना कर देता है
"तुम पति हो पति को छूने का नही बस देखने का अधिकार है"
रॉकी की आंखे मानो रोने को हो गई थी ,वही हाल मेरा था ,उत्तेजना और कुछ ना कर पाना बहुत ही दर्द देने वाला होता है,इसे ही तो cuckold कहते है,टाइगर झुका और काजल के गालो में अपनी जीभ चला दिया ,वो अपने हाथो को उठाकर उसके कन्धे को प्यार से मारती है,और अपने गालो से उसके लार को पोछती है ..
इधर वो लड़का काजल के चूतड़ों तक पहुच चुका था ,काजल की पेंटी तेल से ऊपरी तरह से भीग चुकी थी उसका हाथ चूतड़ों को मसलता हुआ उसके योनि तक आ गया लेकिन बस टच करके उसने अपना हाथ वापस ले लिया ,काजल बुरी तरह से मसली ,उसके चहरे में एक नाराजगी का भाव जागा लेकिन लड़का मुस्कुरा दिया ,अब उसका लिंग काजल के नितम्भो पर साइड से वार कर रहा था,वो लिंग को हल्के हल्के से रगड़ रहा था,उसका हाथ काजल की पेंटी तक पहुचा वो उसके इलास्टिक को पकड़ कर उतारने की मुद्रा में हुआ लेकिन टाइगर ने उसे रोक दिया
"अभी नही "
वो बिना कुछ बोले ही काजल की नाइटी को उसके सर से पूरा ही उतार दिया अब काजल बस ब्रा और पेंटी में लेटी हुई थी ,वो पीठ पर तेल की धार गिराने लगा और फिर एक ही बार में पूरे पीठ पर हाथ फेरने लगा जब तेल पूरी तरह से फैल चुका था तब वो धीरे धीरे एक एक इंच को बड़े ही प्यार से मसल रहा था ,उसने काजल की ब्रा भी पीछे से खोल दी थी ,जिससे उसका हाथ काजल के नंगे पीठ पर आराम से चल रहे थे ,उसका हाथ कभी काजल के उरोजों के एक छोर से टकराता और काजल के मुह से आह निकल जाती ,
इधर मेरा हाल और भी बुरा हो रहा था मुझे पता था की इसका अंजाम क्या होगा और मैं वहां से उठने लगा अब इसे देखना मेरे बस के बाहर था ,मैं उठकर कमरे में टहलने लगा था तभी कमरे का दरवाजा खुला जिसकी भनक मुझे नही थी,मैंने मुक्का बंदकरके जोरो से दीवार पर मारा वो मैं तीन बार किया जिससे मेरी उंगलिया ही छिल गई और उससे खून आने लगा ,मैं पीछे मुड़ा तो नेहा खड़ी थी और मुझे अजीब से नजर से देख रही थी ,मैंने खुद को सम्हाला और अपने आंसू पोछे ,मैं वँहा से जाने लगा लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और खिंचते हुए उसी कुर्सी पर बिठा दिया ,और खुद घुटनो के बल मेरे सामने बैठ गई ,वो बड़ी ही चिंतित थी ,क्योकि मैं कोई दूसरा व्यक्ति नही था जिसके लिए वो चिंतित ना हो मैं उसकी जान से प्यारी दोस्त का पति था,बस उसे नही पता था की मैं उसके बारे में जानता हु,उसकी आंखों में एक दर्द दिखाई दे रहा था शायद उसे इस बात की उम्मीद नही थी की मैं ऐसा कुछ कर रहा होऊंगा,शायद उसे लगा होगा की मैं भी उन पतियों जैसा हु जो अपनी बीवी को इस हालत में देखकर अपना लिंग हिलाते थे,लेकिन मेरी हालत ने उसकी ये धरना बदल दी थी ,उसकी आंखों में चिंता साफ झलक रही थी ,
"मुझे लगा की आपको मजा आ रहा होगा "वो थोड़ा डरते हुए बोली
"मुझे जाने दो "
"लेकिन आप तो यही देखना चाहते थे "
"मुझे जाना है "
"लेकिन ये लड़की तो मजे कर रही है आखिर आपको क्या प्रॉब्लम है "
"बोला ना मुझे जाना है "इस बार मैं चीखा ,लेकिन इस बार वो मुस्कुराई
"वो आपकी बीवी है ..."
मैं चुप था
"है ना "
मेरी आंखों में आंसू आ गए मैं खुद को और सम्हाल नही पाया,वो उठकर मेरे आंखों से पानी पोछने लगी थी ,उसने मेरा सर खुद से जोड़ लिया जो अभी उसकी कमर में आ रहा था,वो एक स्कर्ट में थी ,भरी हुई मांसल जवानी,लेकिन मेरे लिए मेरी बीवी की दोस्त जिसे काजल बहुत प्यार करती है ,शायद मेरे ही बराबर,हा काजल मुझसे बहुत प्यार करती है,अभी स्क्रीन में वो लड़का काजल के पीठ पर अपना हाथ फेर रहा था,अभी वो उसके कंधों तक भी नही पहुचा था वो बड़े ही इत्मीनान से अपना काम कर रहा था,और मैं नेहा के कमर में अपना सर रखे रो रहा था और नेहा मेरे बालो में अपना हाथ फेर रही थी,
"आह "मेरे कानो में जोरो की आवाज गुंजी जो की मेरे इयरपीस से नही आ रही थी ,मैं चौक के देखा तो नेहा के हाथ में एक रिमोट था जिससे उसने कमरे में लगा स्पीकर चालू किया था ,वो उसी कमरे की आवाज थी जो अब बड़े स्पीकर से मुझे सुनाई दे रही थी ,मैं सर उठाकर नेहा को देखा वो मुस्कुरा तो नही रही थी तो उसने ये क्यो किया था,मैंने ध्यान दिया की उसके आंखों में भी थोड़े आंसू थे ,शायद वो अपनी भावनाओ को दबा रही थी,मैं उससे अलग हुआ
वो हल्के से मुस्कुराई .
"मुझे पता है और टाइगर को भी ये पता है की आप ही उसके पति हो लेकिन यकीन मानो उस लड़की को ये नही पता और ना ही टाइगर उसे ये बताएगा ,"
"लेकिन अब मैं ये सब नही देख सकता ,मेरे लिए ये."उसने मेर होठो पर अपनी उंगलिया रख दी और मेरी गोद में आकर बैठ गई उसके चूतड़ मेरे जांघो के बीच थे वही उसने मेरा हाथ अपने कमर से लपेट लिया ,और मेरे सीने में खुद को डाल दी ,वो मेरा हाथ अपने हाथो से पकड़ कर अपने वक्षो पर ठिका दिया ,सामने स्क्रीन में मेरी बीवी किसी और के सामने बस खुली हुई ब्रा और झीनी सी पेंटी में तेल से सनी हुई लेटी थी वही मेरी ही बीवी की सहेली मेरे गोद में बैठे हुए मेरा हाथ अपने उजोरो पर रख रही थी ,लेकिन मेरे हाथो में कोई भी हलचल नही हुई ,
"देखिए मैं आपको पसन्द करती हु (वो झूट बोल रही थी )इसलिए मैं ये चाहती हु की आप अपने बीवी को भी मजा करने दो और मेरे साथ आप मजे करो"मेरे दिल में नेहा के लिए एक आभार आया,वो अपनी सहेली के लिए मेरे साथ ये सब करने को तैयार हो गई,शायद टाइगर को भी इसका पता ना हो ,मैं मुस्कुराया
"मैं अपनी बीवी से धोका नही कर सकता "
"वो तो कर रही है "
"शायद उसकी कोई मजबूरी हो "
"क्या मजबूरी हो सकती है ,वो साली तो मुझे रांड लग रही है "
"रेहाना मैं चिल्लाय ,अपनी औकात ने रहो ,काजल मुझे जान से ज्यादा प्यार करती है ,उसकी कोई मजबूरी होगी जो उसे ऐसा करा रही है और मैं उस मजबूरी को जान ही लूंगा ,अब हटो यहां से मुझे जाना है "
नेहा के चहरे में मुस्कान और भी गहरा गई और वो मेरे होठो पर अपने होठो को रखकर चूसने लगी ..
मैंने उसे अलग किया ,वो स्क्रीन में देखकर
"वो देखो "
वो लड़का अब काजल के कंधों से होता हुआ उसके गले में पहुच चुका था ,मेरा चहरा फिर से काजल की प्यारी सी सूरत को ऐसे कामुक होते देख स्थिर हो गया था,नेहा ने फिर से अपना हाथ पकड़कर मेरे हाथो को अपने एक एक वक्षो पर रख दिया और खुद ही उसे उनके ऊपर मसलने लगी ,मेरी हथेलियों को जब उस नरम नरम उजोरो का अहसास हुआ वो ब्रा भी नही पहने हुई थी और सामने काजल के चहरे में आये हुए भाव देखकर मैं भी थोड़ा उत्तेजित हो गया ,स्पीकर से आने वाली आवाजो के कारण कमरे में काजल की हल्की हल्की सिसकिया गूंजने लगी थी ,लड़के ने काजल के गले से हाथो को आगे ले जाकर उठा और आगे अपने हाथो को गुसाय और फिर साइड में हाथो को लेजाकर उसे पलट दिया ,काजल का ये रूप देखकर मैं क्या सभी स्तब्ध थे,ब्रा उसके बड़े उजोरो पर टिका हुआ था लेकिन उसे पूरी तरह से ढकने में असमर्थ था,वही पेंटी का गीलापन साफ झलक रहा था,नंगा पेट और गहरी नाभि ,मांग में सजा हुआ सिंदूर और हाथो में सजी हुई चूड़ियां ,आंखे बंद थी और सांसे तेज ,वो लड़का चाहे कितना भी प्रोफेशनल वो उसके मुह में भी लार आ ही गया,वो इतना उत्तेजित हो गया था की उसने अपने लिंग को काजल के चहरे में रगड़ दिए काजल ने जंहा उसे हल्के से झूठे गुस्से से देखा वही वो खुद की हरकत से ही झेप गया,क्योकि सामने बैठा हुआ टाइगर उसे घूर रहा था ,मेरे लिंग ने भी जोरो का झटका मारा और नेहा के चूतड़ों पर गड़ने लगा मैंने जोर से उसके उजोरो को दबाया ,
"आह ,"वो हल्के से पलटी और मुझे एक मुसकान दी,
मैं अजीब से संवेदनाओ से घिरा हुआ खुद को महसूस कर रहा था,एक तरफ काजल का प्यार था तो दूसरी तरफ ये सब देखकर उठी हुई उत्तेजना,एक तरफ मेरी खुद की बीवी थी तो दूसरी तरफ नेहा जो की कोई और नही मेरी पत्नी की सबसे अजीम सहेली थी ,एक तरफ प्यार की अंगड़ाई थी तो दूसरी तरफ हवस का तूफान .....
मेरी नजर स्क्रीन में जम चुकी थी ,सभी के खड़े हुए लिंग मुझे साफ दिख रहे थे,मेरी हसीन बीवी आज 2 जवान मर्दो के बीच ऐसे सोए हुए थी और सभी मर्द उसकी जवानी को देखकर अपना लिंग पूरे सबाब में खड़ा किये हुए थे,ये दृश्य जितना मजेदार था उतना ही दयनीय भी था,नेहा अगर मेरे ऊपर नही होती और उसके वक्षो को मैं अपने हाथो से मसल नही रहा होता तो मेरे लिए ये सब देखना असंभव था,लेकिन उत्तेजना ने मुझमे एक जड़ता ला दी थी ,
इधर वो लड़का आगे बड़ रहा था उसका हाथ काजल के उजोरो को छू रहा था वो उसके उजोरो से एक मात्र पर्दा उठाना चाहता था ताकि वो काजल के बड़े और मांसल वक्षो ले दर्शन कर पाए लेकिन टाइगर ने उसे घूरा वो डरकर बस ऊपर से ही उसे सहला पाया था,ऐसे तो कुछ भी छिपा सा नही था लेकिन सबकुछ ही छिपा सा था,
"ह्म्म्म "काजल की ये आवाज तब गुंजी जब वो उसके वक्षो से खेलने की बजाय उसके पेट पर तेल लगाने लगा ,वो नाराज थी कोई भी लड़की होती,लेकिन टाइगर के दिमाग में तो कोई और ही कीड़ा चल रहा था ,
"वो उसे तब तक नंगी नही करेगा जब तक वो हद तक उत्तेजित ना हो जाय "नेहा ने मुझे जानकारी दी ,
मैं उसके उजोरो को और भी जोरो से मसला ,
"ओह इतनी क्या बेताबी है"
मेरी आंखों में तो खून उतर आया था और नेहा को ही उसे सम्हालना था,वो सब कुछ कर रही थी अपनी वफादारी टाइगर से निभा रही थी और अपनी दोस्ती काजल से ,वो पलट कर अपने दोनो पैर मेरे जांघो से मिला दिए जिससे उसका चहरा मेरे चहरे के बराबर हो गया था,हम दोनो ही एक दूसरे की आंखों में देखने लगे,वो अपने होठो को मेरे होठो के पास लायी,
"हटो यहां से मुझसे ये नही होगा "मैं हल्के से फुसफुसाया
वो और करीब आ गई और अपने होठो को मेरे होठो से मिला दिया ,मेरे होठ खुलने लगे और उसके मुह में मेरी जीभ घुस गई ,हम दोनो एक दूसरे में खोने लगे थे ,उसने मेरे पेंट को खोला और मैं नीचे बस एक अंडरवियर में था ,वो नितम्भो को बड़ी ही अदा से मेरे खड़े हुए लिंग पर रगड़ने लगी मैं असीम सुख के सागर में था ,
इधर काजल की आवाज आनी बंद सी हो गई थी ,वो फिर से उसकी जांघो पर अपने हाथ चला रहा था ,लेकिन फिर टाइगर ने उसे इशारा किया ,
"ओह ये क्या "काजल के फुसफुसाने से हमारा ध्यान स्क्रीन की तरफ गया ,लड़के ने काजल के ब्रा को हटा दिया था,मैं नेहा को किस करना छोड़ बस उसे ही देखे जा रहा था ,नेहा भी पलटी और जैसे उसे कुछ समझ आया हो वो उठकर मेरे अंडरवियर को निकाल फेकी,मेरा लिंग मुरझा ना जाए इसका उसे बहुत ख्याल था वो जल्दी से उसे सहलाने लगी और अपने योनि से रगड़ने लगी वो अभी भी उस स्कर्ट में थी लेकिन नीचे से पूरी खुली हुई ,मैंने उसका हाथ पकड़कर उसे मना किया वो भी बिना कुछ बोले ही मेरी ओर पीठ कर मेरे गोद में बैठ गई लेकिन उसके योनि से निकलते हुए रस का अहसास में अपने लिंग में कर सकता था जो की उसके योनि के ऊपर ही सोया था लेकिन अंदर नही गया था ,उसके योनि के हल्के हल्के बाल मेरे लिंग पर रगड़ खा रहे थे ,कोई भी सोच सकता है की मेरे लिए इस स्थिति में खुद को सम्हालना कितना मुश्किल था,
इधर काजल की हालत खराब होने को थी वो चिलालने को हो रही थी क्योकि उसके नंगे उजोरो में वो आदमी अपने मजबूत हाथ चला रहा था ,
"आह ,ओह आह "काजल की मादक सिसकारियों ने मेरे जिस्म का र्रोवा रोवा हिला दिया था उसकी नजारे अधमुंदी थी वही वो आदमी उसे नशीली आंखों से देखे जा रहा था उसके हालात का अहसास उसके पेंट से झांकता हुआ उसका लिंग दे रहा था जो की कभी काजल के गालो से रगड़ खाता था और काजल के होठो में एक मुस्कान सी आ जाती थी ,उसके चौड़े मजबूत हाथो में काजल के उजोरो को भरपूर नापा था ,नेहा भी उत्तेजित होकर आह ले रही थी ,वो मेरे कमर पर अपनी कमर को चला रही थी ,लेकिन मेरे लिए कुछ भी कर पाना थोड़ा मुश्किल था,मैं रोता या हंसता ये अभी भी तय नही कर पा रहा था,वो काजल के कमर पर आकर रुका ,टाइगर और रॉकी अपने लिंग को कपड़ो के ऊपर से ही बड़ी बेरहमी से मसल रहे थे,टाइगर के एक संकेत से काजल के शरीर का आखरी कपड़ा भी उतर जाने वाला था,जो संकेत टाइगर में बड़ी ही अधीरता से दिया शायद इतने देर में उसे भी अब और सह पाना कठिन हो रहा होगा,
उस आदमी ने जैसे ही काजल के इलास्टिक पर अपना हाथ रखा मेरी सांसे ही थम गई साथ ही कमरे में बैठे सभी लोगो की ,नेहा से भी अब बर्दास्त नही हो रहा था वो मेरे लिंग को पकड़ कर अपने पानी के झरने जैसे योनि में रगड़ने लगी ,वो उसे अपने छेद तक लाती जिसका गीलापन और गर्मी का मुझे अहसास होता,वो छेद के ऊपर से ही उसे थोड़ा घुमाती और फिर थोड़ा अंदर डालती,जिससे मुझे उसके मांस का अहसास होता लेकिन वो अभी भी उसे पूरा अंदर नही कर रही थी,जिससे की मेरा लिंग उसकी योनि में जकड़ ही जाय ,मेरे लिंग के सुपाडे की चमड़ी पीछे हो चुकी थी ,और मैं पागल लेकिन वो उसके आगे के भाग को ही अपने गीले मांस में मसल कर वापस ले आती ,मैं उसके कमर को पकड़ा ही था की काजल की पेंटी धीरे धीरे उतारने लगी ,उसकी चिकनी चिकनी सी योनि में एक भी बाल नही थे ,मैं ना जाने कितने बार उसे देख चुका था लेकिन फिर भी मैं सांसे रोके हुए उसके पूरे खुलने का इंतजार कर रहा था ,उसकी पेंटी अब कमर के उभरे हड्डियों के बीच आ चुकी थी सांसे अब भी रुकी हुई थी ,वो थोड़ी और भी नीचे आयी ,मेरी काजल ,मेरी प्यारी ,मेरी जान काजल की योनि के दर्शन एक साथ 4 मर्दो को होने वाला था,वो जरूर पानी से भरी हुई होगी ,शायद काम रस टपक रहा होगा,उस आदमी की मोटी मोटी उंगलिया उसके दोनो छोरो को पकड़े हुए उसे नीचे उतार रही थी ,मुझे एक दिन पुराने सेविंग किये हुए हल्के बाल काजल के योनि के ऊपर दिखाई दिए जिसे बहुत ही चिकना तो नही कहा जा सकता था ,मैं अपने लिंग पर जोर डालने लगा ,नेहा के मांस में फंसा हुआ मेरा लिंग अंदर जाने को हो रहा था ,उसके मांस का जो हिस्सा बेहद ही पलपला था वो उसकी योनि की दीवार थी ,जिसमे मेरा लिंग घुसता चला गया ,अभी मैं आधे में ही आया था की काजल की आंखे बंद हो गई ,वही वो आदमी उसके योनि को बेपर्दा कर चुका था ,मेरी बीवी अब एक कमरे में 3 मर्दो के सामने बेपर्दा था जिसे मैं एक स्क्रीन में देख रहा था ,और मेरा आधा लिंग उसकी सहेली की योनि के अंदर था ,मैं एक जोरदार धक्के से अपना पूरा लिंग उसके योनि में धकेल दिया ,नेहा और काजल दोनो की ही आंखे बंद थी ,
वो आदमी काजल की योनि पर तेल की धार डालता है ,जिससे उसकी कम चिकनी योनि भी चमकने लगती है ,उसकी मोटी उंगलियों को मैं काजल के योनि के ऊपर रेंगते देख रहा था और मेरा लिंग और भी कड़ा हो रहा था,में एक झटका लगाया ,"ओह ,मजा आ रहा है "नेहा की पनियानी हुई योनि से एक पच की आवाज आयी वो अपनी उत्तेजना के चरम को भोग रही थी ,उसने अपनी पीठ मेरे छाती में टिका दी ताकि मैं उसके आगे के शरीर का पूरा फायदा उठा सकू,वो भी अपने कमर को थोड़ा उचका के मेरी लिंग का मजा लेने लगी ,वही काजल के योनि में काली और मोटी सी उंगलिया मुझे बहुत ही उत्तेजित कर रही थी ,वो उसके दोनो ही फांको को सहला रही थी ,आदमी की नजर में इतना लालच था की लग रहा था वो अभी काजल की योनि में अपना बड़ा सा लिंग डाल देगा ,
काजल के छेद लाल लाल चमकीले से नजर आये जब उसके अपनी दो उंगलियों से उसके फांको को अलग किया ,
"नही "काजल की हल्की आवाज जिसमे पूरी सहमति थी गूंज गई ,वो अपनी एक उंगली को तेल से भीगा कर उसके छेद में घुसा दिया ..
"आह ओह ऊऊऊ आह आह "काजल की आवाज आयी वो उसे उंगली से ही मजे दे रहा था ,वही मेरा लिंग भी नेहा के योनि की सैर कर रहा था,मेरी चमड़ी जब जब उसके योनि के दीवारो से टकरा कर रगड़ खाती दोनो के मुह से एक साथ ही आह निकल जाती थी ,उधर उंगली की स्पीड जोरो से बढ़ रही थी तो इधर धक्कों को ,टाइगर काजल के योनि के पास आ चुका था वो उस आदमी को हटा कर खुद उसके योनि को छूने लगा,
काजल ने टाइगर को एक मदभरे नजर से देखा और मुस्कुराई फिर थोड़ी सी शर्मा कर अपने सर को दूसरी तरफ हटा लिया
"उफ मेरी जान "टाइगर ने अपनी जीभ से काजल के योनि को जोरदार चांटा
"आह ,नही "काजल लगभग हंसते हुए बोली
"ऊऊऊ चप चप "टाइगर अपनी हरकत से बाज नही आ रहा था ,एक पराया मर्द मेरे बीवी के योनि को खा रहा था जो की तेल से सनी हुई थी ,और मैं पागलो की तरह धक्के लगाए जा रहा था ,दोनो ही ओर तूफान अपने सबाब में पहुच चुका था की मैं और काजल साथ ही झड़े ,काजल ने अपना सर पटकना बंद कर दिया था और मैं नेहा के अंदर झड़ कर खुद को कुर्सी में ही पटक दिया .....
 
इधर टाइगर काजल के मुह के पास अपना लिंग ले जाने की कोसिस करता लेकिन वो हबसी के हाथो के कठपुतली बन चुकी थी ,वो उसकी मजबूत हाथो में झूल रही थी टाइगर फिर भी काजल के चहरे को पकड़ कर उसके मुह में अपना लिंग ले जाने में बहुत हद तक सफल हो गया लेकिन फिर से वो फिसल गया,टाइगर ने काजल के बालो को पकड़ा और इस बार उसके चहरे को थम लिया जो की झूल रहा था,वो फिर से टाइगर के लिंग को चूसने लगी थी ,रॉकी का चहरा इन दृस्यो को देखकर लाल हो चुका था साथी ही लाल हो चुका था उसका लिंग उसे कोई भी राहत नही मिल रही थी ना ही कोई गीली चीज ही,जो उसके लिंग की गर्मी को शांत कर सके,
बाउंसर काजल के साड़ी वो उठता हुआ उसके कमर तक पहुच गया ,काजल के मांसल गोरे गोरे जांघ चमकने लगे थे,उसकी काली साड़ी पेटीकोट के साथ साथ ही कमर के ऊपर तक पहुच गई थी जंहा से काजल की काले रंग की पेंटी का थोड़ा थोड़ा नजारा मिल रहा था,उस पेंटी के स्ट्रिप को देखकर ही अंदाज लगाया जा सकता था की वो पारदर्शी होगी,
लेकिन वो हबसी रुका और साड़ी को खोलने की कोशिस करने लगा,इस बार वो असफल हुआ और झल्ला कर काजल को फिर से अपने हाथो में उठाकर खड़ा कर दिया,टाइगर का लिंग फिर के फिसल चुका था,उसने देर ना करते हुए काजल की साड़ी और पेटीकोट को निकाल फेका,अब मेरी जान काजल बस एक पारदर्शी पेंटी में खड़ी थी ,जिसमे से भी उसके लाल लाल योनि की फांके झांक रही थी ,मेरी पत्नी इस अवस्था में तीन हवस से भरे हुए मर्दो के सामने खड़ी थी और मैं उसकी सहेली के योनि को अपने लंड से उधेड़ रहा था,काजल का गोरा और कसा हुआ बदन जिसे ना जाने मैंने कितने बार भोगा था आज किसी और का होने जा रहा था,शायद ये शरीर और लोगो का भी हो चुका था लेकिन काजल का मन हमेशा से मेरा ही था और हमेशा ही रहेगा,
काजल पहली बार अपनी इस अवस्था को महसूस कर शर्मा ,वो एक बार कैमरे की तरफ देखी,ऐसे तो हर एंगल में कैमरे लगे हुए थे लेकिन वो एक कैमरे को बार बार देखती थी,और मुझे ऐसा लगता जैसे वो मेरी आंखों में देख रही हो,बाउंसर ने देर किये बिना ही काजल को फिर से उठाया और घोड़ी के पोजिशन में बिस्तर में लिटा दिया ,काजल अब अपने घुटने के बल थी,एक कैमरा जिसमे काजल देखा करती थी सीधे काजल के चहरे के सामने ही थी,वो उस कैमरे को देखे जा रही थी और उसका हर एक्प्रेशन मुझे दिखाई दे रहा था,एक कैमरा उसके बाजू में लगा था जिससे मुझे काजल का एक साइड का बदन और हबसी दोनो ही दिखाई दे रहे थे ,और टाइगर ने रिमोट से कुछ किया मेरे स्क्रीन में एक नया विंडो खुला जो काजल के नितम्भो को दिखा रहा था मतलब की जब हबसी इस अवस्था में काजल के अंदर अपना लिंग डालता तो मुझे वो साफ साफ दिखता ,मैं बुरी तरह से फ्रस्ट्रेशन में आ गया और मैंने पूरी ताकत नेहा को चोदने में लगा दी,मैं उसके कमर को पकड़े हुए कुर्सी से खड़ा हो गया वो जमीन में गिर से गई थी अब वो भी डॉगी के पोजिशन में थी और मैं पीछे से उसे धक्के लगा रहा था ,हर धक्के के साथ मेरे मुह से दहाड़ निकल रही थी ,हबसी ने काजल की पेंटी बिना उतारे ही अपना मुह उसके योनि के पास लाया और उसके नितम्भो से लेकर उसकी योनि को अपने लंबे जीभ से चाटने लगा उसके जीभ का कमाल काजल के चहरे में साफ तौर से दिखने लगा था,मजे से उसके मुह से हल्की हल्की सिसकिया निकल रही थी ,और आंखे बंद हो गई थी,वो छटपटाने लगी थो हबसी ने उसके कमर को अपने हाथो से थमा और उसकी योनि को थूक से भरकर चूसने लगा,उसने अपने हाथ आगे करके काजल के शरीर के एक मात्र वस्त्र को निकाल दिया ,...काजल अब सबके सामने पूरी तरह से निर्वस्त्र थी,हबसी ने उसकी नंगी चुद पर अपना मुह ठिका दिया और उसके रस को किसी कुत्ते की तरह से चाटने लगा,काजल के लिए ये सब सहना कितना कठिन था और वो इसे किस हद तक तडफ रही थी ये तो वही जाने लेकिन उसके चहरे में मजे के अतिरेक की झलक साफ साफ दिख रही थी और आखिर वो जोरो से चिल्लाते हुए झड़ी ,उसने बिस्तर में रखे हुए तकिए को जोरो से पकड़ लिया था,
काजल की हालत देखकर कोई भी मर्द अपना पानी छोड़ देता तो मैं और टाइगर और रॉकी क्या चीज थे ,टाइगर ने पहले अपनी पिचकारी छोड़ी वो काजल के चहरे के पास ही था,काजल थककर गिर चुकी थी और टाइगर ने पूरा माल उसके चहरे पर ही झोंक दिया,गढ़ा वीर्य पूरे वेग से उसके चहरे से टकराया फिर धीरे धीरे और भी वीर्य उसके ऊपर चढ़ता गया,काजल के बालो में भी थोड़े वीर्य की छीटे पड़ चुकी थी ,ये देखकर रॉकी भी दौड़ाता हूं आया लेकिन टाइगर ने उसे हटा दिया फिर भी रॉकी का वीर्य जोरो से निकला और आकाश में सैर करता हुआ काजल के पीठ में जा गिरा ,दो लोग मेरी प्यारी पत्नी के ऊपर अपना वीर्य गिरा चुके थे और एक उसे भरने के फिराक में था,दोनो ही मर्द थककर वही बैठ गए थे,लेकिन हबसी और मैं अब भी भरे हुए थे,काजल ने सर उठाया और कैमरे की ओर देखते हुए मुस्कुराई,
उसका वो मुस्कुराना कातिलाना था,मैं छीलकर राह गया जब उसके बालो में फंसा हुआ .और उसके माथे और गालो से होता हुआ गर्दन तक पहुचता वीर्य मैंने देखा,ये मेरे सब्र की इंतहा था और मैं नेहा के अंदर झरने लगा,नेहा को फिर भी धक्के मार रहा था जबकि मेरा पूरा वीर्य नेहा के अंदर समा चुका था,मैं भी थककर अपने सोफे में गिर पड़ा,नेहा वही जमीन में गिर गई थी,मुझे अब समझ आ रहा था की टाइगर और रॉकी जमीन में ही क्यो गिर गए थे,इस दवाई के असर के कारण हम पिछले पौन घंटे से ये खेल खेल रहे थे और जब वीर्य निकला तो हमारे शरीर की पूरी ताकत को निचोड़ कर निकला था,ये सभी सेक्स की दवाइयों के साथ होता है.
अब जो नही झरा था वो हबसी थी वो उठ कर काजल के पानी से भीगी हुई चुद को निहारने लगा,उसके चहरे में एक अजीब सी मुस्कान खिल गई थी ,वो बड़ी ही लालसा से उसे निहारे जा रहा था,शायद बड़े दिनों से उसे इसकी चाहत थी,मेरे लिए कुछ भी रोक पाना मुश्किल था ,वो एक उंगली काजल की गीली योनि में फिराने लगा ,काजल अभी अभी तो झड़ी थी उसके चहरे में कोई भी एक्प्रेशन इससे नही बदले लेकिन मुझे ये जरूर यकीन था की जब उसका वो मोटा सा लिंग काजल के अंदर जाएगा तो काजल जरूर चीखेगी क्योकि शायद उसने इतना मोटा लिंग अभी तक नही लिया होगा,ये लिया भी होगा? मुझे नही पता.
मैं तो बेहाल सा पड़ा हुआ था,जब शरीर थक जाए तो तब ही दर्द का अहसास होता है,जब तक हवस का नशा चढ़ा रहे तब तक दर्द का पता ही कहा चलता है,मेरे लिंग में जोरो का दर्द हो रहा था शायद वो छिल गया हो ,टाइगर और रॉकी अब दीवार से लगे हुए हांफ रहे थे वही हबसी बड़े आराम से काजल की लेने के मूड में दिख रहा था वो उसे बड़े ही प्यार से निहार रहा था,उसे यानी काजल की योनि को ,और उसके उभरे हुए चूतडो को ,उसने अपना लिंग आखिर काजल की योनि के पास लाया और उसे काजल के योनि से रिसते हुए पानी से भिगोने लगा,लेकिन अब किसी का भी ध्यान उसकी ओर नही था क्योकि हवस की आंधी आकर चली गई थी और सभी सुस्त पड़े हुए थे,मुझे दर्द का आभास होने लगा था,लेकिन एक दर्द ने मेरा ध्यान अपनी ओर तुरंत खिंच लिया क्योकि ये अनिश्चित सा था जिस ओर मेरा ध्यान अभी तक हवस की आग के कारण नही जा रहा था,मैंने अपने हाथो में कोहनी के पास देखा ,वो जगह हल्के से लाल थी,वो बहुत ही हल्का दर्द था मैंने उसे दबाया ..
'ओह मई गॉड 'मेरे मुह से अचानक निकले शब्द ने नेहा का ध्यान मेरी ओर खिंच लिया वो मुझे देखने लगी ,
"मुझे किसी ने इंगजेक्शन दिया है,वो भी इंट्रा वेनस "
मैंने नेहा के चहरे को देखा जो की अनजान बनने की तो पूरी कोशिस कर रही थी लेकिन बन नही पा रही थी..
"मु मुझे क्या पता "उसकी नजर मेरे गले की ओर गई ,तभी मैंने फील किया की मुझे यंहा पर भी हल्का दर्द था,मैंने वँहा को भी दबाया,यंहा पर भी कोई नुकीली चीज घुसने वाला दर्द था,मैं असमंजस में पड़ गया की ये इंगजेक्शन मुझे कब दिया गया,मैंने स्क्रीन में देखा,हबसी अपने काले मोटे लंड को काजल की योनि रगड़ रहा था,किसी भी पल वो उसे उसके अंदर कर सकता था,...
 
Back
Top