[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - ७५[/color]
तभी सोनु ओर रीटा दादीका खाना ओर खुदका खाना लेकर चली गइ ओर दादी बामरुम में फ्रेस होकर आगइ फीर तीनो सोनु ओर रीटा दोनो दादीको खीलाने लगी तब में ओर नेनु हसने लगे तब दादीने कहा..अब आगे
दादी : हस क्यु रहेहो मेरी लाडली मुजे खीलाती हेतो, ये दोनोही मेरी सेवा करती हे अब तो दोनोने मेरी जीम्वेवारी लेली हे, तो नेनु बीटीया तुम आजाद हें..हें..हें..
नेनु : दादी पताहे हमारी दादीका भी यही खयाल रखती थी
दादी : हां पता हे मुजे इसलीयेतो इसको में यही रखुगी आपको जहा जाना हे जाओ पर ये दोनोतो मेरे पासही रहेगी मेरीये नइ बहु भी बहुत अच्छी हे आज मेरे सरमे तेल लगाके मालीस करदीया उसके हाथमें जादु हे मुजे ये बहुत भागइ हे
रीटा : थेन्कयु दादीमां मे सोनुदीदीके साथ ही रहुगी आप चीन्ता मत करना
नेनु : ठीक हे मेरी गुडीया चलो हम जातेहे सब हमारा वेइट करते होगे
कहेकर हम दोनो बहार आगये ओर भोजन खंडमे चले गये तो सब आचुके थे ओर हमे खाना सर्व करने लगे तब मेरे साथ मेरी नेनुके अलावा जसु दिवु सब बेठीथी इधर सुनीलकी पुरी फेमीली थी कोइ मीराभाभीसे बात नही करती थी ताकी कीसीको सक ना हो
वोभी इस परीस्थीतीसे वाकीफ थी तो हमारा पुरा साथ दे रही थी आज सगुन बारा बार मेरी ओर देखकर मुस्करा रहीथी तो अेक नइ चीज देखनेको मीली आज सीमाभी मुजे अजीब नीगाहोसे देख रही थी ओर काकीने तो दो दफा मुजे मीलनेका इसाराभी कीया तभी करणने कहा
करण : भाइ कल नीरन ओर कृणाल सुबह ११ बजे पहोंच जायेगे दोनो ही सीधे पहेले होटेल जायेगे ओर सामको आराम करके सीधा यही आजायेगे ओर दोनोकी बीवीया भी साथमें हे
में : ठीक हे भाइ अब जोभी महेमान आये आस सब अेरेन्ज करते रहो मुजे कोइ टेन्सन नही
महेश : अरे जीजु वोसब हम देख लेगे, आप इन चक्करमें मत पडीये ओर आपकी सादीके बादतो में करणचाचा दुसयंतचाचा राजन ओर अजयभी होटेलमे चले जायेगे वहाकी सब व्यवस्था हम कर रहे हे आपको कुछ काम होतो हमे फोन करदेना
में : (महेशको धीरेसे) सालो..सब ध्यान रखना मुजे पता हे आपका प्लान
नेनु : अरे..सब आपकी इतनी मदद कर रहे हे तो आप सबको गाली क्यु देते हो?
में : नेनु मेंकोइ गाली नही दी सब मेरे साले हे तो सबको मेरे सालाही कहा हे समजी
जसु : (मुस्कराकर) रहेने दो ये कभी गाली नही बोल सकते आप परेसान मत होइअे
नेनु : हां सायद तुम ठीक कहेती हो पता नही में इसे समज पाउगीकी नही हें..हें..हें..
में : (नेनुको बेठे हग करके) अरे मेरी भोली बीवी, अेक तुहीतो हे जो मुजे समजती हे चल आजा तुजे खीलाता हुं
कहेके में नेनुको खीलाने लगातो उसकी आंख नम होगइ फीर मेने जसुको भी खीलाने लगा तो हमे देखकर आज सब अपनी बीवीओको खीलाने लगे तो सबके चहेरे खील उठे ओर कहीओकी आंखे नम होगइ थी
फीर सब मेरी ओर आभारवस देखकर स्माइल करने लगी फीर सबने अपने पतीकोभी खीलाया ओर इसी तराह सबने डीनर फीनीस कीया फीर सब बहार आके बेठने लगे तब सब लेडीस मुजे आके गले मीली ओर सब मुजे थेन्कयु कहेके अपनी जगाह पर बेठ गइ तो काकाने कहा
काका : भाइ येतो बहुत नाइसन्साफी हे खाना हम सबने अपनी पत्नीओके खीलाया ओर सब प्यार इन महासयको दे गइ
काकी : हां तो इन्हेही देगीनां, आप ने घरमे तो कभी हमको अेसे नही खीलाया ये सब हमारे राजकी वजहसेही खीलाया हे उसने सबको प्यार केसे देते हे आप सबको सीखाया हेतो पहेला हकतो उन्हीका बनता हे समजे
तारा : हां बीलकुल सही कहा, भाभी आपतो कुछ बोलीये आजतो आप बीलकुल खामोस होगइ हे कुछ बोलती ही नही
आंटी : हां.. सही हे, में क्या बोलु आप दोनो हेनां हें..हें..हें..
नेनु : भाभी इनकी तबीयत थोडी आज नरम गरम हे, चलीये आंटी में दवाइ देती हुं आज आप आराम कीजीये
कहेकर नेनु आंटीका हाथ पकडकर लेजाने लगी तब नेनुने उसे रास्तेमें कहा
नेनु : आंटी आज आप अंदरही रहीये वरना सब आपको पुछ पुछके उगलवा लेकी दोनोही बडी कमीनी हे, बहुत जल्दी सक करती हे ओर हां कल आपको हमारे साथ कारमे ही आना हे आप बहारही नही नीकलना में आपको ले जाउगी (ओर दोनो रुम में चली गइ तब)
आंटी : (सरमाके) नेनु अेक रीक्वेस्ट हे आपको, अब आप मुजे आंटी मत कहीये
नेनु : (हसकर) हां हां पता हे मुजे सीर्फ आजके दीन, कलसेतो आप मेरी सौतन हो जायेगी फीर हम सब आपको बडीदीदी ही कहेगे ओर धाराभी आपको दी ही कहेगी सब धाराने तैय करलीया हे आप गभराइये मत हमारी सब सौतन कही दीनोसे सब प्लान कर रहे हे आपको मालुमही नहीहे कल सबका चहेरा देख लीजीयेगा सब केसे नाचती हे
आंटी : (नम आंखोसे) सच..सब इतना प्यार करतीहे मुजे? ओह भगवान मेने कोनसा पुन्य कीया हे
कहेकर मीरा नेनुके कंधेपे सर रखकर रोने लगी तब नेनुने उसके आंसु पोछे ओर उसका मुह साफ करदीया ओर उसे बेड पर बीठीया ओर उसके गाल चुमके कहा
नेनु : बस दीदी अब नही, अब मत रोना अब आपके रोनेके दीन खतम, अबतो खुसीयाही खुसीया होगी ओर हां कल आप तैयार रहीयेगा अपनी फस्टनाइटके लीये मेने सब इन्तजाम करलीया हे हमारे कोटेजमें समजी वहा कोइ आपको डीस्टर्ब नही करेगा
आंटी : (सरमाके) नेनु सब आपकी बदोलतही मुमकीन हुआ हे, में आपका अहेसान जींदगीभर नही भुलुगी आपने मेरी धाराको ओर मेरी जींदगी सवार दी हमारे पतीको मेरा सुक्रिया कहेना में हमेसा उसकी आभारी रहुगी
नेनु : (उसे हग करके) बस दी अब ओर कुछ नही कहेना, आप मेरी बेस्ट बडीदीदी हो अब आप आराम कीजीये धारा ओर में सुबह आपके पास आजायेगे ओके चलो में चलती हुं
कहेके नेनु हमारे पास आके बेठ गइ ओर मेरी ओर देखकर मुस्कराने लगी लेकीन में कुछ नही बोला तब काकीने नेनुसे पुछा
काकी : नेनु बेटी क्या हुआहे मीराको कुछ गभरानेवाली बात तो नही?
नेनु : (हसकर) अरे नही काकी अेसा कुछ नही हे बस थकानकी वजहसे थोडा बुखार जेसा लगताहे उसे मेने दवाइ देदी हे सुबह तक ठीक होजायेगी आप चीन्ता मत करो
तारा : चलो ठीकहे तो कोइ बात नही, आजतो सबको जल्दी सोना पडेगा दादीका हुकुम हे सबको पाच बजे तैयार रहेना पडेगा चलो हमतो जाती हे वरना कल देर हो जायेगी
कहेके वो उठ गइ तो पीछे काकी काका सुनील सारीका सब खडे होने लगे ओर सब अंदर जाने लगे तो नेनुने भी मुजे मुस्कराकर हाथ पकडके खडा करदीया ओर मुजे अंदर लेनाने लगी तो मेरी सब बीवीया भी खडी होकर हमारे पीछे आने लगी ओर अेक अेक करके सब सोने चले गये तब दादीके रुमसे सोनु ओर रीटाभी उसको सुलाके बहार आगइ ओर हम सबको देखकर कहेने लगी
सोनु : अरे सब अंदर केसे आगये अभीतो हम आपके पास बहार आने वालीथी
जसु : बेबी भुल गइ तुम सबको पांच बजे तैयार रहेना हे, चलो तुम दोनोभी आजाओ ओर रीटा तुम्हे हमारे साथ आना हे? हें..हें..हें..
रीटा : (सरमाके हसते) जी नही दी में जा रही हुं गुडनाइट अेवरी बडी
कहेकर वो हसते हुअे दोडके अपने रुममें चली गइ तो सब हसने लगे ओर हम हमारे रुममें आगये दिवु ओर जसु अपने रुममें चली गइ ओर हम हमारे बेडमें आके बैठ गये
नेनु : अेय सब सुनो कोइ ज्यादा सोर मत करना, मेरी बात ध्यानसे सुनो, दादीके हुकुमसे कल हमारी टीममे अेक ओर जुडने वाली हे ओर कल सबको बडी सरप्राइज मीलने वाली हे बस में सीर्फ इतनाही केह सकती हुं
तब धारा मंद मंद मुस्कराने लगी तो सोनु नेनुसे नाम जाननेकी जीद करने लगी तो नेनुने सबको मना करदीया की दादीने कहेनेसे मना कीया हे सबको कलही पता चलेगा ओर ये बातभी सबसे छुपाके रखनी हे येभी केह दीया ओर सब उत्साहीत होगइ ओर अपने कपडे नीकालने लगी तब धाराने आके मेरे कपडेभी नीकाल दीये ओर वही खडे खडेही मुजे चुमने लगी
फीर नीचे बेठके मेरा हथीयार अपने मुहमे लेके जोर जोरसे अंदर बहार करने लगी तो सब उसे देखकर सोक्ट होगइ ओर उसे देखने लगी फीर सब उतेजीत होगइ ओर अपनी अपनी चुत सहेलाने लगी तब नेनुने भी फटाफट अपने कपडे नीकाल दीये ओर वो बेडमें लेटकर अपनी चुत सहेलाने लगी तब मेने धाराका मुह पकडलीया ओर मुहमें अपनी कमर हीलाके सोट मारने लगा ओर में बहुत उतेजीत होगया
तभी अचानक मेरा लावा फुटपडा ओर धाराका पुरा मुह भर गया तो वो सब पीगइ ओर मेरा लंड चाटने लगी ओर चाट चाट कर साफ करदीया फीर मेरी ओर कामुक नजरसे देखते हुअे हसने लगी तो मेने उसे खडी करदीया ओर अपनी बाहोमें जोरोसे भीचलीया तो सब आके हम दोनोको लीपट गइ तब अंजुने कहा
अंजु : क्या बात हे धारा व्होटअे सरप्राइज, इतनी हीमत कहासे आगइ कोइ जादुइ चीराग हाथ लगा क्या?
धारा : नही दी गीफ्टतो मुजे मेरे सरताजने दी हे इसलीये मेरी तरफसे ये उनके लीये तोहफा था
सोनु : ओये कही तु प्रेगनेन्ट ब्रेगनेन्ट तो नही हुइ तो बता दे सबको
धारा : नही रे मुजेतो ओर गीफ्ट मीली हे कल सबको बता दुगी बस
अंजु : चल ठीक हे, कल देख लेगे अब जा अंदर हुलीया साफ करले फीर आजा बेडपे, चलो जानु आप सोनुसे सुरुआत करो आजतो सबको दो दो तीन तीन राउन्ड लगाना हे
में : चलो सोनु आजा आजतो मुजेभी मेरी छोटीरानीसे प्यार करना हे
सोनु : आइअे पतीदेव आपकी सोनु आज आपमें समाजाना चाहती हे मुजे आपमें समा लीजीये ओर हम दोनोकी आत्मा अेक करदीजीये मीटा दीजीये मेरा अस्तीत्व
इतना कहातो नेनु चोंक गइ ओर सोनुकी ओर देखने लगी तो उसे आज सोनुका अेक अलगही रुप देखनेको मीला उसकी हसीमें या उसकी आंखोमें बेसुमार प्यार था ना कोइ हवस ओर नाकोइ कामुक्ता तब नेनु उठकर बेठ गइ ओर दोनोकी कामक्रिडा देखने लगी ओर में सोनुके उपर लेट गया तो उसने मुजे अपनी बाहोमें भरलीया
ओर मुजे बेइम्तहा चुमने लगी तब सोनुने भी वही कीया जो नेनुने कीया था ओर दोनो प्यारके महासागरमें गोता लगाने लगे, हम दोनो चार बार महासागरकी गहेराइओमे डुबकी लगाकर वापस आगये तब सोनु पुर्ण संतुस्ट होचुकी थी उसने आज पुर्ण प्यार पालीया था वो आज चार बार स्वर्गकी सैर कर चुकीथी
फीर हम रुक गये तब सोनु अपनी आंखे बंध करके पैर फैलाये मंद मंद मुस्करा रहीथी तब नेनु सोनुके पास आगइ ओर प्यारसे अेक हाथसे उसके सरमें घुमाने लगी वो अबभी आंखे बंध करके हस रही थी तब में उतर गया तो उसकी चुतसे हम दोनोका कामरस बहेने लगा ओर नेनु उसे सहेलाती रही फीर मेंने सोनुको गोदमे उठालीया
ओर उसे बाथरुम में ले जाने लगा तब धारा ओर अंजु हमे यंत्रवत देखती ही रही तब उसका ध्यान बीछानेपे पडातो दोनोका मुह खुला रेह गया ओर नेनुने वो बीछाना हटादीया फीर कबबोर्डसे दुसरा बीछाना नीकालकर बीछाने लगी तो धारा ओर अंजु उसकी मदद करने लगी तब नेनुके दीमागमें धमासान युध्ध सुरु होगया था
में अंदर जाके सोनुको खडाकीया तब जाके उसने आंखे खोली ओर मुजसे लीपट गइ फीर में उसे नहेलाने लगा फीर उसनेभी मुजे नहेलाया ओर अेक दुसरेको पोछके साफ कीया तब सोनुने मुजे अपनी बाहोमें भरलीया फीर मेरी आंखोमें देखती रही फीर मेरे हाठ चुमके
सोनु : कोन हो आप? कही मेरे सखा तो नही?
में : बस सोनु आगे मत बोलना, तुहीतो मेरी सखी हो चल
कहेके में उसे गोदमें उठाके बहार लेआया ओर उसे सुलादीया तो वो नींदकी आगोसमे चली गइ तब तक तीनो हमे देखती रही आज नेनुके मनमें बहुत उथल पुथल हो रही थी, तब मेने अंजुको खीचलीया ओर उसे लीटाकर प्यार करने लगा
तब अंजु मुजे कीस करने लगी हम हम दोनो प्यार करते करते कब अेक होगये पताही नही चला आज हम दोनोके बीच तीन बार जबरदस्त चुदाइ हुइ ओर अंजु थक कर चकनाचुर होगइ तब में उसे बाथरुममें ले गया ओर उसको नहेलाया तो मुजसे लीपट गइ ओर मेरा लंड पकडकर अपनी चुतमें घुसादीया ओर मुजसे खडे खडे चुदवाने लगी आखीर दोनो साथमें जड गये तब हम दोनो साफ होकर बहार आगये तो मुजे कीस करके सोनुके पास सोगइ ओर में नेनुके पास आगया ओर उसे कीस कीया तो नेनुने कहा
नेनु : जानु आप धाराका काम करदो, मा बेटी दोनो साथमें बच्चा पैदा करेगी, धारा तु नीचे आज तकीया रखदेना फीर करना
धारा : दी मुजे लगताहे अब उसकी जरुरत नही पडेगी मुजे आज अंदर बहुत बेचेनी फील हो रही थी सायद अेक दो दीनमें पता लग जायेगा आपके पास वो कीट हेना में परसो चेक करलुगी नही तो ओर कोसीस करेगे
में : बेबी हो जायेगा आप फीकर मत करो चलो आजाओ मुजे तुम दोनोसे प्यार करना हे नेनु तुभी आजा
नेनु : जान पहेले आप धारासे करलो मुजे पुरी रात चाहीये आपको पता हे क्यु चाहीये
में : (हसकर) ठीक हे चल धारा, तुजे ठंडा करता हुं
कहेके में ओर धारा अेक दुसरेमे खो गये ओर हमारे बीच धमासान चुदाइ हुइ आज मेरे धाराको चार बार संतुस्ट कीया वो पसीनेसे लथबथ होगइ फीर हम दोनो नहाकर वापस आये तब धाराने मुजे ओर नेनुको दोनोको होंठ पर कीस कीया ओर कहा
धारा : अब आप दोनो सुरु होजाओ सुबह आप दोनोको चार बजे उठना पडेगा
नेनु : ठीक हे तुम सोजाओ में जगा दुगी तुजे, हमे मीरादीको तैयारभी करना हे
फीर धारा सोगइ तब नेनु मेरे पास आके मेरे सीनेमें सर रखदीया ओर बाते करने लगी
नेनु : जानु आज मेने फीरसे सब कुछ देख लीया, मेरी धारणा गलत नीकली मेने सोचा था आपने हम तोनोको अपने दीलमें खास जगाह दीहे तो हम तीनोको अनुभुती होगी पर में गलत थी में आपको कभी समज नही पाउगी
में : नही जानु तुमतो मेरी रुह हो, पर तुम्हे कुछ भ्रमथा अेसा नहीकी में तुम तीनोको ज्यादा प्यार करता हुं ये आपका भ्रमहे में मेरी सब बीवीओको इतनाही चाहता हुं जीतना आपको, बस फर्क सीर्फ इतना हे आपमें मेरी जान बसी हे ओर आपकी मुजमें, हम दोनो अेक दुसरेके बीना अधुरे हे इसलीये आज सीर्फ आपही सब देख पाइ ओर महेसुस करपाइ
नेनु : आज मेरी सोनुतो धन्य होगइ, आज उसने परमात्मा देखलीया,
में : पता नही नेनु मुजसे ये सब कोन करवा रहा हें मेभी अपना अस्तीत्व भुल जाता हुं
नेनु : पताहें मुजे, इस बारेमे बाबासेभी केसे पुछु, अब वोही सामनेसे बतायेतो पता चले
में : नेनु पता हे जब हम दोनो बाबासे मीलने गये तब क्या हुआ था, जब बाबाने मुजे तुमसे बात करनेके लीये मुजे गौशालामे भेज दीया तो में वहा चला गया जेसेही में अंदर गया सब गाये जो बंधी हुइथी वो अपना बंधन छुडानेकी कोसीस करने लगी ओर मेरी ओर देखकर उछलने लगी जेसे मुजसे मीलना चाहती हो ओर जीन गायोके पास में खडा रहा वो मुुजे सब अपनी जीभ नीकालकर चाटने लगी ओर मुजे प्यार देने लगी तो मेरे आंसु नीकल आये
नेनु : (आस्चर्यसे) ये आप क्या बात कर रहे हे? अब मुजे कुछ कुछ समजमें आरहा हें मुजे इस बारेमें बाबासे मीलना होगा फीर में आपको बता पाउगी बेबी मुजे अब काफी समजमे आगया हे आप फीकर मत करो अगर अेसीही बात हेतो हमे गभरानेकी जरुरत नही हे थेन्क गोड आपने मुजे बता दीया वरना मेतो बहुत अपसेट थी थेन्कयु जानु
कहेके नेनुने मुजे चुमलीया फीर हम दोनो प्यारकी आगोसमे खोगये पता नही सुबह चार बजे तक दोनो कीतनी बार प्यारके सागरमे डुबकी लगा चुके थे आज नेनु बहुत तृप्त होगइ थी वो तो चाहतीथी में उसे कभी अलग ही ना होपाउ पर मजबुरन दोनोको उठना पडा फीर दोनो बाथरुम में चले गये
तब नेनुने अेकबार घोडी बनके ओर अेक बार खडे खडे चुदवा लीया फीर दोनो नहाके बहार आगये तब नेनुने सबको जगा दीया ओर दोनो तैयार होने लगे नेनुने मुजे आज अेक खास डड्ढेस दीयाथा जो उसको दादीने दीयाथा ओर खुदभी मेरी पसंदका पहेनलीया ओर मुजे पुछकर बालभी बनाने लगी वो आज बहुत कामुक दीख रही थी मानो कीसी अप्सरा हो
दुसरी ओर आज सब जलदी अंदर आयेतो सब अपनी बीवीयोकोे प्यार कर रहे थे सीमानेभी आज अजयको सुबह तब जगाया तो अजयको जबरदस्तीसे जागना पडा फीर भी सीमा आज संतुस्ट नही होपाइ फीर काकाभी आज काकीसे फीजीकल होगये पर थोडाही देरमें लुढक गये ओर काकी प्यासी रेह गइ
ओर सुनीलतो ताराभाभी ओर सारीकाभाभीसे अेकही बार प्यार कर सका आज दोनोने उसे जबरदस्तीसे वायग्रा खीलाइ तब, दुसरी ओर दुसयंत ओर लताभाभी फीजीकल होकर सो गये तब करणभी बीना कुछ कीयेही सोगया तब मायाभाभी पुरी रात जागती रही ओर मेरेही बारेमे सोचमें डुब गइ ओर सारी रात सोचती रही
आखीर उसने मनही मन कुछ सोचके अपना मन बना लीया दुसरी ओर काजल महेशसे दुर रही की अब नही करेगे बच्चेपे असर पडेगा दरसल वो अब सीर्फ मुजसेही फीजीकल होना चाहतीथी इधर सगुनकाभी यही हालथा वो पुरी रात सीर्फ मेराही सपना देखती रही वो जानतीथी की मेरा बच्चा उसके पेटमें पल रहा हे
इधर मीराकी हालतभी बहुत खराबथी वो रातमें दोदफा उठके अपने आपको उंगलीसे सांत करती रही ओर आखीर सुबहमें सब जागके तैयार होने लगे इधर मेरी सब बीवीयाभी तैयार होगइ तब नेनु ने कहा
नेनु : सब रेडी? तो चलो पतीदेव सबकी मांग भरदो आज बहुत खास दीन हे
तब अंजु आइ ओर उसने अपनी मांग भरवाइ वो आज कयामत लग रही थी फीर उसने मेरे पैर छुअे ओर मुजे कीस करके साइडमें खडी रही तब धारानेभी अेसाही कीया वोभी आज बहुत खुबसुरत लग रहीथी जब सोनु आइतो वो बहुत मेच्योर लग रहीथी आज उसने लंबी चोटी बनाइथी ओर सारीमें चार चांद लग रही थी
वो आज मेरे सामने नत मस्तक खडी रही तब मेने उसकी मांग भरदीतो उसके आंसु छलक पडे ओर वो घुटनोबल बेठ गइ ओर सर जुकाके दोनो हाथसे चरण स्पर्स कीया ओर पावमें अपना माथा टेक दीया ओर रोने लगी तब नेनुने उसे उठाया तो उसे लीपटकर रोने लगी नेनु उसकी पीठ सहेलाती रही
जब मेने उसके सर पर हाथ रखातो पलटकर मुजसे लीपट गइ ओर मुजे पुरे चहेरे पर कीस करने लगी तब मेने उसे जोरसे बाहोमें भीचलीया ओर उसके होंठ चुमलीये तब जाके सांत हुल तो मुस्कराने लगी
अंजु : कमीनी तुनेतो हमे डराही दीया, क्या हुआ तुजे?
सोनु : (हसकर) तु अभी नही समज पायेगी, जा अपना काम कर
तब सब हसने लगे फीर मेने नेनुकी मांग भरदी तो उसनेभी आंखे बंध करली फीर वोभी सोनुकी तराह पैरमें जुक गइ ओर भगवानकी तराह दोनो पैर छुके अपने सरमे लगा दीया ओर मुजे बाहोमें भरके मेरे होंठ चुमलीये ओर हम सब पलट गये तब दरवाजेपे दिवु ओर जसु खडीथी वो सब कुज देख रही थी
आज वोदोनो भी हुस्नकी परी लग रही थी तब नेनु सबको बहार लेजाने लगी ओर मुजे रुकनेका इसारा कीया जब सब चले गये तब जसुने दिवुको मेरी ओर धका मारदीया तो दिवु दोडके आगइ तब मेने उसकी मांग भरदी तो उसने मेरे पाव छुअे ओर उसने जसुका हाथ पकडकर मेरी ओर धका मार दीया
तो मेने उसे बाहोमें जकडलीया तो वो हसते हुअे मुजसे छुटनेकी कोसीस करने लगी तब मेने मेरे होंठ उसके होंठ पर रखदीये तब वो मदहोस होने लगी ओर मेरे होंठको चुसने लगी तभी कमलाभाभी अंदर आगइ तो जसु सरमाके जटसे मुजे अलग होगइ तो मेने कहा
में : क्या भाभी थोडी देरके बाद नही आसकती क्या?
कमला : अरे..अच्छा हुआ आगइ वरना हमेतो दोनोकी आजही सादी करवानी पडती
में : तो करवादोना कबसे जसुको बांधके रखा हे अबतो छोडदो
कमला : बाबा क्या लडका मीलाहे बीलकुल पागल अबतो आजही दादीसे बात करनी पडेगी कुछ उचनीच होजाये इसे पहेले दोनोका ब्याह करवादो
में : थेन्कयु भाभी आप कीतनी अच्छी हे ओर आजतो राजनपे बीजली गीरेगी क्या लग रही हे आप अेकदम पटाखा हें..हें..हें..
कमला : भागो बापरे येतो जसुको छोडकर मुजपे टड्ढाइ कर रहे हे
कहेकर वो बहार चली गइ तो हम सब जोरोसे हसने लगे तब जसु सामनेसे मेरी बाहोमें आगइ ओर मेरे होठोपे कीस करके हाथ पकडलीया ओर हम बहार जाने लगे ओर हम होलमें आगये तो कमलाभाभी हमे देखकर बहुत खुस होगइ हसते हुअे सबसे छुपकर उसने मुजे हसके आंख मारदी तो मेभी हसने लगा तब सब मुजे देखकर हेरान रेह गये तब करणने कहा
करण : वाव..जीजु आजतो आप बीलकुल महाराजा लग रहे हो, लगता हे आपकोतो पता ही होगा दादीमा हमे कहा ले जारही हे
तब पीछेसे दादी सोनु ओर रीटा आगइ थी ओर साथमें अंजु ओर नेनुभी थी
दादी : बेटा तुजे बडी जल्दी हे जाननेकी तो सुन आज मेने अेक लडकीको गोद लीया हे उसका सेलीब्रेसन करने जा रहे हे हम, अब जान लीया?
तब सबने तालीया बजाइतो ताराभाभीके पीछे मीराभी सीम्पल तैयार होके बेठीथी उसनेभी सबके साथ तालीया बजाइ तो सब आपसमे चर्चाकरने लगेकी दादी कीसको गोद ले रहीहे तब नेनु ओर धारा दादी मंद मंद मुस्करा रहेथे तभी चाइ नास्ता आगया तो सब चाइ नास्ता करने लगे तब नेनुने मुजे ओर मीराको मना कीयाथा
तब हमारे साथ अेक कपल ओर बेठाथा जो वोभी नास्ता नही कर रहेथे पर अंदरसे बहुत खुस हो रहेथे तो में समज गया की वो कन्यादान देने वालेहे तो मुजे लगा की ये सब मेरी नेनुकाही दीमाग हे आज मुजे नेनुपे बडा गर्व होने लगा वोतो बस मेरी ओर देखकर केवल मुस्कुराही रहीथी तब सबने चाइनास्ता फीनीस कीया तब दीवाजनी दादीको कुछ कहे गये तो दादीने सबको कहा
दादी : सबने चाइ नास्ता करलीया तो चलो बहार बस खडी हे सब उसमें बेठ जाओ सबका कीडनेप करलीया हे हें..हें..हें..
तब ये सुनके सब हसने लगे ओर सब बहार जाने लगे तो नेनु दोडके मेरे पास आगइ ओर कहा
नेनु : जानु हम मीरादीदीको वहा तैयार कर देगे ओर उसकोभी सबके साथ बसमें भेज दीया ताकी कीसीको सक नाहो आप ओर में दादीके साथ उसकी कारमें जा रहे हे ओर अेक कारमें अंजुके मातापीता सुनीलभाइ ओर काकाही हे बाकी सबके सब बसमे दादीने ओर कार लेनेको मना करदीया ताकी सब साथमें जा सके
में : चलो अच्छा कीया
फीर मेने ओर नेनु दादीके साथ बहार जाने लगे तब सब बसमे बेठ चुके थे ओर सुनीलकी कारमेंभी सब बेठ गयेथे तब अेक लक्जरी कार आके हमारे पास खडी रही तो दादीने मुजे आगे बीठाया ओर खुद नेनुको लेकर पीछे बेठ गइ अंदर देखातो तीन सींगल सोफे थे ओर अेक आगेथा सब अपने अपने सोफेपे बेठ गये
तब दीवानजीने हमारी कारका दरवाजा बंध करदीया ओर आसपास सीक्युरीटीकी ओर छे कार आकर खडी होगइ ओर हमारा कारवा नीकल पडा दो कार आगे बीचमें हमारी कार दो हमारे पीछे फीर सुनीलकी कार बादमें बस ओर उसके पीछे दो कार चल रही थी तब दादीने कहा
दादी : नेनु बीटीया तुने बहुत ही अच्छा काम कीया देखना मेरी अंजु बहु कीतनी खुस होगी उसके माता पीताने तो कभी कन्यादान कीयाही नही होगा कीतना खुस हो रहे थे
नेनु : हां दादी मुजे अचानक याद आयातो आपको बता दीया, वहा जाके हमे मीरा दीदीको भी तैयार करना हे
दादी (हसते) वो मुजपे छोडदे मेने सब अेरेन्ज करलीया हे वो हमारी दिव्या बहुकी दोस्त हेना मनीषा वो उधर पहोंच गइहें हें..हें..हें..
नेनु : (खुस होकर) क्या.. दादी वो पहोच भी गइ?
दादी : (हसते) क्यु.. तुम लोग सरप्राइज देतेहो तो मे नही दे सकती?
नेनु : बीलकुल दे सकती हे दादी यु आर ग्रेट, आपनेतो दील खुस करदीया
दादी : वेसे ये क्यु मुह लटकाये बेठा हे कुछ बोलता ही नही क्या हुआ इसे हें..हें..हें..
नेनु : कुछ नही दादीमां आप सब बहुओकी तारीफ कर रही हेनां इसलीये हें..हें..हें..
में : तो फीर, आपको सब वोही दीखती हे सबको लाया कोन वो नही दीखता
तब ये सुनमे दादी ओर नेनु जोरोसे हसने लगी तब दादीने हसकर कहा
दादी : अरे बीटु तुही लाया हे अेकसे बढकर अेक हीरा ढुंढके लाया हे तु तो तेरी तारीफ तो बनीती हेनां तुक्यु परेसान होता हे, ओर ये मेरी नेनु बीटीयातो नगीना हे नगीना अच्छा कीया तुने इसे सादी करली वरना हम अेक कोहीनुर खोदेते
कहेकर दादीने नेनुका सर चुमलीया तो नेनुकी आंख नम होगइ तब दादीने कहा
दादी : सुन जब मंदिरका भुमी पुजन हो जाये तब तुम दोनोको अेक सरप्राइज मीलने वाली हे पर तुम दोनो ओर कीसीको बताना मत सीर्फ आप दोनोके लीयेही हे समजे
में : थेन्कयु दादी, हम कीसीसे नही कहेगे बस
फीर हम बाते करते हमारी मंजीलपर पहोच गये तकरीबन ५० मीनीट लगे हमे पहोचनेमें तब सीक्युरीटी वालेने हमारे दरवाजे खोलदीये ओर हम उतर गयेतो वहा अेक मंदिर था ओर अेक लकजरी होटेले जेसी बील्डींगथी उसमें तकरीबन २५ बडे कमरेथे बीलकुल कंपलीट तब दादीने नेनुसे कहा
दादी : नेनु बेटा मेरी सब बहुओको इधर बुलाओ जीसकी सादी हुइवो ओर जीसकी नही हुइ वोभी मुजे सबसे बात करनी हे
तब नेनु सबको लेकर आगइ तो सबने फटाफट दादीके पैर छुलीये तब दादीने कहा
दादी : सुनो सब ये हमारे पुर्खाेका मंदिर हे यहा हमारी माता हे तो सबको सरपे ढकके दर्शन करना हे वेसे तो कीसीको बतानेकी जरुरत नही हे सब मेरी बहु ढककेही रखती हे पर यहा गलती नही चलेगी तो सब ध्यान रखना मुजेभी ढकके रखना पडेगा मेभी बाकात नही हुं समज गये सब चलो सब पहेले अपने रुम में जाके फ्रेस हो जाओ जब आपको सुचना मीले तब सब नीचे आजाना ओके
सब बीवीया : जी दादीमां
कहेके सब अपने रुम में जाने लगी तो सेवीकाने सबको उसका रुम दीखाया दादीका पुरा स्टाफ कल सामकोेही इधर आ गयाथा तो सब तैयारी होगइ थी तब नेनु ओर धारा सबसे छुपकर अेक लास्टवाले रुममें घुस गइतो मनीषा मीराको तैयार कर रही थी अंदर मीरा सीर्फ ब्लाउस ओर पेटीकोट मेही बेठी थी ओर मनीषा उसका मेकअप कर रही थी में मेरे रुममें आराम करने लगा नेनुने जो पुरी रात जगाया था, तो मेरी आंख लग गइ मेरी सब बीवीया उसे ढुंढनेकी कोसीस कर रही थी जीसकी टीममें वो सामील होने वालीथी तब सोनु
सोनु : दादीभीने कीतना सीक्रेट रखा हे अभी भी हमे वो नही मील रही
अंजु : जानेदे सोनु अभीतो पता लग ही जायेगा हमको तो छोड हमे इतनातो पता हे यहा सादी होगी ओरकोतो वोभी नही पता अब भी सब दुवीधामेही हे सबको दादीने इतनाही बतायाकी कीसी लडकीको वो गोद लेरहे हे बाकी कुछ नही बताया
जसु : (हसते) वेसे सोनु कल क्या हुआ था?
सोनु : अरे जसु पुछोही मत, कल मेने भगवान देखलीया था बस इतनाही पता हे बाकी कुछ याद नही हे अेसा लगता था में स्वर्गमे हुं बस, पता नही कोन हे वो
जसु : हं..तु बहुत नसीब वाली हे
सोनु : वो तो मेहुही उसकी पहेली बीवीजो हुं, ओर मेरा राजभी मुजे बहुत प्यार करता हे
अंजु : वो हमेभी करता हे हम सबको यही लगताहे की वो हमे बहुत चाहते हे इनफेक्ट सबको बराबरका प्यार करते हे
ये सब बाते हो रहीथी तब रीटाभी उसके साथथी वोभी सुनके बहुत खुस होरही थी तब सबका ध्यान उसकी ओर गया तब दिवुने कहा
दिव्या : अरे बीटु तुभी हे सब सुनलीया तुने, चलो अच्छा हुआ केसा लगा हमारी टीममीे सामील होके तुजे अच्छातो लगता हेनां?
रीटा : अरे दीदी मेतो बहुत अेक्साइटेड हुं, मेभी आपके साथ आइ होती तो मेनेतो कबसे इनसे सादी करली होती
सोनु : येलो.. येतो मरी जा रही हें चुदनेके लीये, बच्चु बस दो दीन ठहेरजा फीर कहेना
दिव्या : (सोनुको हसके मुका मारके) कमीनी यहातो अेसा मत बोल ओर इसे अेसा कहेकर क्यु डरा रही हे
सोनु : ये..हेलो..ये कोइ डरती बरती नही हे समजी बहेन समजकर तरस मत खाओ इस मामलेमे हम सबकी बाप हे ये, इतना ज्ञान हे उसके पास, कीस दीन गर्भ रहेगातो केसा बच्चा होगा आपको पता हे? नहीनां ये वोभी जानती हे बडी कमीनी हे ये
दिव्या : (आस्चर्यसे) बीटु मे क्या सुन रही हुं, कहासे सीखा सब?
रीटा : (हसकर) अरे कहीसे नही दीदी मेने कुछ आयुर्वेद ओर ज्योतीसकी कीताबे पढी हे इसलीये सब पता हे ओर कुछ नही हें..हें..हें..
जसु : रीटा तु ज्योतीष भी जानती हे? हमेतो पताही नही
दिव्या : तो मुजेभी कहा पता था, येतो बहुत खतरनाक हे बाबा इससे सम्भलकर रहेना पडेगा हें..हें..हें..
रीटा : क्या दी क्यु डरती हो ज्योतीष जानती हु काला जादु नही समजी
अंजु : अरे रीटा तु गभरा मत सब मजाक कर रही हे मेरे साथ आजा इधर
सोनु : वेसे अंजुदी दादीने यहातो अेकही बेड लगवाया हे
अंजु : तो तुजे कहा यहा मजा करना हे कमीनी, हम सीर्फ कुछ घंटेकेलीये इधर आयेहे चुदने नही समजी
सोनु : अरे हमारे अेसे नसीब कहा जनाब पुरी रात जागेहे देखो केसे घोडे बेचके सो रहे हे वेसे इनकेतो मजेही मजेहे हर रोज अेक नया माल बस ठोकते रहो हें..हें..हें..
जसु : कमीनी धीरे बोल वो सुन लेगेतो पंगा हो जायेगा फीर तुजे यही पटक पटक कर पेल देगे हें..हें..हें..
सोनु : हाये..अेसा नसीब हमारा कहा कास ये जाग रहे होते
दिव्या : कीतनी बेसरम हे ये लडकी, अगर जागते होतेतो पता चलता, वेसे अभी कीसीने बुलाया नही हमको
तभी नेनु रुम में आगइ तो मेरी ओर देखकर कहा
नेनु : लोजी येतो सोये पडे हे, जानु..ओ जानु.. उठो बेबी दादी बुला रही हे
में : नेनु बस अभी फ्रेस होकर आया थोडी देर बाद नही आसकती थी कीतना मजा आ रहाथा सुनके हें..हें..हें..
अंजु : क्या..आप जाग रहे थे? कीतने कमीने हो आप सब सुन रहेथे बहेनो टुट पडो
कहातो सब मुजे लाते घुसे मारने लगी तब नेनु हसते हसते मेरे उपर लेट गइ ओर मुजे बचा लीया तब में नेनुको लेकर बाथरुम में चला गया ओर उसे बाहोमें भरकर चुमने लगा तो सब मेरा दरवाजा खटखटाने लगी ओर नेनुको गालीया देने लगी तब मेने नेनुकी सारी उठाइ ओर उसे खडे खडे पेलने लगा
तो नेनुभी हसते हुअे मुजसे चुदने लगी फीर हम दोनो साथमें जड गये ओर दोनोने नहालीया फीर वही कपडे पहेनकर तैयार होगये ओर हम बहार आगये तो सब हमे खाजाने वाली नजरसे घुरने लगी तो में हसते हुअे नेनुका हाथ पकडकर उसे बहार दोडाके लेगया ओर हम दोनो दादीके पास चले गये उधर सब हमे देखती रही तब सोनु अंजुको गालीया देने लगी तो बाकी सब हसने लगी
सोनु : कमीनी तेरी वजहसे हाथसे मोका नीकल गया वरना नेनुकी जगाह में होती
अंजु : मुजे क्यु गाली देती हे, हमारा मोका नही गया? मुजे कहा पताथा वो जाग रहेहे
रीटा : बस..बंध करो जगडा, अेतो वोही बात होगइ तुम दोनो बीलीके जगडेमे वो बंदरीया पुरी लेके भाग गइ अब चलो सब बहार
ये सुनते ही सब जोरोसे हसने लगी तब जसुने हसते हुअे कहा
जसु : सोनु तु ठीक कहेती थी ये रीटा वाकइ बहुत बडी कमीनी हे हें..हें..हें..
सब बाते करते बहार नीकली तब अेक सेवीका सबको बुलानेही आरहीथी तब अदबसे जुक कर कहा
सेवीका : रानीसाहेबा सबको राजमाता अपने कक्षमे बुला रही हे सब आइअे मेरे साथ
तब सब उसके पीछे सर ढककर चलने लगी ओर सब दादीके पास पहोच गइतो नेनु अपने सरपे पलु डालके सबकी ओर देखकर हसने लगी तो सबने मुह बीगाडा तो दादी ओर नेनु सब देखकर हसने लगी फीर दादीने सबको कहा
दादी : सुनो सब अभी मंदिरमें जाके सब आपके पतीके साथ बेठकर माताका दर्शन करलो फीर सब बहार जो मंडपहे वहा नेनु बीटीयाके साथ सबको बेठना हे ओके अब जाओ सब ओर बीटु सबके साथ बेठकर मातासे अच्छेसे प्रार्थना करना ताकी अगले साल सबकी गोद भरजाये हें..हें..हें..
सोनु : क्या दादीमा आपभी हमारातो पता नही पर दो पोता आपको जरुर मील जायेगा
दादी : ठीक हे ठीक हे मुजे पता हे तुम सब क्या खा रहीहो कोइ बात नही मेरी बच्ची पर ज्यादा देर नही करनी चाहीये समजी, अब जाओ सब में अभी आतीहुं मुजे नेनुसे बात करनी हें फीर हम दोनोभी आजाते हे
कहा तो मे उठ गया तब सोनुने मेरा हाथ पकडलीया ओर हम सब मंदिरकी ओर
जाने लगे उधर दादी ओर नेनु बात करने लगे
दादी : बीटीया सबको समजाओ ज्यादा वो दवाइ मत खाये जबतक मंदिर नही बन जाता तबतक ठीक हे फीर ज्यादा देर नही करनी चाहीये सबको तुम अच्छेसे समजा देना ओर तुमभी मुजे अेक प्यारासा पोता देदो मुजे तुमसे बहुत उमीद हे
नेनु : (हसकर) जी दादीमा में पुरी कोसीस करुगी ओके, मेभीतो यही चाहतीहुं पर हमे मंदिर कंपलीट होजाये तब तक रुकना हे बस
दादी : पता हे मुजे वेसे तु बहुत समजदार हे कास तु मेरे कोखसे जन्मी होती, आजा मेरी बच्ची सब चले गये हे
कहेकर नेनु ओर दादी मंदिरकी ओर जाने लगी तो सब बहार घुम रहेथे, तब वोभी सब आने लगे ओर सब मंदिरमें दादीके पीछे खडे रहे तब अेक अेक करके मेरी सब बीवीया मेरे साथ बेठकर प्रार्थना करने लगी फीर दुसरी फीर तीसरी जसु दिवु ओर रीटाभी मेरे साथ बेठके दर्शन कीया
तो कमलाभाभी ओर मायाभाभी आसु बहाने लगी फीर लास्टमें नेनु आइ ओर मेरे साथ बेठ गइ तो दोनो आंख बंध करके प्रार्थना करने लगे तब में माताके चरणोमें जुक गया तो नेनुभी जुक गइ जब दोनो खडे हुअेतो हम दोनोकी आंखोसे आंसु बेह रहेथे तब मेने नेनुका चरण स्पर्स कीयातो नेनु फुट फुटकर रोने लगी
तब दादीने उसको सम्हाला ओर वोभी रो पडी तब सुनीलने मुजे पीठमे हाथ सहेलाके सांत कीया तब नेनु मेरे पास आके मुजसे लीपटकर रोने लगी हम दोनो खुब रोये फीर रो रोके हल्का होगये तब सब लोग मंदिरमे अेकठे हो गयेथे तब दादीने कहा
दादी : सुनो सब मेने आपको कहाथाना में अेक लडकी को गोद लेर ही हुं तो सुनो मेने उसे बाकायदा गोद लेलीया हे ओर वो मेरी बेटी होगइ हे ओर मेरी उस बेटीकी मे आज सादीभी करवा रही हु ओर वोभी इस महाराजसे
तो सब खुसीसे नाचने लगे ओर सबने दादीको बधाइभी देने लगे तब ताराभाभीने कहा
तारा : तो सासुमा वो खुस नसीब लडकी कोन हे वोभी हमे बता दीजीये हमारे महाराजकी नइ दुल्हन देखनेके लीये सब तरस रहे हे
दादी : वो भी देख लेना इस सबकी तराह वोभी मेरे पोतेके साथ माताका आशीर्वाद लेगी फीर दोनोकी सादी हे तो सब हमे वहा मंडपमें जाना होगा, नेनु बीटाया मेरी बेटीको लेकर आजाओ
तब नेनु हसकर खुसी खुसी उसे लेने चली गइ तब वो धाराकोभी हाथ पकडकर लेगइ ओर सब उसेही देखने लगेकी कोन आयेगी तभी नेनु ओर धारा अेक खुबसुरत लडकी जो धुंधटमें थी उसे दोनो हाथ पकडकर आ रहीथी अेसा लगताथा वो कोइ जवान २२ से २४ सालकी लडकी होगी ओर मनीषाने वाकइ मीराकोे अेसा सजाया था
की वो २२ २४ सालकी लडकी ही लग रही थी ओर नेनु ओर धारा उसे मंदीरमे मेरे साथ बीठादीया तबभी कीसीको नही समजमे आया फीर हम दोनो माताके सामसे जुककर दर्शन करने लगे फीर हम खडे होगये तो मीराने मेरेभी पाव छुअे तब नेनु ओर धारा उसे वापस लेजाने लगी तब ताराभाभीने कहा
तारा : अरे सासुमा हमने तो उसे देखा ही नही कोन थी वो?
दादी : (हसकर) अरे बहु अभी लग्न मंडपमे आयेगी तब उसका चेहरा देखलेना वो अब घुंघटमे नही होगी समजी ओर तुजेतो बहुत बडा जटका मीलेगा
तारा : हां पता हे आपके खानदानमे तो दादी पोता पोती सब हमे जडकेही देते आये हे हें..हें..हें..
इस बातपे सब हसने लगे तो दादीने ताराभाभीको मुका मार दीया फीर मेरे साथ बेठ गइ ओर माताका आसीर्वाद लीया फीर ताराभाभीने खुद दादीका हाथ पकडलीया ओर दोनो मंडपके नीचे चले गये तब खास अेक सीहासनपे बेठ गइ उसके बाजुमे सब रानीओके लीये सीहासन थे बाकी सबके लीयेभी आलीसान चेरे लगवाइ थी तो सब बेठने लगे तब हमारे पुजारीजी आगये
ओर राजमाताको प्रणामकीया तब उसने कहा अब महाराजको बुला लीजीये तो दादीमाने मुजे बेठनेके लीये कहा तो में दादीके पैर छुआ फीर पुजारी दादाके पैर छुअे तो उसने मुजे बहुत आशीर्वाद दीये फीर में लग्न मंडपमे बेठ गया तभी मेने सुनीलभाइ को साथ बीठाया
तभी नेनु अंजुके बा बपुजी को लेकर आइ ओर उसे कन्यादान करने बीठादीया तो सब सोक्ट होगये तब महेश ओर काजलके साथ अंजुभी आंसु बहाने लगी ओर दादीसे हाथ जोडलीये तो दादी हसने लगी ओर अंजुको गले लगा लीया तब
अंजु : दादीमा आपने तो हमारी जोली खुसीयो से भरदी
दादी : मेरी बेटी रो मत ये सब मेरी नेनु बीटीया नेही कीया हे जा उसे मील ले
तब अंजु दोडके नेनुमे पास गइ ओर उसके पैर छुली येतो नेनुने उसे खडाकर दीया ओर उसे गले लगा लीयातो अंजु फुट फुटकर रोने लगी तब बा बापुजीकी आंखे भी नम होगइ ओर उसने बेठे बेठेही नेनु से हाथ जोडलीये तब नेनुनेभी हाथ जोडके उसे नतमस्तक नमन कीया तब दादीने कहा
दादी : नेनु बीटाया अब दुल्हनको भी ले आओ मुहुर्त हो गया हे
तब नेनु ओर धारा अंदर चली गइ ओर मीराको धुंधटमेही लेआये ओर मेरे सामने बीठा दीया तो धाराभी उसके बाजुमे बेठ गइ तब नेनुने घुंघट उपर कीया ओर उसका चहेरा खुला कीया तो देखकर सब सोक्ट होगये ओर सब खडे होगये सबके मुहसे नीकल गया मीराआंटी..तब ताराभाभी काकी काका ओर सुनीलभाइतो रोही पडे
तब मीराभी नीचे सर रखकर आसु टपकाने लगी तब ताराभाभी ओर काकी दोनो दादीके पास आइ ओर उसके चरणोमें सर रखकर रोने लगी तब दादीने दोनोको खडाकीया ओर दोनोके आंसु पोछे तब धारानेभी मीराके आंसु पोछ दीये ओर उसे बात करके उसे मना करने लगी तब ताराभाभीने
तारा : सासुमा आपने हमे बडा जटका दीया, मेरे पास सब्द नहीहे हमारी मीराकीतो आपने जींदगी ही बदल दी पता नही केसे आपका सुक्रिया अदा करे हम
दादी : बस बहु अब रोना नही देखो आपको देखकर मेरी बेटीभी रोरही हे फीर उसे मील लेना दोनो ठीक हे अब बेठके तेरी सहेलीकी सादी देखो दोनो
काकी : जी सासुमा हम सादीके बाद मील लेगे
कहेकर दोनो अपनी जगाह चली गइ तब पुजारीजी सब वीधीया करवाने लगे फीर कन्यादान हुआ ओर बा बापुजीने मीराका हाथ मुजे सोपदीया तो मीरा फीरसे आंसु बहाने लगी तब धाराभी आंसु बहा रहीथी तब नेनुने जाके दोनोको सांत कीया ओर वापस दादीके पास बेठ गइ आज सब नेनुकी ओर बडे भावसे देख रहे थे
सबके दीलमें आज नेनुकी इजत इतनी बढ गइथी की मानो वोकोइ देवी हो इवन मेरी सब बीवीयाभी नेनुको इस नजरसे देखने लगी जेसे वो साक्सात देवीही हे फीर कन्यादान हो गया तो दादाने फेरेकी वीधी सुरु करदी तो सब लेडीज हमारे उपर फुल बरसाने लगी तब मीरा बहुत सरमाके मंद मंद मुस्करा रही थी
ओर मेरे पीछे पछे चल रही थी फीर दादाने सप्तपदीमें सब कसमे खीलवाइ फीर मीराकोभी कसमे खीलवाइ तब वो बहुत सरमा रही थी ओज मुजेभी उसपे बंसुमार प्यार आ रहाथा अब वो मेरी अर्धांगीनी हो चुकीथी ओर आखीरमे दादाने उसकी मांग भरनेको कहा तब वो आंसु बहाने लगी फीर जेसेही मेने मांग भरनी चाही
उसने अपनी आंखे बंध करली तब मेने उसकी मांग भरदीतो वो फुटफुटकर रोने लगी तब धाराभी उसे रोते हुअे सांत करने लगी तब नेनु मेरे पास मंगलसुत्र लेकर आइ ओर मुजे देदीया तब मेने मीराको मंगलसुत्र भी पहेना दीया फीर वो मेरे पैरमे जुकगइ तब धाराने उसे खडी करके अपनी जगाह बीठा दीया तब जाके हमारी सादी सम्पन हुइ
तब हमदोनो पहेले मंदिर चले गये ओर माताके आशीर्वाद लीया फीर दादीके पाव छुके उनका आीशीर्वाद लीया फीर दादाका आसीर्वाद लीया फीर हमने काका काभी लीया काकीने अमे पैर नही छुने दीया सुनीलभाइने मुजे गले लगाया ओर मीरासे हाथ जोड लीये तब मीरा मुजे नेनु के पास लेगइ ओर हम दोनो नेनुके पाव छुअे तो नेनु रोने लगी
तब मेरी सब बीवीयाभी रोने लगी पुरा माहोल गंभीर होगया तब दादीने नेनुको सांत कीया ओर उसे पानी पीलाया तब मेरा ध्यान अेक सख्स पर गया तो में मीराको लेकर उसके पास गया ओर उसके चरण स्पर्स कीया तो वो रोने लगे ओर हम दोनोके सर पर हाथ रखदीये तब दादीके भी आंसु नीकलने लगे तब दादी मुजे इतनाही बोल पाइ
दादी : साबास बेटे आज तुने हमारे खानदानकी लाज रखली
तब वो सख्स दादीके पास आके उसके चरणोमे बेठ गया ओर फुट फुटकर रोने लगा वो ओर कोइ नही हमारे दिवानजीथे जो बचपनसे इस महेलकी सेवा करते आयेथे तब दादीने उसके सरपे हाथ करखकर कहा
दादी : सांत होजाइअे दीवानजी आज मुजे मेरा वारीस मील गया हे मेतो धन्य होगइ
दिवानजी : माता आज मेरी प्रतीज्ञा पुरी होगइ अब में मेरी बीवी बचोके पास जासकुगा
दादी : हां दिवानजी इसके लीयेतो मेनेभी इस मातासे मनते मागी थी जो आज पुरी होगइ
फीर दादीने सबको बीठादीया ओर अेलान कीया
दादी : सुनो सब आजसे मे अपना सब कारोबार इस राजाको सोपती हुं हमारे लीये आजसे यही राजा हे अब मेरे पोतेको पुरी स्वतंत्रता हे कोइभी नीर्णय लेनेकी अब मे सबकुछ इसे सोप रही हु वो अब महेल ओर हमारी प्रजाका रखेवालहे ओर पुरी तराह स्वतंत्र हे हमारे दिवानजीने प्रतीज्ञा लीथी जबतक सही राजा नही मील जाते तब तक मे मेरे बच्चो बीवीका मुह नही देखुगा ओर आज बरसोके बाद वो अपने परीवारको मील सकेगे उसकी फेमीली हमारे गांवमेही हे पर वो कभी उसे मीले नही थे
तब मेने सुनीलभाइके सामने देखा तो उसने हामे सर हीला दीया ओर कीसीको फोन करने लगे इस तरफ दिवानजी नेनुको आशीर्वाद दे रहे थे तब नेनु उसे हस हसकर बाते करने लगी तब मीराने मुजे पहेली बार कहा तब धाराभी साथमें खडी थी
मीरा : राज हमारी नेनुदी इन्सान नही हे कोइ देवी हे देवी
में : हां मीरा आज मेने नेनुको ओर अलग स्वरुपमेही देख रहा हुं
धारा : सही कहा आपनेभी आज हम सब उसके सामने बोने लग रहे हे अब मेरीतो उसके सामने जानेकी हीमत ही नही हे
में : धारा अेसा मत सोच मेरी नेनु अेसी नही हे वोतो सबको प्यार बाटती फीरती हे देख हमारे दीवानजी आज कीतने खुस हो रहेहे जेसेवो नेनुको बरसोसे जानते हो
तब दादीने मुजे बुलाया ओर अपने पास बीठाया ओर मीराकोभी पास बीठाया तब कहा
दादी : बेटा आजसे तु कोइभी नीर्णय लेनेमें स्वतंत्र हे, अब तुजे देखना हे, हमारी वीरासतको केसे आगे बढाना हे
में : दादी में ये दादाको छोडने वाला नही हु मुजे इनकी बहुत जरुरत हे ओर मेरी सब ताकत मेरे सब बीवीया हेतो सबकुछ मे मेरी नेनुको सोपना चाहता हु वोही हमारी असली ताकत हे
दादी : (हसकर) मुजे पता हे बेटा तु इसके बगेर अेक कदमभी नही चलता मेने नेनुसे इस बारेमे बात करली हे ओके ओर दिवानजीभी रहेगे बस अबवो सामको अपने फेमीलीके पास चले जायेगे
में : ठीक हे दादी वो सब आप मुज पर छोड दीजीये में देखलुगा उसने आपकी बहुत सेवा कीहे पुरी नीस्ठाके साथ, उसका बदला उसे जरुर मीलना चाहीये अब आप उसे कुछ मत कहेना जो करना हे मे करुगा ओके
दादी : (हसकर) ठीक हे ठीक हे तुम जेसा चाहो बस मेरा बेटा अेक सेवककी इजत करताहे तो प्रजाकीतो करेगा ही यही सोच हमारे दिवानजीकी भी हे इसीलीयेतो तु उसके पैर पडे तबही वो समज गयेकी हमे सही राजा मील गये हे
में : वाह दादी हमे परखेनेका आपका पेरामीटरभी केसा हे मुजे बहुत अच्छा लगा मे अब उसे दिवानजी नही दादाही कहुगा
दादी : हां हां तुजे जो कहेना हे कहेना अब तुजे भुख नही लगी हे? देख मेरी बेटीका चहेरा केसे होगया हे रो रोके बुरा हाल करदीया उसने
मे : तो कीसने कहाथा रोनेको देखो केसे बकरी जेसे दीखती हे हें..हें..हें..
दादी : अेय बदमास खबरदारजो मेरी बेटीको बकरी कहातो पीटुगी तुजे जा उसे अंदर लेजा ओर उसका हुलीया ठीक कर
तब मीरा सरमाके हसने लगी तब मेने उसका हाथ पकडकर खडी कर दीया फीर नेनुको भी खडा करदीया ओर दोनोकी कमरमे हाथ डालकर अंदर जाने लगा तो सब हसने लगे तब मीरा ओर नेनुभी सरमाके हसने लगी ओर हम हमारे रुममे आगये ओर मेने दरवाजा बंध करदीया तो नेनु मना करने लगी ओर कहा
कन्टीन्यु.....[/color]