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Incest विदाउट रूल्स फैमिली लव अनलिमिटेड

कुछ देर बाद तरुण के डोर

पर नॉक होता है.तरुण को लगा शायद तन्नू आ गयी .

तरुण जा कर डोर ओपन करता है ऑर दरवाजे पीछे चुप जाता

है.. जैसे तन्नू अंदर आती है तरुण उसे पीछे से अपनी

बाहों मे भर लेता है. ऑर नेक पर किस करना स्टार्ट करता है.

अब तरुण अपने होश मे नही है.. तरुण नेक पर लगातार किस

कर रहा है..

तरुण- “ दी आज आपने बहुत वेट कराया “

इतने मे तरुण तन्नू को अपनी ऑर पलट देता है.. ये तन्नू नही

है.. अंधेरे मे तरुण को धोका हुआ. तरुण सामने के

नज़ारे देख कर चौंक गया.. ये टीना है.. जिसे अभी तक तरुण

ने अभी बाहों मे भर रखा था. ऑर जिसे किस किए जा रहा

था.. तभी बाहर से कुछ आवाज़ आती है ऑर टीना अपने रूम की

ऑर भाग जाती है.

जब बाहर से कुछ आवाज़ आती है तो टीना अपने रूम मे

भाग जाती है.. लेकिन अभी तक तरुण वहाँ वैसे के वैसे ही

खड़ा है.. लगता है उसे साप सूंघ गया.. उसके साथ जो

अभी हुआ.. उसे यहकीन ही नही हो रहा है ……..वो खुद की

किस्मत को कोस रहा है.. की कैसे उसकी लाइफ मे लगातार

प्रोब्लम्स आती जा रही है.. दूसरी ऑर टीना अपनी कमरे मे

पहुच कर बेड पर लेट जाती है. उसकी साँसे अभी तक तेज़ी से

चल रही है. उसे अब अपनी जवानी का अहसास हो रहा है. आज

पहली बार किसी ने उसे किस किया है.. आज पहली बार वो किसी

लड़के की बाहों मे गयी है.. वो तरुण के बारे मे सोच

सोच कर खुश हो रही है. तरुण के एक एक किस को याद कर

रही है. की कैसे तरुण ने उसका अपनी बाहों मे भर लिया था.

इतना सोचते सोचते उसके हाथ अपने आप अपने बूब्स पर

चले जाते है. ऑर वो उन्हे सॉफ्ट हॅंड से सहला रही है. अपनी

गर्दन पर हुए तरुण के किस के बारे मे सोच रही है. जहा– जहा तरुण ने किस किया था. वहाँ अपना हाथ ले जाती है.

वहाँ अभी भी थोड़ी तरुण के मुँह का लार लगा हुआ है. जो

किस करते टाइम लग गया था.. टीना उसे हाथ मे लेती है.. ऑर

अपने मुँह के पास लाती है ऑर उसे एक लंबी साँस के साथ

सूंघति है.. अब उसे अपने होंठो पर लगती है.. टीना को इससे

बहुत ज़्यादा जोश चढ़ रहा है.. उसका खुद पर से कंट्रोल

खो रहा है.. उसे खुद नही पता वो क्या कर रही है..

उसका एक हाथ अब लोवर के ऊपर से ही उसकी चूत को सहला

रहा है..दूसरे हाथ से वो अपने बूब्स को सहला रही है..

टीना ने अब अपना हाथ अपने लोवर के अंदर दे दिया है.. वो

पेंटी के ऊपर से चुत के क्लितर्स को रगड़ रही है.. उसकी

चुत इतना ज़्यादा पानी छोड़ रही है की उसकी पूरी पेंटी चुत

के पानी से गीली हो चुकी है… टीना की उंगलिया उसके चुत के

पानी से भीग चुकी है. टीना थोड़ा रुकती है ऑर ऑर अपनी चुत के पानी मे भीगी हुई उंगलियो को अपने मुँह के पास लाती है.

ऑर उन्हे सूंघति है. टीना के दिमाग़ मे एक थॉट आता है.

की तरुण भी एक दिन इस चूत के पानी को चाटेगा.. .. इतना सोच

कर टीना के फेस पर एक नॉटी स्माइल आ जाती है.. ऑर टीना ऑर भी

ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो जाती है अब टीना ने अपना लोवर निकाल कर

खुद से दूर कर दिया .. ऑर अपनी पेंटी को निकाल कर नीचे फेक

दिया.. टीना.. अपना हाथ वापस अपनी चूत पर ले जाती है.. टीना

अपनी चूत मे अपनी एक उंगली घुसाने ही वाली होती है.. तभी

उसका दिल उसे रोकता है.. नही ईस पर सबसे पहला ऑर

आखरी हक़ तरुण का है.. ऑर इस चूत मे सबसे पहले तरुण

का ही लंड जाएगा.. ऑर कुछ नही. इतना सोच कर टीना ऊपर से

ही अपनी चुत के कलरिटेस को रगड़ने लगती है.. ऑर अपनी एक हाथ

से अपने बूब्स को सहला रही है. .. टीना अपने ही निपल्स के

साथ खेल रही है.. उनमे पिंच कर रही है.. टीना के मुँह से

आहे निकल रही है.. वो बहुत सेक्सी आवाज़ मे मोआईंग कर रही

है..आहा आ अया अया… अब टीना अपने स्पीड बढ़ा रही

है.. अब टीना ने जोरो से अपनी चूत को रगड़ रही है.. ऑर एक तेज

आ के साथ टीना अपना पानी निकाल देती है.. आज टीना की चूत ने

बहुत ज़्यादा पानी छोड़ा है. उसका पूरा हाथ इससे भीगगया. इसके साथ ही तेज साँस लेती हुई टीना अपने बेड पर पड़ जाती है.. अभी टीना अपनी साँसे को कंट्रोल कर रही है. कुछ देर मे

टीना होश मे आती है.. ऑर अपनी पेंटी को बाथरूम मे डालती

है. अपनी बेड सीट चेंज करती है.. एंड सिर्फ़ लोवर पहन कर

बिना पेंटी के बेड पर आ जाती है.
 
आज टीना बहुत खुश लग

रही है.. आज उसने पहली बार मूठ मारी है. वो एक तकिया

को अपनी बाहों मे दबा लेती है. ऑर एक तकिया को अपनी टाँगो

के बीच मे दबा लेती है.. अब टीना खुद ही तकिया को तरुण

समझ कर उसे गुड नाइट कहती है ऑर सो जाती है..

तरुण अभी अपने रूम मे बेड पर बैठा सोच रहा है. की ये

उसके साथ क्या हो रहा है. एक प्राब्लम तो ख़त्म हुई नही..

ऑर दूसरी सर पर आ कर गिर गयी.. लेकिन अभी उसे तन्नू को कुछ

जवाब देने थे.. जिसके लिए वो अब बिल्कुल भी नही सोच पा

रहा है. उसके दिमाग़ को तो टीना हिला कर चली गयी है.तभी

तरुण को बाहर से कुछ आवाज़ आती है. वो अपने गेट के

पास जाता है.. वहाँ तन्नू नीचे से ऊपर की ऑर आ रही है..

इतना देख कर तरुण को थोड़ी खुशी होती है.. ऑर उसके फेस पर

एक स्माइल आती है.. लेकिन तन्नू वहाँ से सीधा अपने रूम मे

चली जाती है ऑर रूम का गेट बंद कर देती है.. इससे तरुण की

खुशी एक पल मे गायब हो जाती है. ऑर उसका मुँह उतर जाता है.

अभी तरुण वापस अपने बेड पर आ कर बैठ गया.. ऑर अपने

गेट की ऑर देखने लगा.. उसे अभी भी उम्मीद थी की तन्नू

आएगी.

काफ़ी देर हो जाती है.. लेकिन तन्नू नही आती. अब तरुण

की उम्मीद टूट जाती है. वो अपनी पैरो को नीचे लटकाए हुए की

बेड पर लेट जाता है. ऑर अंधेरे मे छत की ऑर देखने लगता

है.. कुछ देर तक ऐसे ही देखते हुए. उसने नींद आने लगती

है.. उसने अभी आखे बंद कर ली.. उसके कुछ पॅलो के बाद ही

उसे अपनी जाँघ पर किसी के किसके हाथ महसूस होते है.. इससे

तरुण तुरंत अपनी आखे खोलता है.. ऑर देखता है.. उसकी

बगल मे कोई बैठा है.

तरुण के बगल मे कोई बैठा है.. ये तन्नू है.. तरुण जब

तन्नू को देखता है तो बिना एक पल गवाए तन्नू को अपनेगले से लगा लेता है.. इस हग की तरुण को बहुत ज़रूरत है..

तन्नू जब तरुण को ऐसे टेन्षन मे देखती है . तो वो भी

बिना कुछ कहे.. तरुण को गले से लगा लेती है.. ऑर तरुण के

सर पर अपना हाथ फेरती है.

तन्नू – “ भाई क्या हुआ.. बहुत टेंशन मे लग रहे हो..

शाम तक तो ठीक थे.. “

तरुण के मुँह से कोई शब्द नही निकल रहे है.. उसने तन्नू

की आवाज़ सुन कर तन्नू को ऑर टाइट हग कर लिया.. तन्नू अब

समझ गयी है की तरुण को अभी बस प्यार की ज़रूरत है..

तन्नू तरुण को वहाँ से उठा कर बेड पर ले जाती है. ऑर तरुण

को बेड पर लिटा देती है. तन्नू अभी तरुण के सर के पास बैठ

कर तरुण के सर को सहला रही है.. तरुण को इससे बहुत सुकून

मिल रहा है.. ऐसी मीठी फीलिंग तरुण को पहले कभी नही हुई

थी. शायद अभी तरुण को तन्नू के असली प्यार का मतलब

समझ आ रहा है.. तरुण अभी भी चुप चाप लेटा हुआ है.

तरुण ने तन्नू का एक हाथ कस कर पकड़ा हुआ है. ऑर तन्नू

अभी भी एक हाथ से तरुण का सर सहला रही है. तन्नू के

हाथ का ये स्पर्श तरुण को बहुत अच्छा लग रहा है. अब

तरुण के दिल दिमाग़ मे बिल्कुल भी हवस बाकी नही है.. वो अब

तन्नू के प्यार को बिना हवस के देख रहा है.. लेकिन तरुण

के दिल मे एक बात अभी भी खटक रही है. की उसने सोनम के

साथ मिल कर तन्नू को धोका दिया है.. ये बात तरुण को सोने

नही दे रही है..
 
तभी तरुण ने अपनी आखे खोली ऑर बोला

तरुण- “ दी आप मुझसे कुछ पूछना नही चाहती है “

तन्नू भी अब एक तकिया का सहारा लगाए लेटी हुई है.. उसकी

आखे अभी बंद है.. लेकिन उसका हाथ अभी भी तरुण के सर

को सहला रहा है… तरुण का सवाल सुन कर तरुण कोई रेएक्ट

नही करती.

तन्नू- “ किस बारे मे. “

तरुण- “ आज शाम के बारे मे जब मैं रूम मे आया था. “

तन्नू की आखे अभी भी बंद है…

तन्नू- “ नही “

तरुण इस बात से चौंक जाता है. उसे कुछ अजीब लग रहा है..की ऐसा उसने कभी नही सोचा था की तन्नू ऐसा रेएक्ट करेगी… वो अब उठ कर बैठ जाता है..ऑर तन्नू के दोनो के

हाथो को अपने हाथो मे पकड़ लेता है.

तरुण – “ लेकिन दी आप आज मुझसे नाराज़ क्यो थी “

तन्नू- “ भाई उस टाइम मैं थोड़ा बहक गयी थी. मैं भूल

गयी थी की तुम मेरे भाई हो. मैं तुमसे से बिना किसी रूल्स

के प्यार करती हू.. मेरा प्यार किसी पाबंदी मे नही है.

मेरे प्यार पर कोई रूल लागू नही होता.. ना भाई बहन वाला

रूल…..लेकिन मैं अपने प्यार के लिए तुम को रोक तो नही सकती

हू ना.. ये ग़लत होगा.. तुम जो करना चाहो वो करो.. ये

तुम्हारी आज़ादी है. की तुम अपना लाइफ पार्ट्नर किसी को भी चुन

सकते हो.. वैसे भी लाइफ मे आगे जा कर तुम किसी ना किसी को

चुनोगे … मेरे लिए तो मेरा प्यार ही काफ़ी है.. ऑर तुम्हारी

थोड़ी सी चाहत ही काफ़ी है... इसके सहारे मेरी तो लाइफ कट

जाएगी..”

तन्नू की आखे अभी बंद है.. शायद वो अपनी आखो मे

छुपे दर्द को छुपाने की कोशिश कर रही है.. लेकिन उसकी

आखो से आसू की दो बूंदे निकल कर गालो के रास्ते पर चल दी..

इस अंधेरे कमरे मे भी तरुण ने उन दो आसुओ की बूँदो को

देख लिया.. जब तक तन्नू अपनी बात बोल रही थी. तरुण के

आखो से बेसुमार आसुओ की धारा बह रही थी.. उसे आज

पता चला था की सच्चा प्यार क्या होता है… अब उसे अपने

किए पर बहुत पछतावा हो रहा है.. उसका दिल भी आज आँसू

बहा रहा है. तरुण को खुद से घिन आने लगी है.. की कैसे

उसने हवस मे आ कर अपने सच्चे प्यार को धोका दिया..
 
तरुण की आखो से अभी तक आसू रुकने का नाम भी नही ले

रहे है. इतने मे तन्नू बेड से खड़ी हो जाती है.. तन्नू ने

अभी तक तरुण के चेहरे की ऑर नही देखा है.. शायद वो

अपने आखो के आसुओ मे छुपा दर्द तरुण को दिखना नही

चाहती.. इतने मे तन्नू सोनम का हेंकी तरुण के हाथ मे

देती है.. अभी हेंकी बिल्कुल सॉफ है. इसमे कोई स्मेल नही आ

रही है. तन्नू 2 कदम दरवाजे की ऑर चलती है ऑर रुक जाती है

तन्नू – “ भाई ये रुमाल जिसका है उसे वापस कर देना. मैने धो दिया है… कहते है.. किसी का रुमाल यदि किसी ऑर के पास रहे तो. उनके पीछे झगड़े हो जाते है, ऑर मैं नही चाहती की तुम्हारा तुम्हारी गर्लफ्रेंड के साथ झगड़ा हो. भगवान करे तुम उसके साथ हमेशा खुश रहो “

ये कहते वक्त तन्नू की आवाज़ मे बहुत दर्द था..आवाज़ से

साफ पता चल रहा था की तन्नू रो रही है. तन्नू ने जैसे

ही अपनी बात ख़त्म की वो रूम से बाहर चली गयी..

तरुण ने जब तन्नू की दर्द भारी आवाज़ मे ये शब्द सुने तो उसकी

आखो से बह रहे आसुओ का सैलाब उमड़ पड़ा.. वो वो फूटफूट कर रोने लगा.. आज उसे ऐसा लग रहा है.. जैसे वो इस दुनिया का सबसे गया-गुजरा इंसान है.. जिसने आज अपनी सबसे

अनमोल चीज़ को खो दिया.. अभी उसे तन्नू के सच्चे प्यार का

आईना दिखाई दे रहा है.. जिसमे वो अपनी आप को बहुत

छोटा देख पा रहा है. तरुण अपने आसुओ को पोछने के

लिए अपने हाथो को भी नही उठा पा रहा है.. उसे वो सब

बाते याद आने लगी.. जो उसने तन्नू से कही थी.. जब तरुण

ने तन्नू के आँसू पिए थे. अब उसे अहसास हो

रहा है.. वो बहुत छोटा इंसान है. तरुण अब अपने ग़लती

सुधारना चाहता है. लेकिन अब तरुण को लग रहा है की वो

तन्नू के प्यार के काबिल नही है. लेकिन उसकी वजह से जो

तन्नू को तकलीफ़ हुई है.. उसकी माफी वो ज़रूर माँगेगा.// इसके

लिए तरुण सुबह तक वेट नही कर सकता था.. वो अपने बेड से

उठता है वो तन्नू के रूम की ऑर जाता है. तन्नू के रूम का

डोर लॉक है.. तरुण पास मे जा कर धीरे से डोर पर नॉक

करता है.. लेकिन अंदर से कोई आवाज़ नही आती.. तरुण फिर से

नॉक करता है.. लेकिन फिर से कोई आवाज़ नही आती.. तरुण 7-8

बार नॉक करता है.. उसके बाद अंदर से धीमी आवाज़ मे

रिस्पोन्स आता है
 
तन्नू – “ भाई अभी जाओ सो जाओ.. बहुत रात हो गयी है. “

ये आवाज़ दरवाजे के बिल्कुल पास से आ रही है.. इसके साथ ही

तन्नू की सिसकारियो की आवाज़ भी तरुण सॉफ – सॉफ सुन पा

रहा है..

तरुण- “ नही दी मुझे आपसे अभी बात करनी है. प्लीज़ दरवाजा खोलो “

तन्नू- “ भाई अभी जाओ सो जाओ हम कल बात करेंगे “

तरुण – “ नही दी .. ऐसे मुझे नींद नही आएगी.. और

मुझे आपसे अभी बात करनी है . “

तन्नू – “ लेकिन मुझे अभी कोई बात नही करनी .. मुझे

नींद आ रही है. “

तरुण – “ दी मुझे पता है आपको भी नींद नही आ रही

है..ऑर शायद पूरी रात नींद नही आएगी.. इसकी वजह मैं

हू.. लेकिन मैं आपसे बात किए बिना यहा से नही जाउन्गा..

मैं यही आपके गेट के बाहर वेट कर रहा हू. सुबह तक

मैं यही हू. “

इतना सुन कर तन्नू को थोड़ा ज़्यादा रोना आता है.. क्योंकि..

इतने दर्द कर बाद अब उसे ये प्यार बर्दास्त नही हो रहा

है.. उसे अपनी किस्मत पर भी रोना आ रहा है. की उसका प्यार

उसके पास आया ऑर फिर दूर चला गया.. लेकिन अब उसे

दोबारा कैसे अपनाए.. तन्नू अपने दरवाजे के पास खड़ी –

खड़ी रो रही है..

तभी डोर बेल बजती है. शायद मयंक

आया है.. तन्नू को जब ये सुनाई देती है तो वो थोड़ा डर जाती

है.. की कही तरुण पकड़ा ना जाए.. लेकिने उसे ऐसा भी

लगता है की शायद तरुण डोर बेल की आवाज़ से अपने रूम

मे भाग जाएगा.. तन्नू दरवाजे के पास से धीरे से आवाज़

लगती है

तन्नू – “ भाई “

तरुण – “ हा दी, अप अभी तक सोई नही “

तन्नू- “ भाई तुम जाओ. वरना डॅड तुम को यहा देख लेंगे “

तरुण – “ देख लेने दो दी.. मैं उनसे तुम्हारी ऑर मेरी बात कर

लूँगा.. मैं अब सिर्फ़.. “

इतना कहते हुए तरुण रुक जाता है.. कुछ देर तक सन्नाटा

रहता है.. लेकिन उसके बाद तन्नू डोर ओपन करती है.. तरुण

वही पर नीचे बैठा हुआ है.. तन्नू तरुण को अंदर आने के

लिए रास्ता देती है. तरुण चुप चाप अंदर आ कर खड़ा हो

जाता है तन्नू गेट को वापस बंद करती है ऑर अपने बेड पर जा

कर बैठ जाती है तन्नू का मुँह दूसरी ऑर है. तन्नू अभी तरूंके जवाबो का इंतज़ार कर रही है.. लेकिन तरुण कुछ नही बोल रहा है.. इससे तन्नू पीछे मूड कर डेक्त्ी है.. तरुण उसके

पैरो मे बैठा है उसका मुँह नीचे की ऑर है.. तन्नू तरुण

को खड़ा करती है ऑर बेड पर बैठाती है .. तरुण की आखो से

बेशुमार आसू बह रहे है,

तरुण – “ दी प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो, मुझसे ग़लती हो

गयी., मैं बहक गया था. आप जो सज़ा मुझे देना चाहो..

वो दे सकती हो.लेकींन मुझसे नाराज़ मत रहो. “

इतना कहते हुए.. तरुण ने तन्नु के पैर पकड़ लिए.
 
तन्नू ने जल्दी से तरुण को पकड़ कर खड़ा किया.. ऑर वापस बेड पर

बैठाया.. . अभी तन्नू की आखो मे भी आसू आ रहे है.

लेकिन वो तरुण के आँसुओं को पोछती है.. ऑर उसे अपने सीने

से लगा लेती है.. तरुण तन्नू से लिपट कर रो रहा है.. ऑर

अपनी ग़लती की माफी माँग रहा है.. वो तन्नू को सारी बात

बता देता है..

तरुण – “ दी आई प्रोमिस.. मैं आज के बाद कभी ऐसी ग़लती नही

करूँगा.. “

तन्नू – “ हा मैं जानती हू,



इतना कहते हुए.. दोनो फिर से एक दूसरे को हग करते है.. ये

हग लगभग 5-मिनट तक चलती है.. फिर तरुण तन्नू के आँसुओं

को पोछता है.. ऑर दोनो चुप ऑर एक दूसरे की आखो मे

देखते है.

कुछ देर मे तन्नू तरुण को खुद से अलग करती

है. अब तन्नू तरुण को बेड पर लिटाती है.. ऑर तन्नू उसके सर

के पास बैठ जाती है.

तरुण अपने सर को तन्नू की गोद मे

रखता है. दोनो ऐसे ही एक-दूसरे से बिना कुछ बोले बैठे

रहते है.. आज इन्स्के प्यार मे बिल्कुल भी हवस नही है..

कुछ देर मे तरुण तन्नू को नीचे लेटने का इशारा करता है..

ऑर तन्नू भी तरुण के बगल मे लेट जाती है. दोनो एक दूसरे की

बाहों मे लेटे रहते है.. ऐसे ही बहुत टाइम बीत जाता है.. जब

तन्नू को थोड़ा होश आता है.. वो टाइम देखती है.. अभी

सुबह से 4 बज रहे है. तरुण अभी नींद मे है.. तन्नू

तरुण को उठाती है और उसे जाने को कहती है.. तरुण ने इस

बार कुछ भी बहस नही की ऑर वो अपने रूम की ऑर चलदिया..

अभी तरुण गेट पर ही पहुचा था की तन्नू पीछे से

आवाज़ देती है.. तरुण पीछे मूड कर देखता है.. तन्नू उसके

पास जाती है.. ऑर उसके होंठो पर एक गुड नाइट किस देती है..

ऑर गुड नाइट बोलती है.. इससे दोनो के फेस पर स्माइल आ जाती

है.. ऑर दोनो अपने अपने रूम मे जा कर सो जाते है..

सुबह के 9:30 बज रहे है. तरुण अपनी गहरी नींद की

गहराइयो मे खोया हुआ है.. शायद अपने सुबह के सपनो

मे तन्नू को तलाश कर रहा है. लेकिन एक आवाज़ तरुण की

मीठी नींद मे लगातार दखल दे रही है. ये डोर पर

नॉक होने की आवाज़ है.. तरुण इस आवाज़ को इग्नोर करने की

बहुत कोशिश कर रहा है. ..

अचानक बाहर से किसी की आवाज़

आती है . जिससे सुन कर तरुण तुरंत उठ जाता है.. ये आवाज़

कामिनी की है.. तरुण जल्दी से उठ कर गेट खोलता है.. बाहर

कामिनी बहुत गुस्से मे खड़ी है. तरुण की सिट्टी-पिटी घूम

हो जाती है. वो सर झुकाए खड़ा हो जाता है. कामिनी उसे

लगतार डाट रही है..तरुण नीचे मुँह किए हुए. वापस अपने

बेड पर आ कर बैठ जाता है..

कामिनी – (थोड़ा शांत होते हुए) “ तरुण चल फ्रेश हो कर

जल्दी नीचे आ ऑर.. नाश्ता कर ले..”

इतना कह कर कामिनी वापस नीचे चली जाती है..

तरुण की सुबह की शुरुआत थोड़ी बुरी हुई.. पता नही उसका बाकी

दिन कैसा रहेगा.. वो बाथरूम मे जाता है. ऑर फ्रेश हो कर

वापस रूम मे आता है.. अंदर तन्नू उसका वेट कर रही

है.. तरुण तन्नू को देख कर बहुत खुश हो जाता है. वो

तुरंत तन्नू की ऑर लपकता है.. दोनो एक दूसरे को हग करते

है.. लेकिन ज़्यादा टाइम के लिए नही. ..

तन्नू तरुण को खुद से अलग करती है.. ऑर गेट को ऑर इशारा करती है. गेट ओपन

है… तभी तन्नू तरुण के होंठो पर एक गुड मॉर्निंग किस

देती है.. ऑर उसे जल्दी नीचे आने को कह कर वहाँ से चली

जाती है.. अब तरुण को ऐसा फील हो रहा है की उसे दिन की

शुरुआत इतनी भी बुरी नही है. वो खुद को मिरर मे देख

कर रेडी होता है.. ऑर फिर नीचे की ऑर चल देता है.

तरुण डाइनिंग टेबल के पास चेयर पर बैठ जाता है. .. कुछ देर मे

कामिनी ब्रफ़्फास्ट लाती है ऑर तरुण को सर्व करती है. तन्नू टीवी

देख रही है.. घर मे शायद ऑर कोई नही है. कामिनी

वापस किचन मे चली जाती है.. तरुण अपना ब्रेकफ़ास्ट करते

हुए तन्नू की ऑर देख रहा है.. तन्नू का भी पूरा ध्यान

तरुण की ऑर है.. दोनो एक दूसरे को देख कर स्माइल कर रहे

है..

तरुण अपना ब्रेकफ़ास्ट ख़त्म करता है ऑर तन्नू के पास

सोफे पर बैठ जाता है.. दोनो टीवी देखने लगते है… आज तरुण

कोई गंदी हरकत नही कर रहा है.. तरुण ने बस तन्नू के

हाथ को अपने हाथ मे लिया ऑर उसे किस कर लिया. तरुण तन्नू

के हाथ को अपने हाथ मे पकड़ कर बैठ जाता है. ऑर टीवी की ऑर

देखने लगता है. तभी तन्नू अपना हाथ तरुण की जाँघ पर

रखती है.. ऑर तरुण के लंड कर पास फेरने लगती है.. इस

हरकत से तरुण तन्नू की ऑर देखता है… ऑर तन्नू तरुण को

एक नॉटी स्माइल पास कर देती है.. तरुण भी अब थोड़ा

एग्ज़ाइटेड हो रहा है.. उसने अपना हाथ तन्नू की कमर मे डाल

दिया है. ऑर कमर को सहला रहा है.. तन्नू अपना हाथ धीरे

धीरे तरुण के लंड के पास ले जा रही है.. तरुण ने तन्नू की

कमर को सहलाते सहलाते.. तन्नू की ब्रा को महसूस किया.. ऑर

उसके साथ छेड़खानी करने लगा. इस हरकत ने तनन्नु को

भी एग्ज़ाइटेड कर दिया..अब तन्नू का हाथ तरुण के लंड के ऊपर

पहुच गया है.. वो पेंट के ऊपर से ही तरुण के लंड को

सहला रही है…
 
तरुण ने एग्ज़ाइट्मेंट मे आ कर अपना एक हाथ

तन्नू के पेट पर रख दिया. ऑर उसे फील करने लगा.. तरुण

अपने हाथ की एक उंगली से तन्नू की नाभि को सूट के ऊपर से

ही फील करता है… अब तरुण ऑर तन्नू अपने प्यार की गहराई

मे डूब रहे है.. तभी अचानक एक आवाज़ उनको होश मे

लाती है.. ये आवाज़ कामिनी की है.. ऑर तन्नू को बुला रही है.

तन्नू ऑर तरुण दोनो हड़बड़ कर खुद को ठीक करते है..

तन्नू भी अपने कपड़े ठीक करके .. कामिनी की ऑर चल देती

है.. तरुण वही अपना मन मार कर बैठ जाता है ऑर अपना

ध्यान टीवी की ऑर लगाता है.. तरुण के लंड ने अभी भी पेंट

मे तंबू बनाया हुआ है. वो वहाँ से इसलिए ही नही खड़ा हुआ. कही कामिनी उसे देख ना ले…

तरुण का मन अब टीवी मे नही लग रहा है.. लेकिन फिर भी तरुण वही बैठा है..

तन्नू के इंतजार मे ..की तन्नू अभी आएगी…

कुछ देर बाद कामिनी आ कर तरुण के पास बैठ जाती है ऑर टीवी

देखना स्टार्ट करती है .. अभी कोई सीरियल स्टार्ट हुआ है.. कामिनी

तन्नू ऑर आवाज़ लगाती है.. तन्नू भी वहाँ आती है. लेकिन सोफे

पर सीट अड्जस्टमेंट कुछ ऐसा है की तन्नू को कामिनी के

बगल मे बैठना पड़ा… .. अब तरुण ऑर तन्नू के बीच मे

कामिनी बैठी है.. ऑर कामिनी का सारा ध्यान टीवी सीरियल मे

है…

तरुण तरसी हुई नज़रो से तन्नू की ऑर देख रहा है..

अभी उसका फेस बहुत सॅड लग रहा है.. तन्नू भी बहुत सॅड

है.. .. तभी तरुण तन्नू को ऊपर रूम मे आने का इशारा

करता है.. लेकिन तन्नू मना कर रही है.. फिर भी तरुण सॅड

फेस मे ऊपर आने का इशारा करता है ऑर वहाँ से चला

जाता है..

अभी तरुण ऊपर अपने रूम मे बैठा तन्नू का

वेट कर रहा है.. काफ़ी टाइम हो जाता है लेकिन तन्नू नही आती..

तरुण बार-बार सीडियो तक जा कर देख रहा है.. लेकिन तन्नू

अभी भी कामिनी के बगल मे बैठी है.. तभी सीडियो के पास

से कुछ आवाज़ आती है.. तरुण भाग कर अपने रूम मे चला

जाता है. तन्नू सीडियो से ऊपर आती है.. ऑर तरुण के रूम की

ऑर चल देती है.. तन्नू जैसे ही रूम मे एंटर करती है..

तरुण तन्नू को अपनी बाहों मे भर लेता है.. तन्नू भी तरुण

को टाइट हग कर लेती है.. दोनो कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे की

बाहों मे बाहें डाले रहते है. उसके बाद तरुण अपना फेस

थोड़ा पीछे करता है.. ऑर तन्नू की आखो मे देखता है

तरुण- “ दी कहाँ बिज़ी थी.. पता है मैं कितनी देर से आपका

वेट कर रहा हू “

तरुण थोड़ा गुस्से की आक्टिंग कर रहा है

तन्नू – “ सॉरी भाई.. वो मोम की वजह से निकल ही नही

पाई.. तुम तो समझते हो ना. “

तरुण – “ हा दी.. लेकिन अब मैं एक पल भी आपके बिना नही रह

सकता हू “

तन्नू – “ हा भाई मैं जानती हू. मेरा भी कुछ ऐसा ही हाल

है.. लेकिन अब हम घर मे तो हमें थोड़ा संभाल कर रहना

पड़ेगा.”

इतने मैं तरुण को टीना की रात वाली बात याद आ जाती है..

तरुण अभी सोच रहा है की ये बात तन्नू को बताए या

नही.. तरुण को ऐसे टेंशन मे देख कर

तन्नू – “ भाई क्या बात है, क्या सोच रहे हो..? “

तरुण – “ दी मुझे आपको एक बात बतानी है “

तन्नू अब थोड़ी सीरीयस हो जाती है

तन्नू – “ हा बोलो ना “

तरुण रात वाली सारी बात तन्नू को बता देता है.. ये बात

सुन कर तन्नू भी सोच मे पड़ जाती है. लेकिन टीना ने ये बात

अभी तक किसी को नही बताई ये बात भी तन्नू ऑर तरुण को

थोड़ी अजीब लगती है.. तभी तन्नू को याद आता है की..

बचपन से आजतक टीना ने ही तरुण को सबसे ज़्यादा

सपोर्ट किया है. शायद टीना खुद इस बारे मे तरुण से

बात करना चाहती है.

तन्नू – “ भाई तू ना खुद टीना से बात करना..ऑर सॉरी बोल

देना.. “

तरुण – “ दी टीना दी इतने मे सब भूल जाएँगी क्या . “

तन्नू – “ तू एक बार टीना से बात करके देख.. उसके बाद

देखते है.. वैसे भी चाहे कुछ भी हो जाए, मैं तुम्हारा

साथ नही छोड़ूँगी.. “

तरुण – “ दी मैं भी कभी आपका साथ नही छोड़ूँगा “

इसके बाद दोनो एक दूसरे को दोबारा हग करते है.. अब तन्नू

अपना फेस थोड़ा पीछे करती है..

तन्नू – “ भाई अभी मुझे वापस नीचे जाना है.. मोम के

पास वरना मोम ऊपर आ जाएँगी. “

तरुण – “ दी प्लीज़ थोड़ी देर रूको ना.. “

तन्नू – “ भाई अभी थोड़ी देर बाद मोम अपने रूम मे

आराम करने चली जाएँगी .. मैं फिर आउन्गी.. तब तक वेट कर

लो..”

तरुण सॅड मुँह से ओके कहता है.. तन्नू तरुण के होंठो पर एक प्यारा सा किस देती है.. ऑर वहाँ से चली जाती है…

तन्नू के जाने बाद तरुण सॅड मूड मे अपने रूम मे

बैठा जाता है.. आज तन्नू के बिना उसका एक एक पल काटना

मुस्किल हो रहा है. तरुण की बेचैनी अब बढ़ने लगी है. अब

वो अपने लप्पी पर एक मूवी देखने का डिसाइड करता है.

लेकिन मूवी भी उसके दिल की बेचैनी को कम नही कर पा रही

है.. तरुण अपने बेड पर लेट जाता है.. तरुण के दिल दिमाग़ मे

अब सिर्फ़ तन्नू घूम रही है. तनन्नु के बारे मे एक एक बात

तरुण याद करके स्माइल कर रहा है… तन्नू के बारे मे सोच

कर खुश हो रहा है. ऐसे ही तरुण को लेटे-लेटे कब नींद आ

गयी. पता ही नही चला…
 
तरुण की नींद एक कोमल स्पर्श से खुलती है.. कुछ बहुत ही

कोमल चीज़ तरुण के गालो को टच हो रही है.. तरुण

आखे खोलता है.. ये तन्नू है. जो तरुण के गालो पर किस कर

रही है.. तरुण ने आखे खोली तो तन्नू को देख कर बहुत

खुश हुआ.. लेटे-लेटे ही तन्नू को अपनी बाहों मे ले

लिया..तन्नू अब तरुण के ऊपर लेट गयी.. तन्नू के बूब्स ..

तरुण की छाती मे गढ़ रहे है.. इसका अहसांस तन्नू ऑर तरुण

दोनो को बहुत अच्छा लग रहा है. तन्नू ने तरुण के

माथे पर किस किया. उसके बाद उसके राइट गाल पर किस किया.

उसके बाद उसके लेफ्ट गाल पर किस किया. उसके बाद तरुण के

होंठो की ऑर अपने होंठ बढ़ाए … ऑर कुछ ही पॅलो मे तन्नू

ऑर तरुण के होंठो का संगम हो गया.. तरुण एक प्यासे की

तरहा तन्नू के होंठो को चूस रहा है.. तन्नू भी उसका

पूरा साथ दे रही है..तरुण का एक हाथ तन्नू की कमर पर

है. जिससे तरुण तन्नू को अपने से चिपकाए हुए है. ऑर तरुण

का एक हाथ तन्नू की गान्ड पर है.जिससे तरुण टाइट चूतड़ सहला

रहा है..

इसी पोज़िशन मे तरुण ऑर तन्नू एक दूसरे को किस

कर रहे है.. कुछ देर बाद तन्नू अपने होंठो को अलग करती

है.. दोनो एक दूसरे की आखो मे देखते है..

तन्नू – “ आई लव यू भाई “

तरुण – “ आई लव यू टू “इतना कह कर तरुण अपने होंठो को फिर से तन्नू के होंठो की ऑर

बढ़ा देता है.. लेकिन इस बारे तन्नू अपने होंठो को थोड़ा

पीछे ले लेती है ऑर शर्मा जाती है.. ये देख कर

तरुण – “ क्या हुआ दी “

तन्नू अभी थोड़ी नॉटी हो जाती है.. ऑर नॉटी अंदाज़ मे

तन्नू – “ आज के लिए इतना काफ़ी है “

इतना सुन कर तरुण तन्नू को ले कर पलट जाता है.. अब तन्नू

तरुण के नीचे है.. ऑर तरुण तन्नू के ऊपर लेटा हुआ

है.तन्नू झूठ-मूठ का ही विरोध करने का नाटक करती है. जब

की उसके फेस पर एक स्माइल है. ऑर गाल शर्मा से लाल हो

रखे है..

तन्नू अभी भी कुछ बोल रही है. लेकिन तरुण बिना

कुछ सुने अपने होंठो को तन्नू के होंठो से मिला देता है.

तन्नू भी किस करने मे सपोर्ट कर रही है.. तन्नू के हाथ

तरुण की कमर पर कसते जा रहे है..तरुण ने अपनी जीभ को

तन्नू के मुँह मे दे दिया..तन्नू भी तरुण की जीभ का अपने

मुँह मे उसे चूस कर स्वागत किया.. ऑर तन्नू ने भी अपनी

जीभ को तरुण के मुँह मे देख कर मज़े लेने स्टार्ट कर दिए..

दोनो एक दूसरे के थूक को किस करते हुए. चूस रहे है..

इनके किस से एक अजीब सी आवाज़ हो रही है. जिससे दोनो सुन कर

अच्छा फील कर रहे है…. तरुण का लंड अब खड़ा हो

चुका है. वो तन्नू की चूत पर गढ़ रहा है.. इसका अहसास

तन्नू को पागल कर रहा है.. उसकी चूत ने पानी छोड़ना स्टार्ट

कर दिया है.. इसी एग्ज़ाइट्मेंट मे तन्नू तरुण से अपने से ऑर

टाइट चिपकाने की कोशिश कर रही है..

अब तन्नू के हाथ तरुण के कुल्हों पर है.. ऑर उन्हे दबा कर तन्नू तरुण के लंड का

दबाव अपनी चूत पर बढ़ा रही है.. तरुण भी इस बात को

समझ गया है.. तरुण अब अपना हाथ तन्नू के एक बूब पर

रख देता है.. इससे तन्नू के पूरे सरीर मे बिजली से दौड़

गयी है… तरुण के लिए भी ये अहसास बिल्कुल नया है.. तन्नू

के बूब्स काफ़ी बड़े ऑर टाइट है..तन्नू के बूब्स बहुत

कोमल है.. एक दम माखन की तरहा… तरुण ने इतनी कोमल

चीज़ को पहली बार छुआ है .. उसने अचानक से तन्नू के

बूब्स को तेज़ी से दबा दिया..

इस हरकत से तन्नू की दर्द भरी एक मदमस्त आ निकल गयी.. ऑर दोनो का किस टूट

गया..
 
तरुण – (थोड़ा कर मे)“ क्या हुआ दी “

तन्नू – “ कुछ नही भाई.. तू थोड़ा धीरे धीरे दबा “

तरुण इतना सुन कर तन्नू के बूब्स को धीरे धीरे दबाना

स्टार्ट कर देता है.,, तन्नू अब आखे बंद करके लंबी लंबी

साँसे ले रही है.. तरुण तन्नू की गर्दन पर किस कर रहा

है…तन्नू का एक हाथ तरुण के सर पर है. ऑर तन्नू तरुण के

बालो को टाइट पकड़े हुए है…तरुण अब अपना हाथ नीचे की

ऑर ले जाता है. ऑर सूट के ऊपर से ही तन्नू की चूत पर अपना

हाथ रख देता है.. तन्नू की तो एक दम से साँस ही अटक जाती

है.. इस हरकत से.. तन्नू की गरम सांसो की आवाज़ अब तरुण

को सॉफ सुनाई दे रही है. तरुण तन्नू की चूत को सहलाता

हुआ.. तन्नू की गर्दन पर किस कर रहा है.. दोनो एक दूसरे

मे खोए हुए.. इन प्यार के पॅलो का मज़ा ले रहे है..

तभी बाहर से कुछ आवाज़ आती है.ये किसी की सीडियो से ऊपर आने

की है.. इस आवाज़ को सुन कर तन्नू तुरंत तरुण को साइड करती

है. ऑर खड़ी हो जाती है.. तरुण तन्नू का हाथ पकड़ता है. ऑर

अपनी ऑर खिचता है.. तन्नू वापस तरुण के ऊपर गिर जाती है..

लेकिन तन्नू वापस खड़ी होती है.. ऑर तरुण को बाहर से

आने वाली आवाज़ की ऑर इशारा करती है.. जब तरुण को ये आवाज़

सुनाई देती है तो तरुण की फट के तंबूरा हो जाती है.. वो

घबरा जाता है..तन्नू अपने कपड़े ठीक करती है. ऑर गेट के

पास .. दरवाजे के कान लगा लेती है.. ऑर बाहर की आवाज़

सुनने की कोशिश करती है.. इतने मे तरुण भी खड़ा हो कर

अपने आप को ठीक करता है. ऑर तन्नू के पास आ कर खड़ा हो

जाता है. बाहर से दरवाजा बंद होने की आवाज़ आती है..

तन्नू तरुण को बाहर जा कर चेक करने को बोलती है.. तरुण

डोर ओपन करता है.. ऑर बाहर देखता है.. वहाँ कोई नही

है.. शायद टीना या टिया थी.. अब रूम मे चली गयी होगी,,

इससे तन्नू भी बाहर झक कर देखती है. उसके बाद

तन्नू – “ आई लव यू भाई .. नाइट मे मिलते है. “

तरुण – “ आई लव यू टू दी. “इतना कह कर तन्नू तरुण के होंठो पर एक किस करती है. ऑर

धीरे से अपने रूम मे चली जाती है..

तरुण भी वापस आ कर अपने रूम मे लेट जाता है. ऑर अभी बीते अपने प्यार के पॅलो

की यादो मे डूब जाता है..

तरुण अपने रूम मे अपने प्यार के पॅलो की यादो मे डूबा

हुआ है.. तभी कामिनी की आवाज़ आती है.

कामिनी – “ तरुण बेटा.. ज़रा यहा आओ.. ? “

ये सुन कर तरुण नीचे कामिनी के पास जाता है. वहाँ सोफे पर

बैठता हुआ..

तरुण – “ एस मोम बोलो.. क्या काम है.. “

कामिनी – “ बेटा आज भी तुझे टिया को लेने स्कूल जाना

पड़ेगा…. आज भी तेरे डॅड बिज़ी है..”

तरुण थोड़ी आलसी मूड मे टीवी के चॅनेल चेंज करता हुआ..

तरुण – “ मोम टीना या तानिया को बोल दो ना. वो आते टाइम

उसको ले आएँगी..”

कामिनी – “ बेटा तानिया तो ईव्निंग मे आएगी.. ऑर टीना तो आज

कॉलेज ही नही गयी है. “

ये सुन कर तरुण एक बहुत बड़ा झटका लगता है.. की टीना आज

कॉलेज नहीं गयी. मतलब आज टीना ऊपर ही थी.. जहा तरुण ऑर

तन्नू एक साथ…

इतना सोचते हुए.. तरुण को घबराहट होने लगती है.. तभी

कामिनी की आवाज़ उसे उसके ख़यालो से बाहर निकालती है..

कामिनी- “ बेटा क्या सोच रहे हो.. जल्दी रेडी हो जाओ. ऑर टिया

के स्कूल के लिए निकल जाओ..”

तरुण ओके कह कर.. अपने रूम की ऑर चल देता है.. रास्ते मे

वो टीना के रूम मे भी झाँक के देखता है.. वहाँ टीना

स्टडी टेबल पर बैठी कुछ लिख रही है… तरुण अपने रूम

मे जा कर रेडी हो जाता है. फिर बाइक ले कर टिया के स्कूल की ऑर

चल देता है..

तरुण टिया के स्कूल पहुच जाता है.. अभी तक टिया के स्कूल की छुट्टी नही हुई है.. तरुण बाइक पर टिया वेट करने लगता है..कुछ देर के बाद स्कूल से लड़किया बाहर आने लगती है… बाहर आने वाली लड़कियो मे तरुण की नज़रे टिया को ढूँढ रही है..

कुछ देर बाद टिया मुँह लटकाए हुए स्कूल से बाहर निकलती

है.. तरुण उसे देख कर बाइक के पास खड़ा हो जाता है.

टिया तरुण को देख कर बहुत खुश होती है.. ऑर भाग कर

तरुण के पास आती है.. तरुण नीचे घुटनो के बल बैठा है

ऑर टिया भाग कर तरुण के गले से लग जाती है.. तरुण भी टिया

को हग करता है.

तरुण – “ टिया क्या हुआ.. इतना सॅड क्यो हो..?? “

टिया – “ कुछ नही भाई.. आज स्कूल का दिन कुछ ज़्यादा

अच्छा नही था. “

तरुण – “ ओके चल अभी तेरे दिन को अच्छा करते है “

इतना सुन कर टिया खुश हो जाती है.. तरुण बाइक स्टार्ट करता है

टिया अभी पीछे बैठी है.. तभी वहाँ सोनम भागती हुई आती है…

सोनम – “ तरुण मुझे मेरे घर तक छोड़ दोगे… “

सोनम को देख कर टिया के फेस पर गुस्से ऑर सॅड एक्सप्रेशन

एक साथ आ जाते है.. . लेकिन सोनम टिया को इग्नोर करके तरुण की

ऑर देख रही है.. उसे पूरा यकीन है की तरुण उसे साथ लेने के लिए ही बोलेगा…

लेकिन तरुण एक बार टिया की ऑर देखता है.

तरुण – “ सॉरी यार सोनम .. आज हम उस साइड नही जा रहे है..”

इतना कह कर तरुण टिया की ऑर एक स्माइल कर देता है.. टिया के फेस

पर एक स्माइल आ जाती है. वो तरुण की ऑर देख कर स्माइल करती

है..

सोनम के फेस पर शॉक्ड वाले एक्सप्रेशन है.. उसे

यकीन ही नही हो रहा है. की तरुण उसे मना भी कर सकता

है. लेकिन आज सोनम का दिन कुछ ज़्यादा ही बुरा है. टिया

सोनम को आटिट्यूड मे स्माइल पास कर देती है.. इससे सोनम

को बहुत चिड होती है.. तभी तरुण बाइक से नीचे उतरता है

ऑर सोनम के पास आ जाता है… तरुण अपनी जेब से सोनम का

हेंकी निकालता है. ऑर उसे वापस दे देता है..

तरुण - “ थॅंक्स सोनम.. फॉर युवर हेंकी.. बट अब हमारे बीच कुछ नही हो सकता है.. अब हम सिर्फ़ दोस्त है. “

इतना कह कर तरुण तरुण वपास घूम जाता है.. ऑर अपनी बाइक पर

बैठ जाता है.. तरुण टिया को इशारा करता है. टिया भी बाइक पर

बैठ जाती है. ऑर दोनो.. वहाँ से निकल जाते है..

सोनम वही पर खड़ी है.. अभी तक उसे होश नही आया है.. की अभी क्या

हुआ.. .. टिया के फेस के हाव भाव देख कर सोनम समझ जाती

है की टिया ने ही कुछ किया है. जो तरुण ने उसे छोड़ दिया…

सोनम डिसाइड करती है की वो तरुण को वापस पा कर रहेगी..

एंड .टिया से बदला लेगी..
 
वहाँ टिया तरुण से चिपक कर बाइक पर बैठी हुई है. तरुण की

बाइक ने रफ़्तार पकड़ी हुई है.. दोनो बाइक राइड का मज़ा लेते

हुए घर की ऑर जा रहे है. तभी टिया

टिया – “ भाई मुझे आइस-क्रीम खानी है “

तरुण – “ अभी .?”

टिया – “ हा अभी .. चलो आइस-क्रीम पार्लर चलते है “

तरुण – “ नही वो बहुत दूर है.. रास्ते मे किसी रेस्टोरेंट मे

देखते है. “

इससे टिया का फेस पर एक सेकेंड के लिए उदासी की किरण आती है..

लेकिन वो अभी भी खुश है.. कुछ देर मे तरुण बाइक को एक

रेस्टोरेंट के सामने रोकता है. दोनो बाइक से उतर कर अंदर चले

जाते है. वहाँ जा कर. एक टेबल पर बैठे है..

तरुण – “ अब बोल कौनसि आइस-क्रीम खाएगी. “

इसके साथ ही तरुण वेटर को बुलाता है…

टिया – “ स्ट्रॉबेरी फ़्लवेर.. वन बिग कप “

ऑर्डर ले कर वेटर चला जाता है. ..

तरुण – “ इतनी आइस-क्रीम तू खा लेगी ..? “

टिया – “ हम दोनो साथ मे खा लेंगे ना. “

तरुण- “ नही…. मुझे नही खानी.. तुम ही खा लेना..”

टिया – “क्या भाई.. मेरे लिए खा लेना “

तरुण – “ ठीक है थोड़ी सी खा लूँगा. “

इतना सुन कर टिया स्माइल करती है.. वेटर आइस-क्रीम सर्व करके

चला जाता है.. टिया आइस-क्रीम खाना स्टार्ट करती है.. ऑर तरुण

को ऑफर करती है..”

तरुण – “ पहले तुम खा लो… मैं तोड़ी देर बाद खाउन्गा..”

टिया खाने मे बिज़ी हो जाती है. .. तरुण वहाँ बैठा हुआ बोर

हो रहा है.. उसका दिमाग़ मे अभी टीना की टेंशन घूम रही

है. की टीना को सब पता चल गया है. ऑर अब वो क्या करे…

कही वो सब को बता ना दे.. कुछ देर बाद..

टिया – “ भाई एक बात पूछ.. अगर बुरा ना मानो तो “

तरुण – “ हा पूछ “

टिया – “ भाई तुम एक बार बोल रहे थे. तुम किसी से प्यार

करते हो.. क्या वो सोनम ही थी. “

तरुण इस सवाल से चौंक जाता है.. उसकी लाइफ मे पहले से ही इतनी

टेंशन चल रही है. ऑर अब टिया दूसरी टेंशन पैदा करने की

कोशिश कर रही है.”..

तरुण इस सवाल का जवाब देना नही

चाहता है.. इतने मे टिया अपना सवाल दोबार दोहराती है…

तरुण – “ टिया इसमे तुम्हारा कोई लेना-देना नही है. तुम आइस्क्रीम ख़त्म करो.. फिर हम चलते है. “

टिया- “ भाई इतना घुसा क्यो हो रहे हो.. बताओ ना.. . मैं

कोई ग़लत बात तो पूछ नही रही. “

अब तरुण को लग रहा है इस बात को यही दफ़न कर दिया जाए तो

अच्छा है..

तरुण – “ हा वही थी.. “

इतना सुन कर टिया के फेस पर एक स्माइल आ जाती है. वो आइस-क्रीम

खाती हुई शर्मा जाती है. वो तुरंत कहती है..

टिया – “ ओके भाई चलो.. अब घर चलते है. “

तरुण – “ अरे आइस-क्रीम तो ख़त्म कर ले. “

टिया- “ नही भाई मेरा पेट भर गया.. अब घर चलते है..”

तरुण बिल पे करता है.. ऑर दोनो बाइक से घर की ऑर निकल

पड़ते है.. टिया अभी बहुत खुश है… उसे लग रहा है की

तरुण अब सिंगल है.. तरुण सोच रहा है की टिया से उसका

पीछा छूट चुका है. दोनो घर पहुचते है.. तरुण बाइक

पार्क करता है ऑर दोनो अंदर चले जाते है. तरुण सीधा

अपने रूम मे जाता है.ऑर टीना के बारे मे सोचने लगता

है..

तभी तन्नू रूम मे चाय ले कर आती है. . तरुण को इसका

अहसास नही होता है. वो अपनी सोच मे डूबा हुआ है..

तन्नू तरुण को इतनी टेंशन मे देख कर

तन्नू – “ भाई क्या हुआ.. कोई टेंशन है क्या..? “

तरुण तन्नू की आवाज़ सुन कर अपने ख़यालो से बाहर आता

है. ऑर तन्नू की ऑर देखता है..

तरुण- “ दी मैं टीना के बारे मे सोच रहा हू.. आज वो

कॉलेज नही गयी थी.. इसका मतलब तो आप समझ ही रही होगी

. “

तन्नू इतना सुन कर थोड़ा टेंशन मे आ जाती है. वो चाय का

कप तरुण को देती है. तरुण चाय की सीप लेता हुआ. तन्नू क

देखता है..

तन्नू – “ भाई तू आज नाइट मे अकेले मे उसे बात करके

देखना.. .. इसके अलावा कोई रास्ता नही है. “

तरुण – “हा दी ऐसा ही करना पड़ेगा.. लेकिन मैं अकेला क्यो

बात करू.. आप भी साथ चलना. “

तन्नू – “ नही भाई देख टीना सबसे ज़्यादा तेरे करीब रही

है.. वो तुझे बहुत प्यार करती है.. ऑर एक तू ही है जो उसे

समझा सकता है… मेरे सामने टीना कम्फटेबल नही

रहेगी.. वो अकेले मे वो तुझसे अच्छे से बात कर पाएगी. “

इतना सुन कर तरुण भी हा मे सर हिला देता है.. ऑर चाय का कप

टेबल पर रख खड़ा हो जाता है.. तरुण तन्नू के पास जाता

है.. ऑर तन्नू को अपनी बाहों मे भर लेता है.. तन्नू अपने

आप को छुड़ाने की कोशिश करती है…

तनन्नु – “ भाई छोड़ो क्या कर रहे हो.. कोई देख लेगा.. “

इतना सुन कर तरुण तन्नू को छोड़ देता है… ऑर सॅड फेस बना

कर तन्नू को देखता है.

तन्नू – “ अरे भाई आज रात तक वेट कर ले ना. “

इतना कह कर तन्नू तरुण के होंठो पर एक किस देती है. ऑर चाय

का कप उठा कर वहाँ से चली जाती है..

तरुण अपने बाथरूम की ऑर चल देता है. ऑर चेंज करके नीचे की ऑर चल देता है..

तरुण देखता है टीना के रूम का गेट ओपन है. वो अंदर

झाँकता है. वहाँ टीना चेयर पर बैठी एक बुक पढ़ रही है.

तरुण रूम के अंदर एंटर कर जाता है.. टीना तरुण को देख कर

बुक बंद करके साइड मे रख देती है. ऑर तरुण की ओर देखने लगती है.

दोनो मे कोई कुछ भी नही बोल रहा

है.बस दोनो एक दूसरे को देखे जा रहे है. शायद दोनो

मे से किसी के पास वर्ड्स नही है.. या इन्हे समझ नही आ

रहा है. की बात कहा से सुरू करे.. तरुण बात करने की

कोशिश करता है. लेकिन उसकी हिम्मत नही होती. वो मन मार

कर वहाँ से वापस जाने के लिए घूम जाता है… तरुण घूम कर

अभी गेट तक ही पहुचता है.. तभी टीना पीछे से आवाज़

लगा देती है..

टीना- “ भाई रूको “

इतना सुन कर तरुण पलट कर टीना की ऑर देखता है. टीना तरुण से

नज़रे नही मिला पा रही है.. टीना नीचे देखने लगती है.. वो

घूम जाती है

तरुण भी अपने नज़रे टीना से नही मिला पा रहा है. वो भी

नीचे ज़मीन मे देखने लगता है.. ऑर कुछ ऑर देर के लिए

दोबारा खामोशी छा जाती है. तरुण इस खामोशी को तोड़ता

है.

तरुण – “ एस दी वो “

इतना कह कर तरुण चुप हो जाता ही..उसे समझ नही आ रहा

है की क्या कहे.. तभी टीना

टीना – “ भाई मुझे तुमसे कुछ इंपॉर्टेंट बात करनी है. “

तरुण – “ हा बोलो दी “

टीना- “ अभी नही भाई.. मुझे अकेले मे कुछ बात करनी

है.. डिन्नर के बाद “

इतना सुन कर तरुण को पता चल जाता है की टीना किस बारे. मे

बात करना चाहती है..

तरुण – “ ओके दी मैं डिन्नर के बाद आता हू “

इतना कह कर तरुण रूम से बाहर निकल जाता है.. ऑर नीचे की

ऑर चल देता है. नीचे कामिनी डाइनिंग टेबल पर सब्जिया काट

रही है.. तन्नू किचन मे है.. एंड टिया सोफे पर बैठी अपने

टॅबलेट मे गेम खेल रही है. तरुण टिया के बगल जा कर बैठ

जाता है. ऑर टीवी देखने लगता है….
 
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