तरुण जा कर डोर ओपन करता है ऑर दरवाजे पीछे चुप जाता
है.. जैसे तन्नू अंदर आती है तरुण उसे पीछे से अपनी
बाहों मे भर लेता है. ऑर नेक पर किस करना स्टार्ट करता है.
अब तरुण अपने होश मे नही है.. तरुण नेक पर लगातार किस
कर रहा है..
तरुण- “ दी आज आपने बहुत वेट कराया “
इतने मे तरुण तन्नू को अपनी ऑर पलट देता है.. ये तन्नू नही
है.. अंधेरे मे तरुण को धोका हुआ. तरुण सामने के
नज़ारे देख कर चौंक गया.. ये टीना है.. जिसे अभी तक तरुण
ने अभी बाहों मे भर रखा था. ऑर जिसे किस किए जा रहा
था.. तभी बाहर से कुछ आवाज़ आती है ऑर टीना अपने रूम की
ऑर भाग जाती है.
जब बाहर से कुछ आवाज़ आती है तो टीना अपने रूम मे
भाग जाती है.. लेकिन अभी तक तरुण वहाँ वैसे के वैसे ही
खड़ा है.. लगता है उसे साप सूंघ गया.. उसके साथ जो
अभी हुआ.. उसे यहकीन ही नही हो रहा है ……..वो खुद की
किस्मत को कोस रहा है.. की कैसे उसकी लाइफ मे लगातार
प्रोब्लम्स आती जा रही है.. दूसरी ऑर टीना अपनी कमरे मे
पहुच कर बेड पर लेट जाती है. उसकी साँसे अभी तक तेज़ी से
चल रही है. उसे अब अपनी जवानी का अहसास हो रहा है. आज
पहली बार किसी ने उसे किस किया है.. आज पहली बार वो किसी
लड़के की बाहों मे गयी है.. वो तरुण के बारे मे सोच
सोच कर खुश हो रही है. तरुण के एक एक किस को याद कर
रही है. की कैसे तरुण ने उसका अपनी बाहों मे भर लिया था.
इतना सोचते सोचते उसके हाथ अपने आप अपने बूब्स पर
चले जाते है. ऑर वो उन्हे सॉफ्ट हॅंड से सहला रही है. अपनी
गर्दन पर हुए तरुण के किस के बारे मे सोच रही है. जहा– जहा तरुण ने किस किया था. वहाँ अपना हाथ ले जाती है.
वहाँ अभी भी थोड़ी तरुण के मुँह का लार लगा हुआ है. जो
किस करते टाइम लग गया था.. टीना उसे हाथ मे लेती है.. ऑर
अपने मुँह के पास लाती है ऑर उसे एक लंबी साँस के साथ
सूंघति है.. अब उसे अपने होंठो पर लगती है.. टीना को इससे
बहुत ज़्यादा जोश चढ़ रहा है.. उसका खुद पर से कंट्रोल
खो रहा है.. उसे खुद नही पता वो क्या कर रही है..
उसका एक हाथ अब लोवर के ऊपर से ही उसकी चूत को सहला
रहा है..दूसरे हाथ से वो अपने बूब्स को सहला रही है..
टीना ने अब अपना हाथ अपने लोवर के अंदर दे दिया है.. वो
पेंटी के ऊपर से चुत के क्लितर्स को रगड़ रही है.. उसकी
चुत इतना ज़्यादा पानी छोड़ रही है की उसकी पूरी पेंटी चुत
के पानी से गीली हो चुकी है… टीना की उंगलिया उसके चुत के
पानी से भीग चुकी है. टीना थोड़ा रुकती है ऑर ऑर अपनी चुत के पानी मे भीगी हुई उंगलियो को अपने मुँह के पास लाती है.
ऑर उन्हे सूंघति है. टीना के दिमाग़ मे एक थॉट आता है.
की तरुण भी एक दिन इस चूत के पानी को चाटेगा.. .. इतना सोच
कर टीना के फेस पर एक नॉटी स्माइल आ जाती है.. ऑर टीना ऑर भी
ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो जाती है अब टीना ने अपना लोवर निकाल कर
खुद से दूर कर दिया .. ऑर अपनी पेंटी को निकाल कर नीचे फेक
दिया.. टीना.. अपना हाथ वापस अपनी चूत पर ले जाती है.. टीना
अपनी चूत मे अपनी एक उंगली घुसाने ही वाली होती है.. तभी
उसका दिल उसे रोकता है.. नही ईस पर सबसे पहला ऑर
आखरी हक़ तरुण का है.. ऑर इस चूत मे सबसे पहले तरुण
का ही लंड जाएगा.. ऑर कुछ नही. इतना सोच कर टीना ऊपर से
ही अपनी चुत के कलरिटेस को रगड़ने लगती है.. ऑर अपनी एक हाथ
से अपने बूब्स को सहला रही है. .. टीना अपने ही निपल्स के
साथ खेल रही है.. उनमे पिंच कर रही है.. टीना के मुँह से
आहे निकल रही है.. वो बहुत सेक्सी आवाज़ मे मोआईंग कर रही
है..आहा आ अया अया… अब टीना अपने स्पीड बढ़ा रही
है.. अब टीना ने जोरो से अपनी चूत को रगड़ रही है.. ऑर एक तेज
आ के साथ टीना अपना पानी निकाल देती है.. आज टीना की चूत ने
बहुत ज़्यादा पानी छोड़ा है. उसका पूरा हाथ इससे भीगगया. इसके साथ ही तेज साँस लेती हुई टीना अपने बेड पर पड़ जाती है.. अभी टीना अपनी साँसे को कंट्रोल कर रही है. कुछ देर मे
टीना होश मे आती है.. ऑर अपनी पेंटी को बाथरूम मे डालती
है. अपनी बेड सीट चेंज करती है.. एंड सिर्फ़ लोवर पहन कर
तन्नू भी अब एक तकिया का सहारा लगाए लेटी हुई है.. उसकी
आखे अभी बंद है.. लेकिन उसका हाथ अभी भी तरुण के सर
को सहला रहा है… तरुण का सवाल सुन कर तरुण कोई रेएक्ट
नही करती.
तन्नू- “ किस बारे मे. “
तरुण- “ आज शाम के बारे मे जब मैं रूम मे आया था. “
तन्नू की आखे अभी भी बंद है…
तन्नू- “ नही “
तरुण इस बात से चौंक जाता है. उसे कुछ अजीब लग रहा है..की ऐसा उसने कभी नही सोचा था की तन्नू ऐसा रेएक्ट करेगी… वो अब उठ कर बैठ जाता है..ऑर तन्नू के दोनो के
हाथो को अपने हाथो मे पकड़ लेता है.
तरुण – “ लेकिन दी आप आज मुझसे नाराज़ क्यो थी “
तन्नू- “ भाई उस टाइम मैं थोड़ा बहक गयी थी. मैं भूल
गयी थी की तुम मेरे भाई हो. मैं तुमसे से बिना किसी रूल्स
के प्यार करती हू.. मेरा प्यार किसी पाबंदी मे नही है.
मेरे प्यार पर कोई रूल लागू नही होता.. ना भाई बहन वाला
रूल…..लेकिन मैं अपने प्यार के लिए तुम को रोक तो नही सकती
हू ना.. ये ग़लत होगा.. तुम जो करना चाहो वो करो.. ये
तुम्हारी आज़ादी है. की तुम अपना लाइफ पार्ट्नर किसी को भी चुन
सकते हो.. वैसे भी लाइफ मे आगे जा कर तुम किसी ना किसी को
चुनोगे … मेरे लिए तो मेरा प्यार ही काफ़ी है.. ऑर तुम्हारी
थोड़ी सी चाहत ही काफ़ी है... इसके सहारे मेरी तो लाइफ कट
जाएगी..”
तन्नू की आखे अभी बंद है.. शायद वो अपनी आखो मे
छुपे दर्द को छुपाने की कोशिश कर रही है.. लेकिन उसकी
आखो से आसू की दो बूंदे निकल कर गालो के रास्ते पर चल दी..
इस अंधेरे कमरे मे भी तरुण ने उन दो आसुओ की बूँदो को
देख लिया.. जब तक तन्नू अपनी बात बोल रही थी. तरुण के
आखो से बेसुमार आसुओ की धारा बह रही थी.. उसे आज
पता चला था की सच्चा प्यार क्या होता है… अब उसे अपने
किए पर बहुत पछतावा हो रहा है.. उसका दिल भी आज आँसू
बहा रहा है. तरुण को खुद से घिन आने लगी है.. की कैसे
रहे है. इतने मे तन्नू बेड से खड़ी हो जाती है.. तन्नू ने
अभी तक तरुण के चेहरे की ऑर नही देखा है.. शायद वो
अपने आखो के आसुओ मे छुपा दर्द तरुण को दिखना नही
चाहती.. इतने मे तन्नू सोनम का हेंकी तरुण के हाथ मे
देती है.. अभी हेंकी बिल्कुल सॉफ है. इसमे कोई स्मेल नही आ
रही है. तन्नू 2 कदम दरवाजे की ऑर चलती है ऑर रुक जाती है
तन्नू – “ भाई ये रुमाल जिसका है उसे वापस कर देना. मैने धो दिया है… कहते है.. किसी का रुमाल यदि किसी ऑर के पास रहे तो. उनके पीछे झगड़े हो जाते है, ऑर मैं नही चाहती की तुम्हारा तुम्हारी गर्लफ्रेंड के साथ झगड़ा हो. भगवान करे तुम उसके साथ हमेशा खुश रहो “
ये कहते वक्त तन्नू की आवाज़ मे बहुत दर्द था..आवाज़ से
साफ पता चल रहा था की तन्नू रो रही है. तन्नू ने जैसे
ही अपनी बात ख़त्म की वो रूम से बाहर चली गयी..
तरुण ने जब तन्नू की दर्द भारी आवाज़ मे ये शब्द सुने तो उसकी
आखो से बह रहे आसुओ का सैलाब उमड़ पड़ा.. वो वो फूटफूट कर रोने लगा.. आज उसे ऐसा लग रहा है.. जैसे वो इस दुनिया का सबसे गया-गुजरा इंसान है.. जिसने आज अपनी सबसे
अनमोल चीज़ को खो दिया.. अभी उसे तन्नू के सच्चे प्यार का
आईना दिखाई दे रहा है.. जिसमे वो अपनी आप को बहुत
छोटा देख पा रहा है. तरुण अपने आसुओ को पोछने के
लिए अपने हाथो को भी नही उठा पा रहा है.. उसे वो सब
बाते याद आने लगी.. जो उसने तन्नू से कही थी.. जब तरुण
ने तन्नू के आँसू पिए थे. अब उसे अहसास हो
रहा है.. वो बहुत छोटा इंसान है. तरुण अब अपने ग़लती
सुधारना चाहता है. लेकिन अब तरुण को लग रहा है की वो
तन्नू के प्यार के काबिल नही है. लेकिन उसकी वजह से जो
तन्नू को तकलीफ़ हुई है.. उसकी माफी वो ज़रूर माँगेगा.// इसके
लिए तरुण सुबह तक वेट नही कर सकता था.. वो अपने बेड से
उठता है वो तन्नू के रूम की ऑर जाता है. तन्नू के रूम का
डोर लॉक है.. तरुण पास मे जा कर धीरे से डोर पर नॉक
करता है.. लेकिन अंदर से कोई आवाज़ नही आती.. तरुण फिर से
नॉक करता है.. लेकिन फिर से कोई आवाज़ नही आती.. तरुण 7-8
तन्नू – “ भाई अभी जाओ सो जाओ.. बहुत रात हो गयी है. “
ये आवाज़ दरवाजे के बिल्कुल पास से आ रही है.. इसके साथ ही
तन्नू की सिसकारियो की आवाज़ भी तरुण सॉफ – सॉफ सुन पा
रहा है..
तरुण- “ नही दी मुझे आपसे अभी बात करनी है. प्लीज़ दरवाजा खोलो “
तन्नू- “ भाई अभी जाओ सो जाओ हम कल बात करेंगे “
तरुण – “ नही दी .. ऐसे मुझे नींद नही आएगी.. और
मुझे आपसे अभी बात करनी है . “
तन्नू – “ लेकिन मुझे अभी कोई बात नही करनी .. मुझे
नींद आ रही है. “
तरुण – “ दी मुझे पता है आपको भी नींद नही आ रही
है..ऑर शायद पूरी रात नींद नही आएगी.. इसकी वजह मैं
हू.. लेकिन मैं आपसे बात किए बिना यहा से नही जाउन्गा..
मैं यही आपके गेट के बाहर वेट कर रहा हू. सुबह तक
मैं यही हू. “
इतना सुन कर तन्नू को थोड़ा ज़्यादा रोना आता है.. क्योंकि..
इतने दर्द कर बाद अब उसे ये प्यार बर्दास्त नही हो रहा
है.. उसे अपनी किस्मत पर भी रोना आ रहा है. की उसका प्यार
उसके पास आया ऑर फिर दूर चला गया.. लेकिन अब उसे
दोबारा कैसे अपनाए.. तन्नू अपने दरवाजे के पास खड़ी –
खड़ी रो रही है..
तभी डोर बेल बजती है. शायद मयंक
आया है.. तन्नू को जब ये सुनाई देती है तो वो थोड़ा डर जाती
है.. की कही तरुण पकड़ा ना जाए.. लेकिने उसे ऐसा भी
लगता है की शायद तरुण डोर बेल की आवाज़ से अपने रूम
मे भाग जाएगा.. तन्नू दरवाजे के पास से धीरे से आवाज़
लगती है
तन्नू – “ भाई “
तरुण – “ हा दी, अप अभी तक सोई नही “
तन्नू- “ भाई तुम जाओ. वरना डॅड तुम को यहा देख लेंगे “
तरुण – “ देख लेने दो दी.. मैं उनसे तुम्हारी ऑर मेरी बात कर
लूँगा.. मैं अब सिर्फ़.. “
इतना कहते हुए तरुण रुक जाता है.. कुछ देर तक सन्नाटा
रहता है.. लेकिन उसके बाद तन्नू डोर ओपन करती है.. तरुण
वही पर नीचे बैठा हुआ है.. तन्नू तरुण को अंदर आने के
लिए रास्ता देती है. तरुण चुप चाप अंदर आ कर खड़ा हो
जाता है तन्नू गेट को वापस बंद करती है ऑर अपने बेड पर जा
कर बैठ जाती है तन्नू का मुँह दूसरी ऑर है. तन्नू अभी तरूंके जवाबो का इंतज़ार कर रही है.. लेकिन तरुण कुछ नही बोल रहा है.. इससे तन्नू पीछे मूड कर डेक्त्ी है.. तरुण उसके
पैरो मे बैठा है उसका मुँह नीचे की ऑर है.. तन्नू तरुण
को खड़ा करती है ऑर बेड पर बैठाती है .. तरुण की आखो से
बेशुमार आसू बह रहे है,
तरुण – “ दी प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो, मुझसे ग़लती हो
तरुण इतना सुन कर तन्नू के बूब्स को धीरे धीरे दबाना
स्टार्ट कर देता है.,, तन्नू अब आखे बंद करके लंबी लंबी
साँसे ले रही है.. तरुण तन्नू की गर्दन पर किस कर रहा
है…तन्नू का एक हाथ तरुण के सर पर है. ऑर तन्नू तरुण के
बालो को टाइट पकड़े हुए है…तरुण अब अपना हाथ नीचे की
ऑर ले जाता है. ऑर सूट के ऊपर से ही तन्नू की चूत पर अपना
हाथ रख देता है.. तन्नू की तो एक दम से साँस ही अटक जाती
है.. इस हरकत से.. तन्नू की गरम सांसो की आवाज़ अब तरुण
को सॉफ सुनाई दे रही है. तरुण तन्नू की चूत को सहलाता
हुआ.. तन्नू की गर्दन पर किस कर रहा है.. दोनो एक दूसरे
मे खोए हुए.. इन प्यार के पॅलो का मज़ा ले रहे है..
तभी बाहर से कुछ आवाज़ आती है.ये किसी की सीडियो से ऊपर आने
की है.. इस आवाज़ को सुन कर तन्नू तुरंत तरुण को साइड करती
है. ऑर खड़ी हो जाती है.. तरुण तन्नू का हाथ पकड़ता है. ऑर
अपनी ऑर खिचता है.. तन्नू वापस तरुण के ऊपर गिर जाती है..
लेकिन तन्नू वापस खड़ी होती है.. ऑर तरुण को बाहर से
आने वाली आवाज़ की ऑर इशारा करती है.. जब तरुण को ये आवाज़
सुनाई देती है तो तरुण की फट के तंबूरा हो जाती है.. वो
घबरा जाता है..तन्नू अपने कपड़े ठीक करती है. ऑर गेट के
पास .. दरवाजे के कान लगा लेती है.. ऑर बाहर की आवाज़
सुनने की कोशिश करती है.. इतने मे तरुण भी खड़ा हो कर
अपने आप को ठीक करता है. ऑर तन्नू के पास आ कर खड़ा हो
जाता है. बाहर से दरवाजा बंद होने की आवाज़ आती है..
तन्नू तरुण को बाहर जा कर चेक करने को बोलती है.. तरुण
डोर ओपन करता है.. ऑर बाहर देखता है.. वहाँ कोई नही
है.. शायद टीना या टिया थी.. अब रूम मे चली गयी होगी,,
इससे तन्नू भी बाहर झक कर देखती है. उसके बाद
तन्नू – “ आई लव यू भाई .. नाइट मे मिलते है. “
तरुण – “ आई लव यू टू दी. “इतना कह कर तन्नू तरुण के होंठो पर एक किस करती है. ऑर
धीरे से अपने रूम मे चली जाती है..
तरुण भी वापस आ कर अपने रूम मे लेट जाता है. ऑर अभी बीते अपने प्यार के पॅलो
की यादो मे डूब जाता है..
तरुण अपने रूम मे अपने प्यार के पॅलो की यादो मे डूबा
हुआ है.. तभी कामिनी की आवाज़ आती है.
कामिनी – “ तरुण बेटा.. ज़रा यहा आओ.. ? “
ये सुन कर तरुण नीचे कामिनी के पास जाता है. वहाँ सोफे पर
बैठता हुआ..
तरुण – “ एस मोम बोलो.. क्या काम है.. “
कामिनी – “ बेटा आज भी तुझे टिया को लेने स्कूल जाना
पड़ेगा…. आज भी तेरे डॅड बिज़ी है..”
तरुण थोड़ी आलसी मूड मे टीवी के चॅनेल चेंज करता हुआ..
तरुण – “ मोम टीना या तानिया को बोल दो ना. वो आते टाइम
उसको ले आएँगी..”
कामिनी – “ बेटा तानिया तो ईव्निंग मे आएगी.. ऑर टीना तो आज
कॉलेज ही नही गयी है. “
ये सुन कर तरुण एक बहुत बड़ा झटका लगता है.. की टीना आज
कॉलेज नहीं गयी. मतलब आज टीना ऊपर ही थी.. जहा तरुण ऑर
तन्नू एक साथ…
इतना सोचते हुए.. तरुण को घबराहट होने लगती है.. तभी
कामिनी की आवाज़ उसे उसके ख़यालो से बाहर निकालती है..
कामिनी- “ बेटा क्या सोच रहे हो.. जल्दी रेडी हो जाओ. ऑर टिया
के स्कूल के लिए निकल जाओ..”
तरुण ओके कह कर.. अपने रूम की ऑर चल देता है.. रास्ते मे
वो टीना के रूम मे भी झाँक के देखता है.. वहाँ टीना
स्टडी टेबल पर बैठी कुछ लिख रही है… तरुण अपने रूम
मे जा कर रेडी हो जाता है. फिर बाइक ले कर टिया के स्कूल की ऑर
चल देता है..
तरुण टिया के स्कूल पहुच जाता है.. अभी तक टिया के स्कूल की छुट्टी नही हुई है.. तरुण बाइक पर टिया वेट करने लगता है..कुछ देर के बाद स्कूल से लड़किया बाहर आने लगती है… बाहर आने वाली लड़कियो मे तरुण की नज़रे टिया को ढूँढ रही है..
कुछ देर बाद टिया मुँह लटकाए हुए स्कूल से बाहर निकलती
है.. तरुण उसे देख कर बाइक के पास खड़ा हो जाता है.
टिया तरुण को देख कर बहुत खुश होती है.. ऑर भाग कर
तरुण के पास आती है.. तरुण नीचे घुटनो के बल बैठा है
ऑर टिया भाग कर तरुण के गले से लग जाती है.. तरुण भी टिया
को हग करता है.
तरुण – “ टिया क्या हुआ.. इतना सॅड क्यो हो..?? “
टिया – “ कुछ नही भाई.. आज स्कूल का दिन कुछ ज़्यादा
अच्छा नही था. “
तरुण – “ ओके चल अभी तेरे दिन को अच्छा करते है “
इतना सुन कर टिया खुश हो जाती है.. तरुण बाइक स्टार्ट करता है
टिया अभी पीछे बैठी है.. तभी वहाँ सोनम भागती हुई आती है…
सोनम – “ तरुण मुझे मेरे घर तक छोड़ दोगे… “
सोनम को देख कर टिया के फेस पर गुस्से ऑर सॅड एक्सप्रेशन
एक साथ आ जाते है.. . लेकिन सोनम टिया को इग्नोर करके तरुण की
ऑर देख रही है.. उसे पूरा यकीन है की तरुण उसे साथ लेने के लिए ही बोलेगा…
लेकिन तरुण एक बार टिया की ऑर देखता है.
तरुण – “ सॉरी यार सोनम .. आज हम उस साइड नही जा रहे है..”
इतना कह कर तरुण टिया की ऑर एक स्माइल कर देता है.. टिया के फेस
पर एक स्माइल आ जाती है. वो तरुण की ऑर देख कर स्माइल करती
है..
सोनम के फेस पर शॉक्ड वाले एक्सप्रेशन है.. उसे
यकीन ही नही हो रहा है. की तरुण उसे मना भी कर सकता
है. लेकिन आज सोनम का दिन कुछ ज़्यादा ही बुरा है. टिया
सोनम को आटिट्यूड मे स्माइल पास कर देती है.. इससे सोनम
को बहुत चिड होती है.. तभी तरुण बाइक से नीचे उतरता है
ऑर सोनम के पास आ जाता है… तरुण अपनी जेब से सोनम का
हेंकी निकालता है. ऑर उसे वापस दे देता है..
तरुण - “ थॅंक्स सोनम.. फॉर युवर हेंकी.. बट अब हमारे बीच कुछ नही हो सकता है.. अब हम सिर्फ़ दोस्त है. “
इतना कह कर तरुण तरुण वपास घूम जाता है.. ऑर अपनी बाइक पर
बैठ जाता है.. तरुण टिया को इशारा करता है. टिया भी बाइक पर
बैठ जाती है. ऑर दोनो.. वहाँ से निकल जाते है..
सोनम वही पर खड़ी है.. अभी तक उसे होश नही आया है.. की अभी क्या
हुआ.. .. टिया के फेस के हाव भाव देख कर सोनम समझ जाती
है की टिया ने ही कुछ किया है. जो तरुण ने उसे छोड़ दिया…
सोनम डिसाइड करती है की वो तरुण को वापस पा कर रहेगी..