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Guest
नीली साड़ी पहने हुए किरण मौसी इतनी खूबसूरत दिख रही थी
वो आके बैठ गयी,और मेरा सिर अपनी गोद में रख ली
किरण मौसी- अब बता सबसे ज़्यादा मैं किससे प्यार करती हूँ
दिलीप- मुझसे
किरण मौसी- अच्छा अब तू जा
दिलीप- क्यूँ
किरण मौसी- बस ऐसे ही
दिलीप- मेरी शादी हो गयी है इसका यह मतलब तो नही मैं अपनी मासी की गोद में सर रखके नही सो सकता
किरण मौसी- शादी हो गयी फिर भी बच्चो जैसी ज़िद्द करता है
दिलीप- दिल ज़िद्द करता है
किरण मौसी- तुझे उसकी याद आती है
दिलीप- रोज़ पर मैं दुखी नही होता,क्यूंकी वो मेरे ही अंदर है
मेरा ही एक हिस्सा है
[फिर हम चुप हो गये कुछ देर बाद जब मैं किरण मौसी की तरफ देखा तो वो सो चुकी थी
मैं रूम से बाहर आ गयाऔर एलीना के रूम में पहुँचा,एलीना सोते हुए और भी ज़्यादा क्यूट लग रही थी,कौन कहेगा यह रोज़ मेरा बलात्कार करती है
\
मैं अपने कपड़े उतारा और एलीना को अपनी बाहो में लेके सो गया
सुबह मैं उठके फ्रेश हुआ और कपड़े पेहेन्के नीचे गया,सब घर को सजाने में लगे हुए थे
मैं बड़े मामा के साथ बैठ गया
बड़े मामा बेचारे बैठे यह सब होते हुए देख रहे थे
सोचा विनय से मिलके आता हूँ
तो मैं पहुँचा विनय के घर
विनय तो गया था स्कूल फिर गया शांति के घर
शांति बहुत खुश लग रही थी,वो क्या है डी ने बहुत अच्छे से समझाया था शांति के पति को
मुझे भी खुशी थी फिर मैं वापस घर आ गया
और देखा तो क्या देखा आधा घर सज चुका है
वो आके बैठ गयी,और मेरा सिर अपनी गोद में रख ली
किरण मौसी- अब बता सबसे ज़्यादा मैं किससे प्यार करती हूँ
दिलीप- मुझसे
किरण मौसी- अच्छा अब तू जा
दिलीप- क्यूँ
किरण मौसी- बस ऐसे ही
दिलीप- मेरी शादी हो गयी है इसका यह मतलब तो नही मैं अपनी मासी की गोद में सर रखके नही सो सकता
किरण मौसी- शादी हो गयी फिर भी बच्चो जैसी ज़िद्द करता है
दिलीप- दिल ज़िद्द करता है
किरण मौसी- तुझे उसकी याद आती है
दिलीप- रोज़ पर मैं दुखी नही होता,क्यूंकी वो मेरे ही अंदर है
मेरा ही एक हिस्सा है
[फिर हम चुप हो गये कुछ देर बाद जब मैं किरण मौसी की तरफ देखा तो वो सो चुकी थी
मैं रूम से बाहर आ गयाऔर एलीना के रूम में पहुँचा,एलीना सोते हुए और भी ज़्यादा क्यूट लग रही थी,कौन कहेगा यह रोज़ मेरा बलात्कार करती है
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मैं अपने कपड़े उतारा और एलीना को अपनी बाहो में लेके सो गया
सुबह मैं उठके फ्रेश हुआ और कपड़े पेहेन्के नीचे गया,सब घर को सजाने में लगे हुए थे
मैं बड़े मामा के साथ बैठ गया
बड़े मामा बेचारे बैठे यह सब होते हुए देख रहे थे
सोचा विनय से मिलके आता हूँ
तो मैं पहुँचा विनय के घर
विनय तो गया था स्कूल फिर गया शांति के घर
शांति बहुत खुश लग रही थी,वो क्या है डी ने बहुत अच्छे से समझाया था शांति के पति को
मुझे भी खुशी थी फिर मैं वापस घर आ गया
और देखा तो क्या देखा आधा घर सज चुका है