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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना
दिलीप- बड़ा उस वक़्त इशारे कर रही थी
मेरी जान अब आप इशारे नही करेंगी
[मेरी बात सुनके विदू थोड़ी देर मेरे चेहरे को देखी
और धीरे से अपना हाथ मेरे लंड पे रख दी
विदू का हाथ मेरे लंड पे पड़ते ही मेरे जिस्म में करेंट दौड़ गया
विदू धीरे धीरे मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी
विदू अपना मुँह दूसरी तरफ किए मेरे लंड को आगे पीछे कर रही थी
मैने ढेर सारा तेल अपने लंड पे डाल दिया
विदू मेरे लंड को आगे पीछे करना बंद कर दी
मैं विदू का हाथ अपने लंड पे से हटा दिया
लेकिन विदू वापस अपना हाथ मेरे लंड पे रख दी
और आगे पीछे करने लगी
मैं विदू का चेहरा अपनी तरफ किया
विदू मेरे लंड के तरफ देखी
और अपना दूसरा हाथ भी मेरे लंड पे रख दी
अपने दोनो हाथ को मेरे लंड पे मुट्ठी बनाई
और मेरे लंड को मुठियाने लगी
मैं थोड़ा और तेल अपने लंड पे डाल दिया
विदू हल्के से हंस दी
थोड़ी देर तक मेरा लंड मुठियाने के बाद विदू अपना हाथ हटा ली
मैं विदू को लिटा दिया
उसकी गान्ड के नीचे एक तकिया रख दिया
और खूब सारा तेल विदू की चूत पे डाल दिया
और अपना लंड विदू की चूत के छेद पे रख दिया...
मैं विदू को लिटा दिया
उसकी गान्ड के नीचे एक तकिया रख दिया
और खूब सारा तेल विदू की चूत पे डाल दिया
और अपना लंड विदू की चूत के छेद पे रख दिया
आगे झुक के विदू के होन्ट पे अपने होन्ट रखके
अपने एक हाथ से लंड पकड़के
हल्का सा धक्का मारा
लेकिन लंड अंदर नही गया
विदू के चेहरे पे डर सॉफ दिखाई दे रहा था
मैं अपने लंड को विदू की चूत पे दबाने लगा
दर्द विदू की आँखें चौड़ी हो रही थी
बड़ी कोशिशो के बाद मेरे लंड का टोपा विदू की चूत में चला गया
विदू की आँखो से आँसू बह रहे थे
थोड़ी देर तक मैं विदू के होंठ चूस्ते हुए उसकी चुचियो को दबाता रहा
आज मुझे कोई जल्दी नही थी मैं अपनी विदू को कम से कम दर्द देना चाहता था
अब विदू शांत हो चुकी थी
मैं विदू के होन्ट पे अपने होंठ रखा
और एक धक्का मारा
मेरा 2 इंच लंड विदू की चूत में चला गया
विदू तड़पने लगी उसका दर्द मुझे सॉफ महसूस हो रहा था
मैं विदू के होंठ चूस्ते हुए उसके बूब्स ज़ोर से दबा रहा था ताकि विदू का दर्द कम हो
जब विदू शांत हुई
अभी तक विदू शायद मेरे प्यार की वजह से अपना दर्द दिखा नही रही थी
लेकिन अब विदू को काफ़ी दर्द होने वाला था
मैं हिम्मत करके एक और धक्का मारा
मेरा आधा लंड विदू की चूत को खंजर की तरह चीरता हुआ अंदर तक चला गया
विदू की चीख निकल गयी
विदू तड़पने लगी
मन तो कर रहा था कि अपना लंड निकाल लूँ
विदू के होंठो पे मैं अपने होंठ रखे हुआ था
इसी लिए विदू की चीख मुझे सुनाई नही दे रही थी
मैं अपना होन्ट विदू के होन्ट से अलग किया
विदू रोने लगी
मैं नीचे देखा तो विदू की चूत से खून निकल रहा था
मैं अपना हाथ विदू की चूत पे रखके सहलाने लगा
दूसरा हाथ विदू की चुचि पे रखके दबाने लगा
विदू बस रोए जा रही थी
पर मुझे लंड बाहर निकालने को नही कह रही थी
जब विदू शांत हुई तो वो मेरे चेहरे की तरफ देखके बुत बन गयी
बिल्कुल हिलना डुलना बंद कर दी
मैं इशारे से पूछा क्या हुआ
विदू अपने दोनो हाथ मेरी आँखो पे रखके
मेरे आँसू पोछने लगी
जिस वक़्त मैं अपने लंड का टोपा विदू की छूट में डाला था उस वक़्त से मेरी आँखो से आँसू बह रहे थे
विदू मुझे अपने सीने से लगा ली
और मेरे सर में अपनी उंगली फेरने लगी
फिर विदू मुझे अपने आप से अलग की
और मुझे आगे बढ़ने का इशारा की
मैं बिना कुछ कहे विदू की चूत में अपना लंड आगे पीछे करने लगा
विदू की चूत जितनी टाइट थी
उस हिसाब से मेरा लंड बहुत मोटा था
विदू को काफ़ी दर्द हो रहा था
लेकिन अब वो अपना दर्द दिखा नही रही थी
मैं अपना लंड विदू की चूत में आगे पीछे करते हुए विदू की चुचियो को चूस रहा था
कभी कभी दिल करता कि बस ऐसे ही विदू की चूत में अपना लंड रखे उसे अपनी बाहो में लेके सो जाउ
10 मिनिट तक मैं धीरे धीरे विदू को चोदता रहा
जब मुझे लगा कि विदू झड़ने वाली है
तो मैं तेज़ी से अपने लंड से विदू की चूत को चोदने लगा
और विदू झड़ने लगी
मेरे लिए यही सही मौका था विदू को कम दर्द देने का
मैने हल्का धक्का मारा लेकिन लंड हिला तक नही
विदू झड रही थी
मेरे पास वक़्त नही था
मैं पूरी ताक़त से धक्का मारा
विदू की चूत को फाड़ता हुआ मेरा पूरा लंड विदू की बच्चेदानी से जा टकराया
विदू की चीख मेरे मुँह में ही दब गयी
विदू अपनी मुत्ठियो में चादर पकड़े हुए
तड़प रही थी
मेरा दिल भी तड़प रहा था विदू को तड़प्ते देख
मैं पूरे जोश के साथ विदू के होंठो को चूसने लगा
विदू की चुचियो को दबाने लगा
विदू लंबी लंबी साँसें ले रही थी
जैसे मुझे दिखाना चाहती हो कि मैं ठीक हूँ
और अपने हाथो से मेरे आँखो से बहते आँसू पोछ रही थी
लेकिन मैं जानता था कि विदू कितनी तकलीफ़ में है
कुछ देर बाद मैं अपना लंड धीरे धीरे विदू की चूत में आगे पीछे कर रहा था
विदू मेरे आँसू पोछ रही थी
उसे अपने दर्द की तो परवाह ही नही थी
मैं विदू की चूत में हल्के धक्के लगा रहा था
कुछ देर बाद विदू अपनी आँखें बंद करके आहे भरने लगी
ड्रामेबाज कही की आक्टिंग कर रही थी ताकि मैं तेज धक्के मारु और मुझे मज़ा आए
सब सोचते हैं कि सुहागरात मर्द के लिए ही होती है
लेकिन शादी की पहली रात पति पत्नी दोनो की सुहागरात होती है
दोनो को एक बराबर खुशी मिलनी चाहिए
मैं हल्के धक्को से अपने लंड को विदू की चूत में डालके चोद रहा था
जब विदू का आइडिया फ्लॉप होगया तो वो अपनी आँखें खोलके मुझे देखने लगी
जैसे कह रही हो आप मेरे लिए ही बने हैं
और मुस्कुरा दी
मैं अपना आधा लंड निकाला और वापस विदू की चूत में डालके चोदने लगा
इस बार मैं नॉर्मल धक्को से ही विदू को चोद रहा था
विदू अया अया उम्म्म कर रही थी
इस बार सच मे
मैं विदू को चोदते हुए विदू के गले को चूमने लगा
थोड़ी देर बाद विदू अपनी कमर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी
मैं अपनी गति तेज़ कर दिया और विदू को चोदने लगा
कुछ देर बाद विदू झड़ने लगी
अब मेरा लंड आराम से विदू की चूत में अंदर बाहर हो रहा था
अब मैं अपने धक्के मारने की स्पीड बढ़के विदू को चोद रहा था
अब मैं भी झड़ने वाला था
तो मैं पूरी ताक़त से विदू को चोदने लगा
विदू झड़ने लगी
विदू की चुचियो को मसल्ते हुए मैं भी अपना वीर्य विदू की चूत में छोड़ दिया
विदू अपने दोनो पैर मेरी कमर पे लपेट ली
हम दोनो हाँफ रहे थे
थोड़ी देर बाद जब मैं विदू की तरफ देखा तो वो सो चुकी थी
विदू के माथे के चूम कर मैं भी सो गया...
जब मेरी आँख खुली तो सुबह के 5 बज रहे थे
विदू मेरी बाहो में चैन के नींद सोई थी
सोते हुए विदू इतनी प्यारी लग रही थी
कि मैं बता नही सकता
मैं ध्यान दिया कि मेरा लंड अभी भी विदू की चूत में है
मैं विदू के होंठो को चूमा
और विदू के उपर से हट गया
एक आवाज़ के साथ मेरा लंड विदू की चूत से बाहर निकल गया
बेड शीट पे खून फैला हुआ था
मैं बाथरूम आके अपने आपको अच्छे से सॉफ किया
शवर लेके पैंट पहेन लिया
मन तो नही था विदू को नींद से जगाने का
लेकिन क्या करू मजबूरी है
मैने विदू को हल्का सा हिलाया
विदू अपने आँखें खोलके मुझे देखने लगी
लेकिन जब विदू को एहसास हुआ कि वो बिना कपड़ो के है तो वो अपने आपको चादर से ढकने लगी
मैं आगे बढ़ा और अपने होंठ सीधा विदू के होंठ पे रखके चूसने लगा
विदू अपने दोनो हाथ मेरी गर्दन में डाल दी
मैं धीरे से विदू को अपनी गोद में उठा लिया
हम अभी भी एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे
फिर मैं विदू को अपनी गोद में उठाए बाथरूम में लाया
और शवर ऑन कर दिया
गरम गरम पानी विदू के जिस्म पे पड़ते ही विदू को राहत मिली
फिर मैं विदू को अपनी गोद से उतारा
विदू- अब आप जाइए मैं आती हूँ
दिलीप- अगर आप को बुरा लग रहा है तो चला जाता हूँ
विदू- ऐसा क्यूँ कह रहे हैं
दिलीप- ज़रा एक कदम चलिए
[विदू अपना कदम जैसे ही बढ़ाई लड़खड़ा के मेरी बाहो में गिर गयी
दिलीप- एक कदम चल नही पा रही हैं और मुझे कह रही हैं जाने को
अब क्या मैं आपको नहला सकता हूँ
[विदू शरमाने लगी]
नहलाऊ कि नही
[विदू अपनी गर्दन हाँ में हिला दी
फिर मैं विदू के जिस्म पे साबुन लगाने लगा
सर से लेके पैर तक मैं साबुन लगाया
सिर्फ़ चूत और गान्ड को छोड़ कर
गान्ड पे हाथ रखने की मुझमें हिम्मत नही थी
और चूत पे हाथ रखता तो विदू की चीख निकल जाती
मैं विदू को नहला ने के बाद विदू को कहा कि गरम पानी से सेक लीजिए
तो विदू शर्मा गयी
फिर मैं बाथरूम से बाहर आया बेडशीट चेंज किया
और विदू के पहनने के लिए कपड़े निकाला
फिर मैं बाथरूम में गया
विदू अपने जिस्म पे टवल लपेटे हुई थी
मैं विदू को अपनी गोद में उठाया
और बाथरूम से बाहर लेके आया और बेड पे बिठा दिया
विदू मुझे बड़े प्यार से देख रही थी
दिलीप- कपड़े पहना दूं
विदू- आप भी ना
दिलीप- पता है आप खुद पहेन सकती हैं
टेबल पे टॅब्लेट्स रखे हैं खा लीजिएगा
मैं जा रहा हूँ
विदू- मुझे कपड़े तो पहना दीजिए
[विदू अपनी नज़रे नीचे किए थी
मैं विदू के पास गया
और टवल विदू के जिस्म से अलग किया
फिर मैं विदू को ब्रा पहनाया फिर ब्लाउस फिर पेटिकोट और फिर साड़ी
उसके बाद मैं विदू को टॅबलेट खिला कर लिटा दिया
और विदू के पास ही बैठ गया
विदू मुझे ही देख रही थी
दिलीप- रात को बड़ा आक्टिंग कर रही थी आप
विदू- वो
दिलीप- वो क्या
विदू- सॉरी
[और विदू अपने कान पकड़ ली
दिलीप- आप अब आराम कीजिए मैं जा रहा हूँ
विदू- वानु से मिलने ज़रा संभलके
दिलीप- ज़्यादा हसीए मत वरना फिर से शुरू हो जाउन्गा
विदू- हो जाइए आपका ही नुकसान है जितना ज़्यादा देर करेंगे उतना ही
दिलीप- आप भी चलिए ना
विदू- क्यूँ
दिलीप- आपके रहने से धुलाई कम होगी
विदू- आप जब मेरे पास आए तो क्या वानु आपके साथ थी
दिलीप- नही
विदू- तो मैं कैसे आपके साथ आ सकती हूँ
मेरी पति देव जाइए अपनी दूसरी बीवी के पास
दिलीप- पहले आपके होंठ चूम लेता हूँ थोड़ी हिम्मत आजाएगी
[और मैं विदू के होन्ट चूम लिया
फिर मैं रूम से बाहर आ गया और पहुँचा वँया के रूम पे...
शूकर है सब सोए हुए थे
मैने गेट को हाथ लगाया
एक झटके में गेट खुल गया
बेड पे वँया सोई हुई थी
लेकिन यह क्या ना ही रूम सज़ा था और ना बेड फूलो से सज़ा था
इससे भी बड़ी बात वँया अपनी शादी के जोड़े में नही सिंपल सा टी शर्ट और ट्राउज़र पहने हुई थी
पता नही क्या हो रहा था
पर वँया से तो माफी माँगना ही था
तो मैने गेट लॉक कर दिया
पता नही क्या हो रहा था
पर वँया से तो माफी माँगना ही था
तो मैने गेट लॉक कर दिया
मैं बेड पे ही बैठ गया
वँया के पैरो के पास
सोते हुए वँया कितनी प्यारी लग रही थी
यह मैं आज देख रहा था
अभी 6 बजे थे
तो मैं शुरू हो गया
वो क्या है ना वँया उठेगी मेरी धुलाई करेगी
और फिर खुद ही रोने लगेगी
तो उठक बैठक करने लगा
अभी 50 तक ही पहुँचा था कि अलार्म बजने लगा
वँया अपनी आँखें मलने लगी
फिर उठके बैठ गयी
लेकिन वँया की आँखें अभी बंद थी
वँया तकिया के नीचे अपना हाथ डाली और एक फोटो निकाली
उस फोटो को अपने दोनो हाथो में पकड़ के अपने चेहरे के सामने लेके आई
और अपनी आँखें खोल दी
उस फोटो को देखके वँया बच्ची की तरह उसे चूमने लगी
वँया- गुड मॉर्निंग मेरे बैल
[और तभी वँया की नज़र मुझपे पड़ी
जो उठक बैठक कर रहा पसीने से भीग चुका था
वँया का मुँह खुला का खुला रह गया
वँया एक झटके में बेड से उतरके मेरे पास आ गई
मैं अभी भी उठक बैठक कर रहा था
वँया- दिलीप यह क्या है क्या हुआ रुकोगे भी
दिलीप- मुझे माफ़ कर दो
वँया- अच्छा माफ़ किया अब रूको
[और वँया मेरा हाथ पकड़के बेड पे बिठा दी
वँया- यह क्या कर रहे थे
दिलीप- अपने आप को सज़ा दे रहा था
वँया- क्यूँ
दिलीप- कल रात तुम्हारे पास
वँया- मैं तुमसे कोई शिकायत की
कि तुम मेरे पास क्यूँ नही आए
कल दीदी का रूम ही तय्यार हुआ था
मुझे और एलीना को पता था कि तुम दीदी के रूम में ही जाओगे
क्यूंकी पहला हक़ तुमपे दीदी का ही है
दिलीप- तुम मुझसे नाराज़ तो नही हो
वँया- नही हूँ तुमसे नाराज़
यह बताइए कि कितनी देर से आप उठक बैठक कर रहे थे
दिलीप- टाइम का तो पता नही लेकिन 110 हो गया था
[थोड़ी देर तक वँया मुझे देखती रही
चटाक़ एक थप्पड़ मेरे गाल पे मार दी
मैने अपने गाल पे हाथ रख दिया
तो वँया मेरे दूसरे गाल पे भी थप्पड़ मार दी
मेरी शकल रोने जैसी हो गयी
वँया- बेवकूफ़ गधे दिमाग़ है कि नही
खाली हाथ पैर छला कर ही कमॅंडो बन गये
किसने कहा था कि उठक बैठक करो
बिना मुझसे बात किए तुम चल पड़े अपने आप को सज़ा देने
आगे से ऐसा किए हो तो मैं तुम्हे छोड़ूँगी नही
[वँया का प्यार देखके मुझे अपनी किस्मत पे गर्व होने लगा
वँया जब मुझे चुप देखी तो मेरे दोनो हाथ पकड़के मेरे गाल से हटाई
और मेरे गाल सहलाने लगी
वँया- क्यूँ ऐसी हरकत करते हो
और मैं क्यूँ तुमपे हाथ उठा ती हूँ
प्लीज़ बुरा मत मान ना
चाहो तो तुम भी थप्पड़ मार लो
अपने पति पे हाथ उठा दी मैं
दिलीप- ग़लती करूँगा और अगर नही मारोगी तो शायद तुमसे दूर हो जाउ
वँया- दर्द हो रहा है
दिलीप- नही
वँया- मैं जानती हूँ तुम झूठ बोल रहे हो
[और वँया मेरे चेहरे को हाथो में पकड़के अपने होंठ मेरे माथे पे रखके चूम ली
फिर मेरे गालो को मेरे चेहरे के हर हिस्से को चूमने लगी
वँया- दर्द कम हुआ
[मैं अपनी गर्दन ना में हिलाया
वँया हंस दी और मेरे होंठो पे अपने होन्ट रख दी
हम एक दूसरे के होंठो को चूमने लगे
[वैसे आज मेरे साथ उल्टा हो गया
मुझे मार इस लिए पड़ी कि मैं यह सोचा कि वँया मुझसे नाराज़ होगी
सही कहती है वँया मैं उसका बैल हूँ
उसके बिना रह ही नही सकता
वँया मेरे सीने से लगी हुई थी...
दिलीप- एक बात बताओ
तुम्हे जलन नही होती कि अब मैं तुमसे दूर रहता हूँ
वँया- लगता है तुम्हे मार खाने में बहुत मज़ा आता है
दिलीप- अरे मेरी प्यारी वँया तुम जब मुझे मारती हो तो मन करता है कि तुमसे मार ख़ाता ही रहूं
वँया- रहने दो अगर मार खाने में मज़ा आता तो अपने गाल पे हाथ नही रखते
दिलीप- वो तो मैं देख रहा था कि तुम मुझे और मारती हो कि नही
वैसे 7 बाज चुके हैं और अब तुम्हे फ्रेश हो जाना चाहिए
वँया- टाइम कितनी जल्दी बीत जाता है ना अब तुम जाओ
दिलीप- हां पता है मेरी तीसरी बीवी मेरा इंतेज़ार कर रही है
कमाल है पहली के पास जाओ तो वो दूसरी के पास जाने को कहती है
दूसरी के पास जाता हूँ तो वो तीसरी के पास जाने को कहती है
वँया- मेरे भोले पति ज़्यादा सोचा मत करो
[वँया की बात सुनके मैं मुस्कुरा दिया
और वँया के रूम से बाहर आके एलीना के रूम पे पहुँचा
गेट को हाथ लगाते हुए ही गेट खुल गया
एलीना अपने लॅपटॉप पे कुछ काम कर रही थी
मैं जाके एलीना के पास बैठ गया