दिलीप- कितने दिन हो गये और आपने मुझे एक फोन भी नही किया
विद्या- मैं सोची कि तू नाराज़ है मुझसे
दिलीप- आप सच में मेरी विदू बोल रही हैं ना
विद्या- हाँ और आप मेरे पति बोल रहे हैं
दिलीप- अच्छा तो अपने पति को एक किस दीजिए
विद्या- मम्मूऊऊउउन्ह अब रखती हूँ फोन मेघा आ रही है
दिलीप- फिर फोन कट हो गया और मैं सोचने लगा कि मेघा दी आराही थी तो विदू इतनी डर क्यूँ गई
फिर मैं खाना ख़ाके सो गया सुबह उठके नहा धोके तय्यार हुआ
नीचे गया डाइनिंगटेबल पे आज सब बैठे हुए थे
लगता है बड़ी मामी अब अपने आप को संभाल रही हैं
फिर मैं नाश्ता करने लगा
नाश्ता करते वक़्त मेरी नज़र नयी मामी पे गयी
नई मामी एक नीवाला अपने मुँह में लेके उस वक़्त से मुँह चला रही थी
वैसे तो मैं नई मामी को देखता नही
पर क्या करूँ आदत से मजबूर किसी को अकेले देखके मुझे अपना अकेलापन याद आजाता है
भले ही बड़ी नानी मेरी सब कुछ हैं
लेकिन दिल के कोने एक बात बैठ गयी थी अकेलापन
इसी बीच बड़े मामा और बड़ी मामी नाश्ता करके चली गयी
बड़ी नानी किचन में चली गयी
नई मामी मेरे सामने बैठी थी
लेकिन पहले वँया को मनाना था
तुमसे कुछ मांगू तो दोगि
वँया- क्या चाहिए
दिलीप- आज की छुट्टी दे दो
वँया- ठीक है लेकिन तुमको भी मेरी एक बात माननी होगी
दिलीप- मान लिया
वँया- पहले सुन तो लो मैं चाहती हूँ कि तुम पूरे स्कूल में फर्स्ट आओ
दिलीप- [यह सुनके मुझे ऐसा लगा कि वँया ने मुझे काला पानी की सज़ा दे दी हो]
यह तुम क्या बोल रही हो अपनी क्लास में मैं फर्स्ट नही आसकता और तुम चाहती हो कि मैं पूरे स्कूल में फर्स्ट आउ
वँया- हाँ और आज से मैं तुम्हे कुछ करने को नही कहूँगी यह कहके वँया अपने रूम में चली गयी
तभी मैं देखा कि नई मामी मुस्कुरा रही है
मैं वहाँ से उठके अखाड़े में गया
कालिया आज कुछ ज़्यादा ही सीरीयस मूड में था
बड़ी बेरेहमी से कसरत करवा रहा था
अभी अगर कोई मुझे जहेर भी दे देता पीने के लिए
तो वो भी मैं अपनी प्यास बुझाने के लिए पी लेता
फिर मैं वहाँ से बिम्ला के घर गया
मुझे पता था कि बिम्ला की बेटी भी स्कूल गयी होगी
मैं सीधा अंदर चला गया
बिम्ला किचन में थी
मैं किचन में गया
और पीछे से बिम्ला के गले लग गया
बिम्ला सकपका गयी
बिम्ला- तुमने तो मुझे डरा ही दिया
दिलीप- क्या कर रही हो
बिम्ला- चाइ बना रही हूँ
दिलीप- मैं बिम्ला के बूब्स दबाने लगा ----कुछ सोचा आपने
बिम्ला- हाँ अभी यह सब मत करो
दिलीप- क्यूँ आप मुझे मना कर रही हो
बिम्ला- नही पहले बात कर लेते हैं फिर तो मैं तुम्हे जाने नही दूँगी
दिलीप- मैं बिना कुछ बोले बाहर आके खाट पे बैठ गया
बिम्ला चाइ लेके आगयि
हम दोनो चाइ पीने लगे
दिलीप- अब बताइए क्या सोचा है आपने
बिम्ला- जैसा कि तुमने कहा की शांति 2 महीने के लिए यहाँ आई थी उसमें यह तीसरा हफ़्ता है
और शांति को देखके ऐसा नही लगता कि वो चुदासी है
तो मेरे हिसाब से मैं शांति को अपने घर बुलाउन्गी
तुम मेरी चुदाई करना अगर इसी बीच शांति हमारी चुदाई देखती है
तो वो गरम हो जाएगी और इसी का फ़ायदा उठाके तुम उसे चोद सकते हो
दिलीप- यही है आपका आइडिया मान लीजिए हमारा यह प्लान कामयाब भी हो जाता है तो मैं शांति को सिर्फ़ एक बार चोद सकता हूँ पर मुझे उसे प्रेगञेन्ट करने के लिए 2 हफ्ते लगेंगे
बिम्ला- एक काम करती हूँ मैं रोज उसे अपने घर 2 घंटे के लिए ले आउन्गि उसको चाइ में बेहोशी की दवा मिलाके पिला दूँगी तुम उसे चोद देना
दिलीप- छी कैसी औरत हैं आप मैं अगर आपको कही पे बुला कर आपको बेहोश करके आपको किसी और से चुदाई करवाऊ
तो आपको कैसा लगेगा
बिम्ला- तुम तो नाराज़ हो गये अब एक ही काम कर सकते हैं शांति को सब सच बता देते हैं अगर वो मान गयी तो ठीक है
वरना उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी
दिलीप- गुस्से में काकी मुझे शांति से कोई मतलब नही है मुझे सिर्फ़ अपने दोस्त विनय से मतलब है आप शांति को सारा सच बता दो अगर वो नही मानी और उसकी वजह से मेरे दोस्त विनय को कुछ हो गया तो आप सोच भी नही सकती कि मैं शांति और उसके पति के साथ क्या करूँगा मेरे एग्ज़ॅम्स को तीन हफ्ते बचे हैं लास्ट का एक हफ़्ता निकालके मेरे पास दो हफ़्ता बचता है आप एक दो दिन में शांति से बात कर्लो क्यूंकी ना मैं ज़बरदस्ती करता हूँ और ना मैं किसी का फ़ायदा उठाता हूँ
यह बोलके मैं बिम्ला के घर से बाहर आगया और सीधा सरपंच के घर गया
सरपंच घर के बाहर ही किसी से बात कर रहा था
दिलीप- कैसे हैं आप सरपंच जी
सरपंच- मैं ठीक हूँ छोटे मालिक अगर कोई ज़रूरी काम था तो मुझे बुला लेते
दिलीप- नही ऐसी कोई बात नही है वो बड़े मामा ने कहा है कि आप बिम्ला के खेत के कागज आप मुझे दे दीजिए आप को कोई परेशानी तो नही है
सरपंच- नही छोटे मालिक यह तो मेरा सौभाग्य है देखिए ना ठाकुर साहब की वजह से हमारे गाओं में कभी पानी की कमी नही होती सूखा भी पड़ता है तो ठाकुर साहब हमे सरकार से ज़्यादा मुआवज़ा देते हैं
[फिर तो सरपंच बड़े मामा की तारीफो के पुल बाँधने लगा
मैं बिम्ला के खेत के कागज सरपंच से लेके बिम्ला के पास गया
और बिम्ला को दे दिया बिम्ला मुझे देखती रह गयी और मैं रवि के घर पहुँचा.....
दिलीप- रवि के घर पहुँचते ही रवि के माँ बाप मेरी खातिरदारी करने लगे
मैने उन्हे मना किया कि ऐसा ना करे
मैं रवि को साइड में ले गया
दिलीप- अबे तूने सबको बता दिया कि मैं कौन हूँ
रवि- मैने किसी को नही बताया तेरे बारे में जो नही जानते थे वो उसी दिन जान गये जिस दिन तूने प्रिन्सिपल मेडम को बचाया था अब तू बैठ मुझे और भी काम है
दिलीप- क्या बैठ मैं तेरा दोस्त बनके आया हूँ फिर हम दोनो काम करने लगे बारात दोपेहेर को आने वाली थी
हम दोनो के मिलके काम करने से काम जल्दी हो गया
दोपेहेर में बारात आ गई
दूल्हे की तरफ से उसके माँ बाप आए थे
दूल्हा पास ही के एक गाओं का था
दूल्हे की माँ बड़ी घमंडी लग रही थी
सब पर हुकुम चला रही थी
मैं यह सब होते हुए देख रहा था
तभी दूल्हे की माँ रविकी माँ पे चिल्लाने लगी
मैं वहाँ पे गया
दिलीप- क्या हुआ काकी कुछ परेशानी है क्या
रवि की माँ- कोई परेशानी नही है आप आराम से बैठिए
दूल्हे की माँ- समधन जी यहाँ मैं आप से बात कर रही हूँ और आप मुझे नज़रअंदाज कर रही हैं
रवि की माँ- सम्धन जी ऐसी कोई बात नही है यह हमारे ख़ास मेहमान हैं
[उसके बाद तो दूल्हे की माँ और ज़्यादा बोलने लगी उसके मुँह में जो आया बोलती चली गयी एक बार तो वो रवि की माँ को गाली भी दे बैठी लड़के वाली है तो क्या शादी करवा कर कोई एहसान नही कर रही है]
अब मुझे गुस्सा आने लगा था
तभी रवि के पिता हमारे पास आ गये
रवि के पापा- आपको रवि बुला रहा है
[मैं रवि के पास गया]
दूल्हे की माँ- समधी जी क्या यही इज़्ज़त है हमारी आपकी नज़र में आपकी पत्नी कहती है कि वो आपका ख़ास मेहमान है
अगर वो ख़ास मेहमान है तो हम क्या है
रवि के पापा- सम्धन जी आप शांत हो जाइए यह छोटे मालिक हैं
दूल्हे की माँ- [आँखे चौड़ी करके] मैं कुछ समझी नही
रवि के पापा- यह ठाकुर साहब के वारिस ठाकुर साहब के भानजे दिलीप हैं
[दूल्हे की माँ की फॅट गई]
दिलीप- गुस्से में क्या है
रवि- क्या हुआ तुझे
दिलीप- कुछ नही यार अच्छा एक बात बता यह जो तेरा होने वाला जीजा है उसके बारे में कुछ बता
रवि- बस यही कि एक सरकारी नौकरी है
दिलीप- सिर्फ़ इस बात पे तेरे पिता अपनी बेटी की शादी उससे कर रहे हैं
रवि- तू मेरा साथ चल
[रवि मुझे लेके एक खाली रूम आया और गेट बंद कर दिया]
दिलीप- अबे मैं उस टाइप का नही हूँ
रवि- तू मुझसे वादा कर कि तू यह बात किसी को नही बताएगा
दिलीप- वादा करता हूँ
रवि- बात यह है कि मेरी दीदी मेरे होने वाले जीजा के साथ मुँह काला कर रही थी
दिलीप- मैं कुछ समझा नही सॉफ सॉफ बताना
रवि- तू ना बिल्कुल बच्चा है मेरी बहेन उसके साथ चुदाई करती हुई पकड़ी गई इसीलिए वो डर की वजह से मेरी बहेन से शादी कर रहा है
दिलीप- समझ गया मैं रूम से बाहर आगया मैने देखा दीपा दुल्हन के रूम में जा रही थी
फिर शाम हो गयी
दूल्हा दुल्हन को मंडप में बिठाया गया पंडित जी मंतर पढ़ने लगे
इसी बीच मैने देखा कि दूल्हे की माँ मुझे ही घूर रही हैं मैने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया
फिर ऋतु की शादी हो गयी
अब आई खाना खाने की बारी
बाराती और नोन बाराती सब कुत्ते बिल्ली के तरह खाने के उपर टूट पड़े
ऐसा लग रहा था कि आज के बाद इनको ऐसा खाना मिलेगा ही नही
मैने भी खाना खा लिया
फिर रवि मुझे एक रूम में ले गया
दिलीप- मैं अकेला इस रूम में सोउंगा क्या
रवि- हाँ तेरे लिए ही तो यह रूम तय्यार किया है
दिलीप- क्या मतलब
रवि- कुछ नही
दिलीप- [आँख दिखाते हुए] रवि
रवि- आज सुबह कुछ लोग आए थे शहर से उनके साथ लखन भी आया
वो लोग इस रूम में 2 घंटे तक पता नही क्या करते रहे
लखन ने बोला कि छोटे मालिक को इसी रूम में सुलाना
दिलीप- [यह क्या चक्कर है तभी मेरे दिमाग़ की घंटी बजी]
तू रूम के बाहर जा मैं तेरा नाम लेके तुझे बुलाउन्गा
रवि ने ऐसा ही किया
मैं गेट लॉक करके ज़ोर ज़ोर से रवि को बुलाने लगा
फिर मैने गेट खोल दिया
रवि- यह क्या था तू मेरा नाम लेके मुझे बुलाने वाला था
दिलीप- कुछ नही तू जा मुझे नींद आरहि है फिर रवि चला गया
मैं बेड पे लेटके सोचने लगा कि इस रूम को साउंडप्रूफ बनाने का मतलब क्या हुआ
दिलीप- मैने अपने पैंट की जेब से कॉंडम निकालके अपने लंड पे लगाया
र्क्स मुझे देख रही थी उसको लग रहा हो कि उसको अभी मज़ा आएगा
पर मैं उसको ऐसा दर्द देना चाहता था जिससे उसका सारा घमंड टूट जाए
मैने अपना लंड र्क्स की चूत पे सेट किया और रगड़ने लगा
दिलीप- आपका नाम क्या है
र्क्स- अया सरलाा ऊन्ह
दिलीप- सरला के इतना कहते ही मैने अपनी पूरी ताक़त से धक्का लगा दिया मेरा लंड सरला की चूत को फाड़ता हुआ
सरला की चूत में पूरा समा गयासरला की भयंकर चीख निकल गयी
सरला- आआआआः माआअर डाााला हाराामी ने
दिलीप- मैने अपना लंड फिर से पूरा बाहर निकाला और एक ही बार में डाल दिया इस बार सरला रोने लगी मैने सरला की टाँगो को एक साथ जोड़ दिया इससे सरला की चूत और ज़्यादा टाइट हो गयी मैं ताबड तोड़ धक्के लगाने लगा सरला चीखे जा रही थी मैं उसकी चूत का भोसड़ा बनाने लगा
मैं सरला के निपल को पकड़ा लिया जैसे ही मैं पीछे होता सरला के निपल खींच जाते सरला की अया निकल जाती तभी मुझे एक आइडिया आया मैं सरला की दोनो टाँगो को चौड़ी करके सरला की चूत के दाने मसल्ने सरला जल बिन मछलि की तरह तड़पने लगी
दिलीप- सरला कैसा लग रहा है मुझसे चुदवाने में
सरला- रोते हुए मैं तो समझी थी कि तू बच्चा है पर तू पहला ऐसा मर्द है जो मुझे रुला रहा है
दिलीप- मुझे लगा था कि सरला मुझे धीरे चोदने को बोलेगी पर है यह पक्की खिलाडन 15 मिनिट से मैं सरला को उसी पोज़िशन में चोद रहा था
सरला- और ज़ोर से कुत्ते दम नही है क्या मैं आज तेरी रंडी हूँ आज तू अपनी रंडी को चोद रहा है और ज़ोर से चोद अया और ज़ोर स्से
तभी सरला की चूत पानी चोदने लगी अब मेरा लंड सरला की चूत को आराम से चोद रहा था मैं अपना लंड सरला की चूत से बाहर निकाला
सरला घोड़ी बन गयी मैं सरला के पीछे आके सरला की चूत में अपना पूरा लंड पेल दिया
इस बार सरला नही चीखी मैं धक्के पे धक्के लगा रहा था सरला सिसकिया ले रही थी
मैं सरला की गान्ड पे थप्पड़ मारने लगा सरला की हल्की चीख निकलने लगी तभी सरला के पैर काँपने लगे
और सरला झड़ने लगी
अब तक सरला की चूत 4 बार पानी छोड़ चुकी थी मैं लेट गया और सरला रंडी भी कुछ कम नही थी झट से मेरे सीने पे हाथ रखके मेरे लंड पे बैठने लगी मैं अपनी एनर्जी बचाना चाहता था इसलिए मैं कुछ नही कर रहा था सरला अपनी गान्ड उपर नीचे करके मेरे लंड पे कूदने लगी
सरला- तू आदमी है या जानवर झड ही नही रहा है अयाया उम्म्म उईईइ माआ
दिलीप- सरला मेरे लंड पे कूद रही थी और मैं उसके बूब्स मसल रहा था
थोड़ी देर बाद सरला रुक गई मैने सरला को अपने उपर झुका लिया
और लगा धक्का मारने सरला का मुँह मेरे कंधे पे था सरला आआहए भर रही थी
मैं सरला के नितंबो को पकड़के उपर नीचे करने लगा
दिलीप- सरला मेरी रंडी मेरी कुतिया अब गाली देगी किसिको बोल ना छीनाल
सरला- नही रे अब ना ऊह दूँगी अया गाली अब तो सिर्फ़ तुझसे चुदवान्गी
दिलीप- अच्छा मुझे तो लगा कि तू सिर्फ़ आज ही मेरी रंडी है
मैं सरला की चूत का भोसड़ा बनाते हुए बोला
सरला- आआआः बाते मत कर और ज़ोर से चोद
दिलीप- मैं कहाँ तुझे छोड़ रहा हूँ तू ही अपनी गान्ड उपर नीचे करके मुझसे चुदवा रही है
सरला- कैसा भड़वा है तू जो अपनी रंडी को ठीक से चोद भी नही रहा है
दिलीप- सरला के इतना कहते ही मैं सरला की चूत से अपना लंड बाहर निकाल लिया
और सरला की की चूत में अपनी तीन उंगली घुसा के चोदने लगा थोड़ी देर बाद सरला झड़ने लगी
मैं सरला की छूट से अपनी उंगली बाहर निकाल और सरला के मुँह में डाल दिया
सरला रंडी मेरी उंगली को चूसने लगी
अब मैने सरला को अपनी गोद में उठा लिया और सरला की चूत चोदते हुए सरला के बूब्स चूसने लगा
सरला- और ज़ोर से चोद हरामी कुत्ते कमिने भडवे और ज़ोर से चोद अपनी रंडी को
दिलीप- मैं सोचा इस रंडी को रुलाना ही पड़ेगा मैने सरला को बेड पे पटक दिया
सरला मुझे घूर्ने लगी
मैने अपना रुमाल से सरला की गीली चूत पोछने लगा अब सरला की चूत पूरी सूख चुकी थी
सरला कुछ समझ पति उससे पहले ही मैं सरला की चूत में अपना लंड पेल दिया
सरला की चीख निकल गयी सरला रोने लगी मैं बिना रुके सरला की चूत मारने लगा
सरला के बूब्स दबाने लगा सरला के बूब्स लाल हो गये थे थोड़ी देर बाद सरला की चूत पानी छोड़ने लगी
सरला अब पूरी तरह से निढाल हो चुकी थी
मैने सरला की चूत से अपना लंड निकाला और कॉंडम भी निकाला फिर मैं सरला के मुँह में अपना लंड डाल दिया
सरला मेरे लंड को चूसने लगी मैं सरला का सर पकड़के सरला के मुँह को चोदने लगा थोड़ी देर बाद मैं अपना सारा वीर्य सरला के मुँह में डाल दिया
सरला एक अच्छी रंडी की तरह मेरे वीर्य की एक एक बूँद गटक गयी फिर सरला मेरे बेड पे लेट गयी
मैं भी सरला के बगल में लेट गया और हाँफने लगा मैं टाइम देखा तो हमारी चुदाई 50 मिनिट तक चली
मुझे भी यकीन नही हुआ शायद इसलिए की मैं आज प्यार भरी नही नफ़रत भरी चुदाई किया था
दिलीप- मैं और सरला दोनो अपनी सांसो को काबू करने में लगे मेरी नज़र सरला के बूब्स पे थी जो सरला के हाँफने की वजह से उपर नीचे हो रही थी थोड़ी देर तक मैं सरला के बूब्स को देखता रहा अब मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था सरला अपनी आँखें बंद किए हुई थी मैं खड़ा होके अपना लंड सरला के नाक के पास लेगया
मेरे लंड की खुश्बू सरला की नाक में जाते ही सरला की आँखें खुल गयी सरला अपनी आँखें फाड़के मुझे देखने लगा
दिलीप- [मुस्कुरा के] क्या हुआ ऐसे क्यूँ देख रही हो
सरला- तू आदमी है या जानवर मेरी फुद्दि को पानी- 2 करके तेरा जी नही भरा
दिलीप- आपने ही तो कहा था कि आज आप मेरी रंडी हो तो अपने भडवे का लंड चूसो मेरे इतना कहते ही सरला मेरे लंड को चाटने लगी मस्ती में मेरी आँखें बंद हो गयी
सरला अपनी ज़ुबान से मेरे लंड के सुपाडे से लेके मेरे आंडो तक चाट रही थी
मैने सोचा था कि सरला को सज़ा दूँगा पर सरला का रंडीपना देख कर मेरा गुस्सा हवा हो गया सरला मेरे लंड को एक मझि हुई रंडी के तरह चूस रही थी और मेरा बदन झटके खा रहा था जब सरला मेरे लंड को अपने में अंदर बाहर करती तो मेरा लंड सरला की मुँह के दीवारो से रगड़ खा जाता मुझे पहली बार इतना मज़ा आरहा था
मैने सरला के मुँह से अपना लंड निकाला फिर सरला लेट गयी
सरला- आजा मेरे भडवे मार ले अपनी रंडी की फुद्दि देखना मेरी फुद्दि कैसे तेरे लंड के लिए पानी बहा रही है आज यह रंडी तेरी गुलाम है [सरला अपनी चूत में उंगली करते हुए बोली]
दिलीप- [मेरी रंडी चूत नही गान्ड मारूँगा वो भी बिना बताए]
आरहा हूँ मेरी रांड़ पहले तू पेट के बल लेट जा
सरला पेट के बल लेट गयी सरला की सबसे बड़ी गान्ड देखके मेरा लंड झटके खाने लगा मैं सरला के नितंबो को अपने दोनो हाथ से सहलाने लगा
सरला- यह क्या कर रहा है
दिलीप- चुप चाप मैं जो कर रहा हूँ करने दो मज़ा तो तुमको ही आएगा ना यह कहके मैने सरला के नितंबो को मसल दिया
सरला की आह निकल गयी थोड़ी देर तक मैं सरला के नितंबो को दबाता रहा फिर मैं अपना मुँह सरला के नितंबो पे रखके चूसने लगा मुझे लग रहा था कि सरला समझ गयी है कि मैं उसकी गान्ड मारने वाला हूँ मैं सरला के नितंबो को बुरी तरह चूसने लगा फिर मैने सरला के नितंबो को फैला दिया
दोनो नितंबो को फैलते ही मुझे सरला की गान्ड का छेद दिख गया गान्ड का छेद बड़ा था सरला की गान्ड जो देखता होगा उसकी आआह ज़रूर निकलती होगी मैने सरला के गान्ड के छेद पे ढेर सारा थूक गिराया सरला का बदन काँपने लगा सरला को पता था कि मैं उसकी गान्ड बहुत बुरी तरह से मारूँगा मैने हाथ से अपने लंड को सरला के गान्ड के छेद पे लगाया और पूरी ताक़त से पेल दिया
मेरा पूरा लंड सरला की गान्ड को फाड़ता हुआ अंदर तक चला गया
सरला की भयनकार चीख निकल गयी
अगर मैने कॉंडम नही लगाया होता अपने लंड पे तो मेरा लंड ज़रूर छिल जाता
सरला अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करने लगी पर मैं उसके उपर लेटके उसे जकड़े हुए था मैं अपना आधा लंड सरला की गान्ड से बाहर निकाला और फिर पेल दिया उसके बाद तो मैं रुका नही ताबड़तोड़ सरला की गान्ड में अपना लंड पेलने लगा
दिलीप- हिलना डुलना बंद करो वरना और ज़ोर से गान्ड मारूँगा
सरला- मेरी गान्ड फाड़के बोलता है और ज़ोर से मारेगा कुत्ता कमीना हरामीी सरला रोते हुए बोली
सरला की गाली सुनके मैं जोश में आगया और लगा पूरी ताक़त से अपने लंड को सरला की गान्ड में पेलने सरला की चीख अब कम हो गयी थी थोड़ी देर बाद मैने अपना लंड सरला की गान्ड से निकाल लिया मेरा लंड सरला की गान्ड से निकलते ही सरला की गान्ड से खून बहने लगा मुझे कुछ समझ नही आया बाद में पूछूँगा
फिर मैने सरला को घोड़ी बनने को कहा सरला घोड़ी बन गयी मैने अपना पूरा लंड एक बार फिर सरला की गान्ड में पेल दिया इस बार सरला की आआह निकल गयी मैं बिना रुके सरला की गान्ड मारने लगा
सरला अया ऊवू किए जा रही थी मैं बेरेहमी से सरला की गान्ड फाडे जा रहा था
दिलीप- अयाया मेरी रांड़ कितना मज़ा आरहा है तेरी गान्ड मारने में
सरला- यहाँ मुझे दर्द हो रहा है और तू मज़े ले रहा है कमीना कहीं का
दिलीप- तू भी तो मज़े से अपनी गान्ड मरवा रही है कुतिया कहीं की
अब मेरा लंड सरला की गान्ड में आराम से जा रहा था
सरला बस आहे भर रही थी
लेकिन गान्ड मारने की भी एक हद होती है और वो हद मैं पार कर चुका था
जब सरला को बर्दाश्त नही हुआ तो वो रोने लगी
सरला- गान्ड मार रहा है या मेरी जान ले रहा है बस कर और बर्दाश्त नही होता
दिलीप- एक शर्त पे रुकुंगा शर्त शब्द सुनके सरला की गान्ड फॅट गयी वो तो मैं फाड़ ही रहा था मेरी शर्त यह है कि तू ऋतु को कभी तंग नही करेगी
सरला- वादा करती हूँ
दिलीप- दूसरी शर्त यह है कि तू अपने पति के अलावा सिर्फ़ मुझसे चुदवायेगि
सरला कुछ सोचने लगी
मैं अपना पूरा लंड सरला की गान्ड से पूरा निकालके पूरा पेल दिया
सरला- उईइ माआ वादा करती हूँ
दिलीप- खा अपने बेटे की कसम
सरला- अपने बेटे की कसम अब तो निकाल ले
मैने अपना लंड सरला की गान्ड से निकाल लिया
सरला निढाल होके गिर पड़ी
मैने अपने लंड से कॉंडम निकाल के फेंक दिया
अब सरला की ऐसी हालत तो नही थी कि वो मेरा लंड चूस सके