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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना
मैं अपनी एक उंगली विदू के होंठो पे रखके रगड़ने लगा
विदू के होन्ट खुलते ही मैं अपनी उंगली विदू के मुँह में डाल दिया
अब मुझे विदू की सिसकी सुनाई दे रही थी
मैं एक चुचि को चूस्ते हुए दूसरी चुचि को दबा रहा था
विदू- अया उम्म्म अया ऊवू मेरी बात आआह सुनिए
दिलीप- सुन रहा हूँ
[अब मैं दूसरी चुचि को चूसने लगा
विदू- आज अया आपको क्या हो गया उम्म है
दिलीप- चुप रहिए ना
मुझे मेरा काम करने दीजिए
[मैं विदू की चुचियो को चुस्के लाल कर दिया
फिर मैं विदू की टाँगो के बीच आ गया
विदू सकपका गयी
मैं अपना मुँह विदू की चूत पे रखके चूसने लगा
उपर से नीचे तक चूस रहा था
फिर मैं चूत के दाने को अपने होंठो में भर लिया
विदू- अया रुक जाइए
[मैं अपनी उंगली चूत में धीरे से डालके आगे पीछे करने लगा
साथ ही दाने को चूसने लगा
विदू अपनी मुत्ठियो में चादर पकड़े हुई
मैं अपनी उंगली तेज़ी से विदू की चूत में डालके चोदने लगा
विदू- और ज़ोर से अया उम्म्म
[यह सुनके मैं चौंक गया
लेकिन मैं रुका नही और अपनी उंगली पूरी तेज़ी से विदू की चूत को चोदने लगा
विदू का बदन अकड़ गया
विदू अपने मुँह पे हाथ रख ली
थोड़ी देर बाद विदू की चूत पानी छोड़ने लगा
मैं एक एक बूँद पानी पी गया
उसके बाद मैं विदू को देखने लगा
जो शर्मा रही थी
मैं विदू को अपनी गोद में बिठा लिया
दिलीप- क्यूँ बोल रही थी रुकने को
आप मेरी हैं मैं आपको जब चाहू प्यार कर सकता हूँ
विदू- पूरी बात तो सुन लेते
[तभी विदू चुप हो जाती है
दिलीप- क्या हुआ
विदू- कुछ नही
दिलीप- [आँख दिखाते हुए]
बताइए
विदू- मुझे आपका वो चुभ रहा है
दिलीप- क्या
विदू- समझ जाइए ना
दिलीप- आपका मतलब है
विदू- ह्म
दिलीप- वैसे आप मना क्यूँ कर रही थी
[तभी मेरे कानो में वो आवाज़ पड़ी जिसे सुनके मेरे तोते उड़ गये
आवाज़ बड़ी मामी की थी
विदू- माँ के साथ मंदिर जाना है
अब फिर से नहाना पड़ेगा
[एक मिनिट मैं डर क्यूँ रहा हूँ
साला हटत्त
और मैं विदू को बोला की जाके नहा लीजिए
विदू बाथरूम में चली गयी
और मैं रूम का गेट खोला बड़ी मामी मुझे देखके चौंक गयी
मैं बड़ी मामी के पैर छुआ
दिलीप- गुड मॉर्निंग सासू माँ
बड़ी मामी- गुड मॉर्निंग दामाद जी
दिलीप- विदू बाथरूम में है
बड़ी मामी- ठीक है कह दीजिए कि जल्दी नीचे आजाए मंदिर जाना है
[फिर बड़ी मामी चली गयी
मैं विदू के लिए कपड़े निकालके रूम से बाहर आ गया]...
लखन शहेर के लिए निकल चुका था
शहेर पहुँचके वो एक होटेल में गया
अपना देसी कपड़ा उतारके पॅंट शर्ट कोट शूस पहना
एक बिजनिस मैन लग रहा था
फिर लखन होटेल से निकलके प्रिन्सिपल के घर पहुँचा
डोरबेल बजाया
गेट एक औरत ने खोला
लखन उस औरत को उपर से नीचे तक देखता है
औरत- जी कहिए
लखन- हमे रमण जी से मिलना है
[औरत थोड़ी देर लखन को देखती है
औरत- आप कौन
लखन- हम उनके दोस्त हैं
औरत- अंदर आइए
[लखन अंदर जाता है
और घर को देखने लगता है
औरत- आप बैठिए मैं पानी लेके आती हूँ
[लखन बैठ जाता है
वो लखन को पानी लाके देती है
लखन पानी पी लेता है
औरत- मैं उनकी पत्नी मीना हूँ
लखन- कहाँ हैं रमण जी
मीना- आइए मेरे साथ
[फिर मीना लखन को अपने साथ एक कमरे में ले जाती है
उस कमरे में एक बेड पे प्रिन्सिपल रमण लेटा हुआ था उसके पावं प्लास्टर लगा हुआ था
लखन रमण को इस हालत में देखके मुस्कुरा देता है
रमण अभी सोया हुआ था
लखन- मेरे दोस्त की यह हालत कैसे हुई
मीना-[उदास होके]
हमारे साथ बहुत ग़लत हुआ है
आज से 3 महीना पहले किसी ज़ालिम ने इनकी यह हालत कर दी
3 महीने और लगेंगे इनको ठीक होने में
लखन-[मन में] वो ज़ालिम हम ही हैं
लखन- हमे बहुत अफ़सोस है
क्या हम इनसे अकेले में बात कर सकते हैं
मीना- जी पहले इन्हे उठा देती हूँ
[मीना रमण को उठाती है
रमण की नज़र जैसे ही सूट बूट में लखन पे पड़ती है उसकी फट जाती है
रमण काँपने लगता है
लखन- कैसे हैं रमण जी
[और लखन अपने कोट को थोड़ा साइड करता है
और रमण की फिर से फॅट जाती है
क्यूंकी लखन के पास गन थी
लखन रमण को इशारा करता है
रमण तो पहले ही डर गया था
रमण- मीना चाइ लेके आओ इनके लिए
मीना- जी अभी लेके आती हूँ
[मीना रूम से बाहर चली जाती है
लखन गेट लॉक कर देता है
रमण की फिर से फॅट जाती है
लखन रमण के पास पहुँचता है
रमण- [डरते हुए] क्यूँ आए हो
लखन- तुमसे कुछ बात करनी है
[पहले यह देख लो
[और लखन अपना फोन निकालके वो वीडियो प्ले कर देता है
रमण उस वीडियो को देखके डर जाता है
लखन- यह हम तुम्हारी बीवी को देखाएँगे
[रमण थोड़ी देर डरता है और फिर हँसने लगता है
लखन रमण को घूर्ने लगता है
रमण- दिखा दो वो तुम्हारा यकीन नही करेगी
और मुझपे हाथ उठाने से पहले एक बात सुन लो
एक नोट पोलीस स्टेशन में रखवा दिया हूँ
उसमें यह लिखा है कि अगर मुझे कुछ हो गया तो उसका ज़िम्मेदार तुम्हारा मालिक होगा
लखन- हमारे पास एक और वीडियो है जिसमें तुम मेडम के साथ सेक्स कर रहे हो
वो भी पूरी खुशी के साथ
रमण- है तो दिखाओ
लखन- पहले सुनो की तुम उसमें क्या बोल रहे थे
[और लखन ने वो बात दोहरा दी
जिसे सुनके रमण को साँप सूंघ गया
लखन- पहले सुनो की तुम उसमें क्या बोल रहे थे
[और लखन ने वो बात दोहरा दी
जिसे सुनके रमण को साँप सूंघ गया
रमण- पहले वीडियो तो दिखाओ
लखन- ऐसा हुआ था कि नही
रमण- नही
लखन- यह जो तुम्हारी हालत हुई है
उसकी वजह दिलीप है
तुम्हारे और रीना के बारे में दिलीप को पता था
तुमसे बदला लेने के लिए रीना ने दिलीप को फँसाया
और रीना की कुँवारी गान्ड के चक्कर में दिलीप ने तुम्हे बर्बाद कर दिया
रमण- तुम भी तो उसके ही नौकर हो
[तीर सीधा निशाने पे लगा
रमण डर चुका था
लखन- मेरे कपड़े देखके तुम्हे लगता है कि अब मैं उनका नौकर हूँ
रमण- क्या चाहते हो तुम
लखन- तुम क्या दे सकते हो
रमण- पहले तुम वो वीडियो दिखाओ
[और एक बार फिर रमण हँसने लगता है]
तुम्हे क्या लगता है मैं डर जाउन्गा
हाँ तुमने जो बात कही वो सच है
मैने रीना का यूज़ किया
उसे ब्लॅकमेल करके उसके साथ सेक्स किया
बस एक ही कसर रह गयी कि उसकी गान्ड नही मार पाया
और इससे पहले भी मैं कयियो के साथ यह सब कर चुका हूँ
लखन- अभी मैं जाके तुम्हारी बीवी को यह सब बताता हूँ
[रमण ठहाका लगाके हँसने लगता है
रमण- तुमपे वो कभी भी यकीन नही करेगी
लखन- मेरी एक बात समझ में नही आई
जब तुम ऐसे हो तो तुम अपनी बीवी को छोड़ कर भी यह सब कर सकते थे
या फिर शादी ही नही करते
रमण- मेरी बीवी किसी लायक ही नही है
वो तो मुझे कभी खुस ही नही रख पाई
उसके साथ मज़ा ही नही आता था
और रही बात उसे छोड़ने की
बाहर में जब कोई नही मिलती थी तो उसी के पास आता था
लखन- धीरे बोलो कहीं तुम्हारी बीवी सुन ना ले
रमण- मेरा रूम साउंड प्रूफ है
[रमण की पूरी बात सुनने के बाद लखन अपना फोन एक बार फिर अपनी जेब से निकालता है
और एक ऑडियो प्ले करता है
ऑडियो में रमण ने जितनी भी बातें की थी
रमण अपनी आँखें फाडे वापस वो सब सुन रहा था
लखन के चेहरे पे विजयी मुस्कान थी...
फिर लखन वो ऑडियो बंद करके वापस अपना मोबाइल अपनी जेब में रख लेता है
लखन- यह है सबूत
अब बताओ तुम हमे क्या दे सकते हो
[रमण को तो कुछ सुनाई ही नही दिया
उसकी तो दुनिया ही लूट चुकी थी
लखन- अगर यह रेकॉर्डिंग तुम्हारी बीवी को सुना दूँ
तो वो तुम्हे घर से निकाल देगी
तुम रोड पे भीख ही मांगोगे
और हमे यह भी पता है कि तुम्हारे पास फूटी कौड़ी नही है हमे देने के लिए
जो कुछ भी है सब तुम्हारी बीवी के पास है
[रमण लखन के सामने हाथ जोड़ देता है
रमण- प्लीज़ लखन मेरी बीवी को कुछ मत बताना
लखन- बदले में क्या दे सकते हो
रमण- मेरे पास सिर्फ़ बीस लाख रुपये हैं
लखन- आखरी बार पुच्छ रहा हूँ
तुम हमे क्या दे सकते है
पैसे नही चाहिए हमे
[रमण कुछ सोचने लगता है तभी उसके चेहरे पे हल्की मुस्कान आजाती है जिसे लखन देख लेता है
रमण- देखो लखन तुम्हे पैसे नही चाहिए
और पैसे के सिवा मेरे पास मेरी बीवी है
तो क्या कहते हो
लखन- [मन में] जैसा की छोटे मालिक ने कहा था तुम बिल्कु वैसे ही निकले]
हम समझे नही तुम क्या कहना चाहते हो
रमण- तुम इतने भी भोले नही हो
मेरा मतलब है कि तुम मेरी बीवी के साथ सो सकते हो
मैं उसे मना लूँगा
लखन- तुमने हमे बेवकूफ़ समझ रखा है क्या
तुम्हारी बीवी ऐसा कभी नही करेगी
रमण- तुम सिर्फ़ दस मिनिट दो मुझे मैं अपनी बीवी को मनाता हूँ
[मन में] तेरे साथ वोही करूँगा जो मेरे साथ हुआ था
अपनी बीवी को कहूँगा कि तू वोही है जिसने मेरी टाँग तोड़ी थी
और अब तू मुझे कह रहा है कि तू मेरी बीवी के साथ सोना चाहता है
और अगर तेरी बीवी मेरे साथ नही सोई तो तू हमारी बेटी को मार देगा
क्यूंकी हमारी बेटी तेरे क़ब्ज़े में
या तो तेरी बीवी या फिर तेरी बेटी
मेरी बीवी बहुत संस्कारी है लेकिन अपनी बेटी के लिए वो तेरे साथ ज़रूर सोएगी
और जब तुम दोनो अपने में बिज़ी रहोगे तब तुम्हारा वीडियो बनाउन्गा
आंड फिर तू चला जाएगा
उसके बाद मैं वो वीडियो अपनी बेटी और बेटे को दिखाउन्गा
वो दोनो मीना से नफ़रत करेंगे
मीना अपने आपको जब निर्दोष साबित नही कर पाएगी
तो वो अपनी जान दे देगी
मीना के मरने के बाद आख़िरकार मेरे नाम मीना की 50करोड़ की जायदाद हो जाएगी
फिर ना मुझे अपनी बेटी का डर रहेगा और ना किसी और का]
लखन- देखो रमण तुम्हारा ऑफर हमे पसंद नही आया
रमण- इसके सिवा मेरे पास कुछ नही है
लखन- तो ठीक हम तुम्हारी बीवी के पास जा रहे हैं
[और लखन गेट के पास पहुँच जाता है
तभी लखन वो बात सुनके पूरी तरह से हिल जाता है
रमण- मैं अपनी बेटी को भी मना लूँगा तुम्हारे साथ सोने के लिए
[लखन की पीठ रमण की तरफ थी
लखन का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था
लखन का हाथ उसकी गन पे पहुँच चुका था
तभी वो लंबी लंबी साँसें लेने लगता है
फिर भी लखन का गुस्सा शांत नही होता है
रमण- मुझे अपनी बेटी को मनाने के लिए थोड़ा वक़्त चाहिए
तब तक तुम मेरी बीवी से काम चला लो
[लखन अपनी गन निकालता है
और ज़मीन में फाइयर करने लगता है रमण के रोंगटे खड़े हो जाते हैं
लखन- [मन में] हमारे बाप ने हमारी माँ को सिर्फ़ 2 बॉटल शराब के लिए किसी के हाथो बेच दिया था
पता है जब हमारी माँ को इस बात का पता चला तो हमारी माँ खुशी खुशी उस के साथ चली गयी...
हम अपनी माँ को ढूँढते रहे ढूँढते रहे
पर वो नही मिली
जब हम अपने बाप से पूछते कि हमारी माँ कहाँ है
तो वो हमे बहुत मारता और कहता कि हमारी माँ किसी के साथ भाग गयी
हम लोहार के यहाँ काम करते थे
एक दिन हम काम से वापस आरहे थे तो कुछ लड़को ने हमारा पैसा छीन लिया और भागने लगे
यह पैसा ही कल हमे 2 वक़्त का खाना खिला सकता था
क्यूंकी हमारा बाप नशे में धुत रहता था
हम ने उन लड़को पीछा किया
वो लड़के रंडी खाने में चले गये
हम भी अंदर पहुँचे
उनका पीछा करते हुए हम एक कमरे में पहुँचे
वो किसी औरत का कमरा था
जो किसी मर्द के साथ सोई हुई थी
उस औरत की पीठ हमारी तरफ थी
जैसे ही हम मुड़े हुमारा पैर किसी चीज़ से टकरा गया
और पानी का बर्तन गिर गया
इस आवाज़ से वो औरत जाग उठी और जैसे ही हमारी तरफ मूडी उस औरत चीख निकल गयी
हमारी आँखो से झर झर आँसू बह रहे थे
क्यूंकी वो औरत कोई और नही हमारी माँ थी
चीख सुनके वो मर्द भी उठ गया
और हमे देखके बोला
आदमी- अबे आज के लिए यह मेरी है
तुझे अगर चाहिए तो कल आना
[यह सुनके हमे अपने आप से घिन आने लगी
हम अपनी माँ को नफ़रत से देखने लगे
और उस जगह से बाहर की तरफ आने लगे
तभी कोई छत से कूद गया
और हमारे पैरो पे आगीरा
जैसे उसका चेहरा हम ने देखा हमारी चीख निकल गयी
और हम दो कदम पीछे हट गये
हमे कुछ भी समझ नही आया
तभी एक औरत दौड़ती हुई उस लाश के पास पहुँची और रोने लगी
औरत- अच्छा हुआ तू मर गयी
जब तेरे पति ने ही तुझे इस रंडीखाने में बेच दिया
तो तू जी क्या करती
मैं उस औरत का कंधा पकड़के झींझोर दिया
और उसे दो थप्पड़ भी मारा
तो वो हँसने लगी
औरत- तू इसका बेटा है ना
तेरे लिए ही यह यहाँ आई थी
तेरे बाप ने धमकी दी थी कि वो तुझे जान से मार देगा अगर तेरी मां यहाँ नही रहेगी तो
तेरी जान बचाने के लिए यह अपना जिस्म बेचती रही
और पता है अभी मुझसे क्या कही कि वो देख वो मेरा बेटा जा रहा है
तू जा उसके पास और उससे सिर्फ़ इतना कह कि हो सके तो अपनी माँ को माफ़ कर दे
मैं जैसे ही नीचे की तरफ आई
तेरी माँ मुझसे पहले ही तेरे पास पहुँच गयी
देख ना तेरे पैरो पे अपना सर रखे तुझसे माफी माँग रही है
हम ने नीचे देखा और पीछे हट गया
तभी कुछ लोग आए और हमारी माँ को उठाने लगे
लखन- हाथ मत लगाना
आदमी- अपना धंधा बंद कर दें इस रंडी के मरने से
[हम उस आदमी को कुछ नही बोले
बस अपनी माँ की लाश को उठाया और आगे बढ़ गये
अपनी माँ का अंतीमसंस्कार किया
फिर पहुँचे उसी लोहार की दुकान में
वो लोहार अभी भी काम कर रहा था
हम ने गरम भट्टी में से एक लोहा निकाल लिया
और वहाँ से बाहर आ गये वो हमे आवाज़ देता रह गया और हम आगे बढ़ते रहे
सबसे पहले हम पहुँचे अपने घर जहाँ हमारा बाप नशे में धुत्त चारपाई पे पड़ा हुआ था
हम ने पास में रखी पानी से भरी बाल्टी उठाई और अपने बाप पे उडेल दिया
हमारा बाप उठके बैठ गया
और हमे गुस्से से देखने लगा
गाली भी देने लगा
लखन- अभी हम अपनी माँ को शमशान में जला के आरहे हैं
और अब तुम्हारी बारी है
[हमारा बाप चारपाई से उठता उससे पहले ही हम ने भट्टी से निकला हुआ लोहा अपने बाप के सीने में उतार दिया
हमारा बाप तड़प तड़पके मारा
तभी लखन के कान में रमण की आवाज़ पड़ी
रमण- क्या सोच रहे हो लखन
तुम्हे मंज़ूर है कि नही
लखन- हाँ हमे मंज़ूर है
रमण- ठीक है तुम बाहर जाओ और मेरी बीवी को अंदर भेज दो
[लखन रूम से बाहर आ गया
और मीना के पास पहुँचा
मीना कुछ बोलती उससे पहले लखन अपना फोन निकालके ऑडियो प्ले कर देता है...
ऑडियो में रमण की कही हर एक बात थी
रमण ने अपनी बीवी और बेटी के बारे में जो कहा था वो भी
मीना धडाम से ज़मीन पे गिर पड़ती है
तभी एक लड़की दौड़ते हुए घर में घुसती है
और मीना के पास बैठ जाती है
लड़की- माँ क्या हुआ आप रो क्यूँ रही हैं
मीना- नेहा मेरा पति दरिन्दा है वो तुझे
नेहा- मुझे क्या माँ कुछ तो बोलो
[मीना और ज़्यादा रोने लगती है
नेहा- माँ क्या किया है पापा ने
लखन वो ऑडियो फिर से प्ले कर देता है
नेहा को आवाज़ कुछ जानी पहचानी लगती है
पूरा ऑडियो सुनने के बाद नेहा खड़ी हो जाती और लखन के गाल पे थप्पड़ मारने लगती है
लखन नेहा का हाथ पकड़ लेता है
नेहा- तुम ने उन्हे मजबूर किया होगा यह सब कहने पे
लखन- हम ने तुम्हारे बाप को कोई मजबूर नही किया है
अगर तुम्हे यकीन नही है तो कहो अपनी माँ से कि अभी तुम्हारे बाप के कमरे में जाए
सच्चाई अपने आप बाहर आजाएगी
नेहा- निकलो मेरे घर से
[तभी मीना खड़ी हो जाती है और सीधा रमण के रूम में पहुँचके गेट लॉक कर देती है
रमण अपनी बीवी से वोही कहता है नेहा को लखन ने किडनॅप किया हुआ है और वो तुम्हारे साथ सोना चाहता है
अगर तुम उसके साथ नही सोई तो वो नेहा के साथ ज़बरदस्ती करेगा
मीना- क्या यह सच है
रमण- नेहा की कसम
[बस इतना ही काफ़ी था मीना के लिए उसके सब्र का बाँध तोड़ने के लिए
मीना अपनी कमर से एक चाकू निकालती है
रमण कुछ समझता उससे पहले ही वो मीना वो चाकू रमण के सीने में उतार देती है
मीना- नीच ज़लील कमीने मेरी बेटी की झुटि कसम खाने की हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी
मेरी बेटी के बारे ऐसा गंदा तुमने सोचा भी कैसे
[मीना वो चाकू रमण के सीने में तब तक उतारती रहती है जब तक रमण मर नही जाता
फिर मीना रूम से बाहर आती है
अपने माँ के कपड़ो पे खून देखके नेहा दौड़ पड़ती है
मीना- तेरा बाप एक नीच और गिरा हुआ इंसान था नेहा
जब मैं उसके पास गयी तो उसने क्या कहा पता है
लखन ने नेहा को किडनॅप किया हुआ है
अगर तुम लखन के साथ नही सोई तो वो नेहा के साथ ज़बरदस्ती करेगा
इसी लिए मैने उसे मार डाला
नेहा- माँ तुमने यह क्या किया वो तुम्हारे पति थे हम उनसे अलग हो जाते
मीना- वो जब तुझे दाव पे लगा सकता था
तो क्या वो तुझे चैन से जीने देता
[दोनो माँ बेटी फुट फुटके रोने लगी
लखन- [मन में] माँ अगर आपने भी अपने पति के साथ ऐसा किया होता तो शायद हम भी ऐसे ना होते
[फिर मीना अपने आप को पोलीस के हवाले कर देती है
पोलीस को सब सच बता देती है
लखन से पूछताछ करने लगती है पोलीस
मुझे फोन आता है
तो मैं पोलीस स्टेशन पहुँचता हूँ
लखन मुझे पूरी बात बता ता है
[लखन अपने पास्ट के बारे में नही बता ता]
मैं अरविंद जी को कहके लखन की कार्यवाही जल्दी निपटवाई
और गाओं लौट आया
अगले दिन रमण का बेटा अपनी माँ कहने पे रमण का अंतीमसंस्कार करता है
इधर जब मैं गाँव लौटा तो लखन मुझे उदास दिख रहा था
मुझे तो लखन पे गुस्सा आरहा था कि उसने सारा प्लान फैल कर दिया
मैने उसे थोड़े ही कहा था कि रमण को मजबूर करे कि वो अपनी बेटी को दाव पे लगा दे
अगर रेकॉर्डिंग में सिर्फ़ मीना की ही बात होती
तो उसके मीना और उसके दोनो बच्चे उस से नफ़रत करते
यह तो हर कोई जानता है
एक माँ अपनी संतान के लिए किसी को भी फाड़ के रख देती है
[नोट] अपने हीरो को क्या पता कि रमण कितना गिरा हुआ इंसान था
मुझे लगता है कुछ लोगो ने कुछ और सोचा था
पर एक हिसाब से रीना के साथ जो हुआ
अगर रमण अपने हीरो की फॅमिली में किसी लड़की के साथ ऐसा करता तो क्या अपना हीरो रमण को मारने में देर करता
जवाब ज़रूर दीजिएगा...
हम गाओं पहुँचे लखन एक जगह गाड़ी रोक के मेरे सामने हाथ जोड़ दिया
लखन- छोटे मालिक हमे माफ़ कर दीजिए
दिलीप- लखन माफी माँगने की ज़रूरत नही है
पता है उसकी सज़ा मौत नही उससे बड़ी सज़ा उसे मिलनी चाहिए थी
उसको मारके उसकी बीवी मीना ने एक माँ का फ़र्ज़ पूरा किया है
और मेरी तरफ से बेस्ट लॉयर उसका केस लड़ेगा
कुछ दिन आराम करो
और हाँ मैं जानता हूँ कि वजह कुछ और है
लखन- आप अगर पूछेंगे तो मैं बता दूँगा
दिलीप- सिर्फ़ इतना बताओ किसके के लिए
लखन- माँ के लिए
[यही तो एक चीज़ जो मुझे कमज़ोर कर देता है
लखन बहुत उदास लग रहा था इसी लिए मैं उससे और कुछ भी नही पूछा
फिर हम घर पहुँचे
मुझे आज एलीना से सच्चाई जाननी थी]