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Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

राज दूध का ग्लास टेबल पर रखकर ..

फूलो से सजे बॅड पर बैठी अपनी दुल्हन के पास बैठते हुए अपने हाथो से राज डॉली का घूँघट हटाता है ...

राज ... ये चाँद सा चेहरा क्यूँ

घूँघट में छुपा रखा है ...

राज डॉली का चेहरा अपने हाथो में लिए हुए डॉली की खूबसूरती को एक टक देखता रह जाता है ...

डॉली को आज राज से बहुत शरम

आ रही थी...और इस वजह से डॉली की आँखे नही खुल रही थी ...

राज डॉली की खूबसूरती देखकर इस कदर

दीवाना हो जाता है की डॉली की तारीफ किए बिना रह नही पाता.....

तुमसे कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है

क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है

लाखों हैं मगर तुमसा यहाँ कौन हसीन है

तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है

सौ फूल खिले जब ये खिला रूप सुनहरा

सौ चाँद बने जब ये बना चाँद सा चेहरा

इतना भी कोई प्यार की राहों में ना गुम हो

बस होश है इतना की मेरे साथ में तुम हो

धड़कन है कहीं, दिल है कहीं, जान कहीं है

तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है

ये चाँदनी इन आँखों का साया तो नहीं है

क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है

ये होंथह ये पलकें ये निगाहें ये अदाएं

मिल जाए खुदा मुझको तो मैं ले लूँ बालाएँ

दुनिया का कोई गम भी मेरे पास ना होगा

तुम साथ चलोगे तो ये एहसास ना होगा

आकाश है पैरों में हमारे की ज़मीन है

तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है

ऐसा कोई महबूब ज़माने में नहीं है

क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है..

.................

राज डॉली को मूह दिखाई गिफ्ट में

गोल्ड की चेन गले में पहनाने लगता है ...और फिर डॉली को अपनी बाँहो में भरते हुए डॉली के ऊपर आने लगता है ..........
 
डॉली कल तक राज की बड़ी बहन होने का राज पर हक़ जताया करती थी...

मगर आज डॉली जैसे ही राज की दुल्हन बनती है ...

उसको राज से आँखे मिलाते हुए भी शरम आ रही थी...

राज डॉली के ऊपर आ चुका था. मगर डॉली अभी तक भी अपनी आँखे बंद किए हुए थी..

राज बाँहो में लिए हुए डॉली की ज़ुल्फो से खेल रहा था ...

उसके खूबसूरत चेहरे को अपनी आँखो से निहार रहा था...

आज दुल्हन बनकर डॉली पर अलग ही निखार आ गया था ....

राज ... डॉली अपनी आँखे खोलो

ना देखो आज अपने मिलन की रात है.. क्या तुम इस मिलन में मेरा साथ नही दोगि ........

राज की बाते सुन डॉली धीरे से अपनी पलके खोलती है..

राज एक टक अपनी नज़रो से डॉली को देखे जा रहा था ...

डॉली... ऐसे क्या देख रहे हो राज ..

राज ... देख रहा हूँ ये चाँद से चेहरे वाली लड़की मेरी किस्मत में

कहाँ से आ गई...

डॉली.. ओह राज मेरी इतनी तारीफ ना करो मुझे शरम आ रही है ....

राज ... सच डॉली तुम दुनिया की सबसे हसीन खूबसूरत लड़की हो..

राज के मूह से अपनी तारीफ सुनना डॉली को अच्छा लग रहा था. ऐसा दिल कर रहा राज बस उसकी तारीफ करते करते सारी उमर गुज़ार दे ....

राज अपना चेहरा डॉली के करीब बहुत करीब ले आता है...

इतना करीब की दोनो के होंटो आपस में टच होने लगे थे ....

डॉली.. राज पहले लाइट्स बंद कर दो ना ....

राज ... अब हमारे रूम की लाइट कभी बंद नही होगी डॉली ..

इस खूबसूरती का दीदार अपनी आँखो से हर पल करना चाहता हूँ ...

डॉली... ओह राज वादा करो मुझे हमेशा ऐसे ही प्यार करोगे ना ..

राज .. हा डॉली में वादा करता हूँ

मरते दम तक सातो जनम तक तुम्हे ऐसे ही अपनी बाँहो में लेकर प्यार करता रहूँगा..

ये सुनकर डॉली राज के होंटो से अपने होत लगा लेती है ...

डॉली के गुलाबी लिपस्टिक लगे होंठ जेसे ही राज के होंटो से मिलते है..राज अपने होंटो से उनका रस निचोड़ने लगता है .... ....

आज डॉली के होंठ राज को बहुत रसीले लग रहे थे ..जिनकी मिठास राज को दीवाना बना रही थी...

डॉली भी अपने होंठ चलाते हुए किस करने में राज का साथ देने लगती है....
 
डॉली के गुलाबी लिपस्टिक लगे होंठ जेसे ही राज के होंटो से मिलते है..राज अपने होंटो से उनका रस निचोड़ने लगता है .... ....

आज डॉली के होंठ राज को बहुत रसीले लग रहे थे ..जिनकी मिठास राज को दीवाना बना रही थी...

डॉली भी अपने होंठ चलाते हुए किस करने में राज का साथ देने लगती है....

राज और डॉली दीवानो की तरह एक दूसरे के होंटो को चूस रहे थे ...

जाने कितनी बार राज किस करते हुए

डॉली के होंटो को काट भी लेता है..

मगर डॉली को आज राज के करने का बिल्कुल दर्द नही होता..बल्कि दर्द से ज़्यादा डॉली को मज़ा कटवाने में आ रहा था ....

और डॉली खुद भी राज के होंटो को

किस करते हुए कई बार काट लेती है ...

इतना मज़ा किस करते हुए दोनो को पहले कभी नही मिला था ...

राज के जिस्म में उत्तेजना आनी शुरू हो चुकी थी किस करते करते राज अपने हाथ नीचे सरकने लगता है.. और कपड़ो के ऊपर से ही डॉली के ब्रेस्ट पकड़ लेता है..और उन्हे अपने हाथो मसलने लगता है ...
 
डॉली... ओह्ह्ह राज ये क्या कर रहे हो ये मम्मी का लहंगा है सारा खराब हो जायगा ...

राज ... डॉली अपने मिलन की घड़ी आ चुकी है और अपने मिलन में ये कपड़े बढ़ा बने हुए है..

अब अपने जिस्म को इन कपड़ो की क़ैद से आज़ाद करा दो. में तुम्हारे जिस्म को छुना चाहता हूँ महसूस करना चाहता हूँ प्यार करना चाहता हूँ ...

]

डॉली... राज अब में तुम्हारी हूँ मेरे जिस्म पर तुम्हारा हक़ है जेसा दिल चाहे वैसे मेरे जिस्म से खेलो प्यार करो ...

इतना कहकर डॉली अपने झुमके बिंदिया गहने चूड़िया उतारने लगती है ...

डॉली एक एक कर अपने जिस्म से सारी चीज़े उतार देती है..

अब डॉली खड़ी होकर अपने जिस्म से लहंगा भी उतारने लगती है ...

डॉली लहंगा उतार कर राज के सामने सिर्फ़ ब्रा पेंटी में आ चुकी थी ..

राज डॉली का ये सेक्सी रूप देखकर अपने होश ही खोने लगा था .बिल्कुल अप्सरा लग थी डॉली..

राज आगे बढ़कर डॉली को अपने गले से लगा लेता है..

डॉली राज की बाँहो में टूटे पत्ते की तरह आ जाती है ...

राज डॉली को अपनी बाँहो में लिए

बड़े ही कामुक आवाज़ में एक गाना गुनगुनाने लगता है ...

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जिसे सुनकर डॉली भी मदहोश सी होने लगती है ...

राज .....रूप तेरा मस्ताना प्यार मेरा दीवाना भूल कोई हम से ना हो जाए..

राज गाना गाते गाते डॉली को अपने होंटो से चूमते हुए प्यार भी कर रहा था....

और ऐसे ही प्यार करते करते राज डॉली की ब्रा के ऊपर अपना मूह रख देता है और अपने हाथ पीछे ले जाकर ब्रा का हुक खोल देता है ...

ब्रा में क़ैद दोनो कबूतर अपने पर फड्फडा ते हुए आज़ाद हो जाते है ...

डॉली के उभारों की सुंदरता देखते ही बनती थी ..नॉकदार निप्पल लिए 32 साइज़ की चुचियाँ डॉली की खूबसूरती पर चार चाँद लगा रही थी ...

डॉली की नज़रे फिर से

शरमा रही थी ...

राज अपने गानो की लाइनों से डॉली को मदहोश किए जा रहा था ...

राज .. रात नशीली मस्त समा है आज नशे में सारा जहाँ है...

आए शराबी मौसम बहकआइई..

डॉली बहकने लगी थी ..

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राज अपने हाथो का कमाल डॉली की चुचियों को धीरे धीरे सहलाते हुए दिखा रहा था ...

राज के ऐसा करने से डॉली के जिस्म में वाक़ई चिंगारी सुलगने लगी थी.. डॉली के दिल की धड़कन भी तेज़ होने लगी थी ...

मूह से मीठी मीठी आ निकालने लगी थी.. डॉली को कुछ होने लगा था जिस्म मछली की तरह मचलने लगा था ..

डॉली यू ही तड़पति हुई राज की आँखो से आँखे मिलाती है ...

राज....आँखों से आँखें मिलती हैं ऐसे बेचैन होके तूफान में जैसे मौज कोई साहिल से टकराए .....

डॉली की चिंगारी सुलगते सुलगते शोला बन चुकी थी ...

डॉली... और कितना तड़पाओगे राज मुझे औरत बना दो राज..

अब ये कली फूल बनकर खिलना चाहती है..

[IMG]]

राज डॉली को चूमते हुए अपनी गोद में उठा कर फिर से बॅड पर लिटा देता है...

और राज अपने सारे कपड़े उतार कर नंगा हो जाता है ...
 
राज डॉली को चूमते हुए अपनी गोद में उठा कर फिर से बॅड पर लिटा देता है...

और राज अपने सारे कपड़े उतार कर नंगा हो जाता है ...

राज का लंड पूरे अट्रॅक्षन लिए टाँगों के बीच में किसी स्प्रिंग की तरह झूल रहा था ...

डॉली के जिस्म पर सिर्फ़ एक पेंटी ही बची थी जिसे राज आगे बढ़कर अपने हाथो से उतार देता है ...

]

राज की नज़रे डॉली की क्लीन शेव चूत पर पड़ती है ...

डॉली की चूत कितनी प्यारी लग रही थी आज बड़ा ही नूवर झलक रहा था चूत पर ...

राज तो चूत की सुंदरता पर इतना मोहित हो गया की अपनी पलके झपकाना ही भूल गया ..

डॉली... ऐसे क्या देख रहे हो राज ..

राज ... देख रहा हूँ डॉली कितनी हसीन लग रही हो तुम...

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तुम्हारे जिस्म के रोए रोए को महसूस करूँ उसे इतना प्यार करूँ ...

डॉली... ऊओ राज जेसा तुम्हारा दिल चाहे वाइज़ प्यार करो अब में तुम्हारी हूँ बस तुम्हारी अपने प्यार के अमृत से मेरी सूखी ज़मीन का हरा कर दो ....

राज फॉरन डॉली की चूत पर अपने

हाथ फेरने लगता है ...

डॉली.... आआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईई

कितनी चिकनी चूत थी डॉली की राज का हाथ भी रपट रहा था फेरने पर..राज जेसे ही अपने प्यासे होंठ डॉली की चूत पर रखता है..

[IMG]]

डॉली हवा में उछलने लगती है राज चूत की काली जो आपस में चिपके हुए थी उसके बीच में अपनी जीब से खोलने की कोशिश करने लगता है ...

राज अपनी जीब से चूत को चाट रहा था जिससे चूत की काली खिलने को और भी बेताब होने लगती है ..

डॉली.... आआईीइसस्स्सीईई

आआअहह सस्सीईईईई

राज प्लीज़ अब और ना तडपाओ जल्दी से मुझे औरत बना दो ...

...[IMG]]

राज के होंठ लगकर डॉली की चूत और भी गीली हो चुकी थी..

डॉली अब राज के लंड को अपने अंदर लेने के लिए पूरी तरह वियाक़ुल हो चुकी थी ...

डॉली की तड़प देखकर राज अपने होंठ चूत से हटा कर बिल्कुल डॉली की टाँगों के बीच आ जाता है.. और अपने लंड को हाथो से पकड़कर डॉली की छोटी सी चूत की फांको पर फेरने लगता है ..

[IMG]]

राज डॉली को बेपनाह मुहब्बत करने लगा था राज के लिए डॉली जिगर का टुकड़ा बन चुकी थी ..

डॉली की चूत पर अपना लंड रगड़ते हुए राज को अपने लंड

का रूप किसी दानव जेसा भयानक लगने लगा था जो एक धक्के में डॉली की चूत के चिथड़े चिथड़े उड़ा सकता था ...

ये सोचकर राज से डॉली की चूत में धक्का नही लग रहा था..

राज यू ही काफ़ी देर तक अपने लंड को चूत के ऊपर ऊपर रगड़ता रहता है ...
 
डॉली राज के लंड को अपने हाथ से पकड़कर अपनी चूत में लेने लगती है ...

डॉली... राज क्यूँ मेरे सबर का इम्तहान ले रहे हो प्लीज़ धक्का मारो ना....

राज ....नही डॉली ये मुझसे नही होगा..में तुम्हे अपनी जान से ज़्यादा प्यार करता हूँ ..

तुम्हे घायल कर दूँ ऐसा तो में कभी सोच भी नही सकता ...

राज का अपने लिए इतना प्यार देखकर डॉली उठकर राज के गले लग जाती है ....

डॉली .. ओह्ह्ह राज इतना प्यार करते हो मुझसे ...

डॉली को लगता है राज से ये सब नही होगा उसे खुद ही कुछ करना पड़ेगा ...

डॉली राज को ढकलते हुए बॅड पर लिटाती है.. राज का लंड डॉली की आँखो के सामने किसी खंबे की तरह खड़ा हुआ था ...

डॉली अपनी टाँगे राज के इर्द गिर्द करते हुए बिल्कुल लंड के उपर खड़ी हो जाती है और नीचे होते हुए अपने हाथ से राज का लंड पकड़कर अपनी चूत के छोटे से छेद में सेट करते हुए अपना शरीर ढेला छोड़ देती है ..

जिससे डॉली का पूरा भार राज के लंड पर पड़ता है और लंड छर्ररर करता हुआ डॉली की चूत को चीरते हुए अंदर घुसता चला जाता है....

डॉली.... आाआईयईईईईईईईईईई मररररर गैिईईईईईईईई राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज आआआआआई

मगर राज की पोज़िशन ऐसी थी राज कुछ कर नही सकता था

डॉली की चूत से निकले खून ने राज के लंड का अभिषेक कर दिया था ...

डॉली बुरी तरह दर्द से तड़पति हुई अपनी आँखे बंद किए काफ़ी देर राज के ऊपर यू ही बैठी रहती है ...डॉली की मेहनत ने उसे

काली से फूल बना दिया था ..

औरत बन चुकी थी डॉली....

चूत में जड़ तक लंड समाया हुआ था ...करीब 5 मिनिट बाद डॉली को अपनी चूत में थोड़ी राहत महसूस होती है ...

डॉली थोड़ा थोड़ा हिलने की कोशिश करती है ...

लंड चूत में बुरी तरह फसा हुआ था डॉली के हिलने से फिर दर्द होने लगता है ....

डॉली फिर भी अपना दर्द भूलकर ऊपर नीचे होते हुए अपनी चूत में जगह बनाने लगती है ....

डॉली के मेहनत फिर से रंग लाती है और अब धीरे धीरे चूत में फसा हुआ लंड अंदर बाहर होना शुरू हो चुका था ...

डॉली की दर्द भरी सिसकारियाँ बदल चुकी थी अब डॉली की सिसकारियाँ कामुक हो गई थी ...

आआहह आअहह आअहह आअहह आअहह ऊओह आअहह आअहह आअहह आअहह आअहह आअहह आअहह

डॉली राज के लंड पर उठक बैठक लगाती जा रही थी ..जेसे डॉली स्वर्ग की सेर करते हुए लंड की सवारी कर रही हो ...

डॉली को असीम सुख मिलने लगा था ...

आआहह आआहह आअहह सस्स्सीई ऊओह आआहह

अब डॉली झड़ने के करीब आ चुकी थी और अगले पल डॉली के चूत रस से राज का लंड नहा जाता है.. और अगले पल राज भी अपने वीर्य की पिचकारी से डॉली की चूत को भर देता है .....

डॉली सकूँन की साँसे लेती हुई राज के सीने पर अपना चेहरा रखकर आँखे बंद कर लेती है ...
 
डॉली को अपने भाई का बहुत प्यारा बर्तडे गिफ्ट मिल चुका था..

डॉली राज से चुदकर काली से फूल बन चुकी थी...

डॉली ये अनमोल गिफ्ट पाकर बहुत खुश थी..

तृप्त हुई डॉली नंगा जिस्म राज के सीने पर रखकर अपनी आँखे बंद किए लेटी थी ...

डॉली जिस राज कुमार के सपने देखा करती थी .. अपने भाई के रूप में आज डॉली को वो राज कुमार मिल चुका था...

अपने भाई की जीवन संगनी बन चुकी थी डॉली. दोनो सात जनम साथ निभाने की कसमे खा चुके थे ...

मगर राज के सीने पर लेटे हुए डॉली को अपने पापा का अधूरा प्यार याद आ जाता है..

पापा का अधूरा प्यार याद करते ही डॉली को घबराहट सी होने लगती है ..

उसे लगता है कही पापा की तरह उसका प्यार भी अधूरा तो नही रह जायगा..

ये सोचते ही डॉली राज की तरफ देखती हुई...

डॉली... राज में ऐसे ही तुम्हारी बाँहो में सारी ज़िंदगी रहना चाहती हूँ... तुम्हारे बिना अब एक पल भी जी नही पाउन्गी बहुत प्यार करती हूँ तुमसे..

राज ... दीदी में भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और ज़िंदगी भर करता रहूँगा..

डॉली.. भाई क्या हमारा प्यार ये दुनिया वाले समझ पायंगे ...

डॉली की इस बात का जवाब राज कुछ इस तरह से देता है ...

राज ... कुच्छ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना

छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना

कुच्छ रीत जगत की ऐसी है हर एक सुबह की शाम हुई..

तू कौन है तेरा नाम है क्या सीता भी यहाँ बदनाम हुई

फिर क्यों संसार की बातों से, भीग गये तेरे नैना

कुच्छ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना

हम को जो ताने देते हैं, हम खोए हैं इन रंग-रलियों में

हम ने उन को भी छुप छुप के आते देखा इन गलियों में

ये सच है झूठी बात नही तुम बोलो ये सच है ना

कुच्छ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना

छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना

...

राज के इस गाने ने डॉली को थोड़ा रिलॅक्स फील करा दिया था ..जिससे डॉली के चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान खिल जाती है ... राज भी अपनी दीदी का खिला चेहरा देखकर मुस्कुरा देता है ...

राज ... बस दीदी आप ऐसे ही मुस्कुरा ती रहा करो मुस्कुराते हुए बहुत हसीन लगती हो ....

ये कहकर राज अपनी दीदी को अपने ऊपर खीच लेता है बिल्कुल होंटो के करीब..और डॉली के गुलाबी होंटो पर अपने होंठ रख देता है ...

डॉली जैसे ही ऊपर होती है..उसकी चूत बिल्कुल लंड के सेंटर में आ जाती है.

चूत के टच से राज का लंड पल भर में खड़ा होकर सीधा डॉली की चूत में घुसने लगता है ...

डॉली को अपनी चूत पर राज का लंड चुबने लगता है ...

डॉली... भाई नीचे कुछ चुभ रहा है ..

राज ... क्या चुभ रहा है दीदी

डॉली..भाई तुम्हारा वो..

राज .. दीदी नाम लेकर बताओ ना मेरी तो कुछ समझ नही आ रहा ...

डॉली... उफफफ्फ़ भाई तुम भी ना मुझे ज़रूर बेशरम बना दोगे ...

राज ... दीदी अब हम पति पत्नी बन चुके है..और अब हमारे बीच ये शरम कहाँ से आ गई ...

डॉली... अच्छा बाबा बताती हूँ..तुम्हारा लंड मेरी चूत पर चुभ रहा है ...

अपनी दीदी के मूह से लंड चूत शब्द सुनकर राज का लंड और खड़ा हो जाता है ...

राज ... दीदी ये हुई ना कुछ बात अब मुझे लग रहा है जेसे मेरी पत्नी ने जवाब दिया हो ... ...

राज ... दीदी मेरा लंड चुसोगी ..

डॉली हा में गर्दन हिलाती है ..

राज .. दीदी अब इशारो से काम नही चलेगा जब बेशरम बनना है तो खुल कर बोलो ...

डॉली... हा भाई हा मुझे तुम्हारा लंड चूसना है ...

राज. ... ऊहह दीदी क्या बात है तुम्हारी अदा पर क्यूँ ना मर जाऊ ....

राज बॅड पर पलटते हुए 69 पोज़िशन बना लेता है.. जिससे राज का खड़ा लंड सीधा डॉली के मूह के बिल्कुल पास आ जाता है ... और दीदी की चूत के करीब राज का चेहरा आ जाता है ...

राज की नज़र जेसे ही दीदी की चूत पर पड़ती है..राज को चूत के चारो तरफ खून के धब्बे दिखाई देते है ...

चूत की ऐसी हालत देखकर राज को अपनी दीदी पर और भी प्यार आ जाता है ...

और अगले पल राज को अपने लंड पर बड़ी ठंडक का अहसास होता है ..डॉली राज के लंड को अपने मूह में ले चुकी थी ...

और बिल्कुल लॉली पोप आइसक्रीम की तरह अपने भाई का लंड चूस रही थी ..
 
राज के होंठ भी अपनी दीदी की चूत के होंटो से मिल चुके थे.. जो इस वक़्त कली से फूल बनकर अलग अलग हो चुके थे .. और राज चूत के दोनो होंटो के बीच अपनी जीब अंदर घुसाता चला जाता है ...

डॉली को बड़ा मीठा सा दर्द होता है ..

दोनो भाई बहन सुहाग रात का पूरा लुफ्त लेते हुए मंज़िल की तरफ बढ़ने लगते है ...

जेसे ही डॉली झड़ने के करीब पहुचती है अपनी कमर हवा में उछालने लगती है राज को भी अपनी दीदी के झड़ने का अहसास हो जाता है और राज अपनी जीब को फांको के बीच गोल गोल घुमाने लगता है जिससे डॉली और भी तड़प जाती है...

डॉली के मूह से मस्ती भरी सिसकारियाँ निकलने लगती है ..

आआआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईई

जिससे राज का लंड डॉली के मूह बाहर आ जाता है ..

और पल अपनी चूत से रस की धारा बहते हुए बाहर आने लगती है ...

डॉली... आआआ गगगगगगगाआआअ सस्सीए उउउम्म्म्मममममम आआईयईई

डॉली धीरे धीरे झड़ती चली जाती है ....

अपनी साँसे नॉर्मल करके डॉली फिर से राज का लंड अपने मूह में लेकर राज को ब्लोजोब देने लगती है..कुछ देर की मेहनत का फल डॉली को मिल जाता है

राज का अमृत जेसा लिक्विड उसके गले में उतर चुका था ....

दोनो एक बार फिर तृप्त हो चुके थे

मगर आज की रात दोनो की सुहाग की रात थी.. डॉली अपने भाई के लिए एक ग्लास और बादाम वाला दूध ले आती है जिसे पीकर राज फिर से तैयार हो जाता है ...

और अपनी दीदी को डॉगी स्टाइल बनाकर अपना लंड चूत में डाल देता है ...

सुबह के 4 बजे जाकर दोनो भाई बहन की आँख लगती है ..इस बीच डॉली और राज ने 4 बार सेक्स कर लिया था ....
 
सुबह को डॉली की आँखे काफ़ी देर से खुलती है..डॉली बिस्तर से उठते हुए राज को देखती है ...

डॉली को एक बार फिर राज पर प्यार सा आ जाता है और झुकते हुए डॉली राज के माथे को चूम लेती है ...

सुबह के 9 बज चुके थे डॉली बिस्तर से उतर ते हुए जेसे ही अपने पर ज़मीन पर रखती है ... उसे अपनी टाँगों के बीच असहनिए दर्द महसूस होता है ...

डॉली... आआईयईीीइसस्स्स्शह ...

बहुत दर्द हो रहा था डॉली को अपनी चूत पर...

फिर भी डॉली लड़खड़ाती कदमो से चलती हुई डॉली बाथरूम में पहुचती है... और शवर खोलकर पानी के नीचे खड़ी हो जाती है ...

शवर लेते हुए डॉली को बड़ा सकूँ मिल रहा था.

काफ़ी देर नहाने के बाद डॉली अपने जिस्म पर टवल लपेट कर बाहर आती है और राज के पास आकर उसे उठाते हुए ....

डॉली... गुड मॉर्निंग मेरे सरताज

उठ जाओ अब ...

राज धीरे से अपनी आँखे खोलते हुए ..

राज ... गुड मॉर्निंग माइ लव ..

और ये कहते हुए राज अपनी दीदी को खिच कर अपने होंटो से लगा लेता है ..

डॉली.. छोड़ो मुझे भाई देखो 10 बजने वाले है मम्मी पापा कभी भी आ सकते है...

राज को भी लगता है पूरे घर की हालत बदल चुकी है उसे ठीक करने में बहुत टाइम लगेगा ...

राज अपने ऊपर से चादर हटा बिस्तर से उतरता है..राज का नंगा जिस्म एक बार फिर से डॉली के सामने आ जाता है ..

राज का लंड फिर से खड़ा हुआ डॉली को घूर रहा था ...

डॉली .. भाई ये क्या हर वक़्त खड़ा ही रहता है ...

राज .. दीदी तुम्हारे सामने बैठने की हिम्मत नही है बेचारे में ...

राज की बातो से डॉली मुस्कुराते हुए

डॉली... भाई जाओ जल्दी से फ्रेश हो जाओ

कही ये सेक्स करने को ना कहने लगे..

राज भी अपनी दीदी की तरफ मुस्कुराते हुए बाथरूम में चला जाता है ...

डॉली अपने कपड़े पहनकर पहले राज के कमरे की सफाई करती है ...

बॅड पर बिछी चादर पर जगह जगह

खून के धब्बे लगे हुए थे ...

डॉली खून से सनी चादर हटाकर

दूसरी चादर बिछा देती है ..

राज फ्रेश होकर बाहर आता है और डॉली को अपनी बाँहो में भर लेता है ...

डॉली... भाई अब हमारी शादी हो चुकी है.. क्या मम्मी पापा के आने बाद हमे फिर से अलग रहना पड़ेगा...

दीदी के इस सवाल का जवाब राज के पास भी नही था ..

राज को चुप देखकर डॉली फिर से पूछती है ...

डॉली.. बोलो ना भाई अब में तुम्हारे बिना एक पल जी ना पाउन्गी ...

राज ... ओह्ह्ह्ह्ह दीदी में भी तुम्हारे बिना अब जी ना पाउन्गा..अब तुम मेरी धरम पत्नी बन चुकी हो..आज के बाद तुम हमेशा मेरी ही बाँहो में ही सोया करोगी ... ...

राज अपनी दीदी को अपने साथ सुलाने का

वादा कर लेता है ...

मगर राज और डॉली को क्या मालूम था

आने वाला वक़्त कितना बड़ा तूफान लेकर आयगा ....
 
मगर राज और डॉली को क्या मालूम था

आने वाला वक़्त कितना बड़ा तूफान लेकर आयगा ....

करीब 11 बजे मम्मी पापा और ज्योति देहरादून से लौट आते है ...

पापा के चेहरे की खुशी देखकर डॉली का दिल घबराने लगता है ...

और जेसे ही उसके पापा बोलते है ..

डॉली के पैरों तले ज़मीन खिसक जाती है ...
 
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