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Guest
राज दूध का ग्लास टेबल पर रखकर ..
फूलो से सजे बॅड पर बैठी अपनी दुल्हन के पास बैठते हुए अपने हाथो से राज डॉली का घूँघट हटाता है ...
राज ... ये चाँद सा चेहरा क्यूँ
घूँघट में छुपा रखा है ...
राज डॉली का चेहरा अपने हाथो में लिए हुए डॉली की खूबसूरती को एक टक देखता रह जाता है ...
डॉली को आज राज से बहुत शरम
आ रही थी...और इस वजह से डॉली की आँखे नही खुल रही थी ...
राज डॉली की खूबसूरती देखकर इस कदर
दीवाना हो जाता है की डॉली की तारीफ किए बिना रह नही पाता.....
तुमसे कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है
क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है
लाखों हैं मगर तुमसा यहाँ कौन हसीन है
तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है
सौ फूल खिले जब ये खिला रूप सुनहरा
सौ चाँद बने जब ये बना चाँद सा चेहरा
इतना भी कोई प्यार की राहों में ना गुम हो
बस होश है इतना की मेरे साथ में तुम हो
धड़कन है कहीं, दिल है कहीं, जान कहीं है
तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है
ये चाँदनी इन आँखों का साया तो नहीं है
क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है
ये होंथह ये पलकें ये निगाहें ये अदाएं
मिल जाए खुदा मुझको तो मैं ले लूँ बालाएँ
दुनिया का कोई गम भी मेरे पास ना होगा
तुम साथ चलोगे तो ये एहसास ना होगा
आकाश है पैरों में हमारे की ज़मीन है
तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है
ऐसा कोई महबूब ज़माने में नहीं है
क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है..
.................
राज डॉली को मूह दिखाई गिफ्ट में
गोल्ड की चेन गले में पहनाने लगता है ...और फिर डॉली को अपनी बाँहो में भरते हुए डॉली के ऊपर आने लगता है ..........
फूलो से सजे बॅड पर बैठी अपनी दुल्हन के पास बैठते हुए अपने हाथो से राज डॉली का घूँघट हटाता है ...
राज ... ये चाँद सा चेहरा क्यूँ
घूँघट में छुपा रखा है ...
राज डॉली का चेहरा अपने हाथो में लिए हुए डॉली की खूबसूरती को एक टक देखता रह जाता है ...
डॉली को आज राज से बहुत शरम
आ रही थी...और इस वजह से डॉली की आँखे नही खुल रही थी ...
राज डॉली की खूबसूरती देखकर इस कदर
दीवाना हो जाता है की डॉली की तारीफ किए बिना रह नही पाता.....
तुमसे कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है
क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है
लाखों हैं मगर तुमसा यहाँ कौन हसीन है
तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है
सौ फूल खिले जब ये खिला रूप सुनहरा
सौ चाँद बने जब ये बना चाँद सा चेहरा
इतना भी कोई प्यार की राहों में ना गुम हो
बस होश है इतना की मेरे साथ में तुम हो
धड़कन है कहीं, दिल है कहीं, जान कहीं है
तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है
ये चाँदनी इन आँखों का साया तो नहीं है
क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है
ये होंथह ये पलकें ये निगाहें ये अदाएं
मिल जाए खुदा मुझको तो मैं ले लूँ बालाएँ
दुनिया का कोई गम भी मेरे पास ना होगा
तुम साथ चलोगे तो ये एहसास ना होगा
आकाश है पैरों में हमारे की ज़मीन है
तुम जान हो मेरी तुम्हें मालूम नहीं है
ऐसा कोई महबूब ज़माने में नहीं है
क्या चीज़ हो तुम खुद तुम्हें मालूम नहीं है..
.................
राज डॉली को मूह दिखाई गिफ्ट में
गोल्ड की चेन गले में पहनाने लगता है ...और फिर डॉली को अपनी बाँहो में भरते हुए डॉली के ऊपर आने लगता है ..........