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पार्ट - 28
मौसी को देखते हुए मैं अपना लन्ड थोड़ा थोड़ा मौसी की गाँड़ पर दबा रहा था और सोच रहा था कि आज के दिन में क्या क्या हो गया मेरे साथ। मेरे परिवार की सभी औरते जिनको मैं देवियां मानता था, वो सब रंडियां निकली। तभी मौसी बोली
मौसी- राज क्या हुआ तुझे बेटे, क्या सोच रहा है।
राज- कुछ नही मौसी।
मौसी- नही बेटे, कुछ तो सोच रहा है, बता तेरा ध्यान किधर है।
राज- नही मौसी मैं तो बस टीवी देख रहा था।
मौसी- नही बेटे, जब भी हम ऐसे लेट कर टीवी देखते है तो तू हमेशा मेरे साथ चिपक कर मेरे कंधे पर सर रखकर देखता है, आज तेरा ध्यान टीवी पर नही कहीं और है।
तभी देव बोला
देव (मुझे आँख मारते हुए)- हाँ माँ, राज कह रहा था कि आज वो थक गया है बहुत, शरीर दर्द कर रहा है।
मौसी(मुझे गले लगाते हुए)- मेरा बेटा, पहले बताता आ मैं तेरी मालिश कर दूँ।
राज- नही मौसी, सोऊंगा तो ठीक हो जाऊंगा। देव से पूछ लो वो भी थका होगा। या आप थकी हो तो हम दोनों आपकी मालिश कर देते है।
देव- नही भाई, मैं बिल्कुल ठीक हूँ।
राज- मौसी आप बताओ आपको मालिश कर दे।
मौसी(अंगड़ाई लेते हुए)- हाँ बेटा, बदन तो मेरा भी दर्द कर रहा है, पर तू सोजा, देव मेरी मालिश कर देगा।
देव- हाँ माँ, अभी कर देता हूं।
देव ने मौसी के बैग से सरसों का तेल निकाला और पूछा कहाँ से शुरू करुंतो मौसी बोली बस पैरो की कर दे।
देव ने पहले मौसी के पैर पर तेल लगाया और मालिश करनी शुरू कर दी।
मौसी- आजा राज तू मेरी ऊपर आज सर रख कर नही सोयेगा।
तो मै मौसी के ऊपर सर रखकर लेट गया, जिस से मेरा मुह मौसी की चुचियों के बिल्कुल पास आ गया।
नीचे देव मौसी के पैरो की मालिश कर रहा था, साथ मे मौसी की चूत की तरफ भी देख रहा था।
अब मेरा मुह मौसी की चुचियों के पास था, तो मुझे मौसी के जिस्म से बहुत अच्छी महक आ रही थी, जिस से मेरी नींद उड़ गई और मैं अपना मुह मौसी की चुचियों के पास ले गया। मौसी का एक हाथ मेरे सर पर था, जो वो मेरे बालो में भी घूम रही थी।नीचे निक्कर में मेरा लन्ड खड़ा था, जो देव ने देख लिया। इतने में मौसी ने अपनी एक टांग मोड़ी ओर फिर देव को मालिश करने को बोली। देव का ध्यान मौसी की चूत वाली साइड था, जो मौसी की पैंटी से ढकी हुई थी। तभी मैं मौसी से थोड़ा लग हुआ और अपनी टी शर्ट उतारी ये बोलते हुए की गर्मी लग रही है। फिर मैं वापिस पहले की तरह मौसी की चुचियों के पास मुह रख कर सोने लगा, पर इस बार मैंने अपना मुँह लगभग मौसी की चुचियो के ऊपर ही रखा। मौसी भी वापिस अपना एक हाथ मेरे सर पर रख दिया। अब मैंने अपना एक हाथ मौसी के पेट पर रखा, ओर नाभि में उंगली करने लगा, ऐसे मैं मजाक में मौसी के साथ पहले भी सोते हुए करता था, वो कुछ नही बोलती थी, पर आज मेरा मन कुछ ज्यादा ही करने को हुआ, तो मैंने अपनी कमर मौसी के पास लाया और अपना लन्ड मौसी की मोटी मोटी जांघों के एक साइड से सटा दिया और धीरे धीरे दबाने लगा। ऊपर भी अपने सर से मैं मौसी की चुचियों को हल्का हल्का दबा रहा था और जीभ बाहर निकाल कर थोड़ी सी चूची भी चाट लेता था। देव ये सब देख रहा था, ओर खुद का लन्ड भी दबा रहा था। कुछ देर ऐसे ही चलता रहा।
अब देव भी पैरो पर मालिश करता करता मौसी की जांघों पर मालिश कर रहा था, तो देव बोला।
देव- राज जरा पीछे होना, मुझे मम्मी की जांघों मालिश करनी है।
मौसी- देव राज को क्यो पीछे कर रहा है। ऐसे ही कर दे।
देव- मम्मी राज की निक्कर गंदी हो जाएगी, इसलिए बोल रहा हुँ।
मौसी- ठीक है बेटा।
फिर मैं पीछे होने लगा तो देव बोला।
देव- राज ऐसे कर तेरी निक्कर उतार कर साइड में रख दे। फिर वापिस ऐसे लेट जाना।
मन तो मेरा भी यही कर रहा था, पर मैंने कच्छा नही पहना था, ये बात देव को नही पता थी।
राज- नही कोई बात नही। मैं साइड में लेट जाता हूँ।
मौसी- नही बेटा, तू निक्कर उतार कर ऐसे ही लेटा रह।
देव- राज निकाल निक्कर जल्दी फिर मैं तेरी मालिश भी कर दूंगा मम्मी के साथ ही।
मैंने उसे इशारे से समझाया कि मैंने कच्छा नही पहना, तो वो मज़े लेने के लिए वापिस बोला, जल्दी कर, फिर मुझे भी सोना है।
मौसी- क्या हुआ राज, उतार दे निकर।
राज- मौसी, वो वो मैंने।
मौसी-क्या मैंने, जल्दी उतार।
राज- मुझे शर्म आती है।
मौसी- बस इतनी सी बात, फिर क्या हुआ, मैंने तुझे बहुत बार नंगा देखा है। तू भी तो मेरे बेटे जैसा है, मुझसे क्या शर्माना। मैं भी तो ब्रा पैंटी में हु तेरे सामने।
राज- नही मौसी मुझे शर्म आती है।
देव- इसमे शर्माना क्या, ले मैं भी अपने कपड़े भी उतार देता हूं।
मौसी- हाँ देव, उतार दे,
फिर देव ने कच्छे के अलावा सारे कपड़े उतार दिए।
मौसी(अपनी ब्रा उतरते हुए)- ले मैंने भी उतार दिए, अब तू भी सिर्फ कच्छे में आ जा।
मैं और देव तो मौसी की नंगी चुचियाँ देखते रह गए। मेरे सिर से भी बड़ी एक चूची, 4 इंच की निप्पल, दूध की तरह गौरी चूची उस बड़ी सी पर गुलाबी निप्पल, 44d होने के बाद भी मौसी की चुचिया नीचे ढल कर नही बल्कि इंग्लिश पोर्न स्टार कैरेन फिशर की तरह पूरी तनी हुई थी, ओर बहुत टाइट भी थी। जिसे देख कर मुझे तो चुचियाँ चूसने का मन हो रहा था। तभी मौसी बोली।
मौसी- क्या देख रहे हो बच्चों, चल राज निक्कर उतार।
राज- मौसी मैंने कच्छा नही पहना हुआ।
मौसी(हंसते हुए)- लगता है आज तो तू मुझे पूरी नंगी करवा कर ही छोड़ेगा।
फिर मौसी खड़ी हुई और अपनी ब्रा उठा कर बाथरूम में जाने लगी।
मैं और देव मौसी को देख रहे थे, उनकी गाँड़ बहुत बड़ी थी, मौसी वाशरूम की तरफ जा रही थी, हम मौसी की बड़ी गाँड़ हिलती हुई देख रहे थे, मौसी जैसे ही पैर उठा कर आगे रखती थी तो जैसे तराजू के पलड़े इधर उधर होते है वैसे ही मौसी की बड़ी गाँड़ बिल्कुल तराज़ू की तरह हो रही थी। कभी ये पलड़ा भारी कभी वो पलड़ा भारी।
फिर मौसी वाशरूम घुस गई और फ्रेश हो कर आई।
जब मौसी वाशरूम से बाहर आई तो बिल्कुल नंगी हो कर आई।
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मौसी को देखते हुए मैं अपना लन्ड थोड़ा थोड़ा मौसी की गाँड़ पर दबा रहा था और सोच रहा था कि आज के दिन में क्या क्या हो गया मेरे साथ। मेरे परिवार की सभी औरते जिनको मैं देवियां मानता था, वो सब रंडियां निकली। तभी मौसी बोली
मौसी- राज क्या हुआ तुझे बेटे, क्या सोच रहा है।
राज- कुछ नही मौसी।
मौसी- नही बेटे, कुछ तो सोच रहा है, बता तेरा ध्यान किधर है।
राज- नही मौसी मैं तो बस टीवी देख रहा था।
मौसी- नही बेटे, जब भी हम ऐसे लेट कर टीवी देखते है तो तू हमेशा मेरे साथ चिपक कर मेरे कंधे पर सर रखकर देखता है, आज तेरा ध्यान टीवी पर नही कहीं और है।
तभी देव बोला
देव (मुझे आँख मारते हुए)- हाँ माँ, राज कह रहा था कि आज वो थक गया है बहुत, शरीर दर्द कर रहा है।
मौसी(मुझे गले लगाते हुए)- मेरा बेटा, पहले बताता आ मैं तेरी मालिश कर दूँ।
राज- नही मौसी, सोऊंगा तो ठीक हो जाऊंगा। देव से पूछ लो वो भी थका होगा। या आप थकी हो तो हम दोनों आपकी मालिश कर देते है।
देव- नही भाई, मैं बिल्कुल ठीक हूँ।
राज- मौसी आप बताओ आपको मालिश कर दे।
मौसी(अंगड़ाई लेते हुए)- हाँ बेटा, बदन तो मेरा भी दर्द कर रहा है, पर तू सोजा, देव मेरी मालिश कर देगा।
देव- हाँ माँ, अभी कर देता हूं।
देव ने मौसी के बैग से सरसों का तेल निकाला और पूछा कहाँ से शुरू करुंतो मौसी बोली बस पैरो की कर दे।
देव ने पहले मौसी के पैर पर तेल लगाया और मालिश करनी शुरू कर दी।
मौसी- आजा राज तू मेरी ऊपर आज सर रख कर नही सोयेगा।
तो मै मौसी के ऊपर सर रखकर लेट गया, जिस से मेरा मुह मौसी की चुचियों के बिल्कुल पास आ गया।
नीचे देव मौसी के पैरो की मालिश कर रहा था, साथ मे मौसी की चूत की तरफ भी देख रहा था।
अब मेरा मुह मौसी की चुचियों के पास था, तो मुझे मौसी के जिस्म से बहुत अच्छी महक आ रही थी, जिस से मेरी नींद उड़ गई और मैं अपना मुह मौसी की चुचियों के पास ले गया। मौसी का एक हाथ मेरे सर पर था, जो वो मेरे बालो में भी घूम रही थी।नीचे निक्कर में मेरा लन्ड खड़ा था, जो देव ने देख लिया। इतने में मौसी ने अपनी एक टांग मोड़ी ओर फिर देव को मालिश करने को बोली। देव का ध्यान मौसी की चूत वाली साइड था, जो मौसी की पैंटी से ढकी हुई थी। तभी मैं मौसी से थोड़ा लग हुआ और अपनी टी शर्ट उतारी ये बोलते हुए की गर्मी लग रही है। फिर मैं वापिस पहले की तरह मौसी की चुचियों के पास मुह रख कर सोने लगा, पर इस बार मैंने अपना मुँह लगभग मौसी की चुचियो के ऊपर ही रखा। मौसी भी वापिस अपना एक हाथ मेरे सर पर रख दिया। अब मैंने अपना एक हाथ मौसी के पेट पर रखा, ओर नाभि में उंगली करने लगा, ऐसे मैं मजाक में मौसी के साथ पहले भी सोते हुए करता था, वो कुछ नही बोलती थी, पर आज मेरा मन कुछ ज्यादा ही करने को हुआ, तो मैंने अपनी कमर मौसी के पास लाया और अपना लन्ड मौसी की मोटी मोटी जांघों के एक साइड से सटा दिया और धीरे धीरे दबाने लगा। ऊपर भी अपने सर से मैं मौसी की चुचियों को हल्का हल्का दबा रहा था और जीभ बाहर निकाल कर थोड़ी सी चूची भी चाट लेता था। देव ये सब देख रहा था, ओर खुद का लन्ड भी दबा रहा था। कुछ देर ऐसे ही चलता रहा।
अब देव भी पैरो पर मालिश करता करता मौसी की जांघों पर मालिश कर रहा था, तो देव बोला।
देव- राज जरा पीछे होना, मुझे मम्मी की जांघों मालिश करनी है।
मौसी- देव राज को क्यो पीछे कर रहा है। ऐसे ही कर दे।
देव- मम्मी राज की निक्कर गंदी हो जाएगी, इसलिए बोल रहा हुँ।
मौसी- ठीक है बेटा।
फिर मैं पीछे होने लगा तो देव बोला।
देव- राज ऐसे कर तेरी निक्कर उतार कर साइड में रख दे। फिर वापिस ऐसे लेट जाना।
मन तो मेरा भी यही कर रहा था, पर मैंने कच्छा नही पहना था, ये बात देव को नही पता थी।
राज- नही कोई बात नही। मैं साइड में लेट जाता हूँ।
मौसी- नही बेटा, तू निक्कर उतार कर ऐसे ही लेटा रह।
देव- राज निकाल निक्कर जल्दी फिर मैं तेरी मालिश भी कर दूंगा मम्मी के साथ ही।
मैंने उसे इशारे से समझाया कि मैंने कच्छा नही पहना, तो वो मज़े लेने के लिए वापिस बोला, जल्दी कर, फिर मुझे भी सोना है।
मौसी- क्या हुआ राज, उतार दे निकर।
राज- मौसी, वो वो मैंने।
मौसी-क्या मैंने, जल्दी उतार।
राज- मुझे शर्म आती है।
मौसी- बस इतनी सी बात, फिर क्या हुआ, मैंने तुझे बहुत बार नंगा देखा है। तू भी तो मेरे बेटे जैसा है, मुझसे क्या शर्माना। मैं भी तो ब्रा पैंटी में हु तेरे सामने।
राज- नही मौसी मुझे शर्म आती है।
देव- इसमे शर्माना क्या, ले मैं भी अपने कपड़े भी उतार देता हूं।
मौसी- हाँ देव, उतार दे,
फिर देव ने कच्छे के अलावा सारे कपड़े उतार दिए।
मौसी(अपनी ब्रा उतरते हुए)- ले मैंने भी उतार दिए, अब तू भी सिर्फ कच्छे में आ जा।
मैं और देव तो मौसी की नंगी चुचियाँ देखते रह गए। मेरे सिर से भी बड़ी एक चूची, 4 इंच की निप्पल, दूध की तरह गौरी चूची उस बड़ी सी पर गुलाबी निप्पल, 44d होने के बाद भी मौसी की चुचिया नीचे ढल कर नही बल्कि इंग्लिश पोर्न स्टार कैरेन फिशर की तरह पूरी तनी हुई थी, ओर बहुत टाइट भी थी। जिसे देख कर मुझे तो चुचियाँ चूसने का मन हो रहा था। तभी मौसी बोली।
मौसी- क्या देख रहे हो बच्चों, चल राज निक्कर उतार।
राज- मौसी मैंने कच्छा नही पहना हुआ।
मौसी(हंसते हुए)- लगता है आज तो तू मुझे पूरी नंगी करवा कर ही छोड़ेगा।
फिर मौसी खड़ी हुई और अपनी ब्रा उठा कर बाथरूम में जाने लगी।
मैं और देव मौसी को देख रहे थे, उनकी गाँड़ बहुत बड़ी थी, मौसी वाशरूम की तरफ जा रही थी, हम मौसी की बड़ी गाँड़ हिलती हुई देख रहे थे, मौसी जैसे ही पैर उठा कर आगे रखती थी तो जैसे तराजू के पलड़े इधर उधर होते है वैसे ही मौसी की बड़ी गाँड़ बिल्कुल तराज़ू की तरह हो रही थी। कभी ये पलड़ा भारी कभी वो पलड़ा भारी।
फिर मौसी वाशरूम घुस गई और फ्रेश हो कर आई।
जब मौसी वाशरूम से बाहर आई तो बिल्कुल नंगी हो कर आई।
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