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Incest परिवार में सबके साथ धुंआधार चुदाई।

पार्ट - 28

मौसी को देखते हुए मैं अपना लन्ड थोड़ा थोड़ा मौसी की गाँड़ पर दबा रहा था और सोच रहा था कि आज के दिन में क्या क्या हो गया मेरे साथ। मेरे परिवार की सभी औरते जिनको मैं देवियां मानता था, वो सब रंडियां निकली। तभी मौसी बोली

मौसी- राज क्या हुआ तुझे बेटे, क्या सोच रहा है।

राज- कुछ नही मौसी।

मौसी- नही बेटे, कुछ तो सोच रहा है, बता तेरा ध्यान किधर है।

राज- नही मौसी मैं तो बस टीवी देख रहा था।

मौसी- नही बेटे, जब भी हम ऐसे लेट कर टीवी देखते है तो तू हमेशा मेरे साथ चिपक कर मेरे कंधे पर सर रखकर देखता है, आज तेरा ध्यान टीवी पर नही कहीं और है।

तभी देव बोला

देव (मुझे आँख मारते हुए)- हाँ माँ, राज कह रहा था कि आज वो थक गया है बहुत, शरीर दर्द कर रहा है।

मौसी(मुझे गले लगाते हुए)- मेरा बेटा, पहले बताता आ मैं तेरी मालिश कर दूँ।

राज- नही मौसी, सोऊंगा तो ठीक हो जाऊंगा। देव से पूछ लो वो भी थका होगा। या आप थकी हो तो हम दोनों आपकी मालिश कर देते है।

देव- नही भाई, मैं बिल्कुल ठीक हूँ।

राज- मौसी आप बताओ आपको मालिश कर दे।

मौसी(अंगड़ाई लेते हुए)- हाँ बेटा, बदन तो मेरा भी दर्द कर रहा है, पर तू सोजा, देव मेरी मालिश कर देगा।

देव- हाँ माँ, अभी कर देता हूं।

देव ने मौसी के बैग से सरसों का तेल निकाला और पूछा कहाँ से शुरू करुंतो मौसी बोली बस पैरो की कर दे।

देव ने पहले मौसी के पैर पर तेल लगाया और मालिश करनी शुरू कर दी।

मौसी- आजा राज तू मेरी ऊपर आज सर रख कर नही सोयेगा।

तो मै मौसी के ऊपर सर रखकर लेट गया, जिस से मेरा मुह मौसी की चुचियों के बिल्कुल पास आ गया।

नीचे देव मौसी के पैरो की मालिश कर रहा था, साथ मे मौसी की चूत की तरफ भी देख रहा था।

अब मेरा मुह मौसी की चुचियों के पास था, तो मुझे मौसी के जिस्म से बहुत अच्छी महक आ रही थी, जिस से मेरी नींद उड़ गई और मैं अपना मुह मौसी की चुचियों के पास ले गया। मौसी का एक हाथ मेरे सर पर था, जो वो मेरे बालो में भी घूम रही थी।नीचे निक्कर में मेरा लन्ड खड़ा था, जो देव ने देख लिया। इतने में मौसी ने अपनी एक टांग मोड़ी ओर फिर देव को मालिश करने को बोली। देव का ध्यान मौसी की चूत वाली साइड था, जो मौसी की पैंटी से ढकी हुई थी। तभी मैं मौसी से थोड़ा लग हुआ और अपनी टी शर्ट उतारी ये बोलते हुए की गर्मी लग रही है। फिर मैं वापिस पहले की तरह मौसी की चुचियों के पास मुह रख कर सोने लगा, पर इस बार मैंने अपना मुँह लगभग मौसी की चुचियो के ऊपर ही रखा। मौसी भी वापिस अपना एक हाथ मेरे सर पर रख दिया। अब मैंने अपना एक हाथ मौसी के पेट पर रखा, ओर नाभि में उंगली करने लगा, ऐसे मैं मजाक में मौसी के साथ पहले भी सोते हुए करता था, वो कुछ नही बोलती थी, पर आज मेरा मन कुछ ज्यादा ही करने को हुआ, तो मैंने अपनी कमर मौसी के पास लाया और अपना लन्ड मौसी की मोटी मोटी जांघों के एक साइड से सटा दिया और धीरे धीरे दबाने लगा। ऊपर भी अपने सर से मैं मौसी की चुचियों को हल्का हल्का दबा रहा था और जीभ बाहर निकाल कर थोड़ी सी चूची भी चाट लेता था। देव ये सब देख रहा था, ओर खुद का लन्ड भी दबा रहा था। कुछ देर ऐसे ही चलता रहा।

अब देव भी पैरो पर मालिश करता करता मौसी की जांघों पर मालिश कर रहा था, तो देव बोला।

देव- राज जरा पीछे होना, मुझे मम्मी की जांघों मालिश करनी है।

मौसी- देव राज को क्यो पीछे कर रहा है। ऐसे ही कर दे।

देव- मम्मी राज की निक्कर गंदी हो जाएगी, इसलिए बोल रहा हुँ।

मौसी- ठीक है बेटा।

फिर मैं पीछे होने लगा तो देव बोला।

देव- राज ऐसे कर तेरी निक्कर उतार कर साइड में रख दे। फिर वापिस ऐसे लेट जाना।

मन तो मेरा भी यही कर रहा था, पर मैंने कच्छा नही पहना था, ये बात देव को नही पता थी।

राज- नही कोई बात नही। मैं साइड में लेट जाता हूँ।

मौसी- नही बेटा, तू निक्कर उतार कर ऐसे ही लेटा रह।

देव- राज निकाल निक्कर जल्दी फिर मैं तेरी मालिश भी कर दूंगा मम्मी के साथ ही।

मैंने उसे इशारे से समझाया कि मैंने कच्छा नही पहना, तो वो मज़े लेने के लिए वापिस बोला, जल्दी कर, फिर मुझे भी सोना है।

मौसी- क्या हुआ राज, उतार दे निकर।

राज- मौसी, वो वो मैंने।

मौसी-क्या मैंने, जल्दी उतार।

राज- मुझे शर्म आती है।

मौसी- बस इतनी सी बात, फिर क्या हुआ, मैंने तुझे बहुत बार नंगा देखा है। तू भी तो मेरे बेटे जैसा है, मुझसे क्या शर्माना। मैं भी तो ब्रा पैंटी में हु तेरे सामने।

राज- नही मौसी मुझे शर्म आती है।

देव- इसमे शर्माना क्या, ले मैं भी अपने कपड़े भी उतार देता हूं।

मौसी- हाँ देव, उतार दे,

फिर देव ने कच्छे के अलावा सारे कपड़े उतार दिए।

मौसी(अपनी ब्रा उतरते हुए)- ले मैंने भी उतार दिए, अब तू भी सिर्फ कच्छे में आ जा।

मैं और देव तो मौसी की नंगी चुचियाँ देखते रह गए। मेरे सिर से भी बड़ी एक चूची, 4 इंच की निप्पल, दूध की तरह गौरी चूची उस बड़ी सी पर गुलाबी निप्पल, 44d होने के बाद भी मौसी की चुचिया नीचे ढल कर नही बल्कि इंग्लिश पोर्न स्टार कैरेन फिशर की तरह पूरी तनी हुई थी, ओर बहुत टाइट भी थी। जिसे देख कर मुझे तो चुचियाँ चूसने का मन हो रहा था। तभी मौसी बोली।

मौसी- क्या देख रहे हो बच्चों, चल राज निक्कर उतार।

राज- मौसी मैंने कच्छा नही पहना हुआ।

मौसी(हंसते हुए)- लगता है आज तो तू मुझे पूरी नंगी करवा कर ही छोड़ेगा।

फिर मौसी खड़ी हुई और अपनी ब्रा उठा कर बाथरूम में जाने लगी।

मैं और देव मौसी को देख रहे थे, उनकी गाँड़ बहुत बड़ी थी, मौसी वाशरूम की तरफ जा रही थी, हम मौसी की बड़ी गाँड़ हिलती हुई देख रहे थे, मौसी जैसे ही पैर उठा कर आगे रखती थी तो जैसे तराजू के पलड़े इधर उधर होते है वैसे ही मौसी की बड़ी गाँड़ बिल्कुल तराज़ू की तरह हो रही थी। कभी ये पलड़ा भारी कभी वो पलड़ा भारी।

फिर मौसी वाशरूम घुस गई और फ्रेश हो कर आई।

जब मौसी वाशरूम से बाहर आई तो बिल्कुल नंगी हो कर आई।

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पार्ट- 29

मौसी नंगी होकर बाहर आई, मौसी हमसे बोली

मौसी- अब तो कोई शर्म नही है, अब तो मैं भी पूरी नंगी हूँ। तुम भी दोनों उतारो।

टीना दीदी गहरी नींद में सो रही थी।

देव ने अपना कच्छा उतार दिया, उसकी 4 इंच की लुल्ली खड़ी थी। फिर मैंने भी अपनी निक्कर उतार दी। अब हम तीनों बिल्कुल नंगे थे।

फिर मौसी मेरे पास आ कर लेट गयी, और मुझे भी पहले की तरह खुद पर लेटने को कहा।

मैंने अपना सर मौसी के मुममे पर रख दिया, और अपनी कमर मौसी के साथ लगाई, और एक टांग मौसी की जांघो पर रख कर दी, जिस से मेरा लंड मौसी की मोटी जांघो पर लग रहा था।

देव ने मौसी की जांघो की मालिश करनी शुरू कर दी। मौसी और मैं आंखें बंद करके लेट गए।

मैं अपना मुँह मौसी के चुचो पर हल्का हल्का रगड़ रहा था, और जीभ भी लगा रहा था और लन्ड मौसी की जांघो पर रगड़ रहा था। मेरा लन्ड पूरे जोश में था, मुझे लग रहा था की आज नसे फट जाएंगी। तभी अचानक मौसी की मालिश करते करते देव ने मेरे लन्ड पर हाथ लगाया, तो मैं और जोश में आ गया। मैंने देव को इशारा किया कि लन्ड चूस, पर वो मना करने लगा। मैं वासना में पागल हो रहा था, तभी मौसी ने मेरा सर पकड़ कर अपनी चुचियों पर दबाया, तो मैंने जोश में मौसी की निप्पल मुँह में भर ली, इतने टाइट सफेद बड़े मुम्मे, उस पर सॉफ्ट सी गुलाबी निप्पल जब मेरे मुह में आई तो मौसी बोलने लगी।

मौसी- आआआआआआहहहहहहह चूस मेरे मौसीचोद बेटे, आआआआ।

फिर मैं पूरा मौसी के ऊपर चढ़ गया, और मौसी के होंठ चूसने लगा। देव नीचे एक हाथ से मेरा लन्ड हिला रहा था। फिर मौसी ने भी एक हाथ नीचे कर मेरा लन्ड पकड़ लिया ।

अब मैं मौसी के निप्पल चूसने लगा, मौसी मेरे बालो में हाथ घुमाने लगी। मैं धीरे धीरे मौसी के निप्पल पर काटने लगा, जिस से वो वासना की आग में जलने लगी। तभी देव ने अचानक से मौसी की चूत में 2 उंगली डाल दी, जिस से मौसी एक दम से कराह उठी।

जैसे ही देव ने मौसी की चूत में उंगली डाली मौसी करहाने लगी।

मौसी- आआआआ हहहह साले मादरचोद, आराम से डाल।

फिर मैं मौसी के पेट को चाटता हुआ मौसी की चूत पर आ गया, वहां जैसे ही मैंने मौसी की चूत पर अपने होंठ लगाए तो मौसी तड़प उठी, फिर जब मैंने अपनी जीभ मौसी की चूत के दाने पर लगा कर हिलायी तो मौसी अपने हाथों से मेरा सिर अपनी चुत पर दबाने लगी।

मौसी- आआआआ हहहह चाट बेटे, जीभ अंदर तक डाल मेरे। फिर मौसी ने देव को अपने पास बुलाया और उससे अपने मुम्मे चूसने को कहा। देव अपनी माँ के बड़े मुममे को चूसने लगा।

नीचे मैंने मौसी की चूत के अंदर अपनी जीभ डालनी शुरू कर दी, जिस से मौसी तड़पने लगी।

15 मिनट मैं चुत चाटता रहा, तो मौसी का पानी निकालने वाले था, मौसी अपनी चुत मेरे मुह पर जोर जोर से दबाने लगी और गालिया देने लगी। तभी मौसी की चूत चाटने के बाद मौसी का पानी निकाल गया।मैं जैसे ही वहां से हटा तो देव आया और अपनी माँ की चूत का पानी चाटने लगा। मौसी ऐसे ही पड़ी पड़ी आहे भर रही थी, और गालियां निकाल रही थी। मैं मौसी के लिप किस करने लगा, पर मौसी एक दम शांत पड़ी थी। मैं 10 मिनट किस करता रहा और देव मौसी की चूत चाट रहा था।

तब मौसी वापिस जोश में आने लगी, इस बार मौसी ज्यादा ही जोश में थी।

मौसी ने मुझे खुद के ऊपर से उतारा मुझे लेटा कर मेरे ऊपर आ गयी।

पहले मौसी मुझे किस करती रही, फिर वो नीचे मेरे लन्ड पर आ गयी और मेरा लन्ड पकड़ कर हिलाने लगी।

फिर मौसी मेरे लन्ड की आगे की खाल पीछे करने लगी, जो पीछे नही हो रही थी, तो मौसी बोली वाह मेरा बेटा तो अभी तक कुंवारा है।

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पार्ट- 30

मौसी- राज तूने आज तक किसी को नही चोदा क्या

राज - नही मौसी

मौसी(खुश होते हुए)- मतलब आज मैं ही तेरा खाता खोलूंगी।

राज- हाँ मौसी

फिर मौसी ने मेरे लन्ड के टोपे पर जीभ लगाई, मेरी आह निकल गयी।

फिर मौसी मेरे लन्ड पर जीभ फिराने लगी और देव को बोला कि वो उनकी चुत चाटे। देव उनकी चुत चाटने लगा।

फिर मौसी ने मेरा लन्ड अपने मुह में लिया और चूसने लगी।

मौसी पूरा लन्ड मुह में लेने की कोशिश करने लगी, तो मैंने भी एक झटका मारा मौसी के मुह में तो लन्ड सीधा उनके गले मे जा लगा। मौसी ने मुह से लन्ड बाहर निकाला और खांसने लगी। 2 मिनट बाद मौसी ने मुझे झटका मारने से मना किया और मौसी में लन्ड फिर से मुह में लिया। बीच बीच मे वो गोटिया भी चूस रही थी। देव मौसी की चुत के साथ उनकी गाँड़ भी चाट रहा था, तभी देव ने अबनी जीभ उनकी गाँड़ में घुसा दी। मौसी की आहहहह निकल गयी। फिर मौसी खड़ी हुई, और अपनी चुत मेरे लन्ड पर सेट करके लन्ड पर बैठने लगी। मेरा लन्ड मोटा है, पर हेमा मौसी की चुत में आराम से जा रहा था, मौसी तीन तीन लन्ड एक साथ ले लेती है। हेमा मौसी के मुह से उ उ उ उ आ आ आ आ निकल रही थी। जब मौसी नीचे जैसे ही मौसी की चुत में मेरा 2 इंच लन्ड घुसा, मुझे बहुत दर्द हुआ, और मेरी चीख निकल गयी। जो साथ वाले रूम में मीनाक्षी मामी ने सुन ली। वो गेट खड़काने लगी, तो मौसी ने पूछा कौन है। मामी बोली मैं मीनाक्षी, तो मौसी ने देव को बोला कि जा गेट खोल ओर मामी के अंदर आते ही बंद कर देना। अब मुझे भी दर्द कम हो गया था, तो मौसी ओर बैठी लन्ड पर तो 3 इंच और घुस गया। मुझे फिर हल्का सा दर्द महसूस हुआ, और मौसी की भी आहें निकलने लगी। इतने में देव ने गेट खोल कर मामी को भी अंदर ले लिया और गेट बंद कर दिया।

मामी अंदर आते ही बोली- रण्डी तू तो कह रही थी कि अपने मिल कर राज का लन्ड लेंगी, पर तू तो पहले ही शुरू हो गयी।

मौसी- क्या करूँ कंट्रोल नही हो रहा था।

ऐसे ही बातों में 3 इंच लन्ड ओर अंदर चला गया था मौसी के, अब बस 2 इंच बाकी था। मामीजी ने अभी तक मेरा लन्ड नही देखा था, क्योकि जब वो आयी थी अंदर तब आधे से ज्यादा मौसी की चुत में था।

अब मामीजी ने नीचे एक गद्दा लगा लिया और देव को लेकर नीचे गद्दे पर बैठ गयी और किश करने लगी। फिर मीनाक्षी मामी ने अपनी मैक्सी उतारी अब वो भी पूरी नंगी थी, नीचे मामी ने कुछ नही पहना था। अब मामी देव के साथ बिजी हो गयी थी।

इधर मौसी धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगी। मेरे और मौसी दोनो के मुँह से आ आ आ ह ह ह ह निकल रही थी। मैंने भी नीचे से झटके देने शुरू कर दिए, तो एकदम से मौसी की चुत में पूरा 10 इंच लन्ड घुस गया, जो सीधा मौसी की बच्चेदानी पर लगा, जिस से मौसी को बहुत दर्द हुआ और मौसी की चीख निकल गयी।

तो देव और मामी देखने लगे। मामी ने पूछा क्या हुआ, तो मौसी ने कहा कुछ नही।

फिर मामीजी ओर देव 69 पोजीशन चुत लन्ड चूस रहे थे।

फिर मीनाक्षी मामी ने देव को उनकी चुत में लन्ड डालने को कहा, तो देव ने डाल दिया, ओर वो आराम से चला गया।वो चुदाई करने लगे।

फिर 5 मिनट बाद मौसी की बच्चेदानी का दर्द भी कम हुआ तो मौसी भी ऊपर नीचे होने लगी। मैंने मौसी की चुचियाँ पकड़ रखी थी, ओर उन्हें निचोड़ रहा था,10 मिनट बाद मौसी का पानी निकल गया और मौसी मेरे सीने पर लेट गयी, मौसी थक गई थी।

मेरा लन्ड अभी भी चुत में ही था।

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पार्ट- 31

मेरा लन्ड अभी भी चुत में ही था, तो मैंने नीचे से झटके देने शुर किये, 5 मिनट बाद मौसी फिर मूड में आ गयी, इस बार हमारी चुदाई 30 मिनट चली और मौसी झड़ गयी। पर मेरा अभी भी नही हुआ था।

मामीजी ओर देव अब तक 3 बार चुदाई कर चुके थे, मामी ने 2 बार चुत ओर 1 बार गाँड़ मरवा ली थी देव से।

फिर मैंने मौसी को अपने ऊपर से उतारा और चुत में लन्ड डालने लगा तो मौसी ने कहा- बेटा नही अब मैं आज नही झेल पाऊंगी। मेरी चुत में जलन हो रही है।

राज- मौसी पर मेरा तो अभी तक नही हुआ।

मौसी- बेटा आज नही, आज अब मेरी हिम्मत नही है, आज मैं बहुत थक गई हूँ।

राज- मुझे पता है मौसी आज आपने बहुत लन्ड लिए है।

मौसी- तुझे कैसे पता?

राज- मैंने वाटरपार्क में आपका ग्रुप सेक्स देखा था।

मौसी- तेरी शादी हो जाये, फिर तुझे भी उस ग्रुप सेक्स में शामिल कर लुंगी।

राज- ठीक है मौसी, पर अब मैं क्या करूँ? किसको चोदू?

मामीजी - राज बेटा, आजा मेरे साथ कर ले।

मौसी - हाँ बेटा, भाभी को चोद ले, वो बहुत प्यासी है।

मामीजी ने अभी तक मेरा पूरा लन्ड नही देखा था, बस मौसी की चुत में ही देखा था।

तो जब मामीजी ने कहा मेरे साथ कर ले। तो मैं बेड से नीचे उतारा तो मेरा लन्ड खड़ा था। मामीजी ने जैसे ही मेरा लन्ड देखा तो उनकी गाँड़ फट गई देखकर।

मीनाक्षी मामीजी- हे भगवान, ये क्या है। मैं नही ले सकती इसे, मेरे लिए देव ही सही है।

हेमा मौसी- भाभी एक बार राज का लन्ड ले कर तो देखो, बहुत मजा आएगा।

मामी- ठीक है।

फिर मामी देव को किस करके मेरे पास आई मैंने मीनाक्षी मामी का हाथ पकड़ लिया और उन्हें अपनी तरफ खींच कर उनके होठों पर किस किया।

फिर मैंने उन्हें नीचे गद्दे पर लेटा दिया, उनके बड़े बड़े मुम्मे चूसने लगा। इतने में प्राची दीदी ने गेट खटखटाया, पूछने के लिए की मीनाक्षी मामी यहाँ आयी है क्या?

तो हेमा मौसी ने कहा कि नही ओर वो चली गयी।

फिर हेमा मौसी ने देव को ऊपर अपने पास बुला लिया और उस से अपनी मालिश करवाने लगी।

मामी ने मुझे जल्दी से लन्ड चुत में डालने को कहा।

मैने अपना लन्ड मामी की चुत पर लगाया, तो मौसी ने मुझे इशारा किया कि झटके से डाल।

फिर मैंने एक जोरदार झटका मारा तो थोड़ा सा लन्ड मामी की चुत में गया, ओर मामी की चीख निकल गयी, मामी की चुत मौसी की चुत से बहुत टाइट थी। मामी लन्ड बाहर निकलने का बोलने लगी, पर मौसी बोली कि नही, एक ओर झटका मार। मैंने एक ओर झटका मारा तो मेरा आधे से ज्यादा लन्ड मामी की चुत में चला गया, जिस से मामी दर्द से बिलख गयी, ओर मुझे लन्ड निकालने का बोलने लगी।

मैं फिर मामी के दर्द की परवाह किये बिना जोर जोर से उनकी चुत में झटके मारने लगा, जिस से मामी को बहुत दर्द होने लगा।

जैसे ही मैं मामी की चुत में झटका देता मामी मुझे गाली निकालने लगी।

मामी- मादरचोद आराम से चोद, हरामी अपनी माँ को चोद ऐसे, अपनी माँ की चुत मार।

गालियाँ सुन मैं ओर जोश में आने लगा मैं और तेज झटके देने लगा।

मामी- मादरचोद, अपनी अपनी माँ को चोद, अपनी बहन को चोद साले।

मामी का पानी निकाल गया, तो मामी ने मुझे धक्का देकर मेरा लन्ड निकाल दिया चुत से।

मैंने मामी को फिर पकड़ लिया तो मामी बोली छोड़ मुझे नही तो शोर मचाऊंगी।

मैंने मामी को छोड दिया, फिर मामी अपने कपड़े पहन अपने रूम में भाग गई।

मैं अपना खड़ा लन्ड लेकर निराश सा बैठ गया।

मौसी- राज, क्या हुआ उदास क्यो है?

राज- मौसी मैं तो प्यास ही रह गया

मौसी - कल मुझे चोद लेना।

राज - कल नही अभी।

मौसी- आज नही, आज नही

राज- नही मौसी, अभी करना है मुझे, मैं आपकी गाँड़ मारूँगा

मौसी- नही बेटा, मेरी गाँड़ में दर्द हो रहा है। आ मैं चूस लड़ती हु तर लन्ड।

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पार्ट -32

फिर मैं मौसी के मुह के पास अपना लन्ड ले गया और मौसी थोड़ा सा लन्ड मुह में लेकर चूसने लगी।

राज- मौसी पूरा मुह में डालो।

मौसी- नही बेटा, पूरा नही जाएगा मुह में, तेरा लन्ड बहुत बड़ा है।

मैंने मौसी के मुह से लन्ड निकाल लिया और नीचे गद्दे पर आकर बैठ गया।

मौसी- क्या हुआ बेटा

राज - कुछ नही।

मौसी भी गद्दे पर आई और मेरे लन्ड को पकड़ कर हिलते हुए बोली बता बेटा

राज- मौसी इतना बड़ा लन्ड किस काम का जो मामीजी जैसी खेली खाई औरत भी लेने से डर गई, और आप भी ढंग से नही चूस रही।

मौसी- बेटा ऐसा लन्ड तो नसीब वालो का होता है।

राज- मौसी, अगर मेरी शादी होगी तो मेरी पत्नी कैसे लगी इसको।

मौसी(मेरा लन्ड सहलाते हुए)- बेटा मैं तुझे सीखा दूंगी की कुंवारी की चुत में इसको कैसे डालना है, जिस से वो डरे नही।

राज- मौसी पर कुवारी लड़की कहाँ से लाएंगे।

मौसी- तू कोई लड़की पटा, फिर मैं बताती हु सब तरीका। तेरा लन्ड एक बार जो ले लेगी, बल खुद आएगी तेरे पास चुदने।

राज- मौसी वो तो ठीक है।पर अब मैं इस मीनाक्षी रण्डी को बेरहमी से तड़पा तड़पा कर चोदना चाहता हु, इसको अपनी रण्डी बना कर रखना चाहता हु। कोई जुगाड़ करो।

मौसी- ओके

फिर मौसी मेरे किस करके लेट गयी और सोने लगी।

मेरी आँखों से नींद बहुत दूर थी और लन्ड था कि बैठने का नाम नही ले रहा था और मौसी अब आज चुद कर थक चुकी थी, ओर देव भी थक गया था मामी कि साथ चुदाई करके।

मैंने सोचा की क्यो न दीपिका दीदी वाले रूम में जाकर उन्हें चोदने का ट्राय करूँ। फिर मैं जाने के लिए खड़ा हो गया, तो मौसी ने मुझे पूछा

मौसी- कहाँ जा रहा है।

राज- मम्मी वाले रूम में।

मौसी- वो सब सो गए होंगे, यही सो जा चुपचाप।

फिर मैंने भी सोचा की अब लेट हो गया।

तो अब मैं भी सोने की कोशिश करने लगा, इतने में नींद में टीना दीदी का हाथ मेरे सीने पर आ गया। तो मेरी वासना जो भड़की हुई थी, और भड़क उठी और मैंने सोचा टीना दीदी को ही चोदने की ट्राइ करता हु।

मैं मौसी ओर देव नंगे ही थे अब तक

मैंने अपना एक हाथ आगे कर के टीना दीदी की चुचियों पर रखा और दबाने लगा। फिर मैंने दीदी को थोड़ा ऊपर कर के उनकी टी शर्ट निकाल दी और नीचे से निक्कर भी उतार दी।

अब दीदी भी पूरी नंगी थी।

मैंने दीदी को सीधा किया और उनके ऊपर लेट कर उनके होंठ चूसने लगा। 10 मिनट होंठ चूसने के बाद मैं दीदी के बूब्स चूसने लगा, बूब्स चूसते हुए मैं धीरे धीरे दीदी की चुत की और बढ़ा और चुत चाटने लगा। अब दीदी भी कुछ होश में आ रही थी।

दीदी के मुँह से आ आ आ आ द ह ह ह ह की आवाज़ें आ रही थी। अब दीदी की चुत से थोड़ा नमकीन से पानी निकलने लगा, जिसे मैं चाट रहा था। और दीदी के हाथ भी अब मेरे सिर पर आ गया तो मैं समझ गया की अब दीदी भी मस्ती में आ रही है। मैंने दीदी की चुत में उंगली डाली तो 1 उंगली से ज्यादा नही गयी।

दीदी की चुत कुंवारी लग रही थी, क्योंकि बहुत टाइट चुत थी दीदी की और 1 उंगली से ज्यादा नही गयी। अब मैं दीदी की चुत में जीभ डालने लगा, जिस से दीदी की आहों की आवाज़े तेज हो गयी, तो मौसी की नींद खुल गयी।

मौसी ने देखा कि मैं दीदी पूरी नंगी है और मैं दीदी की चुत चाट रहा हु तो हैरान रह गयी।

दीदी अभी भी हल्की नींद में थी।

मौसी(गुस्से में)- राज ये क्या कर रहा है तू।

राज- आपने ही तो कहा था कि कोई कुंवारी लड़की पता ले, फिर सिखाऊंगी की उसे कैसे चोदना है, तो अब पटा ली, अब आगे आप सिखाओ।

मौसी- तुझे शर्म नही आती, ये तेरी बहन लगती है।

राज- ओर रण्डी तुझे शर्म नही आती, तूने तो अपने भाई क्या, कोई रिश्तेदार नही छोड़ा जिस से चुद वाया ना हो।

मौसी- क्या मतलब है तेरा

राज- जो तू समझ रही है

मौसी- ये सब झूठ है

राज- मैंने और देव ने सब देखा सुना है।

मौसी- क्या देखा सुना है।

फिर मैंने सुबह आँगन में नहाने वाली, बस वाली, ट्रक ड्राइवर वाली सब बाते बताई तो मौसी की गाँड़ फट गई। और मैं बोला कि तू तो इतने लोगो से चुत मरवा कर शांत हो कर सो गई,अब मैं क्या करूँ,मुझे तो तूने बीच मे छोड़ दिया।

मौसी- बेटा ऐसे मत कर, तेरा लन्ड बहुत बड़ा है मेरी बेटी कुंवारी है नहीं झेल पाएगी।

तू।मेरी चुत मार ले गाँड़ मार ले, या मैं चूस कर तेरा पानी निकाल दूंगी।

राज- नही रंडी तेरी चुत गाँड़ तो मैं बॉक्स में मारूँगा ही, पर अब मैं तो टीना की ही चुत मारूँगा, यही समझ ले कि टीना मेरी पत्नी है, मैं उस से शादी भी कर लूंगा। पर अभी मुझे सिर टीना की चुत लेनी है। मैं टीना से बहुत प्यार करता हूं। टीना भी मुझसे बहुत प्यार करती है। मैंने मौसी को झाड़ियों वाली बात भी बता दी।

बहुत ना नुकुर करने के बाद मौसी इस बात पर मानी की मुझे टीना से शादी करनी होगी, ओर मैंने हाँ कर दी। इतने में टीना दीदी को वापिस नींद आ गयी थी।

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पार्ट -33

फिर मैंने मौसी के सामने ही टीना दीदी की चुत चाटनी शुरू की तो दीदी की नींद खुल गयी, दीदी ने देखा की वो बिल्कुल नंगी है और मैं उसकी चुत चाट रहा हूँ तो वो कुछ नही बोली। पर जैसे ही उसकी नजर अपनी माँ पर पड़ी और देखा कि उसकी माँ भी बिल्कुल नंगी है और हमे देख रही है तो वो मुझे दूर करने लगी, तो मैं बोला दीदी डरो मत। मौसी को मैंने सब बता दिया।

मौसी- टीना क्या तू राज से प्यार करती है।

दीदी - हाँ मम्मी।

मौसी- राज तुझसे शादी करना चाहता है, क्या तू राज से शादी करने को तैयार है?

दीदी- हाँ मम्मी, मैं राज के बिना नही रह सकती।

मौसी- ठीक है, फिर मना लो अपनी सुहागरात। राज कोई हेल्प चाहिए हो तो बता देना।

और मौसी दूसरी तरफ मुह कर लेती है।

टीना- राज, ये सब क्या है और कैसे हो गया

फिर मैं टीना को सारी बात बताई कि उसके सोने के बाद उसकी रण्डी माँ मुझसे कैसे चुदी और वो भी देव के सामने।

टीना(नाराज़ होते हुए)- बीवी से पहले अपनी सास के साथ ही सुहागरात मना ली।

राज- हाँ दीदी, ये सब मैंने आपके लिए ही किया है। ऐसे मौसी ने कहाँ मानना था।

फिर मैं टीना दीदी को किस करके उनकी चुत चाटने लगा।

टीना दीदी जोर जोर से आ आ आ आ द ह ह ह ह ह करने लगती है।

मौसी फिर हमारी तरफ मुह करके हमे देखने लगती है।

10 मिनट चुत चाटने के बाद मैंने लन्ड तो टीना दीदी की चुत पर रखा तो मौसी ने कहा रुको।

और मौसी ने सरसो का तेल उठाया और मेरे लन्ड पर लगाने लगी, 5 मिनट मेरे लन्ड पर तेल की मालिश कर के मौसी ने टीना की चुत पर भी तेल लगाया और चुत के अंदर तेल लगाकर उंगली से मालिश की चुत की, फिर मुझे बोली कि अब डाल।

फिर मैंने टीना के पैर उठा कर मेरे कंधों पर रखे, और लन्ड उसकी चुत पर सेट कर एक झटका लगाया, चुत बहुत टाइट थी तो लन्ड फिसल गया।

फिर मौसी ने मेरा लन्ड पकड़ा और टीना की चुत पर लगाया और बोली थोड़ा जोर से एक झटका मार।

मैंने जोर से झटका मारा तो एक ही बार मे 3 इंच लन्ड टीना की चुत में घुस गया, मुझे हल्का सा दर्द हुआ, पर टीना तो मछली की तरह छटपटाने लगी, उसकी चुत से थोड़ा सा खून भी निकला। मौसी ने उसके मुह पर पहले ही हाथ रखा हुआ था, वर्ना उसकी चीख पूरे होटल में गूंजती। मैंने टीना की कमर दबा कर पकड़ी हुई थी जिस से वो हिल न सके और मौसी ने उसको कंधों से दबा रखा था। टीना दर्द से तड़प रही थी। 2 मिनट बाद मौसी ने कहा एक और झटका मार, तो मैंने एक और झटका मारा, मेरा 4 इंच लन्ड और अंदर चला गया। इस बार मुझे भी बहुत दर्द हुआ, पर मैं सहन कर गया, टीना दीदी तो बेहोश हो गयी, और उनकी चुत से बहुत खून निकलने लगा। मैं थोड़ा डर गया, पर अब 7 इंच लन्ड उसकी चुत में जा चुका था, मैं टीना दीदी को बेहोश देख डर गया पर मौसी खुश लग रही थी और बोली अभी सही हो जाएगी टीना।

मैंने मौसी को बताया कि मेरे लन्ड में भी बहुत दर्द हो रहा है तो मौसी बोली कि 5 मिनट में दर्द सही हो जायेगा, पर लन्ड बाहर मत निकलना, टीना की चुचियाँ चूस तब तक।

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पार्ट- 34

मैं टीना दीदी की चुचियाँ चूसने लगा। क्या मस्त चुचियाँ है टीना दीदी की।

मैंने टीना दीदी की चुचियाँ चूस चूस कर लाल कर दी।

20 मिनट बाद मौसी बोली की अब धीरे धीरे धक्के मार।

मैंने धीरे धीरे टीना दीदी की चुत में धक्के मारने शुरू किये, तो लण्ड थोड़ा थोड़ा और दीदी की चुत के अंदर जाने लगा। बेहोशी में भी हर धक्के से टीना दीदी के मुह से चीख निकल रही थी। आआआआआ

मौसी बोली ऐसे ही लगा रह।

90-100 धक्कों के बाद मेरा पूरा 10 इंच का लन्ड टीना दीदी की चुत में था।

टीना दीदी भी अब धीरे धीरे होश में आने लगी उनके मुँह से आ आ आ आ आ आ आ आ निकल रही थी।

जैसे ही वो पूरे होश में आई, तो बोली।

टीना दीदी- भाई, प्लीज बाहर निकाल ले, बहुत दर्द और जलन हो रही है।

मौसी- बेटी, अभी सब सही हो जाएगा।

राज - दीदी मुझे भी दर्द हो रहा है। मैं आपके लिए सह रहा हूँ ये दर्द, आप भी मेरे लिए सह लो थोड़ी देर के लिए, फिर सब सही हो जाएगा।

टीना दीदी- ठीक है।

फिर दीदी मझे लिप किस करने लगी और मैं दीदी को किस करते हुए धीरे धीरे धक्के देने लगा।

15 मिनट बाद टीना दीदी को भी मजा आने लगा और दीदी भी नीचे से अपनी गाँड़ हिलाने लगी वो बोली, धक्के की रफ्तार बढ़ा।

मैंने धक्कों की रफ्तार बढा दी, तो टीना दीदी के मुँह से जोर जोर की आ आ आ आ आ आ ह ह ह ह ह ह ह ह ह निकलने लगी। टीना दीदी की आवाज़े सुन कर देव भी जाग गया और हमे देखने लगा। 20 मिनट बाद दीदी की चुत से पानी निकल गया, अब मेरा भी निकलने वाला था, यो मैंने धक्कों की रफ्तार और बढ़ा दी और टीना दीदी की चुत में ही मैंने अपना पानी निकाल दिया। फिर मैं दीदी की चुत में लन्ड डालकर ऐसे ही उनके ऊपर लेट गया।

टीना दीदी- राज, आई लव यू।

राज- आई लव यू टू।

टीना दीदी- बहुत मज़ा आया

राज- मुझे भी, दीदी अब मैं आपकी गाँड़ में लन्ड डालना चाहता हूँ।

टीना दीदी- नही भाई, गाँड़ नही, मेरी चुत भी सूज गयी तेरे लन्ड से, बहुत जलन और दर्द हो रहा है।

मौसी- नही बेटा, गाँड़ में मत डालना, मेरी बेटी मर जाएगी।

राज- नही मैंने दीदी की गाँड़ में डालना है।

टीना दीदी- मेरे प्यारे भाई, शादी के बाद सुहागरात के लिए भी को कुछ कुंवारी छोड़, मैं तुझसे वादा करती हूं कि हमारी शादी के बाद सुहागरात में मैं तुझसे अपनी गाँड़ जरूर मरवाऊंगी।

फिर दीदी मुझे किस करने लगी।

मौसी- हाँ बेटा, तू कल मेरी गाँड़ मार लेना।

राज- ओके मौसी, पर अब शादी के लिए सबको मनाना कैसे है?

मौसी- तू फिक्र मत कर, सभी मर्दों को तो मैं मना लुंगी, सभी मेरी चुत के दीवाने है। दिक्कत सिर्फ पाँच लेडीज की है, जिनको तुझे मनाना पड़ेगा।

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पार्ट- 35

राज- कौन कौन।

मौसी- मेरी बहु नविका, जो आराम से मान जाएगी।

टीना दीदी- और

मौसी- मेरी बेटी अनमोल, वो भी आराम से मान जाएगी।

राज- हम्म और।

मौसी- लता दीदी

लता मौसी का नाम सुनते ही मेरी गाँड़ फट गई।

राज- उन्हें मनाना तो बहुत मुश्किल है, उन्हें तो उनके पति सूरी मौसा भी नही मना सकते। आप ही बात करो उनसे।

मौसी- वो तो तुझे ही मनाना पड़ेगा उनको।

टीना दीदी- मम्मी, पर राज कैसे मनाएगा उनको?

मौसी- है एक तरकीब।

राज - क्या?

मौसी- तुझे लता दीदी की पटाना होगा, और उन्हें चोदना होगा।

टीना दीदी- नही मम्मी, राज ऐसा नही करेगा।

मौसी- बेटी, तुम्हारी खुशी के लिए ये करना पड़ेगा।

राज- नही मौसी, मुझे तो उनके पास जाने से भी डर लगता है।

मौसी- कुछ भी हो, उनको चोदे बिना बात नही बनेगी।

टीना दीदी- मम्मी, पर ये कैसे होगा?

मौसी- लता दीदी चुदाई की बहुत दीवानी है। उसको बड़े बड़े लन्ड पसंद है, जैसा राज का है।

मैं, देव और टीना दीदी मौसी का मुँह देखते रहे।

मौसी आगे बोलते हुए- लता दीदी ने बहुत लन्ड लिए है, तभी तो इतनी तरक्की की है उन्होंने, लता दीदी बड़े बड़े राजनेताओ से भी चुदती थी। लता दीदी अपने टाइम में बहुत मशहूर हाई प्रोफाइल रण्डी थी। बाद में दीदी ने राजनेतायों से अपने काम निकलवाने शुरू किए और राजनीति में अपना नाम बना लिया। अब दीदी बुढ्ढी हो गयी तो अब उन्हें बड़ा क्या अब तो छोटा लन्ड भी नही मिलता।

दीदी ने अगर एक बार राजवीर का लन्ड देख लिया तो वो खुद ही कोशिश करेगी राजवीर को पटाने की। राज बस तू किसी भी तरह दीदी को एक बार अपना लन्ड दिखा दे।

मैं ये सुनते ही शॉक हो गया कि अपने खानदान में साली एक को ही मैं शरीफ समझता था, वो भी रण्डी निकली।

राज- मौसी, ठीक है मैं कोशिश करूंगा, लता मौसी को पटाने की।

टीना दीदी- मम्मी और कौन है जिसको मनाना पड़ेगा।

मौसी- राज तेरी मम्मी को भी तुझे ही मनाना पड़ेगा।

राज- कैसे?

मौसी- चोद कर।

राज- ये क्या बोल रही हो मौसी? वो मेरी माँ है।

मौसी- तेरी माँ से पहले वो एक प्यासी औरत है और अब वो घर मे ही किसी ओर को पटा कर उससे चुदना चाहती है, क्योकि तेरे पापा अब तेरी मम्मी को कम चोदते है और बाहर बहुत औरते चोदते है। अब तेरी माँ बहुत प्यासी है, और वो लन्ड के लिए तरस रही है, इसलिए उसको तुझसे चुदवाने में मैं तेरी हेल्प कर दूँगी, नो प्रॉब्लम।

टीना दीदी- और आखिर एक ओर कौन है मम्मी?

मौसी- राज की बहन दीपिका।

दीपिका दीदी का नाम सुनते ही मुझे दीपिका दीदी की मोटी सेक्सी गाँड़ याद आ गयी और मेरा लन्ड टाइट हो गया।

राज- मौसी वो मेरी सगी दीदी है।

मौसी- तो क्या हुआ? जब अपनी मम्मी को चोद सकता है तो बहन को क्यों नही।

टीना- हाँ राज, अपनी खुशी के लिए चोद दे अपनी दीदी को।

राज- वो मेरी दीदी है, मैं उसे कैसे पटाऊंगा। मम्मी का तो आप कह रहा हो आप हेल्प कर दोगे, पर दीदी का कैसे?

मौसी- बेटा, दीपिका भी चुदाई की बहुत प्यासी है।

राज - आपको कैसे पता?

मौसी- तुझे तो पता है तेरे जीजा ने भी मुझे चोदा है, उन्होंने ही बताया था कि 2 साल से उन्होंने दीपिका की चुत नही मारी, बस दीपिका की गाँड़ ही मारी है, तो उसकी चुत प्यासी है चुदाई के लिए। और दीपिका ने आज तक अपने पति के अलावा किसी का लन्ड नही लिया।

राज- तभी दीदी की गाँड़ इतनी बड़ी है।

मौसी - हाँ बेटा।

राज- ओक मौसी, पर मैं दीदी को पटाऊ कैसे?

मौसी- बस उसको भी किसी तरह अपना लन्ड दिखा।

राज- ठीक है, कोशिश करता हुँ।

मौसी- बेटा, दीपिका की गाँड़ जरूर मारना।

दिदिकी गाँड़ सोचते ही मेरा लन्ड सलामी देने लगा।

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पार्ट- 36

राज - ठीक है मौसी, पर अब मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया और मुझे अब टीना दीदी की चुत मारनी है वापिस।

टीना दीदी- नही भाई, मेरी चुत देखो कैसे सूज गयी। मैं नही मरवा सकती। मम्मी की मार लो।

मौसी- नही बेटा, मेरी भी अब हिम्मत नही है, तेरा लन्ड लेने की। कल मार लेना मेरी चुत या गाँड़ जो मर्जी।

राज- ठीक है, पर अब दोनों में कोई चुद तो लो मेरा लन्ड खड़ा हो गया।

टीना - भाई सच मे मेरी हिम्मत नही है, आज पहली बार चुदी हुँ, वो भी इतने बड़े लन्ड से। मैं आज अब कुछ नही कर पाऊंगी।

मौसी- बेटा आज मैं बहुत चुदी हुँ अब मेरी भी हिम्मत नही है।

तभी देव ने मेरा लन्ड पकड़ा और हिलाने लगा, फिर उसने मेरा लन्ड अपने मुह में ले लिया।

मौसी और टीना दीदी देखने लगी उसे।

10 मिनट देव को लन्ड चुसवाने के बाद मैंने लन्ड उसके मुह से निकाला और उसे घोड़ी बना दिया।

मैंने सरसो का तेल लेकर उसकी गाँड़ जी मोरी ओर लगाया और धीरे धीरे 1 उंगली उसकी गाँड़ में डाल दी, फिर 2 डाल दी। देव उह उह उह करने लगा। मैं उंगली उसकी गाँड़ में घुमाने लगा। फिर मैंने तेल अपने लन्ड पर लगाया थोड़ा देव की गाँड़ और लगाया।

मैंने अपना लन्ड देव की गाँड़ पर सेट किया और देव की कमर पकड़ कर एक जोरदार झटका मारा। जिस से मेरा 4 इंच लन्ड देव की गाँड़ में घुस गया, देव की चीख निकल गयी, वो छूटने की कोशिश करने लगा, लेकिन मैंने उसको टाइट पकड़ रखा था और मैं लन्ड ओर उसकी गाँड़ में डालने की कोशिश करने लगा। देव मुझे गालिया देने लगा।

देव- छोड़ मुझे साले बहनचोद हरामी, अपनी बहन दीपिका दीदी की गाँड़ मार, जिसने पता नही गाँड़ में कितने लन्ड लेकर अपनी गाँड़ इतनी बड़ी की है।

दीपिका दीदी की गाँड़ का नाम सुनते ही मेरा लन्ड और जोश में आ गया, तो मैंने ओर तेज की लन्ड देव की गाँड़ में घुसाने लगा।

ये देख मौसी और टीना दीदी हँसने लगी।

देव की आंखों में आंसू आ गए थे, देव रोता रहा, चिल्लाता रहा कि छोड़ दे मुझे। पर मैं रुक नही और पूरे आधा घंटा उसकी गाँड़ मारता रहा, फिर मेरा पानी उसकी गाँड़ में ही निकल गया।

फिर मैं उसकी गाँड़ से लन्ड निकाल कर टीना दीदी और मौसी के साथ चिपक कर लेट गया।

देव की रोने की आवाज़े आ रही थी, देव सारी रात अपनी गाँड़ पर हाथ लगा लगा कर रोता रहा।

मौसी, टीना दीदी और मुझे भी नींद आ गयी।

सुबह जब मेरी आँख खुली, तो मैने देखा मीनाक्षी मामीजी भी हमारे कमरे में है। मामी मेरा लन्ड चूस रही थी और मौसी हमें देख रही थी। मौसी नहा चुकी थी, और तैयार होने लगी। मैने साथ मे लेटी टीना दीदी के बूब्स दबाने शुरू कर दिए। ऐसे ही मामीजी ने आधा घंटा मेरा लन्ड चूसा, फिर उनके मुँह में मेरा पानी निकल गया और वो सारा पानी पी गयी।

फिर वो अपने रूम में चली गई, मैं भी खड़ा होकर वाशरूम में गया, मैं फ्रेश होकर आया, तो देखा कि मौसी तैयार हो चुकी है। टीना दीदी और देव भी उठ चुके थे, टीना दीदी की चुत ब्रेड पाव की तरह फूली हुई थी। वो वाशरूम जाने के लिए उठी, तो उन्हें चलने में बहुत दिक्कत हो रही थी। मैं उन्हें पकड़ कर वाशरूम छोड़ कर आया।

देव की गाँड़ देखी तो वो भी बहुत सूजी हुई थी, देव से तो खड़ा भी नही हुआ जा रहा था। वो खड़ा होने लगा, तो उससे टांगें आपस मे नही लग रही थी। मैं उसे देख कर हँसने लगा, तो वो मुझे गालिया देने लगा।

देव- साले बहनचोद, जा अपनी बहन दीपिका दीदी की मोटी गाँड़ मार, उसकी गाँड़ फाड़ दे, बहनचोद बन जा।

राज (कपड़े पहनते हुए)- हाँ, मादरचोद, दीपिका दीदी की गाँड़ तो ऐसे चोदूंगा की वो याद रखेगी सब।

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पार्ट- 37

इतने में किसी ने दरवाजा खटखटाया, तो सबने फटाफट अपने कपड़े पहने और गेट खोला तो प्रेम मौसा, टिंकू जीजाजी और दीपक भैया थे।

फिर मैं भी अपने रूम में गया, जहां पापा और विकास जीजाजी भी आ चुके थे।

जब मैं रूम में गया तो देखा, की पापा नहाने के लिए बाथरूम में गए है। जीजाजी नहा कर तैयार हो चुके थे। मम्मी ने अभी भी वहीं जालीदार नाइटी पहनी हुई है जिसके नीचे मम्मी नही कुछ नही पहना, मम्मी के निप्पल्स साफ दिख रहे थे और जीजाजी मम्मी को घूर रहे थे। मम्मी भी जीजाजी को देख कर स्माइल कर रही थी। दीपिका दीदी ने भी वही रात वाली नाइटी पहनी हुई थी, जिसमे से उनकी गाँड़ पूरी दिख रही थी। दीदी की मस्त मोटी गाँड़ देखते ही मेरा लन्ड खड़ा हो गया, जो मेरी निक्कर में तम्बू बना दिख रहा था।

दीदी ने जब उसे देखा तो मुझे स्माइल की। फिर दीदी ने अपनी नाइटी नीचे कर अपने मुम्मे बाहर निकाल लिए और अपने बेटे को दूध पिलाने लगी। मैं दीदी के मुम्मे घूर घूर कर देखने लगा। मम्मी और जीजाजी की नज़र मुझ पर पड़ी, तो उन्होंने देखा कि मैं दीदी के पास खड़ा दीदी की चुचियों को घूर रहा हुँ और मेरा लन्ड खड़ा है। ये देख वो दोनों मुस्कुराने लगे, तो मुझे शर्म आयी और मैंने अपना मुँह घूमा कर दूसरी साइड कर लिया। तभी मुझे मेरे लन्ड पर किसी का हाथ महसूस हुआ तो देखा दीदी ने मम्मी और जीजाजी से छुपाकर मेरा लन्ड पकड़ लिया और मसलने लगी।

इतने में पापा नहाकर वाशरूम से बाहर निकले, तो दीदी ने मेरा लन्ड छोड़ दिया। पापा बाहर आये तो मम्मी वाशरूम में अपनी गाँड़ मटकाती हुई चली गयी। पापा तैयार होकर जीजाजी के साथ, मम्मी को ये कहते हुए बाहर चले गए कि हम सब आज फिर यही चंडीगढ़ में रुकने का प्लान कर रहे है। तुम्हारी लता दीदी से बात करनी है, तुम तीनों भी जल्दी आ जाओ तैयार होकर।

मम्मी(बाथरूम से): - 10 मिनट में आ रही हूँ।

पापा और जीजाजी चले गए और मैंने गेट बंद कर दिया।

जैसे ही मैं गेट बंद करके वापिस मुड़ा तो दीदी ने अपने बेटे को साइड में लेटा दिया और खड़ी होकर मेरे पास आई। दीदी जब मेरे पास आ रही थी तो दीदी की नंगी चुचियाँ मस्त उछल रही थी। दीदी ने मेरे पास आते ही मुझे दीवार से चिपक दिया और मुझे पागलो की तरह किस करने लगी। मुझे लिप किस करते हुए दीदी मेरे होंठ ऐसे चूस रही थी जैसे खा ही जाएगी। फिर दीपिका दीदी मेरे गाल चाटने लगी।

इतने में बाथरूम का दरवाजा खुलने की आवाज़ आयी तो दीदी मैंने दीदी को पीछे किया, पर दीदी पीछे नहीं हुई और मुझे पागलो की तरह किस करती रही।

इतने में मम्मी बिल्कुल नंगी बाथरूम से बाहर आई।

मम्मी- दीपिका ये क्या कर रही है।

दीदी- मम्मी दिखता नही अपनी चुत के लिए लन्ड तैयार कर रही हूँ।

मम्मी- तुझे शर्म नही आती अपने सगे भाई के साथ ऐसा करते हुए।

दीदी- आपको शर्म नही आती आने बेटे के सामने नंगी आ गयी और अभी थोड़ी देर पहले अपने दामाद को अपना जिस्म दिख रही थी।

मम्मी- क्या बकवास कर रही है।

दीदी- वही जो सच है। तुम्हे विकास से चुदवाना है तो चुदवा लो, पर मुझे मत रोको।

फिर दीदी मुझे किस करने लगी।

मम्मी- ठीक है, मैं विकास से चुड़वाऊंगी, पर तू अभी ये सब मत कर। ये तेरा सगा भाई है।

दीदी- मम्मी बाहर किसी का लन्ड लेकर बदनाम होने से अच्छा तो भाई का लन्ड लेकर मज़ा लेना अच्छा है।

मम्मी- तू हवस में पागल हो गयी है।

दीदी- हाँ, 2 साल से चुत में लन्ड नही गया। अगर मेरे भाई का लन्ड मुझे ना मिला तो मैं नंगी होकर सड़क पर चली जाऊंगी और लोगो से चुड़वाऊंगी रण्डी बनकर।

मम्मी- क्या बोल रही है तू पागल हो गयी है। चल जो करना है कर राज के साथ, पर अभी नही रात में।

दीदी- ठीक है।

मम्मी- राज जा तू नहा कर आ फटाफट।

राज- ठीक है मम्मी।

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