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Incest जिंदगी के रंग अपनों के संग

ये देख के जहाँ सॅम के दोस्त डर गये वही सॅम का गुस्से से बुरा हाल था.मेने सॅम को इशारे से अपनी तरफ बुलाया अब वो और उस के

तीन दोस्त ही बचे थे.एक बार फिर सॅम ने उन में से दो को मेरी तरफ भेजा इस बार मेने उन का इंतज़ार करना ही सही समझा.

वो एक दूसरे के आगे पीछे भागते हुए आने लगे .जब वो मेरे पास आए तो मेने बड़ी ही फुर्ती से उन में से आगे वाले के पैरो पे जबरदस्त किक मारी जिस से उस का बॅलेन्स बिगड़ गया और उस के पीछे वाले का भी मेने मोके का फ़ायदा उठाते हुए लपक के दूसरे वाले की गर्दन में हाथ डाल के उस को गर्दन से पकड़ के पूरी जान से नीचे कूद गया नतीजा ये हुआ कि वो मूह के बल सीधे ज़मीन पे जा लगा और वही ढेर

हो गया अब तक पहले वाला सम्भल चुका था वो मुझ पे हमला करता उस पहले ही मेने पूरी ताक़त से अपना घुटना उस की ठूड्डी पे दे

मारा वो दर्द से चिल्लाते हुए मुझ से दूर जाने लगा में ने एक जोरदार पंच उस की पैठ में दे दिया उस ने भी ज़मीन पे रहना ही पसंद किया.

अपने दोस्तो की ठुकाई होते देख जॅक का छोटा दोस्त भाग खड़ा हुआ.

में-सॅम कुछ मज़ा नही आ रहा यार कुछ तो मिस्सिंग है .अरे हाँ तुम्हारी हँसी गायब है और मेने उस की तरफ और उस ने मेरी तरफ दौड़ लगा दे कोई 10सेक में भी हम दोनो ने एक दूसरे के उपर छलाँग लगा दे वो मुझे पंच मारने लगा और में उस के पंच खाते रहा

कोई 4से5पंच खाने के बाद माइ टर्न बेबी और मेने पूरी ताक़त से एक पंच उस के जबड़े पे दे मारा उस के मूह से खून का एक फबारा सा निकल पड़ा.

सॅम-आज तक किसी ने मुझ पर हाथ नही उठाया और तुमने मेरे मूह से खून निकाल दिया बेहन******.

में-तूने अपनी लाइफ की सबसे बड़ी ग़लती कर दी मुझे गाली दे के में अब तक सिर्फ़ खेल रहा था और सोच ये ही थी कि बस तुझे

सबक सिखाना है पर अब तूने अपनी मौत को दावत दे दी.

सॅम ने मेरे पेट में घुसा मारना चाहा पर में ने उस के घुसे को एक स्क्रुड्राइवर से जैसे कोई नट टाइट करते है ठीक वैसे ही मोड़ दिया जिस से उस को जानलेवा दर्द हुआ होगा क्यूँ कि ऐसा करने से हाथ की हड्डिया टूटती नही है मूड जाती है जिस से ना सह पाने वाला दर्द होता है

उस के मूह से ऐसे चीख निकली कि अच्छे अच्छे मज़बूत दिल वालो का भी कलेजा मूह को आ जाए .वहाँ मजूद आधी लड़कियों की भी चीख निकल गयी ये सब देख कर.

में-अब बोल क्या बोल रहा था तू और इस के साथ अपने जुते का पूरा सौल उस के मूह पे छापते हुए . एक बार फिर बोल तुझे पता है तूने क्या किया और इस के साथ एक और जोरदार लात उस के पेट पे लात इतनी जोरदार थी कि वो करीब 1.5 फुट तक दूर चला गया.वो

जान है मेरी शान है मेरी वो जिंदगी है वो है तो में हूँ समझा कि नही .

में उस को अभी एक और लात मारने ही वाला था कि किसी ने पीछे से मेरा हाथ पकड़ लिया जब मेने पीछे मूड के देखा तो मेरे चहरे पे एक कातिल मुस्कान आ गयी......

मेने पीछे मूड के देखा तो मेरे चहरे पे एक कातिल मुस्कान आ गयी...... तुम इंसान हो कि जानवर कोई किसी को ऐसे मारता है क्या तुम में इंसानो वाली एक भी खूबी नही है.

मैं--प्रिया जी मेने ऐसा क्या कर दिया जो में एक इंसान से जानवर हो गया.

प्रिया-ज़रा देखो इसे क्या हाल किया है तुम ने इसका .

मैं-प्रिया जी तो आप मुझे बता रही है कि मुझे में इंसानो वाली एक भी खूबी नही है क्यूँ कि मेने आप के बाय्फ्रेंड को बुरी तरह पिटा. पर प्रिया जी क्या आप मेरे एक सवाल का जबाब देगी कि जब आप का ये बाय्फ्रेंड और उस के दोस्त मुझे किसी जानवर की तरह मार रहे थे तब आप को ये याद नही आया.जब आप लोग मुझे यहाँ ज़ख्मी हालत में मरने के लिए छोड़ गये थे तो आप को इंसानियत की याद नही आई .

मेरा कुसूर क्या था यही ना कि मेने सिर्फ़ अपने बारे में ना सोच के सब के बारे में सोचा.या फिर मेरी ये ग़लती थी कि में ये सोच रहा था

कि लड़ाई झगड़े से किसी बात का हल नही निकलता.

प्रिया-तुम्हे पता है तुम ने किस पे हाथ उठाया है.तुम बचने वाले नही हो तुम.
 
में-मर गये मुझे मारने वाले और अगर ऐसे बात है तो इसे जिंदा ही क्यूँ छोड़ा जाए .में आस पास कुछ ढूँढने लगा सॅम को जान से मारने के लिए पर मुझे कुछ दिखा नही फिर मुझे कुछ दूरी पे बड़े ब्लॉक्स रखे हुए दिखाई दिए में उन में से एक उठा लाया और सॅम को मारने ही वाला था की निशा मेरे सामने आ गयी.

निशा-में तुम्हे ऐसा नही करने दूँगी .

में-निशा हट जाओ मेरे सामने से आज इसे कोई नही बचा सकता.

निशा-मेने कहा उसे फेको अभी के अभी.

में-नही में इसे जिन.....अभी मेरी बात पूरी भी नही हुई थी कि तड़क्कककक एक जोरदार थप्पड़ मेरे गाल पे पड़ा और ब्लॉक मेरे हाथ से गिर गया. निशा ने थप्पड़ तो मार दिया पर अब उसे अपनी ग़लती का अहसास हो रहा था और वो मुझ से लिपट के रोने लगी में ने भी वक़्त की नज़ाकत को समझते हुए उसे अपने से अलग नही किया कुछ देर तक रोने के बाद वो खुद ही मुझ से अलग हुई .

सामने से कॉलेज स्टाफ आता हुआ दिखाई दिया जिन में जॅक भी था और वो मुझे इशारे से वहाँ से जाने को बोल रहा था .

में निशा को ले के वहाँ से निकल लिया और पार्किंग में जा के रघु को फोन कर के बुला लिया.

रघु-क्या है यार ये सब भाई दोस्त माना है कुछ तो भरोसा कर.

में-यार ऐसी बात नही है.यार बात ही ऐसी थी जिस में तुझे चाह के भी शामिल नही कर सकता था यार समझा कर में तुझे घर पे सब

बताता हूँ अभी तू मुझे बाइक की चाबी दे दे तू टॅक्सी से चला जा प्लीज़.

रघु-कैसी बात कर रहा है ये ले चाबी पर अब तू कहाँ जा रहा है ये तो बता.

में-कोई नाराज़ है हम से (निशा की तरफ इशारा करते हुए) समझ ले यार.

रघु-ओके में तुझे घर पे मिलता हूँ.

और मुझे की दे के वो निकल गया मेने बाइक पार्किंग से निकाली और निशा के पास ला के रोकते हुए.

में-निशा मुझे बहुत जोरदार भूक लग रही है और मुझे यहाँ के बारे में कुछ ज़्यादा नही पता क्या प्लीज़ तुम मुझे किसी रेस्टोरेंट में ले

चलोगि प्लीज़. निशा बिना कुछ बोले ही पीछे बैठ गयी और मेने बाइक बाहर निकाल ली और चल पड़े.

निशा-क्या ऐसे ही रोड नापने का इरादा है या कही पहुँचने ही भी कोशिश है.

में-जब इतनी खूबसूरत लड़की आप की बाइक पे हो तो भला कौन बेबकूफ़ कहीं पहुँचने की कोशिश करेगा.

निशा-मस्का लगाने की ज़रूरत नही है.आगे से लेफ्ट ले लेना तुम्हारा रेस्टोरेंट आ जाएगा.

में-जी मॅम जैसा आप कहें. कुछ ही देर में हम रेस्टोरेंट में जा के एक साइड टेबल पे बैठ गये.

निशा-तुम्हे तो भूक लगी थी ना.

में-हाँ अभी भी लगी है.

निशा-तो खाना ऑर्डर करो ऐसे बैठने से कुछ नही होने वाला.

में-सॉरी पहले तुम मुझे माफ़ करो.

निशा-अब क्या नौटंकी है ये तुम्हारी.

में-फिर चलो वापस चलते है मुझे नही खाना कुछ भी.

निशा-क्यूँ तुम्हे क्या फ़र्क पड़ता है.

में-निशा देखो में कान भी पकड़ रहा हूँ प्ल्ज़.

निशा-पर अपने कान पकडो मेरे नही.हाहाहा

में-ओह ऐसा क्या मुझे पता नही था.तुम हँसती हुई बहुत ही खूबसूरत लगती हो और नाराज़ होने पे एक छोटी बच्ची जैसे जिसे चॉक्लेट ना दे गयी हो.

निशा-तुम नही सुधरने वाले है ना .चलो खाना ऑर्डर करो तुम्हारी वजह से आज मेने भी नही खाया कुछ.

में-जी मॅम जैसा आप कहें. मेने खाना ऑर्डर कर दिया.

निशा-अब ये बताओ कि ऐसा क्या हो गया था जो तुम सॅम को जान से मारने पे तुले हुए थे.

में-क्या ये बाते अभी ज़रूरी है अभी तुम लंच करो ना देखो इतने अच्छे मूड में हमारा उस कमिने का नाम ले के खराब ना करो.

निशा-ठीक है पर में पता तो लगा ही लूँगी.

में-ओके और अब हम इस टॉपिक पे कोई बात नही करेंगे.

निशा-ओके

फिर हम ने कुछ देर तक ऐसे ही इधर उधर की बाते की फिर हम वहाँ से निकल . बार निशा मुझ से बिल्कुल चिपक के बैठी थी .

में-निशा जी कहीं लोगो को ये ग़लतफमी ना हो जाए कि हम बाय्फ्रेंड/गर्लफ्रेंड है नही तो आप को काफ़ी पोबलम हो सकती है.

निशा-अच्छा मुझे भी तो पता चले कि कैसी प्रॉब्लम.

में-अगर अभी से ये बात कॉलेज में फैल गयी कि आप का बाय्फ्रेंड है .वो भी स्पेशल मे जो एक दो दिन से इतना हाइलाइट हुआ है कि जिसे नही जानना था वो भी जान गया हमारे बारे में.तो फिर कम से कम पूरा साल आप को बिना बाय्फ्रेंड के रहना होगा क्यूँ कि अब कॉलेज

में किसी की इतनी हिम्मत नही होगी जो कम से कम मेरी गर्लफ्रेंड पे चान्स मार सके.

निशा-इतना भी कुछ खास नही हुआ दो दिन में सब भूल जाएगे .और तुम मेरी चिंता छोड़ो अपनी सोचो कि अब क्या होगा.

में-मेने सब सोच लिया है मेरे अंकल सब संभाल लेगे.निशा यहाँ बेकरी कहाँ है.

निशा-क्यूँ अब मुझे मीठा खाने की इच्छा नही है.

में-ज़्यादा खुश होने की ज़रूरत नही है .मुझे अपनी गुड़िया के लिए चॉकलेट लेनी है तुम्हारे लिए नही.

निशा-नही फिर तो मुझे भी चाहिए नही तो खुद ढूँढ लो.

में-ओके.

फिर मेने कुछ अलग अलग तरह की चॉकलेट ली क्यूँ कि मुझे नही पता था कि उस को कौन सी पसंद है और में रिस्क नही ले सकता

था और एक निशा को भी दी.

निशा-वाह ये नाइंसाफी है मेरे लिए सिर्फ़ एक और उस के लिए इतनी सारी.

में-तुम्हारे लिए वो भी ज़्यादा में आधी मेरी है उस में से पूरी मत खाना ओके तुम ने किया ही क्या है सिर्फ़ आड.ही तो बताया है.

निशा-अच्छा में नही देती जाओ जो करना है कर लो.

मेने झपट के उस चॉकलेट में से एक बाइट ले ली.मुझे कभी चॅलेंज मत करना गॉट इट.

निशा रोने सा मूह बनाते हुए ओके पर तुम ने ये ठीक नही किया एक ही तो दिलवाई थी और उस में से भी आधी तुम ने ही खा ली जाओ में बात नही करती.

में-अरे मेरी माँ ठीक है एक और ले के दे देता हूँ चलो बस तुम ऐसे नाराज़ मत हुआ करो नही तो किसी ने देख लिया तो सोचेगा तो मेरी बड़ी बदनामी होगी वो तो ये ही सोचेगा की मेने इस छोटी बच्ची की चॉकलेट छीन ली है .

निशा-तुम तो गये अब में तुम को एक छोटी बच्ची लग रही हूँ.और वो मुझे मारने लगे और फिर खुद ही थक के रुक गयी .अब जल्दी लाओ मुझे अभी खानी है .

में-ओके लाता हूँ फिर मेने उस को एक और चॉकलेट ला के दे दी.अब चलो ना तुम्हें अभी कॉलेज छोड़ के मुझे घर भी जाना है.
 
इस बार उस ने अपने आप ही मुझे एक बाइट दे दी.फिर हम निकल पड़े कॉलेज की ओर.

में-निशा तुम्हें याद है तुम ने बोला था कि तुम मुझ से पार्टी में मिली थी जहाँ तुम को तुम्हारी फ्रेंड अमृता ने इन्वाइट किया था उस से कब मिलवा रही हो.

निशा-तूमे उस से क्या काम .(मुझे घूरते हुए)

में-बस ऐसे ही शायद कभी कोई काम आ जाए.

निशा-ओके वो इस सहर से नही है वो तो यहाँ अपनी कजन सिस्टर को छोड़ने आई थे और पार्टी से पहले ही किसी एमेरजेंसी में जाना

पड़ा उस को वापस मुझ से भी नही मिल पाई थी उस दिन.

में-(ओह तभी वो मुझे नही दिखी घर पे)ओके

ऐसे ही बाते करते करते हम कॉलेज पहुँच गये जहाँ से पार्किंग में से उस ने अपनी गाड़ी ली और निकल गयी अपने घर को और में भी निकल पड़ा अपने घर के लिए….

मैं--मोम गुड़िया कहाँ है.

मोम-अपने रूम में उस की तबीयत खराब है इसलिए आराम कर रही है.ये तुझे क्या हुआ ये चॉट कैसे लगी तुझे .

में-ये तो में बॉक्सिंग की प्रॅक्टीस कर रहा था उसी का इनाम है आप परेशान ना हो सुबह तक सब ठीक हो जाएगा.

मोम-पर तू तो बॉक्सिंग नही करता है ना फिर ये सब क्या है.

में-में पहले नही करता था पर अब कर रहा हूँ.आप जॅक से पूछ ले वो क्या है ना जो लड़के बॉक्सिंग करते है कॉलेज में उन को लड़कियो की अटेन्षन ज़्यादा मिलती है.

मोम-रुक तुझे अभी बताती हूँ मुझ से मज़ाक करता है .

और मोम ने मेरे कान पकेड़ लिए और में चिल्लाने लगा जिस को सुन के गुड़िया नीचे आ गयी .

गुड़िया -मोम आप भाई को क्यूँ परेशान कर रही है छोड़िए इन्हें .

मोम-लो आ गयी अपने भाई की चमची .रुक तुझे भी बताती हूँ.

में आगे आ कर ऐसा ज़ुल्म ना करें माता श्री नही तो आप ही सोचिए कि लोग क्या कहेगे कि एक माँ अपने प्यार बच्चो को सिर्फ़ इसलिए

सज़ा दे रही है क्यूँ कि क्यूँ कि.....

मैं-गुड़िया आगे की बात तू पूरी कर मुझ से नही कहा जाएगा.

गुड़िया -में क्या बोलो आप को इस टाइम मज़ाक सूझ रहा है.

में-तो सच में तुझे कुछ नही बोलना .

गुड़िया -मुझे घूरते हुए.

मैं-तो यहाँ खड़ी क्यूँ है भाग चल जल्दी .और इस से पहले कि मोम को कुछ समझ आए हम दोनो गुड़िया के रूम में थे.

मोम-तुम दोनो भाई-बहन ने मिल कर मुझे बेबकूफ़ बनाया है बाहर आओ तब बताती हूँ तुम्हे.

में-बच गये थॅंक्स तूने बचा लिया.

गुड़िया -ये आप को चोट कैसे आई जल्दी बताओ मुझे और देखो कितना सूज गया है आप को दर्द हो रहा होगा आप बैठो में आप की

लिए गरम पानी लाती हूँ उस से सिकाई करेंगे तो आराम मिलेगा.

और भागते हुवे बाथरूम में चली गयी और कुछ देर में ही वो वापस आ गयी वो अपने साथ गरम पानी भी लाई थी.

गुड़िया -आप यहाँ पे आराम से लेट जाओ में सेकाई कर देती हूँ.

(चोट मेरे पूरे शरीर में ही थी पर कपड़े होने की वजह से दिख नही रही थी पर जो मेरे मूह पे सूजन थी वो साफ साफ दिख रही थी )

गुड़िया -अब आप बताएगे कि ये चोट कैसे लगी किस से लड़ के आ रहे है आप.

में-क्या तू भी मोम की तरह सुरू हो गयी यार बॉक्सिंग स्टार्ट की है आज ये उसी का गिफ्ट है .फर्स्ट डे था इसलिए मालूम पड़ रहा है आगे से किसी को मालूम भी नही पड़ेगा.

गुड़िया -आप सच कह रहे है ना ये बॉक्सिंग से ही है ना.

में-मेरी जेम्स बॉन्ड आपने इस छोटे से दिमाग़ पे लोड कम डाल अगर सारा अभी यूज़ कर लेगी तो फिर बाद में क्या करेगी.

गुड़िया -क्यूँ आप का दिमाग़ कब काम में आएगा आप की छोटी बेहन हूँ आप की सभी चीज़ो पे मेरा बराबर का हक़ है.

में-अच्छा तूने आज लंच क्यूँ नही किया.

गुड़िया -मेरी तबीयत ठीक नही थी.

में-मेरी तरफ देख के बोल.

गुड़िया -वो मुझे आप पे गुस्सा आ रहा था इसीलिए नही किया ....

में-आगे से तू कभी भी ऐसा नही करेगी ठीक है.देख तुझे कोई भी बात हो बिना किसी प्रॉब्लम या बिना किसी की परवाह किए सीधे मुझसे बता दिया कर चाहे वो मुझ से ही रिलेटेड बात क्यूँ ना हो पर आज के बाद कभी भी अपने आप को कोई भी परेसानी में डाला ना तो ये

सोच लिओ कि में नही रहा.

गुड़िया -आप ये क्या कह रहे है आपको पता है आपके बिना तो में....(और वो रोने लगी ).
 
मैने उस को कस के अपने गले लगा लिया और कुछ देर तक उसे वैसे ही रहने दिया.फिर उस को खुद से अलग करते हुए चल अब चुप

हो जा ये आख़िरी बार आँसू है तेरी आँखों में .मेरा वादा है आज के बाद में इनमें कभी आँसू नही आने दूँगा.

अरे यार में तो बताना ही भूल ही गया तेरे लिए एक गिफ्ट है.

गुड़िया -कहाँ है कहाँ है बताओ ना .

मैने उसके आँसू सॉफ किए.चल पहले कुछ खा ले फिर देता हूँ .

गुड़िया -आप बहुत अच्छे हो पर आज में अपने हाथ से नही खाने वाली.

में-तो इसमें क्या प्रॉब्लम है चल आज में तुझे खिलाता हूँ अपने हाथ से.

फिर हम लोग हॉल में आ गये मॉम कुछ बोलती उस से पहले ही मॉम सारी बातें बाद में अभी गुड़िया के लिए कुछ खाने को दो ना प्लज़्ज़्ज़्ज़.

मॉम-ठीक है तुम लोग बैठो में लाती हूँ कुछ .

हम लोग यहाँ पड़े सोफे पे बैठ गये.गुड़िया ने अपना सिर मेरे कंधे पे रख के अपने दोनों हाथों से मुझे ऐसे पकड़ लिया जैसे कि अगर वो अपनी पकड़ ढीली करेगी तो में भाग जाउन्गा.

मॉम ने खाने की प्लेट गुड़िया की ओर बढ़ाते हुए जिसे मैने बीच में ही पकड़ लिया .

में-मॉम आज हमारी प्रिंसेज़ अपने हाथों से खाने का बिल्कुल भी मूड नही है आज हम उन को खिलाएँगे लाइए हमें दीजिए ये प्लेट.

मॉम-क्या बात है हमें तो कभी किसी ने अपने हाथों से नही खिलाया.और थोड़ा ध्यान से तुम्हारी प्रिन्सस आज भी दाँत काटती है बिल्कुल किसी चुहिया की तरह.

गुड़िया -मॉम ये तो हद ही हो गयी पहले में छोटी थी अब बड़ी हो गयी हूँ.और वैसे भी अब हम प्रिंसेज़ बन गये है तो अब हम अपनी शान में कुछ अच्छा सुनना चाहेंगे.

मॉम-अच्छा बड़ी हो गयी है जो लड़की आइस क्रीम भी ढंग से नही खा सकती वो उससे में क्या कहूँ.

दोनों की बातें सुन के मेरी तो हँसी निकल गयी और में यही पेट पकड़ के हँसने लगा .

गुड़िया -आप दोनों कितने बुरे हो बस मेरी कमियाँ ही बता रहे हो आप से तो अच्छे डॅड है जो मुझे इस दुनिया की सबसे अच्छी लड़की कहते है .जाओ मुझे किसी से भी कोई बात नही करनी और ना ही कुछ खाना है जब भी भूक लगेगी तो में अपने आप ही खा लूँगी.

और वहाँ से उठ के जाने लगी.मैने उस का हाथ पकड़ लिया .सॉरी बाबा में तुम पर नही हंस रहा था मुझे एक मस्त जोक याद आ गया

तुम पहले अपना खाना ख़तम करो फिर तुम्हें भी सुनाता हूँ.

मॉम कुछ बोलने ही वाली थी कि मैने उन्हे रोकते हुए .मॉम अब में अपनी प्रिंसेज़ बारे में कुछ भी नही सुनना मुझे पता है वो कितनी अच्छी है .

गुड़िया -और प्यारी भी.

में-हाँ प्यारी भी है.

फिर हम ने ऐसे ही हसी मज़ाक में खाना ख़तम किया.

गुड़िया -लाइये मेरा गिफ्ट दीजिए.

में-कौन सा गिफ्ट मेरे पास कुछ भी नही है.

गुड़िया -मुझे नही पता मुझे तो गिफ्ट चाहिए अभी के अभी .

और रोने का नाटक करने लगी.

में-अच्छा तो इसमें रोने की क्या ज़रूरत है ये लो तुम्हारा गिफ्ट और में वो सारे चॉकलेट दे दिए जो में स्पेशल उसी के लिए लाया था.चॉकलेट देख के वो किसी छोटे बच्चे की तरह उछलने लगी उस की ख़ुसी देखने लायक थी और मुझे ये ही तो चाहिए थी बस.

गुड़िया -में आपको कोई थॅंक्स नही बोलने वाली इसके लिए अभी भी आप पे बहुत पेंडिंग है जल्दी क्लियर कर दीजिए नही तो फाइन भी

भरना पड़ सकता है.

में-रुक तुझे बताता हूँ अभी फाइन की बच्ची और में उस को पकड़ने के लिए जैसे ही उठा वो अपने रूम में भाग गयी और रूम का गेट लॉक कर लिया .

इधर हमारे बंगले के बाहर आज कुछ अजीब सा हो रा था अचानक से ही कुछ कीड़ो का झुंड आता है और वो हमारे बंगले के चारो

तरफ फैलने लगता है और जब अंदर जाने की कोशिश करते है तो एक तय सीमा से अंदर नही जा पाते और वही गिरने लगते है......

अगर ध्यान से देखा जाए वो कीड़े एक खास पॅटन में बंगले के चारो और उड़ रहे थे जैसे कि किसी को या कुछ तलाश कर रहे है .फिर वो जैसे आए थे वैसे ही गायब हो गये हवा में किसी ने इस बात पे कोई धान नही दिया सिवाए एक साए को छोड़ के जो वहाँ से करीब 10 से 15 किमी दूर किसी पैड पे बैठ के एस घटनाक्रम को देख रहा था.

यहाँ जॅक अभी विश्राम की मुद्रा में बैठा हुआ था कि उसके कमरे में यही पुरानी धुन्ध पैदा हुई जैसे कि उसके ऑफीस रूम में पैदा हुई थी और कुछ ही देर में वो साया भी आ गया.

जॅक-में आप का ही वेट कर रहा था.

साया-जॅक तुम ने सही कहा था कि मामला काफ़ी सीरीयस है हमें पता चला है कि हॉल ही में उन की बड़ी मीटिंग हुई है जिस में वो अजय को किसी भी कीमत पे पाना चाहते है और अब मुझे उस की सेक्यूरिटी की चिंता है.

जॅक-अब को शायद नही पता कि अभी कुछ देर पहले मैने किसी को महसूस किया जैसे कि कोई मेरे द्वारा बनाए गये शील्ड को तोड़ के अंदर आना चाहता है पर जब मैने पता लगाने की कोशिश की तो वो गायब हो गया.

साया.ये हो सकता है एक और बुरी खबर आई है कि जो हमें आज ही मालूम पड़ी है कि किसी ने साइलेंट किल्लर को भी हायर किया है इसकाम के लिए .

जॅक-ऐसा नही हो सकता वो तो एक दरिन्दा है और बहुत ही ताकतवर अगर वो यहाँ आ गया तो सब बेकार क्यूँ कि उस की शक्तियों का तोड़ मेरे किसी भी फाइटर के पास नही है अब मुझे ऐसा लगता है कि हमें अजय को यहाँ से कही सेफ जगह सिफ्ट कर देना चाहिए यहाँ रहना उसके और हमारे लिए ठीक नही है.

साया-तुम जानते हो हम ऐसा नही कर सकते क्यूँ कि वो अभी मेंटली इतना डिस्टब है कि कुछ भी हो सकता है .

जॅक-पर यहाँ वो सेफ नही है.

साया-तुम्हारी चिंता सही है पर इसका भी सोलूशन है.हम ने एक ट्रॅक फाइटर को यहाँ तुम्हारे हेल्प के लिए भेज दिया है जल्द ही वो तुम्हें जाय्न कर लेगा.

(ट्रॅक फाइटर ये वो फाइटर होते है जो कि पाँच में से किसी भी तीन चीज़ो पे कंट्रोल कर पाते है .ये स्पेशल सिर्फ़ लड़ने के लिए ही तैयार किया जाता है.इन का काम होता है कि किसी भी मरे गये फाइटर के शरीर को किसी भी दुश्मन के हाथ में लगने से बचाना और उसे किसी

भी हालत में ख़तम करना इन के बारे में किसी को भी कुछ पता नही होता की ये कौन है कहाँ रहते है बस कुछ सुप्रीम को ही ये पता होता है .)

जॅक-ठीक है पर मुझे ली की को भी इंडिया बुलाने की पार्मिशन चाहिए .

साया-ठीक है तुम उस को बुला सकते हो और तुम अजय की ट्रनिंग को आगे ले जाओ जल्द से जल्द.

जॅक-आप परेशान ना हो में कल से ही उस की ट्रनिंग स्टार्ट कर देता हूँ .

साया-ओक मुझे पल पल की रिपोर्ट चाहिए .

और वो साया जैसे आया था वैसे ही गायब हो गया और जॅक भी उठ के कही जाने को तैयार होने लगा.
 
इधर में अपने रूम में बैठा बोर हो रहा था कि मैने सोचा कि क्यूँ जिया दी से मिल के आया जाए.

में तैयार हो के जिया दी के घर के लिए निकल लिया अभी में कुछ ही दूर गया था कि कुछ लड़के एक लड़की को परेशान कर रहे थे

मैने गाड़ी उन के पास रोकी और उतर के उसके पास चल दिया.

में-भाई लोगो क्यूँ परेशन कर रहे हो इसे जाने दो यार वैसे भी देखने में कोई खास नही है.

लड़का 1स्ट-क्यूँ बे तेरी क्या बेहन लगती है ये.

में-नही अगर बेहन होती तो तुम लोग अपने पैरो पे खड़े नही होते अभी तक .

लड़का2न्ड-क्यूँ बे लड़की के सामने ज़्यादा स्टाइल मार रहा है.लगता है तू ऐसे नही मानेगा ये शंभू भाई का इलाक़ा है यहाँ सिर्फ़ शंभू भाई का राज चलता है तेरे लिए लास्ट चान्स है निकल ले यहाँ से.

में-मैने किसी पिक्चर में देखा था कि इलाक़ा तो कुत्तो का होता है क्या तुम्हारा शंभू भाई एक कुत्ता है .सॉरी दोस्तो में कुत्तो को मूह नही लगाता .

लड़का1स्ट-अबे देख क्या रहे हो इसको इसकी औकात दिखा दो मारो साले को.

में-देखो दोस्तो अभी मेरा मूड बहुत ही अच्छा है इसलिए में नही चाहता कि मेरा मूड खराब हो नही तो…..अभी मेरी बात भी पूरी नही होई

थी कि एक जोरदार पंच मेरे जबड़े पे पड़ा.

तुम लोग ऐसे नही मानोगे वो टोटल तीन थे पर आज दोपहर को की गयी सॅम पे प्रॅक्टीस यहाँ भी काम आ गयी और जल्द ही वो सारे ज़मीन पे पड़े अपनी ग़लती की माफी माँग रहे थे.

में-आओ में तुम को तुम्हारे घर छोड़ देता हूँ.

लड़की मेरी तरफ ऐसे देखने लगी जैसे मैने ना जाने उस को क्या बोल दिया.

में-डरो मत में लड़कियो की बहुत ही इज़्ज़त करता हूँ क्यूँ कि मेरी भी एक बेहन है जो मुझे को मुझे जान से भी प्यारी है इसलिए डरो नही

में तुम को कुछ नही करूगा.शायद मेरा लेक्चर काम कर गये और वो गाड़ी में बैठ गयी………….

में-तो तुम्हारा नाम क्या है.

लड़की-गुंजन

में-बहुत ही खूबसूरत नाम है.में अजय हूँ ये तो नही कह सकता कि तुम से मिल के ख़ुसी हुई पर में यहाँ अभी नया हूँ तो क्या तुम मेरी फ्रेंड बनोगी.

(गुंजन देखने में सिंपल और मासूम सी लगने वाली लड़की है.ये एक ऐसी लड़की है जिस से हर कोई फ्रेंडशिप करना चाहेगा क्यूँ कि ऐसे लड़किया या दोस्त हम को कभी नही छोड़ते ये मेरा मानना है.हिगत ये ही कोई 5.3 के आस पास आँखों पे चस्मा और हाथ में बुक्स एक

बात को चीख चीख के साबित कर रहे थे कि ये एक स्टूडेंट है.)

में-तो तुम कहाँ से आ रही थी इस टाइम .

गुंजन-कोचिंग .

में-तुम हमेंशा ही इतना कम बोलती हो या मेरी शकल ही ऐसी है.

गुंजन-नही ऐसे बात नही है मुझे ज़्यादा बात करने की आदत नही है.

में-लो तुम्हारा घर आ गया .

गुंजन-थॅंक्स फॉर हेल्प अगर तुम आज टाइम पे नही आते तो पता नही क्या होता.

में-क्या होता कुछ नही अच्छे लोगो के साथ कभी बुरा नही होता ऐसा मेरी मॉम कहती है और वो कभी ग़लत नही होती .

गुंजन-तुम सच में बहुत ही अच्छे हो प्लीज़ अंदर आओ में तुम्हें अपनी मॉम से मिल्वाती हूँ.
 
में-नही अभी मुझे कहीं जाना ही पर किस्मत में होगा तो नेक्स्ट टाइम पक्का आउन्गा.

गुंजन-ओके में तुम को फोर्स नही करूगी गुड डे.

में-सेम टू यू .

और मैने गाड़ी घुमा ली अभी में कुछ ही दूर गया था कि जॅक का फोन आने लगा उस का नंबर देखते ही मुझे ऐसा लगा जैसे कि किसी ने

मेरे सर पे ज़ोर से हथौड़ा मारा हो.

जॅक-हेलो तुम कहाँ हो इस टाइम .

में-रवि के घर जा रहा हूँ .

जॅक-अभी के अभी घर वापस आओ कुछ ज़रूरी कम है.

में-ऐसा क्या ज़रूरी काम है जो तुम थोड़ी देर रुक नही सकते .

जॅक-जो तुम ने आज कॉलेज में हीरोगिरी दिखाई है उसी के लिए चलना है .

में-20 मिनट में तुम को घर पे मिलता हूँ.

और फिर फोन काट के मैने गाड़ी वापस घर के लिए मोड़ ली और ऑलमोस्ट अपने दिए हुए टाइम पे ही पहुँच भी गया .जॅक गेट पे ही मेरा वेट कर रहा था मेरे पहुँचते ही फ्रंट गेट खोल के बैठ गया और हम निकल पड़े सॅम के घर .अब सॅम के डॅड एक मिनिस्टर थे इस स्टेट के तो इतना तो उन के लिए भी बनता था और कुछ ही देर में हम यहाँ पहुँच भी गये.

वहाँ पहले से ही लगभग कॉलेज का पूरा स्टाफ और पोलीस के कुछ बड़े ऑफिसर्स बैठे थे जॅक ने ये अच्छा काम किया था कि अब तक

उस ने डॅड को इस मामले के बारे में पता नही चलने दिया था और सब कुछ खुद ही हॅंडल कर रहा था.

सॅम डॅड-तो तू है वो जिस ने मेरे बेटे की ये हालत की है .तुझे देख के तो सज़ा देने का मन भी नही कर रहा चल एक काम कर कल

सारे कॉलेज के सामने समीर से माफी माँग ले और फिर कभी उसके रास्ते में मत आना में तुझे माफ़ कर दूँगा.

में-जी बिल्कुल माँग लूँगा सर आप मेरे बड़े में जैसा आप कहे.पर फिर समीर को भी मुझसे माफी माँगनी पड़ेगी क्यूँ कि शुरुआत तो उस ने की थी.

सॅम डॅड-बहुत उड़ रहा है तू वो तो में अब तक प्रिन्सिपल के कहने पे बातचीत के लिए राज़ी हुआ हूँ नही तो तू कब का ये दुनिया छोड़ के

जा चुका होता समझा.समीर मेरा इकलौता बेटा है और उसके लिए में किसी भी हद तक जा सकता हूँ समझा.

जॅक-तो आपको लगता है कि सारे फ़साद की जड़ समीर है क्यूँ है ना.

सॅम डॅड-हाँ क्यूँ कि सारे कॉलेज के सामने उस की बेज़्जती हुई है जिस कॉलेज में वो शेर बन के घूमता था तुम्हारे इस दो कोड़ी के लड़के ने उस की सारी इज़्ज़त निकाल दी अब अगर इसने कल उस से माफी नही माँगी तो इसको कोई नही बचा सकता फिर चाहे वो कोई भी हो.(उस का इशारा इनड्रिक्ट्ली मेरे डॅड की तरफ था क्यूँ कि वो ये तो जान ही चुका था कि जॅक कॉलेज के अलावा और कहाँ काम रहता है

और कॉलेज में किस के रेफरेन्स से उस को इतनी जल्दी सेलेक्ट किया गया आंड और अभी बातें जो जॅक चाहता था कि उस को पता हो)

जॅक-मेरे पास एक और रास्ता है अगर आप कहें तो में बताऊ इससे हम दोनों की प्रॉब्लम हल हो जाएगी हमेंशा के लिए.

प्रिन्सिपल-तो जॅक बताओ इससे अच्छा क्या होगा.

सब जॅक को ऐसे घूर्ने लगे जैसे कि वो इस दुनिया का नोवा अजूबा हो या ये समझ लो कि जैसे उसके सिर पे सींग उग आए हो..

और फिर जो रास्ता उस ने बताया उसे सुन के वहाँ बैठे सब लोगो के पैरो के नीचे से ज़मीन निकल गयी.मुझे और जॅक को छोड़ के किसी को भी अपने कानो पे बिश्वास नही हो रहा था कि कोई ऐसा भी कर सकता है ….

सब के ऐसे चहरे देख के मेरी तो हसी ही निकलने वाली थी पर मैने किसी तरह खुद को कंट्रोल किया .

में-जो भी जॅक सर चाहेंगे मुझे मंजूर होगा चाहे वो सॅम से माफी माँगना हो या कुछ भी मुझे फ़र्क नही पड़ता .

जॅक-सर एक प्रॉब्लम है अगर इसने आज मेरे कहने पे माफी माँग भी ली तो इसकी क्या गारंटी है कि कल को ये अपना रिवेंज नही लेगा

या सॅम और ये एक दूसरे के आमने सामने नही आएँगे और फिर कुछ ऐसा नही होगा.

सॅम डॅड-ये तो मैने सोचा ही नही.

प्रिंसियाल-इसमें सोचना क्या है इसको यहाँ से कहीं दूर भेज दो मामला अपने आप शांत हो जाएगा.और आगे इस तरह के हादसे की

कोई गुंजाइश ही नही रहे गी.

में-सर ये पासिबल नही है क्यूँ कि ग़लती मेरी नही है ग़लती सॅम की है सज़ा भी उस को मिलनी चाहिए ना कि मुझे .और एक बात में यहाँ

से कहीं नही जाने वाला चाहे कोई कुछ भी कर ले.

जॅक-तुम्हें यहाँ से जाने की ज़रूरत भी नही है तुम टेन्षन ना लो.

पोलीस ऑफीसर-मिस्टर.जॅक आप मामले की गंभीरता को नही समझ रहे मामला अगर और बिगड़ा तो आपके और इस लड़के के लिए अच्छा नही होगा अभी सर मामले को बात चीत से सोल्व करना चाहते है तो कर ले ये ही बेटर है नही तो हम क्या कर सकते है ये आप सोच भी नही सकते .

सॅम डॅड-मुझे अभी के अभी जबाब चाहिए कि ये माफी माँगने को तैयार है या नही.

जॅक-प्रिन्सिपल सर की ओर देखते हुए .सर आप ने मेरे बारे में बताया नही यहाँ बैठे लोगो को ये तो अच्छी बात नही है .

प्रिन्सिपल-जॅक मुझे लगा मामला बातों से ही हल हो जाएगा और फिर आप ने ही तो कहा था कि जब तक ज़रूरी ना हो आप की

आइडेंटिटी किसी को ना बताई जाए.

जॅक-मुझे लगता है कि अब सही टाइम है बताने का .और आप लोग जो मुझे अपनी पोलीस की ताक़त दिखा रहे है अगर फिर कभी मुझसे उँची आवाज़ में बात करने की कोशिश भी की तो जिस लॉकप को आप लोग आज तक बाहर से देखते रहे है उसी के अंदर कर के में

अपनी पॉवर दिखाउन्गा समझ गये.

फिर प्रिन्सिपल सर ने सॅम के डॅड के कान में कुछ कहा जिस को सुन के सॅम के डॅड के होश ही उड़ गये.

जॅक-मेरे पास इस प्रॉब्लम का परमेंट सोल्युशन है .इस सब की फ़साद की जड़ वो समीर है में उसे ही ख़तम कर देता हूँ फ़साद ही ख़तम

हो जाएगे सभी सकूँ से रहे गे.
 
सॅम डॅड-तुम पागल हो गये हो क्या तुम जानते नही कि तुम किससे बात कर रहे हो.मेरे और इस ऑफिसर्स के सामने तुम मेरे बेटे को

जान से मरने की धमकी दे रहे हो में तुम्हारे पूरे खानदान को ख़तम कर दूँगा और अपनी पॉवर दिखाउन्गा.

जॅक-प्रिन्सिपल सर ने बताया फिर भी तुम नही समझे कि में कौन हूँ और क्या कर सकता हूँ चलो में तुम्हें कुछ कर के ही दिखाता हूँ.

सॅम डॅड-तुझे तो में जान से मार दूँगा यहाँ से तुम दोनों में से कोई जिंदा नही जाएगा .

जॅक अपनी सीट पे से खड़ा हो गया उस को रोकने के लिए कोई 15 लोगो के आस पास सेक्यूरिटी वाले आए पर जॅक ने सब को कोई 2 से

3 मिंट में ही ढेर कर दिया और सॅम के डॅड के पास पहुँच गया .

जॅक-तुझे शायद पता नही है कि में बेहोशी में भी किसी को भी जान से मार सकता हूँ इसलिए कोई भी मुझे गुस्सा नही दिलाता और तूने वो ग़लती कर डी अब अंजाम भुगतने के लिए तैयार हो जा .और आगे को बढ़ने लगा अभी वो कोई दो कदम ही चला होगा कि वापस पलट के ऑफिसर्स को देखते हुए तुम लोग फालतू में अपना दिमाग़ मत लगाओ बाहर मेरे आदमी खड़े है और यहाँ के सभी तरह के कनेक्षन

और नेटवर्क काट दिए गये है जब तक में अंदर हूँ ना तो कोई बाहर जा सकता है और ना ही कोई अंदर आ सकता है .और फिर वो

सीडीयाँ चढ़ते हुए 1स्ट फ्लोर पे चला गया और एक एक कमरे के तलाशी लेने लगा.

अभी हम लोग ये सोच ही रहे थे कि ये क्या कर रहा है तभी वो एक कमरे से बाहर निकला और साथ में समीर को लगभग घसीटते हुए

बाहर ले आया और वैसे ही घसीटते हुए सीडीयो से भी नीचे ले आया और समीर के डॅड के पैरो पे लगभग फेंकते हुए.

जॅक-लो भाई अपने बेटे को आख़िर बार देख लो क्यूँ कि आज के बाद तुम इसे कभी नही देख पाओगे.

सॅम के डॅड ने जब ये सब देखा तो वो जॅक के पैरो में गिर पड़े और अपने बेटे की जान की माफी माँगने लगे .समीर तो ये सब देख के

कुछ समझ ही नही आ रहा था की आज तक जो पूरे स्टेट को अपने पैरो पे गिरा के रखता था आज वो किसी के पैरो में सर रख के रो रहा है.

में-तो समीर क्या सोच रहा है.तुझे तो बड़ा गुरूर था अपनी ताक़त और अपने बाप के रुतबे का अब क्या हुआ चल दिखा अब .

में सॅम के डॅड को उठाते हुए देखिए अंकल मुझे पता है कि ये आप का इकलौता बेटा है और आप इसे अपनी जान से ज़्यादा प्यार करते है पर इसका ये मतलब नही कि बाकी के पेरेंट्स अपने बच्चो को प्यार नही करते जिन को ये परेशान करता है और आप भी कहीं ना कहीं

इसका साथ देते है .मुझे हमेंशा ही बडो की इज़्ज़त करना सिखाया गया है इसलिए में आपको ऐसी हालत में नही देख सकता इसलिए में

समीर को इस बार माफ़ कर रहा हूँ पर एक बात ध्यान रहे कि में माफी सिर्फ़ एक ही बार देता हूँ.

जॅक-और एक बात तुम ये मत सोचना कि हमारे यहाँ से जाने के बाद तुम कुछ उल्टा सीधा करोगे हमें अपनी पोवार दीखाने के लिए क्यूँ कि दूसरी बार तो में भी माफ़ नही करता.और तुम्हारी इतनी औकात नही है जो तुम हमारे खिलाफ कुछ कर सको इसलिए तुम्हारी और

तुम्हारे बेटे की भलाई इसी में है कि ये सब भूल जाओ और कल से एक न्यू जिंदगी शुरू करो और यहाँ जो भी हुआ वो सिर्फ़ हमारे बीच में ही रहे तो बेटर है नही तो अंजाम के लिए तैयार रहना .

और फिर हम लोग बाहर निकल गये उन सब के तो एक्सप्रेशन ही ऐसे हो गये थे कि किसी ने उन सब का बलात्कार कर लिया हो.जॅक का ये आक्षन देख के एक बार तो में भी डर गया था कि कहीं सच में ये उस सॅम को जान से ना मार दे पर जॅक ने दिमाग़ से काम ले के कमाल ही कर दिया.

में गाड़ी में बैठते हुए कमाल की कॉपी करते हो मेरा ही डायलॉग मेरे ही सामने कॉपी कर लिया .

जॅक-मैने कौनसा तेरा डायलॉग कॉपी कर लिया .

में-वो ही में सिर्फ़ एक ही बार माफ़ करता हूँ दुबारा चान्स नही देता.

जॅक-वो पहले मेरे दिमाग़ में आया था तू ने कॉपी किया समझा .

अभी हम कुछ दूर ही गये थे कि मेरा फोन बजने लगा मैने देखा तो फोन रघु का था में ने फोन उठाया .

में-हाँ भाई बोल क्या हुआ

रघु-भाई बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो गयी है तू घर मत आ नही तो कुछ भी हो सकता है .

में ऐसा क्या हो गया .

और फिर उसने जो बताया उस को सुन कर मेरे तो तोत्ते ही उड़ गये.मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया समझ में ही नही आ रहा था कि क्या करूँ कैसे करूँ.इतना डर तो मुझे तब भी नही लगा था जब समीर और उसके दोस्त मुझे मारने आ रहे थे या जब उसके डॅड

ने बुलाया था पर इस टाइम सच कहूँ दोस्तो गान्ड फट के गुरुड़वा हुई पड़ी थी….

रघु के फोन ने तो मुझे ये सोचने पे मजबूर कर दिया था कि कहीं मैने ग़लत तो नही किया.

में-जॅक कभी तुम्हें डर लगा है किसी से.

जॅक-हाँ क्यूँ.

में-क्यूँ कि मेरी डर के मारे हालत खराब है .

जॅक-बात क्या है किस से डर रहे हो इतना .

में-यार मुझे अभी रघु ने फोन किया था और वो बता रहा था कि*****.

जॅक-ओह मामला तो काफ़ी सीरीयस है मुझे नही लगता कि कुछ हो सकता है फिर भी जाते ही पैर पकड़ लिओ शायद उसे कुछ रहम आ जाए तेरे पे.

में-में भी यही सोच रहा था.
 
ऐसे ही बाते करते हुए हम घर पहुँच गये.आज अपने ही घर में मैं चोरो की तरह जा रहा था.मैने सोचा कि क्यूँ ना गेट खोल के पहले देख

लूँ कि अंदर का मौसम कैसा है अगर ज़्यादा खराब हुआ तो थोड़ी देर यही इंतज़ार कर लूँगा.यही सोच में जैसे ही में गेट खोलने वाला था

कि मेरे कंधे पे किसी का हाथ महसूस हुआ .

में तुरंत पीछे मुड़ते हुए भाई मुझे माफ़ कर दे यार ग़लती हो गयी आइन्दा से नही होगा सॉरी भाई सॉरी देख मेरा आज का मार खाने का

कोटा पूरा हो गया है तू चाहे तो अगले साल का कोटा तेरे लिए बुक कर देता हूँ अभी और आज छोड़ दे.

रघु-भाई में हूँ सर तो उठा के देखो वो तो अंदर है.

में-तो कमिने बोल नही सकता था खमखा इतनी मेहनत करा दे अगर आज मुझे उस की टेन्षन ना होती तो तुझे जान से ही मार देता .

रघु-भाई मज़ा आ रहा था ऐसे आपको देख सोचा थोड़ा में भी एंजाय कर लूँ आख़िर किसी के सामने ना झुकने वाला सिर मेरे सामने जो

झुका हुआ था.पहले मैने सोचा कि क्यूँ ना वीडियो बना लूँ फिर साला याद आया कि फोन तो चार्जिंग पे है.हाहहाहा..

में-कमीने मैने आज तक सिर्फ़ ये सुना ही था कि हर कुत्ते के दिन आते है आज मुझे पूरा यकीन हो गया तुझे तो में छोड़ने वाला नही हूँ*****मेरी बात पूरी होती उस से पहले ही मेरे पिछवाड़े पे एक जोरदार लात पड़ी में गिरते गिरते बचा मैने किसी तरह अपने

आपको संभाल लिया और पीछे मूड के देखा तो रवि को देख के ऐसा लग रहा था कि छोड़ो पहले भागने दो बाद में बताता हूँ आप लोगो को.

में भागते हुए भाई माफ़ कर दे .

रवि-तू रुक तुझे बताता हूँ में.

में-पागल समझा है क्या तू तो पागल हो ही गया है.में नही रुकने वाला.

और में गार्डन में भागने लगा और रवि मेरे पीछे मुझे पकड़ने के लिए पूरी ताक़त लगा के भाग रहा था.

रवि-अजय रुक जा .

में-पहले प्रॉमिस कर कि मारेगा नही .

रवि-कमीने तूने काम ही ऐसा किया है जो तुझे चाह के भी नही छोड़ सकता.

कोई 15मीं तक हम ऐसे ही भागते रहे फिर रवि थक के वही बैठ गया और में भी उसके पास बैठ गया.

में-थक गया अभी के अभी तो में 2घंटे और भाग सकता हूँ.

रवि-चुप कर कमिने तूने मुझे कॉलेज में हुए लफडे के बारे में क्यूँ नही बताया.

में-यार थोड़ी से कहा सुनी हो गयी थी बस अब मामला सेट है टेन्षन ना ले.

रवि-कमीने थोड़ी सी बोल रहा है.सोशियल साइट पे तू इस टाइम सबसे ज़्यादा फेमस है.

में-ऐसा क्या दिखा मुझे भी.

फिर रवि ने वीडियो प्ले की यहाँ में उपर वाले का दिल से धन्यवाद करना चाहूगा कि वीडियो समीर और उसके दोस्तो की पिटाई वाली थी.

रवि यार इंडिया में तो फेमस होना कितना ईज़ी है .अब समझ में आया कि बाहर लोग लाइन लगा के मेरा ऑटोग्राफ लेने के लिए खड़े है.

ओह तेरी फिर तो मीडीया वाले भी आएँगे यार मुझे टीवी पे आने का बिल्कुल मूड नही है तू उन को बाहर से टरका दियो मेरा सेकरेर्टी बन के.

रवि-कितना फेकेगा बे कमिने इतना भी मज़ाक अच्छा नही है किसी ने ये वीडियो साली कॉलेज की साइट पे ही डाल दी साइट हॅक कर के अक-47 के नाम से अपलोड कर दी और साला रिस्पोन्स तो गजब का मिला है तुझे लड़किया तो पागल हो गयी है साले ये देख मेरे फेस पे कैसे कैसे कॉमेंट आए है.

में-(चलो शूकर है पहले जो हुआ था उसके बारे में नही पता नही तो पता नही क्या करता पागल है कमीना)

रवि-ओये अभी से सपने देखने की ज़रूरत नही है में ऐसा कुछ होने नही दूँगा समझा आख़िर मुझे भी जबाब देना है उपर.

में-हाँ मुझे पता है डरने की ज़रूरत नही .तू तो एक वीक के बाद आने वाला था ना तो आज कैसे और ये बात तूने नैना दी को तो नही बताई ना.

रवि-कमीने याद मत दिला अच्छा ख़ासा एंजाय कर रहा था वहाँ पे वो तो मैने कुछ अपने पिक अपलोड करने के लिए फ़ेसबुक ओपन की तो तेरे जलवे देखने को मिले.पहले तो मैने सोचा कोई और होगा क्यूँ कि तू ऐसा नही कर सकता फिर कन्फर्म करने के लिए मैने अपने

एक दोस्त को कॉल किया तब मालूम पड़ा कि ये कारनामे किसी न्यू अड्मिशन के है.फिर क्या दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया और सीधे यही आ गया .

में-तू सच में पागल है.(और उस को गले लगा लिया )

रवि-चल बे पीछे हट किसी ने देख लिया तो तेरा तो पता नही मेरे बारे में अगर कुछ ऐसा वैसा सोचने लगा तो दोनों को जान से मार दूँगा समझा चल पीछे हट.

में-में वैसे तू इंडिया आ के बहुत चिकना हो गया है.

रवि-कमीने बहुत मज़ाक सूज रहा है रुक अभी नैना दी को बताता हूँ तब करना मज़ाक.

में-भाई में तेरे हाथ जोड़ता हूँ बोले तो पैर पकड़ लेता हूँ दी को मत बता नही तो .....हाँ तुझे भी नही छोड़ने वाली वो.

रवि-अबे हाँ ये तो मैने सोचा ही नही .चल छोड़ दिया इस बार तुझे तू भी क्या याद करेगा.चल नाश्ता करते है बहुत भूक लगी है.

में-हाँ चल .एक बात और तूने ये बात गुड़िया को तो नही बताई ना.

रवि-पागल समझा है क्या .

फिर हम लोग हॉल में आ गये जहाँ रवि ने मॉम से थोड़ी बहुत बातें की और नाश्ता कर के अपने घर चला गया.और में अपने रूम में थोड़ा आराम करने के लिए चला गया.और आज सुबह से ले कर अब तक की हुई घटनाओ के बारे में सोचने लगा कि तभी मेरा फोन बजने लगा कॉल निशा की थी.
 
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