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Incest जिंदगी के रंग अपनों के संग

में ट्रे में नाश्ता ले के चला गया कमरे में.जब एंट्री करने वाला था तो अंदर से उन की आवाज़ आ रही थी और जो बाते वो कर रही थी उन

को सुनने के बाद में ना चाहते हुए भी उन की बाते सुनने लगा.

निशा-वाउ यार कमाल का घर है बिल्कुल महल जैसा तू यहाँ कब से रहने लगी .

अमृता-ये मेरे अंकल आंटी का घर है .तू ये सब छोड़ ये बता कि तू वो माल की क्या बात बताने वाली थी पहले वो बता.

निशा-सॉरी यार में तो भूल ही गयी कसम से आज तो ऐसा लगा कि मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत दिन है.तुझे क्या बताऊ कि क्या हुआ आज मेने एक ऐसे लड़के को देखा जिसे देख के मत पूछ यार दिल में कुछ कुछ होने लगा.हुआ यूँ कि जब हम माल में एंट्री कर रहे थे तो वहाँ पे एक लड़का खड़ा किसी का इंतज़ार कर रहा था उस को देख के पता नही मुझे क्या होने लगा मुझे उस से बात करने की इच्छा होने लगी.और तभी मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया मेने सोचा कि एंट्री करते हुए उस से बात करने का कोई तरीका निकाल लूँगी पर उस का उल्टा हो गया मेने उसे समझ के उस के किसी दोस्त को धक्का दे दिया फिर वहाँ पे उस ने*********ऐसा किया और मेरा ईगो हर्ट हो गया इसलिए मेने भी उस को काफ़ी कुछ सुना दिया.फिर उस ने हमारी केफे में मदद की तो मेने सोचा कि अब बात करूगी पर वो सिमरन

बच्ची ने यहाँ भी काम खराब कर दिया.फिर उस ने भी सिमरन की हाँ में हाँ मिला के उस की तारीफ करने लगा एक बार फिर मेरा ईगो हर्ट हुआ और मेने उस को फिर बहुत कुछ बोल दिया यार जब वो वहाँ से चला गया तब मुझे मेरी ग़लती का अहसास हुआ.पर में भी क्या करती वो यार मेरे सामने सिमरन की तारीफ के पुल बाँध रहा था मुझ से बर्दास्त नही हुआ.और उसने हम सब को आज पार्टी में भी

इन्वाइट किया है पर वो सिमरन की बच्ची हम में से किसी को भी ले जाने को तैयार नही है ना ही कॉंटॅक्ट नंबर दे रही है ना ही अड्रेस.मेरी कुछ समझ में नही आ रहा क्या करूँ.जिंदगी में पहले बार कोई पास आया और वो भी मेरे खराब बर्ताव की वजह से मुझसे दूर चला

गया तब से में बहुत परेशान हूँ मुझे उस की बहुत याद आ रही है.

अमृता-कोई नही सब ठीक होगा तू जा फ्रेश हो तेरे फेस पे 12 बजे हुए है अभी .में देखती हूँ कि अब तक कोई नाश्ता ले के आया क्यूँ नही.

और निशा वॉशरूम में चली गयी मेने सोचा यही सही टाइम है एंट्री का और में गेट खोल के अंदर चला गया.

अमृता-कितना टाइम लगा दिया नाश्ता लाने में वैसे तुम्हे पहले कभी नही देखा यहाँ पर कौन हो तुम.

में-जी में कल ही आया हूँ वो आज पार्टी है ना यहाँ पे उसी के काम के लिए इसीलिए नही देखा होगा अजय नाम है मेरा....

अमृता-ठीक है इसे यहाँ रखो और जाओ यहाँ से.

में-ओके मॅम.

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और मेने सोचा कि चलो रवि की दी हुई ड्रेस पहन के देख लूँ कि उस कंजूस ने कैसी ड्रेस पसंद की है .ड्रेस देखते ही मुझे समझ आ गया कि ये रवि की पसंद नही है .और मेने सोचा कि किस से पुच्छू कि ड्रेस कैसी लग रही है तभी मुझे जॅक की याद आई वो दिखा नही सुबह

के बाद से वैसे तो अच्छा ही था कि वो नही दिखा पर प्राब्लम ये है कि उस के अलावा में किसी को जानता भी नही हूँ यहाँ पर अभी.

मैं-मोम ये जॅक कहाँ है सुबह से दिखा नही.

किसी ने मुझे याद किया क्या .पीछे से जॅक की आवाज़ सुन के ऐसा लगा कि मेने अपने जिंदगी की सबसे बड़ी ग़लती कर दी हो.

में-लो डेविल को याद करो और वो आ जाए तो कितना बुरा लगता है आज पता चला वैसे कहाँ थे सुबह से दिखे नही.

डॅड-मेरे साथ था आज इस ने बहुत मदद की है मेरी अब से सारी सेक्यूरिटी का काम ये ही देखेगा.

में-अच्छा है मेरा पीछा छूटेगा थॅंक्स डॅड.

जॅक-भूल जाओ बच्चे वो इतना भी आसान नही तुम मेरी फर्स्ट प्रायोर्टी हो.

डॅड-सुषमा कोई आया अभी तक या नही.

मोम-नही बस अमृता आई है आशु को ले के बस.

डड-ठीक है में फ्रेश होने के लिए जा रहा हूँ आ के पार्टी के बंदोबस्त देखता हूँ.

और फिर जॅक और डॅड फ्रेश होने चले गये .

मोम वैसे कौन कौन आ रहा है आज पार्टी में.

मोम-ज़्यादा लोग नही है बस तेरे चाचा चाची है और इन के कुछ एंप्लाय और कुछ खास लोग ही है तेरे मामा की खास रिक्वेस्ट पे ये

किया गया है नही तो तेरे डॅड तो लगभग पूरे शहर को बुलाने वाले थे.
 
में-कमाल है.चलो बढ़िया है ये गुड़िया कहाँ है.

मोम-पता नही तेरे साथ ही तो गयी थी तब से नीचे नही आई जा के देख अपने कमरे में होगी.

में उसे देखने उस के कमरे में गया वो सच मे अपने कमरे में सो रही थी और वो भी मेरे लाए हुए टॅडिबियर को ले के वो मुझे इस वक़्त इस दुनिया की सबसे प्यारी चीज़ लग रही थी उस को ऐसे सोता हुआ देख के दिल को जो खुशी मिल रही थी उस को में शब्दो में नही

बता सकता.में उस के सिर पे प्यार से हाथ फेरने लगा जिस से उसकी नीद टूट गयी उस ने मुझ को देखा और फिर मेरी गोद में अपना सिर रख के दोबारा सो गयी.

में-चल उठ भी जा अब कब तक सोएगी.

गुड़िया-अभी तो सोने दो आज से पहले ऐसी अच्छी नीद नही आई मुझे अभी और सोना है.

में-देख कुछ देर में गेस्ट आना स्टार्ट हो जाएँगे और देख में किसी को भी जानता नही तो प्रॉब्लम हो सकती है.

गुड़िया-ओके ठीक है थोड़ी देर और बस ऐसे ही मुझे आप को फील करना है फिर चलते है.

मैं-ओके ठीक है और में उस के सेर पे हाथ फेरता रहा फिर कुछ देर बाद वो उठी और फ्रेश होने चली गयी में वही उस का इंतज़ार करने लगा .वो फ्रेश हो के आई और हम नीचे चले गये अब पार्टी गार्डन में थी इसलिए हम गार्डन की ओर चल दिए.मेने रवि का दिया हुआ सूट पहना था ब्लॅक कलर पे डार्क ब्राउन कलर से कमाल की कारीगरी की हुई थी मुझे नही पता की उस ड्रेस को क्या कहते है पर शानदार थी में अपने आप को किसी राजा महाराजा से कम नही समझ रहा था उस ड्रेस में.

आशु(गुड़िया) एक शानदार क्रीम कलर का बार्बी +सूट टाइप का ड्रेस पहना हुआ था जिस में वो किसी परी से कम नही लग रही थी.

हम लोग पार्टी में पहुँच गये अभी ज़्यादातर लोग काम करने वाले ही थे गेस्ट का आना अभी सुरू ही हुआ था.जिस से उम्मीद थी की 25से 30 मिनट में मेक्सिमम गेस्ट आ जाएगे.पर मुझे तो बस दो खास लोगो का इंतज़ार था और उम्मीद कर रहा था कि जल्द से जल्द आ जाए..........

किसी तरह मेने टाइम निकाल लिया तब तक लगभग सारे गेस्ट भी आ गये थे डॅड मुझे सब से इंट्रो करवा रहे थे पर मेरा ध्यान तो कहीं और था में बार बार पार्टी में उस को ढूँढ रहा था.इतने मुझे रघु दिखा जो मुझे इशारे से बुला रहा था में डॅड को बोल के उस के पास चला गया क्या हुआ भाई ऐसे क्यूँ इशारे कर रहा है किसी ने देख लिया तो कोई ग़लत मतलब भी निकाल सकता है वैसे भी पता नही क्यूँ सब मेरे बारे में हमेशा ग़लत मतलब ही निकालते है.

रघु-तुम्हे मज़ाक सूझ रहा है यहाँ मेरी जान निकल रही है तुझे पता है वो माल वाली लड़की क्या नाम था उस का हाँ निशा उस को देखा मेने.

में-अबे वो तो ठीक है तूने रवि या जिया दी को देखा है क्या.

रघु-तू बड़ा अजीब आदमी है.हाँ वो रवि तो वहाँ लड़कियों के साथ फ्लर्ट कर रहा है.

में-ठीक है उस को जा के बोल कि में उसे बुला रहा हूँ जल्दी. अब मज़ा आएगा पार्टी में.......

करीब 5मिनट के बाद रघु वापस आया और उस को देख के लग रहा था कि जैसे उस ने कोई भूत देख लिया हो

मैं--.अब क्या हुआ तुझे भूत देख लिया क्या.

रघु-हाँ मतलब नही मेने वहाँ पे उस लड़के को देखा जो हमे माल में मिला था.

में-अबे क्यूँ गान्ड फाड़ रहा है अगर नैना दी को पता चला कि ऐसा कुछ हुआ है और मेने उन्हे नही बताया है तो वो मुझे कच्चा ही चबा जाएगे और अगर उस ने मुझे यहाँ देख लिया तो कुछ भी हो सकता है.तुझे रवि मिला कि नही .

रघु-नही मिला वो वहाँ पे नही था और उस लड़की को देख के ही मेरी हवा टाइट थी और लड़के को देख कर तो पूछ मत.

में-तू चिंता मत कर कुछ सोचते है .अच्छा एक बात बता यहाँ इंडिया में भी पार्टी में मास्क पहनते है क्या.

रघु-क्यूँ पूछ रहे हो .हाँ किसी किसी पार्टी में पहन लेते है थीम के हिसाब से .

में-गुड तू ये बता कि कितने देर में मास्क ला सकता है यहाँ पे.

रघु-मेक्सिमम 20 मिनट में पर तू करने क्या वाला है.

में-तू ये पैसे ले और 10मिनट में मास्क मुझे यहाँ चाहिए जल्दी कर उस के बाद मुझे मेरे कमरे में मिल में तुझे यही मिलता हूँ 10 मिनट मे.

रघु-ओके

यार क्या क्या सोचा था इस लड़के की एंट्री ने तो मामला ही बिगाड़ दिया सब.फिर मेने अपने ड्रेस पे जान के सब्जी गिरा ली और चेंज करने के लिए अपने कमरे में चला गया.

(दोस्तो आप सोच रहे होगे कि ऐसा कैसे हो सकता है कि मेरे आने की खुशी में पार्टी दी है और लोग मेरे बारे में ही नही पूछ रहे या में ऐसी कौन सी खास जगह पे खड़ा हूँ जहाँ से कोई मुझे देख नही पा रहा.तो दोस्तो बात कुछ ऐसी है ये पार्टी मेरी वापसी की ख़ुसी में नही थी हाँ पहले थी पर सुबह मामा को फोन आया था जिस के बाद ये डिसाइड हुआ कि मेरे आने की खबर बहुत ही कम लोगो को ही होगी क्यूँ पता नही और ये पार्टी डॅड को बिज़्नेस में कोई बहुत बड़ा कांट्रॅक्ट मिला था इसलिए थी जिस में काफ़ी भीड़ थी डॅड के एंप्लायी से ले कर मीडीया और कई वीआइपी भी थे इसलिए ज़्यादातर का ध्यान उन की तरफ था)
 
में अभी कमरे में पहुँच के ड्रेस चेंज करने की सोच ही रहा था कि मेरे कमरे के गेट पे नॉक हुई.अब कौन है किसी ने मुझे ये सब करते हुए देखा तो नही.मेने गेट खोला तो बाहर गुड़िया खड़ी थी.

गुड़िया-आप वापस क्यूँ आ गये और सॉरी वो मुझे रानी मिल गयी थी वो मेरी बेस्ट फ्रेंड है और मुझे ध्यान ही नही रहा कि आप भी है सॉरी आप नाराज़ होगे ना मुझे इसके लिए दो थप्पड़ पड़ने चाहिए और अपने गाल आगे कर दिए उस की इस हरकत पे मुझे हसी आ गयी और मेने उस के गालो पे किस कर दिया.

में-लो मिल गयी सज़ा और में तुम से बिल्कुल नाराज़ नही हूँ वो मेरे कपड़े पे सब्जी गिर गयी थी वो ही चेंज करने आया था.और एक बात तुम से में कभी नाराज़ नही हो सकता ओके तुम चलो में कपड़े चेंज कर के आता हूँ.

वो नीचे चली गयी और मेने जीन्स और टी शर्ट पहन ली .ये रघु नही आया और रवि यार उस को भी बुला लेता हूँ वहीं से रवि को फोन कर के मेने अपने कमरे में बुला लिया थोड़ी देर में रघु भी आ गया.और रवि भी आ गया.

रवि-बेटा अगर मुझे यहाँ टाइमपास करने के लिए बुलाया है तो तू गया और मेरा दिया हुआ ड्रेस कहाँ है.

में-कम बोल यार क्या नीचे कौवा बिरयानी खा रहा था जो बस काव काव ही कर रहा है.

रघु-नही ये तो लड़कियों को ये बता रहे थे कि उन पे क्या सूट करता है यानी की फ्लर्ट कर रहे थे मेने आते हुए देखा था.

रवि-तो क्या हुआ ये मेरा टॅलेंट है जो अब ईस्तमाल नही किया तो वेस्ट हो जाएगा .तू ये बता कि यहाँ क्यूँ बुलाया.

मैं--देख मुझे तेरी हेल्प चाहिए देख ये मास्क ले और नीचे जा के इस***आगे से इस ***आगे तक सब को दे दे और अगर किसी के सामने में कुछ बोलू तो हाँ में हाँ मिला दिओ. वैसे कितनी सेट की अब तक

रवि--.साले जले पे नमक मत छिड़क नही तो छोड़ में जा रहा हूँ तेरा काम कर के मिलता हूँ.

हम लोग पार्टी में आ गये रवि मास्क के लिए अनाउन्स्मेंट करवाने और डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए चला गया और साथ ही रघु को भी ले गया

में अपने लिए एक मास्क पहले ही निकाल लिया था.मेने मास्क इसलिए लिया था कि अगर कोई गड़बड़ हो तो मुझे कोई ना पहचाने.

अब ये निशा कहाँ गयी इतने में लगभग सभी हमारी एज के आस-पास के गेस्ट ने मास्क पहन लिया और रघु और रवि भी आ गये.

में-रघु ये निशा दिखी क्या तुझे.

रघु-हाँ वो उस साइड में है और उस लड़के से उस की फ्रेंडशिप हो गयी है जो उन्हे माल में छेड़ रहा था.

में-कमाल है यार किसी ने सच ही कहाँ है कि लड़कियों को कोई नही समझ सकता.चल देखते है और रवि तू अपना मास्क निकाल दे.

रवि-साले मुझे तेरे इरादे ठीक नही लग रहे और में अपना मास्क क्यूँ उतारू साले में चूतिया नही हूँ जो तुम दोनो मास्क में रहो में बिना मास्क के.

में-समझा कर यार उस ने हम दोनो को देखा है तुझे नही देखा इसलिए कोई प्रॉब्लम नही होगी.

रघु-तू करने क्या वाला है उस के साथ और पहले ही बता दे कि हमे क्या करना है कहीं ऐसा ना हो कि तू कुछ और सोच रहा है और हो कुछ और जाए.

में-बस तुम अपना दिमाग़ मत लगाना और मुझे फॉलो करो अब चलो.

फिर हम निशा के ही टेबल पे खाली पड़ी चेयर पे बैठ गये अब सीन कुछ ऐसा था कि उस टेबल पे में रवि रघु निशा और वो लड़का था.
 
में-रवि तुझे पता है आज तो कमाल ही हो गया मेरे और रघु के साथ आज हम लोग शॉपिंग के लिए मॉल गये थे वहाँ हमे लड़कियों का एक ग्रूप मिला उन में से एक तो कमाल की लड़की थी यार .

रवि-क्या बात कर रहा है ऐसा क्या कमाल था उस में.

में-भाई पूछ मत इतनी नाकचॅढी लड़की में ने अपने लाइफ में नही देखी कसम से चुहिया जैसी शकल है उस की और अपने आप

को मिस.वर्ल्ड समझ रही थी.

रवि-फिर तो तेरा दिन खराब हो गया होगा.इस में अच्छा क्या हुआ.

में-भाई उसी की वजह से मुझे एक अच्छी फ्रेंड मिली सिमरन तुझे उस से जल्द ही मिल्वाउन्गा भाई बहुत ही अच्छी लड़की नही उस नाकचॅढी की तरह नही है.

रघु-और क्या भाई एक तो अजय ने उस की हेल्प की और थॅंक्स बोलने की जगह अपना अटिट्यूटेड दिखा रही थी में तो बस अजय की वजह से शांत था नही तो ….

रवि-जो भी हो पर थॅंक्स तो बनता है उस का भाई उसी की वजह से तुझे एक न्यू फ्रेंड मिली है

रवि-- नेक्स्ट टाइम कहीं मिले तो थॅंक्स बोल देना.

मैं-यार तू ठीक बोल रहा है लाइफ में कभी मिली तो थॅंक्स बोल दूँगा .चल वहाँ चलते है जिया दी से नही मिला चल उन से मिलते है.

रवि-में नही जाने वाला मुझे देखते ही रवि ये मत कर वो मत जैसे की में कोई छोटा बच्चा हूँ तू अकेले जा .

रघु-और में चला पेटपूजा करने जब तेरा हो जाए तो मुझे जाय्न कर लिओ .

में-ठीक है देख लूँगा तुम को फिर में वहाँ से उठ गया मेने चोर नज़रो से देखा तो निशा अब हमारी ही तरफ देख रही थी अब उस का

उस लड़के में कोई इंटेरस्ट नही था ये देख के मुझे हँसी आ गई.

मेरे उठने के कुछ देर बाद वो भी उठ गयी और मेरे पास आने लगी मेने कोई रेस्पॉन्स नही दिया वो मेरे सामने आ के खड़ी हो गयी .

निशा-हाई अजय तुम यहाँ कैसे.

में-मेने आप को पहचाना नही.और रही बात मेरे यहाँ होने की तो ये पार्टी मेरे दोस्त के अंकल ने दी है तो में भी इन्वाइट हूँ वो रहा मेरा

दोस्त मेने रवि की तरफ देख के हाथ हिलाया उस ने भी सेम रेस्पॉन्स दिया .

निशा-ओह ये बात है तुम मुझे जानेते हो बस पहचानते नही हो.

में-कमाल है आप बाते बहुत अच्छी करती है.वैसे में बता दूं कि में इस शहर से नही हूँ और में यहाँ बहुत कम लोगो को जानता हूँ आप उन में से है ये तो मुझे नही लगता.

निशा-क्या हर बार तुम दिमाग़ से ही सोचते हो या कभी बिना उस के भी कभी काम लेते नही.

में-सोचने का नाटक करते हुए मेरे पास एक आइडिया है तुम अपना मास्क क्यूँ नही हटा देती शायद में तुम्हे पहचान लूँ.

निशा-आइडिया अच्छा है पर में नही चाहती कि हमारी ये मुलाकात खराब हो इसलिए अभी के लिए ये ही ठीक है.

में-जैसा आप ठीक समझे में तो अपना मास्क निकाल रहा हूँ.और में अपना मास्क निकाल दिया.

वो मुस्कुराती हुई चली गयी और उस की जगह ले ली उस लड़के ने जिस को में जानता भी नही था.

में-कोई प्रॉब्लम है बॉस.

लड़का-तू मुझे जानता नही है में अच्छी तरह से जान गया.

में-और वो कैसे.

लड़का-क्यूँ कि जो मुझे जानता है यह पे वो मेरे रास्ते में कभी नही आता और तू एक ही दिन में दूसरी बार मेरे रास्ते में आया है और

अभी भी ठीक है जब कि ऐसा होता नही है. और ये कह के उस ने अपना मास्क निकाल दिया

लड़का- .उस लड़की जिस की तू अभी बात कर रहा था आगे से कभी वो तुझे कहीं दिखे तो अपना रास्ता बदल लेना नही तो आगे मुझे पाएगा और में किसी की तीसरी ग़लती माफ़ नही करता.
 
लड़का- .उस लड़की जिस की तू अभी बात कर रहा था आगे से कभी वो तुझे कहीं दिखे तो अपना रास्ता बदल लेना नही तो आगे मुझे पाएगा और में किसी की तीसरी ग़लती माफ़ नही करता.

में-करनी भी नही चाहिए और अगर तुम्हारे रास्ते ऐसे ही उल्टे है तो शायद हर रास्ते पे तुम मुझे पाओगे और धमकी मुझे सुनने की आदत नही है पर मुझे कोई फ़र्क नही पड़ता तुम जैसे पता नही कितने आए जो अपने बाप के के पैसो या पवर का ग़लत मिसयूज़ करते है

और अपने आप को सिंघम समझते है भाई दर्द तो तुझे भी होता होगा पवर तो तेरे सामने वाले के पास भी होगी इसलिए बड़े बूढ़ो ने कहा

है कि किसी को कम नही समझना चाहिए.

इतने में रवि और रघु भी मेरे पास आ गये रवि मेरी तरफ देखते हुए.कोई प्रॉब्लम है क्या.

लड़का-हा ये दो कोड़ी का लड़का मुझे चॅलेंज कर रहा है.ये समीर खाना को चॅलेंज कर रहा है अगर अभी एस ने मुझे से माफी नही माँगी

तो आगे जो होगा उस का ज़िम्मेदार ये खुद होगा.

रवि-कितने बार कहा है अजय किसी भी कमिने से बहस मत करा कर.सुन बे जो भी तेरा नाम है अगर चाहता है कि तू यहाँ से ठीक

ठाक जाए तो अभी यहाँ से निकल ले नही तो मेरी जट्ट बुद्धि है एक बार फिर गयी तो मुझे भी नही पता क्या हो जाए………

.

में-कंट्रोल मेरे सन्नी देओल ज़्यादा टेन्षन ना ले ये अपने चम्चो के बिना कुछ नही कर सकता और यहाँ एस के चम्चे नही है तो ये बस बता रहा है कि एस की औकात क्या है .और भाई समीर में तो उसे क्या नाम था उस का हाँ निशा को अपनी गर्लफ्रेंड बनाउन्गा जल्द ही जो कर सके कर ले .

समीर-में देख लूँगा तुम दोनो को.मेरे से दुश्मनी बहुत मह्न्गि पद गई.

रवि-मुझे सस्ती चीज़ो का शौक भी नही है.

में-ये डायलॉग तेरा ओरिजिनल है रवि.

रवि-नही कॉपी है पर किसी को बोलिना मत अच्छा लगता है.

फिर हम लोग पार्टी एंजाय करने लगे ………..

किसी तरह पार्टी ख़तम हुई और में अपने कमरे में चला गया सोने के लिए और अभी सोने की तैयारी कर ही रहा था कि गेट पे नोक

हुयि.इस टाइम कौन हो सकता है शायद रवि होगा.मेने गेट खोला तो सामने आशु खड़ी थी नाइट ड्रेस में और साथ में लाई थी अपना पार्ट्नर टेडी बेर.

गुड़िया-अब रास्ते से हटो मुझे सोना है.

में-हाँ तो अपने कमरे में जा के सो जाओ यहाँ क्यूँ आई हो.

गुड़िया-क्यूँ कि आप ने हमारी नीद खराब की थी भूल गये तो अब हमे सुलाने की ज़िम्मेदारी आप की ही हुई ना.

में-अच्छा ये बात है चलो फिर आ जाओ में पहले ही बता दूं कि मुझे खर्राटे लेने की बड़ी ही अच्छी आदत है.
 
वो अंदर आ गयी और अपने टेडी को एक तरफ रख के दूसरी साइड में सो गयी.तुम अब बड़ी हो गयी हो और देखो हरकते कैसे छोटे बच्चो जैसे कर रही हो.

गुड़िया-तो इस में मेरी क्या ग़लती है उस टाइम आप थे ही नही मुझे भी आप के साथ रहना था पर आप के ना होने से मुझे वो ख़ुसी नही मिली इसलिए उस की कुछ भरपाई तो करने ही पड़ेगी.और मुझे रोज चॉकलेट भी चाहिए और जब भी मेरा दिल करे में आप के साथ

ही सोउंगी आप मुझे नही रोक सकते.

उस की इतने मासूम और दिल से कही बतो में से किसी एक का भी मेरे पास कोई जबाब नही था.और जबाब होता भी तो क्या उस की एक एक बात सच थी.

में-जब भी आप का दिल करे आप यहाँ सो सकती है और मुझे आप की सभी शर्ते मंजूर है जैसा आप चाहोगी वैसा ही होगा.

मेने उस को हग कर के एक किस किया फिर हम बिस्तेर पे लेट के बाते करने लगे उस ने अपना सिर मेरे सीने पे रखा हुआ था उस को इस टाइम कोई भी देख के ये नही कह सकता था कि वो मुझ से केवल **साल ही छोटी है वो इस टाइम बिल्कुल किसी छोटे बच्चे की तरह

लग रही थी ऐसे मासूमियत कि शैतान को भी अपनी शैतानियत छोड़ने पे मजबूर कर दे .उस को इतना खुश देख के मेने आज एक

कसम ली कि मेरी जिंदगी में सभी इस के बाद होगे.और मेने उस को कस के अपने गले लगाया और एक किस कर के सो गये ...

सुबह मेरी नीद उसी जल्लाद के फोन से खुली जो मेरी जान के पीछे पड़ा हुआ है या बचा रहा है ये मुझे अब तक समझ नही आया था.

फोन पिक करते हुए-आप जिस नंबर से संपर्क करना चाहते है वो अभी सो रहा है कृपया कर के दो से तीन घंटे बाद कॉल करे धन्यवाद और मेने फोन स्विच ऑफ कर दिया .......

उस के बाद जो हुआ उस की मेने कभी कल्पना भी नही की थी उस ने मेरे उपर पूरी एक बाल्टी पानी भर के डाल दिया आप लोग समझ सकते है कि मुझे कितना गुस्सा आया होगा.गुस्से मेने उस पे छलाँग लगा दी और मुझे फिर एक झटका उस ने मुझे किसी छोटे बच्चे की

तरह गोद में उठा लिया.(अब लोग समझ ही गये होगे कि में किस की बात कर रहा हूँ जो दोस्त लोग नही समझ पाए उन्हे बता दूं कि ये

कोई और नही हमारे हिट्लर जॅक ही थे और टाइम अभी सुबह के 5एएम ही हो रहे थे.)

जॅक-गुड मुझे यही जोश चाहिए तुमने कमाल की जंप ली थी.

में-पर कोई फ़ायदा तो नही हुआ जंप का मेने सोचा था कि दो चार तो लगा ही दूँगा पर तुमने तो मुझे किसी छोटे बच्चे की तरह उठा

के बिस्तर पे पटक दिया.मेरे साथ मेरी गुड़िया थी वो कहाँ है.

जॅक-वो अपने कमरे में सो रही है.उसी ने गेट खोला था अब तुम लेट हो रहे हो और तुम जितना लेट होगे एक्सर्साइज़ उतनी ही हार्ड

होगी आगे तुम्हारी मर्ज़ी.

में-क्यूँ बच्चे की जान लेने पे तुले हुए हो.तुम्हे पता है कल पार्टी थी इसलिए लेट सोया था यार तुम तो वैसे भी स्मार्ट हो आज कॅन्सल करते

है कल से कंटिन्यू करते है.

जॅक-तुम ऑलरेडी 20मिनट लेट हो आगे तुम्हारी मर्ज़ी मुझे किसी को भी पनिश करने में बड़ा मज़ा आता है.

चलो तुम्हे तो में देख लूँगा छोड़ने वाला नही हूँ में तुम्हे...

फिर हम ने ट्रॅनिंग स्टार्ट की आज की ट्रॅनिंग कल के मुक़ाबले काफ़ी टफ थी .और आज वो मुझे ग्रॅविटी के खिलाफ फाइट करना सिखा रहा था .मुझे ये तो नही पता कि वो ये सब क्यूँ कर रहा है पर मुझे हर एक पल कुछ अजीब सा लग रहा हो जैसा कि वो मुझे जितनी हार्ड ट्रॅनिंग करवाता मुझे उतना अच्छा लग रहा था यहाँ तक कि जिस मूव को जॅक को सीखने में 4 साल लग गये वो मूव मेने सिर्फ़ एक बार में ही

सीख लिया .ये उस का कहना था मुझे अंदर से ऐसा लग रहा था कि मेने अभी तक कुछ नही सीखा.जिस ट्रनिंग को करते हुए कल

मुझे पसीने आ गये थे उस से कई गुना हार्ड ट्रॅनिंग आज में उस से आधे से भी कम टाइम में कर ली थी और वो भी कल से ज़्यादा वेट के साथ.

में-जॅक आज कुछ थके हुए लग रहे हो बूढ़े हो गये हो अब ये सब काम तुम्हारे बस का नही.

जॅक-बच्चे में तो तेरी हालत देख के कुछ नर्मी से पेश आ रहा था चल अब इस गार्डन के 50 चक्कर लगा और बिना किसी एक्सक्यूस के

में जब तक कॉफ़्फीे लेके आता हूँ कोई चिट्टिंग नही.

में-यार तुम तो बुरा मान गये में तो बस ये कह रहा था कि क्या कमाल की बॉडी है तुम्हारी मेरी कब तक बनेगी ऐसे बॉडी.

जॅक-मस्का नही चल चक्कर सुरू कर नही तो 50 के 100 होते टाइम नही लगेगा.

में-क्या यार हम तो दोस्त है ना 50 चक्कर बच्चे की जान लोगे क्या कुछ तो रहम करो मेरे होने वाले बच्चे भी तुम्हे दुआ देंगे.\

जॅक-60 चक्कर जल्दी मुझे फिर ऑफीस भी जाना है .

मैं-50 ही ठीक है .और फिर मेने चक्कर लगाने स्टार्ट कर दिए शायद 45 या 46 में ही में ढेर हो गया.

जॅक-कल यही से कंटिन्यू करेंगे चलो अब आराम करो .

मैं-आराम करने लायक छोड़ा ही कहाँ है कसम से एक दिन मेने अगर तुम्हारे पीछे दुम लगा के आग ना लगा दी ना तो कहना .

जॅक-ऐसे सपने नही देखने चाहिए जो कभी पूरे ही ना हो.आज तुम एडमिशन का फॉर्म जमा करने जाने वाले थे ना कब जाओगे.

मैं-किसी लायक छोड़ा है तुम ने मुझे जो कॉलेज जाऊं कल जाउन्गा आज तो बस में और मेरा बेड और कोई नही शायद शाम तक बाद से भी ना उठु.

जॅक-जैसी तेरी मर्ज़ी पर आज फॉर्म जमा करने का आख़िरी दिन है आगे तेरी मर्ज़ी.

में-शिट .

फिर में किसी तरह उठने की कोशिश करने लगा किसी तरह उठ के में हॉल तक आया वहाँ डॅड को देखते ही मेरी चाल ऐसी हो गयी जैसे कुछ हुआ ही ना हो.फिर में अपने रूम में जा फ्रेश हुआ और रघु को कॉल कर के पता किया कि वो कॉलेज कब जाएगा उस ने बताया

कि 10 बजे के आस पास जाएगा मेने ओके किया .फिर में गुड़िया के कमरे में गया पर वो यहाँ नही थी शायद बाथरूम में होगी .
 
मेने नीचे आ के हॉल में नाश्ता किया और रघु का वेट करने लगा .ठीक 9.30 पे वो भी आ गया फिर हम निकल पड़े एक नयी दुनिया में जहाँ मुझे नही पता कि मेरे साथ क्या होना वाला था.30 मिंट में हम कॉलेज पहुँच गये वहाँ तो ऐसी लाइन लगी हुई थी जैसे आधे स्टूडेंट तो आज का ही वेट कर रहे हो शायद रघु के लिए कोई नयी बात नही थी इसलिए वो जा के लाइन लग गया और मुझे भी लगने को बोला हम लाइन में तो लग गये पर लाइन है कि आगे बढ़ने का नाम ही नही ले रही थी किसी तरह हम खिड़की तक पहुँचे तो वहाँ खिड़की बंद हो गयी लंच

टाइम हो गया था.कसम से आज दूसरी बार मुझे ऐसा गुस्सा आया था कि फॉर्म जमा करने वाले को बाहर निकाल के गोली मार दूं .एक तो सुबह जॅक ने पूरे बदन की लगा दी अब ये हम से आगे सिर्फ़ दो ही बंदे थे ये अगर हमारे फॉर्म ले के लंच पे चला जाता तो इस का

क्या बिगड़ जाता मुझे जितनी भी गालियाँ आती थी मेने सब उस को दे दी.

किसी तरह हमने लंच टाइम निकला और दोबारा लाइन में लग गये अभी हम लाइन मे आगे ही थे कि कॉलेज कॅंपस में एक BMW आ के रुकी कोई न्यू मॉडेल थी.पर नोट करने की बात ये थी कि उस में से कोई उतर नही रहा था सब ये जाने के लिए उत्सुक थे कि इस गाड़ी

में कौन है और वो बाहर क्यूँ नही आ रहा फिर फिर कार का गेट खुला और उस में से जो निकला उस को उस कॅंपस का हर बंदा चाहे वो लड़की हो या लड़का सभी उस को घूर रहे थे ….

सबकी सोच को ग़लत साबित करते हुए उस BMW में से एक बेहद ही खूबसूरत लड़की निकली आप इसी बात से अंदाज़ा लगा सकते है उस वक़्त वहाँ जितने भी लोग थे चाहे वो कॉलेज स्टाफ हो या वहाँ अड्मिशन में हेल्प के लिए सभी के बीच सिर्फ़ उसी लड़की को ले के बात चीत चल रही थी ये लोग उस को देख के ऐसे बिहेव कर रहे थे जैसे कि वो इस दुनिया की आख़िरी लड़की बच्ची हो या वो यहाँ की महारानी हो जिसे सब देख के खुश हो रहे है.जो मुझे उस के फेस पे दिखा वो था सिर्फ़ और सिर्फ़ गुरूर और घमंड खूबसूरत होने का घमंड

और पैसे होने का गुरूर.उस की चाल हाव भाव ये बताने के लिए काफ़ी था कि वो अपने आगे किसी को कुछ नही मानती .पर फिर भी उस में ऐसा तो ज़रूर कुछ था जो मुझे उस की तरह खिच रहा था में अभी अपने ख़यालो में ही खोया था कि मुझे पता नही चला और फॉर्म

जमा करने का मेरा नंबर आ गया.पर लगता है किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर है वो नही चाहती कि किसी भी खूबसूरत लड़की से

मेरी पहली मुलाकात ठीक ठाक हो.

हुआ ये कि मेरी जगह उस ने अपना फॉर्म बढ़ा दिया जिस से मेरा ईगो हर्ट हुआ .

में-हेलो मिस अभी मेरा नंबर है तो प्लीज़ आप अपना फॉर्म वापस ले ले.

लड़की-तुम पागल हो या किसी चिड़ियाघर से आए हो तुम जानते भी हो कि तुम किस से बात कर रहे हो में चाहूं तो बिना फॉर्म के

भी अड्मिशन हो जाए पर ये तो मेरी अच्छाई है कि में यहाँ सिर्फ़ ये फॉर्म जमा करने आई हूँ.

में-देखो जो भी तुम हो या जो भी तुम कर सकती हो मुझे उस से कोई लेना देना नही है में पिछले 4घंटे से लाइन में लग के यहाँ आया हूँ

तो फॉर्म तो पहले मेरा ही जमा होगा उस के बाद चाहे तो तुम जमा करवा सकती हो.

रघु-छोड़ ना यार एक ही तो फॉर्म है मुस्किल से 10मिनट लगेगे कर लेने दे लड़की है कहाँ परेशान होगी लाइन में लग के.

में-क्यूँ जो पीछे लाइन में लगी है वो लड़किया नही है उन को परेशानी नही हो रही अगर ये सब लड़के जैसे इस के फॉर्म जमा करने पे चुप है तो में उन को भी अपने से पहले फोम जमा करने के लिए इन्वाइट कर रहा हूँ पूछ ले सब को मंज़ूर है सब को तो ये फॉर्म जमा

कर सकती है नही तो मेरे बाद ही फॉर्म जमा होगा ये प्रॉमिस है सब से.

लड़की-बहुत उड़ रहे हो मेरे एक फोन पे यहाँ के प्रिन्सिपल आ के मेरा फोम जमा कराएगे फिर सोच क्या तुझे अच्छा लगेगा और फिर तुझे रहना भी इसे कॉलेज में है तेरा क्या होगा सोच ले में एक लास्ट चान्स दे रही हूँ मुझे से माफी माँग के फॉर्म जमा करने दे में सब कुछ

भूल जाउन्गी.

में-देख आज सुबह से मेरा दिन बहुत ही खराब जा रहा है इसलिए मेरे ईगो को हर्ट मत कर तेरा फॉर्म मेरे बाद ही जमा होगा चाहे किसी को भी बुला ले .

लड़की-तू ऐसे नही मानेगा तुझे अपनी पवर दिखानी ही पड़ेगी.

फिर उस ने किसी को फोन किया और बस 10मिनट रुक और देख में जो बोलती हूँ वो कर भी सकती हूँ तू तो अपना अड्मिशन भूल जा यहाँ पर अब कही और जा के ट्राइ कर.
 
कुछ ही देर में कॅंपस से एक कोट पैंट पहने हुए आदमी आया जिस की उम्र 50-55के बीच होगी बाल उड़े हुए पेट निकला हुआ और आखो

पे चस्मा गोल्डन फ्रेम का जो इस बात की गवाही दे रहा है कि ये इस कॉलेज का कोई पवर वाला शख्स है.

आदमी-हेलो प्रिया बेटी कैसी हो तुम तुम्हे यहाँ आने की क्या ज़रूरत थी किसी के भी हाथ से भिजवा देती या डाइरेक्ट मेरे ऑफीस में आ जाती .

(तो एस का नाम प्रिया है)

प्रिया-कोई बात नही अंकल मेने सोचा कि आप के पास आते हुए क्यूँ ना फॉर्म जमा करती जाऊ.पर ये लड़का मुझे फॉर्म जमा नही करने

दे रहा आप ही समझा दीजिए.

आदमी-क्या प्रॉब्लम है तुम्हे तुम इसे फॉर्म जमा क्यूँ नही करने दे रहे मुझे यहाँ कोई गड़बड़ नही चाहिए समझे .

में-माफ़ कीजिएगा सर में पिछले 4घंटे से लाइन में हूँ और अब मेरी बारी है फॉर्म जमा करने की और आप की लाडली प्रिया मुझ से

पहले फॉर्म जमा करना चाहती है.

आदमी-तो अगर तुम एक फॉर्म के बाद जमा करोगे तो कोई पहाड़ टूट जाएगा तुम पे वैसे भी लड़की है तुम में बिल्कुल भी कॉमन सेन्स

नही है.प्रिया लाओ मुझे दो तुम अपना फॉर्म और मेरे ऑफीस में चल के बैठो में आता हूँ.

में-सर एक मिनट बस.और मेने यहाँ जीतनी भी लड़किया थी सब के फॉर्म जमा किए और उन सब को सर को देते हुए-----

मैं-- सर सारे फॉर्म भी लड़कियों के ही है सॉरी सर मुझे सच में बिल्कुल भी कॉमन सेन्स नही है और एक बात सर अब मुझे कोई फ़र्क

नही पड़ता कि अब मुझे कितनी भी देर लाइन में खड़ा रहना पड़े मुझे कोई प्रॉब्लम नही है.

सर-तुम्हारा दिमाग़ खराब है क्या में यहाँ कोई फॉर्म लेने नही आया समझे अपनी भलाए चाहते हो तो चुप चाप से ये फॉर्म जिस जिस के है उन को वापिस कर दो अभी के अभी नही तो तुम्हारा अड्मिशन भी यहाँ नही होगा समझे .

में-सर या तो सारी लफकियों के अड्मिशन ऐसे ही होगे नही तो किसी का भी नही होगा और रही बात मेरे अड्मिशन की बात तो आप

मेरे डॉक्यूमेंट चेक क्यूँ नही करते शायद आप को आप के सवाल का जबाब मिल जाए .

जब उन्होने मेरे डॉक्यूमेंट चेक किए तो उन के चहरे को देख के ऐसा लग रहा था कि किसी ने उन के सिर में बंदूक रख दी हो.

सर-तुम गुप्ता इंडस्ट्री के रेफरेन्स से आए हो यहाँ पे .तुम उन को कैसे जानते हो

में-क्या वो बताना ज़रूरी है .

सर-नही कोई नही.

सॉरी प्रिया बेटा में कुछ नही कर सकता या तो मुझे ये सारे फॉर्म लेने होगे या कोई भी नही और वैसे भी वो ग़लत नही है तुम को लाइन

में लग के ही फॉर्म जमा करना होगा.

प्रिया-पर अंकल ऐसा क्या हो गया आप यहाँ के हेड है और आप को मेरे डॅड की सपोर्ट है फिर आप एक मामूली से लड़के से डर गये.

में-बात को ग़लत तरीके से पेश करने की ज़रूरत नही है बस इतना जान लो कि सर पहले ग़लत का साथ दे रहे थे अब नही दे रहे......

में अभी बैठा इस सब के बारे में सोच ही रहा था कि मुझे अपने कंधे पे किसी का हाथ महसूस हुआ मेने पीछे मूड के देख तो वहाँ प्रिया खड़ी थी .

प्रिया-तुम्हे इस की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी तैयार रहना.आज तक किसी ने भी मुझ से उँची आवाज़ में बात तक नही की और तुम

ने सब के सामने मुझ को बेज़्जत किया है में तुम को छोड़ुगी नही .

में-देखो जो होना था वो हो गया अब इस बात पे बहस कर के कोई फ़ायदा नही है .और जो तुम्हारा दिल करे कर लेना में कुछ नही

बोलुगा मेरा वादा है ये तुम से और में अपने वादे मरते दम तक निभाता हूँ .

प्रिया-वो तो देख लेगे ……………

और वो चली गयी उस के जाने के बाद में भी वहाँ से जाने लगा इतने में रघु आ गया .कहाँ जा रहा है नाश्ता तो कर ले .

में-नही अब मूड नही है चल घर चलते है मुझे कुछ काम है घर पे.

रघु-यार में अभी नही जा सकता मुझे भी यहाँ कुछ काम है थोड़ी देर रुक जा फिर चलते है.

में-ओके फाइन तू रुक में जा रहा हूँ .फिर मेने टॅक्सी ली और घर चला गया.
 
में सीधे अपने कमरे में चला गया और सुबह से हो रही बातो को याद करने लगा और सोचने लगा कि अभी तो शुरुआत है और में अभी से अगर इतना परेशान हो गया तो आगे कैसे बढ़ पाउन्गा .ये सोचते सोचते कब नीद आ गयी बता ही नही चला मेरी नीद जब खुली जब मुझे

मेरे सिर पे किसी का हाथ महुसुस हुआ मेने अपनी आखे खोली तो पाया कि मोम मेरे सर पे हाथ फेर रही है और रो रही है और साथ

ही गुड़िया भी मुझे पता नही क्या हुआ और अपने आप ही मेरे आखो से आसू निकल गये.

में-क्या हुआ आप सब यहाँ मेरे कमरे में अगर कोई काम होता तो मुझे बुला लेते आप को आने की क्या ज़रूरत थी .और आप सब रो

क्यूँ रहे है मुझे भी बता दो शायद में भी आप लोगो का साथ दे सकूँ.

मोम-ज़्यादा बात मत बना जब तुझे बुखार है तो तुझे हम को बताया क्यूँ नही .

में-मुझे बुखार है क्या बोल रही है .जब मेने चेक किया तो सच में मुझे बहुत तेज बुखार था . मों हल्का सा बुखार है सुबह तक ठीक हो

जाए गा आप चिंता ना करे और सब से पहले ये रोना बंद करे प्लीज़..

गुड़िया-भैया जब आप की तबीयत खराब थी तो आप बाहर क्यूँ गये.

में-मेरी दादी अम्मा बनने की कोशिश ना कर चल एक कप कॉफ़्फीे ले के आ तब तुझे बताता हूँ .फिर किसी तरह मेने मोम को चुप कराया और नीचे भेज दिया .कुछ देर में गुड़िया कॉफ़्फीे और कुछ खाने को ले के आ गयी और कॉफ़्फीे पी और नाश्ता कर के मुझे अच्छा लगने लगा .

मैं-अब तू ये बता तुम सब को कैसे पता चला कि मुझे बुखार है जब कि मुझे खुद भी नही पता.

गुड़िया-वो जब में आप से मिलने आप के कमरे में आई तो आप सो रहे थे तो मेने सोचा बाद में आउन्गी और जाने लगी तभी आप के जूते दिखाई दिए जो आप पहन के सोए हुए थे मेने सोचा कि जूते निकाल के आप को सही से कर दूं ताकि आप को अच्छी नीद आए जब

मेने जूते निकाले तभी पता चला फिर मेने मोम को बुलाया उन्होने ही डॉक्टर को बुलाया था डॉक्टर ने आप को इंजेक्षन दिया और आराम करने का बोल के चला गया .

में-कमाल है इतना सब हुआ मुझे कुछ पता क्यूँ नही चला.

गुड़िया-आप लेट जाओ में आप का सिर दबा देती हूँ आप को अच्छा लगेगा….

गुड़िया मेरा सिर दबाने लगी और मुझे सच में बड़ा अच्छा महसूस होने लगा मुझे फिर कब् नीद आ गयी पता ही नही चला .रात में मेने खाना अपने कमरे में ही खाया और सो गया आज भी गुड़िया मेरे ही पास सोई थी ….

उधर जॅक अपने कमरे में काफ़ी परेशान था पता नही क्यूँ पर वो किसी को काफ़ी देर से फोन लगा रहा था और उधर से किसी का जबाब ना पा के गुस्से में आग बाबूला हो रखा था .

जॅक-अगर इस बार भी फोन नही उठा तो इस की खैर नही .और फिर से फोन लगाया इस बार उस की किस्मत अच्छी थी जो फोन पिक हो गया.

जॅक-में पिछले 2 घंटे से तुम को फोन लगा रहा हूँ तुम हो कि फोन नही उठा रहे ऐसा क्या ज़रूरी काम आ गया था जो मेरा फोन ही पिक नही हो रहा था.
 
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