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लार टपकाते भूखे भेड़िए की तरह डॉक्टर ने फुलवा की ओर बढ़ते हुए उसे देखा। फुलवा को पीछे से Peter uncle ने दरवाजा बंद करने का एहसास हुआ। डॉक्टर ने फुलवा के कंधों को पकड़ा और उसे बेड पर फेंक दिया।
Peter uncle ने फुलवा की घाघरा चोली को उतार फैंका। फुलवा किसी बेजान गुड़िया की तरह बेड पर पड़ी रही। डॉक्टर ने फिर एक इंजेक्शन निकाला और फुलवा की बाजू में लगाया।
फुलवा जानती थी कि हो न हो यह भी वैसी ही नशा होगी जैसी Peter uncle उसे रोज देता था। फुलवा को इंजेक्शन देने के बाद डॉक्टर इंजेक्शन के असर के लिए रुका नही। उसने फुलवा को खींच कर बेड से नीचे उतारा और अपने बदन को ढकने वाला तौलिया उतार दिया।
डॉक्टर का औजार 5 इंच लंबा और डेढ़ इंच मोटा था। डॉक्टर ने फिर फुलवा के बालों को अपनी मुट्ठी में पकड़ कर अपने लौड़े पर फुलवा का चेहरा दबाया।
फुलवा को कल रात लाला ठाकुर ने मर्द को चूसना सिखाया था। फुलवा लाला ठाकुर की अच्छाई को याद कर डॉक्टर का लौड़ा चूसने लगी। डॉक्टर ने कराहते हुए फुलवा की चुसाई का मजा लिया। डॉक्टर ने अधीर हो कर फुलवा के सर पकड़ कर अपने लौड़े से उसका मुंह चोदने लगा।
फुलवा जैसे तैसे सांसे लेती डॉक्टर की जबरदस्ती सह रही थी। दवाई का असर होने लगा वैसे फुलवा भी मन लगाकर डॉक्टर का साथ देने लगी। डॉक्टर झड़ने के करीब पहुंचा तो उसने फुलवा को अपने लौड़े से दूर किया।
फुलवा को बेड पर लिटा कर उसके पैरों को फैलाकर खोला गया। डॉक्टर ने फुलवा पर चढ़ते हुए अपने लौड़े का सुपाड़ा फुलवा की गीली चूत पर लगाया। डॉक्टर फुलवा के बदन पर टूट पड़ा। वह एक ही वक्त पर फुलवा को जोर जोर से चूम रहा था, फुलवा के मम्मों को दबाते हुए निचोड़ रहा था और फुलवा की गरम जवानी में अपना लौड़ा तेज़ी से पेल रहा था।
फुलवा दवाई से उत्तेजित हो कर डॉक्टर का साथ देने लगी। डॉक्टर को फुलवा की उत्तेजना में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उसके लिए फुलवा बस एक गरम बदन थी जिसे उसने इंजेक्शन दे कर गरम किया था।
डॉक्टर के तेज धक्के और इंजेक्शन के भारी असर से फुलवा झड़ने लगी। फुलवा की चूत में झड़ने की लहरों ने उठते हुए डॉक्टर के लौड़े को निचोड़ लिया। डॉक्टर फुलवा के होठों पर कराहते हुए झड़ गया।
डॉक्टर ने अपने गंदे पानी से फुलवा की जवानी को दाग लगाकर उठते हुए तौलिए से अपना लौड़ा पोंछा।
डॉक्टर Peter uncle से, "नाम क्या है इसका?"
Peter uncle, "पिंकी।"
Doctor, "काफी दिनों बाद पिंकी मिली है। दो टीना, रीना और तीन पम्मी के बाद ये दूसरी पिंकी मिली है। पता है बाकी की लड़कियों का क्या हुआ?"
Peter uncle ने अपने कंधे उड़ाकर बताया की उसे अपनी इस्तमाल कर फेंकी लड़कियों के आगे होने वाले हश्र में कोई दिलचस्पी नहीं थी। डॉक्टर ने भी मुस्कुराकर सवाल को छोड़ते हुए बात वहीं पर छोड़ दी।
अपनी जांघों पर बहते वीर्य को महसूस कर फुलवा ने एक ओर मुड़कर सुस्ताने की कोशिश की। फुलवा को एहसास हुआ कि उसके पीछे से आ कर कोई लेट गया है। फुलवा को देखने की हिम्मत नहीं हुई।
पीछे से फुलवा की गांड़ को सहलाते हुए उसकी गांड़ के गोलों को फैलाया गया। सुपाड़े ने फुलवा की गांड़ को दबाया और चौंक कर फुलवा की आंखें खुल गईं।
डॉक्टर फुलवा को देखते हुए अपने सोए लौड़े को हिला रहा था जब सुपाड़ा आराम से फुलवा की गांड़ में धंस गया।
फुलवा, "Peter uncle?"
लार टपकाते भूखे भेड़िए की तरह डॉक्टर ने फुलवा की ओर बढ़ते हुए उसे देखा। फुलवा को पीछे से Peter uncle ने दरवाजा बंद करने का एहसास हुआ। डॉक्टर ने फुलवा के कंधों को पकड़ा और उसे बेड पर फेंक दिया।
Peter uncle ने फुलवा की घाघरा चोली को उतार फैंका। फुलवा किसी बेजान गुड़िया की तरह बेड पर पड़ी रही। डॉक्टर ने फिर एक इंजेक्शन निकाला और फुलवा की बाजू में लगाया।
फुलवा जानती थी कि हो न हो यह भी वैसी ही नशा होगी जैसी Peter uncle उसे रोज देता था। फुलवा को इंजेक्शन देने के बाद डॉक्टर इंजेक्शन के असर के लिए रुका नही। उसने फुलवा को खींच कर बेड से नीचे उतारा और अपने बदन को ढकने वाला तौलिया उतार दिया।
डॉक्टर का औजार 5 इंच लंबा और डेढ़ इंच मोटा था। डॉक्टर ने फिर फुलवा के बालों को अपनी मुट्ठी में पकड़ कर अपने लौड़े पर फुलवा का चेहरा दबाया।
फुलवा को कल रात लाला ठाकुर ने मर्द को चूसना सिखाया था। फुलवा लाला ठाकुर की अच्छाई को याद कर डॉक्टर का लौड़ा चूसने लगी। डॉक्टर ने कराहते हुए फुलवा की चुसाई का मजा लिया। डॉक्टर ने अधीर हो कर फुलवा के सर पकड़ कर अपने लौड़े से उसका मुंह चोदने लगा।
फुलवा जैसे तैसे सांसे लेती डॉक्टर की जबरदस्ती सह रही थी। दवाई का असर होने लगा वैसे फुलवा भी मन लगाकर डॉक्टर का साथ देने लगी। डॉक्टर झड़ने के करीब पहुंचा तो उसने फुलवा को अपने लौड़े से दूर किया।
फुलवा को बेड पर लिटा कर उसके पैरों को फैलाकर खोला गया। डॉक्टर ने फुलवा पर चढ़ते हुए अपने लौड़े का सुपाड़ा फुलवा की गीली चूत पर लगाया। डॉक्टर फुलवा के बदन पर टूट पड़ा। वह एक ही वक्त पर फुलवा को जोर जोर से चूम रहा था, फुलवा के मम्मों को दबाते हुए निचोड़ रहा था और फुलवा की गरम जवानी में अपना लौड़ा तेज़ी से पेल रहा था।
फुलवा दवाई से उत्तेजित हो कर डॉक्टर का साथ देने लगी। डॉक्टर को फुलवा की उत्तेजना में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उसके लिए फुलवा बस एक गरम बदन थी जिसे उसने इंजेक्शन दे कर गरम किया था।
डॉक्टर के तेज धक्के और इंजेक्शन के भारी असर से फुलवा झड़ने लगी। फुलवा की चूत में झड़ने की लहरों ने उठते हुए डॉक्टर के लौड़े को निचोड़ लिया। डॉक्टर फुलवा के होठों पर कराहते हुए झड़ गया।
डॉक्टर ने अपने गंदे पानी से फुलवा की जवानी को दाग लगाकर उठते हुए तौलिए से अपना लौड़ा पोंछा।
डॉक्टर Peter uncle से, "नाम क्या है इसका?"
Peter uncle, "पिंकी।"
Doctor, "काफी दिनों बाद पिंकी मिली है। दो टीना, रीना और तीन पम्मी के बाद ये दूसरी पिंकी मिली है। पता है बाकी की लड़कियों का क्या हुआ?"
Peter uncle ने अपने कंधे उड़ाकर बताया की उसे अपनी इस्तमाल कर फेंकी लड़कियों के आगे होने वाले हश्र में कोई दिलचस्पी नहीं थी। डॉक्टर ने भी मुस्कुराकर सवाल को छोड़ते हुए बात वहीं पर छोड़ दी।
अपनी जांघों पर बहते वीर्य को महसूस कर फुलवा ने एक ओर मुड़कर सुस्ताने की कोशिश की। फुलवा को एहसास हुआ कि उसके पीछे से आ कर कोई लेट गया है। फुलवा को देखने की हिम्मत नहीं हुई।
पीछे से फुलवा की गांड़ को सहलाते हुए उसकी गांड़ के गोलों को फैलाया गया। सुपाड़े ने फुलवा की गांड़ को दबाया और चौंक कर फुलवा की आंखें खुल गईं।
डॉक्टर फुलवा को देखते हुए अपने सोए लौड़े को हिला रहा था जब सुपाड़ा आराम से फुलवा की गांड़ में धंस गया।
फुलवा, "Peter uncle?"

















































