पंकज अपना एक हाथ आगे बढ़ाता है और उसकी चूत पे रख देता है. वो एक दम चिकनी थी, वैसे भी आराधना सफाई का पूरा ख्याल रखती थी.
" आअहह......" आराधना के मूँह से सिसकारी निकल जाती है और साथ ही उसकी चूत से रस भी आने लगता है.
आराधना को देख कर नही लग रहा था कि वो डरी हुई या घबरा रही थी बल्कि वो तो अपनी दोनो टाँगो को अच्छे से खोल कर बैठी थी.
श्र्र्ररर........... पंकज अपनी एक उंगली आराधना की चूत मे घुसा देता है.
" उफफफफफ्फ़..........म्*म्म्मममह......." आराधना की आँखे फिर से बंद हो गयी थी.
" कुच्छ दुखन तो नही है..........." पंकज अपनी एक उंगली अंदर बाहर करते हुए पुछ्ता है.
" दुखन..... तो अब कम हो रही है......... ऊऊऊऊऊऊहझह...........". आराधना तो लगभग मस्त हो चुकी थी.
इधर पंकज की उंगलियो पर धीरे धीरे आराधना की चूत का रस बढ़ता जा रहा था.
" ओह...... म्*म्म्ममममह......लव मी............." आराधना अपनी चूत को हिलाने लगी थी अब.
पंकज भी अब झुक चुका था अब..... उस को जो चीज़ अभी तक रोक रही थी वो सिर्फ़ रीलेशन था लेकिन अब चूत का इतना ओपन व्यू मिलने से पंकज भी भटक रहा था.
आराधना की कामुक सिसकियाँ उसे पागल कर रही थी.
पंकज ने टाइम ना लगाते हुए अब अपने होंठ उसकी चूत पे रख दिए.............
"आअहह......म्*म्म्ममह........" आराधना तेज़ी से अपनी चूत को हिला रही थी.
पंकज अपने एक्सपीरियेन्स का फ़ायदा उठाते हुए अपनी जीभ को अच्छी तरह से उसकी चूत मे घुमा रहा था. लंड के सुपाडे ने चूत को थोड़ा खोल भी दिया था.
" आहह..........दद्द्द्द्द्द्द्दद्ड.......लव मी.........लव मी.........." आराधना बहुत ही ज़्यादा मचल रही थी अब. इतनी तो वो कभी नही मचलि थी.
चूत के भंगूर को वो चाटने मे लगा हुआ था और नीचे उंगली का भी काम कर रही थी. डबल इंपॅक्ट हो रहा था चूत पे.
" खा जाओ ईसीईईई........ आाआऐययईईई......म्*म्मह" अपने दोनो हाथो से आराधना ने पंकज के बाल पकड़ लिए थे जोकि उन्हे नोचने को तैयार हो रही थी.
" फकक्क्क्क्क्क्क्क्क मी....................."
आराधना अब बहुत तेज चिल्ला रही थी. सच मे अपने वाइल्ड रूप मे आ चुकी थी वो. ल्यूब्रिकेशन के लिए पंकज उसकी चूत को बहुत गीला कर चुका था.
पंकज अब उसकी चूत से हट ता है लेकिन आराधना अभी भी छटपटा रही थी.
पंकज आराधना के कॉन्फिडेन्स को चेक करना चाहता था लेकिन वो कुच्छ सुन मे के मूड मे नही थी.
" प्लीज़ डॅड......... मत तडपाओ...........आअहह............फकक्क्क्क्क्क्क्क मी प्लीज़............."
पंकज अब इस सिचुयेशन को अवाय्ड नही करना चाहता था.
पंकज ने एक बार फिर से अपने लंड पे ढेर सारा थूक लगाया और अपने घुटने मोड़ कर आराधना की चूत के सामने आ गया. चूत लंड का एक झटका पहले ही खा चुकी थी और उसके होठ खुले हुए थे.
अपनी लंड के मिज़ाइल जैसे सुपाडे को वो फिर से आराधना की चूत पे लगाता है और आराम से पुश करता है....
फुचह....... कुच्छ ऐसा ही साउंड आता है और लंड सरक कर थोड़ा सा अंदर चला जाता है.
" आहह........" आराधना की बॉडी का मूव्मेंट थोड़ा सा कम हुआ क्यूंकी लंड का असर फिर से उसकी चूत पर हुआ.
पंकज थोड़ा सा झुकता है और आराधना के मोटे मोटे बूब्स को किस करने लगता है.
" सक देम......... ऐसे दद्द्द्दद्ड...... यू आर माइ मन्न्न्न्न..............."
सकिंग के दौरान ही आराम से थोड़ा सा और पुश करता है और लंड लगभग आधा अंदर चला जाता है.
" आईईईईई......इसस्शह..." रूम मे ऐसा साउंड आ रहा था जैसे कोई लो वाय्स मे विज़ल बजा रहा हो.
लंड बिल्कुल उसकी चूत मे फँस चुका था. आराधना पंकज को अपने बूब्स से खींचती है और अपने होठ उससे जोड़ देती है.
म्*म्मह....." पंकज भी उसके रसीले होंठो का रस्पान करने लगता है. आराधना उसके होंठो पे कुच्छ ज़्यादा ही प्रेशर बना कर चूस रही थी.
खचह.......... इस साउंड के आते ही आराधना के होठ पंकज से अलग हो जाते है क्यूंकी अब लंड अब अंदर तक जगह बना चुका था. पंकज सीध खड़ा होता है तो उसे दिखाई देता है कि बेड शीट खून मे सन चुकी थी लेकिन सेम ओल्ड स्टाइल की वो आराधना को नर्वस नही करना चाहता था.
पंकज अपना लंड बाहर खींचता है और फिर धीरे से अंदर पुश करता है. उसकी चूत के रस की वजह से अब ज़्यादा परेशानी नही हो रही थी. कुच्छ ही देर मे पंकज थोड़ी सी स्पीड पकड़ चुका था.
" आअहह..... आहह....... आहहह... फुक्ककककक मईए......... आइ लाइक यू........... लव मी.........." आराधना मस्त हो रही थी और बीच बीच मे पंकज के होंठो को भी चूस लेती थी.
पंकज भी दना दन लगा हुआ था. फुच्च फुच्च फुच साउंड तेज़ी से आ रहा था. चूत का पानी, ब्लड मिलकर एक अलग ही ल्यूब्रिकेशन पैदा कर रहे थे.
" आऐईयईईई...... आअहह...... आहहह.....म्*म्म्मममह........आऐईयईईईईईईई.....ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ज........" पंकज धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था और आराधना अपनी आँखो से उसे इन्वाइट कर रही थी कि और चोद मुझे.
"फास्ट प्लीज़...... आहह....... एसस्स्स्स्स्सस्स.... प्लीज़ फक्क्क्क मी........" आराधना अपनी मस्ती के आलम मे चूर हो चुकी थी लेकिन पंकज अभी भी ख्याल कर रहा था कि आराधना कुँवारी है.
पंकज अपनी स्पीड को बढ़ाता है और तेज़ी से धक्के लगाने लगता है. आराधना की सेक्सी आइज़ अब और भी शाइनी हो चुकी थी.
" आहह...... डॅड................म्*म्म्ममममममममममह..................आहह.........आअहह........" आराधना अपने हाथ आगे बढ़ाती और पंकज की गर्दन मे डाल कर उसे नीचे को झुकाती है.
"आहह................. डेडड्डड्डड्डड्ड.........." आराधना के हाथ कस गये थे और उसके नेल्स पंकज की गर्दन के आस पास लगने लगे थे.
" .....अहह....अहह" आराधना की चूत झटके लेती है और पंकज को अहसास हो जाता है कि वोंझड़ गयी है.
लेकिन पंकज अभी भी स्पीड के साथ लगा हुआ था. फुचह फुच फुचह फुचह......... चूत और लंड के मिलन के साउंड अभी भी आ रहे थे.
" ओह........ आरू......." ये पंकज के मूँह से पहला साउंड था.
" आहह......आहह" पंकज तेज़ी से लगा हुआ था. आराधना की टाइट चूत असर कर रही थी.
" आरुउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ............" इस साउंड के साथ पंकज अपना लंड बाहर निकालता है और सारा वीर्य बेड शीट पर उडेल देता है.
पंकज की पूरी बॉडी टाइट हो चुकी थी.
आराधना हैरान थी उस पिचकारी से क्यूंकी वो बहुत ही स्पीड से वीर्य को बाहर निकल रहा था.
वो एक प्यारी सी स्माइल के साथ पंकज की तरफ देखती है.
वीर्य निकलते ही पंकज सीधा खड़ा होता है और सीधा वॉशरूम मे घुस जाता है. आराधना उसके बिहेवियर से फिर से एक बार शोकेड हो जाती है.
कुच्छ मिनिट होते है लेकिन पंकज अभी अंदर ही था. आराधना वहीं पे लेटे हुए आवाज़ देती है.
" डॅड..... डॅड....?"
पंकज -" आरू.... तुम आराम करो मे एक बाथ लेकर आ रहा हू..........
" आअहह......" आराधना के मूँह से सिसकारी निकल जाती है और साथ ही उसकी चूत से रस भी आने लगता है.
आराधना को देख कर नही लग रहा था कि वो डरी हुई या घबरा रही थी बल्कि वो तो अपनी दोनो टाँगो को अच्छे से खोल कर बैठी थी.
श्र्र्ररर........... पंकज अपनी एक उंगली आराधना की चूत मे घुसा देता है.
" उफफफफफ्फ़..........म्*म्म्मममह......." आराधना की आँखे फिर से बंद हो गयी थी.
" कुच्छ दुखन तो नही है..........." पंकज अपनी एक उंगली अंदर बाहर करते हुए पुछ्ता है.
" दुखन..... तो अब कम हो रही है......... ऊऊऊऊऊऊहझह...........". आराधना तो लगभग मस्त हो चुकी थी.
इधर पंकज की उंगलियो पर धीरे धीरे आराधना की चूत का रस बढ़ता जा रहा था.
" ओह...... म्*म्म्ममममह......लव मी............." आराधना अपनी चूत को हिलाने लगी थी अब.
पंकज भी अब झुक चुका था अब..... उस को जो चीज़ अभी तक रोक रही थी वो सिर्फ़ रीलेशन था लेकिन अब चूत का इतना ओपन व्यू मिलने से पंकज भी भटक रहा था.
आराधना की कामुक सिसकियाँ उसे पागल कर रही थी.
पंकज ने टाइम ना लगाते हुए अब अपने होंठ उसकी चूत पे रख दिए.............
"आअहह......म्*म्म्ममह........" आराधना तेज़ी से अपनी चूत को हिला रही थी.
पंकज अपने एक्सपीरियेन्स का फ़ायदा उठाते हुए अपनी जीभ को अच्छी तरह से उसकी चूत मे घुमा रहा था. लंड के सुपाडे ने चूत को थोड़ा खोल भी दिया था.
" आहह..........दद्द्द्द्द्द्द्दद्ड.......लव मी.........लव मी.........." आराधना बहुत ही ज़्यादा मचल रही थी अब. इतनी तो वो कभी नही मचलि थी.
चूत के भंगूर को वो चाटने मे लगा हुआ था और नीचे उंगली का भी काम कर रही थी. डबल इंपॅक्ट हो रहा था चूत पे.
" खा जाओ ईसीईईई........ आाआऐययईईई......म्*म्मह" अपने दोनो हाथो से आराधना ने पंकज के बाल पकड़ लिए थे जोकि उन्हे नोचने को तैयार हो रही थी.
" फकक्क्क्क्क्क्क्क्क मी....................."
आराधना अब बहुत तेज चिल्ला रही थी. सच मे अपने वाइल्ड रूप मे आ चुकी थी वो. ल्यूब्रिकेशन के लिए पंकज उसकी चूत को बहुत गीला कर चुका था.
पंकज अब उसकी चूत से हट ता है लेकिन आराधना अभी भी छटपटा रही थी.
पंकज आराधना के कॉन्फिडेन्स को चेक करना चाहता था लेकिन वो कुच्छ सुन मे के मूड मे नही थी.
" प्लीज़ डॅड......... मत तडपाओ...........आअहह............फकक्क्क्क्क्क्क्क मी प्लीज़............."
पंकज अब इस सिचुयेशन को अवाय्ड नही करना चाहता था.
पंकज ने एक बार फिर से अपने लंड पे ढेर सारा थूक लगाया और अपने घुटने मोड़ कर आराधना की चूत के सामने आ गया. चूत लंड का एक झटका पहले ही खा चुकी थी और उसके होठ खुले हुए थे.
अपनी लंड के मिज़ाइल जैसे सुपाडे को वो फिर से आराधना की चूत पे लगाता है और आराम से पुश करता है....
फुचह....... कुच्छ ऐसा ही साउंड आता है और लंड सरक कर थोड़ा सा अंदर चला जाता है.
" आहह........" आराधना की बॉडी का मूव्मेंट थोड़ा सा कम हुआ क्यूंकी लंड का असर फिर से उसकी चूत पर हुआ.
पंकज थोड़ा सा झुकता है और आराधना के मोटे मोटे बूब्स को किस करने लगता है.
" सक देम......... ऐसे दद्द्द्दद्ड...... यू आर माइ मन्न्न्न्न..............."
सकिंग के दौरान ही आराम से थोड़ा सा और पुश करता है और लंड लगभग आधा अंदर चला जाता है.
" आईईईईई......इसस्शह..." रूम मे ऐसा साउंड आ रहा था जैसे कोई लो वाय्स मे विज़ल बजा रहा हो.
लंड बिल्कुल उसकी चूत मे फँस चुका था. आराधना पंकज को अपने बूब्स से खींचती है और अपने होठ उससे जोड़ देती है.
म्*म्मह....." पंकज भी उसके रसीले होंठो का रस्पान करने लगता है. आराधना उसके होंठो पे कुच्छ ज़्यादा ही प्रेशर बना कर चूस रही थी.
खचह.......... इस साउंड के आते ही आराधना के होठ पंकज से अलग हो जाते है क्यूंकी अब लंड अब अंदर तक जगह बना चुका था. पंकज सीध खड़ा होता है तो उसे दिखाई देता है कि बेड शीट खून मे सन चुकी थी लेकिन सेम ओल्ड स्टाइल की वो आराधना को नर्वस नही करना चाहता था.
पंकज अपना लंड बाहर खींचता है और फिर धीरे से अंदर पुश करता है. उसकी चूत के रस की वजह से अब ज़्यादा परेशानी नही हो रही थी. कुच्छ ही देर मे पंकज थोड़ी सी स्पीड पकड़ चुका था.
" आअहह..... आहह....... आहहह... फुक्ककककक मईए......... आइ लाइक यू........... लव मी.........." आराधना मस्त हो रही थी और बीच बीच मे पंकज के होंठो को भी चूस लेती थी.
पंकज भी दना दन लगा हुआ था. फुच्च फुच्च फुच साउंड तेज़ी से आ रहा था. चूत का पानी, ब्लड मिलकर एक अलग ही ल्यूब्रिकेशन पैदा कर रहे थे.
" आऐईयईईई...... आअहह...... आहहह.....म्*म्म्मममह........आऐईयईईईईईईई.....ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ज........" पंकज धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था और आराधना अपनी आँखो से उसे इन्वाइट कर रही थी कि और चोद मुझे.
"फास्ट प्लीज़...... आहह....... एसस्स्स्स्स्सस्स.... प्लीज़ फक्क्क्क मी........" आराधना अपनी मस्ती के आलम मे चूर हो चुकी थी लेकिन पंकज अभी भी ख्याल कर रहा था कि आराधना कुँवारी है.
पंकज अपनी स्पीड को बढ़ाता है और तेज़ी से धक्के लगाने लगता है. आराधना की सेक्सी आइज़ अब और भी शाइनी हो चुकी थी.
" आहह...... डॅड................म्*म्म्ममममममममममह..................आहह.........आअहह........" आराधना अपने हाथ आगे बढ़ाती और पंकज की गर्दन मे डाल कर उसे नीचे को झुकाती है.
"आहह................. डेडड्डड्डड्डड्ड.........." आराधना के हाथ कस गये थे और उसके नेल्स पंकज की गर्दन के आस पास लगने लगे थे.
" .....अहह....अहह" आराधना की चूत झटके लेती है और पंकज को अहसास हो जाता है कि वोंझड़ गयी है.
लेकिन पंकज अभी भी स्पीड के साथ लगा हुआ था. फुचह फुच फुचह फुचह......... चूत और लंड के मिलन के साउंड अभी भी आ रहे थे.
" ओह........ आरू......." ये पंकज के मूँह से पहला साउंड था.
" आहह......आहह" पंकज तेज़ी से लगा हुआ था. आराधना की टाइट चूत असर कर रही थी.
" आरुउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ............" इस साउंड के साथ पंकज अपना लंड बाहर निकालता है और सारा वीर्य बेड शीट पर उडेल देता है.
पंकज की पूरी बॉडी टाइट हो चुकी थी.
आराधना हैरान थी उस पिचकारी से क्यूंकी वो बहुत ही स्पीड से वीर्य को बाहर निकल रहा था.
वो एक प्यारी सी स्माइल के साथ पंकज की तरफ देखती है.
वीर्य निकलते ही पंकज सीधा खड़ा होता है और सीधा वॉशरूम मे घुस जाता है. आराधना उसके बिहेवियर से फिर से एक बार शोकेड हो जाती है.
कुच्छ मिनिट होते है लेकिन पंकज अभी अंदर ही था. आराधना वहीं पे लेटे हुए आवाज़ देती है.
" डॅड..... डॅड....?"
पंकज -" आरू.... तुम आराम करो मे एक बाथ लेकर आ रहा हू..........