दोस्तो, मुझे लगता है कि आपको मेरी ये कहानी पसंद नहीं आ रही है। क्योंकि अपडेट देने के बाद भी आप लोग अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। आप में से बहुत से लोग खुद भी लेखक हैं और यहाॅ पर कहानियाॅ लिखकर सभी का मनोरंजन कर रहे हैं। आप जानते हैं कि एक लेखक अपने पाठकों से क्या चाहता है ?
एक अपडेट को हिन्दी में लिख कर तथा उसे तैयार करने में कम से कम दो से तीन घंटे तक का समय लगता है, और उस पर जब किसी की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती तो एक लेखक को कैसा लगता होगा? सोचिए.....!
मैंने कई साइट्स पर इस बात को भी देखा है कि दूसरा लेखक आपकी कहानी को पढ़ता तो ज़रूर है लेकिन आपकी उस कहानी पर कोई प्रतिक्रिया देना जैसे वह अपनी तौहीन समझता है। इस बात से आप क्या सोचेंगे...क्या ये कि वो सिर्फ अपनी कहानी के लिए लोगों की प्रतिक्रिया चाहता है, या फिर ये कि वो खुद को बहुत बड़ा तीसमारखां समझता है जिसके तहत उसे किसी दूसरे लेखक की कहानी पर कोई प्रतिक्रिया देना अपनी शान के खिलाफ लगता है?
ख़ैर ये तो अपनी अपनी सोच की बात है किन्तु है ज़रूर सोचने वाली बात। वैसे इस सवाल पर आपको ये जवाब भी मिल सकता है कि उनके पास इस सबके लिए समय ही नहीं मिल पाता जिससे वो किसी की कहानी पर कोई प्रतिक्रिया दे सकें। मगर जनाब ये जवाब तो फिर हर लेखक दे सकता है आपके लिए। क्योंकि आज के समय में हर ब्यक्ति किसी न किसी काम में उलझा हुआ है, फालतू वक्त किसी के पास नहीं है। ख़ैर जाने दीजिए.....
कहानी पर अगर किसी की कोई प्रतिक्रिया न मिले तो एक लेखक का उत्साह खत्म हो जाता है, उसका दिल नहीं करता फिर कि वह इतनी मेहनत करके कहानी को आगे बढ़ाए। एक अपडेट तैयार करने में समय के साथ साथ दिलो दिमाग़ को कितना मॅथना पड़ता है ये किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। आपने तो पाॅच मिनट में अपडेट पढ़ लिया और आपका काम खत्म।
अंत में यही कहूॅगा कि बग़ैर किसी की प्रतिक्रिया के मैं कहानी को आगे नहीं बढ़ा पाऊॅगा। ये बात सिर्फ यहीं बस की नहीं है बल्कि हर साइट्स की भी है। हर जगह यही हाल है। बेचारे लेखक....! धैर्य या संयम की बात नहीं है वो तो बहुत होता है जनाब मगर ये सब जो चीज़ें हैं न वो नहीं होनी चाहिए,इससे बड़ा दुख होता है। ख़ैर कोई बात नहीं। मेरी इन बातों से अगर किसी महानुभाव को बुरा लगा हो तो प्लीज मुआफ़ कर देना,,,,
धन्यवाद दोस्तो,,,,,
एक अपडेट को हिन्दी में लिख कर तथा उसे तैयार करने में कम से कम दो से तीन घंटे तक का समय लगता है, और उस पर जब किसी की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती तो एक लेखक को कैसा लगता होगा? सोचिए.....!
मैंने कई साइट्स पर इस बात को भी देखा है कि दूसरा लेखक आपकी कहानी को पढ़ता तो ज़रूर है लेकिन आपकी उस कहानी पर कोई प्रतिक्रिया देना जैसे वह अपनी तौहीन समझता है। इस बात से आप क्या सोचेंगे...क्या ये कि वो सिर्फ अपनी कहानी के लिए लोगों की प्रतिक्रिया चाहता है, या फिर ये कि वो खुद को बहुत बड़ा तीसमारखां समझता है जिसके तहत उसे किसी दूसरे लेखक की कहानी पर कोई प्रतिक्रिया देना अपनी शान के खिलाफ लगता है?
ख़ैर ये तो अपनी अपनी सोच की बात है किन्तु है ज़रूर सोचने वाली बात। वैसे इस सवाल पर आपको ये जवाब भी मिल सकता है कि उनके पास इस सबके लिए समय ही नहीं मिल पाता जिससे वो किसी की कहानी पर कोई प्रतिक्रिया दे सकें। मगर जनाब ये जवाब तो फिर हर लेखक दे सकता है आपके लिए। क्योंकि आज के समय में हर ब्यक्ति किसी न किसी काम में उलझा हुआ है, फालतू वक्त किसी के पास नहीं है। ख़ैर जाने दीजिए.....
कहानी पर अगर किसी की कोई प्रतिक्रिया न मिले तो एक लेखक का उत्साह खत्म हो जाता है, उसका दिल नहीं करता फिर कि वह इतनी मेहनत करके कहानी को आगे बढ़ाए। एक अपडेट तैयार करने में समय के साथ साथ दिलो दिमाग़ को कितना मॅथना पड़ता है ये किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। आपने तो पाॅच मिनट में अपडेट पढ़ लिया और आपका काम खत्म।
अंत में यही कहूॅगा कि बग़ैर किसी की प्रतिक्रिया के मैं कहानी को आगे नहीं बढ़ा पाऊॅगा। ये बात सिर्फ यहीं बस की नहीं है बल्कि हर साइट्स की भी है। हर जगह यही हाल है। बेचारे लेखक....! धैर्य या संयम की बात नहीं है वो तो बहुत होता है जनाब मगर ये सब जो चीज़ें हैं न वो नहीं होनी चाहिए,इससे बड़ा दुख होता है। ख़ैर कोई बात नहीं। मेरी इन बातों से अगर किसी महानुभाव को बुरा लगा हो तो प्लीज मुआफ़ कर देना,,,,
धन्यवाद दोस्तो,,,,,