(UODATE-30)
मिलन - कहाँ है कहाँ है यार माल
देव - आबे मिलू वो देख सामने क्या गोरी चिट्ठी माल है भी देख के मुंह में पानी आ गया भी काश एक वार दे दे साली मजा अजाए यार
मिलन - आबे हाँ यार देव क्या पटाखा है भी
राज़ - आबे साले देव तू तो कुछ शर्म कार साले तू अभी सिंगल नहीं है तू अब डबल होचुका है सानिया क्या कम सुंदर है जो तू इश्को देख लार टपका रहा है
देव - आबे में असली मर्द हूँ समझा और मर्द हमेशा अपने माल से ज्यादा दूश्रों के माल के ऊपर नज़र रखते हैं क्या पता कब कोई मौका मिल जाए चोका मरने को , क्यों भाई मिलन
मिलन - हाँ यार देव तूने सही बोला यार तू साला अपने ही टाइप का बंदा है तेरी और मेरी खूब बनेगी यार , चल बोल पापा
राज़ - आबे साले बंद करो अपनी अपनी बकवस्स भी और जल्दी खत्म करो भी घर भी जाना है देर हो रही है
जागु - आबे हाँ यार चलो यार जल्दी से खत्म करो मुझे तो थोड़ा थोड़ा नशा भी होने लगा है
फिर सब अपने अपने ड्रिंक्स खत्म करते हैं और पब से बाहर निकल पड़ते हैं फिर चारों राज़ के कार में बैठ के चल देते हैं घर के तरफ लेकिन राषते में ही देव गाड़ी रोकने को कहता है क्योंकि उसे पेशाब करना था
फिर देव गाड़ी से लड़खड़ाते हुए बाहर निकलता है और पेशाब करने के बाद जब बैठने को होता ही है की उसे पास ही में एक ढाबा दिखाई देता है
देव - आबे यारो पास ही में एक ढाबा है चलो चल कर चाय पीते हैं भी
जागु - साले ये कोई चाय पीने का वक्त है चुप चाप बैठ जा गाड़ी में नहीं तो तेरे पीछे से सरिया डालूँगा और आगे से चाय निकलेगा समझा अब बैठ चुप चाप
देव - चल ठीक है कुत्ते लेकिन एक बात बता भी साले कुत्ते क्या हम सब ऐशी हालत में घर जाएँगे अंकल को पता चल गया की हमने पी हुई है तो क्या होगा मेरे भाई
राज़ - आबे हाँ भी अगर पापा को पता चल गया की हमने दारू पिया है तो मेरी पेलाइ पक्की है भी चलो चलकर चाय पीते हैं इसे से हम थोड़ा फ्रेश भी होज़ाएँगे और पापा को भी कुछ पता नहीं चलेगा
जागु - वो तो ठीक है राज़ पर यार मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है यहाँ शा लग रहा है की अगर हम यहाँ रूक्के तो कुछ गड़बड़ हो सकती है यार
मिलन - अरे यार जागु तू ना फालतू में फिक्र कार रहा है कुछ भी नहीं होगा अब चलो सब मिलकर चाय पीते हैं फिर घर को जाएँगे , फिर सब मिलकर चाय पीने के लिए उस ढाबे के तरफ चल देते हैं जागु - वो तो ठीक है राज़ पर यार मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है यहाँ शा लग रहा है की अगर हम यहाँ रूक्के तो कुछ गड़बड़ हो सकती है यार
मिलन - अरे यार जागु तू ना फालतू में फिक्र कार रहा है कुछ भी नहीं होगा अब चलो सब मिलकर चाय पीते हैं फिर घर को जाएँगे , फिर सब मिलकर चाय पीने के लिए उस ढाबे के तरफ चल देते हैं
गाड़ी जाकर उस हाइवे पे बनी ढाबे पे ही रुकती है और फिर सभी गाड़ी में से एक एक करके उतरते हैं , वो एक हाइवे पे बनी बड़ा सा ढाबा था और ईश्वक़्त रात के 12 बजे के बाद भी वहाँ पे काफिई चहेल पहले थी बहुत से लोग वहाँ बैठ के खाना कहा रहे थे तो कोई उस ढाबे पे बैठ के शराब पी रहे थे , शहर से थोड़ी दूरी पे होने के वाबजूद वहाँ पे अक्सर पुलिस की पे.सी.आर वन राउंड लगाया करती थी क्या पता कोई लाफद होज़ाये इसे शक से पुलिस वहाँ के चक्कर लगाया करती थी और अभी अभी भी एक पे.सी.आर की वन चक्कर लगाकर गयी थी
देव , जागु , राज़ और मिलन ये चारों छलके आ हैं और एक खतिए पे बैठ जाते हैं और उस ढाबे पे काम करने वाले लड़के को बुलाते हैं फिर वो लड़का आता है और इन सबसे इन्हें क्या चाहिए पूछता है और फिर राज़ सबके लिए चाय लाने को बोलता है मलाई मारकर और जैसे ही वो लड़का चलने को होता है देव उसे रोकता है और कहता है
देव - आबे राज़ एक काम करते हैं यहाँ अगर आ ही गये हैं तो खाना खाके ही चलते हैं दारू की स्मेल भी मिट जाएगीइ खाने की खुशबू से
राज़ - आबे हाँ भी ये तो तू सही बोल रहा है , ओये छोटू
(उस ढाबे में काम करने वाले लड़के को) सुन चाय का आर्डर कॅन्सल करदे और ये बता खाने में क्या मिलेगा
छोटू - साहब खाने में सब कुछ है और फिर वो लड़का बहुत सारे खाने के पकवानों के नाम लेने लगता है लेकिन उसे बीच में राज़ रोक देता है
राज़ - ओये बॅस कर्बे कितने तेजिसे बोल रहा है एक काम कार सबके लिए तंदूरी रोती और चिकन करी लेकर आजा और हाँ कुछ मीठा भी लाना ठीक है अब जा , फिर वो लड़का खाने का आर्डर लेकर चला जाता है
फिर कुछ ही देर में वो लड़का खाना लेकर आ जाता है और सब मिलकर खाने लगते हैं और खाना खाते खाते अचानक देव को कुछ याद आ जाता है और उसके आँखों से आस्यू आजाते हैं ये देख सभी उस से पूछते हैं की क्या हुआ फिर
देव - कुछ नहीं यार अग्नि की याद आ गाई जब भी वो हमारे साथ दारू पिता था तो हम तीनों हमेशा दारू पीने के बाद यहीी तंदूरी रोती और चिकन करी खाते थे , क्या दिन थे यार वो
जागु - सही कहा यार देव अग्नि के साथ बिताए हुए पल हमारे जिंदगी में सुनहरे पल थे जो हम कभी भी चाह कार भी नहीं भुला सकते हैं
मिलन - आबे यार ये अग्नि कौन है भी जिसका नाम कुछ दिन पहले मैंने राज़ के मुंह से सुना था और अब तुम दोनों के मुंह से कोई महात्मा है क्या जिसका नाम तुम दोनों इसे तरह लेरहे हो
जागु - (मुस्कुराते हुए) अग्नि ,,,,,, सबसे बड़ा कमीना था साला , हम दोनों का जान था अग्नि और हम दोनों भी उसके जान थे हमारे ऊपर अपनी जान छिड़कता था वो अगर कोई हमारे ऊपर हाथ उठाए तो उसका हाथ तोड़ देता था , अग्नि हम दोनों का सबसे चहेता दोस्त था हम तीनों लंगोतिया यार थे हम दोनों जीतने हमारे घरवालों से प्यार नहीं करते थे उस से कहीं ज्यादा उस कमीने अग्नि से करते थे
मिलन - साउंड इंट्रेस्टिंग यार अगर अग्नि इतना ही मस्त बंदा था तो राज़ तूने उसे यहाँ तेरी सगाई पे इन्वाइट क्यों नहीं किया जो कुछ दिन बाद होनेवाली है
राज़ - यार मिलन अग्नि यहाँ नहीं आसकता है
मिलन - क्यों भी राज़ अग्नि यहाँ क्यों नहीं आसकता है
देव - क्योंकि अग्नि अब इसे दुनिया में नहीं है
मिलन - क्य्ाआआआआआ पर कैसे
राज़ - मिलन अग्नि ने वर्षा की जान बचाने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दिया
मिलन - क्य्ाआआआ इसका मतलब अग्नि ही वो लड़का है जिसे वर्षा प्यार करती थी
राज़ - हाँ मिलन अग्नि ही वो लड़का है जिसे वर्षा प्यार करती है आज भी और शायद हमेशा करती रहेगी , मिलन जो भी लोग अग्नि को करीब से जानते हैं वो कभी भी अग्नि को अपने दिल और दिमाग से निकल नहीं सकते चाहे वो अग्नि के दोस्त हो या अग्नि के दुश्मन और वर्षा तो अग्नि से प्यार करती है इसलिए अग्नि को वर्षा के दिल से निकल पाना असंभव है
मिलन - तो राज़ वर्षा शादी के लिए राजी क्यों हुई जबकि वो तुमसे प्यार नहीं करती है
राज़ - यार अग्नि वर्षा को हमेशा खुश देखना चाहता था और वर्षा तभी खुश रहेगी जब वो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ेगी और इसलिए अग्नि के आंटी ने वर्षा को इसे शादी के लिए राजी करवाया
मिलन - यार तुम सबके मुंह से अग्नि और उसकी कहानी सुनकर शा लग रहा है की में भी अग्नि का ही दोस्त हूँ यार काश में भी कभी अग्नि से मिलपता
ये चारों खाना खाते हुए इसे ही बात कार रहे थे की तभी अचानक ढाबे पे दो स्कॉर्पियो तेज रफ्तार के साथ आकर रुकी और उस में से कुछ लड़के बाहर निकालने लगे और जब उन में से एक की नज़र इन चारों के ऊपर पड़ी तो वो लड़का अपने सभी दोस्तों के साथ मिलकर इनके तरफ ही छलके आने लगा
मिलन - आबे राज़ वो देख साला हरामी अनिल आ रही है हमारे ही तरफ
राज़ - (उस लड़के अनिल के तरफ देखता है फिर) आबे तो आने दे क्या उखाड़ लेगा हमारा
मिलन - कहाँ है कहाँ है यार माल
देव - आबे मिलू वो देख सामने क्या गोरी चिट्ठी माल है भी देख के मुंह में पानी आ गया भी काश एक वार दे दे साली मजा अजाए यार
मिलन - आबे हाँ यार देव क्या पटाखा है भी
राज़ - आबे साले देव तू तो कुछ शर्म कार साले तू अभी सिंगल नहीं है तू अब डबल होचुका है सानिया क्या कम सुंदर है जो तू इश्को देख लार टपका रहा है
देव - आबे में असली मर्द हूँ समझा और मर्द हमेशा अपने माल से ज्यादा दूश्रों के माल के ऊपर नज़र रखते हैं क्या पता कब कोई मौका मिल जाए चोका मरने को , क्यों भाई मिलन
मिलन - हाँ यार देव तूने सही बोला यार तू साला अपने ही टाइप का बंदा है तेरी और मेरी खूब बनेगी यार , चल बोल पापा
राज़ - आबे साले बंद करो अपनी अपनी बकवस्स भी और जल्दी खत्म करो भी घर भी जाना है देर हो रही है
जागु - आबे हाँ यार चलो यार जल्दी से खत्म करो मुझे तो थोड़ा थोड़ा नशा भी होने लगा है
फिर सब अपने अपने ड्रिंक्स खत्म करते हैं और पब से बाहर निकल पड़ते हैं फिर चारों राज़ के कार में बैठ के चल देते हैं घर के तरफ लेकिन राषते में ही देव गाड़ी रोकने को कहता है क्योंकि उसे पेशाब करना था
फिर देव गाड़ी से लड़खड़ाते हुए बाहर निकलता है और पेशाब करने के बाद जब बैठने को होता ही है की उसे पास ही में एक ढाबा दिखाई देता है
देव - आबे यारो पास ही में एक ढाबा है चलो चल कर चाय पीते हैं भी
जागु - साले ये कोई चाय पीने का वक्त है चुप चाप बैठ जा गाड़ी में नहीं तो तेरे पीछे से सरिया डालूँगा और आगे से चाय निकलेगा समझा अब बैठ चुप चाप
देव - चल ठीक है कुत्ते लेकिन एक बात बता भी साले कुत्ते क्या हम सब ऐशी हालत में घर जाएँगे अंकल को पता चल गया की हमने पी हुई है तो क्या होगा मेरे भाई
राज़ - आबे हाँ भी अगर पापा को पता चल गया की हमने दारू पिया है तो मेरी पेलाइ पक्की है भी चलो चलकर चाय पीते हैं इसे से हम थोड़ा फ्रेश भी होज़ाएँगे और पापा को भी कुछ पता नहीं चलेगा
जागु - वो तो ठीक है राज़ पर यार मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है यहाँ शा लग रहा है की अगर हम यहाँ रूक्के तो कुछ गड़बड़ हो सकती है यार
मिलन - अरे यार जागु तू ना फालतू में फिक्र कार रहा है कुछ भी नहीं होगा अब चलो सब मिलकर चाय पीते हैं फिर घर को जाएँगे , फिर सब मिलकर चाय पीने के लिए उस ढाबे के तरफ चल देते हैं जागु - वो तो ठीक है राज़ पर यार मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है यहाँ शा लग रहा है की अगर हम यहाँ रूक्के तो कुछ गड़बड़ हो सकती है यार
मिलन - अरे यार जागु तू ना फालतू में फिक्र कार रहा है कुछ भी नहीं होगा अब चलो सब मिलकर चाय पीते हैं फिर घर को जाएँगे , फिर सब मिलकर चाय पीने के लिए उस ढाबे के तरफ चल देते हैं
गाड़ी जाकर उस हाइवे पे बनी ढाबे पे ही रुकती है और फिर सभी गाड़ी में से एक एक करके उतरते हैं , वो एक हाइवे पे बनी बड़ा सा ढाबा था और ईश्वक़्त रात के 12 बजे के बाद भी वहाँ पे काफिई चहेल पहले थी बहुत से लोग वहाँ बैठ के खाना कहा रहे थे तो कोई उस ढाबे पे बैठ के शराब पी रहे थे , शहर से थोड़ी दूरी पे होने के वाबजूद वहाँ पे अक्सर पुलिस की पे.सी.आर वन राउंड लगाया करती थी क्या पता कोई लाफद होज़ाये इसे शक से पुलिस वहाँ के चक्कर लगाया करती थी और अभी अभी भी एक पे.सी.आर की वन चक्कर लगाकर गयी थी
देव , जागु , राज़ और मिलन ये चारों छलके आ हैं और एक खतिए पे बैठ जाते हैं और उस ढाबे पे काम करने वाले लड़के को बुलाते हैं फिर वो लड़का आता है और इन सबसे इन्हें क्या चाहिए पूछता है और फिर राज़ सबके लिए चाय लाने को बोलता है मलाई मारकर और जैसे ही वो लड़का चलने को होता है देव उसे रोकता है और कहता है
देव - आबे राज़ एक काम करते हैं यहाँ अगर आ ही गये हैं तो खाना खाके ही चलते हैं दारू की स्मेल भी मिट जाएगीइ खाने की खुशबू से
राज़ - आबे हाँ भी ये तो तू सही बोल रहा है , ओये छोटू
(उस ढाबे में काम करने वाले लड़के को) सुन चाय का आर्डर कॅन्सल करदे और ये बता खाने में क्या मिलेगा
छोटू - साहब खाने में सब कुछ है और फिर वो लड़का बहुत सारे खाने के पकवानों के नाम लेने लगता है लेकिन उसे बीच में राज़ रोक देता है
राज़ - ओये बॅस कर्बे कितने तेजिसे बोल रहा है एक काम कार सबके लिए तंदूरी रोती और चिकन करी लेकर आजा और हाँ कुछ मीठा भी लाना ठीक है अब जा , फिर वो लड़का खाने का आर्डर लेकर चला जाता है
फिर कुछ ही देर में वो लड़का खाना लेकर आ जाता है और सब मिलकर खाने लगते हैं और खाना खाते खाते अचानक देव को कुछ याद आ जाता है और उसके आँखों से आस्यू आजाते हैं ये देख सभी उस से पूछते हैं की क्या हुआ फिर
देव - कुछ नहीं यार अग्नि की याद आ गाई जब भी वो हमारे साथ दारू पिता था तो हम तीनों हमेशा दारू पीने के बाद यहीी तंदूरी रोती और चिकन करी खाते थे , क्या दिन थे यार वो
जागु - सही कहा यार देव अग्नि के साथ बिताए हुए पल हमारे जिंदगी में सुनहरे पल थे जो हम कभी भी चाह कार भी नहीं भुला सकते हैं
मिलन - आबे यार ये अग्नि कौन है भी जिसका नाम कुछ दिन पहले मैंने राज़ के मुंह से सुना था और अब तुम दोनों के मुंह से कोई महात्मा है क्या जिसका नाम तुम दोनों इसे तरह लेरहे हो
जागु - (मुस्कुराते हुए) अग्नि ,,,,,, सबसे बड़ा कमीना था साला , हम दोनों का जान था अग्नि और हम दोनों भी उसके जान थे हमारे ऊपर अपनी जान छिड़कता था वो अगर कोई हमारे ऊपर हाथ उठाए तो उसका हाथ तोड़ देता था , अग्नि हम दोनों का सबसे चहेता दोस्त था हम तीनों लंगोतिया यार थे हम दोनों जीतने हमारे घरवालों से प्यार नहीं करते थे उस से कहीं ज्यादा उस कमीने अग्नि से करते थे
मिलन - साउंड इंट्रेस्टिंग यार अगर अग्नि इतना ही मस्त बंदा था तो राज़ तूने उसे यहाँ तेरी सगाई पे इन्वाइट क्यों नहीं किया जो कुछ दिन बाद होनेवाली है
राज़ - यार मिलन अग्नि यहाँ नहीं आसकता है
मिलन - क्यों भी राज़ अग्नि यहाँ क्यों नहीं आसकता है
देव - क्योंकि अग्नि अब इसे दुनिया में नहीं है
मिलन - क्य्ाआआआआआ पर कैसे
राज़ - मिलन अग्नि ने वर्षा की जान बचाने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दिया
मिलन - क्य्ाआआआ इसका मतलब अग्नि ही वो लड़का है जिसे वर्षा प्यार करती थी
राज़ - हाँ मिलन अग्नि ही वो लड़का है जिसे वर्षा प्यार करती है आज भी और शायद हमेशा करती रहेगी , मिलन जो भी लोग अग्नि को करीब से जानते हैं वो कभी भी अग्नि को अपने दिल और दिमाग से निकल नहीं सकते चाहे वो अग्नि के दोस्त हो या अग्नि के दुश्मन और वर्षा तो अग्नि से प्यार करती है इसलिए अग्नि को वर्षा के दिल से निकल पाना असंभव है
मिलन - तो राज़ वर्षा शादी के लिए राजी क्यों हुई जबकि वो तुमसे प्यार नहीं करती है
राज़ - यार अग्नि वर्षा को हमेशा खुश देखना चाहता था और वर्षा तभी खुश रहेगी जब वो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ेगी और इसलिए अग्नि के आंटी ने वर्षा को इसे शादी के लिए राजी करवाया
मिलन - यार तुम सबके मुंह से अग्नि और उसकी कहानी सुनकर शा लग रहा है की में भी अग्नि का ही दोस्त हूँ यार काश में भी कभी अग्नि से मिलपता
ये चारों खाना खाते हुए इसे ही बात कार रहे थे की तभी अचानक ढाबे पे दो स्कॉर्पियो तेज रफ्तार के साथ आकर रुकी और उस में से कुछ लड़के बाहर निकालने लगे और जब उन में से एक की नज़र इन चारों के ऊपर पड़ी तो वो लड़का अपने सभी दोस्तों के साथ मिलकर इनके तरफ ही छलके आने लगा
मिलन - आबे राज़ वो देख साला हरामी अनिल आ रही है हमारे ही तरफ
राज़ - (उस लड़के अनिल के तरफ देखता है फिर) आबे तो आने दे क्या उखाड़ लेगा हमारा