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(UPDATE-20)

रुद्रा - रों भाई ये आप क्या कह रहे हैं

रों इसे बार भी रुद्रा के सवाल का कोई भी जवाब नहीं देता वो मटरू के साथ जहाज़ के एक कोने के तरफ भागता है और उन्न सबको जल्दी से जल्दी ऊपर खींचने लगता है जो नीचे जहाज़ की मरम्मत कर रहे थे और जब सब ऊपर आ गाए तो रों मटरू को कहता है

रों - मटरू जल्दी जा और मेरे केबिन में जाकर दोनों एमर्जेन्सी स्तनों दबा देना साफ़्ती मोड और इनवसिबले मोड दोनों के स्तनों दबा देना समझा अब जल्दी जा

फिर मटरू भागता हुआ जाता है और रों के केबिन के अंदर दो स्तनों दबा देता है एक का रंग लाल था तो दूसरे का काला और ये स्तनों को दबाने के बाद स्पिरिचुयल शिप का सुरक्षा कवच आक्टीवेट हो जाता है और साथ में स्पिरिचुयल शिप गायब भी हो जाता है , अब स्पिरिचुयल शिप को जहाज़ के बाहर मौजूद कोई भी स्क्स नहीं देख सकता था

फिर रों एक जगह पे खड़ा हो जाता है और रुद्रा और सुनहेरी अब भी समझ नहीं पा रहे थे की ये सब आख़िर हो क्या रहा है और वो दोनों भी अकके रों के पास खड़े होजते हैं और मटरू भी आ जाता है

रुद्रा & सुनहेरी - रों भाई आख़िर ये सब क्या हो रहा है बताइए ना

रों - बससस्स अपनी आँखें खुली रखो और सामने देखते रहो खुद बीए खुद समझ जाओगे

जहाज़ पे मौजूद सभी की आँखें सामने गॅड जाती है सभी के अंदर एक खौफ सा बैठा हुआ था वो सब सामने देख ही रहे थे की तभी अचानक से वहाँ के मौसम में बदलाव आने लगते हैं जहाँ कुछ देर पहले कड़कड़ाती हुई धूप खिली हुई थी वहाँ अब धीरे धीरे कोहरा चढ़ने लगता है सुरोज तो पूरी तरह से डूब ही जाता है ये सब देख वहाँ मौजूद सभी डरने लगे थे सीबे एक के और वो था रों

रों के चेहरे पे डर नहीं था लेकिन परेशानी जरूर थी वो परेशान होकर सामने देख ही रहा था की तभी उसके सामने वो चीज़ आ ही जाता है जीशके वजह से वो परेशान था

अग्नि की शतानी सीना आगे तरफ रही थी लाखों की तादाद में और उसके सीना में वेमपाइर'से ड्रागें'से और बारे बारे बिशल कई और ख़ौफनाकक दिखने वाले दानव भी थे वो सब जब आगे तरफ रहे थे तो धरती में तो जैसे भूकंप ही आ रही थी यहाँ तक की बारे बारे पहाड़ भी हिल रहे थे ड्रागें'से की दहाड़ के वजह से

और ये सब नज़ारा देख जहाज़ में मौजूद सभी के दिल जोरों से धड़कने लगे थे डर के मारे और सुनहेरी तो काँपने लगी थी और उसने रुद्रा के एक हाथ को जोरों से पकड़ रखा था

रों गौर से उन्न सभी शैतानो को देख रहा था जैसे उसे किसी और का इंतजार हो और उसका ये इंतजार पूरी होजती है जब वहाँ से अग्नि गुजरता है अपने ड्रागें सिल्वा पे सवार होकर , और जब रों की नज़र अग्नि के ऊपर पड़ती है तो उसके मुहनसे निकल जाती है

रों - अग्नीिीईईईईईईई ,,,, इतना जब रों ने कहा तो जहाज़ में मौजूद सभी रों को ही घूरने लगते हैं

अग्नि सिल्वा के ऊपर सवार होकर आगे तरफ रहा था की अचानक से रुक्क जाता है और एक पहाड़ के तरफ देखने लगता है कुछ देर तक देखने के बाद सिल्वा को पहाड़ के और नज़दीक जाने को कहता है और नज़दीक जाकर अग्नि एक तरफ देखने लगता है जैसे उसे पता चल गया हो की यहाँ पे एक अड्रिस्या जहाज़ है

रों जब अग्नि को अपने इतने करीब देखता है तो उसके हाथ अपने आप अपने आग उगलने वाले बंधुक पे क़ास्स्स जाते है और वो भी अग्नि के तरफ ही देखने लगता है और इंतजार करने लगता है अग्नि के अगले कदम का

अग्नि कुछ देर तक देखता रहता है और फिर उसके चेहरे पर एक मुश्कूराहट आ जाती है और उसके मुंह से एक ही लाव्ज निकलती है रोन्ंनणणन् और फिर अग्नि मुस्कुराते हुए सिल्वा को आगे बढ़ने के इशारा करता है और सिल्वा अपने पंख को मोडके आगे तरफ जाती है

और अग्नि को वापस जाता देख रों राहत की सांस लेता है और तब तक अग्नि को देखता रहता है जब तक अग्नि उसके आँखों से ओझल नहीं हो जाता है और सभी भी चेन की सांस लेते हैं और मौसम भी धीरे धीरे खुलने लगता है और कुछ देर में फिरसे सुरोज की किर्ने जहाज़ पे पड़ने लगती हैं
अग्नि और उसकी शैतानी सीना अब स्पिरिचुयल शिप से बहुत दूर जा चुके थे अब वहाँ का मौसम फिरसे खुल चुका था सुरोज की किर्ने फिरसे जहाज़ पे गिरने लगी थी और वहाँ जहाज़ पे मौजूद सभी रों के ही तरफ देख रहे थे मानो पूछ रहे हो की ये सब आख़िर क्या चक्कर है

रुद्रा - रों भाई ये सब आख़िर क्या है और वो जो स्क्स था ड्रागें के ऊपर वो कौन था और उसने आप का नाम भी पुकारा था क्या आप उसे जानते हैं

रों - नहीं में उसे नहीं जनता हाँ में उसे पहेचआंता जरूर हूँ

सुनहेरी - तो कौन था वो रों

रों - सुनहेरी वो डेत वाली का सहजादा अग्नि था सारी काएनत उसे ईविल प्रिन्स के नाम से जानती है और वो इसे दुनिया का सबसे खतरनाक और बेरहम स्क्स है ये जो दूसतीनी तुम्हारे पीछे पड़ी थी ये इसे अग्नि के सामने कुछ भी नहीं है ये अग्नि इतना खतरनाक है की इसके नाम सुन ने से ही लोगों के दिल कांप उठ ते हैं

मटरू - पर रों आना मुझे जितना पता है उसके हिसाब से आप तो कभी भी अग्नि से मिले नहीं फिर आप को कैसे पता की वही अग्नि है

रों - मटरू आज के वक्त में अगर कोई ड्रागें को काबू कार सकता है और उसकी सवारी कार सकता है तो वो सिर्फ़ 3 ही लोग हैं

रुद्रा - और वो तीन कौन हैं रों भाई

रों - पहला तुम्हारे सामने खड़ा है यानि की में खुद और ये बात मटरू तुम जानते हो , दूसरा है अग्नि डेत वाली का प्रिन्स और टीशरा है गेब्रीयल जो कुछ दीनों पहले तक सभी ड्रागेंस का राजा हुआ करता था

सुनहेरी - रों ये गेब्रीयल कौन है और क्या मतलब की वो राजा हुआ करता था

रों - गेब्रीयल हुन्न्ञणणन् गेब्रीयल रिश्ते में मेरा बड़ा भाई है लेकिन वो भी कोई कम नहीं है अग्नि के मुकाबले उसने तो ताक़त के लालच में हमारे माता पिता को भी मर दिया और कुछ दिन पहले ही मुझे पता चला की अग्नि ने उसे जंग में हरा के उसके ड्रागें को मर दिया और बकीके ड्रागेंस को अपना गुलाम बना लिया अब वो सारे ड्रागेंस अग्नि के फौज के हिस्से हैं और जो तुम सबने वो फौज देखी वो थी अग्नि की डार्क फोर्स जिसका सामना करना यानि की मौत का सामना करना है

सुनहेरी - एक बात मेरी समझ में नहीं आई रों और वो ये है की तुमने तो इसे जहाज़ को अड्रिस्या कर दिया था फिर भी अग्नि को कैसे पता चल गया की हम यहाँ हैं और उसने हम पर हमला किया क्यों नहीं

रों - अग्नि से कुछ भी चुप नहीं सकता उसके पास न जाने कितनी तरह के सकतियाँ हैं और रही बात हमला करने की तो वो बिना किसी वजह किसी पर हमला नहीं करता

सुनहेरी - तो रों अग्नि ईश्वक़्त अपनी फौज डार्क फोर्स के साथ कहाँ जा रहा है

रों - ये मुझे नहीं पता लेकिन इतना पता है वो जहाँ भी जाएगा कयामत ढाएगा , इन सब बातों को चोदा और अब तुम सब अपने अपने काम में लग जाऊं

फिर सब एक एक करके अपने अपने काम में लग जाते हैं और रुद्रा सुनहेरी के साथ जहाज़ के नीचे अपने रूम की तरफ चल देता है अब सिर्फ़ दो ही स्क्स जहाज़ के देख पर रही जाते हैं एक था रों और दूसरा था मटरू

रों - क्या हुआ भी तू यहाँ क्यों खड़ा है अब जा यहाँ से

मटरू - (अपने दाँत दिखाते हुए) आयूओ रों आना इसे कैसे जी हमको हमारा हिस्सा तो पहले दो

रों - कौनसा हिस्सा भी , किस हिस्से की बात कर रहा है तू

मटरू - आयूओ आना मेरे साथ चालाकी नहीं चलेगी जी चुप चाप मेरा हिस्सा निकालो जी

रों - आब्बी पागल हो गया है क्या कौन सा हिस्सा माँग रहा है

मटरू - वही मॅच में जो अपने बैठ में कमाया उसमें से मेरा हिस्सा जी

रों - अच्छा साले तूने शा क्या कर दिया जो में तुझे अपने कमाई से हिस्सा दम

मटरू - अच्छा जी मेरे साथ होशियारी , आयूओ आप के कहने पर ही तो में हरा था

रों - साले झूठे मैंने शा कब कहा था भी

मटरू - आयूओ आना आप ने मेरे को आँख मारकर इशारा नहीं किया था क्या

रों - आबे वो , वो तो ुषवक़्त मेरे आँख में कचरा गिर गया था इसे लिए आँख अपने आप दाव गयी

मटरू - आयूओ आना कचरा आप के आँख में नहीं आप के नियत में हे जी

रों - देख एमेम के बचे मेरा दिमाग ज्यादा मत कहा नहीं तो फोड़ दूँगा समझा अब चुप चाप यहाँ से निकल ले

मटरू - अच्छा ठीक है आना में अभी जाता हूँ और सबको बताता हूँ की में ये मॅच जान बुझ के हरा आप के कहने पर और ये भी बता दूँगा की आप न जाने कितनी बार इसे ही धोके से सबके पेशे ऐंठ लेते हो बेटिंग में

रों - आब्बी रुक्क रुक्क कहाँ जा रहा है तू तो बुरा मान गया यार में तो मज़ाक कार रहा था तेरे साथ यार तू भी ना मेरे मज़ाक को समझ नहीं पता

मटरू - अच्छा शा क्या तो फिर ठीक है अब चलो निकालो मेरे पेशे

रों - आब्बी लेलेना भी में कहीं भगा थोड़े ही जा रहा हूँ , आज रात के जश्न के बाद लेलेना

मटरू - अच्छा ठीक है

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इधर अग्नि अपनी फौज डार्क फोर्स के साथ विचस माउंटन के इलाके में घुस चुका था और शाम भी हो चुकी थी इसलिए अग्नि ने यहीं पर अपनी फौज के साथ रात गुजरने का फैसला किया और एक अच्छी जगह देख के वो सब अपना पढ़ाव डाल लेते हैं

और इधर ये सब देख एक चुड़ैल जल्दी से अपनी जादुई चड्डी पे सवार होकर तेजिसे जुंगेल के अंदर घुस रही थी कुछ देर में वो चुड़ैल एक पहाड़ी के पास पहुँच जाती है और फिर उसी पहाड़ी के अंदर मौजूद एक घुफ़ा में घुशने लगती है लेकिन तभी दरवाजे पे खड़ी एक और चुड़ैल उसे रोक देती है

खबरी चुड़ैल - मुझे अभी ईश्वक़्त महा मैं से मिलना है मेरे पास एक बहुत कुछ खबर है

पहरेदार चुड़ैल - ठीक है तुम यहीं रूकको में अभी पूछके आती हूँ , फिर वो पहरेदार चुड़ैल अंदर चली जाती है और कुछ देर बाद आती है और उस खबरी चुड़ैल को अंदर जाने को कहती है और वो खबरी चुड़ैल अंदर चली जाती है

ये गुफा महा मैं की थी यानि की विचस माउंटन की रानी और सारी चुड़ालों की भी रानी की वो खबरी चुड़ैल अंदर दाखिल होजती है गुफा के अंदर चारों तरफ अंधेरा ही आधेरा फैला हुआ था और खबरी चुड़ैल उस अंधेरे में खड़ी चारों तरफ देख रही थी शायद वो महा मैं को ढूंढ. रही थी की तभी एक कड़कदार आवाज़ उसके कानों में पड़ती है और ये आवाज़ महा मैं की थी
 
(UPDATE-21)

महा मैं - क्या ख़ास्स्स खबर लाई हो खबरी चुड़ैल

खबरी चुड़ैल - महा मैं मेरे सलाम को कबूल करिए , महा मैं में ये खबर लाई हूँ की हमारे इलाके में डार्क फोर्स अचूकी है और उन्होंने हमारे बाहरी इलाके में डेरा भी डाल लिया है मुझे शक है कहीं वो हम पर हमला ना करदे

महा मैं - नहीं खबरी चुड़ैल हमने शा नहीं लगता की डार्क फोर्स हम पर हमला करने आए हैं हमें लगता है वो इसे इलाके से होकर गुजर रहे होंगे इसे लिए रात को यहीं पर आराम करने के लिए रुक्क गये होंगे , अच्छा ये बताओ क्या उनके साथ उनका प्रिन्स है

खबरी चुड़ैल - हाँ महा मैं उनके साथ उनका प्रिन्स अग्नि भी है मैंने उसे देखा था ड्रागें के ऊपर सवार होकर वो आया था

महा मैं - अच्छा अब तुम जाओ यहाँ से , फिर वो खबरी चुड़ैल वहाँ से चली जाती है और खबरी चुड़ैल के जाने के बाद महा मैं किसी को आवाज़ देती हैं , अरे बेटी किधर है तू जल्दी से यहाँ आ बेटी तेरे लिए एक अच्छी खबर है तेरा अग्नि आ गया है

फिर उस अंधेरे में किसी की दौड़ने की आवाज़ सुनाई देती है और वो आवाज़ कुछ ही पल में आकर पहुँच जाती है महा मैं के पास और आ ही पूछती है

अंजनी शॅक्स - क्या कहा मैं आप ने मेरा अग्नि आ गया

महा मैं - हाँ बेटी तेरा अग्नि यहाँ अचुका है

अंजनी शॅक्स - मैं,,,,,मैं,,,,,मैं,,,,, में आज बहुत खुश हूँ मैं मेरा अग्नि आ गया मेरे पास वॉवववव में अभी जाती हूँ उस से मिलने के लिए

तभी उस गुफा के अंदर रोशनी फेल जाती है ये रोशनी मशाल से आ रही थी और मशाल ईश्वक़्त एक बुजुर्ग औरत के हाथ में थी और यही थी महा मैं फिर महा मैं चलती हुई आती है और उस अंजानी शॅक्स के चेहरे के ऊपर मशाल की रोशनी डालती है , और जब मशाल की रोशनी उस अंजनी शॅक्स के चेहरे पे पड़ती है तो पता चलता है ये अंजनी शॅक्स कोई और नहीं अग्नि का पहला प्यार यानि की जहान्ंनणणन् थी महा मैं - नहीं मेरी बची अभी सही वक्त नहीं है अग्नि के सामने तुम्हारा जाना इसे से बात बिगड़ सकती है

जहाँ - नहीं मैं शा कुछ भी नहीं होगा जो आप सोच रहे हैं , में जानती हूँ जब मेरा अग्नि मुझे जिंदा देखेगा तो वो खुशी के मारे पागल होज़ायगा और दौड़ के अकके मुझे गले लगा लेगा

महा मैं - मुझे तुम्हारे बातों पर पूरा यकीन है मेरी बची की तुम जैसा कह रही हो वैसा ही होगा लेकिन फिर भी में यही कहूँगी की ये सही वक्त नहीं होगा अग्नि के सामने जाने का , क्या तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं है

जहाँ - ये आप क्या कह रहे हैं मैं आज आप ने ये बात केहदिया है लेकिन दुबारा मत कहना , मैं मुझे आप पर अपने आप से भी ज्यादा भरोसा है , आज अगर में यहाँ जिंदा खड़ी हूँ तो उसकी वजह आप हैं मैं

मुझे आज भी वो दिन अच्छे से याद है जब में शिमला कालेज के स्टडी टूर पे गयी हुई थी और मेरे साथ अग्नि भी था और मैंने उसे लवर'से पॉइंट पे प्रपोज़ किया था और उसने मुझे कहा था की वो सिर्फ़ मेरा दोस्त है मुझसे प्यार नहीं करता अग्नि के जवाब ने मुझे अंदर से पूरी तरह से तोड़ के रख दिया था

फिर में वहाँ से लौट आई थी लेकिन में उस वक्त पूरी तरह से टूट चुकी थी और मेरे अंदर जीने की इच्छा ही खत्म हो चुकी थी और इशिके चलते मैंने अपने जिंदगी को खत्म करने का फैसला किया और यही सब एक खत में लिख लिया और सुबह एक दोस्त के हाथों अग्नि के पास भिजवा दिया और में वहाँ से लवर'से पॉइंट के तरफ चल पड़ी

लेकिन मेरे पीछे पीछे अग्नि भी वहाँ आ पहुँचा था उसने मुझे खूड़खुशी करने से रोक लिया और उसने मुझे बताया की उसे ये एहसास होचुका है की वो मुझसे कितना प्यार करता है और वो मुझे कभी भी खोना नहीं चाहता और फिर उसने मुझे अपने प्यार का यकीन दिलाया

फिर तो में खुशी के मारे पागल हो गयी थी और भागके अग्नि के तरफ जाने लगी लेकिन जैसे ही में आगे बढ़ी मेरे पैर बर्फ में फिसल गये और में उस पहाड़ी के छोटी से नीचे खाई में गिरर गयी मुझे नीचे गिरते वक्त अगर कुछ सुनाई दिया था तो वो था अग्नि की दर्दनाक चीख

उस पहाड़ से नीचे गिरके में तो मर ही चुकी थी लेकिन आप ने मुझे बचाया और एक नयी जिंदगी दी मुझे एक यक्षिणी (चुड़ैल) बनकर और आप मुझे अपने साथ यहाँ पे लेअए और आप ने मुझे अपनी बेटी की तरह रखा , आप दुनिया के लिए जरूर महा मैं होंगी लेकिन मेरे लिए आप मेरी मैं मेरी मां हो आप और अपने मुझे कहा था की अग्नि एक दिन मायवी दुनिया में आएगा और डेत वाली का युवराज बनेगा और एक दिन यहाँ पे हमारे इलाके में विचस माउंटन भी आएगा और आ गया है और अगर आप का कहना है की मेरा अग्नि से मिलने का ये सही वक्त नहीं है तो आप ठीक ही कह रहे होंगे

महा मैं - बेटी मैंने तुझे अपने बेटी की तरह रखा नहीं है मैंने तुझे अपनी बेटी मना भी है वो भी दिल से और तू फिक्र ना कर बहुत जल्द तू तेरे अग्नि के सामने होगी जब सही वक्त होगा तब

जहाँ - पर मैं में अग्नि को एक बार देखना चाहती हूँ दूर से ही सही लेकिन देखना चाहती हूँ 3साल से भी ज्यादा होचुके हैं उसे देखे मैं प्लज़्ज़्ज़ मैं

महा मैं - ठीक है बेटी लेकिन ज़रा संभाल के उसे पता ना लगे

जहाँ - ठीक है मैं

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विचस माउंटन के बाहरी इलाके में अग्नि की फौज ने डेरा डाल रखा था और ईश्वक़्त सब घोड़े बेच के सो रहे थे सारे दानव ज़मीन पर पड़े खरते मर्रते हुए सोए हुए थे कुछ वेमपाइर'से पहरेदारी कार रहे थे तो कुछ पेड़ों के ऊपर डाली में बैठ के आराम कार रहे थे और वहीं सारे ड्रागें'से भी ज़मीन पर सो रहे थे

अग्नि ईश्वक़्त एक जगह पे खड़ा अपनी फौज के ऊपर निगरानी कार रहा था वो चारों तरफ देख रहा था और फिर एक स्क्स अग्नि के पास आता है ये स्क्स जबार था , जबार एक जवान वेमपाइर था अग्नि के ही उमर का और अग्नि ने उसे अपनी फौज का सेनापति भी बना दिया था , जबार आकर अग्नि के पास पहुँच जाता है और अग्नि से कहता है

जबार - मलीक आप कुछ देर आराम क्यों नहीं करलेटे में और मेरे साथी यहाँ पे पहरेदारी कार रहे हैं आप फिक्र मात करिए और जाकर कुछ देर आराम करलीजिए

अग्नि - ठीक है जबार लेकिन होशियार रहना क्यूंकीी ये इलाका विचस का है और तुम तो जानते ही हो की ये विचस हमारे ना ही दोस्त हैं और ना ही हमारे साथ हैं समझ गये ना

जबार - हाँ मलीक में जनता हूँ आप फिक्र मात करिए में संभाल लूँगा आप जाकर आराम कीजिए

फिर अग्नि वहाँ पे जबार को चुद के चला जाता है एक बरगत के पेड़ के तरफ जिसके नीचे अग्नि की ड्रागें सिल्वा सोई हुई थी अग्नि आहिस्ते आहिस्ते चलते हुए जाता है और जाकर सिल्वा के पास ही नीचे ज़मीन के धंस में लेट जाता है और अपने दोनों हाथों को अपने सर के नीचे रख देता है

जब अग्नि नीचे लेट था है तो उस आहट से सिल्वा जगह जाती है और जब वो अपनी आँख खोलती है तो अग्नि को अपने पास पति है

अग्नि - क्या बात है सिल्वा तुम अभी तक सोई नहीं , इसके जवाब में सिल्वा ना में अपने गर्दन को हिला देती है फिर अग्नि एक हाथ सिल्वा के सर पे रख देता है और उसे सहलाने लगता है और फिर अग्नि आश्मन के तरफ देखने लगता है और बहुत देर तक आश्मन को देखता ही रहता है और सिल्वा भी अग्नि को यूँ आश्मन के तरफ देखता हुआ देख वो भी आश्मन के तरफ देखने लगती है , सिल्वा कभी अग्नि को तो कभी आश्मन को देखने लगती है

आश्मन में आज पूरा चाँद दिखाई दहाड़ा था (फुल मुंह) बहुत देर तक अग्नि और सिल्वा दोनों आश्मन के तरफ देखते रहते हैं और आश्मन में मौजूद चाँद और सितारों की खूबसूरती को भी फिर अग्नि के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और जब वो सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा उसे ही देखे जा रहा था शायद वो बजुबान जानवर ये पूछना चाहता था की वो क्यों मुस्करा रहा था

अग्नि - पता है सिल्वा जब में एक आम इंसान था तो अक्सर रात को अपने घर के चाट पे जा करता था और घंटों तक आश्मन के तरफ देखा करता था चाँद और सितारों की खूबसूरती को घंटों तक निहारा करता था फिर अग्नि के आँखें नाम होजती हैं और ये देख सिल्वा हैरानी से अग्नि क्यों ही देखने लगता है फिर

अग्नि - पता है सिल्वा इंसानी दुनिया में एक लड़की थी जिसे में बहुत पसंद करता था और उसके साथ में घंटों तक अपने चाट पे बैठ के इसी तरह आश्मन के तरफ देखा करता था और उस से बातें किया करता था फिर अग्नि चुप हो जाता है और कुछ देर बाद

अग्नि - मुझे उन्न सब दीनों की बहुत याद आती रहती है सिल्वा काश में फिरसे अपनी पुरानी जिंदगी में लौट सकता काश में फिर से अपने आंटी , अंकल , भाइयों के पास और अपने दोस्त देव और जागु के पास और मेरे प्यार के पास लौट सकता ,,,,, काश में फिरसे एक आम इंसान बन सकता काश

ये सब कहते कहते अग्नि के आँखों से आस्यू यनेकिी खून बहजाते हैं और ये सब देख सुनकर सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बहजाते हैं , सिल्वा एक ड्रागें जरूर थी लेकिन उसके पास भी दिल था इसलिए वो अग्नि के दिल को समझ सकती थी और अग्नि भी सिल्वा के दिल की बात को जान जाता था , अग्नि सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बह रहे हैं फिर अग्नि जिस हाथ से सिल्वा के सर को सहला रहा था उस हाथ से सिल्वा के आस्यू पोछदेता है और कहता है

अग्नि - सो जाओ सिल्वा कल हमें एक जंग लाढ़नी है , ये बोलकर अग्नि अपनी आँख बंद करदेता है और सिल्वा कुछ देर तक अग्नि को देखती रहती है और फिर सिल्वा अग्नि के शरीर को अपने एक पंख से ढक देती है चादर की तरह और वो खुद भी सोजाती है

ये सब जहाँ उसी बरगत के पेड़ के ऊपर बैठ के देख रही थी और ये सब देख उसके भी आँखों से आस्यू बह जाते हैं

जहाँ - हाँ अग्नि मुझे वो सारे दिन याद हैं जो हम दोनों ने इकट्ठे गुजरे हैं , काश आज हम दोनों इकट्ठे होते काश हम दोनों कभी अलग हुए ही ना होते
रात का वक्त था और इसे वक्त स्पिरिचुयल शिप के ऊपर जश्न का माहौल था सभी मस्ती के माहौल में झूम रहे थे नाच रहे थे शराब तो पानी के तरह बह रहा था हर कोई लकड़ियों के साथ नाच रहा था रों भी ईश्वक़्त शराब के नशे में धुत सबके तरफ देख रहा था वो भी खुश था की तभी मटरू उसके पास आता है

मटरू - आयूओ रों आना मेरे पेशे कब देंगे आप

रों - आबे जब तू नाचेगा उसके बाद डेडुँगा

मटरू - आयूओ आना में नहीं नाचने वाला अगर नाचना ही है तो एक दो लड़कियाँ मुझे भी दे दो तकिी नाच नाच के ये दुनिया हिला दम
 
(UPDATE-22)

महा मैं - क्या ख़ास्स्स खबर लाई हो खबरी चुड़ैल

खबरी चुड़ैल - महा मैं मेरे सलाम को कबूल करिए , महा मैं में ये खबर लाई हूँ की हमारे इलाके में डार्क फोर्स अचूकी है और उन्होंने हमारे बाहरी इलाके में डेरा भी डाल लिया है मुझे शक है कहीं वो हम पर हमला ना करदे

महा मैं - नहीं खबरी चुड़ैल हमने शा नहीं लगता की डार्क फोर्स हम पर हमला करने आए हैं हमें लगता है वो इसे इलाके से होकर गुजर रहे होंगे इसे लिए रात को यहीं पर आराम करने के लिए रुक्क गये होंगे , अच्छा ये बताओ क्या उनके साथ उनका प्रिन्स है

खबरी चुड़ैल - हाँ महा मैं उनके साथ उनका प्रिन्स अग्नि भी है मैंने उसे देखा था ड्रागें के ऊपर सवार होकर वो आया था

महा मैं - अच्छा अब तुम जाओ यहाँ से , फिर वो खबरी चुड़ैल वहाँ से चली जाती है और खबरी चुड़ैल के जाने के बाद महा मैं किसी को आवाज़ देती हैं , अरे बेटी किधर है तू जल्दी से यहाँ आ बेटी तेरे लिए एक अच्छी खबर है तेरा अग्नि आ गया है

फिर उस अंधेरे में किसी की दौड़ने की आवाज़ सुनाई देती है और वो आवाज़ कुछ ही पल में आकर पहुँच जाती है महा मैं के पास और आ ही पूछती है

अंजनी शॅक्स - क्या कहा मैं आप ने मेरा अग्नि आ गया

महा मैं - हाँ बेटी तेरा अग्नि यहाँ अचुका है

अंजनी शॅक्स - मैं,,,,,मैं,,,,,मैं,,,,, में आज बहुत खुश हूँ मैं मेरा अग्नि आ गया मेरे पास वॉवववव में अभी जाती हूँ उस से मिलने के लिए

तभी उस गुफा के अंदर रोशनी फेल जाती है ये रोशनी मशाल से आ रही थी और मशाल ईश्वक़्त एक बुजुर्ग औरत के हाथ में थी और यही थी महा मैं फिर महा मैं चलती हुई आती है और उस अंजानी शॅक्स के चेहरे के ऊपर मशाल की रोशनी डालती है , और जब मशाल की रोशनी उस अंजनी शॅक्स के चेहरे पे पड़ती है तो पता चलता है ये अंजनी शॅक्स कोई और नहीं अग्नि का पहला प्यार यानि की जहान्ंनणणन् थी महा मैं - नहीं मेरी बची अभी सही वक्त नहीं है अग्नि के सामने तुम्हारा जाना इसे से बात बिगड़ सकती है

जहाँ - नहीं मैं शा कुछ भी नहीं होगा जो आप सोच रहे हैं , में जानती हूँ जब मेरा अग्नि मुझे जिंदा देखेगा तो वो खुशी के मारे पागल होज़ायगा और दौड़ के अकके मुझे गले लगा लेगा

महा मैं - मुझे तुम्हारे बातों पर पूरा यकीन है मेरी बची की तुम जैसा कह रही हो वैसा ही होगा लेकिन फिर भी में यही कहूँगी की ये सही वक्त नहीं होगा अग्नि के सामने जाने का , क्या तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं है

जहाँ - ये आप क्या कह रहे हैं मैं आज आप ने ये बात केहदिया है लेकिन दुबारा मत कहना , मैं मुझे आप पर अपने आप से भी ज्यादा भरोसा है , आज अगर में यहाँ जिंदा खड़ी हूँ तो उसकी वजह आप हैं मैं

मुझे आज भी वो दिन अच्छे से याद है जब में शिमला कालेज के स्टडी टूर पे गयी हुई थी और मेरे साथ अग्नि भी था और मैंने उसे लवर'से पॉइंट पे प्रपोज़ किया था और उसने मुझे कहा था की वो सिर्फ़ मेरा दोस्त है मुझसे प्यार नहीं करता अग्नि के जवाब ने मुझे अंदर से पूरी तरह से तोड़ के रख दिया था

फिर में वहाँ से लौट आई थी लेकिन में उस वक्त पूरी तरह से टूट चुकी थी और मेरे अंदर जीने की इच्छा ही खत्म हो चुकी थी और इशिके चलते मैंने अपने जिंदगी को खत्म करने का फैसला किया और यही सब एक खत में लिख लिया और सुबह एक दोस्त के हाथों अग्नि के पास भिजवा दिया और में वहाँ से लवर'से पॉइंट के तरफ चल पड़ी

लेकिन मेरे पीछे पीछे अग्नि भी वहाँ आ पहुँचा था उसने मुझे खूड़खुशी करने से रोक लिया और उसने मुझे बताया की उसे ये एहसास होचुका है की वो मुझसे कितना प्यार करता है और वो मुझे कभी भी खोना नहीं चाहता और फिर उसने मुझे अपने प्यार का यकीन दिलाया

फिर तो में खुशी के मारे पागल हो गयी थी और भागके अग्नि के तरफ जाने लगी लेकिन जैसे ही में आगे बढ़ी मेरे पैर बर्फ में फिसल गये और में उस पहाड़ी के छोटी से नीचे खाई में गिरर गयी मुझे नीचे गिरते वक्त अगर कुछ सुनाई दिया था तो वो था अग्नि की दर्दनाक चीख

उस पहाड़ से नीचे गिरके में तो मर ही चुकी थी लेकिन आप ने मुझे बचाया और एक नयी जिंदगी दी मुझे एक यक्षिणी (चुड़ैल) बनकर और आप मुझे अपने साथ यहाँ पे लेअए और आप ने मुझे अपनी बेटी की तरह रखा , आप दुनिया के लिए जरूर महा मैं होंगी लेकिन मेरे लिए आप मेरी मैं मेरी मां हो आप और अपने मुझे कहा था की अग्नि एक दिन मायवी दुनिया में आएगा और डेत वाली का युवराज बनेगा और एक दिन यहाँ पे हमारे इलाके में विचस माउंटन भी आएगा और आ गया है और अगर आप का कहना है की मेरा अग्नि से मिलने का ये सही वक्त नहीं है तो आप ठीक ही कह रहे होंगे

महा मैं - बेटी मैंने तुझे अपने बेटी की तरह रखा नहीं है मैंने तुझे अपनी बेटी मना भी है वो भी दिल से और तू फिक्र ना कर बहुत जल्द तू तेरे अग्नि के सामने होगी जब सही वक्त होगा तब

जहाँ - पर मैं में अग्नि को एक बार देखना चाहती हूँ दूर से ही सही लेकिन देखना चाहती हूँ 3साल से भी ज्यादा होचुके हैं उसे देखे मैं प्लज़्ज़्ज़ मैं

महा मैं - ठीक है बेटी लेकिन ज़रा संभाल के उसे पता ना लगे

जहाँ - ठीक है मैं

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विचस माउंटन के बाहरी इलाके में अग्नि की फौज ने डेरा डाल रखा था और ईश्वक़्त सब घोड़े बेच के सो रहे थे सारे दानव ज़मीन पर पड़े खरते मर्रते हुए सोए हुए थे कुछ वेमपाइर'से पहरेदारी कार रहे थे तो कुछ पेड़ों के ऊपर डाली में बैठ के आराम कार रहे थे और वहीं सारे ड्रागें'से भी ज़मीन पर सो रहे थे

अग्नि ईश्वक़्त एक जगह पे खड़ा अपनी फौज के ऊपर निगरानी कार रहा था वो चारों तरफ देख रहा था और फिर एक स्क्स अग्नि के पास आता है ये स्क्स जबार था , जबार एक जवान वेमपाइर था अग्नि के ही उमर का और अग्नि ने उसे अपनी फौज का सेनापति भी बना दिया था , जबार आकर अग्नि के पास पहुँच जाता है और अग्नि से कहता है

जबार - मलीक आप कुछ देर आराम क्यों नहीं करलेटे में और मेरे साथी यहाँ पे पहरेदारी कार रहे हैं आप फिक्र मात करिए और जाकर कुछ देर आराम करलीजिए

अग्नि - ठीक है जबार लेकिन होशियार रहना क्यूंकीी ये इलाका विचस का है और तुम तो जानते ही हो की ये विचस हमारे ना ही दोस्त हैं और ना ही हमारे साथ हैं समझ गये ना

जबार - हाँ मलीक में जनता हूँ आप फिक्र मात करिए में संभाल लूँगा आप जाकर आराम कीजिए

फिर अग्नि वहाँ पे जबार को चुद के चला जाता है एक बरगत के पेड़ के तरफ जिसके नीचे अग्नि की ड्रागें सिल्वा सोई हुई थी अग्नि आहिस्ते आहिस्ते चलते हुए जाता है और जाकर सिल्वा के पास ही नीचे ज़मीन के धंस में लेट जाता है और अपने दोनों हाथों को अपने सर के नीचे रख देता है

जब अग्नि नीचे लेट था है तो उस आहट से सिल्वा जगह जाती है और जब वो अपनी आँख खोलती है तो अग्नि को अपने पास पति है

अग्नि - क्या बात है सिल्वा तुम अभी तक सोई नहीं , इसके जवाब में सिल्वा ना में अपने गर्दन को हिला देती है फिर अग्नि एक हाथ सिल्वा के सर पे रख देता है और उसे सहलाने लगता है और फिर अग्नि आश्मन के तरफ देखने लगता है और बहुत देर तक आश्मन को देखता ही रहता है और सिल्वा भी अग्नि को यूँ आश्मन के तरफ देखता हुआ देख वो भी आश्मन के तरफ देखने लगती है , सिल्वा कभी अग्नि को तो कभी आश्मन को देखने लगती है

आश्मन में आज पूरा चाँद दिखाई दहाड़ा था (फुल मुंह) बहुत देर तक अग्नि और सिल्वा दोनों आश्मन के तरफ देखते रहते हैं और आश्मन में मौजूद चाँद और सितारों की खूबसूरती को भी फिर अग्नि के चेहरे पे एक मुश्कं आ जाती है और जब वो सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा उसे ही देखे जा रहा था शायद वो बजुबान जानवर ये पूछना चाहता था की वो क्यों मुस्करा रहा था

अग्नि - पता है सिल्वा जब में एक आम इंसान था तो अक्सर रात को अपने घर के चाट पे जा करता था और घंटों तक आश्मन के तरफ देखा करता था चाँद और सितारों की खूबसूरती को घंटों तक निहारा करता था फिर अग्नि के आँखें नाम होजती हैं और ये देख सिल्वा हैरानी से अग्नि क्यों ही देखने लगता है फिर

अग्नि - पता है सिल्वा इंसानी दुनिया में एक लड़की थी जिसे में बहुत पसंद करता था और उसके साथ में घंटों तक अपने चाट पे बैठ के इसी तरह आश्मन के तरफ देखा करता था और उस से बातें किया करता था फिर अग्नि चुप हो जाता है और कुछ देर बाद

अग्नि - मुझे उन्न सब दीनों की बहुत याद आती रहती है सिल्वा काश में फिरसे अपनी पुरानी जिंदगी में लौट सकता काश में फिर से अपने आंटी , अंकल , भाइयों के पास और अपने दोस्त देव और जागु के पास और मेरे प्यार के पास लौट सकता ,,,,, काश में फिरसे एक आम इंसान बन सकता काश

ये सब कहते कहते अग्नि के आँखों से आस्यू यनेकिी खून बहजाते हैं और ये सब देख सुनकर सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बहजाते हैं , सिल्वा एक ड्रागें जरूर थी लेकिन उसके पास भी दिल था इसलिए वो अग्नि के दिल को समझ सकती थी और अग्नि भी सिल्वा के दिल की बात को जान जाता था , अग्नि सिल्वा के तरफ देखता है तो पता है की सिल्वा के आँखों से भी आस्यू बह रहे हैं फिर अग्नि जिस हाथ से सिल्वा के सर को सहला रहा था उस हाथ से सिल्वा के आस्यू पोछदेता है और कहता है

अग्नि - सो जाओ सिल्वा कल हमें एक जंग लाढ़नी है , ये बोलकर अग्नि अपनी आँख बंद करदेता है और सिल्वा कुछ देर तक अग्नि को देखती रहती है और फिर सिल्वा अग्नि के शरीर को अपने एक पंख से ढक देती है चादर की तरह और वो खुद भी सोजाती है

ये सब जहाँ उसी बरगत के पेड़ के ऊपर बैठ के देख रही थी और ये सब देख उसके भी आँखों से आस्यू बह जाते हैं

जहाँ - हाँ अग्नि मुझे वो सारे दिन याद हैं जो हम दोनों ने इकट्ठे गुजरे हैं , काश आज हम दोनों इकट्ठे होते काश हम दोनों कभी अलग हुए ही ना होते
रात का वक्त था और इसे वक्त स्पिरिचुयल शिप के ऊपर जश्न का माहौल था सभी मस्ती के माहौल में झूम रहे थे नाच रहे थे शराब तो पानी के तरह बह रहा था हर कोई लकड़ियों के साथ नाच रहा था रों भी ईश्वक़्त शराब के नशे में धुत सबके तरफ देख रहा था वो भी खुश था की तभी मटरू उसके पास आता है

मटरू - आयूओ रों आना मेरे पेशे कब देंगे आप

रों - आबे जब तू नाचेगा उसके बाद डेडुँगा

मटरू - आयूओ आना में नहीं नाचने वाला अगर नाचना ही है तो एक दो लड़कियाँ मुझे भी दे दो तकिी नाच नाच के ये दुनिया हिला दम
 
(UPDATE-23)

फिर छोटू उसी गाने को लगा देता और इधर रुद्रा सुनहेरी के एक हाथ को अपने एक हाथ में पकड़ता है और रुद्रा अपने दूसरे हाथ को सुनहेरी के कमर पे रख देता है और सुनहेरी एक हाथ रुद्रा के हाथ में और दूसरा हाथ रुद्रा के कंधे पर रख देती है और फिर गाना चालू हो जाता है

मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई चुप गया चाँद क्यों क्या तेरी जुल्फ लहराई ,,, मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई मदहोश दिल की धड़कन चुप से ये तन्हाई फिर तेरे याद ने दिल मेरे लिए प्यार अंगदली

इसे गाने के चलते ही रुद्रा और सुनहेरी के पर और हाथ अपने आप ही चलने लगते हैं दोनों हल्के हल्के डांस करने लगते हैं और कुछ ही पल में एक दूसरे के आँखों में खो से जाते हैं दोनों ये भी भूल जाते हैं की उनके अलावा इसे जहाज़ पे और भी लोग हैं जो उन्हें इसे वक्त देख रहे हैं दोनों एक दूसरे के साथ बहुत देर तक डांस करते रहते हैं और उनका ध्यान एक दूसरे से तब टूट था है जब जहाज़ पे मौजूद सभी के तालियों के आवाज़ उनके कानों में पड़ती है

जब दोनों को होश आता है तो पता चलता है की गाना तो कबका खत्म होचुका था और ये दोनों इसे ही एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले नाच रहे थे और फिर दोनों शर्मा जाते हैं

रों - मेरे दोस्तों एक बार फिरसे तालियाँ होज़ाएँ अपने जहाज़ के बेस्ट जोड़ी के लिए और फिर एक बार फिर से तालियाँ बजने लगती हैं , फिर सब खाना खाने के लिए चल देते हैं और मटरू चल देता है रों के पास पेशा माँगने के लिए

मटरू - रों आना अब मेरे पेशे निकालो यार मेरे हाथों में बड़ी जोरों से खुजली हो रही है

रों - अच्छा शा क्या तो ये ले और अपनी खुजली मिटा ले , बोलकर रों मटरू के तरफ एक 50,000 का बुंदेल बढ़ा देता है

50,000 का बुंदेल पकड़ के मटरू बहुत खुश हो जाता है और कुदडने लगता है और फिर उन्न पेशों को जिन ने लगता है की तभी रों फिर से उन्न पेशों को मटरू से छीन लेता है

मटरू - क्या हुआ रों आना आप ने मेरे पेशे क्यों ले लिए

रों - आब्बी वो क्या है ना मुझे कुछ याद आ गया है

मटरू - क्या याद आ गया है आप को और मुझे पेशे लौटा दो

रों - आब्बी मुझे ये याद आ गया की तूने कुछ महीनों पहले मुझसे करीबन 1लाख लिए थे और तूने अभी तक वो पेशे दिए नहीं

मटरू - आयूओ आप को वो याद है

रों - आब्बी एमेम के बचे तुझे क्या लगा था की में इतनी बड़ी बात भूल जाऊंगा रों कभी भी पेशे का मॅटर नहीं भूलता अगर वो किसीसे पेशे लेनेका हो तो कभी भी नहीं समझा क्या , ये तो हो गये 50,000 वसूल और बाकी कब दहाड़ा है

मटरू - डेडुँगा ना अगले मॅच के बाद जब में फिर से हारँगा

रों - अच्छा ठीक है तब तो बहुत जल्द एक और मॅच रखना पड़ेगा , ये बोलते हुए रों वहाँ से निकल जाता है

मटरू - धेत तेरी की वो बात अभी याद आने थी रों आना को धेत तेरी की साला हाथ को आया मुंह ना लगा

रों चलता हुआ रुद्रा के पास आता है और रुद्रा को छेड़ते हुए कहता है

रों - क्या बात है मेरे शेयर तू तो कह रहा था तुझे सुनहेरी में कोई इंटेरेस्ट नहीं है और तुझे ये बॉल डांस करना भी नहीं आता फिर ये सब क्या था

रुद्रा - वो वो वो उूओ इसे ही रुद्रा हकलाने लगता है और रुद्रा की ये हालत देख रों उसे और चिढ़ने लगता है इसे ही सब अपना अपना खाना खत्म करते हैं और फिर सुनहेरी रों और रुद्रा के पास आती है

सुनहेरी - गुड नाइट गाइस में जा रही हूँ सोने के लिए

रों - ओके अरे रूकको रूकको रुद्रा भी तो अपने कमरे की तरफ ही जा रहा है तो दोनों साथ ही चले जाओ

सुनहेरी - (शरमाते हुए) ठीक है , फिर रुद्रा और सुनहेरी चल देते हैं अपने अपने कमरे की और , कुछ ही देर में दोनों अपने अपने कमरे के पास पहुँच जाते हैं और आ वक्त दोनों ने एक दूसरे से एक लाव्ज भी बात नहीं किया था और जैसे ही सुनहेरी अपने कमरे में घुसने को होती है

रुद्रा - सुनहेरी आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो

सुनहेरी - (पीछे पलट टीी है) एक हल्की मुश्कं के साथ थेन्क्स रुद्रा और रुद्रा तुम भी आज गजब के हॅंडसम लग रहे हो

रुद्रा - थेन्क्स सुनहेरी और सुनहेरी मुझे तुम्हारे साथ डांस करके बहुत अच्छा लगा

सुनहेरी - मुझे भी रुद्रा तुम्हारे साथ डांस करके अच्छा लगा

रुद्रा - ओके सुनहेरी गुड नाइट
 
(UODATE-24)

फिर दोनों अपने अपने कमरे में आजाते हैं और अब दोनों के चेहरे पे एक अंजानी से मुश्कं थी
ईश्वक़्त गंधर्व नगरी में एक जरूरी कलियाँ बेतक(मिट्टिंग) चल रही थी , इसमें गंधर्व नगरी के किंग लॉर्ड देवधर , गंडर के महाराज बिस्वजीत सिंग रठोड़ , रानी पड़ी पद्‍मिनी , गुरु ब्राम्‍हनंद शामिल थे इन सबकी परेशानी एक थी जिसकी वजह से ये मिट्टिंग बुलाई गयी थी और वो परेशानी था अग्नि

गुरुजीी - महारानी पड़ी हमने आप को पहले ही बताया था की अग्नि आप की बात नहीं मानेगा और देख लिया ना आप ने उसने सम्राट के रास्ते पर चलना तय कर लिया है

लॉर्ड देवधर - हाँ महारानी पड़ी गुरुजीी का कहना सही है अग्नि को रोकना होगा नहीं तो मायवी दुनिया की तबाही तय है

रानी पड़ी पद्‍मिनी - हम जानते हैं की आप सबको मायवी दुनिया की कितनी फिक्र है लेकिन हम क्या करते हमें कल भी यकीन था और आज भी यकीन है कहीं ना कहीं अग्नि के दिल में आज भी अचाई बस्ती है और वक्त आने पे वो सुधार सकता है , लेकिन हम ये भी झुटला नहीं सकते की अग्नि अपनी फौज के साथ जंग के मुहिम पे निकल चुका है इसलिए हम सबको मिलकर उसे किशिभि किम्मत पे रोकना पड़ेगा

बिस्वजीत सिंग रठोड़ - लेकिन अग्नि ईश्वक़्त जा कहाँ रहा है किस स्टेट पर हमला करने के लिए

लॉर्ड देवधर - महाराज अग्नि ईश्वक़्त अपनी फौज के साथ स्टेट'से ऑफ हॉबैट'से के ऊपर हमला करने जा रहा है

बिस्वजीत सिंग रठोड़ - क्य्ाआअ पर हॉबिट्स के राज्य पे ही क्यों और अग्नि का मक्षद क्या है ?

रानी पड़ी पद्‍मिनी - हम अग्नि को जितना जानते हैं उसके हिसाब से अग्नि फिर से सम्राट को जिंदा करना चाहता है तकिी बदले में सम्राट उसे फिर से इंसान की जिंदगी लौटा दे

बिस्वजीत सिंग रातोरे - क्य्ाआअ क्या शा हो सकता है सम्राट को फिर से जिंदा कराया जा सकता है

गुरुजीी - हाँ शा हो सकता है सम्राट को वापिस जिंदा किया जा सकता है और इसके लिए सम्राट का मृत शरीर भी उनके पास है अगर जरूरत है तो एक चीज़ की उस दिव्या खंजा की जिस से सम्राट को मारा गया था

रानी पड़ी पद्‍मिनी - सिर्फ़ खंजर की नहीं उन्हें एक और चीज़ भी चाहिए

गुरुजीी - एक और चीज़ ?

रानी पड़ी पद्‍मिनी - हाँ वो दूसरी चीज़ है सम्राट का दिल , उन्हें सम्राट का दिल चाहिए होगा जो ईश्वक़्त अग्नि के सीने में धड़क रहा है और सम्राट को जिंदा करने के लिए अग्नि को अपनी कुर्बानी देनी होगी और शायद ये बात अग्नि नहीं जनता है

बिस्वजीत सिंग रठोड़ - तो महारानी ये बात हम अग्नि को बता सकते हैं जब उसे पता चलेगा तो वो अपने आप अपना अभियान रोक देगा

गुरुजीी - लेकिन वो हमारी बात क्यों मानेगा हम उसके दुश्मन हैं

लॉर्ड देवधर - हाँ गुरुजीी आप ने ये बात सही कहा की वो हमारी बात नहीं मानेगा लेकिन अगर हम उसके साथ एक सौदा करे तो

गुरुजीी - कैसा सौदा ?

लॉर्ड देवधर - यही की हम उसे वापस इंसान बना देंगे बदले में उसे अपनी सारी सकतियाँ हमें सोपणी होगी और ये मायवी दुनिया छोड़कर जाना होगा

रानी पड़ी पद्‍मिनी - शा नहीं हो सकता है क्योंकि अग्नि कोई मामूली वेमपाइर नहीं है वो ईश्वक़्त सभी वेमपाइर'से का गोद है , बकीके वेमपाइर'से के दिल धड़कते नहीं हैं लेकिन अग्नि का दिल धड़कता है और यही बात उसे उन्न सबसे अलग करता है , हम बाकी के वेमपाइर'से के मर चुके दिल में जान डालकर उन्हें फिरसे इंसान बना सकते हैं लेकिन अग्नि का दिल तो जिंदा है और किसी के लिए धड़कता भी है , इसलिए अग्नि अब कभी भी वापस इंसान नहीं बन सकता है

बिस्वजीत सिंग रठोड़ - लेकिन हमें कुछ ना कुछ तो करना ही होगा अग्नि को रोकने के लिए

गुरुजीी - हमें पिछली वार की तरह फिरसे सभी स्टेट'से को मिलकर अग्नि के फौज का मुकाबला करना होगा

लॉर्ड देवधर - पिछली बार की बात और थी गुरुजीी तब सम्राट के फौज में ड्रागेंस नहीं थे लेकिन इसे बार अग्नि के फौज में ड्रागेंस हैं और अग्नि की फौज पिछली बार की सम्राट के फौज के मुकाबले कहीं ज्यादा ताकतवर है

गुरुजीी - चाहे कितनी भी ताकतवर हो हमें सबको इकट्ठा करना होगा नहीं तो कुछ भी नहीं बचेगा

बिस्वजीत सिंग रठोड़ - सबसे पहले हमें हॉबैट'से के लिए फौज भेजनी होगी नहीं तो वो हमारे मदद के बिना एक पल भी खड़े नहीं रही पाएँगे अग्नि के फौज के सामने

रानी पड़ी पद्‍मिनी - में महाराज के बात से सहमत हूँ हमें फौज की एक ताकतवर टुकड़ी हॉबैट'से के लिए रबाना करना होगा

लॉर्ड देवधर - माफ कीजिएगा महारानी पड़ी लेकिन अब बहुत देर होचुकी है क्योंकि अग्नि की फौज ईश्वक़्त विचस माउंटन में है और बस कुछ ही दूर है स्टेट ऑफ हॉबैट'से से अगर हम अभी फौज भेजे भी तो कल दोपहर से पहले वहाँ फौज नहीं पहुनहेगी और दोपहर तक वहाँ जंग खत्म भी होचुकी होगी

और वैसे भी अग्नि जो चीज़ वहाँ पे ढूंढ़ने जा रहा है वो चीज़ उसे वहाँ नहीं मिलेगी क्योंकि वो चीज़ हमारे पास है इसे लिए हॉबिट्स के बाद अग्नि का निशाना हम होंगे , इसलिए फौज ना भेजने की ये भी एक कारण है

बिस्वजीत सिंग रातोरे - शा क्या है आप के पास जिसकी अग्नि की तलाश है

गुरुजीी - मॅजिकल मिरर , अग्नि इसे मॅजिकल मिरर के मदद से उस दिव्या खंजर को ढूंढ़ना चाहता है और हमें इसे किसी भी कीमत पे अग्नि के हाथ में लगने से रोकना होगा

मायवी दुनिया का सबसे खूबसूरत इलाका था स्टेट ऑफ हॉबिट्स , इसके बाज़ार दूर दूर तक माशुर थे फल , फूल और जबाहरतों से भरे हुए सामानों के लिए शांति में और समरढ़ में इसे बाज़ार के बाद आता था स्टेट ऑफ हॉबिट्स के राजा का महेल , उसका महेल पहाड़ों को अंदर से काट के बनाया गया था इसे लिए महेल के दरवाजे बहुत मजबूत थे , किंग जेम्ज़ सभी हॉबैट'से का राजा था उसे किंग ऑफ हॉबिट्स के नाम से भी बुलाया जाता था वो अब तक के सभी हॉबिट्स के राजाओं में से सबसे ज्यादा ताकतवर था

किंग जेम्ज़ ने हमेशा से दृढ़ता और प्रेम से हॉबिट्स पे राज किया था , किंग जेम्ज़ का एक बेटा था जिसका नाम प्रिन्स रेन था और एक पोटा था जिसका नाम प्रिन्स एक, जेम्ज़ था और ये पोटा शायद उसका वारिस था वो भी अपने दादाजी किंग जेम्ज़ की तरह ताकतवर और दयालु था

किंग जेम्ज़ ने अपना महेल एक पहाड़ के अंदर पहाड़ को काट के बनाया था जो पूरे मायवी दुनिया में प्रषिध था , उस पहाड़ी के नीचे दबीती न जाने कितने खजाने जबाहरत , पन्ना , मोटी , माणिक ,हीरे और सोना तो उस पहाड़ी के अंदर पानी के तरह बह रहा था , सभी हॉबैट'से का हुनर लाजवाब था जो महान सुंदरता से परिपूर्ण बस्तुएँ बनाते थे हीरे से पन्नों से माणिक से पोखराज से और सोने से , हॉबैट'से उस पहाड़ी के नीचे गहराइयों में जाते और पहाड़ खोदके सोना , हीरे , पन्ना , मोटी , पोखराज और न जाने कितने प्रकार के रत्ना निकलते और उनसे खूबसूरत और लुभाबने जबाहरत बनाते थे

सुबह के 8 बज रहे होंगे स्टेट ऑफ हॉबिट्स के बाज़ार में बहुत भीड़ थी हर कोई अपने अपने जरूरत के समान को खरयड रहा था हर कोई यहाँ खुश थे हर कोई अपने अपने काम में खोए हुए थे दुकानदार अपने समान बेचने में बिज़ी थे तो कोस्टुमेर समान खरीदने में कोई फल खरीद रहा था तो कोई फूल तो कोई खाने का समान खरीद रहा था तो कोई जबहरत या कुछ और , लोग इसे ही अपने अपने रोज मररा के कम्मो में लगे हुए थे आज यहाँ धूप भी अच्छी खिली हुई थी हर कोई खुश था आज , की तभी

एक घोड़े पे बैठा हुआ सिपाही चिल्लाते हुए आगे तरफ रहा था हटो राषते से हटो हटो सामने से हटो यही चिल्लाते हुए वो सिपाही आगे तरफ रहा था कुछ ही देर में वो सिपाही अपने तेज रफ्तार घोड़े के साथ किंग जेम्ज़ के पहाड़ी महेल के सामने पहुँच जाता है और उसे देख महेल का दरवान जो पहरे पे खड़ा था फौरन महेल का दरवाजा खोल देता है और वो सिपाही अंदर चला जाता है भागते हुए और जाकर पहुँच जाता है ठीक राजा के सामने यानि की किंग जेम्ज़ के सामने , किंग जेम्ज़ इसे वक्त अपने सिंघासन पे ही बैठा हुआ था और अपने सलाहकारों से किसी मसले पर बिचार बीमार्श कार रहा था की तभी वो सिपाही उनके सामने आ जाता है

सेनापति - महाराज जेम्ज़ की जाई हो
 
(UPDATE-25)

किंग जेम्ज़ - सेनापति जी ये क्या बहुड़गी है क्या आप देख नहीं सकते हम ईश्वक़्त एक अत्यंत जरूरी मसले पर हमारे सलाहकारों से बात कार रहे हैं क्या आप कुछ देर के लिए इंतजार नहीं कार सकते थे

सेनापति - माफ कीजिएगा महाराज पर अगर ये बात इतनी जरूरी नहीं होती तो हम इसे बहुड़गी कभी नहीं करते

किंग जेम्ज़ - ऐशी क्या खबर लाए हो सेनापति जी

सेनापति - महाराज डार्क ईविल फोर्स आ रही है और उनका मंसूबा कुछ ठीक नहीं लग रहा है शायद वो हुंपे हमला करने अरहे हैं

किंग जेम्ज़ - क्य्ाआआआअ ये क्या कह रहे हो तुम , क्या तुम्हारी खबर पक्की है

सेनापति - हाँ महाराज में खुद अपने इन्हीं आँखों से देख के आ रही हूँ बहुत ही बड़ा और बहुत ही खतरनाक सीना है उस सीना में ड्रागेंस भी हैं

सेनापति जब किंग जेम्ज़ को ये खबर दे रहा था तब किंग जेम्ज़ का पोटा और बेटा दोनों वहाँ पहुँच चुके थे और उन्हें भी ये बात पता चल गयी थी सेनापति के बात खत्म होते ही किंग जेम्ज़ का पोटा प्रिन्स एक जेम्ज़ बोल पड़ता है

प्रिन्स एक, जेम्ज़ - महाराज अगर ये खबर सही है तो पहले हमें शहर खाली करवा देना चाहिए तकिी किसको भी कुछ ना हो

किंग जेम्ज़ - आप ने बिलकुल सही कहा प्रिन्स हमें पहले शहर खाली करवा देना चाहिए तकिी हमारे प्रजा को कोई भी हानि ना पहुंसे लेकिन हम इतने सारे लोगों को रखेंगे कहाँ

प्रिन्स एक, जेम्ज़ - महाराज आप भूल रहे हैं की सालों पहले आप ने ही इसे कीसीई मुसीबत से बचने के लिए हमारे महेल के नीचे पहाड़ी के गहराइयों में एक बहुत बड़ा तहखाना बनाया था

किंग जेम्ज़ - अरे हाँ ये बात तो हम भूल ही गये थे चलो अच्छा हुआ आप ने हमें याद दिला दिया , सेनापति जी आप जाए और शहर को जितनी जल्दी हो सके खाली करवा दीजिए और सबको उस तहख़ाने में लेजइए और सबके वहाँ ठहेरने का अच्छे से बंदोबस्त कर दीजिए

सेनापति - जो हुकुम महाराज , ये बोलकर सेनापति फौरन वहाँ से निकलजाता है

कुछ देर पहले जो लोग अपने अपने कामों में खोए हुए खुश थे अब उन्हीं लोगों के चेहरे पे डर साफ झलक रहा था सबके चेहरे पे घबराहट साफ देखी जा सकती थी सभी लोग अपने अपने जरूरत का समान लेकर सिपहीों के साथ उस तहख़ाने में जाकर चुप जाते हैं , जो शहर जो बाज़ार कुछ देर पहले तक लोगों के भीड़ से जगमगा रहा था खिल खिला रहा था अब वही शहर और वही बाज़ार अब बिलकुल सुनसान होचुका था वहाँ मौत का सन्नाटा छा चुका था हर तरफ मौत की खामोशी ही खामोशी थी जहाँ पे कुछ देर पहले अच्छी खासी धूप खिली हुई थी अब वहीं कोहरा चढ़ने लगा था सूरज तो कबका चिप चुका था बादलों के पीछे

और यहाँ महेल के अंदर में किंग जेम्ज़ और उनका पोटा प्रिन्स एक जेम्ज़ और बेटा प्रिन्स रेन तीनों महेल के बालकनी में खड़े बाहर देख रहे थे

किंग जेम्ज़ - वो नज़दीक अचुके हैं में उन्हें महसूष करसकता हूँ और शायद उनके साथ ईविल प्रिन्स भी है क्योंकि वो जहाँ भी जाएगा वहाँ सूरज बादलों के पीछे चिप जाएगा और उस जगह पे मौत के बदल मंडरा ने लगेंगे

प्रिन्स रेन - आप फिक्र मत करिए पिताजिी वो हमारा कुछ भी बिगड़ नहीं सकेगा क्योंकि हमारा महेल बहुत मजबूत है उसे तोड़के अंदर आना नमुनकीन सा है

किंग जेम्ज़ - शायद तुम ठीक कह रहे हो बेटा मुझे फिक्र करने की क्या जरूरत वो कभी भी महेल के अंदर घुस नहीं सकेंगे , इन सब बात चित में प्रिन्स एक जेम्ज़ बिलकुल चुप था शायद वही एक था जो आनेवाले खतरे को सही तरह जान था था इसलिए वो चुप था और इसे खतरे से निपटने के बारे में कुछ सोच रहा था , और इधर

डार्क ईविल फोर्स आगे तरफ रही थी हॉबिट्स के तरफ इसे फौज में बारे बारे दानव , खूनी दरिंदे , वेमपाइर'से और ड्रागें'से थे और ये सब इतने तादाद में थे की ये जब भी चल रहे थे तो पूरी की पूरी धरती कांप उठती थी और ड्रागें'से की दहाड़ से पूरी आश्मन गूँज उठता था

कुछ ही देर में ये डार्क ईविल फोर्स स्टेट ऑफ हॉबैट'से के इलाके में पहुँच जाता है और शहर के बाहर के दरवाजे पे सभी खड़े होजते हैं अब सब पहुँच चुके थे , स्टेट ऑफ हॉबैट'से के आश्मन पे तो चारों तरफ ड्रागें'से ने मंडरा ना शुरू करदेटे हैं और अग्नि के हुक्म का इंतजार करते हैं

अग्नि अपने ड्रागें सिल्वा पे सवार होकर हॉबिट्स के आश्मन का चक्कर लगते हुए हॉबिट्स के शहर के बाहर के दरवाजे पे आकर उतरता है और सिल्वा के नीचे उतरता है अग्नि को नीचे उतरता देख अग्नि के फौज का सेनापति जबार उसके पास आ जाता है

जबार - मलिक अब हम अपने मंजिल पे पहुँच चुके हैं बॅस आपके ही हुक्म का इंतजार है , हुक्म करिए मलिक कुछ ही देर में ये शहर को हम मिट्टी में मिला देंगे

अग्नि - सब्र रखो जबार हर किसको एक मौका देना चाहिए , हम भी एक मौका देंगे हॉबैट'से वालों को और उनके राजा जेम्ज़ को अगर उन्होंने वो चीज़ हमें दे दिया जो हमें चाहिए तो इसे जंग की जरूरत नहीं पड़ेगी इसलिए अपने एक आदमी को तैयार करो हम उनके पास अपना दूत(मेसेंजर) भेजेंगे

जबार - जो हुकुम मलिक में अभी किसको भेजता हूँ लेकिन संदेश में लिखेंगे क्या

अग्नि - ये लो मैंने पहले से ही इसमें लिख दिया है इसे भेज दो राजा जेम्ज़ के पास अगर वो मान गया तो अच्छी बात होगी अगर नहीं मना तो हॉबैट'से के लिए बहुत बुरी बात होगी

फिर जबार एक खूनी दरिंदे को वो खत (मेसेज) देता है और उसे भेज्ड़ेता है , डार्क ईविल फोर्स के बारे बारे दानव हॉबिट्स के शहर का दरवाजा तोड़ देते हैं और दरवाजे के टूट ते ही वो खूनी दरिन्दा एक घोड़े पे बैठ के शहर के अंदर घुस जाता है उस घोड़े पे दो फ्लॅग लगाया हुआ था एक था डेत वाली का फ्लॅग और दूसरा था वाइट फ्लॅग यानि की शांति का फ्लॅग जो अक्सर मेसेंजर लगाकर अपने साथ जाते हैं

फिर वो खूनी दरिन्दा आगे बढ़ता ही जाता है और कुछ ही देर में वो खाली पड़े हुए शहर को क्रॉस कर के किंग जेम्ज़ के महेल तक पहुँच जाता है और महेल के बाहर पहुँच के खड़ा हो जाता है और अपने हाथ में उस वाइट फ्लॅग को लेकर हिलने लगता है और कुछ देर बाद किंग जेम्ज़ के महेल का दरवाजा खुल जाता है और वो खूनी दरिन्दा महेल के अंदर चला जाता है उसके बाद महेल का दरवाजा बंद हो जाता है कुछ ही देर में वो खूनी दरिन्दा मेसेंजर बनकर किंग जेम्ज़ के सामने खड़ा था
(वो खूनी दरिन्दा महेल के अंदर चला जाता है उसके बाद महेल का दरवाजा बंद हो जाता है कुछ ही देर में वो खूनी दरिन्दा मेसेंजर बनकर किंग जेम्ज़ के सामने खड़ा था)

किंग जेम्ज़ - क्या संदेश भेजा है तुम्हारे मलिक ने पढ़ो जल्दी से

मेसेंजर - (अग्नि के मेसेज को खोलते हुए और पढ़ते हुए) स्टेट ऑफ हॉबैट'से के महाराज को डेत वाली के प्रिन्स अग्नि का सलाम , हमारा आप के स्टेट के ऊपर हमला करने का कोई भी इरादा नहीं है हम भी शांति चाहते हैं आप की तरह लेकिन हमें आप से कुछ चाहिए जो आप के पास है जी हाँ महाराज हमें वो जादुई आयना चाहिए मॅजिकल मिरर जिसको कई सालों पहले आप के ही कारीगरों ने बनाया था पर्वत के हृदय से

हमें वो मिरर चाहिए और किसी भी किम्मत पे चाहिए चाहे आप अपने मर्जी से दीजिए या मर्जी के खिलाफ लेकिन हम उसे यहाँ से लिए बिना नहीं जाएँगे और अगर आप ने उस मॅजिकल मिरर को हमारे हवाले नहीं किया तो हमें मजबूरन आप के खिलाफ जंग का एलन करना होगा जो की आप के लिए अच्छा नहीं होगा

इसलिए हमारा आप से यही दरख़्वास्त है की वो मॅजिकल मिरर हमारे हवाले कर दीजिए इसे से आप भी शांति से रही सकते हैं और हम भी जंग की कोई वजह ही नहीं बचेगी हमारे बीच तो क्या कहना है आप का , संदेश खत्म करके वो मेसेंजर कहता है

मेसेंजर - तो महाराज क्या निर्णय है आप का जंग या समझोता , ये बोलकर वो खूनी दरिन्दा या वो मेसेंजर किंग जेम्ज़ के तरफ ही देखने लगता है

किंग जेम्ज़ इसे संदेश को सुनकर बहुत गुस्से में अचुका था क्योंकि इसे संदेश में अग्नि ने किंग जेम्ज़ को शराफत के साथ धमकाया था और इसी बात पे किंग जेम्ज़ गुस्से में अचुका था वो अपने सिंघासन से उठता है और अपने कुल्हाड़ी से उस मेसेंजर पे वार करदेता है किंग जेम्ज़ के एक ही वार से उस मेसेंजर की गर्दन कटके दूर जाकर गिरती है और ये देख किंग जेम्ज़ कहता है - ये है मेरा जवाब तेरे मलिक के लिए अब तेरे मलिक की भी यही हालत करूँगा में

ये सब नज़ारा देख दरवर में मौजुट सभी हैरान रही जाते हैं चाहे वो प्रिन्स रेन हो या प्रिन्स एक जेम्ज़ या सेनापति या फिर बाकी सब , सभी हैरानी से कभी उस कटे पड़े शरीर के तरफ देख रहे थे तो कभी उस दूर पड़े कटे हुए गर्दन को या कभी किंग जेम्ज़ को जो अभी बहुत गुस्से में था , किसकी भी हिम्मत नहीं हो रही थी किंग जेम्ज़ से बात करने की फिर प्रिन्स एक जेम्ज़ आगे बढ़ते हुए

प्रिन्स एक जेम्ज़ - महाराज ये जो कुछ भी हुआ अच्छा नहीं हुआ , आप को उस मेसेंजर को नहीं मारना चाहिए था

किंग जेम्ज़ - तो आप क्या कहना चाहते हैं प्रिन्स की वो खूनी दरिन्दा जो मेसेंजर बनकर आया हुआ था वो हमारे ही सामने हमारे ही महेल में खड़े होकर हमें धमका रहा था और हम चुप चाप खड़े उसकी बात सुनते रहते

प्रिन्स एक जेम्ज़ - में ये नहीं कह रहा हूँ महाराज लेकिन आप को उसे मारना नहीं चाहिए था क्योंकि वो जो भी था वो बाद में था लेकिन वो ईश्वक़्त एक मेसेंजर था और किशिभि मेसेंजर पे वार नहीं किया जाता और आप के इसे हरकत के वजह से जंग अब तय है

किंग जेम्ज़ - हाँ तो होने दो जंग हम उस अग्नि से नहीं डरते वो ईविल प्रिन्स होगा अपने डेत वाली में लेकिन ये हमारा इलाका है और यहाँ पे वो हमारा कुछ भी नहीं बिगड़ सकता है जिस तरह पिछली बार सम्राट यहाँ से मायूस होकर गया था हमें बिना हराए इसे बार अग्नि भी जाएगा उसी तरह अपना गर्दन झुकाए , और फिर किंग जेम्ज़ सिपाहियों को हुकुम देता है की इसे मेसेंजर के लाश को और कटे हुए गर्दन को उसके घोड़े पे लाद दो और वापस भेज दो उसके मलिक के पास
 
(UPDATE-26)

किंग जेम्ज़ के हुकुम को फौरन पूरा किया जाता है सभी सिपाही उस मेसेंजर के लाश के हाथ में उसके गर्दन को बाँध देते हैं और फिर उसके लाश को उसके घोड़े पे बिता देते हैं और महेल के बाहर भेज देते हैं

यहाँ शहर के बाहरी दरवाजे पे अग्नि की फौज और अग्नि उस मेसेंजर के वापिस लौटने के इंतजार में बैठी थी की तभी उन्हें वो मेसेंजर दूर से आता हुआ दिखाई देता है और ये देख अग्नि के फौज का सेनापति दौड़ते हुए अग्नि के पास जाता है

जबार - मलिक लगता है हमारा मेसेंजर आ रही है

अग्नि - चलो अच्छा है आशा करो की किंग जेम्ज़ मान गया हो

और फिर सभी उस आनेवाले के तरफ ही देखते रहते हैं और कुछ देर में उनके सामने एक घोड़ा अखाड़ा होता है जिसपे एक लाश लगी हुई थी और उस लाश के हाथों में उस स्क्स की मंडी थी और ये देख सभी गुस्से में आजाते हैं

जबार -मलिक मलिक ,,, ,,, ये देखिए उन्न लोगों ने हमारे मेसेंजर के साथ क्या किया है

अग्नि - (गुस्से में ) किंग जेम्ज़ ये तूने अच्छा नहीं किया तूने इसे मेसेंजर को मारकर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की है सबसे बड़ी , जबार फौज को हुकुम दो हमला करने के लिए , पूरे शहर को तहेस नहेस करदो कुछ भी बचना नहीं चाहिए शंसन बना दो इसे इलाके को

जबार - जो हुकुम मलिक , फिर जबार फौज के तरफ देखते हुए , मेरे साथियों अब वक्त आ गया है हमला करने का उन्होंने सिर्फ़ हमारे मेसेंजर को नहीं बल्कि हमारे एक साथी को मारा है हमारे एक भाई के गर्दन को कटा है अब वक्त आ गया है की हम उस राजा की गर्दन को काट के अपने मलिक के परॉन में डाले तो तैयार होजाओ साथियों --यालगर हो

सेनापति जबार के द्वारा जंग का एलन के बाद तो अग्नि के फौज डार्क ईविल फोर्स में भूकंप सा मच जाता है सभी गुस्से में दहड़ने लगते हैं चिल्लाने लगते हैं और आगे बदहजते हैं

सबसे पहले दानव शहर के अंदर घुस जाते हैं बारे बारे दानव जब शहर में घुसते हैं तो उनके सामने जो भी आता है उसे तोड़ देते हैं फोड़ड़ देते हैं और दानओं के बाद खूनी दरिंदे और वेमपाइर'से घुस जाते हैं और ये भी लगजते हैं तबाही मचाने सबकुछ तोड़ फोड़ करने में और फिर ड्रागें'से की बड़ी आती है पूरी की पूरी ड्रागें'से की फौज शहर के ऊपर हमला करदेटे हैं और चारों तरफ अपने मुंह से आग फेंकने लगते हैं और उनके मुंह से फेंके हुए आग से शहर के सभी पेड़ पौधे घर बाज़ार हर एक जगह पे आग लग जाता है और देखते ही देखते अग्नि की ये डार्क ईविल फोर्स कुछ ही मिनिट्स में पूरे हॉबैट'से शहर को निस्तो नबूत कार देते हैं सबकुछ तबाह और बर्बाद कार देते हैं जो शहर कुछ देर पहले तक सबसे खूबसूरत शहर हुए करता था अब वो शहर बस एक खंडहर बनकर रहचुका था हर तरफ आग ही आग , टूटते फूटते मक्कन , जल रहे मक्कन और जल रहे पेड़ पौधे और जल रहा शहर

और ये नज़ारा महेल के अंदर से चुपके चुपके सभी देख रहे थे सबके दिल में खौफ बैठ चुका था इसे तरह के हैवानियत को देख के और सबसे ज्यादा परेशान था प्रिन्स एक जेम्ज़ क्योंकि वो जनता था इसे में अग्नि जितना गुनेहगर था उतना ही उसका दादा यानि की किंग जेम्ज़ आज किंग जेम्ज़ के ही वजह से वो सब मौत के कगार पे खड़े थे

और इसे तरफ शहर को पूरा शंसन बनाने के बाद जबार अग्नि के पास जाता है जो ईश्वक़्त अपने ड्रागें सिल्वा पे ही बैठा हुआ ये सब नज़ारा देख रहा था शहर के बाहर से

जबार - मलिक हमने पूरे शहर को तबाह कर दिया है बर्बाद कर दिया है जैसा आप ने कहा था लेकिन ताज्जुब की बात ये है की शहर पहले से ही पूरा खाली था हॉबैट'से तो हॉबैट'से एक जानवर भी नहीं मिला हमें यहाँ

अग्नि - क्योंकि सभी को किंग जेम्ज़ ने पहले से ही महेल के अंदर छुपा के रख दिया होगा

जबार - अच्छा इसलिए साला वो इतना उछाल रहा है साला बौना कहीं का ,,,, अब आगे क्या करे मलिक

अग्नि - इसे महेल के दरवाजे को तोडो और अंदर घुषो और उस किंग जेम्ज़ को घैत्त ते हुए मेरे पास लेकर आऊ

जबार - जो हुकुम मलिक , फिर जबार चला जाता है सीना के पास और जाकर उन्न सबको बोल्देटा है महेल के दरवाजे को तोड़ने के लिए , और जबार के कहने के बाद सबसे पहले दानव लग जाते हैं काम में

बारे बारे दानव जो किसी बारे राक्षस से कम नहीं थे एक एक दानव के पास 10 10 हठिोन के जितना ताक़त था सभी दानव एक एक करके लगजते हैं उस पहाड़ी महेल के दरवाजे को तोड़ने के लिए सभी बहुत कोशिश करते हैं लेकिन कोई भी कामयाब नहीं होता है और फिर खूनी दरिंदे और वेमपाइर'से भी लग जाते हैं इसे काम में खूनी दरिंदे और वेमपाइर'से के पास भी बहुत ताक़त होती हैं लेकिन वो भी नाकाम ही रहते हैं दरवाजे को तोड़ने में फिर बड़ी आती है ड्रागें'से की

महेल के अंदर से सभी ये देख रहे थे की अग्नि की फौज दरवाजे को तोड़ने में नाकाम हो रही है इसलिए सभी उन्न पर हंस रहे थे सबसे ज्यादा किंग जेम्ज़ हंस रहा था लेकिन प्रिन्स एक जेम्ज़ चुप चाप खड़ा ये सब देख रहा था और जब ड्रागें'से आ हैं दरवाजे को तोड़ने के लिए तो सबके चेहरे से हँसी गायब होजती है

फिर अग्नि की ड्रागें'से की फौज आ जाती हैं इसे पहाड़ी महेल के दरवाजे को तोड़ने के लिए वो सब अपने अपने मुंह से आग फेंकने लगती हैं दरवाजे के ऊपर बड़ी बड़ी सब फेंकने लगते हैं इसे पहाड़ी महेल के दरवाजे के ऊपर लगा हुआ लकड़ी जल के रख होजती है ड्रागें'से की आग से दरवाजे पे लगे हुए लोहे के टुकड़े भी पिघल जाते हैं इन ड्रागें'से की आग से लेकिन दरवाजा टॅस से मास नहीं होता है पहाड़ी महेल का दरवाजा भी पहाड़ के पठारों से बनाया गया था और ये पठार बहुत मजबूत था इसे तोड़ने में अग्नि के फौज के ड्रागें'से भी नाकाम होजते हैं

ड्रागें'से को भी नाकाम होते हुए देख महेल के अंदर मौजुट सभी खुशी के मारे नाचने लगते हैं कुदडने लगते हैं और शराब के जम पे जम पीने लगते हैं सीबे प्रिन्स एक जेम्ज़

और इधर सबको नाकाम होता हुआ देख जबार दौड़ते हुए अग्नि के पास जाता है और

जबार - मलिक मलिक ,,,,, माफ करिए मलिक पर सभी नाकाम रहे उस दरवाजे को तोड़ने में , हमारे दानव हमारे खूनी दरिंदे भाई और वेमपाइर'से भाई और सभी ड्रागें'से भी नाकाम रहे , मलिक वो दरवाजा बहुत मजबूत है लगता है उसे तोड़ना नमुनकीन है

अग्नि - बंद करो अपने ये बकवास्स्स ,, लगता है मुझे ही जाना पड़ेगा तुम सबसे एक छोटा सा काम भी नहीं होता

फिर अग्नि अपने ड्रागें सिल्वा को महेल के पास चलने का इशारा करता है और सिल्वा महेल के तरफ ही उड़ जाती है और जब सिल्वा महेल के पास पहुँच जाती है तो नीचे जेमीन पे उतरती है और फिर अग्नि सिल्वा के पीठ से नीचे उतरता है

और इधर महेल के अंदर जो सब खुशी के मारे शराब के जम पे जम पी रहे थे अब वो सब किसको ड्रागें'से से उतरते हुए देख उसके तरफ देखने लगते हैं

किंग जेम्ज़ - मैंने सुनता की ईविल प्रिन्स ही ड्रागें की स्वारी करता है और लगता है यही है ईविल प्रिन्स अग्नि ,,,,, और इधर महेल के बाहर खड़ा अग्नि चिल्लाते हुए कहता है

अग्नि - किंग जेम्ज़ में तुम्हें आखिरी मौका दहाड़ा हूँ अपनी हार मनलो और अपने आप को और उस मिरर को हमारे हवाले करदो में वादा करता हूँ की तुम्हारे प्रजा को और तुम्हारे परिवार वालों को सही सलामत यहाँ से जाने दूँगा सीबे तुम्हारे क्यों के तुमने मेरे एक साथी को मारा है

किंग जेम्ज़ - प्रिन्स ऑफ डेत वाली उर्फ ईविल प्रिन्स अग्नि तुम अभी बचे हो जाओ और जाकर अपनी मां के आँचल में मुंह चुपलो क्योंकि ये दरवाजा तोड़ना तुम्हारे बस की बात नहीं है क्योंकि कई सालों पहले सम्राट ने भी एक बार इसे दरवाजे को तोड़के उस मॅजिकल मिरर को हासिल करने की कोशिश की थी और उसमें वो भी नाकाम रहा था और अपने गर्दन को शर्म के मारे झुकाके यहाँ से चला गया था इसलिए तुम्हारे लिए भी यही अच्छा होगा चुप चाप अपनी गर्दन झुकाए चले जाओ समझे बचे अब जाओ यहाँ से

अग्नि - किंग जेम्ज़ अगर तुम्हारी यही इच्छा है तो यही सही लेकिन में तुम्हें ये केहदेना चाहूँगा की में जबतक उस मॅजिकल मिरर को हासिल नहीं कर लेता और तुम्हारे गर्दन को काट नहीं देता यहाँ से जाने नहीं वाला और रही बात नाकाम होने की तो सुनलो में सम्राट नहीं अग्नि हूँ अग्नि में खुद ही आग हूँ और मुझसे जो भी टकराता है वो जल के रख हो जाता है
इधर गंधर्व नगरी में बैठ के गंधर्व नगरी के राजा लॉर्ड देवधर , गंडर के राजा बिस्वजीत सिंग रातोरे , गुरुजीी , और रानी पड़ी पद्‍मिनी ये सब जादुई तलाव के पानी के जरिए हॉबैट'से के माया युध को देख रहे थे

लॉर्ड देवधर - ये तो गजब हो गया अग्नि की इतनी ताकतवर फौज भी नाकाम रही किंग जेम्ज़ के महेल के दरवाजे को तोड़ने में

बिस्वजीत सिंग रातोरे - सही कहा महाराज देवधर आप ने मुझे तो ताज्जुब इसे बात पे हो रही है की ड्रागें'से भी कुछ नहीं कार सके और मुझे तो ये लगने लगा है की कहीं अग्नि की हार तो नहीं होने वाली इसे जंग में जैसे पिछली वार सम्राट की हुई थी (ये कहते हुए बिस्वजीत सिंग बहुत खुश था)

गुरुजीी - अभी जंग खत्म नहीं हुआ है महाराज बिस्वजीत सिंग अभी तो असली जंग बाकी है देखते हैं आगे क्या होता है

रानी पड़ी पद्‍मिनी - गुरुजीी बिलकुल सही कह रहे हैं अभी इसे जंग के नतीजे के बारे में कुछ कहना बहुत मुश्किल है , देखते हैं आगे क्या क्या होता है जंग में

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और इधर हॉबैट'से के महा युध में - किंग जेम्ज़ के द्वारा आत्मसमर्पण करने से मना करने के बाद अग्नि चलता हुआ आता है और अकके महेल के दरवाजे के सामने कुछ दूरी पे खड़ा हो जाता है और अपने फौज को कुछ कदम पीछे हटने के लिए कह देता है और फिर उसकी फौज कुछ कदम पीछे हॅट जाती है

फिर अग्नि अपनी आँखों को बंद करदेता है कुछ देर के लिए , और इधर महेल के अंदर से ये सब देख किंग जेम्ज़ और उसके सभी साथी अग्नि और अग्नि के फौज के ऊपर हंस रहे थे और मज़ाक उड़ा रहे थे सीबे प्रिन्स एक जेम्ज़ के वो अग्नि को ही देखे जा रहा था वो अग्नि के अगले कदम को समझने की कोशिश कार रहा था

कुछ देर बाद अग्नि अपनी आँखों को खोलता है , और जब अग्नि अपनी आँखों को खोलता है तो पता चलता है की अग्नि के आँखों का रंग बदल चुका है उसके आँखों का रंग काले रंग से ब्लू नीली होचुकी थी और उसके आँखें नीले रंग से चमक रही थी

अग्नि के आँखों के रंग को बदलते हुए देख महेल के अंदर जो सभी कुछ देर पहले अग्नि के ऊपर हंस रहे थे अब उनके चेहरे से हँसी गायब होचुकी थी और अब सभी अग्नि के तरफ ही गौर से देख रहे थे

अग्नि अपने आँखों को खोलने के बाद महेल के तरफ ही देखता है अब उसके चेहरे पे एक हेवानियत , शैतानियत और दरिंदगी देखी जा सकती थी , फिर अग्नि अपने दोनों हाथों को खोल देता है (मतलब - जैसे किसको गले मिलते वक्त हाथों को खोलते हैं वैसे) और फिर अग्नि अपने गर्दन को ऊपर करके फिरसे अपने आँखों को बंद करदेता है और कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोलता है

अग्नि - में आंधरों का सहजादा , डेत वाली का प्रिन्स और इसे पूरे काएनत का सबसे ताकतवर और खतरनाक शैतानी योढ़ा जिसे सभी ईविल प्रिन्स अग्नि के नाम से जानते हैं ये हुकुम देता हूँ तुम सभी फाइव एलिमेंट'से(पाँच तटवा) को आग(फायर) , पानी(वॉटर) , धरती(अर्त) , हवा(एर) , आकाश(स्पेस) और साथ में सभी शतानी और अंधेरी सकतियों को की अपनी ताक़तें मुझे दे दो तकिी में अपने मंसूबों को पूरा कार सकूँ ये हुकुम है मेरा तुम सबको

इसके बाद तो जैसे कयामत आ जाती है , हॉबैट'से के मौसम जो कुछ देर पहले कोहरे से भरा हुआ था लेकिन दिन था अब वो धीरे धीरे आंधरों में सामने लगता है और देखते ही देखते हॉबैट'से में काली अंधेरी रात होजती है और साथ में आश्मन में बिजलियाँ भी कड़कने लगती हैं और बिजलियाँ बहुत जोरों से कड़कने के साथ साथ अग्नि के ही आस पास गिरने लगती हैं

फिर सभी फाइव एलिमेंट'से और शतानी सकतियों से धीरे धीरे ऊर्जा सकतियाँ आने लगती हैं रात में ये सभी ऊर्जा सकतियाँ नीले रंग के और पानी के छोटे छोटे बूँदों की तरह दिख रहे थे फिर ये सभी ऊर्जा जो तरह तरह जगह और सकतियों से आए थे देखते ही देखते अग्नि के दिल के अंदर सामने लगते हैं और हॉबैट'से के मौसम भी काफी बात से बत्तर होने लगते हैं हॉबैट'से में ईश्वक़्त एक खतरनाक तूफान सा अचुका था

चारों तरफ बहुत जेज हवाएँ बहने लगी थी और हवाओं का रफ्तार इतना तेज था की अग्नि के फौज के लिए भी मुश्किल आने लगी थी उनके लिए तो ठीक से खड़े तक होना मुश्किल होचुका था ड्रागें'से भी आश्मन में ठीक से उड़ नहीं पा रहे थे और बारे बारे राक्षस के कद के दानव भी ठीक से ज़मीन पे खड़े नहीं हो पा रहे थे

और यहाँ अग्नि के दिल में चारों और से अरहे ऊर्जा समा रहा था देखते ही देखते अग्नि के दोनों हाथों का रंग भी नीले रंग से चमकने लगता है और अग्नि के दिल से वो सारे ऊर्जा निकलकर अग्नि हाथों के जरिए से होते हुए मुठीोन में आने लगते हैं और देखते ही देखते मुठियों में वो सारे ऊर्जा सामने लगते हैं कुछ देर में अग्नि के हाथों में बहुत सारे ऊर्जा आजाते हैं और फिर अग्नि अपने आँखों को खोलता है

और इधर अग्नि के हाथों में उर्जाओं का भंडार देख के महेल के अंदर सभी के दिल में डर बैठ चुका था खौफ बैठ चुका था फिर अग्नि गुस्से से महेल के तरफ देखता है और अपने दोनों हाथों को महेल के तरफ करके जोड़ने लगता है

ये देख प्रिन्स एक जेम्ज़ समझ जाता है की अग्नि 5 एलिमेंट्स और शतानी सकतियों के ऊर्जा के जरिए स्पिरिट बॉम्ब बना रहा है वो फौरन दरवाजे के तरफ भागता है और दरवाजे के पास खड़े सभी पहरेदारों को पीछे हटने के लिए चीखते हुए कहता है और इधर किंग जेम्ज़ भी समझ जाता है अग्नि क्या करने वाला है इसलिए उसके हाथों से शराब का प्याला खिसक के नीचे गिरजता है

और इधर अग्नि अपने दोनों हाथों को जोड़ देता है और अपने हाथों का रुख महेल के तरफ ही मोड़ देता है और फिर एक तेज रोशनी के साथ सारे ऊर्जा से बने स्पिरिट बॉम्ब अग्नि के हाथों के मुट्ठी से निकल जाते हैं और जाकर सीधे महेल के दरवाजे से टकराते हैं और फिर एक तेज विस्पोट होता है और इसे विस्पोट से महेल के दरवाजे के चिथड़े उड़ जाते हैं लेकिन अग्नि के वार यही नहीं रुकता है अग्नि फिरसे अपने हाथों का रुख मोड़ देता है और इसे वार उसका निशाना होता है पूरा पहाड़ी महेल अग्नि उस पहाड़ी महेल के के चारों तरफ स्पिरिट बॉम्ब से हमला करने लगता है और देखते ही देखते वो मजबूत कभी ना टूटने वाली पहाड़ी महेल धीरे धीरे टूठत्ने लगता है उस महेल की धजिीयँ उड़ने लगता है
______________________________प्रिन्स एक जेम्ज़ ईश्वक़्त अपने साथ कुछ सिपाहियों को लेकर महेल के नीचे बने तहख़ाने के तरफ तेजिसे तरफ रहा था , अग्नि के स्पिरिट बॉम्ब से हमला करने के बाद महेल की बुनियाद तक हिल चुकी थी धीरे धीरे ऊपर से पठार टूट के गिरने लगे थे
 
(UPDATE--27)

कुछ ही देर में प्रिन्स एक जेम्ज़ उस तहख़ाने तक पहुँच जाता है और फिर सबको उस तहख़ाने से निकालने लगता है और अपने साथ लाए हुए सिपाहियों को आदेश देता है

प्रिन्स एक जेम्ज़ - सिपाहियों तुम सब हमारे प्रजा को यहाँ से निकलकर नीचे के सुरंगों से होते हुए पीछे के राषते से बाहर निकलो और कहीं भी रुकने की जरूरत नहीं है बस आगे बढ़ते जाना और में जा रहा हूँ महाराज की मदद करने के लिए अगर जिंदगी रही तो हम दुबारा मिलेंगे

सारे सिपाही - प्रिन्स हम सब आप से एक ही बात कहना चाहते हैं की आप सच में हमारे युवराज हैं और हम सब आप को अपने दिल से युवराज मानते हैं और हम जानते हैं आप को कुछ भी नहीं होगा और हम आप का इंतजार करेंगे ग्रीन वाली के जंगलों में

और फिर प्रिन्स एक जेम्ज़ वहाँ से पीछे मुड़ता है और वापस महेल के तरफ भागने लगता है , और इधर अग्नि के स्पिरिट बॉम्ब से हमले के बाद महेल टूत्त्ना शुरू हो जाता है और इसे से किंग जेम्ज़ और प्रिन्स रेन अपने सभी साथियों के साथ और सभी सिपाहियों के साथ उस टूटते हुए दरवाजे से होते हुए बाहर निकलते हैं और जब वो सब बाहर निकलते हैं तो देखते हैं की उनके सामने अग्नि और उसकी खतरनाक फौज खड़ी है

और जब अग्नि दरवज़े से सभी को बाहर निकलते हुए देखता है तो फौरन जबार को आवाज़ देता है और चीखते हुए कहता है - जबार वो देखो किंग जेम्ज़ और उसकी फौज , अब शुरू करो अपना काम और उस किंग जेम्ज़ को मेरे परॉन तक लाओ

जबार - जो हुकुम मलिक , साथियों टूट पदो इन सबपे यालगर हो , और फिर जबार के कहने के बाद तो अग्नि की पूरी की पूरी फौज टूट पड़ती है किंग जेम्ज़ और उसकी फौज के ऊपर

अग्नि के फौज के सभी योढ़ा जानवरों की तरह टूट पड़ते हैं किंग जेम्ज़ के फौज के ऊपर सारे दानव किंग जेम्ज़ के फौज के सिपाहियों को परॉन से कुचलते हुए आगे तरफ जाते हैं वेमपाइर'से और खूनी दरिंदे तो टूट पड़ते हैं उनके गर्दनों के ऊपर और उनके जिस्म से सारे खून चूष लेते हैं और ड्रागें'से उड़ते हुए आ हैं और झपट्टा मारकर एक एक सिपाहियों को अपने पंजे में दवाके लेजते हैं और उन्हें चिर फाड़ डालते हैं देखते ही देखते किंग जेम्ज़ की फौज का तादाद घटने लगती है वो सब हारने लगते हैं अग्नि के फौज के सामने

आख़िर हारे भी क्यों ना एक तरफ अग्नि की फौज बारे बारे दानओं से ख़ूँख़ार खूनी दरिंदों से खून पीने वाले वेमपाइर'से से और आग उगलने वाले ड्रागें'से से भारी हुई थी तो दूसरी तरफ किंग जेम्ज़ के फौज में सिर्फ़ और सिर्फ़ बॉन(हॉबैट'से) थे जिनका कद काठी आम इंसानो से भी कम था और हथियारों के नाम पर वो सिर्फ़ तलवार और कुल्हाड़ी ही इस्तेमाल करते थे

किंग जेम्ज़ और उसकी फौज घबराने लगी थी वो सब तो पीछे भी नहीं हॅट सकते थे क्योंकि पीछे कोई रास्ता ही नहीं था हटने के लिए और इधर जबार अपने सामने आनेवाले हर एक हॉबैट'से को कट ते हुए आगे तरफ रहा था और फिर वो पहुँच जाता है किंग जेम्ज़ के पास और फिर किंग जेम्ज़ के हाथों के ऊपर जबार तलवार से वार करता है जिस से किंग जेम्ज़ की एक हाथ कटके नीचे गिरर जाती है और किंग जेम्ज़ बुरी तरह दर्द के मारे चिल्लाने लगता है और अपने पिता की ये हालत देख प्रिन्स रेन आगे बढ़ता है लेकिन इसे से पहले की वो आगे बढ़के अपने पिता किंग जेम्ज़ के पास पहुँच पता एक दानव उसके गर्दन को पकड़कर हवा में उठा देता है और फिर जबार किंग जेम्ज़ के गर्दन को पकड़ता है और घसीट ते हुए अग्नि के पास लेकर आता है और अग्नि के परॉन में किंग जेम्ज़ को फेंक देता है

प्रिन्स एक जेम्ज़ भी अब अपहुंकता है जंग में और जब वो आता है तो देखता है की उसके पिता प्रिन्स रेन को एक दानव ने हवा में उठा रखा है और उसके दादा यानि की किंग जेम्ज़ अग्नि के परॉन में पड़ा हुआ है और हॉबैट'से की फौज भी किंग जेम्ज़ के पकड़े जाने के बाद हथियार डाल चुकी है और बुरी तरह से डर के मारे कांप रहे हैं , ये सब नज़ारा देख प्रिन्स एक जेम्ज़ का खून खौल उठता है और वो अपने कुल्हाड़ी को उठता है और एक तेज चीत्करर्र के साथ आगे तरफ जाता है लेकिन वो आगे तरफ पता इसे से पहले एक और दानव उसे पकड़कर हवा में उथलेटा है इसे से प्रिन्स एक जेम्ज़ के हाथों से उसकी कुल्हाड़ी नीचे गिरर जाती है और प्रिन्स एक जेम्ज़ उस दानव के हाथ में पड़ा छटपटाने लगता है , और इधर अग्नि किंग जेम्ज़ के गर्दन को पकड़कर ऊपर उठता है और

अग्नि - तो महाराज क्या कह रहे थे आप महेल के अंदर से की में बच्चा हूँ और मुझे चले जाना चाहिए और अपने आप को अपने मां के आँचल में छुपा लेना चाहिए क्यों अब क्या कहेंगे आप

किंग जेम्ज़ - प्रिन्स अग्नि हम अभी भी एक राजा हैं और एक राजा से आप को पूरे इजात के साथ पेश आना चाहिए , इसलिए हमारे साथ अदब से पेश आइये

अग्नि - (ज़ोर ज़ोर से ठहाके मरते हुए) क्या आप राजा हैं अच्छा तो ये बताइए महाराज की आप कोन से इलाके के राजा हैं और वो इलाका कहाँ है , ये बात बोलते ही अग्नि के फौज के सभी योढ़ा हस्सने लगते हैं इसे से किंग जेम्ज़ की गर्दन नीचे होजती है

अग्नि - तो महाराज में आप से अदब के साथ पूछ रहा हूँ की वो मॅजिकल मिरर कहाँ है जो मुझे चाहिए अब मेरे इसे सवाल का जवाब जल्दी दीजिए वो क्या है ना मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है आप के लिए

किंग जेम्ज़ - मुझे नहीं पत्ता है की वो मॅजिकल मिरर कहाँ है

अग्नि - देखिए महाराज में फिरसे एक बार आप से नर्मी से पूछ रहा हूँ की वो मॅजिकल मिरर कहाँ है मुझे बता दीजिए वरना आप के लिए अच्छा नहीं होगा

किंग जेम्ज़ - तुम्हें जो करना है करो लेकिन में कुछ नहीं बताने वाला हूँ

अग्नि - तो ठीक है महाराज अगर आप की यही इच्छा है तो यही सही , फिर अग्नि किंग जेम्ज़ को ज़मीन पे पटक देता है और जबार के तरफ देख के इशारा करता है और जबार एक दानव के तरफ देख उस दानव को इशारा करदेता है

उस दानव के हाथ में प्रिन्स रेन था किंग जेम्ज़ का बेटा उस दानव ने प्रिन्स रेन को अपने मुट्ठी में पकड़ा हुआ था फिर वो दानव प्रिन्स रेन को एक ही झटके में अपने मुंह में डालता है और कच्छा चभा जाता है और एक ही मिनट में वो दानव प्रिन्स रेन को कच्छा कहा जाता है और ये नज़ारा देख प्रिन्स एक जेम्ज़ और किंग जेम्ज़ के मुंह से दर्दनाक चीखें निकल पड़ती हैं और वो दोनों रोने लगते हैं

प्रिन्स रेन को खाने के बाद वो दानव डकार मरते हुए कहता है - मलिक ये राजकुमार बहुत टेस्टी था आप का बहुत बहुत शुक्रिया की आप ने मुझे एक राजकुमार को खाने का मौका दिया , और फिर वो दूसरा दानव जिसने प्रिन्स एक जेम्ज़ को पकड़ा हुआ था वो कहता है - मलिक मुझे भी इसे राजकुमार को खाना है क्या में इसे कहा लंड

अग्नि - नहीं अभी नहीं , देखा महाराज मेरे दानओं को आप के बेटे का स्वाद बहुत अच्छा लगा और मेरा एक और दानव आप के पोत्ते को खाना चाहता है तो क्या कहूँ उसे कहा जाए या आप मेरे सवाल का जवाब देंगे , किंग जेम्ज़ अपने सामने अपने बेटे को किसी का खाना बनते हुए देख टूट सा चुका था उसके अंदर रही सही हिम्मत भी जवाब दे चुकी थी इसे लिए वो अग्नि से उस सवाल का जवाब देने के लिए राजी हो जाता है

किंग जेम्ज़ - हम जानते हैं की आप मेरे जवाब देने के बाद भी हमें नहीं छोड़ेंगे में जनता हूँ की मेरी मौत तय है लेकिन में आप से एक वादा चाहता हूँ और वो ये है की आप को में आप के सवाल का जवाब दूँगा बदले में आप मेरे सिपाहियों को और मेरे पोत्ते को जाने देंगे

अग्नि - में ईविल प्रिन्स अग्नि आप से वादा करता हूँ महाराज की आप के सही जवाब देने के बाद में आप के लोगों को आप के सिपाहियों को और आप के पोत्ते को यहाँ से सही सलामत जाने दूँगा

किंग जेम्ज़ - प्रिन्स अग्नि आप को जो मॅजिकल मिरर चाहिए वो ईश्वक़्त हमारे पास नहीं है में मानता हूँ की मॅजिकल मिरर हमारे कारीगरों ने ही बनाया था लेकिन सम्राट के मारे जाने के बाद उस मॅजिकल मिरर को हमारे पिताजिी ने जो ुषवक़्त हॉबैट'से के राजा थे गंधर्व नगरी के महाराज यानि की लॉर्ड देवधर के पिताजिी जो उस वक्त गंधर्व नगरी के राजा थे उन्हें तोहफे में दे दिया था और आज के वक्त में वो मॅजिकल मिरर गंधर्व नगरी के महाराज लॉर्ड देवधर के निगरानी में उनके महेल के अंदर है

अग्नि - क्या आप सच कह रहे हैं महाराज ?

किंग जेम्ज़ - प्रिन्स अग्नि कभी भी एक मरने वाला शॅक्स अपने आखिरी वक्त में किसी से झूठ नहीं बोलता है हमने जो भी कहा वो सब सच था

अग्नि - एक बात कहना चाहूँगा महाराज आप से की आप निहायती बेवकूफ्फ हैं अगर आप ये बात मुझे पहले ही बता देते तो अभी आप शांति से अपने महेल के अंदर आराम फ़ार्मा रहे होते और आप का ये शहर जो अब खंडहर बन चुका है वो भी सही सलामत होता और हम भी यहाँ से कबका जा चुके होते

अग्नि के इन बातों से किंग जेम्ज़ का गर्दन शर्म से नीचे हो जाता है और फिर अग्नि उस दानव को हुकुम देता है जिसने प्रिन्स एक जेम्ज़ को पकड़ा था की प्रिन्स को चोद दे और वो दानव प्रिन्स को चोद देता है और फिर अग्नि किंग जेम्ज़ को उठाकर उस दानव के तरफ फेंक देता है और उसे कहता है

अग्नि - इसे खाओ मेरे लाल ये महाराज है इसे लिए इसका टेस्ट और भी अच्छा होगा और फिर वो दानव एक ही झटके में किंग जेम्ज़ को कच्छा चभा जाता है कहा जाता है , ये नज़ारा देख प्रिन्स एक जेम्ज़ और सभी हॉबैट'से के सिपाहियों का दिल दहेल जाता है और इधर ये नज़ारा देख अग्नि के फौज में सभी हंस रहे थे फिर प्रिन्स एक जेम्ज़ अग्नि से कहता है

प्रिन्स एक जेम्ज़ - (चीखते हुए) अग्नि ये तुमने ठीक नहीं किया उन्होंने तुम्हें सबकुछ बता दिया फिर भी तुमने उन्हें मरवा दिया ये तुमने ठीक नहीं किया और तुमने मेरे पिताजिी के साथ और इसे शहर को जो तबाह किया है उसका बदला में लेकर रहूँगा तुमसे

अग्नि - अच्छा तो जो तुम्हारे दादज़िी ने किया वो ठीक था पहले उन्होंने किया था मेरे भेजे हुए मेसेंजर को मारकर और उसी वक्त ये तय हो गया था की उनकी मौत तय है और रही बात तुम्हारे पिता के मौत की और इसे शहर के तबाहिी की तो सुनलो इसके लिए जितना में ज़िमेदार हूँ उतना तुम सब भी कुछ करके तुम्हारे दादाजी , अगर उन्होंने ये बात पहले ही बता दिया होता की मॅजिकल मिरर गंधर्व नगरी में है तो में अपनी फौज को लेकर कबका यहाँ से जा चुका होता बिना हमला किए

और हाँ प्रिन्स अब आप इन सभी हॉबैट'से के नेये राजा हैं इसे लिए आप को हमारी तरफ से मुबारकबाद कबूल करिए और अपने इन सभी साथियों को लेकर यहाँ से जाए क्योंकि हमने आप के दादा से उन्हें मारने से पहले वादा किया था की आप को और इन सभी सिपाहियों को यहाँ से सही सलामत जाने दूँगा इसे लिए में अपना वादा पूरा करता हूँ
 
(UPDATE-28)

प्रिन्स एक जेम्ज़ - में अभी जा रहा हूँ अग्नि लेकिन एक दिन में लौटूँगा और जिस दिन लौटूँगा उस दिन तुम्हारे जिंदगी की आखिरी दिन होगा , हाँ तुम मेरे ही हाथों मरोगे अग्नि

अग्नि - (हस्सते हुए) हॉबैट'से के नये महाराज हमारी जान इतनी भी सस्ती नहीं की कोई भी अएरा गेरा नातू खेरा आकर लेजाए और वैसे भी आज कल मेरे दुश्मनों की लिस्ट दिन बीए दिन बढ़ती ही जा रही है एक और नाम तरफ जाने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि आज तक ना तो कोई अग्नि का कुछ उखाड़ पाया है नहीं आगे कोई उखाड़ पाएगाहॉबैट'से के जंग में अग्नि की ही जीिट होती है इसे जंग में किंग जेम्ज़ उसका बेटा प्रिन्स रेन और बहुत से सिपाही मारे जाते हैं और आख़िर में अग्नि प्रिन्स एक जेम्ज़ को और जंग में बचे बाकी सिपाहियों को जाने देता है क्योंकि अग्नि ने किंग जेम्ज़ को वादा किया था इसलिए

प्रिन्स एक जेम्ज़ अपने बाकी बचे सिपाहियों के साथ जंग में हारने के बाद अपमान का घुट पीके वहाँ निकल जाता ग्रीन वाली की तरफ जहाँ पे उसकी प्रजा जिन्हें प्रिन्स एक जेम्ज़ ने सही सलामत तहख़ाने से निकल के ग्रीन वाली भिजवा दिया था वो सब इंतजार कार रहे थे ग्रीन वाली में

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और इधर गंधर्व नगरी में जादुई पानी में जंग को देख रहे रानी पड़ी पद्‍मिनी , गुरुजीी , महाराज बिस्वजीत सिंग रातोरे और महाराज लॉर्ड देवधर जंग के अंत को देख मायूस होचुके थे और ईश्वक़्त खामोश बैठे हुए थे किसी के मुंह से एक लाफ्व भी नहीं निकल रहा था की तभी गंडर के महाराज बिस्वजीत सिंग बात शुरू करते हैं

बिस्वजीत सिंग रातोरे - ये तो बहुत बुरा हुआ अग्नि ये जंग जीिट गया और वो भी बारे ही आराम से अब ये सब देखने के बाद लगता है की अग्नि को रोक पाना नमुनकीन है

लॉर्ड देवधर - महाराज भले ही अग्नि ने ये जंग जीिट लिया हो लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं आया सीबे निराशा के वो जिस चीज़ के तलाश में वहाँ गया था वो मॅजिकल मिरर उसे नहीं मिला इसलिए अग्नि इसे मुहिम में नाकाम ही रहा

बिस्वजीत सिंग रातोरे - आप ने सही कहा महाराज लेकिन आखिरी वक्त में किंग जेम्ज़ ने उसे ये बता दिया है की मॅजिकल मिरर आप के पास है इसे लिए अग्नि का अगला निशाना गंधर्व नगरी होगा

गुरुजीी - हाँ देवधर हमें भी यही लगता है की अग्नि का अगला निशाना तुम्हारा ही स्टेट होगा

लॉर्ड देवधर - हम जानते हैं इसे बात को गुरुजीी लेकिन हमें अग्नि की बिलकुल भी चिंता नहीं है क्योंकि जब पिछली वार सम्राट ने यहाँ हमला किया था तब उसने हमारे पूरे शहर को तबाह कर दिया था उस जंग में हमारे पिताजिी बुरी तरह से घायल हो गये थे इसे शहर को बचाते बचाते उस जंग में हमारी बहुत बुरी तरह से हार हुई थी , उस हार के बाद हमने गंधर्व नगरी का बागडोर संभाला नये राजा के तोर पे और तबाह होचुके गंधर्व नगरी का फिरसे निर्माण करवाया नये तरीके से

और ये नया गंधर्व नगरी चारों तरफ से बादलों को छूने वाले पहाड़ों से घिरा हुआ है और हमारे स्टेट'से में आने के लिए सिर्फ़ दो ही राषते बनाए गये हैं एक है सामने का राष्टा ये सबसे सुरक्षित राष्टा है लेकिन हमारे मर्जी के खिलाफ सामने के राषते से कोई भी नहीं आसकता है क्योंकि इसे राषते का दरवाजा जादुई है और ये जादुई दरवाजा हमारे मर्जी से खुलता है और बंद होता है इसे दरवाजे के ऊपर किसका भी हुकुम नहीं चलता है सिबाए हमारे

और दूसरा राष्टा है मौत का राष्टा यानि की हमारे स्टेट'से तक आनेवाले सुरंगों का राष्टा , हमारे स्टेट'से के बाहर जो जुंगेल है उस जुंगेल में दो सुरंग हैं और उन्हीं दोनों सुरंग में से यहाँ तक आया जा सकता है लेकिन उस राषते से आना मतलब मौत पक्का है क्योंकि उन्न सुरंगों में हमने इतने सारे जादुई जानलेवा जाल बिछा रखे हैं की किसका भी जिंदा बचके आना नमुनकीन है

बिस्वजीत सिंग रातोरे - मगर महाराज आप भूल रहे हैं की अग्नि ने किस तरह से हॉबैट'से के महेल के दरवाजे को थोड़ा था वो आप के सामने के राषते के दरवाजे को भी तो तोड़ सकता है

लॉर्ड देवधर - बिलकुल नहीं महाराज क्योंकि ये दरवाजा ताक़त से तो बिलकुल नहीं टूटेगा अग्नि जितना भी ताक़त लगले जितना भी स्पिरिट बॉम्ब फोड़ड़ दे उस दरवाजे पे लेकिन वो दरवाजा टॅस से मास नहीं होगा
बिस्वजीत सिंग रातोरे - ये तो बहुत अच्छी बात है महाराज अब देखते हैं अग्नि क्या करता है आगे

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रात होचुकी थी और इधर हॉबैट'से के जंग को जीतने के बाद अग्नि की फौज जश्न मना रही थी मौज मना रही थी सभी शराब के नशे में धुत थे और नाच रहे थे और अग्नि दूर खड़ा इन सबको देख खुश था और फिर अग्नि के फौज का सेनापति जबार अग्नि के पास आता है

जबार - मलिक आप यहाँ अकेले क्यों खड़े हैं आईय ना हमारे साथ जश्न में शामिल होजाए

अग्नि - नहीं जबार में यहीं ठीक हूँ तुम सबको इसे तरह देख के अच्छा लग रहा है तुम जाओ और जश्न मनाओ में यहीं ठीक हूँ

जबार - जैसे आप की मर्जी मलिक

फिर जबार अग्नि के पास से चला जाता और सबके साथ मौज करने लगता है और अग्नि दूर खड़ा बहुत देर तक सबको जश्न मानते हुए देखता रहता है फिर अग्नि वहाँ से पीछे पलट था है और आगे तरफ जाता है , अग्नि अब कुछ देर अकेला रहना चाहता था इसलिए वो सुनसान जुंगेल से होते हुए एक पहाड़ के पास अपहुंकता है और उस पहाड़ी के छोटी पे बैठ के चाँद के तरफ ही देखने लगता है

अग्नि - बहुत देर तक अग्नि चाँद के तरफ ही देखते रहता है और जब रात के 12 बजते हैं तो अग्नि चाँद के तरफ ही देखते हुए कुछ कहता है

हर लम्हा आपके होठों पे मुस्कान रहे,

हर गम से आप अंजान रहें,

जिसके साथ महक उठे आपकी जिंदगी,

हमेशा आपके पास वो इंसान रहे.

हॅपी बर्तडे वर्षा !

अग्नि - हाँ वर्षा मुझे याद है ये दिन , में इसे दिन को केशे भूल सकता हूँ आज ही के दिन ठीक रात के 12 बजे ही तो तुम पेड़ा हुए थे , आज भले ही में तुम्हारे साथ नहीं हूँ लेकिन में हमेशा यही चाहूँगा की तुम जहाँ भी रहो हमेशा खुश रहो और हस्सती खिलखिलती रहो

3 साल होचुके हैं मुझे तुमसे बिछड़े हुए और में आशा करता हूँ की इन 3 साल में तुम मुझे भूलके जिंदगी में आगे तरफ चुकी होगी और यही तुम्हारे लिए अच्छा भी होगा मुझे भूलना क्योंकि प्यार इंसानों से किया जाता है वर्षा खून पीनेवाले दरिंदों से नहीं वेमपाइर'से से नहीं और में अब एक खून पीनेवाला दरिन्दा हूँ वेमपाइर हूँ

ये सब कहते कहते अग्नि के आँखें नाम होचुकी थी अग्नि अपने आँखों को पूछता है और फिरसे चाँद के तरफ ही देखने लगता है ,,,,,,, और ठीक उसी वक्त इंसानी दुनिया में ,,,,,, इंसानी दुनिया में - देहरादून हिन्दुस्तान का एक छोटा सा शहर और ये शहर हिन्दुस्तान के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन्स में से एक है , इसे शहर में बहुत सारे एजुकेशनल इन्स्टिट्यूशन्स भी भरे पड़े हैं इसे लिए देहरादून को सिटी ऑफ एजुकेशन भी कहते हैं और यहाँ पे नदा यानि की नेशनल डिफेन्स अकॅडमी भी है और इसे अकॅडमी का मोटो है सेवा परमो धर्मा और यही इसे शहर का भी मोटो है इसे शहर के लोग बहुत अच्छे हैं

देहरादून के सबसे बारे आदमी हैं मतलब अमीर शॅक्स हैं दिग्बिजय सिंग ठाकुर ये इंडिया के टॉप 3 इंडस्ट्रियलिस्ट में से एक हैं ये बहुत ही पॉवेरफ़ुल्ल बिज़्नेस मॅगनेट हैं इंडिया के इनके जेब में तो रल्लिंग पार्टी पड़ी रहती है और ये अपनी बेटी से बहुत प्यार करते हैं और इनकी बेटी है वर्षा जो अग्नि के दिल की धड़कन है और वर्षा ईश्वक़्त रात के 12 बजे अपने कमरे में सोने की कोशिश कार रही है

दिग्बिजय सिंग ठाकुर और उनकी पत्नी लीला ठाकुर और वर्षा की दोनों दोस्त यानि की सानिया और संगीता दबे पांव वर्षा के रूम के तरफ तरफ रहे थे सभी चुप चाप वर्षा के रूम के दरवाजे के बाहर तक पहुँच जाते हैं फिर दिग्बिजय सिंग ठाकुर आिशते से वर्षा के रूम के दरवाजे को खोलते हैं और फिर सब एक एक करके रूम में आिशते से घुस जाते हैं और इधर बेड पे वर्षा इसे बात से अंजाम की उसके रूम में कोई है वो कंबल ओढ़ के सोने की कोशिश कार रही थी की तभी सानिया वर्षा के ऊपर से कंबल हटा देती है और फिर सब एक साथ कहते हैं हॅपी बर्थ दे वर्षा , मानी मानी हॅपी रिटर्न'से ऑफ थे दे वर्षा

वर्षा उठके बैठ जाती है और सबके तरफ ही देखने लगती है वो बिलकुल सर्प्राइज़ थी उसे तो याद भी नहीं था की उसके बर्थ दे के बारे में फिर वर्षा अपने बेड से उतज़ाति है और जाकर अपने पापा के पर चुनके उनसे आशीर्वाद लेती है फिर वर्षा अपने आंटी के आशीर्वाद लेती है और फिर वर्षा जाकर अपने दोनों सहेलियों के सानिया और संगीता के गले मिलती है

वर्षा - ई आम टोतली सर्प्राइज़ मुझे तो याद ही नहीं था अपने बर्थ दे के बारे में पापा

वर्षा'से पापा - बेटा भले ही तुम इसे दिन के बारे में भूल जाओ पर हम नहीं भूल सकते हैं क्योंकि आज से करीबन 21 साल पहले आज ही के दिन हमारे घर पे दो नन्ही पारियाँ आई थी और आ ही उन्न दोनों ने हमारे सुने पड़े घर को और हमारे जिंदगी को खुशियों से भर दिया था

वर्षा'से आंटी - हाँ जीि आप बिलकुल सही कह रहे हैं आज हमारे पास सबकुछ है पर एक चीज़ नहीं है काश ईश्वक़्त हमारे पास वर्षा के साथ साथ जहाँ भी होती तो हमारा परिवार पूरा होता और हमारी खुशियाँ और भी दुगुनी होती , ये बोलते बोलते वर्षा के आंटी के आँखों से आँसू आजाते हैं

फिर वर्षा आगे बढ़ती है और जाकर अपने आंटी को गले लगा लेती है और उनके आँखों से आँसू पूछ देती है और फिर

वर्षा - आंटी आप फिरसे रो रही हैं आप को पता है ना की जहाँ दीदी को आप के आँखों में आँसू देख के कितनी तकलीफ होती थी इसे वक्त वो जिधर भी होंगी अगर उन्हें पता चलेगा की आप उनको याद करके रोते हो तो उन्हें कितनी तकलीफ होगी

वर्षा'से आंटी - हाँ बेटा तू सही कहती है मुझे रोना नहीं चाहिए में अपने आँखों में आँसू ला कर अपनी बेटी जहाँ को तकलीफ देना नहीं चाहती

ये सब बातें कार ही रहे थे की तभी वर्षा के फोन की घंटी बजती है और सानिया बेड के ऊपर से फोन उथलेटी है और जब वो फोन पे कॉल करने वाले का नाम देखती है तो उसके चेहरे पे मुश्कं आ जाती है

वर्षा - किसका फोन है सानिया

सानिया - ईश्वक़्त किसका फोन होसकता है वर्षा मैडम आप के राज़ साहेब का ही है , ये बोलकर सानिया फोन को वर्षा के तरफ बढ़ा देती है

वर्षा'से आंटी - चलो सब यहाँ से वर्षा को अकेला चोद देते हैं उसे अपने होनेवाले पति से बात करना है हमें उन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए
 
(UPDATE-29)

सानिया & संगीता - हाँ हाँ आंटी अपने बिलकुल सही कहा हमें ईश्वक़्त वर्षा को अकेले चोद देना चाहिए

वर्षा - आंटी आप भी ना पापा देखिए ना किस तरह सब मुझे परेशान कार रहे हैं

वर्षा'से पापा - है कोई भी मेरे बेटी को परेशान नहीं करेगा समझे अब चलो इसे अकेला चोद दो इसे अपने होनेवाले पति से बात जो करना है

वर्षा - क्या पापा आप भी ना इनके साथ मिल जाते हो हमेशा , और फिर सभी वर्षा के कमरे से चले जाते हैं और फिर वर्षा राज़ का कॉल रिसेवेड करती है

राज़ - हॅपी बर्थ दे तो यू में लव बहुत बहुत बधाई हो वर्षा तुम्हें

वर्षा - तांख्षकशकशकशकशकशकश राज़ , और राज़ कहाँ हो ईश्वक़्त तुम म्यूज़िक का साउंड आ रही है

राज़ - यार वर्षा ईश्वक़्त में टोनी के पब के बाहर खड़ा हूँ तुम तो आए नहीं इसलिए तुम्हारे बर्थ दे को हम लोग मना रहे हैं

वर्षा - हहा हहा तुम्हें पता है ना राज़ की में इतने देर रात को बाहर नहीं जाती और वैसे और कौन कौन है तुम्हारे साथ

राज़ - पता है मुझे वर्षा की तुम इतने रात को घर के बाहर नहीं निकलती , यार मेरे साथ ईश्वक़्त देव जागु और मिलन है और वो तीनों ईश्वक़्त पब के अंदर हैं हम चारों ही पब में आए हुए हैं

वर्षा - ओके राज़ एंजाय और ताकि केर और हाँ ज्यादा ड्रिंक्स मत करना

राज़ - ओके यार ज्यादा ड्रिंक्स नहीं करूँगा , चल कल मिलते हैं

फिर राज़ फोन को डिस्कोनेक्ट करके पब के अंदर चला जाता है और वर्षा भी फोन को अपने बेड पे रख देती है और अपने स्टडी टेबल के पास चली जाती है और टेबल की ड्रॉ खोलती है और उस में से एक फोटो फ्रेम निकलती है

ये फोटो फ्रेम थी अग्नि की और वर्षा की जब अग्नि ने इंटर कालेज बॉक्सिंग चॅंपियन्षिप जीती थी तब उसने और वर्षा ने इकट्ठे एक फोटो उठाया था ये फोटो उशिवक़्त की थी , वर्षा उस फोटो के तरफ ही कुछ वक्त तक देखती रहती है और फिर उस फोटो को अपने सीने से लगा लेती है

वर्षा - अग्नि आज तुम्हें मुझसे दूर हुए 3साल हो चुके हैं लेकिन इन 3साल में एक भी शा दिन एक भी शा पल नहीं था जब मेरे दिल ने तुम्हें याद नहीं किया जब तुम मुझे छोड़कर गये थे तो में भी मार्जना चाहती थी लेकिन तुम्हारी आंटी ने मुझे समझाया की तुमने मेरे लिए अपनी जान दी है क्योंकि तुम मुझसे सच्चे दिल से प्यार करते थे और हमेशा खुश देखना चाहते थे और अगर में भी मर जाऊंगी तो तुम्हारी कुर्बानी बेकार होज़ायगी तुम्हारे प्यार की वो नाकामी होगी और में तुम्हारे प्यार को नाकाम कैसे होने दे सकती थी इसे लिए मैंने उनकी बात मनलिया और जिंदगी धीरे धीरे आगे बढ़ने लगी लेकिन तुम्हें कभी भी अपने दिल से निकल नहीं पाई क्योंकि निकाला तो उसे जाता है जिसे आप अपने दिल में रखते हो पर तुम तो मेरे दिल हो और कोई शॅक्स अपने दिल को अपने शरीर से कैसे निकल सकता है
वर्षा - अग्नि आज तुम्हें मुझसे दूर हुए 3साल हो चुके हैं लेकिन इन 3साल में एक भी शा दिन एक भी शा पल नहीं था जब मेरे दिल ने तुम्हें याद नहीं किया जब तुम मुझे छोड़कर गये थे तो में भी मार्जना चाहती थी लेकिन तुम्हारी आंटी ने मुझे समझाया की तुमने मेरे लिए अपनी जान दी है क्योंकि तुम मुझसे सच्चे दिल से प्यार करते थे और हमेशा खुश देखना चाहते थे और अगर में भी मर जाऊंगी तो तुम्हारी कुर्बानी बेकार होज़ायगी तुम्हारे प्यार की वो नाकामी होगी और में तुम्हारे प्यार को नाकाम कैसे होने दे सकती थी इसे लिए मैंने उनकी बात मनलिया और जिंदगी धीरे धीरे आगे बढ़ने लगी लेकिन तुम्हें कभी भी अपने दिल से निकल नहीं पाई क्योंकि निकाला तो उसे जाता है जिसे आप अपने दिल में रखते हो पर तुम तो मेरे दिल हो और कोई शॅक्स अपने दिल को अपने शरीर से कैसे निकल सकता है

अग्नि आज मेरे पास देव , जागु , संगीता , सानिया जैसे सच्चे दोस्त हैं और वो सब तुम्हारे वजह से हैं तुम्हिसे मैंने सीखा की दोस्तों के साथ दोस्ती निभाया नहीं जाता दोस्तों के साथ हरर एक लम्हा हरर एक पल को जिया जाता है और उनके साथ हरर एक खुशी और हरर एक दर्द को बनता जाता है

और तुम्हिसे मैंने प्यार के मायने भी जाने , में तो तुमसे नफरत करती थी तुम्हें अपने जहाँ दीदी के मौत का जिम्मेदार समझती थी , मैंने तुम्हें बर्बाद करने की तुम्हारी जिंदगी को तबाह करने की बहुत कोशिश की मैंने तुम्हें बहुत तकलीफ पहुँचाई लेकिन बदले में तुमने मुझे सिर्फ़ प्यार ही प्यार दिया

मैंने नफरत में तुमपे जीतने भी वार किए तुमने वो सब हस्सते हस्सते हुए सहलिए तुमने कभी भी मुझसे कुछ नहीं कहा तुमने तो मुझे बचाने के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दिया , तुमने एक बार भी नहीं सोचा अपने बारे में हमेशा तुमने मेरे ही बारे में सोचा अग्नि

आज जब में उन्न सब बातों को याद करती हूँ तो मुझे पता चलता है की मैंने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती या गुनाह जो भी कहा जाए वो किया जिसकी सजा मुझे मिली , मैंने अपनी जिंदगी की सबसे कीमती चीज़ को खो दिया मैंने तुम्हें खोदिया अग्नि हमेशा हमेशा के लिए

काश में वक्त को बदल पति काश में उन्न सभी गुनाह को जो मैंने तुम्हारे साथ किया वक्त में पीछे जाकर सुधार सकती जिस से तुम मुझसे कभी भी दूर नहीं जाते , काश ईश्वक़्त तुम मेरे साथ होते अग्नि काश

प्लज़्ज़्ज़्ज़ अग्नि वापस लौट आओ उस दुनिया से जिस दुनिया से आज तक कोई नहीं लौटा है , तुम्हारे बिना जीना मेरे लिए दिन बीए दिन मुश्किल होती जा रही है प्लज़्ज़्ज़्ज़ अग्नि कम बेक , ये सब बोलते बोलते वर्षा के आँखों से आँसू बहने लगते हैं और वो अग्नि के उस फोटो को अपने सीने से लगाकर रोने लगती है

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इधर राज़ वर्षा से फोन पे बात करने के बाद वापस पब में आ जाता है जब वो अंदर आता है तो उसे एक कोने में एक टेबल पे देव जागु और मिलन बैठे मिलजाते हैं और ये तीनों बैठ के दारू पीरहे थे राज़ भी उनके पास आ जाता है

मिलन - क्यों यार राज़ हो गयी बात वर्षा से

देव - आबे मिलन हो गयी बात वर्षा से तूने राज़ का चेहरा नहीं देखा क्या कितना खुश लग रहा है साला

राज़ - हाँ यार हो गयी बात वर्षा से और तुम लोग जो समझ रहे हो वैसे कोई भी बात नहीं है में तो सिर्फ़ वर्षा को बर्थ दे विश करने गया था

जागु - अच्छा साले शा क्या , चल तो ये बता की तूने हमारी तरफ से भी विश किया ना

राज़ - अरे यार वो वो क्या है ना में भूल गया यार

जागु - साले तुझे जाते वक्त मैंने कहा था की हमारे तरफ से भी विश करदेना और तू भूल गया और तू कह रहा है वैसे कोई भी बात नहीं है बेटा सब समझता हूँ में

देव - आबे बंद करो भी अपनी अपनी बकवस्स वो देखो भी सामने क्या धसू माल है भी
 
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