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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

बबीता हाथ छोड़ देती है..और जेठालाल गेट के पास पहुच कर गेट खोल देता है..

बाहर तारक और अईयर ही खड़े...थे..

अईयर जेठालाल को देख के..

अईयर :- जेठालाल..हो गया प्राब्लम सॉल्व...कितनी देर कर दी..

बताओ..

जेठालाल हँसते हुए....अईयर भाई...थोड़ा शांति रखो...अभी बबीता जी को समझा रहा

हूँ....कॉसिश कर रहा हूँ..थोड़ा बहुत राज़ी हुई है..बस कुछ देर और लगेंगे....

अईयर :- और कितनी देर..तुम हटो में खुद ही देख लेता हूँ..

जेठालाल घबराते हुए...मेहता साब..समझाइये इन्हे..

तारक :- देखो अईयर तुम खाम खा....जेठालाल के काम को बेकार कर दोगे..

थोड़ी देर और ही सही...

अईयर :- ठीक है मेहता साब.....जेठालाल ज़्यादा टाइम मत लगाना.....

बॅक ग्राउंड म्यूजिक.....आआयूऊऊऊऊऊ

और जेठालाल दरवाजा बंद करके दुबारा अंदर चला जाता है....

जेठालाल जैसे ही अंदर घुसता है....और बबीता की तरफ जाने ही लगता है कि

बबीता अपना गाउन उतार के फेंक देती है.....

वाहह जेठालाल के मुँह से निकल जाता है....जेठालाल बबीता के चेहरे पे सिर्फ़

और सिर्फ़ ये देख पा रहा था..कि वो कितनी ज़्यादा पागल है...सेक्स के लिए...

जेठालाल को तो झटके आ रहे थी नीचे से...उसका कॉस्ट्यूम बाहर से भी हिल रहा था..

जेठालाल के सामने..बबीता का शरीर गोरा चिटा...हाए क्या बताऊ...डिस्क्राइब भी

नही कर सकता यार....

आप खुद ही इमेजीन कर लो.....

जेठालाल इतना खुश इसलिए था..क्यों कि वो बबीता के साथ इस वक़्त अकेले था...

बबीता चलती हुई जेठालाल के पास आ रही थी.....

जेठालाल की दिल की धड़कन तेज़ हो रही थी......

बबिता जेठालाल के करीब आई....और बिल्कुल बेहद करीब आके...उसने...

उसने जेठालाल के होंठो पे अपने होंठ रख दिए....और अपने लिप्स से जेठालाल के

लिप्स को चूसने लगी...जेठालाल का तो खड़े खड़े ही बॅंड बज गया...

उसकी हालत तो...बहुत खराब हो गई...

बबीता ने जेठालाल के कंधो पे अपने हाथ रख के...अपनी तरफ खिचा...

और इस बार जेठालाल बबीता से पूरा चिपक गया....

इस बार करेंट लगने की बरी..तो बबीता की थी..क्यूँ कि जेठालाल का लंड बबीता की

चूत से जा टकराया..

लेकिन बबीता ने अपनी किस नही तोड़ी...वो जेठालाल के लिप्स पे अपने लिप्स बराबर चलाए

जा रही थी...

अब तो जेठालाल भी सब कुछ भूल भी गया था...और उसके हाथ अपने आप ही..बबिता

के गोरे सॉफ्ट सॉफ्ट कंधो पे आ चुका था..

अब बबीता ने अपनी टेस्टी टेस्टी जीभ बाहर निकाली....और जेठालाल के मुँह के अंदर

डालने लगी....और जेठालाल ने तुरंत उसकी जीभ को अंदर आने दिया...

और शुरू हो गया..एक युद्ध...

दोनो की जीभ आपस में लड़ रही थी....

काफ़ी ही डीप फ्रेंच किस चल रहा था..

जेठालाल का हाथ कंधे से होते हुए..बबीता के पीछे बॅक पे आ गया था.

और वो उसकी पीठ को सहला रहा था.......

कुछ 5 मिनट तक चलने वाली फ्रेंच और ज़बरदस्त किस करने के बाद..

बबीता ने जेठालाल को अलग किया....

पक्फह करके...आवाज़ आई और अलग हुई...

बॅक ग्राउंड म्यूजिक....आआई छोरी.............

जेठालाल तो आँखें फाडे बबीता को ही देख रहा था...बबीता के चेहरे पे एक

हल्की सी स्माइल थी....बहुत ही ज़्यादा सेडक्टिव स्माइल......

 
बबीता :- जेठा जी .. क्या देख रहे हो.....

जेठालाल :- बबीता जी....मुझे तो ये सब सपना लग रहा है..यकीन नही हो रहा..

में और आप...

बबीता हल्का सा हँसते हुए...जेठा जी....ये सपना नही है...

जेठालाल :- बबीता जी..आप मुझे एक चिमटी काटेंगी...तभी मुझे यकीन आएगा..

बबीता :- हहेहेहहे..बिल्कुल...

और बबीता अपना हाथ आगे बढ़ा कर...जेठालाल के हाथ पे रख के एक चिमटी

काटती है...

आअहहुउऊ...जेठालाल की चीख निकल जाती है बबीता की चिमटी काटने

से...

बबीता :- ओह्ह सॉरी जेठा जी......ज़्यादा तेज़ लग गयी..

और फिर अपने हाथ से जेठा के हाथ को सहलाने लगती है....

जेठालाल के तो आज मज़े ही मज़े हो रहे हैं....

जेठालाल अपने हाथ बबीता के हाथों पे रख देता है....

दोनो बिना कुछ बोले साइलेंट हुक...एक दूसरे को प्यार देना चाहते थे...

जो वैसे तो ग़लत है इन दोनो के लिए..लेकिन फिर भी आज पूरे समाज को

भूल के...आज अपनी ख्वाहिशें को पूरा करना चाहते हैं.....

बबीता जेठालाल को अपने उपर खिचती है...जेठालाल सीधे बबीता के बूब से

चिपकता है...लेकिन जेठालाल का वजन इतना था...कि बबीता का बॅलेन्स नही

बनता...और दोनो पीछे पड़ी बेड पे गिर जाते हैं...

आहह...बबीता के मुँह से एक हल्की सी चीख निकल जाती है....

बबीता के फेस के उपर जेठालाल का फेस होता है....

बबीता के बूब्स जेठालाल के चेस्ट में धन्से होते हैं...

जेठालाल का लंड..बबीता की चूत के उपर से चिपका पड़ा था..जिसे

बबीता सॉफ सॉफ महसूस कर रही थी..अपनी चूत के उपर....

जेठालाल :- क्या हुआ बबीता जी..आपको लग गई क्या..सॉरी..

बबीता हल्का सा मुस्कुराते हुए...नही नही जेठा जी..कहीं नही लगी...बॅस आज

आपके टच से मज़ा आ गया इसलिए मुँह से हल्की सी आह निकल गई..

तभी जेठालाल थोड़ा सा उपर सा हिलता है..जिसकी वजह से उसका लंड बबीता की

चूत के उपर इधर उधर हो जाता है...

आआहाआहह ओह...जेठा जी....बबीता कसमसा जाती है...

जेठालाल बबीता के उपर से हट जाता है...और साइड में आके लेटते हुए..

जेठालाल :- क्या हुआ बबीता जी..

बबीता :- आप उपर से क्यूँ हट गये जेठा जी...बहुत अच्छा लग रहा था...ह्म..

बबीता तो पूरी मस्त हो चुकी थी....वो तो इस हालत में थी..कि आज पूरे दिन

उसे कोई चोदता रहे...फिर भी नही उसकी वो प्यास भुजेगी...

जेठालाल :- बबीता जी..मुझे लगा आपको नीचे तकलीफ़ होगी..इसलिए हट गया..

बबीता अपनी कातिल नज़रों सी जेठालाल को देखती है...उसके फेस के हल्की सी स्माइल

होती है....

बबीता :- अच्छा...वैसे आपको मेरी बहुत फिकर रहती है...

अगर आपको ऐसा लगता है...तो कोई नही.....

और इतना बोलते ही बबीता जेठालाल के उपर आ जाती है.....इस बार दोनो की एक साथ..

आहह निकल जाती है....

बबीता के वो बड़े बड़े बूब्स..जेठालाल की चेस्ट में बिल्कुल पिचक गयी थी...

जेठालाल की नज़र तो उन बूब्स की दरार में अटक गयी..

आआहईए....क्या सीन है...बबीता के बूब्स आधे से ज़्यादा बिना कपड़ों के

जेठालाल की आँखों के सामने थे.....

बबीता नीचे से अपनी गान्ड को उठा के थोड़ा सा सेट करती है...

जेठालाल :- आहह.....बबीता जी....

आअहह जेठा जी...दोनो के मुँह से सिसकी निकल जाती है..

बबीता के हिलने की वजह सी जेठालाल का लंड बबीता की पैंटी के उपर से उसकी चूत

पे फॅनफ्ना रहा था....बहुत ही मज़ेदार फीलिंग आ रही थी दोनो में..
 
बबीता :- जेठा जी...अया..आअब..मुझसे बर्दास्त नही होताआ....

जेठालाल :- त्तो...आपको कौन बोल रहा है बर्दास्त करने को..

बबीता के चेहरे पे मुस्कान आ जाती है....और वो जेठालाल के लिप्स के पास...

अपने लीप्सस धीरे धीरे ला रही होती है...बबीता को इतना करीब आते देख..

जेठालाल का लंड नीचे से झटके खाने लगता है....

आहह जेठा जी...आहह..ये क्या...

जेठालाल :- क्या हुआ बबीता जी..

बबीता :- हहेहेहेः कुछ नही.....बसस्स आहह..अच्छा लग रहा है..

जेठालाल का लंड नीचे से झटके खा रहा था..जिसकी वजह से बबीता की चूत

में ऐसा लग रहा था..जैसे नीचे से लंड उसकी चूत पे मार रहा था..

बबीता के लिप्स जेठालाल के लिप्स के बेहद करीब थे....बस एक रंगीन किस

का आरंभ शुरू होने वाला था...

त्त्त्तहाकककककक थाआकक्क थाआक्ककक...टॅप्प के पापाअप्प्प...

ऊ टॅप्प के पपपा....

बॅक ग्राउंड म्यूजिक....बच्चे की रोने की आवाज़.....

जब दोनो के कानो में ये आवाज़ पड़ती है..तो जेठालाल होश में आता

है..और बबीता को अपने उपर से धकेल देता है..

आहहू करते हुए बबीता साइड में गिर जाती है....

जेठालाल भागता हुआ...दरवाजे पे आके गेट खोलता है....

सामने दया खड़ी होती है..

जेठालाल :- हाँ क्या है....

दया :- टप्पू के पापा..नट्टू काका का फोन है..

जेठालाल :- क्यूँ...तो उनको कहना था ना कि में बिजी हूँ..थोड़ी देर बाद

फोन करे...

दया :- हाँ मेने वही कहा था..लेकिन नट्टू काका ने बोला ज़रूरी काम है..

 
तभी दया के पीछे से अईयर भागता हुआ आता है...

अईयर :- बबिता...जेठालाल हटो..मुझे बबीता से बात करनी है..

और इस बार अईयर धक्‍का मार के अंदर घुस जाता है...

जेठालाल :- अईयर भाई..रूको..एक मिनट..आ....अईयर भाई..

लेकिन अईयर तो सुनता ही नही है..

दया :- फोन.......

जेठालाल :- हाँ भाई...हाँ..सुन लिया ले रहा हूँ..शांति रख...

और फिर जेठालाल दया के हाथ से फोन ले लेता है....

जेठालाल :- हेलू....हाँ नट्टू काका क्या काम है..

नट्टू काका :- हेल्लू सेठ जी...कैसे हो....मज़ा आ रहा है गोआ में..

जेठालाल :- आपके फोन से पहले मज़ा आ रहा था..लेकिन आपने सारा कबड़ा

कर दिया..

नट्टू काका :- क्या आप भी ... मज़ाक करते रहते हैं..हाहहहः..

जेठालाल को इधर गुस्सा आ जाता है..

जेठालाल :- नट्टू काका क्या काम है वो बताओ...की हसना है आपको सिर्फ़....

नट्टू काका :- सॉरी सेठ जी...

जेठालाल :- बसस्स ये बोल ना था..हो गया आपका...इसलिए फोन करा था...

नटू काका :- अरे हाँ...वो सेठ जी...गटू भाई है ना..उनका पेमेंट आ गया है.

और उन्होने 100 टीवी का ऑर्डर और दिया है...अब क्या करना है..

जेठालाल :- चलो शूकर है पेमेंट आ गया..नही भाई उनको मना कर दो..कि

अभी नही हो पाएगा.....इन को ऑर्डर देने का मतलब है फिर सालों तक इनका कोई

पेमेंट नही आएगा..

नट्टू काका :- ठीक है सेठ जी.....

और फोन कट...

उधर जेठालाल के आस पास कोई नही होता...दया अईयर...अंजलि...कब आई और अंदर

बबीता के रूम में चले गये पता नही चला..

जेठालाल अपने आप से...मतलब अपने लंड की तरफ देखते हुए....

तेरा कुछ नही हो सकता भाई....बहुत फुदकी मार रहा था ना बबीता जी के उपर..

ले मार ले...अब .... बैठा रह आराम से कुछ नही होगाआ....

लेकिन फिर वो दुबारा सोचता है...एक बात तो है..बबीता जी मुझे चाहती है...

मतलब कि अब हम कभी भी कर सकते हैं...

बॅक ग्राउंड म्यूजिक.....अजीब सी हँसने की आवाज़्ज़्ज़.......

 
जेठालाल अपने आप से...मतलब अपने लंड की तरफ देखते हुए....

तेरा कुछ नही हो सकता भाई....बहुत फुदकी मार रहा था ना बबीता जी के उपर..

ले मार ले...अब .... बैठा रह आराम से कुछ नही होगाआ....

लेकिन फिर वो दुबारा सोचता है...एक बात तो है..बबीता जी मुझे चाहती है...

मतलब कि अब हम कभी भी कर सकते हैं...

बॅक ग्राउंड म्यूजिक.....अजीब सी हँसने की आवाज़्ज़्ज़.......

उधर गाड़ा एलेकट्रोनिस में........

बाघा गोदाम में आते हुए.....

बाघा :- नट्टू काका..हो गई सेठ जी से बात..

नट्टू काका :- हाँ हो गई.....

बाघा :- नट्टू काका..में थोड़ी देर घर आके आउ..

नट्टू काका :- क्यूँ....

बाघा :- नट्टू काका..वो....वो..

नट्टू काका :- क्या वो....

बाघा :- नट्टू काका अभी दुकान मे मस्त लड़की आई थी...मोबाइल लेने...

उसके बड़े बड़े बूब्स देख के मेरा तो बुरा हाल है...अब जब तक में

रिलॅक्स नही होंगा जब तक मुझसे रहा नही जाएगा...

नट्टू काका :- आइ अंडरस्टॅंड माइ बॉय...यू डू वन थिंग...

रिलॅक्स हियर इन गोदाम...आइ ल्ल देयर इन दुकान...और देखूँगा कि कोई ना आए..

तू आराम से यहाँ रिलॅक्स हो..जब तू हो जाए..तो तू दुकान पे आ जाना..

में भी रिलॅक्स हो जाउन्गा...ओके बेटा..

बाघा :- थॅंक यू नट्टू काका...

फिर नट्टू काका वहाँ से चला जाता है.....

और बाघा अपने काम में लग जाता है...

इन दोनो का ऐसा ही है..जब भी जेठालाल नही होता...ये दोनो यही करते हैं...

बॅक टू गोआ.......

उधर बीच पे.....

रोशन और सोढी दोनो अपने हाथ एक दूसरे के कंधो पे रख कर बात कर

रहे थे..

सोढी :- सोणिये...में तो तुझे बहुत प्यार करता हूँ..

रोशन :- वो तो में भी करती हूँ रोशन..

सोढी :- तो फटा फट एक अच्छी सी पप्पी दे दे...

रोशन :- नही रे..पागल हो रहा है....इतने सार लोग हैं कोई देख लेगा...

सोढी :- एक पप्पी ना..प्लीज़्ज़ज्ज..

रोशन :- अच्छा ठीक है पर जल्दी से लेना बावा कोई देख ना ले...

फिर सोढी अपने लिप्स को रोशन के लिप्स की तरफ बड़ा के....उसके लिप्स को क़ैद कर

लेता है...और चूसने लगता है...

पहले तो रोशन उसे पीछे हटाने के लिए धकेल्ति है..

लेकिन जब सोढी की जीभ रोशन के मुँह के अंदर घूमती है...तो रोशन भी

गरम होने लगती है...

अब सोढी..रोशन के लेफ्ट बूब्स पे अपने हाथ रख के मसल्ने लगता है..

और उपर से दोनो का चूमना चालू रहता है...

 
कुछ 5 मिनट तक चुंबन कर रहे होते हैं..और नीचे सोढी अपने हाथ से रोशन

के बूब्स को बुरी तरह मसल रहा था......

ये दोनो तो दुनिया से बेख़बर होकर अपने में मस्त हुए पड़े थे....

दूसरी तरफ माधवी और भिड़े भी बड़ा ही चिपक के खड़े थे....

माधवी :- आपको अभी भी शांति नही मिली..

भिड़े :- नाकू..

माधवी :- क्या नाकू..अभी तो सबके सामने आपने मेरे साथ करा है...

भिड़े आगे बढ़ता है..और अपने लीप्सस माधवी के लीप्सस पे रख के उन्हे

चूसने लगता है...

माधवी पीछे हटने की कॉसिश करती है..लेकिन भिड़े माधवी के बॅक पे रख के उसे

अपनी तरफ खिच लेता है..जिससे माधवी के बूब्स भिड़े की नंगी चेस्ट पे गढ़ जाते

हैं..और उपर से भिड़े की जीब के साथ उसके लिप्स माधवी के मुँह के अंदर घूम

रही थी...अब तो माधवी को भी मज़ा आने लगा था....

वैसे तो ये आम बात ही है गोआ में...लेकिन हमारे टीचर साहब..इतने

बड़े छुपे रुस्तम निकलेंगे वो नही पता था......

खैर बीच का प्रोग्राम काफ़ी रंगीन रहा...हमारे अब्दुल भाई और मोहनलाल

और रीता को छोड़ के...इन तीनो का कुछ पता नही क्या किया....

 
टाइम को थोड़ा फॉर्वर्ड कर लेते हैं.......

टाइम 4 बजे.....शाम हो चुकी थी...सूरज भी आब धीरे धीरे छुपने लगा था..

और सबको पता ही है...गोआ में असली मज़ा तो रात का ही है......

सभी अपने अपने कमरे में थे....और सभी थके हारे थे...ट्रेन से लेके

अभी तक बहुत कुछ हो गया था...ख़ासकर अईयर के साथ....लेकिन अब..सब कुछ ठीक

ही था..बबीता की नाराज़गी भी दूर हो गई थी....इसलिए सब आराम से सोए पड़े थे

अपने अपने कमरे में......

सिवाए 2 जनों के....जैसा कि सब जानते ही हैं वो दो कौन कौन थे..दोनो की आँखों

से नींद कोसो दूर थी..शायद कुछ सोच रहे थे....

जी हाँ....इस बार सही सोच रहे हैं सब...

उधर बबिता....अपनी आँखें खोले हुए लेटी थी...शायद यही सोच रही थी..कि जो आज हुआ

या फिर उसने करा..क्या वो ठीक था....सोचते सोचते गले में डाल रखे एक नेकलेस

को अपने हाथ से घुमा रही थी...

एक औरत क्या फील करती है..जब वो सेक्स के आगोश में से बाहर आती है...बॅस वही सोच

रही थी बबिता....कि क्या अईयर के साथ ऐसा करना ठीक है....

हाँ शायद ठीक ही है..एक औरत की ज़िंदगी क्या पति से शुरू और उसी पर ख़तम हो

जाती है क्या...उसकी अपनी कोई फीलिंग्स नही है....अईयर कभी सॅटिस्फाइ नही कर पा रहा है.

तो शरीर की भी अपनी ज़रूरते हैं...उसको कैसे शांत करा जाए....

मानती हूँ कि में जो करने जा रही हूँ..वो ग़लत है..लेकिन ऐसे तो में पगल हो जाउन्गी..

डिप्रेशन का शिकार हो जाउन्गी..मुझे ये कदम उठाना ही पड़ेगा....

कम से कम एक बार ही सही......

हाँ जी..सबका दिमाग़ चल गया ना दुबारा..सोच रहे होंगे..कि में बोल रहा हूँ ये

सब.....क्यूँ मेरी टोकने में लगे रहते हो आप सब के सब...

ये सब में नही बबीता सोच रही है..लेटे लेटे....

 
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