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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
सभी नीचे मोहन लाल से मिलने लॉन में पहुच गये.....
तारक :- मोहन भाई....आपने हमे 7 बजे आने को बोला लेकिन क्यूँ?
जेठालाल :- और हाँ ये ब्लॅक सूट में आने को भी..
अईयर :- और सभी लॅडीस को गिफ्ट भी दिया..
भिड़े :- और हमे नही दिया..कोई भी गिफ्ट..
जेठालाल :- भिड़े तो यहाँ क्या गिफ्ट लेने आया है..जो हमे नही दिया वादी...
शांति रख भाई..मोहन भाई को बताने दे...
मोहन लाल :- अरे मेरे प्यारे भाई लोगों...आप क्यू इतना टेन्षन ले रहे हो.
मेने अपनी भाभियों के लिए इसलिए गिफ्ट भेजी...क्यूँ कि मुझे पता था उनके पास
ऐसे रेड कलर की ड्रेस नही होगी..
सोढी :- लेकन मोहन प्रा...रेड ड्रेस ही क्यूँ..
मोहन लाल :- अरे सोढी पाजी..वो इसलिए क्यूँ कि जहाँ में आपको ले जा रहा हूँ..वहाँ
पे जेंट्स ब्लॅक में..और लॅडीस रेड में होंगी..
सोढी :- ओह्ह तो ये गाल है..
भिड़े :- लेकिन मोहन भाई..ऐसी कौन सी जगह है..
तारक :- भिड़े...अब क्या तुझे सारी जानकारी यहीं चाहिए भाई...हम जा तो रहे हैं..
वहाँ जाके पता चल जाएगा ना..
जेठालाल :- ये एक नंबर. का पंचयाति है मेहता साब....माधवी भाभी..क्या खिलाते हो
इसे..जो सारा दिन पंचाट कर वा लो...
माधवी :- आहू...चुप रो ना..
भिड़े :- जेठालाल तुम..
जेठालाल :- अबे चुप कर ना ..
मोहन लाल :- देखो आप सब आपस में क्यूँ झगड़ा कर रहे हो..ज़्यादा दूर नही जाना है
बॅस मेरे इस रिज़ॉर्ट के बेसमेंट में ही जाना है....तो चलिए लिफ्ट से चलते हैं..
जेठालाल :- मेहता साब..बेसमेंट में बैठे...कितना बड़ा बना रखा है...
तारक :- सही बात है..भाई पैसा हो तो क्या कुछ नही हो सकता....
सभी बातें करते हुए...लिफ्ट के पास पहुच जाते हैं.....
भिड़े :- लो आ गई लिफ्ट भी.....
और फिर सब लिफ्ट के अंदर घुसने लगते हैं....
अब लिफ्ट में एक साथ सारे तो नही आ सकते थे...इसलिए बाहर खड़े हो जाते हैं..
मोहन लाल और अब्दुल्ल....ये बोल के कि वो अगली बार में आ जाएँगे...
भिड़े :- वैसे मोहन भाई..कौन से बेसमेंट में है....
मोहन लाल :- -3 में है भिड़े भाई...
भिड़े :- ओके....
अब भिड़े ही बटन के पास खड़ा था तो उसने दबा दिया - 3...
और लिफ्ट चलने लगी नीचे...
लिफ्ट में ये लोग ऐसे खड़े थे..जैसी किसी छोटी कार में...ट्रक जैसा समान लोड
कर दिया हो..कहने का मतलब है..बहुत खिचड़ पिछड हो गई थी...
लेकिन कुछ लोग थे जिनके बहुत मज़े आ रहे थे....
जैसी कि...जेठालाल...तारक...और भिड़े ..इन तीनो के सबसे ज़्यादा मज़े थे लिफ्ट में...
और हो भी क्यूँ ना....
हुआ ऐसा था..कि जेठालाल के आगे ठीक बबीता खड़ी थी...और वो बिल्कुल चिपक के..
हाए हवा जाने का भी रास्ता नही था...कोई ध्यान भी नही दे रहा था..सब अपनी
ही बातों में मस्त थे....
अब जेठालाल का तो गला ही सुख रहा था....
उधर तारक के आगे खड़ी थी माधवी.....शायद ये पहला अटॅक था तारक के
उपर माधवी का अब तक...माधवी तो बगल में खड़ी बबीता से बात करने में
मस्त थी तो उसने तो ध्यान ही नही दिया...लेकिन बेचारे तारक का तो खड़े
खड़े बंद ही बज गया....उससे बड़ी मुश्किल से खड़ा हुया जा रहा था...
और लास्ट में बचे हमारे भिड़े भाई ...उसके आगे खड़ी थी रोशन...
पहले तो भिड़े रोशन का दीवाना....उपर से ऐसे चिपक के खड़ी उससे...
भिड़े की तो सर पे जितने बाल थी..वो खड़े हो गये..इस हाल में...
अब रोशन तो सामने खड़ी अपने पति से बात करने में व्यस्त थी...
इसलिए उसने भी ज़्यादा ध्यान नही दिया.....
मगर इधर तीनो की तोपों ने सलामी देनी शुरू कर दी.....थी..
तिंज्ग....करके अचानक -3 बेसमेंट का आ गया....और सभी एक एक कर के बाहर
निकलने लगे....और इन तीनों ने अपनी साँस बाहर छोड़ी..चैन की साँस ली
ऐसा हो सकता है..कि इन तीनो लॅडीस को कुछ समझ नही आया....तीनों को महसूस
तो हुआ ही होगा....अजीब बात है...खैर इस बारे में बाद में जानेंगे
अभी तो जहाँ आए..हैं उसके बारे में जान ले.......
सभी लिफ्ट से बाहर आए..तो सामने एक गेट देखा ब्लॅक कलर..का..बॅस
इसके अलावा यहाँ कुछ नही था..
अईयर :- चलो अंदर चलते हैं..यहाँ पे क्यूँ खड़े हैं..
तारक :- अरे भाई..मोहन भाई को तो आने दो...उनके साथ ही तो जाएँगे ना...
जेठालाल :- ये अईयर भाई भी हड़पड़ोडी की तरह उछलते रहेंगे..
अईयर:- क्या कहा तुमने जेठालाल
जेठालाल :- कुछ नही भाई..शांति रखो....
उपर मोहन लाल और अब्दुल वेट कर रहे थे....लेकिन किसका....लिफ्ट तो आ चुकी थी..
तो फिर ये लोग किसका वेट कर रहे हैं...
तभी वहाँ से सोसायटी की एक मात्र रिपोर्टर चलते हुए आ रही थी.....
अच्छा तो इसका वेट किया जा रहा था.......
रीता ने भी रेड गाउन पहना था..बिल्कुल पर्फेक्ट छोटी सी डॉल लग रही थी..
बाल खुले हुए थे....वो गाउन तो इतना छोटा था कि पूछो ही मत...
बस समझ लीजिए..कि रीता की गान्ड ही धकि हुई थी....
उपर से उसका भी स्टरप्लेसस गाउन था....ऐसे वी की शेप में उपर
का डिज़ाइन था....
थी तो बिल्कुल चिपकी हुई ड्रेस ही....अब उसके छोटे छोटे खड़े हुए बूब्स
इस शेप वाले गाउन में लाजवाब लग रहे थे..
Dhansu update bhai Bahut hi Shandar aur lajawab ekdum jhakaas mind-blowing.
Keep going
We will wait for next update
बहुत बहुत धन्यवाद आप सब का
रीता :- अरे अब्दुल भाई आप गये नही...
अब्दुल :- वो लिफ्ट में जगह नही थी...चलीए अब साथ में चलते हैं..
रीता :- ओके...
और फिर तीनो लिफ्ट के अंदर घुस जाते हैं.....
तीनों लिफ्ट में किस तरह खड़े थे...बीच में रीता...उसके राइट में मोहन लाल और
लेफ्ट में अब्दुल...
-3 तक जाने में करीब 1 मिनट से कम लगेगा...लेकिन वो टाइम काफ़ी होता है..अकेले
में किसी लड़की को थोड़ा बहुत छेड़ना.....
अब्दुल खड़े सिटी बजा रहा था....और अपने हाथ को पीछे ले जाके उपर लाता है....
और ऐसा करते टाइम..उसका हाथ रीता की मस्त गान्ड पे लग जाता है...
रीता एक नज़र से अब्दुल को देखती है..फिर दुबारा सामने देखने लगती है..
दूसरी तरफ से अब्दुल अपनी कोहनी पीछे रखने के लिए करता है...
तो उसकी वो कोहनी...रीता के हाथ पे और हल्का सा उसके छोटे बूब्स पे टच
कर जाता है....
रीता उसकी तरफ भी दिखती है...और कुछ कहने ही वाली होती है कि मोहन लाल बोल
पड़ता है..
मोहन लाल :- लो आ गये...
और तिन्न्ननननणणन्....करती हुई लिफ्ट आके रुक जाती है और गेट खुलता है....
सभी सामने खड़े थे...और आपस में बात चीत कर रहे थे....
मोहन लाल :- अरे आप सब यहीं खड़े हो..
तारक :- बॅस मोहन भाई..आपका ही इंतजार था..
मोहन लाल :- ठीक है तो चलिए.....
और मोहन लाल चलता हुआ सामने गेट को खोलता है.....
सभी गर्दन इधर उधर करके देखने लगते हैं....सामने एक अंधेरे में डूबा
हुआ..मतलब थोड़ी बहुत छोटी छोटी लाइट्स थी...और उसके सामने एक गेट था...जिसपे
2 बड़े ही हट्टे कट्टे...आदमी खड़े थे...
भिड़े :- सोढी..ये हट्टे कट्टे आदमी क्यूँ खड़े हैं...
सोढी :- मेनू की पता..
बोलते बोलते..सब आगे बढ़ रहे थे......
मोहन लाल पीछे मुड़ता है और बोलता है.....आर यू रेडी फॉर दा फन...
Yईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स...सभी लोग चिल्लाते हैं..सिवाए दो को छोड़ के जी..हाँ दया और
जेठालाल...
फिर भी चिल्लाते हैं यीस्स्स्स्स्स्स्स.......
और मोहन लाल गेट को एक झटके से खोलता है....तड़ाक्कककककक........
हूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ...ईईई......
इट्स पार्टी ओं माइ माइंडड......
गानों और लोगों की चिल्लाने की आवाज़ें शुरू हो जाती है....
वाहह क्या महॉल था......गोआ तो सहो मायने में अब शुरू हुआ है...
सामने एक बहुत बड़ा लौन..बहुत ही बड़ा...जिसमे छोटी छोटी डिस्को लाइट्स्स..
एक तरफ म्यूज़िक डॅन्स फ्लोर....और चारो तरफ.....केसीनो.....
बार काउंटर्स....और चारों तरफ सुंदर सुंदर कन्याए..यानी कि मस्त फीमेल्स
वेटरस्स....डिम लाइट्स्स....जिसमे बहुत थोड़ा बहुत ही दिखता है.....
सबसे बढ़िया बात ये थी...कि डॅन्स फ्लोर बीच में था..जिसके चारों तरफ सोफे
थे..आराम से बैठो..नाचो गाओ ऐश करो...
और उसके साइड एक कोने में बार काउंटर...और बाकी जगह पर...कसीनो गेम्स...
वाहूऊऊऊऊऊऊ...सबके मुँह से यही
निकलता है...
अंजलि :- मोहन भाई...वाऊ इट्स फाबुलस...
मोहन लाल :- थॅंक यू अंजलि भाभी..
बबीता :- रेआलयी मोहन भाई..हॅट्स ऑफ टू यू....
भिड़े :- मोहन भाई..ये तो कमाल है...
मोहन लाल :- थॅंक यू भिड़े भाई...अच्छा तो आप सब अंदर नही चलेंगे.....
हां बिल्कुल्ल...और सभी अंदर घुसने लगते हैं..तभी सामने से एक
लड़की आती है...और मोहन लाल के पास आके रुकती है..
गुडईव्निंग सर...
बसस्स बसस्स...सब अपने दिमाग़ को रेड सिग्नल दिखा दो..क्यूँ कि मुझे पता है
आप सब का दिमाग़ स्पीड कार की तरह कहाँ जा रहा है..में जानता हूँ यही सोच
रहे होंगे कि फिर से एक और लेटर वाली लड़की आ गई....
पोपातत्तटटतत्त...कर दिया मेने सबका हाहहहः.....मज़ाक कर रहा हूँ..
गुड ईव्निंग प्रीति........
प्रीति :- सर..आज यहाँ पर एक ड्रेस कोड है...
मोहन लाल :- हाँ मुझे पता है..तभी तो देखो...कि मैने सार जेंट्स को ब्लॅक
ड्रेस पहान्वाया है और लॅडीस को रेड..
प्रीति :- जी सर..वो तो में देख रही हूँ..बट अभी भी एक चीज़ मिस्सिंग है...
पीछे खड़े सारे लोग...ढंग से सुन समझ नही पा रहे थे..कि क्या बात हो रही है..
काफ़ी शोर हो रहा था...
मोहन लाल :- क्या मिस्सिंग है..
प्रीति :- सर ये... ...
और वो कुछ देती है मोहन लाल
मोहन लाल :- ओह्ह येस्स...ये तो में भूल ही गया...अच्छा तो सब इंतेज़ाम कर दो..
में अभी देके आता हूँ...
फिर मोहन लाल पीछे मुड़ता है और सब के पास जाने लगता है..जो ज़्यादा दूर नही खड़े
थे...
बहुत बहुत धन्यवाद आप सब का
मोहन लाल :- ओह्ह येस्स...ये तो में भूल ही गया...अच्छा तो सब इंतेज़ाम कर दो..
में अभी देके आता हूँ...
फिर मोहन लाल पीछे मुड़ता है और सब के पास जाने लगता है..जो ज़्यादा दूर नही खड़े
थे...
मोहन लाल :- देखिए आप सब को कुछ में दे रहा हूँ...
सब एक दूसरे की शकलें देखने लगते हैं..
मोहन लाल :- अरे घबराइये मत...ये लीजिए.....मास्क.....
वाऊ..बबीता के मुँह से निकलता है...
माधवी :- ऐसा कैसा है..मास्क...किस लिए..
अंजलि :- माधवी भाभी..ये मास्क पार्टी है..
दया :- मतलब
बबीता :- दया भाभी...हम सब को यहाँ मास्क पहन के रहना पड़ेगा...
दया :- ऊऊओ...
सोढी :- अरे वाहह मोहन प्रा..दिल खुश कर दिता तुस्सी.....
और फिर मोहन लाल सबको मास्क दे देता है..और सब मास्क पहन लेते हैं...
मोहन लाल :- तो..एंजॉययी........
और ये बोल के निकल जाता है..
सब हुरर्री...करते हैं...और घुस जाते हैं पार्टी में......
सारी लॅडीस तो पहुच जाती है.....डॅन्स फ्लोर पे....
एक से बढ़ के तड़कते फड़कते गाने चल रहे थे\.....
जेंट्स तो वहीं सोफे पे बैठ गये..और दे दिया ड्रिंक्स का ऑर्डर....आज थोड़ी
बहुत ड्रिंक चलती है...गोआ है भाई...
हाए आए..सारी लॅडीस तो एक से बढ़ के एक ठुमके लगा रही थी....
सबके तो लंड हिल गये...ऐसे देख के....
हाई बबीता के वो झटके.....क्या बात है..उसकी गान्ड तो ऐसे ठुमके मार रही थी..
की जेठालाल के तो पसीने ही निकल गये..एक तो इतनी बड़ी गान्ड...उपर से इतनी टाइट
फिटत्टिंग वाली ड्रेस.....दबोचने का मन कर रहा था..जेठालाल का तो...
वैसे तो सबका बुरा हाल था...
अंजलि कम ठुमक रही थी...अपनी कमर खूब हिला रही थी.हाए उसकी वो पतली कमर
एक दम मस्त लग रही थी ठुमकते हुई...अंधेरे की वजह से सॉफ
तो नही दिख रहा था..कि क्या ज़्यादा हिल रहा है..लेकिन सबके बूब्स तो ऐसे हिल रहे
थे..जैसे अभी बाहर आ जाएँगे......
इधर ड्रिंक्स सर्व होनी शुरू हुई..
सबने चीर्स्स करा.......और गटक....गले के अंदर...पहला सीप..
सोढी :- अरे मेहता साब...मज़ा आ गया यार.....
तारक :- हाँ भाई..लेकिन बीवियों से सिर्फ़ लिमिट में करने की इज़ाज़त मिली है..
भिड़े :- वो तो ठीक है..लेकिन अप्रतिम नज़ारा है यहाँ का
जेठालाल :- सही बोला भिड़े तू...यहाँ का महॉल तो बहुत ही गरमा गर्म है..
और ये बोलते हुए वो अईयर को देखता है..
अईयर की तो गान्ड ही सुलग जाती है.....
सभी चियर्स करते हैं..और एक सिप्प और.....सबका पहला ग्लास खाली....सभी मज़े में
आ गये थे...
तारक :- चलो यार हम भी चलते हैं..अपनी अपनी वाइफ को जाय्न करते हैं..
सोढी :- मेहता साब...एक और ना..प्लीज़..
भिड़े :- हाँ मेहता साब..
तारक :- देखो भाई याद है ना पिछली बार का किस्सा.....अभी चलते हैं..फिर आके लगाएँगे
एक एक और पॅक...
सभी हामी भरते हैं..और घुस जाते हैं...लॅडीस के साथ...
सभी ठुमके लगाने लगते हैं...सब अपनी अपनी बिबीयों के साथ डॅन्स करने लगते
हैं.....अंधेरा का फ़ायदा उठाना कोई चाहता था...और वो इसमे कामयाब भी हो रहा
था...जी हाँ.....
हमारे सोढी पाज्जी..तो नशे में आ चुके थे....एक ही पॅक में..वो तो जी
खोल के नाच रहे थे....और इसको झेलना था..सोढी के बगल में खड़ी दया को...
जी हाँ..सोढी हाथ चला रहा था..जो दया की गान्ड और उसके पीछे शरीर पे खूब कस
कस..के टच हो रहे थे.....दया को थोड़ा अजीब लगा..लेकिन वो कुछ बोल नही सकती थी..
क्यूँ कि उसे पता था..कि सोढी डॅन्स कर रहा है....और उसने जान बुझ के नही किया
है ये सब.....
कहानी लाइक करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद