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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

फिर रोशन की राइट साइड से निकलती हुई...ऑरेंज कलर की बिकनी में......बाल तो बँधे

हुए थे..इसलिए उसने अपने चेहरे पर से पानी हटाते हुए....गोरा बदन...

ऑरेंज कलर उसपे बहुत जच रहा था....आवरेज बूब्स...और फुल्ली कवर्ड

थी अपनी ब्रा के अंदर.....लेकिन उसके बूब्स के निपल ब्रा के उपर से क्लियर्ली

दिखते हुए.....पतली कमर...के साथ नीचे गोरी गोरी जांघे...और एक ऑरेंज

पैंटी..जिसमे उसकी चूत की शेप दिख रही थी......

जो सबसे ज़्यादा शरमा रहा था बिकनी पहनने में...उसी के चेहरे पे एक गजब का

कॉन्फिडेन्स था...कोई बोल ही नही स्कता था कि ये दया है....

गोकुलधाम की 3 एक से एक खूबसूरत औरत ने अपने जलवे दिखा दिए थे...

अब बची थी इस सोसायटी की 3 मोस्ट ब्यूटिफुल..हॉट और सेक्सी लेडीज़........

दूसरी तरफ से....सोसायटी की सबसे छोटी..मगर सबसे बड़ी खोती....पानी के नीचे

से बाहर आती हुई.....उसने भी अपने हाथ अपने बालों पे लगाए...और पीछे करती

हुई बाहर निकली.......वाहह क्या कातिल जिस्म है..एक दम दुबला पतला....शरीर

के किसी भी अंग में मास नही था.....पिंक कलर की बिकनी में लाजवाब लग रही थी..

छोटे छोटे उसके बूब्स उसकी गीली ब्रा में चिपकी हुई थी....इतनी पतली ब्रा थी उसकी

कि उसके बूब्स हल्के से दिखाई दे रहे थे...

उसके नीचे वैसी ही छोटी सी पैंटी जो स्ट्रिप्स वाली थी...उसमे उसकी बस चूत की जगह

कवर्ड थी..बाकी का उसका गोरा बदन...कहेर ढा रहा था.....

खुद वो भी यही चाहती है..ठरकन साली.....

रीता के राइट साइड से निकलती हुई......उफफफफफफफफ्फ़.....इतनी हॉटनेस से तो समुंदर का

ठंडा पानी भी गरम हो जाए.....गोरा..अति सुंदर...जिस्म.....

पतली कमर....अपनी डाइयेट का ध्यान रखने वाली.....अंजलि जब बाहर आई....तो मानो एक गरम

लोहे को ठंडे पानी में डाल दिया हो......इतनी हॉट लग रही थी....

\

अपने हाथ से फेस पे से पानी को सॉफ करते हुए बाल को पीछे ले जाती हुई..

अपनी आखें खोल के सामने देखती हुई.......

क्या ग़ज़ब की लग रही थी वो अपनी ब्लॅक और बहुत ही सेक्सी बिकनी में.....

डोरी वाली ब्रा.....जिसमे से उसके खूबसूरत बूब्स...आधे से ज़्यादा बाहर दिखाई

देते हुए.....डीप क्लीवेज़ के साथ....उसके नीचे उसका गोरा सुंदर पेट...

और उसके नीचे....ओह्ह्ह.....क्या सुंदर डोरी वाली पैंटी....बॅस इतनी बड़ी..कि अपनी

चूत को भूके शिकारीओं से बचा सके......बगल में उसके नंगी गोरी सॉफ्ट

बेहद कोमल टाँगे......एक ग़ज़ब की लग रही थी.........

 
इतना सुंदर बदन..और उसपे ब्लॅक कलर की बिकनी...वाहह....क्या सुंदर और

सेक्सी कॉंबिनेशन था.....पानी की बूँदे उस कोमल शरीर पे फिसल रही थी....

]

थोड़ी देर इन लॅडीस से ध्यान हटा लेते हैं...हटा तो नही सकते...पर फिर थोड़ी

देर के लिए..जेंट्स के पास चलते हैं....

अच्छा.....तो इसकी वजह से सबके मुँह खुले थे......

जेठालाल की शक्ल पे तो ऐसा लग रहा था..कि वो किसी को खोज रहा है..

हाँ जी खोजेगा ही....उसकी प्यारी...उसकी क्या..हम सब की प्यारी बबीता निकली कहाँ है

इस समुंदर के अंदर से......

तभी जेठालाल का बॅक ग्राउंड...म्यूज़िक.......आ.ईईई....छो.र......ई........

इसका मतलब यही है..कि वहाँ कुछ हो रहा है.......

चलीए एक बार फिर चलते हैं..समुंदर में....

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पानी की आवाज़ आई ......और जब उसमे से बबीता बाहर आई..

तो ऐसा लगा जैसे कोई समुंदर की जल परी बाहर निकल रही हो.....

उफफफफफफफफ्फ़.... क्या कमाल की लग रही थी...रेड बिकनी.....मे...बाहर आके उसने

चेहरे पे आए हुए बाल गर्दन के झटके से पीछे लिए...और अपने हाथ

से उन्हे पीछे करते हुए...अपने हाथो को उपर कर के...अपने सीने को तान

के खड़ी हो गई......

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एक तो दूध से ज़्यादा उसका गोरा रंग उसपे रेड कलर की लेसी छोटी सी

ब्रा....जिसमे से उसके बड़े बड़े...शायद बड़े शब्द भी कम पड़ जाए उसके

बूब्स के लिए.....उसके हुगी बूबसस.....फँसे पड़े थे...

उसका डीप क्लीवेज़ इतना गहरा और इतना बढ़िया था..कि दूर से ही दिख रहा था..

लेसी ब्रा की वजह से उसकी ब्रा भी एक पतली डोरी से बँधा हुआ था.....उसके नीचे

उसका सुंदर कोमल पेट...और उसकी नीचे उसके हेवी आस के साथ हेवी जांघे..

उसकी पतली सी डोरी वाली रेड पैंटी..जिसमे उसकी चूत बहुत ही शानदार लग रही थी...

हेवी थाइस....पे पानी ठहरने का नाम ही नही ले रहा था....इतनी कोमल और

इतनी सुंदर थाइस थी बबीता की....

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धूप की रोशनी में इन सब का बदन चमक रहा था....बहुत सुंदर...

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सारी लॅडीस एक ही लाइन में खड़ी थी..........और अब धीरे धीरे हाथ कमर पे रख

के आगे बढ़ रही थी...उनके चारो तरफ समुंदर में लोग मज़े कर रहे थे..

लेकिन इधर जेंट्स का तो हिल गया था........

दोनो दिमाग़ और उनका लंड भी...दिमाग़ में तो गाना बजने लगा...

धूऊऊऊऊम्म्म्मममम मचाले धूम मचाले धूम...

नीचे उनके कॉस्ट्यूम के अंदर तंबू बन गया था....और वो अपनी फटी आँखों

से सामने देख रही थी...सबने अपना लंड कॉस्ट्यूम के उपर से ही अड्जस्ट किया...

और उनके कदम खुद ब खुद आगे बढ़ने लगे......

अब आप सब सोच रहे होंगे...कि जेंट्स का नीचे बना हुआ तंबू..अपनी अपनी

बीवियों को देख के हुआ है.....यही सोच रहे हैं ना....या फिर ये सोच रहे हो.

कि उनका लंड दूसरों की बीवियों को देख के खड़ा हुए है....यार जब

में बता रहा हूँ..तो क्यूँ अपना दिमाग़ लगाते रहते हो.....कसम खा ली

है मेरी बात ना मानने.. की........

सिंपल है यार तंबू तो बनेगा ही..जब एक से बढ़ एक अपनी जवानी का

जलवा दिखाएँगी तो..इसमे क्या फरक पड़ता है..कि वो खुद उसकी बीवी है

या फिर दूसरे की.....

सार जेंट्स आगे बढ़ रहे थे..उधर से लॅडीस भी आगे आ रही थी....

किसी की नज़र आपस में नही थी...ठीक सामने थी सामने..

2 मिनट चलने के बाद सारी लॅडीस और सारे जेंट्स आमने सामने थे.....

बबीता के ठीक सामने खड़ा था जेठालाल.....तारक के सामने खड़ी थी...

उसी की बीवी कोयिन्सिडेन्स....अंजलि.....दया के सामने खड़ा था सोढी....

रोशन के सामने खड़ा था भिड़े...भिड़े की तो निकल पड़ी..और माधवी के

सामने खड़ा था..अईयर...सिर्फ़ रीता ही थी कि उसके सामने कोई नही था...

सबसे पहले हमारे सोसायटी के एक मात्र सेक्रेटरी बोलते हैं..

भिड़े :- माधवी....क्या बात है..तुम तो..एक दम कमाल की लग रही हो..

माधवी :- क्यूँ...अभी तो बड़े गौर गौर से गोरी नंगी लड़कियों को देखने

में मज़ा आ रहा था आपको..

भिड़े का तो बॅक जी.म्यूज़िक ही बज जाता है....भिड़ेईई...

उसकी शक्ल पे तो हवाइयाँ उड़ जाती है..

भिड़े :- नही..नही..माधवी...तुम्हे ये किसने कहा..

माधवी :- रहने दो...

सोढी :- वैसे भिड़ू ग़लत बात है ये...तुझे ऐसा नही करना चाहिए था..

रोशन :- मिस्टर सोढी..आप तो बड़े भोले बन रहे हैं..उधर उस लड़की के साथ

बैठ के ड्रिंक कर रहे थे वो क्या..

बक्कक ग्राउंड म्यूज़िक... ऊ पपाजी....

सोढी :- ओ तेरी की..तुझे कैसे पता चला रोशन..

अईयर :- बहुत...ग़लत बात है सोढी....तूने ड्रिंक करी..वेरी बॅड..

बबीता :- इतना होशियार बनने की कोई ज़रूरत नही..है..तुम भी तो चस्मा उतार

उतार के इधर उधर देख रहे थे..हाँ....

बॅक ग्राउंड म्यूजिकह.....आऐएययूऊऊऊओ.......

अईयर बबीता को समझाने लगता है...उधर..

 
जेठालाल तारक के कान में....मेहता साब..लगता है..इन लोगों ने हमारी सारी

हरकत देख ली है....हमे बात को बदलना पड़ेगा नही तो अब अगला नंबर. हमारा ही

होगा...

तारक :- सही बोल रहे हो जेठालाल...में अभी कुछ करता हूँ.....

तभी तारक बोल पड़ता है..

तारक :- वैसे मानना पड़ेगा...आप सब तो इतने अच्छे लग रहे हैं कि बॅस.

बहुत अच्छे..और अंजलि तुम..वाह क्या बात है...तुम्हारी ये ब्लॅक कलर की बिकनी तो बहुत ही

बढ़िया लग रही है...आज क्या करने का इरादा है..

अंजलि शरमा जाती है...धत्त तारक आप भी ना..कहीं भी शुरू हो जाते हैं..

जेठालाल अपने मन में...हस्स्स्स्शह..बचा लिया...

वैसे बबीता जी..आप तो नूर की परी लग रहे हो....लेकिन अभी नही आपकी तारीफ

बाद में करूँगा....सोचते सोचते जेठालाल की एक छोटी सी स्माइल आ जाती है..

उसकी नज़र अभी भी..बबीता जी पर ही थी..

बबीता जेठालाल को ऐसे हंसते हुए देख लेती है...और अपनी गर्दन हिलाती है..

जैसे उससे पूछ रही हो..कि ऐसे मन ही मन क्यूँ मुस्कुरा रहे हो...

तो जेठालाल ने अपना हाथ उठा के...इशारा किया....कि मस्त लग रहे हो आप..

बबीता शरमा की हंस देती है..और अपनी गर्दन हिला देती है...

टप्पू के पापा..में कैसी लग रही हूँ..दया बोल पड़ती है....

जेठालाल सकपकाता हुआ...दया की तरफ देखता है....

जेठालाल :- दया..दयाआ...तू तो एक दम मस्त लग रही है....तुझे आज बिकनी

में देख के तो बस मज़ा ही आ गया..मुझे पता नही था..कि तू इतनी

सुंदर लग सकती है...

दया शरमाते हुए...क्या आप भी टप्पू के पापा....

तभी...

पीछे से मोहन लाल आ जता है अब्दुल के साथ......

मोहन लाल :- अरे आप सब बातें भी करते रहोगी..कि समुंदर के मज़े भी लोगे

चलो चलते हैं अंदर...

सभी हाँ में हामी करते हैं..और चल देते हैं अंदर.....

 
चलीए टाइम को थोड़ा फॉर्वर्ड कर देते हैं.....करीब 30 मिनट के बाद...

सीन कुछ बदल गया था...

समुंदर में रोनक पूरी बनी हुई थी...कुछ लोग समुंदर की लहरों से मज़े

ले रहे थे....कुछ वहाँ बॉल से खेल रहे थे...कुछ सामने चेयर पे लेट

के धूप के मज़े ले रहे थे......

कुछ वहीं खड़े गप्पे मार रहे थे.......

चलिए हम अपने सोसायटी के मेंबर्ज़ को भी ढूँढ ले..कहाँ कौन मज़े ले रहा है

हाँ तो जी एक कोने में खड़े थे.....माधवी और भिड़े...

और दूसरी तरफ...अरे ये क्या...रूकिए दूसरी तरफ मत जाइए...इधर तो

माधवी और भिड़े में कुछ गड़बड़ी चल रही है...चलीए ज़रा ज़ूम कर के

देखते हैं.....कि आख़िर कर क्या हो रहा है...

माधवी.....माधवी......ऐसा कुछ नही है...वो तो बस ऐसे ही...भिड़े माधवी से

माफी जैसा माँग रहा था.

इसका मतलब ये था कि माधवी अभी भी उस बात पे नाराज़ थी....

माधवी :- मुझे कुछ नही सुनना....

भिड़े :- माधवी..तुम्हे लगता है..कि में ऐसा हूँ..में तुम्हारे अलावा किसी और

को देख सकता हूँ...में एक शिक्षक हूँ ...

माधवी :- बड़े आए शिक्षक वादी... मुझे पता है आप क्या कर रहे थे...

 
दोनो समुंदर के अंदर खड़े थे..पानी उनकी कमर के उपर तक था...

भिड़े आग बढ़ा...और माधवी का हाथ पकड़..के सीधे अपने लंड पे रख दिया...

माधवी ऐसे अचानक से हुए से हमले से कांप गई.....

माधवी :- ये क्या कर रहे हैं आप...

भिड़े :- देखो माधवी इसे.....तुम्हे देखने के बाद ही ये ऐसी हालत में आया है..

तो तुम खुद सोचो..कि में किसी को देखूँगा..तुम्हे ही ना..

और सब तो ऐसे ही है..में तो बॅस ये देख रहा था..कि उन पर वो कपड़े

कैसे लग रहे हैं....

और माधवी के हाथ को पकड़ के अपने लंड पे थोड़ा कस के दबा देता है...

माधवी के पूरे शरीर में एक करेंट सा दौड़ जाता है..उसका गुस्सा थोड़ा शांत

हो जाता है..

माधवी :- सबके सामने यहाँ क्यूँ कर रहे हैं..कोई देख लेगा..आराम से रूम में

करेंगे..

भिड़े :- माधवी कोई नही देखेगा.....वैसे भी गोआ है ये..किसी को कोई फ़र्क नही पड़ेगा..

फिर भिड़े माधवी के बेहद करीब आ जाता है...

और अपना हाथ नीचे से..माधवी की चूत पे रख के उसे दबा देता है..

माधवी :- सस्स्सिईइ..क्या कर रहे हैं आप.....आअहह...

भिड़े ने नीचे से अपनी उंगली चूत के उपर पैंटी के उपर से चलानी शुरू कर

दी...

माधवी की तो सिसकियाँ निकलने लगी..आहह..ओह्ह्ह...याआहन..मत..करिई..

प्लस्सस्स्सस्स....

जिस जगह ये दोनो खड़े थे..वहाँ लोग बहुत कम थे...और वो भी अपनी मस्ती में

थे..इसलिए किसी का ध्यान नही गया....

तभी

 
तभी भिड़े माधवी के पीछे आ गया...

माधवी :- आप क्या करने वाले हो...

भिड़े माधवी की आस को पीछे से सहलाता हुआ..

माधवी :- आहह....मत कीजिए ना.आ.....

और अचानक...भिड़े माधवी की बिकनी को नीचे करके...उसकी आस को पानी के नीचे

नंगी कर देता है...

माधवी एक दम से चौंक जाती है...नही...यहाँ नही...माधवी चिल्लाति है..

भिड़े :- माधवी शांति रखो ना थोड़ी सी...

तुम्हे पता नही है..मेरे लंड की हालत कितनी खराब हो चुकी है..तुम्हे

देखने के बाद...जब तक तुम्हारी ये चूत में नही जाएगा ना..तब तक

मुझे शांति नही मिलेगी..

माधवी :- क्या बात करते होजी...खुद सोचो सबके सामने...आहह....

माधवी के मुँह से ये सिसकी इसलिए निकली..कि..भिड़े ने अपना कॉस्ट्यूम उतार के..

माधवी की चूत पे लंड लगा दिया था..

भिड़े :- कुछ मत बोलो माधवी....बस अब मज़े लो...यहाँ कोई देखेगा नही.

इसलिए में तुम्हे यहाँ लेके आया था...

माधवी :- नही रूकिए प्लस्ससस्स...आअहहूऊओ....

भिड़े ने हल्का सा झटका मारा..तो उसका कुछ हिस्सा लंड का चूत के अंदर

चला गया..

भिड़े :- माधवी ऐसे तो डालना थोड़ा मुश्किल है..तुम हल्का सा झुक जाओ.

माधवी :- अब पागल हो गये हैं क्या...कोई भी देख लेगा तो उसको पता चल

जाएगा..

भिड़े :- अरे बाबा..ज़रा सा झुको..एक बार अंदर डाल दूँगा...तो फिर सीधी

हो जाना...

माधवी इधर उधर देखती है..जितने भी थे..सब अपने में ही मस्त थे..

इसलिए वो हल्का सा झुक गई..

और भिड़े ने वक़्त ना गँवाते हुए....एक ज़ोर का झटका मारा....और उसका पूरा लंड

माधवी की चूत के अंदर..

 
माधवी :- आअहह...उःम्म्म्ममम.....उसकी आवाज़ घुट गई...क्यूँ कि भिड़े

ने अपना हाथ उसके मुँह पे रख दिया...

भिड़े :- माधवी ज़रा आराम से..कोई सुन लेगा..

माधवी :- अहह..क्या आराम से....इतनी तेज़ धक्का मारा आपने..की बॅस मेरी तो जान

ही निकल गई थी..

भिड़े :- अच्छा अच्छा..अब ज़रा काम में लग जाए..

माधवी :- हूऊ..आ.आ.ह.ह.....ऊ....

भिड़े ने झटके मारने शुरू कर दिए थे......

पानी की छपाकककककककककककक.....आवाज़ें आ रही थी..जब भी भिड़े माधवी की

चूत में अपना लंड अंदर करता और फिर बाहर कर लेता...

आहह ओह्ह.....और तेज़्ज़्ज़.ज़्.....बहुत...बढ़िया लग रहा है....माधवी बोले जा

रही थी...

भिड़े तो मदहोशी में जा चुका था...वो नीचे बैठ के हल्का सा उपर

उठता और..सीधा लंड चूत के अंदर...उसको बहुत मज़ा आ रहा था..

आईए अंकल...यहीं पे शुरू हो गये....ये आवाज़ पड़ते ही..दोनो मदहोशी

से बाहर आए....उनकी गर्दन लेफ्ट साइड पलटी..

तो वहाँ एक 20 या 21 साल का लड़का खड़ा था...और उन्हे ही देख रहा था..

एक बार तो दोनो की फट गई..

फिर भी भिड़े बोला..

भिड़े :- आई अंकल किसको बोला..

लड़का :- आपको..

भिड़े :- में..तुझे अंकल दिखता हूँ..

लड़का :- और क्या..अंकल..आपको शरम नही आती..एक इतनी सुंदर लड़की के साथ

यहाँ ये सब कर रहे हो..

माधवी उस लड़के के मुँह से अपनी तारीफ सुन के बहुत खुश हो गई....

भिड़े :- अबे तू रुक में तुझे बताता हूँ..तूने मुझे अंकल कहा...

भिड़े गुस्से में बोलता है..

लड़का डर जाता है..और भागता हुआ बोलता है..अभी यहीं रूको बुला के लाता हूँ

किसी को..और दिखाउन्गा कि देखो ये क्या कर रहे हैं..

इस बात से माधवी डर जाती है..

माधवी :-आ आगू...हटो..वो किसी को बुला लाया तो गड़बड़ हो जाएगी..

भिड़े :- ये क्या है माधवी..कुछ नही होगा...तुम रूको तो सही..

और फिर भिड़े धक्के मारने लगता है..माधवी की सिसकियाँ निकलने लगती है...

आहहह ओह्ह्ह्ह...जलदीडिडीडी..कीजेय...आअहह...

छापकक्ककक..पानी की आवाजो से पता चल रहा था.कि धक्के कितनी तेज़ हो गये

हैं...

तभी भिड़े बोला..माधवी मेरा निकलने वाला है..

माधवी मेरा भी आहह उफफफफफफफफफफफफ्फ़..ओह..

में तो गई...और माधवी झड जाती है...

भिड़े...आअहह माधवी..ओह्ह्ह..तेरी चूत्त तो अप्रत्तीम्म्म्म है.आहः..

में भी..अहहह...और माधवी की चूत के अंदर ही पानी छोड़ देता है..

और माधवी से अलग हो जाता है..और अपनी कॉस्ट्यूम उपर कर लेता है..

माधवी भी पानी के अंदर हाथ डाल के पैंटी उपर कर लेती है..

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