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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

रोशन :- आइ आम कमिनग्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज....म कुम्मींगगगगग..

आअहह..उूुुुुुुुुुुउउ....करते हुए रोशन....रीता के

हाथ के उपर ही..अपनी पीठ को हवा में उठा के झड गई....

और लगातार 3 झटके खाने के बाद...अपना सारा रस....बाहर निकाल देती है.....

रीता अपनी उंगली को बाहर निकालती है...

और सीधा मुँह में डाल के चाटने लगती है.....और पूरी चाट लेती है....

रीता :- वऊओ..रोशन भाभी..यू हॅव वेरी लव्ली टॅस्टी.....और एक वाइल्ड

सिडिक्टिव स्माइल दे देती है............

उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ इन लोगों के कमरे ने तो मेरा बुरा हाल कर दिया..साला

इतना हॉट..कि मेरा भी खड़ा हो गया....

.इधर से चलो बाबा...दूसरे कमरे में..

नही तो यही निकल जाएगा..हहहहहाहा....अपना उससे शांत करने के लिए

चलो दया और अंजलि के पास चलते हैं..क्या पता..वहाँ कुछ शांति

मिल जाए......

चेंजिंग रूम 1....

दया और अंजलि.....

ह्म चलो यहाँ अभी तक कुछ चालू नही हुआ..उफफफ्फ़....नही तो पहले वाले

ने पसीने निकाल दिए थे...

बस यहाँ ये हुआ था..कि अंजलि अब पूरी तरह नंगी हो चुकी थी....

उसकी मस्त कोमल पतली सी कमर...पतले पतले गोरे गोरे पैर..और

उसके बीच में बहुत क्यूट सी छोटी से बिना बाल की चूत.....और बूब्स तो उसके

हैं ही..एक दम रापचिक...

दया ने अपनी बिकनी नही पहनी थी..इसलिए वो अभी तक नंगी ही खड़ी थी...

दया :- अंजलि भाभी..अपने तो पूरे सफ़ा चट बाल सॉफ कर रखे हैं..

अंजलि शरमाते हुई...हाँ वो तारक को ऐसे ही पसंद है..

दया :- ओहू क्या बात है....

और दया आगे बढ़ते बढ़ते बोलती है...

और पता नही उसके मन में क्या आता है..सीधा अपना हाथ ले जाके

अंजलि चूत पे दे मारती है...

अंजलि :- उफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़......दया भाभी.....

दया :- सॉरी अंजलि भाभी..

लेकिन दया को पता नही क्या हो जाता है...वो अपना हाथ इस बार ले जाके.

बड़े प्यार से अंजलि की चूत को सहला देती है...

अंजलि :- आआअहह दया भाभी....

और अपना हाथ दया के शोल्डर्स पे रख देती है...

दया :- अंजलि भाभी..कितनी कोमल है ये आपकी छोटी सी चूत...

अंजलि :- दया भाभी..ये अपने क्या कर दिया.....मत छूओ..नही तो मुश्किल

हो जाएगी मेरे लिए...

दया :- सॉरी अंजलि भाभी..लेकिन बड़ा अच्छा लगा छू कर ..इसलिए दुबारा

छू दियाअ....अब नही छूउंगी...

 
लेकिन अब एक बार भूके भेड़िए के आगे मास लाके रख दोगे..तो क्या

वो बिना खाए मानेगा...यही हाल अंजलि के साथ भी हुआ...

उसे तो बस एक टच की ज़रूरत थी...और उसका नतीजा अब पता नही क्या होगा

क्या पता वो भूकि भेड़िया बन के..दया को ही ना चूस ले...

दया अंजलि की तरफ देखती है...अंजलि की आँखें बंद थी...

दया :- क्या हुआ अंजलि भाभी...

अंजलि :- दया भाभी....आब...प्लीज़ एक बार और छू लीजिए ना..

दया अंजलि की बात सुन के चौंक जाती है...

लेकिन फिर उसका भी मन था छूने का इसलिए वो फिर से रख देती है अंजलि की चूत पे

हाथ..............

अंजलि :- सस्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईइ......अहह ..

दया अपना हाथ चूत पे से हटा ही रही थी...कि अंजलि उसका हाथ पकड़ के चूत

पे दबा देती है...

अंजलि :- उफफफफफफफफफफफफ्फ़...आहहहहहह..

दया :- अंजलि भाभी...ये आप...

अंजलि अपनी एक उंगली दया के लिप्स पे रख देती है....

अंजलि :- कुछ मत बोलो दया भाभी....आज जेठा भाई की जगह में आपको खुश

करूँगी..और तारक की जगह आप मुझे..

दया :- हीययययी......म*******************ई..... अंजलि भाभी..ये आप क्या बोल रही हैं..

हम ऐसा कैसे कर सकते हैं....और वैसे भी हमारे पास उनके जैसा वो थोड़ी है..

अंजलि :- हहेहेहहेहीः...दया भाभी आप भी ना कितनी भोली है....उसके बिना भी

हम कर सकते हैं...आप बस देखते जाओ...

फिर अंजलि अपना हाथ ले जाके दया की चूत के रख के...उसको मसल देती है..एक

बार हल्के से..

दया :- सीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसी....आहहूओ अंजलि भाभी...

अंजलि :- दया भाभी...आपको कुछ अलग महसूस हुआअ..

दया कुछ नही बोलती...और अंजलि का हाथ प्कड़ के अपनी चूत पे और खास

के दबा देती है.....इससे अंजलि को ग्रीन सिग्नल मिल जाता है.....और अंजलि

अपने हाथ से दया की चूत को सहलाने लगती है...

और दया अंजलि की चूत को सहलाने लगती है...

दोनो आआहहहह..उउउहह...कर रही थी...

दोनो की चूत में से रस रिसने लगा था......

ओहूओ...यहाँ तो मेने सोचा था कि कुछ हालत सही होगी..लेकिन हालत और

खराब हो गई है.....और अब वैसे भी तीसरे कमरे की बारी है....और वहाँ तो

सब जानते हैं कि क्या हालत हो रखी होगी.....ऊफ़ो..मुसीबत ही मुसीबत है...

बट जाना तो पड़ेगा ही...

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लेट्स मूव ऑन टू चेंजिंग रूम नंबर. 3

चलिए अंदर के हालात का जायेज़ा ले लेते हैं.....

ओहूऊऊ.....अंदर का हाल तो में बता ही नही सकता....

आप सब और में पागल हो जाएँगे देख के......

चलीए में पागल कर देता हूँ आप सब को कोई नही...

अंदर तो भाई.....वाहह...यहाँ तो गाड़ी बहुत आगे बढ़ चुकी है.

दोनो एक से बढ़ कर एक माल जो हैं....

अभी बोलने की हालत नही है..कि दिमाग़ लगाओ....

अंदर दोनो 69 पोज़ीशन में लेटी पड़ी थी...अफ क्या नज़ारा है...

नीचे लेटी थी..बबिता..और उसके उपर माधवी.......

बबीता ने माधवी की चूत के दोनो लिप्स अपनी उंगलियों से खोल रखे थे

और अपनी जीभ निकाल के उसे भरपूर चूस रही थी...जैसी कोई जुवैसी आइस क्रीम

हो....खैर जुवैसी तो बहुत थी..लेकिन आइस क्रीम की जगह चूत थी....

बबीता तो पूरी जान से...अपनी टंग से चूत में फक्किंग कर रही थी...

माधवी :- अओुआऔआहहहहहहहहा ओउुुुुुुउउ...आबबाताजिी...

इस वक़्त माधवी से रहा नही जा रहा था....इसलिए उसने ये आवाज़ निकाली...

बबीता रुकी और माधवी से बोली...माधवी भाभी...आराम से नही तो बाहर को सुन लेगा..

माधवी :- कोई नही बबीता जी.......लेकिन मुझसे सहन नही हो रहा...इससे ज़्यादा मज़ा

चूत चटवाने में मुझे आज तक नही आया...

बबीता के फेस पे एक वाइल्ड स्माइल आ जाती है.......

और फिर अपने वर्क पे लग जाती है....उधर माधवी की ओर देखे....

तो उसने बबिता की बड़ी सी चूत को अपने दोनो हाथो से बहुत ज़्यादा वाइड कर दी थी.

बबीता के अंदर की रेड रेड चूत अंदर तक देखी जा सकती थी...

 
उधर माधवी की ओर देखे....

तो उसने बबिता की बड़ी सी चूत को अपने दोनो हाथो से बहुत ज़्यादा वाइड कर दी थी.

बबीता के अंदर की रेड रेड चूत अंदर तक देखी जा सकती थी...

माधवी ने अपना मुँह लगा ही दिया...और पागलों की तरह चूसने लगी...

बबीता की गीली हो रखी चूत का रस..इधर उधर ज़मीन पर गिर रहा था.

माधवी ने अपनी टंग निकाल के चूत के दाने को सक करने लगी..उसे

बुरी तरह चूसने लगी.....सस्स्स्सुसपप्प्प्प्प्प्प्प्प....ऐसी आवाज़ें आ रही थी..

उधर बबीता रुकी नही.....वो माधवी की चूत को चाटते ही जा रही थी...

उःम्म्म्मम....उंगघह ऐसी आवाज़े निकल रही थी..उसके मुँह से

क्यूँ कि उसका मुँह चूत के अंदर जो था..माधवी की.........माधवी की चूत

का रस..बबीता के पूरे फेस पर..लग रहा था..

माधवी :- आअहह बबिता.....ऊहह उफफफफफफफफ्फ़...

आइईईईई....बबिता जी....मेरा निकलने वाला

है....ओह.....

तभी बाहर उनके गेट पे किसी का नॉक होता है..........

दोनो एक दूसरी की चूत पे से मुँह हटाते हैं..और गेट की तरफ देखते हैं....

दोनो की हालत खराब हो जाती है..माधवी को तो गुस्स्सा आता है..लेकिन वो भी डरी

हुई थी..

बबीता :- माधवी भाभी..में चेक करती हूँ..आप टेन्षन मत लो..

बबीता गेट के पास जाती है...और गेट को खोल के सिर्फ़ अपनी मुन्डी बाहर निकालती है..

बबीता की साँसें रुकी होती है एक पल के लिए क्यूँ कि उसके मन में ये चल रहा था

कि कहीं किसी ने हमारी आवाज़ ना सुन ली हों.....

बबीता गेट खोलती है...और बाहर.......रीना खड़ी होती है..

बबीता अपनी साँस छोड़ती हुई..

रीना :- माँ....हो गया??

बबीता :- बॅस वी आर रेडी...जस्ट 2 मिनट..

और गेट बंद करने लगती है..

लेकिन आवाज़ों से तो ऐसा नही लगता कि जल्दी फिनिश हो जाएगा....रीना के ये बोलने से

बबीता फ़ौरन गेट खोलती है..और उसकी तरफ देखती है...

रीना :- माँ..आप दोनो की आवाज़ बाहर तक आ गई....और एक सेडक्टिव सी स्माइल देती है..

बबीता सुन्न हो जाती है....

 
बबीता :- लेकिन ..

रीना :- मॅम...आपकी पहले ही आवाज़ आ गई थी मुझे...उसके बाद मेने की होल

में से आप दोनो मेडम को मज़े करते देखा..तब से मेरा बुरा हाल है...

और जब अब अंदर से इतनी बुरी तरह आवाज़े आई..तो मुझसे रहा नही गया..

बबीता उसकी तरफ आँखे फाड़ के देख रही थी...

बबीता :- तो....बबीता इतनी ही बोल पड़ती है...

रीना :- कॅन आइ जाय्न यू मेडम....

बबीता की आँख और ज़्यादा फट जाती है..लेकिन उसके मन में ये डर था..कि कहीं

इसको मना कर दिया...और इसने किसी से कह दिया तो....इसलिए वो अपनी गर्दन

हामी में हिला देती है....और गेट को और खोल देती है.....

रीना अंदर आ जाती है.....और माधवी रीना को देख के डर जाती है..

और अपने कपड़ों से अपने आप को छुपाने लगती है....

बबीता :- माधवी भाभी..दारू मत.....

और फिर माधवी भाभी..को सारी कहानी बता देती है...

ओहूओ ये दोनो कम थी क्या...जो ये भी आ गई..अब यहाँ थोड़ी देर

और रुका..तो मेरा तो पोस्टमार्टम हो जाएगा.....

तो पहले चलते हैं..दुबारा से..चेंजिंग रूम नंबर 2 पे..

रोशन और रीता के पास...

ह्म्‍म्म्म..दोनो की पोज़ीशन बदली पड़ी थी......दोनो खड़ी थी अब....

लेकिन कार्यकरम जारी था...

दोनो अभी भी बुरी तरह से एक दूसरे के लिप्स को चूस रही थी..

दोनो के बूब्स आपस में चिपके पड़े थे...और पूरी तरह दबी हुई थी...

और नीचे दोनो की दो दो उंगलियाँ..एक दूसरी की पूरी तरह भीगी..हुई चूत में

अंदर बाहर हो रही थी....फ़च्चछचह....

फ़च्चह...आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी ....

 
दोनो के मुँह से उनकी सियकियाँ एक दूसरे के गले में ही घुट रही थी...

उहमम्मघह..उंमगगगघह...बस ऐसी अजीब सी

साउंड निकल रही थी...

लिप्स...किस्सिंग..या बोले तो एक वाइल्ड फ्रेंच किस्सिंग जारी थी.....दोनो के चेहरे पे

एक दूसरे का थूक लगा हुआ था.......और नीचे चूत में...उंगलियाँ

अंदर बाहर हो रही थी..दोनो की चूत में से उसका रस पानी की तरह बह रहा था.

और नीचे फ्लोर पे गिर रहा था.....दोनो की टाँगे कांप रही थी...

फिर उपर से उनकी लिप्स किस्सिंग बंद हुई..शायद अब उनसे सहना मुश्किल हो गया था.

दोनो मोन करना चाहती थी...और हुआ भी यही...

रोशन अपनी उंगलियाँ रीता की चूत में चलते हुई...अहह ओह्ह्ह्ह..

रिताआआअ....ह्म्‍म्म्मममममम..उूुउउइई ई माआ...उफफफफफफ्फ़....

बावाा........

रीता अपनी उंगलियाँ रोशन की चूत में चलते हुए....आआऔहह.

रोशान्ंनणणन् मेर्र्ररी जानं...उफफफफफफफफफफफफफफ्फ़.....आअब्ब्ब मुझसे.

सहा आ नही जा रहा...आइ म कुमिन्गगगगगगगगगगगगगग.....

और ये बोलते ही रीता ने अपना रस्स्स छोड़ दिया...और एक दो झटके

खाए ...उसने रोशन की उंगलियों पर...और नीचे ज़मीन..पर...अपना

सारा रस गिरा दिया....

लेकिन रीता झड़ने की बाद कमजोर नही पड़ी..उसने उसी स्पीड से...रोशन की चूत

में उंगलियाँ अंदर बाहर करने लगी...

रोशन....आअहह रीता....आअब्ब्ब नही..सहा जा रहा...मेरा

निकलने वाला है बावाा....आहह....

बोलते हुए...उसने भी अपना रस रीता की उंगलियों पर...और नीचे ज़मीन

पर उगल दिया....

और दोनो हान्फते हुए 2 मिनट के लिए नीचे बैठ गई.....नीचे फ्लोर गीला हो गया था

इन दोनो ने तो नदियाँ बहा दी थी..........

उफ़फ्फ़ शूकर है मेरी नदी नही बही..नही तो आगे का अपडेट टाइप नही होता...

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चलो चलते हैं..चेंजिंग रूम नंबर. 1 पे....हाँ भाई..उसी पे जाउन्गा..अगर

3 पे गया..तो आगे का कुछ लिख नही पाउन्गा..समझ गये होंगे सब....

दया और अंजलि के पास चलते हैं...

अंदर का नज़ारा उम्मीद से उल्टा हो गया था....

अरे भाई दिमाग़ ना लगाओ..वैसे भी मेरी हालत खराब है....उल्टा हो गया है

का मतलब है....जितना उम्मीद था उससे ज़्यादा हॉट हो गया है...हमेशा उल्टा ही

सोचोगी...

अंजलि दया के बूब्स को...और दया अंजलि की बूब्स को दबा रही थी..

और एक दूसरे के निप्पल्स को पिंच कर रही थी...

और नीचे बाहर से ही अंजलि दया की बालों भरी चूत को रगड़ रही थी...

और दया अंजलि की सॉफ्ट चिकनी चूत को.....

अंजलि :- आहह...दया भाभी....आपके हाथो में जादू है..

दया :- ओह..उफ़फ्फ़ अंजलि भाभी...मेने टप्पू के पापा के इलावा..कभी किसी. से नही

छुआया अपनी चूत पे...लेकिन आज आपका हाथ...आहह ओह्ह...टॉमने तो कमाल ही कर

दियाअ......

अंजलि दया का मासूम चेहरा देख रही थी.....और फिर उसने आगे बढ़ के...

दया के तपते होंठो पे अपने होंठ रख दिए.......दया एक पल के लिए

थोड़ा घबराई..लेकिन उसने भी अंजलि का साथ देते हुए...दया के लिप्स पे

अपने लिप्स रख दिए....और मज़े से उसे चूसने लगी......

बड़े प्यार प्यार से...

नीचे अब अंजलि ने दया की गीली चूत के अंदर अपनी रिंग फिंगर घुसा

दी....एक बार तो दया का शरीर झटका खाया..लेकिन फिर नॉर्मल हो गया...

अंजलि दया की चूत पे उंगली अंदर बाहर कर रही थी.....चूत में से

पानी रिस रहा था..लिप्स की किस्सिंग चालू थी......

दया ने अचानक से अंजलि के लिप्स पे से लिप्स हटा लिया...

आअहह..अंजलि भाभी..आहह...मेरा निकलने वाला है..

ओह्ह्ह...और ये बोलते ही...दया ने अपनी गीली चूत में से..अपना गरम रस

बहा दिया...

अंजलि उसे देखती ही रह गई..

अंजलि :- दया भाभी..इतनी जल्दी...

दया :- सॉरी अंजलि भाभी...वो पहली बार था ना...हान्फते हुए दया बोल रही थी..

अंजलि का चेहरा लाल जाता है..लेकिन दया समझ जाती है..

दया :- अंजलि भाभी...आप टेंशन मत लो....

और ये बोलते ही..दया अपनी एक साथ 2 उंगलियाँ अंदर घुसा देती है..

 
अंजलि :- अहहहह दयाआ भभभीईीई.....

और दया अंजलि के छोटी सी गोरी छूट में अपनी उंगलियाँ अंदर बाहर करने

लगती है...फ़चफ़च्चह आवाज़ेवं शुरू हो जाती है..

दया उंगली चलने के अवला..आब अपना मुँह अंजलि के बूब्स पे रख देती है.

और उसके निपल्स को चूसने लगती है...

अनजली तो हवा में उड़ने लगती है..उसका हाल ऐसा हो जाता है...

वो दया के सर को पीछे से पकड़ के अपने बूब्स पर दबा देती है..

अहह ह्म्‍म्म्मम औहह..दाआयेयय्या

भाभी...आपने तो कमाल ही कर दियाअ...

उंगलियों की स्पीड बहुत ज़्यादा तेज़ हो रखी थी..दया उंगलियाँ चलाने में एक्सपर्ट है

चूत में से उसका रस लगातार रिस रहा थाअ....अब अंजलि से खड़ा होना..

और ज़्यादा बर्दास्त करना मुश्किल हो रहा था...

आअहह दया भाभी...आइ अम्म्म्म कुमिन्गगगगगगगगग...

और अंजलि झड जाती है...और 2 झटके लेने के बाद...सारा रस..छोड़ देती है..

और दया के सर को पीछे करके..एक सॉफ्ट लिप्स किस देती है..और हान्फती हुई

नीचे बैठ जाती है......

दोनो से उम्मीद नही थी..कि इतना कुछ करेंगी..इन्होने मेरी हालत और टाइट कर दी...

अब तो पक्का पता है..लास्ट वाले रूम में जाकर....मेरा तो बॅंड ही बजने

वाला है.....

 
चेन्जिन्ग रूम नंबर. 3......

चलिए अंदर का हाल देखते हैं....

आअहह..उहह...उफफफफफफफफफफफफ्फ़..

ह्म्‍म्म्मममममममममममममममम..ससिससीसीसीसीसीसिस...उहमहमहम्महमहममम्म

अरे क्या खाक अंदर क्या जाउ..

यहाँ तो बाहर तक आवाज़ आ रही है...अरे ऊओ ज़रा

धीरे कोई सुन लेगा....साली कमिनि..मरवाओगी मुझे....

लगता है अंदर जाना ही पड़ेगा....

ऑश यररर..में तो आँखें बंद कर रहा हूँ...ये नही देख सकता में..

अगर ज़्यादा देर तक देखा..तो में तो फँस हो जाउन्गा..फिर अपडेट कौन

लिखेगा..इन तीनो का बाप.....

लेकिन क्या करूँ..सबको बताना तो पड़ेगा ही...इसलिए अपना वो और मन..भारी करके

आँखें खोल के लिखने जा रहा हूँ....

अंदर का सीन......

फर्श पर..यानि कि ज़मीन पर लेटी थी बबिता...सबसे ज़्यादा भारी और चुदक्कड

वही है..इसलिए उसे नीचे लेटना ज़्यादा पसंद है....

अब ध्यान से समझिएगा..क्यूँ कि उपर का नज़रा बड़ा ख़तरनाक है...

बबिता की चूत पर थी....रीना...और वो उसकी चूत चाटने में लगी थी..

या यूँ कहिए.उसे खाने में लगी हुई थी...

वो अपने दोनो पैरो को बबीता के पैरो के साइड में रखी हुई थी...

यूँ समझ लीजिए उकूड़ू नही हुई थी.....जिससे उसका पिछवाड़ा हवा में था...

उसका मतलब रीना का पिछवाड़ा.....और पीछे से...उसकी चूत यानी कि रीना की चूत

माधवी के मुँह से चुद रही थी...और माधवी बबीता के मुँह के उपर

अपनी चूत लेके बैठी थी...

यानी कि बहुत ही ज़बरदस्त थ्रीसम चल रहा है....

बबीता माधवी की चूत में अपनी जीभ डाले बैठी थी....माधवी तो बबीता के

पूरे फेस पर ही बैठ गई थी.......और अपनी मटकती गान्ड को हिला रही थी....

उसका तो बुरा हाल था..माधवी की चूत में से रस की बहार हो रही थी..

जो बबीता के चेहरे को भिगो रही थी.....

 
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