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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

अईयर की गान्ड फाड़ने के बाद सभी अपने कमरे में जा चुके थे...

जेठालाल तो बहुत खुश था......

अईयर के कमरे में.....

बबीता एक तरफ बेड पे बैठी थी...और वो अईयर की तरफ देख भी नही रही थी...

उसके चेहरे पे गुस्सा सॉफ झलक रहा था.....

अईयर उसके पास आता हुआ...

अईयर :- बबिता....

बबीता :- अईयर तुम मेरा नाम मत लो.....मुझे तुमसे फिलहाल कोई बात नही करनी है..

अईयर चुप चाप घुस जाता है...बाथरूम में.....

कुछ 5 मिनट बाद....बबीता के दरवाजे पे दस्तक होती है...

बबीता :- कौन है....

बाहर से आवाज़ आती है...बबीता जी...में...जेठालाल....

बबीता :- जेठा जी..गेट खुला है...आप अंदर आ जाइए....

जेठालाल गेट खोलता है....और उसको ठीक सामने उसे बबीता के दर्शन हो जाते हैं..

और जेठालाल बॅस कुछ देर के लिए देखता ही रहता है....

वैसे बबीता का फेस तो गुस्से और उदासी सी भरा था....

और उसने एक चुलबुली लड़की की तरह..

दो छोटी बना रखी थी....एक लेफ्ट साइड और एक राइट साइड में...

लेकिन जो उसने नीचे पहना था...और जिस तरह वो बैठी थी.....

उसे देख कर कोई भी पगल हो जाए....

उपर एक शॉर्ट टाइट टॉप.....एलूव कलर का....स्ट्रिप्स वाला.....

स्ट्रिप्स से तो वो टॉप ढीला था शोल्डर्स पे....लेकिन जब थोड़ा नीचे आयें..

उसके बूब्स की तरह तो..पता नही क्या हुआ उस टॉप को...

कि अभी उसके अंदर क़ैद वो बूब्स..बाहर आ जाएँगे टॉप को फाड़ के....

पूरी गोलिययाँ....दिखाई दे रही थी...एक एक बूब की...

अलग अलग दो शेप बन गई थी.....

उसके नीचे आयें...तो..

वैसे तो टॉप...उसकी नाभि से उपर था...लेकिन..वो अपना सिर झुका के बैठी थी...

और थोड़ी सी अपनी पीठ भी....

जिसके वजह से उसका हिस्सा दब गया था.....

और अब आते हैं.....सबसे नीचे की तरफ....

नीचे चलते हैं..उसकी सॅंडल की और से...

एक छोटी सी हील वाली सॅंडल पहनी थी...

उसके उपर देखें...तो कुछ नही ... कोई कपड़ा नही था.....

बबीता की गोरी गोरी...टाँगे...जो कि इतनी सॉफ्ट और सेक्सी थी..कि पानी भी फिसल जाए...

बिल्कुल नंगी थी.....

अरे ज़्यादा मत सोचिए....स्कर्ट पहन रखी थी उसने.....गंदी सोच...हाहहाहा...

जी हाँ..नीचे उसने पहन रखी थी.....वाइट मिनी स्कर्ट.....जिसमे उसकी गोरी जांघे...

सॉफ दिखाई डी रही थी......

जेठालाल की लार टपक रही थी बबीता को देख के.....

 
अब आप सब सोच रहे होंगे.....कि इसमे इतनी लार टपकाने वाली क्या बात है...

ऐसे तो जेठालाल बबीता को कई बार देख चुका है.....

यही सोच रहे हैं ना आप.....

हाँ हाँ मुझे पता है..यही सोच रहे होंगे... अब मुझे उल्लू बनने की कोई ज़रूरत

नही है......

चलीए अपने दिमाग़ पे इतना ज़ोर मत डालिए....में ही बता देता हूँ.....

वो क्या है ना...कि बबीता बेड के कोने में बैठी थी....

और उसने इतना ध्यान नही दे रखा था.....

और उसने अपनी....दो...दोनो....टाँगें खोल रखी थी........

वाइड स्प्रेड हुई वी थी...

इतनी हो चुकी थी.....कि अंदर पहनी हुई उसकी पर्पल कलर की पैंटी सॉफ दिखाई

दे रही थी......

और उसकी चूत के आस पास का चिकना हिस्सा सॉफ दिखाई दे रहा था....

बबीता को इस बात का ध्यान नही था.......इसीलिए....जेठालाल की लार

टपक रही थी.....

जेठालाल एक टक...वहीं देखे जा रहा था.....

बबीता वैसे ही मुँह लटकाए बैठी थी....

जेठालाल ने करीब 5 मिनट तक उस नज़ारे का आनंद लिया...

फिर अचानक आवाज़ हुई..और दोनो चौंक गये...

 
जेठालाल ने करीब 5 मिनट तक उस नज़ारे का आनंद लिया...

फिर अचानक आवाज़ हुई..और दोनो चौंक गये...

आवाज़ ... अईयर के टाय्लेट के गेट खोलने से हुई थी.......

जेठालाल ने अपनी नज़र वहाँ से हटाई......

जेठालाल :- अईयर भाई..नहा लिए...चलो जल्दी आ जाओ...बाहर..

अईयर :- हाँ आता हूँ जेठालाल...

जेठालाल :- हेलो बबीता जी...आप भी आ जाइए..फटाफट.

बबीता बनावटी मुँह से हँसते हुए..

बबीता :- जी जेठा जी..अभी आती हूँ..आप चलीए...

और फिर जेठालाल अईयर की तरफ देखते हुए...अपने चेहरे पे मुस्कान लेते हुए निकल गया..

बबीता अईयर को देखने लगी...

अईयर अपने कपड़े निकाल रहा था....अलमारी से....

बबीता ने मन में कुछ गालियाँ दी अईयर को...

और फिर अपने आप को देखा....

बबीता अपने मन में ही....

ओह्ह्ह शिट........ये क्या.....मतलब इतनी देर से.....जेठा जी....ये देख रहे थे....

ओह्ह गॉड....

बबीता ने अपनी खुली टाँगों की और इशरा करते हुए सोचा...

सोचते सोचते उसके चेहरे पे एक हल्की सी शरारत भरी मुस्कान भी आ गई....

और वो फिर को बिना कुछ बोले बाहर चली गई......

बाहर कॉरिडोर...में सभी एक दूसरे से बात कर रहे थे....

और हल्ला गुल्ला मचा हुआ था.....

जेठालाल बबीता को देखते हुए...

जेठालाल :- लो आ गई बबीता जी......

दया :- बबीता जी...अईयर भाई नही आए...

बबीता :- गुस्से में...आ जाएगा..अगर आना होगा तो...

सभी बबीता की इस गंभीर आवाज़ पे चुप हो जाते हैं....

जेठालाल :- कोई बात नही बबीता जी..आप टेंशन ना लो...आप सब चलीए में उनको लेके

आता हूँ...

भिड़े :- लेकिन जेठालाल हम ख़ान जा रहे हैं...

जेठालाल :- भाई..सुबह से कुछ खाया पिया नही है..और उपर से वो स्‍वमिंग करके..

पेट बिल्कुल खाली हो गया है..तो सबसे पहले पेट पूजा करेंगी..

भिड़े :- तुम्हे सिर्फ़ खाने की लगी रहती है...घूमने आए हैं..तो घुमो फ़िरो...

बीच पे चलने का प्रोग्राम है....

जेठालाल :- आई दोढ़ा....जब तूने प्लान बनाया था..तो मुझे क्यूँ पचा तूने...

सभी जेठालाल की बात पे हंस पड़ते हैं....और साथ ही साथ बबीता भी हल्का सा हंस

लेती है...

जेठालाल बबीता को हंसते देख लेता है..

और धीरे से बोलता है..थॅंक यू बबीता जी...

बबीता अपने मन में...ओह्ह जेठा जी..आप कितना अच्छे हैं..

मेरा कितना ख्याल रखते हैं....

सोढी :- ओ भिड़ू..जेठा प्रा ठीक बोल रहा है..मेरी रोशन भी बहुत भूकी है..

तो पहले हम सब खाना खाने ही जाएँगे....

इतनी बात हो रही थी..कि अईयर भी आ जाता है पीछे से...

तारक :- लो अईयर भी आ गया...

चलो भाई..रेस्टोरेंट में चलते हैं...कुछ खा पी भी लेंगे......

सभी हामी भरते हुए...चल देते हैं.....

टाइम को थोड़ा 15 मिनट आगे बढ़ाते हुए....

हाहहहहहहहहः.......सभी हंस रहे होते हैं....

जेठालाल के जोक पर......

 
तभी थोड़ी दूर से...इन सब की टेबल से...एक लड़की...बड़ी बड़ी हील वाली सॅंडल

पहन के चली आती है....

पहली बात तो यह, जो तू टिक-टोक टिक-टोक चलती है

माना ये सारी तेरी हाइ हील्स की ग़लती है

रुक तो जा तू हॅंग-ऑन

ये तो बता तू है कौन

कहाँ से आई है

कहाँ को जाएगी

पागल लड़की मुझे मरवाएगी

उस लड़की ने टिपिकल वेटर की ड्रेस पहन रखी थी.....

घुटनो से उपर तक की ड्रेस...वन पीस.....नीचे गोरी सॉफ दूध जैसी..टाँगें..

कमर ऐसी..कि कोई भी समा ले उसे अपने हाथो से..

और उसके बूब्स मशाल्लाह...ना ज़्यादा बड़े..ना ज़्यादा छोटे..

लेकिन एक दम टाइट..तनी हुई.....ब्लॅक कलर की ड्रेस..के अंदर..

उसके बूब्स हिचकोले खा रहे थे..उपर नीचे उपर नीचे....

देख के खड़ा हो जाए सबका.....

मे आइ हेल्प यू सर??

उसने मोहन लाल की तरफ देखते हुए बोला.....

सभी उस आवाज़ की तरफ मुड़े....और सभी जेंट्स उस बला की खूबसूरत लड़की को देखते

रह गये..

अरे अरे..मेने तो अभी उसके फेस के बारे में बताया नही...

उसका फेस..एक दम गोरा चिटा..छोटी छोटी आँखें...

प्यारी सी नोज..और गुलाबी होंठ...जिसके होंठो पे प्यारी सी मुस्कान थी..

और गाल पे पड़ते डिंपल...

बहुत ही क्यूट लड़की...बाल उसके..जो आधे उसके आगे की तरफ थी..और आधे पीछे..

मोहन लाल :- यस...रीना.....प्लस्स टेक दा ऑर्डर....

रेणाम :- श्योर सर......

सब रीना की तरफ ही देखने लगते हैं....

सब अपना अपना ऑर्डर बता देते हैं...

ये नही बताउन्गा ऑर्डर क्या दिया...

सबको भूक लग जाएगी पढ़ते पढ़ते.....

 
जेठालाल के बगल में बैठा था तारक...

तो जेठालाल उसके कान में बोलता है..

जेठालाल :- मेहता साब...यहाँ तो एक से एक बढ़िया पीस रखा है मोहन भाई ने..

क्या मस्त माल थी ये..

तारक :- जेठालाल धीरे बोलो..अगर दया और अंजलि ने सुन लिया तो बॅंड बज जाएगी

हमारी....

दोनो हंस पड़ते हैं...

दया सुन लेती है.....

बातें नही .. हँसी...फिर दिमाग़ ज़्यादा चल रहा है..सबका क्या...

दया :- टप्पू के पापा क्यूँ हंस रहे हो...

जेठालाल की हवा टाइट..कुछ बोलने लायक नही था...वो तो मेहता साब..की

तरफ देख रहा था..

बॅक ग्राउंड म्यूजिक.....फ्लश चलने की आवाज़...

सभी के सभी जेठालाल की तरफ देखने लगते हैं....

तभी जेठालाल का फाइयर ब्रिगेड...यानी की तारक बचा लेता है उसे..

तारक :- अरे वो क्या है ना दया भाभी...

जेठालाल बोल रहा था..पोपटलाल को आना चाहिए था यहाँ पर...

भिड़े :- क्यूँ??

जेठालाल :- तू दया है......

हाहहहहहहहहहहहहहः......सब हँसने लगते हैं...

भिड़े :- देखो जेठालाल..

जेठालाल :- चुप रह ना वादी...हर टाइम पंचाट....

तारक :- भिड़े..वो इसलिए...क्यूँ कि यहाँ एक से बढ़ कर एक कुंआरी लड़कियाँ है.....

श्यद किसी से उसका टक्का भीड़ जाता ...

हाहहहहहहहहहाहा.....सभी एक बार फिर हँसने लगते हैं...

बबीता भी अब नॉर्मल लग रही थी..

और वो भी हंस रही थी...

और दया की तो हँसी आप इमॅजिन कर लो..में तो क्या..दुनिया का कोई भी आदमी.

उसे डिस्क्राइब नही कर सकता...

कुछ देर बाद..सबका खाना आ जाता है....

और सब खाना खाने लगते हैं.....

चलीए उपर खना खाने दीजिए...

हम चलते हैं..ज़रा टेबल के नीचे.....

टेबल के नीचे पहुचते हुए....सबकी टाँगे दिख जाती है....

लेकिन ये क्या.....

क्या हो रहा है यहाँ......

कोई लड़ाई चल रही है क्या......

अरे हाँ लड़ाई ही चल रही है....

लेकिन ये कैसी लड़ाई.....

सबके पैर...इधर उधर.....एक दूसरे के उपर...

किसी का पैर ... किसी के उपर...कैसे चल रहा है...

और एक पैर..ओ तेरिकि...उसकी कुर्सी और उसके दोनो टाँगों के बीच...

ओहू..क्या हो रहा है ये....

ज़रा उपर की तरफ चलते हैं फिर से.....

हीईंन्ननननननननननननननननणणन्.....ये क्या....

सबके चेहरे नॉर्मल.....सब आराम से खाना खा रहे हैं..

और नीचे घमासान युद्ध चल रहा है....

उहुहुहुहू.....अरे कौन खांस रहा है..ये....

क्या हुआ अंजलि.......क्यूँ खांस रही हूँ....तारक पूछता है...

नही कुछ नही....अंजलि तारक की आँखो में देखती है.....

ओफो...यहाँ तो बहुत गड़बड़ है......

इसका तो पता लगना ही पड़ेगा....

टेबल के उपर सब नॉर्मली खा पी रहे थे.....

लेकिन टेबल के नीचे अगर ज़रा नज़र डाले तो....बड़ी गड़बड़ चल

रही थी बाबा....

 
टेबल के उपर सब नॉर्मली खा पी रहे थे.....

लेकिन टेबल के नीचे अगर ज़रा नज़र डाले तो....बड़ी गड़बड़ चल

रही थी बाबा....

सबके पैर इधर उधर घूम रहे थे....

टेबल के नीचे पहचानना या समझना बड़ा मुश्किल है..कि किसने किसके

अंदर घुस्सा रखा है...

तो हम चलते हैं...टेबल के उपर...शायद किसी के फेस से पता चल जाए..

पहले ये बता दूं कि कौन कैसे बैठा है..टेबल पे...

एक लाइन में सारे जेंट्स थे...और ठीक उनके सामने वाली लाइन पे..सारी

लॅडीस बैठी हुई थी...

लॅडीस में लास्ट में रीता...उसके बगल में दया..उसके बगल में बबिता..उसके

बगल में अंजलि..उसके बगल में रोशन..और उसके साथ बैठी थी माधवी..

सामने जेंट्स में...नही...वो अभी बता दिया तो मज़ा खराब हो जाएगा...

उसके लिए तो सब को खुद ही दिमाग़ लगाना पड़ेगा...

खाने खाने में सब मगन थे....तभी अंजलि को खाँसी उठी..

उहहुऊहूउहुहुहुहूह.......

तारक :- पानी लो अंजलि....

अंजलि :- नही नही तारक....मेने...ठीक.. हुउन्न्ं.....

और तारक की तरफ देखने लगती है.....

ज़रा नीचे देखें तो सही आख़िर अंजलि क्यूँ खांस रही थी...

चलीए चलते हैं..टेबल के नीचे...

ओ तेरी की...ये क्या हो रहा है नीचे.....

अब अंजलि ने पहन रखी थी..एक ब्लू कलर की शॉर्ट्स...

जो मात्र उसकी आधी गोरी गोरी जांघों को ही ढक पा रही थी.....

तो में ये क्या देख रहा हूँ..कि कोई..एक पैर...बड़ा सा...

है तो किसी मर्द का ही....

अंजलि के दोनो पैर के बीच में है....और अपनी उंगलियों से..

अंजलि की चूत को दबाए जा रहा है......

अब ज़रा उपर की तरफ...देखें..तो यहाँ तो अंजलि की हालत कुछ गड़बड़ है..

वो अपनी कोहनी को टेबल पे टिका के...बैठी थी...

और उसकी आँखें बंद थी...दूसरे हाथ में चम्मच थी....जिससे वो

खाना खाने की कोशिस कर रही थी...लेकिन खा नही पा रही थी....

उसने अपने आप को किसी तरह कंट्रोल कर रखा था....

तभी उसने अपनी आखें खोली..और तारक की तरफ देखा....लेकिन आज तो मेहता साब

पूरे मूड में थे.....

ओफो ये क्याअ बात हुई...आप लोगों का दिमाग़ में देख रहा हूँ..कुछ ज़्यादा

ही चल रहा है...राइटर में हूँ कि आप....थोड़ा कम दिमाग़ लगाओ भाई...

मेहता साब पूरे मूड में थे..का मतलब...वो..

वो आज पूरे मूड में थे.खाने के....

आप लोग भी ना पता नही क्या सोचते हो..

 
तारक तो धका धक खाए जा रहा था...खाए जा रहा था..

अंजलि उसे घूर रही थी......लेकिन तारक तो देख भी नही रहा था..

अंजलि की हालत बोलने वाली तो थी ही नही.....

और अचानक अंजलि की आँखें एक बार फिर से बंद हो गई...

टेबल के नीचे देखने पर पता चलता है..

कि अब एक पैर नही बल्कि दोनो पैर थे..अंजलि की चूत के पास..

और अंजलि ने टाँगों को फैला रखा था..जिससे चूत खुल गई थी...

और आसानी से मसली जा रही थी..दोनो पैर की उंगलियों से.....

आअहह....तभी एक आवाज़ आई.....

भिड़े :- क्या हुआ माधवी......

अचानक माधवी के ऐसे करने से...सब चौंक जाते हैं..

माधवी :- मुँह बनाते हुए..भिड़े से...कुछ नही...

भिड़े :- तो फिर ऐसे चिल्लाई क्यूँ..?

माधवी :- वो बॅस .. दाँत लग गया मेरी जीभ में...

भिड़े :- मुस्कुराते हुए..ह्म ठीक है..खाना खाओ..अप्रतिम खाना है..

चलो उपर से तो माधवी बोल रही थी....लेकिन हम तो बिना नीचे जाए कहाँ से

मानने...वाले हैं...

वैसे तो माधवी ने पूरे कपड़े पहन रखे थे...एक स्लेक्स टाइप सी पहन रखी थी..

ग्रीन कलर की....

अब नीचे देखें तो ये क्या हो रहा है...इन लोगों ने तो हद कर दी....

यहाँ पे वही.....सेम कहानी....माधवी की टाँगें चौड़ी पड़ी थी..

और पैर पूरी तरह से चूत में घुसे पड़े थे.....और ज़ोर ज़ोर

से दबा रहे थे..जैसे चाहते हों....कि अभी अपना पैर माधवी की चूत में

उतार दी..

माधवी की चूत ने तो पानी छोड़ना शुरू कर दिया था

इसका पता तब चला जब उसकी ग्रीन कलर की स्लेक्स में उसके पानी का दाग

सॉफ दिखाई दे रहा था.......

माधवी अपने मन में...इनको क्या हो गया है.आहह..क्या कर रहे हैं..सबके

सामने...किसी ने द्देख लिया तो..हाई माआ.....

वैसे ये पता लगना बहुत मुश्किल है..कि किसका पैर कहाँ है....

उपर देखने पर तो तारक और भिड़े नॉर्मल लग रहे थे..

 
उधर जेठालाल तो खाने में मस्त था.....

उसने एक गस्सा मुँह में लिया...लेकिन जैसे ही उसे खाने..लगा....

उहुहुहुहुहूउहुहूह...खाँसते हुए..वो नीवाला बाहर..

उहूहुहूहहू...खाँसते हुए....

तारक जो उसके बगल में बैठा था....क्या हुआ जेठालाल...

जेठालाल अभी भी खांस रहा था.....

तारक उसे पानी देता है..

जेठालाल पानी गटकता है.....

और दया की तरफ देखता है...

दया :- टप्पू के पापा आप ठीक तो है ना...

जेठालाल :- उसकी तरफ देखते हुए हाँ.....

और फिर अपने मन में..

देखो कैसे नाटक कर रही है...

जैसे इसे कुछ पता ही ना हों....

आहह...दया क्या कर रही है...कोई देख लेगा..पैर पीछे कार...

तो खिचड़ी यहाँ भी पक रही है...

तो चलो...देखते हैं नीचे..कि क्या हो रहा है.....

ओहू..तो ये कार्यकरम चल रहा है....

कि दो मस्त गोरे गोरे पैर की उंगलियाँ..जेठालाल के लंड पे चल रही थी.....

और जेठालाल का लंड अकड़ता जा रहा था......

अब ये गोरा पैर किसका है.......

ह्म्म बताउन्गा...लेकिन थोड़ा सब्र...करिए सब के सब...

जेठालाल मन में सोचता है....क्यूँ ना में भी..

बबीता जी के साथ...हाँ हाँ कर सकता हूँ..बगल में अईयर भाई बैठे हैं...

क्या पता चलेगा..बबीता जी को...

फिर जेठालाल अपना पैर बढ़ाता है...और बढ़ाते हुए..अचानक किसी से उसका पैर टकराता

है....एक पल को तो डर जाता है..

और अपना पैर वहीं रोल लेता है कुछ देर के लिए...

लेकिन जब उसको लगता है कि ये पैर किसी औरत है.....और और..

वो भी जेठालाल के पैर को से खेल रहा है....तो वो चौंक जाता है....

और अपनी नज़र उठा के...सामने देखता है.....और देखते ही..उसकी सबसे

पहले नज़र बबीता से मिलती है....जो दया के बगल में बैठी थी......

और बबीता जेठालाल की तरफ देख के मुस्कुरा रही थी.....

जेठालाल अपने मन में..अरे वाह...यहाँ तो बबीता जी..खुद मेरे साथ...वाहह

क्या बात है.....

 
फिर जेठालाल अपने पैर को आगे बढ़ता है....उसी पैर के साथ...

और पहुच जाता है...उसके पास.....

फिर जेठालाल अपने पैर उपर ले जाते हुए..नीचे से उपर तक सहलाते हुए...

वहीं जाके अटक जाता है....जहाँ सबके पैर अटके पड़े थे....

जी हाँ चूत पे.....

जेठालाल ने अपनी उंगलियों का जादू चला दिया चूत पे.....

इधर एक पैर जेठालाल के लंड पे चल रहा था..

और खुद उसका पैर...सामने बैठी बबीता की चूत पे.....

जेठालाल ने अपनी उंगलियों की स्पीड इतनी तेज़ कर दी कि.....अब चूत से रहा जाना मुश्किल

था...इसलिए उसने अपना पानी छोड़ना शुरू कर दियाअ.....

जब जेठालाल ने बबीता को देखा...तो उसने अपनी गर्दन झुका रखी थी...और

अपना एक हाथ नीचे ले जाके कुछ कर रही थी..

जेठालाल अपने मन में.....लगता है..बबीता जी..का निकल.गया..अहः...मज़ा आ गया..

चलो जी..बस...और नही बता सकता नीचे क्या हो रहा है...

सबके सब एक ही कम में लगे हुए हैं.....

बाकी की बात तो बाद में ही पता चलेगी..

तारक :- अहह मज़ा आ गया..बहुत दिनो के बाद खाने को मिला..

जेठालाल :- क्यूँ मेहता साब...आपको अंजलि भाभी..ने कितने दिनो से खाना नही दिया..

जेठालाल की इस बात पे सब हँसने लगते हैं....

तारक :- हंसते हुए..नही भाई..जेठालाल...ऐसा लज़ीज़ और मसालेदार खाना तो

बहुत टाइम बाद ही मिला है......

भिड़े :- चलो अब तो खाना पीना हो गया....

तो में क्या सोचता हूँ...हमे सबको बीच पे जाके मज़े करने चाहिए.

मोहन लाल :- भिड़े भाई आपने बिल्कुल ठीक बोला...फिर शाम का मेने बहुत तगड़ा इंतेज़ाम

कर रखा है.....

सोढी :- अरे क्या बात कर रहे हो..मोहन प्रा..तगड़ा इंतेज़ाम मतलब..पार्टी शार्टी...

रोशन :- रोशन....बताऊ तुझे पार्टी शार्टी..

सोढी :- अरे रोशन में तो मज़ाक कर रहा था...

मोहन लाल :- देखिए आप सब बस अपने कपड़े ले लीजिए..जो आप सब बीच पे पहनने

वाले हैं...बाकी का इंतेज़ाम में करा देता हूँ...

सभी ठीक है बोल के चल देते हैं.....

सभी खुशी खुशी चलते हैं..सिवाय एक को छोड़ के...और वो था अईयर...

जेठालाल अईयर को देख लेता है.......और मन में हँसने लगता है......

जेठालाल अईयर के पास जाता है..

जेठालाल :- अईयर भाई..आप बहुत परेशान लग रहे हो..

अईयर :- देखो जेठालाल ... में अभी बात करने के मूड में नही हूँ..

तुम जाओ..

जेठालाल :- जैसी आपकी मर्ज़ी..लेकिन में तो आपकी भलाई के लिए ही बोल रहा हूँ....

और जेठालाल आगे चला जाता है अईयर के...फिर अईयर कुछ सोचता है..और

जेठालाल को आवाज़ लगाता है..

अईयर :- जेठालाल सुनो..

जेठालाल रुक जाता है....

जेठालाल :- हाँ बोलो अईयर भाई..

अईयर :- जेठालाल ... तुम मेरी मदद कर सकते हो....

जेठालाल :- उसी के लिए तो आया था में आपके पास...

अईयर :- सॉरी जेठालाल वो में परेशान था....अच्छा बताओ....क्या आइडिया है तुम्हारे पास.

बॅक ग्राउंड म्यूजिक.........आआयूऊऊऊऊऊऊऊऊऊ.....

और फिर जेठालाल अपना आइडिया बताता है...और अईयर ये सुन के खुश हो जाता है....

 
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