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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
जेठालाल मस्त अपने लंड को शांत कर के अपनी सीट पे चला गया था....अब आगे....!!
जेठालाल सोते हुए अपने आप से बोलता है..
जेठालाल :- हश्ह्ह...मिल गई शांति...मज़ा आ गया....
अब सुबह देखता हूँ इसको तो...छोड़ूँगा नही....
और फिर वो भी सो जाता है....
सुबह के 5 बजे....
सभी उठ चुके थे ...और बात कर रहे थे.....सिर्फ़ एक जने के...जी हाँ आप
सभी जानते हैं....एक ही कुम्भ्करन है इस सोसायटी का...जी हाँ हमारे जेठा भाई
साहब....मस्त सो रहे थी...
दया :- टप्पू के पापा...ऊ टप्पू के पापा...उठ जाइए....गोआ आने वाला है..
जेठालाल :- हाँ बॅस...5 मिनट...और सोने दे ना..
सभी नीचे बैठे सीट पे हँसने लगते हैं...
दया :- मेहता साब आप उठाइए ना...
तारक :- हाँ भाभी...अभी उठाता हूँ....
तारक जेठालाल को उठाने में लग जता है...
भिड़े जो कि सामने वाली पे बैठा था...उसके बगल में अईयर...और सोढी बैठे थे
मोहन लाल अब्दुल....ठीक उन सब के सामने वाली सीट पे बैठे थे...
अब्दुल के सामने..रीता माधवी..बबिता..और अंजलि बैठी थी...
रोशन वॉशरूम गई हुई थी....
दया और तारक दोनो जेठालाल को उठाने में लगे हुए थे...
और आख़िर कर....कुछ मेहनत मशक्कत करने के बाद उन्होने जेठालाल को उठा ही लिया..
अईयर :- ये जेठालाल..छी...यहाँ पर भी सोना ही सोना है...
भिड़े :- सही बोलते हैं चाचा जी ... कुंभकरण....हाहहहः....
अईयर :- हाहहः....सही बात है..
सोढी :- अरे क्या तुम दोनो क्यूँ जेठाप्रा के पीछे पड़ गये हो सुबह सुबह...
जेठालाल अपनी सीट से उतर जाता है...और जहाँ कल रात उसने चुदाई की थी...वहाँ
आके बैठा जाता है..तारक और दया के साथ...
अईयर :- क्यूँ जेठालाल कल कुछ ज़्यादा मेहनत की थी...जो इतनी देर से उठाने पे भी
नही उठे...हहहहहाहा.....
जेठालाल :- अईयर भाई.....गुराते हुए...
शांत रहो भाई सुबह सुबह....कल रात जो मेरे साथ हुआ अगर में सबको बता दूं
तो सब समझ जाएँगे कि क्यूँ इतनी देर तक सोता रहा...
दया :- क्यूँ ऐसा क्या हुआ??
जेठालाल :- तू तो ऐसे बोल रही है जैसे तुझे कुछ नही पता...
दया :- मुझे ... मुझे क्या पता...
जेठालाल :- अच्छा..झुटि...
दया :- सच में टप्पू के पापा..मुझे कुछ नही पता कि आप क्या बोल रहे हैं...
जेठालाल गहरी सोच में चला जाता है....
जेठालाल अपने मन में....ये क्या...दया जो बोल रही है..वो सच बोल रही है या फिर
झूठ....कहीं ये ड्रामा तो नही कर रही...इसी से पूछता हूँ....
जेठालाल :- अच्छा दया तुझे..कल रात इस सीट पे मज़ा आया सोने में...
दया :- नही आया...
जेठालाल :- क्यूँ??
दया :- क्यूँ कि में सामने वाली सीट पे सोई थी.....हहेहेहेहेहेहेः....
जेठालाल के तो तोते उड़ जाते हैं............उसके मुँह से निकलता है...क्या
जो सब लोग सुन के चौंक जाते हैं...
तारक:- क्या हुआ जेठालाल...
जेठालाल होश में आता हुआ...
जेठालाल :- कुछ नही मेहता साब...
और फिर चला जाता है अपने आप से बात करने के लिए..
जेठालाल :- ये क्या हो गया ....अगर कल रात यहाँ दया नहीं थी तो कौन थी....
हे भगवान इस बार तुमने मुझे किस मुसीबत में डाल दिया है....अब क्या होगा..
कौन था वो जिसके साथ कल मेने मज़े लिए.....ये क्या हो गया....एक काम करता
हूँ सबके चेहरे देखता हूँ....क्या पता किसी के चेरे पे कुछ समझ आ जाए....
और वो एक एक करके सबके चेहरे देखने लगता है...सबसे पहले वो रीता को देखता है..
लेकिन वो नॉर्मल लग रही थी...और अब्दुल से बात कर रही थी...
फिर उसने अंजलि की तरफ देखा...तो वो भी मस्त कोई मॅग्ज़िन पढ़ रही थी...
बबीता जी तो नही थी..क्यूँ कि उनको तो मेने उधर सोते हुए देखा था....
फिर वो देखता है माधवी को....वो भी मस्त दया से बात कर रही थी....
जब वो देखता है रोशन कहीं नही दिखाई दे रही है..तो वो घबरा जाता है.....
लेकिन जब उसे रोशन वहाँ से आती दिखाई देती है..तो उसके मन को राहत मिलती है.
क्यूँ कि उसके चेहरे पे भी स्माइल थी...और वो भी ठीक लग रही थी...
फिर वो सोचता है...आख़िर कौन हो सकता है....और उसने कल क्यूँ कुछ नही बोला..
अरे हाँ बोलती भी कैसे ...मेने उसके मुँह जो बंद कर रखा था...
तो फिर कौन हो सकता है.....
लगता है..अब फाइयर ब्रिगेड को पूछना पड़ेगा...
या फिर दया से पूछ लूँ....नही अगर उसको कुछ शक़ हो गया..तो लेने के देने पड़
जाएँगे..
पर मेहता साब से भी कैसे पूछूँ....
एक काम करता हूँ..गोआ पहुच के ही आराम से बात करूँगा मेहता साब से...
तारक :- भाई जेठालाल क्या हो गया...क्यूँ सोच में डूबे जा रहे हो....
और क्या हुआ कल रात को.....
जेठालाल :- कुछ नही वो मेहता ..
अईयर भाई को चैन कहाँ है..उनको तो मज़े लेने की आदत है....
अईयर :- क्यूँ जेठालाल कल बहुत ज़्यादा मेहनत की है..हाहहहः...
जेठालाल अपने मन में...ईयादी....तुझे तो में देख लूँगा...
अईयर :- बबीता मेरी वॉच तुम्हारे पास है....
कल से मिल ही नही रही है..तुम्हारे पास है....
बबीता :- नही अईयर...मेरे पास तो नही है...तुमने मुझे कब दी..
अईयर :- ओहो...पता नही कल से मिल ही नही रही है.....
वॉच मेरे पास है..........एक आवाज़ आती है....
जब अईयर उस आवाज़ की तरफ देखता है...तो उसके होश उड़ जाते हैं....
अईयर :- जेठालाल तुम्हारे पास कैसे....आई मेरी वॉच...
जेठालाल :- बता दूं अईयर भाई....
सोढी :- दसो जेठा प्रा क्या हुआ...
भिड़े :- हाँ तुम्हारे पास कैसे आई..
जेठालाल :- तो आप सब जानना चाहते थे...ना कि कल रात मेरे साथ क्या हुआ...
सभी की नज़र जेठालाल पे चिपकी पड़ी थी...
सभी की नज़र जेठालाल पे चिपकी पड़ी थी...
जेठालाल :- कल मैं पूरे 1 घंटे बाथरूम में बंद था.....
तारक :- क्या...
दया :- हे माँ माताजी.......टप्पू के पापा कैसे....
भिड़े :- कैसे....
बबीता :- ओह गॉड....
रोशन :- आई खुदाई...
माधवी :- अगू बाई....
तारक :- जेठालाल कैसा फसे और तुमने बताया क्यूँ नही तभी किसी को....
जेठालाल :- मेहता साब...आप सब को रात में क्या तकलीफ़ देता..
बबीता :- जेठा जी अपनो को थोड़ी कोई तकलीफ़ थोड़ी देता है....
ये बात सुन के तो जेठालाल का सीना फूले नही समा पा रहा था....
(बॅकग्राउंड म्यूज़िक में......आईए छोरी...)
जेठालाल :- ऐसी बात नही है...वो सब सो गये थे इसलिए...वैसे मुझे पता है.
कि आप मेरे अपने हैं...
बबीता :- क्या..
जेठालाल :- नही मेरा मतलब है..आप सब मेरे अपने ही तो हैं..
भिड़े :- वो सब छोड़ो जेठालाल...लेकिन ये बताओ...तुम वहाँ फसे कैसे..
जेठालाल :- ये अईयर भाई की वजह से.....
सबके मुँह से एक ही बार में निकल जाता है.....क्याआआआ....
और अईयर शॉक हो जाता है.....
(बॅकग्राउंड म्यूज़िक .... आऐअयूऊओ....)
बबीता :- अईयर की वजह से...लेकिन कैसे..
जेठालाल :- वो आप इन्ही से पूछिए......
क्यूँ अईयर भाई कल अपने ही वहाँ से वो नोटीस हटाया था ना...
अईयर की तो सिट्टी बिटी गुल हो जाती है..
दया :- अईयर भाई..अपने ऐसा क्यूँ किया...आपका टप्पू के पापा ने क्या बिगाड़ा था...
कोई ऐसा थोड़ी करता है...हम सब एक ही सोसायटी में रहते हैं..
जेठालाल :- अरे तू चुप रह ना भाई...
बबीता :- बोलो अईयर...क्या जेठा जी सही बोल रहे हैं...
अईयर :- घबराते हुई....हा.न..ब..बिता वो जेठालाल...सही बोल रहा है...मेरी..वजह
से वो अंदर बंद हुआ था...
तारक :- अईयर तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नही है...अगर जेठालाल को कुछ हो जाता तो..
तो तुमने सोचा है कितनी बड़ी मुसीबत हो जाती..
अईयर :- लेकिन में तो जेठालाल के साथ बस छोटा सा मज़ाक कर रहा था मेहता साब..
बबीता :- मज़ाक...इसे तुम मज़ाक कहते हो अईयर....पूरा 1 घंटा जेठा जी बाथरूम में
फसे हुए थे...अगर उहहे कुछ भी हो जाता तो में उनको कैसे फेस कर पाती....
जेठा जी आइ आम एक्सटरेमली सोर्री...अईयर की वजह से जो भी आपको तकलीफ़ हुई उसके लिए
में माफी चाहती हूँ..
और तुम अईयर अब में तुम्हसे बात नही करूँगी.....
ट्रिप के शुरू होने से पहले तुमने मेरा मूड कराब कर दिया..
अईयर :- बबिता...वो..
इस बार जेठालाल बीच में रोक देता है..
जेठालाल :- बबीता जी इसमे आप क्यूँ सॉरी बोल रहे हैं...और आप अपना मूड मत खराब
कीजेए...मुझे कुछ नही हुआ है...आप एंजाय करो...वैसे भी आपको गोआ बहुत पसंद
है....कोई बात नही कभी कभी अईयर भाई भी बच्चे बन जाते हैं..
मेरे खातिर आप अपना मूड ठीक कर लीजेए...रेक़ुएस्ट...
ब्बैइटा :- ओके...बट में अईयर से अभी बात नही करूँगी..
जेठालाल :- हाँ वो चलेगा....
इस बात पर सब हँसने लगते हैं..सिवाय अईयर के..
सोढी :- लेकिन जेठा प्रा..तुम्हे कैसे पता कि ये अईयर ने किया है..
जेठालाल :- वो सोढी हुआ यूँ....
चलते हैं कल रात की हुई घटना पर....
जेठालाल बाथरूम से जब बाहर निकला था...और उसने देखा कि वहाँ नोटीस लगा हुआ है
जबकि ज्ब वो बाथरूम के अंदर गया था तो उससे ऐसा कोई नोटीस नही लगा था...
तभी उसकी नज़र वहाँ पड़ी हुई घड़ी पे गई...जब उसने उठा के देखा.. तो उसे
याद आया कि ये घड़ी तो अईयर भाई की है.....तब उससे यकीन हो गया कि ये अईयर भाई
ही हैं जिन्होने मुझे यहाँ अंदर बंद करवाया...
कल से बाहर आ जाओ..सब..
ओह.....सब के मुँह से यही निकलता है..
तारक :- वो ठीक है...लेकिन जेठालाल अईयर ने ये सब किया कब..
जेठालाल :- वो तो आपको अईयर भाई ही बताएँगे....
भिड़े :- अईयर फिर तुम बताओ....
अईयर :- वो हुआ यूँ.....
तारक :- वो ठीक है...लेकिन जेठालाल अईयर ने ये सब किया कब..
जेठालाल :- वो तो आपको अईयर भाई ही बताएँगे....
भिड़े :- अईयर फिर तुम बताओ....
अईयर :- वो हुआ यूँ.....
सुनते है कहानी.....लेकिन इस बार अईयर की ज़ुबानी..
जब में बाथरूम से निकल रहा था....तो मेने गेट से देखा कि जेठालाल आ रहा है..
तो मेने देखा सामने......
वाले बाथरूम के दरवाजे पर..एक नोटीस चिपका हुआ है..
कि प्लीज़ इस बाथरूम को यूज़ ना करे..क्यूँ कि इसका गेट ठीक नही है..
तो मेने सोचा कुछ मस्ती हो जाए...जेठालाल के साथ..
मेने वो नोटीस हटा दिया....और छुप गया...वापिस अपने बाथरूम में...
और जैसा कि में चाहता था ... जेठालाल सीधे उसबाथरूम में घुस गया...
मेने सोचा थोड़ी देर अंदर रहेगा तो मज़ा आएगा....
में फ़ौरन बाहर आया...और फिर से वो नोटीस वही दुबारा से लगा दिया....
लगा के थोड़ी देर में वहीं खड़ा रहना चाहता था..लेकिन अचनाक से टीटी आ गया..
और टिकेट चेक करने को बोलने लगा...
मेने उससे कहा..कि मेरी टिकेट चेक हो चुकी है....लेकिन वो माना ही नही...
वो तो कल जब टिकेट चेक हो रही थी...तो बाइ चांस टिकेट मेरे पास ही थी..
में उस टीटी को अपने साथ ले गया टिकेट दिखाने के लिए.....
और इन सब चक्कर में भूल ही गया कि जेठालाल को में अंदर बाथरूम में ही बंद
कर दिया है.....
तारक :- वेरी रॉंग अईयर...तुमने जो किया वो ठीक नही किया..तुम एक साइंटिस्ट होके
ऐसे गड़बड़ी करोगे मुझे उम्मीद नही थी...
बबीता :- मेहता जी..ईज़ राइट अईयर...यू डू दिस लाइक आ चिल डू...
मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी..
अईयर :- सॉरी बबिता...
बबीता :- सॉरी मुझे नही..जेठा जी को कहो..
अईयर :- सॉरी जेठालाल..आइ आम एक्सट्रीम्ली सॉरी..
जेठालाल :- कोई बात नही अईयर भाई..
तभी अनाउन्स्मेंट होती है...
ट्रेन ईज़ अबाउट टू रीच गोआ इन 2 मिनट...
सभी लोग ह्युयीई...करने लगते हैं...सिवाय दो जनो की...
दया और जेठालाल..
दया :- टप्पू के पापा...ये सब चिल्ला क्यूँ रहे हैं..और वो अभी ट्रेन वाली मेडम ने
क्या बोला..
जेठालाल :- क्या मालूम...ट्रेन में भी इंग्लीश...
तारक :- चली जेठालाल..समान निकालना शुरू करो..
जेठालाल :- लेकिन मेहता साब..अभी हम पहुचे कहाँ है..
तारक :- अरे अभी तो अनाउसमेंट हुई..कि 2 मिनट में गोआ आने वाला है..
जेठालाल :- अच्छा तो ये बोली..
दया वो ये बोली थी...
दया :-अरे वाहह...
और इस बार ये दोनो चिल्लाने लगते हैं....सब इनको देख के हैरान होते हैं...
और फाइनली गोआ आ जाता है....
सभी लेडीज़ बाहर निकल जाती है पहले...
और जेंट्स समान निकालने लगते हैं....
सारा समान उतारने के बाद...जेठालाल सबसे लास्ट में ट्रेन से निकलता है..
और अपने मन में बोलता है...
जेठालाल :- एक कची मानुष से पंगा लेना तुझे बहुत महँगा पड़ेगा तुझे अईयर...
और हाँ ये भी बोलता है...
लेकिन अईयर को रास्ते पे लाने के बाद....वो कल कौन सी लेडी थी.जिसकी कल मेने
ट्रेन में जबरदस्त चुदाई कर दी..मेहता साब से ये बात भी करनी पड़ेगी..