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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

दोपहर के 12 बजे....

सारी लॅडीस सोसाइटी कॉंपाउंड में खड़ी थी...और माधवी का इंतेज़ार कर रही थी....

दया :- ये भिड़े बहेन कहाँ रह गयी हैं...

अंजलि :- आती होंगी दया भाभी....

तभी रोशन बोल पड़ती है..

रोशन :- बबीता आज अईयर भाई ऑफीस नही गये...

बबीता :- नही गये हैं क्यूँ??

रोशन :- देख ज़रा पीछे से आ रहे हैं..

बबीता मुड़ती है और अईयर को देखती है...

बबीता :- अईयर तुम आज इतनी जल्दी कैसे आ गये..

अईयर :- वो बबीता मेरी थोड़ी तबीयत खराब हो गई तो आ गया..

बबीता :- ओह्ह...अच्छा तो में नही जाती शॉपिंग पे...

अईयर :- नही बबीता में अब थोड़ा ठीक फील कर रहा हूँ..थोड़ी देर सो जाउन्गा तो ठीक हो जाउन्गा...तुम जाओ..

बबीता :- अच्छा ... अगर तुम बोल रहे हो तो में चली जाती हूँ....वैसे अगर कोई प्राब्लम हो तो फोन कर देना.....

अईयर :- हाँ बिल्कुल कर दूँगा...तुम एंजाय करना...

बबीता :- ओके बाइ...

अईयर :- बाइ..

और उपर चला जाता है...

जब तक माधवी वहाँ आ चुकी होती है...

माधवी :- चलें....

और सभी बोलते हैं....हाँ चलते हैं...

और वो सब के सब...शॉपिंग के लिए निकल जाते हैं....

दोपहर के 2 बजे....

जेठालाल खड़ा खड़ा मुस्कुरा रहा था...वो बार बार घड़ी की तरफ ही देखे जा रहा था...

उधर सारी लॅडीस बड़े मज़े से शॉपिंग कर रही थी....उनको तो पता नही था..कि घर पे आज क्या होने वाला है उनके साथ....तभी अंजलि का फोन बज उठता है..

अंजलि :- हाँ तारक..

अंजलि :- अच्छा...हाँ हम तो शॉपिंग पे गये हुए हैं.

अंजलि :- हाँ वहीं डोर मॅट के नीचे..

अंजलि :- लेकिन आप इतनी जल्दी कैसे आ गये...

अंजलि :- अच्छा बाबा....ठीक है..हाँ..ओके....

और फोन कट हो जाता है...

दया :- क्या हुआ अंजलि भाभी...

अंजलि :- वो तारक घर पे आ गये हैं..तो घर की चाबी के बारे में पूछ रहे थे...

दया :- अच्छा अच्छा...वैसे आज इतनी जल्दी कैसे आ गये..

तारक :- बोल रहे थे..कि एक इंपॉर्टेंट आर्टिकल लिखना है..इसलिए आ गये..

दया :- अच्छा...चलिए वहाँ चलते हैं..वहाँ देखते हैं....

इन लोगों को क्या पता...कि आज उनके पति घर टाइम से पहले क्यूँ आ रहे हैं...

प्लान ही इतना बढ़िया है जेठालाल का ... कि किसी को कोई शक़ नही हो रहा है...!!!!!

 
जेठालाल दुकान पे बार बार टाइम देख रहा था...

उधर अब अईयर के अलावा तारक भी पहुँच चुका था....भिड़े तो हमेशा की तरह घर पे ही था...

दोपहर के 3 बज चुके थे....

जेठालाल दुकान पे सिर्फ़ क्लॉक पे नज़र गढ़ाए बैठा था...लेकिन अब उससे सब्र नही हो रहा था...तो उसने घर जाना ही बेहतर समझा....और वो नट्टू काका बो बोलने लगा...

जेठालाल :- नट्टू काका मेरी तबीयत थोड़ी ठीक नही लग रही है ..में घर जा रहा हूँ...

नट्टू काका :- ठीक है सेठ जी..

और जेठालाल घर की तरफ निकल जाता है....और करीब 3:30 बजे सोसाइटी कॉंपाउंड में पहुँच जाता है...जैसे ही वो ऑटो वाले को पैसे देने लगा ...उसने देखा स्कूटी से सोसाइटी कॉंपाउंड में एक शख्स एंटर हुआ ..उसने हेल्मेट पहना हुआ था...

अब जेठालाल पैसे दे चुका था...और ऑटो वाला जा चुका था...

जैसे ही उस शक़्स ने हेल्मेट उतारा .... तो जेठालाल को एक लड़की दिखी....

उसने सोचा अब उससे पहले वो उसे देखे वो अपने घर की तरफ निकल पड़ता है..

मगर पीछे से आवाज़ आती है....जेठा भाई...आज दुकान से इत्ति जल्दी..

जेठालाल दुखी मन से मुड़ता है...

जेठालाल :- रीता तू..आज इतने दिनो के बाद दिखाई दी है..कहाँ थी...

रीता :- बस जेठा भाई...कुछ काम था तो इसलिए ऑफीस के कम से बाहर ही रहती थी..आप इतनी जल्दी कैसे..

जेठालाल :- अच्छा.....बस वो थोड़ी तबीयत खराब थी तो इसलिए आ गया..

रीता :- अच्छा ..ओके...यू टेक केयर हाँ..में चलती हूँ बाइ..

जेठालाल :- ओके...बाइ...

और वो अपने घर की तरफ निकल जाता है..और बोलता है..हाशह...!!!!

वो घर पहुँच के मेहता साहब को फोन करता है..

जेठालाल :- मेहता साहब आप घर आ गये...और बाकी के भी आ गये..

तारक :- हाँ भाई में आ गया...बस सोढी रह गया है...और उसको मेने फोन किया था वो कुछ ही देर में पहुँचने वाला है....एम्म्म्म मिनट रूको सोढी का फोन आ रहा है..

जेठालाल :- ठीक है..

तारक :- हाँ सोढी पहुँच गये तुम...

सोढी :- हाँ मेहता साहब पहुँच गया हूँ..बस अपनी विंग पे जा रहा हूँ...

तारक :- अच्छा तो अपनी बाल्कनी में बाहर आके मिलना...

सोढी :- ओके मेहता साहब...

तारक :- जेठालाल तुम बाल्कनी में आओ...में सबको फोन करके वहीं बुलाता हूँ..

जेठालाल :- ठीक है मेहता साहब ...

और कुछ 5मिनट बाद सभी बाल्कनी में आ जाते हैं...

 
जेठालाल :- हाँ तो भाई लोगों सब कुछ तैयार कर लिया है...

भिड़े :- हाँ बॅस..अब्दुल आता ही होगा...

तारक :- लो आ गया अब्दुल..

जेठालाल :- अब्दुल कमाल कर दिया .. सारा समान ले आया ना..

अब्दुल :- हाँ जेठा भाई ... सब लिया...

जेठालाल :- अच्छा तो सबके घर में पहुँचाना शुरू कर दे..

तारक :- हाँ भाई जल्दी कर...और हाँ सभी लोग ध्यान से सुन लो..अपनी बीवियों को बिल्कुल भी शक़ नही होने देना है....चाहे कुछ भी हो जाए....

और अब्दुल सबसे पहले अईयर के घर पे समान देने निकल जाता है...

और तभी...भिड़े को वो दिखता है..जिससे उसका मुँह खुला का खुला रह जाता है...

तारक भिड़े की तरफ देखते हुई..क्या हुआ भिड़े...

भिड़े :- मेहता साहब वो दिखिए बच्चे...गार्डेन से आ रहे हैं..उनका क्या करना है ये तो सोचा ही नही है...

तारक बोलता उससे पहले बोल पड़े फिर से अईयर भाई..उन्हे तो मौका चाहिए जेठालाल की खिचाई का...

अईयर :- आत्मराम..मेहता साहब से क्या पूछ रहे हो...जेठालाल से पूछो ..उसका ही प्लान था...मुझे तो पहले से ही पता था ये प्लान कॅन्सल होने वाला है..

सोही :- आईयर तू पोपटलाल मत बन..शांति रख...जेठा प्राह दासू इनका क्या करना है..

उस वक़्त बच्चे कॉंपाउंड में आ जाते हैं...लेकिन वो लोग अभी उन पर ध्यान नही देते...

जेठालाल फटाफट बोलता है...तुम सारे लोग अंदर जाओ...तभी सोढी अईयर और भिड़े अंदर चले जाते हैं..मेहता साब वहीं चेयर पे बैठ जाते हैं...

तभी टप्पू जेठालाल को देखता है..

टप्पू :- पापा आप दुकान से इतनी जल्दी..

जेठालाल :- बॅस बेटा वो कुछ काम नही था...तुम खेलो बेटा..

टप्पू :- नही पापा अब में थक गया हूँ..तो उपर आ रहा हूँ..

जेठालाल की गान्ड फट गई..उसके प्लान की माँ बहन एक होने वाली थी...तभी उसके दिमाग़ की बत्ती जली गोली को देख कर..

जेठालाल :- टप्पू बेटा...गोली के घर पे कोई नही है ना बेटा...तो वो अकेले कैसे रहेगा...तू एक काम कर आज उसके साथ ही रह...क्या है उसका भी मन लगा रहेगा...

गोली :- जेठा अंकल ठीक बोल रहे हैं..

टप्पू :- ठीक है...में वहाँ चला जाता हूँ...तो फ्रेंड्स तुम भी चलो साथ में मस्ती करेंगे...

सभी बोलते हैं..ठीक है...और सभी चले जाते हैं...

जेठालाल को शांति मिलती है...और वो तारक की तरफ देख के मुस्कुरा देता है...और तारक भी मुस्कुरा देता है..और वो दोनो भी अंदर चले जाते हैं...

 
टाइम..शाम के 4:45 मिनट...सारी लॅडीस कॉंपाउंड में आ चुकी थी...वो सभी बहुत ज़्यादा खुश दिखाई दे रही थी...हँसी खुशी वो बात कर रही होती है..जिससे सभी जेंट्स को उनके आने का पता चल जाता है...

सब एक दूसरे को बाइ बोल कर अपने अपने घर के लिए निकल जाती है.....

सबसे पहले सोढी के घर...

रोशन घर पहुँचती है...और वो ताला खोलने लगती है..लेकिन जैसे ही टला खोलने लगती है..गेट खुल जाता है..

रोशन :- अरे गेट अपने आप खुल गया..लगता है रोशन घर आ चुका है बावा..देखती हूँ...रोशन..रोशन....

और वो कमरे में पहुँच जाती है....जैसे ही कमरे में पहुँचती है...उसका मुँह खुला का खुला रह जाता है...

वो देखती है..सामने बेड पर..बहुत सारे गुलाब के फूल पड़े थे...हर तरफ सजावट दिखाई दे रही थी..वो काफ़ी खुश हो गई..

तभी पीछे से उससे सोढी आ के पकड़ लेता है...

सोढी :- रोशन मेरी जान कैसा लगा...

रोशन :- बहुत सडू...लेकिन तूने ये सब क्यूँ किया..आज कुछ स्पेशल है क्या...

सोढी :- क्यूँ स्पेशल होना ज़रूरी है सोनिये...आज में तुझे खुश करना चाहता हूँ....

और उसके हाथ से समान खीच के साइड में रख देता है...

और रोशन को उठा के...पलंग पे अपने साथ ले जाता है..और उसे वहाँ रख देता है..और खुद उसके साइड में लेट जाता है..

रोशन :- ये क्या कर रहा है..

बॅस इतना ही बोल पाती है..और सोढी उसके मुँह पे हाथ रख देता है...

सोढी :- तू कुछ नही बोलेगी आज तो में करूँगा ...तो बस मज़े लेगी...

और अपने होंठ..उसके होंठ से मिला देता है..और एक बेहतरीन चुंबन चालू हो जाता है..दोनो एक दूसरे के लिप्स को बेपनाह चूस रहे थे...और सोढी भी...रोशन की स्कर्ट के उपर से ही उसकी चूत को सहला रहा था..

जिसकी वजह से रोशन बहुत ज़्यादा गरम हो चुकी थी...

अब दोनो की साँसें फूलने लगी थी..इसलिए रोशन ने सोढी को पीछे धकेल दिया...

रोशन :- बॅस कर बावा...आहह...आज तो तू कुछ ज़्यादा रोमॅंटिक है...

सोढी :- मेरी जान तू कुछ मत बोल ना...

और सोढी रोशन का टॉप निकाल फेंकता है...और उसकी ब्रा को भी फाड़ देता है...अब उससे सब्र नही हो रहा था..और वो रोशन के चुचों पे टूट पड़ता है...और उन्हे पूरी तरह से चूस्ता है...

रोशन ज़ोर ज़ोर से अह्ह्ह्ह..सोढी...आहह..मज़ा आ गया....

सोढी अब चुचो को छोड़ के रोशन की स्कर्ट और पेंटी उतार के पेंक देता है...और अपना मुँह उसकी चूत पे रख देता है..जो पहले से बहुत ज़्यादा गीली होती है...

सोढी रोशन की चूत चाटना चालू कर देता है...वो बहुत तेज़ी से उसे चांट रहा था..जैसे उसे उसकी फेव आइस क्रीम मिल गई हू..

रोशन:- अहह...मरीइ गियूऊ....रोशान्णन्न्.तुनी.....बहुत्त मज़ाअ आ रहा हाईईइ..ओह...उई...अह्ह्ह्ह...

सोढी अपना मुँह हटा लेता है..और अपने कपड़े फटाफट उतार फेंकता है...

और अपना बड़ा सा लंड हाथ मे लेके..हिलाना चालू कर देता है..और रोशन की चूत के पास ले जाता है..

रोशन की चूत के पास ले जा कर...उसकी तरफ झुकता है...और एक ही बार में पूरा लंड उतार देता है..

रोशन :- अहह..रोशहनन्न....ओह्ह्ह

आराम्म से बावााअ..आहह..

अब सोढी फटाफट धक्के लगा रहा होता है....और रोशन भो अपनी गान्ड उठा उठा के उससे चुदवा रही होती है..औरे कमरे में पच पच की आवाज़ें आ रही थी....

सोढी :- रोशन मेरी जान में आने वाला हूँ..

रोशन :- में भी गयी बावा....

और झड जाती है....और सारा रस छोड़ देती है...

सोढी भी रोशन के रस को सह नही पाता है...और अपना सारा रस अंदर ही उसकी चूत में डाल देता है..

और हांफता हुआ...रोशन के उपर गिर जाता है....

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उधर तारक के घर..

अंजलि डोर बेल बजाने लगती है....लेकिन जैसे ही गेट पे हाथ रखती है..गेट खुल जाता है...

और वो गेट खोल के अंदर चली जाती है...जैसे ही वो अंदर देखती है...वो चौंक जाती है...और अंदर का नज़ारा देख के उसके दिल में एक ख़ुसी की लहर दौड़ जाती है...

अंदर कमरे में...अंधेरा कर रखा होता है...वैसे तो दिन की रोशनी थी....पर फिर भी काफ़ी अंधेरा था...लाइट सारी बंद थी...

बस छोटी छोटी सुंदर सुंदर कंडेल्स जल रही थी...जिससे घर जगमगा रहा था...

वो देख के अंजलि के मुँह से निकल गया...

अंजलि :- वाहह.....वऊओ...ये सब क्या है...

बॅस इतना ही बोलती है कि तभी वहाँ से तारक एक रोमॅंटिक गाना गाते हुए आता है......उसके हाथ में रोज़ होते हैं...और वो उन्हे हवा में उछालते हुए आता है...और अंजलि के पास आकर...अपना गाना जारी रखता है...और सारे फूल उसके उपर डाल देता है......और अपना एक हाथ अंजलि के कमर पर...और दूसरा हाथ उसके हाथ में पकड़ कर...गाना गाते हुए डॅन्स करने लगता है...

बहुत ही रोमॅंटिक सीन था वो...अंजलि बहुत ही ज़्यादा खुश थी....और उसकी वो खुशी उसकी आँखों में सॉफ झलक रही थी...उसका दिल ...उसके काबू से बाहर हो गया था....

तभी तारक गाना ख़तम करता है..और घुटनो पे बैठ के अंजलि का हाथ पकड़ता है...और उसपे एक प्यारी से किस कर देता है...

अंजलि के बदन एक प्यार भरी लहर दौड़ जाती है....वो आज इतनी खुश थी..कि वो बस अपने मूँह से बयान नही कर पा रही थी...फिर भी वो मदहोश आवाज़ में बोलती है...

अंजलि :- तरक्कक...ये सब क्या...

तारक :- क्यूँ मेरी जान...अच्छा नही लगा क्या...

अंजलि :- अच्छा..नही लगा...

बहुत ही ज़्यादा अच्छा लगा...मुझे तो आज से पहले इतनी खुशी नही हुई...अपने मेरे लिए इतना सब कुछ किया...

और फिर वो तारक को उपर उठा लेती है...और कस कर ..अपने सीने से चिपका लेती है...

सीने से चिपकने की वजह से ...अंजलि के चुचे तारक की छाती में धँस जाते हैं...और तारक भी अपने हाथ अंजलि के पीछे कस लेता है...

कुछ देर ऐसे रहने के बाद....तारक बेकाबू हो जाता है....वो अंजलि के ...शोल्डर पे किस करने लगता है...और फिर अपने आप को थोड़ा पीछे करते हुए...उसकी गर्दन...फिर उसके शोल्डर पर..अपने चुंबनों की बोछार कर देता है...

अंजलि बॅस आहह ओह्ह तारक..आ..कर रही थी...

तभी तारक अंजलि की गर्दन को छोड़ कर उसके मुँह की तरफ बढ़ता है..और पहले उसके गाल..माथे...और आखरी में...उसके होंठ...चूसने लगता है..

अब वो दोनो एक दुरसे को चूमने लगे थे..एक दूसरे के होंठो को...शायद पूरी सोसाइटी में इनसे बढ़िया लिप किस कोई नही कर सकता था....

अब वो दोनो पागलों की तरह एक दूसरे के लिप्स्स को चूस रहे थे...और अपनी जीभ एक दूसरी की जीभ से खेल रहे थे......करीब 10 मिनट तक चलता रहा इनका चुंबन...फिर तारक ने खुद छोड़ा...क्यूँ कि उसकी सांस फूलने लगती थी...

बट जब तारक ने अंजलि को छोड़ा...तो अंजलि उसको अजीब सी निगाहों से देख रही थी..मानो बोल रही हो..छोड़ क्यूँ दिया...

इस वक़्त उसके दिल में जो प्यार उमड़ रहा था...उसको बुझाना बहुत मुश्किल था....

जब एक औरत प्यार करने पर आ जाए..तो कोई भी मर्द उसकी हवस को नही बुझा पाता है..वही हाल इस वक़्त अंजलि का था...

तारक ने बिना देरी करे...अपने पहले कपड़े उतार दिए..और सिर्फ़ एक अंडरवेर में खड़ा हो गया...उसका लंड अंदर से खड़ा हुआ था और बाहर से ही सॉफ सॉफ दिख रहा था...

अपने कपड़े उतारने के बाद.... उसने अंजलि की उपर की कमीज़ उतार दी...और ब्रा भी उतार दी....लेकिन जैसे ही वो उसके चुचों पे हाथ रखने के लिए बढ़ा....अंजलि ने उसका हाथ पकड़ लिया...

तारक:- क्या हुआ अंजलि तुम नही चाहती क्या..

अंजलि :- आप पहले से ही बहुत कुछ कर चुके हो....इस वक़्त में पहले आपको खुश करना चाहती हूँ...

और नीचे बैठ जाती है..और तारक का अंडरवेर नीचे कर देती है..और उसके लंड को अपने हाथ से उपर नीचे करने लगती है...

तारक को स्वर्ग जैसा एहसास होना शुरू हो जाता है...

अब अंजलि तारक के लंड को मूह में लेके चूसना चालू कर देती है..

वो तारक का लंड आधा मुँह में लेती है..और फिर बाहर निकाल देती है...

तारक को बहुत मज़ा आ रहा था...उसके मूँह से हल्की सेी आह निकल रही थी....

फिर अंजलि ने स्पीड बढ़ा दी....और अपना लंड मुँह में अंदर बाहर करना चालू कर दिया...लंड गले तक जाता और फिर बाहर आ जाता....इतनी ज़ोर से चूसने की वजह से अंजलि के बूब्स बुरी तरह आगे पीछे हो रहे थे...

तभी तारक अपना हाथ पकड़ के ... अंजलि के मुँह को पीछे धकेल देता है...

अंजलि :- क्या हुआ तारक...मज़ा नही आया क्या...

तारक :- अंजलि मज़ा..पूछो मत...निकलने वाला था....इसलिए पीछे हटाया है...

अंजलि :- अहहः....

तारक :- अंजलि अब मुझसे रुका नही जा रहा है..

अंजलि :- शरमाते हुई...तो कौन बोल रहा है रुकने का...

बॅस इतना ही बोलती है....कि तारक अंजलि को उपर उठाता है..और उसकी सलवार को उसकी पैंटी के साथ ही नीचे कर देता है...

अब दोनो पूरी तरह नंगे हो चुके थे...अंजलि की चूत में से तो रस बहना शुरू हो चुका था...

तारक से रहा नही जा रहा था..तो वो अंजलि की चूत को चूसना नही चाहता था...बस अपने हाथ को चूत पे रख के उसे मसल दिया...

अंजलि के मुँह से बस....उईईईईईईई माँ...ही निकल के रह गया...

तारक अंजलि को दीवार का सहारा लेकर खड़ा हो गया...

अंजलि :- चलो ना बैठ के करते हैं...

तारक :- बैठ के और लेट के तो रोज़ करते हैं...आज ऐसे ही करेंगे...

अंजलि :- ऐसे ...पर कैसे करेंगे...

तारक :- अभी दिखाता हूँ...

और तारक अंजलि के एक पैर को हवा में उठा लेता है...और अपने लंड को ऊट पे सेट कर के...अंजलि की तरफ़ देखता है...जिसकी आँखों में आज बेपनाह प्यार होता है...

और अपने लंड को चूत में धकेल देता है....आधा लंड चूत में उतर जाता है..

अंजलि :- अहह...ओह....

बस इतना ही निकलता है..क्यूँ कि अब की बार तारक के धक्के से...पूरा का पूरा लंड अंदर चला जाता है....

और बिना रुके जबरदस्त धक्के लगाना शुरू कर देता है...और लंड अंदर बाहर करने लगता है....धक्के इतने ताबड तोड़ थे...कि अंजलि बुरी तरह हिल रही थी...

अंजलि :- अजहह अतरक्कक......अह्ह्ह्ह..ऊहह..माँ

मॅर गैिईईईईईईईई.....और तेज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़...अहह...हन्णन्न्..और तेज़्ज़....

तारक का लंड पूरा चूत में जाता ...और फिर बाहर आ जाता....

पूछ क्पुच...पच अपच..जैसी ही आवाज़ें आ रही थी.....

दोनो पसीने पसीने हो चुके थे....

तारक के धक्के अब और रफ़्तार पकड़ चुके थे.....

अंजलि :- तारक बॅस में गई......में नही झेल सकतिईइ और्र्र्र्र्ररर....

तारक :- अंजलि में भी आना वाला हूँ....मुझसे तो रहा नही जा रहा...

और अपना सारा रस अंजलि की चूत के अंदर छोड़ देता है...4 या 5 झटके लगते रहते हैं....अंजलि तारक के गरम रस को सहन नही कर पाती...और अपना ढेर सारा पानी छोड़ देती है....

दोनो काफ़ी थक गये थे...तारक अंजलि के पैरों को नीचे रख देता है...और उससे लिपट जाता है...कुछ मिनट बाद...दोनो फिर से होंठों का रस पान करने लगते हैं...

तारक :- अंजलि मज़ा आया ना..

अंजलि :- तारक ऐसा मज़ा..आज तक नही आया...

और दोनो फिर से एक दूसरी की बाहों में सिमट जाते हैं.....

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तारक और अंजलि अपनी चुदाई कर चुके थे....दोनो एक दूसरे के उपर पसरे हुए थी...अब आगे...

उधर बबीता घर पे पहुँच के गेट खोलती है और अंदर चली जाती है...

बबीता :- अईयर....अईयर....

लेकिन कोई रेस्पॉन्स नही आता...

फिर वो सोचती है शायद वो कमरे में होगा...

जैसे ही वो कमरे में पहुँचती है अईयर सोया पड़ा होता है...

बबीता :- अईयर तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना...

अईयर चादर में से मुँह बाहर निकालता हुआ.

अईयर :- हाँ बबीता बिल्कुल ठीक है..वो तो में बोर हो रहा था...तो इसलिए सो गया...

बबीता :- तुम्हे इतना पसीना क्यूँ आ रहा है...और तुमने ये फॅन क्यूँ बंद कर रखा है...

रूको में ऑन कर देती हूँ..

और वो फॅन ऑन कर देती है...

और वो जैसे ही फॅन ऑन करती है....पूरे कमरे में गुलाब के फूल बिखर जाते हैं...और नीचे खड़ी बबीता के उपर बरसने लगते हैं...

इतनी शॉपिंग करने के बाद बबीता काफ़ी थक गई थी...मगर जैसे ही उसने ये सब देखा उसकी सारी थकान दूर हो गई...वो काफ़ी खुश हो चुकी थी...

बबीता :- अईयर ये सब तुमने किया है...वऊओ...कितना बढ़िया है....

अईयर :- हाँ बबीता डार्लिंग..ये सब तुम्हारे ले ही है...

बबीता :- ओह्ह यू आर सो स्वीट....इसलिए तुम इतनी देर से बिना फॅन ऑन करे बैठे थे...वाऊ..थॅंक यू सो मच...!!

अईयर :- इसमे थॅंक यू क्या...

और पलंग से उठ के बबीता के पास आ जाता है...और एक दम से बबीता के होंठ पे अपने होंठ रख देता है...और एक प्यारा सा चुंबन दे देता है..

बबीता इसके लिए तैयार नही होती और वो चौंक जाती है....

बबीता :- थोड़ा पीछे हाते हुए....अईयर आज क्या हो गया है तुम्हे...बड़ा प्यार आ रहा है...

अईयर :- बबीता डार्लिंग....प्यार तो रोज़ आता है...अच्छा अब बातें मत करो..

बबीता :- इरादा क्या है...

मन में सोचती है...लगता है आज अच्छे से मेरी चुदाई होगी...

अच्छा तो कहाँ से शुरुआत करनी है..

अईयर अपनी पेंट खोल देता है...और अपना अंडरवेर भी उतार देता है....और उंगली से इशारा करता है..यहाँ से...

बबीता :- नहिी अईयर...हर बार में करती हूँ..और तुम अपने आप को रिलीफ करके निकल जाते हो...

अईयर :- बबीता डार्लिंग...आज में तुम्हारे लिए ही तो आया हूँ...

प्लीज़्ज़ज्ज्ज्ज आ जाओ ना...

बबीता कुछ सोचती है और फिर बोलती है..

बबीता :- ओके..लेकिन अगर आज भाग गये..तो मुझसे बुरा कोई नही होगा...

और अपना हाथ आगे बढ़ा के लंड पे रख देती है..अईयर के मुँह से हल्की सी आहह निकल जाती है..

अईयर :- डार्लिंग..बॅस अब फटाफट मुँह में लेलो....

अईयर से सब्र नही किया जा रहा था...

अईयर के उतावले पन को देख के...बबीता हल्की सी मुस्कुरा देती है...और अपना मुँह अईयर के लंड पे रख देती है...

और आधा मुँह में ले लेती है..और उसे चूसना चालू कर देती है..

अईयर :- बॅस..अहह.ओह्ह...बबीताआ...मज़ा आ रहा है...

बबीता लंड को नीचे से पकड़ के...उपर से आधा मुँह में लेके अंदर बाहर करने लगती है....

कमरे में पुच पच की आवाज़ आ रही थी...उसकी शकल इस वक़्त किसी रंडी से कम नही लग रही थी...

वो लंड को ऐसे चाट रही थी..जैसे..कोई लोलीपोप चूस रही हो..और वो भी उससे 10 साल के बाद मिली हो...

इतनी प्यासी थी कि...उससे रहा नही जा रहा था...वो फटाफट मुँह अंदर बाहर कर रही थी...

अईयर तो वैसे ही उतावला था...उससे तो रहा नही गया...और बोलता हुआ..

अईयर :- अहह.....ओह...बबीताआ...आइ आम कमिंग.....

और अपना सारा रस बबीता के मुँह के अंदर छोड़ देता है...और पीछे बेड पर गिर जाता है...

बबीता उठती है...उसने सारा रस पी लिया होता है...

बबीता :- अईयर ...तुमने अपना इरादा तो नही बदल लिया ना

अईयर फ़ौरन उठता है....उसे आज तो बबीता को खुश करना ही था...कोई और दिन होता तो वो कब का भाग जाता अपना लंड चुस्वा के....उसमे स्टॅमिना नही है...एक बार उसका रस निकल जाए...उसके बाद उसकी हिम्मत नही होती कुछ करने की...मगर आज कुछ बात तो अलग थी...

अईयर :- बबीता डार्लीग ऐसा थोड़ी हो सकता है...

और उसके करीब जाता है...और बूब्स को कस के दबा देता है..

बबीता :- ओह्ह्ह्ह अईयर....तुम्हे पता है..कितने दिन से इसके लिए में बेकरार थी...

अईयर बबीता का टॉप निकाल देता है...और उसे पलंग पे लिटा देता है....
 
बबीता भी मदहोशी में पागल हुई जा रही थी...वो सोच रही थी..आज तो मुझे जन्नत का एहसास होने वाला है..

इतने में अईयर बबीता के लेग्गी...और उसके पैंटी को खीच के उतार देता है...

बबीता की चूत पूरी तरह गीली हुई होती है...वो तो बस चुदने की तैयारी में होती है...

अईयर अपना मुँह उसकी चूत के पास ले जाता है.....और...!!!!,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दोस्तो क्या आईयर बबीता की प्यास बुझा पाया या बबीता को उसने प्यासा ही छोड़ दिया . अब बबिता किससे चुदवायेगी ये जानने के पढ़े रहें और मेरा साथ देते रहें

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