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Guest
मेरी आँखे झट से खुली सामने इनस्पेक्टर भाभी के जिस्म से साड़ी को हटा चुका था और पूरे हवस के आगोश मे आकर उनके पेट पर अपना मूह चला रहा था ..
मेरा दिमाग़ शांत हो चुका था एक बार मैने भाभी के चहरे को देखा , उनकी आँखो से दर्द साफ साफ झलक रहा था , वो बेचारी मेरी जान बचाने के लिए चुप हो चुकी थी और अपने जिस्म का ईस्तमाल करने की इजाज़त दे चुकी थी , हमारी नज़रे मिली उनकी आँखो मे मेरे लिए अब भी वही प्यार था और उसी प्यार ने मेरे अंदर एक हिम्मत और ताक़त का संचार कर दिया ,मैने नज़र घुमाई तो मुझे इनस्पेक्टर के कपड़े
एक ओर पड़े हुए दिखाई दिए , वही उसका रेवोल्वेर भी रखा हुआ था , बाकी के लोग भाभी के जिस्म की नुमाइश का मज़ा उठा रहे थे यही समय था और मैं तुरंत ही उठा और पूरी ताकत लगा कर उस रेवोल्वेर को पकड़ने के लिए झपटा ,बस जैसे पलक सी झपकी हो और मेरे
हाथो मे एक पिस्टल थी इससे पहले कोई भी कुछ समझ पाता मैने दो गोलियाँ सीधे इनस्पेक्टर पर चला दी …
ढाय धाय
गोलियाँ सीधे उसके माथे पर लगी और उसकी खोपड़ी ही खुल गई ,वो सीधे भाभी के उपर गिर गया ,भाभी के चहरे पर बस खून ही खून
दिखाई देने लगा था ,उसके बाकी के साथी कोई हरकत करते उससे पहले ही मैने अपनी बंदूक तान दी ..
“खबरदार अगर कोई हिला तो भुन कर रख दूँगा “
सभी सकते मे आ चुके थे ,लेकिन वो ट्रेंड लोग थे एक ने तुरंत अपनी पिस्टल निकाली और तभी किसी ने उसे पिछे से उसके सर पर एक रॉड दे मारा , वो कोई नही बल्कि कालवा ही था जो मेरे साथ आया हुआ था , उसने उसके हाथो से पिस्टल ले ली और बाकियो पर तान दी ,
“तुम ये ठीक नही कर रहे हो कालवा , इसका साथ देकर तुम भी नही बचोगे , जानते हो ना इनस्पेक्टर किसका आदमी था ,और पोलीस वाले
को मारने के कारण ये तो जाएगा ही जाएगा लेकिन तुम भी इसके साथ जाओगे याद रखना ..”
एक सिपाही चिल्लाया
“सब जानता हूँ कि ये किस नेता का कुत्ता था और उसके ही दम मे उच्छलता था , लेकिन मादरचोद मैने इसे पहले भी समझाया था कि मजदूरो से पंगा ना ले इस साले ने मेरी बात नही सुनी .. सोनू “
कालवा ने मुझे एक इशारा किया और मैने दो गोली और चला दी दोनो सिपाहियो को गोली लगी एक के माथे पर और दूसरे के सीने पर ,भाभी भी अब खड़ी हो चुकी थी लेकिन उनकी आँखो मे ख़ौफ़ साफ साफ दिखाई दे रहा था , उनका प्यारा सोनू अब एक कातिल बन चुका था वो भी पोलीस वालो का ..
“अब तुम किसके साथ हो बे , पोलीस वाले के साथ मरोगे या फिर भागो गे “
कालवा ने वहाँ आए बाकी के 3 लोगो से कहा
“कालवा भाई वो सब तो ठीक है लेकिन तुम जानते हो दया संकर तिवारी मंत्री है और ये इनस्पेक्टर पांड्या उसका खास आदमी था , पूरी
ताकत लगा देगा इस लड़के को खोजने मे और साथ मे तुम भी पिस जाओगे ..”
“तू मेरी फिकर मत कर बेटा तू अपनी फिकर “
“भाई हम किसी को कुछ नही बताएँगे हमे जाने दो , हम भी तो हामिद के ही आदमी है तुम तो हमे पहचानते हो “
उनमे से एक ने कहा , कालवा थोड़ी देर के लिए सोच मे पड़ गया और मुझे देखने लगा
“कालवा भाई अगर इन लोगो को छोड़ दिया तो ये तो जाकर सभी को बता देंगे “
मेरा डर भी स्वाभाविक था
“फिकर मत कर ये लोग मूह नही खोलेंगे ये हामिद के आदमी है और हामिद मेरा दोस्त है , लेकिन तुम लोग जाकर हामिद को ये बता देना
कि इनस्पेक्टर पांडे को किसने मारा है “
उसके होठों मे एक अर्थपूर्ण मुस्कान खिल गई थी जिसे मैं समझ नही पा रहा था, वो लोग भागे , भाभी तब तक अपनी साड़ी पहन चुकी थी ..
“यहाँ से जल्दी निकलना होगा और साथ ही ये इलाक़ा भी छोड़ना होगा , खबर तुरंत फैल जाएगी कि तुमने पांडे को मारा है और फिर तुम्हारे लिए बच पाना आसान नही होगा ..”
कालवा की बात सुनकर भाभी की हालत खराब हो गई थी वही मेरे दिल मे ज़रा भी डर नही था ..
“लेकिन कहाँ जाएँगे ??”
कालवा मुस्कुरा उठा
“अगर तिवारी से कोई बचा सकता है तो एक ही आदमी है यहाँ के भगवान जीवा के गॅंग का लेफ्ट हेड संपत ..”
मेरा दिमाग़ शांत हो चुका था एक बार मैने भाभी के चहरे को देखा , उनकी आँखो से दर्द साफ साफ झलक रहा था , वो बेचारी मेरी जान बचाने के लिए चुप हो चुकी थी और अपने जिस्म का ईस्तमाल करने की इजाज़त दे चुकी थी , हमारी नज़रे मिली उनकी आँखो मे मेरे लिए अब भी वही प्यार था और उसी प्यार ने मेरे अंदर एक हिम्मत और ताक़त का संचार कर दिया ,मैने नज़र घुमाई तो मुझे इनस्पेक्टर के कपड़े
एक ओर पड़े हुए दिखाई दिए , वही उसका रेवोल्वेर भी रखा हुआ था , बाकी के लोग भाभी के जिस्म की नुमाइश का मज़ा उठा रहे थे यही समय था और मैं तुरंत ही उठा और पूरी ताकत लगा कर उस रेवोल्वेर को पकड़ने के लिए झपटा ,बस जैसे पलक सी झपकी हो और मेरे
हाथो मे एक पिस्टल थी इससे पहले कोई भी कुछ समझ पाता मैने दो गोलियाँ सीधे इनस्पेक्टर पर चला दी …
ढाय धाय
गोलियाँ सीधे उसके माथे पर लगी और उसकी खोपड़ी ही खुल गई ,वो सीधे भाभी के उपर गिर गया ,भाभी के चहरे पर बस खून ही खून
दिखाई देने लगा था ,उसके बाकी के साथी कोई हरकत करते उससे पहले ही मैने अपनी बंदूक तान दी ..
“खबरदार अगर कोई हिला तो भुन कर रख दूँगा “
सभी सकते मे आ चुके थे ,लेकिन वो ट्रेंड लोग थे एक ने तुरंत अपनी पिस्टल निकाली और तभी किसी ने उसे पिछे से उसके सर पर एक रॉड दे मारा , वो कोई नही बल्कि कालवा ही था जो मेरे साथ आया हुआ था , उसने उसके हाथो से पिस्टल ले ली और बाकियो पर तान दी ,
“तुम ये ठीक नही कर रहे हो कालवा , इसका साथ देकर तुम भी नही बचोगे , जानते हो ना इनस्पेक्टर किसका आदमी था ,और पोलीस वाले
को मारने के कारण ये तो जाएगा ही जाएगा लेकिन तुम भी इसके साथ जाओगे याद रखना ..”
एक सिपाही चिल्लाया
“सब जानता हूँ कि ये किस नेता का कुत्ता था और उसके ही दम मे उच्छलता था , लेकिन मादरचोद मैने इसे पहले भी समझाया था कि मजदूरो से पंगा ना ले इस साले ने मेरी बात नही सुनी .. सोनू “
कालवा ने मुझे एक इशारा किया और मैने दो गोली और चला दी दोनो सिपाहियो को गोली लगी एक के माथे पर और दूसरे के सीने पर ,भाभी भी अब खड़ी हो चुकी थी लेकिन उनकी आँखो मे ख़ौफ़ साफ साफ दिखाई दे रहा था , उनका प्यारा सोनू अब एक कातिल बन चुका था वो भी पोलीस वालो का ..
“अब तुम किसके साथ हो बे , पोलीस वाले के साथ मरोगे या फिर भागो गे “
कालवा ने वहाँ आए बाकी के 3 लोगो से कहा
“कालवा भाई वो सब तो ठीक है लेकिन तुम जानते हो दया संकर तिवारी मंत्री है और ये इनस्पेक्टर पांड्या उसका खास आदमी था , पूरी
ताकत लगा देगा इस लड़के को खोजने मे और साथ मे तुम भी पिस जाओगे ..”
“तू मेरी फिकर मत कर बेटा तू अपनी फिकर “
“भाई हम किसी को कुछ नही बताएँगे हमे जाने दो , हम भी तो हामिद के ही आदमी है तुम तो हमे पहचानते हो “
उनमे से एक ने कहा , कालवा थोड़ी देर के लिए सोच मे पड़ गया और मुझे देखने लगा
“कालवा भाई अगर इन लोगो को छोड़ दिया तो ये तो जाकर सभी को बता देंगे “
मेरा डर भी स्वाभाविक था
“फिकर मत कर ये लोग मूह नही खोलेंगे ये हामिद के आदमी है और हामिद मेरा दोस्त है , लेकिन तुम लोग जाकर हामिद को ये बता देना
कि इनस्पेक्टर पांडे को किसने मारा है “
उसके होठों मे एक अर्थपूर्ण मुस्कान खिल गई थी जिसे मैं समझ नही पा रहा था, वो लोग भागे , भाभी तब तक अपनी साड़ी पहन चुकी थी ..
“यहाँ से जल्दी निकलना होगा और साथ ही ये इलाक़ा भी छोड़ना होगा , खबर तुरंत फैल जाएगी कि तुमने पांडे को मारा है और फिर तुम्हारे लिए बच पाना आसान नही होगा ..”
कालवा की बात सुनकर भाभी की हालत खराब हो गई थी वही मेरे दिल मे ज़रा भी डर नही था ..
“लेकिन कहाँ जाएँगे ??”
कालवा मुस्कुरा उठा
“अगर तिवारी से कोई बचा सकता है तो एक ही आदमी है यहाँ के भगवान जीवा के गॅंग का लेफ्ट हेड संपत ..”