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| कुछ ही देर बाद जितेश ने रीमा को अपने आगोश में ले लिया और उसको जांघो को फैला कर के उसकी पहले से ही उसके लंड रस से सनी हुई चूत में अपने लंड को सटाकर के पेल दिया | रीमा के मुंह से एक लंबी सिसकारी निकल गई |
रीमा - ओओओओओओओओओओओओओओह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ऊऊऊऊऊऊऊफ़्फ़्फ़ |
जितेश ने अपने होठों को रीमा के होठों से सटा दिया | जितेश रीमा कस कर के चूमने लगा उसे पता था अगर वह रीमा के होंठों को अपने होंठों में नहीं चिपका लेगा तो रीमा के मुंह से तेज तेज सिसकारियां निकलेंगी और नीचे लेटा हुआ उसका आदमी गिरधारी जो कि उसके नीचे ही काम करता था और रात में उसके पास आया था और यही सो गया था वह जाग जाएगा | उसने रीमा के होठों को कसकर अपने होठों में जकड़ लिया और चूसने लगा | इधर उसकी हिलती कमर रीमा की चूत में मुसल लंड को पेलने लगी | उसकी चूत फ़ैलने लगी और जितेश के लंड को अपने गुलाबी आगोश में लेने लगी | रीमा फिर से मुसल लंड से चुदने लगी थी | अभी तो रात बस खत्म हुई थी और सुबह फटने का समय हुआ था कुछ ही घंटों के अंदर रीमा की वासना फिर से अपने चरम पर थी | जितेश की भी ठरक अभी खत्म नहीं हुई थी इसीलिए दोनों फिर से चुदाई के नंगे खेल में जुट गए थे |
एक तरफ जितेश रीमा की चूत में कमर हिला हिला के लंड को पेल रहा था तो दूसरी तरफ रीमा की चूत में उसके मुसल लंड को अपने आगोश में ले रही थी | अं न कोई प्रतिरोध था न कोई विरोध था | रीमा की चिकनी चूत की दीवारों पर सटा सट जितेश का लंड फिसल रहा था | उसके जिस्म में उठ रही हवस की लपटों की आग रीमा के मुहँ से गरम सिसकारियो के रूप में निकल रही थी और सीधे जितेश के मुहँ में जा रह थी क्योंकि जितेश ने उसके मुंह से अपने ओंठो को कसकर चिपका रखा था | अब ना केवल जितेश अपनी कमर हिला रहा था बल्कि रीमा भी अपनी कमर हिला कर के उसके लंड को गहराइयों तक लेने की कोशिश कर रही |
चुदाई का नंगा खेल फिर से शुरू हो गया था और रीमा के मुंह से निकलने वाली सिसकारियां उसके मुंह में ही घुट घुट के रह जा रही थी लेकिन जितेश के मोटे मुसल लंड की ठोकर आखिर कब तक रीमा का नाजुक बदन संभाल पता | कब तक जितेश की जोरदार ठोकरों को रीमा खामोश लबो से बर्दाश्त कर पाती | कब तक उन मादक कराहों को, उन कामुक सिसकारियां को अपने मुंह में घुट के रख पाती | जैसे ही एक मोटा तगड़ा लंड औरत की चूत के छेद में घुसता है उसका मुहँ का छेद अपने आप खुल जाता है | ये नैसर्गिक है रीमा इसको कब तक रोक सकती थी | जितेश के भीषण ठोकरों की तरंगे न केवल उसके जिस्खिम को हिलाए हुए पड़ी थी बल्रकि उनमे उसका मन भी कांप जाता था | उस कम्कापन की आवाजे आखिरकार उसके मुंह से निकलने वाली सिसकारियां के रूप में कमरे में गूंजने लगी | जितेश रीमा की चुदाई में इस कदर मशगूल हो गया था कि उसे पता ही नहीं चला कि कब उसके ओंठ रीमा के होठों से हटकर के उसी गर्दन और स्तनों पर चले गए |
रीमा की चूत पर पड़ती मुसल लंड की हर करारी ठोकर के साथ उसके मुंह से उसकी सिसकारियां निकल रही थी | उन दोनों के इस चुदाई के खेल की कामुक आवाजें आखिरकार गिरधारी के कानों तक पहुंच गई | सोते-सोते उसकी नींद टूट गई पहले तो उसे लगा जैसे वह कोई सपना देख रहा है लेकिन जब उसने नीचे जमीन से उठकर के बिस्तर की तरफ देखा तो जो नजारा उसने देखा उसे देखकर वह हैरान रह गया | रीमा और जितेश दोनों एक दूसरे की बाहों में गुथम गुत्था हुए चुदाई का नंगा हवसी खेल खेल रहे थे जिसका उसे अंदाजा तक नहीं था | जब वह यहां आया था तब उसने रीमा को देखा था, उसने जितेश से सवाल भी पुछा था लेकिन उसने टाल दिया था | जब जितेश ने जमीन वाली सुरंग का दरवाजा खोला और वो अन्दर आया तब वह पूरी तरह से चादर से ढकी हुई सो रही थी इसलिए उसे रीमा के जिस्म की झलक नहीं मिली थी |
उसने बस चादर की सलवटो और उभारो से रीमा के हुस्न का अंदाजा लगाया था | उसने जितेश से सवाल जवाब भी किये लेकिन जितेश ने सिर्फ काम की बात | उसके बाद दरी बिछाकर वो वही सो गया | अब एक तरफ सूरज अपनी रोशनी बिखेरने को तैयार हो गया था और इधर बिस्तर पर वह दोनों अभी भी रात के नशे में चूर एक दूसरे के चुदाई का खेल खेल रहे थे | अपने अपने जिस्अमो में लगी आग बुझाने में लगे हुई थे | गिरधारी ने जो भी अपनी आंखों से देखा उसे अभी तक यकीन नहीं हुआ कि उसने जो देखा है वही सच है लेकिन जो उसने देखा था वही सच है ये उसे मानना पड़ा | वह क्या करें उसे खुद समझ में नहीं आया कुछ उसके सामने एक खूबसूरत सी औरत को उसका बॉस चोद रहा था | जितेश का लंड आधे से ज्यादा रीमा की चूत में धंसा आगे पीछे हो रहा था और रीमा की गोरी उंगलियाँ उसके चूत दाने के आसपास टिकी हुई थी |
उसकी तरफ रीमा की गोरी चिकनी पीठ थी | उसके मांसल बसे बसे चूतड़ थे और गुदाज मांसल जांघे जो जितेश की कमर से चिपकी हुई नब्बे डिग्री का कोण उसके जिस्म के साथ बना रही थी | उसे अपने पैरो की तरफ अपनी गर्दन झुकानी पड़ी रीमा की गुलाबी मखमली चूत के दर्शन करने के लिए | लेकिन तब भी उसके रीमा की चूत का पिछला हिस्सा ही दिख पाया | कमरे का ये रोमांचक कामुक सीन देखकर उसके भी अरमान जगने लगे | रीमा के बारे में जानने की उसकी इक्षा तो तभी शुरू हो गयी थी जब वो इस कमरे घुसा था | कौन है ये औरत जो इतनी शिद्दत से मेरे बॉस से ख़ुशी खुसी चुद रही है | आखिर ये रंडी नहीं है तो रंडी की तरह चुद क्यों रही है | लगता है मेरे बॉस मुझसे झूठ बोल रहा है |
कोई शरीफ औरत किसी पराये मर्द से इस तरह से चूतड़ हिला हिलाकर थोड़े ही चुदती है | आखिर बॉस ने इतनी जल्दी इसको पता कैसा लिया | इतनी जल्दी इसको बिस्तर पर ले कैसे आये | इतनी जल्दी इसको जांघे खोलने के लिए राजी कैसे कर लिया | इतनी जल्दी इस औरत ने अपने कपड़े कैसे उतार दिए, न केवल कपड़े उतार दिए बल्कि बॉस का मुसल लंड भी घोट रही है | वो अपनी जगह से जितेश के पैरो की तरफ से जमींन पर रेंगता हुआ बेड के सिरहाने के उल्टा दिशा में बढ़ा | वो रीमा की चूत के दर्शन करना चाहता था जो अभी जितेश के लंड से अपने आगोश में लिए पूरी तरह से फैली हुई थी | आखिर कुछ दूर आगे जाने के बाद उसने सर को उचकाया और रीमा की गुलाबी मखमली चूत के दर्शन कर लिए | गुलाबी रंगत लिए हुए पतले ओंठो से घिरी उसकी चूत कितनी साफ़ और चिकनी थी | इसकी चूत पर तो बाल भी नहीं है | उसकी बीबी तो अपना जंगल कभी काटती ही नहीं |
रीमा - ओओओओओओओओओओओओओओह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ऊऊऊऊऊऊऊफ़्फ़्फ़ |
जितेश ने अपने होठों को रीमा के होठों से सटा दिया | जितेश रीमा कस कर के चूमने लगा उसे पता था अगर वह रीमा के होंठों को अपने होंठों में नहीं चिपका लेगा तो रीमा के मुंह से तेज तेज सिसकारियां निकलेंगी और नीचे लेटा हुआ उसका आदमी गिरधारी जो कि उसके नीचे ही काम करता था और रात में उसके पास आया था और यही सो गया था वह जाग जाएगा | उसने रीमा के होठों को कसकर अपने होठों में जकड़ लिया और चूसने लगा | इधर उसकी हिलती कमर रीमा की चूत में मुसल लंड को पेलने लगी | उसकी चूत फ़ैलने लगी और जितेश के लंड को अपने गुलाबी आगोश में लेने लगी | रीमा फिर से मुसल लंड से चुदने लगी थी | अभी तो रात बस खत्म हुई थी और सुबह फटने का समय हुआ था कुछ ही घंटों के अंदर रीमा की वासना फिर से अपने चरम पर थी | जितेश की भी ठरक अभी खत्म नहीं हुई थी इसीलिए दोनों फिर से चुदाई के नंगे खेल में जुट गए थे |
एक तरफ जितेश रीमा की चूत में कमर हिला हिला के लंड को पेल रहा था तो दूसरी तरफ रीमा की चूत में उसके मुसल लंड को अपने आगोश में ले रही थी | अं न कोई प्रतिरोध था न कोई विरोध था | रीमा की चिकनी चूत की दीवारों पर सटा सट जितेश का लंड फिसल रहा था | उसके जिस्म में उठ रही हवस की लपटों की आग रीमा के मुहँ से गरम सिसकारियो के रूप में निकल रही थी और सीधे जितेश के मुहँ में जा रह थी क्योंकि जितेश ने उसके मुंह से अपने ओंठो को कसकर चिपका रखा था | अब ना केवल जितेश अपनी कमर हिला रहा था बल्कि रीमा भी अपनी कमर हिला कर के उसके लंड को गहराइयों तक लेने की कोशिश कर रही |
चुदाई का नंगा खेल फिर से शुरू हो गया था और रीमा के मुंह से निकलने वाली सिसकारियां उसके मुंह में ही घुट घुट के रह जा रही थी लेकिन जितेश के मोटे मुसल लंड की ठोकर आखिर कब तक रीमा का नाजुक बदन संभाल पता | कब तक जितेश की जोरदार ठोकरों को रीमा खामोश लबो से बर्दाश्त कर पाती | कब तक उन मादक कराहों को, उन कामुक सिसकारियां को अपने मुंह में घुट के रख पाती | जैसे ही एक मोटा तगड़ा लंड औरत की चूत के छेद में घुसता है उसका मुहँ का छेद अपने आप खुल जाता है | ये नैसर्गिक है रीमा इसको कब तक रोक सकती थी | जितेश के भीषण ठोकरों की तरंगे न केवल उसके जिस्खिम को हिलाए हुए पड़ी थी बल्रकि उनमे उसका मन भी कांप जाता था | उस कम्कापन की आवाजे आखिरकार उसके मुंह से निकलने वाली सिसकारियां के रूप में कमरे में गूंजने लगी | जितेश रीमा की चुदाई में इस कदर मशगूल हो गया था कि उसे पता ही नहीं चला कि कब उसके ओंठ रीमा के होठों से हटकर के उसी गर्दन और स्तनों पर चले गए |
रीमा की चूत पर पड़ती मुसल लंड की हर करारी ठोकर के साथ उसके मुंह से उसकी सिसकारियां निकल रही थी | उन दोनों के इस चुदाई के खेल की कामुक आवाजें आखिरकार गिरधारी के कानों तक पहुंच गई | सोते-सोते उसकी नींद टूट गई पहले तो उसे लगा जैसे वह कोई सपना देख रहा है लेकिन जब उसने नीचे जमीन से उठकर के बिस्तर की तरफ देखा तो जो नजारा उसने देखा उसे देखकर वह हैरान रह गया | रीमा और जितेश दोनों एक दूसरे की बाहों में गुथम गुत्था हुए चुदाई का नंगा हवसी खेल खेल रहे थे जिसका उसे अंदाजा तक नहीं था | जब वह यहां आया था तब उसने रीमा को देखा था, उसने जितेश से सवाल भी पुछा था लेकिन उसने टाल दिया था | जब जितेश ने जमीन वाली सुरंग का दरवाजा खोला और वो अन्दर आया तब वह पूरी तरह से चादर से ढकी हुई सो रही थी इसलिए उसे रीमा के जिस्म की झलक नहीं मिली थी |
उसने बस चादर की सलवटो और उभारो से रीमा के हुस्न का अंदाजा लगाया था | उसने जितेश से सवाल जवाब भी किये लेकिन जितेश ने सिर्फ काम की बात | उसके बाद दरी बिछाकर वो वही सो गया | अब एक तरफ सूरज अपनी रोशनी बिखेरने को तैयार हो गया था और इधर बिस्तर पर वह दोनों अभी भी रात के नशे में चूर एक दूसरे के चुदाई का खेल खेल रहे थे | अपने अपने जिस्अमो में लगी आग बुझाने में लगे हुई थे | गिरधारी ने जो भी अपनी आंखों से देखा उसे अभी तक यकीन नहीं हुआ कि उसने जो देखा है वही सच है लेकिन जो उसने देखा था वही सच है ये उसे मानना पड़ा | वह क्या करें उसे खुद समझ में नहीं आया कुछ उसके सामने एक खूबसूरत सी औरत को उसका बॉस चोद रहा था | जितेश का लंड आधे से ज्यादा रीमा की चूत में धंसा आगे पीछे हो रहा था और रीमा की गोरी उंगलियाँ उसके चूत दाने के आसपास टिकी हुई थी |
उसकी तरफ रीमा की गोरी चिकनी पीठ थी | उसके मांसल बसे बसे चूतड़ थे और गुदाज मांसल जांघे जो जितेश की कमर से चिपकी हुई नब्बे डिग्री का कोण उसके जिस्म के साथ बना रही थी | उसे अपने पैरो की तरफ अपनी गर्दन झुकानी पड़ी रीमा की गुलाबी मखमली चूत के दर्शन करने के लिए | लेकिन तब भी उसके रीमा की चूत का पिछला हिस्सा ही दिख पाया | कमरे का ये रोमांचक कामुक सीन देखकर उसके भी अरमान जगने लगे | रीमा के बारे में जानने की उसकी इक्षा तो तभी शुरू हो गयी थी जब वो इस कमरे घुसा था | कौन है ये औरत जो इतनी शिद्दत से मेरे बॉस से ख़ुशी खुसी चुद रही है | आखिर ये रंडी नहीं है तो रंडी की तरह चुद क्यों रही है | लगता है मेरे बॉस मुझसे झूठ बोल रहा है |
कोई शरीफ औरत किसी पराये मर्द से इस तरह से चूतड़ हिला हिलाकर थोड़े ही चुदती है | आखिर बॉस ने इतनी जल्दी इसको पता कैसा लिया | इतनी जल्दी इसको बिस्तर पर ले कैसे आये | इतनी जल्दी इसको जांघे खोलने के लिए राजी कैसे कर लिया | इतनी जल्दी इस औरत ने अपने कपड़े कैसे उतार दिए, न केवल कपड़े उतार दिए बल्कि बॉस का मुसल लंड भी घोट रही है | वो अपनी जगह से जितेश के पैरो की तरफ से जमींन पर रेंगता हुआ बेड के सिरहाने के उल्टा दिशा में बढ़ा | वो रीमा की चूत के दर्शन करना चाहता था जो अभी जितेश के लंड से अपने आगोश में लिए पूरी तरह से फैली हुई थी | आखिर कुछ दूर आगे जाने के बाद उसने सर को उचकाया और रीमा की गुलाबी मखमली चूत के दर्शन कर लिए | गुलाबी रंगत लिए हुए पतले ओंठो से घिरी उसकी चूत कितनी साफ़ और चिकनी थी | इसकी चूत पर तो बाल भी नहीं है | उसकी बीबी तो अपना जंगल कभी काटती ही नहीं |