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दीदी - मै आज बहुत थक गई हूं आज दिन भर बहुत सुबह से काम था क्योंकि मम्मी पापा सुबह ही निकल गए थे इसलिए मुझे सोना है |
इतना कहकर दीदी उठकर के बाथरूम की तरफ चली गई और जब वहां से वापस लौटी तो उनके बदन पर सिर्फ एक सफेद झीनी सी पैंटी थी |
मैंने देखा दीदी ऊपर से नीचे तक पूरी तरह से नंगी है सिर्फ एक सफेद झीनी चड्डी में घूम रही हैं | दीदी जिस तरह रूम में आई और वापस भी उसी तरह चली गई चूतड़ हिलाते हुए | देर तक मैं दीदी को देखता रहा और उनके बारे में सोचता था लेकिन ना तो इतनी समझती ना ही अकल | कुछ देर बाद उठकर करके सीधे बाथरूम की तरफ चला गया था बाथरूम का दरवाजा बंद नहीं था मैंने देखा दीदी नहा रही है इतनी रात में कौन नहाता है लेकिन दीदी नहा रही थी | जैसे ही दीदी ने मुझे वहां दरवाजे के पास देखा उन्होंने इशारे से अंदर आने को कहा मैं अंदर चला गया मैं पूरी तरह से नंगा था इसलिए अंदर जाते ही दीदी ने मुझे शावर के नीचे खड़ा कर दिया और साबुन लगा कर के मुझे भी मलने लगी थी | दीदी की सफेद झीनी पैंटी पानी से पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और बाहर से ही दीदी की चूत की दरार और उनके ओंठ साफ साफ दिख रहे थे | उसके ऊपर हलके हलके काले काले बालो का एक बड़ा सा इलाका भी दिख रहा था | साबुन लगाने के बाद दीदी ने मुझे फिर से शावर के नीचे खड़ा कर दिया और दूसरी तरफ से एक क्रीम उठाते हुए मुझसे बोली - पता है इसे क्या कहते हैं |
मैंने उसे देखते ही पहचान लिया और मै बोला - हां पापा लोग से दाढ़ी बनाते हैं |
दीदी - हां बिल्कुल तूने सही पहचाना इसलिए सिर्फ दाढ़ी ही नहीं बनती है इसे झांटे भी बनाई जाती हैं अब मैं इसे अपनी झांटो पर लगा रही हूं और आज तुझे मैं चूत की सेव करना सिखाओगी समझ गया | जब भी किसी औरत की चूत पर ढेर सारी बाल हो और तुझे उसकी चिकनी चूत देखनी है तो तुझे उसके बालो की शेविंग करनी पड़ेगी | इसलिए झांटे कैसे बनाई जाती हैं यह तुझे आज मैं सिखाती हूं |
इसके बाद दीदी ने ढेर सारी सेविंग क्रीम अपने चूत और आसपास के इलाकों में लगा दी और उसके बाद में एक रेजर लेकर धीरे-धीरे उसे बनाने लगी थी | जैसे-जैसे दीदी अपने हाथों से रेजर घुमती जाती वहां के बाल साफ होते जाते | मैं उन्हें गौर से देख रहा था | दीदी धीरे-धीरे अपनी चूत के सारे बाल बनाती हुई चली गई और कुछ ही देर में उनकी चूत के ऊपर का इलाका पूरी तरह से साफ हो गए था | दीदी की गुलाबी चूत का इलाका फिर से चमकने लगा था |
दीदी ने फिर से एक बार क्रीम लगाई और दोबारा से सेव करने लगी थी | कुछ ही देर में दीदी ने अपनी रेजर मेरी तरह बढ़ाते हुए चलो एक दो बार मेरी चूत के ऊपर रेजर घुमावो |
तुम्हे भी तो पता चला जिस चिकनी चूत के तुम इतने दीवाने हो उसे इतना सफाचट और चिकना रखने में कितनी मेहनत लगती है | मै भी दीदी की चूत के इलाके में रेजर घुमाने लगा | जैसे जैसे दीदी बताती गयी मै बिलकुल वैसे वैसे ही करता गया | कुछ ही देर बाद दीदी की चूत पर बालों का नामोनिशान तक नहीं था ऐसा लग रहा था जैसे वहां कभी बाल थे ही नहीं | दो बार बाल सेव करने के बाद में दीदी की चूत एकदम से चिकनी और सफाचट हो गई थी और उनकी गुलाबी उस वाली चूत फिर से चमकने लगी थी उसके बाद दीदी ने मेरे लंड के आसपास के इलाकों में भी साबुन लगाई और अच्छे से धोया | इसके बाद दीदी मेरा हाथ पकड़ के चल दी मै भी उनके पीछे पीछे चल दिया | कमरे में आकर के दीदी ने मुझे अच्छी तरह से तौलिये से पोंछा और फिर खुद को भी अच्छी तरह से पोंछा | उसके बाद में दीदी बिस्तर पर लुढ़क गयी और चद्दर ओढ़ ली | मुझे भी एक चद्दर उढ़ा दी लेकिन कुछ ही देर बाद दीदी ने अपनी चद्दर फेंक दी और मुझे अपने सीने से चिपका दिया | आज दीदी का बर्ताव कुछ अलग लग रहा था वो आज बहुत कम बोल रही थी | कुछ देर तक मैं दीदी से चिपका रहा | दीदी के बदन की गर्माहट करके मेरा लंड से सीधा होने लगा लेकिन दीदी ने मुझे बाहों में भर कर खुद से चिपकाये रखा और कुछ देर बाद सो गई | उनकी सांसों की गर्माहट और आवाज से मैं समझ गया था कि वह पूरी तरह से सो चुकी है अब मैं इस खड़े लंड का क्या करूं मैं ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहता था जो दीदी को नागवार गुजरे | मै भी दीदी की नरम नरम बांहों में उनके साथ चिपके चिपके सोने की कोशिश करने लगा | दीदी के बारे में सोचते सोचते और उनके बदन से चिपके चिपके उनकी बदन की गरमाहट को महसूस करते करते कब मुझे खुद मेरी आंखें बंद हो गई मुझे पता ही नहीं चला |
दीदी के बिस्तर पर हम कितने घंटे गहरी नींद में सोए रहे मुझे भी अंदाजा नहीं था लेकिन नींद मुझे बहुत अच्छी आई और जब मेरी आंख खुली थी दीदी तब भी सो रही थी मैंने देखा नीचे दीदी की जांघों के पास मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से बना हुआ है तो क्या मेरा लंड इतनी देर तक तना ही रहा कितने घंटे पूरी तरह से खड़ा रहा मैं हैरान था | क्या चीज है ये लंड | क्या इतनी देर तक किसी का लंड का खड़ा रह सकता है लेकिन मेरा लंड खड़ा हुआ था दीदी अभी भी गहरी नींद में सो रही थी अब आगे क्या करना है मुझे कुछ पता ही नहीं था आखिर मै करता भी तो क्या करता मैं चुपचाप वैसे ही लेटा रहा और दीदी के स्तनों को मसलता हालांकि मैंने टीवी में मूवी में देख लिया था कि एक आदमी कैसे एक औरत को चोद रहा था लेकिन यहां मुझे कुछ पता नहीं था इसीलिए जब तक दीदी कुछ बताएंगे नहीं मैं कुछ कर नहीं सकता था
इतना कहकर दीदी उठकर के बाथरूम की तरफ चली गई और जब वहां से वापस लौटी तो उनके बदन पर सिर्फ एक सफेद झीनी सी पैंटी थी |
मैंने देखा दीदी ऊपर से नीचे तक पूरी तरह से नंगी है सिर्फ एक सफेद झीनी चड्डी में घूम रही हैं | दीदी जिस तरह रूम में आई और वापस भी उसी तरह चली गई चूतड़ हिलाते हुए | देर तक मैं दीदी को देखता रहा और उनके बारे में सोचता था लेकिन ना तो इतनी समझती ना ही अकल | कुछ देर बाद उठकर करके सीधे बाथरूम की तरफ चला गया था बाथरूम का दरवाजा बंद नहीं था मैंने देखा दीदी नहा रही है इतनी रात में कौन नहाता है लेकिन दीदी नहा रही थी | जैसे ही दीदी ने मुझे वहां दरवाजे के पास देखा उन्होंने इशारे से अंदर आने को कहा मैं अंदर चला गया मैं पूरी तरह से नंगा था इसलिए अंदर जाते ही दीदी ने मुझे शावर के नीचे खड़ा कर दिया और साबुन लगा कर के मुझे भी मलने लगी थी | दीदी की सफेद झीनी पैंटी पानी से पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और बाहर से ही दीदी की चूत की दरार और उनके ओंठ साफ साफ दिख रहे थे | उसके ऊपर हलके हलके काले काले बालो का एक बड़ा सा इलाका भी दिख रहा था | साबुन लगाने के बाद दीदी ने मुझे फिर से शावर के नीचे खड़ा कर दिया और दूसरी तरफ से एक क्रीम उठाते हुए मुझसे बोली - पता है इसे क्या कहते हैं |
मैंने उसे देखते ही पहचान लिया और मै बोला - हां पापा लोग से दाढ़ी बनाते हैं |
दीदी - हां बिल्कुल तूने सही पहचाना इसलिए सिर्फ दाढ़ी ही नहीं बनती है इसे झांटे भी बनाई जाती हैं अब मैं इसे अपनी झांटो पर लगा रही हूं और आज तुझे मैं चूत की सेव करना सिखाओगी समझ गया | जब भी किसी औरत की चूत पर ढेर सारी बाल हो और तुझे उसकी चिकनी चूत देखनी है तो तुझे उसके बालो की शेविंग करनी पड़ेगी | इसलिए झांटे कैसे बनाई जाती हैं यह तुझे आज मैं सिखाती हूं |
इसके बाद दीदी ने ढेर सारी सेविंग क्रीम अपने चूत और आसपास के इलाकों में लगा दी और उसके बाद में एक रेजर लेकर धीरे-धीरे उसे बनाने लगी थी | जैसे-जैसे दीदी अपने हाथों से रेजर घुमती जाती वहां के बाल साफ होते जाते | मैं उन्हें गौर से देख रहा था | दीदी धीरे-धीरे अपनी चूत के सारे बाल बनाती हुई चली गई और कुछ ही देर में उनकी चूत के ऊपर का इलाका पूरी तरह से साफ हो गए था | दीदी की गुलाबी चूत का इलाका फिर से चमकने लगा था |
दीदी ने फिर से एक बार क्रीम लगाई और दोबारा से सेव करने लगी थी | कुछ ही देर में दीदी ने अपनी रेजर मेरी तरह बढ़ाते हुए चलो एक दो बार मेरी चूत के ऊपर रेजर घुमावो |
तुम्हे भी तो पता चला जिस चिकनी चूत के तुम इतने दीवाने हो उसे इतना सफाचट और चिकना रखने में कितनी मेहनत लगती है | मै भी दीदी की चूत के इलाके में रेजर घुमाने लगा | जैसे जैसे दीदी बताती गयी मै बिलकुल वैसे वैसे ही करता गया | कुछ ही देर बाद दीदी की चूत पर बालों का नामोनिशान तक नहीं था ऐसा लग रहा था जैसे वहां कभी बाल थे ही नहीं | दो बार बाल सेव करने के बाद में दीदी की चूत एकदम से चिकनी और सफाचट हो गई थी और उनकी गुलाबी उस वाली चूत फिर से चमकने लगी थी उसके बाद दीदी ने मेरे लंड के आसपास के इलाकों में भी साबुन लगाई और अच्छे से धोया | इसके बाद दीदी मेरा हाथ पकड़ के चल दी मै भी उनके पीछे पीछे चल दिया | कमरे में आकर के दीदी ने मुझे अच्छी तरह से तौलिये से पोंछा और फिर खुद को भी अच्छी तरह से पोंछा | उसके बाद में दीदी बिस्तर पर लुढ़क गयी और चद्दर ओढ़ ली | मुझे भी एक चद्दर उढ़ा दी लेकिन कुछ ही देर बाद दीदी ने अपनी चद्दर फेंक दी और मुझे अपने सीने से चिपका दिया | आज दीदी का बर्ताव कुछ अलग लग रहा था वो आज बहुत कम बोल रही थी | कुछ देर तक मैं दीदी से चिपका रहा | दीदी के बदन की गर्माहट करके मेरा लंड से सीधा होने लगा लेकिन दीदी ने मुझे बाहों में भर कर खुद से चिपकाये रखा और कुछ देर बाद सो गई | उनकी सांसों की गर्माहट और आवाज से मैं समझ गया था कि वह पूरी तरह से सो चुकी है अब मैं इस खड़े लंड का क्या करूं मैं ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहता था जो दीदी को नागवार गुजरे | मै भी दीदी की नरम नरम बांहों में उनके साथ चिपके चिपके सोने की कोशिश करने लगा | दीदी के बारे में सोचते सोचते और उनके बदन से चिपके चिपके उनकी बदन की गरमाहट को महसूस करते करते कब मुझे खुद मेरी आंखें बंद हो गई मुझे पता ही नहीं चला |
दीदी के बिस्तर पर हम कितने घंटे गहरी नींद में सोए रहे मुझे भी अंदाजा नहीं था लेकिन नींद मुझे बहुत अच्छी आई और जब मेरी आंख खुली थी दीदी तब भी सो रही थी मैंने देखा नीचे दीदी की जांघों के पास मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से बना हुआ है तो क्या मेरा लंड इतनी देर तक तना ही रहा कितने घंटे पूरी तरह से खड़ा रहा मैं हैरान था | क्या चीज है ये लंड | क्या इतनी देर तक किसी का लंड का खड़ा रह सकता है लेकिन मेरा लंड खड़ा हुआ था दीदी अभी भी गहरी नींद में सो रही थी अब आगे क्या करना है मुझे कुछ पता ही नहीं था आखिर मै करता भी तो क्या करता मैं चुपचाप वैसे ही लेटा रहा और दीदी के स्तनों को मसलता हालांकि मैंने टीवी में मूवी में देख लिया था कि एक आदमी कैसे एक औरत को चोद रहा था लेकिन यहां मुझे कुछ पता नहीं था इसीलिए जब तक दीदी कुछ बताएंगे नहीं मैं कुछ कर नहीं सकता था