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Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

सब लोग टकटकी लगा लगाकर यह तमाशा देख रहे थे -सबको यह पता था कि अब क्या

होने वाला है. शर्मा ने रागिनी के मस्त मस्त गोल सुडौल नितम्बों पर अपने हाथ को फिराते

हुए कहा : अब मैं तुम्हारे इन मस्त मस्त नितम्बों पर इस बेंत से कम से कम 50 स्ट्रो क

लगाऊंगा -अगर 50 स्ट्रो क के बाद भी तुम पेशाब पीने के लिए तैयार नहीं हुईं तो 50 की

जगह 100 स्ट्रो क्स लगाए जाएंगे

यह कहने के साथ ही शर्मा ने अपने हाथ में पकडे बेंत से गिनती करते हुए रागिनी के

नितम्बों पर स्ट्रो क मारने शुरू कर दिए -हर स्ट्रो क पर रागिनी का पूरा बदन जोर से उछल

रहा था और शर्मा और रणजीत के लण्ड पर उसका बदन लगातार टकरा रहा था -रणजीत

अपने हाथ को रागिनी की पीठ पर फिराता हुआ उसके चेहरे को अपने लण्ड के ऊपर

रगड़वा रहा था. कुछ ही देर में चुपके से रणजीत ने अपने निक्कर की ज़िप खोलकर अपने

लण्ड को बाहर निकाल लिया था और उस लण्ड को वह रागिनी के गालों, लों होंठों हों ठोंऔर चेहरे पर

रगड़वा रहा था.

रागिनी के दोनों हाथों को रणजीत ने कसकर पकड़ रखा था और इस तरह

वह अपने चेहरे और होंठों हों ठोंको रणजीत की गोद में उसके खड़े लण्ड पर रगड़ने के लिए

मजबूर थी -30 स्ट्रो क लग चुकने के बाद रागिनी कहने लगी : सर प्लीज़ अब मत मारो-मैं

पेशाब पीने के लिए तैयार हूँ.

शर्मा : मैंने कहा था कि कम से कम 50 स्ट्रो क तो जरूर लगाए जाएंगे -अब 50 स्ट्रो क के

बाद ही तुम्हे पेशाब पीने का मौका मिलेगा यह कहकर शर्मा ने फिर से उसके नितंबों पर बेंत

मारना शुरू कर दिया और रागिनी फिर से शर्मा और रणजीत की गोद में उछल उछल कर

उनके लंड को और कड़क करने लगी-

इस बीच रणजीत को शरारत सूझी और उसने रागिनी

के मुंह को खुलवाकर अपना लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसके साथ जबरन मुख

मैथुन का मज़ा लेने लगा -शर्मा के बेंत का स्ट्रो क लगने के साथ ही रागिनी उछल उछल कर

अब रणजीत का लण्ड भी चूसने के लिए मजबूर थी -दोनों लोग उसके मस्त बदन से एक

साथ भरपूर मज़ा ले रहे थे

50 बेंत लगते लगते रागिनी के मुंह में रणजीत अपने लण्ड की पिचकारी छोड़ चुका था पर

क्योंकि वह उल्टी लेटकर उसका लण्ड चूस रही थी, इसलिए काफी वीर्य सोफे पर और

रणजीत के निक्कर पर भी गिर गया था

50 बेंत लगने के बाद रागिनी पूरी तरह से सरंडर कर चुकी थी

शर्मा ने उसे अपनी टांगों पर से हटा दिया था लेकिन रणजीत उससे यह कह रहा था : चल

साली नीचे बैठ और मेरा लण्ड भी साफ़ कर, मेरे निक्कर पर लगे वीर्य को भी चाट चाटकर

साफ कर और इस सोफे पर गिरे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाट कर साफ़ कर

रागिनी रणजीत के काले मोटे खड़े लण्ड को अपनी जीभ फिरा फिराकर साफ़ करने लगी

-इसके बाद उसने रणजीत के निक्कर और सोफे पर लगे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाटकर

साफ़ किया

इस बीच सुधांशु हँसता हुआ शर्मा से बोला: यार तुम्हारे इस नौकर के तो बड़े मज़े हैं -यह

सब लौंडियों से खूब मज़े लेता होगा

शर्मा : हाँ लेकिन यह मेरा बहुत पुराना और वफादार नौकर है-पूरा फार्म हॉउस यही

संभालता है और हमारी सारी बातों को एकदम गोपनीय भी रखता है -उसका इनाम तो इसे

मिलना ही चाहिए

वहां बैठे सभी लोग रागिनी, शर्मा और रणजीत के इस पनिशमेंट शो को देखकर बहुत

उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद में बैठी हुई लड़कियों को दबा-सहला

और मसलकर अपनी गर्मी को शांत कर रहे थे

जब रागिनी को रणजीत ने छोड़ा तो शर्मा उससे बोला : चल साली अब पेशाब का गिलास

उठा कर ला और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू कर

रागिनी टेबल पर रखा पेशाब भरा गिलास उठा लाई और शर्मा के आगे उसकी टांगों के बीच

में आकर फर्श पर बैठ गयी

रागिनी ने जैसे ही गिलास का पहला घूंट पिया तो एकदम उसका चेहरा देखने लायक था

लेकिन फिर उसे लगा कि उसने पीने से मना किया तो फिर से उसका पिछवाड़ा लाल होना

शुरू हो जाएगा

शर्मा ने रागिनी को थोड़ी सख्त आवाज़ में दुबारा से कहा : मैं तीन तक गिनती बोलूंगा

-अगर तब तक यह गिलास खली नहीं हुआ तो तेरी सजा फिर से शुरू हो जाएगी

यह कहकर उसने गिनती बोलनी शुरू कर दी -एक...दो... तीन

तीन की गिनती के बाद शर्मा ने देखा कि रागिनी का गिलास एकदम खाली हो चुका था

रागिनी पेशाब पी चुकी थी।

शर्मा ने रागिनी की तरफ देखा और पूछने लगा : बोल हम सबका थूक मिला हुआ पेशाब

कितना टेस्टी था ?

रागिनी कुछ नही बोली तो शर्मा ने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार थप्पड़ लगा दिया : बोल

मेरी जान। मेरी बात का जबाब नही दिया तो तेरे नरम गालों पर ऐसे ही चपत लगते रहेंगे।

यह कहकर शर्मा ने उसके दूसरे गाल पर भी एक चपत लगा दिया

अब रागिनी फटाफट बोल पड़ी : सर बहुत टेस्टी लगा

शर्मा : ठीक है, अब जब तक मैं करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो देखूं तब तक तू मेरा

लण्ड मुंह मे लेकर चूसती रह।

शर्मा ने यह कहते हुए अपनी पैंट की ज़िप खोलकर उसमे से अपना लण्ड बाहर निकाला

और उसे रागिनी के खूबसूरत चेहरे पर उसे रगड़ने लगा। उसके होंठों हों ठोंपर अपने लण्ड को

रगड़ते हुए शर्मा ने उससे कड़क आवाज़ में कहा : चल मुंह खोल और इसे अंदर ले

रागिनी ने शर्मा के लण्ड को अपने मुंह मे ले लिया और शर्मा अब अपना लण्ड चुसवाते हुए

गौरव और करिश्मा का पनिशमेंट शो देखने लगा।

शेष अगले भाग में....

...........................
 
करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो शुरू हो चुका था

खाकी वर्दी पहने सिक्युरिटी इंस्पेक्टर गौरव ने करिश्मा को अपनी गॉड में से उठाकर अपने

सामने खड़ा कर लिया और उससे बोला : चल पीछे घूमकर खड़ी हो जा

करिश्मा पीछे घूमकर कड़ी हो गयी तो गौरव ने उसके दोनों हाथों में सिक्युरिटी वाली

हथकड़ी लगाकर उसके हाथ पीछे की और बाँध दिए और फिर बोलै : अब मेरी तरफ घूम जा

करिश्मा घूमकर खड़ी हो गयी और गौरव को देखकर उसके अगले आदेश की प्रतीक्षा करने

लगी

गौरव : अपनी टाँगे खोलकर खड़ी हो

करिश्मा ने अपनी टाँगे खोल लीं

गौरव ने काले रंग के चमड़े के नुकीले जूते पहने हुए थे -उसने अपना दायां पैर उठाया और

उसके आगे के नुकीले सिरे को करिश्मा की चिकनी जाँघों और चूत पर फिराने लगा

करिश्मा का चेहरा शर्म से लाल हो चुका था -उसने अपनी ऑंखें बंद कर लीं लेकिन गौरव

उससे बोला : अपनी ऑंखें खोलकर देख मैं तेरे साथ अभी क्या क्या करूँगा

करिश्मा ने अपनी ऑंखें खोल लीं

गौरव ने अपने जूते की नोक को अचानक उसकी चूत के अंदर घुसेड़ दिया और उसे आगे

पीछे करने लगा -करिश्मा इस तरह से पहले कभी ज़लील नहीं हुई थी जितना उसे आज

गौरव ज़लील कर रहा था. अब गौरव ने अपने हाथ में बेंत को पकड़ लिया और उसे करिश्मा

के मस्त मस्त मम्मों पर गोल गोल फिराने लगा -उसके मम्मों पर बेंत फिराते हुए वह अपने

बेंत को करिश्मा के चेहरे पर ले गया और उसके होंठों हों ठोंपर फिराने लगा

अपने बेंत को उसके होंठों हों ठोंपर फिराते हुए वह उससे बोला : अपना मुंह खोल और इस बेंत

को अपने मुंह में लेकर इस तरह चूस जैसे मेरा लैंड चूस रही हो

कमरे में बैठे सभी लोग इस सेक्सी तमाशे को देख रहे थे. शर्मा का नौकर रणजीत भी अपने

निक्कर में बने टेंट पर हाथ फिराते हुए यह सब देख रहा था -करिश्मा एकदम बेबस अवस्था

में निर्वस्त्र खड़ी हुई थी. उसके हाथ पीछे की तरफ हथकड़ी से बंधे हुए थे. उसकी चूत को

गौरव अपने जूते की नोक से चोद रहा था और उसके सिक्युरिटीिया डंडे से उसके मुंह की

चुदाई हो रही थी.

ऊपर और नीचे की इस डबल चुदाई से करिश्मा जल्द ही अपने क्लाइमेक्स पर पहुँच गयी थी

और उसके मुंह से हर्ष मिश्रित आवाज़ें निकल रही थीं

गौरव ने अपने जूते की नोक और डंडा दोनं वापस निकाल लिए थे और अपने जूते की तरफ

देख रहा था जो एकदम गीला हो चुका था -इससे पहले की वह कुछ बोलता, शर्मा का नौकर

रणजीत जो वहां पास में ही खड़ा यह सब देख रहा था, वह गौरव से बोला : साहब , इससे

अपने जूते आप उतरवा लीजिये -यह आपके पैरों की मालिश भी कर देगी -आप कहें तो मैं

आपकी मदद कर सकता हूँ.

गौरव समझ गया कि जरूर इस नौकर के पास कोई बढ़िया आईडिया है-वह उससे बोला :

हाँ रणजीत तुम जरा कुछ मदद करो

रणजीत करिश्मा के पीछे गया और उसके हथकड़ी बंधे हाथों को पकड़कर उसने उसके सर

के ऊपर उठा दिया और बोला : हाथ ऊपर करके खड़ी रह

रणजीत ने अपने बदन को करिश्मा की पीठ से चिपका दिया था और उसका निक्कर में बन

रहा टेंट अब करिश्मा के मस्त मुलायम नितम्बों से सट गया था.

रणजीत ने करिश्मा के दोनों मस्त मम्मों को अपने हाथों से दबाते हुए कहा : चल नीचे बैठकर

अपने मुंह से साहब के जूतों के फीते खोल

करिश्मा : मुंह से फीते कैसे खुल सकते हैं -मेरे हाथ खोलो तो मैं हाथों से फीते खोल दूंगी

रणजीत : लेकिन तुझे अपने मुंह से ही फीते खोलने पड़ेंगे चिकनी क्योंकि यह मेरा हुक्म है

-चल नीचे बैठ और शुरू हो जा

कोई और रास्ता न देख, करिश्मा नीचे जमीन पर गौरव के जूतों के आगे बैठ गयी -उसके

पीछे अभी भी रणजीत खड़ा हुआ था और इस सारे तमाशे का मानो निर्देशन कर रहा था
 
रणजीत ने करिश्मा के नितम्बों पर एक लात मारते हुए कहा : अपने चेहरे को साहब के

जूतों के ऊपर ले जाकर फीते खोलने शुरू कर साली

करिश्मा ने अपने होंठों हों , ठों दांतों और चेहरे का इस्तेमाल करते हुए एक एक करके दोनों जूतों के

फीते खोल दिए

गौरव ने अपने जूते को थोड़ा ऊपर उठाकर उसकी नोक को अब करिश्मा के गालों पर

फिराते हुए उसके होंठों हों ठोंपर टिका दी और उससे बोला : मुंह खोलो और जूते को अपने मुंह के

अंदर लो

करिश्मा : नहीं प्लीज़ यह मत करवाओ प्लीज़

गौरव : मुंह खोल साली, अब कहीं जाकर तो मज़ा आना शुरू हुआ है और तू अब नखरे

दिखा रही है

रणजीत भी झुककर अब करिश्मा के पास ही बैठ गया था, उसने करिश्मा के मुंह पर चपत

लगाते हुए उसका मुंह खुलवा दिया और गौरव के जूते की नोक करिश्मा के मुंह में घुसेड़ते

हुए बोला : इसे साहब का लण्ड समझकर चूस साली

करिश्मा अब गौरव के जूते की नोक को अपने मुंह में लेकर उस पर अपनी जीभ फिरा रही

थी

शेष अगले भाग में

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इंस्पेक्टर गौरव करिश्मा से अपने जूते चटवा ही रहा था कि उसके मोबाइल फोन की घंटी

बज उठी।

उसने फोन उठाकर किसी से बात की और जल्दी से फोन बंद करके अपने जूते को करिश्मा

के मुंह से निकालते हुए शर्मा से कहा : सब लोग यहाँ से भागो। क्राइम ब्रांच की टीम यहाँ रेड

मारने के लिए निकल पड़ी है और अगले आधे घंटे में यहाँ पहुंच जाएगी। किसी ने क्राइम ब्रांच

में शिकायत की है कि यहाँ यह सेक्स पार्टी चल रही है। वह तो भला हो मेरे दोस्त अभिनब का

जो क्राइम ब्रांच में ही है जो उसने समय पर मुझे इस रेड की खबर लीक करके हम सबको

बचा लिया।

इंस्पेक्टर गौरव की बात सुनते ही पार्टी में अफरा तफरी सी मच गई और सब लड़कियों ने

अपने अपने कपड़े पहन लिए और बाक़ी के लोग भी वहाँ से अपनी जान बचाकर भागने लगे।

शर्मा ने राज से कहा : तुम भी यहाँ से फटाफट निकल जाओ और जाते जाते यह कैमरा भी

लेते जाओ। इसमे आज की पार्टी का पूरा वीडियो है। हम लोगों की गैर हाज़िरी में अगर

क्राइम ब्रांच वाले यहां आएंगे भी तो उन्हें कुछ भी सुबूत यहां नही मिलना चाहिए

कुछ ही मिनटों में फार्म हाउस पर सिर्फ फार्म हाउस का नौकर रणजीत रह गया और बाकी

सब लोग वहाँ से निकल गए।

राज देर रात को घर वापस आया और कैमरे को अपने पास रखकर सोने की कोशिश करने

लगा लेकिन उसे नींदनीं नही आ रही थी क्योंकि उस पर अभी तक सेक्स पार्टी का नशा चढ़ा

हुआ था। उसने कैमरे को अपने लैपटॉप से कनेक्ट करके आज की पार्टी की पूरी वीडियो

डाऊनलोड कर ली और उसे देखने लगा।

शाज़िया की मम्मी रुबिका को नंगा करके राज ने

उसके साथ जो मज़े लिए थे, वीडियो का वह हिस्सा लगभग आधे घंटे का था। राज ने वीडियो

के उस हिस्से को अपने मोबाइल में भी डाऊनलोड कर लिया और फिर उसके बाद वह सो

गया।

अगले दिन हर रोज की तरह शाज़िया और राज कॉलेज में पहुंचे क्योंकि वे दोनों एक ही

कॉलेज में एक ही क्लास में पढ़ते थे।

राज के दिमाग मे रुबिका के वीडियो को लेकर लगातार शरारत चल रही थी। अभी तक वह

शाज़िया को एयरपोर्ट पर उसकी मम्मी रुबिका की तलाशी वाली वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर

रहा था।

अब उसके पास रुबिका की ऐसी वीडियो भी थी जिसमे रुबिका को खुद राज ने नंगा

करके उझसे खूब मज़े भी लिए थे और अपना लण्ड भी चुसवाया था। राज अब शाज़िया को

उसकी मम्मी रुबिका के इस नए वीडियो के बल पर कुछ नए लेवल की ब्लैकमेलिंग करने की

स्कीम बनाने लगा।

शेष अगले भाग में

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दो बज चुके थे . कॉलेज में लंच ब्रेक चल रहा था. एक घंटे का लंच ब्रेक के बाद वाला पीरियड

भी खाली था क्योंकि इंग्लिश के टीचर आज छुट्टी पर थे.

राज अपने दोस्तों के साथ कॉलेज के गार्डन में एक कोने में बैठा गप्पे लगा रहा था-कॉलेज

गार्डन का यह कोना एकदम एकांत जगह में था और चारों तरफ पेड़ पौधे होने की वजह से

यह सबकी नज़रों से ओझल ही रहता था. राज अपने दोस्तों के साथ अक्सर ही यहां पर मौज़

मस्ती और गप्पे लगाता रहता था क्योंकि उसका और उसके दोस्तों का पढाई में मन तो

लगता नहीं था और उनका कॉलेज आने का मकसद ही मौज़ मस्ती करना था

राज : नखरे मत दिखा साली...तुझे पता है न कि मेरी बात न मानने की क्या सजा है ? आजा

और जो मैं कह रहा हूँ वह करती जा. हम लोग यहां बैठे बैठे बोर हो रहे हैं-इसलिए अब हम

सब तुझसे मस्ती करके अपनी बोरियत को दूर करेंगे -जल्दी आ और मेरे जूते उतार

शाज़िया ने बेबसी से सबकी तरफ देखा -सब लोग उसे देखकर हलके हलके मुस्कुरा रहे थे.

शाज़िया गार्डन की जमीन पर बैठ गयी और राज के जूतों के फीते खोलने लगी

राज और शाज़िया के बीच चल रहे इस तमाशे को देखकर उसके दोस्तों के लण्ड एकदम कड़क

होकर खड़े हो गए थे -जो खूबसूरत लड़की शाज़िया उन लोगों को घास तक नहीं डालती थी, वह

आज यहां आकर राज के इशारों पर नाच रही है

शाज़िया ने जब राज के जूतों के फीते खोल दिए तो वह उससे बोला : अब मोज़े भी उतार

शाज़िया ने राज के पैरों से मोज़े भी उतार दिए

शेष अगले भाग मे

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शाज़िया ने अब राज के मोज़े भी उतार दिए

राज : अब अपने हाथ ऊपर करके खड़ी हो जा और जब तक मैं न कहूं अपने हाथ ऊपर

करके इसी तरह खड़ी रह

शाज़िया ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

अब राज अपने तीनों दोस्तों की तरफ देखता हुआ बोला : तुम लोगों के पास 5 मिनट का

समय है -इस चिकनी लौंडिलौं या के साथ जितनी चाहों मस्ती कर सकते हो -यह कुछ नहीं

कहेगी और इसी तरह अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी रहेगी

राज के कहते ही उसके तीनों दोस्त भूखे शेरों की तरह शाज़िया के ऊपर टूट पड़े.

दीपक बेंच से उठकर शाज़िया के पास आया और उसके चेहरे को पकड़कर अपने चेहरे की

तरफ लाते हुए उसके होंठों हों ठोंको बेतहाशा चूमने लगा. दीपक शाज़िया के होंठो हों , गलों और गर्दन

को चूम ही रहा था कि इसी बीच मोहित ने भी शाज़िया की स्कर्ट को ऊपर उठा दिया और

उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फिराने लगा और उसकी जांघों पर अपने चेहरे को रगड़ते हुए

उन्हें चूमने लगा

मोहित और दीपक शाज़िया के बदन से मस्ती ले रहे थे तो विवेक भी कहाँ पीछे रहने वाला था.

विवेक बेंच से उठकर आया और शाज़िया के बदन के पीछे उससे चिपककर खड़ा हो गया और

उसके मस्त मस्त नितम्बों पर अपनी पैंट में बन रहे टेंट को रगड़ने लगा-अपने दोनों हाथों से

उसने शाज़िया के टॉप में कैद मम्मे पकड़ रखे थे जिन्हे वह दबाता सहलाता और मसलता जा

रहा था.

शाज़िया के साथ वे तीनों अलग अलग तरह से मौज़ मस्ती कर रहे थे और वह बेबस होकर अपने

हाथ ऊपर किये उन सबकी इस मौज मस्ती और जबरदस्ती को सहने के लिए विवश थी

तीनों ने बारी बारी से शाज़िया के साथ खूब मज़े ले लिए -अचानक ही गार्डन में काफी हलचल

सी होने लगी -शायद कुछ लोग गार्डन में घुसे थे और इस तरफ ही आ रहे थे.

सब लोगों ने अब शाज़िया को छोड़ दिया और वापस जाकर बेंच पर बैठ गए

तब तक जो लोग गार्डन में घुसे थे, वे सब वापस चले गए थे

शाज़िया अभी भी राज के सामने अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी थी -उसके तीनों दोस्त उसके

बदन को बुरी तरह रौंदरौं चुके थे और बेंच पर बैठे बैठे अपने अपने लण्ड पर हाथ फिरा रहे थे

राज ने अब शाज़िया से पूछा : क्यों चिकनी, मज़ा आया कि नहीं ?हीं

शाज़िया ने कुछ बोलने की बजाये शर्माते हुए अपना सर हिला दिया

राज के सभी दोस्त यह देखकर हंसने लगे : अरे यार, इस लौंडिलौं या को तो हमारी जबरदस्ती से

मज़ा भी आता है -क्या और करें ?

मज़ा आता है, जब उसके साथ कोई हमारे जैसा दबंग लौंडा जबरदस्ती करता है

राज ने यह कहकर शाज़िया की तरफ देखते हुए उससे कहा : इधर मेरे पास आकर खड़ी हो-

अब मैं खुद चेक करूँगा कि मेरे इन दोस्तों ने तेरे साथ जो जोर-जबरदस्ती की, उससे तुझे

कितना मज़ा आया है

शाज़िया अब राज के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

राज : अपने दोनों हाथों को नीचे करो और अपनी स्कर्ट ऊपर उठाकर खड़ी हो जाओ

शाज़िया ने अपने हाथों से अपनी स्कर्ट को ऊपर उठा लिया

शाज़िया की चिकनी जाँघे अब सबके सामने नुमायश पर लगी हुई थीं.

राज ने अपने हाथ को शाज़िया की पैंटी के अंदर डाल दिया और उसकी चिकनी चूत पर अपना

हाथ फेरते हुए उसे दबाने सहलाने लगा -उसकी चूत से खेलते खेलते ही राज ने अपनी उंगली

उसकी चूत में घुसेड़ दी और उसे आगे पीछे करने लगा

राज सबकी तरफ देखते हुए बोला : देखों मैंने कहा था न कि इसे तुम लोगों की जोर

जबरदस्ती से बहुत मज़ा आया है, मेरी बात एकदम सच निकली -इसकी चूत पूरी तरह गीली

हो चुकी है-तुम सब चाहों तो एक बार खुद यहां आकर चेक कर सकते हो

यह सुनते ही शाज़िया राज को देखकर गिड़गिड़ाने लगी : नहीं प्लीज़ ऐसा मत करो. सबके

सामने मुझे इतना ज़लील मत करो. प्लीज़ मुझे अब जाने दो ...अकेले में तुम जो कहोगे मैं सब

करुँगी. प्लीज़ नहीं.हीं

राज : ज्यादा नखरे मत दिखा. मुझे मज़ा आ रहा है ...तू भी मज़े ले और चुपचाप हम सबको

खुश करती रह

अब राज के तीनो दोस्त बारी बारी से शाज़िया के पास आये और अपने हाथ को उसकी पैंटी में

घुसेड़कर उसकी चूत में उंगली डालकर मस्ती करने लगे.

सबने अपनी अपनी उंगली उसकी चूत में से निकाल ली थी

राज ने सबसे कहा : अब यह हम सबकी उंगलियों को अपने मुंह में लेकर साफ़ भी करेगी

उसने शाज़िया से कहा : चल फिर से जमीन पर बैठ और अपना मुंह खोल

शाज़िया जमीन पर अपना मुंह खोलकर बैठ गयी

राज और उसके तीनों दोस्तों ने एक साथ उसके मुंह में चारों उंगलियां डाल दीं और उन्हें शाज़िया

अपनी जीभ फिरा फिरा कर चाटने लगी

बीच बीच में उसके दोस्त अपने मोबाइल में शाज़िया के साथ की जाने वाली इस मौज़ मस्ती के

वीडियो भी बनाते जा रहे थे

अपनी उंगलियां चटवाने के बाद उन चारों ने शाज़िया को छोड़ दिया था

राज ने उससे कहा : इधर आकर मुझे मेरे मोज़े और जूते पहना साली

शाज़िया जमीन पर राज के पैरों के पास आकर बैठ गयी

राज ने अपने पैरों को उठाकर शाज़िया के चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया. शाज़िया के चिकने

गालों पर अपने पैरों के तलवे काफी देर तक रगड़ने के बाद राज उससे बोला : चल अब मेरे

तलवों को पांच पांच बार चूम और फिर मुझे मोज़े और और जूते पहना

शाज़िया ने राज के पैर के दोनों तलवों को अपने नरम गुलाबी होंठों हों ठोंसे पांच पांच बार चूमा और

फिर उन्हें मोज़े पहनाने के बाद जूते भी पहना दिए

अब कॉलेज की घंटी भी बजने लगी थी -इसका मतलब था कि अगला मैथ का पीरियड शुरू

होने वाला था. सब लोगों ने अब अपने अपने कॉलेज बैग उठाये और क्लास की तरफ जाने

लगे

शेष अगले भाग में

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करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो शुरू हो चुका था

खाकी वर्दी पहने सिक्युरिटी इंस्पेक्टर गौरव ने करिश्मा को अपनी गॉड में से उठाकर अपने

सामने खड़ा कर लिया और उससे बोला : चल पीछे घूमकर खड़ी हो जा

करिश्मा पीछे घूमकर कड़ी हो गयी तो गौरव ने उसके दोनों हाथों में सिक्युरिटी वाली

हथकड़ी लगाकर उसके हाथ पीछे की और बाँध दिए और फिर बोलै : अब मेरी तरफ घूम जा

करिश्मा घूमकर खड़ी हो गयी और गौरव को देखकर उसके अगले आदेश की प्रतीक्षा करने

लगी

गौरव : अपनी टाँगे खोलकर खड़ी हो

करिश्मा ने अपनी टाँगे खोल लीं

गौरव ने काले रंग के चमड़े के नुकीले जूते पहने हुए थे -उसने अपना दायां पैर उठाया और

उसके आगे के नुकीले सिरे को करिश्मा की चिकनी जाँघों और चूत पर फिराने लगा

करिश्मा का चेहरा शर्म से लाल हो चुका था -उसने अपनी ऑंखें बंद कर लीं लेकिन गौरव

उससे बोला : अपनी ऑंखें खोलकर देख मैं तेरे साथ अभी क्या क्या करूँगा

करिश्मा ने अपनी ऑंखें खोल लीं

गौरव ने अपने जूते की नोक को अचानक उसकी चूत के अंदर घुसेड़ दिया और उसे आगे

पीछे करने लगा -करिश्मा इस तरह से पहले कभी ज़लील नहीं हुई थी जितना उसे आज

गौरव ज़लील कर रहा था. अब गौरव ने अपने हाथ में बेंत को पकड़ लिया और उसे करिश्मा

के मस्त मस्त मम्मों पर गोल गोल फिराने लगा -उसके मम्मों पर बेंत फिराते हुए वह अपने

बेंत को करिश्मा के चेहरे पर ले गया और उसके होंठों हों ठोंपर फिराने लगा

अपने बेंत को उसके होंठों हों ठोंपर फिराते हुए वह उससे बोला : अपना मुंह खोल और इस बेंत

को अपने मुंह में लेकर इस तरह चूस जैसे मेरा लैंड चूस रही हो

कमरे में बैठे सभी लोग इस सेक्सी तमाशे को देख रहे थे. शर्मा का नौकर रणजीत भी अपने

निक्कर में बने टेंट पर हाथ फिराते हुए यह सब देख रहा था -करिश्मा एकदम बेबस अवस्था

में निर्वस्त्र खड़ी हुई थी. उसके हाथ पीछे की तरफ हथकड़ी से बंधे हुए थे. उसकी चूत को

गौरव अपने जूते की नोक से चोद रहा था और उसके सिक्युरिटीिया डंडे से उसके मुंह की

चुदाई हो रही थी.

ऊपर और नीचे की इस डबल चुदाई से करिश्मा जल्द ही अपने क्लाइमेक्स पर पहुँच गयी थी

और उसके मुंह से हर्ष मिश्रित आवाज़ें निकल रही थीं

गौरव ने अपने जूते की नोक और डंडा दोनं वापस निकाल लिए थे और अपने जूते की तरफ

देख रहा था जो एकदम गीला हो चुका था -इससे पहले की वह कुछ बोलता, शर्मा का नौकर

रणजीत जो वहां पास में ही खड़ा यह सब देख रहा था, वह गौरव से बोला : साहब , इससे

अपने जूते आप उतरवा लीजिये -यह आपके पैरों की मालिश भी कर देगी -आप कहें तो मैं

आपकी मदद कर सकता हूँ.

गौरव समझ गया कि जरूर इस नौकर के पास कोई बढ़िया आईडिया है-वह उससे बोला :

हाँ रणजीत तुम जरा कुछ मदद करो

रणजीत करिश्मा के पीछे गया और उसके हथकड़ी बंधे हाथों को पकड़कर उसने उसके सर

के ऊपर उठा दिया और बोला : हाथ ऊपर करके खड़ी रह

रणजीत ने अपने बदन को करिश्मा की पीठ से चिपका दिया था और उसका निक्कर में बन

रहा टेंट अब करिश्मा के मस्त मुलायम नितम्बों से सट गया था.

रणजीत ने करिश्मा के दोनों मस्त मम्मों को अपने हाथों से दबाते हुए कहा : चल नीचे बैठकर

अपने मुंह से साहब के जूतों के फीते खोल

करिश्मा : मुंह से फीते कैसे खुल सकते हैं -मेरे हाथ खोलो तो मैं हाथों से फीते खोल दूंगी

रणजीत : लेकिन तुझे अपने मुंह से ही फीते खोलने पड़ेंगे चिकनी क्योंकि यह मेरा हुक्म है

-चल नीचे बैठ और शुरू हो जा

कोई और रास्ता न देख, करिश्मा नीचे जमीन पर गौरव के जूतों के आगे बैठ गयी -उसके

पीछे अभी भी रणजीत खड़ा हुआ था और इस सारे तमाशे का मानो निर्देशन कर रहा था

रणजीत ने करिश्मा के नितम्बों पर एक लात मारते हुए कहा : अपने चेहरे को साहब के

जूतों के ऊपर ले जाकर फीते खोलने शुरू कर साली

करिश्मा ने अपने होंठों हों , ठों दांतों और चेहरे का इस्तेमाल करते हुए एक एक करके दोनों जूतों के

फीते खोल दिए

गौरव ने अपने जूते को थोड़ा ऊपर उठाकर उसकी नोक को अब करिश्मा के गालों पर

फिराते हुए उसके होंठों हों ठोंपर टिका दी और उससे बोला : मुंह खोलो और जूते को अपने मुंह के

अंदर लो

करिश्मा : नहीं प्लीज़ यह मत करवाओ प्लीज़

गौरव : मुंह खोल साली, अब कहीं जाकर तो मज़ा आना शुरू हुआ है और तू अब नखरे

दिखा रही है

रणजीत भी झुककर अब करिश्मा के पास ही बैठ गया था, उसने करिश्मा के मुंह पर चपत

लगाते हुए उसका मुंह खुलवा दिया और गौरव के जूते की नोक करिश्मा के मुंह में घुसेड़ते

हुए बोला : इसे साहब का लण्ड समझकर चूस साली

करिश्मा अब गौरव के जूते की नोक को अपने मुंह में लेकर उस पर अपनी जीभ फिरा रही

थी

शेष अगले भाग में

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इंस्पेक्टर गौरव करिश्मा से अपने जूते चटवा ही रहा था कि उसके मोबाइल फोन की घंटी

बज उठी।

उसने फोन उठाकर किसी से बात की और जल्दी से फोन बंद करके अपने जूते को करिश्मा

के मुंह से निकालते हुए शर्मा से कहा : सब लोग यहाँ से भागो। क्राइम ब्रांच की टीम यहाँ रेड

मारने के लिए निकल पड़ी है और अगले आधे घंटे में यहाँ पहुंच जाएगी। किसी ने क्राइम ब्रांच

में शिकायत की है कि यहाँ यह सेक्स पार्टी चल रही है। वह तो भला हो मेरे दोस्त अभिनब का

जो क्राइम ब्रांच में ही है जो उसने समय पर मुझे इस रेड की खबर लीक करके हम सबको

बचा लिया।

इंस्पेक्टर गौरव की बात सुनते ही पार्टी में अफरा तफरी सी मच गई और सब लड़कियों ने

अपने अपने कपड़े पहन लिए और बाक़ी के लोग भी वहाँ से अपनी जान बचाकर भागने लगे।

शर्मा ने राज से कहा : तुम भी यहाँ से फटाफट निकल जाओ और जाते जाते यह कैमरा भी

लेते जाओ। इसमे आज की पार्टी का पूरा वीडियो है। हम लोगों की गैर हाज़िरी में अगर

क्राइम ब्रांच वाले यहां आएंगे भी तो उन्हें कुछ भी सुबूत यहां नही मिलना चाहिए

कुछ ही मिनटों में फार्म हाउस पर सिर्फ फार्म हाउस का नौकर रणजीत रह गया और बाकी

सब लोग वहाँ से निकल गए।

राज देर रात को घर वापस आया और कैमरे को अपने पास रखकर सोने की कोशिश करने

लगा लेकिन उसे नींदनीं नही आ रही थी क्योंकि उस पर अभी तक सेक्स पार्टी का नशा चढ़ा

हुआ था। उसने कैमरे को अपने लैपटॉप से कनेक्ट करके आज की पार्टी की पूरी वीडियो

डाऊनलोड कर ली और उसे देखने लगा। शाज़िया की मम्मी रुबिका को नंगा करके राज ने

उसके साथ जो मज़े लिए थे, वीडियो का वह हिस्सा लगभग आधे घंटे का था। राज ने वीडियो

के उस हिस्से को अपने मोबाइल में भी डाऊनलोड कर लिया और फिर उसके बाद वह सो

गया।

अगले दिन हर रोज की तरह शाज़िया और राज कॉलेज में पहुंचे क्योंकि वे दोनों एक ही

कॉलेज में एक ही क्लास में पढ़ते थे।

राज के दिमाग मे रुबिका के वीडियो को लेकर लगातार शरारत चल रही थी। अभी तक वह

शाज़िया को एयरपोर्ट पर उसकी मम्मी रुबिका की तलाशी वाली वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर

रहा था। अब उसके पास रुबिका की ऐसी वीडियो भी थी जिसमे रुबिका को खुद राज ने नंगा

करके उझसे खूब मज़े भी लिए थे और अपना लण्ड भी चुसवाया था। राज अब शाज़िया को

उसकी मम्मी रुबिका के इस नए वीडियो के बल पर कुछ नए लेवल की ब्लैकमेलिंग करने की

स्कीम बनाने लगा।

शेष अगले भाग में

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दो बज चुके थे . कॉलेज में लंच ब्रेक चल रहा था. एक घंटे का लंच ब्रेक के बाद वाला पीरियड

भी खाली था क्योंकि इंग्लिश के टीचर आज छुट्टी पर थे.

राज अपने दोस्तों के साथ कॉलेज के गार्डन में एक कोने में बैठा गप्पे लगा रहा था-कॉलेज

गार्डन का यह कोना एकदम एकांत जगह में था और चारों तरफ पेड़ पौधे होने की वजह से

यह सबकी नज़रों से ओझल ही रहता था. राज अपने दोस्तों के साथ अक्सर ही यहां पर मौज़

मस्ती और गप्पे लगाता रहता था क्योंकि उसका और उसके दोस्तों का पढाई में मन तो

लगता नहीं था और उनका कॉलेज आने का मकसद ही मौज़ मस्ती करना था

गार्डन के कोने में पडी एक बेंच पर राज अपने दोस्त मोहित, विवेक और दीपक के साथ बैठा

हुआ था-सारे दोस्त गप्पें लगा रहे थे और अपने अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो देख देख कर

अपने अपने लण्ड को सहला रहे थे

यह सब करते करते दीपक राज से कहने लगा : यार , हम लोग चार बजे तक क्या इसी तरह

यहां बैठे रहेंगे -अभी तो चार बजने में दो घंटे बाकी हैं’

मोहित : हाँ , हम लोग बोर हो रहे हैं, कुछ मज़ा नहीं आ रहा है

विवेक : राज भाई, तेरे पास कुछ जुगाड़ है क्या हम सबकी बोरियत दूर करने का ?

राज : हाँ यार मेरे पास तो बोरियत दूर करने का बहुत बढ़िया उपाय है लेकिन यहां कॉलेज में

कभी भी कोई भी आकर हमें डिस्टर्ब कर सकता है

मोहित : नहीं यार, गार्डन के इस हिस्से में कभी कोई नहीं आता है-मैंने तो सुना है कि इस

बेंच पर अक्सर लड़के लडकियां सेक्स तक करते हुए पकडे गए हैं

राज : ठीक है, मुझे कुछ सोचने दो. मेरा लण्ड भी खड़ा होना चाह रहा है

यह कहकर राज ने अपने मोबाइल से किसी को फोन लगा दिया : मेरे पास आओ-मैं गार्डन में

सबसे आखिरी वाले दायीं तरफ के कोने वाली बेंच पर बैठा हुआ हूँ. जल्दी आओ दो मिनट

के अंदर

राज के तीनों दोस्त यह सोच ही रहे थे कि उसने फोन करके आखिर किसको यहां बुलाया है,

इतनी ही देर में सबने देखा कि वहां शाज़िया आ गयी थी -उसके हाथ में कॉलेज का बैग था.

राज और उसके तीनों दोस्तों को इस एकांत जगह में देखकर शाज़िया एकदम डर सी गयी थी

राज उससे बोला : अपना कॉलेज बैग एक तरफ साइड से रख दो

राज और शाज़िया के बीच क्या चल रहा था, इसके बारे में उसके किसी दोस्त को कुछ पता नहीं

था -इसलिए सब लोग यह देखकर हैरान थे कि शाज़िया आखिर राज के कहने पर यहां कैसे आ

गयी है और उसकी हर बात को कैसे मानती जा रही है

शाज़िया ने अपना कॉलेज बैग साइड से जमीन पर रख दिया तो राज उससे बोला : इधर आकर

मेरे जूते उतार

राज की इस बात पर शाज़िया के साथ साथ उसके दोस्त भी एकदम चौंकचौं गए थे और वे शाज़िया की

तरफ देखे जा रहे थे

शाज़िया : प्लीज़ ...यहां सबके सामने यह सब मत करवाओ

राज : नखरे मत दिखा साली...तुझे पता है न कि मेरी बात न मानने की क्या सजा है ? आजा

और जो मैं कह रहा हूँ वह करती जा. हम लोग यहां बैठे बैठे बोर हो रहे हैं-इसलिए अब हम

सब तुझसे मस्ती करके अपनी बोरियत को दूर करेंगे -जल्दी आ और मेरे जूते उतार

शाज़िया ने बेबसी से सबकी तरफ देखा -सब लोग उसे देखकर हलके हलके मुस्कुरा रहे थे.

शाज़िया गार्डन की जमीन पर बैठ गयी और राज के जूतों के फीते खोलने लगी

राज और शाज़िया के बीच चल रहे इस तमाशे को देखकर उसके दोस्तों के लण्ड एकदम कड़क

होकर खड़े हो गए थे -जो खूबसूरत लड़की शाज़िया उन लोगों को घास तक नहीं डालती थी, वह

आज यहां आकर राज के इशारों पर नाच रही है

शाज़िया ने जब राज के जूतों के फीते खोल दिए तो वह उससे बोला : अब मोज़े भी उतार

शाज़िया ने राज के पैरों से मोज़े भी उतार दिए

शेष अगले भाग में

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शाज़िया ने अब राज के मोज़े भी उतार दिए

राज : अब अपने हाथ ऊपर करके खड़ी हो जा और जब तक मैं न कहूं अपने हाथ ऊपर

करके इसी तरह खड़ी रह

शाज़िया ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

अब राज अपने तीनों दोस्तों की तरफ देखता हुआ बोला : तुम लोगों के पास 5 मिनट का

समय है -इस चिकनी लौंडिया के साथ जितनी चाहों मस्ती कर सकते हो -यह कुछ नहीं

कहेगी और इसी तरह अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी रहेगी

राज के कहते ही उसके तीनों दोस्त भूखे शेरों की तरह शाज़िया के ऊपर टूट पड़े.

दीपक बेंच से उठकर शाज़िया के पास आया और उसके चेहरे को पकड़कर अपने चेहरे की

तरफ लाते हुए उसके होंठों को बेतहाशा चूमने लगा. दीपक शाज़िया के होंठों को , गालों और गर्दन

को चूम ही रहा था कि इसी बीच मोहित ने भी शाज़िया की स्कर्ट को ऊपर उठा दिया और

उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फिराने लगा और उसकी जांघों पर अपने चेहरे को रगड़ते हुए

उन्हें चूमने लगा

मोहित और दीपक शाज़िया के बदन से मस्ती ले रहे थे तो विवेक भी कहाँ पीछे रहने वाला था.

विवेक बेंच से उठकर आया और शाज़िया के बदन के पीछे उससे चिपककर खड़ा हो गया और

उसके मस्त मस्त नितम्बों पर अपनी पैंट में बन रहे टेंट को रगड़ने लगा-अपने दोनों हाथों से

उसने शाज़िया के टॉप में कैद मम्मे पकड़ रखे थे जिन्हे वह दबाता सहलाता और मसलता जा

रहा था.

शाज़िया के साथ वे तीनों अलग अलग तरह से मौज़ मस्ती कर रहे थे और वह बेबस होकर अपने

हाथ ऊपर किये उन सबकी इस मौज मस्ती और जबरदस्ती को सहने के लिए विवश थी

तीनों ने बारी बारी से शाज़िया के साथ खूब मज़े ले लिए -अचानक ही गार्डन में काफी हलचल

सी होने लगी -शायद कुछ लोग गार्डन में घुसे थे और इस तरफ ही आ रहे थे.

सब लोगों ने अब शाज़िया को छोड़ दिया और वापस जाकर बेंच पर बैठ गए

तब तक जो लोग गार्डन में घुसे थे, वे सब वापस चले गए थे

शाज़िया अभी भी राज के सामने अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी थी -उसके तीनों दोस्त उसके

बदन को बुरी तरह रौंद चुके थे और बेंच पर बैठे बैठे अपने अपने लण्ड पर हाथ फिरा रहे थे

राज ने अब शाज़िया से पूछा : क्यों चिकनी, मज़ा आया कि नहीं ?

शाज़िया ने कुछ बोलने की बजाये शर्माते हुए अपना सर हिला दिया

राज के सभी दोस्त यह देखकर हंसने लगे : अरे यार, इस लौंडिया को तो हमारी जबरदस्ती से

मज़ा भी आता है -क्या और करें ?

राज ( अपने दोस्तों से) : सिर्फ इसे ही नहीं, हर खूबसूरत लड़की को उस समय बहुत मज़ा

आता है, जब उसके साथ कोई हमारे जैसा दबंग लौंडा जबरदस्ती करता है

राज ने यह कहकर शाज़िया की तरफ देखते हुए उससे कहा : इधर मेरे पास आकर खड़ी हो-

अब मैं खुद चेक करूँगा कि मेरे इन दोस्तों ने तेरे साथ जो जोर-जबरदस्ती की, उससे तुझे

कितना मज़ा आया है

शाज़िया अब राज के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

राज : अपने दोनों हाथों को नीचे करो और अपनी स्कर्ट ऊपर उठाकर खड़ी हो जाओ

शाज़िया ने अपने हाथों से अपनी स्कर्ट को ऊपर उठा लिया

शाज़िया की चिकनी जाँघे अब सबके सामने नुमायश पर लगी हुई थीं.

राज ने अपने हाथ को शाज़िया की पैंटी के अंदर डाल दिया और उसकी चिकनी चूत पर अपना

हाथ फेरते हुए उसे दबाने सहलाने लगा -उसकी चूत से खेलते खेलते ही राज ने अपनी उंगली

उसकी चूत में घुसेड़ दी और उसे आगे पीछे करने लगा

राज सबकी तरफ देखते हुए बोला : देखो मैंने कहा था न कि इसे तुम लोगों की जोर

जबरदस्ती से बहुत मज़ा आया है, मेरी बात एकदम सच निकली -इसकी चूत पूरी तरह गीली

हो चुकी है-तुम सब चाहों तो एक बार खुद यहां आकर चेक कर सकते हो

यह सुनते ही शाज़िया राज को देखकर गिड़गिड़ाने लगी : नहीं प्लीज़ ऐसा मत करो. सबके

सामने मुझे इतना ज़लील मत करो. प्लीज़ मुझे अब जाने दो ...अकेले में तुम जो कहोगे मैं सब

करुँगी. प्लीज़ नहीं.

राज : ज्यादा नखरे मत दिखा. मुझे मज़ा आ रहा है ...तू भी मज़े ले और चुपचाप हम सबको

खुश करती रह

अब राज के तीनो दोस्त बारी बारी से शाज़िया के पास आये और अपने हाथ को उसकी पैंटी में

घुसेड़कर उसकी चूत में उंगली डालकर मस्ती करने लगे.

सबने अपनी अपनी उंगली उसकी चूत में से निकाल ली थी

राज ने सबसे कहा : अब यह हम सबकी उंगलियों को अपने मुंह में लेकर साफ़ भी करेगी

उसने शाज़िया से कहा : चल फिर से जमीन पर बैठ और अपना मुंह खोल

शाज़िया जमीन पर अपना मुंह खोलकर बैठ गयी

राज और उसके तीनों दोस्तों ने एक साथ उसके मुंह में चारों उंगलियां डाल दीं और उन्हें शाज़िया

अपनी जीभ फिरा फिरा कर चाटने लगी

बीच बीच में उसके दोस्त अपने मोबाइल में शाज़िया के साथ की जाने वाली इस मौज़ मस्ती के

वीडियो भी बनाते जा रहे थे

अपनी उंगलियां चटवाने के बाद उन चारों ने शाज़िया को छोड़ दिया था

राज ने उससे कहा : इधर आकर मुझे मेरे मोज़े और जूते पहना साली

शाज़िया जमीन पर राज के पैरों के पास आकर बैठ गयी

राज ने अपने पैरों को उठाकर शाज़िया के चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया. शाज़िया के चिकने

गालों पर अपने पैरों के तलवे काफी देर तक रगड़ने के बाद राज उससे बोला : चल अब मेरे

तलवों को पांच पांच बार चूम और फिर मुझे मोज़े और और जूते पहना

शाज़िया ने राज के पैर के दोनों तलवों को अपने नरम गुलाबी होंठों हों ठोंसे पांच पांच बार चूमा और

फिर उन्हें मोज़े पहनाने के बाद जूते भी पहना दिए

अब कॉलेज की घंटी भी बजने लगी थी -इसका मतलब था कि अगला मैथ का पीरियड शुरू

होने वाला था. सब लोगों ने अब अपने अपने कॉलेज बैग उठाये और क्लास की तरफ जाने

लगे

शेष अगले भाग में

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