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सब लोग टकटकी लगा लगाकर यह तमाशा देख रहे थे -सबको यह पता था कि अब क्या
होने वाला है. शर्मा ने रागिनी के मस्त मस्त गोल सुडौल नितम्बों पर अपने हाथ को फिराते
हुए कहा : अब मैं तुम्हारे इन मस्त मस्त नितम्बों पर इस बेंत से कम से कम 50 स्ट्रो क
लगाऊंगा -अगर 50 स्ट्रो क के बाद भी तुम पेशाब पीने के लिए तैयार नहीं हुईं तो 50 की
जगह 100 स्ट्रो क्स लगाए जाएंगे
यह कहने के साथ ही शर्मा ने अपने हाथ में पकडे बेंत से गिनती करते हुए रागिनी के
नितम्बों पर स्ट्रो क मारने शुरू कर दिए -हर स्ट्रो क पर रागिनी का पूरा बदन जोर से उछल
रहा था और शर्मा और रणजीत के लण्ड पर उसका बदन लगातार टकरा रहा था -रणजीत
अपने हाथ को रागिनी की पीठ पर फिराता हुआ उसके चेहरे को अपने लण्ड के ऊपर
रगड़वा रहा था. कुछ ही देर में चुपके से रणजीत ने अपने निक्कर की ज़िप खोलकर अपने
लण्ड को बाहर निकाल लिया था और उस लण्ड को वह रागिनी के गालों, लों होंठों हों ठोंऔर चेहरे पर
रगड़वा रहा था.
रागिनी के दोनों हाथों को रणजीत ने कसकर पकड़ रखा था और इस तरह
वह अपने चेहरे और होंठों हों ठोंको रणजीत की गोद में उसके खड़े लण्ड पर रगड़ने के लिए
मजबूर थी -30 स्ट्रो क लग चुकने के बाद रागिनी कहने लगी : सर प्लीज़ अब मत मारो-मैं
पेशाब पीने के लिए तैयार हूँ.
शर्मा : मैंने कहा था कि कम से कम 50 स्ट्रो क तो जरूर लगाए जाएंगे -अब 50 स्ट्रो क के
बाद ही तुम्हे पेशाब पीने का मौका मिलेगा यह कहकर शर्मा ने फिर से उसके नितंबों पर बेंत
मारना शुरू कर दिया और रागिनी फिर से शर्मा और रणजीत की गोद में उछल उछल कर
उनके लंड को और कड़क करने लगी-
इस बीच रणजीत को शरारत सूझी और उसने रागिनी
के मुंह को खुलवाकर अपना लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसके साथ जबरन मुख
मैथुन का मज़ा लेने लगा -शर्मा के बेंत का स्ट्रो क लगने के साथ ही रागिनी उछल उछल कर
अब रणजीत का लण्ड भी चूसने के लिए मजबूर थी -दोनों लोग उसके मस्त बदन से एक
साथ भरपूर मज़ा ले रहे थे
50 बेंत लगते लगते रागिनी के मुंह में रणजीत अपने लण्ड की पिचकारी छोड़ चुका था पर
क्योंकि वह उल्टी लेटकर उसका लण्ड चूस रही थी, इसलिए काफी वीर्य सोफे पर और
रणजीत के निक्कर पर भी गिर गया था
50 बेंत लगने के बाद रागिनी पूरी तरह से सरंडर कर चुकी थी
शर्मा ने उसे अपनी टांगों पर से हटा दिया था लेकिन रणजीत उससे यह कह रहा था : चल
साली नीचे बैठ और मेरा लण्ड भी साफ़ कर, मेरे निक्कर पर लगे वीर्य को भी चाट चाटकर
साफ कर और इस सोफे पर गिरे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाट कर साफ़ कर
रागिनी रणजीत के काले मोटे खड़े लण्ड को अपनी जीभ फिरा फिराकर साफ़ करने लगी
-इसके बाद उसने रणजीत के निक्कर और सोफे पर लगे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाटकर
साफ़ किया
इस बीच सुधांशु हँसता हुआ शर्मा से बोला: यार तुम्हारे इस नौकर के तो बड़े मज़े हैं -यह
सब लौंडियों से खूब मज़े लेता होगा
शर्मा : हाँ लेकिन यह मेरा बहुत पुराना और वफादार नौकर है-पूरा फार्म हॉउस यही
संभालता है और हमारी सारी बातों को एकदम गोपनीय भी रखता है -उसका इनाम तो इसे
मिलना ही चाहिए
वहां बैठे सभी लोग रागिनी, शर्मा और रणजीत के इस पनिशमेंट शो को देखकर बहुत
उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद में बैठी हुई लड़कियों को दबा-सहला
और मसलकर अपनी गर्मी को शांत कर रहे थे
जब रागिनी को रणजीत ने छोड़ा तो शर्मा उससे बोला : चल साली अब पेशाब का गिलास
उठा कर ला और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू कर
रागिनी टेबल पर रखा पेशाब भरा गिलास उठा लाई और शर्मा के आगे उसकी टांगों के बीच
में आकर फर्श पर बैठ गयी
रागिनी ने जैसे ही गिलास का पहला घूंट पिया तो एकदम उसका चेहरा देखने लायक था
लेकिन फिर उसे लगा कि उसने पीने से मना किया तो फिर से उसका पिछवाड़ा लाल होना
शुरू हो जाएगा
शर्मा ने रागिनी को थोड़ी सख्त आवाज़ में दुबारा से कहा : मैं तीन तक गिनती बोलूंगा
-अगर तब तक यह गिलास खली नहीं हुआ तो तेरी सजा फिर से शुरू हो जाएगी
यह कहकर उसने गिनती बोलनी शुरू कर दी -एक...दो... तीन
तीन की गिनती के बाद शर्मा ने देखा कि रागिनी का गिलास एकदम खाली हो चुका था
रागिनी पेशाब पी चुकी थी।
शर्मा ने रागिनी की तरफ देखा और पूछने लगा : बोल हम सबका थूक मिला हुआ पेशाब
कितना टेस्टी था ?
रागिनी कुछ नही बोली तो शर्मा ने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार थप्पड़ लगा दिया : बोल
मेरी जान। मेरी बात का जबाब नही दिया तो तेरे नरम गालों पर ऐसे ही चपत लगते रहेंगे।
यह कहकर शर्मा ने उसके दूसरे गाल पर भी एक चपत लगा दिया
अब रागिनी फटाफट बोल पड़ी : सर बहुत टेस्टी लगा
शर्मा : ठीक है, अब जब तक मैं करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो देखूं तब तक तू मेरा
लण्ड मुंह मे लेकर चूसती रह।
शर्मा ने यह कहते हुए अपनी पैंट की ज़िप खोलकर उसमे से अपना लण्ड बाहर निकाला
और उसे रागिनी के खूबसूरत चेहरे पर उसे रगड़ने लगा। उसके होंठों हों ठोंपर अपने लण्ड को
रगड़ते हुए शर्मा ने उससे कड़क आवाज़ में कहा : चल मुंह खोल और इसे अंदर ले
रागिनी ने शर्मा के लण्ड को अपने मुंह मे ले लिया और शर्मा अब अपना लण्ड चुसवाते हुए
गौरव और करिश्मा का पनिशमेंट शो देखने लगा।
शेष अगले भाग में....
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होने वाला है. शर्मा ने रागिनी के मस्त मस्त गोल सुडौल नितम्बों पर अपने हाथ को फिराते
हुए कहा : अब मैं तुम्हारे इन मस्त मस्त नितम्बों पर इस बेंत से कम से कम 50 स्ट्रो क
लगाऊंगा -अगर 50 स्ट्रो क के बाद भी तुम पेशाब पीने के लिए तैयार नहीं हुईं तो 50 की
जगह 100 स्ट्रो क्स लगाए जाएंगे
यह कहने के साथ ही शर्मा ने अपने हाथ में पकडे बेंत से गिनती करते हुए रागिनी के
नितम्बों पर स्ट्रो क मारने शुरू कर दिए -हर स्ट्रो क पर रागिनी का पूरा बदन जोर से उछल
रहा था और शर्मा और रणजीत के लण्ड पर उसका बदन लगातार टकरा रहा था -रणजीत
अपने हाथ को रागिनी की पीठ पर फिराता हुआ उसके चेहरे को अपने लण्ड के ऊपर
रगड़वा रहा था. कुछ ही देर में चुपके से रणजीत ने अपने निक्कर की ज़िप खोलकर अपने
लण्ड को बाहर निकाल लिया था और उस लण्ड को वह रागिनी के गालों, लों होंठों हों ठोंऔर चेहरे पर
रगड़वा रहा था.
रागिनी के दोनों हाथों को रणजीत ने कसकर पकड़ रखा था और इस तरह
वह अपने चेहरे और होंठों हों ठोंको रणजीत की गोद में उसके खड़े लण्ड पर रगड़ने के लिए
मजबूर थी -30 स्ट्रो क लग चुकने के बाद रागिनी कहने लगी : सर प्लीज़ अब मत मारो-मैं
पेशाब पीने के लिए तैयार हूँ.
शर्मा : मैंने कहा था कि कम से कम 50 स्ट्रो क तो जरूर लगाए जाएंगे -अब 50 स्ट्रो क के
बाद ही तुम्हे पेशाब पीने का मौका मिलेगा यह कहकर शर्मा ने फिर से उसके नितंबों पर बेंत
मारना शुरू कर दिया और रागिनी फिर से शर्मा और रणजीत की गोद में उछल उछल कर
उनके लंड को और कड़क करने लगी-
इस बीच रणजीत को शरारत सूझी और उसने रागिनी
के मुंह को खुलवाकर अपना लण्ड उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसके साथ जबरन मुख
मैथुन का मज़ा लेने लगा -शर्मा के बेंत का स्ट्रो क लगने के साथ ही रागिनी उछल उछल कर
अब रणजीत का लण्ड भी चूसने के लिए मजबूर थी -दोनों लोग उसके मस्त बदन से एक
साथ भरपूर मज़ा ले रहे थे
50 बेंत लगते लगते रागिनी के मुंह में रणजीत अपने लण्ड की पिचकारी छोड़ चुका था पर
क्योंकि वह उल्टी लेटकर उसका लण्ड चूस रही थी, इसलिए काफी वीर्य सोफे पर और
रणजीत के निक्कर पर भी गिर गया था
50 बेंत लगने के बाद रागिनी पूरी तरह से सरंडर कर चुकी थी
शर्मा ने उसे अपनी टांगों पर से हटा दिया था लेकिन रणजीत उससे यह कह रहा था : चल
साली नीचे बैठ और मेरा लण्ड भी साफ़ कर, मेरे निक्कर पर लगे वीर्य को भी चाट चाटकर
साफ कर और इस सोफे पर गिरे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाट कर साफ़ कर
रागिनी रणजीत के काले मोटे खड़े लण्ड को अपनी जीभ फिरा फिराकर साफ़ करने लगी
-इसके बाद उसने रणजीत के निक्कर और सोफे पर लगे वीर्य को भी अपनी जीभ से चाटकर
साफ़ किया
इस बीच सुधांशु हँसता हुआ शर्मा से बोला: यार तुम्हारे इस नौकर के तो बड़े मज़े हैं -यह
सब लौंडियों से खूब मज़े लेता होगा
शर्मा : हाँ लेकिन यह मेरा बहुत पुराना और वफादार नौकर है-पूरा फार्म हॉउस यही
संभालता है और हमारी सारी बातों को एकदम गोपनीय भी रखता है -उसका इनाम तो इसे
मिलना ही चाहिए
वहां बैठे सभी लोग रागिनी, शर्मा और रणजीत के इस पनिशमेंट शो को देखकर बहुत
उत्तेजित और गर्म हो चुके थे और अपनी अपनी गोद में बैठी हुई लड़कियों को दबा-सहला
और मसलकर अपनी गर्मी को शांत कर रहे थे
जब रागिनी को रणजीत ने छोड़ा तो शर्मा उससे बोला : चल साली अब पेशाब का गिलास
उठा कर ला और मेरे सामने बैठकर पीना शुरू कर
रागिनी टेबल पर रखा पेशाब भरा गिलास उठा लाई और शर्मा के आगे उसकी टांगों के बीच
में आकर फर्श पर बैठ गयी
रागिनी ने जैसे ही गिलास का पहला घूंट पिया तो एकदम उसका चेहरा देखने लायक था
लेकिन फिर उसे लगा कि उसने पीने से मना किया तो फिर से उसका पिछवाड़ा लाल होना
शुरू हो जाएगा
शर्मा ने रागिनी को थोड़ी सख्त आवाज़ में दुबारा से कहा : मैं तीन तक गिनती बोलूंगा
-अगर तब तक यह गिलास खली नहीं हुआ तो तेरी सजा फिर से शुरू हो जाएगी
यह कहकर उसने गिनती बोलनी शुरू कर दी -एक...दो... तीन
तीन की गिनती के बाद शर्मा ने देखा कि रागिनी का गिलास एकदम खाली हो चुका था
रागिनी पेशाब पी चुकी थी।
शर्मा ने रागिनी की तरफ देखा और पूछने लगा : बोल हम सबका थूक मिला हुआ पेशाब
कितना टेस्टी था ?
रागिनी कुछ नही बोली तो शर्मा ने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार थप्पड़ लगा दिया : बोल
मेरी जान। मेरी बात का जबाब नही दिया तो तेरे नरम गालों पर ऐसे ही चपत लगते रहेंगे।
यह कहकर शर्मा ने उसके दूसरे गाल पर भी एक चपत लगा दिया
अब रागिनी फटाफट बोल पड़ी : सर बहुत टेस्टी लगा
शर्मा : ठीक है, अब जब तक मैं करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो देखूं तब तक तू मेरा
लण्ड मुंह मे लेकर चूसती रह।
शर्मा ने यह कहते हुए अपनी पैंट की ज़िप खोलकर उसमे से अपना लण्ड बाहर निकाला
और उसे रागिनी के खूबसूरत चेहरे पर उसे रगड़ने लगा। उसके होंठों हों ठोंपर अपने लण्ड को
रगड़ते हुए शर्मा ने उससे कड़क आवाज़ में कहा : चल मुंह खोल और इसे अंदर ले
रागिनी ने शर्मा के लण्ड को अपने मुंह मे ले लिया और शर्मा अब अपना लण्ड चुसवाते हुए
गौरव और करिश्मा का पनिशमेंट शो देखने लगा।
शेष अगले भाग में....
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