पायल अपनी छत पर जाने के लिए मुंडेर को कूद रही थी। जब उसने अपनी एक टांग उठाकर मुंडेर पर रखी तो उसके सैक्सी कुल्हें क्या मस्त लग रहे थे। जब पूनम ने मुझे अपनी बहन को घूरते देखा तो उसने मेरे कंधे पर एक मुक्का मार दिया।
मैंने उसकी तरफ देखा और फिर जब वापिस पायल की तरफ देखा तो वो दूसरी तरफ जा चुकी थी।
मैं आकर तान्या और रूपाली के पास बैठ गया, पूनम भी मेरे सामने आकर बैठ गई। हम छत पर नीचे ही बैठे थे, बस एक चद्दर बिछी हुई थी।
इतने में सोनल भी उपर आ गई।
चलो, अब मुझे नींद आ रही है, सोनल ने तान्या की पीठ में हाथ मारते हुए कहा।
तान्या ने उसकी तरफ घूर कर देखा और उसका हाथ पकड़कर नीचे खंीचं लिया।
यार मुझे नींद आ रही है, ओके चल तुम बाद में आ जाना जब तुम्हें नींद आये, पर मुझे तो जाने दो, सोनल ने कहा।
तान्या ने उसका हाथ छोड़ दिया और सोनल नीचे चली गई। पूनम अभी भी यही बैठी थी, इसलिए बेचारी तान्या कुछ नहीं कर पा रही थी।
उंहहहह--- मुझे भी नींद आ रही है, मैं भी सोने जा रहा हूं, उंघते हुए मैंने कहा और तान्या की तरफ आंख मार दी।
मैं उठ खड़ा हुआ और अंदर की तरफ चलने लगा। तान्या और रूपाली मायूस सा मुंह लटकाये उठी।
क्या यार, अभी बैठते हैं ना कुछ देर और, अभी कौनसा सोने का टाइम हो गया, पूनम ने झुंझलाते हुए कहा।
कितना अंधेरा हो गया है, और तुम कह रही हो सोने का टाइम नहीं हुआ है, मैंने पूनम की तरफ देखते हुए कहा।
तान्या ने मेरी तरफ मायूस दृष्टि से देखा तो मैंने उसे आंखों के इशारे से आश्वासन दिया और पूनम को उठाकर एक साइड में ले गया।
अरे यार ये अपने घर पर झूठ बोलकर आई हैं, ताकि मेरे साथ सो सकें, पर तुम्हारे कारण शर्मा रही हैं, मैंने धीरे से पूनम से कहा।
क्या------ ये भी------- कमाल करते हो समीर साहब,,,,,, कितनी लड़कियों के साथ चक्कर हैं आपके, पूनम ने दबी आवाज में कहा।
और एक साथ दो-दो, इनको जरा भी शर्म नहीं है क्या--- पूनम ने उनकी तरफ देखते हुए कहा।
इसका मतलब तुम भी बेशर्म हो, मैंने उसे छेड़ते हुए कहा।
मैं कैसे, पूनम ने कहा और मेरी आंखों में देखने लगी।
याद है ना सोनल के साथ, सुहानी रात,,, मैंने चटकारा लेते हुए कहा।
मेरी बात सुनकर पूनम शर्मा गई।
ओके ठीक है,,, मैं चलती हूं, पर ये रात उधार रही आप पर, चुन चुनकर बदला लूंगी, कहते हुए वो अपनी छत पर चली गई।
पूनम के जाते ही तान्या मुझसे लिपट गई और पागलों की तरह मेरे गालों और होंठों को चूसने लगी।
अंदर तो चल, यही पे शुरू हो गई, रूपाली ने तान्या को इस तरह पागल होते देख कहा।
तान्या ने मेरा हाथ पकड़ा और खींचकर अंदर ले आई। हमारे पीछे पीछे रूपाली भी अंदर आ गई।
अंदर आते ही तान्या ने मुझे बेड पर धक्का दिया और खुद भी उपर आ गई। रूपाली ने दरवाजा बंद करके कुंडी लगा दी।
तान्या ने अपनी टीशर्ट उतारकर एक तरफ फेंक दी और पिछे हाथ करके अपनी ब्रा भी उतार दी और फिर मेरी टी-शर्ट को उतारने लगी। मैंने अपनी कमर उपर करके उतारने में उसकी मदद की। टीशर्ट को उतार कर वो मेरे उपर लेट गई। उसके मीडियम आकार के उभार मेरी छाती पर दब गये और उसके होंठ ने मेरे होंठों को कस लिया। उसकी और मेरी बेल्ट आपस में मेल-जोल बढ़ा रही थी। उसकी जांघें मेरी जांघों पर उठा पटक कर रही थी।
मैंने रूपाली की तरफ देखा, वो दरवाजे से पीठ लगाये खड़ी हमें ही देख रही थी। मैंने अपने हाथ तान्या की कमर में रखे और सहलाने लगा। मेरे हाथ लगते ही उसने एक झटका खाया और बैठ गई।
वो बेड से नीचे उतरी और अपनी बेल्ट खोलने लगी। अपनी बेल्ट खोलकर उसने जींस का हुक भी खोल दिया और जींस की चैन खोलकर मेरी कमर की तरफ अपने हाथ बढ़ा दिये।
उसने मेरी बेल्ट को खोला और जींस का हुक खोलकर अदा के साथ चैन को खोलने लगी। चैन को खोलकर उसने जींस के अंदर हाथ दिया और मेरे सांप को मुठठी में पकड़कर अंडरवियर समेत बाहर खिंच लिया।
मैंने रूपाली की तरफ देखा, उसकी सांसे जोर से चल रही थी और उसका चेहरा एकदम लाल हो चुका था। उसकी सांसों के साथ उसकी चूचियां उठक बैठक कर रही थी और उसका एक हाथ बार बार उसकी मुनिया को सहला रहा था।
तान्या ने मेरे लिंग को अंडरवियर से बाहर निकाला और एक बार मेरी आंखों में देखा और फिर अपने होंठों को मेरे सुपाड़े पर कस दिया। मेरे मुंह से एक जोर की सिसकारी निकली। मेरे सुपाड़े को होंठों में कसे हुए वो उस पर जीभ फिरा रही थी। मेरे शरीर में रह रहकर तरंगे उठ रही थी और साथ में मेरी कमर भी।
मेरे सुपाड़े को चूसते हुए उसने अपनी उंगलियों को मेरी जींस के किनारों में फंसाया और धीरे धीरे नीचे सरकाने लगी। घुटनों तक जींस को सरकाने के बाद उसने अपने हाथ मेरी नंगी जांघों पर रख दिये और सहलाने लगी। मैं कमर उठा कर अपने लिंग को और अंदर करने की कोशिश कर रहा था पर वह मेरी कमर के साथ साथ अपना मुंह भी उपर की तरफ कर लेती। उसने मेरे सुपाड़े को जोरों से अपने होंठों के बीच भींचा हुआ था और जीभ से चाट रही थी।
मुझे लग रहा था कि अगर कुछ देर और ये ऐसे ही चाटती रही तो मैं तो गया काम से, और अबकी बार गया तो काफी टाइम लगेगा दोबारा तैयार होने में, पहले ही सोनल की बच्ची ने ऐसा चबाया था।
मैंने उसके चेहरों को पकड़ा और बैठते हुए उसके मुंह को उपर लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये।
उसके होंठों को चूसते हुए मैं खड़ा हो गया। खड़े होते ही मेरी जींस घुटनों पर आकर टिक गई। मैंने पैरों को हिला हिलाकर जींस को पैरों से अलग कर दिया और अपने हाथ नीचे ले जाकर उसकी जींस को नीचे सरकाना शुरू कर दिया।
अचानक उसने किस तोड़ी और थोड़ा पीछे होते हुए जींस को पकउ़कर अपने पैरों से अलग कर दिया। जींस निकालते हुए उसका मुंह और सिर मेरे लिंग से टकरा रहा था।
क्रमशः.....................
मैंने उसकी तरफ देखा और फिर जब वापिस पायल की तरफ देखा तो वो दूसरी तरफ जा चुकी थी।
मैं आकर तान्या और रूपाली के पास बैठ गया, पूनम भी मेरे सामने आकर बैठ गई। हम छत पर नीचे ही बैठे थे, बस एक चद्दर बिछी हुई थी।
इतने में सोनल भी उपर आ गई।
चलो, अब मुझे नींद आ रही है, सोनल ने तान्या की पीठ में हाथ मारते हुए कहा।
तान्या ने उसकी तरफ घूर कर देखा और उसका हाथ पकड़कर नीचे खंीचं लिया।
यार मुझे नींद आ रही है, ओके चल तुम बाद में आ जाना जब तुम्हें नींद आये, पर मुझे तो जाने दो, सोनल ने कहा।
तान्या ने उसका हाथ छोड़ दिया और सोनल नीचे चली गई। पूनम अभी भी यही बैठी थी, इसलिए बेचारी तान्या कुछ नहीं कर पा रही थी।
उंहहहह--- मुझे भी नींद आ रही है, मैं भी सोने जा रहा हूं, उंघते हुए मैंने कहा और तान्या की तरफ आंख मार दी।
मैं उठ खड़ा हुआ और अंदर की तरफ चलने लगा। तान्या और रूपाली मायूस सा मुंह लटकाये उठी।
क्या यार, अभी बैठते हैं ना कुछ देर और, अभी कौनसा सोने का टाइम हो गया, पूनम ने झुंझलाते हुए कहा।
कितना अंधेरा हो गया है, और तुम कह रही हो सोने का टाइम नहीं हुआ है, मैंने पूनम की तरफ देखते हुए कहा।
तान्या ने मेरी तरफ मायूस दृष्टि से देखा तो मैंने उसे आंखों के इशारे से आश्वासन दिया और पूनम को उठाकर एक साइड में ले गया।
अरे यार ये अपने घर पर झूठ बोलकर आई हैं, ताकि मेरे साथ सो सकें, पर तुम्हारे कारण शर्मा रही हैं, मैंने धीरे से पूनम से कहा।
क्या------ ये भी------- कमाल करते हो समीर साहब,,,,,, कितनी लड़कियों के साथ चक्कर हैं आपके, पूनम ने दबी आवाज में कहा।
और एक साथ दो-दो, इनको जरा भी शर्म नहीं है क्या--- पूनम ने उनकी तरफ देखते हुए कहा।
इसका मतलब तुम भी बेशर्म हो, मैंने उसे छेड़ते हुए कहा।
मैं कैसे, पूनम ने कहा और मेरी आंखों में देखने लगी।
याद है ना सोनल के साथ, सुहानी रात,,, मैंने चटकारा लेते हुए कहा।
मेरी बात सुनकर पूनम शर्मा गई।
ओके ठीक है,,, मैं चलती हूं, पर ये रात उधार रही आप पर, चुन चुनकर बदला लूंगी, कहते हुए वो अपनी छत पर चली गई।
पूनम के जाते ही तान्या मुझसे लिपट गई और पागलों की तरह मेरे गालों और होंठों को चूसने लगी।
अंदर तो चल, यही पे शुरू हो गई, रूपाली ने तान्या को इस तरह पागल होते देख कहा।
तान्या ने मेरा हाथ पकड़ा और खींचकर अंदर ले आई। हमारे पीछे पीछे रूपाली भी अंदर आ गई।
अंदर आते ही तान्या ने मुझे बेड पर धक्का दिया और खुद भी उपर आ गई। रूपाली ने दरवाजा बंद करके कुंडी लगा दी।
तान्या ने अपनी टीशर्ट उतारकर एक तरफ फेंक दी और पिछे हाथ करके अपनी ब्रा भी उतार दी और फिर मेरी टी-शर्ट को उतारने लगी। मैंने अपनी कमर उपर करके उतारने में उसकी मदद की। टीशर्ट को उतार कर वो मेरे उपर लेट गई। उसके मीडियम आकार के उभार मेरी छाती पर दब गये और उसके होंठ ने मेरे होंठों को कस लिया। उसकी और मेरी बेल्ट आपस में मेल-जोल बढ़ा रही थी। उसकी जांघें मेरी जांघों पर उठा पटक कर रही थी।
मैंने रूपाली की तरफ देखा, वो दरवाजे से पीठ लगाये खड़ी हमें ही देख रही थी। मैंने अपने हाथ तान्या की कमर में रखे और सहलाने लगा। मेरे हाथ लगते ही उसने एक झटका खाया और बैठ गई।
वो बेड से नीचे उतरी और अपनी बेल्ट खोलने लगी। अपनी बेल्ट खोलकर उसने जींस का हुक भी खोल दिया और जींस की चैन खोलकर मेरी कमर की तरफ अपने हाथ बढ़ा दिये।
उसने मेरी बेल्ट को खोला और जींस का हुक खोलकर अदा के साथ चैन को खोलने लगी। चैन को खोलकर उसने जींस के अंदर हाथ दिया और मेरे सांप को मुठठी में पकड़कर अंडरवियर समेत बाहर खिंच लिया।
मैंने रूपाली की तरफ देखा, उसकी सांसे जोर से चल रही थी और उसका चेहरा एकदम लाल हो चुका था। उसकी सांसों के साथ उसकी चूचियां उठक बैठक कर रही थी और उसका एक हाथ बार बार उसकी मुनिया को सहला रहा था।
तान्या ने मेरे लिंग को अंडरवियर से बाहर निकाला और एक बार मेरी आंखों में देखा और फिर अपने होंठों को मेरे सुपाड़े पर कस दिया। मेरे मुंह से एक जोर की सिसकारी निकली। मेरे सुपाड़े को होंठों में कसे हुए वो उस पर जीभ फिरा रही थी। मेरे शरीर में रह रहकर तरंगे उठ रही थी और साथ में मेरी कमर भी।
मेरे सुपाड़े को चूसते हुए उसने अपनी उंगलियों को मेरी जींस के किनारों में फंसाया और धीरे धीरे नीचे सरकाने लगी। घुटनों तक जींस को सरकाने के बाद उसने अपने हाथ मेरी नंगी जांघों पर रख दिये और सहलाने लगी। मैं कमर उठा कर अपने लिंग को और अंदर करने की कोशिश कर रहा था पर वह मेरी कमर के साथ साथ अपना मुंह भी उपर की तरफ कर लेती। उसने मेरे सुपाड़े को जोरों से अपने होंठों के बीच भींचा हुआ था और जीभ से चाट रही थी।
मुझे लग रहा था कि अगर कुछ देर और ये ऐसे ही चाटती रही तो मैं तो गया काम से, और अबकी बार गया तो काफी टाइम लगेगा दोबारा तैयार होने में, पहले ही सोनल की बच्ची ने ऐसा चबाया था।
मैंने उसके चेहरों को पकड़ा और बैठते हुए उसके मुंह को उपर लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये।
उसके होंठों को चूसते हुए मैं खड़ा हो गया। खड़े होते ही मेरी जींस घुटनों पर आकर टिक गई। मैंने पैरों को हिला हिलाकर जींस को पैरों से अलग कर दिया और अपने हाथ नीचे ले जाकर उसकी जींस को नीचे सरकाना शुरू कर दिया।
अचानक उसने किस तोड़ी और थोड़ा पीछे होते हुए जींस को पकउ़कर अपने पैरों से अलग कर दिया। जींस निकालते हुए उसका मुंह और सिर मेरे लिंग से टकरा रहा था।
क्रमशः.....................