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Adultery बुरी फसी लक्ष्मी आंटी (Completed)

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Administrator
Staff member
यह कथा सम्पूर्ण काल्पनिक है। कुछ समय से मेरे मन मै एक कथा थी पर कुछ वैसीही सुरुवात एक लेखक ने xossip पर की तो मै रुक गया। अफसोस की कथा अलग दिशा मे जाकर रुक गयी। तो आप की अनुमती से अपनी कथा यहान लिख रहा हुं।

कहानी के मुख्य पात्र
1. विक्की- 18 अभी 12वी क्लास और IIT परीक्षा पूर्ण कर छुट्टियों में घर
2. सनी- 18 विक्की की तरह छुट्टी में घर पर
3. लक्ष्मी- 22 विक्की और सनी के घर झाडू-पोछा लगाना, बरतन धोना और खाना बनाने का काम करती है।
4. पवन- 45 विक्की के पिता, अपने दोस्त के साथ अपनी कंपनी चलाते हैं।
5. समीरा- 43 विक्की की मां, पहले पती के साथ काम करती थी पर अब अपनी एजेंसी चलाती हैं।
6. अश्वेत- 45 सनी के पिता और पवन के दोस्त, कंपनी में साझेदार।
7. श्वेता- 42 सनी की मां और एजेंसी में समीरा की साझेदार।
8. पप्पू- 25 लक्ष्मी का पति, शराबी और जुआरी, लक्ष्मी को रोज़ परेशान करने के सिवा इसके पास होई काम होने का पता नही।

1

विक्की
रोज़ की तरह सुबह 8 बजे घरके सारे बड़े अपने अपने काम से चले गए और मैं बोर हो रहा था। 9th क्लास से सुबह 6 बजे उठने की आदत अब सोने नही दे रही थी। सनी को भी यही तकलीफ थी और उसने मुझे अपने कमरे में बुलाया। मैं झटसे t shirt पहनकर उपरी मंजिल पर सनी के घर पहुंचा। सनी ने दिखाया कि किस तरह उसने 6 बजे उठकर कंप्यूटर spyware बनाया और मुझे ईमेल से भेजा। अब सनी मेरे pc का webcam on कर सकता था। हम ने थोड़ी देर webcam से मेरा कमरा देखा तभी वहां लक्ष्मी आंटी आयी। वैसे तो कभी हमने इसकी तरफ देखा नही था पर आज हम इसे घूरने लगे।

लक्ष्मी पास ही की बस्ती में रहती थी। मेरे और सनी के घर काम कर अपना घर चलाती थी। हालांकि लक्ष्मी सिर्फ 22-23 की होगी हम उस आंटी बुलाते थे। लक्ष्मी आंटी ने सलवार कमीज़ पहनी थी और अपना दुपट्टा कमर पर बांध कर मेरे कमरे की साफ सफाई करने लगी। मेरा बेड ठीक करने जब वह बेड पर चढ़ी तो उसकी भरी हुई गोरी चूचियां कमीज़ के गले में से हमें साफ नजर आयी। उसके मुड़ते ही उसकी भरी गोल गदराई गंड के भी दर्शन करने को मिले। सब सामान सही करके लक्ष्मी चली गई और हम दोनों ने एक दूरे की तरफ देखा। दोनों के हात अपने खड़े लंड को छुपा रहे थे। एक दूसरे की तरफ देख कर हम हंस पड़े और लक्ष्मी का यह दर्शन कर हम उसके साथ क्या क्या करना चाहेंगे इसकी कल्पना करने लगे।

खैर आगे क्या होना था? हम online जाकर maid sex videos को देखने लगे। 2 घंटे बाद पूरी तरह उत्तेजित में अपने कमरे में लौटा। लक्ष्मी हमारे घर का काम पूरा कर उपर सनी के घर जा रही थी। मैं उस के बारे में गंदे विचार करने की वजह से उस से नजर नहीं मिला पाया, लेकिन पीछे से फिर भी उसे ताड़ता रहा। अपने कमरे में मैंने देखा की मेरा wallet आज टेबल पर ही मै भुला रखा। अंदर देखा तो पता चला कि अंदर से 500 की नोट गायब है। मुझे होई खर्च होता नहीं फिर भी मै 500 हमेशा wallet में रखता हूं। मन में एक सवाल उठा तो मैंने सनी को webcam recording देखने को कहा।

लक्ष्मी सनी के घर साफ सफाई कर रही थी और उसे अभी कहीं और जाने को नहीं मिला था। सनी ने तुरंत footage देखा और पाया कि जब हम maid videos देख रहे थे तब लक्ष्मी ने वापस मेरे कमरे में आकर मेरा wallet साफ किया था।

हमने बात की और सोचा कि आज इसे जाने देते हैं। अगर इसने शाम तक पैसे लौटा दिए तो हम जानते थे की हमारे मम्मी पापा कुछ नहीं बोलेंगे। लक्ष्मी दोनों घर के काम करके, खाना पकाके अपने घर चली गई और हम दो शैतान अपने प्लान बनाने लगे।
 
2
सनी


शाम तक मैं और विक्की अलग अलग plan बनाकर बदल रहे थे। असल बात तो यह थी कि पिछले 4 सालों में हम दोनों पधाई में ऐसे मशगूल थे कि हमने कभी यारी दोस्ती नहीं की। हमें डर था कि अगर हम कॉलेज पहुंचे तो girlfriend के मामले में पक्के अनाड़ी साबित होंगे। साथही में अगर थोड़ा भी अनुभव मिले तो क्यों ना लें?

शाम 7 बजे हमारे पापा वापस आए तो हमने उनसे पूछा कि हमें कुछ दिन farmhouse जाएं। घर पर हम bore होते हैं। परसो शुक्रवार शाम को जा कर सोमवार सुबह तक लौटेंगे। पापा ने पूछा कि तुम दोनों कैसे जाओगे तो मैंने कहा की हम bike चलाके जायेंगे। पापा ने हसकर कहा की थोड़ी देर में बताता हूं।

पापा ने पवन अंकल से बात की और कहा की तुम दोनों बाईक पर नहीं कार लेकर जाओ। और 3 रात रहोगे तो खाने पीने का इंतेज़ाम हम कर रहे हैं। मुझे पता था की इंतजाम क्या होना था।

गुरुवार सुबह 9 बजे जब लक्ष्मी आंटी विक्की के घर पहंची तो विक्की वापस मेरे कमरे में आया। आज हम लक्ष्मी को नहीं अपने शिकार को घुर रहे थे। आज लक्ष्मी आंटी ने हरे रंग का कुर्ता और लाल सलवार पेहनी थी। कल की ही तरह विक्की आज भी सब बाहर छोड़ आया था। लक्ष्मी आंटी ने पहले बेड पर चढ कर उसे ठीक किया और फिर सामान जगह पर रखने लगी। आज विक्की के wallet में 4000 रूपए थे। लक्ष्मी आंटी ने झट से 1 नोट खींच ली और अपनी कमीज़ में छुपा ली। हम भी इसी का इंतजार कर रहे थे। हम दोनों विक्की के कमरे में गए और विक्की अपना wallet ढूंढ़ने का नाटक करने लगा।

विक्की-"अरे सनी मैं तुझे बता रहा हूं मैंने अभी 4000 यहां रखे थे।"

"तो अब 500 कम कैसे हो गए? कल भी तो तेरे 500 गायब हो गए थे ना?"

मैंने देखा लक्ष्मी आंटी दबे पांव बाहर खड़ी हमारी बातें सुन रही थी।

सनी-"पता नहीं यार। ये क्या हो रहा है।"

"तो चल किसी ऐसे को पूछते हैं जिसको पता हो कि यहां पर क्या हो रहा है।"

मैं बाहर झपटा और लक्ष्मी आंटी को पकड़ कर उसे कमरे में खींच लाया। लक्ष्मी आंटी ने उसे ऐसे पकड़ने के लिए हमें डांटने की कोशिश की।

मैंने कहा "देखो आंटी आपके सिवा कोई और इस घर में नहीं आया और लगातार 2 दिन पैसे गायब हो रहे हैं। आपके पास 2 रास्ते हैं, या तो हम आपकी तलाशी लेंगे या फिर हम पुलिस को बुलाएं और वोह आपकी तलाशी ले।"

लक्ष्मी आंटी रोने लगी और हात जोड़कर बोली कि पुलिस को न बुलाएं, वह बेकसूर है। पर अब मै और विक्की उसका पुलिस का डर भांप चुके थे। हमने कड़ी आवाज में कहा कि अब वह चुप चाप हमें तलाशी लेने दे। क्योंकि चोरी दोनों बार विक्की के पास हुई थी तो विक्की का हक ज्यादा बनता था।

मैं लक्ष्मी आंटी के पीछे खड़ा हो गया और उसके हाथ पकड़ कर शरीर से दूर कर दिए। विक्की ने पहले जेब ढूंढ़ने का नाटक किया और जेब ना मिलने पर लक्ष्मी आंटी के सिनेपर हात घुमाने लगा।

मैंने विक्की से कहा, "अरे यार, कभी हिंदी फिल्म नहीं देखी? औरतों की पैसे रखने की जगह अलग होती है।"

विक्की

अब तक सब प्लान के मुताबिक हो रहा था पर अब सहना मुश्किल हो रहा था। मैंने लक्ष्मी आंटी के कंधों को दबाकर उसे घुटनों पर बिठा दिया। फिर अपना हात कमीज़ के गले के अंदर डाला। लक्ष्मी आंटी सिसकियां भरने लगी और सर हिलाकर मना कर रही थी।

दोनों गरम रसीले गुब्बारों के बीच मैंने अच्छे से हात घुमाया और दबा दबा कर टटोला।

"अरे सनी, यहां बीच में तो कुछ भी नहीं मिला।"

सनी-"विक्की तू ना पक्का अनाड़ी है। देख सिर्फ बीच में नहीं, हर तरफ देखना पड़ेगा। तू तेरे right वाला ले मै मेरे right वाला लेता हूं।"

अब लक्ष्मी आंटी रोने लगी। हात जोड़ कर माफी मांगने लगी।

लक्ष्मी-"नहीं, छोड़ दो मुझे। मैंने मज़बूरी में पैसे लिए थे। मैं लौटा देती हूं पर मुझे अब जाने दो।"

मै और सनी तस से मस नहीं हुए और दोनों ने उसके मम्मे दबाने शुरू कर दिया। मेरी उंगलियों को कुछ लगा, वह एक 500 की नोट थी। मैंने उसे निकाल कर लक्ष्मी आंटी और सनी को दिखाया।

"देखो चोरी पकड़ी गई। अब मै मम्मी पापा को फोन कर सब बताता हूं और पुलिस को भी बुलाता हूं। अब से ये किसी घर में चोरी नहीं कर पाएगी।"

लक्ष्मी आंटी ने मेरे पैर पकड़ लिए। बोली कि मै ऐसे ना करूं। पुलिस उसे कहीं का ना छोड़ेंगे और नौकरी गई तो वो बरबाद हो जाएगी। लक्ष्मी आंटी ने कहा कि वो कुछ भी करेगी अगर हम उसे बचा लें।

सनी-"विक्की तुम इसकी बातों में नहीं आना। पता नहीं और क्या क्या चोरी कर चुकी है। सीधे पुलिस को बुलाते हैं।"

"सनी, गरीब औरत ने मज़बूरी में उठा लिया तो इसकी इतनी बड़ी सजा? तूने तो news में पढ़ा ना किस तरह पुलिस पूछताछ के दौरान जवान औरतों को इस्तमाल करते हैं और साथ में उनसे धंदा भी करवाते हैं। 4 साल से हमारे यहां काम कर रही है। कुछ तो सोचना पड़ेगा।"

सनी- "तू इस चोरनी पर भरोसा करेगा? कल भी तेरे पैसे गायब थे, क्या पता और क्या क्या छुपा कर ल जा रही है?"

"बात तो तेरी भी सही है। अभी तलाशी पूरी नहीं हुई है।
देखो आंटी, अगर तुम हमें तलाशी लेने दो और बाद में हम जो सजा दे वोह करो तो हम ये बात राझ रखेंगे। पर अगर अभी तुमने हमें रोका या सजा लेने में कुछ नखरे किए तो हम ये सारी बातें सब को बता देंगे। बोलो मंजूर है?"

लक्ष्मी आंटी ने सर हिलाकर हां कर दी और हम दोनों ने एक शैतानी मुस्कुराहट दी। पहले हम ने लक्ष्मी आंटी को खड़ा किया और फिर उसकी कमीज़ उतारी। लक्ष्मी आंटी ने रोते हुए हमे कोई रोक टोक नहीं किया। इस बात से खुश होकर सनी ने फिर से उसके हात शरीर से दूर रखने को कहा। लक्ष्मी आंटी ने skin colour जैसी कॉटन bra पहनी थी जिसमें से उसकी गोरी चूचयां उभर कर सामने आ रही थी। लक्ष्मी की बगल के बाल थे जो कि पसीने से भीग गए थे। लक्ष्मी आंटी का पेट सुडौल था और बिलकुल कसा हुआ था। आंटी की नाभि पर सलवार कि गांठ बंधी हुई थी। हम दोनों ने अच्छे से हात घुमाकर लक्ष्मी आंटी को टटोला और मज़े लिए। सनी ने सलवार का नाड़ा खींच लिया और लक्ष्मी आंटी ने झटसे अपनी सलवार पकड़ ली।

लक्ष्मी-"ये गलत काम है। मै पतिव्रता हूं। तुमने मुझे सजा दी सो मैंने ली। अब मुझे जाने दो।"

"आंटी अभी तो सिर्फ तलाशी ले रहे हैं। अगर फिर से हमें रोका तो सीधे पुलिस को बुला लेंगे। तेरी ब्रा में हमें 500 मिले हैं, न जाने और कितने तूने कहां छुपा रखे हैं।"

ऐसा कहते हुए मैंने लक्ष्मी आंटी को धक्का दिया और वो बेड पर गिर गई। सनी ने उसके हाथ पकड़ लिए और मैने उसकी सलवार खींच कर उतार दी। लाल गुलाबी फूलों वाली पिली निक्कर पहन कर लक्ष्मी आंटी बेड पर पड़ी अपने पैर पटख रही थी। मैंने फिर से आंटी को धमकाया तो वह मुंह फर कर रोने लगी। मै और सनी किसी औरत को इस रूप में पहली बार देख रहे थे। दोनों एक दम गरम हो चुके थे। पर हमला करना आज के प्लान में नहीं था।

सनी ने आंटी को पकड़ कर उसे उलटा कर दिया तो, अपनी इज्जत बचने की खुशी में आंटी झट से उलटी हो गई। अफसोस की, बात ऐसी नहीं थी। सनी ने आंटी की पीठ के दोनो तरफ अपने घुटने टेक दिए और लक्ष्मी आंटी को पकड़ लिया। अब सनी ने आराम से लक्ष्मी आंटी की ब्रा खोलते हुए उसकी पीठ पर हाथ फेरे। इसी दौरान मै भी बेड पर चढ गया और लक्ष्मी आंटी के पैरों के बीच बैठ गया। लक्ष्मी आंटी चाह कर भी सनी को रोक नहीं पा रही थी और मैंने उनकी पैंटी को कमर से पकड़ लिया।

लक्ष्मी आंटी हात पांव मार रही थी पर अब कोई रास्ता नहीं था। कुछ ही देर में लक्ष्मी आंटी पूरी तरह से नंगी होकर बेड पर पड़ी थी। हमने लक्ष्मी आंटी की ब्रा और पैंटी को छू कर, सूंघ कर तलाशा। लक्ष्मी आंटी उलटी पड़ी रो रही थी कि हम ने उसे पकड़ कर सीधा कर दिया।

लक्ष्मी आंटी ने अपने पैर दबाकर अपनी बची कुची इज्जत बचने की कोशिश की। दोनों पैरों में घने घुंघराले काले बालों का जंगल था जिसमें जवानी का हसीन खजाना दबा पड़ा था।

"सनी, क्या लगता है? अब भी इसने कुछ छुपाया होगा?"

सनी-"पता नहीं यार, अभी भी हमने दो पैरों के बीच में नहीं देखा। देख लें?"

लक्ष्मी आंटी-" तुम अच्छे लड़के हो। मुझे छोड़ दो। अब तो सब कुछ देख लिया है। मेरे पास मेरा अपना भी कुछ नहीं छोड़ा तुम लोगों ने। अब जाने दो।"

मैंने सनी को इशारा किया और हम दोनों बेड से नीचे उतर आए। मैंने लक्ष्मी आंटी को कपड़े पहन कर बाहर आने को कहा। लक्ष्मी आंटी जब बाहर आई तो हम ने tv पर उसे उसका चोरी वाला विडियो दिखाया। लक्ष्मी आंटी ये सबूत देख कर पूरी तरह टूट गई। वोह समझ चुकी थी कि अब उसका बचना सिर्फ हमारे हाथ में है। मैंने लक्ष्मी आंटी को बताया कि कल शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक हम दोनों बाहर घूमने जा रहे हैं। लक्ष्मी आंटी को हमारे मम्मी पापा हमारे साथ भेजेंगे तो वह मना नहीं करेगी और अगर उसने कोई चालाकी करने की कोशिश की तो उसकी सजा वोह खुद समझ ले।

लक्ष्मी आंटी ने पूछा कि आप घूमने जाओगे तो मैं क्या करूंगी?

सनी-" अरे लक्ष्मी आंटी, तुम तो हमारी teacher हो। आज जो भी नहीं किया वोह सब वहां करोगी, हमें लड़कों से मर्द बनाओगी। तुम भी मजे ले कर हमें भी मजे सिखाओ। समझी?"

लक्ष्मी आंटी अपने मुंह पर हाथ पकड़ कर घर से बाहर भाग गई।

हम कल शाम जाने कि तयारी करने में जुट गए और शाम को हमारे मम्मी पापा ने हमें बुला लिया। हमने देखा लक्ष्मी आंटी भी वहां सर नीचे किए खड़ी थी। पापा बोले कि farmhouse जाएं तो वहां बाहर कि साफ सफाई करने के लिए लोग हैं पर अंदर की सफाई और खाने के लिए लक्ष्मी आंटी को तुम्हारे साथ भेज रहे हैं। वोह तुम्हारा खयाल रखेगी।

मैंने और सनी ने इस बात का जम के विरोध किया और कहा की हम दोनों अपना खयाल रख सकते हैं। पर हमारे विरोध के साथ पापा का भी फैसला पक्का हुआ और हमें लक्ष्मी आंटी को साथ लेकर चलना पड़ा।
 

3

सनी

आज सुबह से हमें अलग अलग बातें बताई जा रही थी। गाड़ी तेज मत चलाना, ठीक से खाना, वगैरा वगैरा मानो हम फॉर्महाउस नहीं सीधे कॉलेज जा रहे हों। खैर 9 बजे तक सारे बड़े चले गए और हम दो शैतान हमारे शिकार का इंतार करने लगे। 9.15 को एक डरी सहमी लक्ष्मी आंटी ने विक्की के घर दाखिल हुई।

लक्ष्मी आंटी ने निली सलवार के ऊपर पिला कुर्ता पहना था, मानो वह खुद को छुपाना चाहती हो। हमने उसे उसका काम करने दिया। हम बस हमारी packing पूरी तरह करते रहे। दोपहर का खाना बनाने के बाद हमने लक्ष्मी आंटी को हमारे साथ बैठ कर खाना खाने को कहा।

खाने की मेज पर लक्ष्मी आंटी 2 शेरों के बीच बैठी बकरी की तरह खा रही थी। जब हमारा खाना खा कर हो गया तो मैंने लक्ष्मी आंटी से पूछा कि उसका पति कैसे राजी हो गया उसे 3 दिन छोड़ने के लिए। लक्ष्मी आंटी ने बताया की पापा ने उसे 4 दिन के अलग 2000 देने का वादा किया है और इसी वजह से उसका पति तयार हो गया है।

मैंने लक्ष्मी आंटी को उसका 3 दिन का bag दिखाने को कहा। उसके bag में 3 जोड़ी कपड़े और साथ में टॉवेल, साबुन, पावडर वगैरह चीजें थी। मैंने आंटी से कहा कि 2 बज रहे हैं और हमें 4 बजे तक निकलना होगा, तो इस देर में वह क्या करना चाहेगी?

लक्ष्मी आंटी समझ नहीं पाई कि अब क्या होगा।

हम लक्ष्मी आंटी को पकड़कर विक्की के कमरे में ले गए। वहां PC पर बुधवार की उसकी चोरी का वीडियो था, उसके बाद गुरुवार की चोरी का वीडियो चला और आखिर में कल की तलाशी लेने के बाद में लक्ष्मी आंटी के कपड़े पहने का वीडियो था। लक्ष्मी आंटी यह सब देख कर सर झुकाए बैठी थी।

"तो आंटी, क्यों न हम तुमको famous बनाएं? कई लडके तेरा नंगा बदन देख कर ही खुश हो जाएंगे। सब लोग तुझे पहचानने लगेंगे, वो रही कपड़े पहन ने वाली आंटी।"

लक्ष्मी आंटी सिर्फ सिर हिलाकर मना करते हुए रो रही थी। विक्की ने उसे हमारे सामने घुटनों के बल बैठ ने को कहा। हम दोनों खड़े हो गए तो हमारी कमर लक्ष्मी आंटी की नाक के सामने थी। मैंने लक्ष्मी आंटी को कहा कि अगर हम ये वीडियो न बांटने के बारे में सोचें तो शायद वह मदद कर सकती है। विक्की ने उसे हमारी पैंट उतार ने को कहा। लक्ष्मी आंटी ने मना करना चाहा तो विक्की ने वो वीडियो email करना शुरु किया।

लक्ष्मी आंटी ने डरते हुए अपना हाथ उसकी पैंट पर रखा और कहा की हम जो बताए वो वह करेगी पर उसे बदनाम ना करें। कांपते हाथों ने विक्की की पैंट उतार दी और उसके underwear में छुपे सांप को उपर से छुआ। विक्की ने उसे underwear उतारने को कहा तो उसने कांपते हाथों से उसकी बात मान ली। विक्की का हथियार 6 इंच लम्बा और काफी मोटा था। लक्ष्मी आंटी उसे देख ऐसे दंग रह गई मानो जिंदगी में पहली बार किसी मर्द का लौड़ा देखा हो।

विक्की ने लक्ष्मी आंटी को उसे हिलाने को कहा। लक्ष्मी आंटी ने हलके हाथों से विक्की ला लौड़ा पकड़ा और उसे आगे पीछे करने लगी। विक्की अपनी आंखे बंद कर मज़े लेने लगा तो लक्ष्मी आंटी को अपने हाथ में एक ताकत का एहसास होने लगा। उसके केवल हात हिलाने से विक्की खुश हो रहा था। मैं और इंतजार नहीं कर सकता था और मैंने लक्ष्मी आंटी को मेरी भी पैंट उतार ने को कहा।। लक्ष्मी आंटी भोंचककी हो गई कि वह दोनों को एक साथ कैसे निपटाएगी। एक हाथ से विक्की को हिलाते हुए लक्ष्मी आंटी ने दूसरे हाथ से मेरी पैंट और अंडरवियर एक साथ खींच उतारी। मेरा लौड़ा विक्की जितना मोटा नहीं है लेकिन उस से काफी लंबा है। 7 इंच का गरम छुरा अपने हाथ में लेकर लक्ष्मी आंटी मुझे देखने लगी। मैंने मुस्कुरते हुए उसे कहा कि वह अपने इस आशिक को भी मज़ा दे तो वह शरमाई।

अब तक लक्ष्मी आंटी समझ चुकी थी कि हम दोनों में से कोई भी रुकने वाला नहीं था और दोनों को एक साथ निपटाना जरूरी था। लक्ष्मी आंटी ने दोनों को एक साथ हिलाना शुरू किया। फिर थोड़ी ही देर में हम दोनों ने आह भरी और उसके चेहरे पर अपने रस का लेप करने लगे। लक्ष्मी आंटी किसी भी तरफ मुड़ती तो भी बच नहीं पाती। अपना वीर्य से धुला चेहरा हाथों में लेकर लक्ष्मी आंटी उठी और टॉयलेट में भागी।

अगर हमारे फनफनाते गरम लौड़े इतने में ठंडे पड़ जाते तो हम खाक 18 के होते। जैसे तैसे अपने मूसल वापस पैंट में दबाकर हम दोनों बेड पर बैठ गए। लक्ष्मी आंटी जब टॉयलेट में से बाहर आईं तो हम दोनों ने उसे अपने बीच बिठाया और कहा की तुम ने हम दोनों को बहुत मज़ा दिया है और हम भी तुम को मज़ा देना चाहते हैं। विक्की ने लक्ष्मी आंटी को बाल पकड़ कर अपनी और मोड़ा और उसके होंठों पर अपने होंठ लगा कर किस करने लगा। अब तक लक्ष्मी आंटी भी गरमा गई थी और मस्ती में आ कर विक्की का साथ दे रही थी। विक्की ने kiss करते हुए लक्ष्मी आंटी को बेड पर लिटया और कमीज़ के अंदर हाथ डालकर उनके मस्त गुब्बारे दाबने लगा। लक्ष्मी आंटी भी उसे पूरा साथ दे रही थी और अपना हाथ उसके बालों में घुमाकर उसे पकड़ कर किस कर रही थी।

इसी दौरान मै लक्ष्मी आंटी के नीचे सरक गया और उसके सलवार का नाड़ा खोल उसे नीचे सरकाया। लक्ष्मी आंटी की निक्कर उनके पैरों में फसी थी पर बाकी मांसल पैर मेरे लिए खुले रहे। जब मैं लक्ष्मी आंटी के पैरों को चूम रहा था तो विक्की ने उसका कुर्ता उतार दिया और उसके गरम दूधिया गुब्बारे दाबने लगा।

लक्ष्मी आंटी अब पूरी तरह गरमा गई थी और हमारा साथ दे रही थी। मैंने आव देखा ना ताव, झपट कर दोनों पैरों को फैला कर बीच में भीगी हुई चड्डी को चूमा। लक्ष्मी आंटी सिहर उठी और उसने मुझे रोकने की आधी अधूरी कोशिश की। मैंने चूमना चालू रखा और साथ में अपनी जीभ को चूसने के लिए लगाया। लक्ष्मी आंटी आहें भरने लगी और अपने पैरों को फैला कर मेरा साथ देने लगी।

उपर विक्की ने लक्ष्मी आंटी के ब्रा को सरका कर उसके मम्मे खोल दिए और गोरे मम्मे चूमने लगा। नीचे मैंने पैरों के बीच में फसी हुई निक्कर की पट्टी को सरका कर लक्ष्मी आंटी के रस भरे खजाने को देखने लगा। काले घने बालों में चुप्पी गुलाबी मुनिया किसी घने जंगल में छिपी जादुई चिड़िया की तरह लग रही थी। मैंने धीरे से आगे बढ़ कर लक्ष्मी आंटी की खास गंध को सूंघा और मदहोश हो गया। अपनी जीभ आगे कर मैंने उसकी गुलाबी पंखुड़ियों के बीच से बेहती धारा को चखा और लक्ष्मी आंटी ने आआः की गूंज से मुझे शाबाशी दी। उपर विक्की ने गोरे मम्मों पर जड़े लाल बेरियों को चूसना शुरू किया और लक्ष्मी आंटी ने उसे अपनी बाहों में पकड़ कर अपनी छाती से चिपका दिया।

मैंने जीभ से जोर लगाकर चाटना शुरु किया तो लक्ष्मी आंटी का बदन अकड़ने लगा। उसने मुझे रोकने की लाख कोशिशों के बावजूद मैंने अपना हमला जारी रखा। कुछ देर बाद लक्ष्मी आंटी ने एक चीख निकाल कर उसके शरीर को ढीला छोड़ दिया। विक्की और मै समझ गए कि लक्ष्मी आंटी भी झड़ चुकी है और हम दोनों उठ कर बैठ गए। मैंने दातों में फसे झाट के बाल को निकालते हुए मुंह बनाया तो विक्की हंस पड़ा।

हम दोनों ने बाहर जाकर अपनी bag समेटी और लक्ष्मी आंटी की भी bag उठाते हुए सारा सामान बाहर दरवाजे के पास रख दिया। लक्ष्मी आंटी शर्माती हुई बाहर आई और सर झुकाए खड़ी हो गई। मैंने विक्की से कहा क्योंकि लक्ष्मी आंटी ने हमें इतना अच्छा अनुभव दिया है तो हमें भी कुछ अच्छा देना चाहिए। लक्ष्मी आंटी हमें अचरज से देख रही थी।

विक्की ने एक डिब्बी से एक लिपस्टिक नुमा चीज निकली। विक्की ने फिर लक्ष्मी आंटी को सलवार का नाड़ा खोल देने को कहा। लक्ष्मी आंटी ने हिचिचाहट के साथ खोल दिया और सलवार नीचे पैरों के नीचे गिर गई। विक्की ने लक्ष्मी आंटी के पैरों को फैला कर उसकी गीली निक्कर को थपथपाया तो लक्ष्मी आंटी की आह निकल गई। विक्की ने लक्ष्मी आंटी के पैरों के बीच में निक्कर को नीचे खींचा और वह लिपस्टिक नुमा चीज उसके यौवन के फूल की गिली पंखुड़ियों के बीच रख कर उसकी निक्कर सीधी कर दी। विक्की ने लक्ष्मी आंटी को अपनी सलवार पहनने को कहा और लक्ष्मी आंटी ने झट से अपनी सलवार पहन ली।

हम सब नीचे उतर कर गाड़ी में बैठ गए। मै और विक्की आगे बैठे थे तो लक्ष्मी आंटी पीछे बैठी हुई थी। हम सब के जिंदगी का एक यादगार सफर बस शुरू हो रहा था।
 
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विक्की


हम सब गाड़ी में बैठे और seat belt पहन लिए। सन्नी गाड़ी चलाने वाला था, मैं उसके बगल में बैठ गया और लक्ष्मी आंटी को हमने पीछे सामान के साथ बैठने को कहा। लक्ष्मी आंटी के साथ सीट पर मेरे और सन्नी के कपड़ों की bag रखी थी और साथ में सन्नी के कुछ कपड़ों से ढकी हुई खास चीजों की bag रखी थी। लक्ष्मी आंटी के पीछे खाने पीने का सामान रखा था।

जैसेही गाड़ी शुरु हो गई लक्ष्मी आंटी ने अपने पेट के उपर हाथ रख आह भरी। सन्नी ने अचरज से पीछे देखा तो मैंने उसे आंख मारते हुए इशारा किया।

सन्नी "विक्की तू बड़ा कमिना है। अरे भाई डरा दिया ना तूने।"

लक्ष्मी आंटी समझ नहीं पा रही थी कि उसके साथ ये क्या हो रहा है। दरअसल मैंने जो लिपस्टिक लक्ष्मी आंटी की निक्कर में रखा था वोह रिमोट कंट्रोल वाला sex toy है जिसका रिमोट कंट्रोल मेरी जेब में से मैंने चालू किया था। १ से ५ की स्पीड में से अभी लक्ष्मी आंटी को सिर्फ १ का पता चला था। इससे अगले २ घंटों में लक्ष्मी आंटी गरमा गरम हो जायेगी पर छुटकारा नहीं मिल पाएगा।

हमने गाड़ी चलाना शुरू किया तो आपस में कॉलेज selection process वगैरा वगैरा बातें करने लगे। लक्ष्मी आंटी की रुचि इन बातों में नहीं थी और उसे अपने शरीर की उत्तेजना की ओर ध्यान देने के सिवा कोई चारा नहीं था। तकरीबन एक घंटे बाद लक्ष्मी आंटी अपने शरीर को कस के पकड़ कर कांपने लगी और उसका चेहरा लाल हो गया। Rear view mirror में से हम दोनों उसकी हालत देख मुस्कुरा रहे थे। उत्तेजना और संभली जा नहीं रही थी तो लक्ष्मी आंटी ने धीरे धीरे आगे पीछे होना शुरू कर दिया। पर इस से भी उसे कोई छुटकारा नहीं मिल पाया।

१ घंटा ऐसेही तड़पाने के बाद हमने अपनी गाड़ी farmhouse के अंदर लगा दी। बाहर माली चाचा खड़े थे और उन्होंने हमारा सामान अंदर रख दिया तो हमने उनसे कहा कि लक्ष्मी आंटी की तबियत बिगड़ी हुई है तो हम उस हॉल में बिठा देते हैं। सन्नी आगे plan को अंजाम देने लगा जब मैं अपना हिस्सा करने माली चाचा के साथ बाहर गया।

मैंने माली चाचा से पूछा कि वो कहां रहते हैं तो उन्होंने कहा कि २ मील दूर गांव में उनका घर है पर वोह अपने घर हफ़्ते में १ दिन ही जाते हैं और बाकी दिन बाहर कुटिया में रहते हैं। मैंने उन्हें सोमवार सुबह तक छुट्टी दे दी और कहा कि हम दोनों अपना और लक्ष्मी आंटी का खयाल रख लेंगे। माली चाचा ने खुश होकर तुरंत अपनी धोती उठाई और चले गए।

अंदर हॉल में लक्ष्मी आंटी सोफे पर बैठ तड़प रही थी, तो मैंने रिमोट कंट्रोल मेरी जेब से बाहर निकाला और लक्ष्मी आंटी को दिखाकर स्पीड २ कर दिया। लक्ष्मी आंटी ने जैसे एक हिचकी दी और उसने मुझे उसे छुटकारा दिलाने को कहा। मैंने कहा कि दोपहर को उसके बाल सन्नी को पसंद नहीं आए, तो पहले उसके बालों से छुटकारा लेना पड़ेगा। मैंने लक्ष्मी आंटी को पकड़ कर उठाया और toilet में ले गया। वहां मेरे इशारे पर लक्ष्मी आंटी ने अपनी सलवार कमीज़ उतारी। मैंने उसे और तड़पाने के लिए ब्रा पैंटी उतार ने से मना किया। अब लक्ष्मी आंटी को हात शरीर से दूर रखने को कहा और उसकी बगल में shaving cream लगाया। एक नए razor से लक्ष्मी आंटी के बगल के बाल साफ़ कर दिए और फिर उसे धो कर साफ़ कर दिया। लक्ष्मी आंटी की पूरी कोशिश बस छुटकारा पाने तक सीमित थी। जब मैंने लक्ष्मी आंटी को अपने पैर फैला कर खड़े होने को कहा तो वो झट से मान गई। मैंने उसकी गीली निक्कर को थपथपाया तो मुझे sex toy वाली झुनझुनाहट महसूस हुई। मेरी उंगली के दबाव से लक्ष्मी आंटी सिहर उठी तो मैंने रिमोट कंट्रोल से स्पीड बढ़ा कर ३ कर दिया। लक्ष्मी आंटी ने आह भरी और मेरे कंधे पकड़ लिए। मैंने लक्ष्मी आंटी की ब्रा खोली और उसे नीचे उतर फेंका। लक्ष्मी आंटी की निक्कर मैंने नीचे बैठकर बड़ी ध्यान से उतरी। निक्कर उतारते हुए मैंने sex toy को अपनी जगह से हिलने नहीं दिया। लक्ष्मी आंटी अपना सर हिलाकर अपनी विवशता दिखा रही थी और मैंने bag में से trimmer निकाला। Trimmer का इस्तमाल करते हुए मैंने लक्ष्मी आंटी के घने जंगल को छोटी घास में बदल दिया और फिर razor का इस्तमाल कर उसकी गीली चूत के उपर एक उंगली जैसी लकीर छोड़ बाकी सब कुछ साफ़ कर दिया।

मेरे पीछे दरवाजा खुला और सन्नी ने मेरे हाथ में कुछ दिया। यह एक special bra panties का सफेद set हमने लक्ष्मी आंटी के लिए लाया था। इसमें लक्ष्मी आंटी के मम्मे अपनी बेरीयों को प्रदर्शित करते हुए खुले छोड़ेंगे और पैंटी ना ही चूत को धकेगी न ही गांड़ को। ये sexy सुहागरात set हमने लक्ष्मी आंटी के साथ हमारे सुहागरात को यादगार बनाने के लिए लाया था।

Sex toy वाली झुनझुनाहट जाने के कारण व्याकुल लक्ष्मी आंटी को जैसे ही बताया की उसकी चुटकरा की जगह उपर bedroom में रखी है तो वह मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खींचते हुए उपर ले आयी। Bed बिलकुल खाली था तो लक्ष्मी आंटी ने मेरी तरफ देखा। मैंने कहा कि पहले मुझे छुटकारा मिल जाएगा फिर उसकी बारी आएगी।

लक्ष्मी आंटी ने झट से मेरी कमर में हाथ डाल कर मेरी पैन्ट और underwear एक साथ उतार दी। जैसे तैसे मैंने अपनी शर्ट उतार फैंकी की लक्ष्मी आंटी ने मेरा लौड़ा गले तक निगल लिया। मेरी तो जान गले में आ गई। मैंने लक्ष्मी आंटी को धक्का दे कर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसे kiss करने लगा। लक्ष्मी आंटी ने मेरा साथ देने में कोई कसर नही छोड़ी।

मेरे कड़क लौड़े का सुपारा जब उसकी मुनिया को चूमने लगा तब लक्ष्मी आंटी को कुछ होश आया। उसने मेरी kiss रोकते हुए मुझे मना कर दिया। पर असलियत में वो लाचार थी। उसे kiss करते हुए मैंने उसके पैर फैला दिए थे और अपने हाथों से उसके कंधे पकड़ लिए थे।

लक्ष्मी आंटी-" विक्की बाबू मुझे छोड़ दो। मैं पतिव्रता हूं, में मर जाऊंगी, मुंह दिखाने लायक नहीं रहूंगी। जाने दो विक्की बाबू आपको कसम आपकी ई. ई. ई. आंह. मां. आह. हा. हा. ई. ई. इश."

मेरा सुपाड़ा दनदनाते हुए लक्ष्मी आंटी को चीरता हुआ अंदर दाखिल हो गया और लक्ष्मी आंटी की दर्द भरी चीखों ने पूरा farmhouse हिलाकर रख दिया। लक्ष्मी आंटी इतनी tight निकली की अंदर जाते हुए काफी जोर देना पड़ा और मुझे थोड़ा दर्द भी हुआ। अगर में रुक जाता तो डर था कि अनाड़ी साबित हो जाता इसलिए मैंने अपना छुरा पूरा घोंपकर फिर सुपाड़े तक बाहर निकाला। लक्ष्मी आंटी ने रोते हुए एक सांस ली और मैंने फिरसे अपना छुरा घोंपकर लक्ष्मी आंटी की चीख निकाली। अब मैं बिना रुके अंदर बाहर करने लगा और लक्ष्मी आंटी मुंह फेर कर जोर जोर से रो रही थी। लक्ष्मी आंटी के रोने से, चीखने से मेरे अंदर एक जानवर जाग रहा था। मानो एक शेर किसी हिरन की आखरी पुकार सुन अपनी जीत का एहसास करता है। मैं इस पतिव्रता को लूटने में कोई कसर नही छोड़ रहा था तो लक्ष्मी आंटी भी अपनी उत्तेजनावश नीचे से हिलकर मुझे साथ देने लगी। इस खेल का मेरा पहला match होने के कारण मैं तो zero पर out नहीं होने में ही खुश था पर लक्ष्मी आंटी इतनी कसी हुई निकली की 5 मिनट के पलंग तोड़ कुटाई के बाद ही मै झड़ कर छूट पाया। स्त्री सुख के पहले स्वाद को चखकर मैंने कराहते हुए मैंने अपने ज्वालामुखी का तपता लवा रस लक्ष्मी आंटी की कोख में उड़ेल दिया। लक्ष्मी आंटी मुंह फेर कर जोर जोर से रो रही थी और मैं उसके ऊपर लेट कर उसके गाल और कान को चूमकर उसे बता रहा था कि मुझे बड़ा मज़ा आया। सन्नी ने मेरे हाथ को छू कर इशारा किया और फिर मैं लक्ष्मी आंटी के ऊपर से उठ गया। लक्ष्मी आंटी एक ओर मुड़कर रोने लगी पर मैंने अभी भी अपना लौड़ा बाहर निकाला नहीं था। मैंने लक्ष्मी आंटी के पैरों को फैला कर अपना लौड़ा बाहर निकाल लिया और अपने कारनामे को देखने के लिए नीचे देखा तो हक्काबक्का रह गया।

4 साल से शादीशुदा लक्ष्मी आंटी किसी कुंवारी लड़की की तरह खून में लथपथ पड़ी थी।
 

5
सन्नी

Plan के मुताबिक विक्की को सफेद sexy सुहागरात set देने के बाद ही मैंने video recording शुरू कर दी। लक्ष्मी आंटी तो विक्की को ऐसे खींच कर ऊपर bedroom में ले गयी मानो विक्की का अब बलात्कार करके ही दम लेगी। दोनों आपस में इतने उलझे हुए थे कि वे मुझे मानो भूल गए।

लक्ष्मी आंटी शायद यह सोच रही थी कि सुबह की तरह अब विक्की उसे मज़ा देगा तो यह गलती उसे जल्द ही पता चल जाएगी। जैसे लगा था वैसे ही लक्ष्मी आंटी चूक गई और विक्की के बदन के निचे दब गई। विक्की ने लक्ष्मी आंटी को kiss करते हुए अपने लिए उसके पैरों के बीच जगह बना ली और उसके हाथों के नीचे से उसके कंधे पकड़ लिए। लक्ष्मी आंटी खतरे को भांप गई पर बहुत देर से। इस से पहले की लक्ष्मी आंटी विक्की को कोई कसम दे पाती विक्की का हमला हो चुका था।

उफ्फ क्या scene था!

लक्ष्मी आंटी मदहोशी में विक्की को kiss करते हुए अचानक रुक जाती हैं और आंखों को खोलकर विक्की को देखती है। फिर पुरानी फिल्मों की तरह हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगती हैं। विक्की की अनसुनी देख उसे कसम देनेकी कोशिश और आधे अधूरे वाक्य में आई दर्दनाक चींख। उसके बाद दर्द से संभल कर मुंह फेर के अनदेखी आँखो से देखना। अगर कोई ग़लती से भी मेरा हथियार छू लेते तो मेरे बंदूक की सारी गोलियां वही चल जाती। दरअसल plan यह था कि हम लक्ष्मी आंटी को इतना उत्तेजित कर देते की वह हमें रोकने का नहीं सोचती और इस बात का recording आगे हमे उसे इस्तमाल करने में मदत करता। जब विक्की माली चाचा को भगा रहा था और लक्ष्मी आंटी नीचे बैठी थी तब मैं इस पूरे कमरे को camera के जाल में बुन रहा था।

5 मिनिटों की ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद जब विक्की की गोलियां लक्ष्मी आंटी में घुसी तो मेरे लिए रुकना नामुमकिन लग रहा था। मैंने विक्की को इशारा किया तो वह उठने लगा और मैंने विक्की का बाहर निकलता हथियार camera से देखा तो डर गया।

विक्की का लौड़ा मुझसे ज्यादा मोटा था पर किसी शादीशुदा आंटी का इतना खून निकाले इस पर यकीन करना मुश्किल था। क्या ताबड़तोड़ फायरिंग में लक्ष्मी आंटी कि चूत फट गई थी? इस हालत में डॉक्टर को बुलाना भी मुश्किल था। विक्की और मैं, एक दूसरे को इशारों में बोलने को कह रहे थे।

आखिर में विक्की ने पहल की, "आंटी, तुम तो 4 साल से शादीशुदा जिंदगी जी रही हो, तो यह कैसे हुआ कि आप किसी कुंवारी दुल्हन की तरह खून से सनी हो? लक्ष्मी आंटी जो होना था वो हो गया है। अब तो तुम सच बता दो। तुम पतिव्रता बोलती रही पर हम ये कैसे समझते कि मामला कुछ और है।"

लक्ष्मी आंटी गुस्से बोली, "तो अगर मैं बता देती की मैं एक कुंवारी दुल्हन हूँ तो क्या तुम दोनों मुझे छोड़ देते? अगर बोल देती कि मेरा पति पिछले 4 सालोंसे इतनी पिता है कि वह अभी तक मुझे अपनी पत्नी नही बना पाया तो छोड देते? अगर बता दिया कि जब वह करना चाहता है पर शराब के कारण खड़ा नहीं कर पाता तब पिटता है, तो छोड़ देते?"

मैंने कहा, "नहीं, बिलकुल नहीं।"

लक्ष्मी आंटी और विक्की दोनों मेरे तरफ देखने लगे। मैन लक्ष्मी आंटी से सीधी बात करना बेहतर समझा।

"देखो लक्ष्मी आंटी, तुम इतनी सुंदर हो के कोई भी तुम्हें अपना बनाना चाहेगा। अफसोस की बात तो यह है कि तुम्हारे पति को यह बात नहीं समझी। अगर तुम तलाशी लेते समय बोल देती की तुम कुंवारी दुल्हन हो तो सच में मैं अपने आप को रोक नहीं पाता और वहीं पर विक्की के bed पर तुमको मेरी बना लेता। लेकिन अगर हमें यह बात पता होती तो शायद हम कोशिश करते कि तुम्हें इतनी तकलीफ सहनी न पड़े। लक्ष्मी आंटी हम तेरे प्रेमी बनाना चाहते हैं तो तुम्हें तकलीफ देने मे कोई मतलब नहीं बनता। है ना?"

लक्ष्मी आंटी सोच में पड़ गई तो मैंने अपने कपड़े उतारे और उसे अपनी बाहों में लेकर bed पर लेट गया।

लक्ष्मी आंटी, "अगर तुम दोनों चाहते तो झूठ बोल कर मुझे बनाने की कोशिश कर सकते थे पर तुम ने सच कहा। तो ये भी हो सकता है कि तुमने पूरा सच कहा है और मेरे कुंवारी रहने में मेरा कोई दोष नहीं है। लेकिन अब मैं और ये वाला काम नहीं कर सकती। मुझे बहुत दर्द हुआ था। फिर से दर्द सहा नहीं जायेगा।"

"अरे लक्ष्मी आंटी, तुम्हें हम ने यहां लाया था हमें जवानी के खेल सिखाने के लिए, लेकिन तुम भी तो कुंवारी निकली। तो क्यों न हम सब मिलकर ये खेल सीखें। तुम भी तो पिछले 4 सालों में काफी तड़पी होगी इस खेल के लिए।"

विक्की, "चलो एक काम करते हैं। सन्नी, मैंने तो अनजाने में कुछ ज्यादा ही जोर लगा दिया होगा। तू लक्ष्मी आंटी को प्यार से लेकर उन्हें यह खेल कितना अच्छा है ये बता।"

लक्ष्मी आंटी विक्की की बात सुनकर चौंक गई और भागने का रास्ता ढूंढने लगी। विक्की ने लक्ष्मी आंटी के हाथ पकड़कर ऊपर किये और bed के headboard मैं लगाये हुए हथकड़ियों में अटका दिये। सदमें में लक्ष्मी आंटी कुछ समझ पाती इस से पहले मैं उसके ऊपर लेट गया और लक्ष्मी आंटी के गाल और कान चूमने लगा।

लक्ष्मी आंटी को अब उम्मीद थी कि मैं अपने हथियार को उनके अंदर घुसा दूंगा पर ऐसा कुछ हुआ नहीं। मैंने आंटी की गर्दन को चूमते हुए नीचे सरकना शुरू किया। लक्ष्मी आंटी उसके ममों को किये गए प्यार से इतनी उत्तेजित हो गई कि उसने मुझे कहा कि मैं उसे अपना बना लूं।

मैंने अपने सुपडे को उसकी घायल मुनिया के मुंह पर रगड़ कर वहां लगे खून, वीर्य और काम रस के मिश्रण से गिला कर दिया। जब लक्ष्मी आंटी की तरफ से कुछ उत्तेजित आह मिली तो मैंने धीरे से सुपडे को अंदर घुसा दिया। लक्ष्मी आंटी ने चीख कर मुझे रोकने को कहा तो मैं रुक गया और धीरे धीरे उतनी गहराई तक आगे पीछे होने लगा। जब लक्ष्मी आंटी ने रोकना बंद किया तो मैं और 1 इंच अंदर धस गया। धीरे धीरे इसी तरह मैं पूरी तरह लक्ष्मी आंटी को मजे देने लगा और लक्ष्मी आंटी भी मुझे चूमते हुए मजे लेने लगी। विक्की ने लक्ष्मी आंटी के हाथ खोल दिए तो आंटी ने मुझे अपनी बाहों में पकड़ कर जोर जोर से उलटे धक्के देकर मेरा लौड़ा पूरा लेनेकी मानो शर्त लगादी। मेरी तलवार विक्की के मूसल जितनी मोटी नहीं थी पर उस से ज्यादा लंबी थी। मैं लक्ष्मी आंटी की कोरी गहराईयों को छेड़कर उसे नए आनंद दे रहा था। लक्ष्मी आंटी की चूत स्त्री उत्तेजना के रस, खून और विक्की के वीर्य से भरकर इतनी गीली हो गई थी कि मेरी तलवार अब बिना किसी तरह की दर्द दिये लक्ष्मी आंटी को फाड़ रही थी। हम दोनों मस्ती में एक दूसरे को मजा देते हुए जवानी के खेल का लुत्फ उठा रहे थे और विक्की चुपचाप हमें record कर रहा था।

लक्ष्मी आंटी अब दर्द भूल चुकी थीं और गरमा के मजे ले रही थी। मेरी धीमी गति के शुरुवात और लक्ष्मी आंटी के अंदर फैले हुए माल के कारण मुझे थोड़ी देर लग रही थी लेकिन इस बात से लक्ष्मी आंटी खुश थी। लक्ष्मी आंटी मानो कई सालों के बाद अपनी भूख मिटा रही थीं। 7 मिनिटों तक लक्ष्मी आंटी के साथ धमाचौकड़ी मचाने के बाद मेरा signal आया। मैंने कराहते हुए अपनी कमर दबाई और लक्ष्मी आंटी से अपने लौड़े को सटा दिया। मेरा सुपाड़ा लक्ष्मी आंटी की कोरी कोख में मेरे रस की बौछार करते हुए मुझे अपने जीवन के पहले स्त्री सुख की अनुभूति दे रहा था। लक्ष्मी आंटी ने मुझे अपनी बाहों और पैरों से जकड़ लिया। लक्ष्मी आंटी तो मानो मेरी एक एक बूंद अपने अंदर लेना चाहती थीं।

लक्ष्मी आंटी को चूमते चाटते हुए थोड़ी देर बिताने के बाद मैं उसके ऊपर से उठ गया। नीचे देख कर अपना लौड़ा बाहर खींच लिया। मेरा लौड़ा खून और वीर्य के साथ पोता गया था, तो लक्ष्मी आंटी की चूत लाल गुलाबी झाग में लिपटी हुई थी। सफेद crotchless पैंटी के दोनों छोर खून से सने थे। जैसे ही लक्ष्मी आंटी को एहसास हुआ कि मैं, वोह और camera से विक्की सब उसकी चूत निहार रहें हैं, उसने अपने हाथों से अपनी मुनिया को ढकने की कोशिश की। लक्ष्मी आंटी मुड़ कर टॉयलेट की ओर भागी।

बीच में ही मैंने और विक्की ने उसे पकड़ लिया। हमने उसे वापस bed पर लिटाया। दाहिने हाथ पर विक्की ने अपना सर रखा तो अपने पैर से उसके दाहिने पैर को बाजू में किया। मैंने भी बायें हाथ पैर को वैसे ही पकड़ा तो अब लक्ष्मी आंटी अपने दोनों हाथ पैर फैलाये bed पर हम दोनों के निचे पड़ी थी।

"लक्ष्मी आंटी, ये तो अच्छा हुआ कि विक्की ने पहले ही माली चाचा को भगा दिया है वरना वोह भी अभी अपनी बारी लेने के लिए तैयार होते।"

लक्ष्मी आंटी तो माली चाचा को जैसे भूल ही चुकी थीं, पर हम दोनों उसे और नहीं बाटेंगे यह सुनकर थोड़ी शांत हो गई। हम दोनों ही उसकी खुली चूत और पेट को छू रहे थे और मंमों को चूम रहे थे।

मैंने हम दोनों के मन में घूमने वाला सबसे बड़ा सवाल पूछा, "लक्ष्मी आंटी, तुम्हें भी मजा आया ना?"

लक्ष्मी आंटी ने हमारे बालों में से हाथ घूमते हुए कहा, "तुम दोनों बड़े शैतान हो। पहले मुझे इतना गरम किया के मैं चल नहीं पा रही थी। फिर ऐसे फाड़ा के मैं चलने से भी डरती हूँ। और अब पूछते हो कि मजा आया कि नहीं? सुनलो, मजा तो तब भी आया जब विक्की बाबू ने अपनी गर्मी मेरे अंदर फैलाई। जब सन्नी बाबू ने किया तो और भी मजा आया क्योंकि दर्द नहीं किया। पर अब मुझे जाने दो। ऐसे लगता है कि मेरे अंदर से छिल गया है और ऊपर से अंदर से पूरा चिपचिपा लग रहा है। हटो अब।"

मैंने लक्ष्मी आंटी को डांटा की ये चिपचिपा हम दोनों का तेरे साथ किया प्यार है। इसे बिल्कुल साफ नहीं करना। ये हमारे लिए एक यादगार तोहफा दिया है तुमने। इसे ऐसे धोकर मत निकालो।

लक्ष्मी आंटी शर्माकर मुस्कुराई। मैं और विक्की अपनी प्रेमिका को बीच में लिए bedroom से ऐसे ही नीचे उतरे। मैं और विक्की पूरे नंगे थे तो लक्ष्मी आंटी खून से सनी sexy सुहागरात ड्रेस में थी। शाम के 7 बजे थे और हम सब खाना बनाने में एक दूसरे को मदत करने लग गये।
 
6
विक्की

लक्ष्मी आंटी कि seal तोड़कर जैसे हमने किसी बोतल में से जिन्न निकाला था। सफेद sexy set में अपनी कमर मटकाकर वोह मुझे और सन्नी को ललचा रही थीं। पीछे से देखने से पैंटी में लगे खून के दाग तो मुझे गर्व का एहसास करते थे। लक्ष्मी आंटी ने सन्नी को उबले अंडे छीलने को और मुझे प्याज काटने को कहा था। ये लक्ष्मी आंटी का मुझसे बदला था उसे रुलाने के लिए। खैर, हम सब ने मिलकर काम किया तो खाना आधे घंटे में बन गया।

सन्नी ने वहीं एक चटाई फैलाई और हम सब नीचे बैठ कर खाने लगे। अगर कोई नया जोड़ा खाने बैठे तो क्या नजारा होगा? अब अगर इस जोड़े में दुल्हन एक और दूल्हे दो हो तो? हम लक्ष्मी आंटी को छेड़ रहे थे, छू रहे थे और उसे खिला रहे थे। लक्ष्मी आंटी ने भी मुझे माफ़ कर दिया था और हम दोनों के साथ मजे ले कर foreplay का खेल, खेल रही थी।

जैसे तैसे हमने खाना पूरा किया और लक्ष्मी आंटी के न चाहते हुए भी बर्तन साफ किये। मैं नहीं चाहता था कि बाद में लक्ष्मी आंटी किसी और बारे में सोचे। जैसे ही बर्तन साफ हो गए मैंने लक्ष्मी आंटी को उठाकर अपने कंधे पर डाला। लक्ष्मी आंटी चीखते हुए हसने लगी तो सन्नी ने उसकी उभरी हुई गांड पर एक छोटा थप्पड़ मारा।

सन्नी, "जी भर के हंस लो आंटी क्योंकि ऊपर ले जा कर हम तुझे रात भर रुलाएंगे।"

सन्नी कि बात पर विश्वास नहीं करने की गलती लक्ष्मी आंटी ने की। ऊपर लक्ष्मी आंटी को मैंने bed पर पटखा तो वह झूठ मुठ में भागने लगी। हम दोनों ने उसे अपने नीचे दबाया तो वह गिड़गिड़ाने का नाटक करने लगी।

लक्ष्मी आंटी, "छोड़ दो मुझे विक्की बाबू, सन्नी बाबू। आप दोनों ने मुझे जो सजा दी उस से अब मैं मुंह दिखाने के लायक नहीं बची। तुम दोनों ने ही मुझे ऐसे फाड़ दिया है कि मैं अंदर से छिल गई हूं। भला कोई भी एक कुंवारी दुल्हन के साथ ऐसा करता है क्या? अब मुझे जाने दो वरना मैं तुम दोनों की शिकायत करूँगी।"

इस खेल में हमें भी मजा आ रहा था पर लक्ष्मी आंटी नहीं जानती थी कि वह कहां फस चुकी थी। मैंने सन्नी से कहा कि अगर लक्ष्मी आंटी हमारी शिकायत करे तो वह कैसे बताएगी की किसने उसके साथ क्या किया? सन्नी मेरा इशारा समझ गया और bed से उतरकर कुछ ले आया। जब लक्ष्मी आंटी सन्नी के हाथ में क्या है देखने के लिए मुड़ी तो मैंने उसके हाथ पकड़कर bed के ऊपर लटकाये हुए हथकड़ियों में बंद कर दिये। लक्ष्मी आंटी हाथों की तरफ देख रही थी कि सन्नी ने उसकी आँखों के ऊपर एक पट्टी बांध दी। अब जब लक्ष्मी आंटी की आंखे बंद हो गई थी तो वह अपने शरीर के साथ हो रहे हर बात को ज्यादा महसूस कर सकती थी। लक्ष्मी आंटी नहीं जानती थी कि उनके साथ क्या होने वाला है तो वह डर गई। मैंने उसे पीठ पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया। लक्ष्मी आंटी ने मुझे चूमने के लिए जैसे ही अपना मुंह उठाया तो सामने मेरे मोटे लौड़े का सुपाड़ा पाया। लक्ष्मी आंटी ने बिना वक़्त गंवाए मुझे अपने मुंह में लेकर मुझे जोर जोर से चूसने लगी। मेरी आंखों के सामने लक्ष्मी आंटी कि मेरे और सन्नी के रस से भरी जख्मी चूत थी। मैंने सोचा कि अगर सन्नी मेरे रस में अपना लौड़ा डालने से नहीं हिचकिचाता तो मैं क्यों रुकूँ? वैसे भी लक्ष्मी आंटी को चूत साफ करने से हम ने ही रोका है। मैंने अपनी उंगलियों से लक्ष्मी आंटी के जख्मी फूल को छेड़ना शुरू किया, तो लक्ष्मी आंटी ने आँहें भर मुझे उसकी पसंद सीखने लगी। लक्ष्मी आंटी कि चूत के ऊपर से उंगली घूमने से वह अपने कूल्हे उठाकर मेरा साथ देते हुए मेरी उंगली अंदर लेनेकी कोशिश करती, तो चूत के ऊपर के उभरे हुए दाने को छेड़ने पर कसमसाहट से आह भर देती। सन्नी इस दौरान लक्ष्मी आंटी कि हर हरकत को record कर रहा था।

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मैंने भी अपनी ताल बना ली और लक्ष्मी आंटी के बदन की सितार बजाने लगा। मेरे बाए हाथ की बीच उंगली से लक्ष्मी आंटी की चूत के मुंह में अंदर बाहर होते हुए मैं उसी ताल में दहिन हाथ की बीच उंगली से लक्ष्मी आंटी कि चूत का दाना घुमा रहा था। लक्ष्मी आंटी तडपकर मुझे चूस रही थी तो मैं भी हिल कर उसका मुंह चोद रहा था।। आखिर में लक्ष्मी आंटी का बदन अकड़ा और उसकी चूत से रस का रिसाव हुआ। लक्ष्मी आंटी ने मुझे इतनी जोर से चूसा के मेरा लंड सीधे उसके गले में दाखिल हुआ। मेरी सबर का बांध टुटा और मेरा रस उसका पेट भरने लगा। लक्ष्मी आंटी के गले में अटका मेरा डंडा उसकी सांस रोक रहा था और इस बात के कारण लक्ष्मी आंटी बस झड़ते जा रही थीं।

जब मेरा रस बह गया तब मैंने अपने लौड़े को बाहर खींच लिया। लक्ष्मी आंटी ने एक गहरी सांस ली और फिर धीरे धीरे उसका झड़ना बंद हुआ। झड़ के पस्त मैंने घूम कर लक्ष्मी आंटी को अपने ऊपर ले लिया। अब लक्ष्मी आंटी कि चूत मेरे गले पर थी तो उसके दोनों जांघों के बीच में मेरा सिर था। लक्ष्मी आंटी ने मेरी जांघों पर सर रख कर एक बडी गलती कर दी।

लक्ष्मी आंटी ने मुझे अपने दांतों से चिमटी काटकर पुकारा, "सन्नी बाबू?"
 
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सन्नी


मेरा खून खौल उठा जब मैंने लक्ष्मी आंटी को विक्की को मेरे नाम से पुकरते सुना। Camera बगल में रख मै भी बेड पर चढ गया और लक्ष्मी आंटी के पीछे घुटनों के बल खड़ा हो गया। विक्की ने मेरे इरादे को भांप लेते हुए लक्ष्मी आंटी के पैरों को और फैला दिया। मैंने लक्ष्मी आंटी की कमर को कस कर पकड़ लिया और उसे पिछे खींचते हुए कूत्तीया के जैसे हाथों और घुटनों पर खड़ा कर दिया। मैंने लक्ष्मी आंटी को पहले चाट कर झडाया था तो विक्की ने लक्ष्मी आंटी की seal खोली और फाड़ी थी, तो लक्ष्मी आंटी के मन में हम बस वही कर सकते थे।

मेरे लौड़े का सुपारा पीछे से छूटे ही लक्ष्मी आंटी ने हंस कर कहा, "थोड़ा रुक जाओ विक्की बाबू। मै अभी. आ. आह. सन्नी बाबू!!! ईश. उफ्फ. धीरे से बाबू आपका ज्यादा लंबा है। पूरा झटका मत करो, आप दोनों ने कहा था कि मुझे प्यार करेंगे। आह. गुस्सा मत करो, अंह. धीरे सन्नी बाबू।"

विक्की नीचे से थोड़ा सरक गया और लक्ष्मी आंटी के झूलते हुए मम्मे दबाकर बोला, "लक्ष्मी आंटी तेरे पास दो प्रेमी है तो हम तेरे साथ के लिए सब कुछ बांट लेंगे। मगर तू हमारी प्रेमिका है तो तू अपने यारों कि पहचान सीख। हम एक दूसरे की पहचान नहीं बाटेंगे।"

बेचारी लक्ष्मी आंटी क्या करती? चिल्ला चिल्लाकर मेरे झटके खाकर मजे लेती रही। विक्की ने नीचे से बाहर आकर लक्ष्मी आंटी के सामने घुटनों के बल खड़ा हो गया। अपना फिर से खड़ा होता लौड़ा लक्ष्मी आंटी को चूसने दिया। आंखे बंद लक्ष्मी आंटी हाथ बंधे हुए दोहरा मार झेल रही थी। मेरा हर झटका विक्की के सुपाड़े को लक्ष्मी आंटी के गले के नीचे उतार देता और लक्ष्मी आंटी सांस लेने के लिए पीछे आती तो मेरी तलवार को अंदर तक लेकर फिर गांड़ से मुझे धकेलना पड़ता। कुछ ही समय में अपनी अपनी ताल पकड़ कर हम सब इस तिकड़म के मज़े लेने लगे। लक्ष्मी आंटी मजे से एक साथ चूसने और चुधने के मजे लेती आहें भर रही थी।

दस मिनट बाद जब मैंने लक्ष्मी आंटी की बूर को अपने गरम पानी से धोया तब तक लक्ष्मी आंटी की कई बार चीखें निकल गई थी। झडकर थकी हुई लक्ष्मी आंटी को हम दोनों ने राहत देने से मना किया। जैसे ही मैं लक्ष्मी आंटी की कोख में से अपनी तलवार बाहर निकाल कर बाजू हुआ तो लक्ष्मी आंटी भी थोड़ी पिछे हो गई। विक्की ने मौक़ा पकड़ कर मेरे साथ अपनी जगह बदल ली। मैंने लक्ष्मी आंटी की बूर चाटी थी पर उसने अब तक मेरा रस पिया नहीं था तो मैं लक्ष्मी आंटी के मुंह में हम सब के रस और लक्ष्मी आंटी के खून से रंगा मेरा लौड़ा घुसा दिया। लक्ष्मी आंटी गुं... गूं.की आवाज कर चुध रही थीं। लक्ष्मी आंटी नज़ाने कितनी बार झड़ चुकी थी पर हम दोनों ने अपनी सलामी देने तक रात के १०बज गए थे। लक्ष्मी आंटी किसी sex-doll की तरह बेड पर पड़ी थी तो हम दोनों ने उसे अपने बीच लेकर सोना ठीक समझा।

http://pixbb.com/image/E5NIl
 
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विक्की

अगर 2 18साल के लौड़ों को 1 कोरी जवान बूर मिले तो क्या होगा?

रात को सोते समय हम दोनों दो दो बार लक्ष्मी आंटी की चूत के मज़े लेते हुए एक एक बार लक्ष्मी आंटी के मुंह में दिया था। सबेरे 5 बजे flush के आवाज से मेरी नींद खुली। रात को ठीक से सोया नहीं था क्यूंकि जैसे ही हम दोनों में से कोई भी उठ जाता वह सोती लक्ष्मी आंटी की सुनी मुन्निया को अपने कड़े लौड़े का साथ देने में लग जाता। जब तक वह लक्ष्मी आंटी का पेट भर बगल में लेट जाए दूसरा उसके रस में अपना योगदान देना शुरु कर देता। सुबह होते होते तो लक्ष्मी आंटी की हालत ऐसी थी कि हम दोनों को वह अपने पैर फैला कर देते हुए बस नींद में चूध रही थीं।

5 बजे जब दबे पांव लक्ष्मी आंटी toilet में गई तो हम दोनों ने अपनी मर्दानगी का सबूत बेड के बीच देखा। खून और यौन क्रीड़ा के रसों का एक तकिए जितना बड़ा दाग हम दोनों को शाबाशी दे रहा था। सन्नी ने उठकर bag खोली तो मैंने उसका इशारा समझते हुए कैमरा उठाया। लक्ष्मी आंटी ने toilet का दरवाजा खोला और हमें उठा देख वहीं पर रुक गई।

"लक्ष्मी आंटी, हमने बताया था कि हमारे प्यार के निशानी को धोना नहीं। तो चलो इधर आओ और दिखाओ के निशानी बाकी है या नहीं।"

"विक्की बाबू, सुबह जल्दी उठकर अंदर जाने की आदत है मुझे। फिर धोते हुए सब कुछ धूल जाता है ना?"

सन्नी लक्ष्मी आंटी को bed पर ले आया और लक्ष्मी आंटी के पैरों को फैला कर उसकी गीली पंखुड़ियों को चाटने लगा। लक्ष्मी आंटी ने बस नाम का विरोध करते हुए मजे लेने लगी। लक्ष्मी आंटी को हम दोनों ने अब तक 5-5 बार चोदा था और अभी तो हमें यहां आए १२ घंटे भी नहीं हुए थे। लक्ष्मी आंटी की चूत साफ पाकर सन्नी ने झूठ मुट की डांट लगाई।

सन्नी, "लक्ष्मी आंटी, हमारे रात भर की मेहनत और प्यार को इतनी बेरहमी से धो देने की सजा तुम्हें देनी पड़ेगी। अब मैं यह सजा सुनता हूं कि तुमने हमारा जितना प्यार धोया है वह फिर से भर दिया जाए। इस बार तुम्हें ऐसे भर देंगे कि तुम उसे धो नहीं पाओगी।"

लक्ष्मी आंटी, "सन्नी बाबू, इतना न सताओ। कल रात को तुम दोनों ने मेरी हालत पतली कर दी। जरा सोचिए कि मुझे कितनी बार आपके प्यार को लेना पड़ा है। मैं कच्ची कली कल से 10 बारी आप दोनों से कुटी हुई हूं। 4 बारी आप दोनों ने मुझे अपना पानी पिलाया। अब और नहीं झेल पाऊंगी। थोड़ी देर रुक जाओ, मैं तुम दोनों के लिए बढ़िया चाय नाशता ले आती हूं।"

सन्नी ने लक्ष्मी आंटी की बात नहीं मानी और लक्ष्मी आंटी को पेट पर लिटाते हुए उसके ऊपर लेट गया। लक्ष्मी आंटी के पैरों को फैला कर सन्नी का हतियार बीच में घुस कर लक्ष्मी आंटी की चूत चूम रहा था। लक्ष्मी आंटी भी गरमाने लगी और अपने कु्हे उठा कर सन्नी को जगह देने लगी। मैं उन दोनों की रासलीला को कैमरे में कैद कर रहा था। सन्नी ने अब अपनी जगह बना ली थी और उसने अपने हाथ लक्ष्मी आंटी के बगल में से अंदर लेते हुए लक्ष्मी आंटी के कंधों को पकड़ लिया। सन्नी के लन्ड का सुपारा लक्ष्मी आंटी की बूर के रस से भीग अब बिलकुल चिकना चमकदार हो गया था।

लक्ष्मी आंटी, "सन्नी बाबू, अब और मत तड़पाओ। डाल दो अपना छुरा मेरी कोख में। फ़ाड़ दो मुझे अपने हतियार से!"

सन्नी ने अपनी कमर उठाई और अपनी गाड़ी का इंजन full speed में आगे चला दिया।

लक्ष्मी आंटी, "सन्नी बाबू, जल्दी से करो। अब मत तड़पाओ। सन्नी बाबू, रुक जाओ!! गलत जगह आ. आह. उंह. उफ्फ. इय्या. माँ. मरी. बचाओ. हा. हा. हा. नहीं. नहीं. विक्की बाबू!!! बचाओ मुझे!!!"

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सन्नी का सुपारा लक्ष्मी आंटी के संभलने से पहले ही लक्ष्मी आंटी की गांड़ को फाड़ अंदर दाखिल हो गया था। लक्ष्मी आंटी अपना बदन हिला कर सन्नी को बाहर निकाल ने कि कोशिश कर रही थी पर लक्ष्मी आंटी की कोशिशें सन्नी का लौड़ा और अंदर घुसा रही थी। लक्ष्मी आंटी की गांड़ ने सन्नी के सुपाड़े को ऐसे जकड़ लिया था कि सन्नी अब चाहकर भी अपना लौड़ा बाहर निकाल नहीं पाता।

लक्ष्मी आंटी अपने पैर पटख रही थी, सर झटक रही थी, मुठियों में चादर पकड़ कर अपने शरीर का पूरा जोर लगा रही थी। लक्ष्मी आंटी के आंखों में आंसू छलक आए और लक्ष्मी आंटी ने अपने सर को झुका कर अपना चेहरा छुपाने की कोशिश की। सन्नी ने लक्ष्मी आंटी के बाल पकड़ कर खींच उसका रोता हुआ चेहरा camera को दिखाया। लक्ष्मी आंटी ने समझ लिया कि कल शाम जो शिकारी विक्की के रूप में उसकी कुंवारी चूत फाड़ गया वह अब सन्नी के रूप में उसका आखरी छेद फाड़ रहा है। लक्ष्मी आंटी छटपटा कर रो रही थी और सन्नी का लौड़ा लक्ष्मी आंटी की गांड़ पर अपना वजन बनाए हुए था। सन्नी ने लक्ष्मी आंटी के रुकते प्रतिकार को देख धीरे धीरे आगे पीछे होना शुरू कर दिया। लक्ष्मी आंटी ने रोना चालू रखा पर रोका नहीं। लक्ष्मी आंटी को bed पर लिटाने से पहले सन्नी ने अपने लौड़े पर gel लगाकर रखा था जिस से गांड़ के अंदर चिकनाहट की कमी ना हो। वही gel कारगर उपाय निकला। धीरे धीरे सन्नी के धक्के तेज होने लगे और साथ में ही उन धक्कों की गहराई भी बढ़ी। 5 मिनट तक लक्ष्मी आंटी को बड़े प्यार से पेलने के बाद अब सन्नी का पूरा लौड़ा लक्ष्मी आंटी की गांड़ को फाड़ कर चौड़ा कर रहा था।। लक्ष्मी आंटी ने भी अब गांड़ मराने का तरीका सीख लिया था। लक्ष्मी आंटी ने अब गांड़ उठा कर सन्नी को साथ देना शुरू कर दिया था। मैं इस पूरे खेल को camera में से देख सोच रहा था कि अगर रात में 2 बार सोती लक्ष्मी आंटी की कोख ना भरी होती तो इस गांड़ की नथ उतारने का scene एक और लौड़े को ले कर पूरा होता।

लक्ष्मी आंटी की कोरी कसी हुई गांड़ या कल शाम से 7 बार झडने की वजह से, लेकिन सन्नी 15 मिनिट तक ठुकाई करने के बाद भी झड़ा नहीं था। शायद सन्नी थक रहा था या वोह कोई और pose में लक्ष्मी आंटी की गांड़ बजाना चाहता था। सन्नी ने लक्ष्मी आंटी को पकड़ कर करवट ली और अपनी बाईं ओर मुड़कर लेट गया। इस दौरान सन्नी ने लक्ष्मी आंटी की गांड़ में से अपना लौड़ा बाहर निकाला नहीं। थोड़ी हिलने कि जगह मिलने से लक्ष्मी आंटी ने सन्नी को रोकने की कोशिश की।

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सन्नी उसे छोड़ दे इतना बेवकूफ नहीं था। उसने अपने धक्के लगाने चालू रखे और लक्ष्मी आंटी की अब झूलती चूचियों को पकड़ कर मसलने लगा। लक्ष्मी आंटी भी क्या करती? अपनी दहिने हाथ की उंगलियों से लक्ष्मी आंटी ने अपनी चूत के दाने को रगड़ना शुरू किया। अपनी उंगलियों और सन्नी के लौड़े को जगह देते हुए लक्ष्मी आंटी ने अपना पैर सन्नी के पैरों पर रख दिया।

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अगले 10 मिनट सन्नी ठोकता रहा और लक्ष्मी आंटी झडती रही। आखिर कार सन्नी ने कराह कर लक्ष्मी आंटी की गांड़ का उदघाटन समारोह पूरा कर दिया। पक्क. की आवाज के साथ सन्नी ने अपने लौड़े को लक्ष्मी आंटी की गदाराई मांसल गांड़ में से खिंच बाहर निकाला तो लक्ष्मी आंटी ने एक आह भरी। लक्ष्मी आंटी की गांड़ का छेद खुला पड़ा था और उसमें से एक बूंद गढ़ा वीर्य छलक आया था। सन्नी अपनी जगह से उठ गया और मैं लक्ष्मी आंटी की गांड़ मारने का पूरा recording का काम करने के बाद अब अपनी बारी लेने निकला।
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सन्नी


विक्की ने छोड़ा हुआ कैमरा उठाते हुए मैंने आगे बढ़कर recording शुरू कर दी। लक्ष्मी आंटी अपनी आखरी virginity खोने के बाद वैसे ही bed पर पड़ी गहरी सांसे ले रही थी। मेरी मेहनत का नतीजा अब एक गाढ़े cream के जैसे उसके बंद न हो रहे छेद से छलक आया था।

विक्की ने लक्ष्मी आंटी को पिछे से पकड़ कर कुंडली मार दी। लक्ष्मी आंटी के दहिने पैर को अपने घुटनों पर ले, विक्की की उंगलियां लक्ष्मी आंटी की चूत कि पंखुड़ियों को फैलाकर उनके उपर छिपे हुए दाने को छेड़ने लगी। लक्ष्मी आंटी को हम दोनों ने ठंडा होने का मौका दिया ही नहीं था। कुछ ही पलों में लक्ष्मी आंटी आहें भरने लगी। लक्ष्मी आंटी ने अपने आप कमर हिलाना शुरू कर दिया तो विक्की ने मेरा गाढ़ा cream अपने लौड़े पर उठाया। लक्ष्मी आंटी ने विक्की का सुपारा अपनी गांड़ के छेद में घुसता पाया तो उन्हहह. की एक मजेदार आह भरी।

विक्की अब रूकने वाला नहीं था। उसने अपने मूसल को पूरी तरह लक्ष्मी आंटी की गांड़ में पेल दिया। लक्ष्मी आंटी की गांड़ और फट गई और लक्ष्मी आंटी तड़पकर कराहने लगी। विक्की ने अपना लौड़ा सुपाड़े तक लक्ष्मी आंटी की गांड़ में से बाहर खींच लिया और फिर से जम कर ठोक दिया। लक्ष्मी आंटी ने अपने भविष्य को समझते हुए विक्की का साथ देने लगी। विक्की को मेरे cream से काफी मदत मिली। विक्की के तेज वार बिना ज्यादा छिले लक्ष्मी आंटी की गांड़ फैला रहे थे और लक्ष्मी आंटी की गांड़ के चारों ओर सफेद गुलाबी झाग जमा हो गया था। लक्ष्मी आंटी भी अपनी कमर को आगे पीछे कर विक्की का पूरा लौड़ा अपनी गांड़ में ले रही थी। 5 मिनट तक ऐसे ही लक्ष्मी आंटी की गांड़ मारने के बाद जब विक्की ने अपना लौड़ा बाहर खिंच लिया। लक्ष्मी आंटी ने किसी बच्चे से lollypop खिंच लिए जाने पर कि जाने वाले आवाज से विरोध किया।

विक्की ने लक्ष्मी आंटी को पकड़ कर उठाया कि लक्ष्मी आंटी की गांड़ छत की ओर इशारा करती दिख रही थी। लक्ष्मी आंटी ने अपने हाथों से कुत्तों के जैसे खड़े न होकर उलटा अपनी गांड़ के छेद को चौड़ा करके विक्की को बुलावा दिया। लक्ष्मी आंटी के इस बुलावे को नजर अंदाज करना हम दोनों के लिए मुमकिन नहीं था।

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विक्की ने अपना सुपाड़ा लक्ष्मी आंटी की गांड़ में पेल दिया तो आगे बढ़कर लक्ष्मी आंटी ने अपनी गांड़ मरवाना शुरु कर दिया।

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विक्की भी उसे पूरा मज़ा लेकर चोदने लगा। लक्ष्मी आंटी की आहों से पूरा घर गूंज उठा। इसी pose में लक्ष्मी आंटी न जाने कितनी बार झड़ गई पर विक्की ने बिना रूके उसकी गीली गांड़ मारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इन दिनों के कारनामे देख मैं फिर से खड़ा होने लगा। लक्ष्मी आंटी को इस तरह से 10 मिनट तक पेलने के बाद विक्की ने अपना लौड़ा जड़ तक लक्ष्मी आंटी की गांड़ में दबा दिया। लक्ष्मी आंटी को पकड़ कर उसे अपने शरीर के ऊपर लिटा दिया। अब लक्ष्मी आंटी को खुली छूट थी कि वह उठ कर भागे या फिर अपनी गांड़ में दबे मूसल को प्यार करे।

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पर लक्ष्मी आंटी ने चाव से अपनी गांड़ मरवाते हुए आहें भरी। मैं इस पूरे खेल को record करते हुए लक्ष्मी आंटी की कामुकता को कैद कर रहा था। 5 मिनट तक लक्ष्मी आंटी ने अपनी गांड़ मरवाते हुए विक्की को ऐसे निचोड़ा की विक्की ने करहाते हुए लक्ष्मी आंटी की गांड़ में अपना रस छोड़ा। लक्ष्मी आंटी भी अपनी गांड़ में विक्की का पूरा लौड़ा लेकर उस पर पड़ी थी।

कुदरत किसके काबू में होती है? पकक. की आवाज से विक्की का लौड़ा बाहर निकाला और लक्ष्मी आंटी की गांड़ में से वीर्य की पिचकारी छूट नीचे चादर पर गिरी। लक्ष्मी आंटी बगल में लेट गई तो विक्की ने उठकर लक्ष्मी आंटी की गांड़ पर एक छोटा थप्पड़ जड़ा दिया। जैसे विक्की बेड से उतरा तो लक्ष्मी आंटी को कुछ होश आया।

"तो लक्ष्मी आंटी, कैसे लगा तेरे यारों का प्यार? तू तो ऐसे झड़ रही थी कि हमें लगा तेरा झडना रुकेगा ही नहीं।"

लक्ष्मी आंटी "अगर तुम मिठाई खाओ या कोई और तुम्हारे मुंह में मिठाई ठूस दे फिर भी मिठाई मीठी ही होती है। काश मैं तुम दोनों का भी वही हाल कर पाती जो तुम दोनों ने मेरा किया है।"

विक्की "लक्ष्मी आंटी, शुक्र मना की माली चाचा को पहले ही भगा दिया है वरना अभी वह और गांड़ फाड़ रहा होता।"

लक्ष्मी आंटी "हां हां, हंस लो। सारे मर्द एक जैसे होते हैं। एक बेबस लड़की मिली तो शिकारी कुत्तों की तरह टूट पड़ते हैं।"

"ठीक है लक्ष्मी आंटी। इस बार तुम्हें भी एक मौका मिलेगा। कल रात के कपड़े हमारे लिए यादगार निशानियां हैं। आज के कपड़े बाहर निकाल कर रखे हैं। क्यों ना तुम वोह पेहन के नीचे आ जाती? तुम्हें मौका कैसे देना हैं वह सोचेंगे।"

सुबह के 6 बज गए थे तो हम दोनों नीचे चाय बनाने चले गए। लक्ष्मी आंटी ने bed पर रखे कपड़े देखे।

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विक्की

लक्ष्मी आंटी ने अंजाने में हमें नई idea बताई थी। नीचे उतर कर मैंने सन्नी को बताया तो वह भी मान गया। हम चाय लगाकर मुंह धोने गए। ब्रश करने के बाद जब हम kitchen पहुंचे तो वहां लक्ष्मी आंटी को सीढ़ियों से इठलाते हुए उतरते पाया। कहर ढा रही थी लक्ष्मी आंटी और वह ये बात जानती थी। बस एक गलती की थी, जो झाड़ू हाथ में पकड़ा था वह वहां नहीं होना चाहिए था।

लक्ष्मी आंटी "बाबू, आपको नहीं लगता ये कपड़े साफ सफाई करते हुए जल्दी मैले हो जाएंगे?"

सन्नी "लक्ष्मी आंटी, आओ मिलकर नाश्ता करते हैं। काम तो दिन भर होता रहेगा।"

हंसी मजाक में नाश्ता बनाया गया और उसके बाद खत्म हो गया। लक्ष्मी आंटी ने अब हिचकिचाहट छोड़ कर हमसे दोस्ती कर ली थी। लक्ष्मी आंटी ने हमें जल्द और आसान नाश्ता बनाना सिखाया कि कॉलेज जा कर हम भूके ना रहें।

नाश्ता करने के बाद हम दोनों ने लक्ष्मी आंटी को kitchen table पर बिठाया और सीधी बात की।

सन्नी "लक्ष्मी आंटी, हम दोनों तुम्हें blackmail करके यहां लाए। तुम्हारे साथ बलात्कार कर तुम्हें हर तरफ से इस्तमाल किया। इस बात का पता है पर हमें दुख नहीं। तुमने हमें जो सिखाया है उसे हम दोनों जिंदगी भर याद रखेंगे।"

लक्ष्मी आंटी "बाबू आप बुरा मत मानो। वोह तो उपर मैंने मजाक में कहा था। पहले मुझे बहुत डर लगा और जब विक्की बाबुने मेरी झिल्ली फाड़ी तो बुरा भी लगा। पर बाद में सोचा, मेरे पती ने वैसे भी मेरी जिंदगी खराब कर दी है। अगर आप दोनों मुझे कुछ पल की खुशी दे रहे हो तो मैं उसे क्यों न लूं?"

मैंने मुस्कुराकर लक्ष्मी आंटी के गाल को चूम लिया और कहा "फिर भी हम दोनों ने तय किया है कि तुम्हें एक मौका मिलेगा। तुमने हमें शिकारी कुत्ते कहा था, तो हम सब एक खेल खेलेंगे। शिकारी और चालाक लोमड़ी। चालाक लोमड़ी, यानी कि तुम भागो और छुप जाओ। पूरे फॉर्महाउस में कहीं भी। 10 मिनट बाद शिकारी यानी हम, तुम्हारे पीछे निकलेंगे। अगर 1 घंटे में हम में से कोई भी तुम्हें ढूंढ नहीं लेता तो अगला पूरा दिन हम तुम्हारे इशारों पर रहेंगे। मगर तुम्हें ढूंढ निकाला तो लक्ष्मी आंटी, याद रखना, शिकारी और लोमड़ी."

लक्ष्मी आंटी के चेहरे से साफ था कि उसे इस खेल में उसका कोई नुकसान नहीं दिख रहा था और हम दोनों को काबू करने की इच्छा भी उसके मन में अंगड़ाई ले रही थी। लक्ष्मी आंटी ने सर हिलाकर हां कर दिया तो हमने उसे पकड़ लिया।

लक्ष्मी आंटी "विक्की बाबू आप ने कहा था कि मुझे 10 मिनट तक छूट मिलेगी। आपने मुझे फिर पकड़ा क्यों?"

"अरे लक्ष्मी आंटी, ऐसे थोड़ी ही तुम लोमड़ी बनोगी?"

सन्नी ने लक्ष्मी आंटी को दहिनी ओर से पकड़ कर टेबल पर लिटा दिया। लक्ष्मी आंटी का दहिना हाथ और पैर फैला कर पकड़े गए। मैंने लक्ष्मी आंटी को बई ओर से पकड़ लिया। लक्ष्मी आंटी को एहसास हुआ कि इन कपड़ों में वह नीचे से पूरी नंगी थी। तभी पिछे से लक्ष्मी आंटी की बुंड पर किसीने जोर दिया। क्यूंकि सन्नी और विक्की दोनों उसके बगल में थे तो लक्ष्मी आंटी ने डर के पूछा, "क. कौन?"

जोर बढ़ा और वह लक्ष्मी आंटी की गांड़ में घुस गया।

अन्हह. की चीख निकल गई और लक्ष्मी आंटी ने अपने शरीर को ढीला छोड़ दिया।

"लक्ष्मी आंटी, इस से मिलो। यह तुम्हारा नया दोस्त Simon। भला बिना पूंछ के लोमड़ी कभी होती है? अगर ये पूंछ निकली तो इसका मतलब तुम पकड़ी गई हो।"

लक्ष्मी आंटी ने अचरज से पीछे देखा। उसे जो रंगीन झाड़ू लगा था वह तो एक गांड़ में पेल देने वाली पूंछ थी। लक्ष्मी आंटी जैसे तैसे उठी और लड़खड़ाते हुए भाग गई।

सुबह के 6.50 हुए थे और शिकार 7 बजे शुरू होनी थी।
 
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