S
StoryPublisher
Guest
नेहा की साँसें फूली हुई थी। होंठ उसके थर-थर कांप रहे थे। चूचियां ऊपर-नीचे हो रही थे और उसके खूबसूरत चेहरे पर मदहोशी का अहसास था।
राज की यह सब अब पागल बना रहा औ। अब राज देशी ला करते हुए नेहा की पैटी निकालकर फेंक देता है। दोनों अब बिलकुल नंगे थे। अब राज नेहा की टांगों के बीच में आ जाता है और अपना काला लौड़ा उसकी गुलाबी चूत पर सेट करता है।
नेहा- "अह..."
राज इस बार नेहा की टाँगें अपने कंधे पर रखकर उसके ऊपर झुक जाता है, और उसके शरीर का पूरा दबब लण्ड से नेहा की चूत पर जा रहा था। नेहा की चूत पहले ही गोली भी। अब राज लण्ड घुसने लगता है।
नेहा- अहह... करीम्म धीरे।
राज- "धीरे हो तो कर रहा है मेरी जान। वरना तू धीरे चोदने की चीज नहीं है." नेहा राज की बात से शर्मा जाती है। राज अब एक धक्का लगता है हल्का सा।
नेहा- "अहह... मर गई..." और राज का लण्ड उसकी चत में आधे से ज्यादा जा चका था।
राज अब फिर से धक्का लगाता है। इस बार का धक्का थोड़ा तेज आ।
नेहा- "अहह... करीम्म मा हाल्लोगे क्या? अहह... दर्द हो रहा है."
राज का पूरा लण्ड अंदर जा चुका था। चत के बाहर सिर्फ राज की झांटें और बाल्म अटके हुए दिख रहे थे।
नेहा- मर गई... अब और अंदर मत डालना।
राज- हाहाहा... मेरी जान्न फूटा जा चुका है अंदर...'
नेहा हैरान थी की इतना बड़ा लण्ड परा उसकी चूत में कैसे चला गया- "क्या?" और नेहा नीचे देखती है तो चकित हो जाती है। सच में उसका पूरा लौड़ा अंदर था- "ओहह.. नहाँ..."
राज ोड़ी देर रुकने के बाद धीरे-धीरे धक्के लगाने लगता है। नेहा को दर्द हो रहा था, क्योंकी राज का बड़ा लण्ड नया अंदर-बाहर हो रहा था। नेहा ने बेडशीट कसकर पकड़ी हुई थी। राज का काला लौड़ा नेहा की चूत की अच्छी तरह से हिलिंग कर रहा था।
नेहा- "अहह... अहह... हाय धीरे अहह..."
राज- ज्यादा चिल्ला मत करना तेरे घर वाले यहाँ आ जाएंगे और देखेंगे की कैसे इस घर की बहू एक हाइवर से चुद रही है।
नेहा- “चुप रहो बेशर्म... तुम क्यों इतना तेज कर रहे हो। कितना दर्द होता हैं मालूम?"
राज- मेरी जान अब तक मैंने तेज शुरू भी नहीं किया।
नेहा- "अहह... अहह.. आह्ह.. मुझआहह ... उहह्ह.." और राज के धक्कों के साथ नेहा अब थोड़ा शांत हो रही थी।
लेकिन राज का खेल तो अभी शुरू हुआ था। वो अब नेहा की तरफ झुक जाता है। नेहा जानती थी राज क्या चाहता है? नेहा अपनी आँखें बंद करके अपना मह खोल देती है। राज उसको किस करने लगता है, और नीचे से तेज-तेज धक्के लगाने लगता है। नेहा ऐसा उम्मीद नहीं कर रही थी। उसकी कीम के तेज धककों में दर्द हो रहा था, लेकिन वो अब चिल्ला भी नहीं सकती थी।
नेहा की मुँह से बम- "उम्म्म्म
... उम्म्म ... उम्म्म्म
.." की आवाजें निकल रहीं भी।
राज ना सिर्फ तेज धक्के लगा रहा था, कल्की उसका लण्ड फूटा अंदर-बाहर हो रहा था। नेहा की जैसे जान जा रही थी। लेकिन उसे भी पता था की ये जंगली हा ये सब तो करेगा ही। इससे तो प्यार से कुछ भी करने की उम्मीद करना बेकार ही हैं। राज नेहा को किस भी आड़ा अजीब तरीके से कर रहा था। इतने तेज धक्के लगाकर उसे भी अब अकाल होने लगी औ।
राज थोड़ी देर बाद किस तोड़कर धक्के लगाना बंद करता है। वो नेहा के ऊपर वैसे ही पड़ा रहता है। नेहा निटाल पड़ी हुई थी। उसके जिस्म में तो जैसे जान ही नहीं बची थी। दोनों के जिस्म आपस में जुड़े हुए थे, मशीने से लथपथ। राज का सिर नेहा की चूचियों पर था। उसका लण्ड अभी भी नेहा की चूत में था। दोनों जिदाल पड़े हर ही थे की बेड के साइड के टेबल पर नेहा के मोबाइल पर किसी की काल आती है।
***** ****
राज की यह सब अब पागल बना रहा औ। अब राज देशी ला करते हुए नेहा की पैटी निकालकर फेंक देता है। दोनों अब बिलकुल नंगे थे। अब राज नेहा की टांगों के बीच में आ जाता है और अपना काला लौड़ा उसकी गुलाबी चूत पर सेट करता है।
नेहा- "अह..."
राज इस बार नेहा की टाँगें अपने कंधे पर रखकर उसके ऊपर झुक जाता है, और उसके शरीर का पूरा दबब लण्ड से नेहा की चूत पर जा रहा था। नेहा की चूत पहले ही गोली भी। अब राज लण्ड घुसने लगता है।
नेहा- अहह... करीम्म धीरे।
राज- "धीरे हो तो कर रहा है मेरी जान। वरना तू धीरे चोदने की चीज नहीं है." नेहा राज की बात से शर्मा जाती है। राज अब एक धक्का लगता है हल्का सा।
नेहा- "अहह... मर गई..." और राज का लण्ड उसकी चत में आधे से ज्यादा जा चका था।
राज अब फिर से धक्का लगाता है। इस बार का धक्का थोड़ा तेज आ।
नेहा- "अहह... करीम्म मा हाल्लोगे क्या? अहह... दर्द हो रहा है."
राज का पूरा लण्ड अंदर जा चुका था। चत के बाहर सिर्फ राज की झांटें और बाल्म अटके हुए दिख रहे थे।
नेहा- मर गई... अब और अंदर मत डालना।
राज- हाहाहा... मेरी जान्न फूटा जा चुका है अंदर...'
नेहा हैरान थी की इतना बड़ा लण्ड परा उसकी चूत में कैसे चला गया- "क्या?" और नेहा नीचे देखती है तो चकित हो जाती है। सच में उसका पूरा लौड़ा अंदर था- "ओहह.. नहाँ..."
राज ोड़ी देर रुकने के बाद धीरे-धीरे धक्के लगाने लगता है। नेहा को दर्द हो रहा था, क्योंकी राज का बड़ा लण्ड नया अंदर-बाहर हो रहा था। नेहा ने बेडशीट कसकर पकड़ी हुई थी। राज का काला लौड़ा नेहा की चूत की अच्छी तरह से हिलिंग कर रहा था।
नेहा- "अहह... अहह... हाय धीरे अहह..."
राज- ज्यादा चिल्ला मत करना तेरे घर वाले यहाँ आ जाएंगे और देखेंगे की कैसे इस घर की बहू एक हाइवर से चुद रही है।
नेहा- “चुप रहो बेशर्म... तुम क्यों इतना तेज कर रहे हो। कितना दर्द होता हैं मालूम?"
राज- मेरी जान अब तक मैंने तेज शुरू भी नहीं किया।
नेहा- "अहह... अहह.. आह्ह.. मुझआहह ... उहह्ह.." और राज के धक्कों के साथ नेहा अब थोड़ा शांत हो रही थी।
लेकिन राज का खेल तो अभी शुरू हुआ था। वो अब नेहा की तरफ झुक जाता है। नेहा जानती थी राज क्या चाहता है? नेहा अपनी आँखें बंद करके अपना मह खोल देती है। राज उसको किस करने लगता है, और नीचे से तेज-तेज धक्के लगाने लगता है। नेहा ऐसा उम्मीद नहीं कर रही थी। उसकी कीम के तेज धककों में दर्द हो रहा था, लेकिन वो अब चिल्ला भी नहीं सकती थी।
नेहा की मुँह से बम- "उम्म्म्म
... उम्म्म ... उम्म्म्म
.." की आवाजें निकल रहीं भी।
राज ना सिर्फ तेज धक्के लगा रहा था, कल्की उसका लण्ड फूटा अंदर-बाहर हो रहा था। नेहा की जैसे जान जा रही थी। लेकिन उसे भी पता था की ये जंगली हा ये सब तो करेगा ही। इससे तो प्यार से कुछ भी करने की उम्मीद करना बेकार ही हैं। राज नेहा को किस भी आड़ा अजीब तरीके से कर रहा था। इतने तेज धक्के लगाकर उसे भी अब अकाल होने लगी औ।
राज थोड़ी देर बाद किस तोड़कर धक्के लगाना बंद करता है। वो नेहा के ऊपर वैसे ही पड़ा रहता है। नेहा निटाल पड़ी हुई थी। उसके जिस्म में तो जैसे जान ही नहीं बची थी। दोनों के जिस्म आपस में जुड़े हुए थे, मशीने से लथपथ। राज का सिर नेहा की चूचियों पर था। उसका लण्ड अभी भी नेहा की चूत में था। दोनों जिदाल पड़े हर ही थे की बेड के साइड के टेबल पर नेहा के मोबाइल पर किसी की काल आती है।
***** ****