S
StoryPublisher
Guest
एक हॅंडसम सा लड़का जिम मे अपना पसीना बहा रहा था और उससे दूर रखा उसका फोन बज रहा था मगर शायद उसको फोन की घंटी सुनाई नही दे रही थी वो बस अपनी बॉडी बनाने मे लगा हुआ था
तभी वहाँ ऐक और लड़का आता है
लड़का....राज क्या तुझे सुनाई नही देता
राज ....क्या हुआ विशाल
विशाल .....तेरा फोन बज रहा है और तू अपनी बॉडी बनाने मे लगा है और कितनी बॉडी बनाएगा
विशाल की बात सुनकर राज मुस्कुराते हुए उठता है और टवल से अपने जिस्म को पोछता है मगर जैसे ही वो अपने फोन को देखता है तो नंबर देखते ही वो खुश हो जाता है क्यूंकी नंबर उसके पापा दयाल सिंग का था वो तुरंत कॉल पिक करता है
राज और दयाल सिंग काफ़ी देर बात करते हैं बात करने के बाद राज के चेहरे पर खुशी सॉफ देखी जा सकती थी उसे यूँ खुश देख कर विशाल पुछता है
विशाल ....क्या बात है राज बहुत खुश लग रहे हो
राज खुशी से उछलते हुए
राज.....खुशी की तो बात है विशाल
विशाल ....कैसी खुशी कुछ मुझे भी तो पता चले की आख़िर मेरा दोस्त इतना खुश क्यूँ है
राज .....मेरे भाई की शादी हो रही है तू मेरे सामने बहुत अपनी भाभी के बहुत गुण गाता गाता है अब देखना मेरी भाभी तेरी भाभी से भी बेस्ट होगी
विशाल हँसते हुए
विशाल ....तुझे कैसे पता की तेरी भाभी मेरी भाभी से भी बेस्ट होगी
राज ....क्यूंकी मेरे पापा कभी कोई ग़लत काम नही करते और उन्होने मेरे भाई के लिए जो भी लड़की देखी होगी वो बेस्ट से भी बढ़कर होगी
विशाल ..... अंकल ने और क्या बताया
राज .....यही की मेरे एग्ज़ॅम के बाद उन्होने मुझे गाओं बुलाया है और वैसे भी ये मेरे फाइनल एग्ज़ॅम है और मेरी पढ़ाई भी पूरी हो जाएगी तो यहाँ रुकने का भी कोई फ़ायदा नही
विशाल ....हाँ भाई अब यहाँ क्या है सब कुछ तो तेरी भाभी होगी मैं कुछ नही तेरा
राज थोड़ा उदास होते हुए कहता है
राज.....ऐसा नही है तू मेरा सबसे अच्छा दोस्त है और रहेगा मगर घर का सूनापन क्या होता है ये तुझे नही पता होगा क्यूंकी तेरे घर मे तेरी मा है भाभी है मगर मेरे घर मे तो कोई भी नही था मगर अब मेरे घर के सुनेपन को दूर करने वाली आ रही है यानी मेरी भाभी
थोड़ी देर यूँही बातें चलती रहती हैं और फिर विशाल चला जाता है और राज भी अपने होस्टल निकल जाता है
धीरे धीरे कुछ दिन और निकल जाते हैं और जय का भानु सिंग से मिलने का सिलसिला चालू रहता है
आज रात को भी जय को अपने लंड की नसों मे हल्का सा खींचाव महसूस होता है और उसकी नींद खुल जाती है
मगर आज उसका लंड आधा ही खड़ा था बस उसकी आँख सिर्फ़ अपने लंड मे खींचाव के कारण खुल गयी थी
कुछ देर जय अपने लंड को सहलाता रहा और जब उससे बर्दाश्त नही हुआ तो वो बाथरूम मे घुस गया
बाथरूम मे घुसने के बाद जय अपने लंड को बहुत तेज़ी के साथ मसलने लगा और कुछ देर बाद ही उसके लंड ने अपना पानी छोड़ दिया लंड से पानी निकलते ही आज फिर उसका लंड बर्फ की तरह ठंडा पड़ गया
वो बाथरूम से निकला और अपने बिस्तर पर गिर गया और गिरते ही सो गया
तभी वहाँ ऐक और लड़का आता है
लड़का....राज क्या तुझे सुनाई नही देता
राज ....क्या हुआ विशाल
विशाल .....तेरा फोन बज रहा है और तू अपनी बॉडी बनाने मे लगा है और कितनी बॉडी बनाएगा
विशाल की बात सुनकर राज मुस्कुराते हुए उठता है और टवल से अपने जिस्म को पोछता है मगर जैसे ही वो अपने फोन को देखता है तो नंबर देखते ही वो खुश हो जाता है क्यूंकी नंबर उसके पापा दयाल सिंग का था वो तुरंत कॉल पिक करता है
राज और दयाल सिंग काफ़ी देर बात करते हैं बात करने के बाद राज के चेहरे पर खुशी सॉफ देखी जा सकती थी उसे यूँ खुश देख कर विशाल पुछता है
विशाल ....क्या बात है राज बहुत खुश लग रहे हो
राज खुशी से उछलते हुए
राज.....खुशी की तो बात है विशाल
विशाल ....कैसी खुशी कुछ मुझे भी तो पता चले की आख़िर मेरा दोस्त इतना खुश क्यूँ है
राज .....मेरे भाई की शादी हो रही है तू मेरे सामने बहुत अपनी भाभी के बहुत गुण गाता गाता है अब देखना मेरी भाभी तेरी भाभी से भी बेस्ट होगी
विशाल हँसते हुए
विशाल ....तुझे कैसे पता की तेरी भाभी मेरी भाभी से भी बेस्ट होगी
राज ....क्यूंकी मेरे पापा कभी कोई ग़लत काम नही करते और उन्होने मेरे भाई के लिए जो भी लड़की देखी होगी वो बेस्ट से भी बढ़कर होगी
विशाल ..... अंकल ने और क्या बताया
राज .....यही की मेरे एग्ज़ॅम के बाद उन्होने मुझे गाओं बुलाया है और वैसे भी ये मेरे फाइनल एग्ज़ॅम है और मेरी पढ़ाई भी पूरी हो जाएगी तो यहाँ रुकने का भी कोई फ़ायदा नही
विशाल ....हाँ भाई अब यहाँ क्या है सब कुछ तो तेरी भाभी होगी मैं कुछ नही तेरा
राज थोड़ा उदास होते हुए कहता है
राज.....ऐसा नही है तू मेरा सबसे अच्छा दोस्त है और रहेगा मगर घर का सूनापन क्या होता है ये तुझे नही पता होगा क्यूंकी तेरे घर मे तेरी मा है भाभी है मगर मेरे घर मे तो कोई भी नही था मगर अब मेरे घर के सुनेपन को दूर करने वाली आ रही है यानी मेरी भाभी
थोड़ी देर यूँही बातें चलती रहती हैं और फिर विशाल चला जाता है और राज भी अपने होस्टल निकल जाता है
धीरे धीरे कुछ दिन और निकल जाते हैं और जय का भानु सिंग से मिलने का सिलसिला चालू रहता है
आज रात को भी जय को अपने लंड की नसों मे हल्का सा खींचाव महसूस होता है और उसकी नींद खुल जाती है
मगर आज उसका लंड आधा ही खड़ा था बस उसकी आँख सिर्फ़ अपने लंड मे खींचाव के कारण खुल गयी थी
कुछ देर जय अपने लंड को सहलाता रहा और जब उससे बर्दाश्त नही हुआ तो वो बाथरूम मे घुस गया
बाथरूम मे घुसने के बाद जय अपने लंड को बहुत तेज़ी के साथ मसलने लगा और कुछ देर बाद ही उसके लंड ने अपना पानी छोड़ दिया लंड से पानी निकलते ही आज फिर उसका लंड बर्फ की तरह ठंडा पड़ गया
वो बाथरूम से निकला और अपने बिस्तर पर गिर गया और गिरते ही सो गया