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शिद्दत -1- 2

अब आगे.....

अगली सुबह इशिका के लिए ये दिन भी बाकी दिनों की तरह ही था पर अब उसके सामने सबसे बड़ा मकसद था राजवीर से उसके गुनाह के लिए बदला लेना और उसकी सच्चाई दुनिया के सामने लाना,यही वादा इशिका ने अपने आप से किया था,और तभी उसके मोबाइल की घंटी बजती है और वो देखती है कि ये फ़ोन तो रणवीर का है और वो फ़ोन उठा के कहती है ," हैलो रणवीर,गुड मॉर्निंग"

"गुड मॉर्निंग इशिका,क्या हम आज मिल सकते हैं..?" रणवीर ने इशिका से पूछा !!

"हाँ बिल्कुल रणवीर,कुछ खास काम है क्या..?" इशिका ने रणवीर से पूछा !!

"खास ही समझ लो,हमे आगे की प्लानिंग करने के लिए मिलना पड़ेगा" रणवीर ने इशिका से कहा !!

"ठीक है रणवीर हम 12 बजे कैफ़े मे मिलते हैं" इशिका रणवीर से कहती है !!

"ठीक है,मिलते हैं 12 बजे,मैं तुम्हारा इंतज़ार करूँगा" रणवीर इशिका से बोलते हुए फ़ोन काट देता है !!

इशिका भी रणवीर के बारे मे सोचते हुए अतीत के पन्नो मे खो जाती है और उसे अपनी और रणवीर की 4 साल पहले की मुलाकात याद आ जाती है जब वो पहली बार रणवीर से कॉलेज मे मिली थी !!

4 साल पहले 2015 :

इंस्टीटूट ऑफ मेडिकल साइंसेज - दिल्ली

इशिका कॉलेज मे नई नई थी और बहुत डरी हुई थी पहले दिन क्योंकि इस कॉलेज की रैगिंग के बारे मे बहुत सुना था और इशिका को यही डर सता रहा था कि उसका पहला दिन कैसा बीतेगा कॉलेज मे और इसी डर मे सीनियर्स ने सारे जूनियर्स को एक हॉल मे बुलाया था इंट्रोडक्शन के लिए और वहां उसकी मुलाकात रणवीर प्रताप सिंह से होती है रणवीर मेडिकल कॉलेज मे इशिका से सीनियर डॉक्टर थे,रणवीर ने ही सबका इंट्रोडक्शन लिया था और फिर रणवीर ने बारी बारी से सबका इंट्रोडक्शन लिया और जब इशिका का नंबर आया तब रणवीर ने बड़ी ही लायकी से इशिका का इंट्रोडक्शन लिया था,और इशिका का जो रैगिंग के नाम से डर था वो रणवीर ने पूरी तरह से निकाल दिया था !!

" हाँ तो बोलिये मैडम,क्या नाम है आपका" - रणवीर

"जी,सर मेरा नाम इशिका है,इशिका मल्होत्रा" - इशिका

" Nice name," ये बोलकर रणवीर इशिका को देखता ही रहता है और उसमें ही खो जाता है !!

इंट्रोडक्शन पूरा होने के बाद सभी अपनी अपनी क्लास मे चले जाते हैं पर रणवीर सिर्फ इशिका के ख्यालों मे खोया रहता है और उस दिन के बाद रणवीर और इशिका मे दोस्ती हो जाती है और रणवीर की दोस्त होने के नाते पूरे कॉलेज मे इशिका को कोई परेशानी नही होती और वो रैगिंग से भी बच जाती है,

इशिका और रणवीर अब अच्छे दोस्त बन गए थे और फिर धीरे धीरे समय बीतता जाता है और अगले ही साल इशिका और रणवीर अपने कॉलेज की तरफ से मेडिकल कैम्प मे शिमला जाते हैं और वहीं मेडिकल कैम्प से लौटते वक्त इशिका को प्रिया घायल हालात मे मिलती है और वो ये सारी बातें रणवीर को बताती है,और दोनों पुलिस से ये बातें छुपाकर प्रिया का इलाज करते हैं ताकि प्रिया की जान को कोई खतरा न हो और प्रिया की सूरत देखकर इशिका को न जाने क्या होता है उसे ये लगता है कि इस सूरत से इशिका का कोई नाता है और वो प्रिया की जान बचाने के लिए अपनी जान लगा देती है,कुछ दिनों बाद इशिका को ये अहसास होने लगता है कि हो न हो इस लड़की के साथ इशिका का कोई रिश्ता तो ज़रूर है,और तभी कुछ दिनों बाद इशिका अपनी फैमिली के साथ जोधपुर घूमने जाती हैं,और वहीं मेहरानगढ़ किले पर पहुँचकर इशिका को सबकुछ याद आ जाता है,उसे अपने पुराने जन्म की सारी यादें याद आ जाती हैं और जो सपने उसे बचपन से लेकर आजतक रातों को सोने नही देते थे उन सपनों के सारे जवाब इशिका को मिल जातें हैं । उसे याद आ जाता है कि वो पिछले जन्म मे रानी थी और प्रिया की जो शक्ल आज है वो कल उसकी शक्ल थी और इस जन्म मे वो इशिका है और फिर उसे ये भी याद आ जाता है कि राजवीर ने उसके साथ क्या किया था और अब उसे राजवीर से बदला लेना था,ये सारी बातें इशिका ने रणवीर को बताई और रणवीर को पहले तो इस बात पर यकीन नही हुआ पर धीरे धीरे वो इशिका की बातों को मानने लगा और उसका साथ देने को तैयार हो गया,इशिका और रणवीर ने राजवीर के पास पहुँचने के लिए एक प्लान बनाया,रणवीर ने राजवीर की सारी इनफार्मेशन निकलना शुरू किया,राजवीर के सबसे क़रीब कौन है,और भी सारी जानकारी रणवीर ने निकालना शुरू किया और अब इशिका को राजवीर के क़रीब पंहुचाना था जिसके लिए ये ज़रूरी था कि राजवीर के करीब रहना और इसके लिए इशिका ने राजवीर के सबसे करीबी अनिरुध चोपड़ा के यहाँ अपना रिश्ता भेजा और ये सब इशिका का ये प्लान था कि वो अनिरुध के ज़रिए राजवीर के क़रीब जाएगी और इशिका इस प्लान मे अभी तक कामयाब भी रही थी !! इशिका और रणवीर ने मिलकर ये प्लान बनाया था और ये सब एक प्लान के तहत हो रहा था,चोपड़ा के साथ इशिका की सगाई,चोपड़ा के साथ प्यार का नाटक,चोपड़ा के सामने खुद को रानी साबित करना,चोपड़ा के सामने राजवीर से प्यार की बात कबूल करना,ये सब इशिका के प्लान का हिस्सा था !!

वर्तमान समय 2019 :

इशिका रणवीर से मिलने के लिए उसकी बताई जगह पर जाने की तैयारी मे लग जाती है !!

उधर राजवीर सिंघानियां के ऑफिस मे राजवीर ,चोपड़ा को अपने केबिन मे बुलाता है और उससे कहता है ,

" चोपड़ा मुझे कुछ दिनों के लिए क़तर जाना पड़ेगा,तुम यहीं रहना यहाँ का काम देखना मैं कुछ दिनों मे लौट आऊँगा" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"सर एक बात पूछुं" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा ??

" हाँ बोलो चोपड़ा," राजवीर ने चोपड़ा की बात का जवाब देते हुए कहा !!

"सर,मुझे आपके साथ काम करते हुए 5 साल से ज्यादा हो गए हैं और मैं आपके साथ लगभग हर देश मे साथ ही जाता हूँ पर कुछ देश मे आप मुझे आजतक साथ नही ले गए,ये कौन लोग हैं जो हमारे साथ बिज़नेस करते हैं,न उन्हें मैं जानता हूँ और न ही उन्हें मैंने कभी देखा है,आप कभी मुझे दुबई,क़तर,सऊदी और मलेशिया नही ले गए...ऐसा क्यों...?" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !!

" चोपड़ा,देखो एक बात मैं तुम्हे आज बता देता हूँ और आगे ये बात दोबारा नही बताऊंगा,की जिस भी क्लाइंट के साथ हम बिज़नेस करते हैं उनका मुझसे मिलना ज़रूरी है ना कि तुम्हारा,तुमने उन्हें कभी नही देखा ये बात ज़रूरी नही है,ज़रूरी ये है कि मैं उन्हें जनता हूँ,अब जाओ मेरी जाने की तैयारी करो,आज रात की फ्लाइट बुक करवाओ क़तर की,और आगे से मुझसे ये सवाल मत पूछना" राजवीर ने चोपड़ा की तरफ देखते हुए गुस्से मे कहा !!

" ok सर,सॉरी,अब ऐसी गलती नही होगी,मैं आपके जाने की तैयारी करता हूँ" ऐसा बोलकर चोपड़ा केबिन से बाहर आ जाता है और ये सोचने लगता है कि आखिर सर को अचानक इस सवाल से इतना गुस्सा क्यों आ गया !!

चोपड़ा के केबिन से बाहर जाते ही राजवीर को उसके पर्सनल नंबर पर एक इंटरनेशनल कॉल आता है, और उस तरफ से आवाज़ आती है !!

"अस्सलाम वालेकुम ,कबीर भाई"

उस तरफ से ये आवाज़ सुनकर राजवीर इस तरफ से जवाब देता है " वालेकुम अस्सलाम,खालिद,तुम्हें कितनी बार कहा है मुझे इस नंबर पर फ़ोन मत किया करो,मैं खुद आ रहा हूँ कल क़तर,वहीँ मिल रहा हूँ न आका से,तो बार बार मुझे फ़ोन करके परेशानी मे मत डालो,और आका से बोल देना कल वहीं आकर बात करूंगा"

" कबीर भाई,आप क्यों परेशान हो रहे हैं,ये फ़ोन की लोकेशन कोई ट्रेस नही कर पायेगा,आप घबराएं नही,आप तो हमारे बहुत ही ज़रूरी सिपाही हैं,आका ने आपको याद किया है और कहा है कि इस बार का काम थोड़ा मुश्किल है इसीलिए आपको याद दिलाने के लिए कहा है " खालिद कबीर से कहता है !!

"खालिद मियाँ मुझे मेरे काम मत समझाइए,इससे पहले भी बहुत से काम को उनके अंजाम तक पहुँचाया है मैंने और आगे भी इंशा अल्लाह पूरी तरह जान लगा दूंगा हिंदुस्तान को तबाह करने मे,आका से बोलो कल मिलता हूँ ऊनसे,दुबई होते हुए आऊंगा" कबीर ने खालिद से कहा और फ़ोन रख दिया !!

फ़ोन रखने के बाद राजवीर उर्फ कबीर खान खुद से कहता है

"चलो बेटा राजवीर अब कुछ दिनों के लिए तुम आराम करो और अब कबीर अपना काम करके आएगा,हिंदुस्तान तबाह होगा,हा हा हा हा हा हा हा हा"

क्रमशः......
 
अब आगे.....

राजवीर उर्फ कबीर खान उसी रात दुबई की फ्लाइट लेकर मुम्बई से निकल जाता है और दुबई मे पहुँचकर वहाँ एक होटल मे चले जाता है,होटल हयात !! वहाँ पहले से ही कुछ लोग कबीर का इंतज़ार कर रहे होते हैं,ये लोग कोई और नही कबीर के ही आदमी हैं,वो लोग होटल मे उससे मिलने के लिए इंतज़ार कर रहे होते हैं,मीडिया को राजवीर के दुबई आने की खबर लग जाती है और वो कबीर का होटल लॉबी मे इंतज़ार कर रहे होते हैं,अचानक मीडिया को वहाँ देखकर कबीर के आदमी सतर्क हो जाते हैं और कबीर के इशारे का इंतज़ार करते हैं,कबीर अपने रूम से बाहर नही आता है क्योंकि रूम से बाहर नीचे लॉबी मे मीडिया कबीर का wait कर रही है,अब कबीर की मुश्किलें बढ़ जाती हैं क्योंकि वो जिस काम के लिए आया है वो दुनिया को नही पता लगना चाहिए,वरना उसका राज़ खुल जायेगा कि वो राजवीर नही है !!

कबीर खालिद को फ़ोन करता है ," हेलो खालिद,ये क्या मजमा लगा हुआ है मेरे होटल मे,मेरे आने की ख़बर दुबई मीडिया को कैसे लगी...?" कबीर गुस्से से खालिद को बोलता है !!

"जनाब,मुझे बिल्कुल भी इल्म नही है कि ये ख़बर मीडिया को किसने दी,आपके आने की ख़बर तो सिर्फ हमे थी और आपको थी,हो सकता है ये ख़बर मुम्बई से लीक हुई हो,आप बिलकुल भी घबराएं नही जनाब,आप हमारे खास हैं,और जिस होटल मे आप रुके हैं वहाँ भी अपने ही लोग हैं,किसी को कुछ पता नही चलेगा और आप यहाँ क़तर मे होंगे,आपके आने का इंतज़ाम कर लिया है मैंने,आप चिंता मत कीजिये,आप मीडिया से जाकर मिलिए और ऊनसे कहिए कि वो यहाँ शेख से मिलने आये हैं एक होटल बनाने के सिलसिले मे,कल आप वहीं पर मीटिंग करेंगे और मीटिंग के बाद आपको हमारे आदमी क़तर ले आएंगे,दुनिया की नज़रों मे आप दुबई मे ही अपने होटल के कमरे मे रहोगे क्योंकि आपकी तबियत नासाज़ होगी तो आप पूरे दिन कमरे से बाहर नही आएंगे और फिर उसी बीच आप यहाँ आका से मिलने आ सकते हैं"

"कैसी बात कर रहे हो खालिद,ये कैसे मुमकिन होगा," कबीर ने खालिद से पूछा !!

"जनाब,आपको हम प्राइवेट जेट से लाएंगे,2 घंटो मे आप दुबई से क़तर आ जाएंगे,2 घण्टे यहाँ लगेंगे और फिर आप 2 घण्टों मे फिर दुबई चले जायेंगे,6-7 घण्टों मे किसी को पता नही चलेगा कि आप होटल मे नही हो" खालिद ने कबीर से कहा !!

"चलो ठीक है,आका से कहना कल ऊनसे मुखातिब होऊंगा,खुदा हाफ़िज़" कबीर ने खालिद से कहा !!

"खुदा हाफ़िज़ भाई जान," खालिद ने कहते हुए फ़ोन रख दिया !!

उसके बाद कबीर होटल मे रूम से बाहर आता है और मीडिया से मिलता है,और अपने दुबई आने का कारण बताता है,वो बताता है कि वो यहाँ एक होटल खोलना चाहता है और इसी सिलसिले मे यहाँ शेख से मिलने आया है,सब कुछ ठीक रहा और डील फाइनल हो गयी तो सिंघानियां ग्रुप का एक होटल दुबई मे भी होगा,मीडिया से बात करने के बाद कबीर दोबारा अपने रूम मे चला जाता है,कबीर के साथ जो स्टाफ मुंबई से आया है वो भी सब कबीर के ही आदमी है !!

कबीर से इंटरव्यू के बाद मीडिया वहाँ से हट जाती है,और उसी होटल के बाहर एक रेस्टोरेंट रहता है उसके owner को एक कॉल आता है,उसी कॉल के कांफ्रेंस पर 2 और दूसरे लोग हैं जिनमे से एक टैक्सी ड्राइवर है और दूसरा होटल हयात का एक वेटर,तीनों एक ही कॉल पर कॉन्फ़्रेंसिंग मे हैं और तीनों एक ही इंसान के निर्देशों का पालन कर रहे हैं,दूसरी तरफ जो इंसान इन तीनों को निर्देश दे रहा है वो इनसे कहता है ," अब तुम तीनों मेरे साथ कांफ्रेंस पर हो,अब जो मैं बोल रहा हूँ वो तुम ध्यान से सुनो,हम जो भी बात अभी कर रहे हैं ये सिक्योर्ड लाइन पर कर रहे हैं,हमारी कॉल कोई ट्रेस नही कर पायेगा,तुम तीनों को राजवीर सिंघानियां पर नज़र रखनी है,वो कहाँ जाता है,किससे मिलता है,ये सारी इनफार्मेशन तुम्हें मुझे देनी है" इतने मे रेस्टॉरेंट owner बोल पड़ता है," सर,मुझे एक बात समझ नही आती की हम इतने महीनों से राजवीर सिंघानियां पर नज़र रखे हुए हैं,अगर वो गलत होता तो अभी तक हमे उसके खिलाफ़ सबूत मिल जाता,मुझे नही लगता की राजवीर कुछ भी गलत कर रहा है,अरे वो इतना बड़ा बिज़नेस टाइकून है,वो कैसे कुछ गलत कर सकता है," तभी उधर से वो आदमी डांटते हुए बोलता है," तुम्हारा काम है जो बोला जाए उसे चुपचाप करना,न कि अपना दिमाग लगाना की कौन कैसा है,दिमाग लगाने के लिए हम बैठे हैं यहाँ,अभी तुम बस मुझे राजवीर के पल पल की खबर दोगे,हो न हो इस बार हमारे हाथ कुछ सबूत ज़रूर लगेगा,हमारी रिपोर्ट गलत नही हो सकती,राजवीर ज़रूर यहाँ किसी मकसद से आया है,और वो हमें पता लगाना ही पड़ेगा,इंडियन इंटेलेजेंस की रिपॉर्ट गलत नही हो सकती,तुम बस अपना काम करो जो बोला जाए वो "!!

"ठीक है सर,हम सब राजवीर पर नज़र रखेंगे" तीनों ने ऐसा कहा और उस आदमी ने फ़ोन काट दिया !!

अगले दिन सुबह से ही तीनों राजवीर पर नज़रें गड़ाये बैठे रहते हैं,पर राजवीर होटल से बाहर नही आता और उधर राजवीर के आदमी उसे क़तर ले जाते हैं,राजवीर का स्टाफ होटल स्टाफ़ को ये हिदायत देता है कि राजवीर सर की तबियत ठीक नही है इसीलिए वो अभी अपने रूम मे आराम कर रहे हैं और उन्हें दिनभर डिस्टर्ब न किया जाए वो नींद की गोली लेकर सोए हुए हैं,उधर होटल का वेटर ये ख़बर अपने साथियों तक पहुँचा देता है कि राजवीर होटल मे ही है और आज बाहर नही जाएगा,तीनोँ ये ख़बर सुनकर निश्चिंत हो जाते हैं और उधर राजवीर क़तर पहुँच जाता है अपने आका से मिलने !!

क़तर एयरपोर्ट से राजवीर को इस तरह बाहर लाया जाता है जैसे वो कोई कैदी है,उसका पूरा हुलिया बदल दिया जाता है,ताकि उसे कोई पहचान न ले और उसका चेहरा ढक कर रखा जाता है,और उससे कहा जाता है कि ये आपके लिए ही किया जा रहा है ताकि आपको कोई पहचान न ले !!

राजवीर को वहाँ से गाड़ी मे बैठकर दूर पहाड़ो मे ले जाया जाता है,जहाँ चारो तरफ पहाड़ होते हैं और रेगिस्तान होता है और कुछ देर बाद राजवीर के मुंह से कपड़ा हटाया जाता है और वो अपनी आँखें खोलता है और देखता है कि उसके आसपास बहुत से लोग पठानी कुर्ता और पजामा पहन कर बड़ी बड़ी दाड़ी लेकर और अपने हाथ मे AK-47 लेकर खड़े हैं और हवा मे फायर करके अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं,तभी राजवीर उर्फ कबीर की नज़र सामने से आते हुए खालिद पर पड़ती है,और खालिद कबीर के पास आकर कहता है," अस्सलाम वालेकुम,कबीर मियाँ,हमारी कायनात मे हम आपका इस्तकबाल करते हैं," !!

"वालेकुम अस्सलाम,खालिद मियाँ,शुक्रिया शुक्रिया" कबीर खालिद की बातों का जवाब देते हुए कहता है !!

"आईये जनाब चलिये,आका आपका इंतज़ार कर रहे हैं" खालिद कबीर से कहता है !!

"जी बिल्कुल खालिद मियाँ,चलिये,आखिर हम उनके लिए तो इतनी दूर आये हैं" कबीर खालिद से कहते हुए वहाँ से खालिद के साथ चले जाता है !!

खालिद कबीर को एक अंडरग्राउंड गुफा मे ले जाता है,जहाँ पर आका उसका इंतज़ार कर रहा होता है !!

कबीर जैसे ही आका को देखता है तो वो चोंक जाता है,आका और कोई नहीं हिंदुस्तान का वो मोस्ट वांटेड टेररिस्ट है जिसे हिंदुस्तान की सरकार को एक हाईजैक प्लेन को छुड़वाने के लिए उसे जेल से छोड़ना पड़ा था ये वही अख्तर रहमान इलियासी है जिसकी तलाश हिंदुस्तान की सरकार को पिछले 20 सालों से थी,आज उसे अपने सामने देखकर कबीर चोंक जाता है क्योंकि वो आका से पहली बार मिला है और उससे पहली बार ही रु ब रु हुआ है,कबीर को अपने सामने देख आका कबीर से कहता है," आओ मेरे लफतेजिगर,मेरे जिगर के टुकड़े,कबीर खान,वो कहते है ना,white collar terrorist,हा हा हा हा हा हा,अरे ये हमारे लिए इतने सालों से काम कर रहा है पर आजतक इंडियन इंटेलेजेंस हमारे प्यादे को पकड़ नही पाई,इसे कहते हैं अलसी फतह "

आका की बात सुनकर कबीर आका से कहता है," मैं भी कबसे बेताब था आपसे मिलने के लिए आका,3 साल से कोशिश कर रहा हूँ आपसे मिलने के लिए पर,आज आपने खुद मुझे काम के लिए बुलाया,और मझे इस लायक समझा ये मेरे लिए फख्र की बात है"

"अरे भई हमे भी तो तुमसे मिलना था,हमे भी तो देखना था कि जिसने हमारे बड़े बड़े काम कर दिए हिंदुस्तान की बर्बादी के लिए वो आखिर है कौन,इंशा अल्लाह अगर ऐसे ही आगे बढ़ते रहे तो वो दिन दूर नही जब हिंदुस्तान पर हमारी हुकूमत होगी," आका कबीर से कहता है !!

"इंशा अल्लाह,ऐसा ही होगा आका" कबीर ने आका से कहा !!

"अब हम उस काम के बारे मे बात करते हैं जिसके लिए तुम्हें यहाँ बुलाया गया है," आका कबीर से कहता है !!

क्रमशः.....
 
अब आगे....

आका कबीर से कहता है," देखो कबीर मियाँ आजकल इंडियन इंटेलेजेंस की नज़र बहुत तेज़ हो गयी है,इसीलिए जिस काम को तुम्हें अंजाम तक पंहुचाना है वो बड़ी ही सावधानी से करना होगा,तुम पर किसी को शक नही होना चाहिए,ये बम ब्लास्ट करना,ट्रैन उड़ाना,लोगों की भीड़ पर बम फेंकना,ये सब पुराने बातें हो गयी हैं अब हम कुछ ऐसा करेंगे कि हिंदुस्तान की सरकार ने सपने मैं भी नही सोचा होगा "!!

कबीर ये सुनकर आका से बोलता है," आखिर इस बार ऐसा क्या करने वाले हैं आप..?"

"कबीर मियाँ हम हिंदुस्तान को एक ऐसा तोहफा देंगे जिससे कुछ जानें नही लाखों की तादात मे जानें जाएंगी," आका कबीर से कहता है !!

कबीर को और ठीक से समझाते हुए आका कहता है," हिंदुस्तान में आने वाले महीने मे इलाहबाद मे कुंभ मेला लगने वाला है,जहां पर कुंभ मेला लगेगा वो जगह गंगा नदी पर बने बांध के पानी को रोककर वहाँ पर मेले के लिए जगह बनाई गई है वहाँ पर लगेगा ! और उसी कुछ एकड़ की ज़मीन पर जहाँ मेला लगेगा वहाँ पर अगर बांध का पानी आ जाये तो करोड़ो लोग एक साथ बाढ़ मे बहकर मर जायेंगे,अब सवाल ये उठता है कि वहाँ बांध का पानी आएगा कैसे,तो वो ऐसे आएगा कि हमारे दो आदमी वहाँ जाकर बांध को विस्फोट से उड़ाएंगे जिससे मेले मे जितने लोग उस वक़्त होंगे वो सारे मौत की नींद सो जाएंगे और पूरा इलाहबाद शहर एक झटके मे तबाह हो जाएगा,और यही हमारा हिंदुस्तान के मुंह पर सबसे बड़ा तमाचा होगा ,तुम्हें बस इतना करना है कि तुम्हें हमारे जो आदमी आएंगे उन्हें लेकर अपने स्टाफ मे शामिल करना है और इलाहबाद मेले मे ले जाना है,क्योंकि हम जानते हैं कि तुम उस मेले के मुख्य अतिथि होंगे और तुम्हारे स्टाफ मे हमारे आदमी रहेंगे तो कोई परेशानी नही होगी इस काम को अंजाम देने मे,तो कबीर मियाँ कैसा लगा हमारा ये प्लान...?"

"माशा अल्लाह,सुभान अल्लाह क्या प्लान बनाया है आपने आका हिंदुस्तान को तबाह करने के लिए,इंशा अल्लाह हम ज़रूर कामयाब होंगे" कहते हुए कबीर आका को गले लगा लेता है और खालिद को भी गले लगा लेता है !!

कुछ देर बात करने के बाद खालिद कबीर से कहता है,"कबीर मियाँ आप कुछ देर यहाँ आराम फरमाएं,मैं ज़रा आका को लेकर जाता हूँ,उनकी तबियत नासाज़ है तो उन्हें भी आराम की ज़रूरत है,उसके बाद मैं आपके निकलने का इंतज़ाम करवाता हूँ और आपको वापस दुबई भेजता हूँ" इतना कहकर खालिद आका के साथ वहाँ से निकल जाता है और कबीर वहीँ एक कमरे मे बैठा रहता है !!

कुछ देर बाद खालिद आका से पूछता है," आका एक बात मेरी समझ नही आई"

"क्या बात है खालिद,..?" आका खालिद से पूछता है !!

"आपने कबीर को असली प्लान क्यों नही बताया,और जो प्लान आपने बताया है ये तो हमने कभी बनाया ही नही था,तो क्या आपको अब कबीर पे भरोसा नही रहा क्या..?" खालिद ने आका से पूछा !!

"ऐसी बात नही है खालिद की हमे कबीर की काबिलियत पर शक है,पर न जाने क्यों हमे ऐसा लगता है कि हो न हो कुछ गड़बड़ ज़रूर होती है जिस भी मिशन पर कबीर काम करता है" आका ने खालिद से कहा !!

"मतलब,मैं समझा नही आका" खालिद ने आश्चर्य से पूछा !!

"आजतक जितने भी मिशन कबीर ने पूरे किए हैं उनमें हमे जीत तो मिली है पर उस तरह की नही जिस तरह की हमने सोची होती है,अगर हम कहीं ब्लास्ट करते हैं तो उतना नुकसान नही होता जितना होना चाहिए,ट्रैन ब्लास्ट मे भी न जाने कैसे पूरी बोगी मे सिर्फ 2-3 इंसान ही थे,हमे शक है कि कोई हमारी सारी जानकारी लीक करता है और इसीलिए कबीर अपना काम तो करता है पर वो अच्छे से हो नही पाता,यही जानने के लिए की इन सब के पीछे कौन है,मैंने असली प्लान छुपा के रखा है ताकि हमें उस गद्दार का पता चल सके कि वो कौन है" आका ने खालिद से कहा !!

खालिद ने आका की बात सुनी और उसके प्लान की तारीफ भी की और आका से पूछा "एक बात और समझ नही आई आका,की कबीर ये राजवीर का नाम लेकर क्यों जी रहा है,अगर कबीर राजवीर सिंघानिया बन कर रह रहा है तो असली राजवीर सिंघानिया कहाँ पर है..?"

आका कुछ देर शांत रहता है और फिर खालिद से कहता है," राजवीर सिंघानियां तो 22 साल पहले ही मर चुका है,और उसे कबीर ने ही मारा था,मेहरानगढ़ किले मे जोधपुर मे" !!

खालिद ये सुनकर चोंक जाता है और आका से कहता है," क्या सच मे राजवीर को कबीर ने मारा था,आपने राजवीर की लाश देखी थी...?" !!

"नहीं मैं कैसे देखूंगा उसकी लाश,उस समय तो मैं दिल्ली की तिहाड़ जेल मे बन्द था,मैंने सुना था कबीर के बारे मे,पिछले 5 सालों से उसके साथ हूँ तो उसके बारे मे कुछ जानकारी मालूम कि है मैंने तो उसमें पता चला है कि राजवीर को मारकर कबीर ने राजवीर की जगह की है और इर राज़ सिर्फ कुछ लोगों को ही पता है," आका खालिद से कहता है !!

"ये राज़ आपके और कबीर के अलावा और किसको पता है...?" खालिद आका से पूछता है !!

" ये राज़ कबीर के वालिद कादर मियाँ को भी पता था,अभी कुछ दिन पहले ही उनका इंतकाल हुआ है अजमेर मे," आका ने खालिद से कहा !!

"अब तुम ज्यादा सवाल मत करो और कबीर को दुबई भेजो उसके बाद हमे अपने प्लान पर काम करना है" आका खालिद को हुक्म देता है और खालिद कबीर जो छोड़ने निकल पड़ता है !!

खालिद जिस तरह कबीर को दुबई से क़तर लाया था उसी तरफ शाम तक फिर क़तर से दुबई भेज देता है और उधर दुबई होटल के बाहर जो तीनों लोग कबीर के नज़रें जमाये बैठे थे वो अभी भी कबीर पे नज़रें लगाए बैठे रहते हैं और तभी उन्हें एक फ़ोन आता है और उनमें से एक बोलता है,"हेलो बॉस,आपने जैसे बोला था हमने राजवीर पर नज़रें टिकाई हुई है पर वो आज पूरे दिन अपने रूम से बाहर ही नही निकला,उसके स्टाफ ने होटल स्टाफ को भी अंदर नही जाने दिया और ऊनसे कहा गया कि राजवीर सर अभी नींद की गोली लेकर सोए हैं तो उन्हें डिस्टर्ब नही करना है,सर मुझे नही लगता की राजवीर कुछ गलत कर रहा है,आपको जरूर गलत खबर मिली होगी" !!

उधर से फ़ोन पर आवाज़ आती है,"जितना बोला जाए सिर्फ उतना ही काम किया करो,अब चुपचाप नज़र रखो और अपडेट देते रहो सब मुझे" !!

"ठीक है सर,जैसे ही कुछ होगा हम आपको अपडेट कर देंगे,जय हिंद"

उधर कबीर वापस दुबई आकर होटल पहुँच जाता है और किसी को कानों कान ख़बर नही होती,

उधर मुम्बई मे इशिका रणवीर से मिलकर शाम तक अपने फ्लैट पर पहुँचती है और रणवीर से हुई सारी बातें उसके कानों मे अभी तक गूंज रही और वो यही सोच रही है कि क्या ये ज़रूरी है की राजवीर से सच उगलवाने के लिए मुझे ये सब करना पड़ेगा फिर से,यही सोच सोच कर इशिका परेशान हो जाती है कि रणवीर ने उससे जो करने को कहा है अगर ये प्लान फैल हो गया तो राजवीर फिर इशिका को मार देगा पहले की तरह और इसी उधेड़भूँन मे इशिका आज की मुलाक़ात के बारे मे सोचती रहती है जो बातें आज रणवीर ने उसे बताई !!!

क्रमशः......
 
अब आगे...

इशिका रणवीर से हुई बातें सोचने लगती है,

कैफ़े मे इशिका रणवीर से मिलने जाती है और वहाँ रणवीर इशिका से कहता है," आओ इशिका,मैं कब से तुम्हारा wait कर रहा था,कितनी देर लगा दी तुमने" !

"हाँ वो छुप छुप के मिलना पड़ता है तुमसे,अब मैं पहले जैसी इशिका नही रही,सारी दुनिया को पता है कि राजवीर सिंघानियां से मेरी शादी होने वाली है तो सम्भल कर आना पड़ता है,मीडिया को खबर लगी तो कांड हो जाएगा," इशिका ने रणवीर से कहा !!

"कोई बात नही इशिका मैं समझ सकता हूँ,"रणवीर ने इशिका से कहा !!

"अब जल्दी बताओ क्या बात करनी थी तुम्हें और ऐसी कौनसी बात थी जिसके लिए तुम्हें मुझसे मिलना पड़ा," इशिका ने रणवीर से कहा !!

"इशिका अभी हमारे प्लान के हिसाब से हमें राजवीर की सच्चाई पूरी दुनिया के सामने लानी पड़ेगी,और हम उसे तभी सज़ा दिलवा पाएंगे जब वो अपना जुर्म खुद कबूल करे,और वो इतना शातिर है कि वो अपने मुँह से ये कभी नही कबूल करेगा" रणवीर ने इशिका से कहा !!

"तो उसके मुँह से अपना जुर्म कबूल करवाने के लिए हमे क्या करना पड़ेगा,कुछ सोचा है तुमनें..?" इशिका ने रणवीर से पूछा !!

"सोचा तो है पर उसमें बहुत रिस्क है,इसमें तुम्हारी इज़्ज़त खतरे मे पड़ सकती है,इसीलिए हमें कुछ और सोचना पड़ेगा" रणवीर ने इशिका से कहा !!

"रणवीर,राजवीर को सज़ा दिलवाने के लिए मैं कुछ भी कर सकती हुँ,तुम बताओ करना क्या है...?" इशिका ने रणवीर से कहा !!

"इशिका देखो हम जो काम करने जा रहे हैं उस पर कोई विश्वास नही करेगा,अब तुम ही बताओ कि तुम्हारा रेप राजवीर ने तुम्हारे पिछले जन्म मे किया है ये तुम्हें याद है पर इसका कोई सबूत नहीं है और हम ये कभी साबित नही कर सकते कि राजवीर ने तुम्हारा रेप किया है,क़ानून सबूत देखता है,और कानून ये पुरजन्म की बात पर बिल्कुल विश्वास नही करेगा,तो हमे कुछ ऐसा करना पड़ेगा कि राजवीर ने जो गलती 22 साल पहले की थी वही गलती वो दोबारा दोहराए" रणवीर ने इशिका से कहा !!

"साफ़ साफ़ बताओ रणवीर,क्या कहना चाह रहे हो..?" इशिका ने रणवीर से कहा !!

"तो सुनो,तुम्हें रणवीर को अपने प्यार के जाल मे फसाना होगा और उसके और क़रीब जाना होगा और जब वो तुमपे पूरी तरह भरोसा करने लगेगा,फिर तुम्हें उसे डेट पर ले जाना होगा और तुम उसे अपनी तरफ़ आकर्षित करोगी ताकि राजवीर वो गलती दोबारा करने की कोशिश करे जो उसने रानी के साथ कि थी,पर तुम बिल्कुल भी घबराना मत क्योंकि मैं तुम्हारे आसपास ही रहुँगा और ज़रूरत पड़ी तो मैं आ भी जाऊंगा बस तुम्हें ये याद रखना है कि राजवीर को तुम्हें जम के शराब पिलानी है क्योंकि शराब के नशे मे ही वो बहकेगा और कोई गलती ज़रूर करेगा,अगले दिन तुम्हें राजवीर पर रेप केस करना है,जो कि होगा नही,तुम्हारी झूठी मेडिकल रिपोर्ट मैं तैयार करूँगा वो सब मुझपे छोड़ दो बाकी इससे राजवीर को सज़ा दिलवाने मे मदद मिलेगी और जो जुर्म उसने किया ही नही उसकी सजा उसे मिलते देख वो खुद अपने किये पाप कबूल करेगा कोर्ट मे" रणवीर ने इशिका को पूरा प्लान समझाया !!

इशिका ने जब ये सब सुना तो वो चोंक गयी और रणवीर से बोली," ये सब करना ज़रूरी है क्या,कोई दूसरा रास्ता नही है क्या..?"!!

"अगर दूसरा रास्ता होता तो मैं क्या तुम्हें नही बताता ईशु.." रणवीर ने इशिका से कहा !!

"पर एक बात मुझे आज तक समझ नही आई रणवीर,की राजवीर ने मुझसे आजतक ये सवाल क्यों नही किया..?" इशिका ने रणवीर से पूछा !!

"कैसा सवाल..?" रणवीर ने चोंक कर पूछा !!

"अगर मुझे अपने पुराने जन्म की सारी बातें याद आ गयी तो ये भी याद आया होगा कि राजवीर ने मेरा रेप किया है,ये बात जानते हुए की मुझे ये सब याद आ गया है,राजवीर की आंखों मे मैंने आजतक डर नही देखा,जैसे उसे कोई डर ही नही है कि मैं उसका राज़ सबके सामने खोल दूंगी,ये बात तो उसे भी पता होगी कि मुझे सब याद आ जायेगा कि उसने मेरे साथ क्या किया था पर मुझे समझ नही आ रहा कि अभी तक उसने इस बारे मे मुझसे बात क्यों नही की...?" इशिका ने रणवीर से कहा !!

"उसका overconfidence ही उसे डूबा के ले जाएगा,वो अपनी असलियत तुम्हारे सामने ज़ाहिर नही करना चाहता शायद इसीलिए उसने तुम्हें अभी तक कुछ नही बताया " रणवीर ने इशिका से कहा..!!

"अब तुम ज्यादा सोचो मत और राजवीर के क़रीब आने का प्लान बनाओ,और अब तुम्हें यहाँ से निकलना चाहिए नही तो कोई हमें देख लेगा" रणवीर ने इशिका से कहा !!

"ठीक है,राजवीर के दुबई से आने के बाद मैं अपने प्लान पर काम करूँगी,अब मैं चलती हुँ" इशिका ने रणवीर से कहा !!

यही सोचते सोचते इशिका अपने फ्लैट पर पहुँच जाती है और और वहीं इशिका के फ्लैट के नीचे एक आदमी खड़ा है जो पिछले कुछ दिनों से इशिका पे नज़र रख रहा है,वो उसके फ्लैट के बाहर कुछ दूरी पर खड़ा रहता है और इशिका पर नज़र जमाये बैठा रहता है,वो उसपर रात दिन नज़रें जमाये बैठा रहता है,अचानक उस आदमी के पास एक फ़ोन आता है ओर उस तरफ से एक अनजान आदमी उस आदमी से बात करता है!!

"हाँ बॉस,आपने जैसा कहा था मैंने वैसा ही किया,मैं पिछले कुछ दिनों से इशिका की जासूसी कर रहा हूँ,वो किस किस से मिलती है कहाँ जाती है,ये सब मैं लगातार पता लगा रहा हूँ पर आज तक मुझे इशिका शक करने लायक नही लगी थी,पर आज वो जिससे मिली और उनकी बातें मैंने सुनी तो मुझे लगा कि ये बातें आपके लिए काम की हो सकती है,इशिका आज जिस आदमी से मिली थी उन दोनों की सारी बातें मैंने रिकॉर्ड कर ली है,मैंने रेस्टोरेंट के अंदर जाते समय इशिका से टकराने के बहाने उसके पर्स मे एक छोटा सा रिकॉर्डर डाल दिया था जिससे वो जो भी बातें करें हमे सब पता चल जाये और मेरे पास वो सारी बातों की रिकॉर्डिंग है,मैं आपको अभी सेंड करता हूं" उस आदमी ने अपने बॉस से कहा !!

उधर से फ़ोन पर उसके बॉस की आवाज़ आयी," ठीक है,जल्दी भेजो मुझे सुनना है कि इशिका किससे मिली और उसका प्लान क्या है"

"ok बॉस मैं आपको अभी सेंड करता हूँ," उस आदमी ने कहा !!

इधर दुबई मे होटल के बाहर और अंदर जो तीन लोग राजवीर की जासूसी कर रहे थे उन्हें भी उनके बॉस का फ़ोन आता है और वो ऊनसे पूछता है," क्या हुआ,राजवीर रूम से बाहर आया कि नहीं" इसपर जवाब देते हुए वो सब कहते हैं " सर,हम दिनभर से उसपर नज़र रखे हुए हैं वो आज कहीं निकला ही नहीं,पर अभी अभी पता चला है कि उसकी तबियत अब ठीक है और वो कुछ देर मे बाहर आएगा" ये सुनकर उस आदमी ने सभी को निर्देश दिए ," राजवीर पर कड़ी नजर रखना और मुझे पल पल की अपडेट देते रहना "

"ok सर" ये कहते हुए सब कॉल काट देते हैं !!

कुछ देर बाद राजवीर दुबई से चोपड़ा को कॉल करता है और कहता है," हेलो चोपड़ा,मैं कल शाम की फ्लाइट से मुंबई आ रहा हूँ,मेरे जितने अपॉइंटमेंट्स हैं वो अगले कुछ दिनों के लिए कैंसिल कर दो,मैं कुछ दिनों के लिए थोड़ा बिजी रहुँगा,!!

"क्यों सर,ऐसा कौन सा काम है जो आप बहुत बिजी रहेंगे,कोई नया प्रोजेक्ट मिला है क्या" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !!

"सब अभी बताऊँ क्या चोपड़ा,कल आ रहा हूँ फिर बात करेंगे" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

" ठीक है सर,आप आ जाईये फिर बात करेंगे" कहते हुए चोपड़ा कॉल काट देता है !!

राजवीर से बात करने के बाद चोपड़ा फिर एक कांफ्रेंस कॉल लगाता है और कुछ लोगों को कनेक्ट करता है और फिर ऊनसे बात करता है," सुनो सब लोग,अभी अभी मेरी बात राजवीर सिंघानियां से हुई है,वो कल शाम की फ्लाइट से मुंबई आ रहा है,तुम तीनों भी उस पर कड़ी नजर रखते हुए उसी फ्लाइट से मुंबई आओगे और उसे एक पल भी अपनी नज़रों से दूर नही होने दोगे,जो काम तुम्हें बताया गया था वो पूरी ईमानदारी से करोगे,मुझे राजवीर की पल पल की ख़बर चाहिए,और तुम इशिका पे अपनी नज़रें जमाये रखना,मुझे इशिका की खबर भी चाहिए," !!

"ok सर,आप बिलकुल फिक्र मत कीजिये हम आपको पल पल की खबरें देते रहेंगे" सभी एक साथ बोलते हैं !

ये सभी वही लोग हैं जो राजवीर और इशिका पर नज़र रखें हुए थे,और ये सब वो चोपड़ा के कहने पर कर रहे थे !!

चोपड़ा फ़ोन काटते ही चोपड़ा खुद से बात करने लगता है," आओ Mr. राजवीर,मैं इंतज़ार कर रहा हूँ तुम्हारा,अब तक तो तुम मेरी नज़रों से बच के निकल गए हो,पर न जाने क्यों मुझे ऐसा लगता है कि तुम कुछ गलत ज़रूर कर रहे हो और बस मुझे तुम्हारे ख़िलाफ़ एक सबूत चाहिए,जिस दिन मुझे वो मिल गया,मैं तुम्हारा असली चेहरा दुनिया के सामने ले आऊंगा,ये वादा है मेरा अपने देश से,अपने वतन से,ये वादा है एक रॉ एजेंट अनिरुध चोपड़ा उर्फ वरुण सिंह का !!!.

क्रमशः .......
 
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