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लडकी पास आकर बोली चोद लो मुझे

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Antarvasna, desi kahani: मैं अपनी पत्नी गीतिका के साथ बैठा हुआ था हम दोनों सोफे पर बैठे हुए थे और बात कर रही थे गीतिका ने मुझे कहा कि संजीव आज हम लोग भैया के घर चलते हैं। गीतिका के भैया भी हमारे पड़ोस में ही रहते हैं तो मैंने सोचा कि क्यों ना आज हम लोग उनसे मिल आए वैसे भी काफी दिन हो गए थे हम लोग उनसे मिल भी नहीं पाए थे और गीतिका भी यही चाहती थी। हम दोनों गीतिका के भैया के घर चले गए उनका ट्रांसफर अभी कुछ समय पहले ही कोलकाता में हुआ था। मुझे कोलकाता में नौकरी करते हुए करीब 8 वर्ष हो चुके हैं मेरे माता पिता झारखंड में रहते हैं। हम दोनों उस दिन गीतिका के भैया रवि के घर चले गए। हम लोगों ने उनके घर की डोर बेल बजाई जब उन्होंने दरवाजा खोला तो वह हम लोगों को देखकर बहुत खुश हुए उन्होंने हमें अंदर आने के लिए कहा हम लोग अंदर चले गए और उनकी बैठक में बैठे हुए थे तभी उनकी पत्नी भी आ गई और वह कहने लगी कि तुम लोग कैसे हो काफी दिन हो गए तुम लोग घर भी नहीं आए।

गीतिका ने कहा कि भाभी दरअसल समय ही नहीं मिल पाता इसलिए हम लोगों का आना भी नहीं हो पाता आज हम दोनों ही घर पर थे तो सोचा आप से मिल आते हैं। गीतिका के भैया भी हम लोगों के हाल-चाल पूछने लगे और हम लोग उनके घर पर करीब 3 घंटे तक रुके उसके बाद हम लोग वापस आ गए। जब हम लोग वापस आए तो गीतिका मुझे कहने लगी कि संजीव हम लोग कुछ ज्यादा ही बिजी हो गए हैं हम लोगों के पास वाकई में बिल्कुल समय नहीं है। मैंने गीतिका को कहा कि लेकिन तुम ऐसा क्यों कह रही हो तो उसने मुझे बताया कि वह चाहती है कि कुछ समय के लिए हम लोग घूमने के लिए कहीं जाएं। मैंने भी गीतिका को कहा कि गीतिका मुझे थोड़ा समय चाहिए होगा तुम तो जानती ही हो कि मुझे ऑफिस से छुट्टी मिलना कितना मुश्किल होता है लेकिन फिर भी मैं कोशिश करूंगा कि जल्द से जल्द मुझे ऑफिस से छुट्टी मिले और हम लोग कहीं घूमने जाएं गीतिका और मैं साथ में घूमने के लिए जाना चाहते थे।

उस दिन शाम के वक्त गीतिका और मैं शॉपिंग करने के लिए चले गए शॉपिंग करने के दौरान हम लोगों को काफी देर हो चुकी थी इसलिए हम लोगों ने उस दिन बाहर से ही डिनर कर लिया था। जब हम लोग घर पहुंचे तो गीतिका मुझे कहने लगी कि संजीव क्या तुम्हें वह दिन याद है जब हम लोग पहली बार मिले थे मैंने गीतिका से कहा कि लेकिन उस वक्त तुम बहुत शरमा रही थी और तूमने मुझसे बात भी नहीं की थी लेकिन धीरे-धीरे हम लोगों की बातें होने लगी थी। हम दोनों उस दिन एक दूसरे से काफी देर तक बात करते रहे रात भी काफी हो चुकी थी तो मैंने गीतिका से कहा कि मुझे अब नींद आ रही है और कल सुबह मुझे ऑफिस भी जाना है गीतिका कहने लगी कि ठीक है संजीव आप सो जाइए मुझे भी कल सुबह अपने स्कूल जाना है। गीतिका स्कूल में पढ़ाती है और अब हम दोनों ही सो चुके थे अगले दिन सुबह हम लोग जल्दी तैयार हो चुके थे मैं अपने काम पर निकल चुका था और गीतिका भी अपने स्कूल के लिए निकल चुकी थी। स्कूल घर से ज्यादा दूर नहीं था इसलिए वह पैदल ही जाया करती थी मेरा ऑफिस मेरे घर से करीब आधे घंटे की दूरी पर था और जब मैं ऑफिस पहुंचा तो ऑफिस में काफी ज्यादा काम था इसलिए घर लौटने में मुझे देर हो गई थी। संजना ने मुझे कहा कि आपने छुट्टी की बात की तो मैंने संजना से कहा की मुझे थोड़ा समय चाहिए इतनी जल्दी भी मैं तुम्हें बता नहीं सकता। अब इस बात को करीब 15 दिन हो चुके थे 15 दिनों बाद मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी गीतिका और मैं कहीं घूमने के लिए जाना चाहते थे। मैंने गीतिका से कहा कि हम लोग घूमने कहां जाएंगे तो गीतिका ने मुझे कहा कि हम लोग गोवा चलते हैं गोवा इस वक्त जाना ठीक रहेगा। मैंने गीतिका से कहा कि लेकिन हम लोग गोवा तो पहले भी जा चुके हैं गीतिका मुझे कहने लगी कि वह तो काफी साल पहले की बात हो चुकी है। हम दोनों ही अपनी शादी के बाद गोवा घूमने गए थे लेकिन गीतिका के कहने पर मैंने गोवा की टिकट बुक करवा ली और हम लोगों अब गोवा जाने की तैयारी करने लगे थे।

गीतिका ने सारा सामान पैक कर लिया था और हम लोग अगले दिन निकल गए मैंने सारी व्यवस्था पहले से ही कर दी थी इसलिए हमें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ही हमें वहां पर होटल से कार रिसीव करने के लिए आ गई थी और हम लोग उस कार से होटल तक पहुंचे। गीतिका बहुत ज्यादा खुश थी वह मुझे कहने लगी कि संजीव मैं तो बहुत खुश हूं और कितने सालों बाद हम लोग गोवा आ रहे हैं लेकिन अभी भी ऐसा लग रहा है जैसे कि हम लोगो की शादी अभी कुछ समय पहले ही हुई हो। मैंने गीतिका से कहा कि हां तुम यह तो ठीक कह रही हो और उस दिन हम लोग जब घूमने के लिए बाहर निकले तो हम लोगों को वहां पर नये शादीशुदा जोड़े दिखाई दे रहे थे तो हम लोग अपने कुछ पुरानी यादों को ताजा करने लगे। गीतिका मुझे कहने लगी कि संजीव जब हम लोग यहां आए थे तो हमें कितना अच्छा लगा था और तुम कितना खुश थे और मैं भी बहुत खुश थी।

हम दोनों अपनी पुरानी यादों को ताजा कर रहे थे और उस दिन हम लोग करीब 11:00 बजे होटल में वापस लौटे। रात को हम दोनों से होटल पहुंचे तो गीतिका का सेक्स करने का मन था वह मुझसे आकर लिपट गई और मुझे कहने लगी मुझे तुम चोदो। मैंने भी उसकी इच्छा को पूरा किया रात भर मैंने गीतिका के साथ चुदाई का आनंद लिया अगले दिन सुबह गीतिका बाथरूम में नहा रही थी और मैं बाहर लॉन में बैठा हुआ था। मैंने गीतिका से कहा था तुम बाहर लॉन में ही आ जाना उसने कहा ठीक है मैं बाहर ही आ जाऊंगी लेकिन मुझे नहीं पता था कि वह काफी समय लगाएगी। मै बैठा हुआ था तभी एक मिनी स्कर्ट में 25 साल की लड़की आई वह मेरे सामने बैठी हुई थी वह अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी मैं उसे देख रहा था। जब वह अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी तो वह उस से अश्लील बातें करने लगी थी मैं उसकी तरफ देख रहा था उसे भी यह बात पता चल चुकी थी उसने फोन रखा और मेरी तरफ आई। वह कहने लगी क्या तुम मेरी चूत की खुजली मिटा सकते हो। मैं उसके चेहरे की तरफ देख कर इधर-उधर देखने लगा मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा कभी हो सकता है। मैंने उससे उसका नाम पूछा उसने मुझे कहा मेरा नाम रवीना है मैंने उसे कहा लेकिन रवीना क्या यह सब ठीक है। वह कहने लगी मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है और हम दोनों ही वहां से होटल के बाथरूम में चले आए। हम दोनों वहां पर अकेले थे अब उसने मेरी पैंट की चैन को खोलते हुए मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और उसे अपने मुंह के अंदर ले लिया। उसने ऐसा किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैं उसे कहने लगा तुम लंड और अंदर तक ले लो। वह मेरे लंड को अपने अंदर तक लेने लगी उसने अपने मुंह के अंदर तक मेरे लंड को समा लिया था उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था। काफी देर तक उसने ऐसा ही किया लेकिन जब उसके अंदर की गर्मी बढने लगी तो मैंने उससे कहा तुम अपने कपड़े उतार दो। उसने अपने कपड़े उतारे कुछ देर तक मैं उसके स्तनों को चूसता रहा जब मैं उसके बूब्स को चूस रहा था तो उसे बहुत अच्छा लग रहा था। वह तडपने लगी थी और कहने लगी मेरी तडप बढ़ने लगी है।

मैंने भी उसकी चूत को कुछ देर तक चाटा और उसकी चूत को चाटने के बाद मैंने उसकी गर्मी को बढ़ा दिया था मैंने अपने लंड पर थूक लगाया। वह कहने लगी आप अपने लंड को थोड़ा धीरे से डालना मैंने उसे कहा ठिक है। उसने बताया इससे पहले भी कई बार उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स किया था। उसका फिगर देखकर मेरा माल लंड से बाहर की तरफ को गिरने वाला था मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाया और अंदर की तरफ डालना शुरू किया। मेरा लंड उसकी चूत मे चला गया तो मुझे एहसास हुआ कि उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट है। मेरा लंड उसकी चूत में पूरी तरीके से सेट हो चुका था वह भी अब चिल्लाने लगी थी। मैंने उसे कहा मुझे चोदने मे मजा आ रहा है। वह कहने लगी आपने मेरी खुजली को मिटा दिया है। उसकी चूतडे देखकर मैं उसे धक्के मारने लगा था मुझे उसे धक्के मारने में मजा आ रहा था और वह भी मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जा रही थी। काफी देर तक ऐसा करने के बाद अब हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजीत हो गए थे।

वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है लेकिन वह जिस प्रकार से अपनी चूतडो को मुझसे टकरा रही थी उससे उसकी गर्मी कुछ ज्यादा बढने लगी जिसे मै बर्दाश्त नहीं कर पाया मैंने उसकी चूत के अंदर वीर्य को गिरा दिया। मैने उसे रुमाल दिया उसने अपनी चूत साफ ली। मैने दोबारा से उसकी टाइट चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया वह बहुत ज्यादा खुश थी और मुझे कहने लगी मुझे ऐसे ही धक्के देते रहिए। मैंने उसे कहा मुझे बहुत मजा आ रहा है और वह वाकई में ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि तुम्हारी चूत में लंड अंदर बाहर करता रहूं। काफी देर तक हम लोगों ने ऐसे ही एक दूसरे के साथ मजे किए और फिर मेरा वीर्य गिर जाने के बाद मैंने उसे कहा हम लोगों को यहां से चलते हैं। हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और मैं वहां से बाहर चला गया उसके बाद तो मुझे रवीना नहीं मिली लेकिन मैंने रात के वक्त गीतिका के साथ सेक्स किया और गोवा में जितने दिन हम लोग रुके।
 
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