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रागिनी को जब यह पता चला कि विराट ने आशना को खाने में नींद की गोलियाँ दे दी हैं, तभी से उसकी चूत फडक रही थी और उस पर सेक्स वर्धक दवाई के कारण वो और भी उत्तेजित हो चुकी थी. उसने मन में ठान लिया था कि एक बार वीरेंदर उसके कमरे मे आ जाए. वो आज किसी भी कीमत पर उसे सुबह तक अपने कमरे में रखेगी और जी भर कर उसके लोड्े से चुदेगि. उसके बाद चाहे विराट कुछ भी कहें लेकिन वो वीरेंदर से ज़रूर चुदवायेगी. रागिनी को यह नहीं पता था कि विराट ने उसके कमरे में कॅमरा छुपा रखा है. बिहारी ने सोच रखा था कि जैसे ही वीरेंदर अपने कमरे से निकल कर नीचे की तरफ आएगा, वो किसी तरह रागिनी से नज़र बचाकर कॅमरा ऑन कर देगा और फिर उस कमरे से निकल जाएगा.
वीरेंदर और आशना को कमरे मे गये हुए काफ़ी देर हो चुकी थी. बिहारी का दिल बैठा जा रहा था. उसे शक होने लगा कि कहीं वीरेंदर उत्तेजना में, आशना से ही सेक्स ना कर ले. अगर ऐसा हो जाता है तो उसका बना बनाया खेल बिगड़ जाता क्यूंकी एक बार आशना अगर वीरेंदर से चुद जाती तो फिर वीरेंदर कभी भी रागिनी के जाल में फँस नहीं पाएगा.
रागिनी: विराट, उन्हे कमरे में गये हुए तो काफ़ी समय हो गया है. कहीं वीरेंदर आशना के साथ ही तो.........
बिहारी की आँखो में डर और गुस्से के मिले जुले एक्सप्रेशन देख कर रागिनी चुप हो गयी.
बिहारी के चेहरे पेर चिंता की लकीरें उभर आई थी. किसी अनहोनी की आशंका को लेकर उसके दिल की धड़कन बार बार थम रही थी.
बिहारी(मन में): साली आशना ने तो सारा खेल ही पलट दिया. नींद की गोलियाँ भी इस पर बेअसर हैं, यह तो मेरा सारा खेल ही बिगड़ देगी आज की रात.
रागिनी: क्या हुआ विराट???? आप इतने चिंतित क्यूँ लग रहे हैं????
बिहारी: चिंता तो होगी ही ना, अगर वो आज की रात यहाँ नहीं आया तो समझ लो कि आशना ने उसे अपना सब कुछ दे दिया है. इस सूरत मैं वो कभी तुम्हारे जाल मैं फँसने वाला नहीं.
रागिनी: नहीं ऐसा नहीं हो सकता, मैं ऐसा कभी नहीं होने दूँगी.
बिहारी: क्या करोगी तुम????
रागिनी: कुछ भी करूँगी लेकिन वीरेंदर पर पहला हक मेरा है और वो मैं किसी को भी छीनने नहीं दूँगी. एक बार बस एक बार आशना अपने कमरे में चली जाए, उसके बाद तो मैं खुद ही उपेर जाकर वीरेंदर के कमरे में जाकर उसे उत्तेजित करके अपने कमरे में आने के लिए मजबूर कर दूँगी.
बिहारी: तुम यहीं रूको मैं देख कर आता हूँ कि वो दोनो इतनी देर से कर क्या रहें है.
बिहारी उपर पहुँचा तो वीरेंदर के कमरे का दरवाज़ा तो थोड़ा सा खुला हुआ था मगर अंदर बिल्कुल अंधेरा था.
बिहारी(मन में): यहाँ तो साला बिल्कुल अंधेरा है, कहीं सच में आशना की चुदाई तो नहीं कर रहा वीरेंदर. अब अंदर का नज़ारा कैसे दिखे.
तभी उसे दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई और साथ ही कमरे में थोड़ी सी रोशनी भी फैली. एक पल के लिए तो बिहारी पीछे पलटा लेकिन तभी उसे एहसास हुआ कि वॉशरूम का दरवाज़ा खुला है और उसी से कमरे में रोशनी फैली है. बिहारी की नज़र बिस्तर पर पड़ी तो वो यह देख कर हैरान रह गया कि वीरेंदर गहरी नींद में सो रहा है.
आशना वीरेंदर के पास पहुँची तो बिहारी ने देखा कि उसके बाल गीले थे. बिहारी समझ गया कि आशना नहा रही थी. ज़्यादा रोशनी ना होने के कारण बिहारी को सॉफ तो कुछ नहीं दिख रहा था मगर वो इतना तो देख सकता था कि आशना ने वोही कपड़े पहने हुए है जो कि उसने खाना खाते वक्त पहने थे.
बिहारी(मन में): शूकर है साली बच गई, मेरी तो जान ही निकल गई थी.
तभी आशना ने पीछे मुड़कर दरवाज़े की तरफ देखा लेकिन बिहारी फुर्ती से पीछे हटा और तेज़ी से भाग कर नीचे आ गया. बिहारी झट से रागिनी के कमरे मे घुसा और दरवाज़े के पीछे छुपकर वीरेंदर के रूम की तरफ देखने लगा. कुछ सेकेंड्स के बाद आशना कमरे से बाहर निकली और वीरेंदर के रूम का दरवाज़ा अच्छे से बंद करके अपने कमरे में चली गई.
बिहारी ने चैन की सांस ली. तभी बिहारी के कंधे पर रागिनी ने हाथ रखा तो बिहारी की चीख निकलते निकलते रुक गई.
रागिनी: क्या हुआ????
बिहारी (बौखलाया हुआ): साली तूने तो मुझे डरा ही दिया.
रागिनी: यह किस तरह से बात कर रहे हैं आप विराट.
बिहारी ने फॉरन अपना लहज़ा ठीक किया और बोला: सॉरी, मेरा मतलब तुमने तो मुझे डरा ही दिया यार.
रागिनी: लेकिन हुआ क्या???आप इतना हाँफ क्यूँ रहे हैं????