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दोस्त की पत्नी बोली चूत मे लंड लेना है

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Administrator
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Antarvasna, desi kahani: अभी कुछ दिनों पहले की ही तो बात थी कि महेश मुझसे मिलने के लिए आया था लेकिन जब मैं महेश को मिलने के लिए अस्पताल में गया तो उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी और वह काफी दुबला पतला भी हो गया था। मुझे महेश की तबीयत खराब होने के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था अचानक से महेश की तबीयत खराब हो गई थी लेकिन मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। एक दिन मैं अपनी बहन के साथ उसकी शादी की शॉपिंग करने के लिए गया हुआ था तो उस दिन मेरी मुलाकात महेश की पत्नी सरिता से हुई। जब मेरी मुलाकात सरिता से हुई तो मुझे सरिता ने महेश के बारे में बताया और कहने लगी कि महेश की तबीयत कुछ दिनों से काफी खराब है और वह हॉस्पिटल में ही है एडमिट हैं। जब मैं महेश को मिलने के लिए हॉस्पिटल में गया तो उस वक्त वह हॉस्पिटल में नहीं था वह हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुका था सरिता उसे घर ले आई थी।

मैं महेश को मिलने के लिए उसके घर पर गया मैंने जब महेश को देखा तो वह काफी जाना दुबला पतला हो चुका था मैं यह देखकर कभी चिंतित हो गया था क्योंकि महेश तो ऐसा था ही नहीं। महेश से मैंने पूछा कि महेश अचानक से तुम्हे क्या हुआ, वह अच्छे से बोल भी नहीं पा रहा था वह बिस्तर पर ही लेटा हुआ था तभी सरिता मेरे लिए पानी ले आई मैंने आधा गिलास पानी पिया और फिर मैंने वह गिलास मेज पर ही रख दिया। सरिता भी बिस्तर पर बैठी हुई थी और महेश कुछ अच्छे से बात नहीं कर पा रहा था इसलिए मैंने सरिता से बात करना ही ठीक समझा। हम दोनों हॉल में आ गए थे और महेश रूम में आराम कर रहा था मैंने सरिता को कहा कि सरिता क्या महेश की तबीयत पहले से बेहतर है तो वह मुझे कहने लगी कि हां रोशन महेश की तबीयत पहले से बेहतर है। मैंने सरिता को कहा कि क्या तुम्हें कुछ पैसों की आवश्यकता है तो सरिता मुझे कहने लगी कि नहीं। महेश मेरा बहुत अच्छा दोस्त है इसलिए मैं चाहता था कि मैं सरिता की मदद करूं मैंने सरिता को कुछ पैसे दे दिए। हालांकि वह मुझे मना कर रही थी लेकिन उसके बावजूद भी मैंने उसे पैसे दिए मैंने सरिता से कहा कि यदि तुम्हें और आवश्यकता हो तो तुम मुझे बता देना।

कुछ देर तक मैं सरिता के साथ बैठा रहा तो उसने मुझे महेश की तबीयत के बारे में बताया और कहा कि अचानक से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद से हम लोग काफी ज्यादा परेशान है। मैंने सरिता से कहा कि सरिता यदि तुम्हें कुछ भी चीज की जरूरत हो तो तुम मुझे बता देना। महेश के माता पिता का देहांत काफी वर्ष पहले ही हो गया था इसलिए महेश का किसी भी रिश्तेदार से कोई संपर्क नहीं है। महेश से मिलने के लिए मैं हर हफ्ते उसके घर पर जाया करता था अब महेश पहले से ज्यादा बेहतर महसूस कर रहा था और वह ठीक होने लगा था। उसकी तबीयत खराब होने के कारण उसकी नौकरी थी जो कि जा चुकी थी और जब महेश पूरी तरह से ठीक हो गया तो महेश ने मुझे कहा कि रोशन मेरे लिए तुम कोई नौकरी ढूंढ सकते हो। मैंने महेश से कहा कि मेरे परिचित हैं मैं उनसे बात कर लेता हूं। मैंने उन्हें फोन किया तो उनके ऑफिस में एक वैकेंसी थी मैंने महेश को उनके ऑफिस का पता दिया और जब महेश उनके ऑफिस गया तो उन्होंने महेश को काम पर रख लिया। महेश अब काफी खुश था महेश ने मुझे कहा कि रोशन तुमने हमेशा ही मेरी मदद की है महेश मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आया हुआ था। जब महेश ने मुझे कहा कि यदि तुम मुसीबत के समय मेरा साथ नहीं देते तो शायद सरिता भी पूरी तरीके से टूट चुकी होती। मैंने महेश को कहा देखो महेश तुम्हें तो मालूम ही है ना कि तुम मेरे इतने अच्छे दोस्त हो और मैंने हमेशा से तुम्हें अपना दोस्त माना है यदि मैं मुसीबत के समय में तुम्हारे काम नहीं आऊंगा तो शायद मेरी दोस्ती का भी कोई फायदा नहीं है। मैं और महेश काफी देर तक साथ में रहे और फिर महेश मुझे कहने लगा कि रोशन मैं अभी चलता हूं सरिता मेरा घर पर इंतजार कर रही होगी और फिर महेश चला गया। महेश चला गया था और मैं घर पर ही था थोड़ी देर बाद महेश ने मुझे फोन किया तो महेश मुझे कहने लगा कि रोशन कल मुझे तुमसे मिलना है मैंने उसे कहा कि ठीक है मैं तुमसे मिलने के लिए कल तुम्हारे घर पर आता हूं।

अगले ही दिन मैं महेश से मिलने के लिए उसके घर पर चला गया जब मैं महेश से मिलने गया तो सरिता मेरे लिए चाय बना कर ले आई थी महेश और मैंने चाय पी। मुझे समझ नहीं आया कि महेश ने मुझे क्यों बुलाया है मैंने महेश को जब इस बारे में पूछा तो महेश ने मुझे कहा कि उसे कुछ पैसों की आवश्यकता थी मैंने महेश को कहा ठीक है मैं तुम्हें पैसे दे दूंगा। मैंने महेश को कुछ पैसे दे दिए लेकिन मुझे नहीं पता था कि महेश उन पैसों का क्या करने वाला है मैंने महेश से इस बारे में पूछा भी नहीं था। मुझे नहीं मालूम था कि महेश को अब जुए की लत लग चुकी है और वह बहुत ही ज्यादा पैसे उस हारने लगा शायद यही वजह थी कि उसकी तबीयत भी इसी वजह से खराब हुई थी मुझे इस बारे में पता चला तो मैंने महेश को इस बारे में समझाने की कोशिश की लेकिन महेश कहां मेरी बात सुनने वाला था। उसने मुझसे अपनी दोस्ती तोड़ ली थी सरिता को यह बात पता थी कि महेश गलत है वह मुझसे अक्सर बातें किया करती। मैं सरिता को मिलने के लिए उसके घर पर गया तो उस समय महेश घर पर नहीं था।

मैंने सरिता से पूछा महेश कहां है तो वह मुझे कहने लगी मुझे नहीं पता कि महेश कहां है महेश अपनी जुए की लत की वजह से अब बर्बादी की कगार पर खड़ा हो चुका था। सरिता इस बात से परेशान हो चुकी थी सरिता ने मुझे बताया कुछ दिनों से वह हर रोज शराब के नशे में आता है और उसके साथ झगड़ा करता है यह बात मुझे नहीं पता थी। महेश के अंदर अचानक से जो बदलाव आए उन बदलावों से मैं पूरी तरीके से चौक चुका था सरिता मेरे साथ ही बैठी हुई थी और वह कहने लगी आप महेश को समझा कर देखिए। मैंने सरिता को कहा महेश मुझसे बात ही नहीं करता है मैं उसे अब इस बारे में क्या बात करूं तुम तो जानती ही हो उसने मुझे कहा हां मुझे इस बारे में पता है लेकिन सरिता कि भी कुछ इच्छाएं थी जो कि महेश पूरी नहीं कर पा रहा था। मैंने उसकी पैसे से मदद की और जब भी उसे जरूरत होती तो मैं उसकी मदद कर दिया करता हूं लेकिन मुझे नहीं मालूम था सरिता और मेरे बीच सेक्स संबंध भी बन जाएगे। एक दिन हम दोनों घर पर थे उस वक्त मैंने उसे अपनी बांहों में समा लिया मैंने जब सरिता को अपनी बाहों में लिया तो वह मेरी बाहों में आकर बहुत खुश थी और मुझे कहने लगी रोशन मुझे आज ऐसा लग रहा है जैसे कितने समय बाद मैं किसी की बाहों में अच्छे से अपने आपको महसूस कर पा रही हूं। मैंने जब सरिता से कहा कि अब मुझसे नहीं रहा जाएगा तो सरिता ने मेरे होठों को चूम लिया और मेरे होंठों को चूमने के बाद वह उत्तेजित हो चुकी थी मैंने सरिता के होठों को अपने होंठो में लेकर चूमना शुरू कर दिया था वह तड़पने लगी थी। मैंने जब उसके बदन से एक एक कर के उसके कपड़े उतारने शुरू किए तो वह मेरे सामने नंगी हो चुकी थी उसकी नंगे बदन को देखकर मैंने उसके बदन को महसूस करना शुरू किया और बहुत देर तक उसके बदन को मैं महसूस करता रहा मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी।

उसने मुझे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा अच्छा तो मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है मैंने जब उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था मैंने काफी देर तक उसके स्तनों को चूसा और जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करने लगा तो उसकी चूत से पानी निकलने लगा था उसने मुझे कहा तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दो। मैंने अपनी उंगली को उसकी योनि के अंदर डाला तो मेरी उंगली उसकी योनि के अंदर चली गई थी जिसके बाद वह जोर से चिल्लाने लगी मुझसे रहा नहीं जाएगा यह सुनकर मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली को बाहर निकाला और अब अपने लंड को उसकी चूत मे डालना चाहता था। मैंने अपने लंड को उसकी योनि पर लगाया तो उसकी चूत पर हल्के बाल थे जो मेरे लंड पर लग रह थे। मैंने अब धीरे-धीरे उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू किया मेरा लंड उसकी योनि के अंदर तक जाते ही मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था उसने मुझे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा अब मैं तुम्हें चोदना चाहता हूं।

वह बहुत खुश थी अब मैंने उसकी योनि के अंदर बाहर अपने मोटे लंड को करना शुरू कर दिया था जिससे कि उसकी चूत की गर्मी में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा मुझे भी बहुत मजा आ रहा है। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था जब मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रखा तो मैं उसे बड़ी तीव्रता से चोदता जा रहा था मैं उसे इतनी तीव्रता से धक्के मार रहा था कि उसकी चूत में मेरा लंड जाता तो वह जोर से चिल्लाती और मुझे कहती तुमने तो मेरा शरीर के हर अंग को हिला कर रख दिया है। मैंने उसे कहा मुझे बहुत मजा आ रहा है काफी देर तक मैं उसकी चूत का आनंद लेता रहा उसकी उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई उसने बहुत देर तक अपने मुंह मे लंड लेकर चूसा काफी देर तक उसने ऐसा ही किया और फिर मेरे वीर्य को उसने अंदर ले लिया। जब भी मुझे जरूरत होती तो मैं सरिता के पास चला जाता हूं और वह मेरी इच्छा पूरी कर दिया करती है।
 
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