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चूत ने वीर्य बाहर निकाल दिया

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Antarvasna, hindi sex story: एक दिन मैं अपने कॉलेज से घर लौट रहा था जब मैं कॉलेज से घर लौट रहा था तो मैंने देखा कि उस दिन हमारे घर के सामने ही एक फैमिली रहने के लिए आई है। जब मेरी नजर उस दिन पहली बार माधुरी पर पड़ी तो माधुरी को पहली नजर में देखते ही मैंने उसे पसंद कर लिया था और जल्दी हम दोनों की दोस्ती भी होने लगी। हम दोनों की दोस्ती होने के बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगे। हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता और मैं और माधुरी एक दूसरे से बहुत प्यार करने लगे थे। समय बीतता चला गया और अब यह बात माधुरी के पापा को पता चल चुकी थी माधुरी के पापा बहुत ही सख्त मिजाज के व्यक्ति हैं उन्होंने माधुरी को मुझसे मिलने से मना कर दिया लेकिन उसके बाद भी माधुरी मुझसे मिलती रही।

यह बात माधुरी के पापा को बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती थी कि वह मुझसे बात करें या मुझसे मिले इसलिए उन्होंने माधुरी की शादी एक लड़के से तय कर दी। माधुरी की शादी हो जाने के बाद मैं और माधुरी एक दूसरे से अलग हो गए मैं माधुरी के गम में काफी समय तक डूबा रहा और मैंने अपनी जिंदगी को करीब एक वर्ष तक बर्बाद कर दिया। मैं अपने घर के बंद कमरे में ही रहता था और घर से बाहर जाने का मेरा बिल्कुल भी मन नहीं होता था। माधुरी ने भी कई कोशिश की लेकिन वह अपने पापा को मना नहीं पाई और आखिरकार उसके पापा ने उसकी शादी कर दी लेकिन मेरे पापा और मम्मी ने कहीं ना कहीं मेरी मदद की और अब मैं माधुरी के खयालों से बाहर निकलकर नौकरी की तलाश में था। मेरे पापा ने उसमें मेरी मदद की और अपने दोस्त से कहकर उन्होंने मेरी नौकरी एक मल्टीनेशनल कंपनी में लगवा दी क्योकि वह वहां पर एक अच्छे पद पर थे। अब मेरी नौकरी लग चुकी थी और मैं अपना ध्यान अपनी नौकरी में ही देना चाहता था उसी दौरान मेरी मुलाकात कोमल के साथ हुई कोमल ने कुछ दिनों पहले ही ऑफिस ज्वाइन किया था और हम दोनों की ट्रेनिंग साथ में ही होने वाली थी।

हम दोनों की ट्रेनिंग के दौरान हम दोनों काफी नजदीक आ गए और एक दूसरे से हम लोग बात करने लगे। कोमल के बारे में मुझे पता चल चुका था और कोमल को भी मैंने अपने बारे में बता दिया था धीरे-धीरे कोमल भी मेरे साथ अब खुलकर अपनी बातों को शेयर करने लगी थी। जब कोमल मेरे साथ अपनी बातों को शेयर करती तो मुझे अच्छा लगता मुझे कोमल से बात कर के एक अपनापन सा लगता था। कोमल एक दिन मेरे लिए टिफिन लेकर आई थी और उस दिन हम दोनों ने साथ में ही लंच किया हम दोनों बात करते करते इतना खो गए कि मुझे कुछ पता ही नहीं चला कि कब मैंने कोमल को माधुरी के बारे में सब कुछ बता दिया। हालांकि मैं कोमल को इस बारे में बताना नहीं चाहता था लेकिन अब कोमल को माधुरी के बारे में पता चल चुका था। कोमल ने मुझे कहा कि राजीव क्या तुम माधुरी से इतना प्यार करते थे तो मैंने कोमल को कहा हां मैं माधुरी से बहुत ही ज्यादा प्यार करता था। कई बार वह मेरे सपनों में आती तो मुझे ऐसा लगता था कि जैसे अभी भी वह मेरे आस-पास ही है लेकिन अब मैं माधुरी के बारे में पूरी तरीके से भूल चुका था और अब मैं अपनी नई जिंदगी शुरू कर चुका था। कोमल मुझे अच्छी तरीके से समझती थी इसलिए मुझे कोमल का साथ अच्छा लगता है और अब कोमल को भी मेरा साथ अच्छा लगने लगा था। एक दिन कोमल और मैं साथ में ही बैठे हुए थे और उस दिन कोमल से मैंने कहा कि कल मेरा बर्थडे है तो कोमल कहने लगी कि तो तुम अपने बर्थडे को कहां सेलिब्रेट कर रहे हो मैंने उससे कहा कि तुम्हें तो पता ही है कि मेरा कोई भी दोस्त नहीं है। मैंने अपने दोस्तों से लगभग अपना संपर्क खत्म कर लिया था और सिर्फ कोमल ही मेरे सबसे ज्यादा नजदीक थी और मैं चाहता था कि कोमल के साथ ही मैं समय बिताऊँ इसीलिए मैंने कोमल को कहा कि कल क्या हम लोग साथ में डिनर पर चल सकते हैं। कोमल कहने लगी क्यों नहीं और अगले दिन जब हम लोग शाम के वक्त साथ में थे तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था हम लोग एक दूसरे से बातें कर रहे थे और उस दिन मुझे नहीं पता था कि कोमल मुझे अपने दिल की बात कह देगी।

जब कोमल ने मुझे अपने दिल की बात कही तो मैं बहुत खुश हो गया मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि कोमल मुझे अपने दिल की बात कहेगी। आखिरकार कोमल ने मुझे अपने दिल की बात कहीं और मुझे बहुत अच्छा लगा उसके बाद हम दोनों का रिलेशन चलने लगा उस दिन मेरे लिए यह किसी गिफ्ट से कम नहीं था। कोमल मेरी जिंदगी में थी और मैं अब अपनी नई जिंदगी शुरू कर चुका था सब कुछ अब ठीक होने लगा था। मैं कोमल के साथ जब समय बिताता तो मुझे अच्छा लगता कोमल को भी मेरे साथ समय बिताना अच्छा लगता है और हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करने लगे थे। हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ होते तो हमें बहुत अच्छा लगता अब एक दिन मैंने कोमल को कहा तुम मेरे साथ मेरे घर पर चल सकती हो? वह मेरे घर पर आ गई हम दोनों साथ में बैठे हुए थे यह पहली बार ही था जब मैं कोमल के साथ सेक्स करने के बारे में सोच रहा था उस दिन मैंने दरवाजे की कुंडी बंद कर ली तो कोमल ने कुछ नहीं कहा क्योंकि कोमल के अंदर भी मेरे साथ सेक्स करने की आग लगी हुई थी।

उसमें जब मेरे साथ किस किया तो वह अपने कपड़े उतारने लगी और उसने अपने कपड़ों को उतारकर एक किनारे रख दिया। अब वह बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी मैंने भी उसकी ब्रा के हुक को खोलते हुए उसके स्तनों को चूसना शुरू किया जब मैं उसके स्तनों को चूस रहा था तो मुझे मजा आने लगा और जिस प्रकार से मैं उसके स्तनों का रसपान कर रहा है मेरे अंदर की गर्मी और भी अधिक बढ चुकी थी और मेरे अंदर आग लग चुकी थी। अब मैं चाहता था कि किसी भी प्रकार से मैं उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दूं लेकिन उससे पहले कोमल चाहती थी कि वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले और उसे सकिंग करें मैंने भी कोमल से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर तब तक चूसो जब तक कि मेरे लंड से पानी बाहर ना आ जाए हालांकि कोमल को बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है इसलिए मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो मैंने उसे साफ किया मैंने साफ किया और उसके बाद जब मैंने उसके मुंह के सामने लंड को किया तो उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और जैसे ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो वह बड़े अच्छे से उसे चूसने लगी और उसे मज़ा आने लगा था। उसे इतना मजा आने लगा कि वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने उसके गले के अंदर लंड घुसा दिया था वह कुछ बोल भी नहीं पा रही थी लेकिन उसे मेरे मोटे लंड को चूसने में मजा आ रहा था। अब मैंने उसकी चूत को कुछ देर तक चाटा उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे के साथ मजे किए। जब हम दोनों पूरी तरीके से उत्तेजीत हो गए तो मैंने उसे कहा अब तुम मेरे लंड के ऊपर बैठ जाओ और वह मेरे लंड को अपनी चूत मऍ लेने के लिए बेताब थी। उसने जैसे ही मेरे लंड को अपनी योनि पर सटाया तो मैंने एक जोरदार झटका दिया जिससे कि कोमल की चूत के अंदर लंड चला गया उसकी योनि के अंदर मेरा लंड जाते ही वह जोर से चिल्लाई और उसकी चूत के अंदर से खून निकलने लगा था। मुझे साफ तौर पर एहसास हो चुका था कि वह बहुत ही ज्यादा गरम हो चुकी है और अब वह बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पाएगी इसलिए मैंने उसे अब नीचे लेटा दिया मैं उसे अपने नीचे लेटा चुका था जिससे कि मुझे उसे चोदने में आसानी हो रही थी। उसकी योनि से जिस प्रकार से गर्मी बाहर निकल रही थी वह मुझे और भी अधिक गर्म कर रही थी लेकिन जब मैं उस को धक्के मारता तो मुझे और भी ज्यादा मजा आता।

मै उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसे जा रहा था तो उसकी गर्मी मैंने इतनी अधिक बढ़ा दी थी कि अब वह एक पल भी नहीं रह पा रही थी और मुझे कहने लगी तुम जल्दी से अपने माल को मेरी चूत में गिरा कर मेरी गर्मी को मिटा दो। वह तड़पने लगी थी उसकी सिसकारियां बढने लगी थी मैंने भी अब उसकी दोनो मोटी जांघों को कसकर पकड़ लिया और अपनी पूरी ताकत के साथ उसे चोदना शुरू किया जब मैं उसे धक्के मारता तो उसकी चूतड़ों से बड़ी तेजी से आती जिस से कि मुझे उसे चोदने में मजा आता वह बहुत ही ज्यादा खुश हो चुकी थी। अब मैंने उसे इतनी तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे कि वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और ना ही मैं रह पा रहा था इसलिए एक समय ऐसा आया जब उसकी चूत मेरे वीर्य को बाहर की तरफ खींचने लगी थी और मुझे लगने लगा कि मैं ज्यादा देर तक कोमल का साथ नहीं दे पाऊंगा।

जब कोमल की योनि के अंदर मैंने अपने वीर्य को गिराया तो कोमल खुश हो गई और उसकी चूत के अंदर मेरा वीर्य गिरते ही उसके चेहरे पर एक अलग ही प्रकार की खुशी थी हम दोनों ने पहली बार एक दूसरे के साथ संभोग का मजा लिया था इससे हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुशी थे। हम दोनों को बहुत ही मजा आ गया था जिसके बाद मैं और कोमल अक्सर एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा लिया करते जिससे कि कोमल भी बहुत ज्यादा खुश हो जाती है और मेरे अंदर की गर्मी भी वह शांत कर दिया करती थी। कोमल को मेरे लंड को अपनी चूत में लेने की आदत हो चुकी थी इसलिए उसे बहुत ही अच्छा लगता था और मुझे भी बड़ा मजा आया करता।
 
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