• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

चूतो का समुंदर

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date


फिर मैने अकरम को सारी बात बता दी जो कि शबनम के साथ हुई थी...और ये भी बता दिया कि अब उसकी मोम ऐसा कुछ नही करेगी.....बस ये नही बताया कि उसका चक्कर किसके साथ था .....

मेरी बात ख़त्म होते ही अकरम ने मुझे गले लगा लिया और उसकी आँखो से आँसू बहने लगे ..मैं जानता था कि ये खुशी के आँसू है...

अकरम(सुबक्ते हुए)- थॅंक्स यार...थॅंक यू वेरी मच...

मैं- बस कर...और चुप हो जा...आज से तेरी टेन्षन ख़त्म...खुश हो जा...

अकरम- बहुत खुश हूँ भाई...बहुत ज़्यादा...

मैं- ह्म्म..

अकरम- भाई..तूने आज बहुत बड़ा अहसान किया है मेरी मोम को सुधार कर...मैं इसको कभी उतार नही पाउन्गा...थॅंक यू भाई...

मैने अकरम को अपने से अलग किया....

मैं- अहसान..थॅंक्स...ये सब क्या है...हमारी दोस्ती इतनी कमजोर है जो तू ये सब कह रहा है....

अकरम- नही भाई...ऐसा मतलब नही था...लेकिन शुक्रिया तो अदा करना ही चाहिए ना...

मैं- ह्म्म..तो कभी मेरा काम कर देना...शुक्रिया अदा हो जायगा...हाँ

अकरम- उपेरवाले ने चाहा तो ज़रूर तेरे काम आउगा....

मैं- ओह्ह..मैं तो यही चाहूगा कि हमारी दोस्ती ऐसे ही बनी रहे ...अच्छी और सच्ची....

अकरम- हाँ भाई...उपेरवाला देख रहा है...उसी की मौजूदगी मे कहता हूँ...कि अगर मेरे दिल मे तेरी सच्ची दोस्ती है तो देख लेना...एक दिन तुझ पर आने वाली मुसीबत ..तुझसे पहले मुझ पर आयगी...

( अकरम की बात सुनकर मैं सोचने लगा कि क्या मैं इसकी दोस्ती के लायक हूँ...

मैं अपने दोस्त की दीदी और मौसी को चोद चुका हूँ और उसकी दूसरी बेहन पर भी मेरी नज़र है...

और तो और ..उसकी गफ़ को अपने लंड का स्वाद चखा चुका हूँ....

पर फिर सोचा की इसमे मेरी क्या ग़लती...जो हुआ वो सब उन लोगो ने शुरू किया...तो मैं ग़लत नही...)

फिर मैने अपने आप को समझाया और अकरम की प्यारी बात सुनकर मैने उसे गले लगा लिया....

फिर हम दोनो खुशी-खुशी घर के अंदर आ गये....

थोड़ी देर बाद मैने अकरम को रूही के पास भेज दिया और मुझे मौका मिल गया शादिया के पास जाने का....

और मैं शादिया के रूम मे निकल गया उसकी गान्ड मारने के लिए.....

--------------------------------------------------------------------

यहाँ सहर मैं सोनू कही जाने की तैयारी करने के बाद बेड पर बैठ हुआ था...

इस टाइम वो बहुत परेसान दिखाई दे रहा था....

तभी उसकी बेहन सोनन आ जाती है...जिसे देख कर सोनू अपनी हालत ठीक करता है और चेहरे पर झूठी मुस्कान लाता है....

सोनम- सोनू...क्या हो रहा है...(बेग को देख कर)...तू ..कहीं जा रहा है क्या...??

सोनू- वो...ओह हा..एक फ्रेंड के साथ जा रहा हूँ...उसके गाओं..शादी मे..

सोनम- ह्म्म..ठीक है...वैसे ये पूछने आई थी कि डॅड का फ़ोन लगा क्या.. ??

सोनू- नही...वो शायद नेटवर्क नही होगा ...जैसे ही बात होगी तो बता दूँगा...

सोनम- ह्म्म..आइ होप जल्दी लग जाए...काफ़ी दिन हो गये उन्हे गये हुए और एक भी कॉल नही आया उनका...

सोनू- तू टेन्षन मत ले...वो काम से गये है..जल्दी ही आ जायगे...

सोनम(उदास हो कर)- कम से कम एक कॉल कर देते....आज के पहले डॅड ने कभी ऐसा नही किया...पता नही क्यो मुझे टेन्षन हो रही है...लगता है वो दिन ही सही नही था जब डॅड ट्रिप पर गये थे.....

सोनू- अरे यार...टेन्षन मत ले.....ऐसा कुछ मत सोच...ओके...

सोनम- ठीक है...तू ट्राइ करते रहना..मैं भी करती हूँ...ओके..

इसके बाद सोनम निकल जाती है और सोनू बेड पर बैठ कर रोने जैसा हो जाता है....

सोनू(मन मे)- तुझे क्या बताऊ कि कौन सा दिन मनहूस था....मनहूस दिन वो नही था जिस दिन डॅड गये...दिन तो वो मनहूस था जब वो काल आया था मुझे.....

फिर सोनू उस दिन को याद करने लगा.....

फ्लॅशबॅक ( कुछ दिन पहले)

सोनू मार्केट मे घूम रहा था तभी उसके फ़ोन पर एक अननोन कॉल आया....

( कॉल पर )

सोनू- हेलो...कौन ??

अननोन- हेलो सोनू....कैसे हो...

सोनू- मैं ठीक हूँ...आप कौन बोल रहे है...??

अननोन- मैं कोई भी हूँ..पर इस समय तुम्हारे लिए बहुत ख़ास हूँ...

सोनू- मतलब...कहना क्या चाहते हो..??

अननोन- ह्म्म..कहना नही चाहता...एक ऑफर देना चाहता हूँ ..

सोनू- कैसा ऑफर..??

अननोन- तुम्हारे फ़ायदे का...

सोनू- सॉफ-सॉफ बोलेगे...कैसा फ़ायदा...??

अननोन- ओके..सॉफ-सॉफ बोलता हूँ...तुम मेरा काम करो और मैं तुम्हे पैसे दूँगा...

सोनू- ओह्ह..पैसे..सॉरी..मुझे पैसो की कोई कमी नही...

अननोन- काम लाखो का है...

सोनू- अच्छा...फिर भी ..मुझे ज़रूरत नही...

अननोन- पूरे 10 लाख...

सोनू- ऐसा क्या काम है जो तुम इतने पैसे दे रहे हो...

अननोन- तुम्हारा निशाना बहुत अच्छा है ना..शूटिंग चॅंपियन हो तुम..ह्म्म

सोनू- ओह्ह ...तो ये काम है...तुम चाहते हो कि मैं किसी को शूट करू...

अननोन- हाँ..तुम तो समझदार निकले..

सोनू- ओये...बकवास बंद कर...मैं शूटर हूँ...लेकिन किसी को शूट नही करता...ओके..चल फ़ोन रख...

 
सोनू ने गुस्से मे कॉल कट कर दी और आगे बढ़ने लगा...तभी फिर से उसी नंबर. से कॉल आ गया...

सोनू ने पहले तो इग्नोर किया पर 3-4 बार आने पर कॉल ले लिया...

सोनू- बोला ना..मैं ऐसा काम नही करता..समझ नही आता क्या...

अननोन- मुझे तो समझ आ गया..अब तुम्हे समझना है...

सोनू- क्या समझाएगा तू....

अननोन- ह्म्म..तुम्हारे डॅड कहाँ है...जानते हो ..

सोनू- हाँ..वो काम से बाहर गये है...इससे तुझे क्या...

अननोन- मुझे कुछ नही...बस तुम्हारे डॅड की न्यूज़ देनी थी..

सोनू- मतलब...

अननोन- मतलब ये कि मैं जानता था कि तुम आसानी से नही मनोगे...इसलिए हमने तुम्हारे डॅड को अपना मेहमान बना लिया....

सोनू(गुस्से मे)- क्या बकता है...

अननोन- बक नही रहा...बता रहा हूँ...अपने डॅड को चाहते हो तो जैसा मैं कह रहा हू वो करो...

सोनू- मतलब..मेरे डॅड...कहाँ है वो..

अननोन- मेरे पास...

सोनू- मैं क्यो मानु...तू झूठ बोल रहा है...

अननोन- तो कैसे मानोगे...

सोनू(घबरा कर)- कैसे भी नही...

अननोन- ओके..मेरा एक साथी अभी तुम्हारे पास आएगा...वो सब बता देगा...शायद फिर भरोसा हो तुम्हे....

सोनू कुछ बोलता...उसके पहले कॉल कट हो गई...

सोनू ने जल्दी से अपने डॅड को कॉल किया ..पर कॉल नही लगा...

सोनू ने कई बार कोसिस की पर रिज़ल्ट सेम...कॉल नही लगा...

फिर सोनू ने उस अननोन नंबर. पर कॉल किया...पर वो भी नही लगा....

सोनू वही पर खड़ा हो कर सोचने लगा...उसकी परेसानि बढ़ती जा रही थी..

तभी उसके सामने एक औरत आ कर खड़ी हो गई...जिसने अपना चेहरा छुपा कर रखा था...

लेडी- हेलो सोनू..

सोनू- हेलो...तुम कौन...??

लेडी- सब समझ जाओगे...ये वीडियो देख लो बस ....

जैसे ही उस लेडी ने अपना फ़ोन सोनू को दिखाया तो उस वीडियो को देख कर सोनू की माथे की लकीरे गहरी होने लगी...

कुछ देर बाद ही सोनू रोने लगा...

सोनू- तुम लोग चाहते क्या हो...मेरे डॅड को क्यो...

और सोनू रोते हुए वही पर बैठ गया...

लेडी- देखो..यहाँ तमाशा मत करो...उठो और कही और चलो...

सोनू- ह्म..पर ये बताओ कि तुम कौन हो...

लेडी ने अपने चेहरे से नकाब हटा दिया...

सोनू- तुम कौन हो...

लेडी- जान जाओगे...पहले ये आँसू पोछो...और काम की बात सुनो...

सोनू- बोलो...

लेडी- ये तो समझ गये होगे कि हम तुमसे किसी को शूट करवाना चाहते है...

सोनू- जानता हूँ...

लेडी- तो ये भी जान लो कि तुम्हे किसको शूट करना है...

सोनू- किसको...और क्यो..??

लेडी- क्यो का जवाब जानने की तुम्हे कोई ज़रूरत नही...हाँ कौन है.. ये देखो....

लेडी ने सोनू को फ़ोन मे एक फोटो दिखाई...जिसे देख कर सोनू शॉक्ड हो गया.....

सोनू- अंकित...ये तो अंकित है...

लेडी- हाँ..अंकित ही है...तुम्हे इसी को शूट करना है...

सोनू- न्ह्हीइ...कभी नही...ये मेरा दोस्त है...मैं इसे कैसे....

लेडी- तो क्या हुआ....अपने डॅड को बचाना चाहते हो ना...

सोनू(रोते हुए)- हाँ...पर अपने दोस्त को शूट कैसे करूँ...

लेडी- उसमे क्या है...अपने फ़ायदे का सोचो...बस...

सोनू- पर वो मेरा दोस्त है...

लेडी- तब तो अच्छा ही है...उसे शक भी नही होगा...

सोनू- ये तो धोखा होगा...

लेडी- तो धोखा दे दो ना...

सोनू(गुस्से से)- तुम...तुम किसी अपने को धोखा दे सकती हो...???

लेडी- दे क्या सकती हूँ...दे रही हूँ...

सोनू- किसे...??

लेडी- अंकित को ही..

सोनू- अंकित को..तुम उसे कैसे जानती हो...

लेडी- मैं उसी के घर मे काम करती हूँ...सालों से...

सोनू(शॉक्ड)- क्या...फिर क्यो...??

लेडी- पैसा..बहुत सा पैसा...अब चलो यहाँ से...बाकी बातें रास्ते मे....

 


फिर दोनो मार्केट से बाहर सोनू की कार तक आते है....तभी अचानक अंकित, सोनू के पास आ जाता है जिसे देख कर वो लेडी छिप गई....

सोनू जैसे-तैसे नॉर्मल रह कर अंकित को वहाँ से चलता करता है और फिर उस लेडी के साथ निकल जाता है...

कार मे......

सोनू- कौन हो तुम..और अंकित को कैसे धोखा दे रही हो....

लेडी- मेरा नाम रश्मि है..मैं अंकित के घर मे काम करती हूँ..और वही रहती हूँ...अपने भैया-भाभी के साथ...और मैं अंकित को क्या धोखा दे रही हूँ...ये जानने की तुम्हे कोई ज़रूरत नही....ओके..

सोनू- पर क्यो...अंकित ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा...

रश्मि(मुस्कुरा कर)- कुछ नही बिगाड़ा...ये तो सिर्फ़ पैसो के लिए...बहुत सारे पैसो के लिए...हहहे...

सोनू(गुस्से से)- ठीक है..भाड़ मे जाओ..बस मेरे डॅड को कुछ नही होना चाहिए...

रश्मि- कुछ नही होगा...बस मेहमान बना कर रखेगे...जब तक हमारा काम ना हो जाए..ओके...

सोनू- पर कब तक...???

रश्मि- टाइम आने दो..सब जान जाओगे...अभी मुझे यही छोड़ दो..और अगले कॉल का वेट करो...

फिर सोनू, रश्मि को छोड़ कर अपने घर आ गया....

---------------------------------------------------------------------

बॅक टू प्रेज़ेंट......

उसी दिन से सोनू परेसान था...ना ही वो किसी को कुछ बता सकता था और ना ही उस काम के लिए मना कर सकता था...

उसके डॅड की जान उसी के हाथ मे थी..अगर सोनू ने काम नही किया तो उसके डॅड के साथ बुरा होगा...

इसीलिए सोनू ने अंकित को धोखा देने और उसे शूट करने के लिए हाँ बोल दी थी...अपने डॅड की खातिर...

सोनू अपनी सोच मे खोया हुआ था...उसका चेहरा पसीने और आँसुओ से गीला पड़ गया था...

सोनू ने अपनी आँखे सॉफ की और अपने डॅड की फोटो देखते हुए बोला....

सोनू-डॅड...आप मुझे शूटिंग चॅंपियन बनाना चाहते थे ना...देखिए डॅड...मैं आज चॅंपियन हूँ...

पर आज मेरा ये हुनर आपकी जान का दुश्मन बन गया....

और सोनू अपने डॅड की तस्वीर गले लगा कर रोने लगा......

यहाँ फार्महाउस पर....

मैने अकरम को रूही के पास भेजा और फिर शादिया के रूम की तरफ निकल गया ...

फिर कुछ सोचकर पहले मैं अपने रूम मे आया और थोड़ी देर बाद शादिया के रूम मे चला गया....

मैने जैसे ही शादिया के रूम मे गया तो शादिया मेरे सामने शॉर्ट्स मे खड़ी हुई थी...बिल्कुल हॉट आइटम...

मैं- वाउ...नाइस ड्रेस शादिया...

शादिया- शादिया जी से शादिया..ह्म्म

मैं- ह्म्म..मैं जिसकी गान्ड मारता हूँ उसे जी नही कहता...बल्कि कुतिया बना कर चोदता हूँ...

शादिया- अच्छा...

मैं- ह्म्म..अब सोच लो...फिर बोलो ...

शादिया(मुस्कुरा कर)- इसमे सोचना क्या...जल्दी आओ...

मैने जल्दी से गेट लॉक किया और शादिया के पास जा कर उसको बाहों मे खीच लिया....

शादिया- आअहह...

मैं- अभी से आह निकल गई...

शादिया- तुम्हारी बॉडी बड़ी कसी हुई है यार...पूरे मर्द...

मैं- ह्म्म..तो अब इस मर्द को गरम माल दिखा दो जल्दी से...ह्म्म..

शादिया- ज़रूर..पर पहले मेरी प्यास भुझाओ...

और इतना बोल कर ही शादिया घुटनो पर आ गई और मेरा पेंट खोलने लगी...मैने भी अपनी टी-शर्ट निकाल दी...

पेंट खुलते ही मेरा आधा खड़ा लंड शादिया के सामने आ गया और शादिया ने गप्प से लंड को मुँह मे भर लिया...

शादिया- उूुुुुउउम्म्म्ममम....आअहह....मस्त हथ्यार है....

मैं- ह्म..तो शुरू ही जाओ...

शादिया- ह्म..उूउउंम्म...उउउंम्म...आअहह..सस्स्ररुउउप्प्प...सस्स्रररुउउप्प्प....

शादिया मेरा लंड फुल स्पीड मे चूस रही थी…जैसे जन्मो की प्यासी हो ओर मैं भी उसके सिर को धीरे-धीरे दवाने लगा…

शादिया- सस्स्ररुउपप…सस्ररुउपप…उूुुउउंम्म…उूउउंम्म….सस्स्रररुउउप्प

सस्स्ररृूपप..सस्रररयउउउप्प..सस्स्ररुउपप..सस्ररुउउप्प..उउउंम…उउंम…उउउम्म्म्मम….सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्रररुउउप्प्प…सस्स्रररुउउप्प्प...

शादिया 2 मिनिट तक बिना स्पीड कम किए मेरे लंड को चूस्ति रही…फिर लंड निकाल के बोली....

शादिया-आआहह…मान गये….तगड़ा माल है…आहह..मज़ा आ गया...

मैं-अभी तो मज़ा आएगा…तू चूस्ति रह....

शादिया ने फिर से लंड को मुँह मे भर लिया....और चुसाइ शुरू कर दी....

थोड़ी देर लंड चुस्वा कर मैं गरम हो चुका था और मैने शादिया का सिर पकड़ा ओर तेज़ी से उसके मुँह को चोदने लगा…

वो कुछ बोलना चाहती थी लेकिन सिर्फ़ सिसकिया सुनाई दे रही थी

मैं-आहह….ये ले साली लंड चाहिए…हाअ…तगड़ा लंड…अब ले …ओर ले…

शादिया-उउम्म्म्म...उउउंम..उउंम्म...उउंम..सस्सुउउंम...ससुउउप्प...सस्सूउपप..उउउंम्म..

मैं ज़ोर-ज़ोर से शादिया के मुँह को चोद रहा था ऑर शादिया के बूब्स को कपड़ो के उपर से दबाने लगा...

 
शादिया भी शॉर्ट मे हाथ डाल कर तेज़ी से अपनी चूत मसल रही थी..

मैं-आहह...यस...यस...एस्स...ऐसे ही अंदर तक ले...आहह....साली.....गले मे ..हाँ..ऐसे ही

शादिया-उउंम्म...सस्सुउउप्प्प...ससुउुउउप्प...उउंम्म...ऊओंम्म्म...ऊमम्म...

5 मिनिट तक तेज़ी से मुँह चोदने के बाद मैने शादिया को छोड़ा ओर लंड मुँह से निकलते ही..

शादिया-खो..खो..खो..उउंम..आअहह..खो...

मैं-क्या हुआ...तगड़ा लंड अच्छा नही लगा क्या

शादिया-खो..खो...उउंम्माअहह...अककचि लगा...

मैं-तो फिर

शादिया- तुमने तो जान ही निकाल दी...मुँह को ऐसे चोदा जैसे गला ही फाड़ दोगे लंड से...

मैं(हँसते हुए)-आज तो सिर्फ़ गान्ड फाड़ूगा….

फिर मैने शादिया को उठाया और उसकी टी-शर्ट निकालने लगा...शादिया ने भी जब तक अपना शॉर्ट निकाल दिया....

मैने देर ना करते हुए उसकी ब्रा को खीच के निकाल दिया...

शादिया- आअहह...आअराम से...

मैं- आज आराम नही...बिल्कुल भी नही...चल...

और मैने शादिया को पलटा कर झुका दिया और उसकी पैंटी साइड कर के उसकी गान्ड को देखने लगा....

आज इसे फाड़ने मे मज़ा आएँगे…ऐसा सोच कर मैने दोनो हाथो से गान्ड को पकड़ के फैला दिया ओर उसकी चूत ऑर गान्ड का छेद मेरी आँखो के सामने खुल गये.....

मैं- तेरी गान्ड तो टाइट लगती है...

शादिया-हाँ..टाइट ही है...

मैं-क्यो इसमे लंड नही लिया....

शादिया-लिया है पर महीनो बीत गये ऑर छोटा ही था...

मैं-क्यो तेरा यार तुझे चोदता नही क्या...

शादिया- चोदता है...पर गान्ड कम मारता है....

मैं- ह्म....मैं मारता हूँ इसको तो...

और मैने जीभ को उसके छेदों पर फिरा दिया.....

शादिया- उूुउउम्म्म्म.....आआहह....जैसे चाहो वैसे करो...बस जोरदार करना...उउउम्म्म्म.....

मैं-सस्स्ररुउउप्प्प…सस्स्रररुउुउउप्प्प्प्प.....

शादिया-आअहह…म्मार डालोगे…मस्त हो.....

मैं-सस्स्ररुउप्प्प..सस्ररुउपप…सस्ररुउउप्प..सस्ररुउपप

सस्ररुउपप…..सस्ररुउपप…सस्ररुउपप..सस्ररुउपप..सस्ररुउपप..

सस्स्ररुउपप…सस्ररुउप्प्प…सस्ररुउउप्प…सस्स्ररुउउप्प्प

शादिया-आअहह…उउंम्म…म्म्म्मतह…आअहह….म्म म्मूउहह…..

आआअझहह..आऐइयािससी…हहीी..आअहह..म्म्मसज़्ज़ाअ…

एयेए….आआ…गगग्गयययययाआअ…उउम्म्म्मम…..आअहह….आहह..

थोड़ी देर ऐसे ही मेरे जीभ फिराने से शादिया पूरी गरम हो गई....

मैने फिर शादिया को सोफे पर पटक दिया और उसकी पैंटी निकाल दी....

फिर उसकी टांगे फैला कर हवा मे उठाई और उसकी चूत को चाटने लगा....

मैं-सस्स्रररुउउउप्प्प.....सस्स्रररुउुउउप्प्प....सस्स्रररुउउप्प्प...

सस्स्रररुउउप्प्प...सस्स्स्स्रर्र्ररुउुउउप्प्प्प...सस्स्स्र्र्ररुउउउप्प्प...स

सस्रररुउउउप्प्प.....सस्स्रररुउउप्प्प....सस्स्रर्र्र्ररुउुुुउउप्प्प्प्प्प्प्प्प

शादिया-ओह माइ गॉड...कहाँ थे तुम..आअहह..इतना मज़ा दोगे..आहह...सोचा ना था....आअहह....हहाअयययी....म्मार्र ज्जाोऊऊगगिइइ....आआब्ब्ब......ब्ब्ब्बसस्स...उूउउफफफफफ्फ़......आअहह...

थोड़ी देर की चूत चुसाइ के बाद शादिया झड़ने लगी......

मैं-सस्स्ररुउप्प्प..सस्ररुउपप…सस्ररुउउप्प..सस्ररुउपप

सस्ररुउपप…..सस्ररुउपप…सस्ररुउपप..सस्ररुउपप..सस्ररुउपप..

सस्स्ररुउपप…सस्ररुउप्प्प…सस्ररुउउप्प…सस्स्ररुउउप्प्प

शादिया-आअहह...ब्बासस्स...कक्कर्ररू...आअब्ब्ब....आआहह....

म्म्मारयन्न्न्न्..गगगइयैय...ऊओ...उउंम..अम्म्म्ममैईईईईईन्न्न....

अग्गाइइइ.......यस..यस....आअहह....ऊऊहह...म्म्म्ममह.....

ऐसे ही आवाज़े करती हुई शादिया झड़ने लगी ओर मैं उसका चूत रस पीने लगा

मैं-उउउंम्म.....सस्ररुउउप्प...सस्स्ररुउपप...उउउंम्म...मम्मूउउहह.....उउंम...सस्रररुउपप..सस्र्र्ररुउउप्प्प..सस्स्रररुउउप्प...उउम्म्मह.....

शादिया- आअहह....अब जल्दी से लंड डाल दो....मैं इसे अंदर लेने को तड़प रही हूँ...

मैं- गान्ड फतवाने की बड़ी जल्दी है..ह्म..

शादिया- ह्म..

मैने शादिया को उठा कर फर्श पर बैठा दिया ...

शादिया- आअहह...क्या हुआ...

मैं- अब तू मेरी कुतिया है...और तुझे कुतिया की तरह ही चोदुगा....समझी...

मैने शादिया को फर्श पर कुतिया बनाया और उसकी विशाल गान्ड पूरी नंगी…मेरी आँखो के सामने थी….

मैने देर ना करते हुए…उसकी गान्ड पर हाथ मारे ओर वो कराह उठी....

शादिया-अओुचहच..आअहह..आअररररम सीए….फाडो…मारो मत...

मैं-तू बस मज़े कर…मेरी कुत्ति...

और मैने झुक कर शादिया की चूत मे लंड उतार दिया और अंगूठा उसकी गान्ड मे डाल दिया.....

शादिया- आअहह....गान्ड मारनी थी ना....

मैं- साली...लंड को गीला कर लूँ थोड़ा...

और फिर मैने तेज़ी से शादिया की चूत मारना शुरू कर दिया.....

 
 


शादिया- ओह्ह...एस्स...एस्स...उूउउम्म्म्म...उउउंम्म...

मैं- ले साली....मज़ा कर...ईएह...

शादिया-आहह..आह..आह..एस..एस…एस..आहह…

तप्प..त्ततप्प्प……टत्त्तप्प्प…आअहह…एस…एस..एस…एस…

आअहह.आहह..आह…त्ततप्प्प..ह…एस…एस…फास्ट…फास्ट…आहह...

थोड़ी देर तक शादिया की जोरदार चूत मारने के बाद मैने लंड बाहर निकाल लिया और शादिया को फर्श पर लिटा दिया...

फिर शादिया के पीछे लेटकर लंड उसकी गान्ड मे सेट किया और उसकी टाँग उठा कर लंड गान्ड मे डालना शुरू किया.....

मैने 1 धक्का मारा तो लंड का टोपा गान्ड के अंदर

गान्ड गीली थी ऑर पहले भी मारी थी..तो उसे दर्द नही हुई बस सिसकी निकली...

शादिया-आअहह....धीरे से....

मैने दूसरा धक्का मारा ऑर लंड 5 इंच अंदर…अब उसको दर्द हुआ

शादिया-आहह…उउम्म्म्मम…आअहह....

मैने तीसरा धक्का मारा ऑर पूरा लंड गान्ड मे घुसा दिया…

इस बार शादिया चीख उठी...

शादिया-आहह…..म्म्म्मघमाआ…..फफफफात..ग्ग्गाऐइ...आअहह....

मैने जल्दी से धक्के मारने शुरू किए ऑर शादिया चीखती रही...पर ज़्यादा देर नही...थोड़ी देर बाद वो सिसकने लगी...

शादिया-आअहह..आहह..आह…ईीस्स…यईीस…एस…एस…..फास्ट…य्या…फास्ट..आहह..आह...

मैं-याअ…टेक इट…टेक इट..या...

शादिया-आह..आ..आ..आह..आह…ओउंम..आहह..एस..एस..ये.स…एस…

मैं धक्के मारे जा रहा था ऑर शादिया सिसकते जा रही थी….

शादिया पीछे धक्के मारती ऑर मैं आगे…हमारी जाघो की आवाज़ भी शादिया की आवाज़ के साथ मिक्स हो गई….

शादिया-आहह..आह..आह..एस..एस…एस..आहह…

तप्प..त्ततप्प्प……टत्त्तप्प्प…आअहह…एस…एस..एस…एस…

आअहह.आहह..आह…त्ततप्प्प..ह…एस…एस…फास्ट…फास्ट…आहह

ऐसे ही मिक्स आवाज़े सुनते हुए मैं शादिया की गान्ड मारता रहा …कुछ देर बार मैने लंड गान्ड से निकाला ऑर उसे बालो से पकड़ कर उठाया ….

शादिया-आअहह…..मुझे भी वाइल्ड सेक्स..पसंद है ,….आअहह...

मैं-देखती जा फिर...आजा..सवारी करता हूँ...

शादिया जल्दी से उठी और लंड को गान्ड मे ले कर मेरे उपेर बैठ गई....

शादिया की पीठ मेरी तरफ थी...मैने हाथो से शादिया के निप्पल पकड़े और दबाने लगा...और शादिया भी सिसकते हुए गान्ड मरवाने लगी...

शादिया-आअहह..आहह..आह…ईीस्स…यईीस…एस…एस…..फास्ट…य्या…फास्ट..आहह..आह...

मैं-याअ…जंप बेबी..जंप...

शादिया-आह..आहह..आ..आह..आह…ओउंम..आहह..एस..एस..ये.स…यस…..

मैं- आहह...कुतिया...ज़ोर से उछल...और तेजज्ज़....आअहह...

शादिया- उूुउउंम्म...आअहह...आअहह...आअहह...आअहह...आआमम्म्ममिईीईई....उूउउंम्म...

टिदी देर तक शादिया फुल स्पीड मे उछल-उछल के गान्ड मरवाती रही...और फिर तक कर स्लो हो गई...

शादिया के थकते ही मैने उसे हटाया और सोफे पर पटक दिया...

शादिया- आअहह...आराम से...

मैं- आज तुझे कुतिया की तरह ही मारूगा समझी...

और मैने शादिया के पैर एक साइड मोड और एक झटके मे लंड को गान्ड मे डाल दिया....

शादिया- आआआमम्मिईीईई...आआहह...

मैं- बुला ले अपनी अम्मी को...उसकी भी गान्ड मारूगा...ईएहह...

और फिर से मैने जोरदार गाड़ चुदाई शुरू कर दी....

चुदाई शुरू होते ही शादिया फिर से झड़ने लगी....

शादिया- आअहह..आअहह...आअहह. .माऐइं..आइईइ...आआहह....ज़ोर से...आअहह..जोर्र सी...

शादिया का चूत रस बहकर उसकी गान्ड मे घुसने लगा और मेरा लंड पिस्टन की तरह गान्ड मे अंदर बाहर होने लगा....

मैं-उउम्म्म्म....गान्ड मस्त है...ये ले..ईईहह....ईसस्स्सस्स.....ये ले...

शादिया- आअहह..आहह..आह…आह..अहहह..आअहह..आहह

ईीस्स…यईीस…एस…एस…..यस..एस…यस…एस…एस..

फास्ट…फास्ट…फास्ट….य्या…फास्ट..आहह….आह…आअहह…

थोड़ी देर बाद मैने शादिया को उठा कर कुतिया बनने को कहा ....

मैं- अब बन जा मेरी कुतिया...फिर फाड़ता हूँ ...

शादिया तुरंत सोफे पर कुतिया बन गई और अपने हाथ से अपनी गान्ड चौड़ी कर ली....

 
मैने शादिया का हाथ पकड़ा और लंड को गान्ड मे डाल दिया....और धक्के मारना शुरू कर दिया....

शादिया- आअहह..आहह..आह…आ..अहहह..आअहह..आहह

ईीस्स…यईीस…एस…मसल दूओ….ज्ज्ज्ूओर्रर…ससीए…आअहह….अह्ह्ह्ह....

मैं- हाँ मेरी कुत्ति...ये ले...ईएह...ईएहह....

शादिया- आअहह..आहह..आह…आ..अहहह..आअहह..आहह

ईीस्स…यईीस…एस…एस…..यस..एस…एस…एस…एस..

फास्ट…फास्ट…फास्ट….य्या…फास्ट..आहह….आह…आअहह…एस.एस…..एसस्स..

मैं- येस्स....ईसस्स...उउउंम्म..ये ले...ये ले..ईएहह.....

रूम मे चुदाई का पूरा महॉल था….ऑर हम दोनो फुल मज़े के साथ गान्ड फाड़ने का प्रोग्राम कर रहे थे…

शादिया ने फिर से अपनी चूत मसलना शुरू कर दिया और मैं तेज़ी से उसकी गान्ड मारे जा रहा था.....

शादिया- आअहह..आहह..आह…उूउउंम्म....उूउउंम्म..

ईीस्स…म्म्मापआ….आअहह…...एस…एस…एस…एस..

फास्ट…फास्ट……फास्ट…….उूउउंम्म…ऊओह..श..श…ऊहह..

आहह….आह…आअहह…यस.यस…..एसस्स…आहह…ऊहहूओ...

करीब 10 मिनिट बाद शादिया फिर से झड़ने लगी....फिट मुझे लगा कि मैं भी झड़ने वाला हूँ तो...

मैं- शादिया...कहाँ निकालु....

शादिया- मेरे मुँह मे आअहह....

मैने गान्ड मारना बंद किया और शादिया को फर्श पर बैठ दिया...

शादिया ने जल्दी से मेरा लंड मुँह मे भर के चूसना शुरू कर दिया.....

मैने शादिया के बाल पकड़ के उसका मुँह चोदना शुरू कर दिया....

थोड़ी देर तक शादिया का मुँह चोदने के बाद मैं शादिया के मुँह मे झड़ने लगा....

शादिया ने मेरा लंड रस पी लिया और लंड चाट कर सॉफ कर दिया....

दमदार गान्ड चुदाई के बाद हमने थोड़ा रेस्ट किया फिर फ्रेश होकर कपड़े पहन लिए...

फिर हमने एक-एक पेग और लगाया और शादिया को किस कर के मैं उसके रूम से निकल आया....

यहाँ कहीं दूर........

रेणु इस समय बहुत ही टेन्षन मे थी...वो अंकित के लिए परेसान थी...

अंकित ने उससे झूट बोला था कि वो लाहा है इस वक़्त...पर रेणु को ये पता चल चुका था...

रेणु इस बात से ज़्यादा परेसान थी कि कही अंकित को उसके बारे मे कुछ पता तो नही चल गया...

और इस परेसानि मे वो किसी को बार-2 कॉल कर रही थी पर सामने वाला कॉल नही ले रहा था...

ऐसे ही कुछ देर तक रेणु परेसानि मे घूमती रही...तभी उसके फ़ोन पर कॉल आ गया......

( कॉल पर )

रेणु- कहाँ थे...??

बॉस- बिज़ी था...क्या हुआ...??

रेणु- क्या हुआ...अरे बहुत टेन्षन है...

बॉस- हुआ क्या...??

रेणु- अंकित ने मुझसे झूट बोला...

बॉस- हाहाहा....तो इसमे क्या बड़ी बात है...

रेणु- मेरे लिए बड़ी बात ही है...अगर उसका भरोसा मुझ पर से उठ गया तो अपने प्लान मे मुस्किल आ जायगी...

बॉस- डोंट वरी...कुछ दिन रुक जाओ...वो तुम्हे खुद अपने पास बुलाएगा...और कुछ दिन हाथ-पैर भी नही मार पायगा...बहुत दिमाग़ चलता है ना...सब बंद हो जायगा....

रेणु- ऐसा क्या करने वाले हो...???

बॉस- ज़्यादा कुछ नही...बस एक चोट...बड़ी सी चोट...

रेणु- नही...उसे कुछ मत करना...उसका सही सलामत रहना बहुत ज़रूरी है...

बॉस- टेन्षन मत लो...वो हमारे काम आएगा...और प्राब्लम भी नही होगी...समझी...

रेणु- पर ..उसे चोट मत दो..मैं हॅंडल करती हूँ ना...

बॉस- नही...अब सब मैं डिसाइड करूगा..तुम बस मेरे ऑर्डर का वेट करो...

रेणु- पर मेरी बात....

रेणु कुछ बोल पाती ..उससे पहले कॉल कट हो गई...

रेणु(परेसान हो कर)- हे भगवान..ये अंकित को क्या करेगा...आइ होप उसके साथ कुछ बुरा ना हो...वरना मैं अपने आप को कभी माफ़ नही कर पाउन्गी.....

-----------+++-----------------+++---------------+++-----+-----
 


वापिस फार्महाउस मे.......

शादिया की जोरदार गान्ड तो मार ली...और उसे इस बहाने सज़ा भी दे दी....

मैं आज बहुत दिनो बाद सेक्स पॉवेर बढ़ाने वाली गोली खा कर शादिया की गान्ड फाडी थी....

उसने मेरे दोस्त के घर को तोड़ने का काम किया था...इसकी सज़ा तो देनी ही थी...अब साली की गान्ड 2 दिन तो दर्द करेगी ही....

यही सब सोच कर मैं लेट गया...मैं भी थक गया था इसलिए जल्दी ही नीद आ गई....

फिर मेरी नीद साम को खुली...जब अकरम मुझे जगाने आया...

साम का टाइम कॉफी पीने और गप मारने मे निकल गया....फिर रात को डिन्नर के बाद सब अपने-अपने रूम मे निकल गये....

मेरे रूम मे आते ही चंदा भी मेरे रूम मे आ गई...

मैने फिर चंदा की गान्ड मारी और वो थक कर सो गई...

पर मैं तो दिन मे सो चुका था इसलिए नीद नही आ रही थी...तो मैं लॅपटॉप ऑन कर के सबके रूम का जायज़ा लेने लगा.....

आज ज़्यादातर लोग तो सो रहे थे पर कुछ लोग जाग भी रहे थे....

अकरम और रूही आज साथ मे थे...दोनो प्यार भरी बातें कर रहे थे...जिसे देख कर मुझे खुशी हुई कि चलो अकरम आगे तो बढ़ा....

पर दूसरे रूम मे पूनम संजू से चुद रही थी..जिसे देख कर मुझे गुस्सा आ गया...ये दोनो कुछ ज़्यादा ही करने लगे थे....इन्हे सबक सिखाना होगा....

अकरम की मोम अपने सोहर की बाहों मे सो रही थी...जिसे देख कर मुझे राहत मिली कि चलो ये लाइन पर आ गई...

फिर मैने सरद को देखने के लिए उसका रूम सेलेक्ट किया....

सरद के रूम मे सरद तो खर्राटे मार कर सो रहा था पर सरद की बीवी मोहिनी जाग रही थी...

और हैरानी की बात ये थी कि मोहिनी अपनी बेटी के साथ लेज़्बीयन सेक्स कर रही थी....

मोहिनी और मोना को देख कर मैं सोच मे पड़ गया कि क्या ये माँ-बेटी पागल है जो सरद के बाजू मे ही शुरू हो गई...या फिर सरद को सब पता है शायद....

उनका सेक्स थोड़ी देर मे ख़त्म हो गया और फिर दोनो की बातें शुरू हो गई....

मोना- अच्छा मोम ये बताओ कि आज डॅड को क्या हुआ...इतनी गहरी नीद मे सो रहे है.....

मोहिनी- अरे कुछ नही...मैने ही नीद की गोली खिला दी थी...ताकि मस्ती कर सकूँ....

मोना- इसकी क्या ज़रूरत थी ..वो तो सब जानते ही है ना...

मोहिनी- हाँ बेटा...पर अब उनमे तो दम रहा नही...इसलिए सुला दिया..ताकि मैं वसीम के साथ मज़े कर सकूँ.. पर वो तो आया ही नही आज...

मोना- ओह्ह..तो वसीम अंकल का वेट हो रहा था..और आ गई मैं ..हहहे....

मोहिनी- तो क्या ...तू भी तो मज़ा दे रही है...

मोना- ओह...और वसीम अंकल आ जाते तो...

मोहिनी- तो हम दोनो को साथ मे चोद कर मज़ा देते...हहहे....

मोना- सही कहा...हहहे.....

मैं(मन मे)- ये दोनो माँ-बेटी तो पूरी रंडी निकली....साली दोनो वसीम से चुदती है....तभी वसीम अपनी बीवी को छोड़ कर भटकता रहता है...कुछ करना होगा....

और फिर से मैं उन दोनो की बाते सुनने लगा....

मोना- मोम..मुझे आपसे कुछ बात करनी थी...

मोहिनी- हाँ बेटा बोल...पर पहले एक सिगरेट जला दे मुझे....

फिर मोना और मोहिनी ने सिगरेट के कस लगाने शुरू किए और बाते शुरू हुई....

 


मोहिनी- अब बता...क्या बोल रही थी...

मोना- मुझे आपसे ये पूछना था कि आप अंकित को पहले से जानती है क्या...???

मोहिनी(चौंक कर)- नही...नही तो...मैं कैसे जान सकती हूँ...मैं तो पहली बार मिली उससे....

मोना- हाँ मोम...पर मुझे ऐसा लगता है कि आप उसे ना सिर्फ़ पहले से जानती है बल्कि काफ़ी कुछ जानती है...

मोहिनी- मतलब...मैं झूट बोलूँगी क्या...मुझ पर भरोसा नही तुझे...

मोना- भरोसा...ये शब्द तो आप बोला मत करो...

मोहिनी- ऐसा क्यो बोल रही हो...???

मोना- याद करो...जब मुझसे झूट बोलकर वसीम अंकल से चुदवाती थी....और मैने शक किया था....तब भी यही बोला था ना कि भरोसा करो...मैं कुछ ग़लत नही करती...और फिर सच क्या निकला...भरोसा तोड़ा था ना..

मोहिनी- वो बात अलग थी...वो मैं अपनी ग़लती छिपा रही थी...पर अंकित को जानती होती तो इससे मुझे क्या फ़ायदा या नुकसान होता...तो सोच..मैं झूट क्यो बोलूँगी...

मोना- मतलब आप उसके बारे मे कुछ नही जानती...??

मोहिनी- नही बेटा...बोला तो...

मोना-ओके...और रजनी को जानती है...???

मोहिनी(हस्ती हुई)- रजनी...कौन रजनी....मैं किसी रजनी को नही जानती....

मोना- अच्छा...तो फिर आपको कैसे पता कि अंकित रजनी को चोदता है...ह्म

मोना की बात सुनकर मोहिनी बुरी तरह चौंक गई...पर अपने आप को संभाल कर बोली...

मोहिनी- मुझे क्या पता...मैने कब कहा...

मोना- अच्छा...उस दिन जब वसीम अंकल का गान्ड मे ले रही थी तब तो बड़ा उछल-उछल कर बोल रही थी...कि "साला अंकित तो रजनी को जोरदार चोदता है...पूरा कॉंट्रोल मे है रजनी के ..." ...वो क्या था फिर....

अब मोहिनी के माथे पर पसीना आ गया...उसकी चोरी पकड़ी गई थी...

मोना- अब सच बताएँगी या फिर मैं वसीम अंकल से पूछने जाउ...

मोहिनी (चुप रही)

मोना- ठीक है...आप बैठो...मैं आज पूछ कर ही रहूगि...

और मोना उठ कर कपड़े पहनने लगी ...पर मोहिनी ने उसे रोक लिया और पास बैठा कर बोला...

मोना- अगर सच बताना हो तो ही रोको वरना....

मोहिनी- हाँ..सब सच बताउन्गी...पर पहले ये बता कि तुझे क्या ज़रूरत पड़ गई ये जानने की....

मोना- आप सच बताइए....मैं भी आपको सब सच बता दूगी....

मोहिनी- तो कहाँ से शुरू करूँ...???

मोना- पहले तो मुझे ये बता दो कि आप रजनी को कैसे जानती है...और ये भी की आपको कैसे पता कि रजनी और अंकित का सेक्स रीलेशन है....

मोहिनी- ह्म्म...रजनी और अंकित के सेक्स रीलेशन के बारे मे मुझे उसकी फ्रेंड कामिनी ने बताया था....

मोना- ये कामिनी कौन है अब....???

मोहिनी- मैं तुझे शुरू से बताती हूँ....

फिर मोहिनी ने मोना को बताना शुरू किया ....

रजनी, कामिनी, दीपा और रिचा...ये चारों फ्रेंड है....और इनमे एक बात कॉमन है....

और वो है अंकित के परिवार से दुश्मनी....

सबकी दुश्मनी की अपनी-अपनी वजह है...पर दुश्मन एक ही है...अंकित का परिवार.....

मोना- पर आपको ये कैसे पता...

मोहिनी- पूरी बात सुन लो पहले.....

तो इन चारों के अलावा भी कुछ लोग है जो अंकित की फॅमिली के खिलाफ है....

पता नही कैसे पर अब ये सब लोग एक साथ हो चुके है...और इंतज़ार कर रहे है अंकित की फॅमिली को मिटाने का....

मोना- ओके...ये तो उन सब के और अंकित की फॅमिली के बीच की बात है...आप कहाँ हो इसमे....

मोहिनी- मुझे भी इन लोगो ने अपने साथ मिलाने के लिए बुलाया था....

मोना- पर क्यो...??

मोहिनी- क्योकि....मैं भी उसकी फॅमिली की एक दुश्मन हूँ...

मोना(मुँह फाड़ कर)- क्या....आप भी...पर क्यो...???

मोहिनी- ये बात मेरी मौसी से रिलेटेड है...उनकी मौत के बाद ही मैं अंकित के परिवार से नफ़रत करने लगी....

मोना- पर ऐसा क्या हुआ था...और कौन थी आपकी मौसी...और आपकी मौसी का क्या लेना-देना था अंकित से...

मोहिनी- मेरी मौसी की जिंदगी अंकित के फॅमिली मेंबर्ज़ ने ही तबाह की थी...और उनकी मौत का ज़िम्मेदार भी उसकी फॅमिली का मेंबर है....

मोना- इसका मतलब...आप उसकी फॅमिली को अच्छी तरह जानती है....

 
Back
Top