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चूतो का समुंदर

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थोड़ी देर बाद ज़िया नॉर्मल हुई...अब उसका रोना बंद था और घबड़ाहट भी कम थी...

मैं- देखो ज़िया...ये तो पक्का है कि उसने जो देखा वो किसी को नही बताया..

ज़िया- तुम कैसे कह सकते हो...शायद बता दिया हो...

मैं- अर्रे...अगर बता दिया होता तो अब तक यहाँ हम अकेले नही होते...

ज़िया- हां...सही कहा...

मैं- अब देखना ये है कि आगे क्या होता है...

ज़िया- आगे क्या...मैं तो उससे नज़रे भी नही मिला पाउन्गी अब...

मैं- ह्म..ये तो है...अभी हमे इंतज़ार करना होगा...उसके अगले कदम का...

ज़िया- पर क्या होगा उसका अगला कदम..कुछ आइडिया है...कहीं मोम- डॅड को ना बता दे...

मैं- ये तो इंतज़ार के बाद ही पता चलेगा....

ज़िया- ह्म...तो अभी क्या करे...

मैं- अभी तुम यहाँ से जाओ और अपनी जगह पर रेस्ट करो...तब तक मैं भी रेस्ट कर लेता हूँ...और कुछ सोचता भी हूँ...

ज़िया- ओके...पर प्ल्ज़..जल्दी कुछ करो.....वरना पूरी ट्रिप मे मैं एंजाय नही कर पाउन्गी...

मैं- डोंट वरी...मैं हूँ ना...तुम्हे खुल के मज़ा कराउन्गा...

ज़िया- तुम जितनी अच्छी चुदाई करते हो उतनी ही अच्छी तरह लड़की को संभाल लेते हो...यू आर सो स्वीएट...मम्मूउहह...

(और ज़िया ने मुझे जोरदार किया कर दिया....)

मैं- हाँ मेरी जान...वैसे भी अभी कुतिया की गान्ड बाकी है...

ज़िया(मुस्कुरा कर)- ह्म्म....कुतिया भी गान्ड फड़वाने के इंतज़ार मे है...

मैं- ह्म्म..चलो...अभी जाओ...रेस्ट करो...

ज़िया- ओके..

और ज़िया एक बार फिर से मुझे किस कर के निकल गई...और उसके जाने के बाद मैं भी लेट गया...

लेकिन शायद रेस्ट करना मेरे नसीब मे ही नही था....

ज़िया के जाने के 20 मिनिट बाद ही अकरम मेरे पास आ गया...

अकरम- सो रहा था क्या भाई...

मैं- अबे...तू..नही-नही...बस लेता था..आ बैठ...

और फिर हम दोनो बैठ गये...अकरम शांत बैठा खिड़की की तरफ देख रहा था...मैं समझ गया कि ये टेन्षन मे है...

मैं- बोल ना अकरम...क्या टेन्षन है...

अकरम- भाई..मेरी टेन्षन एक ही है...मेरी मोम...और उनका वो कमीना आशिक़..

मैं- ह्म्म..पर हुआ क्या...अचानक से ये क्यो सोचने लगा...

अकरम- क्या करूँ यार...माइंड मे आ ही जाता है ये सब...

मैं- ओके..बट टेन्षन मत ले..मैं सब ठीक कर दूँगा...

अकरम(तेज आवाज़ मे)- कब करेगा भाई...एक-एक दिन निकालना मुस्किल होता है....जिस समय भी मोम बाहर जाती है तो एक ही बात माइंड मे चलती है..कि कहा चुद रही होगी ..

मैं- मैं समझ सकता हूँ यार...पर मैं जल्दी ही ठीक कर दूँगा...

अकरम- जल्दी कब यार...

मैं- अकरम..मैं 2 दिन मे सब ठीक कर दूँगा ...पर एक प्रोमिस करना होगा...

अकरम- कैसा प्रोमिस...और 2 दिन मे कैसे....वो थोड़े हमारे साथ है ..

मैं- वो मेरा काम है...मैं 2 दिन मे कर दूँगा...पर एक प्रोमिस कर पहले...

अकरम- कैसा प्रोमिस....

मैं- यही कि तू अपनी मोम को शर्मिंदा नही करेगा...अपने डॅड को भी कुछ नही बातायगा और ना किसी और को..

अकरम- हाँ भाई बिल्कुल...मैं किसी को कुछ नही कहुगा.....

मैं- और एक बात...जो मैं कहूँ...उसमे मेरा साथ देना होगा...

अकरम- तेरे लिए तो जान भी हाज़िर है...तू बोल बस की करना क्या है..

मैं- बोलुगा...बस 2 दिन दे...ओके

अकरम- ओके..टेक युवर टाइम....थॅंक्स भाई...

मैं- अब रुलायगा क्या...हाहाहा...

अकरम- नही...पर पिलाउन्गा ज़रूर..विस्की...

मैं- तो ला फिर..

अकरम - अभी लाया...

अकरम विस्की लेने चला गया और मैं अपने आप से बाते करने लगा...

मैं(मन मे)- सॉरी दोस्त...तुझे अभी नही बता पाया कि तुम्हारी माँ का यार हमारे साथ ही है...और वो और कोई नही ..तेरे डॅड का खास दोस्त है...पर जल्दी ही मैं उसे तेरे सामने नंगा कर दूँगा...प्रोमिस...

फिर अकरम विस्की लेकर आया और हमने 2-2 पेग लिए और रेस्ट करने लगे....

काफ़ी देर रेस्ट करने के बाद हमारी आँख खुली...जब संजू ने हमे जगाया...

इस वक़्त दोपहर हो चुकी थी और हमारी बस किसी ढाबे पर खड़ी हुई थी...

हम तीनो नीचे आ गये...जहा बाकी सब पहले से ही मौजूद थे....

वसीम- आओ लड़को...कुछ खाना-पीना हो जाए...फिर सीधा अपनी मंज़िल पर रुकेगे......

सरद- हाँ यार...अब और इंतज़ार नही होता...जल्दी से वहाँ पहुचे और फिर मस्त मज़े करे....क्यो..

सरद ने हम सबको देख कर पूछा और हम सबने मुस्कुरा कर उसकी बात को सहमति दे दी...

मैं(मन मे)- हाँ साले ..तू तो मर रहा होगा की कब तू अपने दोस्त की वाइफ को पटक-पटक कर चोदे...कमीना कही का...

फिर हम सब फ्रेश हुए और खाने-पीने मे जुट गये....

सब निपटने के बाद हम सब थोड़ा वॉक करते हुए रिलॅक्स होने लगे और तभी ज़िया ने मुझे इशारे से बुला लिया...

मैं- हाँ...क्या हुआ...

ज़िया- क्या हुआ मतलब...हमारे सिर पर बॉम्ब गिरा है और तुम इतने रिलॅक्स...क्यो...???

मैं- तो क्या...एक जगह बैठ कर मातम मनाऊ...

ज़िया- मैने ऐसा कब कहा....

मैं- तो तुम कहना क्या चाहती हो...??

ज़िया- यही कि तुमने कुछ सोचा उसके बारे मे...

मैं- अभी नही...वाहा पहुच कर सोचुगा...और तुमने...

ज़िया- मैने......यही कि उसे समझाउंगी..कुछ...

मैं- ओके..समझ गया...तुम रिलॅक्स हो जाओ...मैं कुछ करता हूँ...और हाँ थोड़ा मुस्कुराओ...मुझे मेरी कुतिया परेसान अच्छी नही लगती...

ज़िया(मुस्कुरा कर)- ह्म्म...तो आ जाउ अभी...

मैं- नही बिल्कुल नही...अभी चूत को समझा के रखो...ओके...

ज़िया- ह्म्म..

 


थोड़ी देर बाद फिर से हमारा सफ़र शुरू हुआ और इस बार सीधा मंज़िल पर जा कर ख़त्म हुआ....

हम सब बस से नीचे आ कर एक बड़े से बंग्लो के सामने खड़े हुए थे...

हालाकी ये बॅंग्लो पुरानी स्टाइल का था बट खूबसूरत दिख रहा था...

वसीम से हम सबको अपने इस घर से इंट्रोड्यूस कराया....

वसीम- ये हमारे पुर्बजो की संपत्ति है जो पुरानी पड़ गई थी.....और अब हमने इसे फिर से रिपेयर करके एक न्यू लुक दिया है...इसे हम एक होटेल बना रहे है..

अकरम- होटेल...पर क्यो डॅड..

फिर वसीम ने वजह बताना शुरू की....

यहाँ पास मे एक लोहे की खदान मिली है...और वहाँ फॅक्टरी भी बन गई है...

यहाँ काफ़ी लोग आते है...बस्ती भी बढ़ रही है और फ़ोर्नर भी आते है...

फॅक्टरी की वजह से यहीं पर रेलवे स्टेशन भी बन गया है...

इसलिए हमने सोचा की क्यो ना एक होटेल शुरू कर दे...फ़ायदे का फयडा और पुर्बजो की अमानत भी सहेज कर रखेगे...

अकरम- वाउ डॅड ..गुड...पर डॅड क्या अभी भी यहाँ भीड़ भाड़ होगी...

वसीम- नही बेटा अभी ज़्यादा नही है...और हाँ इसके पीछे पूरी ज़मीन अपनी ही है....और उसके बाद नदी है...

और वहाँ हमने पूल्स और बोटिंग का काम भी शुरू करवा दिया है...

और इसके अलावा स्टेशन भी पीछे ही है...तो कुछ शॉप रेडी करने का सोच रहे है...

सबनम- अरे आप भी...पहले अंदर तो चलिए फिर आराम से बता देना...हम थक चुके है...

वसीम- ओह हा...सॉरी...चलो सब अंदर चलो...और सामान नौकर ले आएँगे...डोंट वरी....

इसके बाद हम अंदर आ गये...अंदर का महॉल आलीशान था...

बड़े-बड़े झूमर...शानदार सोफास...और साइड मे बार काउंटर....

पूरा हॉल लाजवाब था...

फिर वसीम ने सबको एक-एक के दी जो हमारे रूम की थी...और फ्रेश होकर नीचे आने का बोला...

सबके रूम उपेर ही थे...और सबके रूम अलग-2 थे सिर्फ़ पति-पत्नी का साथ था...

जैसे ही मैं अपने रूम मे एंटर हुआ तो देखा की रूम बहुत ही बड़ा और आलिसान था...

रूम मे ही सोफा, डाइनिंग टेबल एट्सेटरा ..सब था...बाथरूम भी एक दम झक्कास था...

मैने कपड़े निकाले और फ्रेश हुआ और नहा कर नीचे आ गया...

हमने डिन्नर किया और सब सोने चले गये...सफ़र से थके हुए जो थे...

उपेर दो गलियारे थे...जिसके दोनो तरफ 4-4 रूम थे....

मेरे साइड मे ..मेरा, संजू का और अकरम का और फिर खाली रूम था...

सामने के रूम मे ज़िया के साथ गुल , जूही के साथ रूही , मोनिनी के साथ पूनम का रूम था...लास्ट वाला खाली...

दूसरे गलियारे मे एक रूम.मे वसीम के मोम-डॅड और दूसरे मे सरद और उसकी बीवी...और एक मे शादिया मौसी....

रात को सब अपने रूम मे थे पर मुझे नीद नही आ रही थी...

मैं नीचे गया तो देखा कि एक नौकरानी टीवी देख रही थी...असल मे ये इस होटेल की रिसेप्षनिस्ट बनने वाली थी...

मुझे देखते ही वो खड़ी हो गई और बोली..

नौकरानी- सर ..कुछ लाउ क्या...

मैं- ह्म..एक काम करो एक स्कॉच का पेग बनाओ...

फिर मैं पीते हुए उससे बाते करने लगा ...

नौकरानी ने बताया कि वो 12 थ पास है...यहाँ पास ले गाओं की रहने वाली है...और भी बहुत कुछ बाते हुई इस जगह और होटेल के बारे मे...फिर मैने उससे एक काम की बात की...

मैं- अच्छा एक बात बताओ...यहा सुरक्षा का इंतज़ाम कैसा है...

नौकरानी- बहुत अच्छा है सर...हर जगह सीसीटीवी कैमरा लगे है...

सीसीटीवी का नाम सुनते ही मेरा माथा ठनका और मेरे दिमाग़ मे एक शैतानी प्लान आ गया....

मैं- और रूम के अंदर भी कैमरा है....

नौकरानी- हाँ बिल्कुल सर...पर अभी रूम के कॅमरा बंद है...वो वसीम सर ने कहा था ना...

मैं- ओह्ह...और उनकी रेकॉर्डिंग कहाँ होती है...

नौकरानी- वो एक लॅपटॉप मे होती है....आप कहीं पर बैठ कर उस लॅपटॉप मे देख सकते हो ...हर कैमरे की रेकॉर्डिंग...या फिर लाइव भी...

मैं- तुम ये सब कैसे जानती हो....

नौकरानी- हमे सब ट्रैनिंग दी गई है...ज़रूरत पड़ने पर काम आ सकती है ना....

मैं(मन मे)- अगर मुझे वो लॅपटॉप मिल जाए तो...वाह...मज़ा आएगा...पर कैसे....चलो इसे पटाता हूँ....

नौकरानी- और एक पेग बनाऊ सर...???

मैं- ह्म्म..रूको...देखो ..मुझे तुमसे एक काम है...

नौकरानी- जी सिर ..कहिए...

मैं- मुझे वो लॅपटॉप चाहिए...जिससे मैं हर रूम का ...हर कैमरे का हाल देख सकूँ...

नौकरानी- सर...ये नही हो सकता...

मैं - सब कुछ हो सकता है...हर चीज़ की कीमत होती है...तुम बोलो..तुम्हे क्या चाहिए...

निउकरानी- नही सर..ये नही हो सकता...

मैं(बीच मे)- 5000

नौकरानी- नही सर...मैं नही...

मैं(बीच मे)- 10000

नौकरानी- सर प्लीज़...मैं नही कर...

मैं(बीच मे)- 20000

नौकरानी(सोच कर)- मेरी नौकरी..

मैं- 30000

नौरानी(स्माइल करके)- ठीक है सर...मैं लाती हूँ...

थोड़ी देर बाद वो लॅपटॉप मेरे हाथ मे था....

...

मैं- कल तुम्हे पैसे मिल जायगे...

नौकरानी- ओके सिर...और कुछ...

मैं- ह्म्म..तुम्हारी कीमत..???

नौकरानी(मुस्कुरा कर)- अगर हथियार पसंद आया तो लाइफ टाइम फ्री...

मैं- ह्म्म..तो फिर देख लो...फिर बताना....पर यहाँ नही...मेरे रूम मे आओ...थोड़ी देर बाद....और हाँ...एक बॉटल लेते आना....

नौकरानी- ह्म....

 


मैं उठ कर रूम मे आ गया की तभी मेरे फ़ोन पर ज़िया का मेसेज आया....

मसेज- आज रात आराम करो...कल से कुतिया चोदेगि नही...हहहे....और हाँ उसका कुछ सोच लेना...वरना मेरी फटी रहेगी औट पूरा मज़ा खराब हो जायगा....

गुड नाइट...मुउउहहाा...

मसेज देख कर मेरे चेहरे पर स्माइल आ गई...और मैं खुश होकर सोचने लगा....

मैं(मन मे)- सब कुछ प्लान के हिसाब से हो गया...अब मैं दोनो को बिना टेन्षन के जी भर कर चोदुगा....हाहाहा....

मैं रूम मे आया और अपने कपड़े निकाल दिए.... मैं बॉक्सर और बनियान मे था.....

मैं बेड पर लेटा और लॅपटॉप ऑन किया...परमुझे पता नही था कि रेकॉर्डिंग कहाँ से देखनी है......

तभी मेरे रूम मे नौकरानी की एंट्री हुई....उसने आते ही रूम को अंदर से लॉक किया और बेड के पास आ गई...

नौकरानी- तो..आपकी क्या सेवा कर सकती हूँ सर...

मैं(मुस्कुरा कर)- ह्म्म..सेवा तो पूरी रात करवाउन्गा...पर पहले मुझे रेकॉर्डिंग देखनी है...और हाँ...अपना नाम तो बताया नही तुमने....

नौकरानी- आपने पूछा ही नही ...मेरा नाम चंदा है सर...

मैं- ह्म्म्मे..तो आओ चंदा...मेरे पास आओ ..पर ये कपड़े...निकाल दो इसे...

चंदा(मुस्कुरा कर)- ह्म्म्मआ...

और चंदा ने मुस्कुराते हुए अपनी नाइट ड्रेस निकाल दी ...अब वो सिर्फ़ ब्रा-पैंटी मे थी....

उसकी बॉडी भी बिल्कुल मस्त थी...भरे हुए बूब्स...पतली कमर...और कसी हुई सुडोल गान्ड....

मेरा दिल खुश हो गया कि आज रात फिर एक नये माल को मसल्ने का मौका मिल गया......

चंदा आई और मेरे बाजू मे लेट गई...और कंबल से हम दोनो के पैर ढक लिए....

मैं- मस्त बॉडी है तुम्हारी....मज़ा आएगा...

चंदा- मज़ा देने ही तो आई हूँ...

मैं- ह्म्म..रात भर मज़ा दूँगा...पर पहले मुझे रेकॉर्डिंग दिखाओ....

फिर चंदा ने लॅपटॉप मे रेकॉर्डिंग ऑन कर दी...इसमे हर एक कैमरे की रेकॉर्डिंग हो रही थी...

हम एक-एक करके लाइव रेकॉर्डिंग देख सकते थे....

अभी इसमे हॉल की रेकॉर्डिंग चल रही थी....

चंदा- तो किस रूम को देखना चाहेगे...

मैं- सबसे पहले...ह्म्म्म....ज़िया के रूम की...

चंदा ने ज़िया का रूम सेलेक्ट कर दिया और मेरे सामने उसका रूम आ गया...

हर रूम मे दो कैमरे लगे थे...एक गेट के उपेर जो पूरा बेड और सामने का एरिया कवर कर रहा था...

और दूसरा साइड मे था...जो बेड का साइड व्यू और बाथरूम का एंट्रेन्स कवर कर रहा था ....

जैसे ही मैने ज़िया का रूम देखा तो वो सोती हुई मिली...

 


आज दिन की चुदाई ने उसे थका दिया होगा...पर साइड व्यू से पता चला कि साली नंगी सो रही है...साइड से उसके नंगे बूब्स दिख रहे थे....

और उसके बाजू मे गुल लेटी थी..जो पूरी सराफ़ात से सो रही थी....

चंदा- सर..ये ज़िया मेडम तो पूरी नंगी लेटी हुई है...क्या बूब्स है इनके ...मन करता है कि चूस लूँ...

मैं- तुम लड़कियो मे इंटरेसटेड हो क्या...

चंदा- हां सर...लड़की के साथ अलग ही मज़ा आता है और बूब्स बड़े-2 हो तो चूसने मे बहुत मज़ा आता है...

मैं- ह्म्म..डोंट वरी...ये मौका भी दिलवा दूँगा...वेट करो...

चंदा- सच...इसके बूब्स चूसने मे बड़ा मज़ा आएगा...

फिर मैने अकरम का रूम देखा...अकरम भी सराफ़त से सो रहा था...

फिर संजू का...वो भी सो रहा था...

फिर मैने जूही का रूम देखा...जिसमे जूही और रूही थी...

जूही तो कान मे हेडफ़ोन लगा कर मज़े से सोई हुई थी...

जूही की नाइटी उसकी जाघो पर छड़ी हुई थी...मस्त..चिकनी और कसी हुई जाघे देख कर मेरा लंड झटक उठा...

पर मुझे रूही कहीं नही दिखी...फिर मैने साइड कैमरा देखा...तो उसमे पाया कि बाथरूम का गेट खुला है और जूही निकल कर बेड पर आ रही है...

फिर मैने फ्रंट कॅमरा से देखा तो देखता ही रह गया....

रूही ने बेड पर आते ही अपनी नाइटी के अंदर हाथ डाला और अपनी चूत मसल्ने लगी....

रूही- आहह...अंकित...कब आओगे तुम...उउंम्म...

मैं- चंदा...यहाँ माइक्रोफॉन भी है क्या...??

चंदा- हाँ...बेड के पास ही लगे है...पर इसको ऑन/ऑफ करने का सिस्टम रूम से ही है....

मैं- ओह्ह...तो मेरे रूम का बंद है ना...

चंदा- जी सर बंद है....टेन्षन मत लो...उसे देखो कैसे किसी लड़के का नाम ले कर अपनी चूत मसल रही है...कौन है ये अंकित...

मैं- अरे...अंकित मैं ही हूँ...समझी...

चंदा- सच ...पर ये तो अकरम सर की गर्लफ्रेंड है ना...

मैं- ह्म..

चंदा- फिर ये आपका नाम...

मैं(बीच मे)- तुम समझ जाओगी...इंतज़ार करो...अभी मुझे देखने दो...

हम फिर रूही को देखने लगे...अब रूही की टांगे फैल चुकी थी और उसकी उंगली चूत के अंदर थी.....

रूही- ओह अंकित..कम ऑन..फक मी..फक मी...एसस्स...उउउंम..

चंदा भी रूही को देख कर गरम होने लगी थी और उसने अपना जिस्म मेरे जिस्म से सटा लिया...

रूही- एस्स..हार्डर अंकित...फास्ट..फास्ट...फास्ट....ऊहह...

चंदा ने अपना हाथ मेरे सीने पर फिराना चालू कर दिया....

रूही- ओह्ह..अंकित...मैं..अशह...गई..ओह्ह्ह..येस्स...एस्स...ययईएसस्सस्स......

वहाँ रूही झड़ी और यहाँ चंदा ने अपना हाथ नीचे सरका कर मेरे लंड पर पहुचा दिया....

चंदा- सर..इसको ज़रूर चोदना...बड़ी गरम है...

मैं- ह्म..देखता हूँ...मेरे पास आयगी तो देखेंगे....

चंदा- सर आपका तो बड़ा लग रहा है...

मैं- अच्छा...तो देख लो...फिर बताओ कि बड़ा है या छोटा...

और चंदा इसी इंतज़ार मे थी...उसने झटके से मेरे बॉक्सर मे हाथ डाला और मेरे लंड को मुट्ठी मे भर लिया...

चंदा- वाह...ये तो सच मे....एक मिनिट...

और फिर चंदा ने कंबल हटाया और मुझे नीचे से नंगा कर दिया...आप मेरा लंड उसके सामने था...

चंदा ने लंड को पकड़ा और पलट कर देखने लगी...

मैं- कैसा लगा...

चंदा- ये तो...सच मे बड़ा है....मज़ा आ जायगा...उउंम..

और चंदा ने झुक कर मेरे लंड पर किस कर दिया...

मैं- आहह...मुझे रेकॉर्डिंग देखने देगी...

चंदा- आप देखो...मैं तो इसे प्यार करूँगी...बहुत मस्त है...

और चंदा ने मेरे लंड को किस करना शुरू कर दिया...

वहाँ रूही के रूम मे रूही झाड़ कर शांति से लेट गई और सोने लगी...अब यहाँ देखने लायक कुछ नही था...

फिर मैने पूनम के रूम मे देखा...वहाँ का नज़ारा काफ़ी हॉट था...मेरे लंड ने जोरदार झटका खाया...

चंदा- उउंम..क्या देख लिया सर...जो तड़प उठे...मुझे भी दिखाओ...

मैने लॅपटॉप साइड मे रख दिया और हम दोनो गरम नज़ारा देखने लगे...

पूनम के रूम मे पूनम और मोना दोनो नगी 69 के पोज़ मे थी...

पूनम उपेर और मोना नीचे थी...

दोनो एक-दूसरे की चूत मे जीभ घुसाए सिसक रही थी...

पूरे रूम मे उनकी मादक सिसकारियाँ गूँज रही थी...

पूनम- सस्स्रररुउउउप्प....उउंम...उउंम्म...उउउम्म्म्म...उउंम...

मोना- उउंम्म...उउम्म्म्म...उउम्म्म्म...उूउउंम्म...उउंम्म...

 


चंदा तो ये नज़ारा देख के पूरी गरम हो गई और झुक कर मेरे सुपाडे को मुँह मे भर के चूसने लगी और साथ मे लॅपटॉप पर चूत चुसाइ देखती रही...

मेरा लंड भी पूरा कड़क हो गया था और चंदा के मुँह मे जाने को तड़प रहा था...

थोड़ी देर बाद मोना और पूनम झाड़ गई और आजू- बाजू लेट कर बाते करने लगी...

मोना- आहह...पूनम..कितने दिनो बाद हमने एक दूसरे की चूत चूसी..ह्म्म..

पूनम- ह्म्म..पर आज भी उतना ही मज़ा आया...

मोना- हां...पर अब ये चूत चुसाइ से नही मानती...इसे ठुकाइ भी चाहिए....हहहे...

पूनम- तो जा फिर...ठुकवाले अपने बाप से...

मोना- अरे यार...ऐसी किस्मत कहाँ...वो तो आज मोम को ठोक रहा होगा या अपनी रांड़ को...

पूनम- ह्म्म...तो फिर चुसाइ से काम चला...

मोना- ह्म्म..पर पूनम...तू किससे ठुकवाती है...

पूनम- है कोई...

मोना- काश वो यहाँ होता तो तेरे साथ मैं भी ठुकवा लेती...अरे पूनम ..तेरे भाई को पटा लूँ मैं..

पूनम- चुप कर...रंडी कही की...सोजा चुपचाप...

और पूनम का गुस्सा देख कर मोना भी कुछ नही बोली...और दोनो कंबल ओढ़ कर सोने लगे...

पर यहाँ मेरा लंड पूरा जाग गया था...

मैने चंदा को रोका और उसे लंड पर बैठा कर उसकी चूत मे लंड उतार दिया....

चंदा- आऐईयईईई....म्म्माकअररर गाऐयइ...

मैं- क्या हुआ...तू तो चुदि हुई है..फिर भी चिल्ला रही है...

चंदा- आअहह...ये बड़ा है...उउउंम्म...

मैने चंदा के दर्द की परवाह किए बिना उसकी कमर पकड़ी और नीचे से धक्के मारने लगा...

मेरा लंड काफ़ी देर से खड़ा हुआ था और अब जोरदार चुदाई माँग रहा था.....

मैं- अब बाकी को बाद मे देखुगा...पहले तेरी फाड़ता हूँ...

चंदा- हाँ सर...ये नज़ारे देख कर तो मेरी चूत भी पानी बहा रही है...जल्दी से डाल दो प्लीज़...

मैं- ओके..आओ फिर....निकालो कपड़े...

चंदा ने फटाफट अपनी ब्रा और पैंटी निकाल दी...उसके बूब्स पूरे गोरे और भरे हुए थे और निप्पल भी एक दम शानदार...

मैने सोचा कि इन्हे तो आराम से चूसूगा....पूरी रात बाकी है...पहले लंड को शान्ती दे दूं....

फिर चंदा नंगी हो कर मेरी गोद मे आ गई...मैने एक बार उसकी चूत पर हाथ घमाया और फिर अपना लंड चूत पर सेट कर दिया.....

मैं- तेरी चूत तो मस्त है...अब देखते है कितना मज़ा देती है...

चंदा- हाँ वो तूऊऊऊ....

चंदा जब तक कुछ बोल पाती उसके पहले ही मैने जोरदार धक्का मारा और आधा लंड चंदा की चूत मे घुस गया....

चंदा- आआईयइ...बता तो देते...उउउइई माँ...

मैं- लो बता दिया....ये लो...

और फिर से एक जोरदार धक्के के साथ पूरा लंड चूत मे चला गया...

चंदा- आऐईयईई.....माअरररर..गाऐइ....ऊओह...

मैं- बस ...अब हो गया...मज़ा कर....

और मैने चंदा के बूब्स को हाथो से पकड़ा और मसल्ने लगा....

थोड़ी देर बूब्स मसल्ने से चंदा कुछ नॉर्मल हुई और अपनी गान्ड हिला-2 कर मुझे बता दिया कि अब पेलना शुरू करो...

मैने भी जल्दी से चंदा को नीचे से धक्के मारना शुरू किया चंदा को चोदने लगा......

चंदा- आअहह....फाड़ दो सर....उउउंम्म.... आहह….ऐसे ही चोदो….मज़ा आएगा…

मैं- तू तो बड़ी रंडी है…ह्म्म्म....

चंदा- आअहह…आआहह.....आहह.....नही सर...रंडी नही....उउउंम्म

मैं- अच्छा….कितनो से चुदि है..???

चंदा- आप चोथे हो…ऊहह म्माआ…

मैने लंड को टोपे तक चूत से निकाला और एक ही झटके मे चूत मे भर दिया....

मैं- आहह...दर्द हुआ क्या...

चंदा- आहह..आहह...हाँ...बड़ा है....इतना ..बड़ा..आहह...नही लिया.....था..आहह...

मैं- तो आज ले लिया ना...अब ऐश कर…

चंदा– आहह..हाँ…आप चोदिय ना….दर्द हो..आहह

मैं चंदा की बात समझ गया ओर उसको नीचे से प्यार से धक्के मारने लगा…

चंदा ने झुक कर अपने बूब्स मेरे मुँह पर कर दिए और मैं बूस चूस्ते हुए उसे चोदने लगा…

मैं- उम्म्म..आहह….यस….उउम्म्म्म

चंदा-आहह..आहह..आह…अफ…आहह

मैं- उउंम….यीहह..सस्स्रररुउप्प्प..उउंम्म

चंदा- आहह..अह्ह्ह्ह…आह…हाअ…ज्जोर्र ससी…आहह....

 
मैं कमर उछाल –उछाल कर चंदा को चोद रहा था ऑर उसके मस्त बूब्स का रस्पान भी कर रहा था ऑर चंदा पूरा दिल लगा कर अपने जिस्म को मुझसे चुदवा रही थी…

चंदा-आहह…ज़ोर सी,,,,,आअहह…यस…..सिर…..ज़ोर.स्सी…फाड़…दूं..आहह

मैं- उउंम्म…आह…ये ले…कुतिया…..लंड खाना है.....ये ले….उउम्म्म्मम

चंदा- हाँ…ऐसे ही...गालियाँ पसंद है मुझे.....ओह्ह्ह...म्मा…..फादद्ड़…..आहहाहह…..उउफ़फ्फ़…

मैं थोड़ी देर तक चंदा को चोदता रहा ओर फिर मैने उसके बूब्स को छोड़ा तो उसने मेरा इशारा समझ कर खुद ही उछल-उछल कर लंड को लेना शुरू कर दिया…

चंदा-आअहह…आहह…हहा…ऐसे ही करो..आहह…उउउफ़फ्फ़….हहाअ…..

मैं-यस बेबी…जंप….य्ाआ..एस

चंदा-आअहह…आहह…हहा…हाअ…आहह

मैं- यस…जंप…ज़ोर से..कुतिया……तेज ..और तेजज्ज़....

चंदा-हाअ..आहह…..आहहह…अहहह..यईएसस..सहहाः…आऐईइसस्ससी..आहहह....

मैं- हां..ऐसे ही….ज़ोर से…ज़ोर से....

मैने फिर से चंदा के बूब्स को हाथो से पकड़ लिया ओर सहलाते हुए उसको चोदने लगा…

चंदा भी पूरी स्पीड से उछल रही थी, उसकी मस्त गान्ड मेरी जाघो पर पट-पट कर रही थी…ऑर चंदा चुदाई का आनद ले रही थी….

मैं-येस …जंप….य्ाआहह....

चंदा-आअहह…आहह…हहा…आईसीए..आहह…..आहहह…अहहह..

यईएसस..ईसस्स..आहह....

मैं- आहह…ज़ोर से…यस…

चंदा- आहह...आह…आहह..ज़ोर से....उउउम्म्म्म.....

मैं-यस बेबी एस....

चंदा- अया..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..एसस्सस्स…आअहह…

फफफफफात्तत्त…..प्प्पाट्त्ट…आहः..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..आहह…आईइईसीए..हहीी..आहह…ज्जोर्र…सीए..

ययएएसस्सस्स…आअहह…ययईईसस्स….ऊऊहह......

और ऐसी ही आवाज़ो के साथ चंदा झड़ने लगी.....

चंदा- ओह्ह..सर...मेरा हो गया....आआहह .....

मैं- मैं भी आ रहा हूँ.....

चंदा- भर दो सर...आअहह...आअहह...आअहह...उउउंम्म...

हमारे झाड़ते ही चुदाई का संग्राम थम गया और चंदा मेरे उपेर लेट गई और हम किस करने लगे........

चंदा- ह्म्म....आप तो जल्दी ही शांत पड़ गये..क्या हुआ....हथियार तो बड़ा है फिर भी....

मैं- वो तो काफ़ी देर से गरम था इसलिए...अभी देखती जाओ...हम कितनी देर तक सवारी करते है....

चंदा- ह्म्म..मैं ज़रूर देखना चाहुगी...

मैं- सब दिखाउन्गा....सबर रखो....और जब तक मैं बाकी के कमरे मे देख लूँ...

चंदा- ह्म्म..मुझे भी देखना है कि हमारे बॉस की फॅमिली के कितने रंग है....

मैं- ह्म्म...उठो फिर...

फिर हम फ्रेश हुए और वापिस लॅपटॉप देखने लगे.....सामने पूनम के रूम का व्यू था...पूनम और मोना सो रही थी...

फिर मेरे दिल मे ख्याल आया कि अब अकरम की मोम का हाल देखु...आज तो उनका पति साथ मे है ..देखे क्या कर रहे है...सो रहे है या फिर चुदाई....

और मैने वसीम के रूम सेलेक्ट किया...पर वहाँ बेड खाली था...और रूम मे भी कोई नही था...फिर मैने साइड कॅमरा देखा...उसमे भी कुछ नही था...बाथरूम मे भी कुछ नही दिखा....

चंदा- सर...वसीम सर का रूम तो खाली है...ये इस टाइम कहाँ गये होंगे...

मैं(मन मे)-ये क्या...कही वसीम भी तो अपनी बीवी की तरह नही...मतलब वसीम और उसका फरन्ड आपस मे ग्रूप सेक्स करते हो...अगर ऐसा है तब तो बहुत बुरा है...वसीम के फरन्ड का रूम देखता हूँ...

फिर मैने सरद का रूम सेलेक्ट किया...

सामने का नज़ारा बहुत मस्त था...सरद बेड पर लेटा हुआ था और एक औरत उसके लंड पर गान्ड उछाल रही थी ...

वो औरत सरद के उपेर झुकी हुई थी...इसलिए समझ नही आ रहा था कि कौन है....

सरद नीचे से धक्के मार रहा था और उस औरत को अपनी बाहों मे कसे हुए था....

जब मुझे उस औरत का चेहरा नही दिखा तो मैने साइड कॅमरा देखा....पर उसमे भी उस औरत का चेहरा नज़र नही आया....

सरद उसका चेहरा अपनी बाहों मे कसे हुए उसे चोद रहा था ...

और आवाज़ भी सिर्फ़ सिसकने की आ रही थी..कुछ बोल ही नही रहे थे वो दोनो...इसलिए आवाज़ से भी कुछ पता नही चला...

मैं- हटत्त साला...इसका चेहरा तो छुपा हुआ है...

चंदा- अरे सर..ये इसकी बीवी ही होगी...और कौन हो सकता है इस टाइम...

मैं- ह्म्म ..पर चेहरा दिख जाता तो ठीक था ना....

चंदा- सर दूसरा रूम देखो...शायद कुछ पता चल जाए..वसीम सर या सबनम मेडम दिख जाए...

मैं(मन मे)- अब तो सिर्फ़ शादिया का रूम बचा है और हाँ..वो खाली रूम भी तो है..शायद वहाँ कोई हो...

चंदा- क्या सोच रहे है सर...

मैं- कुछ नही...चलो दूसरा रूम देखते है...

और मैने शादिया का रूम सेलेक्ट किया....

यहाँ का नज़ारा भी शॉकिंग था....शादिया बेड पर लेटी थी और किसी का लंड खा रही थी....

साइड कमेरे से देखने पर पता चला कि वो वसीम का लंड खा रही थी....

ये नज़ारा देख कर चंदा गरम होने लगी और मेरा लंड पकड़ कर मसल्ने लगी.....

वहाँ रूम मे वसीम और शादिया की चुदाई चालू थी....

शादिया- आहह...वसीम...ज़ोर से...आहह...ज़ोर से कर...आअहह.....

वसीम- हाँ शादिया बेगम...ये लो...यीहह...एस्स...एस्स...एस्स ....

शादिया- आहह..वसीम..अब तुम्हारा लंड मज़ा नही देता...ज़ोर से मारो ना...उउंम्म..

वसीम- हाँ...अब क्यो देगा...तुझे तो नये-नये लंड का शौक लग गया ना...

शादिया- आहह...तुमने ही तो लगाया...उउउंम्म...

वसीम- ह्म....और मेरा ही बुरा लगने लगा...

शादिया- आअहह...नही मेरी जान...तुम्हारे लिए तो मैं हमेशा तैयार हूँ...तुम ज़ोर से मारो बस...

वसीम- वैसे शादिया....वो पार्लर वाला मिला कि नही...

( ये बात सुनकर मुझे पता चल गया कि ये दोनो मेरी ही बात कर रहे है...)

शादिया- उम्म...हाँ...पर अभी बात नही हुई...आहह...

वेसिम- ह्म..कौन है...

शादिया- कोई भी हो...हथियार दमदार है...आहह...वसीम...मैं गई...आअहह....आहह...

और शादिया झाड़ गई और वसीम ने लंड बाहर निकाल लिया....

 


वसीम- अब कुतिया बन जा...तेरी गान्ड मारनी है...

शादिया- नही..गान्ड तो किसी के लिए संभाल के रखी है...

वसीम- साली कुटिया...मुझे मना करेगी...

शादिया- प्ल्ज़ वसीम...एक बार उससे गान्ड फाट्वा लूँ...फिर तुम्हारे लिए ही तो है....

वसीम- पर किसके लिए संभाल रखी ये तो बता...

शादिया(मुस्कुरा कर)- वही...दमदार हथियार का मालिक...पार्लर वाला...

(मैं शादिया की बात सुनकर खुश हो गया कि शादिया मुझसे गान्ड फतवाने के लिए बैचैन बैठी है...)

वसीम- ठीक है...तो फिर कुतिया बन जा...चूत ही मारता हूँ...

फिर शादिया कुतिया बन गई और वसीम ने उसके उपेर झुक कर उसकी चूत मे लंड डाल दिया...

शादिया- आहह...पूरा डाल दिया साले...आराम से डालता ना...आअहह...

वसीम- तेरे जैसी रांड़ को रगड़ कर ही चोदना चाहिए...समझी...

और वसीम ने फिर से लंड बाहर निकाला औट एक ही बार मे अंदर डाल दिया...

शादिया- आअहह...साले...आराम से...आअहह...

वसीम- चुप कर कुतिया...मज़े ले...यीहह...

वहाँ वसीम शादिया को कुतिया बना कर तेज़ी से उसकी चूत मारने लगा और यहाँ चंदा मेरे लंड की मूठ मारने लगी...

मैं- चंदा...मूठ मत मार...चूस के तैयार कर...

चंदा- पर मैं चुदाई कैसे देखुगी...देखो कितनी मस्त चुदाई चल रही है...

मैं- तू लंड चूस और मैं लॅपटॉप तेरे सामने रख देता हूँ...दोनो काम साथ हो जायगे...

चंदा- ह्म..

और चंदा ने झुक कर मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और मैने लॅपटॉप उसकी आँखो के सामने रखा और दोनो उस रूम की चुदाई देखने लगे...

वहाँ रूम मे....

शादिया- आहह..ज़ोर से मार साले...आअहह...

वसीम- हाँ मेरी रांड़...ये ले...ये ले....

शादिया- आअहह...आहह..आहह...ज़ोर से....और तेजज..आहह...आअहह..आहह...

वसीम- हाँ ..यहह...यीहह...यीहह...

फिर वसीम ने शादिया के निप्पल को खीच दिया और शादिया तड़प उठी...

शादिया- आहह...साले अपनी बीवी को चोद के मेरी चूत मे घुसा है और मुझे दर्द देता है....

वसीम- हाँ...मेरी बीवी मे वो बात कहाँ जो तुझमे है....यह.....यीहह...

शादिया- तो अपनी बेटी को चोद ले...वो भी मस्त माल हो गई है...

वसीम(फिर से निप्पल खीच कर)- चुप कर साली...ज़्यादा मुँह मत चला....

( ये देख कर मैं खुश था कि चलो वसीम अपनी बेटियों पर बुरी नज़र नही रखता...)

चंदा- आहह...सर ..वसीम सर तो...

मैं- उन्हे छोड़..अब तू आजा जल्दी....

फिर मैने चंदा को अपने उपेर आने को कहा...चंदा मेरी तरफ गान्ड करके लंड को चूत मे ले गई और धीरे-2 गान्ड घुमाने लगी....

चंदा लॅपटॉप पर वसीम और शादिया की चुदाई देखते हुए मेरे लंड पर उपेर-नीचे होने लगी.....

मैं- आहह..चंदा..तेरी चूत ज़्यादा नही फैली...टाइट ही है..ह्म्म्म...

चंदा- आओउम्म्म्म..अब आप फाड़ के ही जाना सर...उउउंम

मैं- चल अब शुरू हो जा...

चंदा- हाँ सर...आअहह...

चंदा ने अपने आपको अड्जस्ट किया और तेज़ी से लंड पर तेज़ी से उछलने लगी...

मैं-यस …जंप….य्ाआहह....

चंदा-आअहह…आहह…हहा…आईसीए..आहह…..आहहह…अहहह..

यईएसस..ईसस्स..आहह....

मैं- आहह…ज़ोर से…यस…

चंदा- आहह...आह…आहह..ज़ोर से....उउउम्म्म्म.....

मैं-यस बेबी यस....

चंदा- अया..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..एसस्सस्स…आअहह…

फफफफफात्तत्त…..प्प्पाट्त्ट…आहः..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..आहह…आईइईसीए..हहीी..आहह…ज्जोर्र…सीए..

ययएएसस्सस्स…आअहह…ययईईसस्स….ऊऊहह......

और ऐसी ही आवाज़ो के साथ चंदा झड़ने लगी.....

चंदा- आअहह...माइन्न्न..गाऐ..आअहह....आआहह .....

चंदा के झड़ने के साथ हो लॅपटॉप मे शादिया और वसीम भी झड चुके थे....

 


चंदा- आअहह...सर...अब दूसरा रूम देखे क्या...

मैं- रूम बाद मे...पहले तेरी मार लूँ...

और मैने चंदा को साइड किया और फिर से लंड चुसवाने लगा...

चंदा- सस्स्स्रररुउउउप्प्प्प....सस्स्रररुउउप्प्प्प....सस्द्रररुउउप्प्प...उउउंम्म..

मैं- आअहह...चिकना कर दे...फिर तुझे कुतिया बना के चोद्ता हूँ...आअहह....

चंदा- उउउंम्म...उूउउंम्म...उूउउंम्म...उउउंम...

मैं- बस कर...अब कुतिया बन जा...

चंदा जल्दी से कुतिया के पोज़ मे आ गई और मैं बेड के नीचे खड़ा हुआ और उसकी चूत मे लंड डाल दिया....

सामने लॅपटॉप पर देख तो पता चला कि शादिया और वसीम फ्रेश होने चले गये और फिर मैने चंदा की कमर पर हाथ रखा औट तेज़ी से चुदाई शुरू कर दी.....

चंदा- आहह….माँ…उूउउइइ…..आहह....

मैं- अब तेरी फाड़ता हूँ मेरी कुतिया…

चंदा-आअहह..फाड़ दो…आअहह…ज्ज़ोर..सी…माररू..

मैं तो ये ले …फटी तेरी..यीहह

मैने फिर चंदा को बालो से पकड़ कर फुल स्पीड मे चोदना शुरू किया ऑर चंदा ज़ोर-ज़ोर से आवाज़े निकालने लगी ओर चुदाई का रंग चरम पर पहुच गया…

चंदा-आअहह…आअहह…ऊररर…तीएजज,,,,आहह,,,,,,आअन्न्ंदडाा ….ताअक्कक….म्म्मा आ….उूउउफ़फ्फ़…म्म्माद….फ़फफादद्ड़..दद्दूव…आअहह...उूउउफ़फ्फ़..म्म्मा .....आाऐययईई.....म्म्माहआ...आअहह

मैं- आहह..ईएहह….एस्स..एस्स….ये..ले…

चंदा- आअहह…आअहह…ऊररर…तीएजज,,,,आहह,,,,,,आअन्न्ंदडाा ….ताअक्कक….म्म्माहआ….उूउउफ़फ्फ़…माआ…म्माईिईन्न्न…..म्म्माक…आआईइ……आअहह…ऊओह

मैं- ओर तेजज्ज़ डालु..

चंदा-आअहह….दददााालल्ल्ल्ल्ल्ल…द्ददी…..आआअहह…फासस्थटत्त…आअहह

..एस…एस..एस…आअहह....तीएजज्ज़....ऊओरर..त्त्टीज्जज....आहह...उउफफफ्फ़...आआहह

मैं-यस बेबी..ये ले..…ये ले...

मैं तेज़ी से चंदा की चुदाई कर रहा था ऑर चंदा की गान्ड पर मेरी जाघे इतनी तेज़ी से टकराने लगी कि उसकी गान्ड लाल पड़ने लगी …..15-20 मिनिट की दूसरी चुदाई मे चंदा फिर से झड़ने लगी ओर उसकी सिसकारिया तेज होने लगी…

चंदा-आअहह…आहह…हहा…ऐसे ही करो..आहह…..आहहह…अहहह..यईएसस..सहहाः…ज्जॉर्र्र..ससी..आहहह....

फफफफात्तत्त…..प्प्पाट्त्ट…आहः..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..तीज़्ज़ज्ज…हहाअ…उउउफफफ्फ़

एसस्सस्स…आअहह…आअहह…ययईईसस्स….ऊऊहह…आअहह

मैं-यस बेबी एस...ये ले...यीहह....ईएहह.....

चंदा- अहः..उउंम…हहूऊ…आअहह.ययईएसस…आऐईइईसीए हहीी…ययईसस…ज्जूओर्रर…ससीए…..एसस्सस्स…आअहह…फफफफफफुऊफ़ुऊूक्कककककक…म्माईिईन्न्न,….आआईयइयाय …आअहहहह…ऊओ…म्मा….ऊहह…ऊहह..ऊहह

ऐसे चिल्लाते हुए चंदा झड़ने लगी ओर उसका चूत रस मेरे लंड के साथ अंदर बाहर ही कर फुकछ-फुकछ की आवाज़े करने लगा…

मैं भी झड़ने ही वाला था तो मैने कहा…

मैं- मैं भी आ रहा हूँ…कहाँ निकालु

चंदा- आहह…आह..मेरे…मुँह मे…आहह..पिलाओ…..आअहह

मैने चंदा को छोड़ा ऑर चूत से लंड निकाल के बेड पर खड़ा हो गया …चंदा भी पलट कर घटनो पर आ गई ऑर मेरे लंड के सामने मुँह खोल के घुटनो पर बैठ गई....

मैने पिचकारी मार के लंड रस चंदा के मुँह मे भर दिया…जिसे चंदा पीने लगी ओर कुछ उसके मुँह पर लग गये…

इसके बाद चंदा ने मेरा लंड चूस चाट कर सॉफ किया ऑर फिर हम दोनो वही नंगे लेट गये…

थोड़ी देर बाद…..

मैं- मज़ा आया…

चंदा- बहुत बहुत मज़ा आया…

मैं- अच्छा है….तुम खुश हो तो बॅस..

चंदा-आप खुश नही क्या...???

मैं- अरे क्यो नही..मैं भी खुश हू….पर तुम्हारी गान्ड रह गई…

चंदा- काफ़ी टाइम है सर ...फ़ुर्सत से मारना…पॅक है…

मैं- सच मे...खुली नही

चंदा- नही..आप खोल देना...

मैं- ह्म्म..तो कभी फ़ुर्सत से खॉलुगा....

चंदा- ह्म्म्मा..अब देखे कि सरद सर के रूम मे कौन सी औरत है....

मैं- ह्म्म..पर पहले फ्रेश हो आते है...

 
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