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Guest
मैने रक्षा को बाहों मे भरा और उसके सॉफ्ट होंठो को अपने होंठो मे भर के चूसने लगा....और हाथ से उसके बूब्स दवाने लगा....
रक्षा भी कम नही थी...और वो मेरे लंड को पेंट के उपेर से सहलाने लगी...जो कि पहले से ही खड़ा था...
फिर मुझे एक ख़याल आया और मैने रक्षा को छोड़ा और बोला...
मैं- मेरी गुड़िया... लंड चुसेगी...??
रक्षा- आप पूछ क्यो रहे है...आप बस कहो...मैं हमेशा रेडी हूँ...
मैं- तो गेट बंद कर ...
रक्षा ने गेट लॉक किया और मैने लंड बाहर निकाल लिया...
मैं- आजा बेटा...जल्दी से चूस दे...
रक्षा ने जल्दी से मेरा लंड पकड़ा और थोड़ा सहलाया ...लंड फिर से पूरा कड़क हो गया...
रक्षा- भैया...ये तो पूरा तैयार है...और गीला भी...
मैं- तुझे देख कर खड़ा हो गया...और ये पानी...इसी से निकला होगा...अब तू बाते छोड़ और जल्दी से शांत कर दे इसे...
रक्षा ने लंड को मुँह मे भरा और बड़े प्यार से चूसने लगी....
मैं(मन मे)- क्या बात है...आज तो लंड की किस्मत मे दो-दो मुँह आ गये....पहले पूनम और अब रक्षा ..वाह...
रक्षा- सस्स्स्रररुउउप्प्प्प....सस्स्रररुउउप्प्प्प....उूउउम्म्म्म.....उूउउंम्म...उउउंम्म....
मैं- आहह ..ज़ोर से बेटा...जल्दी कर...और तेजज्ज़...आहह...
मैं जल्द से जल्द झड जाना चाहता था पर इससे पहले कि मैं झड़ता बाथरूम का गेट खुलने की आवाज़ आई...
रक्षा(लंड को मुँह से निकाल कर)- अनु आ रही है भैया...मर गये...
मैं- डर मत ..तू बाहर जा..इसे मैं देखता हूँ...
रक्षा- हमम्म..
और रक्षा जल्दी से रूम से निकल गई....
तभी बाथरूम का गेट खुला और अनु टवल मे मेरे सामने आ गई....
अनु मुझे देखते ही चौंक गई....और साथ मे उसकी आँखे भी फैल गई...
अनु- ये क्या...आप ऐसे...ये बाहर निकाल कर क्यो बैठे हो...
मैं- बस मेरी जान तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था....
अनु- पर आपको ऐसे किसी ने देख लिया तो...
मैं- गोली मारो दुनिया को...प्यार किया तो डरना क्या...
अनु(मुस्कुराते हुए)- आप डायलॉग कब से मारने लगे...ह्म्म्म
मैं- वो सब छोड़ो...अभी मुझे शांत करो...देखो मेरा लंड फुल फॉर्म मे है...
अनु(मुस्कुराते हुए)- हम्म...तो आओ फिर...आपको जन्नत का मज़ा देती हूँ...
मैने उठ कर अनु के पास पहुचा और अनु ने टवल निकाल दी और बाहें फैला कर मुझे बुलाने लगी....
मेरा भी मूड बना हुआ था...मैने अनु को अपनी बाहों मे कस लिया...
फिर हम एक दूसरे को चूमने लगे..