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Guest
रक्षा जाग चुकी थी और पढ़ रही थी...मुझे देखते ही वो शर्मा गई...
मैं- तुझे याद नही था कि कल पेपर है...??
रक्षा- पता था...
मैं- फिर भी तुमने....क्यो...??
रक्षा- क्योकि मैं आपके प्यार के लिए और वेट नही कर सकती थी.....
मैं- पर तुम्हारी पढ़ाई...और दर्द..
रक्षा- डोंट वरी भैया...मैने टॅबलेट खा ली है और पढ़ाई भी हो चुकी थी...थोड़ा अभी पढ़ लूगी...सब ओके है....
मैं- ओह..तू तो स्मार्ट है...
रक्षा- बेहन किसकी हूँ....असर तो होगा ही...
मैं- ओके मेरी गुड़िया...अब पढ़ाई कर...फिर रेस्ट करना ओके...और दर्द तो नही हो रहा...
रक्षा- आप दवा दे दो तो बिल्कुल नही होगा....
रक्षा की बात सुनकर मैं मुस्कुराने लगा...फिर मैं उसे किस कर के वापिस आ गया और पढ़ाई करने लगा.....
फिर रात मे कुछ खास नही हुआ...हम ने डिन्नर किया पढ़ाई की और सो गये.....
अनु को मैने रात को ना आने का बोल दिया था तो अब वो भी नही आती थी...हाँ थोड़ी देर तक मैं कुसुम और उसके पति के बारे मे सोचने लगा ...और फिर मुझे वो अननोन नंबर. वाली की बात याद आई...पर मुझे अभी उसके बारे मे कुछ याद नही आया था.....
ऐसे ही सोचते हुए मैं सो गया...सुबह हम ने एग्ज़ॅम दिया....अकरम से बात की...उसने मुझे 2 दिन बाद अपने घर बुलाया....बोला कि उसकी दीदी मुझे बुला रही थी....
इसके बाद मैने बाकी सब को घर ड्रॉप किया और वहाँ से सीधा कामिनी के घर चला गया....
कामिनी का घर आलीशान था...उसकी हवेली की तरह.....गार्ड ने कन्फर्म कर के मुझे अंदर जाने दिया...
अंदर हॉल मे कई लोग थे जिसमे मैं सिर्फ़ सुषमा, पायल, और काजल को जानता था....
उनसे थोड़ी बात की पर काजल ने मुझसे कोई बात नही की...बस मुझे अजीब तरह से देखती रही....
उन लोगो को बाद मे मिलने का बोल कर मैं कामिनी के रूम मे निकल गया....
कामिनी अपने रूम मे मेरा ही वेट कर रही थी....
कामिनी- आइए-आइए, आपका ही इंतज़ार था...
मैं- सच मे...आपको कैसे पता कि मैं आने वाला हूँ...??
कामिनी- वो तो मेरे गार्ड ने बता दिया था...
मैं- ओह्ह..तो ऐसा ...वेल कैसी है आप..??
कामिनी- मैं तो ठीक हूँ...मुझे क्या हुआ ..
मैं- मैने तो सुना था कि आपका आक्सिडेंट हुआ है...
कामिनी- तो आप मेरे आक्सिडेंट की खबर सुनकर आए है...चलो इसी बहाने हमारी याद तो आई...
मैं- नही, ऐसी कोई बात नही है...आप जब याद करेगी..हम हाजिर हो जायगे...
कामिनी- पक्का...या फिर हमें फिर से आक्सिडेंट करना होगा...हहहे...
मैं- नही...इसकी कोई ज़रूरत नही होगी...वैसे, कैसी है आप...कोई चोट तो नही आई..??
कामिनी- नही...अपनो के प्यार ने बचा लिया....और आप खड़े क्यो है...आइए, बैठिए ना...
मैं बेड के पास पड़ी चेयर पर बैठने लगा तो कामिनी ने मुझे बेड पर आने को कहा...और मैं कामिनी के साथ बेड पर बैठ गया...
मेरे बैठते ही कामिनी मेरे करीब आ गई...
कामिनी- बहुत इंतज़ार करवाया आपने...और आए भी तो तब..जब घर मे सब मौजूद है..
मैं- मतलब..आपको खुशी नही हुई..मेरे आने की...
कामिनी- अरे..मतलब ये कि अभी आपको खुल के प्यार भी नही कर सकती..
मैं(मुस्कुराते हुए)- कोई नही...प्यार करने के लिए तो जिंदगी पड़ी है....कर लेगे...
कामिनी- जिंदगी का क्या पता...कब ख़त्म हो जाए ..है ना..
मैं(मन मे)- जानता हूँ ...तू मेरी बात कर रही है...पर मैं तुझे ऐसा झटका दूगा कि तू जीते जी मर जायगी...
कामिनी- हेलो...अभी तो जिंदगी बाकी है...अभी सोच मे टाइम वेस्ट मत करो...
मैं- ओके...वैसे भी मैं लाइफ के बारे मे सोचता नही....जब तक लाइफ है, तब तक खुल के जिओ...यही मेरा मानना है...
कामिनी- गुड...तो इंतज़ार किस बात का...हुष्ण भी है...प्यास भी है...तो प्यास बुझा लो ना...
मैं- पर..घर मे कई लोग है...
कामिनी- डोंट वरी...थोड़ा सा प्यार तो कर सकते है ना...
मैं- ओके..बस थोडा सा...
इतना बोलते ही कामिनी ने अपने होंठ मेरे होंठो से लगा दिए और हम एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे...
करीब 5-6 मिनट से हम होंठ चूस रहे थे कि तभी गेट पर किसी ने आवाज़ दी...
सेरवेंट- अयू हु...मेडम...
हम ने किस ख़त्म किया और कामिनी बोली...
कामिनी(गुस्से से)- बिना बुलाए क्यो आई...??
सेरवेंट- मेडम वो...
कामिनी- वो क्या...??
सेरवेंट- पोलीस आई है...आपको बुला रहे है...
कामिनी- ओके तू जा..और मुँह बंद रखना...यहाँ जो देखा वो किसी को पता ना चले..समझी...
सेरवेंट - जी मेडम...
सेरवेंट चली गई ....और थोड़ी देर बाद हम दोनो भी नीचे आ गये...