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Guest
मैं सोच ही रहा था कि ये कौन हो सकता है कि तभी मेरी लेफ्ट पैर पर एक और हाथ घूमने लगा और मैं शॉक्ड हो गया….
मेरे लेफ्ट मे सिर्फ़ अनु और रूबी थी…और मेरे राइट मे रक्षा, पूनम दी और मधु थी…
मैं पूनम दीदी के लिए तो श्योर था बट ये दूसरा कौन था…और ये लेफ्ट साइड मे किसका हाथ आ गया..क्या अनु..??? …या रूबी..????
मैं सोच रहा था और हाथ अपना काम कर रहे थे,,….नतीज़ा ये हुआ कि मेरे लंड ने हुन्न्कार भरना शुरू कर दिया..
तभी मेघा आंटी रूम मे आ गई और सारे हाथ पीछे हट गये…
आंटी2- लो बच्चो..आप सबके लिए गरमा-गरम कॉफी और पकोडे…
अनु- थॅंक्स मम्मी…मैं सोच ही रही थी कि ऐसे मौसम मे कुछ गरमा-गरम हो जाए…
आंटी2- अब ले आई ना..चलो-चलो शुरू करो, मैं संजू को देने जाती हूँ…
इसके बाद हम सब कॉफी और पकोड़ो का आनंद लेने लगे और मैं हाथ के बारे मे सोचने लगा…
नाश्ता ख़त्म करके मैने फिर से पढ़ाना शुरू कर दिया और करीब 2 घंटे पढ़ने के बाद हम फिर से रेस्ट करने लगे…
इस बार भी मेरे पैरों पर हाथ घूमते रहे और मेरे दिमाग़ मे सवाल…कि कौन है ये ..पूनम तो पक्का है…पर बाकी कौन…?????
मैं सोच ही रहा था कि पूनम दी बोली
पूनम- अब पढ़ाई बहुत हो गई..अब कुछ गेम खेलते है...
अनु- हाँ दीदी..पर ऐसे मे क्या खेले..???
पूनम दी- ह्म्म..हम सब हाइड आंड सीक खेलते है पर न्यू स्टाइल मे…
मैं- न्यू स्टाइल...वो कैसे…???
पूनम – हम मे से एक बाहर पारी देने जायगा और बाकी लोग कंबल मे छिप जाएगे…
रूबी- दीदी..कंबल मे सब लोग..तब तो सब पकड़े जाएगे…
पूनम- अरे रूबी सुन तो…
अनु- हाँ आप बोलो…
पूनम- यही तो ट्विस्ट है…
रक्षा- कैसा ट्विस्ट..
पूनम- देखो हम 2-2 और 3-3 के ग्रूप मे कंबल मे रहेगे..और जो पारी देगा..उसे बताना होगा कि इस कंबल मे 2 लोग या 3 लोग कौन-कौन है…
मधु- 2 या 3 को बता भी देगा तो अगली पारी कौन देगा..2 अया 3 लोग साथ मे तो दे नही सकते ना…
पूनम- सुनो तो..
मैं- हाँ …पहले आप बोल लो…
पूनम- तो सुनो…उस ग्रूप मे जिसका नाम पहले बुलाया जायगा वो पारी देगा…पर तभी जब पूरे ग्रूप को सही पहचान लिया जाएगा..
रूबी- मैं समझी नही थोड़ा डीटेल मे समझाओगी दीदी….
पूनम- हाँ क्यो नही…देखो , जैसे मधु पारी देने गई…और मैं अनु के साथ 1 कंबल मे छिप गई और रक्षा, भाई और तुम एक कंबल मे…
अनु- ओके…फिर..
पूनम- अगर मधु ने बोल दिया कि मेरे कंबल मे मैं और अनु है या भाई के कंबल मे भाई , रक्षा और रूबी है …तो उसकी पारी ख़त्म और वो जिस कंबल का बोलेगी उसमे से वो पारी देगा जिसका नाम पहले बोला हो..
मैं- ह्म्म..पर सारी नेम सही हो तब..
पूनम- हाँ….बिल्कुल….समझ गयी सब..??
हम सबने हाँ कर दिया…
मैं- समझ तो गया..पर ऐसा गेम होता भी है कही…
पोनं- अरे भाई होता है ना..हम जब स्कूल ट्रिप पर गयी थे तो अपने रूम मे खेलते थे…ये हमने ही बनाया है…
मैं- अच्छा..पर ये लोग खेलेगे..????
अनु- क्यो नही खेलेगे…किसी को कोई प्राब्लम क्यो रक्षा, रूबी ,मधु..बोलो..
अनु की बात पर सबने कहा दिया कि कोई प्राब्लम नही...
इसके बाद सब खेलने को रेडी थे पर पहली पारी कौन देगा…???
पूनम दी- पहली पारी देने के लिए हम पर्ची मे नंबर लिख कर उछालते है…जिसका सबसे कम नंबर आयगा वो पारी देगा..
मैं- ओके..पर पहले संजू को बुला लो…
अनु- हाँ , मैं बुलाती हूँ...
अनु संजू को बुलाने गई पर संजू सो चुका था.....
पूनम- ओके तो हम 6 लोग है…मैं 6 नंबर की चिट बनाती हूँ…जिसके पास 1 आयगा..वो पारी देगा..ओके
हम सबने हाँ कह दिया और चिट तैयार हो गई..चिट मे 1 नंबर मधु का आ गया और वो पारी देने को जाने लगी…
पूनम- रूको मधु..गेम को थोड़ा और मजेदार बनाते है…
अनु- वो कैसे….
पूनम-देखो , हम रूम मे अंधेरा कर देते है..फिर हमे भी समझ नही आएगा कि हमारे कंबल मे कौन है…
मैं- पर जब कोई नाम लेगा तो...
पूनम- हाँ, देखो जिसका नाम बुलाया जायगा वो हाँ बोलेगा..और जैसे ही दो लोग अलग कंबल मे हुए तो पार्री वापिस देनी होगी…
अनु- वाउ दी ..अब तो और भी मज़ा आयगा…
पूनम- चल फिर लाइट ऑफ कर और खिड़की भी…वैसे भी बाहर तो अंधेरा छा ही गया है…
इसके बाद रूम मे अंधेरा हो गया..और मधु अपनी पारी देने चली गई…मधु को नीचे मेन डोर तक जा कर 10 तक काउंट कर के आना था…जब तक हम को 2 कम्बलो मे छिपना था…लेकिन इसी रूम के अंदर..चाहे खड़े रहे या लेटे रहे…
मैं सोचने लगा कि इन लड़कियो के साथ कंबल मे मेरा क्या होगा…कही मेरा लंड खड़ा हो गया तो…???????
मैं सोच पाता उसके पहले ही मुझे किसी ने पकड़ के अपने साथ कंबल मे लिटा लिया और दूसरी लड़की मेरे दूसरे साइड से कंबल मे आ गई…
एक अजीबो- ग़रीब गेम शुरू हो चुका था….जो ना किसी ने सुना होगा और ना किसी ने खेला होगा…..
पता नही ये गेम आगे क्या-क्या करवाता है…और मुझे क्या मिलता है…..मज़ा या सज़ा…..????????......देखते है…
अब मैं 2 जवान लड़कियों के साथ एक ही कंबल मे था….और कमाल की बात ये थी कि मुझे या भी नही पता था कि मेरे साथ जो लड़कियाँ है …वो है कौन..???
मुझे सच मे बड़ा अजीब लग रहा था कि आख़िर ऐसा खेल क्यो खेल रही है ये सब लड़कियाँ..जबकि सबको पता है कि उनको लड़के के साथ चिपक कर एक ही कंबल मे रहना पड़ेगा…
फिर मैने सोचा की जब इनको कोई प्राब्लम नही तो मैं क्यो डर रहा हूँ…जो होगा तो होने दो…वैसे भी जब चूत ही फड़कने लगे तो लंड की क्या ग़लती…हाहाहा…
यही सोच कर मैने अपनी घबड़ाहट को निकाल फेका और कंबल मे छिपे हुए गेम का मज़ा लेने का सोच लिया…
यहाँ कंबल के अंदर हम 3 लोग बड़ी मुस्किल से अड्जस्ट हो रहे थे…हम सबके बदन एक-दूसरे से पूरी तरह चिपके हुए थे…
मैं बीच मे करवट लेके पड़ा हुआ था और दोनो लड़कियाँ भी करवट लिए हुई थी…ऐसे हम तीनो एक ही साइड मे करवट लेके लेटे हुए थे…
मेरे आगे साइड जो लड़की थी…उसकी गान्ड मेरे लंड से सट गई और मुझे गरम करने लगी….वही पीछे वाकई लड़की के कड़क बूब्स मेरी पीठ पर चुभ रहे थे…जो मेरी गर्मी को और भी ज़्यादा बढ़ाने लगे…
मैं कुछ देर तक तो बिल्कुल नॉर्मल रहा…पर लंड कहाँ मानता है…वो तो गान्ड से टच होते ही कड़क होने लगा…और मेरे पीछे वाली लड़की के बूब्स भी तन गये और मेरी पीठ पर उसके निप्पल चुभने लगे….
अब तक सब नॉर्मल ही था ..पर इसके बाद जो हुआ..वो देख कर तो मैं शॉक्ड रह गया…