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अजनबी हमसफर

बड़ी आरजू थी तुम मेरी हो जाओ ,

मेरे नाम की मेहदी हाथो में सजाओ

मेरी दिल की गलियों में हो सिर्फ तुम ही

मेरे साथ तुम अपना जीवन बिताओ

मेरी ख्वाइश कब की हुई आज पूरी

भटकते हिरण को मिली है कस्तूरी

मेरी बन गयी दिल की मेरी सहजादी

हुई अब मुक्कमल जो थी कबसे अधूरी

सार्थक और सारे बाराती वापस से जनवासे में आगये और आराम करने लगे।

रात को करीब 2 बजे वापस लावण्या के घर से संदेशा आया और फिर सार्थक और कुछ चुनिंदा खास खास रिस्तेदार शादी के लिए लावण्या के घर पहुचे ।

बिधि बिधान से और मंत्रोचार के साथ लावण्या और सार्थक की शादी फेरे और सिंदूरदान कन्यादान और जो भी रस्म रिवाज थी सम्पन्न हुआ जो करीब - करीब 3 घंटे तक चलता रहा शादी होते होते सुबह के पांच बजे गए थे ।

शादी सम्पन्न हो जाने के बाद , सबसे पहले नव दंपति को लावन्या के घर की कुल देवी के पास ले जाकर कर आशिर्बाद दिलवाया और फिर सार्थक और लावण्या ने सबके पैर छूकर सबका आशिर्बाद लिया ।

उसके बाद सार्थक अपने पापा के साथ वापस से जनवासे में आगया जहा पर उसे दुबारा नहा धोकर और फ्रेश होकर

लावण्या के बिदाई करवाने के लिए पहुचा ,

लावण्या की सहेलिया और खास खास रिस्तेदार सार्थक और उसके दोस्तों के साथ चुहल बाजिया और हंसी मजाक कर रहे थे ,और सार्थक उन सब की चुहल बाजियों को सुनकर सरमा रहा था और मुस्कुरा रहा था हालांकि लक्ष्य और शशांक उन लड़कियों के हंसी मजाक का जबाब अपने अंदाज से दे रहे थे और हद तक उनपर भारी पड़ रहे थे लेकिन लावण्या की सहेलिया भी कम न थी वो खूब हंसी मजाक कर रही थी और सार्थक और उसके दोस्तों की खिंचाई कर रही थी ।

इतने में लावण्या की मम्मी जी मुस्कुराती हुई आये और बोली ।

अरे बस भी करो मेरा दामाद इतना सीधा साधा है तो अब उसका इतना भी फायदा मत उठाओ देखो कैसे तुम लोगो की बाते सुनकर बेचारा लजा जाता है जाओ जाओ अब बस भी करो - मम्मी ने लावण्या की सहेलियों को घुड़का

सारी सहेलिया दबे पांव निकल गयी सार्थक ने राहत की सास ली मानो अभी अभी जेल से छूटा हो

सार्थक ने मुस्कुरा कर अपनी सासू माँ को देखा उसकी आँखों मे अपने सासु माँ के लिए थैंक्स के भाव थे और जैसे वो कह रहा हो थैंक्स मम्मी जी इन खतरनाक चुड़ैलों से

बचाने के लिए । लावण्या की मम्मी सार्थक के पास आई और बोली

बाबू मेरी लावण्या का ख्याल रखना वैसे वो थोड़ी सी नादान है तो अगर कभी उससे कोई भूल चूक भी हो जाय तो माफ करना और प्यार से समझाना समझ जाएगी वो बहुत समझदार है- लावण्या की मम्मी जी ने सार्थक के सामने हाथ जोड़कर कहा उनकी आंखों में आंसू थे

अरे मम्मी जी प्लीज आप ऐसे हाथ जोड़ कर मुझे सर्मिन्दा मत कीजिये मैं आपको शिकायत का कोई मौका नही दूंगा - सार्थक ने जल्दी से कहा

बिदाई के समय लावण्या कभी अपने मम्मी से कभी अपने पापा से और कभी रजनी से लिपट कर बुरी तरह रो रही थी।

और पूरा परिवार भी लावण्या को पकड़ कर रो रहा था

रजनी को लावण्या की जाने की कमी सबसे ज्यादा महसूस हो रही थी वह बुरी तरह लावण्या से चिपकी हुई थी और लावण्या को पकड़ कर किसी बच्चे की तरह रो रही थी ।

लावण्या रजनी का बहुत ख्याल रखती थी और उसे किसी छोटे से बच्चे की तरह सम्हाल रखा था अगर लावण्या ना

होती तो रजनी कब की टूट चुकी होती लेकिन लावण्या किसी मजबूत बाजू की तरह रजनी को सम्बल देती और उसकी सारी परेशानियों और चिंता को कैसे न कैसे करके दूर कर देती। अब लावण्या के जाने पर रजनी अपने आप को बहुत अकेला महसूस कर रही थी ।

दीदी आप अपना और मम्मी पापा का ख्याल रखना

और बिल्कुल भी मत घबराना अभी आपकी लावण्या है आपको चिंता करने की कोई जरूरत नही है- रजनी को इस तरह रोते देख कर लावण्या ने रजनी को सांत्वना दिया ।

लावण्या तू मेरी चिंता मत कर, मैं ठीक हूँ बस तू किसी को कोई भी शिकायत का कोई मौका मत देना वैसे मुझे पता है मेरी लावण्या बहुत समझदार है सब सम्हाल लेगी लेकिन बड़ी हूँ तुझसे , तो तुझे एक सलाह दे रही हूँ कि अगर कभी सार्थक कुछ कहे तो उसकी बात को समझने की कोशिश करना और उसके आत्मसम्मान और गुरूर को कभी चोट मत पहुचाना

जो बीत गया उसपर ध्यान मत दो दीदी अब नए सिरे से अपनी जिंदगी शुरू करो और नए तरीके से जीने की कोशिश करो ,अभी उम्र ही क्या है आपकी उससे भी अच्छा लड़का

मिल जाएगा आपको आप इतनी समझदार और सिंसियर है - लावण्या ने रजनी को परेसान देखा तो उसके आंसू पोछते हुए बोली

अच्छा तू ये सब छोड़ और जा जाकर गाड़ी में बैठ, दूर जाना है और सार्थक इंतेजार कर रहा है अपना ध्यान रखना और फोन करती रहना ठीक है - रजनी ने कहा

लावण्या ने हां में गर्दन हिला दिया

थोड़ी देर बाद लावण्या की बिदाई हो गयी और सार्थक उसे लेकर चल पड़ा

पूनम बेशब्री के साथ लावण्या और सार्थक का इंतजार कर रही थी वह बार घड़ी देखती और फिर दरवाजे पर ताक झाक करके चली जाती ।

पता नही कितनी देर और लगेगी पता नही भैया क्या कर रहे है और कितना टाइम लगाएंगे - पूनम ने झल्ला कर कहा उससे इंतेजार नही हो रहा था

उसने बाहर झाका और जैसे ही वपस जाने के लिए मुड़ी तभी एक लगभग 7 साल का बच्चा आया और बोला

दीदी आप पूनम हो क्या ?

पूनम ने घूम कर उस बच्चे को देखा वह अपने हाथ मे एक लिफाफा लेकर खड़ा था वह चौक गयी उसका माथा सिकुड़ा

हां बाबू मेरा नाम पूनम है- पूनम ने कहा

दीदी वो भैया ने आपको मुझे ये देने के लिए कहा है उस छोटे से बच्चे ने अपने अंगुली से पूनम के घर के विपरीत दिशा में इशारा किया

पूनम ने अपनी गर्दन उठा कर देखा लेकिन उसे वहां कोई नही दिखाई दिया

कहां है वहा तो कोई नही है - पूनम ने कहा

अरे वही थे दीदी सच्ची उन्होंने मुझे ये चॉकलेट दिया और ये पैकेट दिया और बोला

जाकर ये पूनम दीदी को दे दो उस लड़के ने मासूमियत से कहा

क्या है ये ? - पूनम ने सोचते हुए पूछा

पता नही शायद इसमें भी चॉकलेट हो ये ले लीजिए आप- उस बच्चे ने उस लिफाफे को पूनम की तरफ बढाते हुए कहा

पूनम ने झिझकते हुए वह लिफाफा पकड़ लिया और उलट पुलट कर देखने लगी लेकिन उस पर कुछ नही लिखा था

पूनम के लिफाफा पकड़ते ही वह छोटा सा बच्चा उछलते

कूदते भाग गया

पूनम ने दुबारा से उस तरफ देखा जिधर लड़के ने इशारा किया था कि शायद कोई दिख जाए लेकिन वहां पर कोई नही दिखा ।

पूनम लिफाफा लेकर अंदर अपने कमरे में पहुची और उसे खोलने लगी

जैसे ही खोला उसके पैरों तले जमीन खिसक गयी

वह बुरी तरह चौक गयी उसके चेहरे पर अचानक ढेर सारा पसीना झिलमिलाने लगा और वह धम्म से वही सोफे पर बैठ गयी

उस लिफाफे में पूनम की फ़ोटो थी एक नही कई सारी लगभग 40 या 50 के करीब हालांकि सारी फ़ोटो डिसेंट थी लेकिन उन फ़ोटो को देख कर पूनम बुरी तरह से सहम गई उसने एक एक कर के सारी फ़ोटो देखना शुरू कर दिया और आखिर में एक चिट्ठी मिला

पूनम ने जल्दी से चिट्ठी खोला और उसे पढ़ने लगी

हाय पूनम कैसी हो

तुम्हे क्या लगा मैं तुम्हे ढूढ नही पाऊंगा अरे मैने तुम्हे सिद्दत

से प्यार किया है और ढूढने पर भगवान भी मिल जाते है फिर तुम्हे ढूढ़ना कौन सा मुश्किल काम है तुम तो मेरे सीने में धड़कती हो तुम्हे मैं प्यार करता हूँ वो भी दिल की गहराइयों से अब लो देख लो मैंने तुम्हें ढूढ लिया न ।

मैं तुमसे प्यार करता हूँ पूनम बहुत प्यार करता हूँ मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ

मैं तुम्हारा हूँ और तुम मेरी हो तुमने टैब भले तोड़ दिया हो लेकिन मेरे प्यार के जुनून को नही तोड़ पाओगी देख लो मैने टैब का सारा डेटा फिर से रिकबर करवाया क्योकि तुम्हारी हर एक फोटो मेरे लिए बहुत कीमती है ऐसे कैसे मैं उसे छोड़ सकता हूँ

वैसे मुझे तुम्हारे टैब तोड़ने पर गुस्सा नही आया क्योकि मैं तुमपर गुस्सा कर ही नही सकता तुम मेरी दिल मे धड़कती हो पूनम और वैसे भी जो चीज मेरी है वो तुम्हारी है तो तुमने तोड़ दिया तो कोई बात नही है मैने दूसरा ले लिया ।

पूनम इस तरह से मुझे तड़फाने मे तुम्हे बहुत मजा आ रहा है ना समझो न यार मैं सच मे तुम्हे दिल से प्यार करता हूँ मैं तुम्हारे दिल को दुखाना नही चाहता हूँ लेकिन तुम मुझे मजबूर कर रही हो मैं तुम्हे पाने के लिए कुछ भी कर सकता

हूँ किसी भी हद तक जा सकता हूँ क्योंकि मैं तुम्हारे बिना जी नही सकता जब से तुम्हे देखा है बस तुम्हारा ही होकर रह गया हूँ

इसीलिए बचपना छोड़ो और मेरे प्यार की गहराई को समझो और उसे महसूस करो

पूनम मैं तुम्हे बहुत खुश रखूंगा बिल्कुल किसी राजकुमारी की तरह बस एक बार ठंडे दिमाग से मेरी बात पर गौर तो करो

अच्छा सुनो न ये जो फ़ोटो भेजी है कुछ स्पेशल तस्बीर है इन्हें मैने डेवलप करवाया है कैसी लगी मुझे बताओ

मैं तुम्हारे जबाब का इंतजार करूँगा मैं अपना फोन नंबर तुम्हे दे रहा हूँ प्लीज मुझे फोन करना प्लीज

देखो मैं नही चाहता कि मुझे कुछ ऐसा कदम उठाना पड़े जो तुम्हे या मुझे बिल्कुलअच्छा न लगे इसीलिए मैं तुम्हे प्यार से समझा रहा हूँ मेरी बात मान जाओ प्लीज वरना मेरे पास और भी तरीके है कि तुम हां बोलने पर मजबूर हो जाओगी ये मत समझना कि मैं तुम्हे धमकी दे रहा हूँ प्यार से समझा रहा हूँ

मैं तीन दिन तक तुम्हारे फोन का इंतेजार करूँगा उसके बाद मैं फिर तुमसे कांटेक्ट करूँगा तुम अपना ध्यान रखना पूनम क्योकि तुम मेरे लिए बहुत खास हो

बाय

तुम्हारा दोस्त

पूनम ने पूरा लेटर पढ़ा तो उसके चेहरे पर बल पड गए उसका गला जैसे सूख गया हो उसने बड़ी मुश्किल से अपना थूक निगला

उसने जल्दी से सारी फ़ोटो और वह लेटर लिफाफे में डाला और फिर उसे एक सीक्रेट जगह छुपा दिया जिससे किसी के हाथ न लगे ।

लावण्या और सार्थक को वह कब की भूल चुकी थी उसका दिमाग उलझ गया था टैब को तोड़कर वह अपने आप को बचा हुआ मान रही थी लेकिन प्रमोद की इस चिट्ठी ने पूनम के माथे की परेशानी को बढ़ा दिया

पूनम कहा हो - तभी चाची की आवाज गूँजी

पूनम जल्दी से उठकर बाहर आई और बोली जी चाची जी यही हूँ बताइये

पूनम नई बहू आ रही है उसके स्वागत का इंतजाम किया कि नही किया जाओ दरवाजे पर एक मंडल बना दो और फिर

जो जो चीजे उसके आगवानी के लिए मैने तुम्हे बताया था और जो जो लगता है उसका इंतेजाम करके रख दो जिससे बाद में कुछ ढूढ़ना न पड़े

जी चाची जी करती हूँ पूनम ने गुम दिमाग से कहा

उसको होश ही कहा था वह तो मानो ख्यालो में खोई हुई हो लावण्या के आने का उत्साह जैसे काफूर हो गया हो उसकी सारा उत्साह सारा उमंग सारी खुसी जैसे एक चिट्ठी के नीचे दब गया हो और उसकी जगह पर एक उदासी और एक टेंसन ने ले ली हो

थोड़ी देर बाद सार्थक लावण्या को लेकर आ गया

चाची जी ने नई बहू की अगवानी की और उनकी आरती उतारी अपने रीति रिवाजों के हिसाब से नई बहू का गृह प्रबेश करवाया और फिर पूनम अंदर ले जाने के लिए आवाज लगाया

पूनम बाहर आयी और पकड़ कर लावण्या को अपने कमरे में ले जाने लगी ।

अरे पूनम ऐसे ही ले जाएगी बिना अपना नेग लिए तेरी नई भाभी आयी है पहले उनसे नेग तो ले ले फिर अंदर घुसने दे - रिस्ते दारो में से एक औरत ने कहा

पूनम जैसे सोते से जागी हो उसने लावण्या की तरफ देखा

लावण्या मुस्कुरा रही थी उसे पता था यह होता है इसीलिए उसने पहले से ही तैयारी कर रखा था और पूनम के लिए छोटे छोटे कान के इयररिंग ले रखे थे

उसने वही इयररिंग पूनम को पकड़ा दिया

पूनम ने बिना कुछ कहे चुपचाप उसे ले लिया और बिना देखे उसे आपने पास रख लिया

लावण्या को बड़ा अजीब लगा लेकिन उसने कुछ नही कहा

चाची के कहने पर पूनम ने लावण्या और सार्थक को लेजाकर अपने कुल देवता का आशिर्बाद दिलवाया और फिर लावण्या को एक कमरे में लेजाकर बैठा दिया

सारी औरतो और लड़कियों में लावण्या को देख लेने की होड़ सी मच गई थी पूरा कमरा औरतो से भर गया था कोई सार्थक और लावण्या के साथ हसी ठिठोली कर रहा था तो कोई लावण्या की तारीफ कर रहा था

और लावण्या सिकुड़ी सिमटी सी सबकी बाते सुन रही थी और कभी कभी कुछ पूछने पर हल्के और शांत स्वर में उनकी बातों का जबाब भी दे रही थी ।

काफी देर तक यही सब चलता रहा फिर एक बुजुर्ग सी औरत ने कहा

अरे लड़कियों इतनी दूर से दुल्हन आयी है उसे थोड़ा आराम

करने दो बेचारी थक गई होगी थोड़ा देर उसे अकेला छोड़ दो

उनकी बातें सुनकर सारे लोग धीरे धीरे कमरे से बाहर जाने लगा और थोड़ी देर बाद कमरा खाली हो गया

जब सब चले गए तो लावण्या ने एक लड़की को बोल कर पूनम को बुलवाया

पूनम आयी और बोली

जी भाभी जी

क्या बात है पूनम कुछ परेसान सी हो तबियत ठीक नही है क्या ? - लावण्या ने पूनम के उदास चेहरे को देख कर पूछा

नही भाभी ऐसी कोई बात नही है पूनम ने सकपका कर कहा

तो फिर ये तुम्हारा चेहरा क्यो उतरा हुआ है लावण्या ने पूनम के उदास चेहरे को देख कर पूछा

कुछ नही भाभी बस ऐसे ही हल्का सा थक गई हूं - पूनम ने नजर चुराते हुए कहा

अब तुम मेरे पास ही रहना कही जाना मत लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ कर अपने पास बैठाते हुए कहा

ठीक है नही जाऊंगी आपके पास ही रहूंगी - पूनम ने कहा

लावण्या को उस पूनम जो बर्थ डे में उससे मिली थी और आज की पूनम में जमीन आसमान का अंतर नजर आरहा था आज की पूनम काफी कुछ बदली बदली सी लग रही थी मानो वो किसी और से मिल रही हो वो गर्मजोशी वो अपना पन और वो प्यार और उत्साह जो लावण्या के आने पर पूनम को होना चाहिए वह नही दिख रही थी ।लावण्या को बहुत आश्चर्य हो रहा था वह पूनम से ऐसे ब्यवहार की बिल्कुल उम्मीद नही कर रही थी ।

लावण्या के पास ही पूनम बैठी रही उससे बाते करती रही

शाम के समय एक छोटा सा पूजा था जो नई दुलहन के आने पर किया जाता था

पूनम ने लावण्या को तैयार होने के लिए कहा और फिर उसकी हेल्प करने लगी ।

लावण्या ने कपड़े बदल कर हल्का सा मेकअप किया और फिर पूनम ने ले जाकर लावण्या को बेदी पर बैठा दिया

करीब एक घंटे तक पूजा हुई और फिर लावण्या को वापस से अपने कमरे में पहुचा दिया गया ।

घर मे नई दुल्हन के आने की एक अलग ही रौनक थी

पूनम लावण्या के पास ही बैठी थी तभी एक रिस्ते की भाभी ने कहा ।

पूनम अपने भैया का कमरा नही सजाना है क्या ,यही भाभी के पास बैठी रहेगी अरे आज सार्थक और लावण्या का खास दिन है तो जा जाकर उसके कमरे को अच्छे से तैयार तो कर दे आज उनकी मिलन की रात है ।

उस औरत की बात सुनकर लावण्या के चेहरे पर कई रंग आकर गुजर गए और चेहरा शर्म से लाल हो गया और दिल की धड़कन भी बढ़ गयी ।

पूनम ने लावण्या को वही छोड़ दिया और फिर सार्थक के कमरे में पहुची और फिर कमरे को सजाने लगी

और पूनम का साथ देने के लिए उसकी सहेलिया भी पूनम की हेल्प करने लगी

2 घण्टे की मेहनत के बाद दोनों तीनो ने सार्थक के कमरे को अच्छे से सजा दिया पूनम काफी थक गई थी और उसपर उसके दिमाग मे टेंसन उसका बुरा हाल था

उसने लावण्या को पकड़ कर उसके कमरे में पहुचाया और बोली भाभी आप कपड़े बदल लो और किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे आवाज देना मैं जा रही हूँ

लावण्या ने मुस्कुरा कर पूनम को देखा उसकी आँखों मे पूनम के लिए ढेर सारा प्यार था मानो आंखों ही आंखों से वह पूनम को थैंक्स बोल रही हो ।

अभी चली जाना पूनम यही बैठो मेरे पास प्लीज लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ कर स्नेह और अपने पन से कहा

भाभी मैं बहुत थक गई हूं अब आप भी आराम करो और मैं भी जा रही हूँ - पूनम ने कहा

अच्छा ठीक है तो जाओ फिर लेकिन तुमने खाना खाया की नही - लावण्या ने पूछा

अभी नही भाभी मन नही है पूनम ने अनमने भाव से कहा

क्या हुआ पूनम तबियत ठीक नही है क्या? या मुझसे कोई गलती हो गयी है आज तुम मुझसे ठीक से बात नही कर रही हो जब से आई हूँ देख रही हूँ कुछ परेसान सी लग रही हो क्या बात है?

या फिर काम करते करते ज्यादा थक गई हो , आओ थोड़ा सा पैर दबा देती हूँ तुम्हे आराम मिलेगा मुझे पता है सब तुम्हे ही बुला रहे होंगे और दिन भर काम करते करते थक गई होगी आओ मेरे पास आराम से लेट जाओ - लावण्या ने प्यार से कहा

पूनम का दिल भर आया लावण्या का अपने लिए इतनी फिकर देख कर उसको बहुत अच्छा लगा उसकी आंखें अनायास ही भर आयी एक पल को लगा कि वह लावण्या

को सब सच बता दे लेकिन फिर उसने अपने आप को रोक लिया क्योकि आज लावण्या और सार्थक के जिंदगी का आज एक बहुत ही स्पेसल दिन था और पूनम उन दोनों के इस खूबसूरत दिन को बर्बाद नही करना चाहती थी

नही भाभी वो दिन भर इधर से उधर दौड़ रही हूँ न तो थकावट हो गयी है अभी सो जाऊंगी तो आराम हो जाएगा, आप भी थक गई होंगी आप आराम कीजिये लावण्या ने कहा इस तरह लावण्या को अपने लिए परेसान देख कर उसे खुद पर गुस्सा आरहा था और उसने नार्मल होने की कोशिश की

ठीक है जाओ लेकिन बिना खाना खाएं मत सोना खाना खा लेना औए कोई पेन किलर ले लेना जिससे दर्द को आराम मिल जाएगा- लावण्या ने किसी मां की तरह पूनम को कहा

जी भाभी ले लूंगी आप परेसान मत होइए पूनम ने कहा और फिर दरवाजा बंद करके बाहर निकल गयी

पूनम के जाते ही लावण्या ने अपने सर का पल्लू हटाया और फिर कमरे को देखने लगी

पूनम ने काफी मेहनत से और अच्छे से कमरे को सजाया था

जगह जगह फूलो की लाडिया लटकी हुई थी और बिस्तर पर गुलाब की पंखड़ियों से एक खूबसूरत से डिजाइन बना था

बेड के ठीक नीचे जहा पर पावदान होता है वहा पर पावदान की जगह पर फूलो का एक पावदान बना हुआ था और पूरे कमरे में एक मंद मंद और बहुत ही खूबसूरत परफ्यूम की मनमोहक खुशबू फैली हुई थी

बेड के चारो तरफ गुलाब और गेंदे की फूलो की लाडिया लटकी हुई थी और कमरे की छतों पर और लड़ियों को चौकार डिजाइन में लगाया गया था, उन्ही के बीच मे दिल के आकर के गुब्बारे चिपके हुए थे ।कमरे की दीवारों पर भी फूलो की लाडिया लटकी हुई थी कमरा काफी खूबसूरत लग रहा था

लावण्या ने पूरे कमरे को अच्छे से देखा और उसके चेहरे पर एक मुस्कुराहट फैल गयी पूनम ने वाकई में काफी मेहनत किया था इस पूरे कमरे को सजाने में ।

लावण्या ने कमरे को देखने के बाद वाशरूम गयी और उसने अपना हाथ पैर धोया और फिर आकर बिस्तर पर बैठ गयी उसने अपना फोन निकाला और थोड़ी देर अपनी मम्मी और रजनी दीदी से बात किया और फिर और सार्थक का इंतेजार करने लगी

थोड़ी देर बाद सार्थक आया उसने हल्के से दरवाजा खटखटाया

लावण्या का दिल जोर से धड़क उठा मानो दरवाजे पर नही किसी ने उसके दिल पर दस्तक दी हो

वह उठी और उठ कर उसने दरवाजा खोला और फिर वापस आकर घूघट लेकर बेड पर बैठ गयी

सार्थक कमरे में आया और फिर उसने दरवाजा बंद कर लिया

लावण्या का दिल किसी धौकनी की तरह धड़क रहा था सार्थक की मौजूदगी से ही उसके शरिर में एक अलग सी मीठी मीठी तड़फ का एहसास होने लगा था उसका पूरा बदन जैसे सिहर रहा था और आंखों में सार्थक के लिए बेसुमार प्यार तैर रहा था

सार्थक का भी हाल कुछ ठीक नही था वह भी बहुत एक्साइटेड था और उसका भी दिल मानो आज उछल कर बाहर आने को बेताब था वह धीरे से चलता हुआ बेड पर पहुचा

सार्थक को अपने इतने पास महसूस करके ही लावण्या की दिल की धड़कने बढ़ गयी वह अपने आप मे और सिमट गई

लबी आप ठीक तो हो न सार्थक को कुछ नही सूझा तो उसने लावण्या को पुकारा

लावण्या ने कोई जबाब नही दिया अपना एक नया नाम सुनकर वह चौक गयी और फिर उसके ओठो पर एक मुस्कुराहट आ गयी

सार्थक हल्का सा खिसक कर लावण्या के पास आगया और फिर उसका घूघट उठाने के लिए अपना हाथ बढ़ाया

लावण्या ने जल्दी से अपना हाथ बढ़ा कर सार्थक का हाथ पकड़ लिया चूडियों की हल्की सी खनखनाहट हुई लावण्या के चूडियों की यह खनखनाहट सार्थक को किसी मधुर संगीत से कम नही लगी

सार्थक मुस्कुराया और प्यार से बोला

ये क्या? अब आप हमें हमारे चाँद को देखने भी नही देगी आप हमें आपके इस खूबसूरत चेहरे को देखने से नही रोक सकती है अब आप हमारी है

मैं आपको रोकना भी नही चाहती लेकिन आप ऐसे नही देख सकते आज हमारी पहली रात है तो मुझे देखने के लिए आपको मूल्य चुकाना पड़ेगा - लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा

और अगर हम कोई मूल्य न दे और जबरदस्ती करे तो- सार्थक ने कहा

हमे पता है आप ऐसा नही कर सकते है - लावण्या ने कहा

अच्छा काफी जान गई है मेरे बारे में आप इतना भरोसा है आपको मुझपर- सार्थक बोला

इससे भी कही ज्यादा , अच्छे से जांच पड़ताल करके ही आपके दिल को , और आपको चुना है - लावण्या ने हल्के से कहा

वैसे अपनी खूबसूरत सी पत्नी का चेहरा देखने के लिए हमे क्या मूल्य चुकाना पड़ेगा ? हमारी सबसे कीमती चीज जो आपके लायक है वह तो पहले ही ले चुकी है आप फिर अब और क्या चाहिए ?

मैंने क्या ले लिया है - लावण्या ने चौक कर कहा

मेरा दिल , वो तो कब का आपको सौप चुका हूँ अब आपकी वारी है अपने आप को मुझे सौप दो , लावण्या बहुत इंतेजार करवाया है आपने बहुत तड़फाया है अब एक पल की भी देर मत करो आज अपने प्यार के रंगों से मुझे ऊपर से नीचे तक रंग दो ऐसा रंग दो की यह रंग कभी न उतरे - सार्थक ने कहा

सार्थक की बाते सुनकर लावण्या मानो अपने होशो हवास खोती जा रही हो उसका दिल बहुत जोर से मचल रहा था उसका दिल कर रहा था कि सब कुछ भूल कर बस सार्थक

की बाहों में समा जाय और खुद को सार्थक के हवाले कर दे और कह दे कि मैं तो कब से आप की हो चुकी हो लेकिन झिझक और सरम उसे रोक रही थी ।

कहते है जब पहली बार अपनी पत्नी के पास आओ तो उसको कुछ ऐसा दो जो उसे हमेशा याद रहे तो बताइए आप हमें क्या दे रहे है ? लावण्या ने आहिस्ते से और प्यार से कहा और अपने मेहदी लगे हाथो को सार्थक के आगे फैला दिया

सार्थक ने लावण्या के गोरे गोरे हाथो को थाम लिया और फिर उसे अपने हाथों में लेकर चूम लिया

लावण्या का पूरा बदन जैसे सिहर गया हो उसके पूरे बदन में जैसे किसी ने हल्का सा करंट छोड़ दिया हो

ये क्या था लावण्या ने मुस्कुरा कर पूछा

बस आपके इन खूबसूरत से हाथो को देख कर दिल बेईमान हो गया सार्थक ने कहा

दिल को सम्हाल कर रखिये उससे कहिये की अब गुस्ताखी करना बंद कर दे क्योकि अगर उसने ऐसे गुस्ताखी करने की आदत रही तो आप मुसीबत में पड़ जाएंगे - लावण्या प्यार

से बोली

सार्थक मुस्कुरा कर रह गया

अच्छा आप एक काम कीजिये अपनी आंखें बंद कीजिए - सार्थक ने कहा

क्यो लावण्या ने चौक कर पूछा

अरे कीजिये न और खड़ी हो जाइए - सार्थक बोला

लावण्या आश्चर्य से सार्थक को देखने लगी उसकी समझ मे नही आरहा था कि सार्थक करने क्या वाला है

खड़ी होइए सार्थक ने लावण्या का हाथ पकड़ कर उसे उठाया

कपड़ो की सरसराहट हुई और फिर लावण्या खड़ी हो गयी

अपनी आंखें बंद कर लीजिए और बंद ही रखना चीटिंग मत करना - सार्थक ने कहा और उसे पकड़ कर लेजाकर आदम कद सीसे के सामने खड़ा कर दिया

सार्थक ने अपने जेब से एक खूबसूरत का कमर बंद निकाला और फिर लावण्या के कमर के हिस्से का साड़ी ऊपर उठाने लगा सार्थक के हाथों को अपने कमर पर महसूस कर के लावण्या चौक गयी और उचक गयी उसकी आंखें खुल गयी

न न बिल्कुल नही, अभी नही ,अभी आंख बंद ही रखना सार्थक ने कहा

ये कर क्या रहे है आप लावण्या ने उत्सुकता से पूछा

बस आप खड़ी रहिये अभी पता चल जाएगा आर्थक बोला

और फिर उसने कमर वाले हिस्से हो खोल दिया लावण्या का खूबसूरत सा कमर दिखने लगा

सार्थक ने कमर बंद को अपने हाथों से लावण्या के साड़ी में फसा दियाऔर ऐसा करते हुए के बार लावण्या के पेट और नाभि का हिस्सा उसके उंगलियों के पोर से छू जाता लावण्या को सार्थक की यह छुवन बहुत भा रही थी और उसके पूरे बदन को रोमांचित कर रही थी उसके बदन में जैसे चीटियां सी चलने लगी हो

लावण्या के कमर पर अपने हाथों से कमरबंद पहनाने के बाद सार्थक ने लावण्या के खुले हुए कमर को अपने हाथों से हल्के से सहला दिया

लावण्या का पूरा बदन किसी सूखे पत्ते की तरह काँप उठा और वह सिहर उठी उसने जल्दी से अपनी आंखें खोल ली ।

सार्थक ने अपने हाथों से लावण्या का घूघट ऊपर कर दिया और बोला देखो कैसे लग रही है

लावण्या ने देखा सार्थक उसके बिल्कुल पीछे खड़ा था उसने अपने कमर पर नजर डाली एक बहुत ही खूबसूरत सा चांदी का कमरबंद उसके कमर पर था और सार्थक के ओठो पर एक प्यारी मुस्कुराहट थी

लावण्या सरमा गयी और पलट कर सार्थक की तरफ घूमी सार्थक बिल्कुल उसके पीछे खड़ा था और घूमते ही वह हल्का सा सार्थक से टकराई

सार्थक ने जल्दी से उसके कमर को पकड़ कर थाम लिया ऐसा करते हुए वे दोनों बिल्कुल एक दूसरे के करीब आगये इतने करीब की उनके बदन एक दूसरे को छू रहे थे और दोनो एक दूसरे की सांस भी महसूस कर रहे थे

सार्थक ने प्यार से लावण्या के चेहरे को देखा जो सरम से बिल्कुल गुलाबी हो गए थे सार्थक लावण्या को एकटक निहार रहा था और लावण्या उसकी ये प्यार भरी नजर बर्दास्त नही कर पाई उसने अपनी नजर झुका लिया

कैसा लगा गिफ्ट सार्थक ने लावण्या को सीधा करते हुए पूछा

आप लाये और अच्छा न हो ऐसा कभी हो सकता है क्या ? सच मे बहुत खूबसूरत है - लावण्या ने कहा

होगा लेकिन आपसे ज्यादा नही - सार्थक बोला

लावण्या फिर से सरमा गयी

अचानक से सार्थक ने लावण्या को अपनी गोद मे उठा लिया लावण्या न चाहते हुए भी हड़बड़ा कर सार्थक के गले मे अपने हाथों को फसा लिया

सार्थक ने उसे उठा कर लाकर बिस्तर पर बैठा दिया।

लावण्या बिश्वास नही हो रहा है कि अब तुम मेरी हो ऐसा लग रहा है मैं कोई सपना देख रहा हूँ - सार्थक ने कहा

बिश्वास कर लीजिए ये सपना नही हकीकत है अब आप मेरे और मैं आपकी हूँ पूरी तरह से लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा

वैसे सच बताऊ तो मुझे भी कुछ ऐसा ही लग रहा है कहते है कि जोड़िया ऊपर वाला बनाता है ये सच है वरना आप कहा और मैं कहा , मैं आपसे इतनी दूर फिर भी देख लीजिए आज हम और आप कितने पास है

सच कहा मैं आज भी उस दिन को नही भूल सकता जिस दिन आप मुझसे पहली बार टकराई थी कितनी घबराई हुई थी आप सार्थक के आंखों के सामने मानो वह दिन घूम गया जिस दिन लावण्या पहली बार उससे मिली थी

अच्छा सुनो न लबी इतना भारी कपड़े पहनने की कोई जरूरत नही है पूरे दिन थक गयी होगी जाओ जा कर चेंज कर लो फिर बाते करेंगे - सार्थक ने कहा

हा सच मे इतने भारी कपड़े पहनने की आदत नही है तो अनकम्फर्टेबल सा लग रहा है सार्थक ने मानो लावण्या के मन की बात कर दी हो

तो फिर आओ मैं उतार देता हूँ ये सब , - सार्थक ने सरारत से कहा

धत गंदे कही के, लावण्या ने उसके सरारत को समझ कर सरमा कर कहा मैं खुद उतार लूंगी आप रहने दो मेरी हेल्प करने को

अरे ..एक तो मैं आपकी मदद करने को कह रहा हूँ और आप ऐसे, मतलब भलाई का जमाना ही नही रह गया- सार्थक बोला

अच्छा... ? किसकी भलाई अपनी या मेरी- लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा

हा तो क्या हुआ अब तो मुझे हक है - सार्थक बोला

कैसा हक अभी कुछ नही अभी कोई हक नही है - लावण्या ने थोड़ा सा नखरा दिखाया

अच्छा रुको अभी बताता हूँ अभी दिखाता हूँ कि कैसा हक , देखता हूँ आपको कौन बचाता है- सार्थक ने कहा और फिर अचानक से लावण्या को पकड़ कर बिस्तर पर गिरा दिया और उसके ऊपर झुकने लगा

सार्थक प्लीज प्लीज सार्थक के इरादों को जान कर लावण्या ने हल्के से बिरोध किया

सार्थक ने लावण्या की एक न सुनी और वह अपने मन की करता रहा ।

अब बोलो, बताऊ कैसा हक - सार्थक ने लावण्या के दोनों हाथों को कलाई से पकड़ कर फैला दिया और बिस्तर से सटा दिया और खुद अपने सीने को उसने लावण्या के सीने के ऊपर रख कर लगभग लावण्या के ऊपर ही लेट सा गया

लावण्या बिल्कुल असहाय हो गयी थी वह कुछ भी नही कर पा रही थी

सार्थक प्लीज छोड़ दो जाने दो कपड़े बदलने है लावण्या ने कहा

नही मेरा हक है कि नही पहले ये बताओ ?- सार्थक ने कहा

हा बाबा है , पूरा हक है, बस अब खुश अब जाने दो प्लीज

हाथ मे दर्द हो रहा है- लावण्या ने कसमसा कर कहा

तो मेरे हक की पहली किस्त का भुगतान करो पहले सार्थक ने रोमांटिक होकर कहा

नही कुछ नही, लावण्या जोर से कसमसाई और छूटने के प्रयास किया

तो फिर ठीक है मैं जाने ही नही दूंगा सार्थक लावण्या के ऊपर बिल्कुल लेट सा गया लावण्या सार्थक के नीचे दब गई थी

सार्थक प्लीज हटो न जाने दो लावण्या ने रिक्वेट किया

बिल्कुल नही पहले मेरे हक की पहली क़िस्त का भुगतान करो सार्थक ने अपना सर उठा कर लावण्या के आंखों में देख कर कहा

सार्थक प्लीज मुझे सरम आरही है लावण्या ने नजर झुका कर कहा

मुझसे कैसे सरमाना लबी अब तो हम एक दूसरे के साथ सात जन्मों के बंधन में बध गए है अब भी अगर आप ऐसे सरमाओगी तो हम प्यार कैसे करेंगे वैसे भी आज हमारे जिंदगी की सबसे खूबसूरत रात है तो आज तो सरमाने से

काम थोड़े न चलेगा आज हमारे तन मन का मिलन है - सार्थक ने प्यार से लावण्या को कहा

अच्छा ठीक है पहले कपड़े तो चेंज कर लूं प्लीज मान जाओ अच्छे पति अपने पत्नी की बात मानते है लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा

और अच्छी पत्नियां भी अपने पति की हर इच्छा पूरी करती है इसीलिए तुम भी वो करो जो मैं कह रहा हूँ सार्थक ने कहा

बाहत जिद्दी हो सच मे मुझे नही पता था इतना जिद करना भी आपको आता है मैं तो आपको बहुत सीधा समझती थी लेकिन आप जितने भोले भाले और सीधे साधे लगते है उतने है नही , लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा

अभी आपने मेरी सरारत देखी कहा है रुको अभी दिखता हूँ कि सरारत क्या होती है सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा और अपने ओठो को उसने लावण्या के ओठो की तरफ बढ़ाया

सार्थक के इरादे जानकर लावण्या छटपटाई और बोली

नही नही प्लीज सार्थक प्लीज नही

लेकिन सार्थक ने लावण्या की एक नही सुनी और उसके गुलाबी लबो को अपने लबो में कैद कर लिया

लावण्या का पूरा जिश्म एक मीठी सी चुभन से सिहर उठा मानो किसी ने 440 बोल्ट का करंट उसके बदन में डाल दिया हो उसका पूरा बदन लरज गया और उसका हर एक अंग मचलने लगा

सार्थक के ओठो की तपिश लावण्या के भावनाओ को भड़काने लगी और उसकी सरम हया और झिझक सब उसकी गर्मी में पिघलने लगा सार्थक की हरकतों से लावण्या का पूरे बदन में मानो चीटियां सी चलने लगी हो

सार्थक ने लावण्या के दोनों हाथों को छोड़ दिया और उसके पूरे बदन को अपने बाहो के घेरे में कैद कर लिया

लावण्या का भी पूरा वजूद मानो अपने आपे से बाहर हो रहा था अनायास ही उसकी आंखें बंद हो गयी और हाथ अपने आप उठ कर सार्थक के इर्द गिर्द जकड़ गए

मानो लावण्या ने खुद को पूरी तरह सार्थक को सौप दिया हो

थोड़ी देर बाद सार्थक ने लावण्या को छोड़ा और उसके ऊपर से हट गया

लावण्या उठी और अपने कपड़े झाड़ने लगी शर्म के मारे उसकी नजर नही उठ रही थी उसने हल्के से अपनी नजर उठा कर सार्थक को देखा

सार्थक के ओठो पर एक मुस्कान थी और आंखों में खुमारी

आप बहुत गंदे हो मुझे आपसे बात ही नही करनी- लावण्या ने बनावटी गुस्से से कहा

क्या कहा ? बात नही करनी, अभी बताता हूँ रुको- सार्थक लावण्या की तरफ फिर से लपका

नही ,नही, करनी है करनी है , प्लीज प्लीज लावण्या सार्थक के इरादे जान कर घबरा गई और अपने हाथों से सार्थक को हल्के से धक्का देते हुए बोली

सार्थक लावण्या को ऐसे घबराता देख कर खिलखिला कर हंस पड़ा और लावण्या झेप गयी

अच्छा आप बैठो मैं आती हूँ चेंज कर आऊँ लावण्या ने कहा और फिर वह बाथरूम में घुस गई

दरवाजा बंद करते हुए सार्थक ने लावण्या को और लावण्या ने सार्थक को देखा दोनो के ओठो पर एक मुस्कुराहट थी और आंखों में प्यार और दिल मे एक चाहत

लावण्या ने दरवाजा बंद करते समय अपना जीभ निकाल और नाक सिकोड़ कर सार्थक को चिढाया और दरवाजा बंद कर लिया

लावण्या की यह हरकत सार्थक को बहुत प्यारी लगी और उसका दिल मोहब्बत से भर गया अनायास ही उसके ओठो पर एक मुस्कुराहट आ गयी

आज की यह रात उनकी जिंदगी की सबसे हसीन रात थी और इस तरह की सरारतो और मुहब्बत का दौर पूरी रात चलनी थी और वे दोनो आज की यह हसीन रात की प्यार की बारिश में पूरी रात नहाते और उसका भरपूर लुफ्त उठाते ।

क्रमशः
 
आज हमने भी हमारे दिल को , आपके ही नाम कर दिया

हमने भी मुहब्बत कर ली आपसे ये एलान खुले आम कर दिया

आपके आगोश की तपिस में हम भी पिघल ही गए सनम

हमने भी थोड़ा सा इश्क चख कर , खुद का काम तमाम कर लिया

रात भर पूनम को ठीक से नींद नही आई वह करवट बदल बदल कर जागती रही और प्रमोद के बारे में सोचती रही,

अच्छे से न सोने से उसके सिर में बहुत भयानक दर्द था और थकान की वजह से बुखार भी चढ़ गया था ।

बुखार बहुत तेज था और पूरे बदन में भी दर्द था इसी लिए रह रह कर उसके ओठो से अनायास कराह निकल जाती ।

लावण्या सुबह सो कर उठी तो उसकी नजर पूनम को खोज रही थी जब बहुत देर तक पूनम नही आई और उसका कुछ पता नही चला तो उसने सार्थक को जगाया और पूनम को बुला कर लाने के लिए कहा

सार्थक ने सोते सोते ही पूनम के कमरे की तरफ इशारा कर दिया और जाकर जगा देने के लिए कहा और फिर सो गया

लावण्या पूनम के कमरे में पहुची और उसने हल्के से आवाज लगाई

दो बार खटखटाने के बाद पूनम ने किसी तरह उठ कर दरवाजा खोला

लावण्या अंदर पहुची और पूनम को देख कर चौक गयी और परेसान हो गयी

पूनम का पूरा बदन बुखार से तप रहा था

अरे पूनम आपको तो बहुत तेज बुखार है - लावण्या ने घबरा कर कहा

हा भाभी रात भर बुखार रहा और बदन में और सिर में बहुत दर्द है - पूनम ने कराहते हुए कहा

तो बताया क्यो नही किसी को , मुझे जगा दिया होता - लावण्या ने परेसान होकर कहा

मैने सोचा आपको क्यो परेसान करू- पूनम ने कहा

वाह ये ठीक है खुद बुखार से रात भर परेसान रही और कह रही हो कि परेसान क्यो करू, एक नंबर की पागल हो तुम सच में पूनम - लावण्या ने हल्का सा गुस्सा दिखाया

रुको मैं तुम्हारे भैया को जगा कर लाती हूँ वे अभी जाकर दवा ले आएंगे

नही भाभी रहने दो कल भैया देर तक जागे होंगे उन्हें परेसान मत करो सोने दो अभी जब जागेगे तब बता देना पूनम ने लावण्या का हाथ पकड़ कर रोकते हुए कहा

लावण्या ने एक पल सोचा फिर बोली

अच्छा ठीक है रुको मैं आती हूँ

थोड़ी देर बाद वह लौटी तो उसके हाथ मे चाय और एक दर्द की दवा थी साथ ही साथ सिर पर पट्टी रखने का इंतजाम था

सबसे पहले उसने जबरदस्ती लावण्या को दवा खिलाई और एक रुमाल पानी मे भिगो कर पूनम के माथे पर रख दिया लावण्या पूनम के पास ही बैठी रही

पूनम रह रहा कर कराह उठती

दर्द ज्यादा है क्या पूनम लावण्या ने पूनम को कराहते हुए देखा तो पूछा

हा भाभी जाने क्यों पूरा बदन बहुत दर्द कर रहा है और सिर दर्द से फटा जा रहा है - पूनम ने कराहते हुए कहा

अच्छा लाओ मैं तुम्हारा हाथ पैर और सिर दबा देती हूँ लावण्या ने कहा और फिर वह पूनम का सिर और फिर पैर दबाने लगी

पूनम को थोड़ा सा राहत मिला और उसे हल्की सी नीद भी आने लगी क्योकि वह पूरी रात जगी थी

लावण्या ने उसे एक चादर ओढा दिया और वापस से अपने कमरे में आ गयी और सार्थक को जगाने लगी

सार्थक ने आंख खोली और लावण्या को अपने पास खींच लिया

अरे अब छोड़ो भी सार्थक रात भर तो तंग किया है अब उठ जाओ जल्दी से लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा

अभी उठते है आओ पहले मेरे बाहो में आओ सार्थक ने कहा

नही मुझे नहाने जाना है देर हो रही है और आप भी अब उठ जाओ , पूनम को बहुत तेज बुखार चढ़ा है और शरीर मे दर्द है जाकर किसी डॉक्टर को दिखा दीजिये रात भर ठीक से सोई नही है और दर्द से कराह रही है - लावण्या ने सार्थक को बताया

क्या छुटकी को बुखार चढ़ा है - सार्थक जल्दी से बिस्तर

छोड़ते हुए उठा और भागा

अरे सुनिए तो अभी एक दर्द की दवा दे कर आई हूँ तो शायद अभी उसे हल्की सी झपकी आयी है सो रही है

आप जल्दी से फ्रेश हो जाइये और नहा लीजिये फिर डॉक्टर के पास चले जाना

अच्छा ठीक है एक बार देख लू पूनम को आता हूँ - सार्थक इतना बोलकर बाहर निकल गया

वह सीधे पूनम के कमरे में पहुचा और सोती हुई पूनम को देखा

उसके माथे पर पट्टी रखी थी और वह सो रही थी किसी मासूम गुड़िया की तरह

सार्थक ने पूनम के हाथ और सिर को छूकर उसके बुख़ार का मुयायना किया और फिर प्यार से उसके माथे पर चूम लिया

पूनम हल्का सा कुनमुनाई सार्थक ने उसे हल्की सी थपकी दी और पूनम फिर से सो गई सार्थक बाहर आगया

लावण्या पूनम अभी सो रही है लेकिन उसका चेहरा बिल्कुल उतरा हुआ और थका थका सा लग रहा है शादी में छुटकी ने बहुत मेहनत की है शायद इसी वजह से उसकी तबियत खराब हो गयी ,जैसे ही जागेगी बताना ले जाकर किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा दूंगा सार्थक पूनम को इस तरह से बीमार देख कर परेसान हो गया

आप घबराइये मत मैं हूँ न मैं पूनम का ध्यान अच्छे से रखूंगी- लावण्या ने सार्थक से कहा

लावण्या और सार्थक दोनो नहा धोकर तैयार हुए और चाची जी के पास पहुचे

अभी जागी हो बहू , बहुत देर लगा दी घड़ी देखो क्या टाइम हो गया - चाची जी ने मुह बना कर कहा

नही चाची कब का जाग चुकी है - सार्थक ने कहा

वाह बेटे अभी से ही तरफ दारी शुरू कर दी मैंने तो सुबह से अभी देखा इसीलिए बोल दिया बाकी जब तक मर्जी हो तब तक सोये जब मर्जी हो तब जागे हमें क्या पड़ी है - चाची को सार्थक का बात काटना अच्छा नही लगा

लावण्या कुछ बोलना चाहती थी सार्थक ने हाथ दबा कर उसे बोलने से रोक दिया

लावण्या कसमसा कर रह गयी

पूनम कहा है वह अभी तक सो रही है क्या ? वहा उस घर मे जाकर उसकी भी आदत खराब हो गयी वरना पहले अच्छा खासा सुबह ही उठ कर एक कप चाय बना कर दे देती थी , कब से चाय के लिए बैठी हूँ लेकिन कोई पूछने वाला नही है - चाची जी ने कहा

चाची पूनम को बुखार है इसी लिए उसे जगाया नही आप चिंता मत करो आपकी बहू है ना वह चाय बना देगी - सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा ।

लावण्या प्लीज सार्थक ने लावण्या की तरफ देख कर कहा

लावण्या घूमी और किचन में चली गयी

आज पहली बार वह किचन में आई थी इसीलिए उसे सब ढूढने मे बहुत परेशानी हो रही थी और टाइम लग रहा था और उधर चाची बार बार चाय के लिए पूछ रही थी

लावण्या ने जल्दी से चाय बनाया और फिर लाकर चाची को दिया

चाची जी खाने में क्या बनाऊ- लावण्या ने पूछा

जो मर्जी हो बना लो मुझसे क्या पूछ रही हो बहू मुझको तो दो रोटी से मतलब है जो भी बना कर दे दोगी खा लूंगी - चाची जी अनमने भाव से कहा

लावण्या ने सार्थक की तरफ देखा मानो पूछ रही हो आप ही बता दो

लावण्या पहले एक काम करो जाओ जाकर छुटकी को देखो अगर उसका बुखार उतरा हो तो जगा दो उसे डॉक्टर के पास ले जाना है सार्थक ने कहा

लावण्या पूनम के पास पहुची और देखा पूनम का बुखार थोड़ा बहुत उतरा हुआ था

लावण्या ने उसे प्यार से जगाया

अब कैसी हो पूनम ? - लावण्या ने पूछा

ठीक हूँ भाभी थोड़ा बहुत ठीक लग रहा है लेकिन पूरे बदन में दर्द है पूनम ने कहा

अच्छा घबराओ मत जाओ जाकर फ्रेश हो जाओ भैया बुला रहे है आपके, तुम्हे डॉक्टर के पास ले जाने के लिए फिर आप मेरे पास आजाना क्योकि कहा क्या रखा है मुझे पता

नही है - लावण्या ने कहा

ठीक है भाभी आती हूँ पूनम ने कहा और चली गयी

थोड़ी देर बाद पूनम आयी और उसने लावण्या को सब बात दिया और फिर सार्थक के साथ डॉक्टर के पास चली गयी

2 दिन बाद सारे रिस्तेदार अपने अपने घर चले गए

घर मे पूनम के चाचा चाची पापा और पूनम सार्थक और लावण्या रह गए

लावण्या के साथ पूनम का मन बहुत लग रहा था दोनो खूब खुश थे और दिन बाहर एक दूसरे के साथ ही रहते थे

जिससे पूनम को प्रमोद वाले वाकये की याद नही आती थी लेकिन वह जब भी अकेले में होती तो से प्रमोद की सारी बाते याद आती और वह सहम जाती थी

एक दिन सार्थक बैठा था तभी उसके मोबाइल पर फोन आया

सार्थक ने फोन उठाया और बोला

हेलो कौन ?

आप सार्थक भैया बोल रहे है ना उधर से आवाज आई

जी मैं सार्थक बोल रहा हु आप कौन सार्थक ने आश्चर्य से पूछा

मैं पूनम का क्लासमेट हूँ मुझे पूनम से एक जरूरी बात करनी है क्या आप दो मिनट मेरी बात करवा देंगे प्लीज

जी जरूर करवा देगे आप अपना नाम बता दीजिए मैं पूनम

को बताता हूँ - सार्थक ने पूछा

मेरा नाम प्रमोद है पूनम मुझे जानती है प्रमोद ने अपनी आवाज को मानो चासनी में लपेट कर कहा

एक मिनट रुकिए मैं पूनम को फोन देता हूँ

जी जरूर

प्रमोद फोन लेकर पूनम के कमरे में पहुचा

छुटकी तेरे कालेज से तेरे किसी क्लास मेट का फोन है प्रमोद नाम है ले बात कर ले सार्थक ने फोन पूनम की तरफ बढ़ते हुए कहा

प्रमोद का नाम सुनकर पूनम का चेहरा पीला पड़ गया और बदन में कपकपी सी छूट गयी उसके माथे पर पसीने की बूंदे झिलमिलाने लगी

क्या हुआ पूनम एनी प्रॉब्लम क्या बात है सार्थक के पूनम को ऐसे डरते और सहमते देखा तो पूछा

नही भैया कुछ छ नही..कुछ भी तो नही पूनम डरती और घबराती हुई बोली

तो ले बात कर लाइन चालू है सार्थक ने पूनम को मोबाइल पकड़ाना चाहा

पूनम के पास बात करने के अलावा कोई चारा नही बचा था उसने झिझकते झिझकते फोन ले लिया और कान के पास लगा लिया

उसने सहमी सहमी नजरो से सार्थक को देखा

सार्थक को लगा कि पूनम उसके सामने बात करने से

हिचकिचा रही है इसीलिए वह कमरे से बाहर आ गया और आते आते बोला कि बात हो जाय तो फोन दे देना

पूनम का हलक मानो सूख गया था जुबान हड़ताल पर थी वह एक शब्द भी नही बोली और उसने गरदन हिला दिया

सार्थक के बाहर जाते ही पूनम ने हेलो बोला ।

हाय पूनम कसम से तुम्हारी मीठी सी आवाज सुनने को तरस गया था कितना बेचैन था तुम्हारी आवाज सुनने को मेंरा दिल कितना बेचैन था इसका तुम्हे अंदाजा भी नही था अब जाकर कलेजे को ठंडक पहुची सच मे बहुत पत्थर दिल हो - प्रमोद ने कहा

तुम्हे नंबर कहा से मिला भैया का - पूनम ने पूछा

अरे ढूढने पर तो भगवान मिल जाते है फिर ये तो तुम्हारा नंबर था पूनम ये मेरे लिए ढूढना कौन सी बड़ी बात थी मैने बताया था कि मैं तुमसे टूट कर प्यार करता हूँ तो नंबर ढूढना कौन सी बड़ी बात है तुम्हारे लिए तो मैं कुछ कर सकता हूँ - प्रमोद किसी सिरफिरे आशिक की तरह से बोला

क्यो परेसान कर रहे हो प्रमोद क्या चाहते हो- पूनम ने हल्के से गुस्से से कहा

अरे इतनी जल्दी भूल गयी बताया तो था कि तुम्हे चाहता हूँ, तुम्ही मेरी दिल मे मेरी सांसो में बसी हो तुम मुझे नही मिली तो मैं क्या कर जाऊंगा मुझे खुद को नही मालूम पूनम प्रमोद

ने कहा

प्रमोद प्लीज मुझे परेसान करना बंद कर दो मैने तुम्हे एक बार नही कई बार बताया है कि मैं तुम्हे प्यार नही करती पूनम ने झल्ला कर कहा

पूनम ऐसा मत करो, मत करो देखो मैं तुम्हे प्यार से समझा रहा हूँ और तुम हो कि समझ ही नही रही हो मेरी प्यार की गहराई को समझो पूनम मेरी हर एक सांस पर सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा नाम लिखा है प्रमोद ने कहा

तुम्हारा हो गया है दिमाग खराब मुझे खुद पर गुस्सा आरहा है कि मैंने तुमसे बात ही क्यों करना शुरू किया तुम्हे सरम नही आती एक लड़की को परेसान करते हुए और उसपर भैया के मोबाइल पर फोन कर रहे हो अगर भैया को शक हो जाता तो , पागल हो क्या पूनम ने कहा ।

अरे इतना क्यों डरती हो पूनम प्यार करने वाले डरते थोड़े न है फिर तुम्हारे भैया जल्द ही मेरे साले बनने वाले है उनसे कैसा डर आज नही तो कल उन्हें हमारे प्यार का पता चल ही जाना है तो फिर उनसे क्यो डर रही हो , तुम चिंता मत करो मैं उन्हें तुम्हारी कुछ तस्बीर भेज देता हूँ स्पेसल वाली वो देखेंगे तो समझ जाएंगे कि तुम और मैं एक दूसरे से प्यार करते है बस अब खुश प्रमोद ने कहा

नही नही प्लीज प्रमोद ऐसा मत करना मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ मेरे भैया को कुछ भी मत भेजना पूनम ने घबरा कर कहा

अरे नही पूनम तुम्हे हाथ जोड़ने की जरूरत नही है तुम मेरे दिल की रानी हो तुम तो बस आदेश करो मैं तुम्हारे हुश्न का गुलाम हूँ जो तुम कह दोगी वही होगा लेकिन अगर तुम चाहती हो कि मैं फ़ोटो न भेजू तो तुम्हे मेरा एक काम करना पड़ेगा

कैसा काम पूनम ने सहम कर पूछा

तुम्हे देखने का तुमसे बात करने का बहुत मन कर रहा है तो तुम्हे मुझसे मिलने आना पड़ेगा फिर मैं तुम्हे एक मोबाइल दे दूंगा और फिर हम दोनों बात करेंगे फिर सार्थक के पास फोन मिलने की जरूरत नही पड़ेगी प्रमोद ने प्यार से कहा

नही प्रमोद मैं नही आ सकती और प्लीज ऐसा मत करो जबसे तुम्हारा लिफाफा मिला है तब से मुझे इतनी टेंसन है कि मेरी तबियत खराब हो गयी है प्लीज मुझे छोड़ दो प्लीज , मुझमे ऐसा क्या है जो तुम मेरे साथ ऐसा कर रहे हो मुझसे भी सुंदर और अच्छी लडकिया है मुझे छोड़ दो प्लीज प्रमोद पूनम ने गिड़गिड़ाते हुए कहा

कैसी बाते कर रही हो पूनम तुम्हे छोड़ने का तो सवाल नही पैदा होता है तुम मेरी दिल की धड़कन हो और तुम्हे छोड़ दु ऐसा कभी भी नही होगा मैने तुम्हे प्यार किया है कोई मजाक नही ,की तुम्हे छोड़ दू आज तो बोल दिया आज के बाद बोलना भी नही प्रमोद ने ऐसा कहा मानो पूनम की बात सुन कर उसे बहुत हर्ट हुआ हो

लेकिन मैं तुमसे प्यार नही करती हूँ और किसी से जबर्दस्ती

प्यार करना ठीक है क्या ये कैसा प्यार है कि तुम मुझे तकलीफ पहुचा रहे हो तुम्हारी वजह से मुझे बुखार चढ़ गया है और तुम कह रहे हो मुझसे प्यार करते हो छी ऐसा होता है क्या प्यार पूनम ने प्रमोद को धिक्कारा

आई एम सोरी पूनम मेरी वजह से तुम्हे इतनी तकलीफ उठानी पड़ रही है लेकिन मैं क्या करूँ मेरा दिल मानता ही नही, वह बार बार सिर्फ और सिर्फ तुम्हे प्यार करता है इसीलिए मुझे माफ कर देनामैं अपने दिल के आगे मज़बूर हू प्रमोद ने ऐसा कहा मानो यह सब करके अच्छा नही लग रहा हो ।

देखो प्रमोद तुम यह सब करके ठीक नही कर रहे हो मैं सार्थक भैया को सब सच बता दूंगी की तुम मुझे परेसान कर रहे हो फिर मुझे दोष मत देना पूनम ने प्रमोद को धमकी दी

अरे तुम क्यों बता दोगी , मैं खुद ही बोल देता हूँ प्रमोद ने पूनम की खिल्ली उड़ाते हुए कहा

पूनम कसमसा कर रह गयी उसकी समझ मे नही आ रहा था कि वो क्या करे

आखिर तुम चाहते क्या हो क्यो जीना हराम कर रखा है पूनम ने झल्ला कर कहा

दिल मे तो बहुत सारे अरमान और आंखों में ढेर सारे सपने है लेकिन अभी तो सिर्फ यही चाहता हूँ कि परसो तुम एक बजे मुझे अम्बेडकर पार्क में मिलो

देखो प्रमोद मैं तुमसे नही मिल सकती मेरी भाभी आ गयी है

तो मुझे उनके पास ही रहना पड़ता है

पूनम तुम्हे आना पड़ेगा वो तुम सोचो कि कैसे मैनेज करोगी लेकिन तुम्हे हर हाल में आना पड़ेगा वरना फिर किसी चीज के लिए मुझे शिकायत मत करना मैं कुछ भी कर सकता हूँ अभी तुमने सिर्फ मेरा प्यार देखा है कही ऐसा न हो कि मेरी नफरत भी तुम्हारे सामने आ जाये प्रमोद ने जैसे हरेक शब्द चबा कर कहा

क्या करोगे तुम बोलो क्या कर सकते हो तुम्हे क्या लग रहा है तुम्हारी धमकियों से डर जाऊंगी - पूनम ने कहा

पूनम इतनी भी कमजोर नही है कि वह यह सब सह लेगी वैसे भी मैने ऐसा कुछ नही किया है कि जिससे मुझे डरने की जरूरत पड़े प्रमोद की बाते सुनकर पूनम को बहुत तेज गुस्सा आरहा था

ठीक है फिर मत आओ मैं जा रहा हूँ तुम्हारी शारी फोटुएं निकलवा कर एक सेट सार्थक और लावण्या के नाम यही नाम है ना तुम्हारी भाभी का

दूसरा सेट तुम्हारी चाची कुसुम और चाचा इंद्रेश को तीसरी तुम्हारे पापा अवधेश जी को उनके ऑफिस में और चौथा तुम्हारी सहेलियों को और फिर पूरे कालेज में और शहर में पोस्टर बनवा कर लगवा देता हूँ प्रमोद ने कहा

प्रमोद की बात सुनकर पूनम कॉप गयी प्रमोद के इरादे बहुत खतरनाक थे पूनम बुरी तरह डर गयी

प्लीज प्रमोद ऐसा मत करना प्लीज मैं बर्बाद हो जाउंगी तुम

मुझसे प्यार करते हो तो ऐसा कैसे कर सकते हो मेरे साथ बोलो ।पूनम ने गिड़गिड़ा कर कहा

मैं करना नही चाहता पूनम लेकिब तुम मुझे मजबूर कर रही हो इसी लिए अगर तुम चाहती हो कि मैं ये सब ना करू तो परसो आकर मुझसे मिलो वो भी अकेली प्रमोद ने कहा

देखो प्रमोद मैं वादा नही कर रही सच मे घर से निकलना बहुत मुश्किल होता है फिर भी मैं कोशिश करती हूँ अगर आ गयी तो ठीक वरना प्लीज ऐसा कुछ मत कर देना जिससे मेरी बदनामी हो जाये

ठीक है मैं तुम्हारा इन्तेजार करूँगा प्रमोद ने कहा

पूनम ने कुछ नही कहा

बाय पूनम लब यु स्वीट हार्ट आई लैब यु सोना ।प्रमोद ने प्यार से कहा

पूनम के तन बदन में आग लग गयी लेकिन वह बेचारी मजबूर थी कुछ बोल नही सकती थी वह अपने दांत पीस कर राह गई ।

क्रमशः
 
ये कैसा इश्क ये कैसा आशिकाना है

ये कैसा खुदगरजी ये कैसा जमाना है

किसी के मजबूरी का मजाक बना लेते है लोग

क्या इश्क का मतलब किसी का दिल दुखाना है

प्रमोद की वजह से पूनम की रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया था, वह हर वक्त खोई खोई सी रहती और परेसान रहती हँसना मुस्कुराना तो जैसे बिल्कुल भूल गयी हो ।

लावण्या ने उससे कई बार पूछा लेकिन पूनम झिझक और डर से किसी को कुछ नही बता रही थी बस अंदर ही अंदर सब कुछ दबाये घुट घुट कर जी रही थी ।

चिंता और टेंसन की वजह से न तो वह ढंग से खाना खाती और न ही दवाइयां, इसी वजह से उसका बुखार जाने का नाम नही ले रहा था

और उसकी यह हालत देख कर लावण्या परेसान हो जाती वह पूनम का भरकस ध्यान रखने का प्रयास कर रही थी लेकिन पूनम की तबियत ठीक होने का नाम नही ले रहा था ।

सार्थक पूनम का बुखार उतर नही रह है जब तक दवाइयां खाये रहती है तब तक ठीक रहता है फिर खराब हो जाता है तो उसको किसी दूसरे और अच्छे डॉक्टर को दिखा दीजिये - लावण्या ने चिंता से सार्थक को बताया

क्या ? पूनम अभी तक ठीक नही हुई और यह आप मुझे अब

बता रही है - सार्थक ने चिंता से कहा

मैने सोचा कि शायद एक दो दिन बाद ठीक हो जाये

इसीलिए आपको नही बताया लेकिन काफी दिन हो गए - लावण्या ने कहा

यार लावण्या आप भी न, ये बात मुझे पहले बतानी चाहिए थी चलो छोड़ो, कहा है पूनम मैं उसे लेकर जा रहा हूँ हॉस्पिटल - सार्थक ने कहा

लेकिन आप को तो आज जाना है आज आपकी जोइनिंग है ना- लावण्या ने सार्थक को याद करवाया

ओह माई गॉड मैं तो भूल ही गया था लावण्या अच्छा किया तुमने याद करवा दिया सार्थक को जैसे कुछ याद आया हो

लेकिन पूनम को भी दिखाना जरूरी है - सार्थक बोला

तो कैसे करेंगे आप , क्या जोइनिंग वाले दिन ही आप लेट जाएंगे क्या ? फस्ट डे ही आपका इम्प्रेसन गलत पड़ जाएगा- लावण्या बोली

सार्थक ने दो पल सोचा फिर बोला

एक काम करो लावण्या पूनम ने देखा तो है ही आप उसके साथ डॉक्टर के पास चली जाना

मै.. मैं ..मैं कैसे लावण्या हकलाते हुए बोली

क्यो आप नही जा सकती क्या? सार्थक ने उसे ऐसे झिझकते देखा तो पूछा

नही ऐसी बात नही है लेकिन अभी से कोई देखेगा तो क्या कहेगा लावण्या जाने में थोड़ा हिचकिचा रही थी

जिस को जो कहना है कहे मुझे फर्क नही पड़ता है वैसे भी किसी के कुछ बोलने से ज्यादा इम्पोरटेंट मेरी बहन है इसीलिए आप पूनम के साथ जाकर उसे डॉक्टर को दिखा देना

ठीक है सार्थक अगर आप कह रहे है तो ले जाकर दिखा दूंगी- लावण्या ने हार मानते हुए कहा

सार्थक थोड़ी देर बाद निकल गया और फिर लावण्या ने भी घर का सारा काम खत्म कर के पूनम को बुलाया और डॉक्टर के पास ले जाने के लिए बोला

पूनम पहले तो न नुकर करती रही फिर बोली भाभी आप चलोगी मेरे साथ पूनम ने आश्चर्य से पूछा

क्या करूँ तुम्हारे भैया ने कहा है - लावण्या ने कहा

और चाची आप ने चाची से पूछा कि नही पूनम ने कहा

लावण्या को जैसे साँप सूघ गया हो उसे चाची का बिल्कुल भी ध्यान नही था और अगर वह बिना चाची से पूछे चली जाती तो बहुत बड़ी मुश्किल हो जाती और चाची का क्या रियेक्सन होता पता नही

नही पूनम मैं तो चाची जी को बिल्कुल भूल ही गयी थी आप जाओ जा कर पूछ लो और बोल देना भैया ने कहा बाकी जैसे चाची जी कहेगी वैसे ही करूँगी - लावण्या ने कहा

पूनम चाची के पास गई और उन्हें सारी बात बताई

चाची जी मुझे और भाभी को बाहर जाना है पूनम ने चाची जी कहा और लावण्या के साथ जाने की इजाजत मांगी

क्यो बाहर क्यो ? ऐसी क्या जरूरत आगयी है कि बहू को आये भी अभी 4 दिन नही बीता है और बहू को हाट करनी है चाची ने नाक भौ सिकोड़ कर कहा

उनको कुछ नही लेना है चाची मेरी तबियत खराब है तो डॉक्टर के पास जाना है इसीलिए भैया ने कहा है पूनम ने हिचकिचाते हुए बोला

जब भैया ने बोला है तो फिर मुझसे क्यो पूछने आयी हो ,फार्मेलटी अदा करनी है क्या? जब तुम लोगो ने आपस मे ही पहले से सब डिसाइड कर लिया है तो जाओ ,जब घर मे मेरी कोई हैसियत ही नही सब काम अपने मन से करना है तो

जहा मर्जी वहां जाओ बाजार जाओ हाट जाओ मेला जाओ या फिर जहा दिल हो वह जाओ मुझसे क्यो पूछना है- चाची जी ने गुस्से से कहा

आप ऐसे क्यो कह रही है चाची जी अभी गयी तो नही है ना और अगर आप की अहमियत नही होती तो पूछते क्यो- पूनम ने कहा

अरे ये भी कोई पूछने वाली बात है अभी एक हफ्ते भी आये हुए नही हुआ लावण्या को और इस तरह बाजार, क्या ये सोभा देता है खानदान की नाक कटवानी हो तो जो मन सो करे वैसे भी आजकल की लड़कियों को न तो सभ्यता है ना संस्कार उन्हें तो बस बाजार और हाट घूमने से फुरसत मिले तब न एक हम थे जो एक साल तक घर से बाहर भी कदम नही रखे थे- चाची जी ने कहा

लेकिन आज कल आज कल तो पहले दिन से ही न तो सास ससुर चाचा चाची का लिहाज और न ही गाँव देश और समाज का लिहाज जाओ जो दिल मे आये सो करो अगर नाक कटवानी ही है तो कौन रोक सकता है चाची ने एक बात की तीन बात बताई

पूनम ज्यादा बहस करने के मूड में नही थी उसने चाची का मूड देख लिया और डिसीजन भी जान लिया अब अगर वह लावण्या को जबरदस्ती ले जाती तो घर मे महाभारत तय थी

इसी वजह से पूनम ने लावण्या को बाजार न ले जाने का फैसला किया

और आकार लावण्या को सारी बाते बताने लगी

तो अब फिर कैसे जाओगी लावण्या ने पूरी बात सुनने के बाद परेसान होकर कहा

आप घबराइए मत भाभी जी मैने डॉक्टर को देखा है भैया मुझे ले गए है हम लोग उन्ही के पास जाते है तो मैं अकेले ही चली जाउंगी वैसे भी मैं अक्सर जाती रहती हूँ कि बार गयी हूँ- पूनम ने लावण्या से कहा

आर यु स्योर तुम चली जाओगी न लावन्या ने पूछा

हा भाभी मैं चली जाउंगी - पूनम ने कहा

ठीक है जाओ अपना ध्यान रखना लावण्या ने कहा

पूनम घर से बाहर निकली वह पहले डॉक्टर के पास गई और जब वह दिखा कर लौट रही थी तभी उसे प्रमोद का ख्याल आया

आज उसे प्रमोद ने बुलाया था

प्रमोद का ख्याल आते ही लावण्या का दिल धक से कर के रह गया उसने घड़ी देखा 2 बजने में अभी आधे घंटे बाकी है उसने सोचा कि आयी हूँ तो मिल कर बात कर लेती हूँ वरना प्रमोद का क्या भरोसा कुछ कर दे इसी लिए न चाहते हुए उसके कदम अम्बेडकर पार्क की तरफ बढ़ गए

करीब 2 बजे ही सार्थक ने लावण्या को फोन किया

हेलो लावण्या

जी कैसे है आप , आप के ऑफिस का पहला दिन कैसा रहा लावण्या ने पूछा

बढ़िया रहा स्टाफ बहुत कोऑपरेटिव है सब बहुत अच्छे से बिहेब कर रहे है - सार्थक बोला

अच्छा ये बताओ पूनम को ले गयी थी डॉक्टर को दिखाने क्या बोला डॉक्टर ने - सार्थक ने पूछा

मैं कहा गयी चाची जी ने जाने नही दिया गुस्सा करने लगी इसीलिए मैं नही गयी- लावण्या ने कहा

तो फिर पूनम को नही दिखाया सार्थक ने आश्चर्य से पूछा

नही पूनम गयी है डॉक्टर के पास वह बोली मैं अकेले ही चली जाउंगी- लावण्या बोली

क्या अकेले और आपने उसे जाने दिया लावण्या ऐसा आप कैसे कर सकती है उसकी तबियत ठीक नही है और आपने

उसे अकेले भेज दिया सार्थक हल्का सा गुस्से से बोला

मैं क्या करती मेरे साथ जाने की बात सुनकर चाची जी गुस्सा होने लगी और पूनम बोली कि मैंने डॉक्टर को देखा है मैं चली जाउंगी इसीलिए मैंने कुछ नही कहा लावण्या ने सफाई दी

लावण्या पूनम अभी बच्ची है आप तो समझदार हो आप को उसे अकेले नही भेजना चाहिए था

चाची जी ने आप को नही जाने दिया तो आप मुझे बताती मैं किसी को भेज देता पूनम के साथ आपने मुझे फोन भी नही किया - सार्थक बोला

आई एम सॉरी सार्थक मुझे फोन करने का बिल्कुल भी ध्यान नही रह मुझसे गलती हो गयी - लावण्या को अपनी गलती का अहसास हुआ

अच्छा कोई बात नही अब जो हो गया सो हो गया पूनम लौट कर आई कि नही ,कब गयी थी पूनम सार्थक ने पूछा

करीब एक घंटे पहले निकली है

एक घंटे हो गए काफी टाइम हो गया अब तक तो उसे लौट आना चाहिए था सार्थक को पूनम की चिंता हो रही थी

सार्थक घबराओ मत पूनम समझदार है बस आती ही होगी- लावण्या ने कहा ।

ठीक है जैसे ही पूनम घर आये मुझे बताना मुझे तुरंत ही फोन

करना ठीक है सार्थक ने कहा

ठीक है लावण्या ने कहा

लावण्या ने आधे घंटे तक पूनम का इंतजार किया लेकिन जब पूनम नही आई तो उसको थोड़ी चिंता हुई उसको खुद पर गुस्सा आरहा था कि अकेले उसने पूनम को जाने क्यों दिया

अगर वह सार्थक को फोन करती तो सार्थक परेसान हो जाता और लावण्या नही चाहती थी कि आफिस के पहले ही दिन सार्थक के लिए कोई मुसिबत खड़ी हो और उसे जल्दी आना पड़े

उसने अपना फोन उठाया और उसके उसमे से नंबर निकलने लगी

तभी उसकी नजर लक्ष्य के नम्बर पर पड़ी

उसकी आंखें चमक गयी लक्ष्य उसकी मदद कर सकता है उसने जल्दी से लक्ष्य को फोन मिलाया

हेलो उधर से लक्ष्य की आवज आयी

लक्ष्य भैया मैं लावण्या बोल रही हूँ लावण्या ने कहा

जी भाभी बोलिये लक्ष्य ने कहा

लक्ष्य मुझे आपकी जरूरत पड़ गयी है और वो ऑफिस में है तो प्लीज मेरी मदद कर दो- लावण्या ने प्यार से कहा

अरे आप कैसी बात कर रही है भाभी आप आदेश करे बताइये क्या बात है सार्थक नही है तो क्या हुआ मैं तो हूँ न - लक्ष्य ने कहा

लावण्या ने पूरी बात लक्ष्य को बताई

ओह ये बात है , आप बिलकुल भी चिंता मत कीजिये भाभी वैसे भी पूनम का पूरा मार्किट देखा है फिर भी आप घबराई हुई है तो मैं अभी जाकर उसे ले आता हूँ अगर आपको उसे भेजना ही था तो आप पहले ही मुझे कह देती तो मैं ही लेकर चला जाता ।

मैने सोचा क्यों आपको खामखा परेसान करे इसी लिए नही बुलाया लेकिन पूनम को बहुत देर हो गयी है तो अब दिल घबरा रहा है और सार्थक को फोन करूँगी तो वो अभी हड़बड़ा जाएगा उसका पहला दिन है जॉब का मैं नही चाहती कि उसे कोई दिक्कत हो

अच्छा ठीक है आप बिलकुल मत घबराइए आप मेरे लिए चाय बनाइये मैं यु गया और पूनम को लेकर यु आया ठीक है लक्ष्य ने लावण्या की टेंसन डोर करने की कोशिश की

ठीक है लक्ष्य मैं आपका और पूनम का वेट कर रही हूँ - लावण्या ने कहा

पूनम पार्क में बैठ कर प्रमोद का इंतजार करने लगी थोड़ी देर बाद प्रमोद आया

और पूनम के पास पहुच कर हेलो किया

प्रमोद को देखते ही पूनम के मानो हाथ पांव ही फूल गए हो

मुझे पूरा भरोसा था कि तुम मुझसे मिलने आओगी प्रमोद ने पूनम को देख कर कहा

प्रमोद बड़ी मुश्किल से मैं आज आयी हूँ वो भी सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे कहने पर मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद बिल्कुल नही थी तुम मेरे अच्छे दोस्त थे लेकिन तुमने ये सब करके ठीक नही किया मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद बिल्कुल नही थी

आई एम सोरी मेरी जान मुझे भी तुम्हे इस तरह से परेसान करना बिल्कुल अच्छा नही लग रहा है लेकिन मैं क्या करूँ अपने दिल के हाथों मजबूर हूँ तुमसे मिलने का तुमसे बात करने का बहुत मन कर रहा था इसीलिए तुम्हे बुलाया है मैने - प्रमोद ने कहा

लेकिन प्रमोद तुम ये कैसे कर सकते हो सबसे पहले तुमने धोखे से मेरी फ़ोटो निकलवाई और अब ब्लैकमेल कर रहे हो क्या किसी लड़की को ब्लैकमेल करना अच्छी बात है क्या ? माना कि तुम मुझसे प्यार करते हो लेकिन प्यार करने वाले ऐसे करते है क्या ? जैसा तुम कर रहे हो पूनम ने प्रमोद को समझाने की कोशिश की

पूनम तुम्हे देखने को दिल बहुत मचल रहा था और दिल तुमसे बात करने के लिए तरस रहे थे ऐसे तुम आने से मना कर रही थी तो मुझे और कोई रास्ता नही समझ आया और कहते है इश्क और जंग में सब जायज है अब तुम्ही बताओ मैं ऐसे नही करता तो तुम आ जाती क्या नही ना फिर मेरे पास दूसरा कोई रास्ता नही बचा था पूनम इसीलिए ये रास्ता अख्तियार किया अच्छा छोड़ो ये सब ये बताओ तुम्हारी तबियत कैसी है प्रमोद ने पूछा मानो उसको पूनम की बहुत चिंता हो रही हो

तुमसे क्या मतलब मेरी तबियत से चाहे, किसी की तबियत खराब हो चाहे किसी की जान जा रही हो तुम्हे क्या लेना देना अगर इतना ही ख्याल था तो फिर ऐसे काम ही क्यो किये तुम्हारी वजह से मेरा रहना खाना पीना और जीना मुश्किल हो गया है लेकिन तुम समझने को तैयार नही हो एक हफ्ते से बुखार से परेसान हूँ अभी अभी डॉक्टर को दिखा कर आ रही हूँ और डॉक्टर ने बोला है टेंसन बिल्कुल मत लेना लेकिन तुम्हारी वजह से इतनी टेंसन है कि क्या बताऊँ- पूनम ने कहा

क्यो लेती हो इतना टेंसन अरे मेरा इरादा तुम्हे नुकसान पहुचने का थोड़े ही है मैं तो बस तुमसे प्यार करता हूँ और चाहता हूँ कि तुम भी मुझसे प्यार करो इसके अलावा और कुछ नही चाहता तुम मुझसे इतना क्यो दूर भागती हो पूनम मैं तुम्हे दिलो जान से चाहता हूँ और तुमसे शादी करना

चाहता हूँ प्रमोद किसी सिरफिरे आशिक की तरह बोला

पूनम का दिल कर रहा था कि वह कस के एक थप्पड़ प्रमोद को चिपका दे लेकिन बहुत मजबूर थी

देखो प्रमोद तुम कुछ भी कर लो लेकिन इस जन्म में मैं तुमसे प्यार नही कर सकती बेहतर यही होगा कि तुम मुझे भूल जाओ और मेरी सारी फ़ोटो और वीडियो मेरे हवाले कर दो तुम मेरे दोस्त हो इसी वजह से मैं कुछ भी नही करूँगी और बात को यही खत्म कर दूंगी और ऐसे ही हमारी दोस्ती चलती रहेगी लेकिन अगर तुमने ऐसा नही किया तो अभी तो मैं सिर्फ तुम्हे समझा रही हूँ फिर जो करूँगी उसके जिम्मेदार तुम खुद होंगे मुझे इतना भी कमजोर समझने की गलती मत करना पूनम ने हल्के से गुस्से से धमकी देने वाले अंदाज में कहा

अच्छा क्या करोगी तुम ये भी बता दो मैं भी तो जान लू की मेरी जान का इरादा क्या है प्रमोद ने खिल्ली उड़ाने वाले अंदाज से कहा

अभी मैं कुछ भी नही बताउंगी लेकिन अगर तुमने अपनी मनमानी जारी रखी तो फिर मैं भी चुप नही बैठूंगी और ये भी मत समझना कि मैं तुम्हारी उन चंद फ़ोटो से ब्लैकमेल हो जाउंगी क्योकि पूनम इतनी भी कमजोर नही है जितना तुमने समझ रखा है पूनम ने गुस्से से कहा

अरे बाप रे इतना गुस्सा सुंदर लड़कियों को इतना गुस्सा ठीक नही लगता वो भी उसपर जो उससे बहुत प्यार करता है

पूनम मैं तुमसे किस कदर प्यार करता हूँ इसका तुम्हे अंदाजा भी नही है तुम अगर मेरी जान भी मांग लो तो मैं हँसते हँसते तुम्हे सौप दू बस तुम मुझसे दूर जाने की बात मत करना और दुनिया की कोई भी चीज ऐसी नही है जो मैं तुम्हे न दे पाउ एक बार मेरी बात मान कर तो देखो मैं तुम्हे बहुत खुश रखूंगा

प्रमोद मैने तुम जैसा बेसरम इंसान कभी नही देखा मैने तुम्हे कितना मना किया लेकिन तुम्हे सरम भी नही आती है ना जाने किस मिट्टी के बने हो तुम इस जन्म क्या सात जन्म तक मैं तुम्हारी नही हो सकती मैंने एक बार न बोल दिया तो तुम कुछ भी कर लो प्रमोद न तो मेरा डिसीजन बदलेगा और न ही मैं बदलूंगी तो बेहतर यही होगा कि तुम मुझे भूल जाओ और कोई दूसरी देखो - पूनम ने कहा

अच्छा छोडो यह सब आज पहली बार मुझसे मिलने आए हो चलो कुछ खिलता हूँ वरना कहोगी की ऐसे ही भेज दिया

मुझे कुछ नही खाना है मैं जा रही हूँ घर मेरी भाभी इन्तेजार कर रही होगी- पूनम ने कहा

अरे पूनम भाभी की इतनी चिंता है और मेरी नही चलो न यह

पास में ही एक फेमस कचौड़ी वाला है चलो खाते है प्रमोद ने कहा

मैने बोला न कि मुझे कुछ भी नही खाना मुझे भूख नही है - पूनम ने कहा

अरे चलो भी प्रमोद ने जबरदस्ती पूनम का हाथ पकड़ा और ले जाने लगा

प्रमोद मेरा हाथ छोड़ो वरना मुझसे बुरा कोई नही होगा पूनम ने गुस्से से कहा

और अगर न छोड़ू तो क्या कर लोगी प्रमोद पूनम की खिल्ली उड़ाते हुए बोला और पूनम का हाथ और जोर से पकड़ लिया ।

पूनम कसमसा कर रह गयी

मैं कह रही हूँ प्रमोद अपनी सीमा में रहो और मेरा हाथ छोड़ो पूनम ने चिल्ला कर कहा

मैं नही छोड़ रहा प्रमोद ने बेहयाई से कहा

पूनम ने अचानक एक जोर का झटका मारा और प्रमोद के

हाथ से पूनम का हाथ छूट गया

और जब तक प्रमोद कुछ समझ पाता

चटाक एक जोर दर आवाज गूंजी पूनम गुस्से से तिलमिला गयी और उसने प्रमोद के गाल पर एक जोरदार तमाचा रसीद दिया प्रमोद की इसकी बिल्कुल उम्मीद नही थी वह कभी अपने गाल को औए कभी पूनम को देख रहा था

पूनम मानो रणचंडी बन गयी हो गुस्से से उसकी आंखें उबल पड़ने को तैयार थी

आइंदा से मेरे साथ जोर जबरदस्ती या ताकत दिखाने की कोशिश की तो इस बार तो सिर्फ थप्पड़ मारा है अगली बार तेरी आंखे नोच लूंगी साले

तू नार्मल इंसान नही है पागल है जाकर अपना इलाज करवा और अगर तू इस दुनिया का आखिरी लड़का भी होगा तब भी तुझे मेरी न ही होगी समझा , दिमाग खराब करके रख दिया है जब से जिंदगी में आया है जीना हराम कर रखा है बहुत सह लिया और अगर एक बार भी बतमीजी या परेसान करने की कोशिश की तो मुझसे बुरा कोई नही होगा पूनम ने अपनी उंगली तान कर धमकी देने वाले अंदाज से प्रमोद को हड़काया

इस थप्पड़ की गूंज मानो प्रमोद के दिल पर लगी हो वह जैसे पागल हो गया हो उसने गुस्से से भर कर पूनम का हाथ दुबारा पकड़ना चाहा लेकिन पूनम तैयार थी और प्रमोद से हाथ छुड़ा कर पीछे हट गई

प्रमोद को अपनी बेज्जती महसूस हुई क्योकि पार्क में बैठे हुए लोग उन दोनों को देख रहे थे ।

प्रमोद ने चारों तरफ देखा और फिर पूरी ताकत से पूनम के उनपर लपका

पूनम बचने की कोशिश कर रही थी लेकिन कब तक प्रमोद तो पूरा का पूरा आउट ऑफ कंट्रोल हुआ जा रहा था उसने किसी शिकारी की तरह पूनम को दबोच लिया

क्रमशः
 
पूनम किसी बेबस पक्षी की तरह प्रमोद के चंगुल में फसी फड़फड़ा रही थी

वह पूरी ताकत लगा कर छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन प्रमोद की पकड़ काफी मजबूत थी और वह कुछ नही कर पा रही थी

आखिर में उसको कुछ नही सूझा तो उसने बचाओ बचाओ की गुहार लगा दी

उसकी आवज सुनकर दो तीन लड़के दौड़ कर उसके पास आये और बोले

क्या हुआ

प्लीज मेरी हेल्प कीजिये ये मुझे जबरदस्ती परेसान कर रहा

है - पूनम ने उन लड़कों से प्रार्थना की

क्यो बे पार्क में लड़की छेड़ रहा है शर्म नही आती तुझे उनमे से एक लड़के ने कहा

जा अपना काम कर मेरे मामले में दखल अंदाजी मत कर तुझे पता नही है ये मेरी गर्लफ्रेंड है नाराज है ज्यादा हीरो बनने की कोशिश मत कर चल निकल यह से - प्रमोद ने उन लड़कों से कहा

लड़के कन्फ्यूज़ होकर पूनम की तरफ देखने लगे

नही ये झूठ बोल रहा है जिसने मुझे धोखे से यहा बुलाया और फिर ये हरकत कर रहा है प्लीज हेल्प मी - पूनम रोती हुई बोली

लड़को ने पूनम को रोते देखा तो फिर से प्रमोद की तरफ लपके

अच्छा पहले उस लड़की को छोड़ अगर गर्लफ्रेंड भी है तो कौन ऐसे अपनी गर्लफ्रेंड से जबरदस्ती करता है तुझे बिल्कुल भी तमीज नही है कि कैसे लड़की के साथ बिहेब करना चाहिए

वो सुन ज्यादा तमीज मत सिखा जा जाकर अपना काम कर ये हमारा पर्सनल मैटर है इसमें खामखाह टांग मत अड़ा - - प्रमोद ने गुस्से से कहा

अच्छा पर्सनल मैटर , लग तो नही रहा पर्सनल कुछ - लड़का बोला

तू ऐसे नही मानेगा रुक अभी बताता हूँ प्रमोद ने पूनम को छोड़ा और अपना फोन निकलने लगा

किसको फोन मिला रहा है बे - लड़को ने कहा ।

10 मिनट यही खड़ा रहा अभी पता चल जाएगा

क्यो तू गुंडा है मवाली है ? क्या करेगा बोल तू बोल न क्या करेगा साले ? एक तो पार्क में लड़की छेड़ता है ऊपर से दादा गिरी कर रहा है- लड़के भी प्रमोद से उलझते हुए बोले

धीरे धीरे वहाँ पर भीड़ लगना चालू हो गया

आज कल पार्क में ये सब ज्यादा होने लगा है सरीफ आदमी थोड़ा पार्क में आता है कि ताजी हवा मिले लेकिन इन जैसो ने आतंक मचा रखा है इनकी वजह से बहू बेटियो को लाने में भी घबराहट होती है- एक आंटी ने कहा

सही बात है इनको सबक सिखाना बहुत जरूरी है

इनको तो खूब अच्छे से कुटाई हो बस तभी ये सुधरेंगे एक अंकल ने आंटी की हां में हां मिलाई

तभी एक लेडी पूनम के पास आई जो डर के मारे सुबक रही थी

क्या हुआ बेटा कौन है ये उसने पूनम से प्यार से पूछा

आंटी ये मुझे कई दिनों से परेसान कर रहा है इसी की वजह से मेरा खाना पीना सोना जागना सब हराम हो गया

आज इसने मुझे इस पार्क में बुलाया मैने सोचा कि जाकर एक बार बात करती हूँ कि ये ऐसे क्यो कर रहा है लेकिन इसने मुझे पकड़ लिया और जबरदस्ती करने लगा..बोलते बोलते पूनम रो पड़ी

आंटी ने उसे चुप करवाया और बोली

देख क्या रहे हो अगर इसको ऐसे छोड़ दिया तो ये दूसरी किसी को छेड़ेगा इसको अच्छे से सबक सिखाओ की यह किसी लड़की की तरफ दुबारा आंख न उठाएं

आंटी के बोलने का देर था कि लड़के प्रमोद पर पिल पड़े और मारने लगे

प्रमोद पहले तो लड़ता रहा लेकिन कब तक सब उसपर टूट पड़े और ढंग से खातिरदारी की

प्रमोद का मार मार कर हुलिया बिगाड़ दिया ।

प्रमोद को अच्छे से कूटने के बाद लड़के अपने अपने रास्ते चले गए और प्रमोद वही पड़ा कराह रहा था ।

लक्ष्य जानता था कि सार्थक किस डॉक्टर को दिखाता है , दो बार वो भी सार्थक के साथ गया था, इसीलिए बाइक लेकर सीधा डॉक्टर के पास पहुचा और फिर वहां से उसने पता किया और जब उसे पता चल की पूनम कब की निकल गयी तो वह भी परेसान हो गया

उसे समझ मे नही आरहा था कि पूनम कहा गयी वह अपनी बाइक लेकर इधर उधर पूनम को ढूढ रहा था ।

कहा रहती हो बेटा - आंटी ने पूनम से पूछा जो बहुत ही ज्यादा घबराई और डरी हुई थी

आंटी प्रताप बिहार में - पूनम ने कहा

तो इतनी दूर कैसे आ गयी - आंटी ने पूछा

आंटी डॉक्टर को दिखाना था तो दवा लेने आए थी मेरी तबियत ठीक नही है - पूनम ने शांति से कहा

अच्छा आओ चलो मैं तुम्हे में रोड तक छोड़ दूं वहां से तुम्हे कोई सवारी मिल जाएगी और बेटे जुग जमाना बहुत खराब है अकेले मत आया करो किसी को साथ लेकर आया करो ये तो अच्छा हुआ हम लोग थे वरना तुम्हारा जाने क्या होता आजकल किसी का कोई भरोसा नही है - आंटी ने एक

नसीहत दी

पूनम ने सिर हिला कर हा कहा

बाहर तक आते आते आंटी ने पूनम के बारे में काफी कुछ जानकारी इकठा कर लिया

बस आंटी मैं चली जाउंगी अब आप जाइये मेनरोड पर पहुच कर पूनम ने कहा

अरे कोई बात नही मेरा घर पास में ही है आओ मैं तुम्हे तुम्हारे घर छोडवा देती हूँ आंटी ने अपने पन से कहा

नही थैंक्स आंटी मैं चली जाउंगी आप परेसान मत होइए पूनम को बहुत अनकम्फर्टेबल लग रहा था

अरे तुम मेरी बेटी जैसी हो घबराओ मत आओ

आंटी ने इतने प्यार से कहा कि पूनम मना नही कर पाई वह आंटी के साथ पैदल ही चलने लगी

लक्ष्य पूनम को ढूढता हुआ आ रहा था तभी उसकी नजर पूनम पर पड़ी वह चौक गया क्योंकि आंटी ने उसे पकड़ रखा था

वह अपनी बाइक भगाता हुआ आया और पूनम के ठीक

बगल रोका

अरे पूनम क्या हुआ तुम यहां कैसे सब ठीक तो है ना लक्ष्य ने छूटते ही एक साथ कई सवाल किया

लक्ष्य को देखते ही जैसे पूनम की जान में जान आयी हो लक्ष्य ने जल्दी से बाइक खड़ा किया और पूनम के पास आया

क्या हुआ पूनम तुम इस तरह? सब ठीक तो है ना लक्ष्य ने घबरा कर पूछा

लक्ष्य को देख कर पूनम अपने आप को रोक नही पाई और उसकी रुलाई फुट पड़ी और वह भाग कर आई किसी अनाथ की तरह लक्ष्य से लिपट गयी मानो डूबते को तिनके का सहारा मिल गया हो

लक्ष्य को कुछ भी समझ मे नही आया उसने प्यार से पूनम के सर को सहलाना सुरू कर दिया ।

और चुप करवाने लगा
 
थोड़ी देर बाद पूनम शांत हुई लक्ष्य ने उसे सीधा किया और पूछा

क्या हुआ पूनम सब ठीक तो है ना ? तुम कहा थी अब तक और रो क्यो रही हो ?

रोने की वजह से पूनम का सारा दर्द बह गया और अब उसे अपने राज के खुल जाने का डर सताने लगा इसीलिए वह कुछ बोली नही बस सुबकती रही

लक्ष्य ने पूनम के चेहरे को हाथों में भर लिया और उसके आंसू पोछता हुआ बोला

क्या हुआ रो क्यो रही हो कुछ बात हो गयी क्या? तुम तो डॉक्टर के पास आई थी फिर यहाँ कैसे और ये आंटी जी कौन है

आंटी जो अब तक खामोश खड़ी थी उन्हें लग गया कि लक्ष्य और पूनम एक दूसरे को जानते है इसीलिए वह बोली

बेटा मैं बताती हूँ

पूनम ने आंटी की तरफ देखा मानो कह रही हो कि मत बताओ लेकिन आंटी ने पूनम की तरफ देखा भी नही

उन्होंने पार्क में हुई सारी बाते पूनम को बता दिया

पूनम नजर झुकाये नीचे देख रही थी जैसे जैसे आंटी बताती जा रही थी पूनम की आंखे भीगती जा रही थी

पूरी बात जानकर लक्ष्य को बहुत तेज गुस्सा आया

उसने पूनम के चेहरे को पकड़ा और उसके आंसू पोछे और

उसे सात्वना देने लगा

पूनम तुम बिल्कुल मत घबराओ भगवान का सुक्र है कि आंटी और उन लड़कों ने तुम्हे बचा लिया आओ चलो घर चले लावण्या भाभी इन्तेजार कर रही है और परेसान है उन्होंने ही मुझे फोन करके तुम्हे ढूढ कर लाने के लिए कहा

आंटी जी थैंक्स आपने इसकी इतनी हेल्प की लक्ष्य ने आंटी को भी धन्यबाद किया और फिर पूनम को बैठा कर निकल गया

लक्ष्य पूनम को लेकर सीधा एक कैफे में पहुचा

और दो काफी का आर्डर दिया फिर उसने फोन निकाल कर लावण्या को पूनम के मिल जाने की बात बताई और पूनम से बात भी करवा दिया और बताया कि काफी पीकर आते है

लावण्या के जान में जान आयी उसने जल्दी आने के लिए बोला और इजाजत दे दी

लक्ष्य यहां क्यो लेकर आये , घर चलते सीधा पूनम ने हल्के से बोला

लक्ष्य ने घूर कर पूनम की तरफ देखा मानो कच्चा चबा जाएगा

क्या हुआ ऐसे क्यो देख रहे हो पूनम लक्ष्य के इस तरह से घूरने पर सकपका गयी और अपनी नजर घुमा कर बोली

जो बात मुझे आंटी ने बताई वो तुम नही बता सकती थी मुझे लक्ष्य ने गुस्से से कहा

मैं आपको बताने ही वाली थी कि आंटी ने बता दिया पूनम ने साफ साफ झूठ बोला

अच्छा रियली कब जब मैं घर पहुच जाता तब लक्ष्य ने कहा

पूनम कुछ नही बोली

अब बोलो भी मुझे शुरू से लेकर अंत तक सारी बात बताओ लक्ष्य ने कहा लावण्या भाभी तो कह रही थी कि तुम डॉक्टर के पास गयी हो फिर वहां उस पार्क में कैसे पहुच गयी - लक्ष्य बोला

लक्ष्य में थक गई हूं प्लीज घर ले चलो - पूनम ने कहा उसे लक्ष्य को सारी बात बताते हुए घबराहट हो रही थी।

ले चल रहा हूँ, मैं तुम्हे मार के खा नही जाऊंगा लेकिन घर चलकर क्या जबाब दूंगा ,की मैडम जी कहा थी बोलो बात दु क्या पूरी बात लावण्या भाभी को - लक्ष्य ने तंज से कहा

नही नही प्लीज लक्ष्य , भैया या भाभी को कुछ भी मत बताना प्लीज - पूनम ने सहमते हुए कहा

तो क्या करू तुम्ही बताओ इस तरह अकेले तुम यहा घूम

रही हो अगर कुछ हो जाता तो और कौन था वह लड़का क्या तुम उसे जानती हो - लक्ष्य ने पूछा

पूनम को समझ मे नही आरहा था कि वो सारी बाते लक्ष्य को बताए या न बताये

लक्ष्य ने पूनम के असमंजस को भाप लिया उसने पूनम के हाथों को अपने हाथ मे थाम लिया और प्यार से बोला

पूनम तुम घबराओ मत मुझे तुम अपना दोस्त मानो और सब कुछ सच सच बाताओ हमसे कुछ भी मत छुपाओ मैं तुम्हारी पूरी मदद करूँगा प्रोमिश

लक्ष्य की प्यार भरी और अपने पन की बाते सुनकर पूनम टूट गयी उसने नजर झुका लिया और अपने आंसूओ को अंदर दबा कर रोकने लगी

बोलो पूनम बताओ क्या हुआ मुझे ऐसा लग रहा है कि तुम बहुत बड़े मुसिबत में हो तुम मुझे बताओ मैं तुम्हारी पूरी मदद करूँगा और किसी को पता नही चलेगा - लक्ष्य ने पूनम को दिलासा दिया

लक्ष्य मैं खुद ही यहा आयी थी इस पार्क में इस लड़के से

मिलने पूनम ने कहा

तुम खुद आयी थी वो भी उससे मिलने क्यो ? क्या कुछ प्यार व्यार का चक्कर है क्या ? तुम उस लड़के से प्यार करती हो ? - लक्ष्य ने पूछा

नही नही बिल्कुल नही मुझे तो उसकी शक्ल से भी नफरत है पूनम ने नफरत से कहा मेरा बस चले तो उसको जान से मार दू - पूनम ने नफरत से कहा

फिर फिर तुम्हे यहां उससे मिलने आने की क्या जरूरत पड़ गयी मुझे कुछ समझ मे नही आरहा है पूनम थोड़ा डिटेल से बताओ प्लीज - लक्ष्य ने कहा

पूनम ने शुरू से लेकर अंत तक सारी बात लक्ष्य को बताया और फिर रोने लगी ।

ओह माई गॉड तुम इतने बड़े प्रॉब्लम में हो और किसी को बताया नही , एक नंबर की बेवकूप हो अगर तुम्हें कुछ हो जाता तो, वो लड़का मुझे सिरफिरा लग रहा है और अगर उसने तुम्हारे साथ कुछ उल्टा सुलटा कर दिया होता तो, वो तो सुक्र मनाओ की सब लोग वहां थे और उन्होंने तुम्हारी मदद कर दी वरना पता नही तुम्हारा क्या होता तुम इतनी

बड़ी गलती कैसे कर सकती हो तुम उससे इस तरह अककेले मिलने गयी ही क्यो सार्थक से न सही मुझसे कह देती या लावण्या से कह देती - लक्ष्य ने चिंता से कहा

मुझे कुछ समझ मे नही आ रहा है लक्ष्य मैं क्या करूँ उस लड़के ने मेरा जीना हराम कर रखा है उसकी वजह से ही मेरा हँसना खाना पीना सब छूट गया है ना रात को नींद आती है और न ही कुछ करने का मन करता है अगर उसने मेरी पिक्चर को मिस यूज़ कर दिया तो मैं तो मर ही जाउंगी- पूनम ने सुबकते हुए कहा

क्या पागलो वाली बात कर रही हो ऐसे कैसे कर देगा हम लोग है ना कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो और टेंसन मत लो उसकी इतनी मजाल नही है कि वो तुम्हारे साथ कुछ बुरा करे लक्ष्य ने पूनम को दिलासा दिया

लक्ष्य आज के बाद उसका और भी खतरनाक चेहरा दिखेगा अब मैं क्या करूँगी पूनम अभी भी उसकी के खयालो में खोई थी

तुम बिल्कुल चिंता मत करो मैं कोई न कोई रास्ता निकाल दूंगा तुम बिल्कुल भी मत घबराओ लो काफी पियो ठंडी हो

रही है

नही लक्ष्य मैं नही पिऊंगी मन नही है पूनम ने अनमने भाव से कहा

अरे पियो भी और उस घटना को भूल जाओ ऐसा समझ लो कुछ हुआ ही नही जितना सोचोगी उतना दिमाग खराब रहेगा लक्ष्य ने काफी का मग पूनम को पकड़ाते हुए कहा

पूनम ने बुझे मन से काफी का मग पकड़ लिया और पीने लगी

लक्ष्य भैया और भाभी को कुछ मत बताना नही तो वो लोग कही मेरे बारे में गलत न सोच ले प्लीज मैने तुम पर भरोसा करके ये बात तुम्हे बताई है- पूनम ने कहा

तुम चिंता मत करो मैं किसी को नही बताऊंगा

प्रोमिश करो पहले -पूनम ने कहा उसे अब भी लक्ष्य परबिश्वास नही था

अरे प्रोमिश नही बताऊंगा तुम उसके बारे में मत सोचो वरना तुम्हारी तबियत और खराब हो जाएगी

बस ये पक्का है ना कि तुम्हारा और उनका कोई रिलेसन नही है ना लक्ष्य ने कन्फर्म किया

अरे तुम्हे मुझ पर विश्वास नही है क्या? नही है कुछ भी नही है वही मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ा है , मैं नही पूनम ने कहा

अच्छा ठीक है मैं कुछ करता हु घबराओ मत लक्ष्य बोला

दोनों ने काफी पिया और फिर लक्ष्य ने पे किया और दोनों बाहर आगये

oooooo

लावण्या के जाने के बाद उसकी सारी जिम्मेदारियों को रजनी ने सम्हाल लिया था हालांकि उसे अकेले रहने में बहुत तकलीफ होती लेकिन वो कर भी क्या सकती थी उसने लावण्या की जिम्मेदारियों को अपने उपर ले लिया था ।और घर के कामो में ही ब्यस्त रहने लगी थी

आज गाव में ही एक शादी थी रजनी की सहेली खुशबू की और बिसंभर जी को भी निमंत्रण मिला था लेकिन लावण्या की मम्मी की तबियत खराब थी इसी वजह से वो रजनी को जाने के लिए कह रही थी

मम्मी मैं नही जाउंगी वहां पर पूरा गांव आया होगा और मैं उनको कैसे फेस करूँगी आप चली जाओ रजनी ने साफ मना कर दिया

अरे रजनी कब तक उसको याद करती रहेगी बेटा और

कबतक अपने अतीत के चक्कर मे अपने बर्तमान से भागती रहेगी जो होना था हो गया उसी को याद कर के रखने से कोई फायदा नही और फिर घर मे अकेले बंद रहने से क्या हो जाएगा बाहर निकलेगी चार लोगों से मिलेगी तभी तो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ेगी अभी कौन सी उम्र बीत गयी है तेरी - रजनी की मम्मी जी ने समझाया

मम्मी जी मैं बाहर निकलती हूँ तो ऐसा लगता है सबकी निगाहै मुझे घूर रही है और वो लोग कह रहे हो कि वो देखो ये वही लड़की है जिसने भाग कर शादी की और फिर एक महीने में वापस आ गयी रजनी ने नजर झुका कर कहा ऐसा कहते हुए अनायास ही उसके पलके भीग गयी

कोई कुछ नही कहता और क्यो कहेगा किसको इतनी फुरसत है तू ही ज्यादा सोचती है सब भूल गए है बस तुझे ही याद है सारी बाते जो हो गया सो हो गया अब अपनी जिंदगी को फिर से जीना शुरू कर दे हम लोग बस कुछ सालों के मेहमान है फिर उसके बाद क्या करेगी कब तक अकेले घर मे छुपती रहेगी और लोगो से बचती रहेगी कभी न कभी तो बाहर आना ही पड़ेगा तुझे

मम्मी जी मैं नही जा पाऊंगी मुझमे इतनी हिम्मत नही है कि मैं लोगो की नजरों का सामना कर पाउ मैने आपलोगो की

इज्जत मिट्टी में मिला दिया अब और नही सुनवा सकती रजनी ने रोती हुई कहा उसे अपने किये का बहुत पछतावा था
 
सोरी मम्मी प्लीज् मुझे माफ़ कर दो ये मैंने क्या कर दिया कैसे मैं इतनी नादान हो गयी कैसे आप लोगो की इज्जत मां मर्यादा को चूर चूर कर दिया भगवान मुझे कभी माफ नही करेगा मैने जो पाप किया है उसका दंड तो मुझे भुगतान ही पड़ेगा रजनी सुबकती हुई बोली वह बुरी तरह से पछता रही थी

रजनी देख बेटा तू ये सब मत सोच कोई कुछ भी नही कहेगा मेरी बात मान और जा जाकर खुशबू (दुल्हन का नाम ) के पास बैठ जाना बस कही मत जाना, न कही जाएगी और न ही कोई कुछ कहेगा - रजनी की मम्मी ने कहा

मम्मी जी प्लीज जिद मत कीजिये रजनी ने कहा

रजनी मेरी बात नही सुनेगी ,जा बेटा चली जा अभी तेरा मूड ठीक हो जाएगा शादी वाले माहौल में जाएगी तो सब कुछ अच्छा लगने लगेगा जा बेटा तैयार हो जा जिद मत कर रजनी की मम्मी ने प्यार और अपने पन से कहा रजनी के सामने कोई चारा नही बचा वह उठकर अंदर जाने लगी

और उसके पीछे पीछे उसकी मम्मी भी अंदर आगयी

रजनी ने अपनी आलमारी खोली और उसमे से एक ड्रेश निकाला

रजनी तू एक काम कर आज वो अपना पसंदीदा ड्रेश पहन जो तुझे बहुत पसंद था वो रेड कलर वाला मम्मी जी ने कहा

नही मम्मी ये सही है वो ज्यादा चटक है अच्छा नही लगता - रजनी ने कहा

रजनी अपनी जिंदगी को बेरंग बनाने से कुछ नही होता ये जिंदगी बहुत खूबसूरत है बेटे एक बार फिर से उसमे रंग डाल कर देख अनायास ही तेरा चेहरा खिल जाएगा तू लाल वाला ही पहन उसमे तू बहुत सुंदर लगती है मेरी बात मान ले बेटा मम्मी जी ने रजनी को समझाया

रजनी ने एक पल सोचा और फिर इस निकाले हुए ड्रेश को अंदर रख दिया और अपनी मम्मी के बताए हुए ड्रेश को निकाल कर रख दिया और हाथ मुह धोने वाशरूम चली गयी

मम्मी जी बाहर ही खड़ी होकर रजनी का इंतजार करने लगी

थोड़ी देर बाद रजनी बाहर आई और उसने वही ड्रेश पहना था जो मम्मी जी कह रही थी ।

ला मैं तेरे बाल बना देती हूँ - मम्मी जी ने मुस्कुराते हुए कहा

नही मम्मी मैं कर लूंगी आप जाइये रजनी ने कहा

अरे ला पहले नही बनाती थी क्या पहले भी तो बनाया था अब क्यो सरमा रही है आज मैं अपनी रजनी बेटी को फिर से उसी तरह सजा कर भेजूंगी जिसमे वो बहुत खूबसूरत लगती थी - मम्मी जी ने मुस्कुराते हुए कहा

उन्होंने जबरदस्ती रजनी को पकड़ कर बैठा लिया और फिर रजनी के बालों को कंघे से सुलझाने लगी

थोड़ी देर बाद जब मम्मी जी बाल बना कर बॉध दिया तो रजनी ने खुद को आईने में देखा तो दंग रह गयी वह बहुत अच्छी लग रही थी क्योंकि बहुत दिनों बाद वह ढंग से तैयार हुयी थी आंखों में हल्का सा काजल ओठो पर हल्की सी लिपिस्टिक कानो में झुमके जिस बालो को वह खींच कर ऐसे ही बाँध लेती थी मम्मी जी ने उन्ही बालो को थोड़ा डिजाइन से गूथ दिया था जो रजनी के ऊपर बहुत खिल रहा था हाथो में कगंन और पैरों में पायल ऐसा लग रहा था रजनी का फिर से जन्म हो गया था ।

देखो कितनी प्यारी लग रही है आज तू ,नजर न लग जाये, जब से वापस आयी है जैसे तू सजना सवरना ही भूल गयी हो पहले कितना अच्छे से तैयार होती थी और तुझे मेकअप का कितना शौक था अब देख चेहरा कैसे खिल कर निखर आया है - मम्मी जी ने कहा

रजनी अपने मम्मी की बाते सुनकर झेप गयी सच मे आज अपना ही चेहरा देख कर रजनी को विश्वास नही हो रहा था कि वो वही है बिल्कुल पहले जैसी लग रही थी और रजनी

का दिल उमंग से भर गया था लेकिन उसे किसी के टोकने और किसी के कुछ बोलने का भी डर सता रहा था ।

खुशबू उसकी अच्छी सहेली थी रजनी और खुशबू दोनों एक का बचपन से ही दोस्ती थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से रजनी ने सबसे मानो कट गई हो लेकिन खुशबू स्पेसली आकर रजनी और उसकी मम्मी से अपनी शादी में आने की रिक्वेस्ट कर के गयी थी

और रजनी उसकी शादी में जाने के लिये बिल्कुल तैयार थी ।

वह तैयार होकर बाहर निकली उसने अपनी नजर झुका रखी थी मानो बाहर निकलते ही सब उसे टोकने लगेंगे

वह नजर झुकाये सीधी खुसबू के घर पहुची ।

क्रमशः
 
प्रमोद बुरी तरह मार खा कर अपने घर पहुचा

उसे पूनम से ऐसी उम्मीद बिल्कुल नही थी

एक तो पूनम ने सरे आम उसकी बेज्जती कर दी थी उसपर लोगो ने उसको इतनी बुरी तरह मारा था वह गुस्से से बौखलाया हुआ था ।

प्रमोद के मम्मी पापा ने जब प्रमोद का यह हाल देखा तो परेसान हो गए , वो बार बार प्रमोद से पूछ रहे थे कि ये सब कैसे हुआ

प्रमोद ने झूठ मूठ का लड़ाई होने की बात करके बात को सम्हाला लेकिन उसके दिल मे पूनम से बदला लेने का जुनून सवार हो गया था ।

प्रमोद के पापा ने डॉक्टर के पास लेजाकर ट्रीटमेंट करवाया और फिर पुलिश स्टेसन पहुचे

यहां क्यो लाये हो डैड ? - प्रमोद ने पूछा

कंप्लेन करने बेटे उन लड़कों ने आपको इतनी बुरी तरह मारा है तो उनके अगेंस्ट कंप्लेन तो कर दूं- प्रमोद के पापा ने कहा

डैड उसकी कोई जरूरत नही है मैं निपट लूंगा उनसे प्लीज आप पुलिस को बीच मे इन्वाल्ब मत कीजिये प्रमोद ने बेचैनी से कहा

अरे आपको कुछ करने की कोई जरूरत नही है बेटे पुलिस डिपार्टमेंट में मेरी अच्छी खासी जान पहचान है वो खुद कर लेंगे बस आप पुलिस वालों को पूरी घटना और उन लड़कों का हुलिया ब्रीफ कर देना बाकी सब उनपर छोड़ दो - प्रमोद के पापा ने कहा

प्रमोद कसमसा कर रह गया अब वह कैसे बताता की वह क्या कर रहा था , लेकिन उसके पापा पुलिस कंप्लेन करने पर आमादा थे

डैड मैंने उन्हें देखा नही था अच्छे से मैं उनका हुलिया नही बता पाऊंगा सो प्लीज आप कंप्लेन करने को रहने दीजिए मैं खुद ही उनसे निपट लूँगा - प्रमोद ने आखिरी कोशिस की

आप चुप रहे आपको नही पता आप को कुछ करने की कोई जरूरत नही है आप अपने स्टडी में फोकस कीजिये बाकी सब मुझपर छोड़ दीजिए मैं निपट लूंगा और उनके खिलाफ ऐसी धारा लगवाऊंगा की उनकी जमानत मुश्किल हो जाएगी उन्हें पता नही है कि उन्होंने किसके ऊपर अटैक किया है - प्रमोद के पापा गुस्से से बोले

प्रमोद ने कुछ नही कहा कहता भी क्या

अंदर पहुच कर पुलिश वालो को प्रमोद ने एक नई स्टोरी सुनाई

उसने कहा वह पार्क में बैठा था तभी 2 तीन लड़को ने घेर लिया और एक लड़की का मोबाइल और पर्स छीनने की कोशिश करने लगे जब मैंने बिरोध किया तो उन्होंने उसे बुरी तरह से मारा पीटा ।

क्या आप उस लड़की को जानते हो जिसका पर्स छिनने की कोशिश कर रहे थे वो लड़के - पुलिस वाले ने पूछा

जी हाँ वो मेरे ही कालेज में पढ़ती है हल्का सा जान पहचान है उससे - प्रमोद ने नजर उठाकर कहा

पुलिस वालों ने रिपोर्ट लिखी और बोला ठीक है बेटे घबराओ मत जल्द ही उनको गिरिफ्तार करके आपको बुलाएंगे जिससे आप उन लड़कों की शिनाख्त कर पाओ फिलहाल तो उस लड़की से भी हल्की सी पूछताछ करेगी जिससे अपराधियो तक पहुचने में आसानी हो ।

कंप्लेन करवा कर दोनों वापस आगये

प्रमोद किसी चोट खाये शिकारी की तरह धधक रहा था

2 दिन बाद उसने सार्थक के नंबर पर काल किया और पूनम से बात करवाने के लिए कहा

प्रमोद मैं आफिस में हूँ , तो प्लीज तुम लावण्या के नंबर पर काल कर लो वो पूनम से बात करवा देगी - सार्थक ने कहा

भैया भाभी का नंबर मेरे पास नही है पूनम ने आपका नम्बर ही दिया था कि कभी जरूरत पड़े तो काल कर लेना - प्रमोद ने सराफत की मूर्ति बनकर कहा

कुछ जरूरी बात करनी है क्या ? अगर जरूरी न हो तो शाम को मैं जाकर तुम्हारी बात करवा दूंगा - सार्थक ने पूछा

दरअसल भैया पूनम कह रही थी कि अब वह इस कॉलेज में नही पढ़ेगी तो कोई दूसरा कालेज बताओ तो इसीलिए मैने एक कॉलेज का पता किया है और उसी में एड्मिसन और इंट्रेंस वगैरा का पता किया है वही सारी बाते पूनम से बतानी थी - प्रमोद ने सरासर झूठ बोला

अच्छा ठीक है मैं लावण्या का नंबर तुम्हे मैसेज कर रहा हूँ वो बात करवा देगी - सार्थक ने कहा

थैंक्स भैया थैंक्यू सो मच - प्रमोद ने खुश होकर कहा

थोड़ी देर बाद प्रमोद के मोबाइल पर लावण्या का नम्बर आगया

प्रमोद ने लावण्या को कॉल किया

भाभी नमस्ते प्रमोद ने किसी सरीफ बच्चे की तरह लावण्या से बोला

नमस्ते कौन? लावण्या ने हैरानी और उत्सुकता से कहा

भाभी मैं प्रमोद बोल रहा हु अभी अभी सार्थक भैया से बात हुई वो ऑफिस में है उन्होंने आप का नंबर दिया मुझे पूनम से बात करनी है अब उसके पास कोई नंबर नही है तो इसी वजह से आपके पास मिलाया है प्लीज मेरी पूनम से बात करवा दीजिये - प्रमोद ने कहा

लेकिन मैं तो आपको जानती नही हूँ पूनम से क्या बात करनी

है मुझे बताओ मैं पूनम को बोल दूंगी- लावण्या के दिमाग मे संका सी हुई

प्रमोद हसने लगा और बोला

अरे भाभी आप डरो मत पूनम मुझे जानती है आप घबराओ मत हम दोस्त है आप पूनम को बुलाओगे वो आ जायेगी आप टेंसन मत लो - प्रमोद ने कहा

लेकिन पूनम की तबियत ठीक नही है वो आराम कर रही है बात क्या है मुझे बताओ- लावण्या ने कहा

अच्छा कोई बात नही फिर उसे आराम करने दो मैं बाद में बात कर लूंगा जब वो उठे तो उसे बता देना मेरा काल आया था प्लीज अपनी बात न बनती देख प्रमोद ने फोन रखना ही ठीक समझा

ठीक है मैं बोल दूंगी- लावण्या ने कहा

फोन रख कर लावण्या सोच में पड़ गयी गर सच मे कुछ जरूरी बात हुआ तो इसीलिए वह तुरंत ही पूनम के पास गई

पूनम लेटी हुई थी ,उसका चेहरा उतरा हुआ था

लावण्या ने उसका हाल चाल पूछा और फिर असली बात पर आगयी

पूनम अभी एक लड़के का फोन आया था , क्या तुम उसे जानती हो प्रमोद नाम था वह तुमसे बात करना चाहता था ।

प्रमोद का नाम सुनते ही पूनम का कलेजा मुह में आ गया चेहरा भय से पीला पड़ गया ।

न..न... नही मैं नही जानती हूँ मुझे क्या मालूम कौन है ये

प्रमोद पूनम हकलाते हुए बोली

लावण्या को बड़ा आश्चर्य हुआ, उसे लगा जरूर कुछ गड़बड़ है उसकी क्यूरियोसिटी जाग गयी

हम्म कोई बात नही जाने दो फिर - लावण्या ने कहा

पूनम को बहुत मन हो रहा था कि वह पता कर की क्या बात हुई थी और आखिर में जब नही रहा गया तो उसने लावण्या से पूछ लिया

वैसे कह क्या रहा था भाभी

जाने दो जब तुम जानती नही हो तो फिर क्या फायदा रॉंग नंबर रहा होगा या वो किसी दूसरे पूनम को पूछ रहा होगा क्योंकि तुम ऐसा नही कर सकती हो - लावण्या ने कहा

मैने क्या किया है ? मैने कुछ नही किया है भाभी तुम्हारी कसम इसमें मेरी कोई गलती नही है मेरा विश्वास कीजिये - पूनम को लगा कि प्रमोद ने सारी बाते लावण्या को बता दिया है वह बुरी तरह घबराती हुई बोली

लावण्या को शक ही नही पूरा यकीन हो गया कि पूनम प्रमोद को जानती भी है और उससे कुछ छुपा भी रही है इसी वजह से वह प्रमोद का नाम सुनते ही बेवजह इतना घबरा रही है उसका दिमाग तुरंत काम करने लगा और फिर उसे परसो पूनम के देर से आने पर संका हुई उसे ही कन्फर्म करने के लिए उसने ऐसे ही हवा में तीर मारा

तो फिर उस दिन क्या हुआ था? उस दिन किसकी गलती थी

लावण्या ने ऐसे ही सच का पता लगाने के लिए तीर छोड़ा

और तीर बिल्कुल सही निसाने पर लगा

पूनम फफक फफक कर रोने लगी

लावण्या अचानक से पूनम के इस तरह से रोने पर घबरा गई उसने झट से पूनम को कोहली भर लिया और फिर प्यार से चुप करवाने लगी

जी भर कर रोने के बाद लावण्या ने पूनम को पानी दिया और बोली

पूनम जानती हो सार्थक को पहली बार देखा था तो मैं बहुत घबराई हुई थी, लेकिन सार्थक ने उस समय मेरी बहुत मदद की थी मैं बिल्कुल अनजान थी न वो मुझे जानता था न मैं उसे लेकिन फिर भी जब मैं मुसीबत में थी तब उसने आगे बढ़ कर सहारा दिया और उसी की वजह से आज मैं अपनी बहन को लाने में कामयाब भी हो पाई फिर तुम तो सार्थक की बहन हो और तुम दोनों का प्यार देख कर मुझे पता चलता है कि भाई बहन का प्यार क्या होता है वो तुम्हे दिलो जान से प्यार करता है जान देता है तुमपर अगर उसे पता चलेगा कि उसकी बहन किसी बात से परेसान है और उसकी परेसानी को दूर करने में मैने भी कोई मदद नही की तो उसका भरोसा मुझपर से उठ जाएगा फिर उसकी छोड़ो तुमने जिस तरह से मुझे गले लगाया प्यार दिया मैं कभी नही भूल सकती एक बार भी नही लगा कि तुम अनजान हो मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी कोई बहुत पुरानी सहेली हो इसीलिए तुम

भी झिझक छोड़ो और जो भी तुम्हारे दिल मे हो सब मुझे बता दो जब से आई हूँ देख रही हूँ वो पुरानी पूनम जो बात बात पर खिलखिला कर हंस पड़ती थी खो सी गयी है मुझे पूरा विश्वास है कोई न कोई ऐसी बात है जो अंदर ही अंदर तुम्हे परेसान कर रही है लेकिन तुम उसे किसी से बता नही रही हो मुझे अपना दोस्त मानो और सब कुछ सच सच बताओ मैं तुम्हारी सभी परेसाइनियो को दूर करने की कोशिश करूँगी - लावण्या ने प्यार से कहा

मुझे बताओ ये प्रमोद का क्या चक्कर है अगर कोई प्यार व्यार का भी चक्कर होगा तो मैं तुम्हारी मदद करूँगी चाहे मुझे कुछ भी करनी पड़े - लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ कर किसी अपने की तरह समझाया

पूनम के सब्र का बॉध टूट गया उसने लावण्या को पकड़ लिया और बुरी तरह रोने लगी मानो वह अपनी माँ के गले लग कर रो रही हो

लावण्या ने भी उसे किसी अबोध बच्चे की तरह गले से लगा लिया और पीठ और सिर को सहला कर उसे थपकी देकर चुप करवाने लगी

थोड़ी देर बाद पूनम शांत हुई

लावण्या ने उसका हाथ पकड़ रखा था और पूनम का चेहरा देख रही थी

पूनम नजर झुकाये बैठी थी

बोलो पूनम बिलकुल मत घबराओ ,क्या बात है? क्यो इतनी

परेसान हो - लावण्या ने पूछा

पूनम ने कॉलेज के आखिरी दिन से लेकर अब तक कि सारी कहानी लावण्या को बताया

लावण्या सुनकर दंग रह गयी
 
इतनी बड़ी प्रॉब्लम में हो और बताना भी जरूरी नही समझा पूनम ये तुमने ठीक नही किया अगर तुम्हें कुछ हो जाता तो , मैं तुम्हारे भैया को क्या जबाब देती की मैने उसकी बहन का धयान नही रखा ,मुझे तुमसे ऐसी किसी बेवकूपी की उम्मीद नही थी इतना सब कुछ इतने दिन से अकेले ही अकेले सह रही हो और अंदर ही अंदर घुट रही हो - लावण्या हल्का सा गुस्सा होते हुए बोली

आई एम सोरी भाभी मैं डर गई थी इसी वजह से मैने किसी से कुछ नही कहा लावण्या ने सिसकते हुए कहा

अच्छा तुम चिंता मत करो और बिल्कुल मत घबराओ मैं कोई न कोई रास्ता निकाल दूंगी और उस प्रमोद को ऐसा सबक सिखाऊंगी की जिंदगी भर तुम्हारे आस पास भी नही फटकेगा तुम बिल्कुल भी मत घबराओ लावण्या ने पूनम को सात्वंना दी

भाभी प्लीज भैया से कुछ मत बताना प्लीज- पूनम ने रिक्वेस्ट किया

लेकिन क्यो सार्थक को क्यो नही बताना - लावण्या ने कहा

भाभी आपको मेरी कसम है अगर भैया को बता दिया तो मैं भैया से नजर नही मिला पाऊंगी प्लीज - पूनम ने रोनी सी

सूरत बना कर कहा

अच्छा ठीक है नही बताउंगी बस , लेकिन तुझे भी मेरी एक बात माननी होगी इस प्रमोद का डर अपने दिल से निकाल दो और फिर से वही हसती मुस्कुराती पूनम बन जाओ , तुम्हे नही पता तुम्हारी ऐसी उदास और रोनी सी सकल देख कर मुझे कितनी तकलीफ होती है - लावण्या ने पूनम के आंसू पोछते हुए कहा

लावण्या से सारी बात बता कर पूनम भी जैसे हल्का महसूस कर रही थी उसके चेहरे पर भी एक मुस्कुराहट आ गयी ।

अभी दोनों बात ही कर रहे थे कि तभी दरवाजे पर दस्तक हुई चाची जी कही गयी हुई थी इसी वजह से लावण्या और पूनम ही घर पर थी

दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा

और फिर पूनम उठ कर दरवाजा खोलने बाहर गयी

जैसे ही उसने दरवाजा खोला वो बुरी तरह चिहुँक गयी मानो बिच्छू ने डंक मार दिया हो दरवाजे के बाहर पुलिस खड़ी थी

पूनम को चेहरा मानो हल्दी से लिपट गया हो बिल्कुल पीला पड़ गया था और माथे पर अचानक ढेर सारा पसीना आ गया

कौन है पूनम? - अंदर से लावण्या ने आवाज लगाई

प.. प ..पुलिस है भाभी पूनम घिघियाती हुई बोली

पुलिस का नाम सुनते ही लावण्या भी सकपका गयी वह भाग कर बाहर आई दरवाजे पर दो पुलिश वाले खड़े थे ।

जी सर बताइये लावण्या ने पुलिस वालो को देख कर कहा

मैडम मुझे कुछ बात करनी है क्या दो मिनट हम अंदर आ सकते है- एक सिपाही ने कहा

लावण्या हिचकिचाई और बोली

जी मेरे हस्बैंड घर पर नही है आप बताइए क्या बात करनी है ।

कहा गए है आपके हसबैंड पुलिस वाले ने सवाल किया

वो ऑफिस गए है शाम तक आएंगे लावण्या ने कहा

हम आपका ज्यादा समय नही लेंगे वैसे भी मुझे पूनम से पूछताछ करनी है क्या आप पूनम है पुलिस वाले ने कहा

नही मेरा नाम लावण्या है पूनम ये है मेरी ननद- लावण्या बोली

तो मुझे इन्ही से काम है - सिपाही बोला

लावण्या ने दो पल सोचा फिर उसने अंदर आने की इजाजत दे दी ।

आप बैठिये मैं आपके लिए पानी लाती हूँ - लावण्या ने कहा

नही थैंक्स बस थोड़ी सी जानकारी चाहिए

क्या पूछना है पूछिये ? - लावण्या ने कहा

पुलिस वाले ने पूनम को देखा

वह डर के मारे कांप रही थी मानो उसने कोई गुनाह कर दिया हो लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ा और फिर उसे सहारा दिया पूनम को इसकी बहुत सख़्त जरूरत थी

दरअसल बात ये है कि आज करीब 2 से 3 बजे के बीच मे सहर के एक प्रतिष्टित ब्यापारी के बेटे पर हमला हुआ है उसे

2 या तीन लड़को ने बुरी तरह मारा है और उन्होंने कंप्लेन करवाई है तो हम उसी सिलसिले में पूछताछ कर रहे है उसका नाम प्रमोद है और उन्होंने बताया है की पूनम भी उसी जगह मौजूद थी वो जानती है उस लड़के को तो इसी लिए हम पूछताछ करने आये है ।

पूनम जी आप बताइए आप कैसे जानती है प्रमोद को पुलिस वालों ने सवाल किया

प्रमोद मेरे साथ कालेज में पढ़ता था पूनम ने बड़ी मुश्किल से जबाब दिया

अच्छा मतलब आप का दोस्त है प्रमोद पुलिस वालो ने कहा

नही दोस्त नही है बस ऐसे ही जान पहचान है - पूनम ने बोला

तो आप पार्क क्या करने गयी थी और वहां क्या हुआ था मुझे डिटेल से बताइये

पूनम ने लावण्या की तरफ देखा मानो पूछ रही हो भाभी क्या करूँ

लावण्या ने आंखों के इशारे से सब कुछ बता देंने की बात कही

पूनम को समझ नही आरहा था कि बात कहा से शुरू करे वह शांत बैठी रही

बोलिये पूनम जी वो लड़के जिन्होंने उसपर हमला किया क्या वो आपके जानने वाले थे ?

नही नही मैं उन्हें नही जानती हूँ पूनम ने जल्दी से कहा

तो फिर यु अचानक उसपर हमला क्यो किया

सर ये घबराई हुई है क्या मैं बता सकती हूँ लावण्या ने कहा

एक मिनट पहले इनको बोलने दीजिये फिर आपसे बात करते है पुलिस वालो ने लावण्या को रोक दिया

पूनम घबराओ मत जो भी हुआ है साफ साफ कहो डरने की कोई जरूरत नही है लावण्या ने घबराई हुई पूनम का हौसला बढ़ाते हुए कहा

लावण्या का साथ पाकर पूनम को थोड़ा हौसला मिला और वह बोलने लगी

सर मैं और प्रणोद एक ही कालेज में पढ़ते थे

जिस दिन मेरे कालेज के आखिरी दिन था उस दिन प्रमोद ने मुझे बताया कि वह मुझसे प्यार करता है और चोरी से उसने मेरी हजारो फ़ोटो खींच रखी है और उसके इस काम मे मेरी और उसकी एक कॉमन फ्रेंड रिमी ने हेल्प की है

अपनी सारी फोटुओं को देख कर मैं बहुत डर गई कि कही प्रमोद उसको मिस यूज न करे मैने प्रमोद को बहुत समझाया और उसे साफ साफ मना कर दिया कि मैं उससे प्यार नही करती लेकिन प्रमोद कुछ भी सुनने को तैयार नही था उसपर तो जैसे प्यार का भूत चढ़ा था

एक दिन उसने कई सारे फ़ोटो मेरे पास एक छोटे से बच्चे के हाथ से भेजा और साथ ही साथ एक लेटर भी भेजा ,मैं डर गई मैने ये बात किसी को नही बताई अपनी भाभी और भैया को भी नही वो मुझे धमकी देता था और जबरदस्ती प्यार

करने के लिए कहता था इसी टेंसन में मेरी तबियत खराब हो गयी

कुछ दिन पहले मेरे पास उसका फोन आया और उसने मुझे पार्क में बुलाया मैने माना कर दिया तो उसने सारी फोटुओं को मेरे भैया और भाभी के पास और पापा के पास भेज देने की धमकी दी मैं डर गई इसीलिए डॉक्टर को दिखाने के बाद मैं उससे मिलने और बात करने उस पार्क में गयी थी

लेकिन प्रमोद ने मेरी एक भी बात नही सुनी और मेरे साथ जबरदस्ती करने लगा मुझे उसने पार्क में ही पकड़ लिया इसी वजह से मैने चिल्लाना शुरू कर दिया

और मुझे चिल्लाते सुनकर पब्लिक इकट्ठा हो गयी और फिर उन्होंने प्रमोद को बुरी तरह से मारा

मेरा इंटेंसन उसे पिटवाने का नही था सर लेकिन उसकी हरकतों और सनक से मैं बहुत ज्यादा घबरा गई थी पूनम ने पूरी बात पुलिस को बताई और ये सब बताते हुए अनायास ही उसके आंखों से आँसू फुट पड़े

दोनों पुलिस वालो ने एक दूसरे को देखा क्योकि इस केस में एक नई थ्योरी सामने आई

लेकिन प्रमोद ने जो कम्पलेन की है उसमें तो इस बात का कोई जिक्र नही है उसने लिखवाया है कि 3 लड़के तुम्हारा पर्स छीन कर भाग रहे थे और जब उसने रोका तो लड़को ने लड़ाई शुरू कर दी और इसी लड़ाई में उन तीनों ने मिलकर

उसे मारा - पुलिस वालों ने कहा

सर वह झूठ बोल बोल रहा है , सर प्रमोद एक नम्बर का सिरफिरा है उसने मेरी पूनम का जीना हराम कर रखा है इसी वजह से इस बेचारी की तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गयी है वो सरासर झूठ बोल रहा है ऐसी कोई बात नही है यही बात थी जो यह बता रही है - लावण्या ने कहा

लेकिन इस बात का कोई प्रूफ है आपके पास की जो आप कह रही है वो सही है देखिए प्रमोद एक बड़े बाप का बेटा है इसीलिए बिना किसी ठोस सबूत के हम उसपर इतना बड़ा इल्जाम नही लगा सकते अगर आपके पास अपनी बात साबित करने का कोई प्रूफ है तो बताओ पुलिस वाले ने कहा

सर क्या सबूत आप चाहे तो वहां बैठे हुए लोगो से पूछ लीजिये उस आंटी से पूछ लीजिये जो मुझे मेनरोड तक लेकर आई थी मैं झूठ नही बोल रही बल्कि प्रमोद झूठ बोल रहा है उसे सख्त से सख्त सजा दीजिये उसने मेरा जीना हराम कर रखा है- पूनम ने नफरत से कहा

अगर ऐसी बात है तो कानून अपना काम करेगा आप बिलकुल भी चिंता मत कीजिये आप एक काम कीजिये आप कल थाने आ जाये और प्रमोद के खिलाफ एक कम्पलेन कर दीजिए जिससे हम उसे गिरिफ्तार करे और हा आप बिलकुल भी मत घबराइए अपराधियो को सख्त से सख्त सजा मिलेगी आप हिम्मत से काम लीजिये पुलिस वालों ने पूनम का साहस बढ़ाया

वैसे उन लड़कों ने जिन्होंने कानून हाथ मे लिया है हमे उनकी भी तलाश है तो अगर आप उनके बारे में कुछ जानती है तो हमे बताइये पुलिस वालों ने पूछा

नही सर मुझे उनके बारे में कोई जानकारी नही है वो कौन थे मैं उन्हें बिल्कुल नही जानती पूनम ने कहा

ठीक है तो फिर तुम कल थाने पर आकर अपना बयान दर्ज करवा दीजियेगा और बाकी आपकी जरूरत पड़ेगी तो हम आपको बुलाएंगे- पुलिस वाले ने कहा

पुलिस वालो ने सारी बाते अपने रजिस्टर में नोट की और लावण्या का फोन नंबर लिख कर वापस चले गए
 
पुलिस वालो के जाते ही पूनम लावण्या से लिपट कर रोने लगी

अरे तुम क्यो रो रही हो पूनम तुमने थोड़े न कुछ किया है जिसने किया है वो भुगतेगा ये अच्छा हुआ न कि वो अपने ही जाल में फस गया

लेकिन भाभी उन्होंने मुझे थाने में बुलाया है अब तो भैया को पता चल जाएगा अब क्या करूँगी मैं पूनम ने सशंकित होकर पूछा

तुम चिंता मत करो मैं भैया से बात कर लूंगी तुम बिल्कुल भी परेसान मत हो कोई न कोई रास्ता निकल आएगा ।

खुशबू के पास पहुच कर रजनी खुसबू से मिली रजनी को देखकर खुसबू ख़ुशी से खिल गाई मानो उसे मुह मांगी मुराद मिल गयी हो ।

कब से इन्तेजार कर रही थी, कहा रह गयी थी यार ? खुशबू ने शिकायत करते हुए कहा

खुशबू थोड़ी तबियत खराब थी , आने का दिल नही कर रहा था मम्मी ने जबरदस्ती भेजा- रजनी ने कहा

अच्छा वाह खूब अच्छी सहेली है तू मेरी, मैं तेरे लिए मरी जा रही हूँ और तू है कि आने को तैयार नही थी कितनी सेल्फिश हो गयी है तू यार , सच मे मुझे बिल्कुल भूल गयी तू - खुशबू ने तुनक कर कहा

पागल है क्या कैसी बात कर रही है तेरे लिए ही तो आयी हूँ खुसबू, दूसरा कोई होता तो आती ही नही अब आ गयी न - रजनी ने मुस्कुराते हुए कहा

बहुत बहुत एहसान आपका इस एहसान का बदला मैं इस जन्म में नही चुका पाउंगी- खुसबू ने तंज से कहा रजनी मुस्कुराई और बोली अच्छा अब मुह मत बना आज दुल्हन बनने वाली है खुश रह नाराज मत हो खुसबू ने कहा अच्छा

ठीक है अब आगयी है तो ले मुझे तैयार कर, ये पिन लगा मेरे पीछे कोई भी ठीक से लगा नही पा रहा है खुसबू ने रजनी को पिन देते हुए कहा

रजनी पिन लगाने लगी और लगाने के बाद बोली देख सही लगा है ना

खुशबू ने सीसे में देखा और खुश होकर बोली एक दम परफेक्ट लगाया है

तीन लोगों से लगवा चुकी हूँ, कोई कही लगा देता था तो कोई कही , किसी को भी यहां पिन लगाने का सऊर भी नही है

अच्छा रजनी ये बता मैं कैसी लग रही हूँ मेरे ऊपर यह लहंगा अच्छा लग रहा है कि नही? - खुसबू ने पूछा

रजनी ने ऊपर से नीचे तक खुसबू को देखा और बोली बहुत खूबसूरत लग रही है खुसबू सच मे बहुत सुंदर लग रहा है लहंगा तेरे ऊपर

पता है कम से कम 6 दुकानों पर ढूंढा तब जाकर उनको यह लहंगा पसंद आया और तब उन्होंने इसे खरीदा यह कहते हुए खुशबू का चेहरा सरम से लाल हो गया

मानना पड़ेगा कमाल की नजर है तेरे उनकी पहले तुझे चुना फिर लहंगा और दोनों ही कमाल का चुना है रजनी भी खुसबू के खुशी में शामिल होती हुई बोली

धत पागल ,यार सच मे तुझे बहुत मिस कर रही थी मेरा दिल कर रहा था कि तुझे तेरे घर से उठा लाऊ तुझसे कितनी सारी

बाते करनी थी मुझे लेकिन घर वालो ने हल्दी चढ़ा दिया था तो मम्मी ने कही बाहर जाने से मना कर दिया और तू है कि नखरे दिखा रही थी आने को तैयार नही थी तीन बार संदेसा भेजवाया तब भी इतना लेट आयी मैडम जी - खुसबू ने कहा

सॉरी यार , लेकिन अब तो आ गयी न, अब बता क्या काम करना है- रजनी ने कहा

कोई काम नही करना बस तू मेरे पास बैठी रह , कुछ मत कर, मुझसे बाते कर और मेरे पास ही बैठ कही जाना मत, यही तेरा काम है बस - खुसबू रजनी का हाथ पकड़ कर बोली ।

रजनी मुस्कुराई और बोली अच्छा ठीक है मेरी माँ तेरे पास ही रहूंगी अब खुश हो जा

अरे यार सॉरी मैंने तुझे पानी भी नही पूछा, रुक तू मैं अभी मंगवाती हूँ - अचानक से जैसे खुशबू को ध्यान आया हो

अरे प्यास नही लगी है परेसान मत हो यार कौन सा लंदन से आई हूँ चार कदम दूर घर है मेरा परेसान मत हो - रजनी ने कहा

फिर भी रुक न एक मिनट खुसबू ने इधर उधर देखा और फिर उसे एक छोटा सा बच्चा खेलता हुआ दिखा

उसने उसे बुलाया और पानी लाने के लिए कहा

तू कपड़े वपडे नही लायी है बदलने के लिए अब फिर से घर जाएगी क्या ? यही ले आती यही से बदल लेती - खुसबू ने

पूछा

कपड़े किसलिए रजनी को कुछ भी समझ मे नही आया

अरे जयमाल स्टेज पर पहनने के लिए और किसलिए यही पहन कर जाएगी क्या स्टेज पर - खुसबू ने आस्चर्य से पूछा

यार खुसबू मैं तुझसे मिलने के लिए चली आयी क्योकि तू मेरी सहेली है , बाकी आने का बिल्कुल भी मन नही था तबियत ठीक नही है , मैं जयमाल पर नही जाउंगी अभी थोड़ी देर बाद अपने घर चली जाउंगी - रजनी ने कहा

पागल हो गयी क्या ? आयी ही क्यो फिर जब घर जाना था तो, जा भाग जा , चली जा, अभी के अभी जा तू, तुझे क्या लग रहा है तेरे बिना मेरी शादी रुक जाएगी क्या , जा मुझे तेरी कोई जरूरत नही है ,ऐसा समझूँगी की मेरी कोई सहेली थी ही नही , रजनी के जाने की बात सुनकर खुशबू गुस्से से आगबबूला हो गयी

अरे यार गुस्सा क्यो हो रही है, सच मे तबियत खराब है देख ले चाहे - रजनी ने मुह बना कर कहा

देख रजनी अगर तू चली गयी तो जान लेना, आज के बाद मैं तेरे से कभी भी बात नही करूँगी , मतलब ये ठीक है मैं सुबह से इनका इन्तेजार कर रही हो और ये आयी नही की जाने की बात कर रही है तुझे मेरी शादी की खुशी नही है क्या रजनी ?- खुसबू ने पूछा

कैसी बाते कर रही है खुसबू मुझे बहुत खुशी है और होगी क्यो नही लेकिन तबियत ....

अरे तेरी तबियत गयी भाड़ में, साली मरेगी नही तू अगर मेरे साथ आज की रात रह लेगी तो , और न ही मैं तेरा रेप कर दूंगी जो इतना घबरा रही है चुपचाप यही पड़ी रह कल तक जब तक मेरी बिदाई न हो जाय कही जाना नही है बस समझ लेना अगर गयी तो मुझसे बुरा कोई नही होगा समझी - खुसबू ने गुस्से और प्यार से कहा

रजनी मुस्कुराने लगी और बोली अच्छा नही जाउंगी अब शांत हो जा

दोनों खिलखिला कर हंस पड़े और गले लग गए

दूसरे दिन सार्थक के ऑफिस जाने के बाद लावण्या ने लक्ष्य को बुलाया और सारी बात बताई

ठीक है भाभी आप बिलकुल भी चिंता मत करो मैं हु न मैं लेकर जाऊंगा पूनम को पुलिस स्टेसन आप बिलकुल मत घबराओ- लक्ष्य ने कहा

लेकिन लक्ष्य अगर सार्थक को पता चलेगा तो वह गुस्सा करेगा कि इतनी बड़ी बात हो गयी और मुझे किसी ने बताया नही - लावण्या ने कहा

भाभी पूनम नही चाहती कि सार्थक को कुछ पता चले तो अभी रहने देते है, क्या पता सब कुछ ठीक हो जाये और सार्थक को कुछ बताने की जरूरत न पड़े अगर पड़ेगी तो देखा जाएगा- लक्ष्य ने कहा

ठीक है , फिर तुम पूनम को ले जाकर उसका बयान दिलवा

दो बाकी देखते है क्या होता है - लावण्या ने कहा

लावन्या ने पूनम को लक्ष्य के साथ जाने के लिए तैयार कर दिया

लक्ष्य पूनम को ले जाने के लिए तैयार था कि तभी चाची जी ने पूनम को तैयार देखा और बोली

अरे पूनम कहा जाने की तैयारी हो रही है ? चाची ने पूछा

पूनम चाची जी को देख कर सहम सी गयी चाची को पूरी बात बताने का मतलब घर मे महाभारत तय थी उसने लावण्या की तरफ देखा

लावण्या समझ गयी, इतना तो वो भी समझ चुकी थी कि कब किससे क्या बोलना है ।

उसने बात को जल्दी से सम्हाल लिया

वो चाची पूनम को डॉक्टर के पास जाना था तो सार्थक तो है नही इसीलिए लक्ष्य के साथ पूनम को डॉक्टर को दिखाने भेज रही हूँ - लावण्या ने कहा

अच्छा इतना कौन सा तबियत खराब हो गया है कि बार बार डॉक्टर को दिखाने जाना है अभी शायद कल या परर्सो भी तो गयी थी और फिर एक बार पूछना भी जरूरी नही समझा चाची जी ने नाक सिकोड़ कर कहा

अभी आये हुए चार दिन भी नही बीते की अपनी मनमानी शुरू हो गयी बहू , ये हमारे घर के नियम नही है की बहू बेटिया बिना पूछे कही बाहर जाए तुम्हारे घर मे चलता होगा यह सब, मेरे घर मे बड़े लोगो से पूछे बिना कोई बाहर कदम

भी नही रखता- चाची जी ने लावण्या की उतार दी

लावण्या को चाची जी से ऐसी उम्मीद बिल्कुल नही थी इसीलिए चाची जी की यह बातें सुनकर वह सकपका गयी

नही चाची जी वो बस आपको बताना ध्यान नही मुझे माफ़ कर दीजिये - लावण्या ने झेंपते हुए कहा

अब माफी मांगने से क्या होगा तुम्ही सोचो जवान लड़की है किसी गैर के साथ भेज रही हो अगर कल को कुछ ऊंच नीच हो गयी तो कौन जिम्मेदार होगा तुम तो अभी कल को आई हो किसकी नाक कटेगी चाची जी ने सीधा प्रहार किया

चाची जी , लक्ष्य भैया सार्थक के दोस्त है कोई गैर नही है और फिर अपनी पूनम वो भी बहुत सुलझी हुई है वो ऐसा कुछ कभी कर नही सकती जिससे हमारे खानदान की बदनामी हो - लावण्या ने कहा

आजकल किसी का कोई भरोसा नही है जुग जमाना बहुत खराब है किसी के माथे पर नही लिखा होता है कि उसके दिल मे क्या है समझदार हो इतना तो समझ तुम में होनी चाहिए - चाची जी ने कहा

तो क्या करूँ न भेजू चाची जी- लावण्या ने बहस करना उचित नही समझा और हथियार डालते हुए कहा

अब सब कुछ सोच लिया है तो अब क्या फायदा जब तुमने पहले ही सब डिसाइड कर लिया है मुझसे पूछने की जहमत नही उठाई तो अब मैं क्यो रोकू कल को अगर पूनम को कुछ हो गया तो खामखा मेरे गले पड़ जाओगी की मैने ही तुम्हे

रोका है लेकिन ये सरीफ घरों का कायदा नही है कि किसी गैर के साथ अपनी जवान बहू बेटी को भेजे - चाची जी ने कहा

लावण्या ने सर को झटका दिया और फिर उसने पूनम और लक्ष्य को जाने की इजाजत दे दी
 
लक्ष्य पूनम को लेकर पुलिश स्टेसन पहुचा पूनम ने हाथ मे वह लिफाफा भी था जो उसने उसे भेज था जिसमे उसका फ़ोटो और लेटर था

पुलिस वालों ने दोनों की बाते सुनी और फिर एक रिपोर्ट लिख लिया एयर फिर दोनों को जाने की परमीसन दे दी

पूनम और लक्ष्य थाने पहुचे और उन्होंने लिखित में प्रमोद के खिलाफ कंप्लेन लिखवाई और सारी बात बताई इसके अलावा सबूत के लिए उन्होंने प्रमोद को दिया हुआ लेटर और फ़ोटो भी दिखाया और फिर थाने से बाहर निकले पूनम के चेहरे पर एक संतुष्टि के भाव थे मानो उसे राहत सी मिली हो अब वह खुद को हल्का फुल्का महसूस कर रही थी और उसकी सारी टेंसन जैसे गायब हो गयी थी ।

लक्ष्य बहुत तेज भूक लगी है मुझे - पूनम ने कहा

अच्छा तो चलो फिर कुछ खा लेते है - लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए कहा

नही नही मेरा मतलब वो नही था मेरा मतलब था कि जल्दी से घर चलो भाभी ने बनाया होगा कुछ - पूनम ने कहा

अरे भाभी को छोड़ो न , इतने दिनों से टेंसन में थी तो आज बाहर घूमने का मौका मिला है आओ पहले कुछ खा लेते है फिर अभी आराम से घर चलेंगे - लक्ष्य ने कहा

पूनम ना ना करती रही लेकिन लक्ष्य ने उसकी एक न सुनी और फिर उसे एक रेस्टोरेंट में ले गया जहां पर दोनों ने डोसा मगाया और बैठ गए

वैसे पूनम एक बात बताऊ उस मामले में बेचारे प्रमोद की कोई गलती नही है सब तुम्हारी गलती है - लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए कहा उसके आंखों में एक शरारत तैर रही थी

मतलब कहना क्या चाहते हो? प्रमोद की बात सुनकर पूनम ने त्योरी चढ़ा कर कहा

यही की प्रमोद का कोई कसूर है नही - लक्ष्य बोला

अच्छा तो तुम्हारे हिसाब से सारी गलती मेरी है मैने उसे बोला कि वो मुझे परेसान करे और इतनी टेंसन दे तुम्हे अंदाजा भी है क्या बोल रहे हो - पूनम ने गुस्से से कहा

अरे गुस्सा मत करो यार अब इतनी स्वीट , सुंदर और प्यारी हो कोई भी हो तुम्हे देख कर पागल हो जाएगा तो अगर प्रमोद भी तुम्हारे पीछे नहा धो कर पड़ गया तो उसकी क्या गलती -लक्ष्य ने मजाक में कहा

ओये हेलो ज्यादा तरफदारी मत करो उस लफंगे की और तुम तो बोलोगे ही तुम भी तो उसी के जैसे हो कोई लड़की देखी नही की उसके पीछे दुम हिलाना शुरू सब लड़के एक जैसे होते है लड़की देखी नही की उनका दिल उछल उछल

कर बाहर आने लगता है - पूनम ने भन्नाकर कहा

अच्छा काफी जानती हो लड़को के बारे में वैसे कितने लड़को को जानती हो और कोई है क्या प्रमोद के अलावा जो पीछे पड़ा है क्या ? - लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए कहा

नही तो और कोई नही है ऐसा क्यों बोल रहे हो - पूनम ने जल्दी से कहा

वो तुमने कहा कि सब लड़के एक जैसे होते है तो इसीलिए मैंने पूछा की शायद और किसी को जानती हो जो तुम्हारे दीवाना है - लक्ष्य मुस्कुराते हुए बोला

तुम चुप रहो ज्यादा जासूस न बनो और चुपचाप जो मंगाया है खाओ - पूनम ने झल्ला कर कहा

और वह भी चुचाप खाने लगी

वैसे पूनम एक बात पूछू- लक्ष्य ने गंभीरता से कहा

पूनम ने नजर उठाकर लक्ष्य को देखा वह काफी गंभीर था

हा बोलो पूनम ने लक्ष्य को गंभीर देखा तो बोली

तुम्हे किस तरह का लड़का पसंद है- लक्ष्य बोला

मतलब ?- पूनम ने न समझने वाले अंदाज से पूछा

मेरा मतलब है कि तुम्हे किस टाइप का लड़का चाहिए शादी करने के लिए या प्यार करने के लिए तुम्हारी रिक्वारमेंट क्या है क्या एक्सपेक्टसन है, क्या चाहिए तुम्हे अपने हमसफर या बॉयफ्रेंड से - लक्ष्य ने कहा

क्यो ? मैं ये सब तुम्हे क्यो बताऊ - पूनम ने कहा

अरे क्या पता कोई तुम्हारे रिक्वारमेंट को मैच करता हुआ मिल जाय तो बता दु तुम्हे, अकेले कहा ढूढोगे मैं भी ढूढ दूंगा - लक्ष्य मुस्कुराता हुआ बोला ।

तुम रहने दो , मुझे तुम्हारे हेल्प की कोई जरूरत नही है मैं खुद ढूढ लूंगी - पूनम ने कहा

हाँ हाँ देखा मैने कितना अच्छा दोस्त ढूंढा है प्रमोद जैसा - लक्ष्य ने कहा

अरे मुझे क्या मालूम था की वह ऐसा करेगा वरना उस कमीने से कभी बात ही न करती - पूनम ने कहा

इसी लिए तो कह रहा हूँ कि तुम्हे आदमी को परखने की समझ नही है मुझे बता दो मैं तुम्हारी मदद कर दूंगा वरना कही फिर से धोखा खा गई तो इस बार तो बच गयी अगली बार पता नही क्या होगा- लक्ष्य ने मुस्कुराते हुए कहा

तुम्हे बड़ी पंचायत पड़ी है , मेरी बड़ी चिंता हो रही है क्या बात है? तुम कौन सा कम हो तुमने भी तो ऐसे ही किया है सबके साथ , कितनी सारी लड़कियों को तो मैं जानती हूँ , पहले अपने लिए कोई ढंग की और टिकने वाली ढूढ लो फिर मेरे लिए ढूढना और वैसे भी मेरे लिए ढूढने वाले मेरे भैया और भाभी है तो तुम्हे कष्ट करने की कोई जरूरत नही है - पूनम ने मुह बनाकर कहा

लो एक तो मैं तुम्हारी हेल्प कर रहा हूँ और तुम हो कि थैंक्यू बोलने की जगह बेज्जती पर बेज्जती किये जा रही हो और तुम्हे किसने बोला कि मैं ने कई सारी लड़कियों से दोस्ती की

है - लक्ष्य ने कहा

अंधी बाहरी नही हूँ नाक कान है मेरे समझे , जब तुम घर आकर या फोन पर अपनी डीगे हाँकते हो भैया से तो मैं भी सुनती हूँ , मुझे इतनी जोर का गुस्सा आता है कि दिल करता है तुम्हारी खोपड़ी तोड़ दू लेकिन वो अलग बात है कुछ बोलती नही - पूनम ने कहा

अरे बाप रे बाप इतनी बड़ी जासूस यार तुम तो सच मे बड़ी खतरनाक हो लक्ष्य को सच मे आश्चर्य हो रहा था

अरे पूनम ऐसी कोई बात नही मैं बहुत ही अच्छा और सरीफ लड़का हूँ यार तुम्हे मेरे बारे में गलत फहमी हो गयी है - लक्ष्य बोला

ज्यादा अपने मुह मिया मिट्ठू न बनो मुझे अच्छे से मालूम है कितने सरीफ हो ,एक नंबर के आवारा लंपट और दिलफेंक हो लड़की दिखी नही की लार टपकाना शुरू कर देते हो मैं तुम्हारे बारे में अच्छी तरह जानती हूँ , तो तुम ये ना अपनी सराफत किसी और को दिखाना मुझसे नही - पूनम ने कहा

अरे तुम्हारे दिमाग मे तो मेरा बहुत ही खराब इम्प्रेसन बना हुआ है यार मैं इतना भी आवारा नही हूँ यार , हॉ थोड़ा सा आशिक मिजाज है मेरा लेकिन तुम ने तो मुझे पूरा का पूरा करेक्टर लेश बना दिया - लक्ष्य को पूनम की बातों से हर्ट हुआ वह मायूस हो गया

पूनम को भी महसूस हुआ कि उसने फ्लो फ्लो में ज्यादा

बोल दिया लेकिन अब क्या हो सकता है अब तो तीन कमान से और बात जुबान से निकल चुकी थी

लक्ष्य का चेहरा पूनम की बातों से उतर गया था उसने अपना खाना छोड़ दिया और फिर उठ कर जाने लगा

अरे कहा जा रहे हो जो मगाया है पूरा खा तो लो- पूनम चिल्लाई

मेरा पेट भर गया तुम खा कर आजाओ मैं पे करके बाहर तुम्हारा इन्तेजार कर रहा हूं - लक्ष्य ने मायूसी से कहा

पूनम लक्ष्य को देखती रह गयी और लक्ष्य बाहर चला गया

थोड़ी देर बाद पूनम बाहर आई तो लक्ष्य अपनी बाइक पर खुद को टिकाये खड़ा था और सिगरेट पी रहा था
 
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