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Guest
बड़ी आरजू थी तुम मेरी हो जाओ ,
मेरे नाम की मेहदी हाथो में सजाओ
मेरी दिल की गलियों में हो सिर्फ तुम ही
मेरे साथ तुम अपना जीवन बिताओ
मेरी ख्वाइश कब की हुई आज पूरी
भटकते हिरण को मिली है कस्तूरी
मेरी बन गयी दिल की मेरी सहजादी
हुई अब मुक्कमल जो थी कबसे अधूरी
सार्थक और सारे बाराती वापस से जनवासे में आगये और आराम करने लगे।
रात को करीब 2 बजे वापस लावण्या के घर से संदेशा आया और फिर सार्थक और कुछ चुनिंदा खास खास रिस्तेदार शादी के लिए लावण्या के घर पहुचे ।
बिधि बिधान से और मंत्रोचार के साथ लावण्या और सार्थक की शादी फेरे और सिंदूरदान कन्यादान और जो भी रस्म रिवाज थी सम्पन्न हुआ जो करीब - करीब 3 घंटे तक चलता रहा शादी होते होते सुबह के पांच बजे गए थे ।
शादी सम्पन्न हो जाने के बाद , सबसे पहले नव दंपति को लावन्या के घर की कुल देवी के पास ले जाकर कर आशिर्बाद दिलवाया और फिर सार्थक और लावण्या ने सबके पैर छूकर सबका आशिर्बाद लिया ।
उसके बाद सार्थक अपने पापा के साथ वापस से जनवासे में आगया जहा पर उसे दुबारा नहा धोकर और फ्रेश होकर
लावण्या के बिदाई करवाने के लिए पहुचा ,
लावण्या की सहेलिया और खास खास रिस्तेदार सार्थक और उसके दोस्तों के साथ चुहल बाजिया और हंसी मजाक कर रहे थे ,और सार्थक उन सब की चुहल बाजियों को सुनकर सरमा रहा था और मुस्कुरा रहा था हालांकि लक्ष्य और शशांक उन लड़कियों के हंसी मजाक का जबाब अपने अंदाज से दे रहे थे और हद तक उनपर भारी पड़ रहे थे लेकिन लावण्या की सहेलिया भी कम न थी वो खूब हंसी मजाक कर रही थी और सार्थक और उसके दोस्तों की खिंचाई कर रही थी ।
इतने में लावण्या की मम्मी जी मुस्कुराती हुई आये और बोली ।
अरे बस भी करो मेरा दामाद इतना सीधा साधा है तो अब उसका इतना भी फायदा मत उठाओ देखो कैसे तुम लोगो की बाते सुनकर बेचारा लजा जाता है जाओ जाओ अब बस भी करो - मम्मी ने लावण्या की सहेलियों को घुड़का
सारी सहेलिया दबे पांव निकल गयी सार्थक ने राहत की सास ली मानो अभी अभी जेल से छूटा हो
सार्थक ने मुस्कुरा कर अपनी सासू माँ को देखा उसकी आँखों मे अपने सासु माँ के लिए थैंक्स के भाव थे और जैसे वो कह रहा हो थैंक्स मम्मी जी इन खतरनाक चुड़ैलों से
बचाने के लिए । लावण्या की मम्मी सार्थक के पास आई और बोली
बाबू मेरी लावण्या का ख्याल रखना वैसे वो थोड़ी सी नादान है तो अगर कभी उससे कोई भूल चूक भी हो जाय तो माफ करना और प्यार से समझाना समझ जाएगी वो बहुत समझदार है- लावण्या की मम्मी जी ने सार्थक के सामने हाथ जोड़कर कहा उनकी आंखों में आंसू थे
अरे मम्मी जी प्लीज आप ऐसे हाथ जोड़ कर मुझे सर्मिन्दा मत कीजिये मैं आपको शिकायत का कोई मौका नही दूंगा - सार्थक ने जल्दी से कहा
बिदाई के समय लावण्या कभी अपने मम्मी से कभी अपने पापा से और कभी रजनी से लिपट कर बुरी तरह रो रही थी।
और पूरा परिवार भी लावण्या को पकड़ कर रो रहा था
रजनी को लावण्या की जाने की कमी सबसे ज्यादा महसूस हो रही थी वह बुरी तरह लावण्या से चिपकी हुई थी और लावण्या को पकड़ कर किसी बच्चे की तरह रो रही थी ।
लावण्या रजनी का बहुत ख्याल रखती थी और उसे किसी छोटे से बच्चे की तरह सम्हाल रखा था अगर लावण्या ना
होती तो रजनी कब की टूट चुकी होती लेकिन लावण्या किसी मजबूत बाजू की तरह रजनी को सम्बल देती और उसकी सारी परेशानियों और चिंता को कैसे न कैसे करके दूर कर देती। अब लावण्या के जाने पर रजनी अपने आप को बहुत अकेला महसूस कर रही थी ।
दीदी आप अपना और मम्मी पापा का ख्याल रखना
और बिल्कुल भी मत घबराना अभी आपकी लावण्या है आपको चिंता करने की कोई जरूरत नही है- रजनी को इस तरह रोते देख कर लावण्या ने रजनी को सांत्वना दिया ।
लावण्या तू मेरी चिंता मत कर, मैं ठीक हूँ बस तू किसी को कोई भी शिकायत का कोई मौका मत देना वैसे मुझे पता है मेरी लावण्या बहुत समझदार है सब सम्हाल लेगी लेकिन बड़ी हूँ तुझसे , तो तुझे एक सलाह दे रही हूँ कि अगर कभी सार्थक कुछ कहे तो उसकी बात को समझने की कोशिश करना और उसके आत्मसम्मान और गुरूर को कभी चोट मत पहुचाना
जो बीत गया उसपर ध्यान मत दो दीदी अब नए सिरे से अपनी जिंदगी शुरू करो और नए तरीके से जीने की कोशिश करो ,अभी उम्र ही क्या है आपकी उससे भी अच्छा लड़का
मिल जाएगा आपको आप इतनी समझदार और सिंसियर है - लावण्या ने रजनी को परेसान देखा तो उसके आंसू पोछते हुए बोली
अच्छा तू ये सब छोड़ और जा जाकर गाड़ी में बैठ, दूर जाना है और सार्थक इंतेजार कर रहा है अपना ध्यान रखना और फोन करती रहना ठीक है - रजनी ने कहा
लावण्या ने हां में गर्दन हिला दिया
थोड़ी देर बाद लावण्या की बिदाई हो गयी और सार्थक उसे लेकर चल पड़ा
पूनम बेशब्री के साथ लावण्या और सार्थक का इंतजार कर रही थी वह बार घड़ी देखती और फिर दरवाजे पर ताक झाक करके चली जाती ।
पता नही कितनी देर और लगेगी पता नही भैया क्या कर रहे है और कितना टाइम लगाएंगे - पूनम ने झल्ला कर कहा उससे इंतेजार नही हो रहा था
उसने बाहर झाका और जैसे ही वपस जाने के लिए मुड़ी तभी एक लगभग 7 साल का बच्चा आया और बोला
दीदी आप पूनम हो क्या ?
पूनम ने घूम कर उस बच्चे को देखा वह अपने हाथ मे एक लिफाफा लेकर खड़ा था वह चौक गयी उसका माथा सिकुड़ा
हां बाबू मेरा नाम पूनम है- पूनम ने कहा
दीदी वो भैया ने आपको मुझे ये देने के लिए कहा है उस छोटे से बच्चे ने अपने अंगुली से पूनम के घर के विपरीत दिशा में इशारा किया
पूनम ने अपनी गर्दन उठा कर देखा लेकिन उसे वहां कोई नही दिखाई दिया
कहां है वहा तो कोई नही है - पूनम ने कहा
अरे वही थे दीदी सच्ची उन्होंने मुझे ये चॉकलेट दिया और ये पैकेट दिया और बोला
जाकर ये पूनम दीदी को दे दो उस लड़के ने मासूमियत से कहा
क्या है ये ? - पूनम ने सोचते हुए पूछा
पता नही शायद इसमें भी चॉकलेट हो ये ले लीजिए आप- उस बच्चे ने उस लिफाफे को पूनम की तरफ बढाते हुए कहा
पूनम ने झिझकते हुए वह लिफाफा पकड़ लिया और उलट पुलट कर देखने लगी लेकिन उस पर कुछ नही लिखा था
पूनम के लिफाफा पकड़ते ही वह छोटा सा बच्चा उछलते
कूदते भाग गया
पूनम ने दुबारा से उस तरफ देखा जिधर लड़के ने इशारा किया था कि शायद कोई दिख जाए लेकिन वहां पर कोई नही दिखा ।
पूनम लिफाफा लेकर अंदर अपने कमरे में पहुची और उसे खोलने लगी
जैसे ही खोला उसके पैरों तले जमीन खिसक गयी
वह बुरी तरह चौक गयी उसके चेहरे पर अचानक ढेर सारा पसीना झिलमिलाने लगा और वह धम्म से वही सोफे पर बैठ गयी
उस लिफाफे में पूनम की फ़ोटो थी एक नही कई सारी लगभग 40 या 50 के करीब हालांकि सारी फ़ोटो डिसेंट थी लेकिन उन फ़ोटो को देख कर पूनम बुरी तरह से सहम गई उसने एक एक कर के सारी फ़ोटो देखना शुरू कर दिया और आखिर में एक चिट्ठी मिला
पूनम ने जल्दी से चिट्ठी खोला और उसे पढ़ने लगी
हाय पूनम कैसी हो
तुम्हे क्या लगा मैं तुम्हे ढूढ नही पाऊंगा अरे मैने तुम्हे सिद्दत
से प्यार किया है और ढूढने पर भगवान भी मिल जाते है फिर तुम्हे ढूढ़ना कौन सा मुश्किल काम है तुम तो मेरे सीने में धड़कती हो तुम्हे मैं प्यार करता हूँ वो भी दिल की गहराइयों से अब लो देख लो मैंने तुम्हें ढूढ लिया न ।
मैं तुमसे प्यार करता हूँ पूनम बहुत प्यार करता हूँ मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ
मैं तुम्हारा हूँ और तुम मेरी हो तुमने टैब भले तोड़ दिया हो लेकिन मेरे प्यार के जुनून को नही तोड़ पाओगी देख लो मैने टैब का सारा डेटा फिर से रिकबर करवाया क्योकि तुम्हारी हर एक फोटो मेरे लिए बहुत कीमती है ऐसे कैसे मैं उसे छोड़ सकता हूँ
वैसे मुझे तुम्हारे टैब तोड़ने पर गुस्सा नही आया क्योकि मैं तुमपर गुस्सा कर ही नही सकता तुम मेरी दिल मे धड़कती हो पूनम और वैसे भी जो चीज मेरी है वो तुम्हारी है तो तुमने तोड़ दिया तो कोई बात नही है मैने दूसरा ले लिया ।
पूनम इस तरह से मुझे तड़फाने मे तुम्हे बहुत मजा आ रहा है ना समझो न यार मैं सच मे तुम्हे दिल से प्यार करता हूँ मैं तुम्हारे दिल को दुखाना नही चाहता हूँ लेकिन तुम मुझे मजबूर कर रही हो मैं तुम्हे पाने के लिए कुछ भी कर सकता
हूँ किसी भी हद तक जा सकता हूँ क्योंकि मैं तुम्हारे बिना जी नही सकता जब से तुम्हे देखा है बस तुम्हारा ही होकर रह गया हूँ
इसीलिए बचपना छोड़ो और मेरे प्यार की गहराई को समझो और उसे महसूस करो
पूनम मैं तुम्हे बहुत खुश रखूंगा बिल्कुल किसी राजकुमारी की तरह बस एक बार ठंडे दिमाग से मेरी बात पर गौर तो करो
अच्छा सुनो न ये जो फ़ोटो भेजी है कुछ स्पेशल तस्बीर है इन्हें मैने डेवलप करवाया है कैसी लगी मुझे बताओ
मैं तुम्हारे जबाब का इंतजार करूँगा मैं अपना फोन नंबर तुम्हे दे रहा हूँ प्लीज मुझे फोन करना प्लीज
देखो मैं नही चाहता कि मुझे कुछ ऐसा कदम उठाना पड़े जो तुम्हे या मुझे बिल्कुलअच्छा न लगे इसीलिए मैं तुम्हे प्यार से समझा रहा हूँ मेरी बात मान जाओ प्लीज वरना मेरे पास और भी तरीके है कि तुम हां बोलने पर मजबूर हो जाओगी ये मत समझना कि मैं तुम्हे धमकी दे रहा हूँ प्यार से समझा रहा हूँ
मैं तीन दिन तक तुम्हारे फोन का इंतेजार करूँगा उसके बाद मैं फिर तुमसे कांटेक्ट करूँगा तुम अपना ध्यान रखना पूनम क्योकि तुम मेरे लिए बहुत खास हो
बाय
तुम्हारा दोस्त
पूनम ने पूरा लेटर पढ़ा तो उसके चेहरे पर बल पड गए उसका गला जैसे सूख गया हो उसने बड़ी मुश्किल से अपना थूक निगला
उसने जल्दी से सारी फ़ोटो और वह लेटर लिफाफे में डाला और फिर उसे एक सीक्रेट जगह छुपा दिया जिससे किसी के हाथ न लगे ।
लावण्या और सार्थक को वह कब की भूल चुकी थी उसका दिमाग उलझ गया था टैब को तोड़कर वह अपने आप को बचा हुआ मान रही थी लेकिन प्रमोद की इस चिट्ठी ने पूनम के माथे की परेशानी को बढ़ा दिया
पूनम कहा हो - तभी चाची की आवाज गूँजी
पूनम जल्दी से उठकर बाहर आई और बोली जी चाची जी यही हूँ बताइये
पूनम नई बहू आ रही है उसके स्वागत का इंतजाम किया कि नही किया जाओ दरवाजे पर एक मंडल बना दो और फिर
जो जो चीजे उसके आगवानी के लिए मैने तुम्हे बताया था और जो जो लगता है उसका इंतेजाम करके रख दो जिससे बाद में कुछ ढूढ़ना न पड़े
जी चाची जी करती हूँ पूनम ने गुम दिमाग से कहा
उसको होश ही कहा था वह तो मानो ख्यालो में खोई हुई हो लावण्या के आने का उत्साह जैसे काफूर हो गया हो उसकी सारा उत्साह सारा उमंग सारी खुसी जैसे एक चिट्ठी के नीचे दब गया हो और उसकी जगह पर एक उदासी और एक टेंसन ने ले ली हो
थोड़ी देर बाद सार्थक लावण्या को लेकर आ गया
चाची जी ने नई बहू की अगवानी की और उनकी आरती उतारी अपने रीति रिवाजों के हिसाब से नई बहू का गृह प्रबेश करवाया और फिर पूनम अंदर ले जाने के लिए आवाज लगाया
पूनम बाहर आयी और पकड़ कर लावण्या को अपने कमरे में ले जाने लगी ।
अरे पूनम ऐसे ही ले जाएगी बिना अपना नेग लिए तेरी नई भाभी आयी है पहले उनसे नेग तो ले ले फिर अंदर घुसने दे - रिस्ते दारो में से एक औरत ने कहा
पूनम जैसे सोते से जागी हो उसने लावण्या की तरफ देखा
लावण्या मुस्कुरा रही थी उसे पता था यह होता है इसीलिए उसने पहले से ही तैयारी कर रखा था और पूनम के लिए छोटे छोटे कान के इयररिंग ले रखे थे
उसने वही इयररिंग पूनम को पकड़ा दिया
पूनम ने बिना कुछ कहे चुपचाप उसे ले लिया और बिना देखे उसे आपने पास रख लिया
लावण्या को बड़ा अजीब लगा लेकिन उसने कुछ नही कहा
चाची के कहने पर पूनम ने लावण्या और सार्थक को लेजाकर अपने कुल देवता का आशिर्बाद दिलवाया और फिर लावण्या को एक कमरे में लेजाकर बैठा दिया
सारी औरतो और लड़कियों में लावण्या को देख लेने की होड़ सी मच गई थी पूरा कमरा औरतो से भर गया था कोई सार्थक और लावण्या के साथ हसी ठिठोली कर रहा था तो कोई लावण्या की तारीफ कर रहा था
और लावण्या सिकुड़ी सिमटी सी सबकी बाते सुन रही थी और कभी कभी कुछ पूछने पर हल्के और शांत स्वर में उनकी बातों का जबाब भी दे रही थी ।
काफी देर तक यही सब चलता रहा फिर एक बुजुर्ग सी औरत ने कहा
अरे लड़कियों इतनी दूर से दुल्हन आयी है उसे थोड़ा आराम
करने दो बेचारी थक गई होगी थोड़ा देर उसे अकेला छोड़ दो
उनकी बातें सुनकर सारे लोग धीरे धीरे कमरे से बाहर जाने लगा और थोड़ी देर बाद कमरा खाली हो गया
जब सब चले गए तो लावण्या ने एक लड़की को बोल कर पूनम को बुलवाया
पूनम आयी और बोली
जी भाभी जी
क्या बात है पूनम कुछ परेसान सी हो तबियत ठीक नही है क्या ? - लावण्या ने पूनम के उदास चेहरे को देख कर पूछा
नही भाभी ऐसी कोई बात नही है पूनम ने सकपका कर कहा
तो फिर ये तुम्हारा चेहरा क्यो उतरा हुआ है लावण्या ने पूनम के उदास चेहरे को देख कर पूछा
कुछ नही भाभी बस ऐसे ही हल्का सा थक गई हूं - पूनम ने नजर चुराते हुए कहा
अब तुम मेरे पास ही रहना कही जाना मत लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ कर अपने पास बैठाते हुए कहा
ठीक है नही जाऊंगी आपके पास ही रहूंगी - पूनम ने कहा
लावण्या को उस पूनम जो बर्थ डे में उससे मिली थी और आज की पूनम में जमीन आसमान का अंतर नजर आरहा था आज की पूनम काफी कुछ बदली बदली सी लग रही थी मानो वो किसी और से मिल रही हो वो गर्मजोशी वो अपना पन और वो प्यार और उत्साह जो लावण्या के आने पर पूनम को होना चाहिए वह नही दिख रही थी ।लावण्या को बहुत आश्चर्य हो रहा था वह पूनम से ऐसे ब्यवहार की बिल्कुल उम्मीद नही कर रही थी ।
लावण्या के पास ही पूनम बैठी रही उससे बाते करती रही
शाम के समय एक छोटा सा पूजा था जो नई दुलहन के आने पर किया जाता था
पूनम ने लावण्या को तैयार होने के लिए कहा और फिर उसकी हेल्प करने लगी ।
लावण्या ने कपड़े बदल कर हल्का सा मेकअप किया और फिर पूनम ने ले जाकर लावण्या को बेदी पर बैठा दिया
करीब एक घंटे तक पूजा हुई और फिर लावण्या को वापस से अपने कमरे में पहुचा दिया गया ।
घर मे नई दुल्हन के आने की एक अलग ही रौनक थी
पूनम लावण्या के पास ही बैठी थी तभी एक रिस्ते की भाभी ने कहा ।
पूनम अपने भैया का कमरा नही सजाना है क्या ,यही भाभी के पास बैठी रहेगी अरे आज सार्थक और लावण्या का खास दिन है तो जा जाकर उसके कमरे को अच्छे से तैयार तो कर दे आज उनकी मिलन की रात है ।
उस औरत की बात सुनकर लावण्या के चेहरे पर कई रंग आकर गुजर गए और चेहरा शर्म से लाल हो गया और दिल की धड़कन भी बढ़ गयी ।
पूनम ने लावण्या को वही छोड़ दिया और फिर सार्थक के कमरे में पहुची और फिर कमरे को सजाने लगी
और पूनम का साथ देने के लिए उसकी सहेलिया भी पूनम की हेल्प करने लगी
2 घण्टे की मेहनत के बाद दोनों तीनो ने सार्थक के कमरे को अच्छे से सजा दिया पूनम काफी थक गई थी और उसपर उसके दिमाग मे टेंसन उसका बुरा हाल था
उसने लावण्या को पकड़ कर उसके कमरे में पहुचाया और बोली भाभी आप कपड़े बदल लो और किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे आवाज देना मैं जा रही हूँ
लावण्या ने मुस्कुरा कर पूनम को देखा उसकी आँखों मे पूनम के लिए ढेर सारा प्यार था मानो आंखों ही आंखों से वह पूनम को थैंक्स बोल रही हो ।
अभी चली जाना पूनम यही बैठो मेरे पास प्लीज लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ कर स्नेह और अपने पन से कहा
भाभी मैं बहुत थक गई हूं अब आप भी आराम करो और मैं भी जा रही हूँ - पूनम ने कहा
अच्छा ठीक है तो जाओ फिर लेकिन तुमने खाना खाया की नही - लावण्या ने पूछा
अभी नही भाभी मन नही है पूनम ने अनमने भाव से कहा
क्या हुआ पूनम तबियत ठीक नही है क्या? या मुझसे कोई गलती हो गयी है आज तुम मुझसे ठीक से बात नही कर रही हो जब से आई हूँ देख रही हूँ कुछ परेसान सी लग रही हो क्या बात है?
या फिर काम करते करते ज्यादा थक गई हो , आओ थोड़ा सा पैर दबा देती हूँ तुम्हे आराम मिलेगा मुझे पता है सब तुम्हे ही बुला रहे होंगे और दिन भर काम करते करते थक गई होगी आओ मेरे पास आराम से लेट जाओ - लावण्या ने प्यार से कहा
पूनम का दिल भर आया लावण्या का अपने लिए इतनी फिकर देख कर उसको बहुत अच्छा लगा उसकी आंखें अनायास ही भर आयी एक पल को लगा कि वह लावण्या
को सब सच बता दे लेकिन फिर उसने अपने आप को रोक लिया क्योकि आज लावण्या और सार्थक के जिंदगी का आज एक बहुत ही स्पेसल दिन था और पूनम उन दोनों के इस खूबसूरत दिन को बर्बाद नही करना चाहती थी
नही भाभी वो दिन भर इधर से उधर दौड़ रही हूँ न तो थकावट हो गयी है अभी सो जाऊंगी तो आराम हो जाएगा, आप भी थक गई होंगी आप आराम कीजिये लावण्या ने कहा इस तरह लावण्या को अपने लिए परेसान देख कर उसे खुद पर गुस्सा आरहा था और उसने नार्मल होने की कोशिश की
ठीक है जाओ लेकिन बिना खाना खाएं मत सोना खाना खा लेना औए कोई पेन किलर ले लेना जिससे दर्द को आराम मिल जाएगा- लावण्या ने किसी मां की तरह पूनम को कहा
जी भाभी ले लूंगी आप परेसान मत होइए पूनम ने कहा और फिर दरवाजा बंद करके बाहर निकल गयी
पूनम के जाते ही लावण्या ने अपने सर का पल्लू हटाया और फिर कमरे को देखने लगी
पूनम ने काफी मेहनत से और अच्छे से कमरे को सजाया था
जगह जगह फूलो की लाडिया लटकी हुई थी और बिस्तर पर गुलाब की पंखड़ियों से एक खूबसूरत से डिजाइन बना था
बेड के ठीक नीचे जहा पर पावदान होता है वहा पर पावदान की जगह पर फूलो का एक पावदान बना हुआ था और पूरे कमरे में एक मंद मंद और बहुत ही खूबसूरत परफ्यूम की मनमोहक खुशबू फैली हुई थी
बेड के चारो तरफ गुलाब और गेंदे की फूलो की लाडिया लटकी हुई थी और कमरे की छतों पर और लड़ियों को चौकार डिजाइन में लगाया गया था, उन्ही के बीच मे दिल के आकर के गुब्बारे चिपके हुए थे ।कमरे की दीवारों पर भी फूलो की लाडिया लटकी हुई थी कमरा काफी खूबसूरत लग रहा था
लावण्या ने पूरे कमरे को अच्छे से देखा और उसके चेहरे पर एक मुस्कुराहट फैल गयी पूनम ने वाकई में काफी मेहनत किया था इस पूरे कमरे को सजाने में ।
लावण्या ने कमरे को देखने के बाद वाशरूम गयी और उसने अपना हाथ पैर धोया और फिर आकर बिस्तर पर बैठ गयी उसने अपना फोन निकाला और थोड़ी देर अपनी मम्मी और रजनी दीदी से बात किया और फिर और सार्थक का इंतेजार करने लगी
थोड़ी देर बाद सार्थक आया उसने हल्के से दरवाजा खटखटाया
लावण्या का दिल जोर से धड़क उठा मानो दरवाजे पर नही किसी ने उसके दिल पर दस्तक दी हो
वह उठी और उठ कर उसने दरवाजा खोला और फिर वापस आकर घूघट लेकर बेड पर बैठ गयी
सार्थक कमरे में आया और फिर उसने दरवाजा बंद कर लिया
लावण्या का दिल किसी धौकनी की तरह धड़क रहा था सार्थक की मौजूदगी से ही उसके शरिर में एक अलग सी मीठी मीठी तड़फ का एहसास होने लगा था उसका पूरा बदन जैसे सिहर रहा था और आंखों में सार्थक के लिए बेसुमार प्यार तैर रहा था
सार्थक का भी हाल कुछ ठीक नही था वह भी बहुत एक्साइटेड था और उसका भी दिल मानो आज उछल कर बाहर आने को बेताब था वह धीरे से चलता हुआ बेड पर पहुचा
सार्थक को अपने इतने पास महसूस करके ही लावण्या की दिल की धड़कने बढ़ गयी वह अपने आप मे और सिमट गई
लबी आप ठीक तो हो न सार्थक को कुछ नही सूझा तो उसने लावण्या को पुकारा
लावण्या ने कोई जबाब नही दिया अपना एक नया नाम सुनकर वह चौक गयी और फिर उसके ओठो पर एक मुस्कुराहट आ गयी
सार्थक हल्का सा खिसक कर लावण्या के पास आगया और फिर उसका घूघट उठाने के लिए अपना हाथ बढ़ाया
लावण्या ने जल्दी से अपना हाथ बढ़ा कर सार्थक का हाथ पकड़ लिया चूडियों की हल्की सी खनखनाहट हुई लावण्या के चूडियों की यह खनखनाहट सार्थक को किसी मधुर संगीत से कम नही लगी
सार्थक मुस्कुराया और प्यार से बोला
ये क्या? अब आप हमें हमारे चाँद को देखने भी नही देगी आप हमें आपके इस खूबसूरत चेहरे को देखने से नही रोक सकती है अब आप हमारी है
मैं आपको रोकना भी नही चाहती लेकिन आप ऐसे नही देख सकते आज हमारी पहली रात है तो मुझे देखने के लिए आपको मूल्य चुकाना पड़ेगा - लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
और अगर हम कोई मूल्य न दे और जबरदस्ती करे तो- सार्थक ने कहा
हमे पता है आप ऐसा नही कर सकते है - लावण्या ने कहा
अच्छा काफी जान गई है मेरे बारे में आप इतना भरोसा है आपको मुझपर- सार्थक बोला
इससे भी कही ज्यादा , अच्छे से जांच पड़ताल करके ही आपके दिल को , और आपको चुना है - लावण्या ने हल्के से कहा
वैसे अपनी खूबसूरत सी पत्नी का चेहरा देखने के लिए हमे क्या मूल्य चुकाना पड़ेगा ? हमारी सबसे कीमती चीज जो आपके लायक है वह तो पहले ही ले चुकी है आप फिर अब और क्या चाहिए ?
मैंने क्या ले लिया है - लावण्या ने चौक कर कहा
मेरा दिल , वो तो कब का आपको सौप चुका हूँ अब आपकी वारी है अपने आप को मुझे सौप दो , लावण्या बहुत इंतेजार करवाया है आपने बहुत तड़फाया है अब एक पल की भी देर मत करो आज अपने प्यार के रंगों से मुझे ऊपर से नीचे तक रंग दो ऐसा रंग दो की यह रंग कभी न उतरे - सार्थक ने कहा
सार्थक की बाते सुनकर लावण्या मानो अपने होशो हवास खोती जा रही हो उसका दिल बहुत जोर से मचल रहा था उसका दिल कर रहा था कि सब कुछ भूल कर बस सार्थक
की बाहों में समा जाय और खुद को सार्थक के हवाले कर दे और कह दे कि मैं तो कब से आप की हो चुकी हो लेकिन झिझक और सरम उसे रोक रही थी ।
कहते है जब पहली बार अपनी पत्नी के पास आओ तो उसको कुछ ऐसा दो जो उसे हमेशा याद रहे तो बताइए आप हमें क्या दे रहे है ? लावण्या ने आहिस्ते से और प्यार से कहा और अपने मेहदी लगे हाथो को सार्थक के आगे फैला दिया
सार्थक ने लावण्या के गोरे गोरे हाथो को थाम लिया और फिर उसे अपने हाथों में लेकर चूम लिया
लावण्या का पूरा बदन जैसे सिहर गया हो उसके पूरे बदन में जैसे किसी ने हल्का सा करंट छोड़ दिया हो
ये क्या था लावण्या ने मुस्कुरा कर पूछा
बस आपके इन खूबसूरत से हाथो को देख कर दिल बेईमान हो गया सार्थक ने कहा
दिल को सम्हाल कर रखिये उससे कहिये की अब गुस्ताखी करना बंद कर दे क्योकि अगर उसने ऐसे गुस्ताखी करने की आदत रही तो आप मुसीबत में पड़ जाएंगे - लावण्या प्यार
से बोली
सार्थक मुस्कुरा कर रह गया
अच्छा आप एक काम कीजिये अपनी आंखें बंद कीजिए - सार्थक ने कहा
क्यो लावण्या ने चौक कर पूछा
अरे कीजिये न और खड़ी हो जाइए - सार्थक बोला
लावण्या आश्चर्य से सार्थक को देखने लगी उसकी समझ मे नही आरहा था कि सार्थक करने क्या वाला है
खड़ी होइए सार्थक ने लावण्या का हाथ पकड़ कर उसे उठाया
कपड़ो की सरसराहट हुई और फिर लावण्या खड़ी हो गयी
अपनी आंखें बंद कर लीजिए और बंद ही रखना चीटिंग मत करना - सार्थक ने कहा और उसे पकड़ कर लेजाकर आदम कद सीसे के सामने खड़ा कर दिया
सार्थक ने अपने जेब से एक खूबसूरत का कमर बंद निकाला और फिर लावण्या के कमर के हिस्से का साड़ी ऊपर उठाने लगा सार्थक के हाथों को अपने कमर पर महसूस कर के लावण्या चौक गयी और उचक गयी उसकी आंखें खुल गयी
न न बिल्कुल नही, अभी नही ,अभी आंख बंद ही रखना सार्थक ने कहा
ये कर क्या रहे है आप लावण्या ने उत्सुकता से पूछा
बस आप खड़ी रहिये अभी पता चल जाएगा आर्थक बोला
और फिर उसने कमर वाले हिस्से हो खोल दिया लावण्या का खूबसूरत सा कमर दिखने लगा
सार्थक ने कमर बंद को अपने हाथों से लावण्या के साड़ी में फसा दियाऔर ऐसा करते हुए के बार लावण्या के पेट और नाभि का हिस्सा उसके उंगलियों के पोर से छू जाता लावण्या को सार्थक की यह छुवन बहुत भा रही थी और उसके पूरे बदन को रोमांचित कर रही थी उसके बदन में जैसे चीटियां सी चलने लगी हो
लावण्या के कमर पर अपने हाथों से कमरबंद पहनाने के बाद सार्थक ने लावण्या के खुले हुए कमर को अपने हाथों से हल्के से सहला दिया
लावण्या का पूरा बदन किसी सूखे पत्ते की तरह काँप उठा और वह सिहर उठी उसने जल्दी से अपनी आंखें खोल ली ।
सार्थक ने अपने हाथों से लावण्या का घूघट ऊपर कर दिया और बोला देखो कैसे लग रही है
लावण्या ने देखा सार्थक उसके बिल्कुल पीछे खड़ा था उसने अपने कमर पर नजर डाली एक बहुत ही खूबसूरत सा चांदी का कमरबंद उसके कमर पर था और सार्थक के ओठो पर एक प्यारी मुस्कुराहट थी
लावण्या सरमा गयी और पलट कर सार्थक की तरफ घूमी सार्थक बिल्कुल उसके पीछे खड़ा था और घूमते ही वह हल्का सा सार्थक से टकराई
सार्थक ने जल्दी से उसके कमर को पकड़ कर थाम लिया ऐसा करते हुए वे दोनों बिल्कुल एक दूसरे के करीब आगये इतने करीब की उनके बदन एक दूसरे को छू रहे थे और दोनो एक दूसरे की सांस भी महसूस कर रहे थे
सार्थक ने प्यार से लावण्या के चेहरे को देखा जो सरम से बिल्कुल गुलाबी हो गए थे सार्थक लावण्या को एकटक निहार रहा था और लावण्या उसकी ये प्यार भरी नजर बर्दास्त नही कर पाई उसने अपनी नजर झुका लिया
कैसा लगा गिफ्ट सार्थक ने लावण्या को सीधा करते हुए पूछा
आप लाये और अच्छा न हो ऐसा कभी हो सकता है क्या ? सच मे बहुत खूबसूरत है - लावण्या ने कहा
होगा लेकिन आपसे ज्यादा नही - सार्थक बोला
लावण्या फिर से सरमा गयी
अचानक से सार्थक ने लावण्या को अपनी गोद मे उठा लिया लावण्या न चाहते हुए भी हड़बड़ा कर सार्थक के गले मे अपने हाथों को फसा लिया
सार्थक ने उसे उठा कर लाकर बिस्तर पर बैठा दिया।
लावण्या बिश्वास नही हो रहा है कि अब तुम मेरी हो ऐसा लग रहा है मैं कोई सपना देख रहा हूँ - सार्थक ने कहा
बिश्वास कर लीजिए ये सपना नही हकीकत है अब आप मेरे और मैं आपकी हूँ पूरी तरह से लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
वैसे सच बताऊ तो मुझे भी कुछ ऐसा ही लग रहा है कहते है कि जोड़िया ऊपर वाला बनाता है ये सच है वरना आप कहा और मैं कहा , मैं आपसे इतनी दूर फिर भी देख लीजिए आज हम और आप कितने पास है
सच कहा मैं आज भी उस दिन को नही भूल सकता जिस दिन आप मुझसे पहली बार टकराई थी कितनी घबराई हुई थी आप सार्थक के आंखों के सामने मानो वह दिन घूम गया जिस दिन लावण्या पहली बार उससे मिली थी
अच्छा सुनो न लबी इतना भारी कपड़े पहनने की कोई जरूरत नही है पूरे दिन थक गयी होगी जाओ जा कर चेंज कर लो फिर बाते करेंगे - सार्थक ने कहा
हा सच मे इतने भारी कपड़े पहनने की आदत नही है तो अनकम्फर्टेबल सा लग रहा है सार्थक ने मानो लावण्या के मन की बात कर दी हो
तो फिर आओ मैं उतार देता हूँ ये सब , - सार्थक ने सरारत से कहा
धत गंदे कही के, लावण्या ने उसके सरारत को समझ कर सरमा कर कहा मैं खुद उतार लूंगी आप रहने दो मेरी हेल्प करने को
अरे ..एक तो मैं आपकी मदद करने को कह रहा हूँ और आप ऐसे, मतलब भलाई का जमाना ही नही रह गया- सार्थक बोला
अच्छा... ? किसकी भलाई अपनी या मेरी- लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
हा तो क्या हुआ अब तो मुझे हक है - सार्थक बोला
कैसा हक अभी कुछ नही अभी कोई हक नही है - लावण्या ने थोड़ा सा नखरा दिखाया
अच्छा रुको अभी बताता हूँ अभी दिखाता हूँ कि कैसा हक , देखता हूँ आपको कौन बचाता है- सार्थक ने कहा और फिर अचानक से लावण्या को पकड़ कर बिस्तर पर गिरा दिया और उसके ऊपर झुकने लगा
सार्थक प्लीज प्लीज सार्थक के इरादों को जान कर लावण्या ने हल्के से बिरोध किया
सार्थक ने लावण्या की एक न सुनी और वह अपने मन की करता रहा ।
अब बोलो, बताऊ कैसा हक - सार्थक ने लावण्या के दोनों हाथों को कलाई से पकड़ कर फैला दिया और बिस्तर से सटा दिया और खुद अपने सीने को उसने लावण्या के सीने के ऊपर रख कर लगभग लावण्या के ऊपर ही लेट सा गया
लावण्या बिल्कुल असहाय हो गयी थी वह कुछ भी नही कर पा रही थी
सार्थक प्लीज छोड़ दो जाने दो कपड़े बदलने है लावण्या ने कहा
नही मेरा हक है कि नही पहले ये बताओ ?- सार्थक ने कहा
हा बाबा है , पूरा हक है, बस अब खुश अब जाने दो प्लीज
हाथ मे दर्द हो रहा है- लावण्या ने कसमसा कर कहा
तो मेरे हक की पहली किस्त का भुगतान करो पहले सार्थक ने रोमांटिक होकर कहा
नही कुछ नही, लावण्या जोर से कसमसाई और छूटने के प्रयास किया
तो फिर ठीक है मैं जाने ही नही दूंगा सार्थक लावण्या के ऊपर बिल्कुल लेट सा गया लावण्या सार्थक के नीचे दब गई थी
सार्थक प्लीज हटो न जाने दो लावण्या ने रिक्वेट किया
बिल्कुल नही पहले मेरे हक की पहली क़िस्त का भुगतान करो सार्थक ने अपना सर उठा कर लावण्या के आंखों में देख कर कहा
सार्थक प्लीज मुझे सरम आरही है लावण्या ने नजर झुका कर कहा
मुझसे कैसे सरमाना लबी अब तो हम एक दूसरे के साथ सात जन्मों के बंधन में बध गए है अब भी अगर आप ऐसे सरमाओगी तो हम प्यार कैसे करेंगे वैसे भी आज हमारे जिंदगी की सबसे खूबसूरत रात है तो आज तो सरमाने से
काम थोड़े न चलेगा आज हमारे तन मन का मिलन है - सार्थक ने प्यार से लावण्या को कहा
अच्छा ठीक है पहले कपड़े तो चेंज कर लूं प्लीज मान जाओ अच्छे पति अपने पत्नी की बात मानते है लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
और अच्छी पत्नियां भी अपने पति की हर इच्छा पूरी करती है इसीलिए तुम भी वो करो जो मैं कह रहा हूँ सार्थक ने कहा
बाहत जिद्दी हो सच मे मुझे नही पता था इतना जिद करना भी आपको आता है मैं तो आपको बहुत सीधा समझती थी लेकिन आप जितने भोले भाले और सीधे साधे लगते है उतने है नही , लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
अभी आपने मेरी सरारत देखी कहा है रुको अभी दिखता हूँ कि सरारत क्या होती है सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा और अपने ओठो को उसने लावण्या के ओठो की तरफ बढ़ाया
सार्थक के इरादे जानकर लावण्या छटपटाई और बोली
नही नही प्लीज सार्थक प्लीज नही
लेकिन सार्थक ने लावण्या की एक नही सुनी और उसके गुलाबी लबो को अपने लबो में कैद कर लिया
लावण्या का पूरा जिश्म एक मीठी सी चुभन से सिहर उठा मानो किसी ने 440 बोल्ट का करंट उसके बदन में डाल दिया हो उसका पूरा बदन लरज गया और उसका हर एक अंग मचलने लगा
सार्थक के ओठो की तपिश लावण्या के भावनाओ को भड़काने लगी और उसकी सरम हया और झिझक सब उसकी गर्मी में पिघलने लगा सार्थक की हरकतों से लावण्या का पूरे बदन में मानो चीटियां सी चलने लगी हो
सार्थक ने लावण्या के दोनों हाथों को छोड़ दिया और उसके पूरे बदन को अपने बाहो के घेरे में कैद कर लिया
लावण्या का भी पूरा वजूद मानो अपने आपे से बाहर हो रहा था अनायास ही उसकी आंखें बंद हो गयी और हाथ अपने आप उठ कर सार्थक के इर्द गिर्द जकड़ गए
मानो लावण्या ने खुद को पूरी तरह सार्थक को सौप दिया हो
थोड़ी देर बाद सार्थक ने लावण्या को छोड़ा और उसके ऊपर से हट गया
लावण्या उठी और अपने कपड़े झाड़ने लगी शर्म के मारे उसकी नजर नही उठ रही थी उसने हल्के से अपनी नजर उठा कर सार्थक को देखा
सार्थक के ओठो पर एक मुस्कान थी और आंखों में खुमारी
आप बहुत गंदे हो मुझे आपसे बात ही नही करनी- लावण्या ने बनावटी गुस्से से कहा
क्या कहा ? बात नही करनी, अभी बताता हूँ रुको- सार्थक लावण्या की तरफ फिर से लपका
नही ,नही, करनी है करनी है , प्लीज प्लीज लावण्या सार्थक के इरादे जान कर घबरा गई और अपने हाथों से सार्थक को हल्के से धक्का देते हुए बोली
सार्थक लावण्या को ऐसे घबराता देख कर खिलखिला कर हंस पड़ा और लावण्या झेप गयी
अच्छा आप बैठो मैं आती हूँ चेंज कर आऊँ लावण्या ने कहा और फिर वह बाथरूम में घुस गई
दरवाजा बंद करते हुए सार्थक ने लावण्या को और लावण्या ने सार्थक को देखा दोनो के ओठो पर एक मुस्कुराहट थी और आंखों में प्यार और दिल मे एक चाहत
लावण्या ने दरवाजा बंद करते समय अपना जीभ निकाल और नाक सिकोड़ कर सार्थक को चिढाया और दरवाजा बंद कर लिया
लावण्या की यह हरकत सार्थक को बहुत प्यारी लगी और उसका दिल मोहब्बत से भर गया अनायास ही उसके ओठो पर एक मुस्कुराहट आ गयी
आज की यह रात उनकी जिंदगी की सबसे हसीन रात थी और इस तरह की सरारतो और मुहब्बत का दौर पूरी रात चलनी थी और वे दोनो आज की यह हसीन रात की प्यार की बारिश में पूरी रात नहाते और उसका भरपूर लुफ्त उठाते ।
क्रमशः
मेरे नाम की मेहदी हाथो में सजाओ
मेरी दिल की गलियों में हो सिर्फ तुम ही
मेरे साथ तुम अपना जीवन बिताओ
मेरी ख्वाइश कब की हुई आज पूरी
भटकते हिरण को मिली है कस्तूरी
मेरी बन गयी दिल की मेरी सहजादी
हुई अब मुक्कमल जो थी कबसे अधूरी
सार्थक और सारे बाराती वापस से जनवासे में आगये और आराम करने लगे।
रात को करीब 2 बजे वापस लावण्या के घर से संदेशा आया और फिर सार्थक और कुछ चुनिंदा खास खास रिस्तेदार शादी के लिए लावण्या के घर पहुचे ।
बिधि बिधान से और मंत्रोचार के साथ लावण्या और सार्थक की शादी फेरे और सिंदूरदान कन्यादान और जो भी रस्म रिवाज थी सम्पन्न हुआ जो करीब - करीब 3 घंटे तक चलता रहा शादी होते होते सुबह के पांच बजे गए थे ।
शादी सम्पन्न हो जाने के बाद , सबसे पहले नव दंपति को लावन्या के घर की कुल देवी के पास ले जाकर कर आशिर्बाद दिलवाया और फिर सार्थक और लावण्या ने सबके पैर छूकर सबका आशिर्बाद लिया ।
उसके बाद सार्थक अपने पापा के साथ वापस से जनवासे में आगया जहा पर उसे दुबारा नहा धोकर और फ्रेश होकर
लावण्या के बिदाई करवाने के लिए पहुचा ,
लावण्या की सहेलिया और खास खास रिस्तेदार सार्थक और उसके दोस्तों के साथ चुहल बाजिया और हंसी मजाक कर रहे थे ,और सार्थक उन सब की चुहल बाजियों को सुनकर सरमा रहा था और मुस्कुरा रहा था हालांकि लक्ष्य और शशांक उन लड़कियों के हंसी मजाक का जबाब अपने अंदाज से दे रहे थे और हद तक उनपर भारी पड़ रहे थे लेकिन लावण्या की सहेलिया भी कम न थी वो खूब हंसी मजाक कर रही थी और सार्थक और उसके दोस्तों की खिंचाई कर रही थी ।
इतने में लावण्या की मम्मी जी मुस्कुराती हुई आये और बोली ।
अरे बस भी करो मेरा दामाद इतना सीधा साधा है तो अब उसका इतना भी फायदा मत उठाओ देखो कैसे तुम लोगो की बाते सुनकर बेचारा लजा जाता है जाओ जाओ अब बस भी करो - मम्मी ने लावण्या की सहेलियों को घुड़का
सारी सहेलिया दबे पांव निकल गयी सार्थक ने राहत की सास ली मानो अभी अभी जेल से छूटा हो
सार्थक ने मुस्कुरा कर अपनी सासू माँ को देखा उसकी आँखों मे अपने सासु माँ के लिए थैंक्स के भाव थे और जैसे वो कह रहा हो थैंक्स मम्मी जी इन खतरनाक चुड़ैलों से
बचाने के लिए । लावण्या की मम्मी सार्थक के पास आई और बोली
बाबू मेरी लावण्या का ख्याल रखना वैसे वो थोड़ी सी नादान है तो अगर कभी उससे कोई भूल चूक भी हो जाय तो माफ करना और प्यार से समझाना समझ जाएगी वो बहुत समझदार है- लावण्या की मम्मी जी ने सार्थक के सामने हाथ जोड़कर कहा उनकी आंखों में आंसू थे
अरे मम्मी जी प्लीज आप ऐसे हाथ जोड़ कर मुझे सर्मिन्दा मत कीजिये मैं आपको शिकायत का कोई मौका नही दूंगा - सार्थक ने जल्दी से कहा
बिदाई के समय लावण्या कभी अपने मम्मी से कभी अपने पापा से और कभी रजनी से लिपट कर बुरी तरह रो रही थी।
और पूरा परिवार भी लावण्या को पकड़ कर रो रहा था
रजनी को लावण्या की जाने की कमी सबसे ज्यादा महसूस हो रही थी वह बुरी तरह लावण्या से चिपकी हुई थी और लावण्या को पकड़ कर किसी बच्चे की तरह रो रही थी ।
लावण्या रजनी का बहुत ख्याल रखती थी और उसे किसी छोटे से बच्चे की तरह सम्हाल रखा था अगर लावण्या ना
होती तो रजनी कब की टूट चुकी होती लेकिन लावण्या किसी मजबूत बाजू की तरह रजनी को सम्बल देती और उसकी सारी परेशानियों और चिंता को कैसे न कैसे करके दूर कर देती। अब लावण्या के जाने पर रजनी अपने आप को बहुत अकेला महसूस कर रही थी ।
दीदी आप अपना और मम्मी पापा का ख्याल रखना
और बिल्कुल भी मत घबराना अभी आपकी लावण्या है आपको चिंता करने की कोई जरूरत नही है- रजनी को इस तरह रोते देख कर लावण्या ने रजनी को सांत्वना दिया ।
लावण्या तू मेरी चिंता मत कर, मैं ठीक हूँ बस तू किसी को कोई भी शिकायत का कोई मौका मत देना वैसे मुझे पता है मेरी लावण्या बहुत समझदार है सब सम्हाल लेगी लेकिन बड़ी हूँ तुझसे , तो तुझे एक सलाह दे रही हूँ कि अगर कभी सार्थक कुछ कहे तो उसकी बात को समझने की कोशिश करना और उसके आत्मसम्मान और गुरूर को कभी चोट मत पहुचाना
जो बीत गया उसपर ध्यान मत दो दीदी अब नए सिरे से अपनी जिंदगी शुरू करो और नए तरीके से जीने की कोशिश करो ,अभी उम्र ही क्या है आपकी उससे भी अच्छा लड़का
मिल जाएगा आपको आप इतनी समझदार और सिंसियर है - लावण्या ने रजनी को परेसान देखा तो उसके आंसू पोछते हुए बोली
अच्छा तू ये सब छोड़ और जा जाकर गाड़ी में बैठ, दूर जाना है और सार्थक इंतेजार कर रहा है अपना ध्यान रखना और फोन करती रहना ठीक है - रजनी ने कहा
लावण्या ने हां में गर्दन हिला दिया
थोड़ी देर बाद लावण्या की बिदाई हो गयी और सार्थक उसे लेकर चल पड़ा
पूनम बेशब्री के साथ लावण्या और सार्थक का इंतजार कर रही थी वह बार घड़ी देखती और फिर दरवाजे पर ताक झाक करके चली जाती ।
पता नही कितनी देर और लगेगी पता नही भैया क्या कर रहे है और कितना टाइम लगाएंगे - पूनम ने झल्ला कर कहा उससे इंतेजार नही हो रहा था
उसने बाहर झाका और जैसे ही वपस जाने के लिए मुड़ी तभी एक लगभग 7 साल का बच्चा आया और बोला
दीदी आप पूनम हो क्या ?
पूनम ने घूम कर उस बच्चे को देखा वह अपने हाथ मे एक लिफाफा लेकर खड़ा था वह चौक गयी उसका माथा सिकुड़ा
हां बाबू मेरा नाम पूनम है- पूनम ने कहा
दीदी वो भैया ने आपको मुझे ये देने के लिए कहा है उस छोटे से बच्चे ने अपने अंगुली से पूनम के घर के विपरीत दिशा में इशारा किया
पूनम ने अपनी गर्दन उठा कर देखा लेकिन उसे वहां कोई नही दिखाई दिया
कहां है वहा तो कोई नही है - पूनम ने कहा
अरे वही थे दीदी सच्ची उन्होंने मुझे ये चॉकलेट दिया और ये पैकेट दिया और बोला
जाकर ये पूनम दीदी को दे दो उस लड़के ने मासूमियत से कहा
क्या है ये ? - पूनम ने सोचते हुए पूछा
पता नही शायद इसमें भी चॉकलेट हो ये ले लीजिए आप- उस बच्चे ने उस लिफाफे को पूनम की तरफ बढाते हुए कहा
पूनम ने झिझकते हुए वह लिफाफा पकड़ लिया और उलट पुलट कर देखने लगी लेकिन उस पर कुछ नही लिखा था
पूनम के लिफाफा पकड़ते ही वह छोटा सा बच्चा उछलते
कूदते भाग गया
पूनम ने दुबारा से उस तरफ देखा जिधर लड़के ने इशारा किया था कि शायद कोई दिख जाए लेकिन वहां पर कोई नही दिखा ।
पूनम लिफाफा लेकर अंदर अपने कमरे में पहुची और उसे खोलने लगी
जैसे ही खोला उसके पैरों तले जमीन खिसक गयी
वह बुरी तरह चौक गयी उसके चेहरे पर अचानक ढेर सारा पसीना झिलमिलाने लगा और वह धम्म से वही सोफे पर बैठ गयी
उस लिफाफे में पूनम की फ़ोटो थी एक नही कई सारी लगभग 40 या 50 के करीब हालांकि सारी फ़ोटो डिसेंट थी लेकिन उन फ़ोटो को देख कर पूनम बुरी तरह से सहम गई उसने एक एक कर के सारी फ़ोटो देखना शुरू कर दिया और आखिर में एक चिट्ठी मिला
पूनम ने जल्दी से चिट्ठी खोला और उसे पढ़ने लगी
हाय पूनम कैसी हो
तुम्हे क्या लगा मैं तुम्हे ढूढ नही पाऊंगा अरे मैने तुम्हे सिद्दत
से प्यार किया है और ढूढने पर भगवान भी मिल जाते है फिर तुम्हे ढूढ़ना कौन सा मुश्किल काम है तुम तो मेरे सीने में धड़कती हो तुम्हे मैं प्यार करता हूँ वो भी दिल की गहराइयों से अब लो देख लो मैंने तुम्हें ढूढ लिया न ।
मैं तुमसे प्यार करता हूँ पूनम बहुत प्यार करता हूँ मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ
मैं तुम्हारा हूँ और तुम मेरी हो तुमने टैब भले तोड़ दिया हो लेकिन मेरे प्यार के जुनून को नही तोड़ पाओगी देख लो मैने टैब का सारा डेटा फिर से रिकबर करवाया क्योकि तुम्हारी हर एक फोटो मेरे लिए बहुत कीमती है ऐसे कैसे मैं उसे छोड़ सकता हूँ
वैसे मुझे तुम्हारे टैब तोड़ने पर गुस्सा नही आया क्योकि मैं तुमपर गुस्सा कर ही नही सकता तुम मेरी दिल मे धड़कती हो पूनम और वैसे भी जो चीज मेरी है वो तुम्हारी है तो तुमने तोड़ दिया तो कोई बात नही है मैने दूसरा ले लिया ।
पूनम इस तरह से मुझे तड़फाने मे तुम्हे बहुत मजा आ रहा है ना समझो न यार मैं सच मे तुम्हे दिल से प्यार करता हूँ मैं तुम्हारे दिल को दुखाना नही चाहता हूँ लेकिन तुम मुझे मजबूर कर रही हो मैं तुम्हे पाने के लिए कुछ भी कर सकता
हूँ किसी भी हद तक जा सकता हूँ क्योंकि मैं तुम्हारे बिना जी नही सकता जब से तुम्हे देखा है बस तुम्हारा ही होकर रह गया हूँ
इसीलिए बचपना छोड़ो और मेरे प्यार की गहराई को समझो और उसे महसूस करो
पूनम मैं तुम्हे बहुत खुश रखूंगा बिल्कुल किसी राजकुमारी की तरह बस एक बार ठंडे दिमाग से मेरी बात पर गौर तो करो
अच्छा सुनो न ये जो फ़ोटो भेजी है कुछ स्पेशल तस्बीर है इन्हें मैने डेवलप करवाया है कैसी लगी मुझे बताओ
मैं तुम्हारे जबाब का इंतजार करूँगा मैं अपना फोन नंबर तुम्हे दे रहा हूँ प्लीज मुझे फोन करना प्लीज
देखो मैं नही चाहता कि मुझे कुछ ऐसा कदम उठाना पड़े जो तुम्हे या मुझे बिल्कुलअच्छा न लगे इसीलिए मैं तुम्हे प्यार से समझा रहा हूँ मेरी बात मान जाओ प्लीज वरना मेरे पास और भी तरीके है कि तुम हां बोलने पर मजबूर हो जाओगी ये मत समझना कि मैं तुम्हे धमकी दे रहा हूँ प्यार से समझा रहा हूँ
मैं तीन दिन तक तुम्हारे फोन का इंतेजार करूँगा उसके बाद मैं फिर तुमसे कांटेक्ट करूँगा तुम अपना ध्यान रखना पूनम क्योकि तुम मेरे लिए बहुत खास हो
बाय
तुम्हारा दोस्त
पूनम ने पूरा लेटर पढ़ा तो उसके चेहरे पर बल पड गए उसका गला जैसे सूख गया हो उसने बड़ी मुश्किल से अपना थूक निगला
उसने जल्दी से सारी फ़ोटो और वह लेटर लिफाफे में डाला और फिर उसे एक सीक्रेट जगह छुपा दिया जिससे किसी के हाथ न लगे ।
लावण्या और सार्थक को वह कब की भूल चुकी थी उसका दिमाग उलझ गया था टैब को तोड़कर वह अपने आप को बचा हुआ मान रही थी लेकिन प्रमोद की इस चिट्ठी ने पूनम के माथे की परेशानी को बढ़ा दिया
पूनम कहा हो - तभी चाची की आवाज गूँजी
पूनम जल्दी से उठकर बाहर आई और बोली जी चाची जी यही हूँ बताइये
पूनम नई बहू आ रही है उसके स्वागत का इंतजाम किया कि नही किया जाओ दरवाजे पर एक मंडल बना दो और फिर
जो जो चीजे उसके आगवानी के लिए मैने तुम्हे बताया था और जो जो लगता है उसका इंतेजाम करके रख दो जिससे बाद में कुछ ढूढ़ना न पड़े
जी चाची जी करती हूँ पूनम ने गुम दिमाग से कहा
उसको होश ही कहा था वह तो मानो ख्यालो में खोई हुई हो लावण्या के आने का उत्साह जैसे काफूर हो गया हो उसकी सारा उत्साह सारा उमंग सारी खुसी जैसे एक चिट्ठी के नीचे दब गया हो और उसकी जगह पर एक उदासी और एक टेंसन ने ले ली हो
थोड़ी देर बाद सार्थक लावण्या को लेकर आ गया
चाची जी ने नई बहू की अगवानी की और उनकी आरती उतारी अपने रीति रिवाजों के हिसाब से नई बहू का गृह प्रबेश करवाया और फिर पूनम अंदर ले जाने के लिए आवाज लगाया
पूनम बाहर आयी और पकड़ कर लावण्या को अपने कमरे में ले जाने लगी ।
अरे पूनम ऐसे ही ले जाएगी बिना अपना नेग लिए तेरी नई भाभी आयी है पहले उनसे नेग तो ले ले फिर अंदर घुसने दे - रिस्ते दारो में से एक औरत ने कहा
पूनम जैसे सोते से जागी हो उसने लावण्या की तरफ देखा
लावण्या मुस्कुरा रही थी उसे पता था यह होता है इसीलिए उसने पहले से ही तैयारी कर रखा था और पूनम के लिए छोटे छोटे कान के इयररिंग ले रखे थे
उसने वही इयररिंग पूनम को पकड़ा दिया
पूनम ने बिना कुछ कहे चुपचाप उसे ले लिया और बिना देखे उसे आपने पास रख लिया
लावण्या को बड़ा अजीब लगा लेकिन उसने कुछ नही कहा
चाची के कहने पर पूनम ने लावण्या और सार्थक को लेजाकर अपने कुल देवता का आशिर्बाद दिलवाया और फिर लावण्या को एक कमरे में लेजाकर बैठा दिया
सारी औरतो और लड़कियों में लावण्या को देख लेने की होड़ सी मच गई थी पूरा कमरा औरतो से भर गया था कोई सार्थक और लावण्या के साथ हसी ठिठोली कर रहा था तो कोई लावण्या की तारीफ कर रहा था
और लावण्या सिकुड़ी सिमटी सी सबकी बाते सुन रही थी और कभी कभी कुछ पूछने पर हल्के और शांत स्वर में उनकी बातों का जबाब भी दे रही थी ।
काफी देर तक यही सब चलता रहा फिर एक बुजुर्ग सी औरत ने कहा
अरे लड़कियों इतनी दूर से दुल्हन आयी है उसे थोड़ा आराम
करने दो बेचारी थक गई होगी थोड़ा देर उसे अकेला छोड़ दो
उनकी बातें सुनकर सारे लोग धीरे धीरे कमरे से बाहर जाने लगा और थोड़ी देर बाद कमरा खाली हो गया
जब सब चले गए तो लावण्या ने एक लड़की को बोल कर पूनम को बुलवाया
पूनम आयी और बोली
जी भाभी जी
क्या बात है पूनम कुछ परेसान सी हो तबियत ठीक नही है क्या ? - लावण्या ने पूनम के उदास चेहरे को देख कर पूछा
नही भाभी ऐसी कोई बात नही है पूनम ने सकपका कर कहा
तो फिर ये तुम्हारा चेहरा क्यो उतरा हुआ है लावण्या ने पूनम के उदास चेहरे को देख कर पूछा
कुछ नही भाभी बस ऐसे ही हल्का सा थक गई हूं - पूनम ने नजर चुराते हुए कहा
अब तुम मेरे पास ही रहना कही जाना मत लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ कर अपने पास बैठाते हुए कहा
ठीक है नही जाऊंगी आपके पास ही रहूंगी - पूनम ने कहा
लावण्या को उस पूनम जो बर्थ डे में उससे मिली थी और आज की पूनम में जमीन आसमान का अंतर नजर आरहा था आज की पूनम काफी कुछ बदली बदली सी लग रही थी मानो वो किसी और से मिल रही हो वो गर्मजोशी वो अपना पन और वो प्यार और उत्साह जो लावण्या के आने पर पूनम को होना चाहिए वह नही दिख रही थी ।लावण्या को बहुत आश्चर्य हो रहा था वह पूनम से ऐसे ब्यवहार की बिल्कुल उम्मीद नही कर रही थी ।
लावण्या के पास ही पूनम बैठी रही उससे बाते करती रही
शाम के समय एक छोटा सा पूजा था जो नई दुलहन के आने पर किया जाता था
पूनम ने लावण्या को तैयार होने के लिए कहा और फिर उसकी हेल्प करने लगी ।
लावण्या ने कपड़े बदल कर हल्का सा मेकअप किया और फिर पूनम ने ले जाकर लावण्या को बेदी पर बैठा दिया
करीब एक घंटे तक पूजा हुई और फिर लावण्या को वापस से अपने कमरे में पहुचा दिया गया ।
घर मे नई दुल्हन के आने की एक अलग ही रौनक थी
पूनम लावण्या के पास ही बैठी थी तभी एक रिस्ते की भाभी ने कहा ।
पूनम अपने भैया का कमरा नही सजाना है क्या ,यही भाभी के पास बैठी रहेगी अरे आज सार्थक और लावण्या का खास दिन है तो जा जाकर उसके कमरे को अच्छे से तैयार तो कर दे आज उनकी मिलन की रात है ।
उस औरत की बात सुनकर लावण्या के चेहरे पर कई रंग आकर गुजर गए और चेहरा शर्म से लाल हो गया और दिल की धड़कन भी बढ़ गयी ।
पूनम ने लावण्या को वही छोड़ दिया और फिर सार्थक के कमरे में पहुची और फिर कमरे को सजाने लगी
और पूनम का साथ देने के लिए उसकी सहेलिया भी पूनम की हेल्प करने लगी
2 घण्टे की मेहनत के बाद दोनों तीनो ने सार्थक के कमरे को अच्छे से सजा दिया पूनम काफी थक गई थी और उसपर उसके दिमाग मे टेंसन उसका बुरा हाल था
उसने लावण्या को पकड़ कर उसके कमरे में पहुचाया और बोली भाभी आप कपड़े बदल लो और किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे आवाज देना मैं जा रही हूँ
लावण्या ने मुस्कुरा कर पूनम को देखा उसकी आँखों मे पूनम के लिए ढेर सारा प्यार था मानो आंखों ही आंखों से वह पूनम को थैंक्स बोल रही हो ।
अभी चली जाना पूनम यही बैठो मेरे पास प्लीज लावण्या ने पूनम का हाथ पकड़ कर स्नेह और अपने पन से कहा
भाभी मैं बहुत थक गई हूं अब आप भी आराम करो और मैं भी जा रही हूँ - पूनम ने कहा
अच्छा ठीक है तो जाओ फिर लेकिन तुमने खाना खाया की नही - लावण्या ने पूछा
अभी नही भाभी मन नही है पूनम ने अनमने भाव से कहा
क्या हुआ पूनम तबियत ठीक नही है क्या? या मुझसे कोई गलती हो गयी है आज तुम मुझसे ठीक से बात नही कर रही हो जब से आई हूँ देख रही हूँ कुछ परेसान सी लग रही हो क्या बात है?
या फिर काम करते करते ज्यादा थक गई हो , आओ थोड़ा सा पैर दबा देती हूँ तुम्हे आराम मिलेगा मुझे पता है सब तुम्हे ही बुला रहे होंगे और दिन भर काम करते करते थक गई होगी आओ मेरे पास आराम से लेट जाओ - लावण्या ने प्यार से कहा
पूनम का दिल भर आया लावण्या का अपने लिए इतनी फिकर देख कर उसको बहुत अच्छा लगा उसकी आंखें अनायास ही भर आयी एक पल को लगा कि वह लावण्या
को सब सच बता दे लेकिन फिर उसने अपने आप को रोक लिया क्योकि आज लावण्या और सार्थक के जिंदगी का आज एक बहुत ही स्पेसल दिन था और पूनम उन दोनों के इस खूबसूरत दिन को बर्बाद नही करना चाहती थी
नही भाभी वो दिन भर इधर से उधर दौड़ रही हूँ न तो थकावट हो गयी है अभी सो जाऊंगी तो आराम हो जाएगा, आप भी थक गई होंगी आप आराम कीजिये लावण्या ने कहा इस तरह लावण्या को अपने लिए परेसान देख कर उसे खुद पर गुस्सा आरहा था और उसने नार्मल होने की कोशिश की
ठीक है जाओ लेकिन बिना खाना खाएं मत सोना खाना खा लेना औए कोई पेन किलर ले लेना जिससे दर्द को आराम मिल जाएगा- लावण्या ने किसी मां की तरह पूनम को कहा
जी भाभी ले लूंगी आप परेसान मत होइए पूनम ने कहा और फिर दरवाजा बंद करके बाहर निकल गयी
पूनम के जाते ही लावण्या ने अपने सर का पल्लू हटाया और फिर कमरे को देखने लगी
पूनम ने काफी मेहनत से और अच्छे से कमरे को सजाया था
जगह जगह फूलो की लाडिया लटकी हुई थी और बिस्तर पर गुलाब की पंखड़ियों से एक खूबसूरत से डिजाइन बना था
बेड के ठीक नीचे जहा पर पावदान होता है वहा पर पावदान की जगह पर फूलो का एक पावदान बना हुआ था और पूरे कमरे में एक मंद मंद और बहुत ही खूबसूरत परफ्यूम की मनमोहक खुशबू फैली हुई थी
बेड के चारो तरफ गुलाब और गेंदे की फूलो की लाडिया लटकी हुई थी और कमरे की छतों पर और लड़ियों को चौकार डिजाइन में लगाया गया था, उन्ही के बीच मे दिल के आकर के गुब्बारे चिपके हुए थे ।कमरे की दीवारों पर भी फूलो की लाडिया लटकी हुई थी कमरा काफी खूबसूरत लग रहा था
लावण्या ने पूरे कमरे को अच्छे से देखा और उसके चेहरे पर एक मुस्कुराहट फैल गयी पूनम ने वाकई में काफी मेहनत किया था इस पूरे कमरे को सजाने में ।
लावण्या ने कमरे को देखने के बाद वाशरूम गयी और उसने अपना हाथ पैर धोया और फिर आकर बिस्तर पर बैठ गयी उसने अपना फोन निकाला और थोड़ी देर अपनी मम्मी और रजनी दीदी से बात किया और फिर और सार्थक का इंतेजार करने लगी
थोड़ी देर बाद सार्थक आया उसने हल्के से दरवाजा खटखटाया
लावण्या का दिल जोर से धड़क उठा मानो दरवाजे पर नही किसी ने उसके दिल पर दस्तक दी हो
वह उठी और उठ कर उसने दरवाजा खोला और फिर वापस आकर घूघट लेकर बेड पर बैठ गयी
सार्थक कमरे में आया और फिर उसने दरवाजा बंद कर लिया
लावण्या का दिल किसी धौकनी की तरह धड़क रहा था सार्थक की मौजूदगी से ही उसके शरिर में एक अलग सी मीठी मीठी तड़फ का एहसास होने लगा था उसका पूरा बदन जैसे सिहर रहा था और आंखों में सार्थक के लिए बेसुमार प्यार तैर रहा था
सार्थक का भी हाल कुछ ठीक नही था वह भी बहुत एक्साइटेड था और उसका भी दिल मानो आज उछल कर बाहर आने को बेताब था वह धीरे से चलता हुआ बेड पर पहुचा
सार्थक को अपने इतने पास महसूस करके ही लावण्या की दिल की धड़कने बढ़ गयी वह अपने आप मे और सिमट गई
लबी आप ठीक तो हो न सार्थक को कुछ नही सूझा तो उसने लावण्या को पुकारा
लावण्या ने कोई जबाब नही दिया अपना एक नया नाम सुनकर वह चौक गयी और फिर उसके ओठो पर एक मुस्कुराहट आ गयी
सार्थक हल्का सा खिसक कर लावण्या के पास आगया और फिर उसका घूघट उठाने के लिए अपना हाथ बढ़ाया
लावण्या ने जल्दी से अपना हाथ बढ़ा कर सार्थक का हाथ पकड़ लिया चूडियों की हल्की सी खनखनाहट हुई लावण्या के चूडियों की यह खनखनाहट सार्थक को किसी मधुर संगीत से कम नही लगी
सार्थक मुस्कुराया और प्यार से बोला
ये क्या? अब आप हमें हमारे चाँद को देखने भी नही देगी आप हमें आपके इस खूबसूरत चेहरे को देखने से नही रोक सकती है अब आप हमारी है
मैं आपको रोकना भी नही चाहती लेकिन आप ऐसे नही देख सकते आज हमारी पहली रात है तो मुझे देखने के लिए आपको मूल्य चुकाना पड़ेगा - लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
और अगर हम कोई मूल्य न दे और जबरदस्ती करे तो- सार्थक ने कहा
हमे पता है आप ऐसा नही कर सकते है - लावण्या ने कहा
अच्छा काफी जान गई है मेरे बारे में आप इतना भरोसा है आपको मुझपर- सार्थक बोला
इससे भी कही ज्यादा , अच्छे से जांच पड़ताल करके ही आपके दिल को , और आपको चुना है - लावण्या ने हल्के से कहा
वैसे अपनी खूबसूरत सी पत्नी का चेहरा देखने के लिए हमे क्या मूल्य चुकाना पड़ेगा ? हमारी सबसे कीमती चीज जो आपके लायक है वह तो पहले ही ले चुकी है आप फिर अब और क्या चाहिए ?
मैंने क्या ले लिया है - लावण्या ने चौक कर कहा
मेरा दिल , वो तो कब का आपको सौप चुका हूँ अब आपकी वारी है अपने आप को मुझे सौप दो , लावण्या बहुत इंतेजार करवाया है आपने बहुत तड़फाया है अब एक पल की भी देर मत करो आज अपने प्यार के रंगों से मुझे ऊपर से नीचे तक रंग दो ऐसा रंग दो की यह रंग कभी न उतरे - सार्थक ने कहा
सार्थक की बाते सुनकर लावण्या मानो अपने होशो हवास खोती जा रही हो उसका दिल बहुत जोर से मचल रहा था उसका दिल कर रहा था कि सब कुछ भूल कर बस सार्थक
की बाहों में समा जाय और खुद को सार्थक के हवाले कर दे और कह दे कि मैं तो कब से आप की हो चुकी हो लेकिन झिझक और सरम उसे रोक रही थी ।
कहते है जब पहली बार अपनी पत्नी के पास आओ तो उसको कुछ ऐसा दो जो उसे हमेशा याद रहे तो बताइए आप हमें क्या दे रहे है ? लावण्या ने आहिस्ते से और प्यार से कहा और अपने मेहदी लगे हाथो को सार्थक के आगे फैला दिया
सार्थक ने लावण्या के गोरे गोरे हाथो को थाम लिया और फिर उसे अपने हाथों में लेकर चूम लिया
लावण्या का पूरा बदन जैसे सिहर गया हो उसके पूरे बदन में जैसे किसी ने हल्का सा करंट छोड़ दिया हो
ये क्या था लावण्या ने मुस्कुरा कर पूछा
बस आपके इन खूबसूरत से हाथो को देख कर दिल बेईमान हो गया सार्थक ने कहा
दिल को सम्हाल कर रखिये उससे कहिये की अब गुस्ताखी करना बंद कर दे क्योकि अगर उसने ऐसे गुस्ताखी करने की आदत रही तो आप मुसीबत में पड़ जाएंगे - लावण्या प्यार
से बोली
सार्थक मुस्कुरा कर रह गया
अच्छा आप एक काम कीजिये अपनी आंखें बंद कीजिए - सार्थक ने कहा
क्यो लावण्या ने चौक कर पूछा
अरे कीजिये न और खड़ी हो जाइए - सार्थक बोला
लावण्या आश्चर्य से सार्थक को देखने लगी उसकी समझ मे नही आरहा था कि सार्थक करने क्या वाला है
खड़ी होइए सार्थक ने लावण्या का हाथ पकड़ कर उसे उठाया
कपड़ो की सरसराहट हुई और फिर लावण्या खड़ी हो गयी
अपनी आंखें बंद कर लीजिए और बंद ही रखना चीटिंग मत करना - सार्थक ने कहा और उसे पकड़ कर लेजाकर आदम कद सीसे के सामने खड़ा कर दिया
सार्थक ने अपने जेब से एक खूबसूरत का कमर बंद निकाला और फिर लावण्या के कमर के हिस्से का साड़ी ऊपर उठाने लगा सार्थक के हाथों को अपने कमर पर महसूस कर के लावण्या चौक गयी और उचक गयी उसकी आंखें खुल गयी
न न बिल्कुल नही, अभी नही ,अभी आंख बंद ही रखना सार्थक ने कहा
ये कर क्या रहे है आप लावण्या ने उत्सुकता से पूछा
बस आप खड़ी रहिये अभी पता चल जाएगा आर्थक बोला
और फिर उसने कमर वाले हिस्से हो खोल दिया लावण्या का खूबसूरत सा कमर दिखने लगा
सार्थक ने कमर बंद को अपने हाथों से लावण्या के साड़ी में फसा दियाऔर ऐसा करते हुए के बार लावण्या के पेट और नाभि का हिस्सा उसके उंगलियों के पोर से छू जाता लावण्या को सार्थक की यह छुवन बहुत भा रही थी और उसके पूरे बदन को रोमांचित कर रही थी उसके बदन में जैसे चीटियां सी चलने लगी हो
लावण्या के कमर पर अपने हाथों से कमरबंद पहनाने के बाद सार्थक ने लावण्या के खुले हुए कमर को अपने हाथों से हल्के से सहला दिया
लावण्या का पूरा बदन किसी सूखे पत्ते की तरह काँप उठा और वह सिहर उठी उसने जल्दी से अपनी आंखें खोल ली ।
सार्थक ने अपने हाथों से लावण्या का घूघट ऊपर कर दिया और बोला देखो कैसे लग रही है
लावण्या ने देखा सार्थक उसके बिल्कुल पीछे खड़ा था उसने अपने कमर पर नजर डाली एक बहुत ही खूबसूरत सा चांदी का कमरबंद उसके कमर पर था और सार्थक के ओठो पर एक प्यारी मुस्कुराहट थी
लावण्या सरमा गयी और पलट कर सार्थक की तरफ घूमी सार्थक बिल्कुल उसके पीछे खड़ा था और घूमते ही वह हल्का सा सार्थक से टकराई
सार्थक ने जल्दी से उसके कमर को पकड़ कर थाम लिया ऐसा करते हुए वे दोनों बिल्कुल एक दूसरे के करीब आगये इतने करीब की उनके बदन एक दूसरे को छू रहे थे और दोनो एक दूसरे की सांस भी महसूस कर रहे थे
सार्थक ने प्यार से लावण्या के चेहरे को देखा जो सरम से बिल्कुल गुलाबी हो गए थे सार्थक लावण्या को एकटक निहार रहा था और लावण्या उसकी ये प्यार भरी नजर बर्दास्त नही कर पाई उसने अपनी नजर झुका लिया
कैसा लगा गिफ्ट सार्थक ने लावण्या को सीधा करते हुए पूछा
आप लाये और अच्छा न हो ऐसा कभी हो सकता है क्या ? सच मे बहुत खूबसूरत है - लावण्या ने कहा
होगा लेकिन आपसे ज्यादा नही - सार्थक बोला
लावण्या फिर से सरमा गयी
अचानक से सार्थक ने लावण्या को अपनी गोद मे उठा लिया लावण्या न चाहते हुए भी हड़बड़ा कर सार्थक के गले मे अपने हाथों को फसा लिया
सार्थक ने उसे उठा कर लाकर बिस्तर पर बैठा दिया।
लावण्या बिश्वास नही हो रहा है कि अब तुम मेरी हो ऐसा लग रहा है मैं कोई सपना देख रहा हूँ - सार्थक ने कहा
बिश्वास कर लीजिए ये सपना नही हकीकत है अब आप मेरे और मैं आपकी हूँ पूरी तरह से लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
वैसे सच बताऊ तो मुझे भी कुछ ऐसा ही लग रहा है कहते है कि जोड़िया ऊपर वाला बनाता है ये सच है वरना आप कहा और मैं कहा , मैं आपसे इतनी दूर फिर भी देख लीजिए आज हम और आप कितने पास है
सच कहा मैं आज भी उस दिन को नही भूल सकता जिस दिन आप मुझसे पहली बार टकराई थी कितनी घबराई हुई थी आप सार्थक के आंखों के सामने मानो वह दिन घूम गया जिस दिन लावण्या पहली बार उससे मिली थी
अच्छा सुनो न लबी इतना भारी कपड़े पहनने की कोई जरूरत नही है पूरे दिन थक गयी होगी जाओ जा कर चेंज कर लो फिर बाते करेंगे - सार्थक ने कहा
हा सच मे इतने भारी कपड़े पहनने की आदत नही है तो अनकम्फर्टेबल सा लग रहा है सार्थक ने मानो लावण्या के मन की बात कर दी हो
तो फिर आओ मैं उतार देता हूँ ये सब , - सार्थक ने सरारत से कहा
धत गंदे कही के, लावण्या ने उसके सरारत को समझ कर सरमा कर कहा मैं खुद उतार लूंगी आप रहने दो मेरी हेल्प करने को
अरे ..एक तो मैं आपकी मदद करने को कह रहा हूँ और आप ऐसे, मतलब भलाई का जमाना ही नही रह गया- सार्थक बोला
अच्छा... ? किसकी भलाई अपनी या मेरी- लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
हा तो क्या हुआ अब तो मुझे हक है - सार्थक बोला
कैसा हक अभी कुछ नही अभी कोई हक नही है - लावण्या ने थोड़ा सा नखरा दिखाया
अच्छा रुको अभी बताता हूँ अभी दिखाता हूँ कि कैसा हक , देखता हूँ आपको कौन बचाता है- सार्थक ने कहा और फिर अचानक से लावण्या को पकड़ कर बिस्तर पर गिरा दिया और उसके ऊपर झुकने लगा
सार्थक प्लीज प्लीज सार्थक के इरादों को जान कर लावण्या ने हल्के से बिरोध किया
सार्थक ने लावण्या की एक न सुनी और वह अपने मन की करता रहा ।
अब बोलो, बताऊ कैसा हक - सार्थक ने लावण्या के दोनों हाथों को कलाई से पकड़ कर फैला दिया और बिस्तर से सटा दिया और खुद अपने सीने को उसने लावण्या के सीने के ऊपर रख कर लगभग लावण्या के ऊपर ही लेट सा गया
लावण्या बिल्कुल असहाय हो गयी थी वह कुछ भी नही कर पा रही थी
सार्थक प्लीज छोड़ दो जाने दो कपड़े बदलने है लावण्या ने कहा
नही मेरा हक है कि नही पहले ये बताओ ?- सार्थक ने कहा
हा बाबा है , पूरा हक है, बस अब खुश अब जाने दो प्लीज
हाथ मे दर्द हो रहा है- लावण्या ने कसमसा कर कहा
तो मेरे हक की पहली किस्त का भुगतान करो पहले सार्थक ने रोमांटिक होकर कहा
नही कुछ नही, लावण्या जोर से कसमसाई और छूटने के प्रयास किया
तो फिर ठीक है मैं जाने ही नही दूंगा सार्थक लावण्या के ऊपर बिल्कुल लेट सा गया लावण्या सार्थक के नीचे दब गई थी
सार्थक प्लीज हटो न जाने दो लावण्या ने रिक्वेट किया
बिल्कुल नही पहले मेरे हक की पहली क़िस्त का भुगतान करो सार्थक ने अपना सर उठा कर लावण्या के आंखों में देख कर कहा
सार्थक प्लीज मुझे सरम आरही है लावण्या ने नजर झुका कर कहा
मुझसे कैसे सरमाना लबी अब तो हम एक दूसरे के साथ सात जन्मों के बंधन में बध गए है अब भी अगर आप ऐसे सरमाओगी तो हम प्यार कैसे करेंगे वैसे भी आज हमारे जिंदगी की सबसे खूबसूरत रात है तो आज तो सरमाने से
काम थोड़े न चलेगा आज हमारे तन मन का मिलन है - सार्थक ने प्यार से लावण्या को कहा
अच्छा ठीक है पहले कपड़े तो चेंज कर लूं प्लीज मान जाओ अच्छे पति अपने पत्नी की बात मानते है लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
और अच्छी पत्नियां भी अपने पति की हर इच्छा पूरी करती है इसीलिए तुम भी वो करो जो मैं कह रहा हूँ सार्थक ने कहा
बाहत जिद्दी हो सच मे मुझे नही पता था इतना जिद करना भी आपको आता है मैं तो आपको बहुत सीधा समझती थी लेकिन आप जितने भोले भाले और सीधे साधे लगते है उतने है नही , लावण्या ने मुस्कुरा कर कहा
अभी आपने मेरी सरारत देखी कहा है रुको अभी दिखता हूँ कि सरारत क्या होती है सार्थक ने मुस्कुराते हुए कहा और अपने ओठो को उसने लावण्या के ओठो की तरफ बढ़ाया
सार्थक के इरादे जानकर लावण्या छटपटाई और बोली
नही नही प्लीज सार्थक प्लीज नही
लेकिन सार्थक ने लावण्या की एक नही सुनी और उसके गुलाबी लबो को अपने लबो में कैद कर लिया
लावण्या का पूरा जिश्म एक मीठी सी चुभन से सिहर उठा मानो किसी ने 440 बोल्ट का करंट उसके बदन में डाल दिया हो उसका पूरा बदन लरज गया और उसका हर एक अंग मचलने लगा
सार्थक के ओठो की तपिश लावण्या के भावनाओ को भड़काने लगी और उसकी सरम हया और झिझक सब उसकी गर्मी में पिघलने लगा सार्थक की हरकतों से लावण्या का पूरे बदन में मानो चीटियां सी चलने लगी हो
सार्थक ने लावण्या के दोनों हाथों को छोड़ दिया और उसके पूरे बदन को अपने बाहो के घेरे में कैद कर लिया
लावण्या का भी पूरा वजूद मानो अपने आपे से बाहर हो रहा था अनायास ही उसकी आंखें बंद हो गयी और हाथ अपने आप उठ कर सार्थक के इर्द गिर्द जकड़ गए
मानो लावण्या ने खुद को पूरी तरह सार्थक को सौप दिया हो
थोड़ी देर बाद सार्थक ने लावण्या को छोड़ा और उसके ऊपर से हट गया
लावण्या उठी और अपने कपड़े झाड़ने लगी शर्म के मारे उसकी नजर नही उठ रही थी उसने हल्के से अपनी नजर उठा कर सार्थक को देखा
सार्थक के ओठो पर एक मुस्कान थी और आंखों में खुमारी
आप बहुत गंदे हो मुझे आपसे बात ही नही करनी- लावण्या ने बनावटी गुस्से से कहा
क्या कहा ? बात नही करनी, अभी बताता हूँ रुको- सार्थक लावण्या की तरफ फिर से लपका
नही ,नही, करनी है करनी है , प्लीज प्लीज लावण्या सार्थक के इरादे जान कर घबरा गई और अपने हाथों से सार्थक को हल्के से धक्का देते हुए बोली
सार्थक लावण्या को ऐसे घबराता देख कर खिलखिला कर हंस पड़ा और लावण्या झेप गयी
अच्छा आप बैठो मैं आती हूँ चेंज कर आऊँ लावण्या ने कहा और फिर वह बाथरूम में घुस गई
दरवाजा बंद करते हुए सार्थक ने लावण्या को और लावण्या ने सार्थक को देखा दोनो के ओठो पर एक मुस्कुराहट थी और आंखों में प्यार और दिल मे एक चाहत
लावण्या ने दरवाजा बंद करते समय अपना जीभ निकाल और नाक सिकोड़ कर सार्थक को चिढाया और दरवाजा बंद कर लिया
लावण्या की यह हरकत सार्थक को बहुत प्यारी लगी और उसका दिल मोहब्बत से भर गया अनायास ही उसके ओठो पर एक मुस्कुराहट आ गयी
आज की यह रात उनकी जिंदगी की सबसे हसीन रात थी और इस तरह की सरारतो और मुहब्बत का दौर पूरी रात चलनी थी और वे दोनो आज की यह हसीन रात की प्यार की बारिश में पूरी रात नहाते और उसका भरपूर लुफ्त उठाते ।
क्रमशः