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हुस्न का जादू और वासना के अंगारे
भाग एक : पहली किस्स
आज स्कूल के लिए फिर से लेट हो गयी थी डॉली , लगभग भागते हुए जब वो क्लास में पहुँची तो अंदर राज सर की मैथ्स क्लास पहले से शुरू हो चुकी थी….
उन्होने डॉली को देखा और उपहास भरे स्वर में बोल पड़े
“अर्रे….डॉली जी, आप आ गये…..थोड़ा और लेट आते, मेरा पीरियड बस ख़त्म होने ही वाला है….’’
वो कुछ ना बोल पाई बस आँखे नीचे करके खड़ी रही…
“गेट आउट ऑफ माय क्लास एन्ड स्टेंड आउटसाइड”
राज सर की तेज आवाज़ से वो अंदर तक काँप गयी….
क्लास में सबसे पीछे बैठी उसकी फ्रेंड कामिनी ने उसे बाहर जाने का इशारा किया, ताकि राज सर के प्रकोप से वो बच सके…
वो चुपचाप बाहर निकलकर दीवार से अपनी गांड लगाकर खड़ी हो गयी
थोड़ी देर में पीरियड की घंटी बजी और दूसरी क्लास से बाहर निकल रहे बच्चे उसे देखके हंस रहे थे, शायद वो जानते थे की ये तो उसका रोज का है…
वो मायूस सी होकर वापिस अंदर गयी और कामिनी के पास जाकर बैठ गयी
कामिनी : “क्या यार डॉली, आज फिर लेट हो गयी तू, तुझे पता है ना वो राज सर कितना अकड़ू है”
डॉली : “यार, तुझे तो पता है, मोम की वजह से ….”
कामिनी : “हेलो…रहने दे ये बहाने….रात को 2-2 बजे तक तू ऑनलाइन रहेगी तो टाइम से कैसे उठेगी…मैने देखा है तेरा लास्ट सीन आज मॉर्निंग में …देख…ये आख़िरी साल है स्कूल का, इसके बाद कॉलेज में जितनी मस्ती करनी है कर लियो…वहां का टाइम भी इतनी सुबह का नही रहता…पता है ना तुझे….बस, ये आख़िरी के 8 महीने किसी तरह से निकाल ले और टाइम से स्कूल आ जाया कर, वरना 12वी दोबारा करनी पड़ेगी…सोच ले….”
इतना कहकर वो वॉशरूम की तरफ चली गयी..
पर डॉली भी बेचारी क्या करती,
उसके पापा नही थे, कई सालों पहले एक सड़क हादसे में उनकी मौत को गयी थी, माँ ने ही उसे पाला पोसा, जॉब और घर के कामो की वजह से वो भी उसकी तरफ पूरा ध्यान नही दे पाती थी, शायद इसलिए वो इतनी लापरवाह सी हो गयी थी
पर अब उसने सोच लिया था की अपनी आदतों में सुधार करके रहेगी
पर ये लड़के उसे सुधारने दे , तभी ना….’
कामिनी के जाते ही फ्रंट सीट पर बैठा अजीत लपक कर उसके करीब आकर बैठ गया….
उसके शरीर के एहसास से ही उसका बदन गर्म होने लगा…
होता भी क्यों नही, वही तो था, जिसने 2 बजे तक गर्म बातें करके उसे जगा कर रखा था…
पड़ने में वो सबसे होशियार था…
देखने में भी ठीक ठाक सा था…
बातों - 2 में उसने शायद डॉली की नस पकड़ की थी , और ये जान लिया था की अंदर की गर्मी उसे कितना परेशान करती है
अजीत (फुसफुसा कर बोला) : “यार डॉली….कल का प्रॉमिस मत तोड़ना अब….प्लीज़ यार….सिर्फ़ एक क़िस्स्स…..”
उसकी बात सुनके वो और भी गर्म होने लगी….
याद तो उसे आ ही चुका था की कल रात कैसे गर्म बातें करके वो अपनी चुचियाँ चुसवाने के लिए और उसे फ्रेंच किस्स करने के लिए बोल रही थी व्हाट्सएप पर…
और पिछले कई दिनों से उसे टालने के बाद अब उसे रोकना मुश्किल था…
पूरी क्लास भी जानती थी की दोनो का कुछ चक्कर चल रहा है…’’
और दूसरी लड़किया भी अपने बाय्फरेंड्स को ये किस्स वगेहर तो दे ही चुकी थी…
यहां तक की उसकी फ्रेंड कामिनी भी …
पर वो ही अभी तक ये सब करने मे घबरा रही थी…
पता नही उसे किस बात का डर था, बातें तो वो दुनिया भर की कर लेती थी, अंदर गर्मी भी बहुत थी उसमें, पर जब कुछ करने का सोचती या टाइम आता तो काँपने लग जाती थी, साँसे रुक सी जाती थी उसकी…
पता नही ये उसके साथ ही हो रहा था या उसकी उम्र की दूसरी लड़कियों के साथ भी ऐसा ही होता था पहली बार में …
पर जो भी था, वो पहली रेखा पार करने में उसे परेशानी बहुत हो रही थी…
पर अजीत को और संभालना मुश्किल था अब…
उसके हाथ उसकी जाँघो पर आ चुके थे….
साथ वाली रो में बैठी जसप्रीत उन्हे देखके मंद-2 मुस्कुरा रही थी,
अपनी आँखों के केमरे से उनकी हरकतें रिकॉर्ड भी कर रही थी, जो बाद में वो पूरी क्लास को मिर्च मसाला लगा कर सुनाने वाली थी
उसे अपनी तरफ घूरता देखके डॉली वहां से उठी और वॉशरूम की तरफ चल दी…
उसके पीछे-2 अजीत भी उसके पीछे हो लिया…इंग्लीश का पीरियड शुरू होने में सिर्फ़ 5 मिनट का समय रह गया था…
वो लगभग भागती हुई सी बाथरूम में पहुँची और एक खाली केबिन देखके उसके अंदर घुस गयी, वो दरवाजा लॉक करती , उस से पहले ही अजीत भी अंदर घुस आया और दरवाजा लॉक कर दिया
डॉली : “ओ पागल हो गया है क्या अजीत….ये गर्ल्स वॉशरूम है, तुझे किसी ने देख लिया तो बवाल हो जाएगा…”
अजीत : “होता है तो होने दे, मुझे आज बस किस्स चाहिए तेरी”
भाग एक : पहली किस्स
आज स्कूल के लिए फिर से लेट हो गयी थी डॉली , लगभग भागते हुए जब वो क्लास में पहुँची तो अंदर राज सर की मैथ्स क्लास पहले से शुरू हो चुकी थी….
उन्होने डॉली को देखा और उपहास भरे स्वर में बोल पड़े
“अर्रे….डॉली जी, आप आ गये…..थोड़ा और लेट आते, मेरा पीरियड बस ख़त्म होने ही वाला है….’’
वो कुछ ना बोल पाई बस आँखे नीचे करके खड़ी रही…
“गेट आउट ऑफ माय क्लास एन्ड स्टेंड आउटसाइड”
राज सर की तेज आवाज़ से वो अंदर तक काँप गयी….
क्लास में सबसे पीछे बैठी उसकी फ्रेंड कामिनी ने उसे बाहर जाने का इशारा किया, ताकि राज सर के प्रकोप से वो बच सके…
वो चुपचाप बाहर निकलकर दीवार से अपनी गांड लगाकर खड़ी हो गयी
थोड़ी देर में पीरियड की घंटी बजी और दूसरी क्लास से बाहर निकल रहे बच्चे उसे देखके हंस रहे थे, शायद वो जानते थे की ये तो उसका रोज का है…
वो मायूस सी होकर वापिस अंदर गयी और कामिनी के पास जाकर बैठ गयी
कामिनी : “क्या यार डॉली, आज फिर लेट हो गयी तू, तुझे पता है ना वो राज सर कितना अकड़ू है”
डॉली : “यार, तुझे तो पता है, मोम की वजह से ….”
कामिनी : “हेलो…रहने दे ये बहाने….रात को 2-2 बजे तक तू ऑनलाइन रहेगी तो टाइम से कैसे उठेगी…मैने देखा है तेरा लास्ट सीन आज मॉर्निंग में …देख…ये आख़िरी साल है स्कूल का, इसके बाद कॉलेज में जितनी मस्ती करनी है कर लियो…वहां का टाइम भी इतनी सुबह का नही रहता…पता है ना तुझे….बस, ये आख़िरी के 8 महीने किसी तरह से निकाल ले और टाइम से स्कूल आ जाया कर, वरना 12वी दोबारा करनी पड़ेगी…सोच ले….”
इतना कहकर वो वॉशरूम की तरफ चली गयी..
पर डॉली भी बेचारी क्या करती,
उसके पापा नही थे, कई सालों पहले एक सड़क हादसे में उनकी मौत को गयी थी, माँ ने ही उसे पाला पोसा, जॉब और घर के कामो की वजह से वो भी उसकी तरफ पूरा ध्यान नही दे पाती थी, शायद इसलिए वो इतनी लापरवाह सी हो गयी थी
पर अब उसने सोच लिया था की अपनी आदतों में सुधार करके रहेगी
पर ये लड़के उसे सुधारने दे , तभी ना….’
कामिनी के जाते ही फ्रंट सीट पर बैठा अजीत लपक कर उसके करीब आकर बैठ गया….
उसके शरीर के एहसास से ही उसका बदन गर्म होने लगा…
होता भी क्यों नही, वही तो था, जिसने 2 बजे तक गर्म बातें करके उसे जगा कर रखा था…
पड़ने में वो सबसे होशियार था…
देखने में भी ठीक ठाक सा था…
बातों - 2 में उसने शायद डॉली की नस पकड़ की थी , और ये जान लिया था की अंदर की गर्मी उसे कितना परेशान करती है
अजीत (फुसफुसा कर बोला) : “यार डॉली….कल का प्रॉमिस मत तोड़ना अब….प्लीज़ यार….सिर्फ़ एक क़िस्स्स…..”
उसकी बात सुनके वो और भी गर्म होने लगी….
याद तो उसे आ ही चुका था की कल रात कैसे गर्म बातें करके वो अपनी चुचियाँ चुसवाने के लिए और उसे फ्रेंच किस्स करने के लिए बोल रही थी व्हाट्सएप पर…
और पिछले कई दिनों से उसे टालने के बाद अब उसे रोकना मुश्किल था…
पूरी क्लास भी जानती थी की दोनो का कुछ चक्कर चल रहा है…’’
और दूसरी लड़किया भी अपने बाय्फरेंड्स को ये किस्स वगेहर तो दे ही चुकी थी…
यहां तक की उसकी फ्रेंड कामिनी भी …
पर वो ही अभी तक ये सब करने मे घबरा रही थी…
पता नही उसे किस बात का डर था, बातें तो वो दुनिया भर की कर लेती थी, अंदर गर्मी भी बहुत थी उसमें, पर जब कुछ करने का सोचती या टाइम आता तो काँपने लग जाती थी, साँसे रुक सी जाती थी उसकी…
पता नही ये उसके साथ ही हो रहा था या उसकी उम्र की दूसरी लड़कियों के साथ भी ऐसा ही होता था पहली बार में …
पर जो भी था, वो पहली रेखा पार करने में उसे परेशानी बहुत हो रही थी…
पर अजीत को और संभालना मुश्किल था अब…
उसके हाथ उसकी जाँघो पर आ चुके थे….
साथ वाली रो में बैठी जसप्रीत उन्हे देखके मंद-2 मुस्कुरा रही थी,
अपनी आँखों के केमरे से उनकी हरकतें रिकॉर्ड भी कर रही थी, जो बाद में वो पूरी क्लास को मिर्च मसाला लगा कर सुनाने वाली थी
उसे अपनी तरफ घूरता देखके डॉली वहां से उठी और वॉशरूम की तरफ चल दी…
उसके पीछे-2 अजीत भी उसके पीछे हो लिया…इंग्लीश का पीरियड शुरू होने में सिर्फ़ 5 मिनट का समय रह गया था…
वो लगभग भागती हुई सी बाथरूम में पहुँची और एक खाली केबिन देखके उसके अंदर घुस गयी, वो दरवाजा लॉक करती , उस से पहले ही अजीत भी अंदर घुस आया और दरवाजा लॉक कर दिया
डॉली : “ओ पागल हो गया है क्या अजीत….ये गर्ल्स वॉशरूम है, तुझे किसी ने देख लिया तो बवाल हो जाएगा…”
अजीत : “होता है तो होने दे, मुझे आज बस किस्स चाहिए तेरी”