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Incest विदाउट रूल्स फैमिली लव अनलिमिटेड

नीचे पड़ा हुआ लड़का.. अपने दूसरे हाथ को अपने सर पर लगा

कर रो रहा है.. तभी तरुण रोड को दोनो हाथो से पकड़ता

है.. ऑर एक तेज वॉर उसके दूसरे हाथ पर करता है.. इससे उसका

दूसरा हाथ भी टूट जाता है..

अब तरुण के चेहरे पर एक डेंजर्स स्माइल आ गयी है..

वहाँ जो लड़का तानिया के बगल मे खड़ा है…वो वहाँ से

भागने की कोशिश करता है.

तरुण- (तेज चिल्लाते हुए) “ अबे ओये..,…. यदि तू यहा से

भागा.. तो मैं तुझे पक्का जान से मार डालूँगा… ऑर यदि

यही खड़ा रहा तो सिर्फ़ मारूँगा “

उस लड़के के कुछ समझ मे नही आ रहा है की क्या करे..

लेकिन अब उसे एक कदम भी इधा उधर करने से डर लग

रहा है.

तभी सबसे पहले वाले लड़के को थोड़ा होश आता है.. ऑर

भागने के लिए उठता है.. तरुण 1 कदम आगे बढ़ता है.. ऑर

उसके सर के पीछे रोड दे मारता है .. लड़का वही नीचे गिर

जाता है.. तरुण साइड पड़े हुए बड़े पत्थर को उठाता है.. ऑर

उस लड़के के सर पर गिराने ही वाला है की तानिया ज़ोर से चिल्लाति

है

तानिया- (डर से रोते हुए) “ नही भाई.. छोड़ दो इनको.. बहुत गया ”

तरुण तानिया की ऑर देखता है.. ऑर फिर उस नीचे पड़े हुए

लड़के की ऑर देखता है..

वो नीचे पड़ा हुआ दर्द से रो रहा है.. उसके सर से खून

बह रहा है..

तभी तरुण तेज चिल्लाता हुआ उस पत्थर को उस लड़के की कमर

पर पटक देता है.. इससे उस लड़के के मुँह से खून की धार

बहने लगती है..

अब तरुण शैतान की तरह स्माइल कर रहा है.. उसके इस रूप

को देख के पारिया ऑर तानिया की डर के मारे गान्ड फटी हुई

है..

तभी तरुण अपने हाथ से अपना मुँह पोछता हुआ.. इससे तरुण

के हाथ पर लगा हुआ खून तरुण के फेस पर लग जाता है….

तरुण तानिया के पास खड़ा हो जाता है.. अब तानिया उन नीचे

पड़े हुए लड़को को दया की भावना से देख रही है.. वो

दर्द के मारे तड़प रहे है.. लेकिन तरुण के फेस पर एक

छोटी सी डेंजर्स स्माइल है..

बगल मे खड़ा लड़का..

लड़का- “ भाई मुझे छोड़ दो… मैं इनके साथ नही हू.. “

तरुण उसके कंधे पर हाथ रखता है..

तरुण- “ मैं तुझे नही मारूँगा.. लेकिन तुझे मेरा एक

काम करना पड़ेगा “

लड़का- “ जी भाई जो बोलॉगे करूँगा.. लेकिन प्लीज़ मुझे

मारना मत. “

तरुण- “ नही मारूँगा.. अब सुन.. इन्न सब को हॉस्पिटल मे

भरती करवा दे.. ऑर इनको बोल देना.. मेरे खिलाफ अपना मुँह ना

खोले.. अगर खोला तो.. ऊपर ही भगवान से मीटिंग के लिए भेज दूँगा. “

लड़का – “जीभाई समझा दूँगा.. अब जाऊ “

तरुण- “ हा जा ऑर इन्हे भी ले जा “

अब तरुण तानिया की ऑर देखता है..

तरुण- “ तानिया गाड़ी मे बैठो..”
 
तानिया इससे अन सुना कर देती है.. तानिया के फेस पर दर्द

उमड़ रहा है… तरुण तानिया का हाथ पकड़ता है ऑर उसे

गाड़ी के अंदर बैठा देता है..

अब तरुण पारिया की ऑर बढ़ता है. पारिया डर के मारे थोड़ा

पीछे हट जाती है..

तरुण को थोड़ा अजीब लगता है. इसलिए वो रुक जाता है..

तरुण- “ पारिया… तानिया अभी गाड़ी चलाने की हालत मे नही

है. तुम इसे घर पहुचा दो. “

तरुण इतना कह कर पारिया के फेस की ऑर देख रहा है. ऑर उसके

जवाब का वेट कर रहा है… लेकिन पारिया कोई रेस्पॉन्स नही

देती.. बस डरी हुई नज़रो से तरुण की ऑर देख रही है.

तरुण- “ पारिया..??? “

अब पारिया थोड़ा होश मे आती है.

पारिया- “ हा हा.. मैं ले जाउन्गी “

तरुण- “ ह्म तो जल्दी ले जाओ..”

इतना सुन कर पारिया गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठ जाती है.. ऑर

गाड़ी को स्टार्ट करके निकल जाती है.. तानिया ऑर पारिया एक दूसरे से

बिल्कुल भी बात नही कर रहे है.. दोनो के दिल मे थोड़ा डर

बैठा हुआ है..तरुण अपनी बाइक को स्टार्ट करता है.. ऑर तानिया की गाड़ी के

पीछे निकल पड़ता है.

दोनो साथ मे ही घर पहुचते है.. पारिया गाड़ी को गैराज मे

पार्क कर देती है.. तानिया बिना कुछ बोले घर मे चली जाती

है.. पारिया गेट के बाहर खड़ी है.. तभी तरुण सामने बाइक

रोकता है..

तरुण- “ चलो पारिया मैं तुम को घर छोड़ देता है “

पारिया अभी भी थोड़ा डरी हुई है.

पारिया- “ नही मैं चली जाउन्गी “

तरुण- “ अरे अभी कुछ नही मिलेगा.. तुम मेरे साथ चलो

मैं छोड़ दूँगा.. “

इस बार पारिया ने कुछ नही कहा ऑर चुप चाप बाइक पर बैठ

गयी… ऑर तरुण ने बाइक को बाहर की ऑर घुमा दिया..

तरुण तेज स्पीड मे बाइक चला रहा है.. ऑर पारिया उसे रास्ता

बता रही है.. कुछ देर मे तरुण बाइक को रोकता है. ऑर पारिया

उतर जाती है.. पारिया बाइ बोल कर जाने लगती है.

तरुण- “ पारिया.. आज के इन्सिडेंट के बारे मे किसी को मत

बताना “

पारिया- “ ह्म ओके “

इतना कह कर पारिया चली जाती है ऑर तरुण भी वापस घर की ऑर

चल देता है..

तभी तरुण का ध्यान अपने कपड़ो पर जाता है.. उसके जूते

पेंट टी शर्ट सब पर खून लगा हुआ है… वो रास्ते मे ही साइड

मे बाइक रोक देता है.. ऐसी हालत मे तरुण घर नही जा सकता

है… ऑर ऐसी हालत मे वो माल मे शॉपिंग करने भी नही जा

सकता है.. अभी उसके कुछ समझ मे नही आ रहा है की

क्या करे.. यहा इस सहर मे उसका कोई दोस्त भी नही है..
 
तभी तरुण का ध्यान अपने कपड़ो पर जाता है.. उसके जूते

पेंट टी शर्ट सब पर खून लगा हुआ है… वो रास्ते मे ही साइड

मे बाइक रोक देता है.. ऐसी हालत मे तरुण घर नही जा सकता

है… ऑर ऐसी हालत मे वो माल मे शॉपिंग करने भी नही जा

सकता है.. अभी उसके कुछ समझ मे नही आ रहा है की

क्या करे.. यहा इस सहर मे उसका कोई दोस्त भी नही है..

अभी तरुण के दिमाग़ मे सिर्फ़ दो ही नाम आए… सोनम ऑर पारिया

लेकिन पारिया तो पहले से डरी हुई है.. वो वो उसके पास कैसे

जाएगा.. एंड सोनम..उसको तो पहले ही रिजेक्ट कर चुका है..

क्या वो उसकी हेल्प करेगी…

यही सब सोचते हुए.. तरुण की नज़र मिरर मे खुद के फेस

पर पड़ती है.. उस पर खून लगा हुआ है.. तरुण अपना फेस

सॉफ करता है.. ऑर आगे का प्लान सोचता है.

तरुण इस बारे मे सोच ही रहा है .. तभी तरुण का फोन

बजता है. ये पारिया का कॉल है.. तरुण कॉल उठाता है

तरुण- “ हेलो पारिया क्या हुआ..? “

पारिया- “ तरुण एक प्राब्लम हो गयी है.. “

तरुण- “ क्या हुआ. “

पारिया- “ मैं ऐसे फोन पर नही बता सकती…तू “

तरुण- “ ओके तुम रूको मैं तुम्हारे घर आता हू. “

पारिया- “ ओके “

तरुण अपनी बाइक को घुमाता है. ऑर पारिया के घर की ऑर चल

देता है… कुछ ही देर मे तरुण पारिया के घर पहुच जाता

है.. वहाँ पारिया घर के बाहर ही खड़ी तरुण का वेट कर रही

है.

तरुण पारिया के सामने बाइक रोकता है. ऑर तरुण

तरुण- “ हा पारिया बोलो क्या हुआ “

पारिया- “ तरुण मुझसे ग़लती हो गयी..”

तरुण- “ पहले बताओ क्या हुआ. “

पारिया- “ वो तुम ने उन लड़को को मारा है ये बात तुम्हारी

मोम को पता लग गयी है.. “

इस बात को सुन कर तरुण के तो होश ही उड़ गये… तरुण का

दिमाग़ को 440 वॉट का झटका लग गया …

तरुण- “ कैइसस्स्स्सीईए .???? “

पारिया- “ वो मैने तानिया को कॉल किया था.. इस बारे मे

डिस्कस करने के लिए बट ग़लती से आंटी ने कॉल उठा कर सब

सुन लिया “

अब तरुण के दिमाग़ मे तूफान चल रहा है.. शायद कामिनी घर पर गब्बर सिंग की तरह तरुण का वेट कर रही

होगी…

पारिया- “ आई आम सॉरी तरुण, ये सब मेरी ग़लती है “

तरुण थोड़ा होश मे आता है.. ऑर पारिया के कंधे पर हाथ

रखता है..

तरुण- “ नही इसमें तुम्हारी कोई ग़लती नही है.. “

तभी तरुण को अपने कपड़ो वाली प्राब्लम के बारे मे याद

आता है. “

तरुण- “ पारिया अभी मुझे तुम्हारी एक हेल्प चाहिए “

पारिया- “ हा तरुण बोलो मैं क्या कर सकती हू. “

तरुण- “ मेरे कपड़े खराब हो गये है.. क्या मैं तुम्हारे

घर पर चेंज कर सकता हू “

पारिया- “ या ओफ़कौरस तरुण .. ये कोई पूछने की बात है

चलो.. “

तरुण- “ लेकिन एक ऑर प्राब्लम है.. मेरे पास ऑर कपड़े नही

है.. “\

पारिया थोड़ा सोचने के बाद..

पारिया- “ ह्म तो क्या करे.. “

तरुण- “ तुम मेरे लिए कुछ कपड़े बाइ कर ले आना माल से



पारिया – “ ओके .. चलो. “

तरुण बाइक को पारिया के घर के बाहर पार्क कर देता है .. ऑर

दोनो घर के अंदर चले जाते है..
 
तरुण- “ वाउ तुम्हारा घर तो बहुत ब्यूटिफुल है.. बट यहा

कोई नही है “

पारिया- “ थॅंक यू.. मेरे मोम डॅड दोनो ऑफीस गये

है…… तुम कपड़े चेंज कर लो.. एंड तुम्हारा साइज़ बता दो

मैं माल जा रही हू..

तरुण एक चिट पर टी-शर्ट एंड पेंट का साइज़ लिक्ख देता है.ऑर

पारिया को देता है…

तरुण- “ बाथरूम कहाँ है “

पारिया- “ उस साइड.. एंड मैं जल्दी ही आ जाउन्गी.. मैं गेट बाहरसे लॉक करके जा रही हू,.. तुम रिलेक्स करो “

तरुण- “ ओके “

इतना कह कर पारिया बाहर चली जाती है.. ऑर तरुण बाथरूम मे

चला जाता है.. .. तरुण अपने कपड़े निकालने लगता है तभी

उसकी नज़र वहाँ पड़ी पेंटी पर पड़ती है…. तरुण अपने

कपड़े उतारते हुए पेंटी को देख रहा है. उसके दिमाग़ मे

कुछ हॉर्नी बाते चल रही है..

तरुण उस पेंटी को हाथ मे लेता है ऑर उसे पास देखता

है.. यही बिल्कुल सॉफ दिखाई दे रही है… शायद धुलि धूलाई पेंटी है..

तरुण पेंटी को अपनी नाक के पास ला कर

सूँघता है. इसमे एक स्मेल आ रही है.. बट वो ज़्यादा

स्ट्रॉंग नही है.. तरुण थोड़ा एग्ज़ाइटेड होता है.. बट तरुण

खुद को कॉंट्र्ल कर लेता है.. क्योंकि पेंटी बिल्कुल सॉफ है..

तरुण पेंटी को वापस रख कर शवर लेने लगता है.

तरुण कुछ देर मे शवर ख़त्म करके टवल मे बाथरूम

से बाहर आता है.. ऑर मिरर के सामने जा कर खड़ा हो जाता

है. . ऑर खुद की बॉडी को चेक करता है.. उसके बाद तरुण

ऐसे ही टवल मे पारिया का वेट करने लगता है.. तरुण बेड पर

ऐसे ही नीचे पैर लटका कर लेट जाता है.. ऐसे ही तरुण को कुछ

देर मे नींद आ जाती है..

तरुण को पता ही नही चलता.. कब उसे नींद आ गई. तरुण

ऐसे सपने देख रहा है की उसका लंड खड़ा हो गया है..

टवल मे तंबू बन गया है..

तभी तरुण को अपने लंड पर कुछ सॉफ्ट-सॉफ्ट एंड गीला गीला

महसूस होता है. बट तरुण अभी भी नींद मे है.. तरुण को

ऐसा लग रहा है जैसे वो खुद के घर पर है.. ऑर ये टीना या

तन्नू मे से कोई है.. तरुण इससे एंजाय कर रहा है.. लेकिन

कुछ ही देर मे तरुण नींद से जाग जाता है.. तो सामने देख कर

तरुण की आखे फटी की फटी रह जाती है….सामने से

कोई जल्दी मे बाहर की ऑर भाग रही है.. तरुण ठीक

से देख नही पाया.. तरुण को कुछ समझ मे नही आता बट..

तरुण का टवल खुला हुआ है.. तरुण खुद को ऐसे देख कर

शॉक हो जाता है.. शायद ये पारिया होगी.. वो वापस आ गयी

होगी…
 
शायद पारिया ने कुछ किया है.. तरुण खुद के लंड को

देखता है.. वो खड़ा है.. ऑर उसमे कुछ वीर्य लगा है..

जैसे किसी ने उसे लीक करने का ट्राइ किया है.. ऑर लंड के

साइड्स पर लाइट पिंक कलर की लिपीसटिक के निशान है ऑर कुछ लार

भी लगी हुई है.. तरुण समझ जाता है की पारिया ने ही शायद

उसके लंड को अपने मुँह मे लिया है.. बट तरुण को ये समझ

नही आ रहा है की पारिया ने ऐसा क्यो किया… तरुण बाथरूम

मे जा कर खुद को ठीक करता है.. ऑर बाहर आता है.. अभी

पारिया बेड पर आ कर बैठी है..

तरुण- “ पारिया “

पारिया- “ हा तरुण वो तुम्हारे लिए कपड़े ले आई.. ये लो

चेंज कर लो “

इस दौरान पारिया अपने नज़रे चुरा रही है.. वो तरुण से

नज़रे नही मिला रही है.. वो अपने फेस को नीचे किए हुए.

दूसरी ऑर देख रही है.. तरुण वहाँ से कपड़ो के बॅग को ले कर

बाथरूम मे चला जाता है. कुछ देर मे तरुण बाथरूम

से बाहर आने के लिए गेट को थोड़ा ओपन ही किया है की

तरुण को पारिया नज़र आती है. ऑर मिरर मे देख कर खुद का

मेक-अप ठीक रही है.. तरुण का ध्यान पारिया की लिपस्टिक पर

जाता है. वो भी लाइट पिंक कलर की है.. जैसी उसके लंड पर

लगी थी…. ऑर पारिया अभी अपनी लिपीसटिक को ठीक कर रही है…

अब पारिया अपना मेक-अप ठीक कर चुकी है.. तरुण भी बाहर

आ जाता है.. ऑर रूम से बाहर की ऑर चल देता है.. पीछे

पीछे पारिया भी बाहर की ऑर चल देती है.. तरुण पारिया की

लिपीसटिक के बारे मे सोचते हुए ही बाहर हॉल मे आता है..

वहाँ टिया बैठी हुई है. तरुण टिया को देख कर चौंक जाता

है… ऑर जिस बात से तरुण को ज़्यादा झटका लगता है.. वो ये

है की टिया ने भी सेम लिपीसटिक लगाई हुई है.. लाइट पिंककलर की.. ऑर वो भी फैली हुई है..

तरुण का ध्यान डाइरेक्ट टिया की लिपीसटिक पर गया.. तरुण का दिल

जोरो से धड़कने लगा है.. उसे समझ मे नही आ रहा ये

क्या हो रहा है.. वैसे तो टिया कभी लिपीसटिक लगाती नही है..

बट आज………… तरुण ऐसे ही शॉक मे खड़ा है… तभी

टिया भाग कर तरुण के पास आ जाती है.. ऑर तरुण के लिप्त जाती

है.. तरुण कुछ रेस्पॉन्स नही देता है..

कुछ देर बाद तरुण टिया के सर पर हाथ रखता है ऑर टिया को

अलग करता है.. तरुण साइड हो कर सोफे पर बैठ जाता है.. तरुण

की अभी ऐसी हालत है जैसे वो आधा बेहोश हो. तरुण एक

गहरी सोच मे डूबा हुआ है…टिया तरुण की बगल मे आ कर

बैठ जाती है.. वही पारिया भी पर साइड सोफे पर बैठ जाती है..

टिया तरुण के हाथ को अपने हाथ मे लेती है.. ऑर तरुण के फेस

को अपनी ऑर घुमाती है.. अभी तरुण थोड़ा होश मे आता है..

टिया- “ भाई क्या हुआ.. तुम ठीक तो होना…?? “

………………………..
 
टिया तरुण के हाथ को अपने हाथ मे लेती है.. ऑर तरुण के फेस

को अपनी ऑर घुमाती है.. अभी तरुण थोड़ा होश मे आता है..

टिया- “ भाई क्या हुआ.. तुम ठीक तो होना…?? “

तरुण- “ टिया तू यहा क्या कर रही है. “

टिया- “ वो मुझे तानिया दी ने भेजा है. बोल रही थी की

आपसे पूछ कर आऊ,, आप कहाँ है कैसे है.. “

पारिया- “ मुझे तानिया ने कॉल किया था की टिया को यहा ला कर

तुमसे मिलवा दूं.. आंटी तानिया को बाहर नही आने दे रही

है.. “

टिया- “ भाई मोम आपका घर पर वेट कर रही है.. आप बताओ

कुछ हुआ है क्या..? “

तरुण- “ नही टिया कुछ नही हुआ.. तू टेंशन मत ले “

टिया की आखे नम है.. ऑर पारिया उसे सांत्वना दे रही है..

तरुण के फेस पर अब घर की टेंशन आ गयी है..

तरुण सोचता है की अब उसे इस प्राब्लम को फेस करना ही

पड़ेगा.. बट यदि उन लड़को की वजह से उसकी कॉलेज लाइफ का

सच की वो कॉलेज मे एक गुंडा था… ये उसके घर वालों के सामने आ गया तो..

उसके डॅड उसे घर से ही निकाल देंगे…

फिर उसके घर वालों को वो सब भी पता चल जाएगा की तरुण

ने कॉलेज मे कितने कांड किए है..

आज नाइट मे तरुण के डॅड भी घर आने वाले है.. तरुण को

बहुत डर लग रहा है.. तरुण ऐसे सोचते हुए…. तरुण के

दिमाग़ मे एक ही आइडिया आता है की उसके डॅड के आने से पहले

वो अपनी मोम का गुस्सा शांत कर दे..

तरुण को यही आइडिया सही लगता है.

तरुण – “ टिया चलो घर चलते है. “

टिया- “ सच भाई.. अभी कोई प्राब्लम तो नही है ना,, ? “

तरुण- (एक फेक स्माइल के साथ )“ हा कोई प्राब्लम नही है “

तरुण पारिया को भी एक फेक स्माइल देता है ऑर बाइ बोल कर वहाँ

से बाहर निकल जाता है ..

तरुण ऑर टिया बाइक पर बैठ कर घर की ऑर निकल जाते है… अभी

भी तरुण को काफ़ी डर लग रहा है. की क्या होगा.. वो अभी एक

रिस्क लेने जा रहा है… कुछ ही देर मे तरुण घर पहुच

जाता है,.. ऑर बाइक को गेरेज़ मे पार्क करता है.. ऑर गेट की ऑर

चल देता है..

तरुण अभी गेट के सामने खड़ा है.. अब उसका दिल जोरो से

धड़क रहा है. उसका अंगूठा डोर बेल के बटन पर है बट

.वो डोर बेल नही बजा पा रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे

उसके हाथो मे जान ही नही है.. तरुण डर के मारे सुन्न हो

गया है तभी

टिया- “ भाई क्या हुआ..?? डोर बेल बजाओ “

टिया की आवाज़ से तरुण होश मे आता है ऑर हड़बड़ाहट मे

उससे बटन प्रेस हो जाता है..

अब तो तरुण का दिल ऑर तेज धड़कने लगा..

डोर बेल बजते ही डोर ओपन हो गया ऑर सामने

सामने कामिनी खड़ी है. वो तरुण को गुस्से से देख रही

है.. तरुण की तो फट गयी है.. तरुण अपनी नज़रे नीचे कर लेता

है.
 
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