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Incest राजू और बिरजू के रंगीन किस्से। [completed]

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ले बिरजू मार सुट्टा, राजू अपने भाई बिरजू को बीड़ी देते हुए, आज तो नशा ही नही आ रहा है और देसी दारू की बोतल जो कि आधी हो चुकी थी को उठाकर मुंह से लगा कर गटकने लगता है।

रात के सन्नाटे मे दोनो भाई गाँव की एक पुलिया जो उनके घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर थी वहाँ बैठ कर दारू का मज़ा ले रहे थे, और साथ मे बीड़ी के लंबे लंबे कस मारते जा रहे थे, फिर राजू बोतल बिरजू को दे देता है और उससे बीड़ी ले कर कस मारने लगता है, उनका घर उस पुलिया से साफ नज़र आता था, उनका घर खपड़ैल वाला कच्चा मकान था। जिस पर एक बड़ा सा आँगन है और फिर एक पुराने जमाने का बड़ा सा दरवाजा है जो कि उन्हे उस पुलिया से खुला दिखाई पड़ रहा था, दरवाजे के बाहर एक रास्ता है जिसे पूरा गाँव पास की नदी पर जाने के लिए यूज़ करता है उस नदी का घाट भी राजू और बिरजू के घर से 200 मीटर की दूरी पर ही है, उनका यह घर नदी की तरफ का आख़िरी मकान है, और जिस पुलिया पर ये दोनो बैठे थे उसके पीछे की ओर आम का काफ़ी बड़ा बगीचा है, और उस बगीचे के पीछे से थोड़ा बहुत जंगल शुरू हो जाता है, गाँव काफ़ी छोटा है लगभग 40-50 मकान बने होंगे।

बिरजू की उमर लगभग 24 साल के करीब है और राजू उससे 2 साल छोटा है लेकिन दोनो भाई बचपन से ही दोस्तो की तरह रहते है और वह ऐसे लगते है जैसे जुड़वा हो दोनो हट्टे कट्टे और मजबूत कद काठी के है।

"यार बिरजू चूत मारने का इतना मन करता है लेकिन कोई चूत का जुगाड़ ही नही बनता है"

राजू - हाँ यार बिरजू उस दिन थोड़े पैसे जोड़कर चूत के जुगाड़ मे शहर के रंडी बाजार भी हो आए लेकिन भोसड़ी चोदी ने हम दोनो भाई से पैसा ले लिया और दो मिनिट मे ही बोल दिया कि चल हट रे हो गया, मेरा तो लंड भी ठीक से खड़ा नही हुआ था और उस कुतिया ने दो दो कॉंडम मेरे लंड पर लगा दिए थे, भला तू ही बता ऐसे दो मिनट मे क्या चुदाई हो पाती है।

बिरजू - राजू यार चोदने के लिए तो हमारे मोटे लंड को कम से कम दो दो घंटे तो मिलना चाहिए, तभी हम तृप्त हो पाएगे,

राजू - बिरजू हाँ यार तू ठीक कहता है। वैसे मैं जब भी सुधिया काकी की मोटी गान्ड को सोच कर मूठ मारता हू तो कम से कम आधा घंटा तो काकी की मोटी मोटी गान्ड को सोच सोच कर मुठियाने मे लग ही जाता है तब जाकर मेरा माल बाहर निकलता है, और तुझे भी तो इतना ही समय लगता है ना,

बिरजू - हाँ यार तूने कहाँ सुधिया काकी की बात कर दी मेरा तो लंड कड़क होने लग गया है और लूँगी के उपर से दोनो भाई अपने अपने लंड को मसल्ने लगते है, सुधिया काकी भोसड़ी की 50 के लगभग की होगी पर साली के मोटे चुचे और फैले हुए भारी भारी चूतड़ देख कर तो ऐसा लगता है कि सीधे जाकर इसकी मोटी गान्ड मे लंड पेल दू,

और दारू की बोतल से बची हुई दारू गटकते हुए दोनो भाई अपना अपना लन्ड मसल रहे थे,

बिरजू - यार राजू मेरा लन्ड तो मोटी गान्ड का ही दीवाना है।

राजू - बिरजू अरे मेरा भी यही हाल है कि मोटे मोटे चूतड़ मिल जाए तो फाड़ कर रख दू, मोटे चूतड़ों को देख कर तो मेरे मूह से लार टपकने लगती है।

इन दोनो भाई का यह रोज का काम था दिनभर अपने घर के बाहर लूँगी पहनकर बैठ जाते थे और अपने गाँव की सारी नदी की ओर जाने वाली औरतो के मटकते चूतड़ देख देख कर अपना लंड मसल्ते बैठे रहते और जब कोई औरत नही दिखाई देती तो पड़ोस मे रहने वाली सुधिया काकी के आँगन की ओर नज़र गढ़ा कर उसके आने जाने का इंतजार करने लगते और सारे गाँव की औरतो के गदराए अंगो की चर्चा के अलावा इन दोनो भाइयो के पास कोई काम नही था, इत्तेफाक से दोनो के विचार भी बिल्कुल एक जैसे थे, शायद ये इनके खून का असर था।

सुधिया काकी इन दोनो के सगे ताऊ (अंकल) की औरत थी लेकिन सुधिया काकी, इन दोनो की मां कमला की लड़ाई काफ़ी पुराने समय से थी जिसके चलते दोनो परिवार के लोगो का आपस मे बोलचाल नही था, इन दोनो की मा कमला थोड़ी मोटी और भरे भरे बदन की एक 45 साल की औरत थी, उसके दूध और मोटे मोटे चूतड़ों के मुक़ाबले पूरे गाँव मे किसी भी औरत के दूध और चूतड़ नही थे, सुधिया काकी ज़रूर थोड़ा बहुत टक्कर ज़रूर देती थी लेकिन सुधिया काकी अगर 19 थी तो कमला 20 थी, कमला का पति मनोहर लाल जो कि दिन और रात शराब के नशे मे ही रहता था और उसका अधिकतर समय दारू के ठेके पर ही बीत जाता था,

मनोहर लाल के बारे मे गाँव मे एक बात फेमस थी कि काफ़ी साल पहले नदी के किनारे के एक पेड़ के पीछे अपनी मां गोमती जो की अब मर चुकी है को चोद रहा था जिसे गाँव के कुछ लोगो ने देख लिया था.

कमला अपने बेटो के साथ पास के जंगल से लकड़िया काट कर अपना घर चलाती थी, वह रोज सुबह सुबह घर का सारा काम करके दोपहर का खाना बाँध कर अपने साथ ही जंगल ले जाती थी फिर वहां दोनो बेटे लकड़िया काटने लगते और कमला उन लकड़ियो के तीन गथ्थे बना लेती थी।

फिर शाम तक ये लोग लकड़िया लेकर घर आ जाते थे, कमला की एक बेटी थी जो बिरजू से 4 साल और राजू से 2 साल छोटी थी। अभी तीन महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी सो अभी वह अपने ससुराल मे थी।

सुधिया काकी का एक ही बेटा था मदन जिसकी शादी हो चुकी थी वह शहर मे किसी कारखाने मे रोज की मज़दूरी करके वही रहता था और उसकी बीबी संध्या अपने सास ससुर के पास गाँव मे रहती थी वह करीब 28 साल की उमर की रही होगी।

इनके घर के सामने ही एक हॅंडपंप था जो कि कई साल पहले इनके बाप मनोहर और काका किशन लाल (सुधिया का पति) ने मिलकर लगवाया था सो इनकी लड़ाई होने के बाद भी दोनो घर की औरते उसी से पानी भरती थी और वही खुले मे नहा भी लेती थी, और आसपास की कुछ औरते जिनकी पटरी या तो सुधिया या कमला से खाती थी आकर वही नहा लेती थी. राजू और बिरजू अपने घर के सामने लूँगी पहने कुर्सी लगाकर सुबह सुबह वही बैठकर घर के सामने से नदी की ओर जाती औरतो या हॅंडपंप पर नहाती औरतो को देख देख कर बस चूत लंड की बाते करते और लूँगी के उपर से अपना लंड मसलते रहते थे, और दोपहर होने पर अपनी मा के साथ जंगल चले जाते और शाम को आकर फिर घर के सामने कुर्सी डाल कर बैठ जाते और जब रात हो जाती तो दोनो भाई पुलिया पर जाकर दारू पीने लगते और जब रात के सन्नाटे मे खाना खाने के लिए आवाज़ लगती तो दोनो उठ कर घर की ओर आ जाते थे बस इसी तरह इनकी जिंदगी आगे बढ़ रही थी।

सुबह सुबह दोनो भाई घर के बाहर बैठे बैठे।

बिरजू - यार राजू देख संध्या भाभी लाल घाघरा चोली मे क्या मस्त लग रही.

राजू - बिरजू यार इसकी चूत भी मस्त लाल होगी, मदन तो शहर मे काम करता है, और यह बेचारी यहाँ लंड के लिए तरसती रहती है।

बिरजू - यार राजू, (अपना लंड मसल्ते हुए) इसकी ही चूत मारने को मिल जाए तो हमारा भी काम बन जाएगा और इस बेचारी की चूत को भी ठंडक मिल जाएगी और यह बेचहरी हमे दुआए भी देगी की कोई तो इसकी चूत के बारे मे सोचता है।

गाँव मे सभी औरते ज़्यादातर लहंगा और चोली ही पहनती थी और आप तो जानते है पॅंटी या ब्रा गाँव की संस्कृति मे नही है, संध्या पानी भरने के लिए हॅंडपंप के पास आ जाती है और दोनो भाई उसकी मोटी मोटी चूचियाँ और उसके चिकने पेट और नाभि को घूर घूर कर अपना लंड मसलने लगते है, संध्या ने अपना घाघरा नाभि के काफ़ी नीचे बाँधा हुआ था जिससे उसकी नाभि और पेट ऐसा नज़र आ रहा था जैसे कुवारि लौंडियों का पेट नज़र आता है उनकी कुर्सी से हॅंडपंप लगभग 20 मीटर की दूरी पर था।

राजू - यार बिरजू इसको एक बार अपना काला और मोटा लंड निकालकर दिखा दू क्या साली अभी पानी भरते भरते पानी पानी हो जाएगी, देख क्या मस्तानी चुचिया उपर नीचे होती है जब ये हॅंडपंप चलाती है,

बिरजू हस्ते हुए - अगर इसको हम यह बता दे कि जिस हॅंडपंप के डंडे को इसने पकड़ रखा है वह बिल्कुल हमारे लंड की मोटाई का है तो यह डर के मारे हॅंडपंप का डंडा छोड़ देगी और फिर कभी पानी भरने नही आएगी,

राजू हंसते हुए हा हा हा तू ठीक कहता है बिरजू इतना मोटा डंडा तो सुधिया काकी ही पकड़ सकती है पर भोसड़ी की जाने कहाँ गान्ड मरवा रही है नज़र नही आ रही है।

तभी संध्या पानी की बाल्टी लेकर अपने आगन मे चली जाती है और फिर इतने मे सुधिया काकी अपने मोटे मोटे चूतड़ मतकाते हुए बाहर बरामदे की झाड़ू लगाने लगती है, सुधिया काकी के मोटे मोटे चूतड़ देख कर राजू और बिरजू का लंड झटके मारने लगे थे

राजू - मेरी रानी कितनी मोटी और चौड़ी गान्ड है तेरी, हाय बिरजू एक बार इस घोड़ी की मोटी गान्ड मिल जाए तो साली की गान्ड मार मार कर लाल कर देंगे,

तभी सुधिया काकी उनकी ओर मूह करके झाड़ू लगाने लगती है जिससे उसके मोटे मोटे थन आधे से ज़्यादा उसकी चोली से बाहर गिरे जा रहे थे, और उसका चर्बी वाला लटका हुआ पेट और गहरी नाभि और पेट के मसल उठाव को देख कर दोनो भाई का हाथ अपने लंड पर तेज तेज चलाने लगता है,

बिरजू - राजू सुधिया काकी नंगी कैसी लगती होगी रे मेरा तो यह सोच सोच कर पानी ना निकल जाए।

राजू - चिंता मत कर बिरजू अभी थोड़ी देर मे भोसड़ी की नहाने आएगी तब आधी नंगी तो हो ही जाएगी

और दोनों चुपचाप अपने लंड को मसलने लगते है, थोड़ी देर बाद सुधिया काकी अपनी चोली और घाघरा लेकर हॅंडपंप पर आ जाती है, वह अपने घाघरे को अपने घुटनो के उपर करके बैठ कर कपड़े धोना शुरू कर देती है उसकी गदराई पिंदलियो और मोटी मोटी गोरी जाँघो को देख कर राजू और बिरजू के मूह मे पानी आ जाता है, जब सुधिया काकी कपड़े को ब्रश से घिसती है तो उसकी बड़े बड़े पपितो जैसी चुचिया बहुत तेज़ी से उपर नीचे होती है

राजू - यार बिरजू यह साली मादरचोद 50 साल की है पर इसका गदराया शरीर देखकर लंड लूँगी फाड़ कर बाहर आया जा रहा है।

तभी सुधिया काकी अपने दोनो हाथो से अपनी चोली के हुक खोलने लगती है और फिर अपने दोनो हाथ उपर करके अपनी चोली निकालती है उसकी बालो से भरी बगल देख कर दोनो भाई आ हा मज़ा आ गया और उसकी पहाड़ जैसे मोटे मोटे दूध दोनो भाई के सामने आ जाते है, अब सुधिया काकी पालती मार कर बैठ जाती है उसका गदराया उठा हुआ पेट, गहरी नाभि और मोटे मोटे चुचे, और दूध नंगे करके जब वह पालती मार कर बैठ जाती है तो इतनी मस्तानी लगती है कि कोई बेटा भी अपनी मा को इस हालत मे देख ले तो वह अपनी मा के ऐसे मस्ताने नंगे बदन से पूरा नंगा होकर चिपक जाए, यही हाल बिरजू और राजू का था उनका मोटा लंड हल्की हल्की पानी की बूँदो से चिपचिपाने लगा था।

सुधिया काकी ने दो चार मग पानी अपने नंगे जिस्म पर डाला और फिर साबुन से अपनी चुचिया और पेट पर साबुन मलने लगी, जब वह अपने मोटे पपीते जैसे दूध पर साबुन लगा कर रगड़ती तो उसके दूध उसके हाथ मे पूरा समा नही पाते थे, और साबुन की मस्लाई से इधर उधर छतक जाते थे, और फिर अपने उभरे उए पेट पर साबुन मलने लगी,

बिरजू - ये भोसड़ी अपने पेट को ऐसे सहला रही है जैसे कह रही हो आ मेरी चूत मे लंड डाल डाल कर मेरा पेट और उठा दे, हाय राजू क्या मदमस्त घोड़ी है रे मेरा तो पानी छूटने के कगार पर है,

तभी सुधिया काकी एक टांग लंबी करके अपने घाघरे को जाँघ की जड़ो तक चढ़ा लेती है उसकी जंघे भरपूर मसल और गोरी गोरी बिल्कुल कसी हुई लग रही थी,

राजू - इसकी मोटी जंघे तो दो हाथो मे भी ना समाए तो फिर इसके चूतड़ पकड़ने के लिए कितने हाथ लगाना पड़ेंगे, अरे बिरजू एक बात तूने देखा है कि औरत की उम्र ढल जाती है पर उसकी गान्ड और जाँघो की चिकनाहट वैसी ही रहती है, क्या मस्त चोदने लायक माल है, इसे छोटा मोटा चुड़क्कड़ चोद ही ना पाए इस मस्तानी घोड़ी की चूत और गांड तो हमारे जैसा मोटा काला लंड ही मस्त कर पाएगा,

तभी सुधिया काकी ने एक घुटने की जाँघो की जड़ो तक साबुन लगाने के बाद उस जाँघ को मोड मोड दूसरे पैर की जंगो से भी अपना घाघरा हटा कर मोड़ कर साबुन लगाने लगी अब सुधिया काकी उपर से लेकर पेट और कमर तक तो नंगी थी ही साथ ही उसका घाघरा उसकी चूत और जाँघो की जड़ो तक सिमट कर रह गया था और वह अपनी दोनो जाँघो को फैलाए अपनी एडिया पत्थर से घिस रही ही,

राजू - देख बिरजू ऐसे जंघे फैला कर बैठी है जैसे कह रही हो की आके घुस जा मेरे मस्ताने भोसड़े मे।

और फिर सुधिया दोनो पैरो के बल बैठ कर बाल्टी का पानी एक साथ अपने सर से डाल कर खड़ी हो जाती है और बिरजू और राजू की ओर अपनी गांड करके हॅंडपंप चलाने लगती है उसका पूरा घाघरा गीला होकर उसकी गान्ड से चिपक जाता है और उसकी मोटी गान्ड की दरार मे फँस जाता है जिससे उसकी मोटी गान्ड साफ झलकने लगती है ऐसा लगता है जैसे दो मोटे मोटे तरबूज थोड़े थोड़े गॅप मे लगा दिए हो,

बिरजू अपना लंड मसलते हुए - जा के फँसा दू क्या अपना लंड इसकी मोटी गान्ड मे, हाय रे क्या चूतड़ है रे ये तो मादरचोद हमारी जान लेने पर तुली है, यार राजू इसको हमने हमेशा हर तरह से नंगी नहाते देखा है लेकिन इसका भोसड़ा और इसकी मोटी गान्ड नंगी देखने को कभी नही मिली, यार कुछ चक्कर चला कर इसकी मोटी गान्ड और उसका छेद देखने का बड़ा दिल कर रहा है।

राजू - बिरजू एक आइडिया है मेरे दिमाग़ मे।

बिरजू - हाँ तो बता ना यार,

राजू - सुन यह रोज पुलिया के पीछे के खेत मे संडास करने जाती है बस यही एक तरीका है इसकी गान्ड देखने का वहाँ आसपास काफ़ी पेड़ भी है वही छुपकर हम इसकी गान्ड देखने कल चलते है,

बिरजू - ठीक है कल ही इसकी गान्ड का भरपूर मज़ा लेकर इसकी गान्ड देखते हुए वही पर मूठ मारेंगे,

गाँव मे अक्सर औरते अपनी चोली खोलकर वही नहा लिया करती है, सुधिया काकी ने अपने उपर अब मग से पानी डालना शुरू कर दिया और फिर अपना घाघरा ढीला करके एक दो मग पानी अपने घाघरे के अंदर चूत के उपर भी डाला तभी गाँव की एक दो औरते और आ गई और वो भी वही कपड़े धोने लगी और अपनी अपनी चोलिया उतार कर नहाने लगी, उनके दूध और गान्ड का भरपूर आनंद लेने के बाद जब हॅंडपंप पर कोई नही बचा तब राजू बोला।

राजू - अभी लंड हिला ले क्या,

बिरजू - नही यार जब तक मां को नंगी हम दोनो नही देख लेते तब तक हमारा माल निकलता ही कहाँ है

और उन दोनो ने अपनी गर्दन अपने घर के दरवाजे की ओर घुमा दी और अपने घर के आँगन मे देखने लगे।

कमला घर के आँगन मे झाड़ू मार रही थी कमला की मोटी गान्ड के मुक़ाबले पूरे गाँव मे किसी भी औरत की गान्ड नही थी, मोटी मोटी केले के तनो जैसे मसल जाँघो के उपर उसके मोटे चूतड़ ज़रूरत से ज़्यादा बाहर की ओर उठे हुए और बिल्कुल गोल आकार लिए हुए उसकी गान्ड के पाट और गान्ड के बीच की दरार इतनी ज़्यादा विपरीत दिशा मे फैली हुई थी कि खड़े खड़े लंड गान्ड मे घुस सकता था जब वह झुक कर झाड़ू मार रही थी तो उसके विशाल मोटे चूतड़ और ज़्यादा बाहर की ओर निकलकर उसके चलने के साथ थिरक रहे थे,

राजू - अपनी मा की मोटी गान्ड जैसी गान्ड तो इस दुनिया मे कही नही होगी, इन मोटे मोटे चूतड़ों को देख कर तो लगता है मेरे लंड की नशे फॅट जाएगी।

बिरजू - मुझे तो लगता है कि अभी जाकर मा का घाघरा उठा कर अपना मोटा काला लंड सीधे गान्ड मे फसा दू, यार राजू मा के ये मोटे मोटे चूतड़ देख देख कर मेरा लंड लगता है लूँगी मे छेद कर देगा,

राजू - हाँ यार बिरजू तू ठीक कहता है मुझे तो मा की मोटी गान्ड मे अपना मूह भरने का बहुत मन होता है, अगर यह नंगी होकर हमारे सामने आ जाए तो इसको दिन रात चोदते ही रहे,

बिरजू - यह नंगी कैसी दिखती होगी रे मैं तो मा को पूरी नंगी करके देखने के लिए मरा जा रहा हू।

कमला झाड़ू मार कर सीधी उनकी ओर मूह करके खड़ी हुई तो उसका पेट दोनो भाइयो के सामने आ गया कमला अपनी फूली हुई चूत से बस दो इंच उपर अपना घाघरा बाँधती थी,

क्रमशः.................
 
गतान्क से आगे........................

कमला का पेट काफ़ी चर्बी के कारण उठा हुआ था ऐसा नंगा पेट देख कर अच्छे अच्छे तपस्वी मुतने लग जाए, कमला की नाभि इतनी बड़ी और गहरी थी कि किसी भी जवान लंड के टोपे को अगर नाभि मे डाला जाय तो उसका टोपा नाभि मे फिट हो जाए,

राजू - यार बिरजू मा का उठा हुआ पेट देख कितना गदराया हुआ लगता है ऐसा लगता है जैसे 6 माह की गर्भवती हो, सोच बिरजू जब अपनी मा का पेट और नाभि इतनी मस्त और विशाल है तो इसका भोसड़ा कितना फूला हुआ और बड़ा होगा,

बिरजू - अरे अपनी मा के दूध भी कितने मोटे मोटे और बिल्कुल तने हुए है एक एक दूध 5-5 किलो का होगा और निप्पल कितने तने हुए और बड़े बड़े, उस दिन जब हमने मा को हॅंडपंप पर नहाते देखा था तब इसके मोटे दूध और निप्पल देख कर मन करने लगा कि दोनो भाई एक एक दूध को अपने दोनो हाथो से पकड़कर भी दबाएगे तो हमारे दोनो हाथो मे नही समाएगे, और निप्पल तो इतने मोटे मोटे है जैसे बड़े बड़े आकर के बेर होते है, अभी भी इसके दूध मे कितना रस भरा हुआ है,

राजू - अरे बिरजू जब ये कल नहा रही थी तो इसकी जाँघो के पाट देख कर मेरे मूह मे पानी आ गया था ऐसी मोटी मोटी केले के तने जैसे गोरे गोरे जाँघो के पाट को अपने हाथो से मसल्ने और दबाने मे मज़ा आ जाएगा.

बिरजू - चिंता मत कर राजू अब इसके नहाने का टाइम हो रहा है आज फिर हम दोनो इसके मस्ताने नंगे बदन को देख कर लूँगी में ही अपना पानी निकलेंगे,

राजू - बिरजू मुझे तो याद भी नही है की हमने अपनी मा की मासल जवानी का मादक रूप देख देख कर कितनी बार अपना पानी छ्चोड़ा होगा,

बिरजू - अपनी मा की गांड और चूत सूंघने और चाटने का बड़ा मन करता है यार, मा की फूली हुई चूत और मोटी गान्ड की क्या मदमस्त खुश्बू होगी, मैं तो इसको नंगी करके इस पर चढ़ने के लिए मरा जा रहा हू,

और दोनो भाई के काले और मोटे लंड अपनी मा की गदराई जवानी देख देख कर लार टपका रहे थे।

तभी कमला कुछ कपड़े लेकर हॅंडपंप की ओर आ गई, और बिरजू और राजू से - क्यो रे तुम दोनो नही नहाओगे, चलो जल्दी नहा लो फिर हमे जंगल भी चलना है और हॅंडपंप के पास आकर कपड़े रख कर बैठ जाती है और कपड़े धोना शुरू कर देती है।

बिरजू और राजू दोनो के लंड खड़े थे वो दोनो सोच रहे थे कि कैसे लूँगी उतार कर केवल कच्छे मे जाए हमारा मोटा लंड तो खड़ा है,

बिरजू - अरे चल आज अपनी मा को भी अपने मोटे लंड के दर्शन करवा देते है, शायद इसकी भी फूली हुई चूत हमारे काले डंडे को देख कर फड़कने लगे और अगर यह हम दोनो से चुदवा ले तो फिर घर मे ही मोटी गान्ड और चूत का जुगाड़ हो जाएगा और दोनो भाई एक साथ रात भर अपनी गदराई मा को चोद्ते पड़े रहेंगे,

और दोनो भाई अपनी अपनी जगह से उठ कर हॅंडपंप के पास आकर पानी भरने लगे और वही अपनी मा के सामने खड़े हो गये, कमला अपने कपड़े धो चुकी थी

कमला ने बिरजू और राजू से कहा - लाओ तुम्हारी बनियान और लूँगी भी दे दो धो देती हू,

तब दोनो भाइयो ने अपनी अपनी बनियान और लूँगी खोल दी अब तक उनका लंड थोड़ा ढीला पड़ चुका था,

कमला ने उनकी लूँगी और बनियान धो दी और दोनो मुस्टांडो को कहा - अब खड़े क्या हो चलो जल्दी से नहा लो

और अपनी चोली के हुक खोलने लगी और जैसे ही उसने अपने दोनो हाथ उठाकर अपनी चोली खोली उसके मोटे मोटे पपीते एक दम से बाहर आ गये अपनी मा के मोटे मोटे पपितो और गदराए उठे हुए पेट देखाकर बिरजू और राजू का लंड एक दम से खड़ा हो गया और कमला की नज़र अपने दोनो बेटो के मोटे मोटे लंबे डंडे पर पड़ी तो उसका मूह खुला का खुला रह गया क्यो कि दोनो भाई अपनी नंगी मा को देख कर अपने लंड को खड़ा होने से रोक नही सके और उनका लंड फुल अवस्था मे आकर झटके मारने लगा कमला एक तक बड़े गोर से उन दोनो के मोटे डंडे को देखे जा रही थी, तभी दोनो भाई जल्दी से पालती मार कर बैठ गये और अपनी मा की मोटी चुचियो और उठे हुए पेट को देखते हुए उसका चेहरा देखने लगे जो कि उनके मोटे लंड के दर्शन से लाल हो चुका था

तभी कमला ने देखा कि दोनो भाई अपनी मा के गदराए बदन को घूर रहे है तो वह अपने बेटो के चेहरो को देख कर कि कैसे अपनी खुद की मा को अधनंगी देख कर इनका लंड खड़ा हो गया है, उसके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान आ गई,

कमला को चुदे हुए एक जमाना बीत गया था मनोहर लाल अपनी जवानी मे ही शराब के प्रति समर्पित हो गया था इस लिए वह कमला की जवानी को केवेल सुलगा कर छोड़ चुका था और कमला अपनी फूली चूत की प्यास अपने मन मे दबा कर ही अपनी जिंदगी गुजारने लगी थी, पर आज कुछ ऐसा हुआ था कि अपने दोनो हत्ते कत्ते बेटो के मोटे झूलते हुए लंड को देख कर उसकी फूली हुई चूत मे कुछ कुलबुलाहट सी होने लगी थी, और वह अपना संयम खोने लगी थी, ना चाहते हुए भी उसका हाथ एक बार अपनी चूत को घाघरे के उपर से थोड़ा खुरेदने के लिया चला गया और दोनो भाई उसकी इस हरकत को देख कर उसके मन की स्थिति को भाँप चुके थे उनका मोटा लंड बैठे उए भी उनके कछे मे तंबू की तरह तना हुआ था, और वह बिना कमला की परवाह किए अपने शरीर पर साबुन मलते हुए अपनी मा की मोटी मोटी गदराई चुचियो को देख देख कर मज़ा ले रहे थे, कमला की नज़रे अपने बेटो के मोटे लंड पर बार बार जाकर टिक जाती थी और वह भी अपने आप को रोक ना सकी और अपने गोरे गदराए बदन पर पानी डाल कर अपनी मोटी चुचियो पर साबुन लगा कर उन्हे कस कस कर रगड़ने लगी

और अपनी चुचियो को अपने हाथो से दबा दबा कर कहने लगी - सारा दिन झाड़ फुक कर कर के कितना मैल शरीर पर जमा हो जाता है, और अपने हाथो को उठा कर अपनी बगल मे हाथ फेरने लगी,

राजू और बिरजू ने जब अपनी मा की बालो से भरी बगल देखी तो उनका लंड झटके दे दे कर हिलने लगा, दोनो भाई साबुन लगाते लगाते बीच बीच मे अपने लंड को भी मसल देते थे जो कि कमला की चूत से पानी बहाने के लिए काफ़ी था,

कमला ने अब अपनी दोनो जाँघो को थोड़ा फैला कर अपने घाघरे को घुटनो की जड़ो तक चढ़ा कर अपनी गोरी गोरी पिंदलियो और गदराई जाँघो पर साबुन लगाना शुरू कर दिया, दोनो भाई का मन कर रहा था कि अपनी मा को यही लिटा कर उसके नंगे बदन पर चढ़ कर उसे अभी चोद दे, बीच बीच मे कमला अपने घाघरे को जो कि दोनो जाँघो के बीच उसकी चूत के पास सिमट गया था अपनी चूत पर दबा कर अपनी जाँघो को अपने दोनो बेटो को दिखा दिखा कर रगड़ रही थी, फिर अपनी जाँघो पर जब उसने पानी डाला तो उसकी गोरी मोटी मोटी जंघे चमकने लगी,

तभी कमला ने कहा - अरे राजू ज़रा मेरी पीठ तो रगड़ दे, राजू अच्छा मा कहता हुआ खड़ा हो गया और उसका मोटा डंडा उसकी मा के सामने तन गया जिसे कमला देख कर सिहर गई और उसकी चूत बहने लगी,

राजू जल्दी से अपनी मा की नंगी पीठ के पीछे अपने दोनो पैरो के पंजो पर बैठ कर अपनी मा की गोरी पीठ को बड़े प्यार से सहला सहला कर उसकी जवानी का मज़ा लेने लगा,

कमला - अरे बेटा थोड़ा तगड़ा हाथ लगा कर मसल बड़ा मैल हो जाता है पीठ पर,

राजू अपनी मा की पीठ से बिल्कुल लिपट कर तगड़े तरीके से उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा और उसका खड़ा लंड उसकी मा की कमर पर चुभने लगा, अपने बेटे के मोटे लंड की इतनी गहरी चुभन को महसूस करते ही कमला का हाथ अपने बस मे नही रहा और एक बार फिर उसने अपने हाथो के पंजो से अपनी चूत को दबोच लिया,

राजू अपनी मा की पीठ रगड़ता हुआ उसके बगल तक अपना हाथ भरने की कोशिश करने लगा जिससे कमला ने अपने हाथो को थोड़ा फैला दिया और राजू अपनी मा की उठी चुचियो को भी साइड से महसूस करने लगा,

कुछ देर की पीठ रागड़ाई के बाद कमला ने कहा - चल अब जल्दी से नहा लो बेटा फिर हमे जंगल भी चलना है

और कमला खड़ी होकर अपना नाडा खोलने लगी और फिर मग से पानी भर कर अपने बेटो के सामने अपने घाघरे के अंदर एक दो मॅग पानी डाल कर घाघरे के उपर से खड़े खड़े अपनी चूत को एक दो बार मसला और फिर दूसरा घाघरा उठा कर अपने सर से डाल कर भीगा हुआ घाघरा छोड़ दिया, दोनो भाई नीचे बैठे होने के कारण दोनो को दो सेकेंड के लिए अपनी मा की कमर से लेकर पेरो तक पूरी नंगी चूत, मोटी जंघे सब कुछ एक पल के लिए उनकी आँखो के सामने आ गया और अपनी मा की ऐसी गदराई जवानी और फूली हुई चूत देख कर उनके लंड झटके मारने लगे,

कमला दोनो के चेहरे देखकर थोड़ा मुस्कुरई और फिर कपड़े उठाने के लिए जैसे ही झुकी उसकी मोटी गान्ड दोनो के मूह से सिर्फ़ 4 इंच की दूरी पर थी जिसे दोनो आँखे फाड़ फाड़ कर देख रहे थे तभी कमला ने अपना हाथ अपनी गान्ड के पीछे लाकर अपनी गुदा को अपनी चारो उंगलियो से रगड़ा जैसे गीली गान्ड का पानी पोछ रही हो और कपड़े उठा कर खड़ी होकर अपने घर के दरवाजे की ओर चल दी, कमला द्वारा अपनी गान्ड के छेद का पनी पोछने के कारण उसका घाघरा उसकी मोटी गान्ड की दरार मे फस गया और वह अपने बड़े बड़े मोटे तरबूज से चूतड़ मतकाती हुई अपने दरवाजे की ओर जाने लगी,

दोनो भाई का हाल बहाल हो चुका था और दोनो अपनी मा के मटकते मोटे गदराए मसल चूतड़ों और उसमे फँसे उसके घाघरे और उसकी मोटी दरार को देख कर बर्दाश्त नही कर सके और अपना लंड हिलाने लगे और घर के अंदर तक कमला के मोटे मोटे मटकते चूतड़ों को देख देख कर अपना पानी छ्चोड़ने लगे, दोनो भाई अपनी मा के मोटे चूतड़ों को देख कर तबीयत से झडे और फिर एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते हुए यार आज तो मज़ा आ गया , और फिर नहा कर तैयार होकर अपनी लूँगी पहनकर अपनी मा के साथ जंगल की ओर कुल्हाड़ी और रस्सिया लेकर चल पड़े.

आगे आगे कमला अपने भारी भरकम मोटे मोटे चूतड़ हिलाती चल रही थी और पीछेपीछे उसके दोनो बेटे राजू और बिरजू चले जा रहे थे, दोनो की कातिल निगाहे अपनी मा की मस्तानी लचकति गान्ड पर थी और चलते चलते उनकी लूँगी से उनके डंडे सीधे खड़े नज़र आ रहे थे, कमला उनके जस्ट आगे थी इसलिए दोनो कुछ बोल नही रहे थे लेकिन अपनी मा के मस्ताने चूतड़ों को देख देख कर दोनो मंद मंद मुस्कुराते हुए, उनकी नज़रे एक दूसरे से बखूबी बाते कर रही थी, वह दोनो अपनी मा के मसल चूतड़ों को देखने मे इतना खोए हुए थे कि उन्हे यह भी नही पता चला कि कमला ने पीछे मूड कर उनकी नज़र कहाँ है देख लिया था और साथ ही दोनो के मोटे लंड जो लूँगी के अंदर सर उठाए खड़े है उन्हे भी देख चुकी थी.

आज जबसे कमला ने अपने दोनो बेटो के लंड को देखा तब से उसकी चूत भी एक तगड़े लंड के लिए तड़पने लगी थी, इसीलिए कमला को अपने दोनो बेटो द्वारा उसकी मोटी गंद को देखने पर एक अनोखा आनद प्राप्त हो रहा था और वह मन ही मन खुश होती हुई अपनी मोटी गान्ड को जनभुज कर और मतकाते मतकाते चलने लगी, उसकी इस तरह की थिरकन और मटकते चूतड़ों को देख कर दोनो भाई रस से भरे जा रहे थे और उन्ही अपनी मा घाघरे के होते हुए भी नंगी नज़र आ रही थी और दोनो चलते चलते अपने मोटे लंड को मसल्ते जा रहे थे, कमला बीच बीच मे अपने दोनो बेटो को उसकी गान्ड देख देख कर लंड मसलते देखने पर वह मस्त होने लगी और उसकी चूत भी काफ़ी सारा पानी छ्चोड़ने लगी और उसे अपनी गान्ड देख कर अपने बेटो के लंड मसल्ने की हरकत ने सनसना दिया था और वो जानबूझ कर चलते हुए अपनी गान्ड मे खुजली करने लगी जिसे देख कर एक पल को तो राजू और बिरजू को लगा कि अभी पकड़ कर अपनी मा को पूरी नंगी करके यही चोद देते है,

कमला थोड़ी थोड़ी देर मे अपनी गान्ड के छेद मे खुजली करती हुई अपनी मोटी गान्ड ऐसे मटका रही थी जैसे कह रही हो कि आजा और मेरी गान्ड मे लंड डालकर मुझे चोद दे. जब कमला और उसके बेटो ने घर के सामने वाली पुलिया पार कर ली तब फिर आम के बगीचे शुरू हो गये, तब कमला नीचे गिरे हुए आमो को उठाने के लिए जानबूझ कर झुकती और अपनी मोटी गान्ड अपने बेटो को दिखा दिखा कर मज़े ले रही थी, आम का बगीचा क्रॉस करते ही थोड़ा जंगल शुरू हो गया और तभी कमला के पैरो मे कोई काँटा चुबा जिससे वह आह करती हुई झुक कर काँटा निकालने लगी दोनो भाई ऐसे मोके की हमेशा तलाश मे रहते थे उन दोनो ने झट से अपनी मा की मोटी गान्ड पर हाथ फेरते हुए क्या हुआ मा,

कमला - अरे कुछ नही बेटा ज़रा काँटा चुभ गया, कमला झुकी हुई काँटा निकाल रही थी और दोनो भाई प्यार से अपनी मा के चूतड़ सहला रहे थे, घाघरा बिल्कुल पतला होने के कारण राजू ने बड़े प्यार से पीछे से अपनी मा की फूली हुई चूत को अपने पूरे पंजे से सहलाते हुए -निकला मा, और कमला - सी आह अभी नही निकला रे, जब कि काँटा निकल चुका था तभी राजू ने चूत से हाथ हटाया तो बिरजू ने इस बार अपना पूरी हथेली को सीधे अपनी मा की पूरी फूली हुई चूत पर रख कर दबाकर पुंच्छा - नही निकल रहा क्या मा, तब तक कमला की चूत से पानी आ गया और उसके घाघरे से लगता हुआ बिरजू के हाथो मे लग गया, और कमला सीधी होकर चल दी, तब बिरजू अपने हाथ पर लगे पानी को सूंघने लगा और राजू को भी सूँघाने लगा, कमला ने अपने दोनो बेटो को अपनी चूत का पानी सूंघते देख लिया और उसकी चूत बुरी तरह लंड खाने के लिए फड़फड़ाने लगी.

कमला की बुर गीली हो चुकी थी उससे रहा नही जा रहा था, इतने साल की चुदास अचानक अपने दोनो बेटो के मोटे लंड को देख कर उसकी बुर पानी ही पानी फेक रही थी.

जब जंगल मे थोड़ा आगे पहुचे तो कमला ने कहा बेटा मुझे बहुत जोरो की पेशाब लगी है, यह सुन कर दोनो मस्त हो गये,

कमला बेटा यहाँ कही जगह दिख नही रही है तुम दोनो एक काम करो उधर मूह घुमा लो तो मैं पेशाब कर लू, अच्छा मा, और उन दोनो ने अपना मूह दूसरी ओर घुमा लिया कमला जानती थी कि ये दोनो मूड कर ज़रूर देखेंगे इसलिए उसने जानबूझ कर उन दोनो की तरफ पीठ करके बड़े आराम से खड़े खड़े अपना पूरा घाघरा अपनी कमर तक उठा दिया, और दोनो भाइयो ने जल्दी से अपना सर घुमा कर जैसे ही देखा उनका मूह खुला का खुला रह गया उनकी मा पूरी नंगी थी उसके मोटे मोटे फैले हुए भारी चूतड़ और लंबी लंबी और काफ़ी ज़्यादा गदराई मोटी मोटी जाँघो को थोड़ा फैला कर कमला धीरे धीरे अपनी गान्ड पीछे की ओर निकाल कर बैठने लगी, उसकी गान्ड का गहरा मोटा छेद और पूरे एक बीते का फूला हुआ भोसड़ा और भोस्डे की फटी फांको के बीच गुलाबी कलर का बड़ा सा छेद देख कर दोनो के लंड झटको पर झटके मारने लगा और लूँगी पूरी तन कर खड़ी हो गई, और उनकी मा अपने भारी भरकम चूतड़ों को फैलाकर मूतने बैठ गई।

दोनो भाई अपनी फटी फटी आँखो से अपनी मा की मोटी मोटी गान्ड को देखकर अपना अपना लंड लूँगी से निकाल कर मसल्ने लगे उनका मोटा काला लंड 10 इंच के लंबे और 3 इंच के मोटे डंडे जैसे खड़ा था, दोनो भाई अपनी मा की मस्तानी गोरी गान्ड देखकर पागल हो गये उन्होने इतनी मोटी और मस्तानी गंद पूरी नंगी आज तक नही देखी थी, घाघरे के उपर से जितनी बड़ी गान्ड उनकी मा की नज़र आती थी उससे डबल उसके विशाल चूतड़ नंगे होकर उन्हे नज़र आ रहे थे

तभी कमला की फूली हुई चूत से एक मोटी धार एक सीटी की आवाज़ के साथ निकलने लगी जिसे देख कर दोनो भाई के तोपो का रंग लाल हो गया और दोनो अपने लंड को तेज़ी से झटके मारने लगे, करीब 2 मिनिट तक कमला आराम से बैठी मुतती रही फिर जब खड़ी हुई तो अपने घाघरे से अपनी चूत दोनो जांघे फैलाकर थोड़ा झुक कर पोछने लगी और फिर दोनो भाइयो ने अपना सर वापस पीछे घुमा लिया,

कमला मंद मंद मुस्कुराते हुए चलो बेटा मैने पेशाब करली,

तभी बिरजू बोला - मा हमको भी पेशाब करना है आप भी अपना मूह उधर घुमा लो, तो कमला ने कहा ठीक है बेटा कर लो

और दोनो भाई जानबूझ कर थोड़ा सा मुड़े ताकि उनकी मा उनके लंड को आराम से देख सके और अपना सर नीचे झुककर दोनो ने जब अपने खड़े काले काले लंड बाहर निकाले तो कमला उनका लंड देखती ही रह गई, उसकी आँखे फटी की फटी रह गई क्यो कि उसने भी अपने जीवन मे इतने मोटे और बड़े लंड कभी नही देखे थे अपने सामने एक नही दो दो मोटे काले डंडे और उस पर बड़ा सा कत्थे रंग का सूपड़ा देख कर कमला के मूह मे पानी आ गया और उसकी बुर अपने बेटो के मोटे काले लंड देखकर फड़कने लगी, दोनो भाई अपनी मा के लाल हुए चेहरे को देखने लगे, और अपने अपने लंड को वापस अपनी लूँगी मे च्छूपा लिया, कमला ने जल्दी से अपना मूह आगे की ओर किया तब दोनो भाई अपनी मा के पास पहुच कर दोनो ने एक एक हाथ से अपनी मा के चूतड़ों को हाथ लगा कर आगे की ओर धकेलते हुए कहा - चल मा हम पेशाब कर चुके,

जब दोनो ने अपनी मा के मोटे मोटे चूतड़ों को छुआ तो दोनो ही सिहर गये यह ऐसा एहसास था जैसे कोई जबरदस्त कसी हुई गान्ड की औरत सिर्फ़ साडी पहने हो और उसके चूतड़ों को सहलाओ तो कैसा एहसास होता है, क्योकि उनकी मा ने केवेल घाघरा पहना था और घाघरे का कपड़ा काफ़ी चिकना और पतला था

कमला चलते हुए अपने बेटो के सामने अपनी गान्ड ऐसे मटका कर चल रही थी जैसे अभी अपनी गान्ड मरवा लेगी, दोनो भाइयो के मोटे लंड बैठने का नाम नही ले रहे थे और उनकी मा उन्हे नंगी नज़र आ रही थी और वह दोनो बड़े गोर से अपनी मा के मस्ताने चूतड़ों को देखते हुए उसकी गान्ड के पीछे चले जा रहे थे, जंगल पहूचकर दोनो भाइयो ने अपनी अपनी लूँगी को अपनी जाँघो तक मोड़ कर बाँध लिया और पेड़ पर चढ़ कर सुखी सुखी टहनिया काटने लगे, कमला नीचे बैठ कर लकड़िया समेटने लगी, करीब दो घंटे तक लकड़िया काटने के बाद कमला ने कहा अब तुम दोनो नीचे आ जाओ और खाना खा लो।

क्रमशः..........
 
गतान्क से आगे........................

फिर कमला ने अपने साथ लाई हुई रोटिया और साग निकालकर दोनो बेटो को दिया और खुद भी खाने लगी, खाना खाने के बाद एक पेड़ की छाया के नीचे कमला लेट गई और दोनो बेटे उसके पैरो की ओर पेड़ से टिक कर बैठ गये,

कुछ देर पेड़ की छाँव मे लेटे लेटे कमला ने आँखे बंद करते हुए बेटा मैं थोड़ा थक गई हू तो एक घंटा सो जाती हू तुम दोनो कही जाना नही, ठीक।

राजू बोला ठीक है मा तुम सो जाओ हम यही बैठे है और कमला ने अपनी आँखे बंद कर ली,

कमला की आँखो मे नींद कहाँ थी वह आँखे बंद किए लेटी थी लेकिन उसकी आँखो के सामने तो अपने बेटो के काले लंड लहरा रहे थे और उसकी बुर चिपचिपा रही थी.

कुछ देर अपने दोनो पैरो को मोड़ कर पीठ के बल लेटी हुई थी तभी राजू ने बिरजू की ओर इशारा करते हुए जो कि कमला के पैरो के बिल्कुल पास बैठा था को अपनी मा के घाघरे की ओर इशारा किया और बिरजू उसका इशारा समझते ही अपनी मा के दोनो पैरो के बीच मे लटके घाघरे को धीरे से उठा कर उसके घुटनो पर चढ़ा देता है, जिससे कमला के पैरो के बीच की जगह से पूरा घाघरा उठ जाता है अब दोनो भाई चुपके से एक एक कर के अपनी मूह अपनी मा की दोनो टाँगो के बीच घुसा कर अपनी मा का फूला हुआ भोसड़ा देखने लगते है और उनका मूह खुला का खुला रह जाता है उनकी मा का भोसड़ा बिल्कुल पाव रोटी की तरह और फूला हुआ था जिसके बीच एक लंबी लकीर उसकी चूत को बीच से चीर कर गंद के छेद से मिल रही थी यह सीन देख कर उनके लंड झटके मारने लगे और दोनो ने अपने अपने लंड अपनी लूँगी से निकालकर अपने हाथ मे ले लिए और वही बैठे बैठे हिलाने लगे,

राजू- धीरे से यार बिरजू अपनी मा की चूत कितनी गदराई हुई है मेरा लंड देख अपनी मा की चूत को फाड़ने के लिए मचल रहा है,

जंगल के शांत वातावरण मे उन दोनो की कामुक बाते कमला को स्पस्ट सुनाई दे रही थी और उसने धीर से अपनी आँखो को थोड़ा खोल कर देखा तो दोनो के काले काले मोटे लंबे लंड देख कर कमला के मूह मे पानी आने लगा और उससे रहा नही गया वह अपनी चूत खूब नंगी कर के अपने बेटो को दिखाना चाहती थी तभी उसने धीरे से अपनी जाँघो को थोड़ा फैला दिया जिससे उसकी फूली हुई चूत की फांके पूरी तरह खुल गई और उसकी चूत का गुलाबी रस से भरा छेद दोनो भाइयो के सामने खुल गया जिसे देख कर दोनो भाइयो की आँखो मे लाल डोरे तेरने लगे और उन दोनो ने अपने लंड को अपनी मा की फटी हुई चूत देख कर तबीयत से मुठियाना चालू कर दिया, कमला उनके लंड देख देख कर बैचैन हो रही थी और उसका मन कर रहा था कि अभी के अभी इन दोनो के मोटे लंड उसकी चूत को फाड़ फाड़ कर खूब कस कस कर चोदे, तभी बिरजू ने धीरे से मा मा कहते हुए उसकी दोनो जाँघो को और खोल दिया कमला ने भी अब अपने पैरो को पूरा फैला कर पसार दिया जिससे उसकी फटी फांके बिल्कुल अलग हो कर अपनी चूत का पूरा गुलाबी कटाव और काफ़ी तना हुआ लहसुन अपने बेटो को दिखाने लगी, उसकी जाँघो के बीच इतना गेप हो चुका था कि पूरा भोसड़ा साफ दिखाई दे रहा था तभी राजू धीरे से अपने घुटनो के बल आकर अपनी मा के घाघरे मे अपना मूह डालता हुआ अपनी नाक को अपनी मा की फूली हुई खुली चूत के बिल्कुल पास ले गया और बहुत तेज़ी से सास खीच कर अपनी मा की फटी हुई चूत को सूंघने लगा और बिल्कुल मदहोश हो गया और खूब ज़ोर ज़ोर से सास ले ले कर अपनी मा की फूली हुई चूत की मादक गंध को सूंघने लगा, राजू जब अपनी नाक से सास लेकर अपनी मा की फूली हुई चूत सुन्घ्ता फिर जब उसकी सास भर जाती तो वह अपनी नाक से सास छ्चोड़ता जिससे कमला की खुली हुई चूत पर जब गरम गरम सांसो की हवा पड़ने लगी तो वह समझ गई कि उसका बेटा उसकी चूत के बिल्कुल नज़दीक अपनी नाक लगा कर उसकी चूत की मादक गंध को सूंघ रहा है तो वह इतनी चुदासी हो गई कि उसकी चूत से पानी बह बह कर उसकी गंद के छेद तक पहुच गया, फिर बिरजू ने पीछे से हाथ लगा कर राजू को इशारा किया तो राजू ने अपनी मा के घाघरे से अपना मूह बाहर निकाल और फिर बिरजू ने अपना मूह अपनी मा के घाघरे के अंदर डाल कर उसकी चूत की मादक गंध को अपनी नाक से सूंघना शुरू कर दिया, करीब आधे घंटे तक दोनो भाई बारी बारी से अपनी मा की चूत सूंघ सूंघ कर उसे चोदने के लिए मरे जा रहे थे,

और दोनो कहते जा रहे थे यार हमारी मा की भोसड़ी कितनी मस्त और फूली हुई है अगर यह एक एक बार हम दोनो भाइयो का लंड अपनी चूत मे घुसवाकर मरवा ले तो फिर हम इसे दिन रात अपने घर मे नंगी रख कर दिन रात इसकी फूली हुई चूत मारेंगे, कमला अपने बेटो द्वारा खुद की चूत मारने की बात सुन कर सनसना गई और उसे लगा जैसे पड़े पड़े ही उसकी चूत से पेशाब निकल जाएगा, दोनो भाई अपनी मा को चोदने की खुली बाते कर कर के पागल हो रहे थे और फिर जब उनसे बर्दास्त नही हुआ तो वही अपनी मा की फूली हुई बुर को देखते हुए दोनो भाइयो ने तबीयत से अपना लंड हिलाया और अपना सारा माल छ्चोड़ कर हाफने लगे, जब कमला को एहसास हो गया कि दोनो ने उसकी चूत को देख देख कर मूठ मार ली है तब थोड़ा कसमसा कर सोए से उठने का नाटक करती हुई उठ बैठी,

कमला - तुम दोनो कही गये तो नही थे

बिरजू - नही मा हम दोनो तो तेरे पैरो के पास ही बैठे थे,

कमला - अच्छा चलो अब लड़किया रस्सी से बांधो और चलने की तैयारी करो फिर नही तो शाम हो जाएगी

और दोनो भाई अपनी लूँगी ठीक करते हुए लकड़ियो के गत्थे बनाने लगे और फिर सबसे छ्होटा गत्था अपनी मा के सर पे लड़ दिया और बड़े बड़े गटते अपने सर पर लड़ कर अपनी मा को आगे चलने का कह कर पीछे पीछे चलते हुए अपनी मा के गदराए चूतड़ों को देखते हुए घर की ओर चलने लगे.

रात को कमला अपनी खाट पर पड़ी पड़ी अपने बेटो की बातो को याद कर कर के अपनी चूत को सहला रही थी उसकी चूत खूब फूल चुकी थी, तभी उसका मन अपने बेटो की बाते सुनने का होने लगा और वह चुपचाप दरवाजे के पास कान लगा कर सुनने लगी,

अंदर बिरजू और राजू अपना लंड अपने हाथ से सहलाते हुए यार क्या चूत है हमारी मा की इतनी फूली चूत देख कर मेरा लंड तो पागल हो रहा था हाँ यार राजू और अपनी मा की मोटी गान्ड देखी कितनी मस्तानी है यार राजू अपनी मा की चूत और गांड मारने का मज़ा ही कुछ और होगा कितना पानी छोड़ती होगी हमारी मा की फूली हुई चूत, राजू मैने तो जब से उसकी मोटी गान्ड और पेशाब करते हुए उसकी चूत से निकलती पेशाब की मोटी धार देखी तब से मेरा लंड तो उसके मोटे गुलाबी चूत के छेद मे घुसने के लिए तड़प रहा है, हाँ यार राजू अपनी मा को पूरी नंगी करके देखने का इतना मन कर रहा है कितनी गदराई और मोटी जंघे है उसकी, और चूतड़ तो इतने मोटे है जब चलती है तो ऐसे मटकते है की सीधा जा कर अपना मोटा लंड उसकी मोटी गान्ड मे डाल दू और मार मार के उसकी गंद का छेद ढीला कर दू।

हाँ यार राजू मेरा दिल तो अपनी मा की चूत और गांड मारने के लिए तड़प रहा है एक बार हम दोनो भाइयो से अगर हमारी मा चुदवा ले तो उसे पूरी नंगी करके तू आगे से उसकी चूत मारना मैं पीछे से उसकी गान्ड मारूँगा जब हमारी मा की चूत और गांड मे हमारे मोटे मोटे काले लंड घुस कर उसे चोदेगे तो दोनो तरफ से ऐसे मोटे मोटे लंड के झटके खा खा कर वह भी मस्त हो जाएगी तू आगे से उसकी चूत अपने लंड से दबाना मैं पीछे से उसकी मोटी गान्ड मे अपना लंड दाबुँगा तब हमारी मा अपने दोनो बेटो के लंड पर झूला झूल कर खड़ी खड़ी मूतने लग जाएगी।

अब बाहर कमला अपने दोनो बेटो द्वारा उसे तरह तरह से चोदने की बात सुन सुन कर कमला से रहा नही जा रहा था और उसने अपना घाघरा उठा कर वही मूतने के अंदाज मे बैठ गई और अपने बेटो द्वारा उसे चोदने की बाते सुन सुन कर अपनी चूत को अपनी चारो उंगलियो से चोदने लगी और कल्पना करने लगी कि उसके बेटे कैसे पूरे नंगे होकर अपनी मा को पूरी नंगी करके कितने तगड़े झटके अपनी मा की चूत और गंद मे मार रहे है,

यार बिरजू कैसे भी करके हम दोनो को अपनी मा को चोदने के लिए पटाना होगा एक बार भोसड़ी अगर हमसे चुद गई तो फिर समझ लो हम दिन रात उसको घर पर नंगी ही रखेंगे और दिन रात उसको चोद्ते रहेगे, दोनो भाई दारू के नशे मे मस्त होकर अपनी मा की चूत मारने की बाते कर कर के अपना मोटा लंड हिलाते जा रहे थे, और उनके द्वारा खुद को चुदने की बात से कमला अपनी मोटी चूत को मसले जा रही थी, और कुछ देर के बाद अपना लंड हिलाते हुए दोनो ओह मा कितनी मादक गंध थी तेरी फूली हुई बुर की कितनी चौड़ी और फूली बुर है तेरी एक बार अपने बेटो को पूरी नंगी होकर अपने उपर चढ़ा ले मा तेरी ऐसी चूत मारेंगे कि तू खड़े खड़े ही मूते रह नही पाएगी, और अपनी मा का गदराया पेट देखा है जैसे किसी ने चूत मार कर उसे गर्भवती कर दिया हो मेरा तो मन करता है कि उसे इतना नंगी करके चोदु कि वह सच मे गर्भवती हो जाए यार राजू कल जब मा के साथ जंगल जाएगे तब जब वह सो जाएगी तब उसकी बुर को अपने हाथो से ज़रूर सहलाएगे वैसे भी वह थोड़ी गहरी नींद मे सोती है उसका घाघरा उठाकर उसकी चूत को पहले अच्छे तरह से सूँघेगे फिर उसकी चूत को हल्के हल्के अपने हाथो के पंजो मे लेकर उसे खूब दबोचेगे पर कही वह जाग गई तो अरे नही यार वह बड़ी पक्की नीद सोती है अगर थोड़ी बहुत उंगली भी उसकी चूत मे डाल देंगे तब भी उसकी नींद खुलेगी नही, और फिर दोनो भाई अपनी मा की नंगी चूत और गांड की कल्पना करके अपना लंड हिला कर अपना माल निकाल देते है उधर कमला अपने बेटो की बाते सुन कर अपनी चूत मे खूब कस कस कर उंगलिया चलाते हुए झाड़ जाती है, फिर तीनो मा बेटे सो जाते है

सुबह सुबह दोनो भाई अपनी प्लॅनिंग के हिसाब से आम के बगीचे के मे जाकर एक पेड़ से छुप जाते है और सुधिया काकी का उधर आना होता है सुधिया काकी जब उनसे सिर्फ़ 20 मीटर की दूरी पर आकर उनकी और अपनी मोटी गान्ड करके संडास को बैठती है

तब दोनो भाई उसके चूतड़ देख कर होश खो बैठते है और अपना अपना लंड निकाल कर उसकी मोटी गान्ड देख देख कर अपना लंड हिलाने लगते है और सुधिया काकी कि गान्ड देख देख कर वही खड़े खड़े अपना लंड हिलाकर मूठ मार देते है और जल्दी जल्दी अपने घर की और आ जाते हैं, दोनो बही हॅंडपंप पर बैठ कर दातुन करते हुए सुधिया काकी की मोटी गान्ड के बारे मे बाते करने लगते है, लेकिन उन्हे ध्यान नही रहता है कि सुधिया काकी आकर उनके पीछे खड़ी उनकी बात सुनने लगती है

राजू यार सुधिया काकी के चूतड़ कितने भारी है मेरा तो उसकी गान्ड मारने का दिल कर रहा है,

तभी सुधिया काकी बोली हराम के जनो कुत्तो, कमिनो शर्म नही आती मेरी गांड मारने की बात करते हुए हरमियो जाकर अपनी अम्मा की गान्ड मारो मादरचोद के जनो, उसकी गान्ड तो पूरे गाँव मे सबसे मोटी है जाकर अपनी मा की गांड पर चढ़ जाओ हरमियो, तुम कमिने कभी नही सुधरोगे आख़िर हरामी अपने बाप पर गये है उसने भी अपनी अम्मा की गान्ड मारी थी आख़िर खून का असर है तो वह कहाँ जाएगा, नीच कही के

और इतना कह कर बड़बड़ाती हुई अपने घर मे घुस जाती है, दोनो भाइयो का मूड खराब हो जाता है यार राजू इस मादरचोद की गांड तो अब किसी भी हालत मे मारनी ही पड़ेगी मदर्चोद बहुत मा चुदवा रही है, अब हमे इसकी मोटी गान्ड मारे बिना चैन नही आएगा इस रंडी की गान्ड अगर मार मार के फाड़ ना दी तो हम भी अपने बाप की औलाद नही, कुतिया साली सुबह सुबह मा चुदवा के चली गई रंडी, और दोनो भाई अपने घर मे आ जाते है,

कमला घर मे झाड़ू लगा रही थी और दोनो भाई चाय पीते हुए अपनी मा के मोटे मोटे चूतड़ों को थिरकते देख देख कर मज़ा ले रहे थे कमला भी समझ रही थी कि उसके बेटे उसकी मोटी गान्ड को देख देख कर मज़ा ले रहे है,

तभी कमला झाड़ू मारते हुए अपनी गान्ड के छेद को खुजलाने लगी जिससे उसके घाघरे मे एक गहरा सा गेप बन गया और दोनो भाइयो के लंड अपनी मा की मोटी मोटी गान्ड को देख कर खड़े हो गये, कमला झाड़ू मारते मारते अपने मोटे चूतड़ों को अपने बेटो के मूह के सामने लाकर नचा नचा कर झाड़ू मारने लगी दोनो भाइयो को लग रहा था कि अभी अपनी मा का घाघरा उठा कर उसकी गंद मे अपना मूह भर दे, और अपना लंड अपनी लूँगी से सहलाने लगे, तभी बिरजू खड़ा होकर अपने लंड को बाहर निकाल लेता है

तब राजू उसका हाथ पकड़ कर वापस उसे बैठने को कहता है और धीरे से सबर कर यार तू तो मा की गान्ड मे लंड फसाने के लिए मरा जा रहा है, ये अपनी मा है ये इतनी आसानी से अपनी गान्ड नही मरवाएगी इसकी मोटी गान्ड चोदने के लिए हमे बड़े जतन और उपाय करने होंगे लेकिन तू चिंता मत कर एक दिन इसकी मोटी गान्ड हम दोनो भाई ही चोदेन्गे,

कमला अपने बेटो की खुस्फुसाहट भरी बाते सुन लेती है और अपनी गान्ड का छेद सहलाते हुए घर के बाहर कचरा फेंकने चली जाती है, तब राजू यार एक बात देखी है तूने कुच्छ दिन से हमारी मा की गान्ड कुच्छ ज़्यादा ही खुजलाने लगी है मुझे लगता है कि हमारे मोटे काले लंड देख कर इसकी गान्ड और चूत मे खुजली बहुत बढ़ गई है यदि हम थोडा संयम से काम ले तो यह हमे अपनी गान्ड और चूत बड़े आराम से दे देगी बस थोड़ा इसकी चूत का पानी हमे कैसे भी करके बहाना पड़ेगा,

तब बिरजू बोला मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया है राजू बोल बोल कॉन सा आइडिया आया है तेरे भेजे मे, बिरजू यार पहले एक बार यह पता चल जाए कि यह हमारे लंड के लिए तड़प रही है तभी मैं अपने आइडिया के बारे मे आगे सोच सकता हू, राजू अरे यह तो बड़ा आसान है पता करना कि यह हमारे लंड के लिए तड़प रही है कि नही, बिरजू वह कैसे, राजू अगली बार जब हम जंगल जाएगे तब मूतने के बहाने इसे फिर से लंड दिखाने की कोशिश करेंगे अगर यह हमारा लंड देखने की कोशिश करती है तो समझ लेना कि यह हमसे अपनी चूत और मोटी गान्ड मरवाने के लिए तड़प रही है, तभी कमला घर के अंदर आ जाती है और दोनो चुप हो जाते है।

क्रमशः..................
 
गतान्क से आगे........................

कमला -अरे बेटा तुम्हारी बहन के गाँव से एक आदमी आया था और वह बता रहा था कि तुम्हारी बहन तुम्हारे जीजा जी के साथ शहर मे रहने लगी है तुम्हारे जीजा जी की कोई नौकरी शाहर मे लगी है तो तुम दोनो ऐसा क्यो नही करते शहर जाकर अपनी बहन की खेर खबर ले आओ और अगर तुम्हारे जीजाजी हाँ करे तो अपनी बहन को कुछ दिन के लिए लेते भी आना काफ़ी समय हो गया है उसे अपने ससुराल गये हुए , और वैसे भी आज मेरी तबीयत कुच्छ ठीक नही लग रही है तो मैं भी आज जंगल नही जाना चाहती हू तो तुम दोनो आज ही शहर चले जाओ और आज रात अपनी बहन के यही रुक जाना सुबह अगर तुम्हारे जीजाजी कहे तो उसे भी साथ लेते आना,

बिरजू ठीक है मा तू हमारे लिए रोटिया बाँध दे हम अभी चले जाते है,

दोनो भाई शहर की ओर चल देते है, शहर पंहुच कर राजू यार बिरजू बहुत दिन से हमने कोई पिक्चर नही देखी क्यो ना हम कोई पिक्चर देख ले उसके बाद अपनी बहन शीला के घर चलते है, बिरजू तो ठीक है हम लोग पिक्चर चलते है,

दोनो भाई टिकेट ले कर सिनिमा देखने बैठ जाते है मूवी मे एक सीन मे विलेन हीरोइन को किडनॅप करके उसे अपने गॉडाउन मे ले जाता है और उसे चोदना चाहता है लेकिन हेरोइन उसका विरोध करके चिल्लाति है और उस विलेन को छोड़ने नही देती है तब विलेन उसे कहता है तू मुझे नखरा दिखा रही है, अब मैं तेरी ऐसी हालत करूँगा कि तू खुद अपना विरोध भूल कर मुझसे बड़े प्यार से चुदवाएगी और उस हेरोइन को एक पलंग पर सीधा लेटा कर उसके हाथ पलंग के उपर की तरफ बाँध देता है। और उस हेरोइन के दोनो पैरो को फैलाकर एक पैर को दाई और तथा दूसरे पैर को बाई और बाँध देता है, हीरोइन काफ़ी हाथ पाँव मारने की कोशिश करती है लेकिन वह कुच्छ नही कर पाती फिर विलेन उसके कपड़े धीरे धीरे उतारने लग जाता है और वह हीरोइन बहुत रोती और चिल्लाति है लेकिन विलेन उसकी एक नही सुनता है और उसको पूरी नंगी कर देता है अब हीरोइन मारे शर्म के बहुत रोती है और अपने हाथ पाँव को अपने बंधन से छुड़ाने की कोशिश करती है लेकिन विलेन ने उसके हाथ पाँव मोटी रस्सी से बाँध दिया था, हीरोइन अपना मूह एक तरफ करके मारे शर्म के बहुत रोती है और विलेन से उसे छ्चोड़ देने की भीख मांगती है लेकिन विलेन उसकी एक नही सुनता है, अब विलेन जैसे ही उसके पास आता है वह और ज़ोर से चिल्ला चिल्ला कर रोती है तब विलेन सीधे उसके दूध के निप्पल मूह को भर कर चूसने लगता है और हेरोइन बहुत चिल्ला चिल्ला कर विरोध करती है पर विलेन उसके दूध चूस्ता रहता है और हीरोइन के आँखो से आँसू बहते रहते है अब विलेन उसकी चूत मे अपना मूह लगा कर उसकी चूत को चाटने लगता है हीरोइन बहुत रोती है पर जैसे जैसे विलेन उसकी चूत चाटता जाता है वह कसमसाने लगती है और जब विलेन 5-10 मिनिट तक उसकी चूत चाटता है तो हीरोइन रोना बंद कर देती है और चुपचाप अपनी आँखे बंद किए पड़ी रहती है अब विलेन उसकी चूत की फांको को अपने दोनो हाथो से फैला फैला कर खूब कस कस कर उस हीरोइन की चूत चाटने लगता है अब हीरोइन सिसकारी मारने लगती है और तड़पने लगती है विलेन उसकी चूत को लगातार चूस्ता रहता है हीरोइन की चूत का पानी निकलने लगता है और वह अपनी कमर को विलेन के मूह पर मारने लग जाती है, और फिर अचानक झाड़ जाती है, और उसका बदन ढीला पड़ जाता है लेकिन विलेन उसकी चूत को चाटना जारी रखता है लगभग दो मिनिट मे ही हीरोइन फिर से सिसकने लगती है और फिर से अपनी गंद को हिलाने लगती है, अब विलेन धीरे धीरे उसकी चूत चाटता हुआ अपनी शर्ट और बाकी के कपड़े उतार कर नंगा हो जाता है हीरोइन उसके लंड को देख कर अपनी आँखे बंद कर लेती है और विलेन उसकी चूत को कस कस कर चूस्ता रहता है और हेरोइन तड़पने लगती है अब विलेन हेरोइन का एक हाथ खोल देता है फिर दूसरा हाथ भी खोल देता है और विलेन जैसे ही नंगा होकर उसके उपर सोता है हेरोइन उसको कस कर अपनी बाँहो मे भर लेती है और विलेन धीरे से उसे चूमता है तो वह विलेन से कस कर चिपक जाती है और फिर विलेन धीरे से उसके बँधे हुए पैर भी खोल देता है और हेरोइन को छ्चोड़ देता है लेकिन हेरोइन उसे कस कर अपनी बाहो मे भर लेती है और अपनी दोनो जाँघो को फैला देती है बस विलेन यही चाहता था कि वह खुद ही उससे चुदवाये और फिर विलेन उसकी चूत मे अपना लंड डाल देता है और हेरोइन उसे कस कर अपने नंगे बदन से लगाती हुई उससे चुदवाने लगती है इस तरह विलेन उसे उसकी मर्ज़ी से भरपूर चुदाई करता है.

दोनो भाई फिल्म का यह सीन देख कर उत्तेजित हो चुके थे और फिर जब फिल्म ख़तम हो गई तो दोनो बाहर आ गये राजू यार बिरजू तूने देखा फिल्म मे विलेन ने कैसे हेरोइन को चोदा बिरजू हाँ यार कितना नखरा कर रही थी लेकिन विलेन ने क्या आइडिया लगाया और हेरोइन खुद अपनी चूत मरवाने को तैयार हो गई, तभी राजू बोला यार बिरजू इस पिक्चर को देख कर मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया है, बिरजू वो भला क्या राजू यार अगर सुधिया काकी को हम इस तरह बांध कर उसकी चूत चाते तो वह हमसे खुद चुदने को तैयार हो जाएगी, और यदि हम उससे ज़ोर ज़बरदस्ती करेंगे तो वह पूरे गाँव मे हल्ला कर सकती है और हम मुसीबत मे आ सकते है, बिरजू भी राजू की बात से सहमत हो गया और दोनो भाई अपनी योजना के लिए खुश हो गये,

फिर दोनो अपनी बहन शीला के घर की ओर चल दिए, जब वह घर पंहुचे तो एक घाघरा चोली पहने औरत ने दरवाजा खोला तो दोनो भाई एक पल के लिए तो उसे पहचान नही पाए लेकिन तभी वह औरत भैया कहते दोनो भाइयो से चिपक गई और उसकी कसी हुई मोटी मोटी चुचिया दोनो भाई के सीने से दब गई, दोनो भाइयो के तो जैसे होश उड़ गये ऐसी मादक जनाना
खुश्बू की महक उन्हे पहली बार मिल रही थी और अपनी बहन के गदराए बदन से उठती मादक गंध ने दोनो की नसो मे खून की रफ़्तार को एक दम बढ़ा दिया और उन्होने बिना मोका गवाए अपनी बहन के चूतादो के पीछे हाथ ले जाकर दोनो भाइयो ने अपने एक एक हाथ से उसके दोनो चूतादो को दबाते हुए अपनी और खीच कर ओह मेरी प्यारी बहना तू कितनी बड़ी हो गई हम तो तुझे 4-5 महीने बाद ही देख रहे है लेकिन इन चार पाँच महीने मे तू कितनी बदल गई कि तुझे देख कर एक पल के लिए तो हम पहचान ही नही पाए और उसके दोनो और से अपना मूह लगा कर उसके गोरे गोरे गदराए गालो को दोनो भाई चूम लेते है, फिर शीला दोनो का हाथ पकड़ एक अंदर लेकर आती है और उन्हे बैठा कर भैया आप दोनो बैठो मैं आपके लिए पानी लेकर आती हू और अंदर की तरफ जाने लगती है दोनो भाइयो के लंड बिल्कुल खड़े हो चुके थे लेकिन रही सही कसर शीला को अपनी मोटी गंद हिलाकर अंदर जाते हुए देखते ही उनके लंड ने झटके मारना शुरू कर दिया

उसके अंदर जाते ही यार राजू शीला के चूतड़ देख कितने गदरा गये है चार महीने पहले तो इतने गदराए नही थे और उसके दूध देखे कैसे पपितो की तरह बड़े बड़े हो गये है और उसके जिस्म की गंध कितनी मादक है जब इसके जिस्म की गंध इतनी मादक है तो इसकी चूत और मोटी गंद की गंध कितनी मादक होगी, राजू अपना लंड मसलता हुआ अरे बिरजू मुझे लगता है ये जीजा जी का खूब कस कस कर अपनी चूत मे लंड लेती होगी और अपनी गंद भी खूब मरवाती होगी तभी तो इतनी गदरा गई
है, हमे तो पता ही नही था क़ि हमारे घर का माल इतना तगड़ा होगा नही तो हम पहले ही इसकी चूत और मोटी गंद मार मार के सूजा देते, बिरजू अरे तो अभी क्या बिगड़ा है अभी तो असली फूल खिला है इसकी गदराई जवानी का रस तो अब भरा है इसके बदन मे, अब अगर हमे ये चोदने को मिल जाए तो मज़ा आ जाएगा और दोनो भाई अपनी बहन की गदराई जवानी का रस लेने की कल्पना करते हुए अपने मोटे काले लंड को मसल्ने लगे,

तभी उधर से शीला अपने हाथो मे पानी लेकर आई और मुस्कुराती हुई अपने दोनो भाइयो को पानी पिलाया फिर धम से दोनो के बीच बैठ गई, अच्छा भैया मा कैसी है और गाँव मे सब ठीक है ना, बिरजू शीला की मोटी चुचियो को देखता हुआ अरे मा ठीक है और गाँव मे भी सब ठीक है पर हम देख रहे है तू कितनी बड़ी हो गई है, राजू भी शीला की मोटी जाँघो पर अपना हाथ फेरता हुआ, शीला अब तो तू औरतो की तरह दिखने लगी है, शीला थोड़ा शरमाने के बाद अरे भैया शादी के बाद लड़किया औरतो की तरह ही दिखने लगती है, राजू हाँ वही तो हम देख रहे हैकि हमारी प्यारी बहन पूरी औरत बन चुकी है और शीला के गालो को अपने हाथो से सहला देता है और दोनो भाई उसे अपनी बाँहो मे कस लेते है, तभी बिरजू अरे शीला जीजाजी कहाँ है, शीला भैया वो तो काम पर गये है और रात को देर से ही आते है, चलो आप दोनो हाथ पाँव धो लो मैं आप दोनो के लिए खाना बना देती हू, राजू अरे नही शीला हम गाँव से
खाना लाए थे तो हमने रास्ते मे खा लिया है अब हम जीजा जी के साथ रात को ही खाएगे, शीला जैसी आप दोनो की मर्ज़ी, बिरजू अच्छा तू हमारे साथ गाँव चलेगी ना मा ने कहा था कि शीला को भी साथ लेते आना बहुत दिन हो गये है, शीला वो तो ठीक है भैया लेकिन इनसे बोलना तो पड़ेगा ना, बिरजू अरे शीला तू फिकर ना कर मैं जीजा जी से बात कर लूँगा और फिर दोनो भाई हाथ पाँव धोने चले गये, जब वापस आए तो शीला बैठी बैठी सब्जिया काट रही थी और उसके मोटे मोटे दूध बिल्कुल चोली फड़कर बाहर आने को बेताब दिख रहे थे, दोनो भाइयो की कामुक निगाहे अपनी बहन के मोटे खरबूजो पर लगी हुई थी, लेकिन वह दोनो नही जानते थे कि शीला अपने कमिने भाइयो की नज़रो को ताड़ चुकी थी और उसे भी कुछ कुछ मज़ा आने लगा था, तब शीला खड़ी होकर चलो भैया मैं खाना बनाउन्गि आप दोनो रसोई मे ही मेरे पास रहना और अपनी मोटी गंद मतकाते हुए चलने लगी दोनो भाई अपना अपना लंड मसल्ते हुए अपनी बहन की मोटी गान्ड देखते हुए उसके पीछे चल दिए, किचन मे जाकर शीला खाना बनाने लगी और दोनो भाई अपनी बहन से सॅट कर खड़े हो गये, तभी शीला ने देखा की दोनो पागल भेड़िए की तरह उसकी मोटी मोटी चुचीयोको बिल्कुल खा जाने की नज़र से देख रहे थे,

तभी शीला ने अपनी चोली का एक बटन खोलते हुए भैया यहाँ बड़ी गर्मी लग रही है आप चाहो तो बाहर चले जाओ मैं खाना बना कर आती हू, दोनो भाई नही नही तू आराम से खाना बना हम यही खड़े है और अपनी बहन की चुचियो को प्यासी नज़रो से देखने लगे, शीला ने हल्के से मुस्कुराते हुए अपनी बहन को इतने दिनो बाद देख रहो हो इसी लिए दूर जाने का दिल नही कर रहा है आप दोनो का है ना,राजू और बिरजू ने अपनी बहन के गालो को चूमते हुए हमारी रानी बहना कितनी सयानी हो गई है, अब तो शायद तुझे हम याद ही नही आते होंगे जीजा जी जो मिल गये है, शीला नही भैया जीजा जी तो बाद मे है पहले तो आप दोनो ही है जिसे मैं प्यार करती हू और फिर आप की गोद मे तो दिन रात खेली हू फिर आप दोनो को कैसे भूल जाउन्गि, बिरजू अरे शीला वो तो पहले की बात थी जब तेरी शादी नही हुई थी अब तो तू जीजा जी को पा गई है अब तू क्या हमारी गोदी मे बैठेगी, और अपने मोटे लंड को हल्के से मसल्ने लगा, रश्मि दोनो भाइयो की लूँगी मे उठे उनके लंड को देख कर सिहर गई और फिर अपनी चूत का पानी अपने घाघरे से पोंछती हुई, नही भैया आज भी आप दोनो जब मुझे अपनी गोद मे आने को
कहोगे मैं अपने प्यारे भैया की गोद मे चढ़ कर बैठ जाउन्गि, फिर आप जितना चाहे अपनी बहन से प्यार कर लेना , और मैं ये भी जानती हू कि आप अब मुझसे पहले से भी ज़्यादा प्यार
करने लगे है, और बिरजू के सीने से चिपक जाती है जिससे बिरजू का लूँगी के अंदर खड़ा लंड शीला के घाघरे से धकि चूत पर सीधे टकराता है और शीला का उठा हुआ लहसुन का दाना
उसके लंड के टोपे से रगड़ खा जाता है, तभी राजू से सहन नही होता और वह शीला के पीछे से उसकी गंद से सॅट जाता है जिससे उसका मोटा लंड सीधे अपनी बहन की गुदा से टकरा जाता है और शीला अपनी चूत और गंद से सटे दो दो मोटे लंड की चुभन से सनसना जाती है और जब दोनो भाई आगे पीछे से उसकी गंद और चूत पर ज़ोर लगा कर उसके शरीर को अपने शरीर से चिपका लेते है ओह मेरी प्यारी बहना तू आज भी अपने भाइयो को कितना चाहती है, और दोनो भाई अपनी बहन को भींच लेते है और शीला की चूत से पानी बहता हुआ उसकी जाँघो पर रिसने लगता है, तभी कोई बाहर का दरवाजा खटखटाता है और तीनो अलग हो जाते है और बाहर आ जाते है फिर शीला जाकर दरवाजा खोलती है तो उसका पति आ चुका था, दोनो भाई अपने जीजा जी से मिलते है फिर तीनो लोग बैठ कर बाते करने लगते है और फिर बिरजू शीला को कुछ दिनो के लिए अपने साथ गाँव ले जाने की बात कहता है तब शीला का पति रमेश कहता है साले साहेब आज रात आप हमारे साथ ही रुकिये दारू सारू पीते है फिर सुबह सुबह हम
आप तीनो को गाँव की बस मे बैठा देंगे, तब राजू बिल्कुल ठीक जीजा जी वैसे भी आज हमारा पहला मोका होगा आपके साथ बैठने का मज़ा आ जाएगा, और फिर रमेश शराब की बोतल
लेने चला जाता है, फिर तीनो जीजा सालो की बैठक जमती है और शराब का दोर शुरू हो जाता है बीच बीच मे शीला नमकीन और चिप्स आदि लेकर उन्हे लाकर देती है, करीब रात को 12 बजे तक तीनो दारू पीते है, फिर रमेश खूब नशे मे आ जाता है और वह अपनी लड़खड़ाती आवाज़ मे अच्छा साले साहेब अब मैं तो सोने जा रहा हू आप लोग चलने दो, और रमेश अपने रूम मे घुस जाता है,

क्रमशः...................
 
गतान्क से आगे........................

अंदर जाकर रमेश शीला को बाँहो मे भर लेता है,

इधर यार राजू हमारी बहन की मोटी गंद कितनी मस्त है यार मेरा तो पूरा लंड उसकी गंद फाड़ने के लिए मरा जा रहा है, बिरजू यार 4 महीने मे ही चुदवा चुदवा कर कैसी मस्त हो गई है साली इसको एक बार पूरी नंगी देखने का मन हो रहा है, तभी यार कही हमारा जीजा अंदर जाकर हमारी बहन को चोद तो नही रहा है चल अंदर झाँक कर देखते है और दोनो दरवाजे के पास की दरार से अंदर देखने लगते है, और उनका अंदाज़ा सही होता है उसका जीजा उनकी बहन की चोली खोल कर उसके मोटे मोटे चुचे को पकड़ कर दोनो हाथो से कस कस कर मसल रहा था दोनो भाई अपनी बहन की गदराई चुचि देख कर अपना लंड सहलाने लगे तभी रमेश ने शीला के घाघरे का नाडा खोल कर उसे नीचे गिरा दिया और शीला पूरी नंगी हो गई अपनी बहन की फूली हुई चूत और गदराई गंद देखकर दोनो भाई के होश उड़ गये उन्हे यकीन नही हो रहा था कि उनकी बहन घाघरे चोली के अंदर इतनी गदराई और गोरी है दोनो भाई उसकी मस्त बुर और गंद को सूंघने और चाटने के लिए तड़पने लगे

तभी रमेश ने शीला की दोनो टाँगो को फैलाकर उसकी फूली हुई बुर को चाटना शुरू कर दिया और शीला तड़पने लगी इधर दोनो भाई अपने अपने लंड को मसल मसल कर अपनी बहन की नंगी जवानी का लुफ्त उठा रहे थे तभी रमेश ने अपना लंड निकाल कर शीला की चूत मे डाल दिया और शीला आह आह कर के सीसीयाने लगी रमेश तेज तेज उसकी चूत मे धक्के मार रहा था और एक तेज झटके के साथ रमेश का लावा शीला की चूत मे फुट पड़ा रमेश ज़्यादा नशे मे होने के कारण ज़्यादा लंबी पारी खेल नही सका और शीला तड़पति रह गई और फिर रमेश सो गया, अब दोनो भाई अपनी अपनी जगह पर आकर बैठ गये और दोनो ने फिर शराब का गिलास उठाकर पीना शुरू कर दिया उनका लंड अपनी बहन को नंगी देख कर तना हुआ था, और दोनो मन ही मन सोच रहे थे कि चूत हमे क्यो नही मिल पा रही है तभी राजू ने कहा यार बिरजू मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया है बिरजू वह क्या राजू यार अभी शीला काफ़ी गरम है और हमारा जीजा उसे लगता है प्यासी ही छ्चोड़ कर झाड़ गया है यह बड़ा ही अच्छा मोका है अपनी बहन को चोदने का, वह अभी बाते कर ही रहे थे कि अचानक शीला के कमरे का दरवाजा खुला और वह बाहर आ गई,

आज शायद दोनो भाइयो की किस्मत भी उन पर मेहरबान थी, शीला अपना घाघरा चोली पहन चुकी थी और वह अपने भाइयो जो कि चटाई बिच्छा कर शराब पी रहे थे, अरे भैया अभी तक सोए नही और कब तक पीओगे, और शीला उनके पास आकर बैठ गई, राजू अरे शीला नींद ही नही आ रही थी और फिर अभी भी काफ़ी दारू बची है सो हमने सोचा इसे ख़तम करके ही सोते है, पर तू क्यो नही सोई अभी तक और जीजा जी सो गये क्या, शीला हाँ भैया वो तो कब के सो गये है, तभी अचानक शीला की नज़र दोनो की लूँगी मे बने तंबू पर पड़ी तो उसके रोंगटे खड़े हो गये क्यो कि दोनो के लंड अपनी बहन को देख कर ऐसे खड़े हो गये थे जैसे अभी उसकी चूत मे घुस जाना चाहते हो शीला पहले से ही गरम थी और अपने भाइयो का मोटे लंड के एहसास ने उसकी चूत को फिर से पानी पानी कर दिया था, तभी बिरजू ने घाघरे के उपर से अपनी बहन की गदराई जाँघ पर हाथ फेरते हुए, शीला तू खुस तो है ना यहाँ, शीला हाँ भैया मैं खुस हू लेकिन मुझे आप दोनो की याद बहुत सताती है, और मुझे अपने बचपन के दिन बहुत याद आते है जब आप दोनो मुझे अपनी गोद मे बैठा कर प्यार किया करते थे, बिरजू ने अपनी बहन की नंगी कमर मे हाथ डाल कर अपनी और खिचते हुए अरे पगली तू फिकर क्यो करती है और तू जब भी अपने दोनो भाइयो को याद करेगी तेरे भाई तुझसे मिलने चले आया करेंगे, शीला ओह भैया कहते हुए अपने भाई के गले लग गई, तब बिरजू ने उसे अपनी ओर खींच कर उसके मोटे-मोटे दूध को अपनी छाती से कस कर दबा दिया और शीला के मूह से एक हल्की सी आह निकल गई, तब बिरजू ने चुपके से राजू की ओर आँख मार दी तब राजू ने अपनी बहन शीला के मोटे चूतादो को अपनी और दबोचते हुए उससे कहा मेरी प्यारी बहना जितना तुम हमे याद करती हो ना उससे कही ज़्यादा हम तुम्हे याद कर कर के मतलब तुम्हे याद करते थे

शीला दोनो भाइयो के बीच मे बैठी थी और राजू ने शीला की पीठ पर हाथ फेर कर उसे सहला रहा था और बिरजू आगे से शीला की मोटी जाँघो पर हाथ रख कर उसे अपने गले से लगाए हुए था, तभी शीला ने देखा कि बिरजू का लंड इतना कड़ा था कि उसके लंड वाली जगह से उसकी लूँगी हिल रही थी वह समझ गई कि उसके भाई का लंड झटके मार रहा है, तभी शीला भैया आप नही जानते मैं आप दोनो भाइयो की गोद मे बैठने के लिए कितना तरसती हू, तभी बिरजू ने शीला को अपने उपर खिचते हुए उसे अपनी गोद मे बैठा लिया और अचानक उसके खिचने से शीला का हाथ लूँगी के उपर से अपने भाई के खड़े लंड पर पड़ गया और उसकी चूत फड़फड़ने लगी तभी बिरजू ने शीला को थोड़ा उठाकर अपना लंड उसकी गंद के नीचे अड्जस्ट करके उसे अपने लंड पर बैठा लिया उसका मोटा लंड शीला की गंद मे ज़ोर से चुभने लगा शीला की चूत पानी पानी हो गई और उसका घाघरा उसकी गंद के नीचे से पूरा गीला हो चुका था तभी राजू उसके और करीब आ गया और अपनी बहन के दोनो पैरो को अपनी जाँघो पर रख लिया अब शीला अपनी पीठ बिरजू के पेट से सताए उसके खड़े लंड पर बैठी थी और उसके दोनो पैर राजू की जाँघो के उपर रखे थे, बिरजू ने शीला के आगे हाथ लाकर उसकी मोटी चुचियो पर हल्के से रख कर उसे अपनी छाती से दबाते हुए कितनी बड़ी हो गई है हमरी प्यारी बहना ऐसा लगता है जैसे किसी जवान औरत को मैं अपनी गोद मे बैठा कर प्यार कर रहा हू, शीला हाँ भैया अब तुम्हारी बहन एक जवान औरत हो गई है, और अगर तुम्हारी बहन जवान हो गई है तो क्या उसे प्यार नही करोगे, बिरजू ने शीला के गालो पर अपने गाल रगड़ते हुए उसके जिस्म से उठती मादक गंध को सूंघते हुए अरे मेरी प्यारी बहना तू जवान क्या चार बच्चो की अम्मा भी बन जाएगी तब भी मैं तुझे ऐसे ही अपनी गोद मे चढ़ा कर रखूँगा और उसकी मोटी मोटी दोनो चुचियो को अपने दोनो हाथो मे भर कर हल्के हल्के बड़े प्यार से दबाने लगता है शीला ओह भैया अपनी बहन को खूब प्यार करो मैं तुम्हारे प्यार के लिए तरस रही हू, आह ओह भैया आप दोनो मुझे कितना प्यार करते है, मुझे हमेशा ऐसे ही प्यार करते रहना तभी शीला के एक पैर के पंजे के नीचे राजू का लंड जो लूँगी को उपर उठाए खड़ा था आ गया और शीला राजू का लंड अपने पैरो से दबा दबा कर महसूस करने लगी और राजू सिहर गया और उसने शीला को प्यार जताते हुए धीरे से उसका घाघरा उसकी जाँघो तक चढ़ा दिया राजू अपनी जवान बहन की गतीली गोरी गोरी मोटी जंघे देख कर अपने होश खोने लगा और उसकी गदराई मोटी जाँघो पर अपना हाथ फेरने लगा, अब शीला से बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था तो उसने कहा भैया आज हम यही पर आपके साथ लेट कर बाते करते है

तब दोनो भाइयो ने शीला को बीच मे लिटा दिया और आस पास दोनो भाई उसी चिपक कर लेट गये दोनो के लंड शीला की दोनो और से उसकी मोटी मोटी जाँघो पर चुभ रहे थे और शीला से अब नही रहा गया और उसने अपने एक एक हाथ से दोनो की लूँगी मे हाथ डाल कर दोनो के लंड को पकड़ लिया उनके मोटे तगड़े लंड का स्पर्श पाकर शीला पागल हो गई और अपने हाथो से कस कस कर अपने दोनो बड़े भाइयो के लंड को दबोच दबोच कर दबाने लगी इधर शीला की इस हरकत से राजू और बिरजू ने झट से अपनी बहन की एक एक चुचि को अपने हाथो मे कस लिया और जितना तेज शीला उनका लंड मसल्ति उतना ही तेज दोनो भाई अपनी बहन की चुचि को मसल्ने लगे, और फिर उन दोनो ने अपनी बहन की चोली को खोल कर अलग कर दिया और उसको कसी हुई मोटी मोटी चुचियो को कस कस कर दबाने लगे शीला हाय भैया हाय ये क्या कर दिया भैया मैं मर जाउन्गि और दबाओ ना रूको मत खूब कर कर दबाओ भैया सारा रस निकाल लो अपनी बहन की चुचियो का आह आह आह हाय सी सी अह्ह्ह्ह आहह हाँ भैया ऐसे ही और ज़ोर से मस्लो आ बहुत मज़ा आ रहा है ओह ओह आह आह ओ मेरे प्यारे भैया आह आह तभी राजू ने शीला के घाघरे का नाडा खोल दिया और उसे पूरी नगी कर दिया और दोनो भाई ने अपनी अपनी लूँगी खोल कर अलग कर दी शीला ओह बाप रे कितने बड़े लंड हैं भैया आप दोनो के और उनके लंड को मूह मे भर भर कर चूसने लगी दोनो भाइयो ने अपनी बहन की चुचि को कस कस कर दबाना शुरू कर दिया दोनो इतनी ज़ोर से अपनी बहन की चुचिया दबा रहे थे कि वह लाल पड़ चुकी थी फिर दोनो भाइयो ने उसकी एक एक चुचि को अपने मूह मे भर कर पीना शुरू कर दिया शीला आह आह ओह भैया आ आ और चूसो और चूसो अपनी बहन की चुचियो को खा जाओ पूरी आह आह ओ भीया मैं मर जाउन्गि, ओह ओह कितना प्यारा लंड है आपका मैने ऐसा लंड कभी नही चूसा ओह ओह और खूब कस कस कर शीला अपने भाइयो का लंड पी रही थी,

फिर दोनो भाइयो ने अपनी बहन को खड़ी कर दिया और उसकी मदमस्त गदराई जवानी को देख कर पागल हो उठे राजू ने अपने सामने नंगी खड़ी अपनी बहन की चूत मे घुटनो के बल बैठ कर अपना मूह लगा दिया और उसकी बुर को अपने हाथो से फैला फैला कर चाटने लगा, इधर बिरजू अपनी बहन के पीछे अपने घुटनो पर खड़ा होकर अपनी बहन की गंद को अपने हाथो से चौड़ा करके उसकी गंद को चाटने लगा, दोनो और से एक साथ दो दो गरम जीभ से अपनी गंद और चूत की चटाई से शीला पागल हो गई और पागलो की तरह ज़ोर ज़ोर से सीसीयाने लगी ओह भैया ओह भैया मैं मर जाउन्गि और चॅटो और चॅटो भैया और ज़ोर से चूसो भैया दोनो भाई ने अपनी बहन को गंद और चूत पर अपना मूह पूरी ताक़त लगाकर अपना मूह दबा दबा कर अपनी मस्त जवान बहन की मस्तानी गंद और चूत को चाट चाट कर बिल्कुल लाल कर दिया शीला उनकी इस भयानक चटाई से खड़े खड़े ही मूतने लगी और उसकी बुर ढेर सारा पानी छ्चोड़ने लगी तभी दोनो भाइयो ने उसको घुमा कर अब राजू अपनी मस्तानी बहन की गंद चाटने लगा और बिरजू उसकी चूत का रस पीने लगा, और शीला हाय हाय करते हुए खड़े खड़े मूतने लगी दोनो भाई बार बार उसको घुमा कर कभी एक भाई चूत दूसरा उसकी गंद चाटता और फिर उसे घुमा लेते और फिर उसकी गंद और चूत चाटने लगे लगभग 30 मिनिट तक दोनो भाइयो ने अपनी बहन की गंद और चूत चाट चाट कर लाल कर दिया शीला 4-5 बार खड़े खड़े मूत चुकी थी अब उसके पैरो मे जान नही बची थी और उसके पैर काँपने लगे तभी बिरजू खड़ा हो गया और अपनी बहन को अपनी गोद मे चढ़ा कर उसके पैरो को अपनी कमर के आस पास लपेट कर उसकी चूत मे अपना मोटा काला लंड फसा देता है और उसे अपने लंड पर अच्छे से टांग लेता है और शीला अपने भाई के लंड पर चढ़ कर चुदने लगती है इधर राजू बैठे भी अपनी बहन की गंद को थूक लगा लगा कर अपनी उंगली उसकी गंद मे भरने लगता है शीला ज़ोर ज़ोर से आह आह ओह ओह आ आ ओह करने लगती है तभी राजू खूब सारा थूक अपने लंड पर चोपड़ते हुए अपने लंड को अपनी बहन की खुली गंद के छेद मे लगा कर एक झटका मारता है और उसका लंड आधा उसकी बहन की गंद मे उतर जाता है और शीला ओह भैया मर गई रे फाड़ दी मेरी गंद रे आआआ अया अया ओह ओह सी सी तभी राजू अपनी बहन की गोरी गोरी मोटी गंद को अपने हाथो से फैला कर दूसरा झटका इतना तेज मारता है कि उसका पूरा लंड अपनी बहन की गदराई गंद को फादता हुआ पूरा उसकी मोटी गंद के छेद मे समा जाता है और शीला बिरजू की छाती से चिपक जाती है अब दोनो भाई आगे पीछे से अपनी बहन की गंद और चूत को चोदने लगते है करीब 20 मिनिट की तगड़ी चुदाई से शीला बिल्कुल मस्त हो जाती है और ओह भैया मारो और मारो अपनी बहन की गंद फाड़ दो भैया बहुत मज़ा आ रहा है मेरे प्यारे भैया खूब चोदो अपनी बहन को आह आह आह आह ओह ओह सी ओर फिर शीला की चूत पानी छ्चोड़ने लगती है तभी बिरजू अपनी बहन को अपनी गोद मे उठाए उठाए लेट जाता है और शीला को अपनी छाती से चिपका लेता है और राजू उसकी गंद मे लंड फसाए उसकी गंद को चोदने लगता है अब दोनो भाई एक उपर से तो दूरा नीचे से सतसट लंड अपनी बहन की गंद और चूत मे मारने लगते है और शीला आह आह चोदो और चोदो अया आ आ फाड़ दो आह फाडो और फाडो पूरी गंद और चूत फाड़ दो भैय्ाआआआअ आ आ आ आ कहती हुई झाड़ जाती है, इस तरह दोनो भाई अपनी बहन को रात भर मे कम से कम 4 बार चोद चोद कर उसकी चूत और गंद फाड़ फाड़ कर लाल कर देते है और फिर तीनो पड़े पड़े एक दूसरे के अंगो को सहलाते हुए सो जाते है, सुबह शीला जल्दी उठ कर गाँव जाने की तैयारी करती है और फिर उनका जीजा उनको बस मे बैठा देता है और दोनो भाई अपनी प्यारी बहन को लेकर अपने गाँव की ओर चल देते है.

गाँव की बस मे तीन की सीट पर तीनो भाई बहन बैठ गये थे शीला दोनो भाइयो के बीच बैठी थी और दोनो भाई मोका देख देख कर अपनी प्यारी बहन की मोटी जाँघो को सहलाते हुए उससे बाते करते जा रहे थे, शीला भी मज़ा लेती जा रही थी और रात भर अपनी चूत और गंद अपने भाइयो से मरवाने के बाद भी उसकी चूत से पानी आ गया था क्यो कि दोनो भाई उसकी मोटी जाँघो की जड़ तक हाथ पहुचा देते थे, उसकी चूत फूलने लगी थी, कभी कभी तो मोका देख कर राजू और बिरजू उसकी फूली हुई चूत को अपनी मुट्ठी मे दबोच लेते थे, शीला को खूब मस्ती चढ़ रही थी, इसी तरह मस्ती मारते हुए तीनो अपने गाँव पहुच गये, शीला अपनी मा से मिलकर बहुत खुस हुई और कमला भी अपनी बेटी से मिलकर काफ़ी खुस लग रही थी, कमला ने फिर शीला से उसके पति के बारे मे पूछा और फिर शीला को आराम करने को कह कर गाँव मे कही पड़ोस मे चली गई तब दोनो भाइयो ने शीला को अपनी बाँहो मे भर कर एक उसके मोटे चूतादो को दबाने लगा दूसरा उसकी मोटी चुचियो को कस कस कर मसल्ने लगा, शीला अब पूरी गरम हो गई थी, राजू और बिरजू शीला को बैठा कर उसकी चूत को फैला कर उसके दाने को अपनी उंगलियो से छेड़ रहे थे और उसकी मोटी गंद के छेद मे उंगली कर रहे थे, शीला जब से तू शादी करके गई है तेरे चूतड़ कुच्छ ज़्यादा ही बढ़ गये है, क्या जीजा जी तेरी गंद भी मारते थे, शीला अरे कहाँ भैया वो तो मुझे दम भर के चोद्ते भी नही थे असली चुदाई क्या होती है ये तो मेरे प्यारे भाइयो से मुझे पता चला, बिरजू बहना तेरी मोटी गंद देख कर हमारा लंड तो कल से ही पागल हो रहा है, भैया आप लोगो को औरतो की मोटी गंद बहुत पसंद है ना, राजू हाँ शीला जब हम किसी भी औरत की मोटी गंद देखते है तो हमारा लंड अपने काबू मे नही रहता है फिर दोनो भाइयो ने शीला का घाघरा उठा कर उसकी चूत और गंद की जम कर कुटाई की और उसके बाद शीला सो गई,

रोज की तरह दोनो भाई अपने घर के बाहर बैठ कर हॅंडपंप से नहाने आती औरतो को देखने लगे, जब सुधिया काकी नहाने आई तो उनका सिनिमा हाल मे बनाया हुआ प्लान याद करके सोचने लगे इस कुतिया की गंद कैसे मारी जाए, तभी सुधिया काकी की बहू बाहर आ गई और सुधिया काकी उससे कहने लगी बहू मैं नहा कर ज़रा खेतो की ओर जा रही हू दोपहर को वही रहूगी तू खाना खाकर ये कपड़े धो लेना और फिर सुधिया काकी नाहकार अपने खेतो की ओर निकल गई, शीला के आने के कारण आज कमला ने जंगल जाने का प्रोग्राम कॅन्सल कर दिया था इसी लिए बिरजू और राजू गाँव मे घूमने का कह कर सुधिया काकी के खर्तो की ओर चल दिए सुधिया काकी के खेत के आसपास बहुत ज़्यादा आम के पेड़ थे उन्ही मे से एक पेड़ के नीचे सुधिया काकी ने दोपहर को आराम करने के लिए एक झोपड़ी नुमा मदैइया बना रखी थी और सुधिया काकी उस मॅडीया की खाट पर अपनी टाँगे फैला कर सो रही थी और खेत से दूर दूर तक कोई नज़र नही आ रहा था दोपहर के टाइम अक्सर लोग अपने घरो की ओर चले जाते थे बिरजू और राजू चुपचाप सुधिया काकी की मदैइया मे घुस गये और वहाँ पड़ी रस्सी से सुधिया काकी के दोनो हाथो को पकड़ कर खाट से बाँधने लगे तभी सुधिया काकी की आँख खुल गई और उसने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया तब तक दोनो भाई उसके हाथ खाट से बाँध चुके थे, तब बिरजू ने एक कपड़ा उठाकर सुधिया काकी के मूह पर भी बाँध दिया अब सुधिया काकी चिल्लाना चाहती थी लेकिन उसके मूह से गु गु की आवाज़ ही निकल पा रही थी, तभी राजू ने उसका एक पैर पकड़ कर उसे भी खाट के एक पाए से बाँध दिया और बिरजू ने जल्दी से दूसरा पैर भी बाँध दिया, अब सुधिया काकी आँखे फाडे दोनो भाइयो को देख रही थी लेकिन खुच्छ बोल नही पा रही थी तब दोनो भाइयो ने अपना अपना मोटा काला लंड बाहर निकाल कर सुधिया काकी को दिखाते हुए मदर्चोद बहुत मा चुदा रही थी तू उस दिन क्या बोल रही थी कुतिया कि जा कर अपनी मा पर चढ़ जाओ, तभी बिरजू अरी हरम्जदि हम अपनी मा पर तो चढ़ेगे ही पर पहले तेरी मस्तानी चूत और गंद का बजा बजा कर तुझे तो जन्नत की सेर करवा दे फिर अपनी मा पर भी चढ़ जाएगे और सुधिया काकी का उनकी बाते सुन कर चेहरा खोफ़ से डर गया और वह अपने हाथ पाँव पर अपनी पूरी ताक़त लगा कर अपने बंधन छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन असफल रही तभी बिरजू ने एक झटके मे सुधिया काकी का घाघरा उसके पेट तक चढ़ा दिया और सुधिया काकी पाँव से लेकर पेट तक पूरी नंगी उनके सामने थी सुधिया काकी शायद अपने झांत के बाल बना लेती थी इसी लिए उसकी चूत लाफ़ी फूली और चिकनी नज़र आ रही थी दोनो भाई सुधिया काकी की चिकनी चूत देख कर पागल हो गये राजू तुरंत सुधिया काकी की चूत से भिड़ गया और उसको अपने हाथो से फैला कर चाटने लगा, तभी बिरजू ने सुधिया काकी की चोली को खोल दिया और सुधिया काकी के मोटे मोटे पपीते उसके सामने थे और वह उन दोनो पपितो को कस कस कर दबाते हुए उनके मोटे मोटे निप्पल को अपने मूह मे भर कर चूसने लगा, सुधिया काकी अपनी चूत और दूध की ऐसी चुसाइ से एक दम सनसना चुकी थी और उसकी बुर ने ना चाहते हुए भी पानी छ्चोड़ना शुरू कर दिया दोनो भाई जानते थे कि इस कुतिया को जब तक 4-5 बार नही झाड़ा दिया यह कभी भी मा चुदवा सकती थी इसलिए दोनो भाइयो ने सुधिया काकी की रसीली चूत और दूध को लगातार चूस्ते रहे और सुधिया काकी शुरू शुरू मे तो काफ़ी ताक़त अपने हाथ पाँव को छुड़ाने मे लगा रही थी लेकिन लगभग आधे घंटे की चूत और दूध चुसाइ के बाद उसके हाथ पाव ढीले पड़ गये और वह अब चुपचाप पड़ी अपनी चूत और दूध चूसा रही थी और उसका चेहरा बिल्कुल लाल हो चुका था अब जैसे जैसे दोनो भाई चूस्ते जा रहे थे वैसे वैसे सुधिया काकी की सिसकिया महसूस होने लगी थी

क्रमशः....................
 
गतान्क से आगे........................

तभी बिरजू ने सुधिया काकी की चूत पर मूह लगा दिया और राजू उसके मोटे मोटे दूध पीने लगा, उनकी इस जोरदार चटाई से सुधिया काकी की गंद धीरे धीरे उपर की ओर कूदने लगी थी, तब बिरजू ने राजू को इशारा किया तो राजू ने धीरे से सुधिया काकी के मूह से बँधा कपड़ा हटा दिया तब सुधिया काकी आह आह मदर्चोदो ये क्या किया तुम दोनो ने बहन्चोद ज़ोर से चाट कुत्ते, और ज़ोर से चाट और सुधिया काकी दूसरी बार झाड़ चुकी थी उसकी साँसे बहुत तेज चल रही थी उसके गाल लाल टमाटर की तरह हो गये थे और राजू उसके रसीले होंठो को चूसने लगा और साथ ही उसके मोटे मोटे दूध दबाता हुआ बिरजू काकी के दूध अपनी मा से कम नही है बहन्चोद की गंद भी तो हमारी मा की तरह ही गदराई हुई है क्यो काकी हम सही कह रहे है ना, सुधिया काकी आह आह ओह ओह हाँ बेटा तुम ठीक कह रहे हो पर अब मत तड़पाव और अपनी काकी को चोद दो बेटा चोद दो, बिरजू अरे काकी सब्र करो अभी तो हमने चूत चाटना चालू ही किया है, अभी अपना रस हमे पिलाती रहो जब तक की हमारा पेट ना भर जाए, फिर दोनो भाइयो ने सुधिया की दोनो टाँगो को खोल दिया और बिरजू ने सुधिया काकी की जाँघो को उसके कंधो तक मोड़ कर सुधिया काकी की फूली बुर का रस खूब कस कस कर दबोचते हुए पीते रहे, करीब 10 मिनिट के बार सुधिया काकी तीसरी बार झाड़ चुकी थी और वह ओह ओह आह आह की आवाज़ निकालने लगी और ज़ोर से अरे मदर्चोदो अब मुझे चोद भी दो,

तभी बिरजू ने सुधिया काकी के बदन से घाघरा और चोली को

पूरी तरह अलग कर दिया अभी भी सुधिया काकी के हाथ खाट के

सिरहाने पर बँधे थे उसकी नंगी मदमस्त जवानी देख कर

दोनो भाई का हाल बहाल हो गया और दोनो ने अपनी जीभ से

काकी के एक एक अंग को चूसना चाटना शुरू कर दिया

और सुधिया काकी आह आह ओह ओह आह आह ओह मा मर जाउन्गि और

ज़ोर से चट को चूस मेरे राजा और ज़ोर से ये सुधिया काकी कितने

बरसो से लंड खाने को तरस रही है तुम दोनो के मोटे लंड

को बेटा अब मेरी चूत मे डाल दो नही तो मैं मर जाउन्गि, अब देर

ना करो बेटा आह आह तभी बिरजू ने सुधिया काकी की गंद के

मोटे छेद मे अपनी दो उंगलिया अपने थूक से गीला करके

घुसेड दिया सुधिया काकी की गंद का छेद एक दम भूरे रंग

का और काफ़ी कसा हुआ लग रहा था और बिरजू की उंगलिया बहुत

टाइट घुस रही थी, सुधिया काकी को मज़ा भी आ रहा था और

दर्द भी हो रहा था लेकिन राजू और बिरजू उसकी गंद मारने के

मूड मे दिख रहे थे तभी बिरजू ने अपना काला लंड सुधिया

काकी की गंद मे लगाकर एक झटका मारा तो सुधिया काकी चीख

पड़ी ओह ओह एयाया..आआआआ...आआ राजू ने बैठे बैठे ही

अप्नी दो उंगलिया सुधिया काकी की चूत मे घुसेड दी तभी बिरजू

ने दूसरा झटका मारा और सुधिया काकी की गंद फॅट गई और

सुधिया काकी की आँखे उपर की ओर उलट गई तभी राजू ने

सुधिया काकी के मोटे मोटे दूध को कस कस कर दबोचना

शुरू कर दिया इधर बिरजू अपने लंड को सुधिया काकी की मोटी

गंद मे ज़ोर लगा कर अपना लंड पेल रहा था और सुधिया काकी

दर्द के तड़प रही थी सुधिया काकी की गंद का छेद इतना टाइट

था कि वह बिरजू के लंड को बिल्कुल अपनी जाकड़ मे जकड़े हुए

था और बहुत मुश्किल से आगे पीछे हो रहा था इतनी कसी

हुई गंद मार मार कर बिरजू ने अपना रस सुधिया काकी की गंद

मे छ्चोड़ दिया और जब लंड बाहर निकाला तो सुधिया काकी की

गंद उसके माल से भर गई थी तभी राजू ने सुधिया काकी के

दूध दबोचते हुए एक कस कर धक्का सुधिया काकी की गंद

मे मारा तो उसका लंड फिसलता हुआ सीधे सुधिया काकी की मोटी

गंद को चीरता हुआ पूरा एक ही बार मे अंदर तक फिट हो गया

और सुधिया काकी ओह ओह आ आ करके अपने पाँव उठा उठा कर

पटकने लगी मदर्चोद मार डालेगा क्या धीर चोद कुत्ते इतनी

बेरहमी से अपनी मा की गंद मारना हरामी उसकी गंद तो मेरी

गंद से बहुत मोटी है कामीने धीरे चोद रे हरामी, राजू को

उसे दर्द से तड़प्ता देख कर मज़ा आगेया और वह सतसट

लंड सुधिया काकी की कसी हुई गंद मे ठोक ठोक कर सुधिया

काकी की गंद मारने लगा इधर बिरजू सुधिया काकी की चूत को

फैला फैला कर अप्नी चार चार उंगलियाँ उसकी चूत मे पेलने

लगा सुधिया काकी की चूत मूतने लगी और फिर एक तगड़े झटके

के साथ ही राजू का पानी भी सुधिया काकी की गंद मे भर गया

तब तक बिरजू का काला लंड फिर खड़ा हो गया और राजू के लंड

निकालते ही बिरजू ने फिर अपना लंड सुधिया काकी की गंद मे पेल

दिया और फिर उसकी गंद की ठुकाई चालू करदी, इस बार बिरजू ने

करीब आधे घंटे तक सुधिया काकी की गंद मारी उसके बाद जब

बिरजू ने अपना लंड निकाला तो राजू फिर अपना लंड लेकर खड़ा हो

गया तब बिरजू ने कहा और चोदेगा क्या तब राजू ने कहा कि यार

तू दो बार गंद मार चुका है मैने तो अभी एक ही बार मारी है

अब मेरी बारी है, सुधिया काकी उन दोनो की बाते सुन कर घबरा

गई और उनसे विनती करने लगी नही बेटा अब नही मुझे बहुत

दर्द हो रहा है राजू मदर्चोद बहुत मा चुदति है तुझे

मालूम नही हम तेरी मोटी गंद के कब से दीवाने है आज जी

भर कर तेरी गंद कूट कूट कर लाल कर देंगे और फिर राजू ने

भी लगभग आधे घंटे तक सुधिया काकी की गंद को कस कर

ठोका, दोनो भाई सुधिया काकी की गंद ठोक ठोक कर मस्त हो

चुके थे, सुधिया काकी अपनी गंद मरवा मरवा कर पस्त हो

चुकी थी तभी बिरजू ने कहा काकी एक राउंड और हो जाए तब

शुधिया काकी नही बेटा अब मुझे छ्चोड़ दो नही तो मैं मर

जाउन्गि, तब बिरजू काकी हम तुझे एक ही शर्त पर छ्चोड़ सकते

है अगर तू हमे रोज अपनी चूत और गंद मारने देगी नही तो

समझ ले कि हम आज तेरी गंद को पूरी फाड़ डालेंगे और तू

घर जाने लायक नही बचेगी, सुधिया हाँ बेटा मैं वादा करती

हू तुम जब चाहोगे मैं तुमसे अपनी चूत और गंद मर्वौन्गि

लेकिन अभी मुझे छ्चोड़ दो बेटा मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हू,

तब राजू चल काकी तू कहती है तो तुझे छ्चोड़ देते है पर अब

हमे तुझ पर दया आ रही है और अब हम तुझे थोड़ा आराम

पहुचाना चाहते है और फिर राजू एक बाल्टी मे पानी लेकर

आया और फिर दोनो भाइयो ने सुधिया काकी की गंद को पानी डाल

डाल कर हल्के हाथो से रगड़ते हुए उसे धोना शुरू कर

दिया वह दोनो थोड़ा थोड़ा पानी डाल डाल कर बड़े प्यार से

सुधिया कई की गंद और चूत पर ठंडा ठंडा पानी डाल रहे

थे जिससे सुधिया काकी की चूत से गरम गरम पानी बहने लगा

और सुधिया काकी ने अपनी दोनो जाँघो को अच्छे से फैला दिया

तब बिरजू ने सुधिया काकी की चूत को चाटना शुरू कर दिया और

सुधिया काकी सीसीयाने लगी 10 मिनिट तक बिरजू ने सुधिया काकी

की चूत चाती उसके बाद राजू ने भी सुधिया काकी की चूत को

चटा फिर दोनो भाइयो ने सुधिया काकी की चूत को इतने प्यार से

चोदा कि सुधिया काकी मस्त हो गई और उसकी चूत ने बहुत दिन

बाद इतने तगड़े और मोटे लंड का स्वाद चख कर उसकी आत्मा

तृप्त हो गई, फिर दोनो ने सुधिया काकी के हाथ खोल दिए लेकिन

सुधिया काकी नंगी ही खाट पर पड़ी रही उसके शरीर मे उठने

की शक्ति नही बची थी, राजू और बिरजू अपने कपड़े पहनकर

लूँगी लगाकर सुधिया काकी के पास आए और उसके गालो को

चूमते हुए काकी तेरी चूत और गंद ने आज हमे अपना गुलाम

बना लिया है इतनी कसी गंद आज तक हमने कभी नही मारी

उनकी बाते सुन कर सुधिया काकी हल्के से मुस्कुरा दी और फिर

दोनो भाइयो ने सुधिया काकी को हाथ पकड़कर उठा दिया, फिर

धीरे धीरे सुधिया काकी ने अपने कपड़े पहने और राजू और

बिरजू को कहा तुम दोनो अब यहा से जाओ नही तो कोई देख लेगा

मैं थोड़ी देर बाद आती हू, और दोनो भाई खेत से अपने घर की

ओर चल दिए.

यार राजू जब सुधिया काकी की गंद मारने मे इतना मज़ा आया तो

सोच ज़रा हमारी अपनी मा की गंद मारने मे कितना मज़ा

आएगा उसकी तो गंद इतनी जबरदस्त और मोटी है कि उसकी मोटी

गंद को घंटो हम दोनो भाइयो को मिलकर ठोकना पड़ेगी तब

जा कर हमारी मा को कुछ असर होगा, हाँ बिरजू तो बिल्कुल ठीक कह

रहा है अपनी मा की गंद इतनी सुंदर और फैली हुई है कि मेरा

तो दिल करता है की उसका घाघरा उठा कर उसकी मोटी गंद मे

अपना मूह भर दू और तो और उसका फूला हुआ भोसड़ा देख कर

तो मैं पागल हो जाता हू उस दिन जंगल मे जब उसकी मस्तानी

चूत की गंध सूँघी थी तो मुझे तो बिना दारू पिए ही नशा

आ गया था, उसका गदराया उठा हुआ पेट जैसे साली पेट से हो

उसकी गहरी नाभि उसके मोटे मोटे दूध, बिरजू जब हम उसे

पूरी नंगी देखेंगे तो हमारा लंड कच्छा फाड़ कर बाहर

निकल आएगा, और दोनो भाई अपनी मा को नंगी करके चोदने के

बारे मे बाते करते हुए घर पहुच गये, और अपनी कुर्सी

पर जाकर बैठ गये, घर के अंदर कमला ज़मीन पर अपने

दोनो पैरो को फैलाए हुए अपने घाघरे को अपनी मोटी

जाँघो तक चढ़ा कर दीवार से टिक कर बैठी थी और गाँव की

दाई कमला के पैरो की सरसो के तेल से मालिश कर रही थी अपनी

मा की मखमली गोरी गोरी मोटी मोटी जाँघो को देखते ही उनका

लंड खड़ा हो गया और लूँगी को तंबू जैसा आकर दे दिया,

दोनो अपनी मा की गदराई जवानी को बड़े प्यार से घूरते हुए

अपने लोडो को हल्के हल्के दबा रहे थे तभी संध्या उसके

घर से निकल कर कपड़े लेकर हॅंडपंप पर आई तो राजू ने

बिरजू को इशारा किया, संध्या जब हॅंडपंप से पानी भर कर

कपड़ो को धोने लगी तो उसकी गोल मोटी मोटी चुचिया जो कि काफ़ी

कसी हुई थी उसकी चोली मे आधी से ज़्यादा उसके वी शेप से

नज़र आ रही थी, संध्या कनखियो से दोनो भाइयो को देख

रही थी तभी राजू ने अपना लंड लूँगी से बाहर निकालकर

संध्या को दिखा दिया संध्या उसका मोटा और क़ाला लंड देख

कर चौंक गई और बार बार अपनी नज़रे बचा बचा कर राजू के

लंड का दीदार करने लगी, संध्या को अपने पति से चुदे हुए

काफ़ी समय हो चुका था और एक तरह से वह लंड के लिए

तरस रही थी तभी राजू ने एक बार को अपना पूरा मोटा केला

निकालकर संध्या भाभी को दिखा दिया तो संध्या की नज़रे एक

पल के लिए राजू के लंड पर ठहर गई फिर जैसे ही संध्या ने

राजू की आँखो मे देखा राजू मुस्कुरा दिया और संध्या के

चेहरे पर भी एक हल्की सी स्माइल आ गई और वह कपड़े गला कर

अंदर भाग गई, उसके इस तरह के रिक्षन को देख कर राजू ने

बिरजू से कहा बिरजू आज रात को हमे नई चूत मिलेगी, बिरजू अपनी

मा की मोटी जाँघो को घूरता हुआ भला वह कैसे राजू आज रात

को जब संध्या भाभी संडास के लिए खेतो की ओर जाएगी तब

हमे उसका पीछा करना है और आज उसको खेतो मे लेजा कर

चोदना है, बिरजू तो यार ऐसा क्यो नही करते आज हम खेतो की

और पहले से ही जाकर वही दारू पिएगे और जब संध्या भाभी

उधर संडास के लिए आएगी तब उसको वही पकड़ कर चोद

देंगे, राजू हाँ ये ठीक रहेगा, और फिर तभी उधर से सुधिया

काकी आती हुई नज़र आई सुधिया काकी अपनी टाँगे थोड़ा

फैलाकर चल रही थी, उसे देखते ही दोनो भाइयो के चेहरे

पर मुस्कान फैल गई, तभी अंदर से शीला चाइ लेकर दोनो के

पास आई बिरजू ने चाइ लेते हुए शीला की चूत को घाघरे के

उपर से अपने हाथो मे भर लिया तभी शीला की नज़र उनके

मोटे लंडो पर पड़ी जो लूँगी उठाए खड़े थे शीला ने पुछा

तुम दोनो का लंड किसको देख कर खड़ा हुआ है, तो बिरजू ने

बोला अपनी बहन को देख कर, शीला झूठ मत बोलो भैया मैं तो

अभी अभी आई हू सच सच बताओ तुम्हारा लंड किसको देख

देख कर फनफना रहा है, राजू शीला ने राजू की नज़र को

पकड़ लिया जो अपनी मा की गदराई जाँघो को कनखियो से देख

रहा था, और शीला को समझते देर ना लगी कि इनका लंड अपनी

मा की गदराई जवानी को देख देख कर लूँगी फाड़ने की कोशिश

कर रहा है, हाय राम शीला का मूह खुला का खुला ही रह गया

और वह जल्दी से घर के अंदर आ गई,

क्रमशः........
 
गतान्क से आगे........................

शाम को कमला गाँव मे किसी के यहाँ बैठने चली गई तब

शीला बिरजू और राजू के पास कमरे मे गई जहा दोनो भाई बीड़ी

के कस लगा रहे थे शीला उनके पास जाकर बैठ गई तब राजू ने

बोला शीला एक बार अपनी गंद दिखा ना शीला वो तो मैं दिखा

दूँगी पर मुझे यह बताओ उस टाइम तुम मा को देख देख कर

अपना लंड सहला रहे थे ना, बिरजू शीला को अपनी ओर खिचते

हुए क्यो तुझे जलन हो रही है क्या, शीला भैया मुझे क्यो

जलन होने लगी, मैं तो बस इतना जानना चाहती थी कि क्या तुम

दोनो मा को भी.. बिरजू शीला की मोटी मोटी चुचियो को मसलता

हुआ उसका हाथ अपने लंड पर रख लेता है, तू तो जानती है कि

हमे औरतो की मोटी गंद कितनी पसंद है और फिर अपनी मा की

गंद तो इस गाँव मे सबसे ज़्यादा मतवाली और मोटी है शीला

हम से अब सहा नही जाता है दिन रात मा जब अपने मोटे मोटे

चूतड़ मतकती हुई हमरे सामने आती है तो हमारा लंड

हरकत मे आ जाता है, मेरे इस मोटे लोदे का बड़ा मन है

अपनी मा की मस्तानी गंद और चूत फाड़ने का, शीला बिरजू के

लंड को मसल्ते हुए तो तुम्हे क्या लगता है मा तुम दोनो को

अपनी चूत देगी, राजू क्यो तूने नही दी क्या, शीला भैया मेरी बात

और है, वो अपनी मा है और वो हमसे कितनी बड़ी है वो

तुम्हारे सामने कभी नंगी नही होगी, तुम दोनो उसकी गंद

चाटने के लिए तरसते ही रहोगे, बिरजू शीला मा बड़ी है तो क्या

हुआ उसकी चूत ने कई सालो से लंड नही चखा है, और फिर

अपनी मा की उमर की औरत को चोदने मे एक अनोखा मज़ा मिलता

है, जिस दिन मा हमारा मोटा लंड देखेगी उस दिन उसकी भी चूत

पानी पानी हो जाएगी और वह अपनी चूत का दरवाजा हमारे लंड

के लिए धीरे से खोल देगी, नही भैया मुझे तो नही लगता कि

मा तुम दोनो से अपनी चूत और गंद मरवाएगी, राजू शीला तू

अपने भाइयो को जानती नही है, उसे तो हम अपना काला लंड

दिखा चुके है, और वह बड़े प्यार से हमारा लंड देख देख

कर साँसे भर रही थी, शीला क्या तुमने मा को अपना लोडा

दिखा दिया है, हाँ शीला, मगर वह कैसे तब बिरजू ने जंगल

वाली बात उसे बता दी, अरे शीला तूने काफ़ी मा को मुतते हुए

देखा है, शीला देखा है लेकिन ठीक से उसकी चूत नही देखी,

पर ये तुम क्यो पुंछ रहे हो, बिरजू अरे अपनी बहन के मोटे

मोटे दूध को अपनी हथेलियो से कस कस कर मसल्ते हुए अरे

मेरी प्यारी बहना मा जब अपनी चूत फैला कर मुत्ती है तो उसका

भोसड़ा इतना चोडा हो जाता है और एक मोटी धार छ्चोड़ती है और

फिर रुक रुक कर जब मुतति है तो दिल करता है कि उसकी फूली हुई

चूत से अपना मूह लगा का चाट डालु, और उसकी गंद का छेद

इतना कसा हुआ लगता है कि मैं तो दिन रात उसकी गंद मारने के

सपने देखता हू साली इस उमर मे भी जब अपनी गंद और चूत

मरवाएगी तो कुवारि लोंदियो को पिछे छ्चोड़ देगी, अच्छा

बता मा के चूतड़ कैसे लगते है तुझे और शीला की गंद के

सुराख मे अपनी उंगली से रगड़ता है, शीला हाँ भैया मा के

चूतड़ तो बहुत फैले हुए हैं ऐसा लगता है जैसे अपनी गंद

ही गंद मे लंड लेती हो, अरे शीला जब मा के चूतड़ तू नंगी

देख लेती ना तो अगर तेरे पास लंड होता तो तू खड़े खड़े अपने

लंड को मा की गंद मे डाल देती ऐसी गदराई गंद मारने मे

मर्दो को बहुत मज़ा आता है, बस एक बार चोदने को मिल जाए तो

मज़ा आ जाएगा और फिर बिरजू ने शीला की चूत को हाथ लगाया तो

वह पानी पानी हो चुकी थी तभी बिरजू ने उसको अपनी गोद मे

बैठा कर अपनी लूँगी हटा कर अपना मोटा लंड अपनी बहन की

खुली हुई गदराई चूत पर रख कर उसकी चूत को अपने लंड पर

दबाया तो लंड सॅट से उसकी चूत मे उतर गया और शीला आह

भैया तुम्हारी बातो ने तो मेरी चूत का पानी निकाल दिया मैं तो

इस बात को सोच सोच कर रोमांचित हो रही हू कि कैसे तुम दोनो

भाई मा को पूरी नंगी करके कैसे उसे चोदोगे और कैसे वह

अपनी मोटी गंद और चूत फैला फैला कर तुम दोनो का लंड

अपनी चूत और गंद मे लेगी, क्या मस्त घोड़ी की तरह तुम दोनो

से अपनी चूत कुटवाएगी, तभी राजू भी शीला की गंद के पीछे

आ जाता है और बैठे बैठे शीला की गंद मे थूक लगाने

लगता है और फिर अपने लंड पर ढेर सारा थूक लगाकर उकड़ी

बैठ कर अपनी बहन की मोटी गंद के छेद मे अपना लंड

लगाकर उसकी गंद मे एक झटका मारता है और उसका लंड अपनी

बहन की मोटी गंद मे समा जाता है और शीला आह भैया ज़रा

आराम से आह आह और दोनो भाई आगे से और पीछे से अपनी

बहन की नंगी जवानी को धीरे धीरे ठोकने लगते हैशीला

बंदरिया की तरह अपने भाई से चिपकी होती है और दोनो भाई

उसकी चूत और गंद का मर्दन करना शुरू कर देते है राजू

पीछे से शीला के चुचियो को कस कस कर मसलता हुआ उसकी

गंद मे अपना लंड उसकी गंद की जड़ तक ठुसने लगता है और

बिरजू अपनी बहन के रसीले होंठो को चूस्ता हुआ आगे से उसकी

चूत मारता रहता है, फिर बिरजू धीरे से अपनी बहन की चूत

मे लंड फसाए खड़ा हो जाता है और शीला उसके लंड पर

टंग जाती है साथ ही राजू भी अपनी बहन की गंद मे लंड

फसाए खड़ा हो जाता है फिर दोनो भाई अपने दोनो हाथो

से शीला को हवा मे झुलाते हुए उसकी चूत और गंद को कस

कस कर ठोकने लगते हैंजब वह तीनो अपनी चुदाई मे मस्त रहते

है तो उन्हे नही मालूम होता है कि कमला घर के अंदर आ

चुकी है और वह देख रही है कि कैसे उसके दोनो बेटे अपनी

बहन को अपने लंड पर खड़े खड़े हवा मे झूला झूला

रहे है, कमला यह सीन देख कर हत्प्रत रह जाती है और

थोड़ा छुपते हुए उन तीनो को देखती रहती है उसका हाथ

अपने आप अपनी चूत की फांको को खुरेदने लगता है, और वह

उनकी चुदाई देख कर बहुत ज़्यादा गरम हो जाती है और अपना

घाघरा उठा कर अपनी चूत मे अपनी तीन उंगलिया सतसट

पेलने लगती है, और उसे ऐसा लगने लगता है जैसे उसके दोनो

बेटे शीला को नही उसे ही अपने लंड से चोद रहे है, लगभग

आधे घंटे तक शीला की गंद और चूत मारने के बाद दोनो

भाई अपना अपना माल अपनी बहन की गंद और चूत मे छ्चोड़

देते है उधर कमला भी उनकी मस्त चुदाई देख कर झाड़ जाती

है और फिर दबे पाँव घर के बाहर चली जाती है,

रात को बिरजू और राजू खाना खाकर बाहर बैठे थे कि अचानक

बारिश शुरू हो गई तब दोनो उठकर घर के भीतर चले गये

कमला बिस्तेर लगा कर सोने की तैयारी कर रही थी, शीला चल

बेटी बिस्तेर लग गया है आजा, शीला मा मुझे नींद नही आ

रही है मैं भैया लोगो के पास उनके कमरे मे जा कर थोड़ी

देर उनसे बाते करती हू आप सो जाओ, कमला मन ही मन कमिनि

दोनो भाइयो का लंड एक साथ लेकर चुदति है 4 महीने मे ही

इसकी चूत कितनी उठने लगी है, कमला अच्छा ठीक है बेटी पर एक

काम कर बिरजू को ज़रा मेरे कमरे मे भेज दे आज मेरे पैर

बहुत दर्द कर रहे है थोड़ा दबा देगा, शीला मन ही मन

अरे मा तेरे पैर दर्द कर रहे है या चूत और गंद दर्द कर

रही है, अच्छा मा मैं बिरजू भैया को कह देती हू, फिर शीला

अपने भाइयो के रूम मे चली जाती है और वहाँ पहूचकर

बिरजू भैया जाओ तुम्हे मा बुला रही है, बिरजू किस लिए शीला

धीरे से अपनी चूत और गंद मरवाने के लिए बिरजू हस्ता हुआ

क्या तू सच कह रही है शीला जाओ मा से जाकर पूछ लो कि मा

तेरी चूत मारना है क्या, और मुस्कुरा कर राजू के बगल मे

बैठ जाती है, राजू पर शीला मा ने मुझे नही बुलाया क्या,

शीला लूँगी के उपर से राजू का लंड दबाती हुई भैया मैं हू ना

तुम्हारे लिए और राजू उसे अपनी गोद मे बैठा कर उसके दूध

को अपने हथेलियो मे कसते हुए मेरी प्यारी बहना रानी तू तो

है ही लेकिन अगर मा भी नंगी होकर मेरे लंड पर बैठ जाए

तो मज़ा आ जाएगा, शीला अपने भाई के लंड को अपने घाघरे

को उठा कर अपनी चूत से रगड़ते हुए, भैया मुझे तो लगता

है मा की चूत भी तुम दोनो के लंड के लिए बैचैन रहने

लगी है, हाय शीला तू कितनी अच्छी बाते करने लगी है, और शीला

की पूरी चूत को फैलाकर उसकी फूली हुई बुर मे अपनी जीभ

डालकर उसका रस चाटने लगता है, शीला भैया जैसे मेरी चूत

चाट रहे हो ऐसे ही मा की चूत भी चाटने का मन कर रहा

होगा ना, राजू हाँ मेरी रानी मा को तो पूरी नंगी करके उसकी चूत

और गंद रात भर चाटने और चोदने का मन करता है, तभी

अरे शीला हम दोनो भाई तो एक बात भूल ही गये, और अपनी प्यारी

बहन की चूत मे खच से अपना मोटा काला लंड पेल देता है,

शीला आह और राजू को अपने दूध से चिपकाते हुए क्या भूल

गये भैया, शीला आज हम दोनो भाइयो ने संध्या भाभी को

पकड़कर चोदने का मन बताया था जब वह शाम को संडास

के लिए खेत पर जाती तो हम उसे चोदने वाले थे लेकिन तेरी

वजह से ना तो हम आज दारू पीने गये और ना ही उसे चोदने

का ख्याल रहा, शीला अपनी गंद का झटका अपने भाई के लंड पर

मारते हुए, पर भैया तुम संध्या भाभी को ऐसे ज़बरदस्ती

चोदोगे तो कही वह सब को बता ना दे, राजू अरे नही रे आज ही

हमने उसे अपना मोटा लंड निकाल कर दिखा दिया था तब वह

हमारे लंड को देख कर हस्ती हुई अपने घर की ओर भाग गई,

तब हमे यकीन हो गया कि इसकी चूत भी खूब खुजलाती है और

यह हमारे लंड को अपनी चूत मे लेने के लिए तड़प रही है,

शीला ओह भैया और ज़ोर से चोदो ना तुम्हारा लंड है ही इतना

जबरदस्त कि जो औरत देख ले उसे अपनी चूत मे लिए बिना रह

नही सकती है, और मुझे तो लगता है कि जिस तरह तुमने मा को

अपना मोटा लंड दिखा दिया है वह भी कोई ना कोई तरीका

ढूँढ रही है तुम दोनो भाइयो से अपनी चूत और गंद

थुकाने के लिए, उसकी चूत तुम्हारे लंड को खाने के लिए

तड़प रही होगी, शीला की बात सुन कर राजू ने अपनी कमर की

रफ़्तार तेज कर दी और सतसट अपनी बहन की चूत मारने लगा

शीला आह आह आह ओह भैया तुम कितना अच्छा चोद्ते हो, इतना

बढ़िया तो तुम्हारे जीजाजी भी नही चोद्ते है खूब चोदो अपनी

बहन को खूब कस कस कर अपनी बहन की चूत मारो भैया और

दूध भी दबाओ ना ज़ोर ज़ोर से मसल डालो अपनी बहन की मोटी

चुचिया और चोदो भैया, राजू गहरे गहरे धक्के अपनी

बहन की चूत मे जड़ तक दे रहा था और उसकी चोदने की स्टाइल

से लग रहा था कि वह अपनी बहन को काफ़ी देर तक रगड़ने के

मूड मे है, शीला की चूत बिल्कुल लाल हो चुकी थी, अब राजू ने

शीला को घोड़ी बनाकर अपना लंड उसकी चूत मे डाल कर फिर

तगड़े तगड़े झटके उसकी चूत मे मारने लगा शीला पूरी मस्ती

मे अपने भैया का लंड अपनी रसीली बुर मे ले रही थी, भैया

जब मैं यहा से चली जाउन्गि तो आप दोनो भाइयो के लंड के लिए

बहुत ताड़पुँगी, राजू अरे मेरी रानी बहना तू फिकर क्यो करती है

शहर यहा से है ही कितना दूर हम हर हफ्ते मे एक बार

आकर तुझे दिन भर चोदेगे और तेरी हर सात दिन की पूर्ति एक ही

दिन मे करके जाएगे और वैसे भी जीजाजी तो दिन भर काम पर ही

रहते है, हम सुबह से ही उनके जाने के बाद तुझे पूरा दिन

घर मे नंगी रखेगे और खूब तेरी चूत और गंद की ठुकाई

करेगे, और फिर राजू शीला को पूरी नंगी कर देता है और खुद

भी पूरा नंगा हो जाता है और दोनो भाई बहन ऐसे चिपक

जाते है जैसे एक ही जिस्म हो, भैया एक बात कहु हाँ मेरी रानी

बोल ना, भैया मुझे तो लगता है मा की चूत खूब गरम हो

रही थी इसीलिए उसने बिरजू भैया को बुलाया है नही तो आज दिन

भर वह काम ही क्या करी है जो उसके पाँव दर्द करेगे, मुझे

लगता है वह पाँव दब्वाते दब्वते बिरजू भैया को कहेगी

बेटा यही सो जा शीला भी शायद राजू के पास ही सो गई होगी,

इसलिए भैया मे चाहती हू कि आज रात भर तुम मुझे कस कस

कर चोदो मुझे तुम्हारा लंड बहुत अच्छा लगता है, तुम

बहुत अच्छा चोद्ते हो तब राजू ने शीला को पूरी नंगी ही

खड़े खड़े अपने लंड पर चढ़ा लिया और शीला अपनी दोनो

टाँगे अपने भाई की कमर मे लपेट कर उसकी छाती से चिपक

गई और राजू उसकी मोटी गंद के नीचे अपना हाथ लेजा कर अपनी

बहन को तबीयत से चोदने लगा, और शीला आह आह आह आ ओ

भैया बहुत मज़ा आ रहा है रुकना मत भैया ऐसे ही

चोद्ते रहना, आह आह ओ भैया थोड़ा ज़ोर से मारो अपनी बहन

की चूत, फाड़ दो भैया अपने लंड से अपनी बहन की चूत को,

और राजू कस कस कर अपनी नंगी बहना को चोदने लगा,

क्रमशः.............
 
गतान्क से आगे........................

उधर बिरजू हाँ मा क्या है, कमला बिरजू ज़रा मेरे पाँव दबा दे

बेटा बड़ा दर्द हो रहा है, ठीक है मा और बिरजू अपनी मा के

पैरो की ओर बैठ गया और अपनी मा का घाघरा उठाकर उसके

जाँघो तक सरका दिया घाघरे की चौड़ाई (घेर) बहुत ज़्यादा

होने के कारण कमला ने अपनी जाँघो को थोड़ा खोल दिया और

बिरजू अपनी मा की फूली हुई गदराई चूत देख कर मन ही मन

खुस हो गया और अपनी मा की मोटी मोटी गोरी गोरी पिंदलियो को

पकड़ कर सहलाने लगा और फिर अपना हाथ उपर ले जाकर उसकी

मोटी जाँघ को जब उसने अपने हाथो मे दबोचा तो बिरजू का

लंड अपनी मा की मोटी गदराई जाँघो के स्पर्श से झटके मारने

लगा, कमला चुपचाप अपनी आँखे बंद किए लेटी थी उसकी मोटी

मोटी चुचियाँ उपर नीचे हो रही थी और ऐसा लग रहा था कि

कमला ने अपनी चुचियो को खूब कस कर अपनी लाल चोली मे

बाँध रखा है, बिरजू अपनी मा की गदराई जवानी को अपनी

आँखो से पी रहा था और सोच रहा था जब यह कपड़े मे

इतनी मादक लगती है तो नंगी इसका शरीर कितना मस्ताना होगा,

ऐसी चूत मारने को मिल जाए तो मज़ा आ जाए, कितनी गदराई गंद

है मेरी मा की इसको तो नंगी करके खूब कस कस कर चोदने का

मन हो रहा है, तभी कमला ने बिरजू से कहा बेटा मैं सोने

की कोशिश करती हू अगर तुझे नीद आए तो यही लेट जाना

कमला वही राजू के साथ सो जाएगी, जी मा ठीक है और कमला

अपनी आँखे बंद कर लेती है, बिरजू अपनी मा के उठे हुए पेट

और गहरी नाभि को देख देख कर अपनी मा की चूत मारने को

तड़प रहा था और सोच रहा था इसकी चूत की गंद इतनी मादक

है कि इतनी दूर से भी इसकी चूत की कैसी मादक गंध आ रही

है, और बिरजू अपनी मा की मोटी गदराई गोरी गोरी जाँघो को अपनी

हथेलियो मे भर भर कर उसके गदराए योवन का मज़ा ले

रहा था, कभी कभी बिरजू अपनी मा की जाँघो के जोड़ तक भी

अपना हाथ फेर देता था, थोड़ी देर बाद बिरजू ने अपनी मा के

दोनो पैरो को अच्छे से फैला दिया और फिर अपनी मा की चूत को

बड़े प्यार से देखने लगा इतना बड़ा भोसड़ा तो सुधिया काकी

का भी नही था कैसी गदराई चूत है मेरी मा की, और बिरजू अपनी

मा के जाँघो को अपने दोनो हाथो मे भर भर कर उसकी

गदराई जवानी का मज़ा ले रहा था, कमला अपने बेटे द्वारा

अपनी मसल जाँघो को सहलाए जाने से उन्माद से भरी हुई थी

और आँखे बंद किए हुए उसे अपने बेटे के मोटे मोटे काले

लंड झूलते हुए नज़र आ रहे थे, उसकी बुर रसीले पानी से

चिचिपा गई थी बिरजू पूरी लगन से अपनी मा की मोटी जाँघो को

अपने दोनो हाथो मे भरने की कोशिश कर रहा था लेकिन

उसकी मा की जंघे इतनी गुदाज और मोटी थी की उसके दोनो हाथो

मे भी समा नही पा रही थी, उसका लंड लूँगी उठाए बार बार

झटके मार रहा था, बिरजू ने अपनी मा की दोनो जाँघो को थोड़ा

और फैला दिया जिससे उसकी मा की चूत पूरी खुल कर उसके सामने

आ गई वह अपनी मा की मस्तानी भोसड़ी को देख कर पागल हुआ जा

रहा था उसका बस नही चलता नही तो अभी के अभी अपने मोटे

डंडे को अपनी मा की भोसड़ी मे फसा कर उसकी चूत को पूरी

फाड़ कर रख दे किंतु वह भीतर ही भीतर डर भी रहा था कि

कही मा नाराज़ हो गई तो फिर क्या होगा, उधर कमला अपनी

जाँघो को और फैलाकर अपनी मस्तानी चूत के दर्शन अपने

बेटे को पूरी तरह खोल कर करवा रही थी और मन ही मन

सोच रही थी कि मेरे बेटे का मोटा लंड अगर मेरी चूत मे

घुस जाए तो सारी गर्मी शांत हो जाएगी, दोनो को काफ़ी देर हो

चुकी थी और दोनो की आँखो मे नीद नही थी, बिरजू ने

अचानक अपनी मा के मासल गदराए पेट पर हाथ फेरते हुए

धीरे से मा सो गई क्या, कमला जाग रही थी लेकिन कुच्छ बोली

नही तब बिरजू की हिम्मत थोड़ी बढ़ गई और उसने अपनी मा की

गुदाज फूली हुई चूत के उपर हल्के से अपने हाथो को रख

दिया उसकी इस हरकत से कमला सिहर उठी वह अपने आप को रोक

नही पा रही थी लेकिन हिम्मत करके चुपचाप पड़ी हुई थी,

बिरजू ने जब अपनी मा की फूली चूत का एहसास किया तो उसके रोंगटे

खड़े हो गये इतनी गदराई और फूली हुई चूत का स्पर्श इतना

मादक था कि उसके हाथ अपनी मा की बुर के उपर स्थिर रखे

होने की कोशिश के बावजूद कांप रहे थे, फिर बिरजू ने अपनी

मा की फूली हुई चूत पर अपने हाथ का थोड़ा सा दबाव बढ़ाते

हुए उसकी चूत को पूरी तरह महसूस करने की कोशिश की उसका

हाथ लरज रहा था लेकिन चूत के कोमल और फूले पन का

एहसास उसे बहुत उत्तेजित और रोमांचित कर रहा था उसने अपनी

मा की चूत को थोड़ा और दबाते हुए एक बार और कहा मा सो

गई क्या लेकिन कमला के मूह से एक बोल तक नही फूटा वह

हिम्मत बाँधे पड़ी रही लेकिन उसकी सांसो पर उसका बस नही

चल रहा था और उसकी मोटी मोटी छातियाँ उपर नीचे हो रही

थी और उसका प्यासा दिल बुरी तरह धड़क रहा था, अब बिरजू को

काफ़ी हिम्मत आ चुकी थी और उसने धीरे धीरे अपनी मा की

फूली हुई चूत पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और उसकी फूली

चूत के मादक एहसास को महसूस करने लगा, जब बिरजू अपना

हाथ अपनी मा की चूत के छेद पर ले गया तो उसे एक झटका

लगा क्यो कि उसकी मा की चूत पूरी गीली थी ऐसा लग रहा था

जैसे उसकी मा मूत चुकी हो, और उसने मन मे सोचा कही मा

जाग तो नही रही है, फिर उसने सोचा अगर जाग रही है तो

मतलब उसको भी मज़ा आ रहा है और उसे मेरी इस हरकत पर

कोई आपत्ति नही है, और उसने अपना हाथ हटाकर अपनी मा के

घाघरे मे अपना मूह घुसा कर अपनी मा की फूली हुई बुर के

उपर अपने होठ रख कर अपने मूह को अपनी मा की फूली हुई बुर

पर दबाने लगा

उसे इतना मज़ा आ रहा था कि वह उस मज़े को

बयान नही कर सकता था, उसे उसकी मा की चूत से उठती गंध

पागल बना रही थी कुच्छ देर वह अपनी मा की चूत को अपने

बंद होंठो से चूमता रहा दबाता रहा फिर अपना मूह बाहर

निकाल लिया वह कोई रिस्क लेना नही चाहता था, लेकिन उसका मन

अभी भरा नही था और उसने अपना हाथ फिर से अपनी मा की

फूली हुई चूत पर रख दिया और हल्के हल्के सहलाने लगा,

कमला की साँसे रुकी हुई थी और फिर एक दम से साँसे छ्चोड़ती

उसकी हालत खराब हो रही थी तभी बिरजू ने अपनी मा के गुदाज

पेट के उपर मूह रख दिया और अपने मूह को अपनी मा के गुदाज

पेट पर दबा दबा कर उसके उठे हुए पेट को महसूस करने

लगा अब वह उपर की ओर बढ़ा और अपनी मा के दूध के उपर

अपना हाथ रख कर अपनी मा के दूध को हल्के हल्के दबाने

लगा, कभी कभी अपनी मा की मोटी मोटी चुचियो को थोड़ा ज़ोर

से दबा देता, कमला को अब बर्दास्त करना मुश्किल हो गया और

उसने नीद का बहाना करते हुए करवट ले ली और बिरजू एक दम

से हट गया लेकिन जल्दी ही उसने फिर से अपनी मा के पैरो को

अपने हाथ मे लेकर दबाने लगा थो डी देर बाद उसने धीरे

धीरे अपनी मा के घाघरे को उसकी गंद की तरफ से उपर उठाना

शुरू कर दिया अब उसका मन अपनी मा की मोटी गंद को देखने

का कर रहा था, उसने बहुत आराम आराम से अपनी मा के घाघरे

को काफ़ी उपर तक सरका दिया जब उसने अपनी मा की मोटी गंद

देखी तो उसका मूह खुला का खुला रह गया क्योकि वह अपनी मा

की गंद की गंद के गोल शेप और उसके उभरे हुए चूतादो के

पाटो को देखकर मस्त हो गया और जब उसकी नज़र अपनी मा के

गंद के छेद पर पड़ी तो वह अपने आप को रोक नही पाया और

अपने दोनो हाथो से अपनी मा की गंद को दबोचने लगा वह

ज़्यादा ज़ोर नही लगा रहा था लेकिन इतना ज़ोर से ज़रूर अपनी मा की

गंद को दबा रहा था कि उसे फुल मज़ा मिल रहा था फिर उसने

धीरे से अपनी मा की गंद के छेद पर हाथ फेरा और नीचे

तक हाथ ले गया तो उसे अपनी मा की चूत की फूली हुई फांको का

मस्त एहसास पागल कर गया. उसने अपने दोनो हाथो से अपनी मा

की मोटी गंद के छेद को फैलाकर उसकी गंद के छेद मे

अपनी नाक लगाकर उसकी गंद की मादक गंध को जब शुंघने

लगा तो कमला उसकी इस हरकत से पागल हो गई उसे लग रहा था कि

अभी अपने बेटे को अपनी बाहो मे कस कर दबोच ले और उसके

मोटे लंड को इतना चूसे की वह उसके मूह मे ही पानी छ्चोड़

दे, कुछ देर बिरजू ने अपनी मा की गंद को सहलाया उसके बाद

बिरजू ने अपना मोटा और काला लंड बाहर निकाला और अपनी मा की

गंद से अपने लंड को चिपका कर उसकी गंद से चिपक कर लेट

गया और धीरे धीरे अपनी मा के मस्ताने चूतादो पर अपना

हाथ फेरता रहा उसे ऐसा लग रहा था कि एक धक्का मारे और

अपना मोटा लंड अपनी मा की मतवाली गंद मे भर दे, लेकिन

वह चुपचाप पड़ा रहा, उधर राजू अपनी बहन की चूत मारने

के बाद उसकी गंद मे सरसो का तेल भर भर कर उसकी गंद मे

अपना लंड पेलने लगा और करीब सुबह 4 बजे तक राजू अपनी

बहन को हर आसन मे चोद्ता रहा, सुबह सुबह कमला जल्दी

उठ गई और उसने जब बिरजू के लंड को देखा जो लूँगी बाहर से

झाँक रहा था तो उससे रहा नही गया उसके लंड के मोटे

सूपदे को कमला ने अपनी मुट्ठी मे भर लिया तभी बिरजू का

लंड कड़क होने लगा तो कमला ने जल्दी से उसका लंड छ्चोड़ा

और बाहर आकर काम धाम मे लग गई,

क्रमशः....................
 
गतान्क से आगे........................

शाम को दोनो भाई संध्या का खेतो के पास आम के पेड़ के

पीछे इंतजार करने लगे तभी उन्हे संध्या आती हुई दिखाई दी

संध्या ने इधर उधर देखा और फिर अपना घाघरा उठा कर

संडास के लिए बैठ गई दोनो भाई उसके मोटे मोटे कसे हुए

चूतड़ देख देख कर अपना लंड मसलने लगे कुछ देर इंतजार

के बाद संध्या उठ कर जैसे ही जाने के लिए पलटी दोनो भाई

उसके सामने खड़े थे संध्या उन्हे देख कर डर गई तुम

दोनो यहाँ क्या कर रहे हो, अरे भाभी हम दोनो आप की मोटी

गंद देख रहे थे जब आप संडास कर रही थी संध्या तुम्हे

शरम नही आती ऐसा करते हुए मैं अभी सुधिया काकी से

जाकर तुम दोनो के बारे मे बताती हू, तभी बिरजू ने उसका हाथ

पकड़ लिया अरे मेरी रानी जाती कहाँ हो अभी तो हम दोनो भाई

तुम्हे चोदेगे, संध्या कमिनो छ्चोड़ दो मुझे नही तो

तुम्हारी खेर नही, बिरजू ने संध्या के एक दूध को दबोच

लिया तो संध्या कसमसा गई लेकिन वह ज़्यादा विरोध नही कर

रही थी देखो तुम दोनो अच्छा नही कर रहे हो तभी राजू ने

संध्या की चूत को उसके घाघरे के उपर से अपनी मुट्ठी मे

भर लिया अरे भाभी अब ज़्यादा नखरा मत करो, संध्या आह

छ्चोड़ो मुझे नही तो मई चिल्लाउन्गि, बिरजू देखो भाभी हम

भी जानते हैकि तुम्हारी चूत को लंड चाहिए फिर नखरा क्यो

कर रही हो ऐसा मोका बार बार नही मिलता है और जो तुम

सुधिया काकी की धमकी हमे दे रही हो तो वो क्या करेगी वो तो

खुद हमसे अपनी चूत और गंद तबीयत से मरवा चुकी है,

संध्या ने जब यह सुना तो शरम करो कामीनो एक बूढ़ी

औरत के बारे मे ऐसी झूठी बात कह रहे हो, अच्छा भाभी

आप को यकीन नही आता तो फिर बताओ सुधिया काकी जब खेत मे

दोपहर को गई थी तो वहाँ से शाम को लगदाती हुई आई थी यह तो

तुमने भी देखा था और तुम जो सुधिया काकी को बुढ़िया कह

रही हो वह इतनी तबीयत से अपनी गंद उठा उठा कर चुदवा

रही थी तुम देखती तो कहती, और एक बार तुम भी हम से अपनी

चूत मरवा लो फिर तुम देखना तुम्हारे घर मे ही सुधिया

काकी की चूत और गंद ना मारी तो कहना तब तक थोड़ा अंधेरा

होने लगा था और दोनो भाइयो ने अपनी अपनी लूँगी उतार कर

अपना अपना काला लंड जब संध्या को दिखाया तो वह सिहर गई

अब दोनो भाइयो ने उसे आगे से और पीछे से दबोच लिया और

उसके गाल गले होंठ सभी जगह चूमने लगे, संध्या की चूत

भी गीली होने लगी और उसका विरोध ना के बराबर हो गया,

देखो बिरजू यह ठीक नही है कोई देख लेगा तो, अरे भाभी तुम

कहे फिकर करती हो हम सब संभाल लेंगे और फिर यहाँ अब

रात को कॉन मा चुदवाने आएगा और संध्या का घाघरा उठा

देते है राजू संध्या की चुचिया को तबीयत से मसल्ने लग

जाता है और बिरजू संधा की मोटी गंद को दबोचने लगता है

अब संध्या अपने शरीर को उनके उपर ढीला छ्चोड़ देती है, और

दोनो संध्या को पकड़ कर आम के बगीचे मे ले जाते है,

राजू धीरे दबा कमिने बहुत दर्द हो रहा है अरे भाभी

तुम्हारी चुचियो और चूत को लगता है तुम्हारे पति ने कस

कर मसला नही है इसीलिए इतनी कठोर है हमे तो ऐसा लग रहा

है जैसे किसी कुवारि लोंड़िया की चुचि मसल रहे है, ऐसी

कठोर चुचिया तो शीला की भी नही है, संध्या आश्चर्या से

क्या तुमने शीला की चुचिया दबाई है, बिरजू संध्या की चूत

मे अपनी एक उंगली पेलते हुए अरे भाभी आप तो चुचिया

दबाने की बात करती है हम दोनो भाई तो शीला को दिन रात

चोद्ते रहते है उसकी गंद और चूत मार मार कर हम फाड़

चुके है और शीला भी दिन भर बस हमारे लंड से चुद्ती

रहना चाहती है, संध्या तुम दोनो तो बड़े कमिने हो रे अपनी

सग़ी बहन को भी नही छ्चोड़ा, राजू अरे भाभी शीला इतनी मस्त

तरीके से चुदवाती है कि क्या बताऊ और उन दोनो ने संध्या

को वही खड़ी करके एक उसकी गंद फैला फैला कर चाटने लगा

दूसरा उसकी बुर को फैला फैला कर चाटने लगा संध्या पागल

होने लगी थोड़ी ही देर मे संध्या कामुक सिसकारिया निकालने

लगी, आह आह बिरजू राजू जल्दी से चोद लो ज़्यादा देर मत लगाओ

शुधिया काकी इंतजार कर रही होगी, तभी बिरजू ने संध्या के

हाथ मे अपना लंड पकड़ा दिया संध्या उसके मोटे लंड को

अपने हाथो मे लेकर ज़ोर ज़ोर से भिचने लगी

राजू ने संध्या

को वही ज़मीन पर लेटा दिया और उसकी चूत मे अपना लंड लगा

कर एक कस के धक्का मारा तो उसका लंड संध्या की चूत मे

आधा फस गया और संध्या के मूह से हल्की सी चीख निकल

गई, राजू भाभी तेरी चूत तो बहुत टाइट है रे क्या भैया ने

तेरी चूत नही मारी, और फिर एक करारा धक्का मारा कि राजू का

पूरा लंड संध्या की चूत मे समा गया और संध्या

तड़पने लगी आह आह ओह ओह मार दिया रे कितना मोटा लंड है

तेरा हाय मैं तो मर गई रे आह आह राजू अब धीरे धीरे मगर

गहरे धक्के संध्या की चूत मे मारने लगा तभी बिरजू

संध्या के मूह के पास उकड़ू बैठ गया और उसके दूध

दबाने लगा संध्या ने बिरजू का लंड अपने हाथो मे पकड़

लिया और उसको कस कस कर दबाने लगी बिरजू ने अपने लंड को

संध्या के मूह मे दे दिया और संध्या उसे चाटने लगी,

संध्या राजू धीरे चोद रे मेरी पीठ मे और कमर मे

पत्थर चुभ रहे है, राजू के घुटनो मे भी दर्द होने लगा

तब उसने संध्या को उठा कर खुद लेट गया और आजा मेरी रानी

आज तुझे अपने लंड की सवारी करवाता हू और संध्या को अपने

लंड पर बैठा दिया संध्या पूरी मस्त होकर उसके लंड पर

कूदने लगी, बिरजू संध्या के पीछे बैठ कर उसके दूध को

दबाने लगा थोड़ी देर बाद राजू ने जल्दी जल्दी अपनी कमर

उच्छाल उच्छाल कर संध्या की चूत मे अपना पानी निकाल दिया

फिर बिरजू ने संध्या को घोड़ी बनाकर पीछे से उसकी छूट

मई अपना लॅंड एक झटके मे अंदर कर दिया और संध्या को

हचक हचक कर चोदने लगा, लगभग 20 मिनिट तक

संध्या की चूत मारने के बाद संध्या की चूत मे ही झाड़

गया और फिर दोनो भाइयो ने अपनी अपनी लूँगी जल्दी से पहनी और

संध्या ने अपना घाघरा नीचे करते हुए कहा मैं जा रही

हू तभी बिरजू ने उसका हाथ पकड़ लिया और क्यो मेरी प्यारी

भाभी मज़ा आया की नही संध्या मुस्कुराते हुए चल छ्चोड़

अब मुझे जाने दे, बिरजू भाभी अब कब देगी, संध्या जब तुझे

चाहिए ले लेना अब हट और जाने दे मुझे और फिर संध्या

जल्दी जल्दी अपने घर की ओर आ गई, संध्या के चेहरे पर एक

अलग ही रोनक नज़र आ रही थी, फिर दोनो भाई दारू की दुकान

से एक देसी की बोतल लेकर पुलिया पर आकर बैठ गये और उनके

जाम चलने लगे,

रोज की तरह कमला ने रोटिया बाँधी और बिरजू और राजू को लेकर जंगल की ओर चल दी और शीला को घर पर रहने को कहा, शीला बोली मा तुम कहो तो मैं भी चलती हू, कमला नही बेटी ना जाने कब तेरा बाप घर आजाए तो उसे रोटिया भी देना होगी, वैसे तो वह दारू के ठेके पर ही मर रहा होगा पर कभी आ गया तो इसलिए तू यही रह और वैसे भी 4 दिन के लिए आई है कहाँ जंगल की ठोकर खाती फ़िरेगी और इतना कह कर कमला चल दी और उसकी मोटी गंद के पीछे दोनो भाई भी चल दिए, कमला चलते हुए अपने चूतड़ मतकती जा रही थी और दोनो भाइयो के लंड हरकत करने लगे थे, कमला चलते चलते उनसे बाते भी करती जा रही थी, अब लगता है तुम दोनो की शादिया करना पड़ेगी, अब तुम दोनो भी जवान हो चुके हो, क्यो रे बिरजू कुच्छ बोलता क्यो नही केसी बीबी लाना है तेरे लिए बिरजू अपनी मा के मोटे मोटे चूतादो के पाटो को देखता हुआ मा मुझे तो बिल्कुल तेरे जैसी बीबी चाहिए, और तभी राजू मा मुझे भी तेरे जैसी ही बीबी चाहिए, कमला मेरे जैसी वो भला क्यो, बिरजू मा हमे तो सारी गाँव की औरतो मे सबसे अच्छी तू ही लगती है इसलिए हमे तेरे जैसी बीबी ही चाहिए, कमला अच्छा ठीक है पर तुम्हारी बीबी आने के बाद तुम अपनी मा को घर से मत निकाल देना, राजू अरे कैसी बाते करती है मा हम तो तेरी दिन रात सेवा करेगे, भला घर से तुझे क्यो निकालेगे, कमला मुस्कुरा कर पीछे देखती हुई क्यो इतना चाहते हो अपनी मा को, हाँ मा दुनिया मे सबसे ज़्यादा, तीनो बाते करते करते जंगल पहुच गये और दोनो भाई लकड़िया काटने लगे और कमला उन लकड़ियो को उठा उठा कर एक जगह रखने लगी, थोड़ी देर बात कमला ने कहा चलो अब खाना खा लो फिर थोड़ी देर आराम करके फिर काम पर लग जाएगे, तभी बिरजू ने कहा मा वहाँ पास मे कुछ आम पके दिख रहे है मैं तोड़ कर लाता हू खाने के साथ खाएगे और बिरजू उठ कर आम के पेड़ की ओर चला गया, कमला एक पेड़ से टिक कर बैठी थी और राजू उसकी मोटी जाँघो पर अपना हाथ रख कर बैठा था, कमला क्यो रे राजू रात को शीला तेरे साथ ही सोई थी तूने उसे तंग तो नही किया, अभी वह पेट से है, क्या बात कर रही है मा हमे तो मालूम ही नही था कि वह मा बनने वाली है, कब मा बनेगी मा अरे बुद्धू अभी तो उसका तीसरा महीना शुरू हुआ है, अभी तो उसे काफ़ी समय लगेगा, बुद्धू कही का राजू की लूँगी मे बने तंबू को देखते हुए इतना बड़ा हो गया है पर इसे कुछ भी पता नही है, राजू अपनी मा की छातियो से चिपकता हुआ मा मुझे कैसे पता होगा अभी तो मेरी बीबी भी नही है, कमला बड़ा बीबी के लिए मरा जा रहा है क्या करेगा बीबी के साथ, राजू शरमाते हुए मा अब मैं इतना छ्होटा भी नही हू, कमला उसको अपने बाँहो मे लेकर चूमते हुए बेटा अब तू सचमुच का जवान हो गया है, इसी लिए तो मैं अपने बेटे से इतना प्यार करती हू, राजू नही मा तुम बिरजू से ज़्यादा प्यार करती हो और अपनी मा की मोटी जाँघो को सहलाने लगा, कमला भला वो क्यो इसलिए कि कल तूने बिरजू को अपने साथ सुलाया था मुझे तू कभी अपने साथ सुला कर प्यार नही करती, कमला देख रही थी कि राजू का लंड अब पूरी तरह लूँगी फाड़ने की पोज़िशन मे आगेया है, और राजू भी देख रहा था कि उसकी मा बार बार उसके मोटे लंड को देख रही है, कमला तो इतना बड़ा हो गया है फिर भी अपनी मा के साथ सोना चाहता है, मा बिरजू तो मुझसे भी बड़ा है फिर उसे तो तूने कल अपने साथ ही सुलाया त, कमला अरे बेटे उसे तो मैने अपने पैर दबाने के लिए बुलाया था फिर मैने उससे कह दिया था कि नींद आए तो यही सो जाना, मा तू मुझसे भी कह सकती थी मैं तो बिरजू से भी अच्छी मालिश करता हू, चाहे तो देख ले और राजू ने अपनी मा के घाघरे को उसके घुटनो तक सरकाकर उसकी गोरी पिंदलिया दबाने लगा, कमला बस बस अब अभी रहने दे आज रात को मैं तुझसे अपने पैरो की मालिश करवा लूँगी बस अब तो खुश , राजू हाँ मा लेकिन मैं आपके साथ सोउँगा भी, कमला बड़ा मरा जा रहा है अपनी मा के साथ सोने को क्या मैं तेरी बीबी हू, राजू मा तो क्या बीबी के साथ ही सो सकते है, मा के साथ नही सो सकते, कमला उसके गालो को खिचते हुए उसके लंड की ओर देख कर बेटा अब तू बड़ा हो गया है मेर साथ सोकर तू कुच्छ उल्टा सुलटा मत कर देना, राजू भोला बनते हुए उल्टा सीधा क्या मा, कमला मन ही मन बेटे तेरा लंड तो अपनी मा को देख कर खड़ा हो रहा है और फिर भोला बन रहा है, बहुत चूत मारने को मचल रहा है तेरा लंड, अरे बेटे उल्टा सीधा मतलब कही तू नींद मे अपने हाथ पैर मत मार देना अपनी मा को, राजू अरे नही मा मैं हाथ पैर नही मारता हू चाहे तो शीला से पुंछ लेना वह भी तो कल मेरे साथ सोई थी, कमला हाँ रे शीला तो सुबह सुबह बहुत खुश दिख रही थी ऐसा क्या कर दिया तूने, राजू मा रात को मैने शीला की अच्छी मालिश करदी थी ना इसलिए वह खुश लग रही थी, कमला तो बेटा जैसी मालिश तूने कल शीला की की थी वैसी ही मालिश मेरी भी आज कर देना, राजू अपना लंड मसल्ते हुए जिसे कमला देख रही थी और उसकी चूत मे ढेर सारा पानी बहने लगा था और उससे अब सहन नही हो रहा था और वह अपनी चूत का पानी अपने घाघरे से पोछ रही थी, मा तू फिकर मत कर मैं तेरी ऐसी मालिश करूँगा कि तू खुस हो जाएगी, तभी कमला बेटे ज़रा हट तो मुझे बहुत तेज पेशाब लगी है तू ज़रा अपना मूह उधर घुमा ले मैं पेशाब कर लू राजू ठीक है मा और कमला ने वही पास मे ही अपना घाघरा उठाया और थोड़ी देर नंगी ही राजू की ओर गंद कर के खड़ी रही, कमला आज पूरी चुदास से भरी हुई थी और उसने पूरा मन बना लिया था अपने बेटे को अपनी मोटी गंद दिखा कर उससे अपनी चूत मरवाने का, राजू अपनी मा के गदराए चूतादो को एक टक देखने लगा तभी कमाल ने अपना मूह राजू की ओर करके उसे पकड़ लिया क्यो रे मना किया था ना मैने क्या देख रहा है, अभी भी कमला ने अपना घाघरा नीचे नही किया था और पूरी राजू की ओर घूम गई उसकी नंगी चूत देख कर राजू का मूह खुला का खुला रह गया और कमला मंद मंद मुस्कुराते हुए अपना घाघरा आराम से नीचे करती हुई, राजू के पास आकर बैठते हुए क्यो रे मैने मना किया था ना फिर तूने क्यो देखा, वो मा वो, वो वो क्या कर रहा है क्यो देखा जब मैने मना किया तो मुझे तू मूतने भी नही दिया, मा माफ़ कर दे अब नही देखूँगा तू पेशाब करले, कमला उसके लंड को देख रही थी जो झटके मार रहा था लेकिन उसका मूह सफेद पड़ा हुआ था, कमला फिर उठी और जैसे ही वह खड़ी हुई राजू ने अपना मूह दूसरी ओर घुमा लिया तब कमला दो कदम चल कर राजू की ओर मूह करके अपना घाघरा उठाकर बैठ गई, तभी राजू से नही रहा गया और उसने सोचा मा दूसरी ओर मूह करके अपनी गंद मेरी तरफ करके मूत रही होगी तो उसने फिर से अपना मूह घुमाया और पहले उसकी नज़र अपनी मा की चूत पर पड़ी फिर अपनी मा से उसकी नज़र मिल गई कमला के चेहरे पर मुस्कान आगाई, क्यो रे शैतान कही का मेरे दुबारा मना करने के बाद भी क्यो देखा, राजू दूसरी ओर मूह घुमा कर वो मा मुझे लगा तुमने पेशाब कर लिया होगा, कमला अच्छा एक पल मे ही पेशाब निकल जाएगा क्या, और उठ कर राजू के पास आकर सच्सच बता क्या देख रहा था, राजू वो कुच्छ भी नही मा, कमला ने राजू के खड़े लंड को पकड़ लिया और ये क्या है और यह ऐसे क्यो खड़ा है, राजू एक दम झेप गया, कुच्छ नही मा , सच सच बता मुझे नंगी देखने का मन कर रहा है ना, राजू नही मा वो तो मैं ऐसे ही, कमला उसके लंड को दबाती हुई, ये तेरा लंड मुझे नंगी देख कर ही खड़ा हुआ है ना, राजू नही मा ये तो पहले से ही, कमला हाय राम मतलब तू मुझसे चिपक कर बैठा था तभी ये खड़ा हो गया था, राजू अपना सर नीचे झुका लेता है, उसका लंड अभी भी कमला के हाथ मे था, मतलब तेरा लंड अपनी मा को देख कर खड़ा होता है, और कमला ने राजू के लंड को एक बार दबा कर महसूस किया तो उसकी आँखे बंद हो गई, राजू समझ गया कि उसकी मा अब उससे फँस चुकी है और अपनी चूत उसे ज़रूर देगी, राजू मा क्या करू ये तो तब से खड़ा है जब से तू हमारे आगे चल रही थी, कमला हाय राम मतलब तेरा लंड अपनी मा के चूतादो को देख देख कर खड़ा होता है, और राजू का लंड मसल्ने लगी, राजू मा मेरा अकेले का नही बिरजू का लंड भी तेरे चूतादो को देख कर खड़ा हो जाता है, और मैने तो आज ही तेरे चूतादो को देखा बिरजू तो घर पर भी तेरे चूतादो को दिन भर देखता रहता है, कमला की चूत राजू के लन्ड़ को मसल मसल के पानी छ्चोड़ने लगी थी, कमला तो क्या तुझे मेरे चूतड़ इतने अच्छे लगते है कि तुम दोनो भाई मेरे चूतादो को घर पर भी दिन भर देखते हो, राजू कुछ नही बोला और कमला की उठी हुई छातियो को देख रहा था, कमला, अच्छा ज़रा दिखा तो तेरा लंड कितना बड़ा है और उसकी लूँगी हटा देती है अपने बेटे का काला और मोटा डंडे जैसा लंड देख कर कमला की आँखे फैल जाती है, तेरा लंड तो बहुत बड़ा है रे, राजू मा तेरी गंद भी तो पूरे गाँव मे सबसे बड़ी है

क्रमशः.........
 
गतान्क से आगे........................

कमला राजू का लंड मुठियाते हुए आह कितना मोटा डंडा लेकर घूमता है रे तू, मा तू भी तो इतनी मोटी गंद लेकर मटका मटका कर चलती है तेरी मोटी गंद देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा, कमला तुझे इतनी पसंद है मेरी गंद, और देखेगा राजू हाँ मा एक बार और दिखा दे ना, कमला वही झुक जाती है और अपना घाघरा उँचा करके अपनी कमर पर टांग देती है अपनी मा की इतनी बड़ी नगी गंद और पीछे से खुली हुई चूत की मोटी मोटी फांके देख कर राजू अपने आपको रोक नही पता है और अपना हाथ अपनी मा की मोटी गंद और चूत मे फेरता है जिससे कमला सिहर जाती है, आह बेटे क्या कर रहा है, तभी राजू अपना मूह अपनी मा की उठी हुई मस्तानी गंद पर लगा कर पागलो की तरह उसकी गंद और फूली हुई चूत की फांको को अपनी लंबी लंबी जीभ निकाल कर चाटने लगता है, कमला की चूत पानी पानी हो जाती है और वह सीसियती हुई घोड़ी बनी अपने बेटे से अपनी मोटी गंद और चूत को चटवाने लगती है राजू अपने दोनो हाथो से अपनी मा की गंद और चूत की मोटी मोटी फांके फैला फैलाकर चूत के छेद जो कि बिल्कुल गुलाबी नज़र आ रहा था को कस कस कर चाटने लगता है, तभी उधर से बिरजू आता है और वह दूर से ही ये नज़ारा देख लेता है और दबे पाँव उनके पास आकर धीरे से राजू के कंधे पर हाथ रखता है राजू पीछे पलटकर बिरजू को अपने होंठो पर उंगली रख कर चुप रहने का इशारा करता हुआ हटता है और बिरजू को चाटने को कहता है बिरजू अपनी मा की मोटी गंद और फैली हुई मोटी मोटी चूत की गदराई फांके देख कर झट से अपना मूह अपनी मा की मोटी गंद और मस्तानी चूत मे लगाकर चाटने लगता है, कमला घोड़ी बनी सिसकिया लेती हुई ओह ओह ओह बेटा ऐसे ही ओह ओह आह आह, करीब आधे घंटे तक अपनी मा की मोटी गंद और चूत को चॅटा, कमला कम से दो बार मूत चुकी थी और अब उसके पैर दर्द करने लगे थे तभी वह सीधी हो गई और जब उसने बिरजू को देखा तो तू कब आया बेटे, अरे मा तेरी चूत और गंद मैं भी 20 मिनिट से चाट रहा हू, मेरा लंड देखेगी और फिर दोनो भाई ने अपने अपने लंड अपनी लूँगी से बाहर निकाल लिए, अपने दोनो बेटो के मोटे लंड देख कर कमला की चूत फिर से पानी छ्चोड़ने लगी, और उसने दोनो के लंड को अपने हाथो से पकड़ कर अपने मूह से पीने लगी और दोनो भाई कराहने लगे, कमला बारी बारी से दोनो का लंड चूसने लगी लगभग 20 मिनिट तक कमला दोनो का लंड चूस चूस कर लाल कर चुकी थी, दोनो भाई मा बस कर तेरे मूह मे निकल जाएगा, कमला निकाल दे बेटे मेरे मूह मे ही निकाल दे और फिर दोनो भाई अपना माल अपनी मा के मूह मे ही निकालने लगे और कमला दोनो का रस चाट चाट कर पूरा पी गई, दोनो भाई एक दम सुस्त होकर वही बैठ गये, फिर कमला ने कहा चलो अब तुम दोनो खाना खा लो फिर तीनो ने मिलकर खाना खाया, खाना खाने के बाद बिरजू ने कहा मा अपनी चूत खोल कर हमे दिखा ना, कमला अरे बेटा अभी काम कर लेते है फिर घर चल कर तुझे मैं पूरी नंगी होकर अच्छे से अपनी चूत और गंद दोनो दिखाउन्गि, फिर तीनो ने फटाफट कुच्छ और लकड़िया काटी और फिर गत्था बना कर अपने सर पर लाद कर घर आ गये,

शाम को दोनो भाई पुलिया पर बैठे दारू पीते हुए बीड़ी के

कस लगा रहे थे, यार राजू आज हम मा को चोदेन्गे कैसे,

घर पर शीला भी है, राजू एक काम करते है आज शीला के साथ

तू सो जा आज मैं मा को चोद लेता हू कल मैं शीला के साथ सो

जाउन्गा और तू मा को चोद लेना, बिरजू हाँ ये ठीक रहेगा पर

मैं चाहता था कि हम दोनो मा को एक साथ चोदे तभी तो मा

को मज़ा आएगा एक लंड से तो उसकी पूर्ति संभव नही है मा

को तो जब तक हम दोनो तरफ से नही ठोकेगे तब तक उसे

मस्ती ही नही आएगी, तभी उन्हे दूर से कोई आता हुआ दिखाई

दिया, पर थोड़ा अंधेरा होने की वजह से साफ साफ नही दिख

रहा था और फिर दोनो उसे आते हुए देखने लगे जब वह

कुछ पास आई तो दोनो उसे देख कर चौक गये वह कोई और

नही सुधिया काकी थी,

क्यो रे कामीनो एक बार चूत मे आग लगा

दी अब क्या अपनी मा पे चढ़ते हो जो सुधिया की याद नही आती,

मैं आमो के पीछे जा रही हू जल्दी से तुम दोनो अपनी दारू

ख़तम करके उसी तरफ़ आ जाओ, बिरजू क्यो काकी आज ज़्यादा खुजली हो

रही है क्या, कमिने खुजली वाला कीड़ा अंदर डाल चुका है तो

अब खुजली नही होगी तो क्या होगा चल जल्दी आ मैं जा रही हू और

सुधिया काकी अपनी मोटी मोटी गंद मतकते हुए पुलिया के

पीछे की ओर के आम के पेड़ की ओर चल दी.

दोनो भाई जल्दी से अपनी दारू ख़तम करके सुधिया काकी के पास

जा पहुचे और दोनो ने उसे अपनी बाँहो मे आगे और पीछे

से दबोच लिया, एक उसकी मोटी गंद और चूत को अपने हाथो मे

भर रहा था तो दूसरा उसके मोटे मोटे दूध को दबोच रहा

था, हाय काकी तेरी गंद बड़ी मोटी है, काकी मुझसे मोटी तो तेरी

मा की गंद है तो क्या उसे भी ऐसे ही अपने हाथो से मसलेगा,

बिरजू अरे काकी मेरी मा अगर अपनी गंद हमसे मसळवती है तो

हमे मसल्ने मे क्या लगेगा हम तो उसकी भी चूत और गंद

फाड़ देंगे जैसे तेरी फाडी थी,

अरे लोडो जब तक किसी भोसड़ी की गंद दस बीस बार फाड़ ना दो उसे मज़ा नही आता तुम दोनो मेरी गंद फाड़ फाड़ कर लाल कर दो वैसे तुम दोनो बहुत अच्छा चोद्ते हो कही तुम घर पर अपनी मा पर तो नही चढ़ते हो एक बार उस पर चढ़ कर देखो बड़ा मज़ा देगी बहुत कसी कसाई गंद है साली की

बिरजू काकी का घाघरा उठा

कर उसकी चूत और गंद को दबोचता हुआ अरे काकी हमारी एसी

किस्मत कहाँ कि हमे गंद और चूत घर मे ही चोदने को मिल

जाए आ अबे उंगली मत कर अब सीधे लंड डाल दे, तभी बिरजू

काकी को थोड़ा झुका कर उसकी चूत मे पीछे से अपना लंड एक

ही झटके मे अंदर तक पेल देता है, सुधिया काकी आह

शाबाश बेटा राजू तू मेरी चुचिया कस के दबा रे, राजू काकी

की चुचिया को कस कस कर मसल्ने लगता है, और बिरजू उसकी

चूत कूटने लगता है, आह आह ओह ओह और तेज मार बिरजू फाड़ दे

बेटा अपनी काकी की चूत और मार आह आह और दे कस के दे और

तेज हाँ हाँ ऐसे ही आह आह, सुधिया काकी आम के पेड़ के तने को

पकड़े हुए झुकी झुकी बिरजू का लंड कस कस कर अपनी चूत मे

लेने लगती है, करीब 10 मिनिट के लगातार तगड़े धक्को के

साथ ही बिरजू झाड़ जाता है और जैसे ही अपना लंड काकी की चूत

से बाहर निकालता है, राजू अपना लंड उसकी चूत मे फसा कर

एक तगड़ा झटका मारता हैऔर सुधिया काकी अकड़ जाती है, राजू

एक उंगली सुधिया काकी की गंद मे डाल कर उसे चोदने लगता है

राजू धीरे धीरे लेकिन गहरे धक्के मारने लगता है और

सुधिया काकी अपना पानी रोके चुद्ती रहती है, और फिर जब

सुधिया काकी ज़ोर ज़ोर से कराहने लगती है तो राजू अपने लंड की

स्पीड बढ़ा देता है उसकी जंघे सुधिया काकी की मोटी जाँघो

से टकराती है और एक भयानक साउंड जंगल मे गूंजने

लगता है, और फिर बिरजू सुधिया काकी की चूत मे अपनी पिचकारी

मारने लगता है और सुधिया काकी की चूत भी पानी पानी हो जाती

है. तीनो थकान के मारे वही बैठ जाते है, दोनो

सुधिया काकी से लिपटे हुए उसके गदराए बदन को सहलाते

हुए बिरजू काकी तुझे चोद कर तो सचमुच मज़ा आ जाता है,

बेटा तुम दोनो बहुत मस्त चुदाई करते हो जो भी तुमसे एक बार

चुदवा लेगी वह बार बार तुम्हारा ही लंड चाहेगी, एक बार अपनी

मा को अपना अपना लंड खोल के दिखा दो वह तुम्हारे लंड को

खाने के लिए पागल हो जाएगी, उसकी चूत और गंद भी काफ़ी

मस्त है तुम दोनो मस्त हो जाओगे, पर काकी अपनी मा को कैसे

चोदे कही नाराज़ हो गई तो, सुधिया अरे कमिनो जैसे मुझे

बाँध के चोदा था वैसे ही अपनी मा को बाँध के पूरी नंगी

कर दो और फिर उसकी खूब कस के चूत मारो अगले दिन से वह

खुद ही तुम्हारा लंड अपनी चूत मे लेने को मचल जाएगी,

तभी उन्हे अपनी मा की आवाज़ सुनाई दी जो खाना खाने के लिए

दोनो भाइयो को आवाज़ लगा रही थी, बिरजू और राजू खड़े हो

गये और फिर सुधिया भी अपना घाघरा ठीक करती हुई जाओ

तुम्हारी रंडी तुम दोनो का लंड लेने के लिए आवाज़ लगा रही है

और फिर तीनो घर की ओर चल दिए.

राजू और बिरजू खाना खाकर बैठे रहते है और अपनी मा जो कि

घर की साफ सफाई कर रही होती है उसकी मोटी मोटी गंद को

घूरते रहते है और बीच मे अपना लंड मसल्ते रहते है,

लेकिन उन्हे पता नही होता है कि शीला दूसरे कमरे के खुले

हुए दरवाजे की आड़ से दोनो की इस हरकत को देख लेती है, शीला

मन मे सोचती है कि उसके दोनो भाई चूत के कितने भूखे

है अपनी मा को भी नही छ्चोड़ रहे है वह सोचने लगती है कि

ये दोनो मा को भी चोदना चाहते है, यह सोच कर उसका दिल

भी धड़कने लगता है कि मा इतनी गदराई हुई है कैसे कूद कूद

के अपनी मोटी गंद मरवाएगी और कैसी लगेगी चुद्ते हुए,

और फिर बाहर आकर बिरजू को इशारे से दूसरे रूम मे बुलाती

है, जैसे ही बिरजू उठ कर जाता है राजू अपनी मा के पास जाकर

उसकी झुकी हुई मोटी गंद पर हाथ फेरने लगता है, कमला

बेटे थोड़ा इंतजार कर अभी शीला देख लेगी, राजू अपनी मा के

मोटे मोटे दूध को दबोच कर अरे मा देख लेने दो शीला को

हम दोनो भाइयो ने उसकी चूत और गंद खूब मारी है अगर

वह देख भी लेगी तो कोई फ़र्क नही पड़ेगा, कमला अच्छा चल

मैं जल्दी से बिस्तेर लगा देती हू, ठीक है मा मैं शीला और बिरजू

से कह देता हू कि मैं मा के पास ही उनके पैर दबाने के लिए जा

रहा हू शीला तू बिरजू के साथ ही सो जाना और राजू दूसरे कमरे

मे जाकर देखता है कि शीला बिरजू की गोद मे बैठी थी और

बिरजू उसकी मोटी मोटी चुचियो को कस कस दबा रहा था, राजू

अरे तुम दोनो मज़े करो मैं मा के पैर दबाने जा रहा हू और

वही सो जाउन्गा शीला तू यही सो जाना, शीला ठीक है भैया, और

फिर राजू बाहर आ जाता है, बिरजू शीला के रसीले होंठो को

चूस्ता हुआ उसकी कठोर बड़ी बड़ी चुचियो को दबाने लगता है

तब शीला पानी जंघे खोल कर अपना घाघरा कमर तक चढ़ा

लेती है और बिरजू उसकी मोटी मोटी जाँघो और उसकी फूली हुई चूत

को सहलाने लगता है, शीला अच्छा भैया एक बात पुंच्छू, बिरजू

हाँ बोल, शीला भैया आपको औरतो मे सबसे ज़्यादा क्या अच्छा

लगता है, बिरजू शीला की मोटी मोटी गंद को अपने हाथो मे

भरता हुआ बोलता है मोटी मोटी गंद मुझे बहुत अच्छी लगती

है, शीला तुम्हे सबसे अच्छी गंद अपने गाँव मे किसकी

लगती है बिरजू शीला की चूत मे दो उंगलिया डाल देता है और एक

उंगली उसकी गंद के छेद मे डालता हुआ, मुझे सबसे अच्छी

गंद अपनी बहन की लगती है, शीला और किसकी अच्छी लगती है,

बिरजू अपनी सुधिया काकी की गंद भी मुझे बहुत पसंद है,

शीला तो फिर तुम्हे अपनी मा की गंद भी बहुत अच्छी लगती

होगी ना, बिरजू शीला की ओर देखते हुए, ऐसा क्यो पुंछ रही है

तू, शीला क्यो की मैने तुम दोनो को मा की गंद को घूर घूर

कर अपना लंड मसल्ते देखा था, बिरजू शीला के पेट को अपनी

ओर करके उसको अपनी छाती से चिपकाते हुए हाँ शीला मा की

गंद बहुत जबरदौस्त है मैं क्या करू जब मा की मोटी गंद

देखता हू तो मेरा लंड अपनी लूँगी फाड़ कर बाहर आने की

कोशिश करने लगता है, शीला तो क्या तुम मा को भी चोदना

चाहते हो, बिरजू शीला की दोनो मोटी जाँघो को फैला कर उसकी

चूत मे अपना लंड सेट करके उसकी चूत मे अपना मोटा लंड

फसा देता है शीला आह करते हुए बिरजू से पूरी चिपक जाती

है, और उसके मोटे लंड को अपनी चूत मे पूरा उतारते हुए उसे

अड्जस्ट करने लगती है, बिरजू शीला के रसीले होंठो को अपने

मूह मे भर के चूस्ता है और उसकी मोटी गंद दबाते हुए

शीला मा को पूरी नंगी करके चोदने का मेरा बड़ा मन करता

है, मा इतनी गदराई चूत है की उसको पूरी नंगी जो भी द्देख ले

उसका देखते ही पानी च्छुत जाए, शीला तुमने मा की छूट देखी

है, बिरजू अरे देखी क्या उसकी चूत को सूँघा भी है और बिरजू

खड़ा होकर शीला को खड़े खड़े अपने लंड पर टांग लेता है,

शीला भैया कैसी है मा की चूत, बिरजू एक दम कचोड़ी जैसी

फूली हुई और उसकी चूत की फांके का कटाव और फैलाव इतना

मस्त है कि देखते से ही उसकी गुलाबी बुर मे अपना मूह डालने

का करने लगता है, शीला और मा की गंद कैसी है, बिरजू मा की

गंद देख कर सीधे मन करता है कि इसको कुतिया बना कर

इसकी मोटी गंद मे इतने तगड़े शॉट अपने लंड के मारू कि पूरी

गंद मार मार के लाल कर डू, शीला बिरजू के जिस्म से चिपकी हुई

थी तभी बिरजू शीला को नीचे उतारता है और उसको पूरी नंगी

कर देता है और उसको झुका कर उसकी चूत को पीछे से चोदने

लगता है और उसकी मोटी गंद को सहलाते हुए उसकी गंद के

छेद मे उंगली डालने लगता है, शीला आह आह हाँ भैया ऐसे

ही थोड़ा और तेज से चोदो भैया, भैया तुम मा को कैसे

चोदोगे क्या वह तुमसे चुदवा लेगी, बिरजू अरे मा की चूत तो

मेरा लंड खाने के लिए तड़प रही है, और बिरजू अपनी मा की

फूली हुई चूत याद करके शीला की ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर

देता है, शीला आह आह ओह ओह हाँ हाँ ऐसे ही हाँ भैया और ज़ोर

से और तेज खूब चोदो खूब चोदो अपनी बहन को और अभी

तुम्हे अपनी मा को भी चोदना है, खूब कस्के चोदना भैया

मा को उसकी चूत और गंद फाड़ देना खूब नंगी करके उसकी

गंद मारना भैया, और फिर शीला झाड़ जाती है बिरजू भी उसकी

चूत तेज तेज चोद्ता हुआ झाड़ जाता है, और दोनो बिस्तेर पर लेट

जाते है और एक दूसरे से चिपक जाते है,

क्रमशः..............
 
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